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पुलिस अधिकारियों की विधिक दक्षता बढ़ाने के लिये मध्‍यप्रदेश पुलिस अकादमी भोपाल में 2 दिवसीय सेमिनार संपन्न

भोपाल. मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भौंरी भोपाल में विगत दिनों अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम तथा सूचना का अधिकार अधिनियम विषयों पर आयोजित 2 दिवसीय सेमिनार का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस सेमिनार का मुख्‍य उद्देश्य अधिकारियों की विधिक समझ को सुदृढ़ करना, संवेदनशील प्रकरणों में विधि अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करना तथा सूचना के अधिकार अधिनियम के प्रभावी पालन के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। सेमिनार में मध्यप्रदेश पुलिस की विभिन्न इकाइयों से आए अधिकारियों को अधिनियमों के नवीनतम संशोधनों और माननीय न्यायालयों द्वारा दी गई कानूनी व्याख्याओं से अवगत कराया गया।साथ ही केस स्टडीज के माध्यम से जटिल प्रकरणों के प्रभावी क्रियान्वयन और विधिक प्रक्रियाओं के व्यावहारिक पक्षों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के उप निदेशक डॉ.  संजय कुमार अग्रवाल ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए।  

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थ के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई

भोपाल. मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में मादक पदार्थों के अवैध निर्माण, तस्करी एवं खेती के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार सख्त कार्यवाही की जा रही है। इसी कार्यवाही के परिणामस्वरूप राजगढ़ एवं नीमच जिले में की गई दो अलग-अलग बड़ी कार्रवाइयों में पुलिस ने 21 करोड़ 97 लाख रूपए से अधिक के मादक पदार्थ (एमडी ड्रग्‍स एवं अफीम के पौधे) जब्‍त किए है। नीमच- 9.76 क्विंटल अवैध अफीम के हरे पौधे जब्‍त — कीमत लगभग 97 लाख 60 हजार रूपए जिले की पुलिस चौकी जाट को 11 फरवरी को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्रामलुहारिया जाटमें कपास की फसल की आड़ में अवैध अफीम की खेती की जा रही है। सूचना पर पुलिस द्वारा तकनीकी साधनों एवं ड्रोन सर्चिंग के माध्यम से पुष्टि कर कार्रवाई की गई।पुलिस टीम द्वारा मौके से 11,600 नग हरे पौधे (कुल वजन 09 क्विंटल 76 किलोग्राम) अफीम के पौधे जब्‍त किए गए। कुल बरामद किए गए है। जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 97 लाख 60 हजार रुपयेहै। आरोपी के विरूद्ध एनडीपीएस एक्‍ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। 

