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मोहन सरकार का बड़ा फैसला: उज्जैन की लैंड पूलिंग योजना अब नहीं चलेगी

उज्जैन    किसानों और स्थानीय स्तर पर भारी विरोध के बाद आखिरकार सरकार ने उज्जैन के सिंहस्थ क्षेत्र की लैंड पूलिंग योजना को मंगलवार देर रात निरस्त कर दिया। अब सिंहस्थ क्षेत्र में ठीक उसी तरह से व्यवस्था होगी, जैसे अब तक होती आई है।लैंड पूलिंग योजना में सरकार ने सिंहस्थ क्षेत्र में स्थायी निर्माण के लिए किसानों की भूमि लैंड पूलिंग के तहत लेने का प्रावधान किया था। इसमें किसानों को भूमि का एक हिस्सा विकसित करके दिया जाता और शेष का मुआवजा मिलता लेकिन इसके लिए वे तैयार नहीं थे। शासन ने आदेश को राजपत्र (गजट) में प्रकाशित भी कर दिया है। यह निर्णय भारतीय किसान संघ के 26 दिसंबर से उज्जैन में ‘घेरा डालो–डेरा डालो’ आंदोलन की चेतावनी के बाद लिया गया है। किसान संघ ने स्पष्ट कर दिया था कि जब तक लैंड पूलिंग नीति को पूरी तरह निरस्त करने का लिखित आदेश जारी नहीं होता, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी। आंदोलन की घोषणा के बाद सरकार और किसान संगठनों के बीच टकराव की स्थिति लगातार गहराती जा रही थी। दरअसल, सिंहस्थ कुंभ मेला 2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन क्षेत्र में दीर्घकालिक विकास योजनाओं के अंतर्गत किसानों की भूमि को लैंड पूलिंग के माध्यम से विकसित करने का प्रस्ताव था। इस नीति के तहत जमीनों के अधिग्रहण और पुनर्विकास को लेकर किसानों में भारी असंतोष था। किसान संगठनों का आरोप था कि यह नीति उनकी सहमति के बिना लागू की जा रही है और इससे उनकी जमीनों पर स्थायी असर पड़ेगा। 19 नवंबर का आदेश सिर्फ संशोधन था भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना ने कहा था कि 19 नवंबर को जारी आदेश केवल संशोधन था, निरस्तीकरण नहीं। इसके बाद प्रदेश के 18 जिलों के किसान प्रतिनिधियों की बैठक में सर्वसम्मति से आंदोलन का निर्णय लिया गया। किसानों ने एलान किया था कि 26 दिसंबर से विक्रमादित्य प्रशासनिक भवन का घेराव कर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। अब शासन द्वारा लैंड पूलिंग योजना को पूरी तरह निरस्त किए जाने को किसान आंदोलन की बड़ी जीत माना जा रहा है।   उज्जैन लैंड पूलिंग पॉलिसी यह थी उज्जैन लैंड पूलिंग पॉलिसी दरअसल सिंहस्थ कुंभ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) द्वारा प्रस्तावित एक शहरी विकास योजना थी। इसके तहत शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की बड़ी मात्रा में किसानों की निजी जमीन को एक साथ पूल (एकत्र) कर सुनियोजित तरीके से विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया था। यानी सरकार जमीनों को अधिग्रहित कर सड़क, सीवर, ड्रेनेज, बिजली, पानी जैसी आधारभूत सुविधाओं का विकास, सिंहस्थ के लिए स्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना, उज्जैन के विस्तार को मास्टर प्लान के तहत विकसित करना था।  योजना में किसानों को क्या दिया जाना था? किसानों से जमीन लेकर उसे विकसित करने के बाद विकसित भूमि का एक हिस्सा (कम लेकिन अधिक मूल्य वाला) किसान को लौटाने का प्रावधान रखा गया था। शेष भूमि पर शासन/प्राधिकरण द्वारा शहरी विकास में उपयोग की थी।  