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आशा ने 2500Km की साइकल यात्रा पूरी की, आर्मी डे पर शुरू कर नारी शक्ति का दिया संदेश

राजगढ़ राजगढ़ जिले की रहने वाली साइक्लिस्ट आशा मालवीय ने अपनी भारत यात्रा के तहत लगभग 2550 किलोमीटर का सफर पूरा कर लिया है। बीती रात वह जयपुर, राजस्थान से गुजरात यात्रा करते हुए पीथमपुर पहुंचीं, जहां उनका स्वागत किया गया। इसके बाद वे महू के लिए रवाना हुईं। आशा मालवीय ने यह यात्रा आर्मी डे 15 जनवरी के अवसर पर जयपुर से शुरू की थी। उनकी कुल यात्रा 7500 किलोमीटर की है, जो जयपुर से अरुणाचल प्रदेश तक जाएगी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि उनकी इस साइकिल यात्रा का उद्देश्य नारी शक्ति, देशभक्ति और अदम्य साहस का संदेश देना है। मालवीय ने जानकारी दी कि वर्तमान यात्रा से पहले भी वह लगभग 60 हजार किलोमीटर की साइकिल यात्राएं कर चुकी हैं। वह एक एथलीट भी रह चुकी हैं। पुलिस ने प्रोटोकॉल के तहत सीमा तक छोड़ा पीथमपुर के सेक्टर एक थाना क्षेत्र में संजय जलाशय चौकी प्रभारी अजय भदौरिया, सहायक उप निरीक्षक राजेश चौहान और हेड कांस्टेबल मंजीत सिंह ने आशा मालवीय की आगवानी की। सेक्टर एक थाना पुलिस ने उन्हें प्रोटोकॉल के तहत अपनी सीमा से विदा किया और उनके साहस की सराहना की। किशनगंज थाना पुलिस के उप निरीक्षक सखाराम जामोद, सहायक उप निरीक्षक सुरेश यादव और हेड कांस्टेबल आशीष पारिख ने उन्हें महू के लिए रवाना किया। जहां वो रात रुकेंगी।

ग्वालियर कलश यात्रा में भगदड़, हादसे में महिला की मौत, कई लोग घायल

ग्वालियर  ग्वालियर में नवग्रह पीठ मंदिर पर चल रहे प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान कलश यात्रा में बड़ा हादसा हो गया. यात्रा में शामिल दो महिलाएं बुरी तरह घायल हो गईं जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. घायलों में रति साहू, विमला और कला बाथम शामिल हैं. सभी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है. जानकारी के अनुसार पूर्व गृहमंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा नवग्रह मंदिर पर प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन करा रहे थे. इसी कार्यक्रम के तहत कलश यात्रा निकाली गई थी जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल थे. यात्रा के दौरान किसी कारणवश हादसा हो गया जिससे महिलाएं घायल हो गईं. मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग चिल्लाने-चिल्लाने लगे. आयोजन समिति और प्रशासन ने तुरंत घायलों को एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया और उनका इलाज शुरू कराया. पुलिस और प्रशासन ने घटना स्थल पर पहुंचकर स्थिति संभाली. नवग्रह पीठ पर प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम 20 फरवरी तक चलेगा जिसमें विभिन्न अनुष्ठान और पूजा-अर्चना होंगे. घटना के बाद श्रद्धालुओं में चिंता है लेकिन आयोजकों ने कहा कि सुरक्षा के सभी इंतजाम हैं और आगे ऐसी घटना नहीं होने दी जाएगी. पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है.

