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जबलपुर में संदिग्ध जमाती पकड़े गए, पठानी मोहल्ला की ओर जा रहे थे, पुलिस ने थाने लाकर की कार्रवाई

जबलपुर  पनागर में रविवार को सात जमाती मिले। उनके पास बड़े-बड़े कई बैग थे, जिनके अंदर मुस्लिम धर्म से संबंधित साहित्य रखे थे। हिंदू संगठनों ने जमातियों को छिपते हुए पनागर पहुंचते देखा। गतिविधि संदिग्ध प्रतीत होने पर बातचीत का प्रयास किया। उनका व्यवहार और भाषा अजीब लगने पर हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस को बुलाया। पुलिस जमातियों को पकड़कर थाने ले गई। उनके बैग के सामान, पहचान पत्र की जांच की गई है। पूछताछ में जमातियों ने दिल्ली से जबलपुर आने और फिर पन्ना जाने की जानकारी दी। उनके प्रवास के दौरान गतिविधियों के बारे में और वे जबलपुर और पनागर में किनसे मिले हैं, इसके बारे में पूछताछ की जा रही है। एक साइकिल और 20 से ज्यादा बड़े बैग बजरंग दल के कार्यकर्ता रविवार को दोपहर में पनागर के शिशु मंदिर के पास एक गोशाला में थे। तभी उन्होंने देखा कि पठानी मोहल्ला की ओर से सात लोग जा रहे हैं। इनके पास एक पुरानी साइकिल और 20 बड़े थैले थे। अपरिचित चेहरे और बड़े-बड़े थैले देखकर संगठन के कार्यकर्ताओं ने रोका। आरोप है कि पनागर में उनका कोई कार्यक्रम नहीं था। फिर भी पठानी मोहल्ले पहुंचे थे। जमातियों की भाषा भी अजीब है। गोहलपुर की मस्जिद में ठहरे, पन्ना जा रहे थे पुलिस पूछताछ में जमातियों ने बताया कि वे दिल्ली से बस से झांसी पहुंचे थे। उसके बाद सागर और फिर शुक्रवार को जबलपुर पहुंचे थे। जबलपुर में जमाती गोहलपुर की एक मस्जिद में रुके थे। जिन जमातियों से पूछताछ की गई है उनमें मोहम्मद इमरान, शाहिद अली, मोहम्मद उमर, सुहैल अरशी, मोहम्मद अरशद, शाहबुद्दीन और महमूद खान शामिल हैं। इनमें से कुछ ने स्वयं को पूर्वी दिल्ली और कुछ ने झांसी का निवासी होना बताया है।

भोपाल AIIMS: डॉ. रश्मि के आत्महत्या प्रयास में ब्रेन डैमेज, डॉ. यूनुस को HOD पद से हटाया गया

भोपाल  राजधानी भोपाल में स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा द्वारा आत्महत्या का प्रयास करने के मामले में संस्थान में हड़कंप मचाकर रख दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई लेवल कमेटी गठित की गई है, जो इस पूरे मामले की जांच करेगी। साथ ही, ट्रॉमा एवं इमरजेंसी विभाग के हेड ऑफ डिपार्टमेंट (HOD) डॉ. यूनुस को उनके पद से हटा दिया गया है। आपको बता दें कि, ये हैरान कर देने वाली घटना 11 दिसंबर की रात की है। यहां डॉ. रश्मि वर्मा ड्यूटी पूरी कर घर लौटने के बाद एनेस्थीसिया की हाई डोज खुद को इंजेक्ट कर लिया था। इससे उनका दिल करीब 7 मिनट तक बंद रहा, जिससे उनके दिमाग को गंभीर नुकसान पहुंचा है। एमआरआई रिपोर्ट में ग्लोबल हाइपोक्सिया ब्रेन डैमेज की पुष्टि हुई है। मौजूदा समय में डॉ. रश्मि वर्मा वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। इलाज में जुटे चिकित्सकों की मानें तो उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। HOD पद से हटाए गए डॉ. यूनुस एम्स प्रबंधन और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच आपात बैठक हुई, जिसमें मामले की गहन जांच के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान चर्चा हुई कि, डॉ. यूनुस पर पहले भी डॉक्टरों को प्रताड़ित करने के आरोप लग चुके हैं, जिसके चलते उन्हें पद से हटाया गया है। संस्थान के सूत्रों के अनुसार, कार्यस्थल पर तनाव और प्रताड़ना के आरोपों की जांच की जा रही है। एम्स प्रबंधन ने मामले पर संवेदनशीलता दिखाते हुए सभी पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है।

भोपाल के पास मंडीदीप में हाई टेंशन लाइन को लेकर विरोध, नहार स्पिनिंग मिल्स के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन

भोपाल के पास मंडीदीप में हाई टेंशन लाइन को लेकर विरोध, नहार स्पिनिंग मिल्स के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन मंडीदीप,रायसेन  नहार स्पिनिंग मिल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अपनी दूसरी यूनिट खोलने की तैयारी के तहत नेशनल हाईवे नंबर 46 को क्रॉस करते हुए हाई टेंशन पावर लाइन ले जाए जाने का स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया है। इस प्रस्तावित हाई टेंशन लाइन को लेकर क्षेत्र के मजदूरों और रहवासियों ने अपनी जान को खतरा बताते हुए आपत्ति जताई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे के ऊपर से और रिहायशी इलाके के नजदीक से गुजरने वाली हाई टेंशन लाइन से हमेशा हादसे की आशंका बनी रहेगी। इसी चिंता को लेकर आज मंडीदीप इलाके में नहार कंपनी के खिलाफ मजदूरों और स्थानीय नागरिकों ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने अपने हाथों में तिरंगा झंडा लेकर वंदे मातरम के नारे लगाए और देशभक्ति गीत गाकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि कंपनी इस हाई टेंशन लाइन को वैकल्पिक और सुरक्षित मार्ग से ले जाए या फिर स्थानीय लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस योजना पर पुनर्विचार करे।  इस पूरे मसले पर नहार कंपनी से बात करनी चाही तो उन्होंने इस पर कुछ भी बोलने से बचते हुए मिलने से ही इनकार कर दिया. सवाल ये है कि क्या किसी भी फैक्ट्री के ऊपर से हाइ पावर एक्सटेंशन लाइन ले जाई जा सकती है..? अगर भविष्य में इससे कोई दुर्घटना होती है तो जिम्मेदार कौन होगा..? क्या इसके लिए नेशनल हाइवे ऑटोरिटी और पावर डिपार्टमेंट से परमिशंस ली गई हैं..? क्या जिस प्राइवेट लैंड पर विशालकाय गड्ढे किए जा रहे हैं उन लैंड ओवर्स की परमिशन ली गई हैं..?  और सबसे बड़ा सवाल अलग फैक्ट्री डालने के लिए कंपनी अलग पावर स्टेशन क्यों नहीं बना रही है.?? इस तरह के कई सवाल हवा में तैर रहे हैं और जल्द ही इन सवालों की जवाबदेही तय नहीं हुई तो भविष्य में इस हाइटेंशन लाइन की वजह से संभावित हादसों की आशंका बढ़ती हुई नजर आ रही है. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से भी हस्तक्षेप की मांग की है ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से पहले इस मामले का समाधान निकाला जा सके। फिलहाल विरोध शांतिपूर्ण रहा और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति नहीं बनी…!

मध्य प्रदेश में सीजन का पहला कोहरा, मुरैना-रायसेन में 50 मीटर की विजिबिलिटी, 14 जिलों में अलर्ट जारी

