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मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन, चुनौतियों एवं संभावनाओं पर एक दिवसीय कार्यशाला 7 दिसम्बर को

  राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह होंगे शामिल भोपाल मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन, उससे जुड़ी चुनौतियों और संभावनाओं पर विचार-विमर्श के लिये दिनांक 7 दिसंबर, 2025 को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर भोपाल में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। मुख्य अतिथि राज्यपाल मंगुभाई पटेल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अध्यक्षता करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार तथा स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह उपस्थित रहेंगे। कार्यशाला का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा किया जा रहा है। आयुक्त, उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा ने बताया कि राज्य सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, संरचनात्मक सुधार, अकादमिक उन्नयन और संस्थागत तत्परता को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर कार्यरत है। कार्यशाला का उद्देश्य नीति की गहन समझ विकसित करना, क्रियान्वयन की प्रगति का मूल्यांकन करना, संस्थागत चुनौतियों की पहचान करना तथा पाठ्यक्रम सरलीकरण, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, शोध एवं नवाचार, और उद्योग-अकादमिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करना है। कार्यशाला में होंगे 5 सत्र कार्यशाला में कुल पांच सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें निम्न विषयों पर शिक्षाविदों और विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत विचार-विमर्श होगा। 1. एनईपी 2020 के माध्यम से उच्च शिक्षा का रूपांतरण, संरचनात्मक सुधार एवं संस्थागत तत्परता 2. पाठ्यक्रम एवं शिक्षण विधि में सुधार, लचीलापन, कौशल एकीकरण एवं परिणाम-आधारित शिक्षा 3. मध्यप्रदेश में विदेशी विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना, नीतिगत प्रावधान, संभावनाएं एवं गुणवत्ता संवर्धन 4. विद्यालयीन शिक्षा में एनईपी 2020 के तहत परिवर्तन 5. विद्यालयों में एआई और कौशल निर्माण की भूमिका इन सत्रों के माध्यम से प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए एक व्यावहारिक एवं क्रियाशील रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिससे वे अपनी शैक्षणिक, प्रशासनिक और डिजिटल संरचनाओं को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप सुदृढ़ कर सकें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश की उच्च शिक्षा प्रणाली में व्यापक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करती है, जिसमें बहुविषयी शिक्षण, लचीलापन, कौशल-आधारित शिक्षा, डिजिटल लर्निंग, शोध संवर्धन और वैश्वीकरण को विशेष महत्व दिया गया है। आयुक्त स्कूल शिक्षा श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का सफल क्रियान्वयन मध्यप्रदेश में किया जा रहा है। सांदीपनि विद्यालय की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भारतीय ज्ञान परंपरा मूल्य आधारित शिक्षा और तकनीक सक्षम अधिगम के समन्वय का एक उत्कृष्ट मॉडल प्रस्तुत करेगा। स्कूल शिक्षा विभाग NEP-2020 के लक्ष्यों को संयुक्त रूप से प्राप्त करने की दिशा में शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, मूल्यांकन सुधार और नवाचार-आधारित अधिगम को बढ़ावा दे रहे हैं।  

विद्युत नियामक आयोग ने किया 132 केवी जीआईएस सबस्टेशन फूलबाग ग्वालियर का निरीक्षण

एमपी ट्रांसको द्वारा उपयोग की जा रही एडवांस टेक्नोलॉजी को सराहा भोपाल मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग की टीम ने गत दिवस मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के 132 केवी जीआईएस सबस्टेशन, फूलबाग ग्वालियर का निरीक्षण किया। टीम मे चेयरमेन श्री गोपाल श्रीवास्तव, सचिव डॉ. उमाकांत पांडेय तथा सदस्य श्री गजेंद्र तिवारी शामिल थे। निरीक्षण के दौरान नियामक आयोग ने सबस्टेशन की तकनीकी कार्यप्रणाली, लोड प्रबंधन, सुरक्षा मानकों और जीआईएस तकनीक के माध्यम से होने वाले संचालन की विस्तार से समीक्षा की। टीम ने उपस्थित इंजीनियरों से नेटवर्क को अधिक विश्वसनीय और उपभोक्ता केंद्रित बनाने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी भी ली। टेक्नोलॉजी की सराहना नियामक आयोग टीम ने सबस्टेशन में अपनाई जा रही एडवांस टेक्नोलॉजी की सराहना करते हुए कहा कि जीआईएस तकनीक शहरी क्षेत्रों में कम स्थान में अधिक क्षमता उपलब्ध कराने के साथ ही फॉल्ट कम करने और बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। एम पी ट्रांसको के ये अधिकारी रहे उपस्थित विद्युक नियामक आयोग टीम के सबस्टेशन निरीक्षण के समय मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के अधीक्षण अभियंता अरविंद कुमार शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।  

