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भूसे से भरे ट्रक ने टूरिस्ट बस को मारी टक्कर, देवास हादसे में बड़ी संख्या में घायल

देवास. आष्टा-कन्नौद मार्ग पर सियाघाट के समीप रविवार को भूसे से भरे मिनी ट्रक व टूरिस्ट बस के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में बस सवार 30 से अधिक यात्री घायल हो गए, वहीं दोनों वाहनों के चालकों को गंभीर चोट आई है। दोनों चालकों के प्राथमिक उपचार के बाद इनको रेफर कर दिया गया। यात्रियों में किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। बताया जा रहा है टूरिस्ट बस में उत्तर प्रदेश के मेरठ के यात्री सवार थे। यह लोग ओंकारेश्वर में दर्शन करने के बाद सीहोर के लिए रवाना हुए थे। सीहोर में इनको रुककर बाद में मेरठ की ओर रवाना होना था। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मिनी ट्रक के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और वो पलट गया था। बस का अगला हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है। चालक को झपकी लगने से हादसा बस में सवार यात्री पुलकित गर्ग ने बताया ओंकारेश्वर से निकलने के बाद कुबेरेश्वर धाम सीहोर पहुंचना था। रास्ते में अल सुबह बस के चालक को झपकी लगी और हादसा हो गया। हम लोग सो रहे थे, अचानक टक्कर से बस में सवार अधिकांश लोग घायल हो गए।

शराब की बोतलों ने मुरैना के नाले को घेर लिया, लोगों में मचा हड़कंप

मुरैना. मुरैना जिले के कैलारस थाने इलाके में आने वाले सेमई गांव के नाले में बड़ी संख्या में शराब की बोतलें देख गांव में खलबली मच गई। सूचना के बाद पुलिस ने नाले से सैकड़ों बोतलों को जब्त किया। पुलिस शराब की बोतलों की गणना कर रही है, अनुमान है कि 15 पेटी से ज्यादा शराब है। रविवार की सुबह खेतों की ओर जा रहे कुछ ग्रामीणों ने सेमई के नाले में देसी शराब की बोतले पानी में ऊपर देखीं। शराब की बोतल इतनी संख्या में थीं कि नाले का पूरा पानी बोतलों से पट गया था। सूचना के बाद कैलारस थाना प्रभारी सतेंद्र सिंह कुशवाह मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से पुलिस टीम ने पानी में उतराते हुए शराब की बातलों को जब्त किया। शराब की बोतलों पर आबकारी विभाग दर्ज ग्रामीणों में चर्चा थी कि यह नकली या जहरीली शराब हो सकती है, जिसे रात के अंधेरे में नाले में फेंका गया हो। कैलारस टीआई ने नकली या जहरीली शराब की संभावनाओं से इंकार करते हुए कहा, कि शराब की बोतलों पर आबकारी विभाग दर्ज है और शराब निर्माण 2025 मध्य में हुआ है। पुलिस का अनुमान है कि मार्च महीने में शराब ठेकेदार दुकानों पर बचे हुए स्टॉक को भी नाले में फेंक गए हों। यह भी आशंका है कल रात पूरे जिले में पुलिस का कांबिंग गश्त चली थी, तब शराब तस्कर पकड़े जाने के डर से शराब की पेटियों को नाले में फेंक गए होंगे। कैलारस टीआई कुशवाह के अनुसार बोतलों की गणना के बाद ही मात्रा का सटीक पता चलेगा। इसके अलावा जांच-पड़ताल कर रहे हैं कि शराब नाले में किसने इन्हें फेंका।

