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व्यापमं घोटाले से जुड़ा कांस्टेबल भर्ती मामला, सीबीआई ने की बड़ी कार्रवाई

 ग्वालियर  मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं घोटाले से जुड़े एक और मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) को सफलता मिली है। पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2012 में हुए प्रतिरूपण (इम्परसनेशन) के एक मामले में ग्वालियर स्थित विशेष सीबीआइ न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए दो से सात साल तक की सजा सुनाई है। सीबीआई के अनुसार, 8वें अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (व्यापमं प्रकरण) ने रणवीर पुत्र चूरामन, हरवेंद्र सिंह चौहान उर्फ प्रवेंद्र कुमार पुत्र देवेंद्र को आपस में मिलीभगत कर आपराधिक षड़यंत्र रचने, धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और प्रतिरूपण के गंभीर अपराधों का दोषी पाया। न्यायालय ने आरोपियों को विभिन्न धाराओं में दो वर्ष से लेकर सात वर्ष तक का कठोर कारावास तथा जुर्माना की सज़ा सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई को सौंपा गया था मामला मामला वर्ष 2012 की पुलिस कांस्टेबल परीक्षा के दौरान हुई अनियमितताओं से जुड़ा है। थाना सिटी कोतवाली, मुरैना में केंद्र अधीक्षक बीएस परिहार ने परीक्षा में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने रणवीर सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जबकि प्रवेंद्र कुमार के मामले में जांच जारी थी। बाद में यह पूरा प्रकरण सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद सीबीआई को सौंपा गया, जिसने जांच पूरी कर आरोपियों को अदालत में दोषसिद्ध कराया। इस फैसले को व्यापमं घोटाले की न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मध्य प्रदेश में सीएम मोहन यादव का कड़ा कदम, 250 बीघा सरकारी जमीन से अवैध कब्जे को हटाया

 शिवपुरी   शिवपुरी में प्रशासन ने बड़ी बुलडोजर कार्रवाी की है। शिवपुरी जिले के वन परिक्षेत्र कोलारस में वन, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 250 बीघा सरकारी जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई गई है। इस ऐक्शन के बाद प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा जिले में अवैध पर बुलडोजर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। शिवपुरी में बुलडोजर कार्रवाी के बाद वन विभाग सूत्रों ने कल शाम यह जानकारी देते हुए बताया कि कोलारस वन परिक्षेत्र में ग्राम राई के पास शिवनारायण धाकड़, सीताराम धाकड़ आदि ग्रामीण वन भूमि पर कब्जा कर खेती कर रहे थे। इस बार भी उन्होंने फसल लगा दी थी। इसके बाद कल शाम संयुक्त दल द्वारा लगभग 6 जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टरों के द्वारा उनकी फसल को हटाकर जमीन को जोत कर अवैध कब्जा हटाकर वन भूमि को मुक्त कराया गया। किसानों ने कर रखा था अवैध कब्जा मध्य प्रदेश सरकार का अवैध कब्जों पर लगातार ऐक्शन जारी है। इस दौरान शिवपुरी में किसानों और अन्य लोगों ने करीब 250 बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया। किसानों कब्जा करने के बाद जमीन पर खेती शुरू कर दी थी। अवैध कब्जा हटाने के लिए प्रशासन अपना दल-बल लेकर मौके पर पहुंचा और अचानक कार्रवाई शुरू कर दी। इस दौरान किसानों के कब्जे वाले खेतों में भी प्रशासन ने बुलडोजर से फसलों को नष्ट कर दिया और अवैध कब्जे को हटा दिया।

यात्रियों की सुविधा के लिए 05587/05588 गोरखपुर-एलटीटी-गोरखपुर विशेष ट्रेन का संचालन तय

