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MP में बढ़ी गर्मी, खरगोन में तापमान 32.8 डिग्री पार, मौसम विभाग की चेतावनी

भोपाल  फरवरी का महीना मध्य प्रदेश में इस बार अपने अलग ही रंग दिखा रहा है। जैसे-जैसे महीना आगे बढ़ रहा है, मौसम अलग ही मिजाज दिखा रहा है। दिन के समय तेज धूप और गर्मी का एहसास होने लगा है, जबकि देर रात और सुबह ठंड का असर बरकरार है। राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और अन्य बड़े शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। कई जिलों में 32 डिग्री के पार तापमान मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के कई शहरों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है. खरगोन 32.8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया. वहीं मंडला और खंडवा में भी तापमान 32 डिग्री के आसपास पहुंच गया है. भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में अधिकतम तापमान 29 से 30 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया गया. रात में भी बढ़ी गर्माहट दिन ही नहीं, रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है. पहले जहां रात में ठंड का अहसास होता था, अब हल्की गर्माहट बनी हुई है. इससे साफ है कि मौसम अब पूरी तरह बदलने की ओर है. दिन में गर्मी… रात में ठंड मध्यप्रदेश में फरवरी के इस दूसरे हफ्ते में मौसम का दोहरा मिजाज साफ देखने को मिल रहा है। दिन के समय तेज धूप और बढ़ते तापमान से गर्मी का एहसास बढ़ गया है। वहीं रात और सुबह का मौसम ठंडा बना हुआ है। राजधानी भोपाल और इंदौर में दिन का अधिकतम तापमान लगभग 30.2°C और 30.3°C दर्ज किया गया, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 13.4°C और 15.9°C के आसपास रहा। ग्वालियर में दिन का अधिकतम तापमान 29.4°C और न्यूनतम 13.6°C दर्ज हुआ। उज्जैन में अधिकतम तापमान 31°C और न्यूनतम 15.5°C रहा। इससे पता चलता है कि, दिन और रात के बीच तापमान का फर्क अब भी काफी है, जिससे मौसम का दोहरा स्वरूप बना हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ सिस्टम का असर मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय दो पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) और ट्रफ सिस्टम के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाए रह सकते हैं। फिलहाल बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन आने वाले दिनों में बादल बनाए रह सकते हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में सिस्टम के असर से कई शहरों में बादल बने हुए हैं। अगले 3-4 दिन तक ठंड का दौर जारी रहेगा। खासकर देर रात और सुबह ठंड अधिक महसूस होगी। दिन और रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी का ट्रेंड देखा जा सकता है, लेकिन सर्दी बहुत तेज नहीं होगी। क्यों बढ़ रहा तापमान? मौसम केंद्र का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं. किसी प्रभावी मौसम प्रणाली के सक्रिय न होने के कारण धूप तेज हो गई है. इसी वजह से तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है. हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आने वाले दिनों में हल्का उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है. आगे क्या रहेगा हाल? मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में गर्मी का असर और तेज हो सकता है. अगर यही स्थिति बनी रही तो मार्च की शुरुआत से पहले ही प्रदेश में तेज गर्मी दस्तक दे सकती है.

टीटी नगर थाने में औचक निरीक्षण, पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने लिया जायजा

भोपाल  पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने बीती रात टीटी नगर थाने का औचक निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने थाने में दर्ज और लंबित अपराधों की जानकारी ली, साथ ही आगतुंकों के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। आयुक्त ने मालखाना, बंदीगृह आदि का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने इलाके में पैदल भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान बाणगंगा चौकी के पास एकत्रित हुए जन समुदाय जिसमें बालक एवं बालिकाएं तथा महिलाओं को जन जागरूकता के संबंध में बताया। इसके साथ ही पुलिस आयुक्त ने लोगों को हेलमेट लगाये जाने की सलाह एवं शपथ दिलायी। उन्होंने सायबर फ्रॉड, डिजीटल अरेस्टिंग से होने वाले फ्रॉड से सावधान रहने की बात कही। ड्रग्स एवं मादक पदार्थ से दूर रहने की सलाह युवाओं को दी।पुलिस आयुक्त ने थाने के अन्तर्गत चलने वाले डिजीटल मालखाने और ट्रैफिक बाधित यातायात स्थान रंगमहल चौराहा व माता मंदिर चौराहे का निरीक्षण किया। उन्होंने इलाके में सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। इस मौके पर पुलिस उपायुक्त अखिल पटेल, एडीसीपी रश्मि दुबे अग्रवाल, एसीपी टीटी नगर अंकिता खातरकर, थाना प्रभारी कार्यवाहक निरीक्षक गौरव दोहरे समेत स्टाफ रहा मौजूद।

