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शिक्षा और विकास पर बड़ा फोकस, नई पीढ़ी की मजबूत नींव रखेगा बजट : श्री सिंह

भोपाल. स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि उसे डॉ. मोहन यादव जैसे संवेदनशील मुख्यमंत्री मिले हैं। उनके नेतृत्व में वित्त मंत्री  जगदीश देवड़ा ने वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्ताव प्रस्तुत किया। यह बजट समाज के हर वर्ग का कल्याण करने वाला बजट है। चाहे किसान हो, युवा हो, महिलाएं हों, सभी के विकास पर सरकार ने विशेष ध्यान दिया है।  सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश के विजनरी मुख्यमंत्री  डॉ. मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया है। सरकार ने स्कूल शिक्षा का बजट 11 फीसदी बढ़ा दिया है। यह बजट न केवल स्कूली विद्यार्थियों का भविष्य सुनहरा बनाएगा, प्रदेश और देश के विकास के लिए बच्चों को तैयार करेगा। यह छात्रों के बेहतर भविष्य और मध्यप्रदेश के समग्र विकास की नींव को मजबूती देने वाला बजट है। मध्यप्रदेश के स्कूली बच्चों को भविष्य में नई दिशा मिलेगी। सरकार उनकी हर समस्या का समाधान करने के लिए तत्पर है और उन्हें प्रदेश-देश के विकास के लिए तैयार करेगी। मंत्री  सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल शिक्षा बजट में जो प्रावधान किए हैं, उनसे स्कूलों के नए भवन, सांदीपनि विद्यालय, खेलखूद भवन, प्रयोगशालाओं सहित कई नए निर्माण किए जाएंगे। इन नवाचारों से विद्यार्थियों को स्कूल में पढ़ाई में तो मदद मिलेगी ही, साथ ही उनका व्यक्तित्व विकास भी होगा। मध्यप्रदेश सरकार ने प्राथमिक शालाओं के लिए 11 हजार 444 करोड़ रुपये का बजट दिया है। यह बजट छात्रों की नींव मजबूत करेगा। इसी तरह माध्यमिक शालाओं के लिए 7 हजार 129 करोड़ रुपये का बजट है।  सिंह ने कहा कि भविष्य में सांदीपनि विद्यालयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यही कारण है कि इन विद्यालयों के लिए बजट में 3 हजार करोड़ से ज्यादा का बजट दिया गया है। अशासकीय विद्यालयों की ट्यूशन फीस भी सरकार देगी। इसके लिए सरकार ने 546 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि पीएम  योजना के लिए सरकार ने विभाग को 530 करोड़ रुपये दिए हैं। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को 250 करोड़ रुपये के लैपटॉप दिए जाएंगे। इसी तरह मध्यप्रदेश सरकार जनजातीय छात्राओं को 210 करोड़ की साइकिलें देगी। मंत्री  सिंह ने कहा कि बच्चों की शिक्षा को बेहतर करने के लिए 101 करोड़ की पाठ्य सामग्री दी जाएगी। हमारी सरकार मेधावी छात्रों को 100 करोड़ रूपये की स्कूटी प्रदान करेगी। सरकार 5 हजार 649 करोड़ रुपये से समग्र शिक्षा अभियान को और गति प्रदान करेगी। 4 हजार 233 करोड़ रुपये से शासकीय हाई-हायर सेकेण्डरी शालाओं का निर्माण और विकास किया जाएगा।  सिंह ने कहा कि सरकार ने अतिथि शिक्षकों का भी पूरा ध्यान रखा है। उनके मानदेय के लिए 1141 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। गौरतलब है कि सरकार ने धरती आबा जन जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 208 करोड़ रुपये, शासकीय स्कूल-छात्रावास-पुस्तकालय-आवासीय खेलकूद भवनों के निर्माण-विस्तार के लिए 200 करोड़, हाई-हायर सेकेण्डरी स्कूलों में पढ़ने-लिखने की बैठक व्यवस्था एवं प्रयोगशाला के लिए 200 करोड़, पंचायती राज संस्थाओं के अध्यापक-संविदा शाला शिक्षकों को वेतन-मानदेय के लिए 146 करोड़, अशासकीय शालाओं को अनुदान देने के लिए 120 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया है। परि‍वहन व्‍यवस्‍था पर विशेष जोर  सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व वित्त मंत्री  जगदीश देवड़ा ने परिवहन के लिए भी विशेष प्रावधान किए हैं। वर्ष 2026-27 के लिए 230 करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान किया गया है। इसमें मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए 54 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