यात्रियों की सुविधा के लिये रेलवे का बड़ा फैसला रेलवे का बड़ा फैसला: गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष ट्रेन का संचालन 7 और 9 दिसंबर से यात्रियों की सुविधा के लिए 05587/05588 गोरखपुर-एलटीटी-गोरखपुर विशेष ट्रेन का संचालन तय जबलपुर रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की मांग पर गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष ट्रेन शुरू करने का निर्णय लिया जबलपुर   रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की मांग पर 05587/05588 गोरखपुर- लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर विशेष गाड़ी का संचालन गोरखपुर से 07 दिसम्बर, 2025 को तथा लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 09 दिसम्बर, 2025 को चलाने का निर्णय लिया गया है। यह स्पेशल ट्रेन पश्चिम मध्य रेल के बीना, रानी कमलापति एवं इटारसी स्टेशनों से होकर गंतव्य को जाएगी। स्पेशल ट्रेन का विवरण इस प्रकार है:-  गाड़ी संख्या 05587 गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष गाड़ी 07 दिसम्बर, 2025 को गोरखपुर से 23.25 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन बस्ती से 00.32 बजे, गोंडा से 02.00 बजे, गोमती नगर से 04.35 बजे, बादशाहनगर से 05.10 बजे, ऐशबाग से 05.55 बजे, कानपुर सेंट्रल से 07.55 बजे, उरई 10.20 बजे, वीरांगना लक्ष्मीबाई जं. (झाँसी) से 13.20 बजे, बीना से 16.40 बजे, रानी कमलापति से 19.25 बजे, इटारसी से 21.12 बजे, खंडवा से 23.42 बजे तीसरे दिन भुसावल से 01.45 बजे, नासिक रोड से 05.15 बजे, इगतपुरी से 06.35 बजे तथा कल्याण से 08.08 बजे छूटकर लोकमान्य तिलक टर्मिनस 09.00 बजे पहुँचेगी। वापसी यात्रा में, गाड़ी संख्या 05588 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर विशेष गाड़ी 09 नवम्बर, 2025 को लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 11.00 बजे प्रस्थान कर कल्याण से 11.45 बजे, ईगतपुरी से 14.10 बजे, नासिक रोड से 14.42 बजे, भुसावल से 18.50 बजे, खंडवा से 21.40 बजे दूसरे दिन इटारसी से 00.25 बजे, रानी कमलापति से 02.40 बजे, बीना से 04.50 बजे, वीरांगना लक्ष्मीबाई जं. (झाँसी) से 06.55 बजे, उरई 08.07 बजे, कानपुर सेंट्रल से 12.05 बजे, ऐशबाग से 13.45 बजे, बादशाहनगर से 14.12 बजे, गोमती नगर से 14.55 बजे, गोंडा से 17.25 बजे तथा बस्ती से 19.02 बजे छूटकर गोरखपुर से 20.15 बजे पहुँचेगी।   इस गाड़ी में जनरेटर सह लगेज यान का 01, शयनयान श्रेणी के 04, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के 08, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के 02, वातानुकूलित प्रथम श्रेणी का 01, साधारण द्वितीय श्रेणी के 04, तथा एल.एस.एल.आर.डी. के 01 कोच सहित कुल 21 कोच लगाये जायेंगे।  इस स्पेशल ट्रेन के ठहराव, समय एवं संरचना के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए यात्री कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन कर सकते हैं।

सीएम की घोषणा: होम गार्ड जवानों को मिलेगा स्थायी आवास, स्थापना दिवस पर परेड की सलामी ली

