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पर्यावरणीय मंजूरी नियमों में बदलाव, 45 दिन में ‘सिया’ ने नहीं दी प्रतिक्रिया तो मुख्य सचिव करेंगे निर्णय

भोपाल  खदान, सड़क निर्माण या अन्य परियोजनाएं हों, इनकी पर्यावरणीय स्वीकृति से जुड़े महत्वपूर्ण नियम में केंद्र सरकार बदलाव करने जा रही है। इसके प्रभावी होने पर यदि किसी परियोजना को राज्य पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन प्राधिकरण (सिया) 45 दिन तक स्वीकृति नहीं देती है तो राज्यों में मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति इस पर निर्णय करेगी। इसमें प्रमुख सचिव, पर्यावरण और प्रमुख सचिव, नगरीय विकास एवं आवास सदस्य होंगे। इसके लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने प्रारूप की अधिसूचना जारी कर सुझाव मांगे हैं। अभी ऐसी व्यवस्था है कि यदि 45 दिन तक सिया की स्वीकृति नहीं मिलती तो परियोजना अपने आप स्वीकृत मानी जाती है। मध्य प्रदेश में भी वर्ष 2025 में ऐसा मामला सामने आ चुका है। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। सभी राज्यों में सिया है। वहां भी ऐसे मामले हो सकते हैं। इसी कारण केंद्र सरकार नियम बदलने जा रही है। अपने आप अनुमति मिलने की व्यवस्था में कमी यह है कि बिना मूल्यांकन के परियोजनाएं स्वीकृत होने पर उन्हें भी अनुमति मिल जाती है, जिन्हें पात्रता नहीं होती। यानी पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की शर्तों के अनुरूप नहीं होतीं। सामान्यत: 45 दिन में स्वीकृति नहीं मिलने का बड़ा कारण सिया की बैठक नहीं होना है। नई व्यवस्था में परियोजना के पर्यावरणीय प्रभाव का मूल्यांकन करने के बाद ही अनुमति मिल पाएगी। इससे विवाद या पक्षपात की स्थिति भी नहीं बनेगी। अभी कई बार यह आरोप लगता है कि 45 दिन तक जानबूझकर बैठकें नहीं की जातीं, जिससे बिना मूल्यांकन अनुमति मिल सके।  

सीएम मोहन यादव और सीएस अनुराग जैन के बीच हुई चर्चा, एमपी में होगा बड़ा प्रशासनिक बदलाव

भोपाल  मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक बदलाव होनेवाला है। कई जिलों के कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक यानि एसपी बदले जाएंगे। इसकी कवायद तेज हो चुकी है। राज्य के आइएएस-आइपीएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल के लिए वरिष्ठ स्तर पर बातचीत चल रही है। राज्य के सीएम मोहन यादव व सीएस अनुराग जैन के बीच भी इस मुद्दे पर चर्चा हो चुकी है। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ नेतृत्व से चर्चा के बाद प्रदेश में व्यापक स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल कर आइएएस-आइपीएस अधिकारियों को नए दायित्व देने की अंदरखाने तैयारी की जा रही है। बीजेपी के स्थानीय प्रमुख नेताओं व सांसद-विधायकों से जिलास्तर के प्रमुख अधिकारियों के संबंध भी एक प्रमुख कसौटी बनी वित्तीय वर्ष 2025-26 खत्म हो चुका है और 2026-27 की शुरुआत हो गई है। प्रदेशभर के कलेक्टर-संभागायुक्तों को राजस्व संग्रहण के जो लक्ष्य मिले थे, उसके परिणाम भी सामने आ चुके हैं। एसआइआर की बंदिश तो काफी पहले ही खत्म हो चुकी हैं। प्रशासनिक दक्षता के साथ ही अधिकारियों के काम करने के तरीके व आम जनों से उनके व्यवहार को परखा जा रहा है। बीजेपी के स्थानीय प्रमुख नेताओं व सांसद-विधायकों से जिलास्तर के प्रमुख अधिकारियों के संबंध भी एक प्रमुख कसौटी बनी है। सीएम मोहन यादव व सीएस अनुराग जैन ने अच्छे व बुरे बर्ताव के कारण निशाने पर आए कई आइएएस के संबंध में बातचीत की है। निगेटिव रिपोर्ट वाले अधिकारियों को मौजूदा ओहदे से हटाकर दूसरी जिम्मेदारी देने पर चार दौर की चर्चा पूरी की जा चुकी है।  पीएचक्यू द्वारा तैयार की गई सूची पर राज्य के डीजीपी और मुख्यमंत्री के बीच एक दौर की मंत्रणा भी हो चुकी पुलिस महकमे में भी खासा बदलाव किया जाना है। कई जिलों के एसपी बदले जा सकते हैं। पीएचक्यू द्वारा तैयार की गई सूची पर राज्य के डीजीपी और मुख्यमंत्री के बीच एक दौर की मंत्रणा भी हो चुकी है। 15 जिलों के एसपी बदल सकते हैं, खंडवा, भिंड, धार, रीवा झाबुआ और दो रेल एसपी सहित 9 अधिकारी ऐसे हैं जो प्रमोट होने के बाद भी एसपी की भूमिका में चर्चा है कि 15 से ज्यादा जिलों के एसपी को इधर से उधर किया जाएगा। इसके अलावा खंडवा, भिंड, धार, रीवा और झाबुआ और दो रेल एसपी सहित 9 अधिकारी ऐसे हैं जो प्रमोट होने के बाद भी एसपी की भूमिका में तैनात है। ऐसे में इन्हें नई जिम्मेदारी मिलना तय है। साथ ही परफॉर्मेंस पर एसपी को बड़े जिलों की कमान मिल सकती है।

