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बागेश्वर धाम में कैंसर हॉस्पिटल के निर्माण के लिए पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का 8 देशों का दौरा, जुटाएंगे फंड

छतरपुर   बागेश्वर धाम में कैंसर हॉस्पिटल का निर्माण तेजी से चल रहा है. निर्माण कार्य और हॉस्पिटल के लिए संसाधन जुटाने के लिए बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री लगातार प्रयास में जुटे हैं. फंड इकट्ठा करने और डॉक्टर्स की तैनाती के मकसद से पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री देश के कोने-कोने में कथाएं कर रहे हैं. इस दौरान कई उद्योगपति फंड देने की घोषणा कर रहे हैं. अस्पताल बनाने के लिए फंड की व्यवस्था कथा से मिलने वाली राशि और दानदाताओं के सहयोग से की जा रही है. मुंबई में बाबा बागेश्वर की कथा के दौरान मशहूर उद्योगपति रुइया ने भरोसा दिया है कि हॉस्पिटल बनाने की जिम्मेदारी उनका ग्रुप उठाएगा. फंड जुटाने के लिए कई देशों का दौरा करेंगे बाबा बागेश्वर हॉस्पिटल के लिए फंड जमा करने के लिए अब बाबा बागेश्वर कई देशों के दौरे पर निकलने की तैयारी कर रहे हैं. पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया "मैं बागेश्वर में हमारे बनने वाले कैंसर हॉस्पिटल के डेवलपमेंट में मदद करने के लिए 7 या 8 देशों के ट्रिप पर जा रहा हूं. हम अपने कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट में वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं देने की पूरी कोशिश करेंगे. इस मकसद के लिए, हम उन अलग-अलग डॉक्टरों से बात करेंगे जो इस नेक काम के लिए अपनी सर्विस देने को तैयार हैं." बुंदेलखंड का सबसे बड़ा कैंसर हॉस्पिटल बागेश्वर धाम में बुंदेलखंड का सबसे बड़ा कैंसर हॉस्पिटल बनाने का काम जोरों पर चल रहा है. हॉस्पिटल का शिलान्यास बीते साल 23 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. योजना के अनुसार प्रारंभ में 100 बेड का कैंसर अस्पताल शुरू होगा. इसे 25 एकड़ में बनाया जाएगा. इसका काम 4 चरणों में चलाने की योजना है. यहां गरीबों का फ्री इलाज होगा, दवाएं भी फ्री मिलेंगी. शुरुआत में हॉस्पिटल बनने की लागत करीब 200 करोड़ रुपये रखी गई है. इसका संचालन बागेश्वर धाम सेवा समिति के साथ ही मेदांता ग्रुप करेगा. बागेश्वर के कैंसर हॉस्पिटल में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी योजना के अनुसार बागेश्वर धाम में बनने वाले मल्टी स्पेशियलिटी कैंसर हॉस्पिटल में फूड कोर्ट, धर्मशाला, एग्जीबिशन कॉम्प्लेक्स, फॉर्मेसी एंड शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और सोलर पार्किंग, यज्ञशाला, एंट्रेंस गेट आदि बनाए जाएंगे. हॉस्पिटल में मरीजों को एम्बुलेटरी केयर एरिया, जनरल वार्ड, पैथोलॉजी, सीटी स्कैन, एमआरआई, रेडियोथैरेपी एंड कीमोथैरेपी, ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू आदि की सुविधाएं मिलेंगी. मरीजों और अटेंडर के लिए खाने से लेकर रहने तक की सभी सुविधाएं रहेंगी. जर्मन कैंसर विशेषज्ञ डॉ. एंजेल ने डेरा डाला खास बात ये है कि हॉस्पिटल के निर्माण में जर्मन कैंसर विशेषज्ञ डॉ. एंजेल की तकनीकी सहायता कर रहे हैं. इसके अलावा और भी कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों सहयोग करने में जुटे हैं. योजना के अनुसार कैंसर हॉस्पिटल में पैरामेडिकल स्टाफ जैसे- रेडियोलॉजी समेत अन्य स्पेशलाइजेशन के लिए धाम के बच्चों को अलग-अलग मेडिकल इंस्टीट्यूट में एडमिशन दिलाया जाएगा. किसी को सर्जरी, किसी को कीमो तो किसी को रेडियोलॉजी की ट्रेनिंग दी जाएगी. 