नई दुल्हन ने किया परिवार को हैरान, शादी के बाद प्रेमी संग भागी, ससुर की मौत

मुरैना  मध्य प्रदेश के मुरैना में एक नई नवेली दुल्हन शादी के अलगे दिन अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। आरोप है कि, ससुराल वालों ने उसे तलाशने के लिए जब पुलिस के सामने गुहार लगाई तो यहां भी कार्रवाई के बजाए उन्हें बेइज्जती ही मिली। पुलिस के रवैय्ये से आहत होकर और सामाजिक शर्मिंदगी के चलते ससुर ने आत्महत्या करने के लिए जहरीला पदार्थ खा लिया। दरअसल, एक शख्स की हाल ही में शादी हुई थी। समारोह में सबकुछ ठीक था। धूमधाम से विवाद हुआ और एक सामान्य ढंग से एक परिवार अपे बहु की विदा कराकर घर ले आया। लेकिन, अगली सुबह दूल्हा समेत पूरे परिवार के पैरों तले उस समय जमीन खिसक गई, जब उन्हें पता चला कि, जिस लड़की को बीती रात राजी खुशी विदा कराकर घर लाए हैं, वो अपने प्रेमी संग फरार हो गई। दूल्हें के घर वालों का आरोप दूल्हें के घर वालों ने आरोप लगाया कि, उन्होंने इसकी शिकायत थाने में की, लेकिन पुलिस ने उनकी पीड़ा को गंभीरता से नहीं लिया। लड़की को ढूंढने के बजाए पुलिस द्वारा उनकी ही बेइज्जती की गई। लम ये है कि, बहू की तलाश के लिए वे बीते दो माह से थाने के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी बहु का पुलिस को कहीं पता नहीं चला। थाना प्रभारी पर आरोप ससुराल वालों ने ये भी आरोप लगाया कि, कड़ी मशक्कत के बाद जब उन्हीं लोगों ने बहू को ढूंढा तो उसने उनके साथ जाने से इंकार कर दिया। पोरसा थाना प्रभारी पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि थाने में न्याय मांगने जाने पर उन्हें बेइज्जत किया जाता था। ससुर गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती पुलिस के रवैय्ये और सामाजिक शर्म के चलते दूल्हा के पिता ने जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की है। फिलहाल, उन्हें गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करा दिया गया है। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के भत्तों में बदलाव, राज्य सरकार ने नई दरें तय की

भोपाल मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को लेकर एक बडी खबर आई है। जो प्रदेश के लाखो कर्मचारियो के लिए अहम हो सकता है। दरअसल निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों के भत्तों पर बड़ा फैसला आया है। यह फैसला यात्रा भत्ता की नई दरों को लेकर है। दरअसल मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम MPLUN ने यात्रा भत्ता की नई दरें लागू करने का निर्णय लिया है। निगम यात्रा भत्तों की नई दरों को किया गया लागू निगम की संचालक मंडल बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया है। दरअसल लघु उद्योग निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए संचालक मंडल की बैठक बड़ा कुछ लेकर आई है। बैठक में यात्रा भत्तों के संबंध में बहुत अहम निर्णय लिया गया है । संचालक मंडल ने निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों के यात्रा भत्तों की नई दरें लागू करने का निर्णय लिया। इसमें खास बात यह है कि अब कर्मचारियों और अधिकारियों को मध्यप्रदेश शासन के समान ही यात्रा भत्ता देय होगा। आपको बता दें कि  लघु उद्योग निगम के संचालक मंडल की यह 294 वीं बैठक थी। बैठक में एमएसएमई प्रमुख सचिव और निगम प्रबंध संचालक दिलीप कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद थे।इस दौरान आडिट रिपोर्ट की समीक्षा भी गई। वहीं संचालक मंडल की बैठक में ये भी फैसला लिया है कि निगम आय बढ़ाने के लिए आगामी वित्त वर्ष में बड़ी मात्रा में कार्य आदेश जारी करेगा। लिहाजा निगम कर्मचारियों के लिए यात्रा भत्ता की नई दरें लागू होने का फैसला काफी बड़ा है। ‍मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम MPLUN के संचालक मंडल की बैठक राज्य के एमएसएमई मंत्री व निगम के अध्यक्ष चैतन्य कुमार काश्यप की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर जहां चर्चा हुई वहीं विचार विमर्श भी किया गया।

