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मासूम के लिए वरदान बनी एयर एंबुलेंस: रीवा से भोपाल AIIMS तक मिनटों में पहुंचाई बच्ची

रीवा   विंध्य क्षेत्र में शुरू की गई एयर एंबुलेंस सेवा लगातार जिंदगियां बचाने में अहम अपनी भूमिका निभा रही है. हाली ही में रीवा से एक बार फिर एयर एंबुलेंस ने समय रहते एक मासूम की जान बचाने का काम किया है. मऊगंज निवासी 6 साल की बच्ची गंभीर लीवर फेल्योर की समस्या से पीड़ित थी और उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी. बच्ची को तत्काल उच्च स्तरीय इलाज की आवश्यकता थी, जिसके बाद स्थानीय डॉक्टरों ने उसे भोपाल एम्स रेफर कर दिया. इसके बाद बच्चे के लिए पीएम श्री एयर एंबुलेंस बुधवार को रीवा पहुंची और उसे तत्काल एयर लिफ्ट कर भोपाल एम्स मे भर्ती कराया गया. बिना समय गंवाए मंगाई गई एयर एंबुलेंस मऊगंज निवासी रोहित दुबे की 6 वर्षीय बच्ची अनवी दुबे को बीते दिनों संजय गांधी अस्पताल में एडमिट कराया गया था. डॉक्टर्स ने पाया कि बच्ची का लिवर फेल होने की स्थिति में आ गया है और बिना समय गंवाए उसे भोपाल एम्स भेजना होगा. रीवा के डॉक्टर्स ने परिवार की सहमति ली, जिसके बाद बिना समय गंवाए एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई. मेडिकल टीम की निगरानी में बच्ची को सुरक्षित रूप से रीवा हॉस्पिटल से डॉ. अभिनव अवस्थी और 108 एम्बुलेंस चालक आजाद शाह सावधानी के साथ रीवा एयरपोर्ट ले गए. यहां एयर एम्बुलेंस पहुंचते ही बच्ची को एयर लिफ्ट कर भोपाल के एम्स हॉस्पिटल ले जाया गया. संजय गांधी हॉस्पिटल के अधीक्षक राहुल मिश्रा ने बताया, " मऊगंज निवासी 6 वर्षीय अनवी दुबे को लिवर फेलियर हुआ था. दो दिनों तक उसका इलाज संजय गांधी हॉस्पिटल में हुआ, जिसके बाद गंभीर अवस्था होने पर बच्ची उसे स्पेशल ट्रीटमेंट देने की जरूरत थी. इसके लिए डिप्टी सीएम के निर्देश से कलेक्टर प्रतिभा पाल और मेडिकल कॉलेज के डीन सुनील अग्रवाल की सहमति के बाद एयर एम्बुलेंस बुलवाई गई और बच्ची को एयर लिफ्ट करके भोपाल एम्स हॉस्पिटल मे इलाज के लिए रेफर किया.'' बच्ची के परिजनों ने शासन और प्रशासन का जताया आभार डॉक्टर्स के मुताबिक भोपाल के एम्स हॉस्पिटल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा बच्ची का इलाज शुरू कर दिया गया है.चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे गंभीर मामलों में समय पर एयर एंबुलेंस की सुविधा मिलना जीवन रक्षक साबित होता है. वहीं, परिजनों ने इस त्वरित और संवेदनशील व्यवस्था के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के साथ ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त किया है.

एबी रोड की पहचान बदल गई: इंदौर के महापौर ने रोड का नाम अटल बिहारी वाजपेयी रोड रखा

