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इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल तथा शेष संभागों में 15 अप्रैल से होगी खरीदी

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकॉर्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। मंत्री  राजपूत ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जा रही हैं। प्रदेश सरकार किसान हितैषी सरकार के रूप में किसानों को बेहतर लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से किसानों को इस वर्ष 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ ही 40 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। उन्होंने बताया है कि इस वर्ष किसानों का पंजीकृत रकबा 41.58 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो विगत वर्ष से 6.65 लाख हेक्टेयर अधिक है। मंत्री  राजपूत ने कहा कि किसानों को उपार्जन केन्द्रों पर इंतजार न करना पड़े, इसके लिए उपार्जन प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू की जा रही है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल 2026 से तथा शेष संभागों में 15 अप्रैल 2026 से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन प्रारंभ किया जाएगा। मंत्री  राजपूत ने जानकारी दी कि राजस्व विभाग द्वारा किसानों के पंजीकृत रकबे के सत्यापन का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। सत्यापन पूर्ण होने के बाद किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी, जिससे किसान अपनी उपज बिना किसी असुविधा के उपार्जन केन्द्रों पर बेच सकें। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी चुनौतियों के बावजूद किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है। मंत्री  राजपूत ने कहा कि पश्चिम एशिया में पिछले एक माह से युद्ध की स्थिति के कारण पेट्रोल, डीजल, एलपीजी गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका थी, लेकिन केन्द्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिससे आमजन को किसी प्रकार की समस्या न हो। 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन मंत्री  राजपूत ने कहा कि एलपीजी गैस की उपलब्धता बनाए रखने और औद्योगिक उपयोग में पेट्रोलियम पदार्थों की सीमाओं के कारण बारदानों की उपलब्धता में आई संभावित कठिनाइयों का भी समाधान कर लिया गया है। भारत सरकार ने मध्यप्रदेश को 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन किया है। साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए HDP/PP बैग और एक बार उपयोग होने वाले जूट बारदाने के उपयोग की अनुमति भी दी गई है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार लगातार बारदाना उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा कर राज्य सरकार को सहयोग प्रदान कर रही है। प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए आवश्यक बारदानों की व्यवस्था उपार्जन प्रारंभ होने से पूर्व पूरी कर ली जाएगी। मंत्री  राजपूत ने बताया कि जिन जिलों में भंडारण क्षमता सीमित है, वहां संयुक्त भागीदारी योजना के तहत गोदाम की क्षमता के 120 प्रतिशत तक भंडारण की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। साथ ही केंद्र सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मार्च-अप्रैल तथा मई-जून 2026 का खाद्यान्न एक साथ वितरित किया जाएगा, जिससे लगभग 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक अतिरिक्त भंडारण क्षमता उपलब्ध हो सकेगी। प्रदेश में देश की सर्वाधिक कवर्ड भंडारण क्षमता मध्यप्रदेश में देश की सर्वाधिक लगभग 400 लाख मीट्रिक टन की कवर्ड भंडारण क्षमता उपलब्ध है। इसमें से लगभग 103 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता खाली है, जो इस वर्ष निर्धारित गेहूं उपार्जन के लक्ष्य से अधिक है।  

तीसरे वर्ष भी रंगारंग ‘अफ्रो फेस्ट’, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय बना सांस्कृतिक संगम