किसान संगठन क्यों नाराज हुए? भारतीय किसान संघ समेत अन्य किसान संगठनों को जमीन पर स्थायी नियंत्रण खत्म होने का डर था। किसानों का कहना था कि एक बार जमीन लैंड पूलिंग में चली गई तो उस पर उनका  अधिकार कमजोर हो जाएगा। कितनी जमीन लौटेगी, कब लौटेगी और किस कीमत पर इस पर स्पष्ट और कानूनी भरोसा नहीं था। किसानों का तर्क था कि यह अधिग्रहण जैसा ही है, लेकिन बिना सीधा मुआवजा दिए। इसमें आरोप लगे कि कई जगह किसानों की स्पष्ट सहमति के बिना योजना लागू करने की तैयारी थी। किसान संगठनों का कहना था कि सिंहस्थ अस्थायी आयोजन है, लेकिन इसके नाम पर जमीन की स्थायी योजना बनाई जा रही थी।   भाजपा विधायक ने भी किया योजना का विरोध  उज्जैन उत्तर से भाजपा विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने लैंड पूलिंग योजना को लेकर अपनी ही सरकार के फैसले पर असहमति जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर कहा है कि यह योजना किसानों के हित में नहीं है और इसे तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए। विधायक जैन ने लिखा कि 17 नवंबर को भोपाल में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुई बैठक में योजना वापस लेने का निर्णय लिया गया था, जिसके बाद किसान संघ ने उत्सव रैली भी निकाली थी। इसके बावजूद यदि योजना लागू मानी जा रही है और किसान 26 दिसंबर से आंदोलन करने को मजबूर हैं, तो वे स्वयं भी किसानों के समर्थन में आंदोलन में शामिल होंगे। विधायक के इस रुख से लैंड पूलिंग योजना को लेकर भाजपा के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचा था मामला किसान संघ और स्थानीय संगठन सिंहस्थ के नाम पर लैंड पूलिंग के माध्यम से किसानों की जमीन लेने का विरोध कर रहे थे। बात पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंची। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अधिकारियों के साथ पहुंचे और बैठकों के कई दौर चले। सरकार की ओर से सिहंस्थ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने का हवाला देकर व्यवस्था बनाने की बात रखी गई तो अन्य कुंभ का उदाहरण देकर लैंड पूलिंग के बिना व्यवस्था बनाए जाने की बात उठी। उधर, किसान पूरी तरह से लैंड पूलिंग योजना को निरस्त करने पर अड़े थे। सरकार ने पहले प्रयास किया था कि किसानों की सहमति से लैंड पूलिंग की जाए, लेकिन भारतीय किसान संघ का कहना था कि किसानों की भूमि स्थायी निर्माण के लिए लेने से उनकी आजीविका का साधन समाप्त हो जाएगा। यह होता उज्जैन सिंहस्थ क्षेत्र में लगभग 2,800 हेक्टेयर भूमि है। इसमें साढ़े आठ सौ हेक्टेयर शासकीय और शेष निजी भूमि है। सरकार बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए यहां जन सुविधा की दृष्टि से स्थायी निर्माण करना चाहती थी। इसके लिए किसानों की भूमि लैंड पूलिंग के तहत लेना प्रस्तावित था। इसमें जिसकी भूमि ली जाती, उसे एक निश्चित क्षेत्र में स्थायी निर्माण करके सरकार देती और बाजार मूल्य से शेष भूमि का भुगतान भी किया जाता। भाजपा विधायक की भी असहमति उज्जैन उत्तर से भाजपा विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने भी योजना से असहमति जताई थी। उन्होंने हाल ही में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा कि किसान हित में लैंड पूलिंग योजना निरस्त होनी चाहिए। … Read more

