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सोने के साथ अब कटनी के बड़वारा में डोलोमाइट के भंडार-ब्लॉक्स आरक्षित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का कटनी जिला देश के महत्वपूर्ण खनिज एवं औद्योगिक केंद्रों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। चूना पत्थर, बॉक्साइट, लौह अयस्क, मार्बल और लेटराइट जैसे बहुमूल्य खनिजों से समृद्ध कटनी अब स्वर्ण अयस्क के साथ ही डोलोमाइट के विशाल भंडार खनन के लिये तैयार हैं। कटनी के बड़ेरा एवं बचरबाड़ा में 50 हैक्टेयर से अधिक क्षेत्र में तीन बड़े डोलोमाइट ब्लॉक्स को माइनिंग कॉर्पोरेशन के पक्ष में आरक्षित किया गया है। इस निर्णय से कटनी में खनिज आधारित उद्योगों के विस्तार को नई गति मिलेगी। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहाकि अब कटनी ‘माइनिंग कैपिटल’ के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि कटनी केवल ‘चूना नगरी’ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह खनिज आधारित औद्योगिक विकास, निवेश, रोजगार और आधुनिक खनन प्रबंधन का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खनिज संपदा के वैज्ञानिक, पारदर्शी और जनहितकारी उपयोग के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कटनी को ‘कनकपुरी’ अर्थात ‘स्वर्ण नगरी’ के रूप में विकसित करने की परिकल्पना को विशेष महत्व दिया है। उन्होंने कहा कि कटनी की धरती केवल खनिज संपदा का भंडार नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति और आर्थिक शक्ति का नया आधार बन रही है। कटनी की स्लीमनाबाद तहसील के इमलिया गांव, जिसे स्थानीय स्तर पर “सुनाही” के नाम से भी जाना जाता है। यहॉ पर लगभग 3.35 लाख टन से अधिक स्वर्ण अयस्क मिलने का अनुमान व्यक्त किया गया है। यह खोज लगभग 50 वर्षों की लंबी भू-वैज्ञानिक प्रक्रिया और सर्वेक्षण के बाद की गई है। वर्ष 1974 में प्रारंभ हुए भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षणों के आधार पर इस क्षेत्र में स्वर्ण भंडार की संभावना व्यक्त की गई थी, जिसे अब वर्ष 2025-26 में अंतिम रूप दिया गया है। सोने के साथ तांबा, जिंक, लेड और चांदी के भंडार इमलिया क्षेत्र में केवल सोना ही नहीं, बल्कि तांबा, लेड, जिंक और चांदी जैसे बहुमूल्य खनिजों के भंडार भी पाए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह खोज कटनी को देश के प्रमुख बहु-खनिज क्षेत्रों में स्थापित करेगी। इन खनिज संसाधनों का उपयोग प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 50 वर्ष के लिए हुआ खनन समझौता स्वर्ण अयस्क क्षेत्र के विकास के लिए मुंबई की ‘प्रॉस्पेक्ट रिसोर्स मिनरल प्राइवेट लिमिटेड’ कंपनी ने 121 करोड़ रूपये से अधिक की बोली लगाकर 50 वर्षों के लिए खनन लीज प्राप्त की है। लगभग 6.5 हैक्टेयर क्षेत्र में खनन गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी। इससे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश, औद्योगिक गतिविधियाँ और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। राज्य सरकार का उद्देश्य केवल खनिज उत्खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय स्तर पर खनिज आधारित उद्योगों की स्थापना, वैल्यू एडिशन और रोजगार सृजन सुनिश्चित करना भी है। माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0 से मिला वैश्विक निवेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में अगस्त 2025 में आयोजित ‘माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0’ ने कटनी को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निवेश मानचित्र पर नई पहचान दिलाई। कॉन्क्लेव में 56 हजार 414 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख उद्योग समूहों और निवेशकों के साथ वन-टू-वन चर्चा कर कटनी की खनिज क्षमता और औद्योगिक संभावनाओं को विस्तार से प्रस्तुत किया था। कॉन्क्लेव में 8 बड़ी कंपनियों ने निवेश में रुचि दिखाई थी। इन निवेश प्रस्तावों से सीमेंट, मिनरल प्रोसेसिंग, ऊर्जा, धातु प्रसंस्करण और निर्माण क्षेत्र में बड़े स्तर पर औद्योगिक विस्तार होने की संभावना है। इससे हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होंगे। नवाचार और सुशासन से राजस्व में वृद्धि कटनी जिला प्रशासन की सक्रियता, तकनीक आधारित निगरानी और बेहतर खनन प्रबंधन के कारण कटनी के खनिज राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पूर्व में जहां जिले की औसत वार्षिक खनिज आय लगभग 100 करोड़ रूपये थी, वहीं अब यह बढ़कर 160 करोड़ रूपये से अधिक हो गई है। नई खदानों और औद्योगिक इकाइयों के प्रारंभ होने से आने वाले वर्षों में राजस्व में और वृद्धि की संभावना है। राज्य सरकार का लक्ष्य केवल राजस्व वृद्धि नहीं, बल्कि खनिज संपदा से समग्र क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश के साथ सड़क, बिजली, जल, परिवहन और अन्य आधारभूत सुविधाओं का भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है। तकनीक से अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण राज्य सरकार ने कटनी में पारदर्शी और व्यवस्थित खनन व्यवस्था स्थापित करने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ाया है। बड़वारा रोड पर स्थापित ई-चेक गेट के माध्यम से खनिज परिवहन करने वाले वाहनों के दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच की जा रही है। माइनिंग सर्विलांस सिस्टम के जरिए अवैध उत्खनन और अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है। प्रशासन द्वारा लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण कर वैधानिक खनन गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पारदर्शिता, तकनीक और सुशासन के माध्यम से खनन क्षेत्र में नई कार्य संस्कृति विकसित की जा रही है। रोजगार और क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम कटनी में खनिज आधारित उद्योगों के विस्तार से स्थानीय युवाओं, आदिवासी समुदायों और श्रमिकों के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। सरकार का प्रयास है कि औद्योगिक विकास का लाभ सीधे स्थानीय नागरिकों तक पहुंचे और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण को नई गति मिले। कटनी आज प्रदेश की औद्योगिक शक्ति, प्राकृतिक संपदा और विकास दृष्टि का प्रतीक बनकर उभर रहा है। “स्वर्ण नगरी” और “माइनिंग कैपिटल” की अवधारणा के साथ कटनी आने वाले समय में न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के प्रमुख खनिज और औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।  