किसानों की समृद्धि को समर्पित है बजट 2026-27 : कृषि मंत्री कंषाना

भोपाल  किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि विधानसभा में प्रस्तुत बजट 2026 -27 में प्रदेश के अन्नदाताओं के सशक्तिकरण और कृषि विकास को नई ऊँचाई देने का संकल्प है। बजट में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के लिए 31 हजार 758 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मंत्री  कंषाना ने कहा कि प्रदेश में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन को मूल्य संवर्धन से जोड़कर किसानों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। प्रदेश कृषि उत्पादन और किसान कल्याण के स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर है। दाल उत्पादन में प्रथम, गेहूं, तिलहन में द्वितीय और सोयाबीन में 35 प्रतिशत योगदान के साथ मध्यप्रदेश अग्रणी है। औद्योगीकरण, अधोसंरचना, रोजगार, शिक्षा और किसान समृद्धि पर विशेष फोकस के साथ वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में समर्पित किया गया है।

कल से इंदौर में नहीं आएगा पानी, तीन दिवसीय सप्लाई बंद

 इंदौर वाचू पाइंट पर 1200 एमएम व्यास की पुरानी पाइप लाइन बदलकर नई लाइन बिछाने और नर्मदा प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य कार्यों के लिए नगर निगम 48 घंटे का मेगा शटडाउन लेगा। इसके चलते शहर में 19, 20 और 21 फरवरी को जलापूर्ति बाधित रहेगी। शटडाउन 19 फरवरी को सुबह से शुरू हो जाएगा। नगर निगम शटडाउन के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों से पानी सप्लाई करेगा। इसके लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। नगर निगम जलकार्य प्रभारी बबलू शर्मा ने बताया कि वाचू पाइंट पर पहले से बिछी पाइप लाइन पिछले दिनों क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसकी वजह से बहुत ज्यादा मात्रा में पानी का अपव्यय हो रहा है। इस लाइन को बदलकर नया किया जा रहा है। शटडाउन के दौरान प्रथम, द्वितीय चरण के सभी पंप बंद रहेंगे। शटडाउन के दौरान यह काम करेगा निगम     वाचू पाइंट पर क्षतिग्रस्त 1200 एमएम व्यास की पाइप लाइन बदलना     प्रथम एवं द्वितीय चरण 180 एमएलडी के सब-स्टेशन 132 केवी छोटी खरगोन में ट्रांसफार्मर आइल टापअप, सीटी ट्रांसफार्मर, आइसोलेटर, इंसुलेटर की सर्विसिंग, ट्रांसमिशन लाइन 33 केवी का संधारण, सभी 400 केवी वीटी मोटर पंप की सर्विसिंग     नदी में लगे सभी सबमर्सिबल पंपों की साफ-सफाई, चैनलों की सफाई, सभी वीटी पंपों की सर्विसिंग     363 एमएलडी भकलाई प्लांट में चैनल की साफ-सफाई, नाडल चैंबर क्लेरिफायर टैंक सफाई यह प्रभाव पड़ेगा     नर्मदा प्रथम एवं द्वितीय चरण की पाइप लाइन का शटडाउन होने की वजह से 19 और 20 फरवरी को अन्नपूर्णा टंकी एवं बिलावली टंकी क्षेत्र अंतर्गत होने वाला सीधा सप्लाई बाधित रहेगा।     20 और 21 फरवरी को अन्नपूर्णा, छत्रीबाग, राजमोहल्ला, एमओजी लाइन, लोकमान्य नगर, द्रविड़ नगर, महाराणा प्रताप नगर, जिंसी हाट मैदान, नरवल, टिगरिया बादशाह, सुभाष चौक, सदर बाजार, गांधी हाल, मल्हार आश्रम, स्कीम 103, कुशवाह मोहल्ला, बाणगंगा, जय हिंद नगर की टंकियां खाली रहेंगी। इन टंकियों से सप्लाई नहीं होगी।  