डॉ. भीमराव अंबेडकर के 69वें महापरिनिर्वाण दिवस पर कांग्रेसजनों ने दी श्रद्धांजलि

सामाजिक न्याय ,ज्ञान व समानता के प्रतीक थे डॉ भीमराव अम्बेडकर : प्रदीप अहिरवार भोपाल संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के 69वें महापरिनिर्वाण दिवस पर अनुसूचित जाति विभाग व शहर कांग्रेस द्वारा बोर्ड ऑफिस चौराहा स्थित बाबा साहेब प्रतिमा स्थल तथा प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेसजनों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में एससी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार, पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, पार्षद गुड्डू चौहान, अभिषेक शर्मा, नीरज चांडाले, हेमंत नरवरिया, डॉ. विक्रम चौधरी सहित अनेक वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर श्री प्रदीप अहिरवार ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने सामाजिक समानता, शिक्षा, मानवाधिकार और न्याय के लिए आजीवन संघर्ष किया। वंचित और शोषित समाज को अधिकार दिलाने की उनकी लड़ाई भारतीय लोकतंत्र की बुनियाद है। श्री पी सी शर्मा ने कहा कि बाबा साहेब के विचार आज भी समाज को समानता और संवैधानिक मूल्यों के लिए संघर्षरत रहने की प्रेरणा देते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश सायबर पुलिस भोपाल को एक्सीलेंस अवॉर्ड मिलने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डीसीसीआई एक्सीलेंस अवार्ड्स-2025 में एक्सीलेंस इन कैपेसिटी बिल्डिंग ऑफ लॉ एनफोर्समेंट एजेंसीज़ श्रेणी में सम्मानित होने पर मध्यप्रदेश पुलिस (स्टेट सायबर भोपाल) को शुभकामनाएँ और बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि यह सम्मान मध्यप्रदेश पुलिस की लगन, दक्षता और सतत आधुनिकीकरण की ओर अग्रसर होने के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सायबर सुरक्षा वर्तमान डिजिटल युग की सबसे बड़ी आवश्यकता है। स्टेट सायबर मुख्यालय ने अपने सशक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों, तकनीकी क्षमताओं के विकास और आधुनिक सायबर इंफ्रास्ट्रक्चर से कानून प्रवर्तन एजेंसियों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। स्टेट सायबर मुख्यालय द्वारा की जा रही पहल पूरे राज्य के लिए गौरव का विषय है। यह अवॉर्ड प्रमाण है कि राज्य पुलिस तकनीकी नवाचार, क्षमता निर्माण और डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानकों को नई दिशा दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भविष्य में भी इसी ऊर्जा और समर्पण के साथ कार्य करने के लिए टीम को शुभकामनाएँ दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सायबर सुरक्षा के क्षेत्र में अत्याधुनिक संसाधनों, प्रशिक्षण और टेक्नोलॉजी के आधुनिकीकरण को निरंतर बढ़ावा देती रहेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवास के प्रकरण में दिए विभागीय जांच के निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवास जिले में एक मदिरा ठेकेदार द्वारा आत्महत्या के पूर्व बनाए गए वायरल वीडियो पर संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह प्रकरण प्रथम दृष्टया अत्यंत गंभीर श्रेणी का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर इस मामले में देवास की प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर सहायक आयुक्त के विरुद्ध विभागीय जांच प्रारंभ की गई है। 