प्राचीन मंदिरों के संरक्षण एवं पुनरुद्धार से सशक्त हो रहा सांस्कृतिक वैभव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरें भावी पीढ़ियों को समृद्ध अतीत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। साथ ही हमारे गौरवशाली इतिहास, ज्ञान, कला और सभ्यता की जीवंत प्रतीक हैं।इन धरोहरों का संरक्षण एवं संवर्धन समय की आवश्यकता है, जिससे भावी पीढ़ियाँ भी अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व का अनुभव कर सकें। राज्य सरकार “विरासत भी-विकास भी” के संकल्प को साकार करते हुए सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा दे रही है।प्रदेश में प्राचीन मंदिरों एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और पुनरुद्धार कार्य निरंतर किया जा रहा है।इन प्रयासों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं और नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है। प्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राचीन स्थापत्य कला और ऐतिहासिक धरोहरों के कारण देश में विशिष्ट पहचान रखता है। संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा प्रदेश में बिखरे मंदिर अवशेषों का वैज्ञानिक पद्धति से मूल स्वरूप में पुनर्स्थापन किया जा रहा है। ‘पुनर्संरचना’ एवं ‘एनास्टाइलोसिस’ जैसी तकनीकों के माध्यम से धरोहरों की मौलिकता और ऐतिहासिकता को संरक्षित किया जा रहा है। यह अभियान प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण और पुनर्जीवन का महत्वपूर्ण प्रयास है। देवबड़ला और आशापुरी बने पुरातात्विक पुनरुद्धार के उत्कृष्ट उदाहरण सीहोर जिले का देवबड़ला और रायसेन जिले का आशापुरी क्षेत्र पुरातात्विक पुनरुद्धार के उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में उभरकर सामने आया है। इन स्थानों की विशेषता यह है कि यहाँ मंदिरों का अस्तित्व लगभग समाप्त हो चुका था, किंतु उत्खनन के दौरान प्राप्त बिखरे अवशेषों एवं खंडित प्रतिमाओं को वैज्ञानिक पद्धति से एकत्रित कर पुनर्स्थापित किया गया है। देवबड़ला में परमारकालीन मंदिरों का किया जा रहा है पुनर्स्थापन घने जंगलों के मध्य स्थित सीहोर जिले के देवबड़ला में 11वीं शताब्दी के परमारकालीन मंदिर अवशेषों का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्निर्माण कराया गया है। यहाँ ‘भूमिज शैली’ में निर्मित मंदिरों की ‘पंच-रथ’ योजना तत्कालीन उन्नत स्थापत्य कला का नमूना है। मंदिर क्रमांक-1 एवं 2 के पुनर्संरचना कार्य में मूल पत्थरों का उपयोग कर उनकी प्राचीनता को सुरक्षित रखा गया है। द्वार-शाखाओं पर उकेरी गई गंगा-यमुना की प्रतिमाएँ तथा सूक्ष्म नक्काशी इस स्थल को विशेष बनाती हैं। आशापुरी में किया जा रहा है प्रतिहारकालीन मंदिरों का संरक्षण रायसेन जिले का आशापुरी क्षेत्र अपने प्राचीन मंदिर समूहों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ 9वीं शताब्दी के प्रतिहारकालीन मंदिर क्रमांक-17 का पुनरुद्धार किया गया है। मंदिर के वर्गाकार गर्भगृह एवं मुखमंडप को अत्यंत सावधानीपूर्वक पुनर्स्थापित किया गया है। स्थल से प्राप्त शिव-नटेश, लक्ष्मी-नारायण तथा गजासुर संहारक शिव की प्रतिमाएँ प्रदेश की समृद्ध मूर्तिकला परंपरा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती हैं। सम्पूर्ण प्रदेश में हो रहे हैं मंदिर संरक्षण एवं पुनरुद्धार कार्य प्रदेश में धरोहर संरक्षण एवं पुनरुद्धार के कार्य व्यापक स्तर पर संचालित किए जा रहे हैं। खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में सिद्धेश्वर एवं अन्य मंदिर परिसरों का वैज्ञानिक संरक्षण किया जा रहा है। उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर परिसर में प्राचीन धरोहरों को संरक्षित किया गया है। वहीं रायसेन जिले के धवला क्षेत्र में मंदिरों की संरचनात्मक सुरक्षा एवं विशेष सफाई कार्य संपादित किए गए हैं। इन सभी स्थलों पर ‘एनास्टाइलोसिस’ तकनीक के माध्यम से मूल पत्थरों द्वारा पुनर्गठन सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे ऐतिहासिकता एवं मौलिक स्वरूप सुरक्षित बना रहे। इन समेकित प्रयासों से प्रदेश न केवल अपनी ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण कर रहा है, बल्कि उन्हें नई पहचान भी प्रदान कर रहा है। प्राचीन विरासत को आधुनिक दृष्टिकोण से जोड़ने की यह पहल प्रदेश को सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण सिद्ध हो रही है। गौरवशाली अतीत और आधुनिक तकनीक के समन्वय से संचालित यह अभियान प्रदेश को सांस्कृतिक पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों और विरासत के संरक्षण का सशक्त संदेश भी दे रहा है।  

महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय का भवन 45 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनेगा

भोपाल  लक्ष्मणबाग परिसर से लगी भूमि में महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के भवन निर्माण का कार्य प्रारंभ हो गया है। उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने निर्माण स्थल पहुंचकर कार्य का अवलोकन कर आवश्यक निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा 45.79 करोड़ रूपये की लागत से बनाए जा रहे विश्वविद्यालय भवन के प्रशासनिक ब्लॉक में सेमिनार हॉल के साथ ही ऑफिस, एकाउण्ट सेक्शन, प्लेसमेंट सेक्शन तथा रिकॉर्ड रूम का निर्माण कराया जाएगा। इसी प्रकार अकादमिक ब्लाक में 12 अध्ययन कक्ष, 4 प्रोफेसर कक्ष तथा एक कम्प्यूटर लैब का निर्माण किया जाएगा। साथ ही 50 सीटर कन्या छात्रावास का निर्माण कार्य भी आरंभ हो गया है। विश्वविद्यालय में बालक छात्रावास का निर्माण भी कराया जाएगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने निरीक्षण के दौरान कार्ययोजना का निरीक्षण करते हुए गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्यों को पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इस अवसर पर विन्ध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. पंचूलाल प्रजापति, उप मुख्यमंत्री  शुक्ल के प्रतिनिधि  राजेश पाण्डेय सहित विभागीय अधिकारी तथा निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

अवैध कॉलोनियों पर सख्ती की तैयारी, मध्यप्रदेश में 10 साल की सजा और भारी जुर्माने का प्रस्ताव

भोपाल प्रदेश में अवैध कॉलोनियों का जाल लगातार फैलता जा रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि सरकार के पास अब तक इनकी वास्तविक संख्या का अद्यतन रिकॉर्ड ही मौजूद नहीं है। वहीं, दूसरी ओर नगरीय प्रशासन विभाग अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई के लिए नया कानून तैयार कर रहा है, जिसमें अवैध कॉलोनाइजरों पर जुर्माना और सजा कई गुना बढ़ाने की तैयारी है। वर्ष 2016 के पुराने आंकड़े वर्ष 2016 में नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रदेश में 7,981 अवैध कॉलोनियों की पहचान की थी। इनमें से 3,155 कॉलोनियां केवल प्रदेश के 16 नगर निगम क्षेत्रों में चिह्नित की गई थीं। उस समय ग्वालियर नगर निगम में सबसे अधिक 696 अवैध कॉलोनियां दर्ज की गईं। उसके बाद इंदौर नगर निगम था, जहां 636 कॉलोनियां चिह्नित हुईं थीं। इसके अलावा खंडवा में 338, भोपाल में 320 और जबलपुर में 224 अवैध कॉलोनियां सामने आई थीं।  

इंदौर के डायल 112 हीरोज संवेदनशीलता और तत्परता से भटके बालक को सुरक्षित परिजनों से मिलाया

भोपाल  इंदौर जिले के थाना किशनगंज क्षेत्र में डायल-112 जवानों की सजगता और संवेदनशील कार्यवाही से घर का रास्ता भटक गए 11 वर्षीय बालक को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया गया। समय पर की गई इस कार्रवाई से बालक को सुरक्षित संरक्षण मिला और परिजनों की चिंता दूर हो सकी। 07 मई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना किशनगंज क्षेत्र अंतर्गत रॉयल रेसीडेंसी के पास एक 11 वर्षीय बालक अकेला मिला है, जो घर का रास्ता भटक गया है। पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही किशनगंज थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्‍टॉफ उप निरीक्षक मती कृष्णा, आरक्षक  सुनील एवं पायलट  राजेंद्र ठाकुर ने मौके पर पहुंचकर बालक को अपने संरक्षण में लिया। बालक घबराया हुआ था और अपने परिजनों के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा था। डायल-112 जवानों ने बालक को एफआरव्ही वाहन से साथ लेकर आसपास के क्षेत्र में पूछताछ तथा उसके परिजनों की तलाश की। लगातार प्रयासों के बाद बालक के परिजनों की जानकारी प्राप्त हुई, जिसके बाद टीम बालक को लेकर उनके पास पहुँची। पहचान एवं सत्यापन उपरांत बालक को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया गया। अपने बच्चे को सकुशल पाकर परिजनों ने डायल-112 सेवा और पुलिस जवानों का आभार व्यक्त किया। डायल 112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा बच्चों की सुरक्षा और सहायता के लिए हर समय संवेदनशीलता, धैर्य और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने हेतु सदैव प्रतिबद्ध है।  

