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विजयपुर सीट विवाद का फैसला करीब, हाईकोर्ट में 17 तारीख को आखिरी बहस

श्योपुर  विजयपुर विधानसभा सीट को लेकर छिड़ी कानूनी लड़ाई अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच में पूर्व मंत्री रामनिवास रावत की चुनाव याचिका पर सुनवाई के दौरान नया अपडेट सामने आया है। कोर्ट ने मामले से जुड़े सभी गवाहों की गवाही दर्ज कर ली है। अब इस हाई-प्रोफाइल चुनावी याचिका पर 17 फरवरी को अंतिम बहस होगी, जिसके बाद कोर्ट फैसला सुरक्षित कर सकता है। कांग्रेस विधायक के निर्वाचन को चुनौती देने से जुड़ा है मामला दरअसल यह मामला विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के निर्वाचन को चुनौती देने से जुड़ा है। पूर्व मंत्री रामनिवास रावत ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि नामांकन दाखिल करते वक्त मुकेश मल्होत्रा ने अपने आपराधिक रिकॉर्ड से संबंधित अहम जानकारी छुपाई। याचिका में दावा किया गया कि यदि सही और पूरी जानकारी सार्वजनिक होती, तो चुनाव परिणाम प्रभावित हो सकता था। सभी गवाहों की गवाही दर्ज हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई बीते कई महीनों से चल रही है। दोनों पक्षों की ओर से गवाह पेश किए गए, दस्तावेज रखे गए और तथ्यों पर तीखी बहस हुई। कोर्ट ने एक-एक कर सभी गवाहों की गवाही दर्ज की। क्या कह रहे हैं कानून के जानकार? चुनाव कानून के जानकारों की मानें तो इस केस का असर सिर्फ विजयपुर सीट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में नामांकन प्रक्रिया को लेकर सख्ती बढ़ सकती है। विजयपुर की राजनीति पर नजर रखने वालों के लिए 17 फरवरी की तारीख बेहद अहम मानी जा रही है। यदि कोर्ट आरोपों को गंभीर मानता है, तो विधायक की विधानसभा की सदस्यता पर संकट खड़ा हो सकता है। वहीं, फैसला याचिकाकर्ता के खिलाफ गया तो सियासी समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। फिलहाल हाई कोर्ट में गवाही का अध्याय बंद हो चुका है। अब सबकी नजरें अंतिम बहस पर टिकी हैं। 

छह माह पहले भस्म हुआ जहरीला कचरा, अब 900 टन राख को सुरक्षित दफन कर पर्यावरण की रक्षा

पीथमपुर 42 साल पहले भोपाल में पांच हजार लोगों को मौत की नींद सुलाने वाली यूनियन कार्बाइड फैक्टरी का 337 टन विषैला कचरा तो इंदौर के समीप पीथमपुर में दफन हो गया। अब उसकी बची 900 टन राख को भी हमेशा-हमेशा के लिए दफन कर दिया गया है। फैक्टरी से निकली गैस के कारण हजारों प्रभावित हुए थे। जिन गर्भवतियों की सांसों में यह गैस गई थी, उनकी संतानों पर भी इसका असर देखने को मिला था। इस त्रासदी के अवशेष राख के रूप में जिंदा थे और हाईकोर्ट के निर्देश पर राख को लैंडफिल किया गया है। यह हिस्सा आबादी क्षेत्र से आधा किलोमीटर दूर है। पीथमपुर में रामकी कंपनी ने अपने प्लांट में 337 टन जहरीला कचरा छह माह में जलाया। उसके बाद बची राख को जुलाई माह से कंपनी के परिसर में एक प्लेटफॉर्म पर रखा गया है। उस राख की भी विशेषज्ञों ने जांच की। राख को दफनाने के लिए एक तालाबनुमा गड्ढा खोदा गया था। जमीन से चार फीट ऊंचाई पर एक प्लेटफॉर्म बनाया गया है। उस पर एचडीपीई लाइनर बिछाया गया। उसमें राख के विशेष पैकेट को रखा गया है। अब उसे मिट्टी से ढक दिया जाएगा और उस पर पौधारोपण किया जाएगा। बची हुई राख में मरकरी, निकल, जिंक, कोबाल्ट, मैंगनीज सहित अन्य तत्व हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कहा कि यह राख पानी के संपर्क में नहीं आएगी और भूजल इससे प्रभावित नहीं होगा। सोलह साल पहले भी 30 टन से ज्यादा राख पीथमपुर में लैंडफिल की गई थी। उस कारण भस्मक के समीप से निकलने वाली नदी का पानी काला हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उस पानी का उपयोग खेतों में नहीं करते, इससे फसल खराब हो जाती है। अब उसी फैक्टरी की 900 टन राख को भी पीथमपुर में दफन किया गया है। अब इसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की जाएगी।  