अंतर्राष्ट्रीय बाघ शिकारी आदिन सिंह उर्फ कल्ला बावरिया को 4 वर्ष की सजा

भोपाल. अंतर्राष्ट्रीय बाघ शिकारी आदिन सिंह उर्फ कल्ला बावरिया को 4 वर्ष की सजा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर वन एवं वन्य-जीव संरक्षण के लिये लगातार समग्र प्रयास किये जा रहे हैं। इसी दिशा में कार्रवाई करते हुए स्टेट टाइगर फोर्स मध्यप्रदेश को वन्य-जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो भारत सरकार, नई दिल्ली से प्राप्त इन्टेलिजेंस इनपुट के आधार पर 18 अगस्त, 2023 को ग्यारसपुर विदिशा से कुख्यात अंतर्राष्ट्रीय बाघ शिकारी एवं तस्कर आदिम सिंह उर्फ कल्ला बावरिया को गिरफ्तार किया था। एसटीएफ द्वारा की गयी सटीक विवेचना एवं वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर एकत्रित किये गये सबूतों तथा सहायक जिला अभियोजन अधिकारी नर्मदापुरम द्वारा ठोस पक्षों के आधार पर न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नर्मदापुरम द्वारा 11 फरवरी को सभी 3 आरोपियों को दोषी मानते हुए 4-4 वर्ष का सश्रम कारावास और 25-25 हजार रुपये के जुर्माने से दण्डित किया गया। वन विभाग द्वारा केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजकर तस्कर कल्ला बावरिया को नेपाल को सौंपने की कार्यवाही की जायेगी। इससे दक्षिण एशिया महाद्वीप में फैले इस अंतर्राष्ट्रीय गिरोह द्वारा बाघों के शिकार एवं उनके अवयवों की तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश द्वारा भारत सरकार के माध्यम से एसएडब्ल्यूईएन (साउथ एशिया वाइल्ड लाइफ इन्फोर्समेंट नेटवर्क) मुख्यालय काठमांडू नेपाल से संपर्क कर कल्ला व उसके गिरोह के अन्य सदस्यों तथा अपराधों के संबंध में पड़ोसी देश नेपाल से जानकारी एकत्रित की, जिसमें नेपाल में भी वर्ष 2012 में कल्ला के विरुद्ध बाघ के शिकार व उसके अवयवों की तस्करी का प्रकरण दर्ज होना पाया गया। साथ ही पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में भी बाघ के शिकार एवं उसके अवयवों के अवैध व्यापार का एक प्रकरण वर्ष 2013 का पाया गया। कल्ला बावरिया को विगत कई वर्षों से कई राज्यों की पुलिस, वन विभाग एवं नेपाल सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (सीआईबी) तलाश रही थी। एसटीएसाएफ द्वारा उक्त आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर वन विभाग जिला अकोला महाराष्ट्र को सौंपा गया था। प्रकरण की अग्रिम विवेचना के दौरान पुजारी सिंह वल्द रामकुमार सिंह बावरिया निवासी होशियारपुर पंजाब एवं गिरोह की मुख्य कड़ी बाघ तस्कर एक महिला रिंडिक टेरोंपी निवासी असम को एसटीएसएफ द्वारा वर्ष 2025 में गिरफ्तार किया गया था।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया भवन विकास निगम के प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम 2.0 पोर्टल लाँच

