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मानसून पूर्व मेंटिनेंस कार्यों का एसई और सीई करें निरीक्षण : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल मानसून पूर्व वितरण ट्रांसफार्मर एवं विद्युत लाईनों के मेंटिनेंस कार्यों का निरीक्षण एसई और सीई नियमित रूप से करें। बेहतर मेंटिनेंस होने पर ट्रिपिंग की समस्या दूर होगी। ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह निर्देश बुधवार को मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान दिये। उन्होंने कहा कि मेंटिनेंस के दौरान गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग करें। सामग्री के उपयोग से पहले उसका लैब में परीक्षण भी होना चाहिए। मंत्री  तोमर ने कहा कि समाधान योजना की अवधि 15 मई तक बढ़ा दी गई है। सभी बड़े एवं छोटे बकायदारों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर योजनांतर्गत वसूली की कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि पहले बड़े बकायदारों से वसूली की कार्यवाही करें। वसूली की कार्यवाही अप्रैल माह से ही प्रारंभ कर दें। इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी चर्चा करें। गलत बिजली बिलों में सुधार तुरंत होना चाहिए। जहां पर स्टाफ की ज्यादा कमी है, वहां पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवाएं लेने की कार्ययोजना बनाएं। मंत्री  तोमर ने कहा कि आगामी सीजन में मूंग की फसल को ध्यान में रखते हुए पॉवर ट्रांसफार्मर पर ओवरलोडिंग एवं विद्युत की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करें। बैठक में सचिव ऊर्जा  विशेष गढ़पाले एवं ओएसडी  विजय गौर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

जेल में बंद तहसीलदार को सस्पेंड किया गया अमिता सिंह तोमर, आदेश जारी

श्योपुर  मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। भ्रष्टाचार के मामले में जेल गई तहसीलदार अमिता सिंह तोमर पर और कड़ा एक्शन लिया गया है। महिला तहसीलदार को  सस्पेंड कर दिया गया है।जी हां महिला तहसीलदार पर ये बडी कार्रवाई हुई है। चंबल संभागायुक्त ने श्योपुर कलेक्टर के प्रतिवेदन पर तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को सस्पेंड करने का आदेश आज जारी कर दिया मंगलवार को तहसीलदार अमिता तोमर की  जमानत याचिका पर कोर्ट में सुनवाई होनी थी लेकिन सुनवाई की तारीख आगे बढ़ा दी गई है। 2.5 करोड़ के बाढ़ राहत राशि घपले को लेकर पहुंची हवालात आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में साल 2021 में आई भीषण बाढ़ को लेकर ये सारा मामला जुड़ा है।  बाद पीड़ितों के लिए आई राहत राशि में 2.5 करोड़ रुपये का घपला हुआ, यह राशि बाढ़ पीड़ितों की जगह दूसरे खातों में भेजी गई थी। जांच में 28 पटवारी और बड़ौदा तहसील की तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर जांच में घोटाले के दोषी पाए गए। तहसीलदार और पटवारियों पर एफआइआर हुई। अमिता सिंह ने गिरफ्तारी से बचने हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई, पर राहत नहीं मिलीं। गिरफ्तारी के भय से फरार भी हुईं, पर अंत में श्योपुर पुलिस ने तहसीलदार को ग्वालियर से दबोच लिया। श्योपुर एसपी सुधीर कुमार अग्रवाल ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा, कि इस घोटाले में कई और चेहरे बेनकाब होंगे।  बाढ़ राहत राशि घोटाले के आरोप में 26 मार्च 2026 को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। तब से वो जेल में ही बंद हैं । 