भोपाल  मध्य प्रदेश में होम गार्ड्स और नागरिक सुरक्षा संगठन का 79वां स्थापना दिवस इस बार राज्य स्तरीय आयोजन के रूप में मनाया गया। भोपाल स्थित होम गार्ड मुख्यालय में हुए समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। यहां उन्होंने परेड का निरीक्षण किया, सलामी ली और बल की भूमिका को राज्य के लिए अनमोल बताया। पूरी टुकड़ी का किया निरक्षण मुख्यमंत्री परेड निरीक्षण वाहन से ग्राउंड पर पहुंचे और पूरी टुकड़ी का निरीक्षण किया। इसके बाद होम गार्ड्स की टीम ने उन्हें सलामी देकर सम्मान प्रकट किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि होम गार्ड ऐसा अनुशासित समूह है जो हर चुनौती और हर स्थिति में सबसे आगे खड़ा मिलता है। उन्होंने जवानों के साहस को राज्य की ताकत बताते हुए कहा कि यह बल हमेशा अपने कर्तव्यों को निष्ठा और समर्पण के साथ निभाता है। मुख्यमंत्री ने होम गार्ड परेड निरीक्षण वाहन से परेड का निरीक्षण किया, जिसके बाद होम गार्ड परेड टीम ने उन्हें सलामी दी। मुख्यमंत्री ने जवानों के साहस और अनुशासन की सराहना की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाेम गार्डस के लिए स्थायी आवास देने की घोषणा की। इसके अलावा, अदम्य साहसिक कार्य सम्मान पुरस्कार देने की बात भी कही। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि होम गार्ड एक ऐसा अनुशासित समूह है जो हर परिस्थिति में अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करता है। उन्होंने कहा कि “हर प्रस्तुति में, हर चुनौती में, सबसे आगे खड़े रहने वाला यह होम गार्ड का समूह है”। होमगार्ड के लिए की कई अहम घोषणाएं  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने होमगार्ड के जवानों के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के लिए 5 हजार होमगार्ड जवानों की भर्ती की जाएगी। बेगा, सहरिया और भारिया समुदायों की बटालियन बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने 10 टीमों को अदम्य साहस पुरस्कार देने की घोषणा की। प्रत्येक टीम को 51-51 हजार रुपये की राशि दी जाएगी और यह पुरस्कार हर साल प्रदान किया जाएगा।  मुख्यमंत्री ने अनुकंपा अनुदान राशि बढ़ाने की घोषणा की ताकि होमगार्ड के परिवारों को अधिक सहायता मिल सके। हर देवालय में होमगार्ड सुरक्षा प्रदान करेंगे, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल मिल सके। होमगार्ड के जवानों के लिए स्थायी आवास बनाने की योजना की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने होमगार्ड के दो महीने के सेवा बाध्यकाल को समाप्त करने की भी घोषणा की। अदम्य साहस पुरस्कार और श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थापना दिवस के अवसर पर अदम्य साहस सम्मान देने की घोषणा की और विभिन्न जिलों से आए उन अधिकारियों और जवानों को सम्मानित किया जिन्होंने पिछले वर्ष बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि हर साल इस पुरस्कार को नियमित रूप से दिया जाएगा ताकि उत्कृष्ट कार्य करने वाले जवानों का उत्साह बढ़े। रेस्क्यू टीमों को प्रोत्साहन राशि मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 में NDRF के गठन के बाद से रेस्क्यू बलों ने हमेशा उत्कृष्ट काम किया है। उन्होंने कहा कि इंदौर में NDRF और SDRF के जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिसका बड़ा उपयोग आगामी सिंहस्थ (Simhastha) में होगा। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 10 रेस्क्यू टीमों को 51 हजार रुपए पुरस्कार देने की घोषणा की। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल होम गार्ड जवानों ने 5 हजार से ज्यादा लोगों की जान बचाई, इसलिए उनकी भूमिका जलदूतों के समान मानी जाती है। स्थायी आवास निर्माण का सीधा आदेश समारोह की सबसे अहम घोषणा होम गार्ड जवानों के लिए स्थायी आवास निर्माण से जुड़ी रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर जवान को सुरक्षित और स्थायी घर उपलब्ध कराने की दिशा में तुरंत काम शुरू करेगी। उन्होंने दो महीने के सेवा बाध्यकाल की अनिवार्यता समाप्त करने की भी घोषणा की। नई भर्ती का ऐलान मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन सिंहस्थ के लिए 5 हजार नए होम गार्ड भर्ती किए जाएंगे। इसके साथ ही बेगा, सहरिया और भारिया समुदाय के लिए विशेष बटालियन बनाने की भी घोषणा की गई। उन्होंने अनुकंपा अनुदान राशि बढ़ाने और प्रदेश के हर देवालय में होम गार्ड जवानों के लिए प्रार्थना आयोजित करने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि होम गार्ड पुलिस से न कम है और न अलग। जहां जरूरत पड़ती है, वहां यह बल तुरंत मौजूद होकर जिम्मेदारी निभाता है। 10 रेस्क्यू टीमों को 51 हजार रुपए का पुरस्कार मुख्यमंत्री ने बताया कि 2014 में NDRF का गठन हुआ था और तब से इस बल ने उत्कृष्ट तरीके से अपना कर्तव्य निभाया है। उन्होंने जानकारी दी कि इंदौर में NDRF और SDRF के जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसका उपयोग आगामी उज्जैन सिंहस्थ में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 10 रेस्क्यू टीमों को 51 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। आवास सुविधाओं की आवश्यकता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने होम गार्ड जवानों के लिए स्थायी आवास निर्माण के आदेश भी दिए। उन्होंने कहा कि सरकार सुनिश्चित करेगी कि हर होम गार्ड को सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध कराया जाए।

इंडिगो की फ्लाइट कैंसिल, MP में फंसे यात्री: शादी के लिए ट्रेन पकड़ी, री-शेड्यूलिंग के कोई आसार नहीं अगले 3 दिन