रिश्तों को किया शर्मसार: चचेरे भाई पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप

 खंडवा पुनासा के बालिका छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा ने शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात लगभग तीन बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुनासा में एक बालिका को जन्म दिया। प्रसव पीड़ा शुरू होने पर छात्रावास प्रबंधन द्वारा छात्रा को तत्काल अस्पताल लाया गया, जहां उसे जच्चा वार्ड में भर्ती किया गया।रात करीब सवा तीन बजे सुरक्षित प्रसव हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। उल्लेखनीय है कि छात्रा की वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं और शनिवार को उसका पेपर निर्धारित था। स्वास्थ्य केंद्र से सूचना मिलने पर नर्मदानगर थाना प्रभारी विकास खींची ने पुनासा चौकी प्रभारी राजेंद्र सइदे को अस्पताल भेजकर मामले की जांच करवाई। पुलिस जांच में सामने आया कि छात्रा मुंदी क्षेत्र के समीप स्थित एक गांव की निवासी है।  

ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था चरमराई, शिक्षकों की भारी कमी पर CAG की चेतावनी

भोपाल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। पांच साल में करीब 35 हजार पदों पर भर्ती होने के बाद भी प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों के एक लाख पद खाली हैं। वहीं 1,895 स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं और 435 स्कूल शून्य नामांकन वाले हैं। वहीं 29,116 स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश स्कूल खाली हैं। ये विसंगतियां हाल में विधानसभा में प्रस्तुत भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की 2026 की रिपोर्ट में सामने आई हैं। इस रिपोर्ट में मध्य प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना को लेकर गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं। शहरी स्कूलों में सरप्लस शिक्षक रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जबकि राजधानी समेत कई शहरी स्कूलों में जरूरत से अधिक शिक्षक पदस्थ हैं। जिला स्तर पर प्राथमिक शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण नहीं होने से यह स्थिति बनी। वर्ष 2022 में 46 जिलों में प्राथमिक शिक्षकों के 1,72,336 स्वीकृत पद थे, जिनमें से 1,56,084 शिक्षक कार्यरत पाए गए। वहीं शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के मानकों के अनुसार इन जिलों में 1,53,643 शिक्षकों की आवश्यकता थी, लेकिन इसके बावजूद 2,441 प्राथमिक शिक्षक अतिरिक्त पदस्थ थे। शिक्षकों का समायोजन करने के बजाय 7,429 नए प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती कर दी गई, जिससे असंतुलन और बढ़ गया। ग्रामीण और शहरी स्कूलों में बड़ा अंतर रिपोर्ट में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्कूलों के बीच शिक्षक उपलब्धता में बड़ा अंतर भी सामने आया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 62,213 स्कूल हैं, जहां 2,81,887 स्वीकृत पदों के मुकाबले 1,98,175 शिक्षक कार्यरत हैं, यानी करीब 70.30 प्रतिशत पद ही भरे हैं। वहीं इसके विपरीत शहरी क्षेत्रों के 4,601 स्कूलों में 47,556 स्वीकृत पदों के मुकाबले 43,319 शिक्षक कार्यरत हैं, जो लगभग 91.09 प्रतिशत है। इससे स्पष्ट है कि ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, जबकि शहरों में कई स्कूलों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक मौजूद हैं। पिछले साल 20 हजार अतिशेष शिक्षकों का समयोजन किया गया। अब नए सत्र के शुरू होने से पहले शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर किया जा सके। साथ ही शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। डॉ. संजय गोयल, सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग  

त्योहारों को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट, शांति समिति में अहम फैसले

