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राज्यपाल ने जननायक टंट्या भील के स्मारक पर अर्पित किए श्रद्धासुमन

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है  कि देश की आजादी के आंदोलन में भगवान बिरसा मुंडा, टंट्या भील, भीमा नायक, शंकर शाह, रघुनाथ शाह जैसे  जनजातीय जननायकों का योगदान अभूतपूर्व और  अभिनंदनीय है राज्यपाल  पटेल खंडवा जिले के ग्राम बड़ौदा अहीर में जननायक टंट्या भील के स्मारक पर जननायक टंट्या भील के जन्म दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को शनिवार को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में जननायक टंट्या भील की वंशज मती सोनीबाई और  मांगीलाल का शॉल-फल प्रदान कर सम्मान किया। आयुष्मान, सिकल सेल कार्ड, रक्त मित्रों, सिकल सेल मित्र को प्रशस्ति पत्र और प्रमाण पत्र प्रदान किए। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र, कामधेनु योजना के  हितग्राही को 35 लाख 70 हज़ार रुपये की राशि का चेक वितरित किया। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास कर रहा है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री जन मन योजना, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाऐं समाज के सबसे गरीब परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि “धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना” आदिवासी बहुल क्षेत्रों के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है।  राज्यपाल  पटेल ने कहा कि सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को मिलकर प्रयास करना चाहिए कि सरकार की योजनाएं दूरस्थ, अंतिम छोर के गांवों के सबसे गरीब व्यक्ति तक पहुंचे। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने  जननायक टंट्या भील स्मारक स्थल पर हर वर्ष 4 से 6 अप्रैल तक तीन दिवसीय मेले का संस्कृति और जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संयुक्त आयोजन करने  और कार्यक्रम स्थल पर शेड निर्माण हेतु 50 लाख रूपए स्वीकृत करने की घोषणा की। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि आदिवासी लोक संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी जन योद्धाओं के योगदान विषय पर पीएचडी करने वाले विद्यार्थियों को जनजाति कार्य विभाग की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।  खण्डवा जिले के प्रभारी एवं पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेंन्द्रभाव सिंह लोधी ने कहा कि जननायक टंट्या भील को इतिहास में “इंडियन रोबिनहुड” के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि  देश की आजादी की लड़ाई में सर्वस्व न्यौछावर करने और  गरीबों की मदद तथा उनकी बेटियों की शादी मे मदद  करने के कार्यों से लोग “टंट्या मामा” कहा करते थे।   स्थानीय सांसद  ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी की केंद्र ओर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की राज्य सरकारें जनजातीय कल्याण के लिए बहुत कार्य कर रही है। उन्होंने राज्यपाल के सिकल सेल उन्मूलन कार्यो की सराहना की। खरगोन-बड़वानी सांसद  गजेंद्र सिंह पटेल और विधायक मती छाया मोरे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। विद्यार्थियों के साथ सहभोज और संवाद किया  राज्यपाल  पटेल ने खंडवा के बड़ौदा अहीर में विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ सहभोज और संवाद किया। उन्हें लेखन सामग्री प्रदान कर उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। विद्यालय निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों के इंजीनियर, डॉक्टर इत्यादि की वेशभूषा में विद्यालय की दीवार पर लगे चित्रों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्हें बताया गया कि विद्यार्थियों की भावी जीवन की आकांक्षाओं के लिए प्रेरित करने के भाव से एआई के द्वारा चित्र तैयार कराए गए हैं। उद्देश्य चित्रों के प्रतिदिन अवलोकन से विद्यार्थियों नई प्रेरणा और ऊर्जा प्रदान करना है। राज्यपाल ने जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना की है।  