दुग्ध किसानों को राहत: 17 दिसंबर से संपर्क अभियान के द्वितीय चरण का शुभारंभ

17 दिसंबर से दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के द्वितीय चरण का शुभारंभ पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी जाएंगे पशुपालक किसानों के घर-घर पशु पोषण, नस्ल सुधार और पशुओं के स्वास्थ्य से संबंधित देंगे जानकारी भोपाल  प्रदेश में पशुपालकों, किसानों की आय बढ़ाने व दुग्ध उत्पादन वृद्धि के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान चलाया जा रहा है, जिसके द्वितीय चरण का शुभारंभ 17 दिसंबर, 2025 से होने जा रहा है। अभियान अंतर्गत पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, पशुपालकों और किसानों के घर जाएंगे, जहां पशुपालकों को पशुओं में नस्ल सुधार, पशु पोषण तथा पशु स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी देंगे। अभियान में मंत्रीगण, विधायक व स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता रहेगी। गांवों में पहुंचेगा विभागीय अमला द्वितीय चरण में प्रदेश के सभी गांवों में दुधारू पशु रखने वाले पशुपालकों से सीधे संपर्क कर संवाद किया जाएगा। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक विकासखंड से एक पशु चिकित्सक को मास्टर ट्रेनर के रूप में राज्य स्तर पर प्रशिक्षित किया गया है। प्रथम चरण में 3 लाख 76 हजार पशुपालकों के घर विभागीय अधिकारी पहुंचे थे और उन्हें अभियान से संबंधित सूचनाओं व सुविधाओं लाभान्वित किया था। दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान का प्रथम चरण 3 से 9 अक्टूबर के मध्य संचालित हुआ, जिसमें 3.76 लाख पशुपालकों के यहां 8752 प्रशिक्षित विभागीय अमला घर पहुंचा था। अभियान की निगरानी के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। कलेक्टर नियमित रूप से अभियान की समीक्षा करेंगे। साथ ही राज्य स्तर पर जानकारी साक्षा की जाएगी। अभियान के द्वितीय चरण के लिए राज्य पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान भोपाल में 18 से 24 नवंबर के मध्य लगभग 428 पशु चिकित्सक (प्रत्येक जिले के प्रत्येक विकासखण्ड के पशु चिकित्सक, जिला नोडल अधिकारी, राज्य नोडल अधिकारी) का प्रशिक्षण मल्टीमॉडल तथा तीनों पहलू पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य एवं नस्ल सुधार में गतिविधि बेस कराया गया और इन प्रशिक्षित मास्टर नोडल द्वारा इसी प्रकार प्रशिक्षण अपने जिलें एवं विकासखण्ड में सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, मैत्री एवं गोसेवक को दिया गया। दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के द्वितीय चरण में 5 से 9 गौवंश एवं भैंसवंश रखने वाले 7.87 लाख पशुपालकों के यहां प्रशिक्षित विभागीय अमले द्वारा घर जाकर भेंट की जाएगी। साथ ही उन्हें नस्ल सुधार, पशु पोषण एवं पशु स्वास्थ्य पर जागरूक किया जाएगा।  

पावरलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक विजेता आरक्षक सौदान सिंह चौहान की डीजीपी कैलाश मकवाणा से सौजन्य भेंट

डीजीपी कैलाश मकवाणा से पावरलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक विजेता आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने की सौजन्य भेंट डीजीपी ने दी बधाई भोपाल  डीजीपी कैलाश मकवाणा से  पुलिस मुख्यालय में पावरलिफ्टिंग की क्लासिक बेंच प्रेस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक विजेता आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने भेंट की। मध्यप्रदेश पुलिस के जिला पुलिस लाइन उज्जैन में पदस्थ आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने पावरलिफ्टिंग की क्लासिक बेंच प्रेस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अर्जित किया हैं। उन्‍होंने यह पदक क्लासिक बेंच प्रेस प्रतियोगिता में 82 किग्रा भार वर्ग में हासिल किया है। डीजीपी मकवाणा ने आरक्षक को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई एवं निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने के लिये शुभकामनायें दीं। उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी शारीरिक क्षमताओं को बढ़ाते हुए व्यावसायिक दक्षता भी सिद्ध कर रही है। डीजीपी ने कहा कि पुलिस बल के कर्मचारी जब खेलों में इस प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं, तो यह पूरे विभाग के मनोबल को सुदृढ़ करता है।       उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन द्वारा आयोजित क्लासिक बेंच प्रेस प्रतियोगिता का आयोजन 23–24 नवंबर 2025 को उज्जैन में किया गया था। इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पूरे मध्यप्रदेश से 400 से अधिक खिलाड़ियों ने सहभागिता की। आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने 82 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।    ऑल इंडिया क्लासिक बेंच प्रेस प्रतियोगिता  7 से 11 जनवरी तक फरीदाबाद, हरियाणा में आयोजित होगी। इस ऑल इंडिया क्लासिक बेंच प्रेस प्रतियोगिता में आरक्षक सौदान सिंह चौहान मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों से पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी  सहित लगभग 800 खिलाड़ी भाग लेंगे।       आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने विश्वास व्यक्त किया है कि वे आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मध्यप्रदेश के लिए स्वर्ण पदक अर्जित करने का हरसंभव प्रयास करेंगे।  

पर्यटन क्विज भावी पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम : मंत्री लोधी