स्वास्थ्य के प्रत्येक मानक में निरंतर सुधार के लिए संकल्पित होकर सरकार कर रही है कार्य : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल मध्यप्रदेश ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए "एनीमिया मुक्त भारत (एएमबी) स्कोरकार्ड 2025-26" में 92.1 एएमबी इंडेक्स के साथ देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि यह उपलब्धि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुधार और एनीमिया नियंत्रण की दिशा में प्रदेश सरकार की सतत प्रतिबद्धता और प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम सहयोगी विभागों और मैदानी स्वास्थ्य अमले को बधाई दी है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुधार, पोषण सुदृढ़ीकरण तथा एनीमिया उन्मूलन के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित मध्यप्रदेश की आधारशिला हैं। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य के प्रत्येक मानक में निरंतर सुधार के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सरकार ने स्वस्थ मध्यप्रदेश की ओर एक और सशक्त कदम बढ़ाते हुए भविष्य में भी जनस्वास्थ्य के सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन बनाए रखने का संकल्प दोहराया है। उन्होंने कहा कि एनीमिया मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत प्रदेश में व्यापक जनजागरूकता, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, आयरन-फोलिक एसिड वितरण तथा पोषण संबंधी गतिविधियों को मिशन मोड में संचालित किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दे रहे हैं। मध्यप्रदेश ने बच्चों, किशोरों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं में आयरन-फॉलिक एसिड (आईएफए) अनुपूरण कवरेज में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। प्रदेश ने 6 से 59 माह के बच्चों में 80.4, 5 से 9 वर्ष के बच्चों में 95, किशोर वर्ग में 95, गर्भवती महिलाओं में 95 तथा धात्री माताओं में 95 प्रतिशत कवरेज प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च स्थान अर्जित किया। राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश के बाद आंध्रप्रदेश एवं तेलंगाना संयुक्त रूप से 90.6 एएमबी इंडेक्स के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि तमिलनाडु 89.9 इंडेक्स के साथ तीसरे स्थान पर रहा।  