निःशुल्क प्रशिक्षण से मिली गौरवपूर्ण सफलता

भोपाल पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा एवं उप पुलिस महानिरीक्षक डॉ विनीत कपूर के मार्गदर्शन में प्रदेश के प्रत्येक जिले एवं बटालियन में संचालित दिशा लर्निंग सेंटर के माध्यम से दी जा रही निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण फिजिकल ट्रेनिंग जिले के युवाओं को निरंतर सफलता की ओर अग्रसर कर रही है। यह पहल न केवल युवाओं के आत्मविश्वास को सशक्त कर रही है, बल्कि उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए भी प्रेरित कर रही है। इसी राज्य स्तरीय “दिशा लर्निंग सेंटर” कार्यक्रम के अंतर्गत  छिंदवाड़ा पुलिस द्वारा युवाओं को दी जा रही निःशुल्क फिजिकल ट्रेनिंग का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। पुलिस लाइन छिंदवाड़ा में संचालित इस केंद्र के माध्यम से अभ्यर्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विभिन्न सुरक्षा बलों में चयन प्राप्त कर जिले का नाम गौरवान्वित किया है। इस उपलब्धि के अंतर्गत कुल 17 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, जिनमें 11 अभ्यर्थी रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) में तथा 6 अभ्यर्थी SSC GD के माध्यम से बीएसएफ, सीआईएसएफ एवं सीआरपीएफ में चयनित हुए हैं। चयनित अभ्यर्थियों में लोकेश सरियाम, ऋतिक सोनी, सत्येंद्र बालवंशी, अंकित धुर्वे, सुकामिनी परतेती एवं सुसाधना पहाड़े ने SSC GD के तहत विभिन्न अर्धसैनिक बलों में सफलता प्राप्त की है, जबकि मनोज वानखेड़े, दिलीप साहू, अभिषेक सोलंकी, अभिषेक सूर्यवंशी, कुलदीप कुमार, राहुल रघुवंशी, कैलाश वनेश्वर, रंजीत साहू, राम घोटे, निकेत साहू एवं सुभावना फकारे का चयन RPF कॉन्स्टेबल के रूप में हुआ है। यह सफलता छिंदवाड़ा पुलिस के सतत प्रयासों, समर्पण एवं प्रभावी मार्गदर्शन का परिणाम है।  छिंदवाड़ा अजय पांडे एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के निर्देशन में रक्षित निरीक्षक आशीष तिवारी एवं आरक्षक विजय इनवाती द्वारा अपने नियमित दायित्वों के साथ-साथ विशेष मेहनत एवं प्रतिबद्धता के साथ अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे यह उपलब्धि संभव हो सकी।  उल्लेखनीय है कि “दिशा लर्निंग सेंटर”  केवल फिजिकल ट्रेनिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पुलिस परिवार के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु एक समग्र मंच प्रदान करता है। इस केंद्र में  SSC, व्यापम एवं पुलिस भर्ती से संबंधित 500 से अधिक पुस्तकें, पत्रिकाएं एवं समाचार पत्र उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क वाई-फाई, कंप्यूटर एवं इंटरनेट सुविधा उपलब्ध है, जिससे वे ऑनलाइन अध्ययन एवं शोध कार्य कर सकें। इसके अतिरिक्त, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों एवं विशेषज्ञों द्वारा समय-समय पर करियर काउंसलिंग एवं मोटिवेशनल सत्र आयोजित कर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया जाता है।  

प्रशासनिक दक्षता को मिलेगा नया आयाम

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भौंरी भोपाल में दिनांक 01 एवं 02 अप्रैल को “कार्यालीन प्रक्रिया, अवकाश, पेंशन, ग्रेजुएटी, खाते रिकॉर्ड, सेवा पुस्तिका एवं विभिन्न प्रकार की सहायता संबंधी प्रावधान” विषय पर दो दिवसीय सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। इस सेमिनार का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सेवा संबंधी नियमों एवं कार्यालयीन प्रक्रियाओं की गहन एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना रहा। कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक (ग्रामीण), भोपाल संजय तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कार्यालीन प्रक्रियाओं की शुद्धता एवं समयबद्धता को प्रशासनिक कार्यकुशलता का आधार बताते हुए अधिकारियों को नियमों की स्पष्ट समझ विकसित करने पर बल दिया। सेमिनार में प्रदेश की विभिन्न पुलिस इकाइयों से आए प्रतिभागियों के साथ-साथ प्रशिक्षणरत 44वें उप पुलिस अधीक्षक बैच के अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रशिक्षण सत्रों के दौरान अवकाश, पेंशन, ग्रेच्युटी, सेवा पुस्तिका संधारण, लेखा अभिलेखों के रख-रखाव एवं अन्य सेवा संबंधी प्रावधानों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी प्रदान की गई, जिससे प्रतिभागियों को अपने दैनिक कार्यों में इन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस विभाग की प्रशासनिक दक्षता एवं कार्यकुशलता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा, जिससे विभागीय कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता एवं प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सकेगी। इस अवसर पर मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के उप निदेशक संजय कुमार अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं स्टाफ मौजूद रहे।  