भोपाल / इंदौर   देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के लगातार बिगड़ते संचालन से मध्यप्रदेश के एयरपोर्ट पर हालात संभल नहीं रहे। इंदौर, भोपाल और जबलपुर में कुल मिलाकर 65 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। पिछले चार दिनों में कंपनी देशभर में 1700 से अधिक फ्लाइट्स कैंसिल हो चुकी हैं, जिसका सीधा असर मध्यप्रदेश पर दिखाई दे रहा है। कई यात्रियों ने रातें एयरपोर्ट पर बिताईं, जबकि दूसरी एयरलाइन्स ने किराया तीन से चार गुना बढ़ा दिया। बता दें, आज (6 दिसंबर) भी पूणे से भोपाल और इंदौर से पूणे की फ्लाइट कैंसिल की गई है। इसमें फ्लाइट संख्या 6E-147 (इंदौर से पूणे) रात 11.05 बजे और फ्लाइट संख्या 6E-258 (पूणे से भोपाल) सुबह 01.40 बजे शामिल है। दिल्ली में रोका, भोपाल में फंसी दुल्हन शुक्रवार को भोपाल से 18 फ्लाइट कैंसिल हुईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दिल्ली जाने वाली डॉ. गुंजन भी उन्हीं यात्रियों में शामिल थीं, जिनकी इंडिगो फ्लाइट कैंसिल हो गई। शनिवार को दिल्ली में उनका रौका समारोह था, दूल्हा वहां इंतजार कर रहा था। जबकि दुल्हन भोपाल एयरपोर्ट पर दूसरे साधन की तलाश में भटक रही थीं।     हनीमून जाने के लिए करनी पड़ी ट्रेन     भोपाल के ही विवेक और साक्षी मिश्रा हनीमून के लिए ऊटी जा रहे थे। भोपाल से मुंबई और वहां से कनेक्टिंग फ्लाइट थी, लेकिन उड़ान रद्द होने के बाद दोनों ने ट्रेन से सफर करने का फैसला किया। वे एयरपोर्ट से रेलवे स्टेशन पहुंचे और स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस से रवाना हुए।     क्रू संकट के चलते यात्रियों को अंतिम समय में यात्रा योजनाएं बदलनी पड़ रही हैं और एयरलाइंस की ओर से स्थिति सामान्य करने के प्रयास जारी हैं। इंदौर में सबसे ज्यादा असर, किराए आसमान पर इंदौर एयरपोर्ट इंडिगो संकट का सबसे बड़ा शिकार बन गया। यहां उड़ानें रद्द होने से यात्रियों की लंबी कतारें और अफरा-तफरी देखी गई। बच्चों और बुजुर्गों को घंटों इंतजार करना पड़ा। दूसरी एयरलाइन्स ने मौके का फायदा उठाते हुए किराए तीन से चार गुना बढ़ा दिए। कई यात्रियों ने कहा कि एयरलाइन कोई ओनरशिप नहीं ले रही, सिर्फ इतना बताया जा रहा है कि फ्लाइट्स कैंसिल है और रिफंड ले लो। जबलपुर में अचानक 10 उड़ानें रद्द जबलपुर में भी हालात बिगड़े। यहां से आने-जाने वाली करीब 10 फ्लाइट्स अचानक रद्द कर दी गईं। लगभग 900 से 1000 यात्री पहले से टिकट बुक करा चुके थे। कई लोगों को फ्लाइट कैंसिल होने की सूचना मैसेज में मिली, जबकि कई यात्रियों को किसी तरह की जानकारी नहीं मिली। डुमना एयरपोर्ट पर यात्रियों ने नाराजगी जताई और एयरलाइन पर मनमानी का आरोप लगाया। केवल इंदौर के लिए फ्लाइट्ससंचालित रहीं। इंडिगो की सर्विस से यात्री के खासे नाराज इंडिगो ने बयान जारी कर कहा कि यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था देने की कोशिश की जा रही है। हालांकि प्रभावित लोग मानते हैं कि सूचना प्रणाली कमजोर है और ग्राउंड स्टाफ कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहा। कई यात्रियों का कहना था कि वे रातभर एयरपोर्ट पर फंसे रहे, लेकिन एयरलाइन की ओर से कोई सहायता नहीं मिली। DGCA के नए नियमों ने बढ़ाया दबाव इस संकट के पीछे DGCA के नए सुरक्षा नियमन हैं, जिनका सीधा असर crew availability पर पड़ा है।     मुख्य बदलावों में शामिल हैं,     क्रू मेंबर्स को लगातार 7 दिन काम करने के बाद 48 घंटे का अनिवार्य आराम देना।     पायलट पहले 6 नाइट लैंडिंगकरते थे, अब केवल दो की अनुमति है।     किसी भी क्रू मेंबर को एक सप्ताह में दो से अधिक नाइट ड्यूटी नहीं लगाई जा सकती।     प्री और पोस्ट फ्लाइट ड्यूटी में एक घंटे से अधिक काम नहीं लिया जा सकता। इन बदलावों के कारण इंडिगो के पास पर्याप्त क्रू नहीं बच पा रहा और बड़ी संख्या में फ्लाइट समय पर संचालित नहीं हो पा रहीं। भोपाल में हज यात्रियों का ग्रुप भी फंसा भोपाल एयरपोर्ट पर शुक्रवार को 18 फ्लाइट्स रद्द होने से यात्रियों का धैर्य टूट गया। कई लोग दो दिन से अपनी फ्लाइट्स का इंतजार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी उस हज ग्रुप को हुई, जिसके 41 यात्रियों को एयरपोर्ट पर रोक दिया गया। होटल और ट्रांसपोर्ट पहले से बुक थे, इसलिए हर यात्री का प्रतिदिन 5 से 6 हजार रुपए का नुकसान हो रहा है। कई लोगों का 6 हजार रुपए का टिकट बढ़कर 30 से 35 हजार तक पहुंच गया और फिर भी यह भरोसा नहीं कि नई टिकट से यात्रा हो ही जाएगी। पहले जानिए क्यों बनी ऐसी स्थिति दरअसल, इंडिगो एयरलाइन क्रू मेंबर्स की कमी से जूझ रही है। इसके कारण इंदौर, भोपाल, दिल्ली, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद सहित कई एयरपोर्ट पर 1000 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हो गईं। यात्री 24-24 घंटे से फ्लाइट का इंतजार कर रहे हैं। इसकी वजह यह है कि 1 नवंबर से DGCA ने पायलटों और अन्य क्रू मेंबर्स के काम से जुड़े नियमों में बदलाव किए थे। फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नाम दिया गया है। इन्हें दो चरणों में लागू किया गया। पहला चरण 1 जुलाई को लागू हुआ था। वहीं, 1 नवंबर से दूसरा चरण लागू हुआ। नए नियमों में यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पायलटों और क्रू को पर्याप्त आराम देने पर जोर दिया गया है। इस कारण एयरलाइन कंपनियों के पास पायलटों और क्रू मेंबर्स की अचानक कमी पड़ गई है। यात्रियों को 4-5 गुना अधिक किराया देना पड़ रहा है, फिर भी यह भरोसा नहीं कि नई टिकट से सफर हो ही जाएगा। भोपाल एयरपोर्ट पर हज ग्रुप के 41 यात्रियों को रोक दिया गया, होटल और ट्रांसपोर्ट पहले से बुक, रोज प्रति यात्री 5–6 हजार रुपए का नुकसान हो रहा है। किसी का टिकट 6 हजार से बढ़कर 35 हजार तक पहुंच गया, किसी को रातभर एयरपोर्ट पर रुकना पड़ा…यात्रियों का आरोप है कि “एयरलाइन कोई ओनरशिप नहीं ले रही, बस कहती है फ्लाइट कैंसिल है, रिफंड ले लो। हज यात्री बोले- सारी बुकिंग कन्फर्म, नुकसान हमारा अयाज हसन, अल-बिलाल टूर्स एंड ट्रैवल्स ऑपरेट करते हैं। वह भोपाल एयरपोर्ट पर बेहद परेशान नजर आए। उनके मुताबिक, 6 दिसंबर को उन्हें अपने 41 यात्रियों के साथ अहमदाबाद पहुंचना था, जहां से … Read more