MP में बर्फ पिघलने के बाद आएंगी सर्द हवाएं, तापमान में 3-4 डिग्री बढ़ोतरी, ग्वालियर-चंबल में ठिठुरन

भोपाल  मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड से फिलहाल थोड़ी राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिन प्रदेश में तापमान बढ़ेगा और दिन में सर्दी का असर कम रहेगा। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में करीब 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। हालांकि यह राहत ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे ही पहाड़ी इलाकों में सक्रिय सिस्टम आगे बढ़ेगा और बर्फ पिघलने की प्रक्रिया तेज होगी, वैसे ही उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाएं एक बार फिर प्रदेश में ठंड बढ़ा देंगी। फरवरी महीने में मौसम का मिजाज बार-बार बदलता रहेगा। फिलहाल प्रदेश में बारिश की कोई संभावना नहीं है।  पहाड़ी इलाकों की बर्फ से बढ़ी एमपी में ठंड भोपाल के मौसम वैज्ञानिक डॉ अरुन शर्मा के मुताबिक, पहाड़ों के ऊपर सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन आगे बढ़ रहा है. जैसे ही यह सिस्टम कमजोर होगा और बर्फ पिघलेगी, उसके बाद उत्तर से ठंडी हवाएं फिर से प्रदेश में असर दिखाएंगी. इसी कारण फरवरी महीने में मौसम में बार-बार उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा. अब धीरे-धीरे बढ़ेगा तापमान मध्यप्रदेश में भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में सोमवार को दिनभर तेज धूप रही. इससे अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. हालांकि, रात और तड़के सुबह ठंड का असर अभी बना रहेगा, लेकिन पारा धीरे-धीरे ऊपर चढ़ेगा. 13 से 15 फरवरी के बीच फिर बढ़ेगी ठंड एमपी के मौसम को लेकर मौसम विभाग का कहना है कि सिस्टम गुजरने के बाद 13, 14 और 15 फरवरी को तापमान में गिरावट आएगी. इस दौरान उत्तर से चलने वाली ठंडी हवाओं के कारण एक बार फिर ठिठुरन बढ़ सकती है. प्रदेश में कटनी का इलाका सबसे ठंडा, तापमान 5.9 दर्ज रविवार-सोमवार की रात प्रदेश के 13 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया. जहां प्रदेश में सबसे ठंडा स्थान कटनी का करौंदी रहा, यहां तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा खजुराहो में तापमान 6.4 दर्ज हुआ तो शहडोल के कल्याणपुर में 6.6 डिग्री, पचमढ़ी में 7.4, अमरकंटक में 7.8 तक पारा दर्ज हुआ है.  बदलेगा मौसम मौसम वैज्ञानिक पांडे ने बताया, सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिलेगा। 13, 14 और 15 फरवरी को तापमान में गिरावट होगी और ठंड का असर बढ़ जाएगी। उत्तर से ठंडी हवाओं का असर भी देखने को मिलेगा। 13 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे, कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रविवार-सोमवार की रात में प्रदेश के 13 शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से कम रहा। प्रदेश का सबसे ठंडा कटनी का करौंदी रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर-खजुराहो में 6.4 डिग्री, पचमढ़ी में 7.4 डिग्री, अमरकंटक में 7.8 डिग्री, दतिया में 8.1 डिग्री, रीवा में 8.3 डिग्री, राजगढ़ में 8.6 डिग्री, उमरिया में 8.8 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, मंडला में 9.4 डिग्री, मलाजखंड में 9.5 डिग्री और नौगांव में पारा 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा। पांच बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में सबसे कम 10.2 डिग्री, इंदौर में 11.2 डिग्री, ग्वालियर में 10.6 डिग्री, उज्जैन में 12.4 डिग्री और जबलपुर में 11.4 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों के मौसम का हाल  मध्यप्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में भोपाल का न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री, इंदौर में 11.2, ग्वालियर में 10.6, उज्जैन में 12.4 और जबलपुर में 11.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. अगले दो दिन का मौसम अनुमान एमपी में 11 फरवरी को दिन और रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी. दिन में धूप तेज रहेगी. एमपी में 12 फरवरी को तापमान 3 से 4 डिग्री तक बढ़ सकता है. ठंड का असर मुख्य रूप से रात और सुबह के समय ही रहेगा.

