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तेज आंधी से शिवपुरी में अफरा-तफरी, दीवार ढही, पांच घायल, छत पर खड़ी दो महिलाएं गिरीं

शिवपुरी शिवपुरी में शनिवार की दोपहर अचानक मौसम ने करवट ली और आसमान में रौद्र रूप दिखा रहा सूरज काले बादलों के बीच छिप गया। इसके बाद जिले भर में आई तेज आंधी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक चली तेज आंधी ने शहर भर में आफत मचा दी। प्ले ग्राउंड पर पेड और पत्थर की बाउंड्री गिरने से पांच लोग मलबे में दब कर घायल हो गए। वहीं शहर के दो अलग-अलग हिस्सों में अपने मकानों की छत पर खड़े होकर तेज हवा का आनंद उठा रही एक महिला और एक युवती हवा के तेज झोंके के साथ उड़ते हुए छत से नीचे जमीन पर आकर गिरीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। सभी को गंभीर चोटें आई हैं। हालांकि सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। इसके अलावा शहर सहित अंचल में कई पेड़ टूट कर गिर गए, अंचल भर में दर्जनों स्थानों पर बिजली की लाईनें टूट गईं, जिससे ब्लैक शहर में दिन भर ब्लैक आउट के हालात बने रहे। प्ले ग्राउंड की बाउंड्री के नीचे ये दबे      बाउंड्री के यहां मोबाइल कंपनी की नई सिम बेचने व सिम पोर्ट करने वाले युवक पवन पुत्र चरण सिंह रजक उम्र 25 साल निवासी कोठी नंबर 27 व बृजेंद्र उर्फ गोलू पुत्र रामहेत रावत उम्र 27 साल निवासी खुड़ा। दोनों को अंदरूनी चोटें आई हैं, पवन जहां बेहोशी की हालत में आईसीयू में आक्सीजन पर उपचाररत है, वहीं बृजेंद्र की कमर व रीढ़ की हड्डी में चोट बताई जा रही है। वह भी अद्ध बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती है। रन्नौद से उपचार कराने के लिए शिवपुरी आए गिरजेश चंद्र आचार्य आंधी और पानी से बचने के लिए बाउंड्री के किनारे खड़े हुए थे, पेड़ के साथ जमींदोज हुई बाउंड्री के मलवे के नीचे वह दब गए। उनके पैर में कई फ्रैक्चर बताए जा रहे हैं। देवरी राजस्थान से अपनी पत्नी के साथ शिवपुरी घूमने के लिए आया बादल आदिवासी भी प्ले ग्राउंड से पास से गुजर रहा था। इसी दौरान बाउंड्री का एक पत्थर उसके सिर में आकर लगा, जिससे उसके सिर में चोट लग गई और वह मौके पर ही गिरकर बेहोश हो गया। उसके सिर में चोट आई है। एक अन्य युवक की मलवे में गिरकर घायल हो गया, हालांकि उसे बहुत अधिक चोट नहीं आई तो वह प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से चला गया। मौसम का लुत्फ उठाते हुए हवा में उड़ गईं गौशाला निवासी रामदेवी पत्नी अखिलेश लोधी उम्र 23 साल आंधी के दौरान छत पर जाकर खड़ी हो गई और मौसम का लुत्फ लेने लगी। इसी दौरान एक तेज हवा का झोंका आया और रामदेवी को अपने साथ हवा में उड़ता ले गया।      कुछ दूर जाने के बाद वह जमीन पर जा गिरी, जिससे उसके पैर में चोट आई है। अस्पताल में उसके पैर में टांके लगाने के बाद खूब के बहाव को रोका जा सका। पैर में फेक्चर की संभावना बताई जा रही है। यही हाल फतेहपुर क्षेत्र में विद्यापीठ स्कूल के पास रहने वाली अनुरति पुत्री संतोष जाटव उम्र 16 साल के साथ हुआ। वह छत पर से हवा के झोंके साथ उड़ती हुई सीधा जमीन पर आकर गिरी, उसके पैर व कमर में गंभीर चोट बताई जा रही है। कुछ सेकेंड के फेर से टला बड़ा हादसा ग्राम जाफरपुर से कुछ ग्रामीण शनिवार को ट्रैक्टर-ट्राली में भरकर उनके घर में आयोजित होने वाले किसी समारोह के आयोजन की खरीददारी करने के लिए शिवपुरी आए थे। ग्रामीणों ने अपने ट्रैक्टर-ट्राली पीएम हाउस के परिसर में लगाए और ट्राली से उतरे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान पास लगा एक पेड़ आंधी के झोंकों से टूट कर ट्राली पर जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो अगर कुछ सेेकेंड और ट्राली में सवार लोग नीचे नहीं उतरते तो यह पेड़ उनके ऊपर ही गिरता। लोगों का कहना है कि कुछ सेकेंड के फेर से बड़ा हादसा टल गया। होटल पर गिरा हाईमास्ट, हादसा टला कोलारस में पूरनखेड़ी टोल टैक्स के पास लगा एक हाईमास्ट का पोल आंधी के कारण उखड़ कर जमींदोज हो गया। यह पोल टोल टैक्स के पास बने एक ढाबे पर जाकर गिरा, जिससे ढाबा भी जमींदोज हो गया। इस घटना का सुखद पहलू यह रहा कि हादसे के समय होटल में कोई नहीं था, जिसके चलते काेई भी पोल व ढाबे के मलबे की चपेट में नहीं आया। नरवर के ईमलिया, सिमरिया में लगी आग नरवर क्षेत्र के गांव ईमलिया, सिमरिया और पारागढ़ में तेज आंधी के बीच आग लग गई, जिससे सैंकड़ों बीघा के खेतों में आग लग गई। टीआई नरवर विनय यादव का कहना है कि कुछ किसान खेत में नरवाई जला रहे थे। इसी दौरान तेज आंधी चल गई और आग आंधी के साथ उड़ती चली गई, जिससे इमलिया, सिमरिया, पारागढ़ तीन गांवों में दर्जनों किसानों के खेतों में भीषण आग गई। कई किसानों के खेतों में रखे भूसे के ढेर धूं-धूं कर जलने लगे। इस आग पर घंटों की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड, स्थानीय किसानों के प्रयास आदि से काबू पाया जा सका।  