जनसेवा और क्षेत्र का विकास ही सरकार की प्राथमिकता : राज्यमंत्री गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने बुधवार को गोविंदपुरा वार्ड 53 में विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। राज्यमंत्री गौर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आधारभूत सुविधाओं को बढ़ाते हुए नागरिकों का जीवनस्तर बेहतर बना रही है। राज्यमंत्री गौर ने कार्यक्रम में गोविंदपुरा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 53 में 35 लाख रुपये की लागत से हरिवंश विहार में बनने वाली सीसी सड़क निर्माण, ओम नगर में 10 लाख की लागत से बनने वाली नाली निर्माण, 7 लाख रुपए की लागत शंकराचार्य नगर पार्क में बाउंड्री वॉल एवं पेवर ब्लॉक लगाने के कार्यों का भूमिपूजन किया। गणेश पार्क संत आसाराम नगर में 10 लाख रुपये की लागत से पेवर ब्लॉक का निर्माण कराया जाएगा। सागर रॉयल होम्स में एक्यूप्रेशर थेरेपी टाइल्स लगाने के निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया गया, जिसकी लागत 4 लाख रुपए है। वार्ड स्थित दीपक नगर में 8 लाख रुपये की लागत से बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य भी किया जाएगा, जिसका भूमिपूजन बुधवार को राज्यमंत्री गौर ने किया। उन्होंने पुर्वासा नगर के रहवासियों को भी सौगात दी। यहां स्थित संगरीला पार्क में लगभग 9 लाख रुपये की लागत से बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य किया जाएगा। राज्यमंत्री गौर ने भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों से चर्चा की और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए भी निर्देशित किया। कार्यक्रम के दौरान मोनिका ठाकुर, शीला पाटीदार, श्री प्रताप वारे, श्री जितेंद्र शुक्ला, श्री रामबाबू पाटीदार, श्री प्रताप सिंह बैंस, श्री किशोर पटेल, श्री धर्मेंद्र पाटीदार, श्री ओमप्रकाश चौरसिया समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

इंदौर-उज्जैन तथा उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड मार्ग निर्माण को मिला अनुमोदन पश्चिम भोपाल बायपास का परिवर्तित एलाइनमेंट अनुमोदित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। किसान कल्याण वर्ष 2026 में "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" के विचार को सार्थक करते हुए किसान हित में अनेक निर्णय लिए जा रहे हैं। अब कृषि प्रयोजन के लिए उपयोग किये जाने वाले कंबाइन हार्वेस्टरों को मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के टोल प्लाजा पर शुल्क संग्रहण से छूट रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फसल कटाई में प्रयुक्त होने वाला कंबाइन हार्वेस्टर आवश्यक कृषि उपकरण है। टोल मार्गों पर टोल छूट दिए जाने से हार्वेस्टर की परिवहन लागत में कमी आएगी। जिसका सकारात्मक प्रभाव कृषि उपज के मूल्य पर होगा, यह निर्णय कृषकों के लिए हितकर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की बैठक में दिए। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में आयोजित बैठक में लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, मुख्य सचिव  अनुराग जैन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई संचालक मंडल की बैठक में इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड मार्ग और उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड मार्ग के नॉन एक्सेस कंट्रोल परियोजना के रूप में निर्माण को अनुमोदन प्रदान किया गया। संचालक मंडल ने पश्चिम भोपाल बायपास के परिवर्तित एलाइनमेंट को अनुमोदन प्रदान कर निर्माण की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की। बैठक में वार्षिक लेखों तथा अन्य प्रबंधकीय विषयों पर विचार-विमर्श हुआ तथा निर्णय लिए गए। बैठक में अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे,  मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोक निर्माण  सुखबीर सिंह, प्रमुख सचिव वन  संदीप यादव तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम  भरत यादव उपस्थित थे।

हाईकोर्ट का निर्णय: दूसरे राज्य के सर्टिफिकेट पर आरक्षण नहीं, कोर्ट ने कहा- जाति जन्म से निर्धारित होती है