इंदौर  इंदौर से होकर गुजरने वाले आगरा-बॉम्बे रोड की सालों पुरानी पहचान यानी एबी रोड अब बदल दी गई है। इसका नाम बदलकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर कर दिया गया है। इस बात की जानकारी शहर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने गुरुवार को सोशल मीडिया के जरिए दी। उन्होंने बताया कि MIC (निगम परिषद) की हुई बैठक में एबी रोड का नामकरण भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर अटल बिहारी मार्ग किए जाने का निर्णय लिया गया। बता दें कि देश आज पूर्व पीएम की जयंती मना रहा है और ऐसे में एमआईसी ने उन्हें याद करते हुए यह फैसला लिया। भार्गव ने आगे कहा कि अटल जी की जयंती के अवसर पर लिया गया यह निर्णय उनके राष्ट्रसेवा, विचारों एवं योगदान के प्रति श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अटलजी ने राजनीति को गरिमा दी थी, इसी वजह से इंदौर की एक प्रमुख पहचान का नाम अब उनके नाम पर रखने का फैसला लिया गया है। भार्गव ने बताया कि यह निर्णय उनके विचारों और राष्ट्रसेवा को सच्ची श्रद्धांजलि है। हालांकि एक रोचक बात यह है कि भले ही आगरा-बॉम्बे रोड का नाम बदल दिया गया हो, लेकिन उसका प्रचलित नाम अब भी एबी रोड रह सकता है, क्योंकि अटल बिहारी का शॉर्ट नाम भी एबी रोड होगा, ऐसे में लोग अपनी आदतानुसार अटल बिहारी रोड को भी एबी रोड कह सकेंगे। एबी रोड की पहचान अटलजी के नाम पर करने की वजह बताते हुए MIC की तरफ से कहा गया कि अटलजी ने प्रधानमंत्री रहते हुए देशभर के मार्गों को मुख्य मार्गों से जोड़ने का जो ऐतिहासिक कार्य किया था, वह अतुलनीय है और उनके इसी योगदान को देखते हुए उनके जन्मदिन पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए यह फैसला किया गया है। बता दें कि देशभर के गांवों में पक्की सड़क का निर्माण करने वाली प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अटलजी के कार्यकाल में ही आई थी, जिसके बाद ना केवल गांव में रहने वाले लोगों का शहर तक आना-जाना आसान हो गया, बल्कि देश की आर्थिक गति को भी नए पंख लग गए। क्या लिखा है आदेश में? इस बारे में महापौर व निगम परिषद अध्यक्ष की तरफ से जारी आदेश में लिखा गया, 'आगरा-बॉम्बे रोड का नामकरण 'अटल बिहारी मार्ग' किए जाने के संबंध में महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव का पत्र दिनांक 24.12.2025 एवं आयुक्त का पत्र क्रमांक 532 दिनांक 24.12.2025 पर विचार किया गया। चर्चा की गई। विचारोपरान्त महापौर के पत्र दिनांक 24.12.2025 एवं आयुक्त के पत्र के संलग्न संक्षेपिका में दर्शाई स्थिति एवं चर्चा के प्रकाश में वर्तमान में आगरा-बॉम्बे रोड़ जो कि, ए.बी. रोड़ के नाम से प्रचलन में है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के द्वारा देश भर में मार्गो को मुख्य मार्गों से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य अपने कार्यकाल में किया गया जो कि अतुलनीय है। इस योगदान को दृष्टिगत रखते हुए उनके जन्मदिवस पर श्रद्धांजलि ज्ञापित करते हुए ए.बी. रोड़ का नामकरण "अटल बिहारी मार्ग" किए जाने की स्वीकृति निगम परिषद स्वीकृति की प्रत्याशा में सर्वसम्मति से दी जाती है। पुष्टि हेतु प्रकरण निगम परिषद के समक्ष रखा जाए। आयुक्त नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करें।'