एमपी बोर्ड 10वीं-12वीं रिजल्ट की घोषणा 15 अप्रैल से पहले, माध्यमिक शिक्षा मंडल अंतिम चरण में, 16 लाख छात्रों का इंतजार

भोपाल  मध्यप्रदेश में एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के लाखों छात्रों का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। माध्यमिक शिक्षा मंडल इस साल 15 अप्रैल से पहले रिजल्ट जारी करने की तैयारी में है, जबकि संभावित तारीख 7 से 12 अप्रैल के बीच तय हो सकती है। स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि सभी जरूरी प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं और रिजल्ट पूरी तरह त्रुटिरहित जारी किया जाएगा। इस बार करीब 16 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, ऐसे में समय पर परिणाम घोषित कर छात्रों को आगे की पढ़ाई में कोई देरी न हो, यह विभाग की प्राथमिकता है। 16 लाख से ज्यादा छात्र हुए शामिल इस वर्ष प्रदेश में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में करीब 16 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए हैं। इनमें लगभग 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी 10वीं और करीब 7 लाख छात्र 12वीं की परीक्षा में बैठे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए परीक्षा संचालन के लिए प्रदेशभर में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। पूरे प्रदेश से बने 100 नकल प्रकरण परीक्षा को नकलमुक्त बनाने के लिए इस बार विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। फ्लाइंग स्क्वॉड, सीसीटीवी निगरानी और प्रश्नपत्र वितरण की वीडियोग्राफी जैसी व्यवस्थाएं लागू की गईं। इसके बावजूद मुरैना में सबसे ज्यादा 41 नकल के प्रकरण सामने आए, जबकि भोपाल दूसरे स्थान पर रहा, जहां 20 मामले दर्ज किए गए। वहीं, पूरे प्रदेश से करीब 100 नकल प्रकरण बने थे। अंतिम चरण में रिजल्ट की तैयारी स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि रिजल्ट जारी करने से पहले क्रॉस चेकिंग और वैरिफिकेशन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। विभाग हर स्तर पर जांच कर रहा है ताकि किसी भी तरह की गलती न रह जाए। उन्होंने कहा कि रिजल्ट पूरी तरह “फुलप्रूफ” होना चाहिए, जिससे छात्रों को कोई परेशानी न हो। संभावना है कि अप्रैल के पहले पखवाड़े में परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। एक्सपर्ट की सलाह: तनाव से बचें छात्र परीक्षा के दौरान छात्रों की सेहत को लेकर भी विशेषज्ञों ने अहम सलाह दी है। डॉक्टरों और काउंसलर्स ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उन्हें मानसिक रूप से सहयोग दें। सही दिनचर्या, पर्याप्त नींद और संतुलित आहार से बेहतर प्रदर्शन संभव है। रिजल्ट का ट्रेंड: उतार-चढ़ाव का पैटर्न     2017 में 10वीं का रिजल्ट 49.9% और 12वीं का 67.8% रहा।     2018 में 10वीं 66.54% और 12वीं 68.08% पहुंचा।     2019 में 12वीं का रिजल्ट 72.37% तक गया।     2021 में कोरोना के कारण दोनों कक्षाओं का रिजल्ट 100% रहा।     2023 में 12वीं का रिजल्ट गिरकर 55.28% पर आ गया।     2025 में सुधार दिखा, जहां 10वीं में 76.22% और 12वीं में 74.28% छात्र पास हुए। समय पर रिजल्ट, आगे की पढ़ाई में राहत शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य इस बार समय पर रिजल्ट जारी करना है, ताकि छात्र बिना देरी के अगली कक्षा या कोर्स में प्रवेश ले सकें। यदि तय समयसीमा के भीतर परिणाम घोषित हो जाते हैं, तो यह छात्रों और अभिभावकों दोनों के लिए बड़ी राहत होगी।

