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प्रदेश के 21 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को दी जाएगी बोनस राशि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रकृति पूजक जनजातीय समुदाय प्रदेश की धरोहर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के 21 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को दी जाएगी बोनस राशि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंडला में टाइगर सफारी जू बनाया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मोहगांव और घुघरी में खुलेगा महाविद्यालय मंडला में लघु वनोपज की प्रोसेसिंग यूनिट खोली जाएगी जिले में पान की खेती पुन: प्रारंभ की जाएगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की घोषणा मुख्यमंत्री ने 9.04 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को अंतरित की 36.17 करोड़ की बोनस राशि 84 वन समितियों के 40 हजार सदस्यों को दिया 26.56 लाख का काष्ठ लाभांश मंडला जिले को दी लगभग 460 करोड़ के 74 विकास कार्यों की सौगात मंडला में 8 वनमंडलों के तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिली वर्ष 2024 की बोनस राशि भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रकृति पूजक जनजातीय समुदाय प्रदेश की धरोहर है। हम सबको प्राणवायु देने वाले वनों की सुरक्षा, इनके संवर्धन और प्रबंधन में जनजातियों का योगदान अतुलनीय है। ऐसे सभी जनजातीय भाई-बहनों और तेंदूपत्ता संग्राहकों को उनका वाजिब हक, मेहनत का पूरा सम्मान दिलाना तथा इनके सभी हितों की सुरक्षा हमारा संकल्प है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनोपजों से जुड़ी आजीविका को मजबूत कर जनजातीय परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों और वनोपज से जुड़े परिवारों के हितों को मजबूत करना ही राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को मण्डला जिले में प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के सदस्यों के लिए हुए प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यक्रम तथा तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां प्रदेश के 8 वन मंडलों के 9 लाख 4 हजार 126 तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 के बोनस के रूप में 36 करोड़ 17 लाख 37 हजार 518 रुपये की बोनस राशि का अंतरण किया। मंडला जिले के पूर्व और पश्चिम वन मंडल, सिवनी जिले के उत्तर एवं दक्षिण वन मंडल, बालाघाट जिले के उत्तर और दक्षिण वन मंडल सहित डिण्डोरी एवं जबलपुर वन मंडल के तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि का लाभ मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 21 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 के बोनस के रूप में लगभग 139 करोड़ रुपए से अधिक की बोनस राशि वितरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मण्डला जिले के जंगलों की रक्षा में वन विभाग को सहयोग देने वाली 84 वन समितियों के करीब 40 हजार सदस्यों को 26 करोड़ 56 लाख 53 हजार 929 रुपये की काष्ठ लाभांश राशि भी वितरित की। मुख्यमंत्री ने कन्या पूजन, रानी दुर्गावती, एवं राजा शंकर शाह-कुंवर रघुनाथ शाह के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंडला जिले को लगभग 460 करोड़ रुपए की लागत वाले 74 विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। इसमें 263 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 47 विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं 197 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 27 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां 75.28 करोड़ रुपए से बनने वाले 19 शासकीय हाईस्कूल शाला भवनों, 33.92 करोड़ रुपए से मंडला में बनने वाले नवीन एकीकृत कलेक्टर कार्यालय भवन, 14.80 करोड़ रुपए से मंडला में बनने वाले नर्सिंग कॉलेज भवन तथा 1 करोड़ रुपए से मंडला में स्थापित होने वाले ट्राईबल मल्टीपर्पज मार्केटिंग सेंटर (टीएमएमसी) के भवन निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया। साथ ही 137.11 करोड़ रुपए की लागत से निवास, बिछिया, घुटास और सागर कस्बे में नवनिर्मित चार सांदीपनि विद्यालय भवनों का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर किसान कल्याण वर्ष पर केन्द्रित प्रदर्शनी में विभिन्न शासकीय विभागों के स्टॉल्स का अवलोकन किया तथा मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत जिले के मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरण भी किया। मुख्यमंत्री ने इन होनहार विद्यार्थियों को स्कूटी की चाबी देकर अपने हाथों से हेलमेट पहनाया और इन्हें खूब पढ़-लिखकर आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंडला जिले के लिए कई घोषणाएं की। मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि मंडला जिले के मोहगांव और घुघरी में शासकीय महाविद्यालय खोला जाएगा। मंडला में लघु वनोपज का बहुतायत में संग्रहण होता है। इसीलिए मंडला में सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अधीन लघु वनोपज की प्रोसेसिंग यूनिट खोली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जिले में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को वन्य जीवों के देखने की स्थानीय सुविधा के लिए मंडला में टाइगर सफारी जू बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले इस जिले में पान की खेती हुआ करती थी, यह स्थानीय लोगों की आमदनी का बड़ा जरिया थी। इसीलिए अब मंडला में पान की खेती पुन: प्रांरभ की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में मध्यप्रदेश में देश का 12 प्रतिशत दूध उत्पादन हो रहा हैं। हम इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक लेकर जाएंगे। इस लक्ष्य की दिशा में हम दूध उत्पादन से पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में दुग्ध सहकारी समितियां बना रहे हैं। मंडला जिले में भी आवश्यकतानुसार दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जाएंगी और गौपालकों को उनके दूध उत्पादन का सही दाम दिलाया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातियों के समग्र विकास के साथ ही उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है। राज्य सरकार जनजातीय नायकों के शौर्य-पराक्रम का स्मरण करते हुए इनके मान-सम्मान के लिए सभी प्रयास कर रही हैं। हमने रानी दुर्गावती के सम्मान में पहले जबलपुर और फिर उनकी राजधानी सिंग्रामपुर में कैबिनेट की बैठक की। फिर राजा भभूत सिंह एवं अन्य जनजातीय नायकों के स्थल पर भी कैबिनेट की। यह राज्य सरकार की जनजातीय वीरों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2024 के तेंदूपत्ता बोनस और लाभांश की मिल रही राशि वन समितियों तथा वनोपज संग्राहकों की मेहनत और समर्पण का प्रतिफल है। राज्य सरकार का प्रयास है कि वनक्षेत्रों से लगे गांवों में वनोपज संग्रहण से आमदनी आधारित अर्थव्यवस्था का विकास हो। इस आजीविका से जुड़े परिवारों को संग्रहित वनोपज का बेहतर मूल्य मिले और उनकी आर्थिक हालत को भी मजबूती मिले। उन्होंने कहा कि मंडला जिले … Read more

इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलो कांग्रेस, सीपीआई ,सीपीआई एम सीपीआई (एमएल), समाजवादी पार्टी की संयुक्त बैठक में निर्णय

ग्वालियर  इंडिया गठबंधन द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर लिए गए निर्णय अनुसार लोकतंत्र, संविधान एवं मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के संकल्प को लेकर आज ग्वालियर में शिंदे की छावनी स्थित कांग्रेस भवन पर इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक शहर जिला काग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुरेन्द्र यादव की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई(एम), सीपीआई(एमएल), समाजवादी पार्टी सहित इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के जिला अध्यक्ष एवं प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के पश्चात इंडिया गठबंधन के सभी सहयोगी दलो ने सुयंक्त रूप से पत्रकारवार्ता को भी संबोधित किया। बैठक का संचालन वरिष्ठ कांग्रेस नेता महाराज सिंह पटेल ने एवं आभार व्यक्त संगठन महामंत्री इब्रहिम पठान ने किया।  बैठक में सभी सहयोगी दलों ने लोकतंत्र एवं मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर एकजुटता के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया। बैठक में तय किया गया कि 08 अक्टूबर को दोपहर 03 बजे अचलेश्वर महादेव मंदिर से इंडिया गठबंधन का संयुक्त मार्च निकाला जाएगा, जो फूलबाग स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की प्रतिमा स्थल तक पहुंचेगा। यह पैदल  मार्च का समापन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराने के साथ किया जाएगा। बैठक को संबोधित करते हुए शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुरेन्द्र यादव ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वाेच्च है और उसका सबसे महत्वपूर्ण अधिकार उसका वोट है। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और निर्वाचन संस्थाओं की विश्वसनीयता लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है। मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े किसी भी सवाल पर इंडिया गठबंधन के सभी सहयोगी दल एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाएंगे। 8 अक्टूबर का संयुक्त मार्च किसी एक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतंत्र और मतदाता के अधिकारों से जुड़े सवालों को लेकर इंडिया गठबंधन की सामूहिक आवाज का प्रतीक होगा। बैठक में उपस्थित सभी दलों के प्रतिनिधियों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की भागीदारी और उसके मत की स्वतंत्रता सर्वाेपरि है। चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों पर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात जनता के सामने रखी जाएगी। बैठक को विधायक डॉ. सतीश सिकरवार, साहब सिंह गुर्जर, सुनील शर्मा, कॉम कौशल शर्मा एडवोकेट, कॉम एम के जयसवाल,कॉम विनोद रावत,दशरथ सिंह गुर्जर, राजेन्द्र सिंह नाती, इब्रहिम पठान, हेवरन सिंह कंसाना, ज्योति सिंह आदि ने भी संबोधित किया।  बैठक में ग्रामीण जिला अध्यक्ष प्रभूदयाल जौहरे, विधायक डॉ. सतीश सिंह सिकरवार, साहब सिंह गुर्जर, प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा, दशरथ सिंह गुर्जर, राहुल शर्मा, राजेन्द्र सिंह नाती, सीपीआई के कॉम कौशल शर्मा एडवोकेट राज्य  कार्यकारिणी सदस्य,समाजवादी पार्टी जिला अध्यक्ष रामवीर सिंह गुंर्जर, डॉ. राम पांडे, सीपीआई एम से कॉम एम के जयसवाल, सी पी आई (एम एल) के जिला सचिव,कॉम विनोद रावत, हेवरन सिंह कंसाना, महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति सिंह, विनोद कराना, प्रकाश वर्मा, बीपी गणक, मयंक रावत, अंकित रावत, राम विजय यादव, अशोक यादव, राम यादव आदि उपस्थित थे।

पीएम सूर्य घर योजना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए भोपाल और ग्वालियर में लगेंगे ‘सेवा सेतु कैंप’ : मंत्री शुक्ला

भोपाल नवीन एवं नवकरणीय उर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने बताया है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रति नागरिकों को जागरूक करने तथा योजना का लाभ अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में ‘सेवा सेतु कैंप’ आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 5 अक्टूबर को ग्वालियर और 6 अक्टूबर को भोपाल में सेवा सेतु कैंप आयोजित होंगे। मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 5 अक्टूबर 2026 को ग्वालियर के मेला मैदान में तथा 6 अक्टूबर 2026 को भोपाल शहर के शाहपुरा क्षेत्र में सेवा सेतु कैंप आयोजित किया जाएगा। कैंप के माध्यम से नागरिकों को प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। सौर ऊर्जा को लेकर नागरिकों को मिलेगी जानकारी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से आवासीय क्षेत्र में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा दिया जा रहा है। योजना के अंतर्गत घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए नागरिकों को योजना से संबंधित सुविधाओं और प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। ‘सेवा सेतु कैंप’ के माध्यम से नागरिकों को योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, रूफटॉप सोलर की स्थापना तथा योजना से संबंधित अन्य आवश्यक जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। कैंप में नागरिक अपनी जिज्ञासाओं और योजना से संबंधित विषयों पर संबंधित अधिकारियों से मार्गदर्शन भी प्राप्त कर सकेंगे। भोपाल और ग्वालियर में होंगे आयोजन ग्वालियर में 5 अक्टूबर को मेला मैदान और भोपाल में 6 अक्टूबर को शाहपुरा में आयोजित होने वाले कैंपों में संबंधित अधिकारियों द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों तक योजना की जानकारी को सरल और सहज तरीके से पहुंचाना तथा अधिक से अधिक परिवारों को सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए जागरूक करना है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला कैंपों की अध्यक्षता करते हुए नागरिकों और संबंधित विभागीय अधिकारियों से संवाद करेंगे। कैंप के दौरान प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी साझा की जाएगी और नागरिकों को रूफटॉप सोलर अपनाने के लिए आवश्यक जानकारियां प्रदान की जाएगी।  