गृह मंत्रालय ने दी मंजूरी: 4 राज्य पुलिस सेवा अफसर बने IPS

भोपाल  मध्यप्रदेश के लिए 24 दिसंबर प्रशासनिक दृष्टि से एक अहम दिन साबित हुआ है। राज्य पुलिस सेवा (SPS) के चार वरिष्ठ अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) कैडर का अवॉर्ड दिया गया है। गृह मंत्रालय द्वारा बुधवार को इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। राज्य पुलिस सेवा के जिन अधिकारियों को IPS कैडर से नवाजा गया है, उनमें आशीष खरे, विक्रांत मुरब, सुरेंद्र कुमार जैन और राजेश रघुवंशी शामिल हैं। इन सभी अधिकारियों को वर्ष 2024 की डीपीसी (Departmental Promotion Committee) के तहत पदोन्नति दी गई है। चारों अधिकारी एक वर्ष की परिवीक्षा अवधि में रहेंगे। जानकारी के अनुसार, IPS कैडर अवॉर्ड के लिए 21 नवंबर 2024 को डीपीसी की बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें कुल 15 अधिकारियों के नामों पर विचार किया गया था। बैठक के बाद अंतिम सूची केंद्र सरकार को भेजी गई थी, जिस पर गृह मंत्रालय ने मुहर लगाई। बैच विवरण की बात करें तो आशीष खरे, सुरेंद्र कुमार जैन और राजेश रघुवंशी 1998 बैच के राज्य पुलिस सेवा अधिकारी हैं, जबकि विक्रांत मुरब 1997 बैच से हैं। हालांकि, वरिष्ठता सूची में सबसे ऊपर रहे दो अधिकारियों को IPS अवॉर्ड नहीं मिल सका। अमृत मीणा का प्रमोशन उनके जाति प्रमाण पत्र पर आपत्ति के कारण अटक गया, वहीं सीताराम ससत्या के मामले में विभागीय जांच प्रमोशन में बाधा बनी। चार अधिकारियों को IPS कैडर मिलने से न सिर्फ मध्यप्रदेश पुलिस बल को मजबूती मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक अनुभव और नेतृत्व क्षमता का लाभ भी प्रदेश को मिलेगा। यह निर्णय राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है।

दतिया में कलेक्टर का कड़ा रुख: पटवारी संघ के शक्ति प्रदर्शन पर IAS ने कहा, दबाव में मत आएं

 दतिया  दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. सस्पेंड किए गए एक पटवारी के समर्थन में कलेक्ट्रेट पहुंचे पटवारियों के हुजूम को देखकर कलेक्टर का पारा चढ़ गया. उन्होंने दो टूक शब्दों में कह दिया कि भीड़ लाकर उन पर राजनैतिक दबाव बनाने की कोशिश न की जाए. दरअसल, बीते बुधवार दतिया कलेक्टर वानखड़े ने शिकायत मिलने पर बसई के पटवारी शैलेंद्र शर्मा को सस्पेंड कर दिया था. इसी को लेकर पटवारी संघ के नेता सस्पेंड सहकर्मी का समर्थन और कुछ समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे. पटवारियों का शोरगुल सुनकर कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े मीटिंग छोड़ कर बाहर निकल आए. आम तौर पर शांत रहने वाले कलेक्टर ने काफी संख्या में पटवारियों को देख कर नाराजगी जताई. कलेक्टर ने मौके पर मौजूद पटवारियों को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए कई बड़ी बातें कहीं. कहा, "अगर कोई समस्या है तो 2-3 लोग भी आकर बात कर सकते थे. 60-70 की संख्या में यहां आने का क्या मतलब है? इतनी बड़ी संख्या में दफ्तर छोड़कर आने से जनता के काम प्रभावित होते हैं. दो-तीन नेताओं के चक्कर में आप 60-70 लोग आओगे और मुझ पर दबाव बनाओगे, तो मैं नहीं सुनूंगा. हम जनता के लिए काम करते हैं." पटवारी को फटकार लगाने का वीडियो वायरल होने के मुद्दे पर कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन ने कोई वीडियो वायरल नहीं किया, वह पत्रकारों ने किया था. कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि इस तरह झुंड में आना राजनैतिक दबाव बनाने का प्रयास है, जो सफल नहीं होगा. उन्होंने आगे कहा, "गलती किसी से भी हो सकती है. मुझसे, एडीएम से या आपसे. अगर आपको लगता है कि किसी के साथ गलत हुआ है, तो नियमपूर्वक अपनी बात रखें."

शादी में डांस का धमाल: दीपक जोशी और नई दुल्हन के ठुमके, सोशल मीडिया पर छाया वीडियो