भोपाल में ईरानी डेरा पर छापा, पुलिस ने अपराधियों को धर-दबोचा, 1 करोड़ का गोल्ड जब्त

भोपाल   कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भोपाल पुलिस ने ईरानी डेरे पर बड़ा प्रहार किया है। मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात पुलिस की बड़ी टीम ने ईरानी डेरे पर प्रहार किया है। इस दौरान सैकड़ों पेंडिंग वारंट तामील करवाए गए हैं। साथ ही दर्जनों संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है। भोपाल पुलिस ने पूरे ऑपरेशन को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया है। ईरानी डेरा अमन कॉलोनी के पास है। अलग-अलग राज्यों के अपराधी छुपे यहां भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के अनुसार यहां अलग-अलग जिलों और राज्यों के अपराधी छिपे हुए थे। ये उन जगहों के वांटेड क्रिमिनल थे। पुलिस ने इस ऑपरेशन के लिए डीसीपी जोन-4 मयूर खंडेलवाल के नेतृत्व में एक टीम बनाई थी। इसके बाद बेहद गोपनीय तरीके से पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया है। 400 जवान हुए शामिल वहीं, स्पेशल टीम में 9 असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर, 16 इंस्पेक्टर और 400 पुलिस बल के जवान थे। निशातपुरा थाना क्षेत्र के अमन कॉलोनी की घेराबंदी की गई। इसे ही ईरानी डेरा भी कहा जाता है। घेराबंदी के बाद कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान कुछ स्थानीय लोग और महिलाओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया। लेकिन पुलिस टीम ने सख्ती बरती और उन्हें रोक दिया गया। साथ ही कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। यूपी का मोस्टवांटेड शहादत भी गिरफ्तार इस कार्रवाई के दौरान भोपाल पुलिस ने 31 आदमी और 8 औरतों को गिरफ्तार किया है। इसमें शहादत भी शामिल है जो यूपी पुलिस का वांटेड क्रिमिनिल है। साथ ही उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपए से ज्यादा का इनाम है। गिरफ्तार आरोपियों कई लोग भोपाल ही नहीं, दूसरे राज्यों में भी वॉन्टेड थे। इनके पास से पुलिस ने चोरी के 17 टू-व्हीलर, 644 ग्राम सोना, 240 ग्राम चांदी, 39 मोबाइल फोन, 1.34 लाख रुपए कैश और 1.7 केजी गांजा बरामद किया है। गौरतलब है कि भोपाल पुलिस ने वारंटियों को गिरफ्तार करने के लिए पूरे शहर में अभियान चलाया था। पुलिस ने 238 परमानेंट वारंट, 125 अरेस्ट वारंट और 121 बेलेबल वारंट तामील करवाए हैं। इसके अलावे 21 दूसरे आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें फरार, गाड़ी चोर और जिले के बाहर के क्रिमिनल शामिल हैं। साथ ही गंभीर क्राइम के पेंडिंग केस में आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है।

हड़ताल का असर: कई जगह कर्मचारी सिर्फ सांकेतिक विरोध में शामिल, स्कूल और बाजार सामान्य