छोटा महादेव भोपाली में महाशिवरात्रि पर गुफा का प्रवेश रहेगा बंद

बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी विकासखंड में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल छोटा महादेव भोपाली में इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को गुफा दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए गुफा तक पहुंच पर प्रतिबंध जारी रखने का निर्णय लिया है। शिवलिंग के दर्शन एलईडी स्क्रीन के माध्यम से श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए गुफा में विराजित शिवलिंग के दर्शन एलईडी स्क्रीन के माध्यम से कराए जाएंगे। शाहपुर एसडीएम प्रपंज आर के अनुसार हाल ही में चार विभागों की संयुक्त टीम द्वारा स्थल का निरीक्षण किया गया। स्थिति पूर्व वर्षों की तुलना में और जोखिमपूर्ण हो गई है इंजीनियरों के साथ की गई तकनीकी जांच में यह स्पष्ट हुआ कि क्षेत्र की स्थिति पूर्व वर्षों की तुलना में और अधिक जोखिमपूर्ण हो गई है, जिससे किसी भी प्रकार की अनहोनी की आशंका बनी हुई है। प्रशासन के अनुसार वर्ष 2014 से छोटा महादेव क्षेत्र की पहाड़ियों में दरारें दिखाई देने लगी थीं। बारिश के कारण ये दरारें और चौड़ी हो गई हैं समय-समय पर हुई भारी बारिश के कारण ये दरारें और चौड़ी हो गई हैं। शिवलिंग गुफा के ऊपर स्थित काला बाबा मंदिर और झरना क्षेत्र के बीच दरारों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसके चलते इस पूरे हिस्से को असुरक्षित श्रेणी में रखा गया है।  

खरगोन में प्राइवेट स्कूल की सुस्ती, 12वीं के 13 छात्र अंग्रेजी परीक्षा में शामिल नहीं हो सके

खरगोन  खरगोन जिले के गायत्री विद्यापीठ हायर सेकंडरी स्कूल की घोर लापरवाही के कारण 12वीं कक्षा के 13 छात्र अंग्रेजी की बोर्ड परीक्षा नहीं दे सके. स्कूल प्रबंधन ने छात्रों से परीक्षा फॉर्म तो भरवा लिए, लेकिन उनकी फीस माध्यमिक शिक्षा मंडल को समय पर नहीं भेजी. इस कारण इन छात्रों के प्रवेश पत्र जनरेट नहीं हुए. जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर भीकनगांव में गायत्री विद्यापीठ हायर सेकंडरी स्कूल प्रबंधन ने 10वीं और 12वीं के नियमित 23 बच्चों के फॉर्म तो भरवाए, लेकिन उनकी परीक्षा फीस माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) भोपाल को नहीं भेजी गई.  लापरवाही की हद तो तब हो गई जब स्कूल प्रबंधन परीक्षा के 2 दिन पहले तक भी नहीं जागा. मंगलवार  यानी 10 फरवरी को आयोजित 12वीं की अंग्रेजी की परीक्षा के लिए जब बच्चों को सोमवार के दिन तक प्रवेश पत्र नहीं मिले तो उन्होंने स्कूल से संपर्क किया तब यह पता चला कि बच्चों की फीस ही जमा नहीं की गई है. धीरे-धीरे सभी पालकों को पता चला तो गुस्साए पालक स्कूल पहुंच गए, यहां जमकर हंगामा हुआ.  इसके बाद सैकड़ों लोगों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ खंडवा वडोदरा स्टेट हाईवे पर गांधी प्रतिमा के सामने चक्काजाम कर दिया. चक्का जाम आधी रात तक जारी रहा. थाना इंचार्ज और बीईओ दिनेश पटेल ने गुस्साए लोगों को समझने का प्रयास किया लेकिन कोई नहीं माना. स्कूल प्रबंधन ने ताबड़तोड़ माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल के अकाउंट में 3 लाख 73 हजार जमा किए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी, क्योंकि मंगलवार को ही 12वीं के 13 बच्चों को अंग्रेजी के पेपर में शामिल होना था. कलेक्टर और शिक्षा विभाग ने भी प्रयास किए, लेकिन पोर्टल बंद होने और समय की कमी के चलते मंगलवार सुबह होने वाले पेपर के लिए प्रवेश पत्र नहीं मिल सके. मामले को लेकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश पटेल का कहना है, छात्रों के फॉर्म तो भरवा गए, लेकिन उनकी फीस जमा नहीं की गई. इससे बच्चे परीक्षा से वंचित हुए हैं. इस मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर को अवगत कराया गया है. स्कूल प्रबंधन के खिलाफ वे ही कार्रवाई करेंगे. 