देवास.  मध्यप्रदेश की राजनीति में अलग पहचान रखने वाले पूर्व मंत्री दीपक जोशी एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका कोई राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि निजी जीवन से जुड़े वीडियो हैं, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. वायरल हो रहे इन वीडियो में दीपक जोशी एक महिला के साथ शादी के बाद डांस करते हुए नजर आ रहे हैं।.बताया जा रहा है कि यह वीडियो उनके निजी कार्यक्रम का है, लेकिन इसके सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. बताया जा रहा है कि दीपक जोशी के निजी जीवन को लेकर पहले से ही न्यायालय में मामला विचाराधीन है. ऐसे में इन वीडियो के सामने आने के बाद सवाल खड़े किए जा रहे हैं. मीडिया द्वारा जब इस पूरे मामले पर दीपक जोशी से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने कहा कि यह मेरा निजी जीवन है और मामला न्यायालय में चल रहा है. ऐसे में इस विषय पर बोलना मैं उचित नहीं समझता. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा रखते हैं और उसी के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं. फिलहाल सोशल मीडिया पर ये वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं जो चर्चा का विषय बने हुए है. कांग्रेस नेत्री पल्लवी राज सक्सेना से 4 दिसंबर को शादी करने के बाद पूर्व मंत्री दीपक जोशी चर्चा में हैं। पल्लवी के अलावा दो और महिलाओं की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि दीपक जोशी उनके साथ भी शादी कर चुके हैं। क्या है मामला? शिवराज सरकार में मंत्री रह चुके दीपक जोशी (63) इस समय सुर्खियों में हैं. दरअसल इसी महीने हुई उनकी शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं. उन्होंने महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश सचिव पल्लवी राज सक्सेना से शादी की है. बताया गया कि यह विवाह 4 दिसंबर को आर्य समाज मंदिर में संपन्न हुआ. सामने आई तस्वीरों में पल्लवी राज की मांग में सिंदूर भरा हुआ दिखाई दे रहा है. कौन हैं दीपक जोशी? दीपक जोशी मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कैलाश जोशी के बेटे हैं. उन्होंने 2013 में हाटपिपल्या विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी और वह स्कूल शिक्षा मंत्री बने थे. 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. 2023 में उन्होंने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया. दोनों में 20 साल का एज गैप पल्लवी राज सक्सेना मध्य प्रदेश कांग्रेस में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं. वे महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश सचिव रह चुकी हैं. वर्तमान में उनके पास कोई औपचारिक पद नहीं है, लेकिन वे पार्टी गतिविधियों से जुड़ी रही हैं. दीपक जोशी और पल्लवी राज के बीच करीब 20 साल का उम्र का अंतर है. सोशल मीडिया पर इसे लेकर भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. हालांकि दोनों की ओर से इसे निजी फैसला बताया गया है. पल्लवी ने अपने फेसबुक पर जो वीडियो शेयर किए हैं, उनमें से एक वीडियो में दीपक जोशी उनके साथ डांस करते दिख रहे हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी नजर आ रहे हैं। मेहंदी लगवाते वीडियो शेयर किया पल्लवी ने एक और वीडियो फेसबुक पर शेयर किया, जिसमें दीपक जोशी हाथों में मेहंदी लगवाते दिख रहे हैं। आठ सेकंड के इस वीडियो में पल्लवी दीपक से पूछती हैं कि दीपक जी कितने सालों बाद आपको मेहंदी लग रही है? हालांकि दीपक कोई जवाब नहीं देते। हाटपिपल्या विधायक बोले- प्रशासन स्वत: संज्ञान ले पूर्व मंत्री दीपक जोशी की तीन महिलाओं के साथ शादी करने का मामला सामने आने के बाद हाटपिपल्या से बीजेपी विधायक मनोज चौधरी ने देवास में स्थानीय पत्रकारों से कहा- जिन ऑडियो की मैंने शिकायत की थी, उस समय उनकी मास्टरमाइंड एक महिला निकली थी। लेकिन मात्र वो महिला नहीं थी उसके पीछे राजनीति का एक बड़ा षड्यंत्र था, जो अब सामने आ गया है।