भोपाल  मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड के साथ अब घना कोहरा भी अपना असर दिखाने लगा है। सोमवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में सीजन का पहला घना कोहरा देखने को मिला, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मुरैना ज़िले में कँपकँपाती सर्द हवाओं के बीच घने कोहरे ने डेरा डाल दिया, जहाँ दृश्यता घटकर मात्र 50 मीटर रह गई। यहाँ न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस मापा गया। इसी तरह, रायसेन ज़िले में भी कोहरे की मोटी चादर बिछ गई, जिससे दृश्यता 50 मीटर तक सिमट गई और सड़कों पर वाहनों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा। राजधानी भोपाल समेत टीकमगढ़ में भी तेज ठंड के माहौल में कोहरे का आगमन दर्ज किया गया। इस बीच, मौसम विभाग ने आगामी घंटों के लिए चेतावनी जारी की है। ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर और रीवा संभाग के कुल 14 ज़िलों में घने कोहरे का अलर्ट घोषित किया गया है। अलर्ट वाले जिलों में ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं। इससे एक दिन पहले, रविवार को भी प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में कोहरा छाया रहा। वहीं, प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन, पचमढ़ी, 5.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ राज्य में सबसे ठंडा स्थान बना रहा। मुरैना जिले में सुबह से ही सर्द हवाओं के साथ घना कोहरा छाया रहा। यहां विजिबिलिटी घटकर करीब 50 मीटर रह गई। जिले में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री और अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं रायसेन में भी इस मौसम का पहला घना कोहरा देखने को मिला। कोहरे के कारण वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। राजधानी भोपाल में भी ठंड के साथ कोहरे की दस्तक हुई, जबकि टीकमगढ़ में भी मौसम का पहला कोहरा दर्ज किया गया। दूसरी ओर, तापमान में भी खासी गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश के पांच बड़े शहरों में भोपाल सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर में 6.6 डिग्री, ग्वालियर में 9.1 डिग्री, उज्जैन में 9.3 डिग्री और जबलपुर में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश में सबसे ठंडे स्थान पचमढ़ी और राजगढ़ रहे, जहां तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।इसके अलावा बैतूल में 5.8 डिग्री, उमरिया में 7 डिग्री, रीवा में 7.5 डिग्री, रायसेन में 7.6 डिग्री, मलाजखंड और नौगांव में 7.8 डिग्री, खजुराहो में 8.1 डिग्री, नरसिंहपुर में 8.2 डिग्री, दमोह और मंडला में 8.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 8.6 डिग्री, टीकमगढ़ में 8.9 डिग्री, सतना में 9.6 डिग्री और गुना में 9.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। 17 दिसंबर से फिर नया सिस्टम, ठंड बढ़ेगी मौसम विभाग के अनुसार, नए नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) 17 दिसंबर की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है। जिसका असर एमपी में अगले दो-तीन दिन में दिखाई देने लगेगा। इससे ठंड का असर फिर से बढ़ जाएगा। पचमढ़ी सबसे ठंडा रविवार को भी प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में कोहरा छाया रहा। प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 17 दिसंबर से फिर बदलेगा मौसम मौसम विभाग के मुताबिक, 17 दिसंबर की रात से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसका असर अगले दो-तीन दिनों में मध्यप्रदेश में दिखाई देगा, जिससे ठंड और बढ़ने की संभावना है। पचमढ़ी-कल्याणपुर सबसे ठंडे, भोपाल में 7 डिग्री पहुंचा पारा मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार-रविवार की रात में प्रदेश के अधिकांश शहरों में पारा 10 डिग्री से कम रहा। 5 बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 6.4 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 7 डिग्री, जबलपुर में 9.4 डिग्री, ग्वालियर-उज्जैन में 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, पचमढ़ी प्रदेश में सबसे ठंडा रहा और यहां तापमान 5.2 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़-कल्याणपुर में 5.6 डिग्री, शाजापुर में 6.1 डिग्री, मंदसौर में 6.7 डिग्री, रीवा-उमरिया में 7.2 डिग्री, मलाजखंड में 7.4 डिग्री, खजुराहो में 8.2 डिग्री, नौगांव में 8.3 डिग्री, रायसेन-दतिया में 8.4 डिग्री, मंडला में 8.5 डिग्री, बैतूल में 8.7 डिग्री, नरसिंहपुर, टीकमगढ़-दमोह में 9 डिग्री, खंडवा में 9.4 डिग्री और सतना में 9.6 डिग्री दर्ज किया गया।

पांच राज्यों के शहरी विकास रोडमैप पर भोपाल में बड़ा मंथन, मनोहर लाल खट्टर होंगे शामिल

भोपाल मध्य प्रदेश सहित पांच राज्यों में शहरी विकास की नई योजनाएं भोपाल में बनाई जाएंगी। इसे लेकर 20 दिसंबर को भोपाल में क्षेत्रीय बैठक बुलाई गई है। इसमें केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर शामिल होंगे। यहां आयोजित की गई है बैठक कुशाभाऊ ठाकरे सभागार भोपाल में आयोजित बैठक में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के शहरी विकास का रोडमैप तैयार कर चुनौतियों व समाधान पर भी बात होगी। मध्य प्रदेश की ओर से दिया जाएगा ये ब्योरा इन पांच राज्यों के अधिकारी और मंत्री बैठक में शामिल होंगे। बैठक में पांचों राज्य अपने नवाचार और शहरी विकास में क्या काम किए, यह भी बताएंगे। मध्य प्रदेश की ओर से पीएम आवास, लीगेसी वेस्ट जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं में अब तक कितना काम हुआ और शहरी विकास में राज्य सरकार ने क्या काम किए, इनका ब्योरा दिया जाएगा। 20 दिसंबर से भोपाल में भी मेट्रो आम लोगों के लिए दौड़ने लगेगी वहीं, भूमि विकास नियम में संशोधन के साथ ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट और मेट्रोपॉलिटन सिटी की प्रगति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। 20 दिसंबर से भोपाल में भी मेट्रो आम लोगों के लिए दौड़ने लगेगी। लोकार्पण कार्यक्रम मिंटो हॉल में होगा इसका लोकार्पण कार्यक्रम मिंटो हॉल में ही होगा। इसके बाद केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुभाष नगर मेट्रो डिपो या एम्स मेट्रो स्टेशन जाकर मेट्रो ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। एमपी मेट्रो कारर्पोरेंशन के एमडी एस. कृष्ण चैतन्य ने बताया कि 20 दिसंबर को भोपाल मेट्रो का लोकार्पण किया जाएगा। शासन ने लोकार्पण की तारीख आधिकारिक रूप से तय कर दी है और मेट्रो प्रबंधन को इसकी औपचारिक सूचना भेज दी गई है। लोकार्पण कार्यक्रम का आयोजन मिंटो हाल में दिन के समय होगा।   7.5 किलोमीटर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो चलाई जाएगी बता दें कि पहले चरण में ऑरेंज लाइन के 7.5 किलोमीटर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो चलाई जाएगी। यह रूट एम्स मेट्रो स्टेशन से लेकर सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन तक रहेगा। इस रूट के शुरू होने से हजारों यात्रियों को रोजाना राहत मिलेगी और दोनों प्रमुख स्टेशनों के बीच यात्रा समय भी काफी घटेगा। पीएम मोदी कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हो सकते हैं वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम मध्य प्रदेश मेट्रो कार्पोरेशन द्वारा आयोजित किया जा रहा है।