नवीन न्याय संहिताओं को करीब से जानने का अवसर—बीएचईएल दशहरा मैदान में भव्य प्रदर्शनी

भोपाल केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा 03 अक्टूबर को भेल दशहरा मैदान पर नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। इस प्रदर्शनी में भारतीय न्याय व्यवस्था में हुए महत्वपूर्ण बदलावों, नवीन न्याय संहिताओं के प्रावधानों तथा अपराध की सूचना प्राप्त होने से लेकर विवेचना, फॉरेंसिक जाँच, अभियोजन, न्यायालयीन कार्यवाही और अंतिम न्याय तक की संपूर्ण प्रक्रिया को 14 अलग-अलग ज़ोन में सजीव मॉडल, डिजिटल तकनीक, वीडियो, चार्ट एवं लाइव प्रदर्शन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। सात अक्टूबर तक चलने वाली यह पांच दिवसीय प्रदर्शनी का उद्देश्य नागरिकों को नवीन न्याय संहिताओं, आधुनिक पुलिसिंग, वैज्ञानिक अनुसंधान, डिजिटल तकनीक तथा न्याय प्रक्रिया की जानकारी सहज एवं व्यावहारिक रूप से उपलब्ध कराना है। प्रदर्शनी में अपराध की सूचना प्राप्त होने से लेकर पुलिस द्वारा की जाने वाली कार्रवाई, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन, फॉरेंसिक जाँच, अभियोजन एवं न्यायालयीन प्रक्रिया के माध्यम से अंतिम निर्णय तक की पूरी प्रक्रिया को विभिन्न मॉडल, डिजिटल तकनीक एवं सजीव प्रस्तुतियों के माध्यम से समझाया जा रहा है। 14 विशेष ज़ोन में न्याय व्यवस्था का सजीव प्रदर्शन प्रदर्शनी में बनाए गए 14 विशेष ज़ोन नागरिकों को न्याय व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं से रूबरू कराते हैं। इनमें प्रमुख रूप से— क्राइम सीन एवं फॉरेंसिक जाँच: 3D मॉडल के माध्यम से घटनास्थल की वैज्ञानिक जाँच, साक्ष्य संकलन तथा आवश्यक वीडियो रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया का सजीव प्रदर्शन किया गया है। इससे नागरिकों को यह समझने का अवसर मिलता है कि किसी अपराध की विवेचना में वैज्ञानिक साक्ष्यों की क्या भूमिका होती है। डायल-112 एवं स्टेट कमांड सेंटर: आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया, कॉल रिसीविंग, रिस्पॉन्स व्हीकल की तैनाती तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से नागरिकों तक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया प्रदर्शित की जा रही है। पुलिस थाना एवं न्यायालय मॉडल: पुलिस थाने की कार्यप्रणाली के साथ ई-एफआईआर, जीरो एफआईआर सहित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी दी जा रही है। साथ ही न्यायालय में होने वाली सुनवाई एवं न्यायिक प्रक्रिया को मॉडल के माध्यम से सरल रूप में समझाया गया है। फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL): डीएनए, फिंगरप्रिंट, बैलिस्टिक तथा डिजिटल फॉरेंसिक जैसे वैज्ञानिक माध्यमों से अपराधों की जाँच किस प्रकार की जाती है, इसका प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया जा रहा है। साइबर सुरक्षा जागरूकता: ऑनलाइन ठगी, डिजिटल फ्रॉड एवं साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए ‘सेफ क्लिक अभियान’ के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। महिला हेल्प डेस्क एवं महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है। लाइव डिजिटल क्विज़: विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए कानून और नागरिक अधिकारों से संबंधित रोचक डिजिटल क्विज़ की व्यवस्था की गई है, जिसके माध्यम से मनोरंजक तरीके से कानूनी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। सजीव नाट्य मंचन के माध्यम से समझाई जा रही है पूरी न्याय प्रक्रिया प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण सजीव नाट्य मंचन है। स्थानीय रंगकर्मियों के साथ पुलिस अधिकारियों, डॉक्टर्स एवं अभियोजन अधिकारियों की सहभागिता से न्याय प्रक्रिया के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं को नाट्य रूपांतरण के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। सजीव नाट्य मंचन के माध्यम से अपराध की घटना, पुलिस को सूचना, घटनास्थल की जाँच, चिकित्सकीय परीक्षण, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन, विवेचना, अभियोजन तथा न्यायालयीन कार्यवाही जैसे विभिन्न चरणों को वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप सरल एवं प्रभावी तरीके से समझाया जाएगा। सजीव नाट्य मंचन प्रतिदिन चार निर्धारित समय पर किया जाएगा— सुबह 11:30 बजे दोपहर 1:00 बजे दोपहर 3:30 बजे शाम 5:00 बजे इन प्रस्तुतियों के माध्यम से नागरिकों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि किसी अपराध के घटित होने से लेकर न्यायालय के अंतिम निर्णय तक विभिन्न विभाग एवं विशेषज्ञ किस प्रकार समन्वय के साथ कार्य करते हैं। विद्यार्थियों एवं परिवारों के लिए विशेष रूप से उपयोगी प्रदर्शनी में नवीन न्याय संहिताओं को कानूनी प्रावधानों के रूप में प्रस्तुत करते हुए उनके व्यावहारिक उपयोग को भी समझाया जा रहा है। विद्यार्थी यहां आधुनिक पुलिसिंग, फॉरेंसिक तकनीक एवं न्याय प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, जबकि आम नागरिक अपने अधिकारों, पुलिस सेवाओं और न्यायिक प्रक्रिया को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, कानून के विद्यार्थियों तथा पुलिसिंग एवं न्याय व्यवस्था में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी यह प्रदर्शनी विशेष रूप से उपयोगी है। आमजन से परिवार सहित प्रदर्शनी देखने की अपील मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा आमजन से अपील की गई है कि बीएचईएल दशहरा मैदान, भोपाल में 7 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रदर्शनी में परिवार एवं बच्चों के साथ अवश्य आएं। प्रदर्शनी में प्रवेश निःशुल्क है। नवीन न्याय संहिताओं, नागरिक अधिकारों, आधुनिक पुलिसिंग, वैज्ञानिक अनुसंधान एवं न्याय प्रक्रिया को करीब से समझने का यह महत्वपूर्ण अवसर है। विशेष रूप से सजीव नाट्य मंचन के माध्यम से न्याय व्यवस्था को सरल एवं रोचक तरीके से समझने का अवसर मिलेगा।