डेंटल सेक्टर में भारत की बढ़ती ताकत, दुनिया में सेवाएं देने को तैयार विशेषज्ञ : शुक्ल

भोपाल. उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि दंत चिकित्सा स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है। अच्छा मौखिक स्वास्थ्य समग्र स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत के प्रशिक्षित दंत चिकित्सक दंत चिकित्सा क्षेत्र में वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल एलएन मेडिकल कॉलेज भोपाल में "इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ग्लोबल डेंटिस्ट्री–2026" के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय सहस्रबुद्धे ने कहा कि यह पहल "ब्रेन ड्रेन" नहीं बल्कि "ग्लोबल गेन" का उदाहरण है। सही मार्गदर्शन , पारदर्शी प्रक्रिया और नैतिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से भारतीय डेंटिस्ट वैश्विक मंच पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं तथा देश की प्रतिष्ठा को सशक्त बना सकते हैं। सम्मेलन में पहली बार भारत में यूके डेंटल भर्ती एवं प्लेसमेंट पर संरचित मंच प्रस्तुत किया गया। ओआरई, एलडीसी, एमएफडीएस परीक्षाओं, जनरल डेंटल काउंसिल (जीडीसी) रजिस्ट्रेशन, वीज़ा/स्पॉन्सरशिप प्रक्रिया, यूके क्लिनिकल स्टैंडर्ड्स, रोगी सुरक्षा और प्रोफेशनल एथिक्स पर विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को गलत सूचना और फर्जी एजेंसियों से बचने के लिए पारदर्शी प्रक्रिया समझाई गई। सम्मेलन में भारत एवं यूके की आय संभावनाओं की तुलनात्मक जानकारी भी प्रस्तुत की गई। यूके से आए विशेषज्ञों द्वारा वन-टू-वन मार्गदर्शन, पैनल डिस्कशन और दो दिवसीय सीपीडी एवं पर्सनलाइज्ड क्लिनिक का आयोजन किया जायेगा। कार्यक्रम में डेंटल सर्जन्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. चंद्रेश शुक्ला, डॉ. अनुपम चौकसे,  धर्मेन्द्र गुप्ता, सहित दंत चिकित्सा विशेषज्ञ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। लंदन से आए विशेषज्ञ डॉ. रूथ चेसमोर-होस्कर, डॉ. गौरी प्रधान, डॉ. शिवानी भंडारी, डॉ. दलिप कुमार,  विलियम नील कार्माइकल एवं डॉ. टिमोथी ओ’ब्रायन ने प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दंत छात्र-छात्राओं, इंटर्न्स, प्रैक्टिसिंग दंत चिकित्सकों एवं फैकल्टी सदस्यों ने सहभागिता की और विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपने कैरियर संबंधी प्रश्नों के समाधान प्राप्त किए।

गुड गवर्नेंस को गति देने वाला बजट, आपदा प्रबंधन और राजस्व व्यवस्था होगी हाईटेक : वर्मा