गोविंदपुरा थाने पहुंचे पुलिस आयुक्त संजय कुमार

गोविंदपुरा थाने पहुंचे पुलिस आयुक्त संजय कुमार   थाने में दर्ज आपराधिक मामलों का रिकॉर्ड, लंबित प्रकरणों की जानकारी और बीटचार्ज का लिया जायजा  भोपाल  राजधानी भोपाल के नवागत पुलिस आयुक्त संजय कुमार लगातार थानों का जायजा ले रहे हैं। इसी कड़ी में पुलिस आयुक्त सोमवार रात गोविंदपुरा थाने पहुंचे। उन्होंने थाने में दर्ज अपराधों की जानकारी और लंबित मामलों की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए। पुलिस आयुक्त ने बीटचार्ट और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही थाने की स्वच्छता और आगंतुकों के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। दरअसल नए पुलिस आयुक्त संजय कुमार की कार्य प्रणाली अन्य अधिकारियों से कुछ हटकर है। वह कार्यालय से दिशा निर्देश देने से ज्यादा जरूरी फील्ड में उतरकर काम करने में विश्वास रखते हैं। इसी के चलते पुलिस आयुक्त लगातार अलग-अलग थानों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। पुलिस आयुक्त अपराधियों से सख्ती से निपटने और आमजनों से सद्व्यवहार करने की नसीहत पहले ही दे चुके हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि थानों के निरीक्षण के बाद काम में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।

इंदौर में नर्मदा लाइन का अड़चन: सड़क के बीच बिछी लाइन से एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने में होगी परेशानी

इंदौर  इंदौर में छह किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की कवायद की जा रही है, लेकिन उसे बनाना इतना आसान भी नहीं होगा, क्योंकि जब बीआरटीएस कॉरिडोर पंद्रह साल पहले बनाया गया था, तब नर्मदा लाइन सड़क के बीच वाले हिस्से में डाली गई थी। इसके अलावा हर चौराहे पर सीवरेज के बड़े पाइप भी क्रॉस हुए हैं। यदि एबी रोड पर एलिवेटेड कॉरिडोर बनता है तो जगह-जगह लाइनों को शिफ्ट करना होगा। इसमें काफी समय लगेगा।  बीआरटीएस निर्माण की समयसीमा दो साल तय की गई थी, लेकिन उसके बनने में पांच साल से अधिक का समय लगा, क्योंकि एबी रोड पर ट्रैफिक का दबाव काफी रहता है। ट्रैफिक को दूसरे रूटों पर भी ज्यादा डायवर्ट नहीं किया जा सकता है। यह परेशानी एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने में भी आएगी। व्हाइट चर्च चौराहे पर पथरीली जमीन एलिवेटेड कॉरिडोर के कॉलम बनाने के लिए जमीन में गहरी खुदाई करना होगी। इसमें सबसे ज्यादा समय गीता भवन से जीपीओ के बीच लगेगा। यहां पथरीला हिस्सा है। सीवरेज लाइन बिछाने के लिए इस हिस्से में चट्टानें तोड़ने के लिए विस्फोट का इस्तेमाल किया गया था। यहां लाइन शिफ्ट करना पड़ी तो उसके लिए भी अलग से खुदाई करना होगी। लंबी दूरी का ट्रैफिक और होगा कम एलआईजी से भंवरकुआं या राजीव गांधी चौराहे तक शहरवासियों को जाना हो तो वे अब रिंग रोड का उपयोग करने लगे हैं, क्योंकि खजराना चौराहा, बंगाली चौराहा, वर्ल्ड कप चौराहा, पालदा चौराहा पर ब्रिज बनने से अब रिंग रोड पर समय कम लगता है। इस मार्ग पर मुसाखेड़ी और आईटी चौराहे पर भी ब्रिज बन रहे हैं। इसके बाद ट्रैफिक और आसान हो जाएगा। एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर याचिका लगाने वाले अतुल शेठ का कहना है कि रिंग रोड के कारण वैसे ही एबी रोड के ट्रैफिक का दबाव कम हो जाएगा। इस कारण एलिवेटेड कॉरिडोर ज्यादा उपयोगी साबित नहीं होगा। पहले जब इसे लेकर सर्वे हुआ था, तब ट्रैफिक चार प्रतिशत आया था।