अनूपपुर.  जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर अनूपपुर  हर्षल पंचोली एवं पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान के निर्देशन में शनिवार को थाना कोतवाली अनूपपुर में आगामी होलिका दहन,  धुरेडी, रंगपंचमी, चेट्री चंड उत्सव ( झूलेलाल जयंती), गुड़ी पड़वा, ईद उल फितर,  रामनवमी एवं  हनुमान जन्मोत्सव को शान्ति पूर्व मनाये जाने हेतु शान्ति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। थाना कोतवाली अनूपपुर में आयोजित शान्ति समिति की बैठक में एसडीएम अनूपपुर  कमलेश पुरी, टी.आई. कोतवाली अनूपपुर अरविन्द जैन, यातायात थाना प्रभारी विनोद दुबे, नगर पालिका उपयंत्री बृजेश पाण्डेय, मनीष जोशी (उप यंत्री ) मध्यप्रदेश विद्युत मंडल,  पार्षदगण अनिल पटेल, प्रवीण सिह, विनोद कुमार सोनी, जनप्रतिनिधि बृजेश चतुर्वेदी, शिवरतन वर्मा, कमलेश तिवारी पिन्टू, सदर जामा मस्जिद लियाकत अली, पूर्व सदर मोहम्मद सलीम बाबा खान, तौहित खान, शेर अली, परसराम बागवानी, तेजूमल भोजवानी, संजय भोजवानी राकेश गौतम होलिका दहन कार्यक्रम के आयोजकगण,  हनुमान जन्म उत्सव कार्यक्रम के आयोजकगण, शिव मारूती युवा संगठन के राहुल अग्रहरि, बृजेश राठौर, इशांक केशरवानी सदस्य डी.जे. एवं साउण्ड सिस्टम संचालकगण, मीडिया बंधु नगर एवं ग्राम रक्षा समिति के सदस्य एवं कोटवार बंधु सहित करीब 100 गणमान्य नागरिक उपस्थित हुए। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिको ने पर्वो के दौरान कार्यक्रम स्थल पर साफ सफाई एवं प्रकाश व्यवस्था हेतु, पर्वो के दौरान सड़को पर नीचे झूले हुए बिजली तारों को ऊंचा कराये जाने हेतु, पर्वो के जुलुस में पुलिस की व्यवस्था एवं यातायात व्यवस्था हेतु पुलिस प्रशासन को सुझाव दिया गया। होली पर्व पर शराब पीकर हुड़दंग कर आम नागरिको को परेशान किये जाने वालो पर कार्यवाही हेतु सुझाव दिया गया।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का दावा, सचिवालय को विधानसभा जैसा बनाने से प्रदेश पहुंचेगा नई ऊंचाई

भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई। 22 विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा के बिना ही सरकार ने वर्ष 2026-27 का बजट पारित करने के लिए विनियोग विधेयक प्रस्तुत किया। कांग्रेस के सदस्यों ने चर्चा के अवसर न दिए जाने के विरोध में बहिर्गमन कर दिया। इस बीच 4,38,417 करोड़ का बजट पारित कर दिया गया। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जितना अच्छा विधानसभा सचिवालय है, यदि उतना अच्छा सरकार का सचिवालय भी हो जाए तो पता नहीं यह प्रदेश किस ऊंचाई तक पहुंच जाए। प्रदेश की विधानसभा की परंपरा बहुत उच्चकोटि की रही है, जिसकी चर्चा सारे देश में की जाती है। पूर्व के मंत्री रहे हैं, चाहे इधर बैठने वाले हों या उधर बैठने वाले हों, सबने हमेशा अपनी-अपनी विचारधारा के अनुसार काम किया है, पर विधान सभा की गरिमा को ठेस लगे ऐसा कोई काम नहीं किया। हमने आपस में एक दूसरे के खिलाफ सड़क पर कितनी भी लड़ाई लड़ी, सदन में भी हमने एक दूसरे के खिलाफ वार्तालाप किया हो, बहस की हो, पर जब हम बाहर निकलते हैं तो एक दूसरे के प्रति जो संबंध है, जो मित्रता है, इस पर मुझे गर्व है कि मैं मप्र की विधान सभा का सदस्य हूं। 25 विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा प्रस्तावित थी विधानसभा में शुक्रवार को 25 विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा प्रस्तावित थी। सदन की कार्यवाही शांति के साथ चल रही थी। संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक एवं धर्मस्व विभाग की अनुदान मांगों पर दो घंटे चर्चा हुई और प्रस्ताव पारित किए गए लेकिन इसके बाद मुखबंद का उपयोग करते हुए शेष 22 विभागों की अनुदान मांगों को एक साथ प्रस्तुत कर पारित कराया और उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने विनियोग विधेयक प्रस्तुत कर दिया। इसके पहले विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि निर्धारित समय सीमा में अनुदान मांगें स्वीकृत होना आवश्यक है और कार्य दिवस कम हैं इसलिए वर्ष 2026-2027 के आय-व्ययक में सम्मिलित अनुदानों की मांगों का प्रस्ताव एक साथ रखा जाएगा। हमें बार-बार औकात याद दिलाई गई सत्र की समाप्ति पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि हमने जब इंदौर में दूषित जल से 35 लोगों की मौत पर सवाल किया तो जवाबदेही के स्थान पर औकात याद दिलाई गई। स्वच्छ जल पर चर्चा के लिए अनुरोध किया तो सरकार ने विपक्ष के नेताओं को जनता से जुड़े मुद्दे पर सवाल करने पर औकात याद दिलाई। जब कैग की रिपोर्ट में सामने आए भ्रष्टाचार पर चर्चा की मांग की फिर औकात दिखाई। चाहे सदन के अंदर हो या बाहर, सरकार और उससे जुड़े लोग हर दिन प्रदेशवासियों को उसकी औकात याद दिला रहे हैं। सिंगरौली के धिरौली कोल परियोजना के विस्थापित आदिवासियों और नियम ताख पर रखकर अदाणी को जमीन देने का मुद्दा उठाया तो सरकार ने झूठ फैलाना शुरू कर दिया। कांग्रेस विधायक दल ने प्रदेश की जनता के हर मुद्दे पर मुखर होकर अपनी बात रखी और आगे भी रखते रहेंगे। अध्यक्ष बोले- सदन में मतभेदों के बावजूद मनभेद की स्थिति नहीं बनी विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हमारी दलीय निष्ठाएं भिन्न हो सकती हैं, परंतु लक्ष्य सदैव जनहित ही रहता है। संसदीय लोकतंत्र में सहमति-असहमति, समर्थन-विरोध तथा दलीय प्रतिबद्धताएं स्वाभाविक हैं। मतभेद लोकतंत्र की एक शक्ति हैं, परंतु यह संतोष का विषय है कि मतभेदों के बावजूद मनभेद की स्थिति नहीं बनी। सत्र के दौरान अनेक विषयों पर गहन एवं कभी-कभी तीव्र बहस भी हुई, किंतु सभी कार्य लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप सफलतापूर्वक संपन्न हुए। वहीं, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी कहा कि सत्र अत्यंत सार्थक, परिणामकारी एवं जन भावनाओं के अनुरूप रहा।