भोपाल  राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का बजट प्रदेश में सुशासन, आपदा प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था और राजस्व तंत्र के आधुनिकीकरण को समर्पित है।यह बजट सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ने के संकल्प का सशक्त प्रमाण है और केंद्र सरकार के मूल मंत्र “ज्ञान” के अनुरूप गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलाओं के कल्याण को समर्पित है। साथ ही औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार को नई गति देगा। राजस्व मंत्री  वर्मा ने बताया कि बजट में राजस्व विभाग के लिए व्यापक एवं दूरदर्शी प्रावधान किए गए हैं। स्वामित्व योजना में अभिलेखों के पंजीकरण के लिए 3800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) के लिए 2258 करोड़ रुपये और राज्य आपदा शमन निधि (एसडीएमएफ) के लिए 564 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।उप संभागीय स्थापना के लिए 2098 करोड़ रुपये, आपदा प्रबंधन योजनाओं के निर्माण के लिए 1449 करोड़ रुपये और बाढ़ एवं अतिवृष्टि पीड़ितों को राहत के लिए 715 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जिला स्थापना के लिए 657 करोड़ रुपये और तहसील, जिला एवं संभाग स्तर पर भवन एवं आवासीय परिसरों के निर्माण के लिए 411 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। राजस्व मंत्री  वर्मा ने कहा कि ओला पीड़ितों को राहत के लिए 363 करोड़ रुपये, 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत क्षमता निर्माण के लिए 314 करोड़ रुपये और राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 में आपदा में आर्थिक सहायता के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आदेशिका वाहक स्थापना के लिए 252 करोड़ रुपये और डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण के लिए 125 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।सर्पदंश पर आर्थिक सहायता के लिए 121 करोड़ रुपये और महामारी एवं रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु (सीबीआरएन) आपदाओं की रोकथाम संबंधी कार्यों के लिए 88 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही क्षतिग्रस्त सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण निर्माण कार्यों की मरम्मत एवं पुनर्स्थापना के लिए 55 करोड़ रुपये निर्धारित हैं। राजस्व मंत्री  वर्मा ने कहा कि इन प्रावधानों से प्रशासनिक ढांचा मजबूत बनेगा और नागरिकों को त्वरित और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।  