भगवान विश्वकर्मा का साक्षात् अवतार हैं इंजीनियर्स सड़क एवं भवन विकास कार्यों के लिए म.प्र. शासन के साथ हुए 4 एमओयू पीडब्ल्यूडी की प्रशिक्षण कार्ययोजना 2026-27, न्यूज लेटर सहित रोड नेटवर्क मास्टर प्लान एवं बजट मॉड्यूल का भी हुआ विमोचन पिछले 2 वर्ष में लोक निर्माण विभाग ने अपने कार्यों के आधार पर बनाई विशिष्ठ पहचान   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि निर्माण सिर्फ ईंट–पत्थर का संयोजन नहीं, एक अभिनव कला है। इसमें उत्कृष्ट दृष्टिकोण के साथ दीर्घकालिक कार्य योजना को अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप अब हर निर्माण कार्य में कन्सेप्चुअल और क्वालिटेटिव एप्रोच अनिवार्य रूप से दिखाई देना चाहिए। गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए। प्रदेश के विकास के लिए हम सभी को पूरी क्षमता दक्षता से काम करना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को रवीन्द्र भवन में लोक निर्माण विभाग अन्तर्गत मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा आयोजित एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। लोक निर्माण विभाग के तकनीकी अधिकारियों, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अभियंताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैचारिक प्रतिबद्धता और कार्यशैली में जड़ता से बचने और बदलती तकनीकों के अनुरूप स्वयं को अद्यतन रखने के लिए कौशल संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। ऐसी कार्यशालाएं अभियंताओं की स्किल्स को रिफ्रेश करती हैं और उन्हें नई ऊर्जा प्रदान करती हैं। उन्होंने निर्माण कार्यों में दीर्घकालिक दृष्टि, नवाचार और पारदर्शिता को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में पीएम गतिशक्ति योजना के माध्यम से लोक निर्माण विभाग नवाचारों को धरातल पर उतार रहा है। वर्तमान समय में हमारे इंजीनियर्स साक्षात् भगवान विश्वकर्मा के अवतार हैं। लोक निर्माण विभाग ने पिछले 2 वर्षों के कार्यों के आधार पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। इस अवधि में सराहनीय कार्य हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता के अंतिम अध्याय में ज्ञान और विज्ञान की बात कही गई है, जिसमें मन, बुद्धि और अहंकार के साथ पंच तत्वों की व्याख्या की गई है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर्स की यह कार्यशाला आधुनिक संरचनाओं के निर्माण को गति प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण पहल है। हमारे इंजीनियर्स ने सांदीपनि विद्यालय सहित बड़े-बड़े अधोसंरचनात्मक विकास के निर्माण कार्य किए हैं। सड़क, पुल, स्टेडियम और भवन जैसे निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के माध्यम से ही किये जाते हैं। विभागीय इंजीनियर्स की क्षमता संवर्धन के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण की आवश्यकता भी है। उन्होंने कहा कि इंजीनियर्स को अपना काम करने में अनेक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है। आज की कार्यशाला में एमपीआईडीसी सहित देश की विभिन्न संस्थाओं के साथ समझौते हुए हैं। प्रदेश में ग्रीन बिल्डिंग के विकास को लेकर सहमति बनी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कार्यों और नवाचारों के लिए लोक निर्माण मंत्री एवं विभाग को बधाई दीं। तकनीक, पारदर्शिता और गुणवत्ता से बदलेगा निर्माण तंत्र : लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने क्षमता संवर्धन कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि विभाग की उस निरंतर सुधार यात्रा का प्रतीक है जिसमें नई सोच, नई प्रणाली और उच्च गुणवत्ता के साथ लोक निर्माण विभाग आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब सोच बदलती है तभी व्यवस्था बदलती है, और यह कार्यशाला विभाग के नवाचारों की श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश में अधोसंरचना विकास को केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि उसे सुशासन, पारदर्शिता, तकनीक और नागरिक सुविधा से जोड़ा गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान, डिजिटल इंडिया, ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस, हरित विकास और आत्मनिर्भर भारत जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब विकास समन्वित सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने अधोसंरचनात्मक विकास को नई गति और दिशा दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्पष्ट संदेश है कि निर्माण केवल संरचना नहीं, बल्कि भविष्य की नींव है। समयबद्धता, गुणवत्ता, पारदर्शिता और पर्यावरणीय संवेदनशीलता अब विभाग की कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग के लिए 293 इंजीनियर्स के पद भरने की स्वीकृति प्रदान की है। इसके लिए विभागीय स्तर पर कार्य जारी है। मंत्री श्री सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट मैनेजमेंट मैन्युअल 2.0 विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो सरकारी भवन निर्माण परियोजनाओं के लिए एक समग्र मार्गदर्शिका का कार्य करेगा। मंत्री श्री सिंह ने पीएम गति शक्ति पोर्टल आधारित रोड नेटवर्क मास्टर प्लान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि सड़कों, पुलों और भवनों का वास्तविक आधार प्रशिक्षित एवं सक्षम मानव संसाधन होता है। इसी उद्देश्य से विभाग ने राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ मिलकर एक वर्ष का प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार किया है, जिसमें प्रत्येक त्रैमास के लिए सड़क, पुल, भवन, पर्यावरण और नवीन तकनीकों जैसी थीम निर्धारित की गई हैं। उन्होंने बताया कि विभाग ने 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले भवनों को ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप निर्मित करने के निर्देशों के पालन में त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियंताओं को इस विषय पर प्रशिक्षण देना प्रारंभ कर दिया है, जो विभाग की सकारात्मक कार्य संस्कृति का उदाहरण है। मंत्री श्री सिंह ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के कार्यों के लिए ट्री शिफ्टिंग की एक कार्यशाला भी बहुत जल्द आयोजित की जाएगी। भास्कराचार्य संस्थान ने लोक निर्माण विभाग के 500 से अधिक लोक कल्याण सरोवरों की कार्य योजना तैयार कर ली है। लोक निर्माण विभाग ने कार्यों का औचक निरीक्षण की शुरुआत की है, जिसे ओडिशा और राजस्थान जैसे राज्यों ने अपनाया है। लोक निर्माण तकनीक, पारदर्शिता और मानवीय संवेदनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। कार्यशाला में प्रशिक्षण कैलेंडर एवं प्रोजेक्ट मैनेजमेंट मैन्युअल का विमोचन किया गया तथा पी.एम.एस. पोर्टल-2.0 डिजिटल प्रबंधन प्रणाली को प्रेजेंटेशन के साथ लाँच किया गया। साथ ही, … Read more