 ग्वालियर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने आरक्षण पर एक अहम फैसला दिया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी अन्य राज्य से जारी ओबीसी OBC जाति प्रमाणपत्र के आधार पर मध्यप्रदेश में आरक्षण का लाभ नहीं लिया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि जाति का निर्धारण जन्म के आधार पर होगा , विवाह या​ निवास परिवर्तन से नहीं। इसी के साथ हाईकोर्ट ने दूसरे राज्य का ओबीसी प्रमाणपत्र अमान्य करते हुए याचिका भी खारिज कर दी। कोर्ट ने यह भी कहा कि विवाह के आधार पर भी किसी महिला को अपने पति की जाति का आरक्षण लाभ नहीं मिल सकता। कोर्ट ने बताया कि यह मुद्दा पहले ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्पष्ट किया जा चुका है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जालौन जिले की निवासी अर्चना दांगी ने याचिका दायर कर अपनी उम्मीदवारी निरस्त किए जाने को चुनौती दी थी। उन्होंने उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा-2018 उत्तीर्ण की थी, लेकिन दस्तावेज सत्यापन के दौरान चयन इस आधार पर निरस्त कर दिया गया कि उनका ओबीसी प्रमाणपत्र उत्तर प्रदेश का है। याचिकाकर्ता का तर्क था कि दांगी जाति उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश दोनों राज्यों में ओबीसी श्रेणी में शामिल है। साथ ही उन्होंने यह भी दलील दी कि विवाह के बाद वे मध्यप्रदेश की निवासी हो गई हैं, इसलिए उन्हें यहां आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। वहीं राज्य शासन की ओर से कहा गया कि जाति का निर्धारण जन्म के आधार पर होता है, न कि विवाह या निवास परिवर्तन से। साथ ही, दूसरे राज्य से जारी प्रमाणपत्र मध्यप्रदेश में मान्य नहीं होता। आरक्षण का आधार सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ापन कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि विवाह के बाद महिला अपने पति की जाति का सामाजिक रूप से हिस्सा बन सकती है, लेकिन उसे आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकता, क्योंकि आरक्षण का आधार सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ापन है, जो जन्म से निर्धारित होता है। इन्हीं आधारों पर हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि संबंधित अधिकारियों का निर्णय सही और विधिसम्मत है। सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुकी यह मुद्दा कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि यह मुद्दा पहले ही सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न न्यायालयों द्वारा स्पष्ट किया जा चुका है। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि कोई भी व्यक्ति एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर अपनी जाति की आरक्षण स्थिति साथ नहीं ले जा सकता, भले ही वह जाति दोनों राज्यों में समान नाम से सूचीबद्ध है।

भोजशाला सर्वे रिपोर्ट पर याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हाईकोर्ट सुनेगा आपत्तियां, कल से नियमित सुनवाई शुरू

इंदौर /नई दिल्ली मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला विवाद में मुस्लिम पक्ष को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. शीर्ष अदालत ने मुस्लिम याचिकाकर्ताओं को फिलहाल  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट वापस भेज दिया और अदालत ने एएसआई (ASI) सर्वे की रिपोर्ट और वीडियोग्राफी पर आपत्तियों को लेकर दायर याचिका पर दखल देने से इनकार करते हुए कहा कि हाईकोर्ट इन सभी पहलुओं पर विचार करेगा. मुस्लिम पक्षकारों की याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के 16 मार्च के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने से मना कर दिया, जिसमें 2 अप्रैल से नियमित सुनवाई और स्थल निरीक्षण के निर्देश दिए गए थे. मुस्लिम पक्षकारों का तर्क है कि उन्हें एएसआई की सर्वे रिपोर्ट और वीडियोग्राफी पर अपनी आपत्तियां दर्ज करने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला. शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट अंतरिम आदेश के तहत अंतिम सुनवाई के समय इन सभी आपत्तियों पर विचार करने के लिए सक्षम है. मुस्लिम पक्ष को सौंपी जाए वीडियोग्राफी की प्रति याचिकाकर्ताओं की पैरवी करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने अदालत में कहा कि सर्वे के दौरान उनकी आपत्तियों को अनसुना किया गया. उन्होंने मांग की कि मुस्लिम पक्ष को वीडियोग्राफी की प्रति सौंपी जाए, ताकि वो विस्तार से अपनी आपत्ति दर्ज कर सकें. खुर्शीद ने तर्क दिया कि वीडियोग्राफी के वक्त केवल दो लोगों को अनुमति दी गई थी जो हर जगह मौजूद नहीं रह सकते थे. उन्होंने सुनवाई में जल्दबाजी न करने की अपील करते हुए डॉक्यूमेंट्स के अध्ययन के लिए वक्त मांगा. वहीं, पीठ ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि हाईकोर्ट ने पहले ही ये सुनिश्चित करने के लिए आदेश पारित किया है कि सभी पक्षों की आपत्तियों पर फैसला लिया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एएसआई ने साइट की वीडियोग्राफी की है और अपीलकर्ता ने उस दौरान कुछ आपत्तियां भी उठाई थीं जो रिकॉर्ड में दर्ज हैं. अदालत ने भरोसा जताया कि हाईकोर्ट वीडियो देखने के बाद इन आपत्तियों का निस्तारण करेगा, इसलिए वर्तमान स्तर पर सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप का कोई औचित्य नहीं बनता है.