इंदौर के ट्रिपल लेयर ब्रिज से तीन एनएच मार्गों को मिलेगा रास्ता, पचास हजार वाहन होंगे प्रभावित

इंदौर इंदौर के बायपास पर एमआर-10 जंक्शन पर थ्री लेयर फ्लायओवर का काम 80 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। हालांकि, दो साल में फ्लायओवर का निर्माण पूरा होना था, लेकिन इसमें देरी हुई। अब यह ब्रिज अक्तूबर तक बनकर तैयार होगा। ब्रिज पर देश का सबसे बड़ा पियर कैप बनाया जा रहा है, जिसकी चौड़ाई 27 मीटर रहेगी। इसी पियर कैप के ऊपर गर्डर रखे गए हैं।  इंदौर के एमआर-10 जंक्शन पर ब्रिज बनाने की जरूरत इसलिए पड़ी, क्योंकि यहां तीन राष्ट्रीय राजमार्ग आकर मिलते हैं। एबी रोड के अलावा इंदौर-अहमदाबाद और इंदौर-नागपुर हाईवे इस जंक्शन से जुड़ते हैं। नागपुर को जोड़ने के लिए इंदौर-हरदा के लिए 25 किलोमीटर लंबा बायपास बनाया गया है। इसका ट्रैफिक अंडरपास से होकर गुजरेगा। वाहनों की एंट्री आसान हो जाएगी इस ब्रिज के निर्माण से हर दिन 50 हजार से ज्यादा वाहन चालकों को फायदा होगा। इसके अलावा इंदौर आने वाले वाहनों की एंट्री आसान हो जाएगी। अभी तक बोगदों के भीतर से वाहनों को आना पड़ता है और इस कारण कई बार ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है, लेकिन अब इससे भी राहत मिलेगी। बेस्ट प्राइस की तरफ के मार्ग से वाहन इंदौर की ओर ब्रिज के नीचे से आ सकेंगे। फ्लायओवर का एक हिस्सा जंक्शन पर बंगाली चौराहे की तरफ बना है, जबकि दूसरे सिरे का निर्माण बेस्ट प्राइस के पास हुआ है। डेढ़ किलोमीटर लंबे इस ब्रिज के नीचे एक और ब्रिज बन चुका है, जिस पर एबी रोड का ट्रैफिक गुजर रहा है। महाराष्ट्र की ओर जाने वाले वाहन इस ब्रिज का उपयोग कर रहे हैं, जबकि अंडरपास को इंदौर-हरदा मार्ग से जोड़ा गया है। अंडरपास बनकर तैयार हो चुका है। अब सड़क निर्माण स्टार चौराहा तक किया जाएगा। इंदौर-हरदा मार्ग का निर्माण भी अंतिम दौर में है। एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, मुंबई के सी लिंक की तर्ज पर ब्रिज पर एस्थेटिक केबल से लाइटिंग की जाएगी, ताकि यह आकर्षक दिखे। यह फ्लायओवर इंदौर की एंट्री का मुख्य मार्ग भी बनेगा। यहां से ज्यादातर वाहन शहर में आ-जा सकेंगे। सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि यह प्रदेश का पहला तीन स्तरीय ब्रिज है, जो राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ-साथ इंदौर की एंट्री को भी आसान बनाएगा।   

युवाओं को सशक्त बना रहा सोशल मीडिया, सीएम डॉ. यादव का बयान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वाराणसी में शुक्रवार को सोशल मीडिया की मध्यप्रदेश टूरिज्म़ इनफ्लुएंसर मीट का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोशल मीडिया वर्तमान समय में युवाओं की सबसे बड़ी ताकत बन गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई शिक्षा नीति से सनातन परंपरा के वैचारिक आधार को शिक्षा नीति में समाहित किया है। ऐसा करके युवाओं को सच्चे संस्कार के साथ विकास का अवसर दिया गया है। हमें विकास के साथ-साथ प्राचीन काल के गौरव और परंपराओं पर भी गर्व होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के माध्यम से हम बाबा विश्वनाथ के धाम में उज्जैन और मध्यप्रदेश के प्राचीन गौरव की झलक दिखा रहे हैं। सम्राट विक्रमादित्य की न्यायप्रियता, वीरता और धर्म परायणता हम सबको प्रेरित और गौरवान्वित करती है। प्रधानमंत्री मोदी ने प्राचीन गौरव के साथ विकास को नया आयाम दिया है। वाराणसी में बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर और उज्जैन में महाकाल लोक के निर्माण ने धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयां दी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्यों के बीच में सद्भाव और विकास के साथ सहयोग बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर से संवाद किया और उनके प्रश्नों के उत्तर भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश दो भाइयों की जोड़ी है। दोनों मिलकर विकास के नए प्रतिमान बनाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्यों के बीच सद्भाव और विकास के लिए सहयोग बढ़ा है। सिंहस्थ: 2028 में बनेंगे कीर्तिमान उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाला सिंहस्थ महाकुंभ अद्भुत होगा। इसमें श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जा रहा है। देश-विदेश से आने वाले सभी नागरिकों,पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या अप्रत्याशित रहेगी। इस दृष्टि से नए कीर्तिमान भी बनेंगे।  

छात्रों को झटका: 10वीं-12वीं फीस बढ़ी, बेस्ट ऑफ फाइव सिस्टम बंद

भोपाल मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नौवीं से 12वीं तक की नई प्रवेश नीति जारी कर दी है। इसके तहत 10वीं और 12वीं के परीक्षा फार्म 15 मई से भरे जाएंगे। इस बार मंडल ने 10वीं व 12वीं के परीक्षा शुल्क, नामांकन सहित फीस और अन्य शुल्कों में 25 फीसद से लेकर 80 फीसद तक की बढ़ोतरी की है, जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। शुल्क बढ़ा नई व्यवस्था के अनुसार नियमित विद्यार्थियों को अब 1200 रुपये की जगह 1500 रुपये परीक्षा शुल्क देना होगा, जबकि स्वाध्यायी विद्यार्थियों के लिए शुल्क 1600 रुपये निर्धारित किया गया है। नौवीं कक्षा में नामांकन शुल्क भी 350 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, 10 वर्ष पुरानी अंकसूची की प्रति प्राप्त करने का शुल्क 600 रुपये से बढ़ाकर एक हजार रुपये कर दिया गया है। वहीं डीएलएड परीक्षा शुल्क में भी वृद्धि की गई है। नियमित विद्यार्थियों को सभी विषयों के लिए सात हजार रुपये देने होंगे, जबकि दूसरे अवसर के लिए विषयों के अनुसार तीन हजार से सात हजार रुपये तक शुल्क तय किया गया है। वहीं, स्कूलों की संबद्धता फीस में भी इजाफा किया गया है। 10वीं के लिए सरकारी स्कूलों को 20 हजार और निजी स्कूलों को 22 हजार रुपये देने होंगे, जबकि 12वीं के लिए यह राशि क्रमशः 27 हजार और 30 हजार रुपये होगी। गलत प्रवेश पर प्राचार्य पर लगेगा जुर्माना नई नीति में नियमों को भी सख्त किया गया है। यदि किसी छात्र को गलत तरीके से प्रवेश दिया जाता है, तो संबंधित संस्था के प्राचार्य पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा। यह राशि छात्र से नहीं वसूली जाएगी। साथ ही गंभीर मामलों में संस्था की मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके अलावा, मंडल ने 10वीं कक्षा में वर्षों से लागू “बेस्ट ऑफ फाइव” प्रणाली को समाप्त कर दिया है। अब सभी विषयों के अंक अनिवार्य रूप से जोड़े जाएंगे। वहीं नौवीं में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 13 वर्ष तय की गई है। ऑनलाइन प्रक्रिया और डमी प्रवेश पत्र अनिवार्य प्रवेश नीति के अनुसार, कक्षा नौवीं का ऑनलाइन नामांकन 15 मई से 30 सितंबर तक किया जा सकेगा। वहीं 10वीं-12वीं के परीक्षा फार्म 15 मई से 15 सितंबर तक भरे जाएंगे। आवेदन पत्र में अपार आईडी नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा। परीक्षा फार्म भरने के सात दिन बाद छात्रों को डमी प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा। स्कूल प्राचार्यों को इसे डाउनलोड कर विद्यार्थियों और अभिभावकों से जानकारी का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। समय सीमा में ही सुधारा यदि किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है, तो उसे निर्धारित समय सीमा में ही सुधारा जा सकेगा। मंडल ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी संस्था द्वारा समय पर घोषणा-पत्र अपलोड नहीं किया गया, तो विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र जारी नहीं किए जाएंगे। साथ ही परीक्षा के बाद किसी भी प्रकार का संशोधन मान्य नहीं होगा।  