प्रीमियम शराब और बीयर पर पाबंदी, मध्य प्रदेश में बढ़ा शराब संकट

भोपाल. मध्य प्रदेश में बीयर का संकट बढ़ता जा रहा है। बीयर का सीमित स्टॉक होने की वजह से आबकारी विभाग ने अन्य राज्यों में बीयर के निर्यात पर रोक लगा दी है। शराब के प्रीमियम ब्रांड का स्टॉक भी सीमित है। इसके साथ ही प्रदेश में नई शराब दुकानों के संचालन के शुरुआती दिनों में ही सप्लाई और बिलिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ठेकेदारों का कहना है कि प्रीमियम ब्रांड्स के बिना दुकान चलाना लगभग असंभव है, लेकिन इन कंपनियों के लोकप्रिय ब्रांड्स की बिलिंग ही शुरू नहीं हो पाई है। ठेकेदारों का आरोप है कि आबकारी विभाग समय पर माल उपलब्ध नहीं करा पा रहा है, जिसके कारण कई दुकानों में शुरुआती दिनों से ही बेचने के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद नहीं है। ऐसे में ठेकेदारों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब दुकान में माल ही नहीं होगा, तो वे करोड़ों रुपये की आबकारी ड्यूटी कैसे जमा करेंगे। स्थिति यह है कि आठ से 10 दिन केवल स्टॉक उपलब्ध कराने में ही निकल सकते हैं। ग्रीष्म ऋतु में बीयर सीजन का पीक पीरियड होता है। यदि इस दौरान दुकानों पर बीयर और प्रीमियम ब्रांड्स उपलब्ध नहीं हुए, तो ठेकेदारों को शुरुआती चरण में ही भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। सूत्रों के मुताबिक, यही एक बड़ा कारण है कि कई स्थानों पर ठेके उठाने को लेकर उत्साह कम दिखाई दे रहा है। कारोबारियों का कहना है कि सप्लाई, बिलिंग और ब्रांड उपलब्धता जैसे बुनियादी मुद्दे ठेका आवंटन से पहले ही अंतिम रूप से तय कर लिए जाने चाहिए थे।

एमपी में ई-बसों का विस्तार: इंदौर से रतलाम-बुरहानपुर तक सफर, 64 EV स्टेशन तैयार होंगे

इंदौर से उज्जैन, भोपाल, खरगोन, सेंधवा, खंडवा, बुरहानपुर, रतलाम, धार-मांडू और महेश्वर के लिए शुरू होंगी इलेक्ट्रिक बसें इंदौर. बीते दौर के मप्र परिवहन निगम (रोडवेज) की तर्ज पर एआइसीटीएस का विस्तार होगा। इंदौर में पहले सिटी बस से शुरुआत करने वाली कंपनी अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (एआईसीटीएसएल) का विस्तार पूरे संभाग में होगा। यह कंपनी मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपीवायपीआईएल) की सहायक कंपनी के रूप में काम करेगी। इसका पुनर्गठन करते हुए इंदौर संभाग में विस्तार किया जाएगा। शनिवार को एआईसीटीएसएल की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। एआईसीटीएसएल को नई इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा भी मिला। 26 नई इलेक्ट्रिक बसें जल्द शुरू होंगी। इनका संचालन इंदौर से जुड़े मालवा-निमाड़ के शहरों तक किया जाएगा। इसी के साथ बोर्ड बैठक में नए डिपो बनाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। वीसी के जरिए हुई बैठक वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक की अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मनीष सिंह ने की। बोर्ड बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर एवं कंपनी निदेशक शिवम वर्मा एवं संभाग के जिलों के कलेक्टर एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में नगर निगम आयुक्त एवं कंपनी निदेशक क्षितिज सिंघल, स्मार्ट सिटी कंपनी के सीईओ अर्थ जैन, आइडीए बोर्ड के सीईओ एवं कंपनी निदेशक डॉ. परीक्षित झाड़े व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बस सेवाओं का विस्तार बैठक में सार्वजनिक बस परिवहन को सुदृढ़ एवं विस्तारित करने की दिशा में कंपनी का इंदौर संभाग के सभी जिलों में औपचारिक पुनर्गठन किया गया। संभाग में विस्तार के साथ ही कंपनी का लक्ष्य संभाग में बस सेवाओं का व्यापक विस्तार भी करना है। इलेक्ट्रिक बस सेवा इंदौर से उज्जैन, भोपाल, खरगोन, सेंधवा, खंडवा, बुरहानपुर, रतलाम, धार-मांडू एवं महेश्वर के लिए शुरू की जाएगी। बोर्ड ने इस सेवा को अतिशीघ्र आरंभ करने हेतु निर्देशित किया। बताया गया कि ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की पीए ई-बस सेवा के अंतर्गत इंदौर को प्रथम चरण में 150 इलेक्ट्रिक बसें प्राप्त होने जा रही हैं। इन बसों के संचालन हेतु आइएसबीसी नायता मुंडला एवं देवास नाका पर दो इलेक्ट्रिक बस डिपो का निर्माण शुरू कर दिया गया है। बोर्ड द्वारा इंदौर शहर में 500 इलेक्ट्रिक साइकिलों के संचालन हेतु निविदा प्रक्रिया की स्वीकृति प्रदान की गई। ईवी चार्जिंग स्टेशन बनेंगे यह परियोजना यात्रियों को सुविधाजनक लास्ट माइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के साथ-साथ कंपनी को वित्तीय आय भी प्रदान करेगी। बोर्ड बैठक में पीएम ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत इंदौर शहर में सार्वजनिक उपयोग हेतु 64 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। बोर्ड द्वारा इस संबंध में प्रस्ताव प्रेषित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। सिटी बस डिपो में सीएनजी ईंधन सुविधा उपलब्ध कराने हेतु अवंतिका गैस लिमिटेड के साथ संपादित अनुबंध एवं प्रस्ताव को बोर्ड ने स्वीकृति प्रदान की।