21 करोड़ की ड्रग्स बरामद: खेत में बना रखा था ठिकाना, तस्कर दबोचा गया

राजगढ़ राजगढ़ जिले में नशे की फैक्ट्री व कारोबार चलाने वाले इस कार्य में संलिप्त पांच सौदागरों को पुलिस ने अंतत: धर दबोचा। उनमें से गोघटपुर में फैक्ट्री चलाने वाले व अभयपुर में ड्रग्स फिंकवाने वाले दोनों मुख्य आरोपितों के पास से पुलिस ने 21 किलो एमडी ड्रग्स भी जब्त किया है। जो खेतों में छिपा रखी थी। इसकी कीमत 21 करोड़ आंकी है। मामले का पर्दाफाश करते हुए एसपी अमित कुमार तोलानी ने बताया कि एमडी ड्रग्स केस में कुल पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। उल्लेखनीय है कि 3 फरवरी रात को राजस्थान पुलिस की स्पेशल टीम झालावाड़ जिले में वाहनों की चेकिंग कर रही थी।उसी दौरान एक पिकअप को रोककर तलाशी ली। इसमें ड्रग्स बनाने में उपयोग होने वाला करीब 320 किलो केमिकल मिला।पिकअप सवारों ने बताया कि वह इसे मप्र के आगरा मालवा जिले की और लेकर जा रहे थे।दस्तावेज मांगने पर कुछ नहीं दिखा सके। उसी से इनपुट मिला था कि राजगढ़ जिले के गोघटपुर गांव में ड्रग्स की अवैध फैक्ट्री संचालित हो रही है। इसके बाद राजस्थान व माचलपुर की पुलिस ने 4 फरवरी को संयुक्त रूप से गोघटपुर में रघुनंदन पाटीदार के मकान पर दबिश दी, जहां कैमिकल से ड्रग्स बनाने की फैक्टी काे पकड़ा। जहां से करीब 4 करोड़ के कैमिकल बरामद किया था। इसके बाद 07-08 फ़रवरी को ग्राम आदमपुरा के जंगल क्षेत्र में खेत में बनी खंती में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अवैध मादक पदार्थ (एमडी ड्रग्स) निर्माण में प्रयुक्त कैमिकल ड्रमों में छिपाकर फेंका गया है।पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान खंती में 05 नीले रंग के ड्रम मिले। जिनमें प्लास्टिक की पन्नियों में भरा हुआ सफेद रंग का क्रिस्टल जैसा कैमिकल पाउडर पाया गया।उक्त पदार्थ एमडी ड्रग्स (मादक पदार्थ) निर्माण में प्रयुक्त कैमिकल होना पाया गया। कुल वजन 266.9 किलोग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 05 करोड़ रुपये है। इसके बाद से ही आरोपितों की तलाश में पुलिस जुटी थी।पुलिस ने 5 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।दो मुख्य आरोपितों से 21 करोड़ की ड्रग्स जब्त की है। आदमपुरा केस से मिले सुराग, ऐसे खुला रहस्य 7-8 फरवरी की रात को आदमपुरा के जंगल में 5 करोड़ का कैमिकल मिलने के बाद पुलिस टीम द्वारा ग्राम आदमपुरा क्षेत्र में विवेचना के दौरान स्थानीय व्यक्तियों से पूछताछ की गई।पूछताछ में 07 फरवरी 2026 को एक सिल्वर कलर की मारुति वैगनआर कार द्वारा संदिग्ध नीले रंग के केमिकल ड्रम जंगल क्षेत्र में फेंकने संबंधी जानकारी प्राप्त हुई।जांच के दौरान ग्राम रामगढ़ स्थित एक दुकान के सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए। फुटेज में 07 फरवरी को सिल्वर कलर की मारुति वैगनआर कार आरजे-02, सीएफ-2543 को आते-जाते देखा गया।उक्त कार ललित कुमार गुर्जर निवासी बरखेड़ा खुर्द, जिला झालावाड़ के नाम पर पंजीबद्ध होना पाया गया।वाहन की तलाश के दौरान मुखबिर सूचना पर ब्राह्मणगांव क्षेत्र में संदिग्ध वाहन को घेराबंदी कर रोका गया।वाहन में सवार तीन व्यक्ति दिनेश गुर्जर पिता कालूलाल गुर्जर, उम्र 30 वर्ष, निवासी बरखेड़ा खुर्द थाना बकानी, ललित गुर्जर पिता भगवान सिंह गुर्जर, उम्र 26 वर्ष, निवासी बरखेड़ा खुर्द थाना बकानी, रामेश्वर गुर्जर पिता कैलाश गुर्जर, उम्र 35 वर्ष, निवासी कोटरा राड़ी थाना बकानी सवार थे।जिन्हें पुलिस टीम द्वारा तत्परता से पकड़ लिया गया।घटना में प्रयुक्त कार आरजे-02, सीएफ-2543 को जब्त किया।पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपितों द्वारा बताया गया कि दीपक पिता भगवान गुर्जर ने उन्हें उक्त ड्रम जंगल क्षेत्र में फेंकने के लिए कहा था।आरोपितों ने यह भी बताया कि वे ड्रम दीपक के अरनिया स्थित स्थान से लेकर आए थे।इसके बाद कार सवारों की सूचना पर पकड़ा दीपक, फिर रघुनंदन पाटीदार कार सवार तीनों अारोपितों द्वारा जैसे ही दीपक का नाम बताया तो पुलिस ने मुखबिर सूचना पर ग्राम माणा के पास से आरोपित दीपक गुर्जर (29 वर्ष) निवासी ग्राम अरनिया को पकड़ा गया।पूछताछ में आरोपित द्वारा अपने घर ग्राम अरनिया में एमडी ड्रग्स छिपाकर रखने की जानकारी दी गई।आरोपित के घर की तलाशी ली गई, जहां किचन में रखे कार्टून से 10.160 किलोग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई।विधिवत तौल, सीलिंग एवं जब्ती की कार्यवाही की गई तथा आरोपित को मौके से गिरफ्तार किया गया।आरोपित दीपक के पकड़े जाने के बाद पुलिस को गोघटपुर में फैक्ट्री चलाने वाले रघुनंदन की तलाश थी।पुलिस ने फिर दीपक की निशानदेही पर संदेही रघुनंदन पाटीदार (34 वर्ष) निवासी ग्राम गोघटपुर को बरखेड़ा खुर्द (राजस्थान) से हिरासत में लिया गया।पूछताछ में उसके द्वारा बाबाजी वाले सरसों के खेत में मादक पदार्थ छिपाकर रखने की जानकारी दी गई।खेत से हरे रंग के कार्टून में रखी 11.350 किलोग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की गई।विधिवत तौल, सीलबंदी एवं जप्ती उपरांत आरोपी को गिरफ्तार किया गया।कुल मिलाकर 11 फरवरी को मुख्य गोघटपुर में फैक्ट्री चलाने वाले रघुनंदन पाटीदार व आदमपुरा के जंगल में कैमिकल फेंकने वाले दीपक गुर्जर के कब्जे से 21 करोड़ की एमडी ड्रग्स जब्त की है।जो कि खेतों में व अलग-अलग स्थानों पर छिपा रखी थी।जबकि गोघटपुर, अादमपुरा के जंगल सहित सभी दूर से मिलाकर कुल एमडी ड्रग्स एवं 309 किलोग्राम से अधिक रॉ मटेरियल जब्त किया है।जिसकी कुल अनुमानित कीमत ₹30 करोड़ आंकी है।