भोपाल रबीन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी में चल रहे एनुअल फेस्ट रिदम 2026 के अंतर्गत अफ्रीकी संस्कृति और परंपराओं का उत्सव ‘अफ्रो फेस्ट’ लगातार तीसरे वर्ष बड़े ही उत्साह और भव्यता के साथ आयोजित किया गया। इस आयोजन में आरएनटीयू के अफ्रीकन छात्र सहित भोपाल शहर में रह रहे अन्य अफ्रीकन छात्र विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लेकर इसे एक सशक्त अंतरमहाविद्यालयीन सांस्कृतिक उत्सव का रूप दिया। अफ्रो फेस्ट के दौरान रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में ऊर्जावान नृत्य प्रस्तुतियाँ, मधुर संगीत और आकर्षक फैशन शो शामिल रहे, जिनमें अफ्रीकी परंपराओं के साथ आधुनिक अभिव्यक्तियों का अनूठा संगम देखने को मिला। इस वर्ष आयोजन में लाइव बैंड परफॉर्मेंस और नाट्य प्रस्तुति जैसी गतिविधियों को भी शामिल किया गया, जिन्हें दर्शकों से अत्यंत सराहना और उत्साहपूर्ण प्रतिसाद प्राप्त हुआ। यह आयोजन विश्वविद्यालय के वरिष्ठ नेतृत्व के मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन में संपन्न हुआ, जिनमें प्रो-चांसलर डॉ अदिति चतुर्वेदी वत्स, कुलपति प्रो. रवि प्रकाश दुबे तथा कुलसचिव डॉ संगीता जौहरी प्रमुख रूप से शामिल रहे। कार्यक्रम का सफल समन्वयन अंतरराष्ट्रीय मामलों की अधिष्ठाता डॉ रितु कुमारन द्वारा किया गया, जिनके प्रयासों से यह आयोजन अत्यंत यादगार और सफल बना। पूरे परिसर में ऊर्जा, संगीत और रचनात्मकता का माहौल देखने को मिला, जहाँ विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए सांस्कृतिक विविधता को अपनाया। ‘अफ्रो फेस्ट’ ने एक बार फिर कला अभिव्यक्ति, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और एकता के सशक्त मंच के रूप में अपनी पहचान स्थापित की। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, वैश्विक सांस्कृतिक समझ और समावेशी वातावरण को बढ़ावा देने के लिए निरंतर ऐसे सार्थक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करता रहा है।  

बिश्नोई गैंग के नाम पर वसूली का खेल उजागर, 12 आरोपी पकड़े, 6 फरार

खरगोन खरगोन जिले के कसरावद थाना क्षेत्र में व्यापारी के घर फायरिंग कर 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में 12 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 6 आरोपी अभी फरार हैं। आरोपितों ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताकर विदेशी नंबर से काल के जरिए धमकी दी थी। फायरिंग का वीडियो भेजकर दी थी जान से मारने की धमकी पुलिस के मुताबिक 17 मार्च 2026 को भीलगांव निवासी सत्येंद्र राठौड़ ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पिता दिलीप राठौड़ के मोबाइल पर काल कर आरोपितों ने फायरिंग का वीडियो भेजते हुए 10 करोड़ रुपए की मांग की और जान से मारने की धमकी दी। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपित लोकेंद्र पंवार और सचिन पाटीदार का फरियादी से पुराना लेन-देन विवाद था। पुराने विवाद को निपटाने के लिए रची गई थी बड़ी साजिश इसी विवाद को निपटाने के लिए आरोपितों ने गैंग का नाम इस्तेमाल कर साजिश रची और उज्जैन व देवास के आरोपितों के जरिए शूटर बुलाए। आरोपियों ने पहले 11 मार्च को फायरिंग की कोशिश की, जो असफल रही। इसके बाद 16 मार्च को दोबारा योजना बनाकर दिलीप राठौड़ के घर गोली चलाई और उसका वीडियो बनाकर भेजा। सीसीटीवी फुटेज से मिली सफलता पुलिस ने 15 दिन तक तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए गिरोह का पर्दाफाश किया। आरोपियों के कब्जे से 4 पिस्टल, कारतूस, 3 कार, 2 बाइक और 10 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 44 लाख रुपए बताई गई है। अपराधिक रिकॉर्ड वाले शूटर और सहयोगी गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपितों में कई शूटर, रेकी करने वाले और सहयोगी शामिल हैं। मुख्य आरोपित राजपाल चंद्रावत पर हत्या, अपहरण और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने बड़े गैंग के नाम का इस्तेमाल कर दहशत फैलाने की कोशिश की, लेकिन समय रहते कार्रवाई कर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया। फरार आरोपितों की तलाश जारी है।  

बिजली लाइन बनी काल, ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे में महिला और मासूम की जान गई