500 KM दूर से या दूसरों से लगवाई हाजिरी: भोपाल में डॉक्टरों की फर्जी अटेंडेंस पर CMHO ने कड़ा कदम उठाया

 भोपाल भोपाल में मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिकों की व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. राजधानी के संजीवनी क्लीनिकों में पदस्थ कुछ डॉक्टरों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर फर्जी तरीके से अटेंडेंस लगाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. सार्थक एप के जरिए चल रहे इस फर्जीवाड़े का खुलासा सीएमएचओ कार्यालय की नियमित समीक्षा के दौरान हुआ, जिसके बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है. मामले में 13 डॉक्टरों की वेतन कटौती के आदेश जारी किये गए हैं. सार्थक एप में सेंध, 25 डॉक्टरों को नोटिस सीएमएचओ कार्यालय द्वारा जब सार्थक एप के डेटा की बारीकी से जांच की गई, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. फर्जी अटेंडेंस के इस खेल में कुल 25 डॉक्टरों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. इनमें से 13 डॉक्टरों पर कार्रवाई करते हुए 7 दिन से लेकर एक माह तक का वेतन काटा गया है. डॉक्टर ने 500 KM दूर से लगाई हाजिरी जांच में सबसे हैरान करने वाला मामला गौतम नगर स्थित मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक से सामने आया जहां पदस्थ डॉ. संजीव सिंह की अटेंडेंस क्लिनिक से लगभग 500 किलोमीटर दूर से लगी थी. सिर्फ यही नहीं, उनकी रोज़ की अटेंडेंस भी क्लिनिक से 11-12 किलोमीटर दूर से लग रही थी जिसका सीधा मतलब है कि कई मौकों पर डॉक्टर क्लिनिक आ ही नहीं रहे थे लेकिन रोस्टर में वो रोज़ ड्यूटी पर आ रहे थे. एक आईडी और कई चेहरे वाला डॉक्टर फर्जीवाड़े का एक और मामला बाग मुगालिया संजीवनी क्लीनिक से सामने आया जहां पदस्थ डॉ. मिनहाज की आईडी से सार्थक एप पर जो तस्वीरें अपलोड की गईं, उनमें अलग-अलग लोगों के चेहरे थे. मतलब डॉक्टर मिनहाज की जगह दूसरे लोग फोटो खिंचवाकर अटेंडेंस लगा रहे थे. सीएमएचओ ने कहा 'लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त' इस पूरे मामले पर आजतक से बात करते हुए भोपाल सीएमएचओ मनीष शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक गरीब और जरूरतमंद मरीजों को उनके ही इलाके में इलाज देने के लिए शुरू किया गया था लेकिन इस तरह डॉक्टर गायब रहेंगे तो आम जनता का इलाज कौन करेगा? भविष्य में सार्थक एप की निगरानी और सख्त की जाएगी और किसी भी तरह की फर्जीवाड़े पर हम जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएंगे.

सार्वजनिक शौचालय में हुई घिनौनी हरकत: युवती का वीडियो बनाकर ऑनलाइन पोस्ट, FIR दर्ज

सतना  सतना के बीटीआई ग्राउंड में चल रहे विंध्य व्यापार मेले की चकाचौंध के बीच एक शर्मनाक करतूत सामने आई है। मेले के रामगढ़ सेक्शन में बने महिला बाथरूम में एक युवती का आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। मैनेजमेंट के हाथ-पांव फूले, देर रात पहुंची पुलिस सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही मेला प्रबंधन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रबंधन के लोग देर रात कोलगवां थाने पहुंचे और अज्ञात असामाजिक तत्वों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब साइबर सेल की मदद से वीडियो के सोर्स का पता लगा रही है ताकि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। हजारों की भीड़, सुरक्षा नदारद विंध्य व्यापार मेला शहर का बड़ा आयोजन है, जहां रोजाना हजारों महिलाएं और युवतियां आती हैं। सार्वजनिक बाथरूम जैसी जगह पर ऐसी घुसपैठ ने लोगों को डरा दिया है। इस घटना के बाद मेले की सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को ट्रेस करने के प्रयास किए जा रहे हैं और उस पर सख्त कार्रवाई होगी।  

कोहरे और सर्दी का कहर: दिल्ली से भोपाल-इंदौर ट्रेनें लेट, पचमढ़ी में तापमान 4 डिग्री से नीचे