विगत् एक सप्‍ताह में 83 लाख रूपये से अधिक कीमत के मादक पदार्थ सहित वाहन जब्‍त

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, भंडारण एवं बिक्री के विरुद्ध लगातार कार्यवाहियां की जा रही हैं। इसी कार्यवाही के दौरान विभिन्‍न जिलों की पुलिस टीमों ने विगत एक सप्ताह में 83 लाख रूपए से अधिक के मादक पदार्थ एवं तस्करी में प्रयुक्त वाहन जब्त करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मंदसौर-एमडी ड्रग्स एवं अफीम बरामद जिले के थाना कोतवाली पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 500 ग्राम एमडी ड्रग्स एवं 500 ग्राम अफीम जब्‍त की गई। आरोपी द्वारा पुलिस से बचने के उद्देश्य से अवैध मादक पदार्थों को पानी की विद्युत मोटर की बॉडी में छुपाकर रखा गया था। कार्रवाई के दौरान लगभग 51 लाख 72 हजार रूपये की संपत्ति जब्‍त की है। एक अन्‍य कार्यवाही में थाना भावगढ़ पुलिस ने चेकिंग के दौरान कार्रवाई करते हुए एक विधि विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लेकर उसके कब्जे से अवैध मादक पदार्थ निर्माण में प्रयुक्त 27 किलोग्राम एसिटिक एनहाईड्राइड एवं एक मोटरसाइकिल सहित लगभग 1 लाख 10 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। इस प्रकार दोनों मामले में पुलिस ने लगभग 52 लाख 82 हजार रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की है। नीमच: डोडाचूरा से भरा ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्‍त जिले के थाना मनासा पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान ट्रॉली में रखे 30 प्लास्टिक के कट्टों से 6 क्विंटल 1 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा जब्‍त किया गया। पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित लगभग 22 लाख रूपये से अधिक की संपत्ति जप्‍त की गई। देवास: ब्राउन शुगर तस्करों पर कार्रवाही जिले की खातेगांव पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ब्राउन शुगर की तस्करी में संलिप्त आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 23 ग्राम ब्राउन शुगर एवं अन्य सामग्री सहित लगभग 4 लाख 60 हजार रूपये की संपत्ति जप्‍त की है। भोपाल: गांजा तस्कर गिरफ्तार क्राइम ब्रांच भोपाल द्वारा विशेष अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए रानी कमलापति रेलवे स्टेशन क्षेत्र से एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 9.570 किलोग्राम अवैध गांजा एवं एक मोबाइल फोन जब्‍त किया गया। जब्‍त संपत्ति की कीमत लगभग 2 लाख 5 हजार रूपये है। शिवपुरी: स्मैक तस्कर गिरफ्तार थाना कोतवाली पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए मादक पदार्थ स्मैक का विक्रय करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से 17.60 ग्राम स्मैक, जिसकी अनुमानित कीमत 2 लाख रूपये है, जब्‍त की गई। टीकमगढ़: अवैध गांजे के पौधे जब्‍त जिले के थाना पलेरा पुलिस द्वारा ग्राम गड़ारी में कार्रवाई करते हुए 63.67 किलोग्राम (89 गांजे के पौधे) सहित 25 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, भंडारण एवं वितरण में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर एवं निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी। आमजन से अपील है कि नशे से दूर रहें एवं किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।  