भोपाल मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के कोलारस इलाके में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे में महिला और 7 साल के बच्चे की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा उस समय हुआ जब एक बंजारा परिवार ट्रैक्टर-ट्रॉली से चारा लेने जा रहा था। ट्रॉली में अधिक चारा लाने के लिए करीब 10 फीट लंबे लोहे के पाइप लगाए गए थे, जो रास्ते में झुकी हुई हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गए। इस टक्कर के साथ ही तेज करंट पूरे वाहन में फैल गया, जिससे ट्रॉली में सवार लोग उसकी चपेट में आ गए। हादसे में लीला बाई बंजारा (30) की साड़ी में आग लग गई और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनके साथ मौजूद 7 वर्षीय बेटे अनिल की भी झुलसने से मौत हो गई। हादसे में ट्रैक्टर चालक विनोद बंजारा (27) और केसर बाई गंभीर रूप से झुलस गए। करंट के झटके से दोनों वाहन से नीचे गिर गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। बताया जा रहा है कि यह परिवार राजस्थान के बारां जिले के खेड़ली गांव का रहने वाला है। परिवार कोलारस के पास टोल प्लाजा के नजदीक अस्थायी डेरा डालकर हर साल की तरह चारा खरीदकर बेचने का काम कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पीछे आ रही दूसरी ट्रैक्टर-ट्रॉली के लोगों ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल पर हाईटेंशन लाइन काफी नीचे लटक रही थी और आसपास के पेड़ों के कारण साफ दिखाई भी नहीं दे रही थी। वहीं, ट्रॉली से बाहर निकले लोहे के पाइप इस हादसे का मुख्य कारण बने। कोलारस एसडीओपी अमरनाथ वर्मा ने बताया कि यह एक बेहद दुखद और टाला जा सकने वाला हादसा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नीचे लटकी बिजली लाइन और ट्रॉली से बाहर निकले लोहे के पाइप के कारण यह दुर्घटना हुई। उन्होंने कहा कि यह भी जांच की जा रही है कि बिजली लाइनों के लिए तय सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसानों और वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे बिजली लाइनों के पास ऊंचे उपकरण लेकर जाते समय विशेष सावधानी बरतें।

ऑपरेशन पर सवाल: ब्रेन सर्जरी के बाद पेट पर चीरा, परिजनों का बवाल—अस्पताल में पुलिस तैनात

सतना शहर के प्रियंवदा बिरला अस्पताल में एक महिला के ऑपरेशन के बाद गंभीर लापरवाही के आरोपों ने पूरे शहर को झकझोर दिया। ब्रेन ट्यूमर के ऑपरेशन के बाद जब महिला को घर ले जाया गया, तो उसके पेट पर भी चीरा मिलने से स्वजनों के होश उड़ गए। इस खुलासे के बाद शुक्रवार को अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ, जो घंटों तक चलता रहा और स्थिति संभालने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। कुछ यह है घटनाक्रम सभापुर थाना क्षेत्र के ग्राम माजन निवासी 60 वर्षीय जमुनिया साकेत को 29 मार्च को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच के बाद डॉक्टरों ने ब्रेन ट्यूमर की पुष्टि की और 1 अप्रैल को ऑपरेशन किया गया। स्वजनों के मुताबिक, ऑपरेशन के बाद महिला को होश तक नहीं आया, बावजूद इसके शुक्रवार सुबह अस्पताल ने उसे छुट्टी दे दी। लेकिन घर पहुंचने के बाद जब स्वजनों ने पट्टियां हटाईं, तो महिला के पेट पर भी सर्जरी जैसा गहरा चीरा दिखाई दिया। इस अप्रत्याशित स्थिति ने स्वजनों को स्तब्ध कर दिया और उन्होंने तुरंत इसे गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही मानते हुए अस्पताल का रुख किया। लेकिन स्वजन जब बिरला अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर के छुट्टी पर होने की बात कह उसे एडमिट करने से अस्पताल प्रबंधन ने इंकार कर दिया। इसके बाद अस्पताल पहुंचे स्वजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। उन्होंने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर गलत इलाज और लापरवाही के आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान अस्पताल स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई की भी स्थिति बनी। आरोप है कि सुरक्षा गार्डों ने महिलाओं के साथ अभद्रता और मारपीट भी की। सूचना पर पहुंचे दो थानों के प्रभारी सूचना मिलते ही कोलगवां थाना प्रभारी सुदीप सोनी सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। कोतवाली थाना प्रभारी रवीन्द्र द्विवेदी समेत अन्य थानों की पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। इसके बावजूद करीब तीन घंटे तक अस्पताल परिसर में तनाव बना रहा। कांग्रेस नेता बैठे धरने पर घटना की सूचना पर कांग्रेस नेता रितेश त्रिपाठी भी मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर समर्थन जताया। परिजन अस्पताल प्रबंधन पर तीन लाख रुपये लेने के बावजूद उचित इलाज न देने का आरोप लगा रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि ऑपरेशन पूरी तरह चिकित्सा मानकों के अनुरूप किया गया है और सभी प्रोटोकॉल का पालन हुआ है। पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