महाकाल के दरबार में अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ: नंदी से की देश की तरक्की की कामना, डिंपल कपाड़िया भी थीं साथ

उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर मैं लगातार बॉलीवुड हस्तियां पहुंच रही है. इसी कड़ी में बुधवार को फिल्म स्टार अक्षय कुमार अपनी सास डिंपल कपाड़िया ओर एक्टर टाइगर श्रॉफ के साथ बाबा का आशीर्वाद के दरबार में पहुंचे. तीनों ने बाबा का आशीर्वाद लिया।  मंदिर प्रबंध समिति ने बताया कि बॉलीवुड स्टार अक्षय, सास डिंपल ऐर टाइगर के साथ भस्म आरती के बाद सुबह करीब छह बजे महाकाल मंदिर पहुंचे. यहां तीनों ने बाबा के दर्शन किए. इस दौरान मान्यतानुसार तीनों ने नंदी जी के कान में अपनी मनोकामना कही. दर्शन के बाद मंदिर के सहायक प्रशासक एसएन सोनी ने उन्हें दुपट्टा उड़ाकर सत्कार किया. तीनों कलाकारों को देखने के लिए श्रद्धालु उत्साहित नजर आए।  देश की तरक्की की कामना दर्शन पश्चात बाद अक्षय ने कहा उन्होंने बाबा महाकाल से परिवार ओर देश के लिए कामना की है. देश हमेशा अव्वल रहे ओर आगे बढ़ता रहे. बता दे अक्षय फिल्म ओएमजी-2 की शूटिंग करने भी महाकाल आए थे।  महाकाल मंदिर में सुरक्षा के लिए CISF की मांग वहीं, श्री महाकालेश्वर मंदिर की सुरक्षा के लिए एक बार फिर CISF (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) तैनात करने की मांग की गई है. इसके लिए  सांसद अनिल फिरोजिया ने एक बार फिर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है. इससे पहले सांसद अनिल फिरोजिया और राज्यसभा सदस्य संत उमेशनाथ ने इस मुद्दों को सदन में उठाया है. बीते कुछ दिनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई मंदिर चर्चाओं में रहा. यहां गार्ड पर एक दंपती (ऑल इंडिया बाइक राइडर) ने अभद्रता करते हुए दर्शन नहीं करने देने का आरोप लगाया था। 