रेडक्रॉस की सेवाओं और मिशन से जनता को करें प्रेरित, राज्यपाल पटेल का आह्वान

रेडक्रॉस के उद्देश्य और सेवा कार्यों से जन-जन को करें प्रेरित : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने विश्व रेडक्रॉस दिवस पर प्रदान किए "सेवा सम्मान" भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि दीन-दुखियों की सेवा, ईश्वर की सेवा का सशक्त माध्यम है। मानवता की सेवा ही प्रभु की सेवा है। अपनी शक्ति और सामर्थ्य के अनुसार ग़रीब, वंचित और ज़रूरतमंदों की हमेशा मदद करते रहे। उन्होंने कहा कि सेवा का दायरा बहुत विस्तृत है। रेडक्रॉस सदस्य दूरस्थ, ग्रामीण इलाकों जाकर जरूरतमंदों से मिले, उनकी समस्याओं को करीब से देखें, समझे और यथा संभव समाधान के आत्मीय प्रयास करें। हर सदस्य कम से कम 5 व्यक्तियों को रेडक्रॉस से जोड़े। राज्यपाल पटेल ने रेडक्रॉस के सिद्धांतों, उद्देश्यों और कार्यों से जन-जन को प्रेरित करने का आह्वान किया। पीड़ित मानवता के प्रति रेडक्रॉस के संवेदनशील समर्पण से प्रेरणा लेने, वंचितों के उत्थान में सहभागी बनने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की युवाओं से अपील की। राज्यपाल पटेल शुक्रवार को विश्व रेडक्रॉस दिवस पर आयोजित "सेवा सम्मान समारोह" को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने रेडक्रॉस के संस्थापक हेनरी ड्यू-नॉट के जन्म दिवस पर उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। समर्पित कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों और समाज सेवी संस्थाओं को सम्मानित किया। मानवता की सेवा कार्यों और प्रयासों के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। सभी सम्मानित जनों को सम्पूर्ण समाज के सच्चे नायक और प्रेरणा स्रोत बताया। मध्यप्रदेश राज्य रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (मेपकास्ट) परिसर में किया गया। रेडक्रॉस की सीख कर्मों में भी झलकनी चाहिए राज्यपाल पटेल ने कहा कि विश्व रेडक्रॉस दिवस, मात्र एक दिवस का उत्सव नहीं, बल्कि मानवता, सेवा, करुणा और समर्पण की निरंतर प्रवाहित धारा का स्मरण है। युद्ध के मैदान में पीड़ा देख कर लिया गया संकल्प, आज पीड़ित मानवता की सेवा का वैश्विक आंदोलन बन गया है, जो हमें बताता है कि "सेवा ही सर्वोच्च धर्म है।“ उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस के 7 मूल सिद्धांत- मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्वैच्छिक सेवा, एकता और सर्व व्यापकता,  जीवन जीने के सच्चे मार्गदर्शक हैं। इनका मन, वचन और कर्म से 365 दिन पालन ही, समावेशी समाज निर्माण के संकल्प को सिद्ध करने का प्रभावी तरीका है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि रेडक्रॉस की सीख, शब्दों तक सीमित नहीं हो, यह हमारे कर्मों में भी झलकनी चाहिए। इसके लिए समाज को और अधिक संवेदनशील बनाना होगा। सम्मानित लोग, रेडक्रॉस के कार्यों में अपनी निष्ठा, समर्पण, सेवा-भाव के संस्कारों से भावी पीढ़ी को नेतृत्व प्रदान कर प्रोत्साहित करें। मानवता की सेवा के संकल्प के साथ पीड़ितों और वंचितों का दिल खोलकर सहयोग करें। मन, समय और संसाधनों से उनका साथ दें। समाज में पारस्परिक सहयोग तथा संवेदनशीलता की भावना को और अधिक सशक्त बनाएं। जन औषधि योजना हर वर्ग के लिए वरदान राज्यपाल पटेल ने कहा कि जन-औषधि योजना, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अत्यंत संवेदनशील पहल है। यह योजना हर वर्ग के लिए वरदान है। उन्होंने इस अभूतपूर्व योजना के लिए प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार जताया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रदेश रेडक्रॉस सोसायटी दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों में अधिक से अधिक जन-औषधि केन्द्र खोलने के प्रयास करें। इस पहल से स्थानीय युवाओं को जोड़े। उन्हें जन-औषधि केन्द्र में उपलब्ध दवाओं, गुणवत्ता और कीमतों की जानकारी दें। राज्यपाल पटेल का समारोह में मध्यप्रदेश रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन डॉ. श्याम सिंह कुमरे और वाइस चेयरमैन मनीष रावल ने शॉल एवं श्रीफल से अभिनंदन किया। चेयरमैन डॉ. कुमरे ने स्वागत उद्बोधन दिया। मध्यप्रदेश रेडक्रॉस सोसायटी के कार्यों और उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई। आभार जनरल सेक्रेटरी रामेन्द्र सिंह ने माना। कार्यक्रम में नगर निगम कमिश्नर श्रीमती संस्कृति जैन, मेपकास्ट के महानिदेशक डॉ. अमित कोठारी, डॉ. ब्रिजेश श्रीवास्तव, मध्यप्रदेश रेडक्रॉस सोसायटी की राज्य और जिला इकाई के पदाधिकारी, रेडक्रॉस सदस्य, स्वयंसेवक, सम्मान प्राप्तकर्ता और उनके परिजन उपस्थित थे।  

जांच समिति अब तक गायब, बरगी क्रूज हादसे में बयानबाजी तेज; कांग्रेस ने सरकार को घेरा