मेट्रो का रोमांचक सफर: भोपाल में मार्च से शुरू होगा रैंप निर्माण, ट्रेन जाएगी जमीन से ऊपर

 भोपाल  शहर में मेट्रो परियोजना के लिए तकनीकी रूप से सबसे महत्वपूर्ण माने जा रहे मेट्रो रैंप निर्माण का काम मार्च से शुरू होने की संभावना है। यह मेट्रो रैंप पुल पातरा और सिंधी कॉलोनी क्षेत्र के पास प्रस्तावित है, जो अंडरग्राउंड और एलिवेटेड मेट्रो कारिडोर को आपस में जोड़ेगा। मेट्रो ट्रेन भूमिगत सेक्शन से बाहर निकलकर एलिवेटेड ट्रैक पर दौड़ेगी, इसलिए इसका निर्माण पूरे प्रोजेक्ट के लिए बहुत अहम माना जा रहा है। हालांकि, फिलहाल निर्माण की राह में कई अड़चनें हैं। पहली पुल पातरा की ओर टिंबर मार्केट, जो रैंप निर्माण में बाधा बना हुआ है। इसके शिफ्ट होने के बाद यहां सबसे पहले रैंप का निर्माण शुरू किया जाएगा। वहीं, दूसरी सिंधी कॉलोनी क्षेत्र में मकान और दुकानें रैंप के दायरे में आ रहे हैं। यह मामला अभी ज्वाइंट सर्वे में उलझा हुआ है। मेट्रो प्रबंधन अपनी ओर से सर्वे पूरा कर चुका है, लेकिन जिला प्रशासन की तरफ से सर्वे प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पाई है। मेट्रो के अधिकारी बताते हैं कि टिंबर मार्केट की शिफ्टिंग को लेकर गुरुवार को लॉटरी है। इसके बाद टिंबर मार्केट की दुकानें शिफ्ट होने लगेंगी। इसलिए रैंप बनाने के काम की शुरुआत सबसे पहले पुल पतारा से होगी। ट्रैफिक डायवर्जन के लिए कार्ययोजना की जा रही तैयार निर्माण के दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर मेट्रो प्रबंधन ने योजना तैयार करने को कहा है। मेट्रो रैंप निर्माण कार्य के दौरान क्षेत्र में आंशिक ट्रैफिक डायवर्जन किया जाएगा, ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। कुल मिलाकर मेट्रो रैंप निर्माण मेट्रो परियोजना को नई गति देने वाला अहम कदम साबित होगा। मेट्रो रैंप निर्माण को लेकर टेस्ट पाइल का कार्य जारी है और अतिक्रमण हटने के बाद ज्वाइंट सर्वे किया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले सप्ताह ज्वाइंट सर्वे हो सकता है। इसके बाद जिन मकानों और दुकानों का निर्माण कार्य में हस्तक्षेप हो रहा है, उन्हें मुआवजा देकर भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जाएगी। मेट्रो रैंप का निर्माण शुरू होते ही अंडरग्राउंड सेक्शन के काम को भी तय समय सीमा में पूरा करने में मदद मिलेगी। टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) समेत अन्य जरूरी मशीनरी साइट पर पहुंचने लगी है। रेलवे स्टेशन के पास अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन के लिए खुदाई पहले ही शुरू हो चुकी है। टनल बोरिंग मशीन के जरिए अंडर ग्राउंड कारिडोर बनाया जाना है।