इंदौर नगर निगम की पहल: 72 घंटे में मृत्यु प्रमाण पत्र अब होगा ईमेल पर उपलब्ध

इंदौर  इंदौर नगर निगम ने नागरिकों को बड़ी राहत देने वाली नई व्यवस्था लागू की है। अब घर पर होने वाली मृत्यु के मामलों में मृत व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र 72 घंटे के भीतर परिजनों के ईमेल पर भेजा जाएगा। इसके लिए नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगाने या किसी तरह का आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।  पहले घर भेजा जाता था प्रमाण पत्र महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि पहले नगर निगम की ओर से मृत्यु होने पर 72 घंटे के भीतर शोक संदेश के साथ मृत्यु प्रमाण पत्र मृतक के घर भिजवाया जाता था। बाद में जन्म–मृत्यु के राष्ट्रीय पोर्टल से नगर निगम पोर्टल के जुड़ने के कारण यह व्यवस्था बंद हो गई थी। संशोधित रूप में फिर लागू हुई व्यवस्था महापौर ने बताया कि अब राष्ट्रीय पोर्टल से जुड़े रहते हुए इस व्यवस्था को संशोधित स्वरूप में फिर से लागू किया गया है। मुक्तिधाम पर अंतिम संस्कार के समय यदि यह जानकारी दी जाती है कि संबंधित व्यक्ति की मृत्यु घर पर हुई है, तो परिजनों द्वारा दिए गए ईमेल एड्रेस पर 72 घंटे के भीतर मृत्यु प्रमाण पत्र भेज दिया जाएगा। नगर निगम आने की जरूरत नहीं इस नई व्यवस्था के तहत मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए परिजनों को नगर निगम कार्यालय आने, आवेदन करने या किसी तरह का शुल्क जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। नगर निगम ने ईमेल के माध्यम से प्रमाण पत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अस्पताल में मृत्यु पर लागू नहीं होगी सुविधा प्रश्न के उत्तर में महापौर ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में होने वाली मृत्यु के मामलों में यह सुविधा फिलहाल लागू नहीं हो पाएगी। इसका कारण यह है कि अस्पतालों से मृत्यु की जानकारी नगर निगम को विलंब से प्राप्त होती है, जिससे 72 घंटे के भीतर प्रमाण पत्र जारी करना संभव नहीं हो पाता। जन्म प्रमाण पत्र की व्यवस्था पहले से लागू जन्म प्रमाण पत्र को लेकर उन्होंने बताया कि जिन अस्पतालों में प्रसूति होती है, वहां से जन्म प्रमाण पत्र देने की व्यवस्था पहले से ही लागू है। इसे तत्काल व्यवस्था में परिवर्तित करना अभी संभव नहीं है। हर साल जारी होते हैं हजारों मृत्यु प्रमाण पत्र इंदौर नगर निगम द्वारा हर वर्ष औसतन 14 हजार मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं। वर्ष 2026 में अब तक 1084 मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। वर्ष 2025 में 15314, 2024 में 14119, 2023 में 13461 और 2022 में 14237 मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए थे।

जबलपुर में रेल यात्रियों को मिलेगा बड़ा तोहफा, पैसेंजर ट्रेनों में 20 कोच होंगे शामिल