पर्यावरण अनुकूल निर्माण को प्रोत्साहित करना आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

  प्रकृति अनुकूल स्थापत्य हमारे वास्तु का है आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पर्यावरण अनुकूल निर्माण को प्रोत्साहित करना आवश्यक ग्लोबल वॉर्मिंग आज अलार्मिंग हो चुकी है, यह मुख्य चुनौती बनकर आई है सामने राजा भोज ने प्रकृति के साथ प्रगति‍की बात स्पष्ट की थी समरांगण सूत्रधार में हर निर्माण में समाहित हों पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश के तत्व प्रधानमंत्री मोदी ने प्राचीन ज्ञान-परंपरा को मौजूदा विज्ञान के साथ जोड़ा इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस की 113 गवर्निंग कॉउंसिल की मीटिंग भी हुई आरंभ पीडब्ल्यूडी और आईआईटी इंदौर के बीच निर्माण तकनीक के विकास पर केंद्रित एमओयू का हुआ आदान-प्रदान लोक निर्माण विभाग ने गृहा संस्था के साथ भी साइन किया एमओयू सेमिनार में ग्रीन बिल्डिंग सामग्री, ऊर्जा दक्षता, प्राकृतिक प्रकाश एवं वेंटिलेशन, स्मार्ट टेक्नोलॉजी, प्रीडिक्टिव मेंटेनेंस आदि विषयों पर हुआ विचार-विमर्श मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रीन बिल्डिंग तकनीक पर केंद्रित दो दिवसीय अखिल भारतीय सेमिनार का किया कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में किया शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रकृति अनुकूल स्थापत्य हमारे वास्तु का आधार है। वर्तमान समय की बड़ी चुनौती यह है कि हम कंक्रीट के बढ़ते जंगलों और सिमटते प्राकृतिक संसाधनों के बीच खड़े हैं। पर्यावरण अनुकूल निर्माण को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। हमें गर्व होना चाहिए कि हम उस परंपरा के उत्तराधिकारी हैं जिन्होंने स्वस्थ नगर नियोजन के साथ जल संरक्षण के लिए विशाल इकोलॉजिकल सिस्टम बनाये। विद्वान, वास्तुकार राजा भोज द्वारा विकसित भोपाल इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। सौभाग्य का विषय है कि सस्टेनेबल फ्यूचर इनोवेशंस इन ग्रीन बिल्डिंग प्रैक्टिसेस जैसे विषय पर भोपाल में राष्ट्रीय सेमिनार हो रहा है। प्रदेश के ऐतिहासिक स्थल मांडव के जल प्रबंधन और नगर नियोजन को देखते हुए वहां भी इस प्रकार के आयोजन होने चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को ग्रीन बिल्डिंग तकनीक पर अखिल भारतीय सेमिनार और इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस की 113 गवर्निंग कॉउंसिल मीटिंग के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। लोक निर्माण विभाग तथा इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस, कार्यक्रम के आयोजक हैं। पी.डब्ल्यू.डी. की स्मारिका, न्यूज लेटर और आईबीसी की बिल्ट इन्वायरमेंट पत्रिका का विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने शॉल-श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम वंदे-मातरम के गान के साथ आरंभ हुआ। इस अवसर पर आईबीसी इनोग्रल सॉन्ग और लोक निर्माण विभाग की परियोजना क्रियान्वयन इकाई की गतिविधियों पर लघु फिल्म की प्रस्तुति हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग की स्मारिका, न्यूज लेटर और आईबीसी की बिल्ट इन्वायरमेंट पत्रिका का विमोचन किया। उनकी उपस्थिति में आईआईटी इंदौर और लोक निर्माण विभाग के बीच निर्माण तकनीक पर केंद्रित एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। दूसरा एमओयू लोक निर्माण विभाग तथा गृहा संस्था के साथ किया गया। हम प्रकृति से सीखें और उसके साथ आगे बढ़ें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राजा भोज ने भोज पत्रों पर लेख और निर्माण कार्यों के माध्यम से हमें प्राचीन भारतीय निर्माण परंपरा की अद्भुत सौगात दी है। राजा भोज ने प्रकृति के साथ प्रगति‍की बात समरांगण सूत्रधार में स्पष्ट की थी। हमारे ग्रंथों में कहा गया है 'यत् पिण्डे तत् ब्रह्माण्डे' अर्थात् जो शरीर में है वही ब्रह्मांड में है। ग्रीन बिल्डिंग, पृथ्वी-जल-अग्नि-वायु-आकाश तत्वों के समावेश से हमारे घरों को उसी ब्रह्मंडीय संतुलन में वापस लाने की एक प्रक्रिया है। हमारे प्राचीन ग्रंथ यह मानते हैं कि एक भवन में इन सब तत्वों का समावेश आवश्यक है। वर्तमान दौर में जीपीएस एक नई तकनीक है, लेकिन पृथ्वी का भौगोलिक केंद्र उज्जैन के पास डोंगला में है। यह प्राचीन काल से समय गणना का मुख्य केंद्र माना जाता है। तत्कालीन गणना की सटीकता इससे सिद्ध होती है कि वर्तमान में भी निश्चित तिथियों पर मौसम में बदलाव का अनुभव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि तुंगभद्रा नदी के किनारे श्रृंगेरी में भी स्थापत्य कला का अद्भुद उदाहरण देखने को मिलते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्राचीन ज्ञान और परंपरा को मौजूदा दौर में विज्ञान के साथ जोड़ा है। आज आवश्यकता है कि हम प्रकृति से सीखें और उसके साथ आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राचीन वास्तुकला की विशेषताओं पर चर्चा करते हुए भोपाल के बड़े तालाब और उज्जैन में शिप्रा नदी के आस-पास की संरचनाओं का उल्लेख किया। अधोसंरचना विकास में राशि का सदुपयोग सुनिश्चित करना आवश्यक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास हमारी प्राथमिकता है, लेकिन अधोसंरचना विकास में राशि का सदुपयोग हो, इन बिन्दुओं के साथ ही हम ग्रीन बिल्डिंग तकनीक पर आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश में पर्यावरण अनुकूल निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। ग्लोबल वॉर्मिंग आज अलार्मिंग हो चुकी है, यह मुख्य चुनौती बनकर सामने आई है। राज्य सरकार ने इस चुनौती का सामना करने में जन-जन की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुढ़ी पड़वा से जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत की है। गंगा दशहरा 25 मई को इसके अंतर्गत प्रदेश में कुएं, बाबड़ियों और सभी जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा है। इसमें अधिक से अधिक जनसहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। प्रदेश में सभी ने जल संरचनाओं पर निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया है। मध्यप्रदेश जल संरक्षण कार्यों में देश में प्रथम स्थान पर है। जल संचयन में डिण्डौरी और खंडवा जिले देश में क्रमश: पहले और दूसरे स्थान पर रहे हैं। सस्टेनेबल फ्यूचर केवल विचार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है : मंत्री सिंह लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग प्रदेश के बेहतर भविष्य के लिए नवाचारों के साथ अधोसंरचना विकास को गति प्रदान कर रहा है। प्रदेश में टिकाऊ निर्माण के लिए भारतीय प्राचीन निर्माण तकनीक पर हम आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने वैदिक घड़ी को सराहा है। इस घड़ी के निर्माण का श्रेय मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जाता है। प्रदेश में बनने वाले सभी भवन अब ग्रीन बिल्डिंग तकनीक पर बनाए जा रहे हैं। लोक निर्माण विभाग ने अपने प्रशिक्षण कैलेंडर में ग्रीन बिल्डिंग तकनीक को शामिल किया है। प्रदेश में हाईवे और फ्लाईओवर्स को रेन वॉटर हार्वेस्टिंग तकनीक के साथ तैयार किया जा रहा है। मंत्री सिंह ने विशेषज्ञों से आह्वान किया कि मध्यप्रदेश की विविध भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान … Read more