संजय गांधी अस्पताल में नवजात की आग से मौत, प्रशासन ने 11 घंटे तक घटना को छिपाए रखा, अधीक्षक का विवादित बयान

रीवा  रीवा में संजय गांधी अस्पताल में एक गंभीर घटना सामने आई है. यहां अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में आग लग गई. आग लगने के दौरान सर्जरी के बाद ऑपरेशन थिएटर में रखे एक नवजात बच्चे का शव आग की लपटों में घिर गया और बुरी तरह जल गया, जिससे उसकी मौत हो गई. आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने लगभग 11 घंटे तक इस घटना को छिपाए रखा और परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी. अस्पताल के ओटी में लगी आग दरअसल, रविवार को दोपहर करीब 1 बजे संजय गांधी अस्पताल के गायनेकोलॉजी वार्ड में आग लग गई, जिससे अफरा-तफरी और दहशत फैल गई. अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में एक नवजात बच्चा बुरी तरह जल गया. सूत्रों के अनुसार, अस्पताल प्रशासन ने इस गंभीर घटना को करीब 11 घंटे तक छिपाए रखा और बच्चे का शव परिवार को नहीं सौंपा. आधी रात के आसपास जब मामला ऊंचे अधिकारियों तक पहुंचा तब अस्पताल प्रशासन ने पुष्टि की कि नवजात का शव जल गया था. अस्पताल के अधीक्षक ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ था. इसी बीच OPD एरिया में भी आग लग गई, जिससे पूरे अस्पताल में दहशत फैल गई. वहीं संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि नवजात मृत अवस्था में पैदा हुआ था। उनके अनुसार, मृत बच्चे को पॉलिथीन में रखा जा रहा था, तभी शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। इस घटना में नवजात का शव झुलस गया। अस्पताल प्रशासन ने किसी भी प्रकार की जनहानि से इनकार किया है। आधी रात सच्चाई उजागर गोविंदगढ़ के गहरा गांव की निवासी कंचन साकेत का आपरेशन किया गया था। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने अपनी लापरवाही छिपाने की कोशिश की और बच्चे के शव को चादर में छिपाकर ले जाया गया। जब मामला सामने आया और उच्च स्तर तक पहुंचा, तब देर रात सच्चाई उजागर हुई। डिप्टी सीएम बोले- बच्चे की जानकारी नहीं दी   इधर, डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें केवल आग लगने की सूचना दी थी। नवजात के शव के जलने की जानकारी नहीं दी गई। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। खास बात यह है कि संजय गांधी अस्पताल के पास फायर एनओसी नहीं होने की जानकारी डिप्टी सीएम तक को थी। इसके बावजूद समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस लापरवाही ने अस्पताल प्रबंधन की भूमिका को और संदिग्ध बना दिया है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। आग लगने के कारणों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। अस्पतालों की सुरक्षा पर सवाल इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। संजय गांधी अस्पताल, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और गांधी स्मारक अस्पताल इन तीनों के पास फिलहाल फायर एनओसी नहीं है। ये तीनों ही अस्पताल नगर निगम के फायर सेफ्टी मानकों को पूरा नहीं करते हैं।  परिजनों के आरोप, मामला पहुंचा उच्च स्तर तक जानकारी के मुताबिक, गोविंदगढ़ के गहरा गांव की निवासी कंचन साकेत का ऑपरेशन किया गया था। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने अपनी लापरवाही छिपाने की कोशिश की और बच्चे के शव को चादर में छिपाकर ले जाया गया। जब मामला सामने आया और उच्च स्तर तक पहुंचा, तब देर रात सच्चाई उजागर हुई। डिप्टी सीएम बोले- नवजात के शव की जानकारी नहीं दी गई मामले में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें केवल आग लगने की सूचना दी थी। नवजात के शव के जलने की जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। आग लगने के कारणों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या केवल जांच से जिम्मेदारी तय होगी या लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। निगमायुक्त बोले- हादसा हुआ तो हमारी जिम्मेदारी नहीं नगर निगम आयुक्त सौरभ सोनवड़े पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि निगम की ओर से अस्पताल प्रबंधन को कई बार नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन अब तक फायर एनओसी के पैमाने पूरे नहीं किए गए। उनका कहना है कि चेतावनी दी जा चुकी है, इसलिए आगजनी की स्थिति में नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं होगी।

