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ऑनलाइन हुई महाराष्ट्र की SIR वोटर लिस्ट, सीमावर्ती क्षेत्र के नागरिकों को सुविधा और राहत

भोपाल मध्य प्रदेश के महाराष्ट्र से सटे जिलों में मतदाताओं को गणना पत्रक भरने में परेशानी नहीं होगी। महाराष्ट्र के पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की मतदाता सूची ऑनलाइन कर दी गई है। यह बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) मोबाइल एप पर भी उपलब्ध करा दी गई है। बीएलओ इससे मतदाता के दावों-आपत्तियों या सत्यापन के दौरान महाराष्ट्र के एसआईआर की मतदाता सूची से सहजता से मैपिंग कर सकेंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि महाराष्ट्र के पिछले एसआईआर की मतदाता सूची ऑनलाइन उपलब्ध नहीं होने से प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के मतदाता गणना पत्रक में महाराष्ट्र से संबंधित विवरण दर्ज नहीं कर पा रहे थे। अब उन्हें यह कठिनाई नहीं होगी। कांग्रेस भी इसे लेकर सवाल उठा रही थी। गणना पत्रक भरने के लिए नहीं चाहिए ओटीपी एसआईआर 2026 के दौरान गणना पत्रक भरने के लिए बीएलओ या किसी अन्य अधिकारी द्वारा ओटीपी मांगे जाने की आवश्यकता नहीं है। मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने बताया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में स्वयं, माता-पिता या दादा-दादी संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए क्षेत्र के बीएलओ या नजदीकी हेल्प डेस्क से संपर्क करें। इसके अलावा voters.eci.gov.in या ceoelection.mp.gov.in पर भी ऑनलाइन जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी साथ साझा न करें। यदि कोई मांगता है तो साइबर फ्राड हो सकता है। किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल: www.cybercrime.gov.in या हेल्पलाइन 1930 पर करें।

CM मोहन यादव बोले- अपराधियों को नहीं छोड़ा जाएगा, मध्य प्रदेश में एनकाउंटर जारी रहेंगे

भोपाल   रायसेन जिले में गौहरगंज रेप कांड के आरोपी सलमान को पुलिस ने अंतत: राजधानी भोपाल से पकड़ लिया है। गौहरगंज पुलिस ने उसे देर रात गिरफ़्तार किया। दुष्कर्मी सलमान ने रास्ते में पुलिस को चकमा देने की कोशिश भी लेकिन उसके पैर पर गोली चलाकर फिर पकड़ लिया। वह अभी घायलावस्था में अस्पताल में भर्ती है। मासूम से दुष्कर्म के कारण लोग इतने गुस्साए हुए हैं कि आरोपी सलमान के शॉर्ट एनकाउंटर पर भी सवाल उठ रहे हैं। हिंदूवादी संगठनों का कहना है कि वह जेहादी मानसिकता है, उसके सिर पर गोली क्यों नहीं मारी गई! इधर सीएम मोहन यादव ने भी मामले पर बड़ा बयान देते हुए साफ कर दिया है कि अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा ​है कि कानून हाथ में लेने वालों को हम छोड़ेंगे नहीं। बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी दरिंदे सलमान को फांसी देने की बात कही। गौहरगंज में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी सलमान का पुलिस ने शुक्रवार तड़के शॉर्ट एनकाउंटर किया। बताया जा रहा है कि उसने भागने की कोशिश की। आरोपी सलमान ने बंदूक का लॉक खोलकर फायर किया लेकिन उसके पैर में गोली मारकर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। दुष्कर्मी सलमान की गिरफ़्तार पर लोगों ने संतोष जताया लेकिन उसके शॉर्ट एनकाउंटर पर सवाल उठ रहे हैं। गौहरगंज के लोगों ने पुलिस पर उसे बचाने का आरोप लगाया। लोगों का कहना है कि पहले तो पुलिस 6 दिनों तक हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। जब उसने पुलिस पर फायर किया तो सिर पर गोली क्यों नहीं मारी! हिंदू संगठनों का कहना है कि यह जिहाद से जुड़ा केस है। आरोपी जिहादी मानसिकता का है और उसने इसी वजह से हिंदू बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया। सलमान के शॉर्ट एनकाउंटर पर विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधियों को सार्वजनिक रूप से कुचलने की जरूरत है जिससे ऐसा अपराध करने से पहले कोई भी सौ बार सोचे। उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए। एनकाउंटर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सख्त बयान शॉर्ट एनकाउंटर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का भी सख्त बयान आया है। उन्होंने कहा कि जो कानून को हाथ में लेगा, सरकार उससे निपटना जानती है। हमारी पकड़ से कोई भाग नहीं सकता। कानून को हाथ में लेनेवालों को हम छोड़ने वाले नहीं हैं। अपराधियों के खिलाफ हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है।