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ का बजट पेश

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में राज्य सरकार निर्धन एवं कमजोर वर्गों को अंतिम पंक्ति से प्रथम पंक्ति में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जनता के साथ मिलकर सरकार ''संकट को समाधान'' में, ''मुश्किल को मुमकिन” में और ''असंभव को संभव” में बदल देगी। उन्होने कहा कि गरीब, युवा, अन्नदाता तथा नारी को केन्‍द्र में रखकर प्रारंभ की गई यात्रा को और अधिक सार्थक व परिणामजनक बनाने के लिए क्रमश: “आई” फॉर इंडस्ट्रियलाइजेशन एवं “आई” फॉर इंफ्रास्ट्रक्चर को भी शामिल किया है, जिससे ज्ञान (GYAN) से प्रारंभ यात्रा का अगला पड़ाव ‘ज्ञानी’ (GYANII) के स्वरूप में लक्षित है। इसी इसी विचार को बजट का आधार बनाया गया है। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने बुधवार को विधानसभा में मध्यप्रदेश के वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत कर यह बात कही। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट में कुल विनियोग की राशि 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ है। वर्ष के अंत में राजस्‍व आधिक्‍य रहना अनुमा‍नित है। पूंजीगत परिव्‍यय राज्‍य के सकल घरेलू उत्‍पाद का 4.80 प्रतिशत अनुमानित है। बजट 2026-27 बजट का आकार 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ कुल राजस्‍व प्राप्तियां 3 लाख 8 हजार 703 करोड़ राज्‍य कर एवं करेत्तर राजस्‍व 1 लाख 42 हजार 61 करोड़ केंद्रीय करों में हिस्‍सा 1 लाख 12 हजार 137 करोड़ केन्‍द्र से सहायता अनुदान 54 हजार 504 करोड़ पूंजीगत प्राप्तियां 80 हजार 694 करोड़ कुल राजस्‍व व्‍यय 3 लाख 8 हजार 658 करोड़ पूंजीगत परिव्‍यय 80 हजार 266 करोड़ राजस्‍व आधिक्‍य 44 करोड़ राजकोषीय घाटा 71 हजार 460 करोड़ जी.एस.डी.पी. 18 लाख 48 हजार 274 करोड़ राजकोषीय घाटा का प्रतिशत जी.एस.डी.पी. से 3.87 प्रतिशत बजट में प्रतिशत वृद्धि :- ग्रामीण विकास विभाग 37 प्रतिशत नगरीय विकास एवं आवास विभाग 16 प्रतिशत महिला एवं बाल विकास विभाग 26 प्रतिशत राजस्‍व विभाग 43 प्रतिशत स्‍कूल शिक्षा विभाग 11 प्रतिशत बजट प्रावधान:- स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र में 23 हजार 747 करोड़ कृषि एवं सम्‍बद्ध क्षेत्र 88 हजार 910 करोड़ कृषि एवं सम्‍बद्ध क्षेत्र में गैर बजटीय स्‍त्रोतों को सम्मिलित करते हुए 1 लाख 15 हजार करोड़ प्रमुख योजनाओं में बजट प्रावधान:- लाडली बहना योजना लगभग 23 हजार 800 करोड़ वी.बी.जी. राम जी योजना लगभग 10 हजार 400 करोड़ मुख्‍यमंत्री किसान कल्‍याण योजना लगभग 5 हजार 500 करोड़ राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन लगभग 4 हजार 600 करोड़ सिंहस्‍थ आयोजन लगभग 3 हजार करोड़ प्रमुख नवीन योजनाओं में बजट प्रावधान:- द्वारका योजना अगले 3 वर्षों में 5 हजार करोड़ का निवेश स्‍वामित्‍व योजना लगभग 3 हजार 800 करोड़ यशोदा दुग्‍ध प्रदाय योजना 700 करोड़ सामाजिक एवं आर्थिक उत्‍थान की योजनाओं में बजट प्रावधान :- कुल प्रावधान 1 लाख 83 हजार 708 करोड़ अनुसूचित जनजाति वर्ग 47 हजार 428 करोड़ (कुल प्रावधान का 26 प्रतिशत) अनुसूचित जाति वर्ग 31 हजार 192 करोड़ (कुल प्रावधान का 17प्रतिशत) जी.एस.डी.पी. वर्ष 2025-26 16 लाख 69 हजार 750 करोड़ वर्ष 2026-27 18 लाख 48 हजार 274 करोड़ प्रतिबद्ध देयता ऋण भुगतान 34 हजार 437 करोड़ ब्‍याज भुगतान 33 हजार 735 करोड़ पेंशन भुगतान 29 हजार 449 करोड़ वेतन भत्ते लगभग 67 हजार करोड़ कर्ज की स्थिति (अनुमानित) 31 मार्च 2025 की स्थिति 4 लाख 14 हजार 611 करोड़ 31 मार्च 2026 की स्थिति 4 लाख 88 हजार 714 करोड़ 31 मार्च 2027 की स्थिति 5 लाख 59 हजार 336 करोड़ 31 मार्च 2026 की स्थिति में प्रदेश का कुल कर्ज जी.एस.डी.पी का लगभग 29 प्रतिशत है। जो कि निर्धारित सीमा में है।