मलबे में फंसे पिता को निकालने बेटे ने लगाया प्रयास, अनूपपुर में NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

अनूपपुर. अनूपपुर जिले के कोतमा नगर पालिका क्षेत्र में शनिवार शाम करीब 5:36 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। यहां स्थित एक लॉज की पुरानी इमारत अचानक जमींदोज हो गई। चश्मदीदों के मुताबिक, बगल में नए निर्माण के लिए खुदाई चल रही थी, तभी दीवार भरभराकर गिर पड़ी। पास की दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज में लोग अपनी जान बचाने के लिए भागते हुए नजर आ रहे हैं। इमारत गिरते ही चारों ओर धूल का गुबार छा गया। रेस्क्यू में जुटा रहा बेटा, मलबे में दबे थे पिता हादसे में मरने वालों में हरिदीन यादव (50 वर्ष) और रामकृपाल यादव (55 वर्ष) शामिल हैं। हृदयविदारक बात यह है कि नगर पालिका का जेसीबी चालक हरपाल यादव घटनास्थल पर मलबा हटाने का काम कर रहा था। करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे अस्पताल से फोन आया कि जिस मलबे को वह हटा रहा है, उसी के नीचे दबने से उसके पिता हरिदीन और मामा की जान चली गई है। मृतक हरिदीन वहां टाइल्स लगाने का काम कर रहे थे। बिना अनुमति चल रहा था निर्माण कार्य प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रामनरेश गर्ग द्वारा किए जा रहे नए निर्माण कार्य के लिए प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। लॉज के चौथे फ्लोर पर भी पाइप फिटिंग और टाइल्स का काम चल रहा था, जिसके कारण वहां कोई यात्री नहीं रुका था, अन्यथा हताहतों की संख्या और बढ़ सकती थी। प्रशासनिक मुस्तैदी और मुआवजा हादसे की खबर मिलते ही प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार, राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल, कमिश्नर सुरभि गुप्ता और कलेक्टर हर्षल पंचोली पूरी रात मौके पर डटे रहे। भिलाई और बनारस से आई एनडीआरएफ की टीमें स्निफर डॉग्स की मदद से मलबे में अन्य लोगों की तलाश कर रही हैं। कलेक्टर ने बताया कि पीड़ितों के लिए मुआवजे की घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा की जाएगी, वहीं प्रभारी मंत्री ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।

कार दुर्घटना बनी खतरा: इंदौर में पाइपलाइन टूटी, कॉलोनी में गैस फैलने से अफरा-तफरी