राज्य सरकार सड़क, एक्सप्रेस-वे, सिंचाई, बांध, बिजली और मेडिकल कॉलेज सहित अधोसंरचना विकास के बड़े प्रोजेक्टों पर तेज गति से कर रही है कार्य

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार सुदृढ़ राजकोषीय प्रबंधन के साथ सड़क, एक्सप्रेस-वे, सिंचाई, बांध, नहर, विद्युत, मेडिकल कॉलेज, स्कूल-कॉलेज और अन्य बड़ी अधोसंरचना परियोजनाओं पर तेज गति से कार्य कर रही है। इन परियोजनाओं के लिए आवश्यक राशि की व्यवस्था हेतु राज्य सरकार राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) अधिनियम तथा केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित ऋण सीमा के अधीन भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के माध्यम से ऋण लेती है। सरकार का स्पष्ट रुख है कि ऋण का उपयोग विकास और पूंजीगत परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए किया जाए, न कि नियमित राजस्व व्यय के लिए। विकास परियोजनाएं समय से पहले पूरी होने से समाज को दूरगामी लाभ मिलते हैं और अर्थव्यवस्था पर भी इसका सकारात्मक असर होता है। राज्य सरकारें केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित ऋण सीमा के भीतर आवश्यकतानुसार समय-समय पर आरबीआई के माध्यम से ऋण लेती हैं और समय-समय पर उसका पुनर्भुगतान भी करती हैं। इस व्यवस्था के तहत आरबीआई प्रत्येक मंगलवार को नीलामी करती है, जिसमें राज्य सरकारें अपनी आवश्यकतानुसार माह में दो बार भाग लेती हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार ने मध्यप्रदेश की ऋण सीमा लगभग 87 हजार करोड़ रुपये तय की है। राज्य सरकार इस सीमा के अंतर्गत लिए गए ऋण का उपयोग विकास कार्यों में करती है, जिससे सिंचाई, सड़क और विद्युत संबंधी पूंजीगत परियोजनाओं को लाभ मिल रहा है। राज्य सरकार ने सितम्बर 2026 तक आरबीआई के माध्यम से 37 हजार 400 करोड़ रुपये का ऋण प्राप्त किया है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि जब राज्य सरकार बांध, नहर, सड़क, एक्सप्रेस-वे और विद्युत जैसी परियोजनाओं पर सक्रिय रूप से कार्य करती है, तो उनके लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता भी होती है। इससे स्पष्ट है कि परियोजना-आधारित पूंजीगत व्यय के लिए समय-समय पर ऋण लेना एक सकारात्मक कदम है, जो दर्शाता है कि राज्य सरकार विभिन्न विकास कार्यों पर तेज गति से कार्य कर रही है। आरबीआई के ई-कुबेर प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्टेट डेवलपमेंट लोन (एसडीएल) के लिए प्रतिस्पर्धी बोलियां प्राप्त की जाती हैं। इसके तहत आरबीआई के माध्यम से बाजार से न्यूनतम और अनुकूल ब्याज दरों पर ऋण प्राप्त किया जाता है। यह भी उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश का वित्तीय प्रबंधन अत्यंत मजबूत है और इसी कारण पूर्व वर्षों में लिए गए ऋणों का शत-प्रतिशत पुनर्भुगतान समय पर हो रहा है। मध्यप्रदेश ने पुनर्भुगतान के इस वित्तीय दायित्व को निभाने में कभी भी डिफॉल्ट नहीं किया है। मध्यप्रदेश में आरबीआई के माध्यम से प्राप्त होने वाला ऋण हमेशा पूंजीगत व्यय, अर्थात सड़क, बिजली, सिंचाई जैसे विकास कार्यों के लिए लिया जाता है। वेतन तथा लाड़ली बहना जैसी सामाजिक दायित्व की योजनाओं जैसे दैनंदिन राजस्व व्यय के लिए सरकार द्वारा पृथक से कोई ऋण नहीं लिया जाता। यह भी उल्लेखनीय है कि विकास कार्यों के लिए संसाधन जुटाने हेतु राज्य शासन ने किसी भी टैक्स में असामान्य बढ़ोतरी नहीं की है। विकास परियोजनाओं के लिए आवश्यक राशि की व्यवस्था बढ़ते जीएसडीपी के अनुरूप निर्धारित ऋण सीमा तथा राज्य के स्वयं के संसाधनों से की जा रही है, जिससे आमजन पर अतिरिक्त कर का बोझ नहीं डाला गया है। इस संबंध में राज्य सरकार के कुछ प्रमुख तथ्य एवं आंकड़े निम्नानुसार हैं संविधान के अनुच्छेद 293(3) के तहत राज्य सरकारें केन्द्र सरकार की सहमति से ऋण लेती हैं, जिसकी वार्षिक सीमा सामान्यतः सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का अधिकतम 3 प्रतिशत होती है। जीएसडीपी में बढ़ोतरी होने से राज्य सरकारों की ऋण लेने की क्षमता भी बढ़ जाती है। सड़क, बिजली, बांध और नहर जैसी विकास परियोजनाओं से जीएसडीपी में वृद्धि होती है और इससे राज्य सरकार की अधिक ऋण लेने की क्षमता भी निर्मित होती है। बेंचमार्क इश्यूअन्स स्ट्रेटेजी के अंतर्गत आरबीआई प्रत्येक राज्य के लिए माह में दो बार, उसकी ऋण सीमा के अधीन, नीलामी में भाग लेने के दिन निर्धारित करती है। मध्यप्रदेश के लिए यह दिन मंगलवार है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में मध्यप्रदेश सरकार की योजना 87 हजार करोड़ रुपये तक ऋण लेने की है, जिसके विरुद्ध 37 हजार 400 करोड़ रुपये का ऋण प्राप्त किया जा चुका है। आगामी महीनों में मार्च 2027 तक मध्यप्रदेश सरकार विकास कार्यों के लिए समय-समय पर आरबीआई के माध्यम से और ऋण प्राप्त करेगी। इस वित्तीय वर्ष में मध्यप्रदेश सरकार का लक्ष्य अपनी स्वयं की आय, विभिन्न निगमों तथा आरबीआई के माध्यम से प्राप्त ऋण से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि सड़क, बांध, बिजली, नहर निर्माण जैसे कार्यों पर व्यय करने का है। यह लक्ष्य प्राप्त होने पर यह मध्यप्रदेश सरकार की बड़ी उपलब्धि होगी। प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाएं, केन-बेतवा तथा पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजनाएं और इनसे जुड़े बांध व नहर निर्माण के बड़े प्रोजेक्ट अन्य कार्यों के साथ प्रगति पर हैं। यह उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश सरकार न केवल सड़क निर्माण, केन-बेतवा परियोजना, पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना, बांध, नहर तथा विद्युत परियोजनाओं पर कार्य कर रही है, अपितु आमजन के लिए स्कूल-कॉलेज निर्माण, यूनिवर्सिटी विस्तार, मेडिकल कॉलेज तथा आमजन की सुरक्षा हेतु पुलिस विभाग के अंतर्गत होने वाले निर्माण जैसे अन्य विकास कार्य भी कर रही है। हजारों करोड़ रुपये के इन सभी विकास कार्यों पर इस वर्ष लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है। विकास परियोजनाओं के लिए इतनी बड़ी राशि का प्रावधान इसीलिए संभव हो सका है, क्योंकि सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में हर वर्ष निरंतर वृद्धि हो रही है। जीएसडीपी में वृद्धि से उसकी 3 प्रतिशत सीमा तक ऋण लेने की पात्रता भी बढ़ती है, जिसका लाभ मध्यप्रदेश सरकार उपरोक्त विकास परियोजनाओं में ले रही है। वित्तीय प्रबंधन के एक अत्यंत महत्वपूर्ण मानक ऋण-जीएसडीपी अनुपात (Debt to GSDP Ratio) के संदर्भ में मध्यप्रदेश का अनुपात 32.53 प्रतिशत है, जो प्रचलित मानकों के अनुरूप है। वित्तीय प्रबंधन का एक अन्य मानक, ब्याज भुगतान एवं राजस्व प्राप्तियों का अनुपात, भी मात्र 10-11 प्रतिशत बना हुआ है, जो अत्यंत सुरक्षित स्तर है। मध्यप्रदेश सरकार वित्तीय अनुशासन के प्रति गंभीर है।