हिजाब को लेकर बोर्ड परीक्षा में बवाल, टीचर ने छात्राओं के नंबर काटने की दी धमकी, शिक्षा विभाग का स्पष्टीकरण

इंदौर जिले के सिरपुर इलाके में एक निजी स्कूल में उस समय तनाव बढ़ गया, जब 8वीं बोर्ड की परीक्षा दे रही दो छात्राओं को कथित तौर पर हिजाब हटाने के लिए मजबूर किया गया। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद एक महिला टीचर ने न सिर्फ छात्राओं के सिर से कपड़ा हटाने को कहा, बल्कि विरोध करने पर उनके 20 नंबर काटने की धमकी तक दे डाली। जब यह मामला सामने आया, तो स्कूल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। हिजाब नहीं उतारने पर नंबर काटने की धमकी यह पूरी घटना 25 फरवरी की है। शिकायत के मुताबिक, परीक्षा हॉल में बैठी छात्राओं को टीचर ने टोकते हुए कहा कि वे सिर ढककर पेपर नहीं दे सकतीं। जब बच्चियों ने मना किया, तो उन्हें डराया गया कि उनके रिजल्ट से नंबर कम कर दिए जाएंगे। जैसे ही यह बात बच्चों को छोड़ने आए परिजनों तक पहुंची, उन्होंने स्कूल के बाहर विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते अल्पसंख्यक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंच गए और पूछा कि आखिर किस नियम के तहत यह पाबंदी लगाई गई है? नकल का डर या अपनी मनमानी? हंगामा बढ़ता देख ब्लॉक रिसोर्स को-ऑर्डिनेटर राजेंद्र तंवर जांच के लिए सेंटर पहुंचे। जब उन्होंने संबंधित टीचर से पूछताछ की, तो अजीबोगरीब दलील सामने आई। टीचर का कहना था कि उन्होंने यह निर्देश इसलिए दिया ताकि नकल की कोई गुंजाइश न रहे। हालांकि, शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि बोर्ड परीक्षा के दौरान हिजाब पहनने पर रोक लगाने का ऐसा कोई भी लिखित आदेश उनकी तरफ से जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों ने मांगी सफाई संस्थाओं का कहना है कि स्कूल अपनी मर्जी से ऐसे नियम नहीं थोप सकता जो सरकारी निर्देशों में ही न हों। फिलहाल, शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्कूल से इस पूरे मामले पर लिखित सफाई मांगी है। इस घटना के बाद से सेंटर पर तनाव का माहौल है और परिजनों ने मांग की है कि परीक्षा के दौरान बच्चों को मानसिक रूप से परेशान करने वालों पर कार्रवाई की जाए।  