स्कूल चलें हम अभियान के तहत आयोजित हुए सांस्कृतिक, खेल एवं हार के आगे जीत कार्यक्रम

शहडोल  जिले के विभिन्न शासकीय विद्यालयों में आज "स्कूल चलें हम" अभियान के अंतर्गत सांस्कृतिक, खेल-कूद एवं शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ "हार के आगे जीत" कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पालकों की सहभागिता रही, जिससे विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं तथा विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शैक्षणिक स्टॉफ द्वारा उपस्थित पालकों को राज्य सरकार की स्कूल शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई और बच्चों की शिक्षा में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। कार्यक्रम के दौरान पिछले शैक्षणिक सत्र में 85 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति वाले विद्यार्थियों के पालकों को सम्मानित किया गया। शिक्षकों ने पालकों के सहयोग को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया। इसी क्रम में "हार के आगे जीत" कार्यक्रम के तहत ऐसे विद्यार्थियों को चिन्हित किया गया, जो किसी कारणवश कक्षोन्नति प्राप्त नहीं कर सके। पालकों को बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया गया और समझाया गया कि असफलता के बाद भी निरंतर प्रयास से सफलता प्राप्त की जा सकती है। साथ ही, शाला प्रबंधन एवं विकास समिति की बैठक आयोजित कर नए शैक्षणिक सत्र में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने और वार्षिक कार्ययोजना पर चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने सभी बच्चों के विद्यालय में नामांकन हेतु विशेष प्रयास करने का संकल्प लिया।

शैक्षणिक सत्र के द्वितीय दिवस भी शासकीय विद्यालयों में ‘प्रवेश उत्सव’ का हुआ आयोजन

अनूपपुर नवीन शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के साथ जिले के शासकीय विद्यालयों में ‘प्रवेश उत्सव’ का आयोजन उत्साहपूर्वक किया जा रहा है। प्रदेश शासन की मंशा अनुरूप अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु आयोजित इन कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा शाला प्रबंधन समिति भी सक्रिय रूप से सहभागिता निभा रहे हैं। विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया जा रहा है।  इसी अनुक्रम में शैक्षणिक सत्र के द्वितीय दिवस भी शासकीय विद्या निकेतन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भदरा कालरी (अनूपपुर) में ‘प्रवेश उत्सव’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले पात्र छात्र-छात्राओं को सुगम आवागमन हेतु विधायक अनूपपुर श्री बिसाहूलाल सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं शासकीय अधिकारियों द्वारा निःशुल्क साइकिलों का वितरण किया गया।  इसी प्रकार शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कल्याणपुर एवं शासकीय प्राथमिक विद्यालय सड़कटोला, पैरीचुआ में अध्ययन कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ हो सके, इसके लिए कक्षावार निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों के सेट उपलब्ध कराए गए। आयोजित कार्यक्रमों में वक्ताओं द्वारा शासन के ‘‘हर बच्चे को शिक्षित करने’’ के लक्ष्य पर प्रकाश डाला गया।  कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा जिले के सभी विद्यालयों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए शिक्षण कार्य को प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।