मंत्री परमार ने जिले के विकास कार्यों में गति लाने के दिए निर्देश

दमोह जिले के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार : प्रभारी मंत्री परमार मंत्री परमार ने जिले के विकास कार्यों में गति लाने के दिए निर्देश प्रभारी मंत्री परमार की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक हुई संपन्न समिति के सदस्यों ने रखे अपने महत्वपूर्ण सुझाव, प्रभारी मंत्री ने दिए आवश्यक निर्देश भोपाल दमोह जिले में नरवाई प्रबंधन के लिए जनप्रतिनिधियों ने तीन गांव बोतराई, सदगुवां और लुहर्रा गांव को चयनित किया है और यहां पर नरवाई प्रबंधन पर कार्य किया जाएगा। जिले में प्लंबर का प्रशिक्षण शुरू कराया जाये और इसका प्रस्ताव दिया जाये, सोलर की भी ट्रेनिंग प्रारंभ कराई जाये। पॉलिटेक्निक और आईटीआई दोनों जगह, इस पर काम प्रारंभ कराये जायें। आने वाला समय सोलर एनर्जी का ही रहेगा। आगामी बैठक सिंचाई और पेयजल पर रखी जाये, जिसमें यह सुनिश्चित किया जायेगा की हर जगह अंतिम छोर तक पानी की व्यवस्था सुनिश्चित रहे। इस आशय की बात प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार ने रविवार को, कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में कही। जिले के प्रभारी मंत्री परमार ने जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में जिले में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन व समयबद्ध सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार के सफलतम 2 वर्ष पूर्ण होने पर जिले के विकास के लिये किये गये प्रयासों, उपलब्धियों पर गहन चर्चा की गई, निर्देशानुसार कार्यवाई की जाये। प्रभारी मंत्री परमार ने कहा पीजी कॉलेज में एक उन्नत लाइब्रेरी बनाई जाये और इसकी राशि उपलब्ध करा दी जाएगी, इसका तत्काल प्रस्ताव बनाकर भेजा जाये। इस लाइब्रेरी में महाविद्यालय के विद्यार्थियों के अलावा जो विद्यार्थी प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, वह भी आकर यहां अध्ययन कर सकेंगे। उन्होंने जिले में महिलाओं के लिए दोना पत्तल के काम समूह से जोड़कर कराए जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा दोना पत्तल की आज हर जगह काफी डिमांड है, इस दिशा में तेजी से काम प्रारंभ किए जायें, प्लास्टिक के उपयोग को हतोत्साहित किया जाये, लोगों में जन जागृति पैदा की जाये और प्लास्टिक के नुकसान से अवगत कराया जाये। परमार ने कहा प्लास्टिक से गंभीर बीमारियां पैदा हो रही है। बैठक में बताया गया अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के युवा जो शिक्षक, प्राध्यापक बनना चाहते हैं, उन्हें कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाये ताकि वह सफल हो सके, विशेष कर मैथ्स इंग्लिश के बड़ी संख्या में पद खाली है, उन्हें भरा जा सकेगा । जिले के जिन स्कूलों में पहुंचने में वर्षा के दिनों में बच्चों को दिक्कतें पहुंचती है वहां पर ग्रेवल सड़क प्राथमिकता से बनवा दी जाए। दमोह शहर में पेयजल लाइन डालने के लिए जहां सड़के खोदी गई है, पुर्ननिर्माण का कार्य तेजी से कराये जाये नगर पालिका अधिकारी इसे तत्काल सुनिश्चित करायें। उन्होंने बैठक के दौरान समिति के सदस्यों से कहा खाद वितरण की टोकन व्यवस्था जिले में प्रारंभ की गई है, इसका किस तरह का रिस्पांस है। बैठक में मौजूद सदस्यों ने बताया कि यह प्रणाली बहुत अच्छी है, जबसे टोकन मिला है लाइन में लगने से मुक्ति मिल गई है, व्यवस्था बेहतर है। प्रभारी मंत्री ने प्रत्येक गांव की सिंचाई की मैपिंग के संबंध में कहा यह काम तेजी से किया जाये जिस पर जिला कलेक्टर द्वारा बताया गया की कार्य मैपिंग का शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया केन बेतवा परियोजना के तहत सर्वे का काम तेज गति से चल रहा है अगले तीन माह में डीपीआर और सर्वे हो जायेगा। बैठक में पूर्व वित्तमंत्री एवं दमोह विधायक जयंत कुमार मलैया ने सड़कों पर सब्जी बाजार के संबंध में अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिये। उन्होंने कहां 15-15 लाख की लागत से पांच प्रसाधन के निर्माण के लिए राशि शासन से मिली है, इसके टेंडर किए जाकर शीघ्र निर्माण सुनिश्चित करने चाहिए। बैठक में सतेंद्र सिंह लोधी ने 7 से 11 जनवरी तक आयोजित होने वाले फिल्म फेस्टिवल की विस्तार से जानकारी दी। बैठक के प्रारंभ में कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया कि सागर-दमोह मार्ग की स्वीकृति हाल ही में मंत्रिपरिषद की बैठक में दी गई है, जिसके तहत 2059.85 करोड़ रुपए से फोर लाइन मार्ग बनाया जायेगा। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व को चीतों के तीसरे रहवास के रूप में विकसित किया जायेगा। कोचर ने बताया मेडिकल कॉलेज दमोह के लिए 330 नियमित और 205 आउटसोर्स पर पद स्वीकृत किए गए हैं, साथ ही झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना 165.006 करोड़ की स्वीकृति दी गई है, इससे तेंदूखेड़ा तहसील के 17 गांवों में सिंचाई होगी। कलेक्टर कोचर ने बताया कि पीएम सूर्य घर योजना अंतर्गत जिले में 829 लाख सब्सिडी से पीएम सूर्य घर योजना अंतर्गत 1063 घरों में सोलर यूनिट स्थापना का कार्य नवंबर 2025 में किया गया, जिसमें स्वयं की बिजली बनाकर घरेलू उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा विगत दो वर्षों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 6 पुलों का निर्माण कार्य किया गया है। यह भी बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत संपर्क विहीन सर्वे कार्य पूर्ण किया गया है, जिसमें 241 संपर्क विहीन बसाहटों का चिंन्हांकन किया गया है। मुख्यमंत्री मजरा टोला योजना तहत 100 तक की आबादी का संपर्क विहीन बसाहटों का सर्वे की भी किया गया है ,जिसमें कुल 82 संपर्क विहीन बसाहटें शामिल की गई है। कलेक्टर कोचर ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि जिले में 2023 में निर्मित सीतानगर सिंचाई परियोजना द्वारा 16200 हेक्टर सिंचाई क्षेत्र में सिंचाई की गई है, जिसके माध्यम से दमोह एवं पथरिया तहसील के 51 ग्रामों में एक हेक्टर तक के चक में पाइप लाइन के माध्यम से पानी पहुंच रहा है। जिले में परियोजना का कार्य 95% पूर्ण हो गया है, आगामी तीन-चार माह में पूर्ण प्रस्तावित है, इसके माध्यम से 7620 सेक्टर क्षेत्र में सिंचाई पाइपलाइन के माध्यम से होगी। कलेक्टर कोचर ने बताया कि लाडली लक्ष्मी योजना अंतर्गत 91000 से अधिक बेटियां लाभान्वित हो रही है और लाड़ली बहन योजना अंतर्गत 245000 से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही है। औद्योगिक निवेश और कौशल विकास तथा रोजगार के संबंध में कलेक्टर ने बताया युवा संगम के माध्यम से 7000 से अधिक युवाओं … Read more