एम.पी. ट्रांसको ने विदिशा सबस्टेशन पर सुरक्षा प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया

एम.पी. ट्रांसको के 220 केवी विदिशा सबस्टेशन पर हुई सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यशाला भोपाल मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) की जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी के अंतर्गत विदिशा जिले के 220 केवी विदिशा सबस्टेशन पर सुरक्षा एवं सबस्टेशन संचालन से संबंधित प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान अधीक्षण अभियंता श्री शेखर फटाले एवं कार्यपालन अभियंता श्री संजय श्रीवास्तव ने सबस्टेशन मेंटेनेंस एवं आपरेशन कार्यों के दौरान अपनाई जाने वाली आवश्यक सुरक्षा प्रक्रियाओं को बिंदुवार समझाया। सुरक्षित एवं व्यवहारिक कार्य प्रणाली पर दिया जोर कार्यशाला में कार्यस्थल पर लापरवाही रोकने के महत्व पर विशेष जोर देते हुए दुर्घटनाओं से बचाव के लिये व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी, जिससे कार्मिकों एवं उपकरणों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। एम.पी. ट्रांसको की जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी के अंतर्गत निर्धारित स्टेंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर(एसओपी) एवं सेफ्टी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने पर बल दिया गया। इस कार्यशाला में सबस्टेशन के अभियंता एवं नियमित व आउटसोर्स तकनीकी कर्मियों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रतिभागियों को सुरक्षित कार्य पद्धतियों, सुरक्षा उपकरणों के उपयोग तथा निर्बाध एवं सुरक्षित विद्युत पारेषण बनाए रखने के लिये समन्वित टीमवर्क के प्रति जागरूक भी किया गया।  