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध हथियारों की तस्‍करी के विरूद्ध सख्त कार्रवाई विगत तीन सप्ताह में 52 अवैध हथियार जब्त

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस अवैध हथियारों की तस्करी एवं अपराध नियंत्रण के विरुद्ध प्रदेशभर में लगातार सख्त और प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी कार्यवाही के तहत विगत तीन सप्ताह के दौरान विभिन्न जिलों से 52 अवैध हथियार जब्त कर तस्‍करों को गिरफ्तार किया है। प्रमुख कार्यवाही इंदौर जिले के द्वारकापुरी थाना क्षेत्र से पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (टेलीग्राम एवं इंस्टाग्राम) के माध्यम से ग्राहकों से संपर्क स्थापित कर अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 06 देशी पिस्टल एवं 04 जिंदा कारतूस बरामद किए है। वहीं, इंदौर ग्रामीण के थाना मानपुर में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 04 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 पिस्टल जब्त की है। इस प्रकार इन दोनों कार्रवाइयों में पुलिस ने कुल 16 अवैध हथियार जप्‍त किये है। खरगोन जिले में थाना गोगावां पुलिस ने अंतर्राज्यीय हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उत्तरप्रदेश एवं हरियाणा के आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 देशी पिस्टल एवं 05 देशी कट्टे (कुल 15 अवैध हथियार) तथा एक मोटरसाइकिल जब्त की। इसके अलावा थाना गोगावां एवं थाना भीकनगाँव पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए 03 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 08 देशी पिस्टल एवं 02 मोटरसाइकिल जब्त की हैं। इस प्रकार खरगोन जिले में कुल 23 अवैध हथियार जब्त किए गए हैं। बड़वानी थाना निवाली में पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक अवैध हथियार तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 07 देशी पिस्टल की है। जबलपुर जिले में क्राइम ब्रांच एवं थाना पाटन पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए अवैध हथियारों के कारोबार में लिप्त 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 04 देशी पिस्टल, 08 कारतूस, 03 मोबाइल फोन एवं एक कार जब्त की है। आरोपियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। बुरहानपुर थाना खकनार में अंतर्राज्यीय अवैध हथियार तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए पंजाब के 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 02 हस्तनिर्मित पिस्टल जब्त की हैं। इन सभी कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस अवैध हथियारों की तस्करी के विरुद्ध सतत सतर्कता एवं दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है। पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के चलते अपराधियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे प्रदेश में कानून-व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो रही है।  

दमोह के डायल-112 हीरोज सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 03 व्यक्तियों को पहुँचाया अस्पताल

भोपाल  दमोह जिले के थाना हटा क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्पर एवं संवेदनशील कार्रवाई से दो मोटर साइकिल की टक्कर में गंभीर रूप से घायल तीन व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। इस त्वरित कार्रवाई से घायलों को शीघ्र चिकित्सकीय सहायता मिल सकी। दिनांक 02 अप्रैल को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना हटा क्षेत्र अंतर्गत सेमरी फतेहपुर के पास दो मोटर साइकिल की आपसी टक्कर में 03 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं एवं तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही हटा थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ आरक्षक  देवेन्द्र आठिया एवं पायलट  राम पटेल ने दुर्घटना में घायल तीनों व्यक्तियों को तत्काल सहायता प्रदान करते हुए त्वरित राहत कार्य प्रारंभ किया गया। डायल-112 जवानों ने सभी घायलों को एफआरव्ही वाहन की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हटा पहुँचाया, जहाँ उनका उपचार किया जा रहा है। डायल-112 की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई से घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध हो सका। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में आमजन की सहायता हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।  