पीड़िता का मजाक उड़ाने वाले थाना प्रभारी और डीएसपी पर होगी कार्रवाई

ग्वालियर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने दुष्कर्म पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों द्वारा किए गए उपहास, दुर्व्यवहार और एफआईआर दर्ज न किए जाने को अत्यंत गंभीर मामला माना है। कोर्ट ने ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक को संबंधित थाना प्रभारी और डीएसपी के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मामले की विवेचना को पुलिस थाना गिरवाई से हटाकर किसी अन्य अधिकारी से कराने को कहा है। अदालत ने पीड़िता के परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने का आदेश भी दिया है। न्यायालय ने टिप्पणी की कि यदि अधिकारी अपने विधिक दायित्वों का पालन नहीं करते, विशेषकर यौन अपराधों के मामलों में सहानुभूति नहीं दिखाते, तो यह संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है, जो जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार की गारंटी देता है। एफआईआर दर्ज करने से इन्कार कर दिया दुष्कर्म पीड़िता ने हाई कोर्ट में प्रस्तुत अपनी याचिका में कहा कि 26 अप्रैल 2025 को वह अपने साथ हुए दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए गिरवाई पुलिस थाना पहुंची थी। उस समय थाना प्रभारी सुरेंद्रनाथ यादव और डीएसपी ग्रामीण चंद्रभान सिंह चिडार मौजूद थे। लेकिन दोनों अधिकारियों ने न सिर्फ उसका मजाक उड़ाया बल्कि उसे बेहद लज्जित किया, दुर्व्यवहार किया और एफआईआर दर्ज करने से इन्कार कर दिया। गिरवाई थाने में दर्ज हुई एफआईआर पीड़िता ने बताया कि वह रात दो बजे तक अपने स्वजन के साथ थाने में बैठी रही, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बजाय उसकी शिकायत की मात्र प्राप्ति देकर उसे थाने से भगा दिया गया। घटना से आहत पीड़ित के स्वजन ने तत्काल मोबाइल से पुलिस अधीक्षक और आईजी ग्वालियर को पूरे प्रकरण की जानकारी दी। अगले दिन पीड़िता ने खुद पुलिस अधीक्षक और आईजी से मुलाकात कर पूरी घटना बताई। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के बाद, तीसरे दिन यानी 28 अप्रैल 2025 को पुलिस थाना गिरवाई में दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज की गई।