सर्दी का असर: मध्यप्रदेश के कई शहरों में तापमान 10° से कम, सुबह कोहरे के कारण कम हुई विजिबिलिटी

भोपाल  मध्यप्रदेश में ठंड एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। गुरुवार-शुक्रवार की रात जबलपुर और ग्वालियर सहित प्रदेश के 12 शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे उतर गया। वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत कई जिलों में सुबह घना कोहरा छा रहा है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि कोहरे में वाहन बेहद सावधानी से चलाएं, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका न बढ़े। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पाकिस्तान की तरफ सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान में बने चक्रवाती घूमाव ने मौसम को फिर ठंडा कर दिया है। इसके साथ ही उत्तरी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। भोपाल में रात से ही धुंध छाने लगती है, जबकि सुबह विजिबिलिटी 1 से डेढ़ किलोमीटर तक सीमित हो जाती है। शनिवार को भी यही स्थिति बनी रहने के आसार हैं। खास बात ये है कि, प्रदेश के 12 शहरों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है, खजुराहो में 7.8, मलाजखंड में 8.6, दतिया में 9, मंडला में 9.3 और राजगढ़ में 9.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर सबसे ठंडा रहा, यहां पारा 9.4 डिग्री तक गिर गया। राजधानी में अचानक 4 डिग्री गिरा तापमान राजधानी भोपाल में तो एक ही रात में 4 डिग्री तापमान में गिरावट दर्ज हुई और तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ग्वालियर में 9.7 डिग्री, इंदौर में 15.1 डिग्री और उज्जैन में न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। सप्ताह भर की राहत खत्म, तापमान में फिर तेज गिरावट पिछले एक हफ्ते से रात और दिन में तापमान बढ़ रहा था, लेकिन गुरुवार-शुक्रवार की रात ठंड ने दोबारा दस्तक दे दी। कई शहरों में एक रात में ही पारा 4 से 5 डिग्री गिर गया। शहडोल के कल्याणपुर में तापमान सबसे कम 6.1 डिग्री दर्ज हुआ। नौगांव 6.5, रीवा 6.8, उमरिया 6.9, खजुराहो 7.8, मलाजखंड 8.6, दतिया 9, मंडला 9.3 और राजगढ़ 9.6 डिग्री पर रिकॉर्ड हुए। बड़े शहरों में जबलपुर 9.4 डिग्री के साथ सबसे ठंडा रहा। भोपाल में तापमान एक रात में 4 डिग्री गिरकर 11 डिग्री पर पहुंच गया। इंदौर 15.1, ग्वालियर 9.7 और उज्जैन 15.5 डिग्री रहे।  6 से 22 नवंबर तक पड़ा जोरदार कोल्ड वेव का दौर इस बार नवंबर की शुरुआत से ही तेज ठंड का असर दिखने लगा था। हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में समय से पहले हुई भारी बर्फबारी का प्रभाव एमपी तक पहुंचा। भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर चली—जो 1931 के बाद सबसे लंबा दौर रहा। यहां रात का तापमान 5.2 डिग्री तक उतर गया, जो नया रिकॉर्ड भी बना। इंदौर में भी 25 साल का सर्दी रिकॉर्ड टूट गया। 