मध्यप्रदेश पर्यटन क्विज-2025 : खरगोन जिले ने पाया प्रथम स्थान, सीहोर द्वितीय एवं निवाड़ी रहे तृतीय पर्यटन क्विज भावी पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम : मंत्री लोधी विद्यार्थियों की जिज्ञासा और उत्साह प्रदेश पर्यटन के लिए शुभ संकेत : अपर मुख्य सचिव शुक्ला भोपाल मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक विरासत से नई पीढ़ी को परिचित कराने के उद्देश्य से पर्यटन बोर्ड द्वारा आयोजित 'राज्य स्तरीय पर्यटन क्विज-2025' का कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में गरिमामय समापन हुआ। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में खरगोन जिले के सीएम राइज स्कूल, महेश्वर ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, सीहोर जिले के नूतन बाल विद्या मंदिर ने द्वितीय और निवाड़ी जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तरीचरकलां ने तृतीय स्थान हासिल कर अपने जिलों का गौरव बढ़ाया। भावी ब्रांड एम्बेसडर तैयार कर रही यह प्रतियोगिता पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि, "पर्यटन क्विज मात्र एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि प्रदेश की भावी पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का एक अनुष्ठान है। जब हमारे विद्यार्थी प्रदेश की धरोहरों, कला और संस्कृति को गहराई से जानते हैं, तो वे भविष्य में मध्यप्रदेश पर्यटन के सच्चे 'ब्रांड एम्बेसडर' बनते हैं। सरकार का यह प्रयास है कि पर्यटन के माध्यम से युवाओं में अपने प्रदेश के प्रति गौरव का भाव निरंतर प्रबल हो।" ज्ञान और पर्यटन का अद्भुत संगम अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व शिव शेखर शुक्ला ने आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि, "इस वर्ष 24 हजार से अधिक विद्यार्थियों की प्रत्यक्ष भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश के युवाओं में अपनी विरासत को जानने की उत्कंठा बढ़ रही है। यह क्विज लर्निंग विथ ट्रैवल की अवधारणा को चरितार्थ करती है। हमारा उद्देश्य है कि विद्यार्थी किताबी ज्ञान से बाहर निकलकर प्रदेश के नैसर्गिक और ऐतिहासिक सौंदर्य को साक्षात अनुभव करें। रोचक राउंड्स और विजेताओं का सम्मान पर्यटन बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविन्द बेडेकर ने बताया कि इस वर्ष क्विज में नवाचार करते हुए तमिलनाडु की संस्था 'क्विज केटेलिस्ट' द्वारा प्रतियोगिता को विभिन्न तकनीकी और दृश्य-श्रव्य (ऑडियो-विजुअल) राउंड्स के माध्यम से अत्यंत रोचक बनाया गया। कार्यक्रम में विजेताओं को मेडल तथा नि:शुल्क टूर पैकेज के कूपन प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही, राज्य स्तर पर पहुँचे सभी 53 जिलों के 159 प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 से निरंतर (कोविड काल को छोड़कर) आयोजित हो रही इस प्रतियोगिता ने अब तक प्रदेश के 20 लाख से अधिक विद्यार्थियों को पर्यटन से जोड़ने का कार्य किया है। आयोजन को सफल बनाने में स्कूल शिक्षा विभाग, स्वराज संस्थान, विक्रमादित्य शोध संस्थान उज्जैन एवं दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। विद्यार्थियों के मार्गदर्शन हेतु डॉ. राजीव अग्रवाल द्वारा एक विशेष प्रेरणा सत्र भी आयोजित किया गया।  

कोल्ड वेव की चेतावनी: MP में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच मौसम ने दिखाई सख्ती