भोपाल  मध्यप्रदेश में कोहरे का असर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 4 डिग्री से नीचे चला गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में सर्दी और तेज होगी। ऐसे में न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए पचमढ़ी जाने वाले पर्यटकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा इलाका शहडोल का कल्याणपुर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।ट्रेनों पर कोहरे की मार जारी, सफर हो रहा परेशानकोहरे की वजह से दिल्ली से भोपाल, उज्जैन और इंदौर आने-जाने वाली ट्रेनें लगातार लेट चल रही हैं। पिछले एक हफ्ते से कई ट्रेनें 5 से 8 घंटे तक की देरी से पहुंच रही हैं। दृश्यता कम होने के कारण सड़कों पर भी वाहन चलाना जोखिम भरा बना हुआ है। आज सुबह कहां-कहां दिखा कोहरा गुरुवार सुबह ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और शहडोल में कोहरा देखा गया। कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा रहा। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक, अगले दो दिन कोहरे की तीव्रता घटेगी, लेकिन न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट संभव है। अगले पांच दिन मौसम साफ रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है। मौसम विभाग का अपडेट और आगे की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन कोहरे का असर कम रहेगा, लेकिन ठंड में वृद्धि होने की संभावना है। न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आ सकती है। इसके अलावा अगले पांच दिन तक मौसम साफ रहेगा और किसी भी हिस्से में बारिश होने की संभावना नहीं है। वहीं 27 दिसंबर को पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) का असर प्रदेश में देखने को मिल सकता है, जिससे सर्द हवाओं के चलते ठंड और बढ़ सकती है। प्रदेश के सबसे ठंडे शहर पचमढ़ी: 3.8 डिग्री कल्याणपुर (शहडोल): 6.3 डिग्री नौगांव: 7 डिग्री राजगढ़: 7.4 डिग्री मलाजखंड: 7.6 डिग्री रीवा: 8.2 डिग्री उमरिया: 8.3 डिग्री रायसेन, छिंदवाड़ा, मंडला: 9 डिग्री खजुराहो: 9.2 डिग्री टीकमगढ़: 9.8 डिग्री हिमालयी सिस्टम का असर,ठंड और बढ़ेगी मौसम विभाग के अनुसार, 27 दिसंबर को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से मध्यप्रदेश में सर्द हवाओं की रफ्तार बढ़ेगी और ठंड और तीखी होगी। फिलहाल भी उत्तरी हवाओं के कारण इंदौर, भोपाल, राजगढ़ और शाजापुर में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय जेट स्ट्रीम भी ठंड को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। यह करीब 12.6 किलोमीटर ऊंचाई पर 240 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं के साथ जब यह सिस्टम सक्रिय होता है, तो ठंड का असर दोगुना हो जाता है। सबसे पहले जानते हैं, आज कैसा है मौसम गुरुवार सुबह ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और शहडोल में कोहरा रहा। कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा दर्ज किया गया। अगले 2 दिन तक कोहरे का असर तो कम रहेगा, लेकिन ठंड का असर बढ़ जाएगा। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है। अगले 5 दिन तक मौसम साफ रहेगा और कहीं भी बारिश होने के आसार नहीं है। कोहरे का सबसे ज्यादा असर ट्रेनों पर कोहरे का सबसे ज्यादा असर ट्रेनों पर पड़ रहा है। एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें 5 से 8 घंटा तक लेट हो रही है। इनमें मालवा एक्सप्रेस, शताब्दी, सचखंड जैसी ट्रेनें शामिल हैं। कल्याणपुर प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा शहर मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार-बुधवार की रात पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री पर पहुंच गया। सीजन में पहली बार पचमढ़ी में इतना कम तापमान रहा है। कल्याणपुर में यह 6.3 डिग्री रहा। यह प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा शहर रहा। नौगांव में पारा 7 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ में 7.4 डिग्री, मलाजखंड में 7.6 डिग्री, रीवा में 8.2 डिग्री, उमरिया में 8.3 डिग्री, रायसेन, छिंदवाड़ा-मंडला में 9 डिग्री, खजुराहो में 9.2 डिग्री और टीकमगढ़ में तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बुधवार की सुबह कई शहरों में घने कोहरे से राहत मिली, लेकिन इंदौर, खजुराहो, रीवा, सतना, दतिया, गुना, ग्वालियर, रतलाम, उज्जैन, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव में असर ज्यादा देखा गया। वहीं, ट्रेनों के डिले होने की टाइमिंग में भी कमी आई है।  