जबलपुर   पैसेंजर ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। रेलवे बोर्ड ने पैसेंजर ट्रेनों की लंबाई बढ़ाने पर सहमति दिए जाने के बाद रेल प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। बोर्ड ने सभी रेल जीनों से उन पैसेंजर ट्रेनों की जानकारी मांगी है, जिनमें अतिरिक्त कोच जोड़े जा सकते है। वर्तमान में अधिकांश पैसेंजर ट्रेनें 10 से 12 कोच के साथ संचालित हो रही है। योजना के तहत अब इन ट्रेनों में 12 से 20 कोच तक लगाए जाने की तैयारी है। इसके साथ ही मेमू और डेमू ट्रेनों में भी कोचों की संख्या बढ़ाकर 8 से 12 करने का प्रस्ताव है।  पमरे जोन को मिलेगा विशेष लाभ सूत्रों के अनुसार रेलवे बोर्ड के निर्देश के बाद पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) जोन में संचालित करीब 40 पैसेंजर ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़े जाएंगे। अभी सीमित कोच होने के कारण सामान्य श्रेणी के यात्रियों को भारी परेशानी होती है और कई बार उन्हें खड़े होकर यात्रा करना पड़ती है। कोचों की संख्या बढ़ने से ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ कम होगी, वहीं स्टेशनों पर भी भीड़भाड़ नियंत्रित होने की उम्मीद है। जबलपुर मंडल में 10 जोड़ी मेमू ट्रेनों का संचालन जबलपुर रेल मंडल में वर्तमान में 10 जोड़ी मेमू ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से जबलपुर-नैनपुर पैसेंजर, रीवा-जबलपुर पैसेंजर, जबलपुर-रीवा पैसेंजर, कटनी-चौपन पैसेंजर, कटनी-भुसावल पैसेंजर, बीना-कटनी पैसेंजर सहित अन्य ट्रेनें शामिल है। सीमित कोच होने के कारण कई बार 100 से 150 यात्री मजबूरी में भीड़भाड़ के बीच यात्रा करते है। छुट्टियों और त्योहारों के दौरान मेमू और डेमू ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ देखने को मिलती है। बड़ी संख्या में एमएसटी धारक यात्री यात्रा करते है, जिससे कई बार ट्रेन में चढ़ने तक में कठिनाई होती है। रीवा-रानी कमलापति के बीच स्पेशल ट्रेन रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए रीवा रानी कमलापति के बीच होली स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में एक एक ट्रिप संचालित की जाएगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में सतना, मैहर, कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, बीना एवं विदिशा स्टेशनों पर रुकेगी। रीवा-रानी कमलापति सुपरफास्ट होली स्पेशल ट्रेन 28 फरवरी को रीवा से दोपहर 12:30 बजे प्रस्थान करेगी। इसी तरह रानी कमलापति-रीवा सुपरफास्ट होली स्पेशल ट्रेन रानी कमलापति से रात 22:15 बजे प्रस्थान करेगी।

सीहोर के लिए खुशखबरी: रुद्राक्ष महोत्सव से पहले दो एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज मिला