दोपहर बाद बदला मिजाज: ग्वालियर में ओलावृष्टि का कहर, बाइक-कारों के शीशे चकनाचूर

ग्वालियर ग्वालियर में शनिवार का सूरज तीखे तेवर लेकर निकला था, लेकिन दोपहर होते-होते कुदरत ने अपना रौद्र रूप दिखा दिया. अचानक आए घने बादलों के बाद ऐसी भयानक ओलावृष्टि हुई कि शहर के पॉश इलाके सिटी सेंटर की सड़कें सफेद चादर से ढक गईं. यह नजारा देखने में जितना सुंदर था, शहर के लिए उतना ही नुकसानदेह साबित हुआ. ओलों का आकार इतना बड़ा था कि ग्वालियर की शान महाराजा बाड़ा स्थित म्यूजियम के ऊपर लगी ऐतिहासिक घड़ी ओलों की चोट से टूट गई है. शहर के एक निजी अस्पताल की बाउंड्री वॉल गिरने से उसके नीचे खड़ी कई कारें दब गईं. यही नहीं, ओलों के सीधे प्रहार से सड़कों के किनारे और पार्किंग में खड़े बाइक और कारों के शीशे तक चकनाचूर हो गए. पद्मा स्कूल में बाइक के कांच फूटे हालात कुछ ऐसे हो गए कि शहर के मुरार, आनंद नगर, बहोड़ापुर, विनय नगर समेत सिटी सेंटर इलाकों में इतनी अधिक ओलावृष्टि हुई कि वहां सफेद चादर पसर गई. कश्मीर जैसा मंजर दिखाई देने लगा. पद्मा राजे कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल का दृश्य देखें:-  किसानों पर मार एक तरफ शहरवासियों को गर्मी से राहत मिली, तो दूसरी तरफ अन्नदाता के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गईं. खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार खड़ी थी, जिसे इस ओलावृष्टि ने जमीन पर बिछा दिया है. फसल खराब होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है. देखें VIDEO:-  सटीक निकली IMD की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को ही पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की चेतावनी दी थी. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, भूमध्य सागर से उठी इन हवाओं ने जेट स्ट्रीम के सहारे भारत पहुंचकर मध्य प्रदेश और राजस्थान में असर दिखाना शुरू कर दिया है विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि 7 अप्रैल तक गरज-चमक और ओलावृष्टि का यह सिलसिला जारी रह सकता है. इस साल मार्च में सामान्य से कहीं अधिक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहे, जिसका असर अब अप्रैल की शुरुआत में भी दिख रहा है. 

मारुति नगर से गायब दो नाबालिग छात्राएं, फेल होने के बाद उठाया कदम; सर्किट हाउस तक पहुंची पुलिस

सतना शहर के मारुति नगर क्षेत्र से दो नाबालिग बच्चियों के अचानक लापता हो जाने से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। परिजनों की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोनों लड़कियां लगभग 24 घंटे से लापता हैं। शुरुआत की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि दोनों दो-दो विषय में फेल हुई थीं। फिलहाल पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में दोनों पैदल चलती दिखाई दे रही हैं। क्या है मामला प्राप्त जानकारी के अनुसार लापता छात्राओं में से एक रामशिरोमणि शुक्ला निवासी सितपुरा नागौद हाल निवास शारदा कॉलोनी मारुति नगर की पुत्री अंजली शुक्ला (14 वर्ष) और पड़ोसी दिनेश सिंह परिहार की पुत्री अदिति सिंह परिहार (14 वर्ष) निवासी अकौना साठिया हाल मारुति नगर शारदा कॉलोनी शुक्रवार की सुबह 10:30 बजे से लापता हैं। कक्षा आठवीं में खराब हुआ है रिजल्ट कोतवाली थाना में दर्ज एफआईआर के अनुसार अंजली शुक्ला कक्षा 8वीं की छात्रा है और संत कुंज आदर्श विद्यापीठ बरदाडीह में पढ़ती है। अदिति सिंह परिहार (14 वर्ष) क्राइस्ट ज्योति स्कूल सतना की छात्रा है। दोनों का रिजल्ट खराब हुआ है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि फेल होने से दोनों ने यह कदम उठाया, वहीं परिजनों ने अज्ञात व्यक्ति पर बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका भी जताई है। सीसीटीवी में पैदल चलती दिखीं दोनों छात्राओं के लापता होने की सूचना के बाद सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज चेक किए। घर के पास लगे फुटेज में दोनों पैदल चलती हुई नजर आ रही हैं। बताया गया है कि पुलिस को सर्किट हाउस तक की लोकेशन मिली है।  

सीएम मोहन यादव ने काशी की कचौड़ी-पूरी का लिया लुत्फ, उनकी सादगी ने लोगों का दिल जीता

भोपाल  मुख्यमंत्री मोहन यादव अपने वाराणसी दौरे के दौरान एक अलग अंदाज में नजर आए। उन्होंने यहां के मशहूर स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लिया, जिसकी तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। एयरपोर्ट जाते समय सीएम का काफिला अचानक मिंट हाउस स्थित श्रीराम भंडार पर रुक गया। यहां उन्होंने बनारस की प्रसिद्ध कचौड़ी, पूरी-राम भाजी और जलेबी का आनंद लिया। बता दें मुख्यमंत्री  मोहन यादव का काफिला जब वाराणसी में एयरपोर्ट की ओर जा रहा था, तभी वे मिंट हाउस स्थित श्रीराम भंडार पर अचानक रुक गए। यहां उन्होंने बनारस की मशहूर कचौड़ी, पूरी-राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के हर प्रांत और शहर की अपनी विशिष्ट खान-पान संस्कृति होती है, जो वहां की पहचान को दर्शाती है। स्थानीय स्वाद और पारंपरिक व्यंजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।   लोगों के बीच सहज सीएम डॉ. यादव मुख्यमंत्री के इस सहज और सरल व्यवहार ने आम लोगों का दिल जीत लिया। स्थानीय लोगों ने भी उनसे मुलाकात कर खुशी जाहिर की और उनके इस अंदाज की सराहना की। कई लोगों ने उनसे संवाद भी किया। लोगों का कहना था कि डॉ. मोहन यादव से मिलकर ये लगा ही नहीं कि वे किसी मुख्यमंत्री से बात कर रहे हैं।  मेरा सौभाग्य है कि बाबा ने 7 दिन में 2 बार बुलाया सीएम मोहन यादव ने कहा- बाबा विश्वनाथ की कृपा से उन्हें 7 दिन में 2 बार काशी आने का अवसर मिला। यह मेरा सौभाग्य है। शहर में आध्यात्मिक ऊर्जा है। सीएम ने काशी में आयोजित विक्रमादित्य पर आधारित महानाट्य की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तुति बेहद अद्भुत है और जो भी काशी आए, वह इसे जरूर देखे। 3 अप्रैल को विक्रमोत्सव 2026 के महानाट्य मंचन का शुभारंभ किया 3 अप्रैल को सीएम योगी और मध्य प्रदेश सीएम मोहन यादव ने विक्रमोत्सव 2026 के महानाट्य मंचन का शुभारंभ किया। इस दौरान सीएम मोहन यादव ने योगी को वैदिक घड़ी भी भेंट की। मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव ने कहा- मुख्यमंत्री योगीजी ने जो कहा, वह काफी महत्वपूर्ण है। 3 भाइयों की जोड़ी जगत में विख्यात है। भाइयों के बीच कैसा संबंध होना चाहिए, इसका उदाहरण भगवान श्रीकृष्ण और बलराम जी की जोड़ी से मिलता है। उसी प्रकार भर्तृहरि और महाराज विक्रमादित्य की जोड़ी भी उतनी ही प्रसिद्ध है। विक्रमादित्य की परंपरा में महाराज भर्तृहरि नाथ संप्रदाय में प्रतिष्ठित हुए। उनकी दीक्षा की भूमि उज्जैन थी। उनकी साधना की भूमि काशी के निकट चुनार का किला था। कहा जाता है कि चुनार किले का निर्माण भी महाराज भर्तृहरि के नाम से जुड़ा है। जब इस नाट्य रूपांतरण की प्रस्तुति का प्रस्ताव मध्यप्रदेश सरकार के समक्ष आया, तो मेरा पहला सुझाव था कि इसका आयोजन काशी में किया जाए।