राज्य सरकार ने किया बड़ा प्रशासनिक बदलाव, 64 अधिकारियों को किया पोस्टिंग

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। भोपाल नगर निगम (बीएमसी) में 5 दर्जन से अधिक अधिकारियों और इंजीनियरों के कार्यभार में बड़ा बदलाव किया गया है। निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने एक ही आदेश में 64 असिस्टेंट और सब इंजीनियरों को हटाकर नई जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। इसे नगर निगम के इतिहास का सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल माना जा रहा है। यह फैसला नगर परिषद की बैठक में पार्षदों की लिखित शिकायतों के बाद लिया गया है। पार्षदों का आरोप था कि पिछले चार महीनों से इंजीनियर न तो वार्ड में काम कर रहे थे और न ही जनसमस्याओं पर ध्यान दे रहे थे। अतिक्रमण हटाने पर फोकस, विशेष टीमों का गठन नए सेटअप में कार्यपालन यंत्रियों को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में तैनात किया गया है। उन्हें सिविल कार्यों के साथ-साथ अतिक्रमण हटाने की सीधी जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो तेजी से कार्रवाई करेंगी। जोनल अधिकारियों के भी तबादले फेरबदल के तहत कई जोनल अधिकारियों को भी इधर-उधर किया गया है। विजय शाक्य को जोन-14 का सहायक स्वास्थ्य अधिकारी बनाया गया अंकित गौतम, संदीप मंडलेकर और भावना पटेरिया को अलग-अलग जोन में एसएचओ की जिम्मेदारी सौंपी गई मेट्रोपॉलिटन रीजन से पहले निगम का नया सेटअप भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन के ड्राफ्ट से पहले नगर निगम का यह नया प्रशासनिक ढांचा तैयार किया गया है। मेट्रोपॉलिटन रीजन के लिए सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराना सबसे बड़ी चुनौती है। इसी को ध्यान में रखते हुए— बृजेश कौशल – गोविंदपुरा अनिल टटवाड़े – मध्य एवं उत्तर विधानसभा एसके राजेश – दक्षिण-पश्चिम एवं हुजूर अनिल कुमार साहनी – नरेला विधानसभा को सिविल शाखा और अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी दी गई है। झील संरक्षण और उद्यान विभाग को भी नई कमान कार्यपालन यंत्री प्रमोद मालवीय को नरेला से हटाकर झील संरक्षण प्रकोष्ठ, उद्यान विभाग और प्रवेश द्वार प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चार महीने से चल रहा था विवाद गौरतलब है कि पूर्व नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण द्वारा इंजीनियरों के विभाग बदले जाने के बाद से लगातार विवाद बना हुआ था। पार्षदों का कहना था कि इंजीनियर न तो उनके वार्ड में पहुंच रहे थे और न ही विकास कार्यों में रुचि ले रहे थे।