रीवा विकास के क्षेत्र में ही नहीं कला व संस्कृति के क्षेत्र में भी आगे है : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

चित्रांगन अंतर्राष्ट्रीय फिल्म एवं थियेटर फेस्टिबल में हुए शामिल भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि रीवा विकास के क्षेत्र में ही नहीं कला व संस्कृति के क्षेत्र में भी आगे है। कृष्णा राजकपूर आडिटोरियम कला प्रेमियों के लिए वह स्थल बन गया है जहां महानगरों की तरह ही राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिलब्ध कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। रंग उत्सव नाट्य समिति द्वारा आयोजित चित्रांगन अंतर्राष्ट्रीय फिल्म एवं थियेटर फेस्टिबल के शुभारंभ अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि महाभारत सीरियल में कृष्ण की भूमिका निभाने वाले श्री नीतीश भारद्वाज के चर्चित नाटक चक्रव्यूह की प्रस्तुति रीवा के सुधी दर्शकों को अविभूत कर गई और हम सब सौभाग्यशाली हैं कि हमें यह नाट्य मंचन देखने को मिला। उन्होंने कहा कि श्री भारद्वाज व उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत नाटक का मंचन मानस पटल पर चिरकाल तक अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि रीवा के लोग रिश्ते बनाना नहीं रिश्ते निभाना भी जानते हैं जिसका उदाहरण यह राजकपूर आडिटोरियम है जहाँ राजकपूर जी का विवाह हुआ था और अब इस स्थान में भव्य आडिटोरियम कला व संस्कृति प्रेमियों के लिये माध्यम बना है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आयोजन समिति को बधाई दी। इस अवसर पर श्री भारद्वाज ने कहा कि रंगमच और सिनेमा समाज का दर्पण है। उन्होंने रीवा के सुधी दर्शकों की समझ की सराहना भी की। कार्यक्रम में कुलगुरू माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय श्री विजय मनोजर तिवारी, पूर्व मंत्री श्री पुष्पराज सिंह सहित बड़ी संख्या में कलाप्रेमी एवं दर्शक उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री ने ई-कार्ट से लोक का किया भ्रमण, यज्ञशाला में दी पूर्ण आहुति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंदसौर में भगवान श्री पशुपतिनाथ लोक का लोकार्पण किया। प्रथम चरण में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से लोक का निर्माण किया गया है। लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सबसे पहले पशुपतिनाथ मंदिर पहुंच कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर परिसर में मंदिर की पूर्व एवं वर्तमान स्थिति को प्रदर्शित करने वाली चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर परिसर में पालकी में रजत प्रतिमा के रूप में विराजित भगवान पशुपतिनाथ की पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने ई-कार्ट में बैठकर पशुपतिनाथ लोक का भ्रमण किया और इसकी भव्यता को सराहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 22 फीट ऊंचे त्रिनेत्र रुद्राकनी का अनावरण किया। इसके मध्य में स्थापित रुद्राक्ष भगवान शिव के त्रिनेत्र स्वरूप का दिव्य आभास कराता है। एमफी थियेटर परिसर स्थित यज्ञशाला में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में पूर्णाहुति दी। पशुपतिनाथ लोक मंदसौर की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जिसे और अधिक भव्य बनाया गया है। शिवना नदी की बहती जलधारा के समीप स्थित यह लोक पहले से कहीं अधिक आकर्षक एवं मनमोहक हो गया है। चार प्रवेश द्वारों के माध्यम से श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही सुनिश्चित की गई है। पशुपतिनाथ लोक में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ओपन एयर थियेटर का निर्माण किया गया है, जहां सांस्कृतिक एवं रंगमंचीय कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने पर उन्हें असुविधा न हो, इसके लिए प्रतीक्षालय की व्यवस्था की गई है। आपात परिस्थितियों के लिए प्राथमिक चिकित्सा कक्ष भी बनाया गया है। मंदिर परिसर में शिव-लीलाओं पर आधारित आकर्षक म्यूरल वॉल एवं पशुपतिनाथ महादेव प्रतिमा के इतिहास पर आधारित पेंटिंग्स श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करती हैं। श्री पशुपतिनाथ लोक में सत्संग भवन, उद्यान, शिव स्तंभ, म्यूरल वॉल, सेल्फी प्वाइंट तथा सुव्यवस्थित पाथवे का निर्माण किया गया है, जिससे पूरा परिसर तीर्थनगरी के स्वरूप में विकसित हुआ है। लोकार्पण कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, क्षेत्रीय सांसद श्री सुधीर गुप्ता, राज्यसभा सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, मंदसौर विधायक श्री विपिन जैन, सुवासरा विधायक श्री हरदीप सिंह डंग, गरोठ विधायक श्री चंदर सिंह सिसोदिया, जिला योजना समिति सदस्य श्री राजेश दीक्षित, पूर्व विधायक श्री यशपाल सिंह सिसोदिया, पर्यटन सचिव श्री दिलीप कुमार यादव, कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार मीणा सहित अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।  

प्राकृतिक खेती में रीवा का नाम रोशन करने में किसान आगे आयें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

अटल सेवा सदन का किया लोकार्पण भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्राकृतिक खेती में रीवा का नाम रोशन करने में किसान आगे आयें। स्वयं एवं परिवार के स्वास्थ्य के साथ जमीन के स्वास्थ्य के लिये प्राकृतिक खेती को अपनायें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ग्राम पंचायत मरहा में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने 37.50 लाख रूपये की लागत से निर्मित पंचायत भवन (अटल सेवा सदन) का लोकार्पण किया। उन्होंने मरहा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्थापित करने की घोषणा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि किसान भाई बसामन मामा गौवंश वन्य विहार का भ्रमण करें। वहां प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केन्द्र में प्राकृतिक खेती के गुर सीखें। अपनी कृषि भूमि में से कुछ भाग में इसे अवश्य अपनाये, इससे आने वाली पीढ़ी को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि बसामन मामा के प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केन्द्र की केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी सराहना की है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भी गत वर्षों में रीवा के अपने भ्रमण के दौरान प्रस्तुत धरती माता की पुकार नाटिका के मंथन को गंभीरता से देखा था और अपेक्षा की थी कि किसान प्राकृतिक खेती अपनायें। रीवा जिले में प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किये गये हैं। बसामन मामा, हिनौती गौधाम व हरिहरपुर में प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षण केन्द्रों में आसपास के किसानों को लाभ मिलेगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा जिले में एक लाख गौ के आश्रय के लिये संरक्षण गौवंश वन्य विहार बनाये जायेंगे ताकि गौसंरक्षण से प्राकृतिक खेती को जोड़कर किसानों को समृद्ध किया जा सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने किसानों को सम्मानित किया। उन्होंने पंचायत परिसर में वृक्षारोपण भी किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।  

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध हथियारों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई

विगत 2 सप्ताह में 34 अवैध हथियार एवं सामग्री जब्त भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने तथा आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से अवैध हथियारों के निर्माण, संग्रहण, परिवहन एवं उपयोग के विरुद्ध निरंतर, योजनाबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी के परिणामस्‍वरूप विगत 2 सप्ताह में प्रदेश के विभिन्‍नजिलोमें पुलिस ने अवैध हथियार रखने, हवाई फायरिंग करदहशत फैलाने एवं संगीन आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त अंतरराज्यीय गिरोह के विरूद्ध कार्यवाही कर34फायर आर्म्स, जिंदा कारतूस, वाहन एवं अन्य सामग्री जब्त की है। एसटीएफ ग्वालियर-दो आरोपी अवैध हथियारों सहित गिरफ्तार एसटीएफ ग्वालियर इकाई ने मुखबिर की सूचना के आधार पर एक प्रभावी कार्रवाई करते हुए शिवपुरी क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से 03 पिस्टल एवं 04 जिंदा राउंड जप्त किए गए हैं। शिवपुरी– अवैध हथियार निर्माण फैक्ट्री पर निर्णायक कार्रवाई अवैध हथियारों के स्रोत को जड़ से समाप्त करने की दिशा में शिवपुरी जिले के थाना करैरा क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने प्राप्त सूचना के आधार पर अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री पर दबिशदेकर मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।पुलिस ने फैक्ट्री से 07 अवैध हथियार, 05 जिंदा कारतूस सहित हथियार निर्माण में प्रयुक्त मशीनें, औजार एवं अन्य सामग्री जब्त की। जब्त की गई सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख रुपये आँकी गई है।आरोपियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट एवं अन्य धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है। बड़वानी– अंतरराज्यीय गिरोह पर बड़ी कार्रवाई थाना जुलवानिया पुलिस ने महाराष्ट्र के अहमदनगर (अहिल्यानगर) से चोरी कर लौट रहे 05 अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 05 फायर आर्म्स, 03 जिंदा कारतूस, सोने-चांदी के आभूषण, नगदी एवं अन्य सामग्री सहित 38लाख 91हजाररुपये से अधिक की सामग्री जब्त की है। इसी प्रकार प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी अलग-अलग दिनों में अवैध हथियारों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की गई। ग्वालियर एवं दतिया जिलों में 05-05 अवैध हथियार, छतरपुर जिले में 03 अवैध हथियार, मुरैना जिले में 02 अवैध हथियारजब्‍त किए हैं।जबकि उज्जैन, सतना, सागर एवं जबलपुर जिलों में01-01 अवैध हथियार जब्त किए गए हैं। इन कार्रवाइयों से जिलों में अलग-अलग मामलों में सार्वजनिक स्थानों पर फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले आरोपियों को चिन्हित कर शीघ्र गिरफ्तार किया गया है।देशी कट्टे, पिस्टल (9MM, 32 बोर, 315 बोर), जिंदा राउंड, खाली खोखे, चाकू, खंजर सहित मोटरसाइकिल एवं कारें जब्त की गईं। अवैध हथियार निर्माण में प्रयुक्त मशीनें, औजार एवं अन्य सामग्री बरामद कर उन्हें निष्क्रिय किया गया। मध्यप्रदेश पुलिस अवैध हथियारों एवं आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत निरंतर, कठोर एवं निष्पक्ष कार्रवाई कर रही है।  