एमपी में ग्रेच्युटी का भुगतान अब एक सप्ताह में, वित्त विभाग ने किया आदेश जारी

भोपाल   राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत आने वाले अधिकारियों- कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने पर उनकी ग्रेच्युटी भुगतान की प्रक्रिया ऑनलाइन पेंशन सॉफ़्टवेयर के माध्यम से होगी। उन्हें ग्रेच्युटी पाने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाना पड़ेंगे। पहले सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय सेवक को ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करना होगी। सेवानिवृत्ति के एक सप्ताह के अंदर उन्हें भुगतान हो जाएगा। वित्त विभाग ने पूरी प्रक्रिया तय कर विभागों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इसकी शुरुआत सेवानिवृत्ति के 3 माह पहले तक वर्ष में कभी भी की जा सकेगी। सरकारी सेवक की सेवा में रहते मृत्यु होने पर 7 दिन में प्रक्रिया पूरी होगी। अधिकांश कर्मचारी, अधिकारी सेवानिवृत्ति के बाद अपने देयकों के लिए भटकते रहते हैं। कई बार तो सालों तक राशि का भुगतान नहीं किया जाता है। यहां तक कि पेंशन में भी कई दिक्कतें आती हैं। ग्रेच्युटी भुगतान में तो कर्मचारी, अधिकारी को खासी परेशानी आती है। इनमें रिश्वतखोरी की शिकायतें भी आम हैं। पेंशन, ग्रेच्युटी के समय पर भुगतान को पूर्व सरकारी सेवक का अधिकार मानते हुए कोर्ट भी सख्त आदेश जारी कर चुके हैं पर अमल में लापरवाही की जा रही है। ग्रेच्युटी भुगतान पर सरकार अब सक्रिय हुई है। सेवानिवृत्त होने वाला शासकीय सेवक ग्रेच्युटी प्रकरण की तैयारी के लिए सभी प्रविष्टियों की जांच पेंशन सॉफ़्टवेयर से सत्यापित होगी। अनुमोदन के बाद एक दिन में होंगे ई-साइन प्रस्तावक अधिकारी के अनुमोदन के बाद उच्चाधिकारी के पास आवेदन ऑनलाइन जाएगा। अनुमोदित ग्रेच्युटी प्रकरण के अदायगी आदेश पर एक दिन के अंदर ई-हस्ताक्षर कर आदेश जारी करना अनिवार्य है। सेवा में रहते मृत्यु होने पर नोमिनी द्वारा उसके मृत्यु प्रमाणपत्र सहित आवेदन करने के 7 दिन में प्रक्रिया होगी अदायगी आदेश की सूचना भी ऑनलाइन दी जाएगी। शासकीय सेवक की सेवा में रहते मृत्यु होने पर नोमिनी द्वारा उसके मृत्यु प्रमाणपत्र सहित आवेदन करने के 7 दिन में प्रक्रिया होगी। पेंशनर्स से पहले राज्य सरकार श्रमिकों को सौगात दे चुकी पेंशनर्स से पहले राज्य सरकार श्रमिकों को सौगात दे चुकी है। प्रदेश के श्रम विभाग ने 1 अप्रैल 2026 से प्रदेश के श्रमिकों के लिए नई न्यूनतम वेतन दरें लागू कर दी हैं। राज्य के निजी व उद्योगों के करीब 40 लाख श्रमिकों को वेतन बढ़ोत्तरी का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही सरकारी विभागों के करीब 10 लाख श्रमिक भी इससे लाभान्वित होंगे। श्रम विभाग द्वारा जारी आदेश से न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948 के तहत परिवर्तनशील महंगाई भत्ते (VDA) के कारण श्रमिकों के प्रतिदिन के वेतन में औसतन ₹9 की बढ़ोत्तरी होगी। इस प्रकार मासिक वेतन में करीब ₹234 की वृद्धि होगी।

दतिया विधानसभा सीट पर रिक्तता, कांग्रेस विधायक की विधायकी रद्द, नरोत्तम मिश्रा को दी थी हार

दतिया  मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय ने दतिया विधानसभा क्षेत्र को रिक्त घोषित कर दिया है। इस संबंध में आधिकारिक राजपत्र जारी किया गया है, दतिया विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा की सदस्यता कोर्ट से सजा मिलने के बाद समाप्त हो गई है. यह आदेश मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी किया गया. वहीं आदेश में मध्य प्रदेश विधानसभा में एक स्थान रिक्त घोषित कर दिया गया है. यानी दतिया विधानसभा को रिक्त घोषित कर दिया गया है । विधानसभा सचिवालय का फैसला विधानसभा सचिवालय द्वारा यह निर्णय विधिक नियमों और संवैधानिक प्रावधानों के तहत लिया गया है। सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा परिस्थितियों में सीट को रिक्त घोषित करना अनिवार्य था। मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय की ओर से आदेश जारी आदेश में कहा गया है कि मध्य प्रदेश की सोलहवीं विधान सभा के निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 22-दतिया से निर्वाचित सदस्य राजेन्द्र भारती के विरुद्ध विशेष न्यायाधीश दिग्विजय सिंह (पीसी एक्ट) ने सीबीआई-09 राउज एवेन्यू जिला न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा 2 अप्रैल, 2026 को अपराध सिद्ध होने के बाद तीन वर्ष का कारावास और 1 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।   दतिया विधानसभा को रिक्त घोषित आदेश में आगे कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश 10 जुलाई, 2013 के पालन में संविधान के अनुच्छेद 191 (1) (e) सहपठित लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 के तहत  राजेन्द्र भारती उक्त तारीख 02 अप्रैल, 2026 से विधान सभा की सदस्यता से निरर्हित हो गए हैं. मध्य प्रदेश विधान सभा में एक स्थान रिक्त हो गया है।  विधायक की सदस्यता समाप्ति के लिए क्या है कानूनी प्रावधान? जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8(3) के तहत, यदि किसी सांसद या विधायक को किसी अपराध में दोषी ठहराया जाता है और उसे 2 वर्ष या उससे अधिक की सजा सुनाई जाती है, तो उनकी सदस्यता दोषसिद्धि की तिथि से ही स्वतः समाप्त (अयोग्य) हो जाती है. ये 2013 के सुप्रीम कोर्ट के लिली थॉमस फैसले के बाद से प्रभावी है।  दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में लिली थॉमस बनाम भारत संघ मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 8(4) को असंवैधानिक घोषित कर दिया था. इस धारा के तहत दो वर्ष से अधिक की सजा पाने वाले सांसद या विधायक अपनी अपील लंबित रहने तक पद पर बने रह सकते थे, लेकिन अब सजा सुनाए जाने के बाद तत्काल प्रभाव से सदस्यता समाप्त हो जाती है।  किस मामले में विधायक राजेंद्र भारती की मिली तीन साल की सजा दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को को-ऑपरेटिव बैंक घोटाला मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई है. साथ ही कोर्ट ने राजेंद्र भारती पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा था कि राजेंद्र भारती को IPC की धारा 120B के साथ IPC की धारा 420/467/468/471 के तहत आपराधिक साजिश के जुर्म का दोषी ठहराया जाता है।  