मध्य प्रदेश बजट 2026 में खेल और सुरक्षा पर जोर, हर विधानसभा को मिलेगा स्टेडियम

भोपाल  प्रदेश सरकार ने बजट 2026 युवाओं और महिलाओं के साथ ही मजदूरों पर फोकस नजर आया है। सीएम युवा शक्ति योजना के तहत प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में सर्वसुलभ स्टेडियम विकसित करने की तैयारी है। ताकि ग्रामीण और शहरी युवाओं को स्थानीय स्तर पर खेल सुविधाएं मिल सकें। वहीं महिलाओं, श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा के लिए बड़ा सहारा बनकर आया है। इसके साथ ही बजट में जन-धन योजना और बीमा योजनाओं को लेकर जमीनी विस्तार भी दिखा। कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट तय किया गया है। सरकार का कहना है कि यह राशि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार में खर्च की जाएगी। महिला सशक्तिकरण की दिशा में लाड़ली लक्ष्मी योजना का दायरा लगातार बढ़ा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 52 लाख 29 हजार बालिकाएं इस योजना से लाभान्वित हो चुकी हैं। योजना का उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वित्त मंत्री देवड़ा ने बताया कि श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इसका मकसद गरीब वर्ग को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना है। ताकि उन्हें बीमा, पेंशन और अन्य सुविधाएं मिल सकें। प्रदेश में बढ़ी है केंद्र सरकार की भागीदारी बढ़ी केंद्र सरकार की योजनाओं में भी प्रदेश की भागीदारी बढ़ी है। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत राज्य में अब तक 4 करोड़ 61 लाख से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं। जिससे बड़ी आबादी औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ी है। इसी तरह प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 3 करोड़ 64 लाख का पंजीयन हो चुका है। दुर्घटना की स्थिति में यह योजना बीमा सुरक्षा प्रदान करती है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में अब तक 1 करोड़ 54 लाख से ज्यादा लोग नामांकन करवा चुके हैं। इससे उनके परिवारों को आर्थिक सहायता और सुरक्षा का आधार है। सरकार का दावा है कि यह बजट युवाओं के खेल, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ महिलाओं और श्रमिक वर्ग को सुरक्षा कवच देने की दिशा में अहम कदम है।

मध्य प्रदेश बजट 2026: लाड़ली बहना योजना में बड़े बदलाव, 23,882 करोड़ खर्च होंगे

भोपाल   मध्य प्रदेश सरकार द्वारा विधानसभा में फाइनेंशियल ईयर 2026-27 का बजट (Madhya Pradesh Budget 2026) पेश किया जा रहा है। डॉ. मोहन यादव सरकार का ये तीसरा और बतौर वित्त मंत्री देवड़ा का सातवां बजट है। देवड़ा ने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य हर हाथ को काम देना है। युवाओं को रोजगार देना है। पीएम के सपने को साकार करने वाला बजट है। बजट में लाड़ली बहना योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना का भी जिक्र किया गया है। लाड़ली बहनों के लिए क्या कहा… 2026-27 के बजट में मंत्री देवड़ा ने कहा कि लाड़ली बहना योजना में एक करोड़ 25 लाख महिलाएं रजिस्टर्ड है। इसमें 23 हजार 882 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। साथ ही बजट में लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए भी बड़ा ऐलान किया गया है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 में 52 लाख 29 हजार बालिकाओं को लाभ दिया जा रहा है, जबकि 14 लाख 12 हजार को छात्रवृत्ति मिल चुकी है। सरकार की तरफ से लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 1800 करोड़ रुपए का प्रावधान किया जा रहा है। MP Budget में लाड़ली बहना और लक्ष्मी योजना की बड़ी बातें     नारी को केंद्र में रखकर बजट बनाया     हर हाथ को काम और हर उपज को दाम देने वाला बजट     हर नारी को काम देने पर सरकार का फोकस     औद्योगिकीकरण और अधोसंरचना पर ध्यान दिया गया     सभी वर्गों के लिए विकास के लिए सरकार संकल्पित

सरकार का किसानों के लिए पैकेज: सोलर पंप, ऋण और सालाना 12 हजार रुपये की मदद की घोषणा