नाबार्ड के सुरेश कुमार साहू का फोकस: प्रदेश में सहकारी संरचना को मजबूत बनाने के प्रयास

भोपाल  अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कालेज, भोपाल में अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता की अध्यक्षता, नाबार्ड के महाप्रबंधक सुरेश कुमार साहू, उप महाप्रबंधक नन्दू नायक,अपेक्स बैंक के प्राचार्य पी.एस.तिवारी, वि.क.अ अरुण मिश्र, उप महाप्रबंधक के.टी.सज्जन, सहायक महाप्रबंधक अरविंद बौद्ध, विषय विशेषज्ञ अमूल राहंणेकर, चार्टड अकाउंटंट की उपस्थित में *नाबार्ड की साफ्टकेब पालिसी के अन्तर्गत अपेक्स बैंक के अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए सहकारी बैंकों पर लागू सभी कराधान पर एक दिवसीय कार्यशाला एवं कांफ्रेंस हाल का उद्घाटन किया । अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता ने कहा कि आप लोग सचमुच भाग्यवान हैं कि आपको प्रदेश के किसानों की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है, इसलिए आप सभी आज के इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम में पूर्ण मनोयोग से ज्ञान अर्जित कीजिए,  यदि किसी प्रकार की जानकारी आप चाहते हैं तो उसे जरूर पूछिये, ताकि विषय विशेषज्ञ आपको उसकी जानकारी से अवगत करा सकें। गुप्ता ने कहा कि हमारा प्रयास इस प्रशिक्षण संस्थान को देश में सर्वश्रेष्ठ बनाने का है।  हमारा प्रयास बेहतर माहौल व आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण वातावरण में आप सभी को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करना है, इसी कड़ी में आज इस कांफ्रेंस हाल का उद्घाटन हुआ है। आपसे अपेक्षा है कि आप पैक्स के सुदृढ़ीकरण हेतु व्यवसाय के विविधीकरण पर सार्थक प्रयास करेंगे । नाबार्ड के महाप्रबंधक सुरेश कुमार साहू ने प्रदेश में अल्पकालीन सहकारी संरचना को सुदृढ़ीकरण बनाने के प्रयास करने पर जोर दिया। आरंभ में अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कालेज के प्राचार्य पी.एस.तिवारी अतिथियों का स्वागत एवं आयोजन की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए अवगत कराया कि प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक के दूरदर्शी व सकारात्मक दृष्टिकोण व नाबार्ड के सहयोग से प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर व संख्या दुगनी होने में हमें सफलता प्राप्त हुई है और नाबार्ड के लखनऊ स्थित संस्थान "बर्ड" ने हमें "ए" एक्रिडेशन प्रदान किया है । आभार प्रदर्शन संकाय सदस्य आर.के.दुबे ने किया।