‘मुख्यमंत्री अदम्य साहसिक कार्य पुरस्कार’ की घोषणा की

होमगार्ड राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा के शिल्पकार और समाज की स्थिरता के प्रहरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ‘मुख्यमंत्री अदम्य साहसिक कार्य पुरस्कार’ की घोषणा की सिंहस्थ–2028 के लिए 5 हजार से अधिक होमगार्ड की होगी भर्ती पीपीपी मॉडल और पुनर्घनत्वीकरण योजना अंतर्गत होमगार्ड्स के लिए स्थाई आवास की व्यवस्था की जाएगी पिछले वर्ष 5075 नागरिकों को देवदूत बनकर होमगार्ड्स ने दिया है जीवनदान विशेष पिछड़ी जनजाति के युवाओं की सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए ट्रेनिंग संबंधी कंपनी बनाएंगे होमगार्ड्स की निष्काम सेवा और कर्तव्यनिष्ठा को किया नमन होमगार्ड्स के 63वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में परेड का निरीक्षण कर सलामी ली भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 63 वें होमगार्ड स्थापना दिवस कार्यक्रम में कहा कि मद्भगवद्गीता में भगवान कृष्ण ने "निष्काम सेवा" अर्थात बिना किसी स्वार्थ और अपेक्षा के सत्यनिष्ठा से कर्तव्य करने का संदेश दिया है। इसी आदर्श पर चलते हुए होमगार्ड्स के जवान समर्पण, निष्ठा और सच्चाई के साथ निरंतर देश और समाज की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि होमगार्ड में ‘होम’ का अर्थ घर और ‘गॉर्ड’ का अर्थ प्रहरी होता है। आप साढ़े आठ करोड़ मध्यप्रदेशवासियों के प्रहरी हैं। होमगार्ड्स हर विपदा में सच्चे संकट मोचन बनकर जनता के साथ खड़े होते हैं। प्राकृतिक आपदा हो, भीड़ प्रबंधन हो, यातायात व्यवस्था हो या किसी भी विषम परिस्थिति का सामना करना हो—आप सदैव पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर डटे रहते हैं और समाज के सच्चे हीरो बनते हैं। होमगार्ड ने भरोसे और सेवा के रूप में देश को दिया सुरक्षा कवच मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होमगार्ड के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि आजादी के बाद जब देश नागरिक सुरक्षा का ढांचा गढ़ रहा था, तब होमगार्ड ने भरोसे और सेवा के रूप में देश को सुरक्षा कवच दिया। चाहे बाढ़ का पानी हो, आग की लपटें हों, बड़ी दुर्घटना हो सबसे पहले जनता को आपका ही खयाल आता है। आप विपदाओं और समाज के बीच चट्टान की तरह खड़े हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि होमगार्ड का जवान उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना सीमा पर खड़ा सैनिक, क्योंकि होमगार्ड राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा के शिल्पकार और समाज की स्थिरता के प्रहरीहैं। उन्होंने कहा कि 2014 में एसडीआरएफ के गठन के बाद होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा और एसडीआरएफ मिलकर एक त्रिशूल की तरह आपदा प्रबंधन को नई ऊँचाई दे रहे हैं। पिछले वर्ष 5075 नागरिकों को जीवनदान देकर आपने मानवता को सुरक्षित रखने का अद्वितीय कार्य किया है और इस वर्ष बाढ़ में सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू कर देवदूतों की भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि होमगार्ड की वर्दी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि राष्ट्रधर्म और जनता के विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने जवानों की भावना को सम्मान देते हुए कहा कि होम गार्ड सैनिक, पुलिस, रक्षक, प्रहरी की भूमिका में जहां जरूरत वहां अपनी सेवायें पूर्ण निष्ठा और समर्पण से देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होमगार्ड्स के सभी जवानों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि आपकी निष्ठा, आपकी वीरता और आपकी सेवा को