भोपाल  केंद्र सरकार की ' नो वर्क नो पे' (No Work No Pay) सहित अन्य जनविरोधी और कॉर्पोरेट परस्त आर्थिक नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी गुरुवार को देशव्यापी आम हड़ताल का बिगुल फूंका गया है। ग्वालियर में भी इसका व्यापक असर देखने को मिलेगा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को छोड़कर सभी राष्ट्रीयकृत बैंक इस हड़ताल में शामिल होने जा रहे हैं। नए लेबर लॉ समेत कई मुद्दों के विरोध में केंद्रीय श्रमिक संगठन आज हड़ताल कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में इसका मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है।जबलपुर और इटारसी में डिफेंस फैक्टरियों के सामने कर्मचारियों ने प्रदर्शन ​​किया। इटारसी में एक घंटा विरोध करने के बाद कर्मचारी काम पर लौट गए। हालांकि, इन जगह स्कूल, कॉलेज और बाजार खुले हुए हैं। हड़ताल में ट्रेड यूनियन के संयुक्त मोर्चा- आईएनटीयूसी, एआईटीयूसी, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, सेवा, बैंक, बीमा, केंद्रीय कर्मचारी, बीएसएनएल के संगठन शामिल हैं।मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के को-ऑर्डिनेटर वीके शर्मा ने बताया, हड़ताल में सरकारी के साथ प्राइवेट बैंक भी शामिल होंगे। भारतीय स्टेट बैंक यूनियन ने हड़ताल का समर्थन किया है, लेकिन वह सीधे तौर पर हड़ताल में शामिल नहीं रहेगा। हड़ताल का असर बीमा सेक्टर पर भी पड़ेगा। भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल रहेंगे। वहीं, बीएसएनएल-डाक विभाग में भी हड़ताल का असर दिखाई देगा। बीओआइएसयूइयू के एजीएस सौरभ सिकरवार ने बताया कि ग्वालियर में राष्ट्रीयकृत 11 बैंकों की 70 शाखाओं के 900 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी इस हड़ताल में 'नो वर्क-नो पे' के आधार पर शामिल होंगे। हड़ताल के चलते कल सुबह 9 से 11 बजे तक फूलबाग स्थित बैंक ऑफ इंडिया के सामने जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान बैंक, बीमा, बीएसएनएल, डाक, आयकर और आंगनबाड़ी जैसे विभागों में भी काम पूरी तरह ठप रहेगा।  हड़ताल में ये भी शामिल ट्रेड यूनियनों का संयुक्त मोर्चा मध्य प्रदेश के प्रवक्ता वीके शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार की जन एवं श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ देशभर के दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों एवं सौ से अधिक स्वतंत्र ट्रेड यूनियंस के आह्वान पर देशभर के 25 अधिकारी- इस राष्ट्रव्यापी आम हड़‌ताल में भाग लेंगे। इस हड़ताल में बैंक, बीमा, केंद्र, बीएसएनएल, पोस्टल, आयकर, आंगनबाड़ी, आशाकर्मी, मध्यान्ह भोजन कर्मी, खेतिहर मजदूर, किसान संघ, पेंशनर्स, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव, हम्माल मजदूर सभा आदि से संबंधित यूनियंस के साथ-साथ इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआइयूटीयूसी, सेवा समेत दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों एवं अन्य संस्थानों में कार्यरत ट्रेड यूनियंस के सदस्य भाग ले रहे हैं। संगठनों की प्रमुख मांगें     चारों श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) और उनसे जुड़े नियमों को रद्द करने की मांग।     ड्राफ्ट सीड बिल को वापस लेने की मांग।     बिजली संशोधन विधेयक को निरस्त करने की मांग।     SHANTI Act (न्यूक्लियर एनर्जी से संबंधित कानून) को वापस लेने की मांग।     मनरेगा की बहाली की मांग।     विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 को रद्द करने की मांग।