सरकार ने स्मार्टफोन्स पर भेजा अलर्ट SMS, अचानक बजने लगे फोन

भोपाल   केंद्र की मोदी सरकार ने शनिवार को देशभर में देसी मोबाइल इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम का टेस्ट किया, ताकि जब कुदरत का कहर बरपा हो तो अपने नागरिकों को सुरक्षित रखा जा सके. इस सिस्टम को ‘सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट’ कहा जाता है. अभी, NDMA (नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी) की तरफ से एक फ्लैश SMS मैसेज के रूप में, पूरे भारत में इसकी टेस्टिंग चल रही है. NDMA 2 मई 2026 को आपके इलाके में सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट का टेस्ट करेगा।  सरकार की ओर से जारी किए नोटिफिकेशन में लिखा था कि आपके मोबाइल फोन पर मैसेज आने के बाद, कोई एक्शन लेने की जरूरत नहीं है. प्लीज़ घबराएं नहीं. जब शनिवार को इमरजेंसी अलर्ट आया, तो फोन तेज अलार्म टोन और एक फ्लैशिंग मैसेज के साथ काफी जोर से बजा. अलर्ट देसी इंटीग्रेटेड अलर्ट सिस्टम (SACHET) से दिए गए थे, जिसे सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) ने बनाया है. यह सिस्टम कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) पर आधारित है, जिसे इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन ने रिकमेंड किया है।  सरकार ने भेजा अलर्ट SMS (Screenshot Massage) इस सिस्टम का मकसद सुनामी, भूकंप, बिजली गिरने, और गैस लीक या केमिकल खतरों जैसी इंसानों की बनाई इमरजेंसी जैसी स्थितियों में, टारगेटेड इलाकों में मोबाइल यूजर्स को SMS के जरिए आपदा और इमरजेंसी से जुड़े अलर्ट देना है. हालांकि सरकार ने पहले भी कुछ बार इस सिस्टम को टेस्ट किया है, लेकिन अभी ये अलर्ट इस सिस्टम को देश भर में लागू करने से पहले सिस्टम की परफॉर्मेंस और भरोसे का अंदाजा लगाने के लिए किए जा रहे हैं. ये टेस्ट अलर्ट NDMA ने भेजे थे, जो भारत में आपदा मैनेजमेंट के लिए सबसे बड़ी संस्था है।  टेस्ट मैसेज उन मोबाइल फोन पर मिले जिनके सेल ब्रॉडकास्ट टेस्ट चैनल चालू थे. आप सेटिंग्स, सुरक्षा और इमरजेंसी, वायरलेस इमरजेंसी अलर्ट, टेस्ट अलर्ट पर जाकर अलर्ट चालू या बंद कर सकते हैं. पूरे देश में टेस्टिंग के बाद, मोबाइल अलर्ट सिस्टम पूरे देश में चालू हो जाएगा और सभी मोबाइल हैंडसेट पर कई भारतीय भाषाओं में इमरजेंसी अलर्ट भेजेगा। 

मप्र में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट: 2-5 मई तक 21 जिलों में येलो अलर्ट, तबाही का खतरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली है और अब प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया है. मौसम विभाग (IMD) ने 2 मई 2026 को 21 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जहां 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है. बीते दो दिनों से राज्य के आधे से अधिक जिलों में मौसम का यही रुख बना हुआ है, जिससे तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है. प्रदेश में अगले चार दिनों तक ऐसा ही अस्थिर मौसम बना रहेगा।  इस बदले हुए मौसम पैटर्न ने जहां आमजन को राहत दी है, वहीं किसानों और ग्रामीण इलाकों में चिंता भी बढ़ा दी है. तेज हवाएं और ओलावृष्टि फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में अगले चार दिनों तक ऐसा ही अस्थिर मौसम बना रहेगा. चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से यह सिस्टम सक्रिय हुआ है, जो मई की शुरुआत में ही असामान्य मौसम का संकेत दे रहा है।  इन जिलों में आंधी और तेज बारिश का अलर्ट मौसम केंद्र ने शनिवार को एमपी के ग्वालियर समेत 21 जिलों में आंधी और तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, गुना, अशोक नगर, नीमच और मंदसौर मुख्य रूप से शामिल हैं। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। इन जिलों में दिखेगा गर्मी का असर वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, रतलाम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, कटनी, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा और सिंगरौली में गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। मौसम विभाग ने इन जिलों में लोगों को गर्मी से बचाव के लिए अपील की गई है। प्रदेश में आने वाले दिनों के मौसम की बात करें तो 3, 4 और 5 मई तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना है। दरअसल, चक्रवाती गतिविधियों के सक्रिय होने के कारण मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिलेगा। तापमान में हल्कि गिरावट के आसार है। लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। लेकिन, किसानों पर बारिश का बुरा प्रभाव पड़ रहा है। उनकी खुली जगह पर रखी फसलें (अनाज) खराब हो रही है। अन्य जिलों में गर्मी, लेकिन बदल सकता है मौसम भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सागर, रीवा और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में फिलहाल गर्मी का असर बना हुआ है. हालांकि दोपहर बाद बादल छाने और हल्की बारिश की स्थिति बन सकती है. मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव अचानक और अल्पकालिक हो सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।  पिछले दो दिनों में कैसा रहा मौसम बीते 48 घंटों में प्रदेश के 35 से ज्यादा जिलों में कहीं न कहीं आंधी, बारिश या ओलावृष्टि दर्ज की गई है. जबलपुर और दमोह में हल्की बारिश हुई. तापमान में भी गिरावट देखी गई. खंडवा में अधिकतम तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि नरसिंहपुर, रतलाम और टीकमगढ़ में भी पारा 41 डिग्री के आसपास दर्ज हुआ. बड़े शहरों में भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में भी तापमान में कमी आई है।  अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 5 मई तक प्रदेश में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. चक्रवाती सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के चलते यह स्थिति बनी हुई है. विशेषज्ञों का कहना है कि मई के महीने में इस तरह का मौसम असामान्य जरूर है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में ऐसे ट्रेंड देखने को मिले हैं।  किसानों और आम लोगों के लिए अलर्ट तेज हवाओं और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हो सकता है. खेतों में काम कर रहे किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. बिजली गिरने की घटनाओं से बचने के लिए खुले स्थानों पर खड़े रहने से बचें. पेड़ों और कच्चे ढांचों से दूर रहें।   

राजगढ़ में सीईओ का नया रूप, ‘ड्राइवर’ बने और ईमानदारी का मिला अद्भुत पुरस्कार

राजगढ़   मध्यप्रदेश के राजगढ़ के रहने वाले रमेश चंद्र शर्मा के लिए दिन बेहद खास था। जिंदगीभर उन्होंने जिस गाड़ी का स्टेयरिंग संभाला और ड्राइविंग की आज वो उसी गाड़ी में साहब की तरह बैठे थे। ये ईनाम था उनकी जिंदगीभर की ईमानदारी और अनुशासन का। दरअसल रमेश चंद्र शर्मा राजगढ़ जिला पंचायत में ड्राइवर थे। गुरुवार को जब उनका रिटायरमेंट था तो जिला पंचायत सीईओ डॉ. इच्छित गढ़पाले ने प्रशासनिक संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। सीईओ ने ड्राइवर रमेश चंद्र के रिटायर होने पर उन्हें खुद अपनी गाड़ी में बैठाकर गाड़ी चलाते हुए उनके घर तक छोड़ने के लिए पहुंचे। जिला पंचायत सीईओ ने पेश की मिसाल जिला पंचायत राजगढ़ में एक ऐसा भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जिसने प्रशासनिक संवेदनशीलता की मिसाल पेश कर दी। वर्षों तक अपनी सेवाएं ईमानदारी और अनुशासन से देने वाले वाहन चालक रमेश चंद्र शर्मा के सेवानिवृत्त होने पर जिला पंचायत सीईओ डॉ इच्छित गढ़पाले ने न सिर्फ उन्हें सम्मानित किया, बल्कि स्वयं वाहन चलाकर उन्हें घर तक छोड़ने पहुंचे। जिला पंचायत परिसर में आयोजित विदाई समारोह में सेवानिवृत्त वाहन चालक की निष्ठा, समयपालन और अनुशासन की सराहना करते हुए सीईओ ने कहा कि किसी भी संस्था की मजबूती उसके कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण से तय होती है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक ईमानदारी से सेवा देने वाले कर्मचारी हमेशा सम्मान के अधिकारी होते हैं। रिटायर हो रहे हमारे साथी रमेश चंद्र भी उन्हीं कर्मचारियों में से एक हैं जिन्होंने अपना कर्तव्य हमेशा ईमानदारी से निभाया है। खुद गाड़ी चलाकर ड्राइवर को छोड़ा घर समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब सीईओ डॉ इच्छित गढ़पाले ने सेवानिवृत्त चालक रमेश चंद्र शर्मा को अपनी सीट पर बैठाया और खुद ड्राइविंग सीट संभाल ली। इसके बाद सीईओ गढ़पाते खुद गाड़ी चलाते हुए रमेश चंद्र को उनके घर तक सम्मानपूर्वक छोड़ने पहुंचे। इस दौरान मौजूद अधिकारी और कर्मचारी भावुक हो उठे और तालियों के साथ इस पहल का स्वागत किया। सेवानिवृत्त चालक रमेश चंद्र ने भी अपने सेवाकाल को याद करते हुए जिला पंचायत परिवार का आभार व्यक्त किया और सीईओ डॉ इच्छित गढ़पाले की ओर से दिए गए सम्मान के लिए उनका भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि यहां उन्हें हमेशा परिवार जैसा माहौल और सहयोग मिला, जिसे वे जीवनभर याद रखेंगे। कार्यक्रम में जिला पंचायत के अधिकारी, कर्मचारी और अन्य स्टाफ मौजूद रहे। सभी ने पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर सेवानिवृत्त कर्मचारी के सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

शिलांग कोर्ट का अहम फैसला, मुख्य आरोपी राज कुशवाहा की जमानत याचिका खारिज

इंदौर  राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम को मिली जमानत को आधार पर जेल में बंद अन्य आरोपी विशाल चौहान, आनंद कुर्मी और आकाश राजपूत ने भी कोर्ट में जमानत के लिए आवेदन दायर किया है। उधर, राज कुशवाहा की जमानत के लिए सोमवार को नई अर्जी लगाई जाएगी। शिलॉन्ग अदालत ने सोनम को जमानत दे दी है, जबकि इस हत्याकांड के एक अन्य आरोपी राज कुशवाहा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। राज कुशवाहा के वकील फुयोसा योबिन के अनुसार, सेशन कोर्ट ने जमानत याचिका को ‘तकनीकी आधार’ पर निरस्त किया है। इस लिए अभी जमानत की उम्मीद बाकी है।  बेल के बाद से होटल में रह रही सोनम सोनम रघुवंश को जमानत मिल गई है। मंगलवार रात जेल से रिहा होने के बाद सोनम रघुवंशी शिलांग के एक होटल में ठहरी है। अदालत ने उसे शिलांग से बाहर नहीं जाने की शर्त पर जमानत दी है। लेकिन अब वह इस शर्त से बाहर निकलने के उपाय कर रही है। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार वह सुरक्षा कारणों का हवाला देकर शिलॉन्ग से बाहर जाने की अनुमति मांगने के लिए नई अर्जी लगाने वाली है। अगर उसकी मांग स्वीकार कर ली गई तो उसे शिलांग से निकलने की अनुमति मिल जाएगी।  इस आधार पर निरस्त हुई राज की याचिका राज के वकील ने बताया कि आवेदन में पिछले बेल आवेदन का उल्लेख नहीं किया गया था, जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। वकील ने कहा कि जमानत का आवदेन खारिज करने का निर्णय मेरिट के आधार पर नहीं लिया गया है। अब सोमवार को नई जमानत अर्जी दायर की जाएगी। उम्मीद है इस बार उसे जमानत मिल जाएगी। जमानत याचिका खारिज करते हुए शिलॉन्ग कोर्ट ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया आरोपी राज के वकील ने याचिका में उसके आपराधिक रिकॉर्ड का उल्लेख नहीं है, जो नियमों का उल्लंघन है। इसी आधार पर अर्जी निरस्त की गई। सोनम की जमानत रद्द करवाने के लिए हाईकोर्ट गए राजा के परिवार वाले शिलॉन्ग पुलिस ने अपनी जांच में सोनम और राज को राजा की हत्याकांड का मास्टरमाइंड बताया था. अब सोनम की जमानत रद्द कराने के लिए शिलॉन्ग पुलिस हाईकोर्ट जाएगी. इसके अलावा सोनम रघुवंशी की जमानत पर राजा रघुवंशी के परिवाले बिल्कुल भी खुश नजर नहीं आए. बताया जा रहा है कि राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी भी जल्द हाईकोर्ट में सोनम की जमानत रद्द करने के लिए आवेदन करेंगे. राजा का परिवार सीबीआई जांच की मांग भी कर रहा है।  शिलॉन्ग की घाटी में पड़ा हुआ मिला था राजा रघुवंशी का शव सोनम रघुवंशी और राजा रघुवंशी की शादी मई 2025 में हुई थी. इसके बाद दोनों हनीमून मनाने के लिए मेघायल के शिलॉन्ग गए थे. जहां कुछ दिनों बाद ही दोनों लापता हो गए. फिर राजा का शव शिलॉन्ग की एक घाटी में पड़ा हुआ मिला. जहां उनके शरीर पर कई धारदार हथियार के निशान थे. बाद में पुलिस ने वह हथियार भी बरामद किया था. फिर शक की सुई पत्नी सोनम की तरफ घूमी थी, क्योंकि राजा की हत्या के बाद से ही वह भी लापता थी।  इसके बाद पुलिस ने सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया था. बाद में उसके प्रेमी राज कुशवाहा को पुलिस ने दबोचा था. पुलिस ने दोनों पर ही राजा की हत्या करने और उसकी साजिश रचने के आरोप लगाए थे. फिलहाल सोनम जेल से बाहर है, लेकिन प्रेम राज को अभी जेल में रहना होगा।  किया मुनेश बनाम यूपी केस का जिक्र कोर्ट ने अपने आदेश में अप्रैल 2025 के चर्चित फैसले मुनेश बनाम उत्तरप्रदेश का उल्लेख किया। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ निर्देश दिए थे कि अब नियमित या अग्रिम जमानत मांगने वाले हर याचिकाकर्ता को अपने आपराधिक इतिहास का पूरा खुलासा करना अनिवार्य होगा। देश के शीर्ष कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि यदि कोई याचिकाकर्ता अपने बारे में कोई जानकारी छुपाता है या गलत जानकारी देता है, तो उसकी जमानत याचिका खारिज की जा सकती है। यह व्यवस्था न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और जमानत प्रावधानों के दुरुपयोग को रोकने के लिए लागू की गई है।   राज का परिवार दूर, वकील कर रहे कार्रवाई राज की गिरफ्तारी के बाद उसका परिवार इंदौर से उत्तर प्रदेश स्थित गांव चला गया है। फिलहाल कोई भी परिजन उससे मिलने नहीं आ रहा है और कोर्ट संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाने के लिए वकील ही शिलॉन्ग जेल पहुंचते हैं। बचाव पक्ष ने तर्क दिया है कि लंबे समय तक जेल में रखना आरोपी के अधिकारों का उल्लंघन है, लेकिन कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया है। इससे अन्य आरोपियों की जमानत राह भी कठिन हो गई है।   शिलांग पुलिस सोनम की बेल को देगी चुनौती  उधर, शिलॉन्ग पुलिस सोनम की जमानत को चुनौती देने के लिए मेघालय हाई कोर्ट का रुख करने की तैयारी कर रही है। पुलिस ने दावा किया कि सोनम इस हत्याकांड की मास्टरमाइंड है और उसकी रिहाई से गवाहों पर प्रभाव पड़ सकता है। शिलॉन्ग एसपी विवेक सियेम ने कहा कि जांच कानून के अनुसार जारी रहेगी और आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे। इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) पिछले 10 महीनों से जांच कर रही है। 

BJP में संगठनात्मक बदलाव, Hemant Khandelwal की सहमति से नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति

भोपाल मध्यप्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी लगातार सक्रिय नजर आ रही है। इसी क्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Hemant Khandelwal की सहमति से मध्यप्रदेश भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्षों की नई नियुक्तियों की सूची जारी कर दी गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन नियुक्तियों के जरिए संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। खासकर किसान मोर्चा के माध्यम से ग्रामीण और कृषक वर्ग तक पार्टी की पहुंच को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। गौरतलब है कि प्रदेश भाजपा में इन दिनों लगातार नियुक्तियों का दौर जारी है। अलग-अलग मोर्चों और संगठनों में नई जिम्मेदारियां देकर पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा रहा है, जिससे आगामी चुनावी तैयारियों को धार मिल सके। नई सूची जारी होने के बाद कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और उम्मीद जताई जा रही है कि नए जिला अध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को और मजबूती प्रदान करेंगे।

एक भारत श्रेष्ठ भारत संकल्पना के तहत भोपाल में महाराष्ट्र और गुजरात स्थापना दिवस का भव्य आयोजन

एक भारत श्रेष्ठ भारत संकल्पना के तहत भोपाल में महाराष्ट्र और गुजरात स्थापना दिवस का भव्य आयोजन भोपाल  एक भारत श्रेष्ठ भारत की संकल्पना के अंतर्गत आज लोकभवन, मध्यप्रदेश (भोपाल) में महाराष्ट्र एवं गुजरात स्थापना दिवस का भव्य एवं गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल आदरणीय  मंगू भाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम में गुजराती समाज एवं समग्र मराठी समाज के आई साहेब ग्रुप द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्होंने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई, जिसके पश्चात “मी मराठी”, पारंपरिक गोंधळ, छत्रपति शिवाजी महाराज पर आधारित “शिवकार्य”, भावपूर्ण प्रस्तुति “बिन जसे अंकुरते” एवं ऊर्जावान समापन “जय मल्हार” के साथ कार्यक्रम ने एक अद्भुत सांस्कृतिक यात्रा प्रस्तुत की। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से महाराष्ट्र की समृद्ध परंपरा, वीरता, भक्ति एवं सांस्कृतिक विविधता का सुंदर चित्रण किया गया। कलाकारों की सजीव प्रस्तुति, पारंपरिक वेशभूषा एवं भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने कार्यक्रम को अत्यंत प्रभावशाली बना दिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु राजभवन/लोकभवन प्रबंधन टीम के उत्कृष्ट समन्वय, सुव्यवस्थित व्यवस्था एवं समर्पण की सभी ने सराहना की। अंत में, अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह ने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए इस आयोजन को “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना का सशक्त उदाहरण बताया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा: बरगी क्रूज़ हादसे के दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा

बरगी क्रूज़ दुर्घटना के दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुर्घटना की जांच करेगी उच्च स्तरीय जांच समिति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की घोषणा नागरिकों की जान बचाने और सहयोग देने वाले प्रत्येक श्रमिक को दिए जाएंगे 51-51 हजार रूपए बचाव दल के सभी बहादुरों को राज्य सरकार करेगी सम्मानित क्रूज पायलट महेश पटेल, क्रूज हेल्पर छोटेलाल गोंड एवं टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से की समाप्त होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को कार्य में लापरवाही बरतने के कारण किया निलंबित रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच की गई संस्थित क्रूज़ संचालन की बनाई जाएगी एसओपी मुख्यमंत्री ने घटनास्थल जाकर पीड़ित परिवारों से की भेंट, संवेदना जताकर दी सांत्वना जबलपुर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर जिले के बरगी में हुए क्रूज़ दुर्घटना पर गहन शोक व्यक्त कर इसे दुर्भाग्यपूर्ण और अत्यंत पीड़ादायक बताया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रत्येक पीड़ित परिवार के साथ है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में लापरवाही करने वाले दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेन्द्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। होटल मैकल रिसार्ट और मैनेजर बोट क्लब बरगी सुनील मरावी को लापरवाही के लिये निलंबित कर दिया गया है। साथ ही रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्र को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच संस्थित कर दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुर्घटना के दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जायेगा। पीड़ित परिवारों की सरकार हरसंभव सहायता करने के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने व्यथित मन से कहा कि जिन परिजनों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उसकी भरपाई संभव नहीं है। कठिन समय में पीड़ितों के परिजन खुद को कतई अकेला न समझें। सरकार की ओर से सहायता राशि दी जा रही है। शासन-प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि दु:ख की इस घड़ी उनके साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को जबलपुर के बरगी में घटनास्थल का मौका मुआयना करने और पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद स्थानीय मीडिया को संबोधित करते हुए यह बातें कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुर्घटना के हर पहलू की गहनता से जांच के लिये उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जा रही है। समिति में महानिदेशक होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा, सचिव मध्यप्रदेश शासन, आयुक्त जबलपुर संभाग शामिल किए गए हैं। यह समिति तीन बिंदुओं पर दुर्घटना की बारीकी से जांच करेगी, जिसमें दुर्घटना के कारण, क्रूज संचालन के नियम सहित अन्य जरूरी जानकारियां भी जुटाई जाएंगी। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी, जिससे कि भविष्य में इस तरह की दु:खद घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पर्यटन विभाग के माध्यम से क्रूज संचालन से जुड़ी एसओपी तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राहत और बचाव कार्य में जुटे श्रमिकों को प्रोत्साहन स्वरूप 51-51 हजार रुपए की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बचाव दल के सभी बहादुरों को राज्य सरकार सार्वजनिक रूप से सम्मानित करेगी। रेस्क्यू टीम की जीवटता और कर्मठता से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जीवित बचाया जा सका है। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है। क्रूज बोट को खींचकर किनारे पर लाया गया है। कुछ लोग अभी लापता हैं, जिनकी हरसंभव तरीकों से तेजी से तलाश की जा रही है। जल्द ही सभी को रेस्क्यू कर लिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रूज हादसे में पीड़ित परिवारों के निवास पहुंचकर शोक संवेदनाएं व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुर्घटना के बारे में बताया कि जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार को हुए दु:खद हादसे में 9 लोगों की असमय मृत्यु हो गई। रेस्क्यू टीम ने तत्परता से कार्रवाई कर 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हादसे से पूरा प्रदेश स्तब्ध है। क्रूज हादसे के दौरान डैम के पास जल जीवन मिशन का कार्य चल रहा था, जिससे तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू हो पाया। सूचना मिलते ही लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी और जबलपुर सांसद आशीष दुबे तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गए थे। साथ ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने तत्परता से यहां राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। उप-मुख्यमंत्री और जबलपुर जिले के प्रभारी जगदीश देवड़ा भी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय सेना के गोताखोरों की भी मदद ली गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि क्रूज़ में 4 से 5 घंटे तक पानी में फंसे रहे पीड़ित रियाज को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाल लिया। पीड़ित रियाज को शायद उम्मीद भी नहीं थी कि वे जिंदा रह पाएंगे, लेकिन रेस्क्यू टीम के अथक परिश्रम से आज वे हमारे साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उन्होंने पीड़ित रियाज सहित अन्य पीड़ितों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस मुश्किल दौर में राज्य सरकार सभी परिवारों के साथ है। हमारी संवेदनाएं सभी के साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने क्रूज दुर्घटना में जान गंवाने वालों के निकटतम परिजन को 2-2 लाख रूपए और राज्य सरकार ने 4-4 लाख रुपए आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि हम सभी को मौसम विभाग द्वारा समय-समय दी जाने वाली सूचनाओं और चेतावनियों को पूरी गंभीरता के साथ अमल में लाना चाहिए। मौसम विभाग की चेतावनियां हमें सचेत करती हैं और ऐसी दुर्घटनाओं से बचाती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रूज़ हादसे में दिन-रात काम करने वाले बचाव दल के सभी जवानों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्थानीयजनों और मीडिया बंधुओं के सहयोग की प्रशंसा की।  