नमन करता हूँ। उन्होंने बाबा महाकाल से सभी जवानों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को होमगार्ड्स परेड ग्राउंड भोपाल में होम गार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। होम गार्ड्स के जवानों ने बैंड की धुन पर मार्च पास्ट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की होमगार्ड हित में कई घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘मुख्यमंत्री अदम्य साहसिक कार्य पुरस्कार’ की घोषणा की, जिसके अंतर्गत कठिन परिस्थितियों में जान-माल की रक्षा करने वाली 10 रेस्क्यू टीमों को प्रतिवर्ष 51 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके अंतर्गत इन्दौर, शिवपुरी, गुना, रायसेन, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, छतरपुर, टीकमगढ़ और उज्जैन की रेस्क्यू टीमों को सम्मानित किया गया। उन्होंने तीन वर्ष में मिलने वाले दो माह के बाध्य काल ऑफ को समाप्त करने और प्रतिवर्ष मिलने वाली अनुकंपा अनुदान राशि 360 रुपये को बढ़ाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उज्जैन स्थित महाकाल ज्योर्तिलिंग एवं महाकाल लोक की व्यवस्था के लिए होमगार्ड के 488 पदों की स्वीकृति दी गई है। प्रदेश के प्रमुख मंदिरों और महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक बल उपलब्ध कराया जाएगा। नए जिलों में आवश्यकता के अनुरूप अतिरिक्त पद सृजित किए जाएंगे। आपदा प्रबंधन में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता को देखते हुए बल के अधिकारियों और जवानों को कार्यस्थल के निकट आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आपदा प्रबंधक क्षमता को किया जा रहा है सशक्त की योजनाओं, पीपीपी मॉडल और पुनर्घनत्वीकरण योजना के अंतर्गत स्थाई आवास की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार आधुनिक उपकरण, अत्याधुनिक प्रशिक्षण और आपदा प्रबंधन क्षमता को लगातार सशक्त कर रही है। प्रदेश में 82 हजार से अधिक नागरिक सुरक्षा वालंटियर्स पंजीकृत हैं, जिनमें से 67 हजार 784 को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इंदौर के रालामंडल क्षेत्र को एसडीईआरएफ, होमगार्ड और सिविल डिफेंस के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ बाढ़, भूकंप, भीड़ प्रबंधन, औद्योगिक एवं रासायनिक आपदाओं के प्रशिक्षण संचालित होंगे। सिंहस्थ–2028 को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी प्रारंभ कर दी गई है और पाँच हजार से अधिक होमगार्ड भर्ती का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि बैगा, भारिया और सहरिया जनजातीय युवाओं को सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए प्रशिक्षण देने कंपनी गठित की जाएगी। समारोह में होमगार्ड्स द्वारा बोरवेल रेस्क्यू और बिल्डिंग रेस्क्यू का लाइव प्रदर्शन किया गया। होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा प्रबंधन विभाग की महानिदेशक मती प्रज्ञा रिचा वास्तव ने विभाग की उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में अल्प संख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाना सहित अधिकारी उपस्थित रहे। प्रमुख बिंदु     मद्भगवद्गीता के “निष्काम सेवा” संदेश का उल्लेख कर होमगार्ड्स की कर्तव्यनिष्ठा व समर्पण की सराहना। होमगार्ड “साढ़े आठ करोड़ मध्यप्रदेशवासियों के प्रहरी” ।     होम गार्ड्स ने पिछले वर्ष 5075 नागरिकों को बचाकर “मानवता के रक्षक” होने का उदाहरण प्रस्तुत किए।     ‘मुख्यमंत्री अदम्य साहसिक कार्य पुरस्कार’ की घोषणा। कठिन परिस्थितियों में जान-माल बचाने वाली 10 रेस्क्यू टीमों को 51-51 हजार रुपये का पुरस्कार। सम्मानित जिले – इन्दौर, शिवपुरी, गुना, … Read more