वन मेले हर दौर की जरूरत, वनौषधियों से असंभव बीमारी का भी इलाज संभव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनजातीय समुदाय की समृद्धि का आधार बन रहे हैं वन मेले : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वन मेले हर दौर की जरूरत, वनौषधियों से असंभव बीमारी का भी इलाज संभव "समृद्ध वन-खुशहाल जन की थीम पर उज्जैन में पहली बार लगा ‘ महाकाल वन मेला’ महाकाल स्मृति उपहार किट और महाकाल वन प्रसादम् का किया शुभारंभ  वनौषधियों के जानकार वनरक्षक  जगदीश प्रसाद अहिरवार प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित मुख्यमंत्री ने वन मेले का किया शुभारंभ, 16 फरवरी तक चलेगा वन मेला उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वन हमारी वसुंधरा का वैभव हैं, धरती की धरोहर और धरा का अलंकरण हैं। वन हमारी राष्ट्रीय पूंजी हैं। इनका संरक्षण एवं संवर्धन करना हम सबकी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन मेले प्रदेश की समृद्ध जैविक और वानस्पतिक विविधताओं को प्रदर्शित करने का सशक्त माध्यम हैं। इनके जरिए हमारे जनजातीय भाई-बहनों को अपने वनोत्पाद और काष्ठ शिल्प विक्रय करने का सुनहरा मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि ‘ महाकाल वन मेले’ की आज से शुरूआत हो गई है। ये मेला शीघ्र ही अपनी एक विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। मेले में प्रदर्शित जड़ी-बूटियां तथा विभिन्न प्रकार के शुद्ध एवं सुरक्षित अकाष्ठीय लघु वनोत्पाद आयुर्वेदिक और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों से रोगोपचार में बेहद उपयोगी होते हैं। वनौषधियां हर रोग के इलाज में कारगर साबित हो रही हैं। इनसे असंभव रोग का इलाज भी संभव हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्रीय बजट-2026 में एम्स की तर्ज पर देश में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोलने की घोषणा की गई है। इनमें से एक अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान भगवान धनवंतरी की कर्मभूमि और सिंहस्थ भूमि उज्जैन में स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को धार्मिक नगरी उज्जैन में पहली बार आयोजित ‘ महाकाल वन मेला-2026’ का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस वन मेले में नागरिकों को प्राकृतिक रंग-गुलाल मिलेंगे। इसमें नाड़ी वैद्य और आयुर्वेदिक चिकित्सक भी अपनी सेवाएं देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन मेले में प्रदर्शित काष्ठ और बांस से निर्मित एथनिक क्रॉफ्ट आइटम्स न केवल पारम्परिक शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण हैं, बल्कि सबके घरों की शोभा भी बढ़ाते हैं। उन्होंने उज्जैन के नागरिकों से अपील की कि वे इस वन मेले का भरपूर लाभ उठाएं और प्रदेश की वन संपदा तथा जनजातीय उत्पादों का उपयोग कर सबको प्रोत्साहित भी करें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा ‘महाकाल वन मेले’ के जरिए स्थानीय वन उत्पादों और शिल्पकारों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। पर्यावरण जागरूकता, आयुर्वेदिक उत्पादों के प्रचार-प्रसार और आत्मनिर्भरता की दिशा में यह एक सार्थक कदम है। उज्जैन के दशहरा मैदान में यह वन मेला 16 फरवरी तक चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार तेजी से प्रदेश में मेडिकल और आयुर्वेदिक कॉलेजों की संख्या में वृद्धि कर रही है। पिछले साल हमने विभिन्न जिलों में 8 नए आयुर्वेदिक कॉलेज शुरू किए हैं। इस साल हम और