हार्वेस्टर टोल टैक्स फ्री, खेती की लागत में आएगी कमी, मुख्यमंत्री ने सड़क विकास निगम को दिए सख्त निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। किसान कल्याण वर्ष 2026 में "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" के विचार को सार्थक करते हुए किसान हित में अनेक निर्णय लिए जा रहे हैं। अब कृषि प्रयोजन के लिए उपयोग किये जाने वाले कंबाइन हार्वेस्टरों को मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के टोल प्लाजा पर शुल्क संग्रहण से छूट रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फसल कटाई में प्रयुक्त होने वाला कंबाइन हार्वेस्टर आवश्यक कृषि उपकरण है। टोल मार्गों पर टोल छूट दिए जाने से हार्वेस्टर की परिवहन लागत में कमी आएगी। जिसका सकारात्मक प्रभाव कृषि उपज के मूल्य पर होगा, यह निर्णय कृषकों के लिए हितकर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की बैठक में दिए। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में आयोजित बैठक में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई संचालक मंडल की बैठक में इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड मार्ग और उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड मार्ग के नॉन एक्सेस कंट्रोल परियोजना के रूप में निर्माण को अनुमोदन प्रदान किया गया। संचालक मंडल ने पश्चिम भोपाल बायपास के परिवर्तित एलाइनमेंट को अनुमोदन प्रदान कर निर्माण की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की। बैठक में वार्षिक लेखों तथा अन्य प्रबंधकीय विषयों पर विचार-विमर्श हुआ तथा निर्णय लिए गए। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे, श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोक निर्माण श्री सुखबीर सिंह, प्रमुख सचिव वन श्री संदीप यादव तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम श्री भरत यादव उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश में 15 अप्रैल से शुरू होगी गर्मी, लू भी चलेगी; पहले हफ्ते आंधी-बारिश, अगले 4 दिन अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में अप्रैल की शुरुआत तो बारिश और ओले के साथ हुई है. राज्य में कई जिलों में मंगलवार की रात आंधी-बारिश के साथ हुई थी. इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है और तापमान भी गिरा है, लेकिन जल्दी ही मौसम बदलने की संभावना है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 15 अप्रैल से राज्य में भीषण गर्मी पड़ने वाली है. सबसे ज्यादा ग्वालियर-चंबल संभाग तपेगा, जबकि इंदौर, भोपाल, उज्जैन और सागर संभाग भी गर्मी की चपेट में रहेंगे. फिलहाल 4 अप्रैल तक कई जिलों में बारिश जैसा मौसम बने रहने की संभावना है।  4 अप्रैल तक रहेगा बारिश का मौसम अप्रैल माह की शुरुआत हालांकि तेज आंधी और बारिश के साथ हो रही है. मौसम विभाग ने भोपाल में 1 से 4 अप्रैल तक प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में मौसम अलर्ट जारी किया है. 29 जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है।  ग्वालियर-चंबल सबसे ज्यादा प्रभावित आने वाले दिनों में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र सबसे ज्यादा गर्म रहेगा। इसके अलावा इंदौर, भोपाल, उज्जैन और सागर संभाग के शहरों में भी तापमान तेजी से बढ़ेगा। महीने के आखिरी सप्ताह तक कई जिलों में पारा 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। यहां दिख रहा गर्मी का असर बदलते मौसम के बीच गर्मी ने भी दस्तक दे दी है। नर्मदापुरम में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है। खजुराहो, दमोह, रतलाम और नौगांव में भी पारा 39 डिग्री के आसपास बना हुआ है। बड़े शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में तापमान 36 से 37 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। मौसम सिस्टम की वजह से बदलाव प्रदेश में इस समय चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ सक्रिय हैं, साथ ही पश्चिमी विक्षोभ का असर भी देखने को मिलेगा। इसी वजह से शुरुआती दिनों में मौसम बदलेगा, लेकिन सिस्टम हटते ही गर्मी तेजी से बढ़ेगी।मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, जब तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंचता है और सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा रहता है, तब हीट वेव की स्थिति बनती है। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में प्रदेश के कई हिस्सों में यही हालात बनने की संभावना है। बार-बार बदलता रहा मौसम इस साल फरवरी और मार्च में मौसम ने कई बार करवट ली। कई जिलों में ओले और बारिश से फसलों को नुकसान हुआ। मार्च के आखिर तक भी आंधी-बारिश का दौर जारी रहा, जिससे गर्मी की शुरुआत टल गई थी। अब अप्रैल में मौसम का यह उतार-चढ़ाव खत्म होकर तेज गर्मी में बदलने वाला है।  इनमें इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, भोपाल समेत प्रमुख जिले शामिल हैं. 12 जिलों में ओले गिरने की संभावना है. 41 से ज्यादा जिलों में आंधी के साथ बारिश हो सकती है. धार जिले के कुक्षी और मनावर क्षेत्र में बुधवार तड़के ओले गिर चुके हैं. कई जिलों में रात के समय अचानक मौसम बदला और तेज हवाएं चलीं।  40 के पार पहुंचेगा पारा 4 अप्रैल के बाद मौसम साफ होने के साथ तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी. 15 अप्रैल के आसपास ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में दिन का तापमान 42-44 डिग्री तक पहुंच सकता है. अन्य संभागों में भी तापमान 40 डिग्री के पार जाने की संभावना है. यह मौसम परिवर्तन अप्रैल के पहले सप्ताह में बारिश और आंधी के रूप में राहत देगा, लेकिन उसके बाद में लू (Heatwave) और भीषण गर्मी का दौर शुरू हो जाएगा।  दिन में गर्मी का असर भी… नर्मदापुरम में तापमान 40 डिग्री पार आंधी, बारिश और ओलों के बीच गर्मी का असर भी दिखा। मंगलवार को नर्मदापुरम में तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। खजुराहो में 39.2 डिग्री, रतलाम-नौगांव में 39 डिग्री, दमोह में 39.1 डिग्री और खरगोन, रायसेन-उमरिया में 38 डिग्री रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में भोपाल और जबलपुर में 37 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर-ग्वालियर में 36.6 डिग्री और उज्जैन में 36 डिग्री रहा। अप्रैल में तेज गर्मी का ट्रेंड, हीट वेव भी चलेगी वर्तमान में प्रदेश में साइक्लोनिक सकुर्लेशन और ट्रफ सक्रिय हैं। 2 अप्रैल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी सक्रिय होगा। इससे 4 अप्रैल तक कहीं आंधी और कहीं बारिश हो सकती है। इसके बाद सिस्टम लौटेगा और गर्मी का दौर शुरू होगा। दूसरे सप्ताह में तेज गर्मी पड़ेगी। अप्रैल के आखिरी सप्ताह में ग्वालियर, धार, खरगोन, बड़वानी, नौगांव-खजुराहो में तापमान 44-45 डिग्री तक जा सकता है। दतिया, मुरैना, श्योपुर, बड़वानी, खरगोन और धार में भी बढ़ोतरी होगी। अप्रैल में दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में गर्म हवाएं चलती हैं, जिससे भीषण गर्मी पड़ती है। अलग-अलग इलाकों में हीट वेव का आधार अलग मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, तापमान सामान्य से 5°C ज्यादा होने पर हीट वेव मानी जाती है। मैदानी, पहाड़ी और तटीय इलाकों के लिए इसका आधार अलग होता है।     मैदानी इलाका- अधिकतम तापमान 40°C से ऊपर हो। मध्यप्रदेश में ज्यादातर मैदानी इलाका है, इसलिए 40 डिग्री के ऊपर हीट वेव की स्थिति बनती है।     सीवियर हीट वेव में तापमान सामान्य से 6.5 डिग्री अधिक रहता है। ग्वालियर-चंबल, उज्जैन और सागर संभाग में ऐसी स्थिति बनती है।

डॉ. मोहन यादव ने बच्चों पर की पुष्प वर्षा, हजारों बच्चों का हुआ प्रदेश के स्कूलों में प्रवेश

भोपाल मध्यप्रदेश के बच्चों के लिए 1 अप्रैल का दिन बेहद खास रहा। एक तरफ उन्हें नि:शुल्क साइकिल मिली, तो दूसरी ओर वे स्कूल जाने के लिए भी प्रेरित हुए। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 'स्कूल चलें हम' राज्य स्तरीय प्रवशोत्सव कार्यक्रम-2026 का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिल का वितरण भी किया। कार्यक्रम की शुरुआत में सीएम डॉ. यादव ने बच्चों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस दौरान बच्चों ने उनके साथ सेल्फी भी ली।   गौरतलब है कि सीएम डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उसके बाद उन्होंने बच्चों पर पुष्प वर्षा की। उन्होंने दोबारा स्कूल जाने का निर्णय लेने वाले बच्चों को किताबें भेंट कीं और उनके माता-पिता का अभिनंदन किया। इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन अद्भुत है। एक साथ हजारों बच्चे स्कूल में प्रवेश कर रहे हैं। जिनका स्कूल दूर है उन्हें साइकिल मिल रही है। आज समय बदल रहा है। कांग्रेस के शासनकाल में संभव नहीं था कि साइकिल मिल जाए। आप भाग्यशाली हैं कि आपको किताबें मिल रही हैं, साइकिल मिल रही है, यूनिफॉर्म के लिए राशि मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समय बदल रहा है, देश बदल रहा है। हमारी सरकार भी उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है।   नामांकन में बढ़ोत्तरी पर गर्व-मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार और शिक्षा विभाग ने माता-पिता का दिल जीता है। आज ड्रॉप आउट जीरो हो गया है। यह बहुत बड़ी बात है। आज हम गर्व से कह सकते हैं कि नामांकन में 19.6 फीसदी की वृद्धि हुई है। यह छोटी बात नहीं। उन्होंने कहा कि शासकीय विद्यालयों में बच्चों की प्रगति 32.4 फीसदी से हुई है। सरकारी स्कूलों पर भरोसा बढ़ रहा है। सांदीपनि स्कूलों और पीएम श्री स्कूलों में बच्चों के लिए सारी सुविधाएं मौजूद हैं। बच्चे सांदीपनि स्कूलों में पढ़ने के लिए प्राइवेट स्कूल तक छोड़ रहे हैं। इन स्कूलों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सारी सुविधाएं हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत किताबों को स्थानीय भाषाओं में आदिवासी क्षेत्रों में वितरित की जा रही हैं। हर बच्चा स्कूल जाने के लिए उत्साहित-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज हर बच्चा स्कूल जाने के लिए उत्साहित है। अनुसूचित जनजाति के लिए 95 हजार क्षमता वाले 1 हजार 913 छात्रावासों का संचालन हो रहा है। अनुसूचित कार्य विभाग के 25 हजार से ज्यादा विद्यालयों में 20 लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। हमारी सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। आज हमने 1-6-9वीं क्लास में एडमिशन की प्रक्रिया आसान की है। हमारी सरकार ने करीब एक लाख प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए। हमने इसके लिए बजट में इस बार ढाई सौ करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। जो बच्चे स्कूलों में टॉप कर रहे हैं, उन्हें स्कूली दी जा रही है। 55 लाख विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म दिया जा चुका है। 76 हजार से ज्यादा शिक्षकों को नियुक्ति दी है। मेरी शुभकामना है कि हमारे बच्चे हर क्षेत्र में जाएं और नाम रोशन करें।  आज हमारे लिए उत्सव का दिन-स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा आज का दिन स्कूली शिक्षा विभाग के लिए दीपावली का दिन है। आज प्रदेश के बच्चे स्कूलों में प्रवेश कर रहे हैं। हमारा इनरॉलमेंट बढ़ रहा है। मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि आज हमने एक करोड़ बच्चों को इनरॉल किया है। हमारा पूरा विभाग ड्रॉप आउट को रोकने का प्रयास कर रहा है। हमारी सरकार बच्चों की बेहतरी के लिए काम कर रही है। हम किताबों को निशुल्क देने में सफल हुए हैं। सरकार का प्रयास है कि विकासखंड स्तर पर बुक फेयर लगाए जाएं, जहां शासकीय के साथ निजी स्कूलों के बच्चों को भी पाठ्यपुस्तक निगम की सस्ती किताबों का लाभ मिल सके। मैं बच्चों को स्कूल प्रवेशोत्सव की शुभकामनाएं देता हूं। हम बच्चों का भविष्य सुनहरा बनाने के लिए संकल्पित हैं। जनजातीय कल्याण मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। शासकीय स्कूलों में बच्चों को मध्यान भोजन, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें, साइकिलें, स्कूटी, लैपटॉप तक वितरित किए जा रहे हैं।