NDPS जांच में बड़ा खुलासा, हाईकोर्ट ने पुलिस कार्रवाई पर जताई नाराजगी; विभागीय जांच के आदेश

ग्वालियर ग्वालियर हाईकोर्ट की युगल पीठ ने बुधवार को शिवपुरी के एनडीपीएस मामले में पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद शिवपुरी एसपी अमन सिंह राठौड़ ने जिले के देहात थाना प्रभारी, एक निरीक्षक सहित तीन उप निरीक्षक को लाइन अटैच कर दिया है। डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि पुलिस की जांच सच्चाई सामने लाने के बजाय उसे छिपाने वाली प्रतीत होती है। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिस अक्सर केवल ड्राइवर या कैरियर को पकड़कर जांच बंद कर देती है, जबकि असली सरगना तक पहुंचने की कोशिश नहीं की जाती। 1209 किलो पोस्त भूसी तस्करी का मामला मामला 1209 किलोग्राम पोस्त भूसी की तस्करी से जुड़ा है, जो इंदौर से चंडीगढ़ भेजी जा रही थी। कोर्ट ने पाया कि न तो माल भेजने वालों की जांच हुई और न ही प्राप्त करने वालों की। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि थाने से 62 सैंपल बैग गायब हो गए थे। न्यायालय ने यह भी पाया कि जब्त मादक पदार्थ ट्रायल कोर्ट में प्रस्तुत ही नहीं किया गया। पुलिस ने 17 जनवरी 2025 को सामग्री के निस्तारण की बात कही, जबकि सैंपल बैग गायब पाए गए। कोर्ट ने इसे लापरवाही और संदिग्ध जांच का स्पष्ट संकेत माना। विभागीय जांच के निर्देश हाईकोर्ट ने शिवपुरी एसपी को निर्देश दिए हैं कि उस समय पदस्थ थाना प्रभारी और जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाए और जांच पूरी होने तक उन्हें थाने का प्रभार न दिया जाए। कोर्ट ने तीन माह में शपथपत्र के साथ रिपोर्ट पेश करने को कहा है। साथ ही प्रमुख सचिव (गृह), डीजीपी भोपाल और एडीजी नारकोटिक्स इंदौर को निर्देश दिए गए हैं कि सभी जिलों में एनडीपीएस मामलों में अपराध के मुख्य सरगना (Apex Perpetrators) की जांच सुनिश्चित करने के लिए सख्त परिपत्र जारी किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च 2026 को होगी। दोषसिद्धि और सजा विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट शिवपुरी ने 26 सितंबर 2025 को आरोपी जगशीर को धारा 8/15(सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए 15 वर्ष के कठोर कारावास और 1 लाख रुपए जुर्माना लगाया था। आरोपी की सजा स्थगन की अर्जी बाद में वापस ले ली गई। इन अधिकारियों पर कार्रवाई एसपी अमन सिंह राठौड़ ने देहात थाना प्रभारी जितेंद्र मावई, उप निरीक्षक राघवेंद्र यादव (गोवर्धन) और हरिशंकर शर्मा (जेएसआई कोतवाली) को लाइन अटैच किया है। इसके अलावा बालाघाट में पदस्थ उनि अंकित उपाध्याय और राजगढ़ में पदस्थ निरीक्षक मनीष शर्मा को भी लाइन अटैच किया गया है। दो अधिकारी एसएस जादौन और चंद्रभान सिंह भदौरिया सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सभी के खिलाफ अब विभागीय जांच चलेगी।

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने केंद्रीय राज्यमंत्री कुरियन से की मुलाकात