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित निलंबित, शराब ठेकेदार सुसाइड केस में एक्शन

देवास मध्य प्रदेश में एक बार फिर लल्लूराम डॉट कॉम की खबर का बड़ा असर हुआ है। शराब ठेकेदार सुसाइड कांड में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। जिसके बाद प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित को सस्पेंड कर दिया गया है। देवास के शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना सुसाइड केस में मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। सरकार ने देवास जिले की प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित को निलंबित कर दिया है। देवास में शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना ने 8 नवंबर को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद अब ठेकेदार का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आबकारी विभाग की असिस्टेंट कमिश्नर मंदाकिनी दीक्षित पर रिश्वत के लिए परेशान करने का आरोप लगाया है। और आत्महत्या के लिए मंदाकिनी दीक्षित को जिम्मेदार बताया। वीडियो में दिनेश मकवाना ने आरोप लगाए हैं कि असिस्टेंड कमिश्रर मंदाकिनी दीक्षित ने उनसे पैसे की डिमांड की थी। एक दुकान से डेढ़ लाख रुपए महीना की और पांच दुकान के लिए साढ़े सात लाख रुपए महीने मांगे थे। मकवाना का ये भी आरोप लगाया कि वो 20-22 लाख रुपए असिस्टेंट कमिश्नर को दे चुका है, लेकिन लगातार पैसे की मांग के कारण वो आत्महत्या करने को मजबूर हो गया। दिनेश मकवाना इंदौर में कनाडिया गांव का रहने वाला था। देवास में उसकी शराब की 5 दुकानें थीं। दिनेश के परिजन ने कनाडिया थाने में 29 नवंबर को शिकायत कर मामले की जांच की मांग की थी। उधर, आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित ने भी 24 नवंबर को देवास एसपी को आवेदन देकर कहा कि ठेकेदार मकवाना के परिजन उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं। वे उनसे दो करोड़ रुपए में मामला सेटल करने की बात कह रहे हैं। मंदाकिनी ने कहा मुझे भी ब्लैकमेल कर रहे थे उधर, आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित ने भी देवास एसपी को आवेदन दिया है। उन्होंने कहा है कि ठेकेदार मकवाना के परिजन उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं। वे उनसे दो करोड़ रुपए में मामला सेटल करने की बात कह रहे हैं। उन्होंने इससे जुड़े वीडियो भी पुलिस को सौंपे हैं।  मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह आदेश जारी किया गया सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि जिला देवास के मदिरा ठेकेदार दिनेश मकवाना द्वारा आत्महत्या किए जाने के पूर्व एक वीडियो बनाया था। कथित वीडियो में जिले की प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित के विरुद्ध अवैध राशि की मांग का गंभीर आरोप लगाते हुए आत्महत्या करने की बात कही है। दीक्षित पर लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया अत्यन्त गंभीर श्रेणी के होकर, शासकीय सेवक के कर्तव्यों एवं दायित्वों के विपरीत होने से मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम -3 का स्पष्ट रूप से उल्लंघन है। अतएव राज्य शासन द्वारा मंदाकिनी दीक्षित जिला आबकारी अधिकारी, जिला देवास को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित करता है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय कार्यालय आबकारी आयुक्त ग्वालियर रहेगा। मंदाकिनी दीक्षित को निलबंन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करने की पात्रता होगी। क्या है मामला? मौत के 27 दिन बाद अचानक वायरल हुए वीडियो (Viral Video) में खुद दिनेश मकवाना ने सहायक आबकारी आयुक्त (असिस्टेंट कमिश्नर) मंदाकिनी दीक्षित पर उसकी पांच दुकानों के डेढ़ लाख के हिसाब से साढ़े सात लाख रुपए महीना मांगने का आरोप लगाया है. वीडियो के वायरल होते ही आबकारी विभाग में भी हडकंप मच गया. वायरल वीडियो में दिनेश बोल रहा है कि "मेरी पांच शराब दुकानें हैं. 14 करोड़ रुपए का ठेका है. मुझसे प्रति एक दुकान के डेढ़ लाख के हिसाब से हर महीने सहायक जिला आबकारी आयुक्त देवास मंदाकिनी दीक्षित द्वारा मांगे जा रहे थे. मैं करीब 20-22 लाख रुपए दे चुका हूं. अगर पैसा नहीं देता था तो वे वेयरहाउस से माल रुकवा देती थी. अब मैं AC मेडम मंदाकिनी दीक्षित से त्रस्त आकर आत्महत्या कर रहा हूँ." वहीं दूसरी ओर आबकारी अधिकारी का कहना है कि "ठेकेदार दिनेश की मां संतोष बाई उसकी मौत के बाद से उन्हें ब्लैकमेल कर रही है. मुझसे दो करोड़ रुपर मांग जा रहे हैं. न दिए जाने पर मृतक का वीडियो वायरल करने की धमकी उन्हें और उनके अधीन अधिकारियों को दी जा रही थी." इस मामले में आबकारी अधिकारी ने देवास एसपी को 24 नवंबर को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है.  