भोपाल में अधिकारी बने शिक्षक, 102 स्कूलों में अफसरों ने दी क्लास और बच्चों से किया संवाद

भोपाल/ इंदौर  इंदौर-उज्जैन समेत प्रदेशभर में 1 अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत हो गई है। स्कूलों में पहले दिन विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। इस दौरान बाल सभाओं का आयोजन हुआ। साथ ही छात्रों को पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी किया गया। अब ‘स्कूल चलें हम’ अभियान के तहत 4 अप्रैल को प्रदेशभर के स्कूलों में कलेक्टर समेत प्रशासनिक अधिकारी कक्षाएं लेने पहुंचे। इंदौर जिले में 162 प्रशासनिक अधिकारी सरकारी स्कूलों में पहुंचे। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा प्रताप नगर स्थित आश्रम क्रमांक-2 में विद्यार्थियों से संवाद किया। इधर, राजधानी भोपाल में 102 स्कूलों में 102 अधिकारी छात्रों के साथ चर्चा की। वहीं, उज्जैन में 106 अधिकारी स्कूलों में पहुंचे। सत्र के पहले दिन स्कूलों में विशेष मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था की गई। शिक्षा विभाग द्वारा कार्यक्रमों की लगातार समीक्षा की जा रही है, ताकि सत्र की शुरुआत व्यवस्थित रूप से हो सके। इंदौर निगम कमिश्नर स्कूल पहुंचे इंदौर नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल नेहरू पार्क स्थित बाल विनय मंदिर स्कूल पहुंचे, जहां उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया और उनके प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स को समझा। इस दौरान उन्होंने छात्रों से बातचीत कर उनकी सीखने की प्रक्रिया को करीब से देखा। सिंघल ने कहा कि यह अनुभव उनके लिए बेहद खास रहा। बच्चों का आत्मविश्वास देखकर उन्हें खुशी हुई और उनके द्वारा प्रोजेक्ट्स की प्रस्तुति ने उन्हें अपने स्कूल के दिनों की याद दिला दी। उन्होंने लैब में बच्चों के काम की सराहना करते हुए कहा कि यही बच्चे देश का भविष्य हैं। कलेक्टर बोले-कभी निराश न हों कलेक्टर शिवम वर्मा प्रताप नगर स्थित आश्रम क्रमांक-2 पहुंचे। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि कभी निराश ना हों। प्रतियोगिता में भाग लेना ही बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने अपने जीवन के बारे में बताया कि एक छोटे से गांव से उन्होंने पढ़ाई शुरू की। इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश को अपना लक्ष्य बनाया और इसे पूरा भी किया। बाद में एक ऑयल कंपनी में नौकरी करते हुए यूपीएससी की तैयारी की और सफल हुए। घर-घर संपर्क से बढ़ेगा नामांकन सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षकों को घर-घर संपर्क अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक स्कूल से एक शिक्षक अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को प्रवेश के लिए प्रेरित करेगा। 85% से अधिक अंक वालों के अभिभावकों का सम्मान पिछले सत्र में 85% से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को स्कूल स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे छात्रों का मनोबल बढ़ेगा। शिक्षा विभाग का लक्ष्य नर्सरी से 12वीं तक के सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों की तर्ज पर विकसित करना है। इसके लिए सत्र की शुरुआत से ही शैक्षणिक गतिविधियों की कार्ययोजना लागू की जा रही है। नए सत्र के साथ खास शुरुआत प्रदेशभर में 1 अप्रैल से शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत हो चुकी है। भोपाल में भी पहले दिन स्कूलों में विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। स्कूलों में बाल सभाएं आयोजित हुईं और बच्चों को पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया गया।  अभियान का उद्देश्य: बढ़े नामांकन इस पहल का मकसद सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाना और पढ़ाई के प्रति बच्चों की रुचि बढ़ाना है। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को घर-घर संपर्क अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। हर स्कूल से एक शिक्षक अभिभावकों से मिलकर बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलाने के लिए प्रेरित करेगा। अभिभावकों का भी होगा सम्मान पिछले सत्र में 85% से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को स्कूल स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे छात्रों का मनोबल बढ़ेगा और पढ़ाई के प्रति सकारात्मक माहौल बनेगा। सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने की तैयारी शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि नर्सरी से लेकर 12वीं तक के सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के बराबर सुविधाएं और गुणवत्ता दी जाए। इसी को ध्यान में रखते हुए सत्र की शुरुआत से ही अलग-अलग शैक्षणिक गतिविधियों की योजना लागू की जा रही है। 