कूनो पार्क में मादा चीता वीरा के शावक की मौत, 24 घंटे पहले जंगल में छोड़े गए थे

 श्योपुर मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से चिंताजनक खबर सामने आई है. यहां मादा चीता वीरा के एक शावक की खुले जंगल में मौत हो गई. शावक का शव शुक्रवार को दोपहर बाद जंगल के इलाके में मिला, जिसके बाद पूरे वन विभाग व चीता प्रोजेक्ट टीम में हलचल मच गई. ठीक एक दिन पहले 4 दिसंबर की दोपहर को मादा चीता वीरा और उसके दो शावकों को खुले जंगल में रिलीज किया गया था. रिलीज के 24 घंटे भी पूरे नहीं हुए थे कि यह दुखद घटना सामने आ गई. कूनो नेशनल पार्क के चीता प्रोजेक्ट के फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने कहा है कि मृत पाया गया शावक करीब 10 महीने का था. उसे 4 दिसंबर को अपनी मां वीरा और दूसरे शावक के साथ जंगल में छोड़ा गया था. लेकिन रिलीज के बाद रात के दौरान यह शावक अपनी मां और भाई से अलग हो गया. शुक्रवार दोपहर बाद वह मृत अवस्था में मिला. उन्होंने कहा कि शावक की मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा. फिलहाल, मादा चीता वीरा और उसका दूसरा शावक साथ हैं और स्वस्थ हैं. उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि टीम लगातार मौके पर निगरानी रख रही है. बाहर छोड़े जाने के बाद शावकों के लिए यह शुरुआती अवधि बेहद संवेदनशील होती है. वन्यजीव विशेषज्ञों और मेडिकेशन टीम को सतर्क किया गया है. इस मौत के बाद कूनो नेशनल पार्क में अब कुल 28 चीते बचे हैं. इनमें 8 वयस्क (5 मादा और 3 नर) और 20 भारत में जन्मे चीते शामिल हैं. पार्क प्रबंधन का दावा है कि बाकी सभी चीते स्वस्थ हैं और उनकी मॉनिटरिंग की जा रही है. फिलहाल प्रबंधन पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि शावक की मौत किस वजह से हुई.

उमरिया में 4.8 डिग्री तापमान, मध्य प्रदेश के 24 शहरों में 10 डिग्री से कम पारा, ठिठुरते लोग