भोपाल मेट्रो को मिला ग्रीन सिग्नल, 13 दिसंबर को पीएम मोदी देंगे हरी झंडी, लेकिन सुविधाओं की कमी

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो रेल दौड़ने को तैयार है। ब्रिज से लेकर पटरियां बिछाने का काम हो चुका है। वहीं, कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) ने भी भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर को हरी झंडी दे दी है। भले ही मेट्रो कंपनी ने ट्रेन चलाने के लिए मंथन शुरू कर दिया है। पर अभी भी कुछ काम बाकी है। दरअसल, कई मेट्रो स्टेशनों में अभी तक कई सुविधाएं अधूरी हैं। करीब 6.22 किलोमीटर लंबे इस ऑरेंज लाइन कॉरिडोर पर एक बड़ी कमी नजर आ रही है। यह कमियां यात्रियों की यात्रा को आसान तो नहीं बनने देंगी। जानिए क्या काम अभी बाकी है। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) के ग्रीन सिग्नल के बाद अब भोपाल में मेट्रो के कमर्शियल रन की तैयारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 दिसंबर को मेट्रो को हरी झंडी दिखा सकते हैं। ये भी संभावना है कि वे वर्चुअली तरीके से लोकार्पण करें। फिलहाल स्टेशन के 1 गेट से ही एंट्री-एग्जिट होगी। यानी, जो भी यात्री स्टेशन पर पहुंचेंगे, वे स्टेशन के एक तरफ से ही अंदर-बाहर आ-जा सकेंगे। जिन स्टेशनों पर अभी फिनिशिंग या अन्य काम बचे हैं, उन्हें अगले 3 दिन में पूरा करने का टारगेट है। 10 दिसंबर से सभी स्टेशन बंद कर दिए जाएंगे। ये वीआईपी-वीवीआईपी की सिक्योरिटी के चलते होगा। यदि पीएम भोपाल आएं तो पहले यात्री भी बनेंगे मेट्रो सूत्रों के अनुसार, यदि प्रधानमंत्री मोदी भोपाल आकर मेट्रो का लोकार्पण करते हैं तो वे भोपाल मेट्रो के पहले यात्री भी बन सकते हैं। इसलिए स्टेशनों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। सुभाषनगर मेट्रो स्टेशन पर कार्यक्रम होगा, क्योंकि यही पर डिपो और सबसे ज्यादा स्पेस है। ऐसे में कार्यक्रम को लेकर किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। अक्टूबर 2023 में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और तीन महीने पहले वर्तमान मंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी सुभाषनगर स्टेशन से ही मेट्रो में सफर व निरीक्षण किया था। लोकार्पण के दौरान बंद रहेंगे स्टेशन जानकारी के अनुसार, मेट्रो का जब भी कमर्शियल रन होगा, तब सुभाषनगर को छोड़ बाकी सभी स्टेशन बंद रखे जाएंगे। यह सब सुरक्षा के मद्देनजर होगा। वीआईपी-वीवीआईपी के जाने के बाद आम लोगों के लिए स्टेशन खोल दिए जाएंगे। ताकि, वे मेट्रो का सफर कर सके। प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.22 किमी लंबा, 8 स्टेशन आएंगे ऑरेंज लाइन का प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.22 किलोमीटर लंबा है। इनमें कुल 8 स्टेशन- सुभाषनगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स शामिल हैं। इंदौर में वर्चुअली तरीके से किया था लोकार्पण प्रधानमंत्री मोदी ने 31 मई को भोपाल में हुए कार्यक्रम से ही इंदौर मेट्रो का वर्चुअली तरीके से लोकार्पण किया था। तब उन्होंने भोपाल मेट्रो के लोकार्पण के लिए अक्टूबर में आने की बात कही थी। हालांकि, बिहार में विधानसभा चुनाव के चलते मेट्रो का कमर्शियल रन अक्टूबर में नहीं हो सका। नवंबर में सीएमआरएस की टीम ने निरीक्षण किया और हाल ही में एनओसी दी। इसलिए कमर्शियल रन अब दिसंबर में किया जा रहा है। टिकट मैन्युवली सिस्टम से ही मिलेगी खास बात ये है कि मेट्रो के कमर्शियल रन के दौरान टिकट सिस्टम ऑनलाइन न होते हुए मैन्युवली रहेगा। टिकट कलेक्शन करने वाली तुर्किए की कंपनी का ठेका मेट्रो कॉरपोरेशन कैंसिल कर चुका है। नई एजेंसी आने तक मैन्युवली टिकट कलेक्शन सिस्टम रहेगा। इंदौर में भी यही सिस्टम लागू है। साल 2018 से शुरू हुआ था मेट्रो का काम भोपाल में पहला मेट्रो रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से एम्स से सुभाष नगर के बीच 6.22 किलोमीटर पर प्राथमिकता कॉरिडोर के तौर पर 2018 में काम शुरू किया गया था। सबसे पहले सुभाषनगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर और रानी कमलापति स्टेशन के काम पूरे हुए। इसके बाद रेलवे ट्रैक के ऊपर दो स्टील ब्रिज बनाए गए। वहीं, आगे के 3- डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स स्टेशनों का काम शुरू हुआ। कुछ महीने पहले ही इनका काम भी पूरा हो गया और अब ये यात्रियों के आने का इंतजार कर रहे हैं। दो साल पहले हुआ था पहला ट्रायल राजधानी में पहली बार मेट्रो 3 अक्टूबर 2023 को पटरी पर दौड़ी थी। तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था।