विकास कार्यों की रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री को: सांसद और विधायक सौंपेंगे कामकाज का लेखा-जोखा

भोपाल मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार की दो वर्ष उपलब्धियां जनता को बताई जाएंगी। प्रभारी मंत्रियों ने शनिवार को अपने-अपने जिलों में पत्रकारवार्ता कर बताया कि मोहन सरकार ने दो साल में क्या काम किए गए हैं इसकी जानकारी जनता को दी जाएगी। सरकार की उपलब्धियों के अलावा मंत्री अपने-अपने विभागों के कामकाज का ब्योरा भी जनता के बीच रखेंगे। इसके अलावा सांसदों और विधायकों ने अपने क्षेत्रों में दो साल में क्या काम किए हैं इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अवगत कराएंगे।   सीएम ने चार साल का रोडमैप बनाने के लिए कहा था दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधायकों को चार साल का रोडमैप बनाने के लिए कहा था। वहीं विधायकों ने अपनी निधि का जनकल्याण में कितना उपयोग किया, इसकी रिपोर्ट भी तैयार की गई है। यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। भाजपा के मोर्चा प्रकोष्ठों की भी जिम्मेदारी तय की गई कि वे मोहन सरकार द्वारा किसान, युवा, महिला, एससी, एसटी और अन्य वर्गों के लिए किए गए कार्यों को उन वर्गों के बीच जाकर बताएं। 25 दिसंबर तक चलेगा कार्यक्रम पार्टी कार्यकर्ता जन-जन तक भाजपा सरकार की उपलब्धियों को बैठकों, संगोष्ठियों और संपर्क अभियान के जरिए पहुंचाएंगे। यह कार्यक्रम 25 दिसंबर तक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती तक चलेगा। भाजपा इस वर्ष को देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का शताब्दी वर्ष के रूप में मना रही है। उनके जन्मदिवस 25 दिसंबर को प्रदेश भर में बूथ स्तर पर सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाएगा। 25 सितंबर से 25 दिसंबर तक आयोजित ‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान’, जो पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती से जुड़ा है, उसको भी बूथ स्तर पर मजबूत रूप से मनाया जाएगा। बताएगी भाजपा, वर्षों कांग्रेस की सरकार रही पर कुछ नहीं किया डॉ. मोहन यादव सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर भाजपा प्रदेश कार्यालय में हुई बैठक में तय किया गया है कि पार्टी कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर बताएंगे कि आजादी के बाद से वर्षों तक मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकारें रही हैं, लेकिन विकास के कोई कार्य नहीं किए गए। वहीं मप्र में वर्ष 2003 में भाजपा की सरकार बनने के बाद ही विकास की शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने अद्वितीय और अकल्पनीय विकास कार्य किए हैं। बूथ स्तर तक होंगे कार्यक्रम युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, पिछड़ा वर्ग मोर्चा, अजा-अजजा मोर्चा ने मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का धन्यवाद ज्ञापित कर इन दो वर्षों में हुए जनहितैषी कार्यों को पारदर्शिता और तत्परता के साथ जनता तक पहुंचाने के लिए बूथ स्तर तक जाने का संकल्प लिया। इस बार ‘मन की बात’ कार्यक्रम के पश्चात 15 मिनट तक प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा की जाएगी। केंद्र व राज्य सरकार के जनकल्याणकारी कार्यों की एक विस्तृत पीपीटी और पीडीएफ रिपोर्ट तैयार की गई है, इसे बूथ स्तर तक बताया जाएगा। 