जबलपुर क्रूज हादसा: डूबते वक्त लाइफ जैकेट्स बांटते हुए आया नया वीडियो

जबलपुर  बरगी डैम में डूबे एमपी टूरिज्म के क्रूज से सामने आया नया वीडियो अब इस हादसे को सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि बुनियादी सुरक्षा तंत्र की भयावह विफलता के रूप में पेश कर रहा है. वीडियो अंदर की उस दहला देने वाली सच्चाई को दिखाता है, जब क्रूज के भीतर बैठे पर्यटक अचानक मौत के जाल में फंस गए. ये तस्वीरें बेहद परेशान करने वाली हैं. क्रूज के अंदर बैठे यात्री सामान्य स्थिति में नजर आते हैं, तभी अचानक तेज़ी से पानी भीतर घुसना शुरू हो जाता है. कुछ ही सेकंड में सन्नाटा चीखों में बदल जाता है. बच्चे रोते हैं, परिवार घबराकर इधर-उधर भागते हैं, और तूफानी पानी के बीच क्रूज बुरी तरह डगमगाने लगता है।  जब डूबने लगा क्रूज, तब बांटे गए लाइफ जैकेट  लेकिन सबसे चौंकाने वाला दृश्य इसके बाद सामने आता है. क्रूज स्टाफ उस समय बंधे हुए लाइफ जैकेट खोलते दिखाई देता है, जब नाव पहले ही डूबने लगी थी. यानी जब तक सुरक्षा उपकरण यात्रियों तक पहुंचते, तब तक स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी थी. कई यात्री बिना लाइफ जैकेट के नजर आते हैं. कुछ लोग सीलबंद स्टोरेज से खुद जैकेट निकालने की कोशिश करते दिखाई देते हैं. बहुतों के लिए तब तक बहुत देर हो चुकी थी।  यह वीडियो उन गंभीर आरोपों की पुष्टि करता दिख रहा है, जो जीवित बचे लोगों ने लगाए कि बुनियादी सुरक्षा नियमों का पालन नहीं हुआ, यात्रियों को समय रहते लाइफ जैकेट नहीं दी गईं और तूफान के बीच उन्हें अपने हाल पर छोड़ दिया गया. इनलैंड वेसल्स एक्ट 2021 के तहत हर यात्री को यात्रा शुरू होने से पहले लाइफ जैकेट देना और पहनाना अनिवार्य है, लेकिन शुरुआती जांच में यह नियम बुरी तरह टूटता नजर आ रहा है।  क्रूज में 29 टिकट पर सवार थे 40 पर्यटक क्रूज में 40 से अधिक पर्यटक सवार थे, जबकि टिकट सिर्फ 29 यात्रियों के जारी किए गए थे. इससे भी अधिक गंभीर तथ्य यह है कि मौसम विभाग द्वारा ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने और 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की आंधी की चेतावनी के बावजूद क्रूज को बरगी डैम में उतारा गया. अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं. चार लोग, जिनमें तीन बच्चे शामिल हैं, अब भी लापता हैं. बारिश के कारण शुक्रवार शाम सर्च ऑपरेशन रोकना पड़ा, जिसे शनिवार सुबह फिर शुरू किया गया है।  टूटे ढांचे और लोहे की छड़ों में फंसा रेस्क्यू ऑपरेशन इसके बावजूद पैरामिलिट्री टीम ने कठिन परिस्थितियों में भी अब तक पांच शव बरामद किए हैं, जिनमें  महिला ने आखिरी समय तक अपने बच्चे को कसकर पकड़े हुई थी. अब तक इस हादसे में नौ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है. रेस्क्यू ऑपरेशन में एनडीआरएफ, पैरामिलिट्री फोर्स और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार जुटी रहीं।  हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए कई जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कदम उठाए गए हैं. क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल समाप्त कर दी गई हैं. वहीं होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को निलंबित कर दिया गया है. रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।  बरगी क्रूज हादसे के तीन वीडियो ने खोली पूरी सच्चाई जांच में यह भी सामने आया है कि कई यात्रियों को शुरुआत में लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी. बाद में जब स्थिति बिगड़ने लगी, तब जैकेट बांटी गईं. इसी कारण कई लोगों को बचाने में सफलता मिली. तीनों वायरल वीडियो ने इस हादसे के कई पहलुओं को सामने रखा है. पहला वीडियो लापरवाही और अफरा-तफरी दिखाता है, दूसरा वीडियो सामान्य लगते हुए खतरे को नजरअंदाज करने की कहानी बताता है, जबकि तीसरा वीडियो हादसे के बाद की भयावह सच्चाई और रेस्क्यू की कठिनाइयों को उजागर करता है. यह हादसा अब सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की गंभीर चूक के रूप में देखा जा रहा है।  क्रूज पर चढ़ते समय नहीं दी गई थी लाइफ जैकेट 72 साल जीवित बचे यात्री रियाज हुसैन का बयान बेहद भयावह है. करीब चार घंटे तक पानी में फंसे रहे रियाज ने कहा कि किसी भी यात्री को चढ़ते समय लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी. जब क्रूज झुकने लगा, तब लोग लगभग आधे घंटे तक अफरा-तफरी में इधर-उधर भागते रहे, जबकि स्टाफ स्थिति संभालने में संघर्ष करता रहा।  दूसरे प्रत्यक्षदर्शियों ने भी दावा किया कि लाइफ जैकेट केबिन में बंद रखी गई थीं, जिन्हें यात्रियों को खुद ढूंढकर पहनना पड़ा।  इस त्रासदी की सबसे मार्मिक तस्वीर दिल्ली से आए परिवार की है. मरीना मैसी ने अपने चार वर्षीय बेटे त्रिशान को अपने ही लाइफ जैकेट में बांध लिया और अंतिम क्षण तक सीने से लगाए रखा. जब उनके शव निकाले गए, तब भी मां-बेटा एक-दूसरे से लिपटे हुए थे।  मरीना के पति प्रदीप मैसी, जो जीवित बच गए, ने दर्दनाक बयान दिया “क्रूज ऑपरेटर लगातार हमें सिर्फ बैठे रहने को कहते रहे. न लाइफ जैकेट दी गई, न कोई मदद. मुझे अचानक एक ट्यूब मिली, जिसकी मदद से मैं किनारे तक पहुंच सका. किनारे पर मौजूद लोगों ने रस्सियां फेंककर हमें बचाया।  दो घंटे बाद पहुंची रेस्क्यू टीम यह बयान पूरे संचालन तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है. हादसे के बाद बचाव कार्य में भी गंभीर देरी सामने आई. सूत्रों के मुताबिक, शाम 6:15 बजे सूचना मिलने के बावजूद पहली रेस्क्यू टीम 6:40 बजे तक रवाना नहीं हो सकी और उनका वाहन भी स्टार्ट नहीं हुआ. उपकरण दूसरी गाड़ी में शिफ्ट करने पड़े. दूसरी टीम लगभग 7 बजे रवाना हुई. यानी शुरुआती दो घंटे की यह देरी कई जिंदगियों पर भारी पड़ सकती थी।  मछुआरे-किसान बने नायक सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि शुरुआती समय में स्थानीय मछुआरे, किसान और आसपास के लोग ही वास्तविक नायक बने, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर 15 से अधिक लोगों को बचाया. बाद में NDRF और अन्य विशेषज्ञ टीमें पहुंचीं. राजनीतिक और प्रशासनिक असर तुरंत दिखा।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूरे मध्य प्रदेश में सभी क्रूज, मोटरबोट और वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों पर तत्काल रोक लगा दी है. राज्यव्यापी सेफ्टी … Read more