कमलनाथ का बड़ा बयान: भारत में पेट्रोल-डीज़ल और गैस की कोई कमी नहीं है

भोपाल  कांग्रेस नेता कमलनाथ के देश में LPG गैस क्राइसिस पर दिए गए बयान के बाद अब BJP ने कांग्रेस और राहुल गांधी के एलपीजी क्राइसिस को लेकर घेरना शुरू कर दिया है। सबसे आगे केंद्रीय मंत्री सिंधिया आए, जिन्होंने कहा कि कमलनाथ ने राहुल गांधी और कांग्रेस के आरोपों की पोल खोल दी है, शर्म आना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने X हैंडल पर एक पोस्ट शेयर की है। इसमें उन्होंने लिखा है कि 'अब तो कांग्रेस नेता कमलनाथ जी ने भी स्वयं कह दिया है कि देश में पेट्रोल-डीजल और गैस की कोई कमी नहीं है' 'झूठ और भ्रम के बलबूते जनता को इतने दिनों तक गुमराह कर रही कांग्रेस को अब शर्म आना चाहिए। अब समय है कि कांग्रेस जनता में डर और विश्वास पैदा कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना बंद कर दे।' क्या है मामला, ऐसे समझें     कमलनाथ ने गैस क्राइसिस पर बयान दिया था     उन्होंने कहा था, गैस की ऐसी कोई कमी नहीं है     उनका बयान पार्टी लाइन से इतर आया था     भाजपा ने तत्काल इसे कांग्रेस लपक लिया     सिंधिया ने कहा, कांग्रेस जनता को गुमराह कर रही     कांग्रेस को शर्म आना चाहिए कमलनाथ का वीडियो भी शेयर किया है मंत्री सिंधिया ने भाजपा मध्य प्रदेश के X की पोस्ट को शेयर किया था, जिसमें पार्टी ने लिखा था कि 'अब तो कांग्रेस नेता कमलनाथ ने भी राहुल गांधी द्वारा एलपीजी को लेकर फैलाए जा रहे प्रोपेगेंडा की पोल खोल दी' इसमें कमलनाथ का छिंदवाड़ा का वह वीडियो भी लगाया गया था, जिसमें कमलनाथ ने कहा था कि, गैस की कमी नहीं है, सिस्टम में गड़बड़ी है और एक भ्रम फैलाया गया है। कमलनाथ ने LPG पर क्या कहा था दरअसल बीते रोज कमलनाथ छिंदवाड़ा आए थे। उन्होंने हेलीपेड पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि, 'गैस की कोई कमी नहीं है, यह अव्यवस्था है, लेकिन माहौल बना दिया कि कमी है।' उनके इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं। उनका यह बयान पार्टी लाइन से हटकर दिया है। कांग्रेस पार्टी पूरे देश में एलपीजी और पेट्रोलियम क्राइसिस को लेकर MP सहित पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन कर रही है। जबकि कमलनाथ कह रहे हैं कि ऐसी कोई कमी नहीं है। BJP ने मौके को तत्काल लपक लिया कमलनाथ का 'गैस ऐसी कोई कमी नहीं है' बयान को BJP ने तत्काल पलक लिया और इसके 'कांग्रेस के गैस की क्राइसिस कैंपेन' की हवा निकालने के लिए उपयोग कर रही है। भाजपा इस मौके को कतई छोड़ने वाली नहीं है। MP से लेकर दिल्ली तक भाजपा ने इसको लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