पर्यटन पर माफिया की मार: भोपाल में पर्यटकों को गुमराह कर बड़ा तालाब से दूर रख रहे नाव संचालक

भोपाल बड़े तालाब की अथाह जलराशि पर इस महीने की शुरुआत में शुरू हुई शिकारा सेवा माफिया के जाल में फंस गई है। पहले से तालाब पर नावों का संचालन कर रहा यह गिरोह पूरी योजना को पलीता लगा रहा है। इनकी वजह से शिकारा का आनंद लेने पहुंचे लोग बेहद खराब अनुभव से दो-चार हो रहे हैं। नवदुनिया ने शनिवार को इसकी पड़ताल की तो इस बदमाशी की तस्वीर सामने आई। निजी नाव संचालकों के लोग गेट पर ही खड़े रहते हैं। बोट क्लब में घुसने वालों को अपनी नावों की ओर ले जाने में जुट जाते हैं। एक दूसरा समूह बोट क्लब प्रबंधक की मौजूदगी में टिकट खिड़की के सामने ही पर्यटकों को भ्रमित करता है। वे अपनी नावों को शिकारा बताकर पर्यटकों को ले जाते हैं। ऐसा करने पर उन्हें पर्यटन विकास निगम के लोग टोकते भी नहीं। इसकी वजह से पर्यटक उनकी बात को सच मान लेते हैं। शिकायत करने पर विवाद यह सब मिलीभगत से चल रहा है। कोई पर्यटक उनकी अनदेखी कर शिकारा का टिकट लेकर उसमें बैठ जाता है तो उसे दूसरी असुविधा का सामना करना पड़ता है। 300 रुपये के टिकट पर 20 मिनट की शिकारा राइड उपलब्ध है। लेकिन शिकारा चलाने वाले पांच-सात मिनट तालाब के किनारों को घुमाकर पर्यटकों को उतार देते हैं। शिकायत करने पर विवाद हो रहा है। यह सब रोकने वाला कोई नहीं है। पर्यटक ने हाथ जोड़कर कहा-मेरी ही गलती है, जो बोट क्लब आया शनिवार शाम करीब पौने चार बजे एक पर्यटक बोट क्लब के प्रबंधक वसीम के पास पहुंचा। उसने शिकायत कि शिकारा चालक उसे सिर्फ किनारे घुमाकर वापस छोड़ गया। प्रबंधक ने पर्यटक को जेट्टी पर संचालन देख रहे दीक्षित के पास जाने काे कहा। पर्यटक ने कहा, दीक्षित ने ही आपके पास भेजा है, तो मैनेजर ने हाथ खड़े कर दिए। कहा कि वह इस मामले में कुछ नहीं कर सकते। अंततः पर्यटक ने हाथ जोड़कर कहा-मेरी ही गलती है जो मैं बोट क्लब आया। प्रबंधक वसीम का कहना है, शिकारा की संख्या कम है और शाम को पर्यटक ज्यादा आते हैं। इन दिनों अंधेरा जल्दी हो रहा है, इसलिए संचालन बंद करना पड़ता है। इसी वजह से पर्यटकों को शिकारा नहीं मिल पाता। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वर्तमान में शिकारा चलाने वाले वही लोग हैं जो यहां नाव चला रहे थे। वे शिकारा को अपने धंधे पर चोट की तरह देख रहे हैं। इसलिए यह सब हो रहा है।   चारों तरफ निजी नाव संचालकों का कब्जा बोट क्लब परिसर में चारों ओर निजी नाव संचालकों का कब्जा है। मुख्य द्वार पर ही दो-तीन लोग खड़े रहते हैं, जो अंदर आने वाले पर्यटकों से कहते हैं-"बोटिंग करनी है तो उधर बोट है।" इसके बावजूद अगर कोई पर्यटक टिकट विंडो तक पहुंच भी जाता है, तो वहां भी इनके लोग मौजूद रहते हैं, जो पर्यटकों को भ्रमित कर निजी बोटों की ओर ले जाते हैं। जल पर्यटन की महत्वाकांक्षी परियोजना मप्र पर्यटन विकास निगम बोट क्लब पर जल पर्यटन बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहा है। निगम ने कश्मीरी शिकारा के रूप में 20 नए शिकारे लगभग 48 लाख रुपये की लागत से खरीदे। ये शिकारे पर्यावरण-अनुकूल फाइबर री-इन्फोर्स्ड पालीयूरिथेन सामग्री से तैयार किए गए हैं। चार दिसंबर को ही इसका लोकार्पण हुआ है। निगम के पास जवाब नहीं मप्र पर्यटन विकास निगम के जनसंपर्क अधिकारी विकास खरे से जब इस संबंध में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा-पता करके बताता हूं, थोड़ा समय दीजिए। इसके बाद उनका कोई जवाब नहीं आया।