विदिशा में बढ़ी डायबिटीज की चिंता, 10 हजार मरीज मिले; कम नींद और रात में जागना प्रमुख वजह

विदिशा. विदिशा जिले में ही करीब 8 से 10 हजार लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं और अपनी बीमारी से परिचित हैं, लेकिन इससे करीब दोगुने लोग ऐसे हो सकते हैं जिन्हें शरीर में बढ़ रही शुगर की जानकारी ही नहीं है। यही वजह है कि डॉक्टर नियमित जांच को जरूरी बता रहे हैं। शनिवार से सांची रोड स्थित मगधम रिजॉर्ट में शुरू हुए रिसर्च सोसाइटी फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया (आरएसएसडीआई) मध्य प्रदेश चैप्टर के 11वें दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन में प्रदेशभर से आए विशेषज्ञों ने डायबिटीज के बढ़ते खतरे, बदलती जीवनशैली और आधुनिक उपचार पर मंथन किया।सम्मेलन में करीब 70 शोध प्रस्तुत किए गए। इस सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी पहुंचे। उन्होंने ‘मधुमेह मित्र’ पुस्तक का विमोचन किया और विशेषज्ञ डॉक्टरों को सम्मानित किया। उन्होंने स्वास्थ्य को सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए लोगों से अपनी सेहत के प्रति सजग रहने की अपील की। वे करीब एक घंटे तक कार्यक्रम में रहे और डॉक्टरों से चर्चा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – प्रदेश के 21 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को दी जाएगी बोनस राशि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रकृति पूजक जनजातीय समुदाय प्रदेश की धरोहर है। हम सबको प्राणवायु देने वाले वनों की सुरक्षा, इनके संवर्धन और प्रबंधन में जनजातियों का योगदान अतुलनीय है। ऐसे सभी जनजातीय भाई-बहनों और तेंदूपत्ता संग्राहकों को उनका वाजिब हक, मेहनत का पूरा सम्मान दिलाना तथा इनके सभी हितों की सुरक्षा हमारा संकल्प है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनोपजों से जुड़ी आजीविका को मजबूत कर जनजातीय परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों और वनोपज से जुड़े परिवारों के हितों को मजबूत करना ही राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को मण्डला जिले में प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के सदस्यों के लिए हुए प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यक्रम तथा तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां प्रदेश के 8 वन मंडलों के 9 लाख 4 हजार 126 तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 के बोनस के रूप में 36 करोड़ 17 लाख 37 हजार 518 रुपये की बोनस राशि का अंतरण किया। मंडला जिले के पूर्व और पश्चिम वन मंडल, सिवनी जिले के उत्तर एवं दक्षिण वन मंडल, बालाघाट जिले के उत्तर और दक्षिण वन मंडल सहित डिण्डोरी एवं जबलपुर वन मंडल के तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि का लाभ मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 21 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 के बोनस के रूप में लगभग 139 करोड़ रुपए से अधिक की बोनस राशि वितरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मण्डला जिले के जंगलों की रक्षा में वन विभाग को सहयोग देने वाली 84 वन समितियों के करीब 40 हजार सदस्यों को 26 करोड़ 56 लाख 53 हजार 929 रुपये की काष्ठ लाभांश राशि भी वितरित की। मुख्यमंत्री ने कन्या पूजन, रानी दुर्गावती, एवं राजा शंकर शाह-कुंवर रघुनाथ शाह के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंडला जिले को लगभग 460 करोड़ रुपए की लागत वाले 74 विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। इसमें 263 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 47 विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं 197 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 27 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां 75.28 करोड़ रुपए से बनने वाले 19 शासकीय हाईस्कूल शाला भवनों, 33.92 करोड़ रुपए से मंडला में बनने वाले नवीन एकीकृत कलेक्टर कार्यालय भवन, 14.80 करोड़ रुपए से मंडला में बनने वाले नर्सिंग कॉलेज भवन तथा 1 करोड़ रुपए से मंडला में स्थापित होने वाले ट्राईबल मल्टीपर्पज मार्केटिंग सेंटर (टीएमएमसी) के भवन निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया। साथ ही 137.11 करोड़ रुपए की लागत से निवास, बिछिया, घुटास और सागर कस्बे में नवनिर्मित चार सांदीपनि विद्यालय भवनों का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर किसान कल्याण वर्ष पर केन्द्रित प्रदर्शनी में विभिन्न शासकीय विभागों के स्टॉल्स का अवलोकन किया तथा मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत जिले के मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरण भी किया। मुख्यमंत्री ने इन होनहार विद्यार्थियों को स्कूटी की चाबी देकर अपने हाथों से हेलमेट पहनाया और इन्हें खूब पढ़-लिखकर आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंडला जिले के लिए कई घोषणाएं की। मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि मंडला जिले के मोहगांव और घुघरी में शासकीय महाविद्यालय खोला जाएगा। मंडला में लघु वनोपज का बहुतायत में संग्रहण होता है। इसीलिए मंडला में सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अधीन लघु वनोपज की प्रोसेसिंग यूनिट खोली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जिले में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को वन्य जीवों के देखने की स्थानीय सुविधा के लिए मंडला में टाइगर सफारी जू बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले इस जिले में पान की खेती हुआ करती थी, यह स्थानीय लोगों की आमदनी का बड़ा जरिया थी। इसीलिए अब मंडला में पान की खेती पुन: प्रांरभ की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में मध्यप्रदेश में देश का 12 प्रतिशत दूध उत्पादन हो रहा हैं। हम इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक लेकर जाएंगे। इस लक्ष्य की दिशा में हम दूध उत्पादन से पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में दुग्ध सहकारी समितियां बना रहे हैं। मंडला जिले में भी आवश्यकतानुसार दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जाएंगी और गौपालकों को उनके दूध उत्पादन का सही दाम दिलाया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातियों के समग्र विकास के साथ ही उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है। राज्य सरकार जनजातीय नायकों के शौर्य-पराक्रम का स्मरण करते हुए इनके मान-सम्मान के लिए सभी प्रयास कर रही हैं। हमने रानी दुर्गावती के सम्मान में पहले जबलपुर और फिर उनकी राजधानी सिंग्रामपुर में कैबिनेट की बैठक की। फिर राजा भभूत सिंह एवं अन्य जनजातीय नायकों के स्थल पर भी कैबिनेट की। यह राज्य सरकार की जनजातीय वीरों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2024 के तेंदूपत्ता बोनस और लाभांश की मिल रही राशि वन समितियों तथा वनोपज संग्राहकों की मेहनत और समर्पण का प्रतिफल है। राज्य सरकार का प्रयास है कि वनक्षेत्रों से लगे गांवों में वनोपज संग्रहण से आमदनी आधारित अर्थव्यवस्था का विकास हो। इस आजीविका से जुड़े परिवारों को संग्रहित वनोपज का बेहतर मूल्य मिले और उनकी आर्थिक हालत को भी मजबूती मिले। उन्होंने कहा कि मंडला जिले में वन्य जीव पर्यटन के विकास और विस्तार की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास की दौड़ में मंडला अब किसी से पीछे नहीं है। यहां मेडिकल कॉलेज बनने जा रहा है। नर्सिंग कॉलेज का भूमि पूजन आज हो गया है। मंडला से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों के निर्माण से प्रदेश का ड्रापआउट शून्य प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप और पूरे स्कूल में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को स्कूटी दे रही हैं। यह मध्यप्रदेश में दिनों-दिन बढ़ती शैक्षणिक गुणवत्ता और सांदीपनि विद्यालयों का असर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले … Read more

एमपी ट्रांसको में रात्रिकालीन यार्ड निरीक्षण संस्कृति ने बचाया पॉवर ट्रांसफार्मर, टला बड़ा नुकसान

भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) में सब स्टेशनों एवं यार्डों के नियमित रात्रिकालीन निरीक्षण की व्यवस्था अब एक कार्यसंस्कृति का रूप ले चुकी है। इसी कार्यसंस्कृति के तहत नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा स्थित 132 केवी सबस्टेशन में रात्रि कालीन निरीक्षण के दौरान 40 एमवीए क्षमता के पॉवर ट्रांसफार्मर में उत्पन्न हुई असामान्यता का समय रहते पता चल गया। इससे संभावित बुशिंग फेल्योर, उपकरण क्षति, दुर्घटना तथा विद्युत आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को टालते हुए एक बड़े आर्थिक नुकसान से बचाव किया जा सका। रात्रिकालीन निरीक्षण में मिली असामान्यता पिछले दिनों रात्रिकालीन निरीक्षण के दौरान आउटसोर्स सुरक्षा कर्मी आदर्श लावंशी ने 132 केवी सिवनी मालवा सब स्टेशन के 40 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर से असामान्य आवाज आते हुए सुनी। उन्होंने तत्काल ड्यूटी पर तैनात आउटसोर्स ऑपरेटर श्यामसुंदर गौर एवं नितिन कुमार गौर को इसकी जानकारी दी। तीनों कर्मियों ने स्थिति का सूक्ष्म निरीक्षण किया तथा मामले की गंभीरता को समझते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना दी। त्वरित कार्रवाई से टली बड़ी समस्या सूचना मिलते ही सहायक अभियंता बी.पी. द्विवेदी तथा कार्यपालन अभियंता (परीक्षण) लक्ष्मण आर्य ने अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश शांडिल्य के मार्गदर्शन में लोड डिस्पैच सेंटर से समन्वय स्थापित कर संबंधित पावर ट्रांसफार्मर का आपातकालीन शटडाउन कराया। इसके बाद परीक्षण एवं तकनीकी जांच की गई, जिसमें संबंधित बुशिंग के पैरामीटर असामान्य पाए गए। जांच के आधार पर बुशिंग को बदलने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। समय रहते टाला गया संभावित फेल्योर अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश शांडिल्य ने बताया कि यदि बुशिंग की इस असामान्यता का समय रहते पता नहीं चलता तो बुशिंग फेल्योर की स्थिति निर्मित हो सकती थी। ऐसी स्थिति में पावर ट्रांसफार्मर को गंभीर क्षति पहुंचने के साथ दुर्घटना, लंबे समय तक आउटेज तथा आर्थिक नुकसान की संभावना भी थी। उन्होंने कहा कि समय पर की गई रिपोर्टिंग और त्वरित तकनीकी कार्रवाई से संभावित फेल्योर, उपकरण क्षति, दुर्घटना एवं आर्थिक हानि को टाला जा सका। प्रबंध संचालक ने की सराहना मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि सबस्टेशनों में की जाने वाली नियमित रात्रिकालीन निगरानी एवं निरीक्षण व्यवस्था विद्युत प्रणाली की विश्वसनीयता तथा उपकरणों की सुरक्षा के लिए कितनी महत्वपूर्ण है। उन्होंने आउटसोर्स ऑपरेटर श्यामसुंदर गौर, नितिन कुमार गौर तथा सुरक्षा कर्मी आदर्श लावंशी की विवेक शीलता,सतर्कता एवं सजगता की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किए जाने के निर्देश दिए।  

वन विहार में जुड़े आवास, वन्य जीवन का विकास थीम के अनुरूप संरक्षण, जागरूकता जनभागीदारी पर हो रहे विविध कार्यक्रम

भोपाल राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह 2026 के अंतर्गत वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल में वन्यजीव संरक्षण, जैव-विविधता, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह की थीम "जुड़े आवास, वन्यजीवन का विकास" निर्धारित की गई है। थीम के अनुरूप आयोजित गतिविधियों में वन्यजीवों एवं उनके प्राकृतिक आवास के बीच संबंध, जैव-विविधता संरक्षण तथा मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के महत्व को प्रमुखता से रेखांकित किया जा रहा है। कार्यक्रमों में वनकर्मियों एवं उनके परिवारों के साथ विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। 4 अक्टूबर को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये। कार्यक्रम में वनकर्मियों एवं उनके परिवारों के लिए फैमिली वाइल्डलाइफ डे-वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत वनकर्मियों एवं उनके परिवारों को वन्यजीव सप्ताह की गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से फैमिली वाइल्डलाइफ डे का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य वनकर्मियों एवं उनके परिवारों के बीच वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता एवं सहभागिता को बढ़ावा देना तथा परिवार के सदस्यों को वन्यजीव एवं प्रकृत्ति संरक्षण से जोड़ना रहा। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस आयोजन में 15 परिवारों लगभग 60 प्रकृति प्रेमियों द्वारा सहभागिता की गई। कार्यक्रम में सम्मिलित सभी को एनीमल रेस्, गेम्स्, हेबीटेट एवं फूड चैन के माध्यम से रोचक जानकारी प्रदान की गई। विद्यालीयन एवं महाविद्यालीयन विद्यार्थियों हेतु 'मध्यप्रदेश के वन्यजीव विषय पर मेहंदी प्रतियोगिता-विद्यार्थियों में मध्यप्रदेश की वन्यजीव संपदा एवं जैव-विविधता के प्रति रुचि एवं जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से 'मध्यप्रदेश के वन्यजीव विषय पर मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों ने भाग लेकर वन्यजीवों, पक्षियों, वनस्पतियों एवं प्रकृति से संबंधित विषयों को अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रस्तुत किया। मेहंदी प्रतियोगिता में कुल 55 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। विद्यालीयन एवं महाविद्यालीयन विद्यार्थियों हेतु मध्यप्रदेश के वन्यजीव' विषय पर पाम पेंटिंग प्रतियोगिता वन्यजीव संरक्षण के प्रति युवाओं एवं विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच विकसित करने के लिए 'मध्यप्रदेश के वन्यजीव विषय पर पाम पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने पेंटिंग के माध्यम से मध्यप्रदेश के वन्यजीवों, उनके आवास एवं प्रकृति संरक्षण से जुड़े संदेशों को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किया। इस प्रतियोगिता में कुल 82 प्रतिभागियों ने भाग लिया। वन्यजीव पासपोर्ट' गतिविधि राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह 2026 के चौथे दिवत्त 'वन्यजीव पासपोर्ट' गतिविधि को आगंतुकों से उत्साहजनक प्रतिसाद प्राप्त हुआ। इस गतिविधि का प्रमुख उद्देश्य वन विहार आने वाले आगंतुकों को वन्यजीव संरक्षण की विभिन्न अवधारणाओं से परिचित कराना और उन्हें संरक्षण गतिविधियों में सक्रिय सहभागी बनाना रहा। कुल 303 आगंतुकों ने वन्यजीव पासपोर्ट गतिविधि के लिए पंजीयन कराया। गतिविधि में निर्धारित सहभागिता पूरी करने वाले प्रतिभागियों में से 45 को 'वन्यजीव संरक्षण राजदूत' तथा 51 को 'वन्यजीव चैंपियन के रूप में मान्यता प्रदान की गई। आयोजन में संचालक वन विहार राष्ट्रीय उद्यान विजय कुमार सहायक संचालक वन विहार डॉ. रूही हक एवं वन विहार के अन्य अधिकारी / कर्मचारी उपस्थित रहे। 5 अक्टूबर की गतिविधियां राष्ट्रीय उद्यान में विभिन्न जागरूकता एवं सहभागिता आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रकृति एवं वन्यजीवों के ऐसे पहलुओं से आमजन को परिचित कराने के उद्देश्य से अदृश्यों से मिलिए, प्रकृति पक्ष पर (खुला बर्ग) कार्यक्रम प्रातः 7:00 बजे से 9:00 बजे तक वन विहार स्थित विहार वीथिका में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के माध्यम से प्रकृति के सूक्ष्म एवं कम दिखाई देने वाले पक्षों के प्रति लोगों में जिज्ञासा एवं संवेदनशीलता विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। विद्यालयीन विद्यार्थियों में वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरणीय मुद्दों एवं मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व से जुड़े विषयों की समझ विकसित करने के उद्देश्य से "जुड़े आवास, वन्यजीवन का विकास' विषय पर 'वाईल्ड लाईफ मूट कोर्ट प्रातः 10.00 बजे से अपरान्ह 4.00 बजे तक विहार वीथिका में आयोजित किया जावेगा। मूट कोर्ट के माध्यम से विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विषयों पर तार्किक चिंतन अभिव्यक्ति एवं संवाद का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरणीय कानून एवं संरक्षण विषयों के प्रति रुचि उत्पन्न करना, वन्यजीव संरक्षण के प्रति तार्किक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना एवं सार्वजनिक अभिव्यक्ति एवं संवाद कौशल को बढ़ावा देना। साथ ही राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत मध्यप्रदेश के वन्यजीव विषय पर विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए 'रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन प्रातः 10:00 बजे से 11:30 बजे तक वन विहार स्थित विहार वीथिका में किया जाएगा। प्रतियोगिता में प्रतिभागी रंगों एवं पारंपरिक कला के माध्यम से मध्यप्रदेश के वन्यजीवों एवं जैव-विविधता को प्रस्तुत करेंगे। प्रतियोगिता का उद्देश्य रचनात्मक कला के माध्यम से विद्यार्थियों को मध्यप्रदेश की समृद्ध वन्यजीव संपदा से परिचित कराना तथा वन्यजीव संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।

मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर संकोच दूर करना और व्यापक जागरूकता लाना बेहद आवश्यक: राज्यमंत्री गौर

भोपाल। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्ण गौर ने कहा कि मासिक धर्म महिलाओं एवं बेटियों के जीवन की एक अत्यंत स्वाभाविक जैविक प्रक्रिया है, किंतु लंबे समय तक सामाजिक झिझक के कारण इस विषय पर खुलकर चर्चा न होने से अनेक किशोरियों और महिलाओं को सही समय पर स्वच्छता संबंधी आवश्यक जानकारी नहीं मिल पाती थी। स्वस्थ बेटी, जागरूक महिला और आत्मविश्वासी नारी ही समाज की वास्तविक प्रगति का आधार हैं।  स्वच्छता से स्वास्थ्य, स्वास्थ्य से आत्मविश्वास और आत्मविश्वास से महिला सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त होता है। इस संदेश को प्रत्येक जरूरतमंद बहन-बेटी तक पहुँचाना हम सभी की सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है। एक सक्षम बेटी, आत्मनिर्भर नारी और सशक्त मातृत्व ही हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं।" पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर भोपाल स्थित गोविंदपुरा क्षेत्र के रत्नागिरी चौराहा, आनंद नगर दशहरा मैदान में आयोजित विशाल सैनिटरी पैड वितरण समारोह को संबोधित कर रही थीं। कृष्णा सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था के तत्वावधान में आयोजित जनहितकारी कार्यक्रम में राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने लगभग 2,000 महिलाओं को 3 महीने की अवधि के लिए उपयोगी नि:शुल्क सेनेटरी पैड का वितरण किया। उन्होंने कहा कि केवल सैनिटरी पैड उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके सुरक्षित उपयोग, उचित निस्तारण तथा आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों से परामर्श लेने के संबंध में व्यापक जनजागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से बेटियों के साथ स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर सहज और खुलकर संवाद स्थापित करने का आह्वान किया। राज्यमंत्री गौर ने रेखांकित किया कि मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं और बेटियों के सम्मान, उन्नति के अवसरों एवं मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। समाज सेवा की वास्तविक परिभाषा को परिभाषित करते हुए उन्होंने कहा कि किसी जरूरतमंद तक स्वच्छता सामग्री पहुँचाना, बेटी के मन से झिझक दूर करना और उसे स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाना ही सच्ची जनसेवा है। उन्होंने संस्था के सदस्यों एवं सहयोगियों की इस अनुकरणीय पहल की प्रशंसा करते हुए प्रदेश की बेटियों के स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।