इंदौर. सुदामा नगर के ई-सेक्टर में बड़ा हादसा टल गया। कार की टक्कर से अवंतिका गैस की पाइप लाइन टूट गई और पूरे इलाके में हवा में गैस घुल गई। लोगों ने पाइप पकड़ने का प्रयास किया मगर प्रेशर के साथ उखड़ गया। करीब आधा घंटे तक हाहाकार मचा और लोग घरों से बाहर निकल आए। इस दौरान जरा सी चिंगारी धमाका कर सकती थी। घटना शनिवार सुबह करीब 11 बजे की है। मकान नंबर 3009 के सामने कार खड़ी हुई थी। तभी तेज रफ्तार में कार आई और चालक ने बाहर खड़ी कार में जोरदार टक्कर मारी। इससे कार आगे बढ़ गई और घर के बाहर लगे गैस पाइप को तोड़ दिया। इससे पूरी कॉलोनी में गैस फैलने लगी। रहवासी अंकित उपाध्याय, पवन शर्मा, कैलाश जायसवाल, वकील राहुल दवे सहित अन्य लोग भी एकत्र हो गए। लोगों ने पाइप जोड़ने की कोशिश की मगर गैस का दबाव इतना तेज था कि पाइप उखड़ने लगे। रहवासियों द्वारा द्वारकापुरी थाना और फायर ब्रिगेड को भी अलर्ट किया गया। करीब आधे घंटे बाद गैस कंपनी के कर्मचारी पहुंचे और सप्लाई बंद कर पाइप जोड़ा गया। रहवासियों ने कहा इस दौरान जरा सी चिंगारी पूरी कॉलोनी में आग लगा सकती थी। कंपनी को एक स्टेशन बनाना चाहिए ताकि आपातकाल स्थिति में वाल्व बंद कर सप्लाई रोक सकें। पुलिस ने टक्कर मारने वाले कार चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इंद्रलोक कॉलोनी के सिलाई कारखाने में भीषण आग सिलाई कारखाना में देर रात भीषण आग केशरबाग रोड़ पर शुक्रवार देर रात एक सिलाई कारखाना में आग लग गई। आग की लपटें दूर से दिखाई देने लगी थीं। फायरकर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण किया है। घटना इंद्रलोक कॉलोनी की है। दो मंजिला मकान में सिलाई कारखाना चलता था। रात में अचानक आग लग गई। मोती तबेला से एसआइ संतोष दुबे पानी के टैंकर लेकर पहुंचे और आग बुझाई। यह भी पढ़ें- एमपी में कक्षा 9वीं का बदला पूरा सिलेबस, बाजार से गायब हुईं NCERT की किताबें, अभिभावक परेशान संचालक की सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड एसआइ के अनुसार संचालक पीयूष द्वारा ही फायर ब्रिगेड के कंट्रोल रूम पर कॉल लगाया था। पहली और दूसरी मंजिल पर कारखाना चलाते हैं। तल मंजिल पर दुकान बना रखी है। रहवासी क्षेत्र होने से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई थी।

अब मिलेगा ज्यादा मुआवजा: सरकारी कर्मचारियों के परिजनों की अनुग्रह राशि ढाई गुना बढ़ी

भोपाल. अब तक सेवाकाल के दौरान किसी शासकीय सेवक की असामयिक मृत्यु होने पर उनके परिजनों को मिलने वाली 'अनुग्रह राशि' (Ex-gratia) की अधिकतम सीमा मात्र 50 हजार रुपये थी। बढ़ती महंगाई और आधुनिक दौर की जरूरतों के सामने यह राशि ऊंट के मुंह में जीरा के समान थी। लेकिन अब, मध्यप्रदेश सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए इस सीमा को ढाई गुना बढ़ाकर 1 लाख 25 हजार रुपये कर दिया है। वित्त विभाग के नए निर्देशों के अनुसार, अब मृतक कर्मचारी के परिवार को उनके छह माह के वेतन के बराबर राशि दी जाएगी। इसमें 'वेतन पुनरीक्षण नियम 2017' के मानकों को आधार बनाया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब अनुग्रह राशि केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक ठोस आर्थिक सहायता होगी। आदेश 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी यह नया प्रावधान 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होने जा रहा है। यानी इस तारीख या इसके बाद आने वाले सभी दुखद प्रकरणों में पीड़ित परिवारों को सवा लाख रुपये तक की मदद तत्काल मिल सकेगी। यह कदम उन छोटे कर्मचारियों (जैसे चतुर्थ श्रेणी) के लिए जीवनदान जैसा है, जिनके पास बचत के नाम पर बहुत कम संसाधन होते हैं। सवा लाख रुपये की यह राशि शायद किसी की कमी को पूरा न कर सके, लेकिन अंतिम संस्कार, तात्कालिक बिलों और बच्चों की शिक्षा जैसे शुरुआती झटकों को सहने में यह एक मजबूत लाठी का काम जरूर करेगी।