केंद्रीय राज्यमंत्री कुरियन से राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने की भेंट “डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर” की स्थापना का सौंपा प्रस्ताव प्रदेश के पहले स्पेस सेंटर से युवाओं को मिलेगी अंतरिक्ष विज्ञान की ट्रेनिंग भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन से मुलाकात की। उन्होंने केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री कुरियन को प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत भोपाल में “डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर” की स्थापना का प्रस्ताव भी सौंपा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित पीएमजेवीके योजना अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, कौशल विकास और आधारभूत संरचना को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं में विज्ञान, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से यह सेंटर स्थापित करने को लेकर प्रतिबद्ध है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि प्रस्तावित केंद्र के माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान, खगोल विज्ञान, उपग्रह तकनीक और आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान से परिचित कराया जाएगा। यह केंद्र युवाओं को भविष्य में अंतरिक्ष एवं तकनीकी क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा और विज्ञान शिक्षा को नई दिशा देगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने केंद्र सरकार से इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आवश्यक तकनीकी सहयोग एवं वित्तीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया, ताकि योजना का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में विज्ञान आधारित सशक्त युवा शक्ति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।  

प्रदेश में ससम्मान गाया जाएगा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’, मुख्यमंत्री डॉ. यादव का ऐलान

राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के ससम्मान गायन को मध्यप्रदेश में लागू करेगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वंदे मातरम् के छह छंदों का गायन लागू करना प्रधानमंत्री  मोदी की अभूतपूर्व पहल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगान जन- गण-मन से पहले सभी कार्यालयों और स्कूलों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के छह छंदों के गायन का निर्णय लिया है। यह अत्यंत सराहनीय एवं अभूतपूर्व पहल है। इसके जरिए पूरा देश अमर शहीदों के बलिदान को स्मरण करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में हमारे वीर सेनानियों ने वंदे मातरम् गाते हुए स्वयं को देश के लिए बलिदान कर दिया। मध्यप्रदेश सरकार, केंद्र सरकार के इस निर्णय के साथ खड़ी है और वंदे मातरम् गायन के निर्णय को त्वरित रूप से प्रदेश में लागू कर रही है। 

वकीलों ने भी छोड़ा साथ, बीजेपी नेता पंकज घारू पर जज धमकी का मामला गंभीर

 देवास देवास में बीजेपी नेता पंकज घारू द्वारा न्यायाधीश के साथ अभद्रता करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. नाहर दरवाजा थाना पुलिस ने जज का रास्ता रोकने और धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर मुख्य आरोपी पंकज घारू और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं एक अन्य आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है. पुलिस के अनुसार घटना देवास के जय श्री नगर इलाके में हुई. चतुर्थ जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रसन्न सिंह बहरावत अपनी कार से कोर्ट जा रहे थे. इसी दौरान धन लक्ष्मी मैरिज गार्डन के पास आरोपियों ने अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी सड़क पर खड़ी कर रखी थी. जय श्री नगर में जज का रास्ता रोकने को लेकर हुआ विवाद जब न्यायाधीश ने वाहन हटाने को कहा तो आरोपियों ने अभद्रता की और धमकियां दीं. इस घटना के बाद जज साहब ने नाहर दरवाजा थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. साथ ही एसपी और डीजीपी को भी मोबाइल पर घटना की जानकारी दी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने पंकज घारू सहित दो अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. मामले के तूल पकड़ने के बाद बुधवार दोपहर जिला प्रशासन ने भी सख्त कदम उठाया. अभद्रता और धमकी देने पर भाजपा नेता पंकज घारू पर FIR दर्ज प्रशासनिक टीम ने आरोपी पंकज घारू के भोपाल रोड और बिलावली बामनखेड़ा क्षेत्र में शासकीय भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया. तहसीलदार सपना शर्मा ने बताया कि संबंधित शख्स ने कांकड़ की सरकारी जमीन पर पोल्ट्री फार्म सहित अन्य निर्माण कर रखे थे. मामला बढ़ने के बाद प्रशासन ने अवैध कब्जे पर चलाया बुलडोजर कई बार नोटिस देने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, इसलिए कार्रवाई की गई. पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध निर्माणों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी. वहीं जिला अभिभाषक संघ ने पत्र जारी कर कहा है कि संघ का कोई भी सदस्य आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा.