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असलम चमड़ा का साम्राज्य: स्लॉटर हाउस अफसरों की मदद और सिस्टम की छांव में कैसे बढ़ा कारोबार

भोपाल  राजधानी भोपाल में जिंसी के पास भोपाल नगर निगम की अनुमति और सहयोग से स्लॉटर हाउस संचालित करने वाले असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा आज कई करोड़ों का आसामी है। भोपाल में करीब 25 से 30 साल पहले असलम कुरैशी चमड़े का कारोबार करता था। यहीं से उसका नाम असलम चमड़ा पड़ा।  पुलिस सूत्रों के अनुसार असलम चमड़ा पर बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को बसाकर स्लॉटर हाउस में कार्य कराने की शिकायत राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग तक की जा चुकी है लेकिन भोपाल पुलिस ने सवालों के घेरे में आए असलम चमड़ा के बयान के आधार पर उसे निर्दोष बताते हुए शिकायत की फाइल क्लोज कर दी।  इतना ही नहीं उसने भोपाल नगर निगम के प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड में चलाए जा रहे स्लॉटर हाउस में गायों का मांस को भैंस का मांस का बताने वाला सर्टिफिकेट भी नगर निगम के डॉक्टर से बनवा लिया था। इसी के आधार पर वह मुंबई और हैदराबाद से लेकर विदशों तक मांस की सप्लाई कर रहा था। अगर बजरंग दल द्वारा पकड़े गए कंटेनर के मांस की लैब में जांच नहीं कराई जाती तो असलियत सबके सामने नहीं आती। 8 जनवरी को सार्वजनिक हुई रिपोर्ट में उक्त कंटेनर में गौमांस होने की पुष्टि हो गई है, जबकि भोपाल नगर निगम के डॉ. बेनीप्रसाद गौर द्वारा इसे भैंस का मांस होने का सर्टिफिकेट दिया गया था। इस खुलासे के बाद राजधानी में असलम चमड़ा को लेकर हर कोई  जानना चाहता है कि  भोपाल शहर, मध्यप्रदेश और देश में भाजपा की सरकार होने के बाद भी गौहत्या कर उनके मांस की सप्लाई करने वाला असलम चमड़ा आखिर है कौन? भोपाल नगर निगम के पूर्व अधिकारियों से जुटाई गई जानकारी के अनुसार असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा 25 से 30 साल पहले पुराने भोपाल में मृत मवेशियों को उठाकर उनके मांस से  चमड़े और हड्डियों को निकालकर बेचता था। समय बदला और भोपाल नगर निगम द्वारा मृत मवेशियों को उठाने के लिए कर्मचारी रख लिए गए लेकिन उनको उठाने और उसके बाद होने वाले खर्च को निकालने की व्यवस्था कहां से हो? ये एक बड़ा सवाल था। इसके लिए भोपाल नगर निगम के अधिकारियों ने असलम चमड़ा से अघोषित सौदा किया और मृत मवेशियों को उठाकर असलम को दिया जाने लगा।   असलम चमड़ा नाम कैसे पड़ा ? चूंकि असलम कुरैशी वर्षों तक चमड़े का कार्य करता रहा, इसलिए उसका नाम असलम चमड़ा हो गया। नगर निगम के संपर्क में आने के बाद असलम मृत मवेशियों के चमड़े और हड्डियों के कारोबार को और फैलाता गया। बाद में डेयरियों और अन्य स्थानों पर मृत मवेशियों को उठाकर उसके चमड़े-हड्डी का कारोबार करने के लिए कई कर्मचारी भी रख लिए। स्लॉटर हाउस का संचालन शुरू किया  भोपाल नगर निगम के पूर्व अधिकारियों ने बताया कि भोपाल नगर निगम द्वारा जब मैनुअली स्लॉटर हाउस का संचालन किया जा रहा था, तब भी असलम चमड़ा ही उसका ठेका लेता था। इसके बाद स्लॉटर हाउस से निकलने वाले वेस्ट को बेचकर वो कमाई करता था। आगे चलकर वह जिस भी दल की सरकार रहे, उस राजनीतिक दल के नेताओं और तत्कालीन अधिकारियों से सांठगांठ करने लगा और मांस की सप्लाई का ठेका भी लेने लगा था।  भोपाल वन विहार में वर्षों तक की सप्लाई  भोपाल में स्थित वन विहार नेशनल पार्क में कई मांसाहारी जानवर हैं, जिसमें बाघ, शेर व अन्य जानवर शामिल हैं। मध्यप्रदेश के अन्य टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क में घायल होने वाले जानवरों को यहीं लाकर इलाज किया जाता है। वन विहार में रहने वाले मांसाहारी जानवरों को खिलाए जाने वाले कच्चे मांस की सप्ताल भी असलम चमड़ा ही करता था। स्लॉटर हाउस में गायों को काटकर गौमांस सप्लाई का खुलासा होने के बाद वन विहार में उसका मीट सप्लाई का ठेका निरस्त कर दिया गया है। I जिंसी स्लॉटर हाउस का आधुनिकीकरण    दस्तावेजों की पड़ताल और नगर निगम के अधिकारियों से जानकारी जुटाने पर पता चला कि भोपाल में जब आधुनिक स्लॉटर हाउस का संचालन किया जाने लगा तो इसके लिए महापौर परिषद ने शहर के अंदर स्लॉटर हाउस संचालन की अनुमति नहीं दी। इसके बाद आदमपुर छावनी के पास स्लॉटर हाउस लगाने के लिए उत्तरप्रदेश की एक बड़ी मीट कंपनी ने प्रस्ताव दिया, लेकिन आदमपुर छावनी और आसपास के गांव के लोगों ने विरोध किया तो मामला ठंडा पड़ गया। इसके बाद जिंसी स्थित पुराने स्लॉटर हाउस के स्थान पर ही आधुनिक स्लॉटर हाउस को संचालित करने की तिकड़म भी अधिकारियों ने निकाल ली और वर्ष 2022 में नगर निगम के आयुक्त और प्रशासक रहे अधिकारियों ने असलम चमड़ा को आधुनिक स्लॉटर हाउस संचालन का ठेका भी दे दिया। अधिकारियों की मेहरबानी नगर निगम सूत्रों की मानें तो असलम चमड़ा निगम के अधिकारियों और स्थानीय नेताओं से सांठगांठ कर अपने हिसाब से स्लॉटर हाउस का संचालन करता था। वह नगर निगम द्वारा पशुओं की मेडिकल जांच और मांस को सर्टिफाइड करने के लिए पदस्थ किए गए पशु चिकित्सक और कर्मचारियों से अपने हिसाब से कार्य कराता था। सूत्रों की मानें तो स्लॉटर हाउस में पदस्थ डॉ. बेनीप्रसाद गौर मीट के ब्लैंक सर्टिफिकेट और कटने से पहले पशुओं के होने वाले चिकित्सकीय परीक्षण की खाली रिपोर्ट पर हस्ताक्षर कर असलम चमड़ा को दे देते थे और वह अपने हिसाब से मीट और मवेशियों की स्वास्थ्य परीक्षण रिपोर्ट भरता रहता था। तीन दर्जन संपत्तियां और आलीशान बंगले बनाए असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा ने भोपाल नगर निगम के साथ मिलकर जब से मांस और चमड़े का कारोबार शुरू किया, तब से अब तक वह भोपाल शहर और आसपास करीब तीन दर्जन संपत्तियां बना चुका है। वह भोपाल के सेंट्रल जेल रोड स्थित पॉश कॉलोनी में करोड़ों की आलीशान कोठी में परिवार के साथ रहता है। उसके सट्टेबाजी और जुआ खेलने के लिए मुंबई और दुबई जाने के दावे भी सामने आए हैं। तीन साल पहले भी असलम पर भोपाल की जीवदया गौशाला के पास बड़ी संख्या में मृत गायों को फेंकने का आरोप लगा था। 

जबलपुर में RTE की धज्जियाँ उड़ाई गईं, गरीब बच्चों के भविष्य से खिलवाड़, ईओडब्ल्यू की जांच में हुआ खुलासा

जबलपुर  ईओडब्ल्यू ने जबलपुर में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत प्राइवेट स्कूलों में हुए एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है। इस मामले में 6 स्कूल संचालकों और 5 नोडल अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि इन लोगों ने एक ही छात्र का कई बार दाखिला दिखाकर सरकारी फीस प्रतिपूर्ति राशि में हेरफेर किया है। 2011 से 2016 साल तक चला घोटाला यह घोटाला साल 2011 से 2016 के बीच हुआ है। ईओडब्ल्यू को शिकायत मिली थी कि कुछ स्कूल संचालक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। शिक्षा के अधिकार के तहत, प्राइवेट स्कूलों को 25% सीटें आर्थिक रूप से कमजोर और गरीबी रेखा से नीचे वाले बच्चों के लिए मुफ्त रखनी होती हैं। इसके बदले सरकार स्कूलों को फीस देती है। 6 स्कूलों का नाम खुला जांच में पता चला कि जबलपुर के 466 प्राइवेट स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति के तौर पर 3 करोड़ 27 लाख 83 हजार रुपये दिए गए थे। लेकिन, 6 स्कूलों ने 628 छात्रों का फर्जी दाखिला दिखाकर करीब 26.50 लाख रुपये का गबन किया। इन पर दर्ज हुआ मामला ईओडब्ल्यू ने स्मिता चिल्ड्रन एकेडमी के संचालक मनीष असाटी और नोडल अधिकारी श्रीमती चंद्र कोष्टा, अशासकीय आदर्श ज्ञान सागर शिक्षा शाला की संचालक श्रीमती नसरीन बेगम और नोडल अधिकारी श्रीमती गुल निगार खान, गुरू पब्लिक स्कूल के मो तौफिक और नोडल अधिकारी अख्तर बेगम, अस्मानिया मिडिल स्कूल के संचालक मो शमीम और नोडल अधिकारी राजेंद्र बुधौलिया, और सेंट अब्राहम स्कूल के संचालक मोहम्मद शफीक और नोडल अधिकारी डी के मेहता के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन और आपराधिक साजिश जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है।  

यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री फिर चर्चा में, CM मोहन यादव ने लिया स्थल का दौरा

भोपाल  सीएम मोहन यादव शनिवार को अचानक यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पहुंच गए। ठीक उसी स्थान पर जहां दुनिया की भीषण त्रासदी लोगों को झेलना पड़ी थी। सीएम ने उस फैक्ट्री का निरीक्षण किया। इस मौके पर गैस राहत विभाग से जुड़े अधिकारी भी मौजूद थे, सीएम ने उनसे काफी देर तक चर्चा की। यह फैक्ट्री 85 एकड़ जमीन पर बनी है। इससे एक दिन पहले शुक्रवार को भोपाल जिला प्रशासन, गैस राहत विभाग के अधिकारी इस फैक्ट्री और जमीन से जुड़ी फाइलों को देख रहे थे। पिछले साल पीथमपुर पहुंचा था 337 टन कचरा यूनियन कार्बाइड में 40 सालों से पड़ा कचरा पिछले साल जनवरी में पीथमपुर भेजा गया था, जहां उस जहरीले कचरे के नष्ट कर दिया गया। 12 कंटेनरों में भरकर इस कचरे को पीथमपुर ले जाया गया था। इस कचरे को पीथमपुर में नष्ट करने का जमकर विरोध भी देखने को मिला था, अंततः कचरा नष्ट कर दिया गया और उसकी राख तक को दफन कर दिया गया। गौरतलब है कि भोपाल गैस त्रासदी दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी में से एक थी। 41 साल पहले 2 और 3 दिसंबर 1984 की रात को यह भीषण घटना हुई थी। जेपी नगर क्षेत्र में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के टैंक नंबर 610 में से मिथाइल आइसोसाइनेट गैस लीक हुई थी। आज भी उस रात की तस्वीरें रूह कंपा देती है। इस घटना के चश्मदीद और उस दौर के पत्रकार बताते हैं कि हर तरफ लाशें ही लाशें बिछ गई थी। उन्हें ढोने के लिए गाड़ियां कम पड़ गई थी, लाशों को जलाने के लिए लकड़ियां कम पड़ गई थी। CM डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को अचानक यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया और गैस राहत विभाग के अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री 85 एकड़ जमीन पर फैली हुई है, जिसकी फाइलों की समीक्षा एक दिन पहले ही जिला प्रशासन और गैस राहत विभाग ने की थी। 40 सालों से फैक्ट्री में पड़ा 337 टन जहरीला कचरा जनवरी 2025 में पीथमपुर भेजकर नष्ट किया गया, जिसे 12 कंटेनरों में भरकर ले जाया गया था। पीथमपुर में जहरीले कचरे के निपटान का कड़ा विरोध हुआ, लेकिन अंततः कचरा और उसकी राख को सुरक्षित तरीके से दफन कर दिया गया। भोपाल गैस त्रासदी दुनिया की सबसे भीषण औद्योगिक आपदाओं में से एक है, जिसमें 2-3 दिसंबर 1984 की रात मिथाइल आइसोसाइनेट गैस लीक होने से हजारों लोगों की मौत हुई थी।

राहुल गांधी ने इंदौर के भागीरथपुरा की संकरी गलियों में पैदल चलकर दूषित जल पीड़ितों से की मुलाकात

इंदौर भागीरथपुरा दूषित जल कांड से प्रभावित लोगों और मृतकों के परिजनों से मिलने के लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को पहुंचे। उन्होंने बॉम्बे अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात की और फिर भागीरथपुरा बस्ती जाकर पीड़ित परिवारों से मिले। इस दौरान उन्होंने मृतक गीता बाई और जीवन माली के परिजनों से भी मुलाकात की। सुरक्षा कारणों से कुछ बड़े नेताओं को अस्पताल के बाहर ही रोक दिया गया था। 15 मिनट अस्पताल में रहे राहुल गांधी ने बॉम्बे अस्पताल में करीब 15 मिनट बिताए। वहां उन्होंने भर्ती मरीजों से मिलकर उनका हालचाल जाना। उनके साथ दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार और कमल नाथ भी मौजूद थे। मृतकों के घर जाकर दी सांत्वना इसके बाद राहुल गांधी भागीरथपुरा बस्ती के लिए रवाना हुए। वहां उन्होंने दूषित पानी से जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने सबसे पहले मृतक गीता बाई के घर जाकर उनके परिजनों से बात की। फिर वे मृतक जीवन माली के घर पहुंचे, जिनकी मौत भी दूषित पानी के कारण हुई थी। इस दौरान भीड़ की धक्का-मुक्की से वे थोड़े नाराज भी हुए। मासूम के परिजनों से भी मिले राहुल गांधी संस्कार गार्डन में 5 महीने के अव्यान के परिजन और अन्य पीड़ित परिवारों से भी मिलेंगे। कांग्रेस ने प्रशासन को पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए चार घरों की सूची सौंपी है। कांग्रेस ने घोषणा की है कि दूषित जल कांड में जान गंवाने वाले सभी 24 मृतकों के परिवारों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।  

ड्रग फैक्ट्री की मास्टरमाइंड दिलावर की बेटी, पिता की दो पत्नियां, और याकूब का गुजरात पुलिस का मोस्ट वांटेड होना

रतलाम   रतलाम जिले में पकड़ी गई एमडी ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्री के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, सामने आया है कि दिलावर खान यूपी के नगीना से सांसद चंद्रशेखर का करीबी है। वह कई बार उनके घर पर मिलने पहुंचा है। वह सांसद की पार्टी का सदस्य है। जावरा से चुनाव लड़ चुका है दिलावर  रतलाम जिले में पकड़ी गई एमडी ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्री के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, सामने आया है कि दिलावर खान यूपी के नगीना से सांसद चंद्रशेखर का करीबी है। वह कई बार उनके घर पर मिलने पहुंचा है। वह सांसद की पार्टी का सदस्य है। जावरा से चुनाव लड़ चुका है दिलावर बता दें कि आरोपी दिलावर पठान जावरा से सांसद चंद्रशेखर की पार्टी का सदस्य है। आरोपी दिलावर पठान 2023 में जावरा से भी विधान सभा चुनाव लड़ चुका है। जांच में सामने आया है कि दिलावर खान की बेटी बखमीना पति याकूब खान केमेस्ट्री की छात्रा रही है। पुलिस के अनुसार एमडी ड्रग बनाने के फॉर्मूले की मास्टरमाइंड वही है। ड्रग निर्माण से लेकर पूरे अवैध कारोबार में उसकी अहम भूमिका बताई जा रही है, जिसमें उसके पति और पिता भी शामिल थे। बताया गया है कि बखमीना राजस्थान के देवलजी में भी अपने पति के एमडी ड्रग के नेटवर्क को संभालती थी। उसका पति याकूब खान गुजरात पुलिस का मोस्ट वांटेड फरार आरोपी बताया जा रहा है, जो लंबे समय से अपने ससुराल चिकलाना में छिपकर रह रहा था। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान उसे घर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सभी आरोपियों को आज (17 जनवरी) को कोर्ट में पेश करेगी। आरोपियों का पुलिस रिमांड मांगा जाएगा, ताकि इनसे आगे की पूछताछ हो सके। इनके लिंक कहां-कहां तक हैं, पुलिस ये पता करने की कोशिश करेगी। बता दें पुलिस ने गुरुवार (15 जनवरी) देर रात फैक्ट्री में छापा मारकर करीब दस करोड़ कीमती करीब 11 किलो एमडी ड्रग्स बरामद किया था। जानिए दिलावर खान ने कैसे खुद को बचाने की प्लानिंग कर रखी थी…? मकान के बाहर दो अलग-अलग नेम प्लेट दिलावर खान ने अपने मकान के बाहर दो अलग-अलग नेम प्लेट लगा रखी थीं। एक नेम प्लेट में उसने अपने नाम के साथ जय भीम, जय भारत लिखते हुए खुद को अखिल भारतीय अनुसूचित जाति युवजन समाज का संभाग अध्यक्ष बताया रखा था। वहीं दूसरी नेम प्लेट में उसने खुद को पत्रकार लिखा था। मकान में 4 अलग-अलग एंट्री और एग्जिट मकान को इस तरह तैयार किया गया था कि उसमें चार अलग-अलग प्रवेश और निकासी के रास्ते थे। हर रास्ते पर सीसीटीवी कैमरे लगाए, ताकि आने-जाने वालों पर लगातार नजर रखी जा सके। ग्रामीणों को पहले से ही जानकारी थी कि दिलावर खान अनैतिक गतिविधियों में लिप्त है, लेकिन उसका इतना भय था कि कोई खुलकर विरोध या शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा सका। पुलिस की कार्रवाई के दौरान जब परिवार के सदस्यों को हिरासत में लिया जा रहा था, तब गांव में लोगों ने जय-जय श्रीराम के नारे लगाए। रात ढाई बजे दबिश, महिलाओं ने किया विरोध पुलिस ने गुरुवार रात करीब ढाई बजे मकान की दीवारों पर सीढ़ी लगाकर अंदर प्रवेश किया। इस दौरान घर की महिलाओं ने विरोध किया और पुलिस के साथ झूमाझटकी तक की स्थिति बन गई। पुलिस ने इस मामले में दिलावर खान समेत उसकी पत्नी, बेटे, बहू और नौकर सहित कुल 16 लोगों को आरोपी बनाया है। सभी के खिलाफ एमडी ड्रग निर्माण और अवैध गतिविधियों से जुड़े आरोपों की जांच जारी है। पुलिस वर्दी और राइफल और आर्मी की आईडी मिली पुलिस की दबिश के दौरान दिलावर के घर से पुलिस की वर्दी भी बरामद हुई, जिस पर दो स्टार लगे हुए हैं। इसके अलावा इंडियन आर्मी राइफल से संबंधित एक आईडी कार्ड भी मिला है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये वर्दी और पहचान पत्र किसके हैं और इन्हें किस मकसद से रखा गया था। ड्रग पाउडर को लिक्विड में मिलाकर नष्ट करने की कोशिश पुलिस ने बताया कि जब रात में मकान पर दबिश दी गई, उस वक्त एमडी ड्रग बनाने का काम चल रहा था। पुलिस को देखकर आरोपियों ने ड्रग पाउडर को लिक्विड में मिलाकर नष्ट करने की कोशिश की, ताकि सबूत मिटाए जा सकें। हालांकि पुलिस ने मौके से उस लिक्विड को भी जब्त कर लिया है। उसकी जांच कराई जा रही है। 1985-86 में दिलावर खान हत्या भी कर चुका है गांव के लोगों व पुलिस की मानें तो दिलावर के खिलाफ पूर्व से कई आपराधिक केस दर्ज है। हालांकि कई मामले में वह बरी हो चुका है। 1985-86 में दिलावर गांव के वरिष्ठ रुघनाथ धाकड़ की हत्या भी कर चुका है। परिवार की भी गांव में दबंगई है। पुलिस ने जिन 16 लोगों को आरोपी बनाया है उनमें सभी घर के सदस्य हैं। गांववाले बोले- दिलावर शुरू से आपराधिक प्रवृत्ति का चिकलाना के सरपंच प्रतिनिधि गड्‌डू सिंह चंद्रावत बताते है कि दिलावर खान शुरू से आपराधिक प्रवृत्ति का रहा है। वह जुआ-सट्‌टा, समेत कई गतिविधियों में शामिल रहा। 2023 में गांव में भगवान देवनारायण के जुलूस को मस्जिद के बाहर से निकलने के दौरान इसने और इसके भतीजे इमरान ने रोका था। पत्थरबाजी भी की थी। ब्याज पर रकम देकर कई लोगों की जमीनें हड़प रखी हैं गड्‌डू सिंह चंद्रावत कहते हैं, गांव में दिलावर का खौफ था। ब्याज से पैसा चलाता था। दस से 20 गुना वसूलने समेत कई लोगों की जमीनें हड़प रखी हैं। इसमें पूरा परिवार शामिल है। एक बार पंचायत की ओर से इसे नोटिस दिया गया था। तब मेरे ऊपर भी गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। पुलिस ने कार्रवाई की है तो गांव के लोग खुशी मना रहे हैं। इससे प्रताड़ित होकर 10 से 20 लोग गांव छोड़कर भी जा चुके हैं। बड़ी-बड़ी गाड़ियां इसके यहां आती हैं। पहली पत्नी की उम्र 62 साल, दूसरी 25 साल की मुख्य आरोपी दिलावर खान (65) ने साल 2023 में जावरा विधानसभा सीट से आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव भी लड़ा था। दिलावर की दो शादियां सामने आई हैं। उसकी पहली पत्नी की उम्र करीब 62 साल बताई जा रही है, जबकि दूसरी पत्नी महज … Read more

इंदौर में मेट्रो सेवा 25 जनवरी तक बंद, मार्च में रेडिसन चौराहे तक होगी नई शुरुआत

इंदौर इंदौर और भोपाल मेट्रो में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। पहले यह जिम्मेदारी तुर्की की कंपनी असीस गार्ड को दी गई थी, लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव और पाकिस्तान द्वारा तुर्की ड्रोन के इस्तेमाल के बाद इस ठेके को निरस्त कर दिया गया था। दिल्ली मेट्रो को सौंपी गई जिम्मेदारी अब इंदौर और भोपाल मेट्रो में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन का जिम्मा Delhi Metro Rail Corporation को सौंपा गया है। फिलहाल यात्री संचालन के दौरान टिकट स्थानीय स्तर पर मैनुअल और कंप्यूटर आधारित प्रणाली से जारी किए जा रहे थे। 11 दिन के लिए यात्री संचालन बंद रहेगा एलिवेटेड कॉरिडोर पर शेष तकनीकी कार्य और टेस्टिंग को पूरा करने के लिए मेगा ब्लॉक लिया गया है। इसके चलते 15 जनवरी से 25 जनवरी तक गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर के बीच 6 किलोमीटर के हिस्से में मेट्रो का यात्री संचालन पूरी तरह बंद रहेगा। वर्तमान में इसी हिस्से में सीमित यात्री संचालन हो रहा था। 17 किलोमीटर के कॉरिडोर की तैयारी तेज अधिकारियों के अनुसार पूरे 17 किलोमीटर के एलिवेटेड कॉरिडोर को फरवरी-मार्च तक व्यावसायिक संचालन के लिए तैयार किया जाना है। इस दौरान गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक के 16 स्टेशनों पर सिग्नलिंग, टेलीकम्युनिकेशन और अन्य तकनीकी कार्य पूरे किए जाएंगे। इसके बाद परीक्षण और कमिशनिंग की प्रक्रिया होगी। अंडरग्राउंड रूट पर अब भी फैसला बाकी Madhya Pradesh Metro Rail Corporation अभी तक इंदौर के अंडरग्राउंड रूट को लेकर अंतिम निर्णय नहीं ले सकी है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार खजराना चौराहे से मेट्रो को अंडरग्राउंड किया जाना है, लेकिन इसके लिए कैबिनेट मंजूरी, सर्वे और पहले से स्वीकृत एलिवेटेड टेंडरों को निरस्त करने जैसी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। एलिवेटेड कॉरिडोर पर फोकस अंडरग्राउंड रूट पर निर्णय लंबित रहने के बीच एयरपोर्ट, रीगल चौराहा सहित अन्य स्थानों पर स्टेशनों के लिए खुदाई का काम जारी है। वहीं 17 किलोमीटर के एलिवेटेड कॉरिडोर को जल्द से जल्द व्यावसायिक संचालन के लिए तैयार किया जा रहा है। 

चाइनीज मांझे के खिलाफ हाई कोर्ट की कड़ी कार्रवाई, पतंगबाजी पर हो सकती है प्रतिबंध

इंदौर  चाइनीज मांझे को लेकर हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में सुनवाई हुई। प्रतिबंधित नायलॉन थ्रेड (चाइनीज मांझा) शुक्रवार को अदालत में वकीलों ने पेश कर दिया। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की कोर्ट ने मांझा हाथ में लिया। पेंसिल पर इस्तेमाल किया तो पेंसिल कट गई। जजेस ने कहा कि पेंसिल कितनी मजबूत होती है, वो इस मांझे से कट गई। इस पर रोक जरूरी है। कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी की, यदि आप लोग कुछ नहीं कर पा रहे हैं तो हमें पतंगबाजी पर ही रोक लगानी पड़ सकती है। मौतों से नाराज कोर्ट ने स्वत: लिया संज्ञान इंदौर में 30 नवंबर को 17 वर्षीय किशोर की मौत हो गई थी। 7 दिसंबर को एक व्यक्त का गला कट गया था। घटनाओं से नाराज कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर याचिका दायर की थी। 12 जनवरी को किशोर गुलशन के परिजन की ओर से इंटरविनर याचिका दायर की गई थी। घायलों के फोटो देख दहल गया दिल- कोर्ट सुनवाई की शुरुआत में ही कोर्ट ने कहा, मांझे के कारण एक्सीडेंट और इससे घायलों के फोटो देख दिल दहल जाता है। हमारे स्टाफ ने जानकारी दी है कि कई जगह चाइनीज मांझे का इस्तेमाल हुआ। साफ समझ आता है कि आदेश का पालन नहीं हो पा रहा। सभी जब्त स्टॉक को माना जाए खतरनाक प्लास्टिक – चोट या मृत्यु की स्थिति में पीडि़तों या उनके परिवारों को मुआवजे के लिए नीति। – साइबर सेल को सभी प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और बी2बी प्लेटफॉर्म को नोटिस देने का निर्देश दिया जा सकता है। -सुनिश्चित किया जाए कि नायलॉन मांझा (चाइनीज मांझा), मोनो-काइट या सिंथेटिक स्ट्रिंग के रूप में सूचीबद्ध कोई भी उत्पाद राज्य में डिलीवर न हो। – निर्माण, भंडारण, बिक्री या उपयोग के संबंध में कार्रवाई योग्य जानकारी देने पर नाम गुप्त रखते हुए संबंधित को इनाम दिया जा सकता है। – यह मांझा गैर-बायोडिग्रेडेबल है और खुले में जलाने पर जहरीला धुआं निकलता है। -सभी जब्त स्टॉकों को खतरनाक प्लास्टिक कचरा माना जाना चाहिए। मालखानों में अनिश्चितकाल तक संग्रहित नहीं किया जाना चाहिए। अधिकृत संयंत्रों में भेजा जा सकता है। -कोई भी ट्रांसपोर्टर, कुरियर सेवा या परिवहन एजेंसी जो प्रतिबंधित मांझे वाले कार्टन ले जाते पाई जाती है, उसे जिम्मेदार ठहराया जाएगा। – ऐन मौके पर कदम उठाने के बजाय संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को काफी पहले से प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। – अफसर चीनी नायलॉन धागे (मांझा) के निर्माण, बिक्री, भंडारण और उपयोग पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करना सुनिश्चित करें। – संबंधित अथॉरिटी यह जांच और निगरानी करे कि उक्त धागा बाजार में न बेचा जाए। – राज्य सरकारें प्रिंट और सोशल मीडिया के ज़रिए आम जनता को जागरूक करने के लिए सामाजिक जागरुकता अभियान चलाएं। ई-कॉमर्स साइट पर बिक रहा इंटरविनर करने वाले वकील धर्मेन्द्र गुर्जर और लखन सिंह पंवार कोर्ट के समक्ष मांझा रखते हुए बताया कि ये मांझा 14 तारीख को उनके घर की छत पर पतंग के जरिए आया था। न्यायमित्र वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक शरण ने कहा कि कई ई-कॉमर्स साइट पर उक्त मांझा उपलब्ध है। वहां से लोग ऑर्डर कर रहे हैं। कोर्ट ने अपने पुराने सभी अंतरिम फैसलों का सख्ती से पालन कराने निर्देश जारी किए। नीति बनाने को दिया डेढ़ महीने का समय अदालत ने मुख्य सचिव को आदेश दिया कि वे इससे जुड़े सभी विभागों से समन्वय कर चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक लगाने एक नीति बनाएं। अमल करवाएं। कोर्ट ने अंतरिम निर्देश जारी कर सरकार को डेढ़ महीने का समय दिया है। अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी। केस- हाईनेक टी-शर्ट ने बचाई जान, होंठ कटा राजगढ़. छापीहेड़ा में शुक्रवार दोपहर बाइक सवार भारतसिंह राजपूत मांझे की चपेट में आ गया। उसके होंठ और चेहरा लहूलुहान हो गया। गनीमत रही कि युवक ने हाईनेक टीशर्ट पहन रखी थी, जिससे गला कटने से बच गया। युवक के होंठ पर पांच टांके लगे। सारस घायल, पंख पर मिले कट के निशान जबलपुर. मझौली थाना क्षेत्र में चाइनीज मांझे की चपेट में आने से सारस पक्षी घायल हो गया। वन अमले के अधिकारी उसे पशु चिकित्सालय ले गए। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार कर पट्टी बांधी। बताया कि चाइनीज मांझे से पंख पर कट के निशान मिले हैं।

CM मोहन ने लाड़ली बहनों के लिए किया बड़ा ऐलान, बढ़ेगी राशि और मिलेगा रोजगार

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में निरंतर प्रदेश के विकास के लिये कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है, जहाँ विकास के 4 सूत्र गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी (जीवायएएन) के सशक्तिकरण के लिये मिशन मोड पर कार्य हो रहा है। प्रदेश सरकार नारी सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री उज्जवला योजना से प्रदेश की 29 लाख पात्र हितग्राही बहनों को गैस सिलेंडर रीफिलिंग के लिए 90 करोड़ से अधिक अनुदान राशि ट्रांसफर की और सोहागपुर विधानसभा के लिए 206 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भी किया। इसमें माखन नगर का नवनिर्मित सर्किट हाउस भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ख्यातनाम साहित्यकार पं. माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया एवं मुख्य चौक पर लगे तिरंगे को फहराकर राष्ट्रगान की धुन के साथ सलामी दी। उन्होंने कहा कि पं. माखनलाल चतुर्वेदी की कविताओं में ऐसा ओज था कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी बाबई की धरती पर आकर उनकी जन्म-स्थली को नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लगी विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों के खातों में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 32वीं किस्त का अंतरण किया गया है। उन्होंने कहा कि बहनों के हाथ में पैसे आते हैं, तो वह पूरे परिवार की चिंता करती हैं। स्वयं को सबसे पीछे रखती है और परिवार के लिए अपना जीवन लगा देती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार धीरे-धीरे लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाती जा रही है। रोजगारपरक उद्योग में काम करने पर बहनों को 5 हजार रुपए देने में भी सरकार मदद करेगी। बहनों को संपत्ति की रजिस्ट्री में 2 प्रतिशत अतिरिक्त छूट दी जा रही है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदापुरम का मलबरी रेशम प्रसिद्ध है। यहां धागा निर्माण में उद्योग शुरू कर 50 दीदियां लखपति बनी हैं। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' घोषित किया है। इस वर्ष कृषि को रोजगार और उद्योग से जोड़ा जाएगा। बहनों को प्रशिक्षण देकर स्व-सहायता समूह से जोड़ेंगे। किसानों को गेहूं, धान और दालों का उचित मूल्य दिलवाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबई-मोहासा औद्योगिक क्षेत्र की 1000 एकड़ भूमि का आवंटन किया जा चुका है। उद्योगों के लिए अब 400 एकड़ भूमि आवंटन पर काम हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सभी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति दे रही है। हम सभी वर्ष @2047 तक भारत को विकसित बनाते दुनिया का नंबर वन देश बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में दूषित जल के कारण हुई घटना के बाद हमारी सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव की महत्वपूर्ण घोषणाएं 42 हजार हैक्टेयर की बागरा-साखा होज सिंचाई परियोजना प्रारंभ होगी। 122 करोड़ की लागत से तवा नदी पर नया पुल बनेगा। इससे बाबई-सोहागपुर सीधे इटारसी से जुड़ेगा। नर्मदापुरम से बाबई, सोहागपुर, पिपरिया और बनखेड़ी तक सड़क को 4 लेन किया जाएगा। माखन नगर में महाविद्यालय के लिए अतिरिक्त कक्षों का निर्माण होगा। सोहागपुर में एसडीएम भवन और माखन नगर में नया तहसील भवन बनेगा। माखन नगर को मिलेगी नई फायर ब्रिगेड। माखन नगर के लिए 154 एकड़ भूमि पर 5 हजार से अधिक क्षमता की विशाल गौशाला बनेगी। माखन नगर में खेल स्टेडियम और सोहागपुर में नया महाविद्यालय बनेगा।  मुख्यमंत्री का रोड-शो में नागरिकों ने किया अभिनंदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माखन नगर में रोड-शो किया। नगर के मुख्य मार्गों पर खुले वाहन में सवार होकर मुख्यमंत्री ने नागरिकों का अभिवादन किया। रोड-शो के मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का नागरिकों ने पुष्प-वर्षा कर स्वागत किया।      क्षेत्रीय सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि मु्ख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश का चहुंमुखी विकास किया है। आज सोहागपुर विधानसभा में 206 करोड़ से अधिक लागत के 35 विकास कार्यों का लोकार्पण और 58 कार्यों का भूमि-पूजन हुआ है। नर्मदापुरम में 11 करोड़ रुपये की लागत से तहसील कार्यालय, माखन नगर में विश्राम गृह, ग्रामीण सड़क और सिवनी मालवा में अस्पताल के भवनों का लोकार्पण हुआ है।  नर्मदापुरम में नया पॉलिटेक्निक कॉलेज बनेगा। विधायक विजय पाल सिंह ने कहा कि मु्ख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबई-मोहासा को 200 एकड़ से अधिक भूमि पर बन रहे नए औद्योगिक क्षेत्र की सौगात दी है। किसानों को सोलर पंप की सौगात मिल रही है। सोहागपुर वासियों को हर प्रकार से विकास परियोजनाओं का लाभ मिल रहा है। सेमरी को गोकुल ग्राम बनाए जाने की सौगात मिली है। लाड़ली बहना सम्मेलन में अनेक जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। लाड़ली बहना राखी दुबे ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री का हृदय से धन्यवाद करती हूँ। लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत हम महिलाओं को 1500 रुपये की सहायता राशि मिल रही है। इस राशि से हम अपनी दैनिक आवश्यकताओं की उपयोगी सामग्री खरीद पा रहे हैं, जिससे हमारा जीवन आसान हुआ है।  लाड़ली बहना सुमन यादव ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा लाड़ली बहनों को दी जा रही आर्थिक सहायता से हम बहनें आर्थिक रूप से सबल हुई हैं। घर के छोटे-मोटे काम योजना से मिली राशि से पूरे कर लेते हैं। मैं मुख्यमंत्री जी का हृदय से धन्यवाद करती हूँ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का माखन नागर में स्वागत है। लाड़ली बहना योजना की हितग्राही हेमलता सिरके ने कहा कि मैं लाड़ली बहना योजना की हितग्राही हूँ और मुझे इसके अंतर्गत 1500 रूपए की राशि प्राप्त होती है। इससे मैंने सिलाई मशीन खरीदी है जिसके कारण में अपने बच्चों का अच्छे से ख़याल रख पाती हूँ । लाड़ली बहना हेमलता ने कहा कि लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत हमें प्रतिमाह जो राशि प्राप्त होती है, उससे मैंने सिलाई मशीन ली है, ब्यूटी पार्लर का कार्य कर रही हूँ और अपने बच्चों की फीस भी भर पा रही हूँ। इस सहायता से मैं अपने परिवार का सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर रही हूँ। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री जी का हृदय से धन्यवाद करती हूँ। लाड़ली बहना तारा मेहरा ने कहा कि मुझे … Read more

इंदौर नगर निगम ने जलप्रदाय और सीवरेज कार्यों के लिए 1530 करोड़ रुपए का लोन लेने को दी मंजूरी

इंदौर  इंदौर नगर निगम (Indore Nagar Nigam) मुख्यालय में मेयर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में एक एमआईसी की बैठक हुई। भार्गव ने बताया कि 33 से ज़्यादा प्रस्तावों को मंज़ूरी दी गई। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के पहले चरण में लगभग 8,000 आवासीय इकाइयों के निर्माण के लिए DPR को सरकार को भेजने, 60 करोड़ रुपये से ज़्यादा के विकास कार्यों, पानी की सप्लाई और सीवरेज कार्यों के लिए 1530 करोड़ रुपए का लोन (1530 Crore Loan Approved) लेने, 5 करोड़ रुपये की लागत से लिंबोदी तालाब के विकास और नवीनीकरण, और मेयर पास योजना के तहत छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को बस पास पर दी गई छूट की भरपाई के लिए लगभग 3 करोड़ रुपये देने को मंज़ूरी दी। पेड़ों को बचाएं, पूजन सामग्री के लिए अलग वाहन बैठक में एमआइसी सदस्य मनीष शर्मा ने मेट्रो ट्रेन के लिए रीगल तिराहे से हटाए जाने वाले पेड़ों को काटने की अनुमति नहीं देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यहां सैकड़ों पेड़ और हजारों तोते हैं। शहर में कहीं भी ऐसा स्थान नहीं है। मेट्रो ट्रेन के लिए इन पेड़ों को काटा या ट्रांसप्लांट किया जाना है। पेड़ ट्रांसप्लांट हो भी जाएंगे तो इन तोतों का क्या होगा। पेड़ों को कटने न दिया जाए। शर्मा ने कहा कि मंदिरों से फूल माला, पूजन सामग्री आदि कचरा गाड़ी ले जाती है। इसमें गंदा कचरा भी मिक्स रहता है, इसलिए पूजन सामग्री के लिए निगम अलग से वाहन का प्रबंध करे। कचरे के साथ पूजन सामग्री ले जाने से भावनाएं आहत होती हैं। अवैध कॉलोनियों पर भी रोक लगे। निगम करेगा केमिस्ट की भर्ती बैठक में स्वीकृति दी गई कि | निगम में केमिस्ट, सहायक नगर निवेशक, सहायक राजस्व अधिकारी के पदों पर भर्ती की जाएगी। विभिन्न मार्गों, चौराहों पर स्थित रोटरी, जेब्रा लाइन, डिवाइडर, फुटपाथ, ग्रीन बेल्ट आदि पर पेंटिंग होगी। शहर की जेन्ट्री, ओवरब्रिज, लॉलीपॉप पर विज्ञापन के अधिकार देंगे। कोर्ट के निर्देश अनुसार स्ट्रीट डॉग को रखने एवं पालन पोषण के संबंध में बनाई योजना पर पशुप्रेमियों, सामाजिक संस्था, एनजीओ आदि से प्रस्ताव लिए जाएंगे। शहर को चार भागों में बांटकर लगभग 11 करोड़ से कॉलोनी से मुख्य मार्ग तक तथा कॉलोनियों के अंदर डामर, पेचवर्क आदि कार्य किए जाएंगे। 97 दुकानों को भी मिली स्वीकृति निरंजनपुर चौराहा से राजीव गांधी चौराहा तक बीआरटीएस पर आरआरसी मीडियन सेंट्रल डिवाइडर बनेंगे। प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन में बाधक शिवाजी मार्केट मल्टीलेवल पार्किंग को हटाने पर भी सहमति बनी। सराफा चाट चौपाटी में अभी लग रही 69 परंपरागत दुकानों के अलावा 28 और दुकानें लगाने संबंधी मार्केट विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। जोन-1 से 22 तक जल आपूर्ति पाइप के लीकेज सुधारने और अन्य संबंधित कार्यों के लिए वार्षिक दर पर टेंडर बुलाने को मंजूरी दी गई। 

MP में शिमला-मनाली से भी सर्दी, मंदसौर में 2.5 डिग्री तापमान, 9 जिलों में शीतलहर का खतरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में आज शनिवार की सुबह कड़ाके की ठंड के बीच भयंकर कोहरा नजर आया. कोहरा इतना ज्यादा है कि प्रदेश के कई इलाकों में विजिबिलिटी बहुत कम रही. उधर, तापमान भी लगातार गिर रहा है, जिस वजह से पूरा प्रदेश सर्दी से जकड़ा हुआ है. आज मध्य प्रदेश का न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. मध्य प्रदेश के इन जिलों में शीतलहर का अलर्ट  शनिवार सुबह 15 से ज्यादा जिलों में कोहरा छाया रहा. इस बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के 5 जिले- शहडोल, कटनी,  अनूपपुर, उमरिया और मैहर में कोल्ड वेव यानी शीतलहर का अलर्ट जारी किया है. 2.5 डिग्री पर लुढ़का मध्य प्रदेश का पारा बता दें कि शुक्रवार-शनिवार की रात कई शहरों में तापमान में गिरावट दर्ज हुई. मंदसौर सबसे ठंडा रहा… यहां का तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं कटनी के करौंदी में न्यूनतम पारा 2.7 डिग्री सेल्सियस, शाजापुर में तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस, शहडोल के कल्याणपुर में 3.5 डिग्री सेल्सियस और पचमढ़ी में पारा 3.8 डिग्री  सेल्सियस दर्ज किया गया.      राजगढ़ में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस     उमरिया में तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस     मंडला में 5.6 डिग्री सेल्सियस     रीवा में 5.8 डिग्री सेल्सियस     मलाजखंड का तापमान 6.1 डिग्री     दतिया, रायसेन और नौगांव में न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री दर्ज किया गया. मैहर में कड़ाके की ठंड मैहर जिले में कड़ाके की ठंड का असर जनजीवन पर साफ तौर पर देखा जा रहा है. शीतलहर के चलते तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे आमजन खासा परेशान नजर आ रहा है. ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं. वहीं युवा और बच्चे खेलकूद के माध्यम से खुद को गर्म रखने की कोशिश कर रहे हैं. आग और खेल से लोग तलाश रहे राहत सुबह और रात के समय ठंड का प्रकोप सबसे अधिक देखने को मिल रहा है. शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सड़कों के किनारे, चौराहों और घरों के बाहर अलाव जलाकर लोग राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं कई इलाकों में बच्चे और युवा खुले मैदानों में फुटबॉल, क्रिकेट जैसे खेल खेलते नजर आ रहे हैं, जिससे शरीर में गर्मी बनी रहे. ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए बुजुर्गों और छोटे बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है. प्रशासन की ओर से भी जरूरतमंद लोगों से ठंड से बचाव के लिए आवश्यक इंतजाम करने की अपील की गई है. राजगढ़ में ठंड को लेकर येलो अलर्ट, जनजीवन अस्त-व्यस्त राजगढ़ जिले में कड़ाके की ठंड को देखते हुए प्रशासन ने येलो अलर्ट जारी किया है. लगातार गिरते तापमान और शीतलहर के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है. सुबह-शाम ठंड का असर सबसे अधिक देखा जा रहा है, हालांकि बीते दो दिनों से घने कोहरे में कुछ कमी आई है और दिन में हल्की धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली है. ठंड के कारण सुबह के समय बाजारों में रौनक कम रही. ठंड में गायों की दुर्दशा, इंतज़ाम नाकाफी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दिहाड़ी मजदूरों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सार्वजनिक स्थलों पर लोग अलाव का सहारा लेते नजर आए. इधर, कड़ाके की ठंड में आवारा व बेसहारा गायों की दुर्दशा भी सामने आ रही है. शहर की सड़कों, चौराहों और खुले मैदानों में गायें ठंड से ठिठुरती दिखीं. कई स्थानों पर न तो पर्याप्त शेड हैं और न ही चारे-पानी की समुचित व्यवस्था, जिससे पशु प्रेमियों में चिंता बढ़ गई है. स्थानीय नागरिकों व सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि ठंड के इस दौर में गौशालाओं में पर्याप्त इंतज़ाम, अस्थायी शेड, चारा और पानी की व्यवस्था की जाए, साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की संख्या बढ़ाई जाए. मंदसौर की ठंड से कांप एमपी, तापमान 2.5 डिग्री दर्ज एमपी में कड़ाके की ठंड के बीच प्रदेश में मंदसौर सबसे ठंडा स्थान रिकॉर्ड किया गया है. जहां तापमान 2.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है. वहीं, कटनी के करौंदी में 2.7 डिग्री, गिरवर में 3.3 डिग्री, शहडोल के कल्याणपुर में 3.5 डिग्री, हिल स्टेशन पचमढ़ी में 3.8 डिग्री तापमान डिग्री दर्ज हुआ है. एमपी के इन 9 जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट मध्यप्रदेश सर्द हवाओं का दौर लगातार लोगों को परेशान कर रहा है. जिस बीच मौसम विभाग के अनुसार एमपी के 9 से ज्यादा जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है. इसमें राजगढ़, शाजापुर, आगर, मंदसौर, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, मैहर शामिल हैं. जहां तेज कोल्ड वेव पड़ने का अनुमान है. बर्फ़ीली हवाओं ने बढ़ाई ठंडी, जल्द गिरेगा मावठा मौसम वैज्ञानिक डॉ दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, इस समय वेस्टर्न डिस्टरबेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हवाओं में ट्रफ के रूप में बना हुआ है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ मौसम में तेज ठंड बनी रहेगी. ग्वालियर-चंबल, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में ठंड रातें रिकॉर्ड हो रही हैं. जबकि ग्वालियर-चंबल में दिन भी खूब ठंडे रह रहे हैं. जिसके चलते ओवरऑल तापमान और नीचे गिर रहा है. आने वाले दिनों में भी सुबह और रात के समय ठंड और कोहरे का असर बना रह सकता है. इन जिलों में घने कोहरे का अलर्ट मौसम विभाग ने शनिवार को लेकर ग्वालियर, शाजापुर, आगर, मंदसौर, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, मैहर संग 9 से ज्यादा जिलों में हल्के से मध्यम कोहरा पड़ने को लेकर चेतावनी जारी की है. उमरिया में कड़कड़ाती ठंड से जनजीवन प्रभावित उमरिया जिले से कड़कड़ाती ठंड से आम जनजीवन काफी प्रभावित हैं. आज सुबह लोगों को कोहरे से राहत तो मिली है. दिन में धूप तो रहती है, लेकिन दिनभर शीतलहर का सिलसिला बना हुआ है. सुबह-शाम लोग अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने की जुगत में लगे हुए हैं. ठिठुरन भरी शीत लहर जारी कटनी जिले में शीत लहर जारी है ऐसे में ठिठुरन भरी ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहन कर ही बाहर निकल पा रहे है. झर्रा टिकुरिया में महिला सफाई कर्मी भी होटल में चाय का सहारा लेती नजर आई है. सभी ने गर्म कपड़े पहनकर काम में निकली है. यह मार्ग कटनी साउथ रेलवे स्टेशन और कटनी मुड़वारा रेलवे स्टेशन को जोड़ती … Read more