भोपाल  मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के साथ एक बार फिर शीतलहर का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के कई शहरों में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है। इंदौर, उज्जैन और देवास में घने कोहरे के साथ तेज ठंडी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से सड़क यातायात के साथ-साथ हवाई और रेल यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वाहन चालकों को कोहरे के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इंदौर में ठंड का प्रचंड रूप इंदौर में ठंड ने तीखे तेवर दिखाए हैं और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार सुबह शहर का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री के नीचे चला गया और 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य तापमान से 5.8 डिग्री कम है। इससे पहले मंगलवार को दिन का तापमान 26.6 डिग्री था, लेकिन रात भर चली तेज ठंडी हवाओं ने पारे को नीचे गिरा दिया। सुबह के वक्त शहर में घना कोहरा छाया रहा, हालांकि बाद में तेज धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली। मौसम विभाग ने बुधवार को भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, दमोह, सागर और विदिशा में घना कोहरा छाने का अलर्ट जारी किया है। वहीं, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, मंडला, शिवपुरी, श्योपुर, नीमच, मंदसौर में भी कोहरा छाया रहा। कोहरा छाने के दौरान वाहनों को सावधानी से चलाने की समझाइश भी दी गई है। ट्रेन और हवाई सेवाओं पर असर घने कोहरे और कम दृश्यता की मार यातायात व्यवस्था पर पड़ी है। इंदौर आने-जाने वाली कई फ्लाइट्स निरस्त करनी पड़ी हैं और देशभर में कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं। उत्तर भारत, विशेषकर दिल्ली में खराब मौसम और घने कोहरे का सीधा असर मध्य प्रदेश के रेल यातायात पर पड़ा है। दिल्ली से भोपाल और इंदौर की ओर आने वाली ट्रेनें लगातार दूसरे दिन घंटों की देरी से पहुंचीं।  2 दिन में 35 से ज्यादा ट्रेनें लेट, रेलवे बोला- धीमी गति से चला रहे दिल्ली तरफ और उत्तर भारत में घने कोहरे और खराब मौसम का असर लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी रेल यातायात पर देखने मिला। दिल्ली की ओर से भोपाल आने वाली कई ट्रेनें घंटों की देरी से पहुंचीं। सबसे ज्यादा असर लंबी दूरी की ट्रेनों पर पड़ा, जिनमें कुछ ट्रेनें 6 से 7 घंटे तक लेट रहीं। इससे यात्रियों को स्टेशन पर लंबा इंतजार करना पड़ा। रेल अधिकारियों के अनुसार, कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम हो गई है। हालांकि, ट्रेनों में एंटी फॉग डिवाइस लगाए गए हैं, लेकिन उनका असर उतना कारगर नहीं हो पा रहा है, जितना अपेक्षित था। इसी वजह से ट्रेनों की गति कम रखनी पड़ रही है, जिससे देरी बढ़ रही है। भोपाल में पारा रिकॉर्ड 4.8 डिग्री, 10 साल में तीसरी सबसे सर्द रात मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार-मंगलवार की रात प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड लुढ़क गया। भोपाल में सीजन की सबसे सर्द रात रही। यहां तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। साल 2016 से अब तक 10 साल में यह तीसरी सबसे सर्द रात रही। पिछले साल 16 दिसंबर को पारा 3.3 डिग्री दर्ज किया गया था। भोपाल देश का 8वां और मप्र का दूसरा सबसे ठंडा शहर बन रहा। प्रदेश में शाजापुर में सबसे कम तापमान 4.4 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में तापमान 5.4 डिग्री, ग्वालियर-जबलपुर में 9 डिग्री और उज्जैन में 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रीवा, सतना और सीधी में विजिबिलिटी 200 से 500 मीटर तक रही। शाजापुर सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 4.4 डिग्री पहुंच गया। मंदसौर में 4.6 डिग्री, शहडोल के कल्याणपुर, नौगांव-राजगढ़ में 5 डिग्री, पचमढ़ी में 5.2 डिग्री, रीवा में 5.5 डिग्री, रायसेन में 6.5 डिग्री, मलाजखंड में 7.1 डिग्री, उमरिया में 7.2 डिग्री, नरसिंहपुर-खजुराहो में 8 डिग्री, दमोह-मंडला में 8.2 डिग्री, दतिया में 8.3 डिग्री, बैतूल में 8.5 डिग्री, सतना में 8.7 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, गुना में 9.5 डिग्री, छिंदवाड़ा, खरगोन और रतलाम में तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह कोहरा…इसलिए गाड़ी संभलकर चलाने की सलाह प्रदेश में कोहरा छा रहा है। ऐसे में एक्सपर्ट ने लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग करने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने हेल्थ और फसलों को लेकर एडवाइजरी भी जारी की है।     ट्रैफिक – कोहरा होने पर गाड़ी चलाते समय या किसी ट्रांसपोर्ट के जरिए ट्रैवल करते समय सावधान रखें। ड्राइविंग धीरे करें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।     हेल्थ- तेज ठंड होने पर शरीर की गर्माहट बनाए रखने के लिए सिर, गर्दन, हाथ-पैर की उंगलियों को अच्छे से ढंके। फ्लू, सर्दी, खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाए। विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं।     कृषि– जहां मिट्‌टी में पर्याप्त नमी हो, वहां गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें। जहां बुआई हो चुकी है, वहां जरूरत पड़ने पर कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। पिछली फसलों के अवशेष यानी, ठूंठ को कभी न जलाएं। 17 दिसंबर से फिर नया सिस्टम, ठंड बढ़ेगी मौसम विभाग के अनुसार, नए नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) 17 दिसंबर की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है। जिसका असर एमपी में अगले दो-तीन दिन में दिखाई देने लगेगा। इसके पीछे ही एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस आ रहा है। इससे ठंड का असर और भी बढ़ेगा। जेट स्ट्रीम की रफ्तार 222 किमी प्रतिघंटा वर्तमान में जेट स्ट्रीम भी चल रही है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर है। रविवार तक यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 176 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही थी, लेकिन पिछले 2 दिन से यह 222 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच गई है। इसका असर भी एमपी में देखने को मिल रहा है। क्या होती है जेट स्ट्रीम? मौसम एक्सपर्ट की माने तो प्रदेश में ठंड बढ़ने की वजह खास वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इस बार रफ्तार 222 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय … Read more