22 नवंबर के बाद शीतलहर से राहत मिलने लगी, क्योंकि हवाओं का रुख बदल गया था। लेकिन अब दोबारा ठंडी उत्तरी हवाओं के लौटने से कड़ाके की ठंड और शीतलहर अगले दो दिनों तक बनी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर के पहले हफ्ते से ठंड और कड़ी हो सकती है। एक सप्ताह बाद पारे में फिर गिरावट पिछले एक सप्ताह से प्रदेश में दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही थी, लेकिन गुरुवार-शुक्रवार की रात में पारा फिर से लुढ़कने लगा है। एक ही रात में 4 से 5 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। छतरपुर के नौगांव में 6.5 डिग्री, रीवा में 6.8 डिग्री, उमरिया में 6.9 डिग्री, खजुराहो में 7.8 डिग्री, मलाजखंड में 8.6 डिग्री, दतिया में 9 डिग्री, मंडला में 9.3 डिग्री और राजगढ़ में पारा 9.6 डिग्री रहा। बड़े शहरों में जबलपुर में पारा सबसे कम 9.4 डिग्री रहा। भोपाल में एक ही रात में चार डिग्री की गिरावट के बाद तापमान 11 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में 15.1 डिग्री, ग्वालियर में 9.7 डिग्री और उज्जैन में 15.5 डिग्री सेल्सियस रहा। बाकी शहरों में पारा 10 डिग्री से ज्यादा रहा। सुबह कोहरा…इसलिए गाड़ी संभलकर चलाने की सलाह प्रदेश में ठंड का असर भले ही कम हुआ हो, लेकिन सुबह व रात में कोहरा दा रहा है। इसलिए एक्सपर्ट ने लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग करने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने हेल्थ और फसलों को लेकर एडवाइजरी भी जारी की है।     ट्रैफिक – कोहरा होने पर गाड़ी चलाते समय या किसी ट्रांसपोर्ट के जरिए ट्रैवल करते समय सावधान रखें। ड्राइविंग धीरे करें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।     हेल्थ– तेज ठंड होने पर शरीर की गर्माहट बनाए रखने के लिए सिर, गर्दन, हाथ-पैर की उंगलियों को अच्छे से ढंके। फ्लू, सर्दी, खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाए। विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं।     कृषि– जहां मिट्‌टी में पर्याप्त नमी हो, वहां गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें। जहां बुआई हो चुकी है, वहां जरूरत पड़ने पर कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। पिछली फसलों के अवशेष यानी, ठूंठ को कभी न जलाएं। एमपी में ठंड से अब तक दो की मौत कड़ाके की ठंड की वजह से पिछले दो दिन में दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। रीवा के अमहिया थाना क्षेत्र स्थित अस्पताल चौराहा पर सड़क किनारे एक व्यक्ति की लाश पड़ी मिली थी। इससे पहले रायसेन में भी एक शख्स की मौत हो चुकी है। परिजनों का दावा है कि ठंड की वजह से ही मौत हुई, लेकिन प्रशासन ने ठंड से मौत होने की पुष्टि नहीं की है।   2-3 दिन पड़ेगी कड़ाके की ठंड मौसम विभाग के अनुसार, पाकिस्तान के ऊपर एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान पर बने चक्रवाती परिसंचरण के साथ-साथ उत्तर से आ रही शुष्क ठंडी हवाओं की वजह से पूरे प्रदेश में ठंडक बढ़ गई है। कई इलाकों में सुबह-शाम घना कोहरा भी छाया हुआ है, जिससे विजिबिलिटी कम हो रही है। आने वाले दो-तीन दिनों तक ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है।

MP हाईकोर्ट ने कटनी में हत्या आरोपी के घर पर 15 दिन के लिए बुलडोजर रोक, न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा ने दिया आदेश