भोपाल  मध्य प्रदेश में दिसंबर की शुरुआत से ही ठंड ने जोर पकड़ा हुआ है, वहीं अब हाड़ कंपा देने वाली ठंड की एंट्री हो गई है. बर्फीली हवाओं ने प्रदेश पर ऐसा असर किया है कि शुक्रवार को पचमढ़ी हिल स्टेशन से ज्यादा ठंडा रीवा हो गया है. यहां रात का न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पचमढ़ी में तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस रहा. पहाड़ों पर बर्फबारी से बढ़ी ठिठुरन पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और उत्तरी हवाओं ने मध्य प्रदेश में ठिठुरन बढ़ा दी है. गुरुवार-शुक्रवार रात राजधानी भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर समेत 19 से ज्यादा शहरों का तापमान गोता लगाते हुए 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया था. मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल में वेस्टर्रन डिस्टर्बेंस की वजह से भारी बर्फबारी के आसार हैं, इसी वजह से उत्तरी हवाएं एमपी में भी ज्यादा ठंड ला रही हैं. मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी राज्य- हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के चलते बर्फबारी और बारिश होने की संभावना है। यहां से सर्द हवाएं भी एमपी में आ रही है। 7-8 दिसंबर को ठंड का असर और बढ़ेगा। शुक्रवार-शनिवार की रात में एमपी में पहली बार पारा 5 डिग्री से नीचे आ गया। उमरिया में सबसे कम 4.8 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ में 5 डिग्री, रीवा में 5.4 डिग्री, छतरपुर के नौगांव में 5.7 डिग्री और खजुराहो में 6.4 डिग्री, रायसेन में 7.4 डिग्री, दमोह-सतना में 7.5 डिग्री, मंडला में 8 डिग्री, मलाजखंड में 8.1 डिग्री, दतिया में 8.3 डिग्री, गुना में 8.4 डिग्री, बैतूल में 8.5 डिग्री, सीधी में 8.6 डिग्री, छिंदवाड़ा में 8.8 डिग्री, धार में 9.1 डिग्री, श्योपुर, सिवनी-नरसिंहपुर में 9.4 डिग्री, सागर में 9.9 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में सबसे कम 6.2 डिग्री, भोपाल में 8.2 डिग्री, ग्वालियर में 7.6 डिग्री, उज्जैन में 10 डिग्री और जबलपुर में पारा 7.8 डिग्री दर्ज किया गया। दिसंबर में टूटेंगे ठंड के कई रिकॉर्ड मौसम विभाग के मुताबिक इसबार नवंबर में ही दिसंबर-जनवरी जैसे ठंड पड़ी, जिससे कई रिकॉर्ड टूटे हैं. 1941 के बाद पहली बार राजधानी भोपाल में नवंबर में इतनी तेज ठंड पड़ी. 1941 में जहां नवंबर में 6.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तामपान दर्ज किया गया था तो वहीं 17 नवंबर 2025 को यह 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग का मानना है कि अगर ठंड के ऐसे ही तेवर रहे, तो दिसंबर में भी कई रिकॉर्ड ध्वस्त हो सकते हैं. कहां कितना रहा न्यूनतम तापमान? मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर से आ रही हवाओं का सबसे ज्यादा असर ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग पर पड़ा है. वहीं पूरे प्रदेश में औसत तापमान 2 से 3 डिग्री तक नीचे गिर गया है. गुरुवार-शुक्रवार रात रीवा में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री, राजगढ़ में 6 डिग्री, पचमढ़ी में 6.7 डिग्री, चित्रकूट में 6.8 डिग्री, शिवपुरी में 7 डिग्री, उमरिया में 7.1 डिग्री, ग्वालियर में 7.5 डिग्री, नौगांव में 8.2 डिग्री, भोपाल में 8.2 डिग्री, सतना में 8.6 डिग्री, दमोह-खजुराहो में 9 डिग्री, गुना में 9.5 डिग्री, सीधी में 9.6 डिग्री, मलाजखंड में 9.7 डिग्री और जबलपुर व धार में तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस रहा. इस बार समय से पहले इतनी ठंड क्यों? मध्य प्रदेश में समय से पहले इतनी तेज ठंड के पीछे की वजह पहाड़ों पर बर्फबारी को बताया जा रहा है. भोपाल में सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने कहा, '' इस वर्ष उत्तरी राज्यों के पहाड़ी इलाकों में नवंबर की शुरुआत से ही बर्फबारी होने लगी थी. यही वजह है कि मध्य प्रदेश में जैसी ठंड दिसंबर के अंत और जनवरी में पड़ती थी, वैसी नवंबर से पड़ने लगी. दरअसल, उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाओं से ही प्रदेश में ज्यादा ठंड पड़ती है. नवंबर की शुरुआत में तेज ठंड के बाद आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदलते ही तापमान बढ़ गया था, लेकिन दिसंबर में फिर ठंड ने जोर पकड़ा है.'' दिन में भी बढ़ा सर्दी का असर मध्य प्रदेश के ज्यादातर शहरों में रात के वक्त जहां हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है, तो वहीं दिन में भी सर्दी का असर बरकरार है. शुक्रवार को नरसिंहपुर में दिन का अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस, बैतूल में 23.7 डिग्री, शिवपुरी में 24 डिग्री, धार में 24.4 डिग्री, नौगांव में 24.5 डिग्री, श्योपुर में 24.6 डिग्री और रीवा में 24.8 डिग्री रहा. वहीं बड़े शहर भोपाल, इंदौर, जबलपुर व ग्वालियर में भी दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस का आसपास रहा. पचमढ़ी से भी ठंडी रही रीवा की रात बीती रात रीवा प्रदेश में सबसे ठंडा इलाका रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी कम रहा। भोपाल में पारा 8.2 डिग्री, ग्वालियर में 7.5 डिग्री, जबलपुर में 9.9 डिग्री, इंदौर में 11 डिग्री और उज्जैन में 11.7 डिग्री दर्ज हुआ। राजगढ़-कल्याणपुर में 6 डिग्री, पचमढ़ी 6.7, चित्रकूट 6.8, शिवपुरी 7, उमरिया 7.1, नौगांव 8.2, सतना 8.6, दमोह और खजुराहो में 9 डिग्री, गुना 9.5, सीधी 9.6, मलाजखंड 9.7 और धार में 9.9 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा। दिन के तापमान में भी गिरावट सर्द हवाओं का असर दिन में भी देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को पचमढ़ी और नरसिंहपुर में अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री दर्ज किया गया। बैतूल 23.7, शिवपुरी 24, धार-सिवनी 24.4, नौगांव 24.5, श्योपुर 24.6, रीवा 24.8 और टीकमगढ़ में तापमान 25 डिग्री के आसपास रहा। पांच प्रमुख शहरों में भोपाल का अधिकतम तापमान 25 डिग्री, इंदौर 24.8, ग्वालियर 25.6, जबलपुर 25.3 और उज्जैन में 26.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिसंबर में भी पड़ेगी कड़ी ठंड मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार ठंड का दौर लंबा और अधिक प्रभावी रहेगा। भोपाल में नवंबर महीने की ठंड ने 84 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया, जबकि इंदौर में 25 वर्षों में सबसे ज्यादा ठंड दर्ज की गई। इसी तरह दिसंबर में भी ठंड नए रिकॉर्ड बना सकती है। नवंबर पहले ही बना चुका है रिकॉर्ड भोपाल में इस बार नवंबर में लगातार 15 दिन तक शीतलहर का असर रहा, जो साल 1931 के बाद सबसे लंबा दौर माना जा रहा है। 17 नवंबर की रात … Read more

8 दिसंबर को जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीयन विषय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला

भोपाल  आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय,मध्यप्रदेश एवं यूनिसेफ,मध्यप्रदेश के संयुक्त तत्वाधान में जन्म मृत्यु एवं विवाह पंजीयन के संबंध में प्रशिक्षण सह कार्यशाला 8 दिसम्बर को आयोजित होगी। आयुक्त एवं मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) आर्थिक एवं सांख्यिकी, श्री विकास मिश्रा ने बताया कि कार्यशाला सुबह 10 बजे से आर.सी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी, भोपाल में होगी। आयुक्त एवं मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) आर्थिक एवं सांख्यिकी श्री मिश्रा ने बताया कि बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र उसकी एक पहचान है जो उसकी जन्म दिनांक एवं जन्म के स्थान को दर्शाती है। अक्टूबर 2023 से जन्म प्रमाण पत्र एक मात्र दस्तावेज जो हर क्षेत्र में मान्य किया जायेगा, चाहे वह स्कूल में एडमिशन हो नौकरी हो पासपोर्ट बनवाना हो इत्यादि। मृत्यु प्रमाण पत्र किसी भी व्यक्ति की मृत्यु का प्रमाण है जो यह बतलाता है कि वह अब इस दुनिया में नहीं है एवं उससे जुड़े समस्त क्लेम आदि उसके उत्तराधिकारी को दिए जा सकते है, का एक प्रमाणिक दस्तावेज है। मध्यप्रदेश विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण नियम 2008 के अनुसार विवाह रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य है, जो दो नवदम्पति की शादी का प्रमाण होता है, जिसके अभाव में व्यक्ति को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है| इन दस्तावेजो की आवश्यकता एवं महत्ता को देखते हुए तथा इसकी उपलब्धता को आमजन तक पहुचाने एवं इसकी प्रक्रिया को सरल करने के सम्बन्ध में आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के द्वारा लगातार अथक प्रयास किये जा रहे है। इस सम्बन्ध में यूनिसेफ तथा आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय के संयुक्त तत्वाधान में जिला रजिस्ट्रार (ज.मृ.) रजिस्ट्रार(ज.मृ.)- शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नगर पालिक निगम, चयनित खंड चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उप रजिस्ट्रार(ज.मृ.)- पंचायत सचिव इसके अतिरिक्त महिला बाल विकास विभाग से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम संगठन से चयनित महिला पदाधिकारी को भी इस कार्यशाला में आमंत्रित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जन-जन तक जन्म मृत्यु एवं विवाह प्रमाण पत्र का लाभ सुगमता से प्रदाय करना है।  

शिक्षकों के बिना पढ़ाई! DAVV में विजिटिंग फैकेल्टी के भरोसे अकादमिक व्यवस्था

इंदौर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में शिक्षकों का अभाव बना हुआ है। बरसों से रिक्त पदों पर शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई है। इनकी कमी अब विभागों में महूसस होने लगी है, क्योंकि वरिष्ठ प्राध्यापक लगातार सेवानिवृत्त हो रहे है। ऐसे में विभागों की शैक्षणिक, परीक्षा और रिजल्ट से जुड़े गतिविधियां प्रभावित होती है। विजिटिंग फैकेल्टी के भरोसे 90 फीसद विभाग टीके हुए है। इन दिनों जनवरी से शुरू होने वाले सेमेस्टर को लेकर तैयारी चल रही है। आधा दर्जन से ज्यादा विभागों ने विजिटिंग फैकल्टी के लिए आवेदन मांगवाएं है। अधिकारियों के मुताबिक कई विभागों में नियमित व सेल्फ फाइनेंस शिक्षकों के पद नहीं है।   हर साल विभागों को सालभर में दो मर्तबा विजिटिंग फैकेल्टी की भर्तियां करना पड़ती है। मई और दिसंबर में आवेदन मांगवाए जाते है। 11 महीने की अवधि रखी जाती है। इन दिनों वाणिज्य, सांख्यिकी, कम्प्यूटर साइंस, सोशल साइंस, फिजिक्स सहित अन्य विभागों ने विज्ञापन निकाला है। विभाग स्तर पर आवेदनों की स्क्रूटनी की जाएगी। उसके बाद उम्मीदवारों के लिए साक्षात्कार रखे जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक प्रत्येक विभाग की आवश्यकता अनुसार विजिटिंग फैकेल्टी रखी जाएगी। इन विभागों में पांच से लेकर आठ शिक्षकों को रखा जाएगा। 180 पद हैं अभी रिक्त विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में प्राध्यापक, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, रीडर व लेक्चरार के 450 से अधिक पद है। 270 पद पर शिक्षक कार्यरत है, जिसमें 112 प्रोफेसर, 54 रीडर, 43 लेक्चरार, 60 एसोसिएट व असिस्टेंट प्रोफेसर है। 2009 के बाद 2022 में रिक्त पदों के लिए विज्ञापन निकाला गया था। उस दौरान 45 सेल्फ फाइनेंस और 47 बैंकलाग पदों पर भर्तियां की गई। उसके बाद अभी 180 पद पर नियुक्तियां होना बाकी है। इन्हें भरने को लेकर अभी विश्वविद्यालय ने कोई प्रक्रिया नहीं शुरू की है।