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए किसानों और ग्रामीण विकास को केंद्र में रखा है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट भाषण की शुरुआत अर्थशास्त्र के श्लोक “प्रजा सुखम राजनाह…” से की और कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों और आमजन की समृद्धि है। बजट में कृषि क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं, जिनका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा।  दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण विकास पर जोर वित्त मंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का तीसरा सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादन वाला प्रदेश है और सरकार दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री वृंदावन योजना लागू की गई है। वहीं, अहिल्या बाई कौशल विकास योजना के जरिए ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बजट पेश किए जाने के दौरान कांग्रेस विधायकों ने हंगामा भी किया, जिस पर वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने जो वादा किया था, उसे पूरा किया है और कथनी-करनी में अंतर नहीं है। दाल उत्पादन में नंबर वन, किसानों को हर स्तर पर सहयोग वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि दाल उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर है, जबकि गेहूं और तिलहन उत्पादन में दूसरा स्थान रखता है। संतरा, धनिया और लहसुन उत्पादन में भी प्रदेश अग्रणी है। सरकार किसानों को खेत में उत्पादन से लेकर उपज की बिक्री तक हर स्तर पर सहायता दे रही है। किसानों के लिए अल्पकालीन ऋण योजना भी उपलब्ध कराई जा रही है। 1 लाख सोलर पंप और 3 हजार करोड़ का प्रावधान सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए 3000 करोड़ रुपये की लागत से 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इससे किसानों को सिंचाई में सुविधा मिलेगी और बिजली पर निर्भरता कम होगी। किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत किसान परिवारों को प्रतिवर्ष कुल 12 हजार रुपये की नकद सहायता दी जा रही है। यह राशि छोटे और सीमांत किसानों को खाद और बीज खरीदने में सीधी मदद प्रदान कर रही है। भावांतर और कृषक उन्नति योजना भावांतर योजना की सफलता से प्रभावित होकर अन्य राज्यों ने भी इसमें रुचि दिखाई है। सरकार ने कृषक उन्नति योजना की घोषणा की है, जिसके तहत किसानों को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 21 लाख 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पंजीकृत किया गया है। साथ ही 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य तय किया गया है। किसानों के लिए 25 हजार करोड़ का ऋण प्रावधान किसानों को ऋण उपलब्ध कराने के लिए 25 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जिससे प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को सुरक्षा मिलेगी। सीएम कृषक उन्नति योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी और 6.69 लाख किसानों को यह राशि वितरित की जाएगी। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है। गरीब कल्याण और आय बढ़ाने पर फोकस गरीब कल्याण के लिए 793 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा बस जल्द शुरू की जाएगी। किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और किसान योजनाओं को मूल्य संवर्धन योजनाओं से जोड़ा गया है। वित्त मंत्री ने खेती को लाभ का धंधा बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। 

मेट्रो ब्लू लाइन निर्माण: सैकड़ों संपत्तियों को हटाना अनिवार्य, जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू

भोपाल  मेट्रो ट्रेन की ब्लू लाइन के लिए जिला प्रशासन ने  भदभदा डिपो चौराहा से रत्नागिरी करोंद तक 9 हेक्टेयर जमीन को अधिसूचित कर दिया है। इसमें बाधक निर्माण पहले ही चिह्नित कर लिए गए थे। इन्हें नोटिस देने, मुआवजा देने की प्रक्रिया की जा रही थी। हालांकि बीते एक साल में 40% को ही खाली कराया जा सका है। छह हेक्टेयर जमीन रेकॉर्ड में सरकारी दर्ज है। हालांकि मौके पर बाजार, आबादी है। अब इसे हटाने बड़ी कार्रवाई शुरू होगी। की थी अंडरग्राउंड मेट्रो की मांग बता दें, इसी लाइन के डिपो चौराहा से लिली टॉकीज तक के क्षेत्र में सांसद आलोक शर्मा ने अंडरग्राउंड की मांग की थी। हालांकि अधिसूचना पर में इसका जिक्र नहीं था।  14 किमी की लाइन, पुल बोगदा पर करेगी क्रॉस भोपाल के भदभदा से रत्नागिरी तक 14 किमी की एलीवेटेड लाइन बनाई जाएगी। पियर्स यानी मेट्रो एलीवेटेड लाइन के खंभों के लिए जमीन की टेस्टिंग हो चुकी है। अप्रेल तक काम दिखना शुरू हो जाएगा इस लाइन का काम वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।