भी तेजी से इस दिशा में आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विंध्य हर्बल के प्राकृतिक रंग-गुलाल, महाकाल स्मृति उपहार किट एवं 'महाकाल वन प्रसादम्' का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पन्ना जिले के वन औषधियों से उपचार पद्धति के विशेष जानकार वनरक्षक  जगदीश प्रसाद अहिरवार को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। प्रधानमंत्री  मोदी ने 25 जनवरी को 'मन की बात' में वनरक्षक  अहिरवार द्वारा वनौषधियों के देशज ज्ञान के संरक्षण की दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की थी।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश के जनजातीय और वनांचल को समृद्धि देने के लिए भोपाल और उज्जैन जैसे वन मेले प्रदेश भर में लगाए जाने की आवश्यकता है। उज्जैन में महाशिवरात्रि और विक्रमोत्सव के अवसर पर आयोजित वन मेला प्रदेशवासियों के लिए अद्भुत है। वन विभाग ने प्राकृतिक रूप से महाकाल वन प्रसादम् तैयार किया है। इसमें काष्ठ से बने गमले में एक पौधा लगाया गया है। यह गमला महाकाल को भेंट स्वरूप दिया जाएगा। वापस मिलने पर इसे किसी भी जगह पर सीधे रोपित कर दिया जाएगा। काष्ठ गलकर खाद बन जाएगा और पौधा बिना गमला निकालते ही निर्बाध रूप से पल्लवित होता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के  महाकाल वन मेले में महुआ के लड्डू, अन्नों से बनी मिष्ठान्न सहित अनेक वनोपज उत्पाद भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन के वन मेले में आए वैद्य और चिकित्सक अनेक असाध्य रोगों के उपचार के लिए नागरिकों को नि:शुल्क सेवाएं देंगे। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री  दिलीप अहिरवार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में जनजातीय समुदायों की आय बढ़ाने के लिए वन विभाग लगातार काम कर रहा है। उज्जैन की धरती पर आयोजित यह वन मेला निश्चित रूप से भोपाल वन मेले की तरह सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। यहां विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक औषधियां एवं बांस से बने उत्पाद उपलब्ध हैं। नागरिक इसका भरपूर लाभ उठाएं। अपर मुख्य सचिव वन एवं सहकारिता  अशोक बर्णवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के शहर-शहर में वन मेला लगाने की शुरुआत की है। भोपाल के बाहर यह पहला वन मेला उज्जैन में लगाया गया है। वन मेलों के दो उद्देश्य होते हैं। इनसे जनजातीय समुदायों को तो आमदनी होती ही है, शहरी लोगों को प्राकृतिक उत्पाद खरीदने और नेचर के साथ चलने-संवरने का अवसर भी मिल जाता है। उन्होंने बताया कि म.प्र. लघु वनोपज संघ के जरिए प्रदेश के 30 लाख जनजातीय संग्राहकों को सीधा लाभ मिल रहा है। भोपाल में डेढ़ माह पहले हुए वन मेले में 3 करोड़ रुपए से अधिक की बिक्री हुई थी।  महाकाल वन मेला में प्रदेशभर के विभिन्न उत्पादों के 250 स्टॉल लगाए गए हैं। इसके अलावा यहां 150 से अधिक वैद्य एवं आयुर्वेदिक चिकित्सक लोगों को परामर्श प्रदान करेंगे। वन मेले के शुभारंभ अवसर पर विधायक  अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक  सतीश मालवीय, विधायक  जितेंद्र पंड्या, जिला पंचायत अध्यक्ष उज्जैन मती कमला कुंवर सहित डॉ. प्रभुराम जाटवा,  उमेश सेंगर,  राजेश पांचाल,  बहादुर सिंह,  ओम जैन, वन बल प्रमुख  वीएन अंबाड़े, प्रबंध संचालक, मप्र लघु वनोपज संघ डॉ. समिता राजौरा, सीएफ उज्जैन  आलोक पाठक, अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी सहित बड़ी संख्या में … Read more