आग का कहर किसान की फसल जलकर खाक

 राजनगर     राजनगर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम राजामोटा ग्राम पंचायत सूरजपुर की किसान मेदा पाल पति मइयादीन पाल उम्र 45 साल निवासी राजामोटे थाना बमीठा की थाना उपस्थित आकर मौखिक रिपोर्ट किया कि में उक्त पते की रहने वाली हू । घरु एवं खेती किसानी का काम करती हू । मेरी राई की फसल मेरे खेत कुआ के पास मे गल्ले में इकट्ठी रखी थी। जो आज दिनाक 03/04/ 26 के शाम करीबन 4.30 बजे राई की कटी फसल में आग लग गई। जिसे मैने एवं परिवार के लोगों व गांव के लोगो द्वारा आग बुझाई गई। आग लगने से कटी राई की फसल पूरी तरह जल गई है जिससे करीबन 20 से 22 क्वटल राई कीमत करीब 1 लाख रुपये का नुकसान हो गया है। राइ के गल्ले में आग कैसे लगी मुझे कोई जानकारी  नही  लग पाई है  आग लगने के संबंध में किसी पर कोई शक सदेह नही है  थाना जाकर  रिपोर्ट दर्ज कर ली गईं हैं पुलिस जांच में जुटी.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा – ‘सम्राट विक्रमादित्य’ महानाट्य सुशासन का अहम संदेश देता है

सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन का संदेश देता है महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी राज्यों में परस्पर सहयोग को बढ़ाने का कर रहे हैं महत्वपूर्ण कार्य सुशासन से गढ़ा जा रहा है नया इतिहास सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य प्रतिभाओं का मंच, युवा पीढ़ी को सार्थक संदेश बाबा विश्वनाथ और बाबा महाकाल की धरा को जोड़ा है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने : उ.प्र. मुख्यमंत्री योगी वाराणसी में मध्यप्रदेश सरकार का तीन दिवसीय अनूठा आयोजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सुशासन की उत्कृष्ट परंपरा के नायक सम्राट विक्रमादित्य के जीवन काल से हम सब परिचित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कर्मस्थली काशी में इस महानाट्य के मंचन के अवसर पर यह कहना प्रासंगिक होगा कि प्रधानमंत्री मोदी के सुशासन से राष्ट्र को दिए जा रहे योगदान के लिए अभिनंदन के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाराणसी (काशी) में शुक्रवार को तीन दिवसीय सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के मंचन पर संबोधित कर रहे थे। समारोह का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज बदलते दौर में 2 राज्यों के मध्य सांस्कृतिक संबंध को प्रगाढ़ करने के लिए यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण है। दोनों राज्य विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के आशीर्वाद से दोनों राज्यों को अंतर्राज्यीय केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की सौगात मिली है। यह दोनों राज्यों में सिंचाई, कृषि उत्पादन और पेयजल प्रदाय में सहयोग करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। यह प्रधानमंत्री मोदी का सुशासन भी है, जिसके अंतर्गत राज्यों के बीच परस्पर सहयोग को बढ़ाने की दिशा में कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सुशासन के इस काल में सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल में स्थापित सुशासन का स्मरण आना स्वभाविक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्र के स्वाभिमान के सम्राट विक्रमादित्य के राष्ट्र प्रेम, पराक्रम, न्यायप्रियता, प्रजा वात्सल्य और ज्ञान विज्ञान परम्परा की पुनर्स्थापना के गुणों की जानकारी युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए महानाट्य माध्यम बन रहा है। सम्राट विक्रमादित्य के युग का पुनर्स्मरण करने के लिए महानाट्य का मंचन किया जा रहा है। सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का पहले नई दिल्ली में भी मंचन हुआ है। इस नाटक में अनेक इंजीनियर, डॉक्टर, वकील और अन्य व्यवसायों से जुड़े प्रतिभाशाली व्यक्ति विभिन्न पात्रों के रूप में मंच पर भूमिका निभाते हैं। इससे प्रतिभाओं को तो मंच मिल ही रहा है, एक कुशल शासक के योगदान से देश के नागरिक भी परिचित हो रहे हैं। इस तरह यह महानाट्य लोकरंजन के साथ भारत के गौरवशाली इतिहास को भी आज जीवंत करने में माध्यम बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में भाइयों की तीन जोड़ियां प्रसिद्ध हुई हैं। इनमें भगवान श्रीराम और लक्ष्मण, भगवान श्रीकृष्ण और बलराम के साथ सम्राट विक्रमादित्य और राजा भतृहरि की जोडी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने एक करोड़ एक लाख रुपए का सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्रारंभ किया है। एक राष्ट्रीय सम्मान 21 लाख रुपए राशि का और तीन राज्य स्तरीय सम्मान 5-5 लाख रुपए राशि के स्थापित किए गए हैं। वर्ष 2024 में हुए विक्रमोत्सव को सर्वाधिक अवधि वाली धार्मिक- आध्यात्मिक फैस्टिवल का महाद्वीप स्तरीय वॉव अवार्ड भी मिला है। यही नहीं प्रतिष्ठित ईमैक्स ग्लोबल अवार्ड भी विक्रमोत्सव को प्राप्त हुआ है। विक्रमादित्य महानाट्य मंचन यादगार क्षण : उ.प्र. मुख्यमंत्री योगी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विक्रमादित्य महानाट्य मंचन को यादगार क्षण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के "एक भारत-श्रेष्ठ भारत'' के भाव को साकार करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा विश्वनाथ की इस धरा को बाबा महाकाल की धरा से नाट्य मंचन के माध्यम से जोड़ने का विशिष्ट कार्य किया है। योगी ने भाइयों की जोड़ी का जिक्र करते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य और राजा भरथरी की जोड़ी का उल्लेख है। महाराजा ने नाथ संप्रदाय में दीक्षा लेकर काशी की भूमि और चुनार के किले में साधना की थी। सम्राट विक्रमादित्य ने ही आज से दो हजार साल पहले अयोध्या नगरी की खोज की थी और महाराज लव के बाद सबसे पहले भगवान राम के मंदिर का निर्माण करवाया था। सम्राट विक्रमादित्य नीति शास्त्र और न्याय के पर्याय थे। उ.प्र. के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उज्जैन महाकाल की नगरी है और काशी पंचांग की नगरी है दोनों मिलकर नया इतिहास बनाते हुए प्रेम और सहयोग किया परंपरा मजबूती से आगे बढ़ायेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की ज्ञान परंपरा को उचित स्थान देकर पूरे विश्व में प्रतिष्ठित किया है। आज योग और आयुर्वेद की पूरी दुनिया में स्वीकार्यता बढ़ी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2024 में प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन किया गया। इसमें 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने मां गंगा में स्नान किया। भेंट की गई वैदिक घड़ी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथ को वैदिक घड़ी भेंट की। यह घड़ी बाबा विश्वनाथ के मंदिर में वैदिक काल को वर्तमान में जनता के बीच पुनर्स्थापित करने में सहायक होगी। इस घड़ी में प्राचीन वैदिक परंपरा तथा आधुनिक ज्ञान विज्ञान का मिश्रण करके कल की अचूक गणना का समावेश किया गया है। समारोह में उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल, एमएसएमई मंत्री राजेश सचान, पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ,महापौर अशोक तिवारी जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, राज्यसभा सदस्य बाल योगी उमेश नाथ जी, विधायक, स्थानीय जन-प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं संस्कृति प्रेमी उपस्थित रहे। वाराणसी की पावन धरा पर महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ का हुआ ऐतिहासिक मंचन महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ के भव्य मंचन और ओजस्वी प्रस्तुति से दर्शकों को हजारों वर्ष पुराने स्वर्णिम युग की यात्रा कराई। महानाट्य का आरंभ सम्राट विक्रमादित्य के उस संकल्प से हुआ, जब वे विदेशी आक्रांताओं के चंगुल से मातृ भूमि को मुक्त कराने का प्रण लेते हैं। रंगमंच पर कलाकारों के सजीव अभिनय ने उस कालखंड को जीवंत कर दिया, जब शकों के आतंक से त्रस्त प्रजा की रक्षा के लिए एक महानायक का उदय हुआ था। विशाल और भव्य सेट, ऊंचे दुर्ग … Read more