तीन साल की सजा बना कारण दतिया से विधायक रहे राजेंद्र भारती को न्यायालय द्वारा तीन साल की सजा सुनाई गई है। सजा की अवधि दो वर्ष से अधिक होने के कारण उनकी विधानसभा सदस्यता स्वतः समाप्त मानी गई। कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, किसी भी जनप्रतिनिधि को दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होने पर उसकी सदस्यता समाप्त हो जाती है। इसी आधार पर ने दतिया सीट को रिक्त घोषित किया। उपचुनाव की प्रक्रिया आगे दतिया विधानसभा सीट पर अब उपचुनाव को लेकर आगे की कार्रवाई द्वारा की जाएगी। निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के बाद उपचुनाव की तारीखों का ऐलान किया जाएगा। कानूनी प्रावधान क्या कहते हैं जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत यदि किसी विधायक या सांसद को दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होती है, तो उसकी सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है। इसी प्रावधान के तहत यह कार्रवाई की गई है। सदस्यता समाप्ति के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई। वे देर रात विधानसभा पहुंचे और पूरी कार्रवाई पर सवाल उठाए। प्रदेश में अन्य विधायक भी कानूनी मामलों में घिरे राजेंद्र भारती अकेले ऐसे विधायक नहीं हैं, जो कानूनी उलझनों में फंसे हैं। प्रदेश के कई अन्य विधायक भी अलग-अलग मामलों को लेकर अदालतों में चुनौती का सामना कर रहे हैं।  बीना विधायक निर्मला सप्रे बीना से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे दलबदल कानून को लेकर विवाद में हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं के साथ मंच साझा करने और पार्टी कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद कांग्रेस ने उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की है। मामला फिलहाल हाईकोर्ट में विचाराधीन है और अगली सुनवाई 20 अप्रैल को तय है। भोपाल मध्य से विधायक आरिफ मसूद भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद फर्जी सेल डीड मामले में घिरे हैं। हाईकोर्ट के एफआईआर दर्ज करने के निर्देश को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक दिया है और मामले की सुनवाई मेरिट के आधार पर करने को कहा है। विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक कटनी जिले के भाजपा विजयराघवगढ़ से विधायक संजय पाठक के खिलाफ माइनिंग से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने आपराधिक शिकायत दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। मामला न्यायपालिका से जुड़े गंभीर आरोपों का है। सारंगपुर से विधायक और मंत्री गौतम टेटवाल राज्यमंत्री और सारंगपुर से भाजपा विधायक गौतम टेटवाल फर्जी जाति प्रमाणपत्र मामले में विवादों में हैं। उनके जाति प्रमाणपत्र को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। सेमरिया से विधायक अभय मिश्रा  रीवा जिले की सेमरिया सीट से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा पर नामांकन के दौरान शपथ पत्र में जानकारी छिपाने का आरोप है। जबलपुर हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करने का निर्णय लिया है। विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा  श्योपुर जिले के कांग्रेस  विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा की सदस्यता को लेकर भी विवाद जारी है। हाईकोर्ट ने उनकी विधायकी निरस्त कर भाजपा प्रत्याशी को विजेता घोषित किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले पर रोक लगा दी है। फिलहाल उन्हें राहत मिली है, हालांकि मामला अभी लंबित है।  