जबलपुर  बरगी क्रूज हादसे के पर्यटकों के बयान दर्ज करने के बाद शुक्रवार को प्रशासनिक दल बरगी मेकल रिसार्ट पहुंचा। यहां जबलपुर एसडीएम अभिषेक सिंह, तहसीलदार पूर्णिमा समेत प्रशासनिक कर्मचारियों ने एक-एक कर कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। बयानों की वीडियो रिकार्डिंग की गई इस दौरान क्रूज हादसे में पर्यटकों को बचाने वाले बचाव दल के सदस्यों से भी पूछताछ कर उनके बयानों की वीडियो रिकार्डिंग की गई। उन मजदूरों को भी बयान दर्ज कराने बुलाया गया था, जिन्होंने पर्यटकों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई थी। सुबह से देर शाम तक लगभग 30 से ज्यादा प्रत्यक्षदर्शियों, रिसार्ट कर्मचारियों और मजदूरों से पूछताछ की गई। हालांकि यहां भी घटना की जांच के लिए बनी कमेटी के सदस्य मौजूद नहीं थे। उनकी अनुपस्थिति में ही बयान दर्ज किए जा रहे हैं, जिससे जांच समिति और इसकी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का बयान: निर्माणाधीन विकास कार्यों के पूरा होने से जिले का विकास तेज होगा

निर्माणाधीन विकास कार्यों के पूर्ण होने से जिले के विकास की बढ़ेगी रफ्तार : उप मुख्यमंत्री शुक्ल जर्जर शासकीय विद्यालयों को चिन्हित कर कराएं मरम्मत शहडोल जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक हुई भोपाल  उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि जिले में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित निर्माणाधीन विकास कार्यों में तेजी लाकर उन्हें समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा स्वीकृत विकास कार्यों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करना अत्यंत आवश्यक है। विकास कार्यों के पूर्ण होने से शहडोल जिले के विकास को नई गति मिलेगी। उक्त निर्देश उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री शुक्ल ने सर्किट हाउस बाणसागर में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में विभागीय अधिकारियों को दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने शहडोल- उमरिया मार्ग, ब्यौहारी के विजयसोता पूल निर्माण में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शहडोल- उमरिया मार्ग, ब्यौहारी के विजयसोता पूल, भन्नी सिंचाई परियोजना जैसे अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा कलेक्टर समय-सीमा की बैठक में अनिवार्य रूप से करें एवं जल्द से जल्द पूर्ण कर आमजन को उन सुविधाओं का लाभ दिलाए। उन्होंने कहा कि स्वीकृत विकास कार्यों को जमीनी स्तर पर कार्य करने की अत्यंत आवश्यकता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वास्थ्य विभाग की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज एवं शहडोल जिले में निर्माणाधीन हेल्थ सेंटरो को यथाशीघ्र पूर्ण कर जनप्रतिनिधियों द्वारा शुभारंभ कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए की शहडोल जिले में संचालित शासकीय विद्यालय जो जर्जर हैं उन्हें सूचीबद्ध कर उनका मरम्मत कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने जिले में बनाए जा रहे सांदीपनि विद्यालय के कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर जल्द से जल्द से पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारी को दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जनहित को दृष्टिगत रखते हुए जनपद पंचायत कार्यालय ब्यौहारी के सामने संचालित शराब की दुकान हटाने के निर्देश कलेक्टर को दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बैठक में मेडिकल कॉलेज में रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया, भू अर्जन कार्य में प्रगति, टेटका – शहडोल मार्ग की प्रगति, जयसिंहनगर बाईपास, ब्यौहारी -सपटा मार्ग, जल जीवन मिशन के कार्य, प्रगतिरत कटनी से सिंगरौली डबल रेलवे लाइन के कार्य सहित अन्य विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में जिला विकास सलाहकार समिति के सदस्यों द्वारा विकास कार्यों के लिये अपने अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। बैठक में सांसद संसदीय क्षेत्र सीधी डॉ.राजेश मिश्रा, विधायक जयसिंह मरावी, शरद कोल,श्रीमती मनीषा सिंह, कलेक्टर डॉ.केदार सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति सहित अन्य जन प्रतिनिधि, अधिकारी एवं जिला विकास सलाहकार समिति के सदस्य उपस्थित रहे।