निशातपुरा रेलवे स्टेशन का उद्घाटन जल्द, भोपाल को मिलेगा नया पांचवां रेलवे स्टेशन

 भोपाल  भोपाल मेन स्टेशन के साथ ही रानी कमलापति, संतनगर, मिसरोद के अलावा निशातपुरा के रूप में राजधानी भोपाल को जल्द ही पांचवा रेलवे स्टेशन मिलने जा रहा है। रेल मंत्रालय ने निशातपुरा रेलवे स्टेशन कमीशनिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। बुनियादी सुविधाएं पूरी होने के साथ ही इसे ट्रेनों के हॉल्ट और यात्रियों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर मालवा एक्सप्रेस सहित कई अन्य ट्रेनों को हॉल्ट मिलेगा जिससे भोपाल रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ट्रैफिक वर्तमान के मुकाबले कम किया जा सकेगा। भोपाल स्टेशन पर अभी प्लेटफार्म उपलब्ध नहीं होने के चलते कई यात्री ट्रेन प्लेटफार्म खाली होने के इंतजार में आउटर पर खड़ी करनी पड़ती हैं। भोपाल रेल मंडल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की जानकारी देते हुए डीआरएम पंकज त्यागी एवं सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि भोपाल रेल मंडल में यात्री सुविधाओं में इजाफा करने के लिए नए प्रोजेक्ट लागू किए हैं। यात्री सुविधाओं में वृद्धि करने के लिए भोपाल रेल मंडल द्वारा माल परिवहन, टिकट चेकिंग अभियान, स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर आमदनी में 14 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। भोपाल रेलवे को वित्तीय 2025-26 में 896.38 करोड रुपए की आय अर्जित हुई है। इस राशि का इस्तेमाल यात्री सुविधाओं के एक्सटेंशन में किया जाएगा। इन ट्रेनों को निशातपुरा स्टेशन पर मिलेगा ठहराव डॉ. आंबेडकर नगर-श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस। इंदौर-पटना-इंदौर (शनिवार/सोमवार) साप्ताहिक एक्सप्रेस। इंदौर-पटना-इंदौर (सोमवार, बुधवार/बुधवार,शुक्रवार) द्वि-साप्ताहिक एक्सप्रेस। डा.आंबेडकर नगर-प्रयागराज जंक्शन-डा. आंबेडकर नगर एक्सप्रेस (प्रतिदिन) अहमदाबाद-पटना-अहमदाबाद (रविवार/मंगलवार) साप्ताहिक एक्सप्रेस। इंदौर-बरेली-इंदौर (गुरुवार/बुधवार) साप्ताहिक एक्सप्रेस। इंदौर-हावड़ा-इंदौर क्षिप्रा (मंगलवार, गुरुवार, शनिवार/सोमवार, गुरुवार, शनिवार) त्रि-साप्ताहिक एक्सप्रेस। भुज-शालीमार-भुज एक्सप्रेस (साप्ताहिक) यात्री सुविधाओं के एक्सटेंशन प्रोजेक्ट में भोपाल स्टेशन पर आधुनिक स्लीपिंग पॉड में फैमिली और सिंगल बेड की सुविधा को बढ़ाया जाएगा। 300 क्षमता वाला एग्जीक्यूटिव लाउंज डेवलप होगा। इंटीग्रेटेड पार्किंग सिस्टम के लिए स्टेशन के बाहर मल्टी लेवल पार्किंग भवन बनेगा। स्टेशन पर ड्रॉप एंड को फैसिलिटी की लेन बढ़ाई जाएंगी। भोपाल स्टेशन पर बनाए जा रहे सभी 6 बेस किचन और प्रीमियम ट्रेनों की मॉनिटरिंग में अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का उपयोग भोपाल स्टेशन पर बनाए जा रहे सभी 6 बेस किचन और प्रीमियम ट्रेनों की मॉनिटरिंग में अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का उपयोग किया जाएगा। जो नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, उन्हें इंटरनेट के जरिए एआइ मॉनिटरिंग से लिंक कर यह व्यवस्था बनाई जाएगी। डीआरएम पंकज त्यागी के मुताबिक रेलवे में भी अन्य विभागों की तरह एआइ बेस्ड मॉनिटरिंग लगातार बढ़ रही है। भोपाल रेलवे स्टेशन पर नई टेक्नोलॉजी के 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। सीनियर DCM बोले – भोपाल स्टेशन का दबाव कम होगा भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि निशातपुरा स्टेशन 2023 से तैयार किया जा रहा है और इसके अधिकतर कार्य पूरे हो चुके हैं। फिलहाल रेलवे द्वारा अंतिम परीक्षण किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नव वर्ष में इस स्टेशन को शुरू करने की तैयारी चल रही है। जैसे ही उद्घाटन कार्यक्रम की अनुमति प्राप्त होगी, स्टेशन को ऑपरेशन में लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब तक मालवा एक्सप्रेस और जबलपुर–वरावल (सोमनाथ) एक्सप्रेस का हॉल्ट निशातपुरा में नोटिफाई किया जा चुका है। भोपाल स्टेशन परिचालन की दृष्टि से अत्यधिक