नकली और मिलावटी खाद्य सामग्री का सेवन, लोगों के स्वास्थ्य पर डाल रहा विपरीत प्रभाव

मिलावटखोरों का सरदार जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरके सोनी  नकली और मिलावटी खाद्य सामग्री के उपयोग से लोगों के पूरे स्वास्थ्य पर पड रहा विपरीत प्रभाव  गांधी के फेर में लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ जिम्मेदारों ने मूंदी आंख सबसे सरोकार खबरें धारदार। ब्योहारी ब्यूरो चीफ वेदप्रकाश बेदांति ब्योहारी नगरीय क्षेत्र में मिलावट खोरों की चांदी, यहां कभी नहीं होती जांच और कार्यवाही। मिलावटखोरों को संरक्षण दे रहा खाद्य सुरक्षा विभाग का तथाकथित अधिकारी आर के सोनी, सूत्रों की मानें तो जिले में बैठकर यहां खाद्य सुरक्षा विभाग का प्रभार देख रहे साहब के द्वारा हर महीने यहां के होटल रेस्टोरेंट डेयरी नमकीन फैक्ट्री किराना दुकानों व पानी सप्लाई फैक्ट्री बर्फ आइसक्रीम फैक्ट्री व अन्य एजेंसियों से मासिक वसूली की जाती है। जिससे खाद्य सुरक्षा अधिकारी यहां कभी किसी पर कोई कार्यवाही नहीं करते और न कभी किसी का फोन उठाते हैं।  ब्योहारी-नगरीय क्षेत्र में दिनांक 27/03/2026 को विनायक पैलेस में आयोजित विवाह समारोह  बब्बू खान के लड़की की शादी में राजू गुप्ता की दुकान से पताजंली कम्पनी का सरसों तेल खरीदा गया जिसे सब्जी बनाने के लिए जब कड़ाही में डालकर गर्म किया तभी वह पूरा तेल हरे रंग में बदल गया जैसे डाबर आंवला का तेल हो। आनन फानन आयोजक दूसरी कम्पनी का तेल लाकर दावत का खाना बनाया गया।यदि उस तेल का उपयोग कर खाना बनाया जाता तो निसंदेह अनेक लोग  फ्रूडप्वाजिनिंग के शिकार हो सकते थे। गनीमत रही कि खाना बनाने वाले मिस्त्री ने तत्काल तेल के कलर बदलने से उसकी गुणवत्ता परख तेल ही बदलवा दिया।पतांजली कम्पनी का सरसों तेल जिसे गर्म करने पर उसका पूरा रंग ही बदल कर गाढ़ा हरे रंग का हो  जाता है। जिससे यह साफ है कि इसमें किसी तेज कैमिकल का उपयोग किया जाता है। जब इसे उपयोग के लिए कड़ाही में डालकर गर्म किया जाता है तो पूरा तेल ही हरे कलर में बदल जाता है। जैसे डाबर आंवला का तेल हो। पतांजली का कमाल सरसों तेल गरम करते ही बन गया डाबर आंवला का तेल  खाद्य पदार्थों में इतनी मिलावट खोरी से लोगों की जान जोखिम में बनी रहती है। मिलावटखोरों को लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने की यहां खुली छूट खाद्य सुरक्षा अधिकारी सोनी द्वारा दी गई है। जिसके बदले साहब हर महीने अपनी जेब खूब गर्म करते हैं।  यहां नकली मावा,दूध,पनीर, सहित ज्यादातर खाद्य पदार्थ नकली और मिलावटी रहता है।खाद्य सुरक्षा कानून लागू है। लेकिन जिले में बैठे ज़िला खाद्य अधिकारी आरके सोनी के बारे में यहां चर्चा है कि उनका एजेंट यहां की लगभग सभी होटल डेयरी रेस्टोरेंट एजेंसी कारखाने और अन्य खाद्य पदार्थ सप्लाई बाली जगहों से हर महीने एक निश्चित तय राशि की बसूली करता है।जिससे यहां का ज्यादातर बाजार नकली और मिलावटी खाद्य सामग्री से पटा हुआ है। कार्यवाही से बेखबर व्यापारी लोगों के जीवन से खिलवाड़ करते हुए ब्रांडेड कम्पनी का लेबल लगा मनमानी दाम पर बाजार में खुलेआम नकली और मिलावटी खाद्य सामग्री बेंच रहे हैं। जिससे जिले में बैठे खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरके सोनी पर लोग तमाम तरह के गम्भीर आरोप लगा रहे हैं। जबसे साहब ने जिले का प्रभार संभाला है तब से केवल साल में एकाध बार अपने स्थानीय एजेंटों के साथ नगरीय क्षेत्र के सभी व्यापारी बंधुओं से मिलकर मिलावटखोरी तेजकर जेब का बजन बढ़ाने की मिन्नत करने यहां जरुर आते हैं। जांच और कार्यवाही के नाम यहां हो रही केवल बसूली! ऐसा यहां के कुछ लोगों का कहना है। दिखाबा के लिए मात्र कागजी कार्यवाही कार्यालय में बैठकर ही साहब पूरी करते हैं। खाद्य सुरक्षा के नाम पर विभाग में बैठा अमला केवल बसूली ही करता है। नाम न छापने की शर्त पर एक रेस्टोरेंट के संचालक ने बताया कि जिलाखाद्य विभाग केवल ब्योहारी में हर महीने लाखों रुपए की बसूली करता है। लोगों का कहना है कि शहडोल जिले में जबसे जिला खाद्य विभाग में खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरके. सोनी पदस्थ हुए हैं। तबसे स्थानीय व्यापारियों पर इनकी बसूली का दबाव कुछ अधिक ही बढ़ गया है।  यहां के कई व्यापारी इनकी इस अबैध बसूली से बहुत परेशान हैं। और सरकार से अंकुश लगाने की मांग कर रहे हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी शहडोल आरके सोनी कथन -इस सम्बन्ध में जब इनके मोबाइल पर सम्पर्क किया गया लेकिन फोन नहीं उठा।