अमित शाह प्राकृतिक खेती प्रकल्प का करेंगे शुभारंभ, वर्ष 2026 होगा कृषि वर्ष

रीवा केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रीवा में प्राकृतिक खेती पर कृषक सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल होंगे। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव बसामन मामा गौ अभ्यारण्य में अपरान्ह 3 बजे से आयोजित कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती प्रकल्प का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद गौ अभ्यारण्य के समीप आयोजित विशाल कृषक सम्मलेन में शिरकत करेंगे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, श्री हेमन्त खंडेलवाल भी शामिल होंगे। अतिथियों द्वारा ई-कार्ट के माध्यम से गौ-शाला का अवलोकन किया जायेगा। कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई कृषि विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। कार्यक्रम में प्रगतिशील व प्राकृतिक खेती करने वाले कृषकों को सम्मानित किया जायेगा। बसामन मामा गौ अभ्यारण्य का निर्माण बेसहारा और बीमार गौवंश को आश्रय देने के लिए किया गया है। इसमें वर्तमान में सात हजार से अधिक गौवंश को आश्रय दिया गया है। इस गौ-शाला से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में निकलने वाले गोबर से जैविक खाद, गो काष्ठ, गोनाइल तथा अन्य उत्पाद बनाए जा रहे हैं। यह कार्य स्वयंसेवी संस्था द्वारा किया जा रहा है। वर्ष 2026 को कृषि वर्ष मनाये जाने का निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत समन्वित रूप से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में कृषकों की आय में वृद्धि की जायेगी, कृषि को प्राकृतिक खेती के माध्यम से जलवायु अनुकूल बनाया जायेगा, किसानों की उपज के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित किया जायेगा, तकनीकी सुधार एवं यंत्रीकरण पर विशेष जोर होगा, डिजीटल एग्री के माध्यम से क्षेत्र का आधुनिकीकरण करना एवं कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में विविधीकरण को बढावा देना, मूल्य संवर्धन के माध्यम से नये रोजगार सृजन किया जायेगा। कृषि परिदृश्य देश में मध्य प्रदेश मक्का एवं सोयाबीन के उत्पादन में प्रथम स्थान तथा गेहॅू, उड़द, मसूर, चना, सरसों, कुल तिलहन, कुल दलहन, कुल खाद्यान्न, कुल मोटा अनाज में द्वितीय स्थान पर है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा गत 2 वर्षों में 48 लाख 51 हजार किसानों से 02 करोड़ 41 लाख 31 हजार मीट्रिक टन अनाज खरीदा गया है। जिसके विरूद्ध 81 हजार सात सौ अड़सठ करोड़ रूपये का भुगतान किसानों के खाते में किया गया है। सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना किसान भाईयों की मेहनत को प्रतिफल प्रदाय करने के लिये सोयाबीन की फसल के लिये भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है। अभी तक लगभग छ: लाख कृषकों के द्वारा तेरह लाख नवासी हजार मेट्रिक टन सोयाबीन का विक्रय मंडियों में किया गया है, जिससे दो चरणों में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दो लाख सरसठ हजार किसानों के खाते में चार सौ बियासी करोड़ रूपये अंतरित किये गये है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति होने पर किसानों को सहायता के लिये गत 2 वर्षों में राज्य सरकार द्वारा सत्तर लाख कृषक आवेदनों पर बारह सौ सेंतीस करोड़ चौवन हजार राशि रूपये का दावा भुगतान किया गया है। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री  किसान सम्मान निधि योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसान सम्मान निधि के रूप में किसानों को छ: हजार रूपये दिये जा रहे थे, मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा भी किसानों को छ: हजार रूपये की राशि दी जा रही है, इस प्रकार प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत माह अप्रैल, 2025 से अभी तक एक करोड़ अडसठ लाख किसानों को छ: हजार सात सौ छप्पन करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है। ‘रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना’’     रानी दुर्गावती श्री अन्नध प्रोत्सारहन योजना अंतर्गत प्रदेश में प्रथम बार 16 जिलों – जबलपुर, कटनी, मण्डला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनुपपुर, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, बालाघाट, सिवनी, सीधी एवं सिंगरौली में उपार्जन किया जा रहा है।     राज्य सरकार द्वारा राशि रुपए एक हजार प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदाय की जाएगी।     परंपरागत कृषि विकास योजना प्रमाणित जैविक खेती को प्रोत्सावहित एवं बढावा देने के लिए संचालित है।     वर्ष 2025-26 में तेतालीस हजार तीन सौ पचास हैक्टेयर में 09 सर्विस प्रोवाईडर के माध्यम से कृषक समूहों में जैविक प्रमाणीकरण कार्यक्रम क्रियान्वित किये जा रहे है। कृषकों को राशि रूपये पांच हजार प्रति हैक्टेयर प्रति वर्ष अनुदान दिया जाता है। नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग     नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित एवं बढावा देने के लिये योजना संचालित है। प्रदेश में पन्द्रह सौ तेरह क्लस्टर में एक लाख नवासी हजार एक सौ पच्चीस एकड़ में एक लाख नवासी हजार एक सौ पच्चीस किसानों के साथ क्रियान्वित की जा रही है। प्रत्येक कृषक को राशि रूपये चार हजार प्रति एकड़ प्रति वर्ष अनुदान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना     प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा "प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना कृषि उत्पादकता और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुभारंभ किया गया है। योजना में मध्यप्रदेश के 8 जिले यथा-अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, सीधी, अलीराजपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ एवं डिण्डोरी को शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री धन – धान्य कृषि योजनाभारत सरकार की एक नई पहल है, जो कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की प्रचलित योजनाओं जिसमें कृषि विभाग की 19 तथा मछली पालन / पशुपालन / दुग्ध / सहकारिता / जल संसाधन / खाद्य प्रस्करण / ग्रामीण विकास  / कौशल विभाग / लघु एवं सुक्ष्म उद्योग विभागों की 17 प्रचलित  योजनाओं का अभिसरण (कवरेज) कर क्रिन्यावित किया जायेगा।    वर्तमान में दलहन उत्पादन में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर है। वर्ष 2024-25 में दलहन का कुल क्षेत्रफल चवालीस लाख बानवे हजार हैक्टेयर है, जिसे आगामी 03 वर्षो में लगभग पचपन लाख हैक्टेयर किये जाने का लक्ष्य है।