मध्यप्रदेश के कारीगरों की दिल्ली हाट में सहभागिता

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना अंतर्गत प्रदर्शनी का आयोजन भोपाल प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के पाँच पारंपरिक कारीगर 31 जनवरी 2026 तक दिल्ली हाट, नई दिल्ली में आयोजित शिल्प एवं हस्तकला प्रदर्शनी में सहभागिता कर रहे हैं। यह सहभागिता भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा प्रायोजित है तथा राज्य नोडल विभाग हस्तकरघा एवं हस्तशिल्प संचालनालय, भोपाल द्वारा समन्वित की जा रही है। मध्यप्रदेश से चयनित ये पाँच कारीगर प्रदेश की जीवंत एवं समृद्ध शिल्प परंपराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनके द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे उत्पादों में इंदौर के पारंपरिक चमड़े के खिलौने, सीहोर के लकड़ी के खिलौने, पारंपरिक लकड़ी की नक्काशीदार मूर्तियाँ, बेतूल की डोकरा (घंटी धातु) कला तथा चमड़े से निर्मित परिधान एवं एसेसरीज़ शामिल हैं। ये सभी शिल्प पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक दक्षता, सांस्कृतिक विरासत एवं क्षेत्रीय पहचान को प्रतिबिंबित करते हैं। कारीगरों का संक्षिप्त परिचय श्री जितेंद्र, बेतूल (म.प्र.) से डोकरा (घंटी धातु) कारीगर हैं, जो पीढ़ियों से अपने परिवार के साथ इस पारंपरिक हस्त ढलाई धातु शिल्प से जुड़े हुए हैं। उनकी कृतियाँ स्थानीय संस्कृति में निहित पारंपरिक शिल्प कौशल को दर्शाती हैं। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के माध्यम से उनके शिल्प को राष्ट्रीय पहचान एवं बेहतर विपणन अवसर प्राप्त हो रहे हैं। श्री केदारनाथ साहू, शहडोल जिले के परंपरागत लकड़ी शिल्पकार हैं। उनकी कारीगरी पारंपरिक शिल्प कौशल को आधुनिक डिज़ाइन दृष्टिकोण के साथ संयोजित करती है, जिससे आकर्षक एवं समकालीन लकड़ी की कलाकृतियाँ निर्मित होती हैं। योजना के माध्यम से उन्हें व्यापक बाजार पहुँच एवं नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। श्री प्रकाश, पारंपरिक खिलौना निर्माता हैं, जो विशिष्ट शैली के चमड़े जैसे दिखने वाले खिलौनों का निर्माण करते हैं। ये खिलौने क्रूरता-मुक्त सामग्रियों से बनाए जाते हैं, जबकि पारंपरिक तकनीक, बारीकी एवं फिनिश को पूर्णतः संरक्षित रखा गया है। दिव्यांगता के बावजूद उनकी निरंतर साधना एवं समर्पण प्रेरणास्पद है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से उनके उत्पादों को व्यापक बाजार एवं पहचान मिल रही है। श्री विनोद कुमार शर्मा एवं श्रीमती सविता शर्मा, सीहोर जिले के पारंपरिक लकड़ी के खिलौना निर्माता हैं। लकड़ी के खिलौने सीहोर जिले का ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) हैं। इनके द्वारा निर्मित खिलौने सरल आकृतियों, चमकीले रंगों एवं समय-परीक्षित निर्माण विधियों के माध्यम से बच्चों एवं वयस्कों दोनों कोआकर्षित करते हैं। योजना के माध्यम से इन्हें व्यापक विपणन मंच उपलब्ध हो रहे हैं। श्री सनी स्वामी, इंदौर के मोची कारीगर हैं, जिन्होंने पारंपरिक रूप से चमड़े के जूते बनाने से अपने कार्य की शुरुआत की। वर्तमान में वे चमड़े के परिधान एवं एसेसरीज़ जैसे जैकेट, लैपटॉप स्लीव, हैंडबैग एवं क्लच का निर्माण कर रहे हैं। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत उन्हें एक लाख का ऋण प्राप्त हुआ, जिससे उनके व्यवसाय का विस्तार संभव हुआ। योजना के विपणन सहयोग से वे नए बाजारों तक पहुँच बना रहे हैं। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के माध्यम से इन कारीगरों को न केवल राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन का अवसर प्राप्त हो रहा है, बल्कि प्रत्यक्ष विपणन, बाजार संपर्क एवं आजीविका सुदृढ़ीकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है।  

राज्यपाल पटेल के मुख्य आतिथ्य में हुआ गणतंत्र दिवस समारोह का गरिमामयी समापन

ध्वनि, अनुशासन और परंपरा का अनुपम संगम, बीटिंग द रिट्रीट भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य में मध्यप्रदेश में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का गरिमामयी समापन गुरुवार को ऐतिहासिक ‘बीटिंग द रिट्रीट’ समारोह के साथ हुआ। जहांगीराबाद स्थित लाल परेड मैदान में इस भव्य समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पुलिस ब्रास बैंड एवं आर्मी ब्रास बैंड द्वारा राष्ट्र भक्ति, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना से ओत-प्रोत संगीतमय प्रस्तुतियों से संयम, एकरूपता और सैन्य परंपरा की गरिमा को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया। उल्लेखनीय है कि ‘बीटिंग द रिट्रीट’ सैन्य एवं अर्ध सैनिक बलों की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली के साथ केवल भोपाल में ही इस ऐतिहासिक समारोह का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर महापौर श्रीमती मालती राय, मुख्य सूचना आयुक्त श्री विजय यादव, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना, अपर मुख्य सचिव गृह श्री शिव शेखर शुक्ला, महानिरीक्षक पुलिस श्री इरशाद वली, कमांडेंट सातवीं वाहनी श्री हितेश चौधरी सहित आर्मी, पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। राज्यपाल श्री पटेल के आगमन पर पुलिस ब्रास बैंड द्वारा स्वागत धुन प्रस्तुत की गई। इसके पश्चात निरीक्षक श्री सुनील कटारे के नेतृत्व में आयोजित ब्रास बैंड कॉन्सर्ट में “वंदे-मातरम्” से आरंभ होकर, “मेरे देश की धरती”, “पंख होते तो उड़ आती रे”, “पल-पल दिल के पास”, “तेरी झलक अशर्फी”, “ये देश है वीर जवानों का”, “अजीब दास्तां है ये”, “ये शाम मस्तानी”, “संदेशे आते हैं”, “हे अपना दिल तो आवारा” की प्रस्तुति पुलिस बैंड द्वारा दी गई। सदाबहार और आधुनिक गीतों की लोकप्रिय धुनों के अनूठे संगम ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। राष्ट्र भक्ति फ्यूज़न की अंतिम प्रस्तुति पर तालियों की गूंज से आयोजन स्थल उत्साह से भर उठा। मध्यांतर के बाद पुलिस और आर्मी बैंड की संयुक्त प्रस्तुति ने कार्यक्रम को नई ऊँचाइयाँ प्रदान की। बैंड डिस्प्ले में मास्ड बैंड, आर्मी ब्रास बैंड और पुलिस ब्रास बैंड ने फेनफेयर, क्विक मार्च और स्लो मार्च पर सटीक तालमेल के साथ मार्च पास्ट किया। रिट्रीट से पूर्व मास्ड बैंड की ड्रम रोल प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। समारोह के अंतिम चरण में उप निरीक्षक सुश्री सुनीति सिंह के नेतृत्व में महिला टुकड़ी ने ससम्मान राष्ट्रीय ध्वज का अवरोहण किया। “सारे जहाँ से अच्छा” की मधुर धुन, राष्ट्रगान तथा रंगीन रोशनी और आतिशबाजी के साथ कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ।  

राज्य शिक्षा केन्द्र ने घोषित किए जिला स्तरीय शैक्षिक ओलम्पियाड के परिणाम

1 से 20 फरवरी के बीच विद्यार्थियों एवं मार्गदर्शी शिक्षकों को किया जाएगा सम्मानित भोपाल प्रदेश के समस्त शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 2 से 8 तक के विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, बौद्धिक विकास एवं शैक्षिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित शैक्षिक ओलम्पियाड के जिला स्तरीय परिणाम राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा घोषित कर दिए गए हैं। घोषित परिणामों के अनुसार प्रत्येक जिले से प्रत्येक विषय एवं प्रत्येक कक्षा से एक प्रथम स्थान प्राप्त विद्यार्थी को जिला विजेता के रूप में चयनित किया गया है। जिला स्तर पर 1 से 20 फरवरी 2026 के बीच सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। विजेता विद्यार्थियों के साथ उनके मार्गदर्शी शिक्षकों को भी सम्मानित किया जाएगा। प्रत्येक जिले में कुल 32 विद्यार्थियों को जिला स्तरीय शैक्षिक ओलम्पियाड विजेता के रूप में सम्मानित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि शैक्षिक ओलम्पियाड के अंतर्गत जिला स्तर की परीक्षाएं दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2026 को प्रदेश के समस्त विकासखंडों पर आयोजित की गई थीं, जिनमें लगभग 2 लाख विद्यार्थी शामिल हुए थे।