चर्लपल्ली-दानापुर-चर्लपल्ली के मध्य स्पेशल ट्रेन

जबलपुर  रेलवे द्वारा आगामी त्यौहारों होली पर यात्रियों की सुविधा हेतु एवं उनकी यात्रा मांग को पूरा करने के उद्देश्य से विभिन्न गंतव्यों के लिए विशेष किराये पर स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया गया है। इसी कड़ी में दक्षिण मध्य रेलवे से प्रारम्भ/टर्मिनेट होने वाली स्पेशल ट्रेन गाड़ी संख्या 07097/07098 चर्लपल्ली-दानापुर-चर्लपल्ली स्पेशल ट्रेन पश्चिम मध्य रेल से होकर अपने गंतब्य को जाएगी। इस स्पेशल ट्रेन का पश्चिम मध्य रेल के क्षेत्राधिकार में आने वाले समय-सारणी का विवरण निम्नानुसार है:- चर्लपल्ली-दानापुर-चर्लपल्लीस्पेशल ट्रेन (01-01 ट्रिप) गाड़ी संख्या 07097 चर्लपल्ली से दानापुर होली स्पेशल ट्रेन दिनाँक 28 फरवरी 2026 को चर्लपल्ली स्टेशन से रात 20:30 बजे प्रस्थान कर मार्ग से होते हुए अगले दिन जबलपुर दोपहर 14:30 बजे, सतना रात 20:00 बजे पहुँचकर और तीसरे दिन सुबह 09:30 बजे दानापुर स्टेशन पहुँचेगी। (01 सेवाएं) इसी प्रकार गाड़ी संख्या 07098 दानापुर से चर्लपल्ली होली स्पेशल ट्रेन दिनाँक 02 मार्च 2026 को दानापुर स्टेशन से 11:30 बजे प्रस्थान कर मार्ग से होते हुए सतना रात 22:50 बजे, पहुंचकर अगल दिन*जबलपुर भोर 04:00 बजे* और रात 23:45 बजे चर्लपल्ली स्टेशन पहुँचेगी। (01 सेवाएं) कोच कम्पोजीशन:- इस गाड़ी में  01 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी, 03 वातानुकूलित द्वितीय सह तृतीय श्रेणी, 05 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी, 08 शयनयान श्रेणी, 04 सामान्य श्रेणी एवं 02 एसएलआरडी सहित कुल 24 कोच रहेंगे। ट्रेन के हाल्ट:- रास्ते में यह गाड़ी दोनों दिशाओं में काजीपेट जंक्शन, रामागुंडम,  सिरपुर कागजनगर, बल्लारशाह जंक्शन,  चांदफोर्ट, गोंदिया, बालाघाट, नैनपुर, जबलपुर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर एवं आरा स्टेशनों पर रुकेगी। यात्री सुविधा का लाभ लेते हुए स्पेशल ट्रेन के ठहराव की विस्तृत जानकारी स्टेशन, एनटीइएस या रेल मदद 139 अथवा ऑनलाइन रेलवे वेबसाइट से प्राप्त कर सकते है।

भाजपा नेता नें प्रधानमंत्री को लिखी तहसीलदार के खिलाफ शिकायत

उमरिया  चंदिया नगर के भाजपा नेता नीलेश राज द्विवेदी नें आज वर्तमान चंदिया तहसीलदार के खिलाफ एक लिखित शिकायत की है जिसमें उन्होंने नें आरोप लगाया है कि वर्तमान तहसीलदार आशीष शर्मा द्वारा किसानों आम जन मानस एवं हितग्राहियों से भारी पैसों कि माँग कि जाती है व पैसे ना देने पर हितग्राही एवं किसानों के मामले ख़ारिज कर दिए जाते हैं एक तरफ़ मध्यप्रदेश भाजपा सरकार राजस्व अभियान चलाती है तो वहीं दूसरी ओर तहसीलदार चंदिया द्वारा सभी मामलों को ख़ारिज कर सरकार को चुनौती देने का काम किया जा रहा है नीलेश राज द्विवेदी नें यह भी आरोप लगाया कि तहसील क्षेत्र में हो रहे अवैध रेत उतखनन  पर चंदिया तहसीलदार संलिप्त हैं ऐसे भ्रष्ट तहसीलदार जो अपने पद का दुरूपयोग पैसों के लिए करता है ऐसे भ्रष्ट अधिकारीयों पर प्रधानमंत्री जी द्वारा कठोर कार्यवाही कि जावे  