राजेन्द्र भारती के मामले में विधि सम्मत कार्रवाई: मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर

भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने मीडिया से चर्चा में कहा कि दतिया से निर्वाचित विधायक राजेन्द्र भारती को माननीय विशेष जिला न्यायालय, नई दिल्ली ने तीन वर्ष के कारावास एवं 1 लाख रूपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। इस आदेश के उपरांत माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 10 जुलाई, 2013 के आदेश का पालन करते हुए राजेन्द्र भारती की सदस्यता 2 अप्रैल, 2026 से शून्य कर दी गई है। इस आदेश का पालन करते हुए विधानसभा सचिवालय ने एक स्थान रिक्त होने का गजट नोटिफिकेशन जारी किया है।लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 (3) का प्रावधान है कि यदि किसी व्यक्ति का दोषसिद्ध होने पर दो वर्ष या उससे अधिक की कारावास की सजा दी जाती है, तो वह दोषसिद्धि की तिथि से ही अयोग्य हो जाता है। राजेंद्र भारती के मामले में 3 वर्ष की सजा होने से यह प्रावधान पूरी तरह लागू होता है तथा विधायक की सीट स्वतः रिक्त हो जाती है। अत: यह कार्रवाई विधि सम्मत हुई है। यह पहला मामला नहीं है जब यह कार्रवाई हुई है। पूर्व में भी श्रीमती आशा रानी सिंह की सदस्यता उन्हें 10 वर्ष की सज़ा होने पर इसी आधार समाप्त की गई थी। 2019 में प्रह्लाद लोधी की भी सदस्यता इसी प्रकार 2 वर्ष की सज़ा होने पर समाप्त की गई थी फिर वह हाई कोर्ट से स्थग्न ले आये थे तो उनकी सदस्यता बहाल की गई थी। एक प्रश्न के जवाब में तोमर ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के रूप में उन्होंने सदैव दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर कार्य किया है।  विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा गुरुवार रात दिल्ली से लौटे थे। वे गुरुवार रात को आवश्यक शासकीय कार्य करने के लिए सचिवालय आए थे। साथ में उनका स्टाफ भी था। रविवार 5 अप्रैल को विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष माननीय यज्ञदत्त शर्मा जी की जयंती समारोपूर्वक मनाई जाना है। शुक्रवार 3 अप्रैल को गुड फ्राडडे तथा 4 अप्रैल को शनिवार का अवकाश है। इस कारण सचिवालय 5 अप्रैल के आयोजन की तैयारी कर रहा था।  तोमर ने कहा कि अदालत के आदेश का पालन किया गया है। आगे भी न्यायालय जैसा निर्णय देगा हम वैसा पालन करेंगे।

दीवाल लेखन कर MSW छात्रा द्वारा जल संरक्षण के लिए किया जा रहा जागरूक- जन अभियान परिषद

उमरिया  मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार जल गंगा संवर्धन अभियान पुरे मध्यप्रदेश मे चालया जा रहा है  अभियान अंतर्गत जिला समन्वयक  रविन्द्र शुक्ला के निर्देश पर विकासखंड करकेली के सेक्टर 2 निगहरी के परामर्शदाता संतोष त्रिपाठी के मार्गदर्शन मे MSW छात्रा साक्षी जैन    द्वारा दीवार लेखन कर जल स्त्रोतो व जल संरक्षण के प्रति  समाज को जागरूक किया जा रहा है । साक्षी जैन द्वारा समस्त समाज से आग्रह किया गया कि आप सभी भी इस अभियान का हिस्सा बनें और जल संरक्षण हेतु प्रेरित करें , जब सर्व समाज एक जुट होकर आगे बढ़ेगा तो हम सभी के प्रयास से यह अभियान सफलतम रास्ते पर अग्रसर रहेगा ।