भा.ज.पा. विधायक दल की बैठक में सीएम ने एसआईआर प्रक्रिया पर दी अहम दिशा-निर्देश

भोपाल  मध्य प्रदेश में चल रहे मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के काम की निगरानी अब भाजपा विधायक भी करेंगे। वे अपनी टीम बनाकर अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में बूथवार नजर रखेंगे। मुख्यमंत्री निवास में शुक्रवार को हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में एसआईआर का उठा मुद्दा उठा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आने वाले डेढ़ माह हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रत्येक विधायक को एसआईआर की प्रक्रिया में पूर्ण सक्रियता और समर्पण के साथ शामिल होना होगा, क्योंकि आने वाले चुनाव इसी मतदाता सूची के आधार पर होंगे। वन नेशन, वन इलेक्शन की व्यवस्था के अंतर्गत होने वाले चुनाव भी इसी सूची पर आधारित होंगे। विधायक अपनी टीम के साथ इस पर नजर रखें कि मतदाता सूची में कोई पात्र छूट न और अपात्र का नाम न जुड़ सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 में सहकारिता और कृषि मंडी चुनाव कराएंगे। इसके बाद 2027 में निकाय और 2028 में विधानसभा के चुनाव होंगे। इस हिसाब से देखें तो 2026 से हर साल लगातार चुनाव होंगे। इसलिए एसआईआर को लेकर बूथ स्तर तक गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है। सभी जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में समन्वय, संवाद और संगठन की गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें, ताकि एसआईआर प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो सके। रोजगार और विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि सभी जगह एल्डरमेन, जनभागादारी, रोगी कल्याण आदि समितियों की घोषणा जल्द की जानी है। इसलिए सभी जिलों में पार्टी संगठन और वरिष्ठ नेताओं के साथ समन्वय बनाकर इस दिशा में आगे बढ़ें। विधायक बीते दो सालों में प्रदेश में हुए विकास कार्यों का लेखा-जोखा जनता तक पहुंचाएं। दो वर्षों में आठ लाख करोड़ के विकास कार्य होना, रोजगार एवं विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि है। विकास कार्यों के मद्देनजर आपके क्षेत्र में क्या बेहतर हो सकता है, इस संबंध में सांसद, पूर्व सांसद, विधायकों से विचार-विमर्श कर एक विजन डाक्यूमेंट तैयार करें। भाजपा विधायक दल की बैठक में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राजेंद्र शुक्ल मंचासीन रहे। बैठक का संचालन संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने किया। विधायक भाजपा जिला कार्यालयों में बैठकर कार्यकर्ताओं और जनता की सुने समस्याएं : खंडेलवाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा प्रदेश कार्यालय में मंत्रियों की नियमित उपलब्धता संगठन और शासन के बीच संवाद को और अधिक मजबूत बनाएगी। मंत्रियों की तरह ही विधायक सप्ताह में एक दिन जिला अध्यक्ष और सांसद के साथ जिला कार्यालय में बैठकर कार्यकर्ताओं और जनता की समस्याएं सुनें। इससे कार्यकर्ताओं की हिचक समाप्त होगी और संगठन के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। हम सभी भाजपा के कार्यकर्ता हैं, इसलिए सदैव व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर संगठन के हित में कार्य करें। प्रत्येक विधायक अपना अधिकतम समय एसआइआर में केंद्रित करें और वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव को चुनौती के रूप में लें। सभी विधायक अपने क्षेत्रों में बूथ स्तर तक जाकर संगठन की गतिविधियों का नियमित निरीक्षण करें और कार्यकर्ताओं से निरंतर संवाद बनाए रखें। एसआईआर प्रक्रिया में विधायकों की सक्रियता अनिवार्य : हितानंद भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने कहा कि इस वर्ष अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मशताब्दी वर्ष मना रहे है, जिसका समापन 25 दिसंबर को ग्वालियर और रीवा के कार्यक्रमों में केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में होगा। 16 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी। उन्होंने बूथ स्तर पर सूची का सावधानीपूर्वक अवलोकन करने और यदि किसी मतदाता का नाम गलत जुड़ा है या किसी का छूटा है तो संबंधित दावे-आपत्तियां सुनिश्चित करने का आग्रह किया, ताकि मतदाता सूची का सही और पूर्ण शुद्धिकरण हो सके। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने बिहार में भ्रम फैलाने की कोशिश की लेकिन वे सफल नहीं हुए।