कंजस्टेड है। ट्रेनों का लगातार रिवर्सल होना यात्रियों की यात्रा में देर कराता है। निशातपुरा शुरू होने से न सिर्फ ऑपरेशन आसान होगा, बल्कि भोपाल के भीड़भाड़ वाले हिस्से में जाने का समय भी बचेगा। यात्री सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि “भविष्य में यात्रियों की मांग और लोड के आधार पर और ट्रेनों के हॉल्ट बढ़ाए जाएंगे। कई गाड़ियों के रूट और ठहराव का मूल्यांकन किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को अधिकतम सुविधा मिल सके। भोपाल स्टेशन से दो किलोमीटर दूर है निशातपुरा… भोपाल शहर में अभी 3 रेलवे स्टेशन हैं। इनमें भोपाल रेलवे स्टेशन, रानी कमलापति, संत हिरदाराम नगर शामिल हैं। निशातपुरा और मैन स्टेशन की कनेक्टिविटी बेहतर करने का भी एक प्रोजेक्ट है। संत हिरदाराम नगर स्टेशन का भी विकास कार्य चल रहा है। यह विकास कार्य पूरा होने पर यहां ट्रेनों के स्टॉपेज बढ़ेंगे। निशातपुरा NSG-3 कैटेगरी का स्टेशन होगा भोपाल में निशातपुरा स्टेशन एनएसजी-3 कैटेगरी में कर दिया गया है। इसके चलते पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, निशातपुरा स्टेशन को 2017 से पहले सी कैटेगरी में रखा गया था। स्टेशनों के वर्गीकरण के मानदंडों को नवंबर 2017 से संशोधित किया गया है। नए वर्गीकरण के अनुसार, स्टेशनों के वर्गीकरण के लिए वहां आने वाले यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखा गया है। स्टेशनों को तीन समूहों में बांटा गया है, गैर-उपनगरीय (एनएसजी), उपनगरीय (एसजी), और हाल्ट (एचजी)। इसके अलावा इन समूहों को क्रमशः 1-6, 1-3 और 1-3 ग्रेड में रखा गया है। नहीं बदलनी पड़ेगी इंजन की दिशा मालवा और ओवरनाइट एक्सप्रेस जैसी चार से ज्यादा ट्रेनें हैं, जिनके स्टॉपेज भोपाल स्टेशन पर हैं। यदि इन ट्रेनों का हाल्ट भोपाल में खत्म कर निशातपुरा तक सीमित किया जाता है, तो इनके इंजन की दिशा नहीं बदलनी पड़ेगी।इससे उन्हें सीधे इंदौर, उज्जैन और रतलाम की तरफ रवाना करना आसान हो जाएगा। वर्तमान में इन ट्रेनों के भोपाल आवागमन के दौरान इंजन की दिशा बदलने में आधे घंटे से अधिक का समय लगता है, जिसे बचाया जा सकेगा।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में एमपी ट्रांसको की ट्रांसफार्मेशन क्षमता में हुई उल्लेखनीय वृद्धि : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने अपनी स्थापित ट्रांसफार्मेशन क्षमता में वृद्धि कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंत में जहां कुल स्थापित ट्रांसफार्मेशन क्षमता 81911 एमवीए थी, वहीं मार्च 2026 की स्थिति में यह बढ़कर 84293 एमवीए हो गई है। यह वृद्धि प्रदेश की बढ़ती विद्युत मांग को सुचारु रूप से पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऊर्जा मंत्री ने जानकारी दी कि इस वित्तीय वर्ष में क्षमता विस्तार के लिए एमपी ट्रांसको द्वारा कुल 35 ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए, जिनमें 11 सब-स्टेशनों की क्षमता वृद्धि तथा 21 सब-स्टेशनों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की स्थापना शामिल है। मंत्री  तोमर ने इस उपलब्धि पर एमपी ट्रांसको के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी है। ट्रांसमिशन लाइनें हुईं 43 हजार सर्किट किलोमीटर से अधिक ऊर्जा मंत्री  तोमर ने बताया कि एमपी ट्रांसको ने इस वित्तीय वर्ष में 138 सर्किट किलोमीटर नई एक्स्ट्रा हाईटेंशन लाइनों का निर्माण कर उन्हें ऊर्जीकृत किया है। इसके परिणामस्वरूप कंपनी की कुल ट्रांसमिशन लाइनें बढ़कर 43128 सर्किट किलोमीटर हो गई हैं। पॉवर ट्रांसफार्मरों की संख्या बढ़कर हुई 1046 वर्तमान में मध्यप्रदेश में एमपी ट्रांसको अपने 417 सब-स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण कर रही है, जिनमें 400 केवी के 14, 220 केवी के 88 तथा 132 केवी के 315 सब-स्टेशन शामिल हैं। 31 मार्च 2026 की स्थिति में एमपी ट्रांसको में कुल क्रियाशील पॉवर ट्रांसफार्मरों की संख्या बढ़कर 1046 हो गई है। इनमें 400 केवी स्तर के 40, 220 केवी के 218 तथा 132 केवी स्तर के 788 ट्रांसफार्मर शामिल हैं।  