सिंहस्थ 2028 के लिए अनुभवी लोगों से चर्चा कर कार्ययोजना बनाने में लें मदद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गुणवत्ताके साथ समय पर हो सिंहस्थ के सभी विकास कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंहस्थ 2028 के लिए अनुभवी लोगों से चर्चा कर कार्ययोजना बनाने में लें मदद उज्जैन मेट्रो शहर के रूप में स्थापित हो रहा है, सभी कार्य हो उसी अनुरुप संवेदनशीलता के साथ जनता की कठिनाई को कम करने में बने सहभागी अधिकारी अपने कार्य संपूर्ण जिम्मेदारी के साथ युद्ध स्तर पर कराए पूर्ण अब मुख्यमंत्री निवास से भी होगी सिंहस्थ कार्यों की मॉनीटरिंग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में की सिंहस्थ-2028 के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा  उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को उज्जैन में सिंहस्थ 2028 अंतर्गत मंत्री मंडलीय समिति से अनुशंसित अधोसरंचना के प्रगतिरत विकास कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व का आयोजन विश्व के लिए अद्वितीय है। सिंहस्थ महापर्व के दौरान करोड़ों श्रद्धालु मोक्षदायिनी शिप्रा में आस्था की डुबकी लगाएंगे। इस महापर्व के आयोजन पर विश्व की निगाह रहेगी। सिंहस्थ-2028 मध्यप्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए कि प्रत्येक श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के पवित्र अनुष्ठानों में शामिल हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अलग-अलग विभागों के माध्यम से सिंहस्थ-2028 के लिए किए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी लेकर समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैनवासियों से सेवाभाव की तरह कार्य करने का आहवान किया है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराएं। मुख्यमंत्री ने की किसानों की फसल की चिंता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ 2028 के प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा के दौरान गेहूं की फसल की सिंचाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिप्रा नदी पर घाट निर्माण के दौरान किसानों को पानी की उपलब्धता बनी रहनी चाहिए। इसके लिए नर्मदा जल की आपूर्ति की जाए। वतर्मान में गेहूं की फसल को सिंचाई के लिए एक पानी की और जरुरत होगी। इसके लिए शिप्रा नदी में जल प्रवाह सुनिश्चित बनाए रखे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि सभी अधिकारी गंभीरता के साथ काम करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा,  संजय दुबे को निर्देश दिए है कि उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के काम में किसी भी तरह की रुकावट न आए। इसके लिए मुख्यमंत्री निवास पर भी सिंहस्थ सेल गठित कर मॉनीटरिंग सुनिश्चित की जाये और जिन विभागों में अधिकारियों की कमी है, वहाँ पदस्थापना तत्काल की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि अनुभवी अधिकारियों के लिए यदि सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारिेयों को रखना है तो उसके लिए भी नियमानुसार कार्यवाही कर तत्काल रुप से उन्हें रखा जाए। सिंहस्थ-2028 के लिए अब रिवर्स कैलेंडर बनाकर निर्माण कार्य तीव्र गति से पूर्ण करें। वर्तमान समय से लेकर सिंहस्थ-2028 तक दो वर्षाकाल का समय आने वाला है। इसलिए समय-सीमा में काम गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न निर्माण एजेसिंयों द्वारा किए जा रहे कार्यो की समीक्षा की, साथ ही निर्देश दिए कि जो निर्माण एजेंसियां काम कर रही है उनके संसाधनों की भी लगातार मॉनीटरिंग हो। वर्तमान समय माइक्रों मैनेजमेंट से नैनो मैनेजमेंट की ओर जाने का है। युद्ध स्तर की तैयारियां शुरु करना है। सभी अधिकारी 24 घंटे-07 दिन सक्रिय रहें। सिंहस्थ 2028 को बेहतर प्रबंधन के साथ करने के लिए उज्जैन जिले के सभी नागरिकों को जिम्मेदारी के भाव के साथ काम करने के लिए प्रेरित करें, उनको यह लगना चाहिए कि यह हमारा व्यक्तिगत काम है। इसके लिए सभी नागरिकों में जिम्मेदारी के साथ समर्पण का भाव भी पैदा करने के लिए समन्वय बनाकर कार्य करें।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के अंतर्गत प्रचलित निर्माण कार्यों की समय-समय पर मॉनीटरिंग हो। उन्होंने सिंहस्थ के संदर्भ में विभागों को समन्वयपूर्वक कार्य करने और आवश्यक सुविधाओं के विकास के लिए समय-सीमा में कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अधिकारियों को निर्देश         1. सिंहस्थ-2028 के लिए होम स्टे, धर्मशाला, स्कूल, कॉलेज आदि में व्यवस्थाओं केलिए आधारभूत संरचना तैयार करने के लिए कार्य योजना बनाई जाए।         2. उज्जैन शहर से जोड़ने वाले आसपास के गांव में होम स्टे की व्यवस्था के लिए लोगों को प्रशिक्षण भी दिया जाए। सिंहस्थ-2028 मेला क्षेत्र में आंतरिक और बाहरी व्यवस्थाओं की अलग-अलग रूपरेखा बनाएं। सिंहस्थ मेले की बाहर की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाने के लिए जरूरी है कि उसकी समस्त जगहों की  मैपिंग की जाए।         3. उज्जैन सिंहस्थ-2028 की तैयारी में बेहतर प्रबंधन के लिए उज्जैन में  महाशिवरात्रि, श्रावण, नागपंचमी एवं अन्य त्योहारों पर व्यवस्थाओं को प्रायोगिक रूप से बनाए और उसके अनुभवों का लाभ लेते हुए सिंहस्थ के भीड प्रबंधन कार्य योजना बने।         4. उज्जैन शहर से जुड़ने वाले दूसरे जिलों के वैकल्पिक मार्गों का चयन कर लें और इन मार्गों को गुगल मैपिंग के साथ उन्नयन भी कराया जाए, जिससे भीड़ प्रबंधन में इन मार्गों का उपयोग हो सके। साथ ही उज्जैन शहर के महाकाल मंदिर पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का भी चयन करें, जिससे भीड़ प्रबंधन आसानी से हो सके।         5.  मंगलनाथ,  भूखीमाता रामघाट के आसपास घाटों को जोड़ने वाले मार्गों को चिन्हित कर उन्नयन करें। सिंहस्थ मेला क्षेत्र के बाहर सामाजिक सामुदायिक भवन, स्कूल, कॉलेज धर्मशाला बनाने वाली संस्थाओं को प्रोत्साहित करें।         6. सिंहस्थ 2028 के लिए काम कर रही निर्माण एजेंसी जो समय पर काम पूरा करें उनको प्रोत्साहन स्वरूप व्यवस्था भी बना कर दें। समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री उज्जैन  गौतम टेटवाल, महापौर  मुकेश टटवाल, विधायक  अनिल जैन कालूहेडा,  सतीश मालवीय,  जितेन्द्र पंड्या, नगर निगम अध्यक्ष मती कलावती यादव, सिंहस्थ मेला अधिकारी सह संभागायुक्त  आशीष सिंह, एडीजी  राकेश गुप्ता, कलेक्टर  रौशन कुमार सिंह एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।   