निर्भया दिवस पर सुरक्षा संकल्प, संवाद एवं सम्मान कार्यक्रम का भव्य आयोजन

नारी शक्ति समाज की धुरी, सुरक्षित पर्यटन और सशक्तिकरण के लिए साझा प्रयास जरूरी : अपर मुख्य सचिव शुक्ला निर्भया दिवस पर सुरक्षा संकल्प, संवाद एवं सम्मान कार्यक्रम का भव्य आयोजन 600 से अधिक युवतियों की उपस्थिति में महिला सुरक्षा और सम्मान का लिया गया संकल्प भोपाल मध्यप्रदेश की संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। वह समाज की धुरी है जो बच्चों में संस्कार, शक्ति और प्रेरणा का संचार करती है। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिए सभी विभाग, स्वयंसेवी संस्थाएं और सेवा प्रदाता मिलकर ऐसा माहौल बनाएं कि प्रदेश में आने वाली पर्यटक महिलाएं और स्थानीय सेवा प्रदाता महिलाएं और अधिक सुरक्षित व सहज महसूस कर सकें। यह विचार अपर मुख्य सचिव गृह, पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व शिव शेखर शुक्ला ने आज अपैक्स भवन में आयोजित 'सुरक्षा संकल्प, संवाद एवं सम्मान' कार्यक्रम में व्यक्त किए। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के रेस्पोंसिबल टूरिज्म मिशन, नारी सशक्तिकरण मिशन (मध्य प्रदेश), संगिनी संस्था, पुलिस विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 'निर्भया दिवस' के अवसर पर इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 600 से अधिक युवतियों ने भाग लिया। महिला सुरक्षा के लिए पुलिस के नवाचार और प्रयास कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (महिला सुरक्षा) अनिल कुमार ने पुलिस विभाग द्वारा संचालित पहलों की जानकारी देते हुए बताया कि निर्भया स्क्वाड, वन स्टॉप सेंटर, ऊर्जा डेस्क और डायल-112 जैसी सेवाएं महिलाओं की सुरक्षा के लिए तत्परता से कार्य कर रही हैं। एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस डॉ. मोनिका शुक्ला ने महिला सुरक्षा में समुदाय की भूमिका और पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। वहीं, पुलिस उपमहानिरीक्षक (सामुदायिक पुलिसिंग) विनीत कपूर ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में अंतरराष्ट्रीय प्रयासों और मध्य प्रदेश पुलिस की सृजनात्मक गतिविधियों व नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की। साइबर सेल के अधीक्षक प्रेम नागवंशी ने उपस्थित युवतियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। आत्मविश्वास और जेंडर संवेदीकरण पर जोर सचिव राज्य महिला आयोग सुरेश तोमर ने जेंडर संवेदीकरण (Gender Sensitization) पर चर्चा करते हुए क्षमता वृद्धि और जन-जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया। महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त संचालक सुनकवी जहां कुरैशी और पर्वतारोही सुज्योति रात्रे ने अपने उद्बोधन में युवतियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखें और किसी भी परिस्थिति में हार न मानें। संगिनी संस्था की प्रमुख डॉ. प्रार्थना मिश्रा ने 'महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना' के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की। सम्मान समारोह और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 50 से अधिक व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। इनमें सृजन और भोपाल टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर की बालिकाएं, सम्मान संस्था इंदौर के राजेंद्र बंधु, सामाजिक कार्यकर्ता मीता वाधवा, रक्षंदा जाहिद, नैनिका और होम स्टे संचालक कीर्ति केवट शामिल थीं। कार्यक्रम में आकर्षण का केंद्र संघरत्ना एवं उनके दल द्वारा प्रस्तुत 'शक्ति आराधना' नृत्य नाटिका रही, जिसने दर्शकों को प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त, पुलिस विभाग द्वारा प्रशिक्षित बालिकाओं ने 'पावर वॉक' का प्रभावी मंचन कर आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी आयोजन स्थल पर पशु पालन विभाग, कौशल विभाग, पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, इम्पैक्ट फॉर न्यूट्रिशन, वार्ड संस्था सहित कई स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा 20 से अधिक स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण की विभिन्न योजनाओं और प्रयासों की जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के अंत में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के संचालक डॉ. डी.पी. सिंह ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।    