 सीहोर  रुद्राक्ष महोत्सव के आयोजन से पहले सीहोरवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। सांसद आलोक शर्मा के प्रयासों से सीहोर रेलवे स्टेशन पर दो महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज स्वीकृत हुआ है। इससे धार्मिक, सामाजिक और व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहरों तक सीधी रेल यात्रा संभव हो सकेगी।  सीहोर शहर के लिए यह निर्णय किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। कुबेरेश्वर धाम में 14 फरवरी से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाले रुद्राक्ष महोत्सव से पहले रेलवे द्वारा दो प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का सीहोर स्टेशन पर स्टॉपेज स्वीकृत किया गया है। इस फैसले से देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। अब श्रद्धालु बिना भोपाल या अन्य बड़े स्टेशनों पर भटके सीधे सीहोर उतर सकेंगे। सांसद आलोक शर्मा के प्रयास रंग लाए भोपाल-सीहोर सांसद आलोक शर्मा द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही सीहोर की रेल कनेक्टिविटी की मांग आखिरकार पूरी हो गई। सांसद शर्मा ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से व्यक्तिगत मुलाकात कर सीहोर को बड़े शहरों से जोड़ने का आग्रह किया था। रेल मंत्री ने इस मांग को जनहित में स्वीकार करते हुए दो महत्वपूर्ण ट्रेनों के स्टॉपेज को मंजूरी दी। सांसद आलोक शर्मा ने दोनों एक्सप्रेस ट्रेनों के सीहोर रेलवे स्टेशन पर स्टापेज के संबंध में सोशल मीडिया पर पोस्ट भी जारी की है। प्रयागराज और वाराणसी जाने वालों को मिली बड़ी राहत सीहोर से प्रयागराज और वाराणसी जाने की मांग वर्षों से की जा रही थी। विशेष रूप से अस्थि विसर्जन जैसे धार्मिक कार्यों के लिए लोगों को पहले भोपाल जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती थी। अब सीधे सीहोर से प्रयागराज और वाराणसी तक यात्रा संभव हो सकेगी। यह निर्णय आम नागरिकों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है और उनके लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस का विस्तृत लाभ गाड़ी संख्या 19489/19490 अहमदाबाद–गोरखपुर एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन सीहोर स्टेशन पर रुकेगी। यह ट्रेन अहमदाबाद, सूरत, रतलाम, उज्जैन, मैहर, सतना, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ती है। सीहोर के व्यापारियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह ट्रेन विकास की नई राह खोलेगी। गाड़ी सं. 19489 अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस अहमदाबाद से सोमवार को छोड़कर प्रतिदिन चलेगी। अहमदाबाद से एक्सप्रेस ट्रेन सुबह 9.17 बजे से चलकर आणंद, छायापुरी, दाहोद, रतलाम, नागदा, उज्जैन होती हुई रात आठ बजे के करीब सीहोर स्टेशन पहुंचेगी। इसके बाद संत हिरदाराम नगर, विदिशा, बीना, सागर, दमोह, कटनी, मैहर, सतना, प्रयासराज, वाराणसी, मउ, भटनी, देवरिया होते हुए अगले दिन शाम 6.15 बजे गोरखपुर स्टेशन पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी सं. 19490 गोरखपुर स्टेशन से मंगलवार को छोड़कर प्रतिदिन रात 9.20 बजे रवाना होकर सीहोर स्टेशन गंतव्य दिवस के अगले दिन रात पौने छह बजे के करीब पहुंचेगी और फिर अहमदाबाद के लिए रवाना हो जाएगी। मुंबई बांद्रा-गोरखपुर हमसफर एक्सप्रेस से बढ़े अवसर सप्ताह में एक दिन चलने वाली मुंबई बांद्रा-गोरखपुर हमसफर एक्सप्रेस भी अब सीहोर स्टेशन पर रुकेगी। इससे मुंबई और सूरत जैसे औद्योगिक शहरों तक सीधी पहुंच संभव होगी। यह ट्रेन रोजगार, व्यापार और शिक्षा के लिए महानगरों से जुड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी। एक्सप्रेस ट्रेन 19091 मुंबई बांद्रा से सोमवार को सुबह 5.10 चलकर बोरोवली, वापी, सूरत, बडोदरा, दाहोद, रतलाम, नागदा, उज्जैन, शुजालपुर स्टेशनों से होती हुई रात आठ बजे के करीब सीहोर रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। इसके बाद संत हिरदाराम नगर, विदिशा, बीना,सागर, दमोह, कटनी, मैहर, सतना, प्रयागराज, वाराणसी, मउ, भटनी, देवरिया स्टेशन होती हुई अगले दिन मंगलवार को गोरखपुर स्टेशन पहुंचेगी। इसी तरह एक्सप्रेस ट्रेन 19092 गोरखपुर से मंगलवार को रात 9.20 बजे से चलकर वापस उन्हीं स्टेशनों से होती हुई बुधवार की शाम पौने छह बजे के करीब सीहोर रेलवे स्टेशन पहुंचेगी और फिर विभिन्न स्टेशनों से होती हुई गुरुवार की सुबह साढे़ आठ बजे मुंबई बांद्रा पहुंचेगी। श्रद्धालुओं और सीहोर के विकास को नई दिशा इन ट्रेनों के स्टॉपेज से कुबेरेश्वर धाम में कथा सुनने आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। प्रसिद्ध कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा की कथा के दौरान सीहोर की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी। यह निर्णय न केवल यात्रा सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि सीहोर के सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक विकास को भी नई गति देगा।