29 दिसंबर को होंगे नगरीय निकाय और पंचायत उप निर्वाचन, 3872 पंच पदों के लिए वोटिंग

भोपाल  मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग (MP State Election Commission )ने नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के उप निर्वाचन का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। मतदान 29 दिसम्बर 2025 को होगा। मतगणना और निर्वाचन परिणामों की घोषणा 31 दिसम्बर को सुबह 9:00 बजे से होगी। 8 दिसम्बर 2025 से मिलेंगे नामांकन फॉर्म  राज्य निर्वाचन आयोग सचिव दीपक सिंह ने जानकारी दी है कि उप निर्वाचन के लिए निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन और नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने का कार्य 8 दिसम्बर 2025 से शुरू होगा। नाम निर्देशन पत्र 15 दिसम्बर तक लिये जायेंगे, नाम निर्देशन पत्रों की जांच 16 दिसम्बर को होगी। नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 18 दिसम्बर है। इसी दिन निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन होगा। नगरीय निकायों में मतदान 29 दिसम्बर को सुबह 7:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक होगा। 7:00 बजे से 3:00 बजे तक होगा मतदान  पंचायतों में मतदान 29 दिसम्बर को सुबह 7:00 बजे से अपरान्ह 3:00 बजे तक होगा। पंच पद के लिये मतगणना मतदान के तुरंत बाद मतदान केन्द्र पर ही होगी। सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य की विकास खण्ड मुख्यालय पर EVM से की जाने वाली मतगणना 2 जनवरी को सुबह 8:00 बजे से होगी। इसी दिन सरपंच एवं जनपद पंचायत सदस्य के निर्वाचन परिणामों की घोषणा की जायेगी। जिला पंचायत सदस्यों एवं पंच पद के लिए परिणामों की घोषणा 5 जनवरी 2026 को प्रात: 10:30 बजे से की जायेगी। 1 अध्यक्ष और 8 पार्षदों का होगा उप निर्वाचन जिला सीधी के नगरपरिषद मझौली के अध्यक्ष और विभिन्न नगरीय निकायों में 8 पार्षदों के लिये उप निर्वाचन होगा। नगरपालिक निगम सिंगरौली के वार्ड 34, नगर पालिका परिषद मण्डला के वार्ड 8, नगर पालिका परिषद लहार के वार्ड 5 और नगर परिषद मौ के वार्ड 4, मेहगांव के वार्ड 5, आलमपुर के वार्ड 13, सतवास के वार्ड 9 और पानसेमल के वार्ड 2 में पार्षद पद के लिये उप निर्वाचन होगा। 85 पदों के लिए होगा निर्वाचन  पंचायत उप निर्वाचन के तहत जिला पंचायत सदस्य के 4, जनपद पंचायत सदस्य के 14, सरपंच के 67 और 3872 पंच पद के लिये निर्वाचन होगा।