भोपाल में प्राइवेट स्कूलों पर शिकंजा, कलेक्टर ने 8 जांच टीमें बनाई, शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई

भोपाल   मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में नए शैक्षणिक सत्र से पहले ही प्रशासन ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर बड़ा एक्शन ले लिया है। भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए कहा है कि कोई भी निजी स्कूल अब अभिभावकों पर किसी एक तय दुकान से यूनिफॉर्म, किताबें, कॉपियां या जूते खरीदने का दबाव नहीं बना सकेगा। कलेक्टर के निर्देश के बाद जिलेभर में निगरानी के लिए 8 विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो शिकायत मिलते ही संबंधित स्कूल प्रबंधन पर तुरंत कार्रवाई करेंगी। एक दुकान से खरीदने की बाध्यता खत्म कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि प्राइवेट स्कूल किसी भी छात्र या पैरेंट्स को किसी विशेष दुकान से यूनिफॉर्म या किताबें खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। अगर किसी स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर आर्थिक दबाव बनाने की शिकायतें सामने आ रही थीं, जिस पर प्रशासन ने यह कड़ा फैसला लिया है। शिकायत मिलते ही होगी कार्रवाई प्रत्येक अनुभाग में एसडीएम के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम बनाई गई है। इन टीमों में तहसीलदार और सरकारी स्कूलों के प्राचार्य शामिल हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि जैसे ही किसी अभिभावक की शिकायत मिले, तुरंत जांच कर दोषी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाए। भोपाल में गठित 8 विशेष टीमें कोलार – एसडीएम पी.सी. पांडेय शहर वृत्त – एसडीएम दीपक पांडेय एमपी नगर – एसडीएम एल.के. खरे गोविंदपुरा – एसडीएम भुवन गुप्ता टीटी नगर – एसडीएम अर्चना शर्मा बैरागढ़ – एसडीएम रविशंकर राय बैरसिया – एसडीएम आशुतोष शर्मा हुजूर – एसडीएम विनोद सोनकिया (हर टीम में तहसीलदार और शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हैं) पैरेंट्स के लिए बड़ी राहत इस फैसले से भोपाल के हजारों अभिभावकों को राहत मिलेगी। अब स्कूल मनमाने तरीके से महंगी किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर पाएंगे। अगर कहीं भी दबाव बनाया जाता है तो पैरेंट्स सीधे प्रशासन से शिकायत कर सकते हैं।

एमवाय अस्पताल के पास 20 हजार वर्गफीट सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई, जिला प्रशासन सक्रिय

इंदौर  इंदौर में आज सुबह जिला प्रशासन ने एमवाय अस्पताल परिसर के पीछे स्थित मस्जिद के आसपास सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नगर निगम और प्रशासनिक अमले ने नजूल भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया।  20 हजार वर्गफीट जमीन पर था कब्जा रेसीडेंसी क्षेत्र के अंतर्गत अनसर्वेड एरिया की सरकारी जमीन पर बरसों से अतिक्रमण कर निर्माण कर लिया गया था। प्रशासन के अनुसार करीब 20 हजार वर्गफीट जमीन पर अवैध कब्जा पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मौके पर सुबह सात बजे से ही जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस का भारी अमला तैनात रहा। मस्जिद और मुसाफिरखाने को छोड़कर आसपास बने अवैध निर्माण को हटाया गया। प्रशासन ने पहले ही नोटिस जारी कर जमीन खाली करने के आदेश दे दिए थे। सर्वे में सामने आया था मामला कुछ समय पहले रेसीडेंसी एरिया का सर्वे कराया गया था, जिसमें रतलाम कोठी और आसपास के क्षेत्र भी शामिल थे। सर्वे के दौरान एमवाय अस्पताल के पीछे सीआरपी लाइन के ब्लॉक क्रमांक 6 और 11 में अतिक्रमण पाए जाने के बाद कलेक्टर ने बेदखली के आदेश जारी किए थे। विरोध के बाद आंशिक मोहलत कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध भी जताया। अधिकारियों ने बचे हुए हिस्से को हटाने के लिए सीमित समय की मोहलत दी है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।