छोटी सी कहासुनी बनी जानलेवा, बीयर बोतल से वार कर युवक की हत्या

बीयर की बोतल से हमला कर युवक की हत्या   कंधा टकराने की बात को लेकर हुआ था विवाद   चंद्र घंटे के भीतर गिरफ्तार हुए चारों आरोपी  इंदौर जिले के विजयनगर थाना क्षेत्र में मामूली बात को लेकर चार लड़कों ने एक युवक की बीयर की बोतल मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।विजयनगर थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल ने बताया कि इलाके में रहने वाले गोलू चंद्रवंशी का कंधा टकराने की बात को लेकर एक युवक से विवाद हो गया था।इसके बाद उक्त युवक ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर बीयर की बोतल से गोलू चंद्रवंशी पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल गोलू को ईलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां ईलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।पुलिस ने इस मामले में अखिलेश वासरे, अमोघ रैदास, आकाश कदम और वरुण श्रीनिवास को तत्काल घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है।पुलिस की टीम को देख यह चारों बदमाश नाले में कूद गए थे, जिसके कारण उन्हें गंभीर चोट आई है।आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

किसानों को मिल रही आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी, बढ़ेगी खेती की उत्पादकता

भोपाल राज्य शासन के निर्देशानुसार कृषक कल्याण वर्ष-2026 के तहत प्रदेश में कृषि रथों का भ्रमण जारी है। इसी क्रम में नरसिंहपुर जिले के सभी 6 विकासखंडों में कृषि रथ चलाया जा रहा है। जिले के किसानों को ई-विकास प्रणाली (ई-टोकन उर्वरक वितरण), आधुनिक कृषि यंत्रों और उन्नत खेती आदि की जानकारी दी जा रही है। कृषि विभाग द्वारा कृषि रथ के माध्यम से किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। कृषि रथ के माध्यम से किसानों को जैविक खेती एवं प्राकृतिक कृषि क्षेत्रों का विस्तार, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, एकीकृत पोषक तत्व, कीट एवं रोग प्रबंधन, कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के उपाय, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, विभागीय कृषि योजनाओं का प्रचार-प्रसार, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, ई-विकास प्रणाली अंतर्गत ई-टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था और पराली प्रबंधन की जानकारी दी गई। किसानों को नरवाई (फसल अवशेष) प्रबंधन के लिए आधुनिक यंत्रों जैसे सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, जीरो टिलेज सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, स्ट्रॉ रीपर और रीपर कम बाइंडर की तकनीकी जानकारी दी गई। किसानों को जानकारी दी गई कि सुपर सीडर और हैप्पी सीडर जैसे यंत्र खेत की तैयारी, नरवाई प्रबंधन और बोनी जैसे तीन काम एक साथ करते हैं। इन यंत्रों के उपयोग से न केवल समय और लागत की बचत होती है, बल्कि पैदावार भी अच्छी मिलती है। उन्होंने किसानों को समझाइश दी गई कि नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति नष्ट होती है और वायु प्रदूषण फैलता है। नरवाई न जलाकर उसे खाद के रूप में उपयोग करना ही श्रेष्ठ है। रतलाम जिले में कृषि रथ के माध्यम से कृषि एवं संबद्ध विषयों जैसे उद्यानिकी, पशुपालन, आत्मा, मत्स्य पालन आदि पर किसानों एवं कृषि वैज्ञानिकों के मध्य सीधा संपर्क कायम कर नवीन एवं वैज्ञानिकी तकनीकी सुधार की जानकारी कृषकों को दी जा रही है। कृषि रथ द्वारा किसानों को जिले के विभिन्न ग्रामों में जैविक खेती एवं प्राकृतिक कृषि क्षेत्रों का विस्तार, पराली न जलाने, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, एकीकृत पोषक तत्व, कीट एवं रोग प्रबंधन, कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के उपाय, फसल विविधीकरण को बढावा देने, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, ई-विकास प्रणाली अंतर्गत ई-टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था आदि के संबंध में जानकारी दी गई।