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सूरज कुण्ड को स्वच्छ और सुंदर बनाने की चली मुहिम

भोपाल जल संरक्षण व संवर्धन के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुसार सम्पूर्ण प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संरचनाओं को संरक्षित करने एवं संवारने का कार्य किया जा रहा है। ग्वालियर दुर्ग पर स्थित ऐतिहासिक सूरज कुण्ड को स्वच्छ और सुंदर बनाने के उद्देश्य से ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर के नेतृत्व में शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, गुरुद्वारा प्रबंध समिति के सदस्यों और नागरिकों ने सूरज कुण्ड की सफाई का कार्य विशेष अभियान चलाकर किया। ऊर्जा मंत्री  तोमर के नेतृत्व में सूरज कुण्ड की काई को साफ करने के लिये सभी लोगों ने मिल-जुलकर प्रयास किए। नगर निगम आयुक्त  संघ प्रिय के नेतृत्व में निगम का अमला मय संसाधनों के विशेष सफाई अभियान में लगा रहा। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने सभी से आग्रह किया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सम्पूर्ण जिले में जल संरचनाओं के संरक्षण व संवर्धन का कार्य सभी के सहयोग से हाथ में लिया जाए। बरसात का पानी अधिक से अधिक संग्रहीत हो, इसके लिये शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में सार्थक प्रयास किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जल संरक्षण का कार्य केवल सरकार के भरोसे ही नहीं बल्कि समाज के सभी वर्गों के साथ मिलकर किया जाना चाहिए।