बढ़ती मांग पर रेलवे का फैसला: मचिमिपटनम से अजमेर तक दौड़ेगी स्पेशल ट्रेन, मध्यप्रदेश के यात्रियों को बड़ा फायदा

भोपाल यात्रियों की सुविधा और बढ़ती यात्रा मांग को देखते हुए रेलवे द्वारा भोपाल मंडल होकर मचिमिपतनम-अजमेर के बीच एक ट्रिप स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। यह स्पेशल ट्रेन भोपाल मंडल के इटारसी और भोपाल स्टेशनों से होकर गुजरेगी, जिससे मध्य प्रदेश के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। 21 दिसंबर 2025 को करेगी प्रस्थान गाड़ी संख्या 07274 मचिमिपतनम-अजमेर स्पेशल मचिमिपतनम से 21 दिसंबर 2025 को सुबह 10.00 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन दूसरे दिन रात 23.00 बजे इटारसी पहुंचेगी और तीसरे दिन 00.55 बजे भोपाल आगमन के बाद आगे बढ़ते हुए 15.30 बजे अजमेर पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 07275 अजमेर-मचिमिपतनम स्पेशल अजमेर से 28 दिसंबर 2025 को सुबह 08.25 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन रात 21.10 बजे भोपाल तथा 23.30 बजे इटारसी पहुंचेगी और तीसरे दिन सुबह 09.30 बजे मचिमिपतनम पहुंचेगी।   ट्रेन में कुल 24 कोच होंगे इस स्पेशल ट्रेन में कुल 24 कोच होंगे, जिनमें 1 प्रथम श्रेणी वातानुकूलित, 2 एसी टू टियर, 2 एसी थ्री टियर, 10 शयनयान, 7 सामान्य द्वितीय श्रेणी और 2 द्वितीय श्रेणी सह गार्ड ब्रेक वैन शामिल हैं। रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि ट्रेन की समय-सारणी और ठहराव से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए रेलवे स्टेशन, रेल मदद 139 या रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट से संपर्क करें।

उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के समस्त शासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को जारी किए निर्देश

भोपाल  प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। अब आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत प्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की (आभा आईडी) बनाई जाएगी। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग, ने सभी शासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। प्रत्येक शासकीय महाविद्यालय में आभा आईडी निर्माण के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। साथ ही अंतिम वर्ष में अध्ययनरत दो विद्यार्थियों को ABDM चैम्पियन के रूप में नामांकित किया जाएगा, जो इस अभियान के सफल क्रियान्वयन में सहयोग करेंगे। नियुक्त नोडल अधिकारी एवं ABDM चैम्पियन को आयुष्मान भारत मिशन द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी शासकीय महाविद्यालयों से शासन के निर्देशों का गंभीरता से पालन करते हुए विद्यार्थियों के आभा आईडी निर्माण को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है, जिससे विद्यार्थी डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से सीधे जुड़ सकें। क्या है आभा आईडी आभा आईडी एक डिजिटल हेल्थ आईडी है। जिसके माध्यम से विद्यार्थी अपने स्वास्थ्य से संबंधित सभी जानकारियां जैसे डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन, जांच रिपोर्ट, दवाओं का विवरण आदि को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रख सकते हैं। भविष्य में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने में यह आईडी अत्यंत उपयोगी साबित होगी। 

अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का आयोजन आज से 23 दिसम्बर तक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लाल परेड ग्राउण्ड, भोपाल में बुधवार 17 दिसम्बर को शाम 5 बजे अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "लघु वनोपज हमारी शान'' गान का विमोचन एवं एम.एफ.पी.-पार्क के 'लोगो' के अनावरण के साथ ही एम.एफ.पी.-पार्क द्वारा निर्मित वेलनेस किट का विमोचन भी करेंगे। अंतर्राष्ट्रीय वन मेला कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार, अपर मुख्य सचिव एवं प्रशासक मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज श्री अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही.एन. अम्बाडे और प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज डॉ. समीता राजौरा उपस्थित रहेंगे। वन विभाग एवं मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित के संयुक्त तत्वावधान में 'समृद्ध वन खुशहाल जन' थीम पर अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का आयोजन 17 से 23 दिसम्बर तक किया जा रहा है। मेले में 17 दिसम्बर को पारम्परिक नृत्य डिण्डोरी, 18 दिसम्बर को स्टार्ट-अप कॉन्क्लेव, परम्परागत वैद्य‍कार्यशाला, छात्र-छात्राओं द्वारा सोलो गायन एवं समूह गायन, योगा-शो, कथक नृत्य की प्रस्तुति, बॉयो-डायवर्सिटी बोर्ड द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता और ऑर्केस्ट्रा सम्राट म्यूजिकल ग्रुप, 19 दिसम्बर को छात्र-छात्राओं द्वारा फैंसी ड्रेस/सोलो एक्टिंग, ध्रुपद गायन, कबीर वाणी, ऑर्केस्ट्रा (जे.के. म्यूजिकल ग्रुप) और विरासत सूफी की म्यूजिकल प्रस्तुति, 20 दिसम्बर को छात्र-छात्राओं द्वारा चित्रकला, बुंदेली गायन, राजस्थानी लोक नृत्य, ऑर्केस्ट्रा (सरगम म्यूजिकल ग्रुप), मानसरोवर कॉलेज द्वारा फ्लैश मॉब और एक शाम वन विभाग के नाम (फॉरेस्ट मेलोडी) द्वारा सरगम म्यूजिकल ग्रुप, 21 दिसम्बर को छात्र-छात्राओं द्वारा सोलो डांस एवं समूह डांस, कठपुतली-शो, पंजाबी भांगड़ा की प्रस्तुति और ऑर्केस्ट्रा (हंस धवानी म्यूजिकल), 22 दिसम्बर को छात्र-छात्राओं द्वारा इंस्ट्रूमेंटल प्रस्तुति, लोक प्रस्तुति, पारम्परिक चिकित्सकों, डॉक्टरों और फील्ड अधिकारियों के साथ परिचर्चा, बॉयो-डायवर्सिर्टी बोर्ड द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता (फाइनल) और ऑर्केस्ट्रा (चित्रांश म्यूजिक) एवं विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम और 23 दिसम्बर को मेला समापन समारोह, पुरस्कार वितरण, पारम्परिक नृत्य झाबुआ और ऑर्केस्ट्रा आयुष म्यूजिकल ग्रुप के कार्यक्रम होंगे।  

सरेंडर नक्सलियों के इनपुट पर बड़ी कार्रवाई, बालाघाट जंगल से लाखों रुपये और हथियार मिले

बालाघाट नक्सल विरोधी अभियान के तहत बालाघाट जिले में पुलिस और सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से मिली अहम जानकारी के आधार पर जंगलों में छिपाए गए नक्सली डंप का खुलासा हुआ है। सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने 11 लाख 57 हजार 385 रुपये नकद के साथ भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की है। जिले में यह पहला मौका है जब किसी नक्सली डंप से इतनी बड़ी नकदी हाथ लगी है।  पुलिस ने प्रेस को इस कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार नवंबर से दिसंबर के बीच अलग-अलग समय पर कुल 13 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। इनमें एक, दस और दो नक्सलियों के अलग-अलग समूह शामिल थे। आत्मसमर्पण के बाद पूछताछ के दौरान इन नक्सलियों ने जिले के विभिन्न जंगली इलाकों में छिपाए गए डंप के बारे में सुराग दिए। सूचना के आधार पर पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने जंगल में सघन तलाशी अभियान चलाया। अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखे गए नक्सली डंप को बरामद किया गया। आधुनिक हथियार और विस्फोटक बरामद बरामद सामग्री में चार सेमी-ऑटोमैटिक राइफल, एक ग्रेनेड लॉन्चर, एक बोल्ट एक्शन राइफल और आठ पंप एक्शन सिंगल शॉट राइफल शामिल हैं। इसके अलावा एक देसी कट्टा, 451 राउंड कारतूस और 26 मैगजीन भी मिली हैं। क्लेमोर माइंस और डेटोनेटर भी मिले पुलिस के मुताबिक डंप से क्लेमोर माइंस पाइप, 500 ग्राम बारूद, करीब 16 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री, 22 मेटल स्पाइक्स, दो किलोग्राम बोल्ट व छर्रे बरामद किए गए हैं। साथ ही पांच इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, वोल्ट मीटर, बैटरी सेल, स्टेथेस्कोप, बीपी मशीन और जीवन रक्षक दवाएं भी जब्त की गई हैं। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई नक्सलियों की आर्थिक और सैन्य ताकत को बड़ा झटका है। जिले में नक्सल गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।