जबलपुर  हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने कटनी में भाजपा नेता नीलू रजक की गोली मारकर हत्या के आरोपित अकरम खान का मकान गिराने पर 15 दिन की रोक लगा दी है। कोर्ट ने 15 दिन के भीतर अगर चाहे युगलपीठ में अपील के लिए भी स्वतंत्र किया है। मामले की सुनवाई में कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता के पास मकान के वैध दस्तावेज नहीं है। हत्या के आरोपित अकरम खान के भाई इमरान खान ने मकान तोड़ने को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता मोहम्मद इमरान खान की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उसके भाई अकरम खान और नेल्सन जोसेफ को नीलू रजक की 28 अक्टूबर को गोली मारकर हत्या के आरोप में कटनी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कैमोर नगर परिषद ने मकान को गिराने के लिए नोटिस जारी किया है जिसे की कोर्ट में चुनौती दी गई। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह और पैनल अधिवक्ता आकाश मालपाणी ने पक्ष रखते हुए बताया कि यह याचिकाकर्ता के पास मालिकाना हक और निर्माण की अनुमति से संबंधित दस्तावेज नहीं है। मकान मोहम्मद इमरान खान की मां के नाम पर जरूर है, लेकिन उनके पास सिर्फ एग्रीमेंट के दस्तावेज है। ऐसे में, उनके विरुद्ध की जा रही कार्रवाई सही है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता के पास कोई दस्तावेज न होने पर उसे राहत नहीं दी जा सकती। हालांकि बुलडोजर एक्शन से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों के मद्देनजर याचिकाकर्ता के विरुद्ध कार्यवाही पर 15 दिन के लिए रोक लगा दी गई है। कोर्ट ने यह भी कहा कि 15 दिन में यदि कोई कानूनी बाधा न हो तो प्रशासन नोटिस के मुताबिक कार्यवाही करने के लिए स्वतंत्र होगा। याचिकाकर्ता की और से कोर्ट में पैरवी कर रहे उत्कर्ष अग्रवाल ने एकलपीठ के आदेश को युगलपीठ में चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है।  

लूट का सरगना खालिद गिरफ्तार: मंडला में 2 करोड़ की चोरी का मास्टरमाइंड बिहार से हिरासत में

मंडला मध्यप्रदेश के मंडला में आयुषी ज्वेलर्स से 2 करोड़ से अधिक की लूट मामले में बिहार से मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया गया है. गुरुवार देर रात मध्यप्रदेश पुलिस और मुजफ्फरपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने सदर, बरूराज और पारू थाना क्षेत्र में छापेमारी कर तीन शातिर अपराधियों को पकड़ा. गिरफ्तार आरोपियों में बरूराज के रामपुरवा अखाड़ा का मास्टरमाइंड खालिद, सदर अतरदह का शशि कुमार और पारू ग्यासपुर का कृष्णा कुमार सिंह शामिल हैं. पुलिस ने घटना में इस्तेमाल खालिद की कार और उनके मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं. तीनों आरोपियों को 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर लेने के लिए मंडला पुलिस ने कोर्ट में आवेदन दिया है. गिरफ्तार आरोपियों में बरूराज थाना क्षेत्र रामपुरवा अखाड़ा निवासी मास्टरमाइंड मो. खालिद, सदर थाना क्षेत्र के अतरदह वार्ड 31 का शशि कुमार और पारू थाना के ग्यासपुर का कृष्णा कुमार सिंह है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल खालिद की कार भी जब्त की। शुक्रवार काे कोतवाली मंडला थाने के एसआई शफीक खान ने तीनों आरोपियों को 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया। पुलिस ने तीनों के मोबाइल भी जब्त किए हैं। लूटे गए सोना-चांदी के जेवर की बरामदगी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग घटना के बाद पुलिस ने अपराधियों की दो कारों को चिह्नित किया। मोबाइल टावर डंप करने के साथ अपराधियों के भागने की दिशा में कई टोल प्लाजा से सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसमें दोनों कार चिह्नित हुई। कारों मालिकों का पता लगाया गया, जिससे पुलिस सीधे मास्टरमाइंड खालिद तक पहुंची। उसकी गिरफ्तारी के बाद शशि और कृष्णा के बारे में पुलिस काे जानकारी मिली। 55 वर्षीय खालिद ने ही पूरी साजिश रची थी। उसने न केवल बिहार बल्कि मध्यप्रदेश के कई अपराधियों को शामिल किया था। पूछताछ में उसने कई साथियों के नाम और पते बताए, जिन पर गठित पांच विशेष टीम लगातार दबिश बनाए हुए है। SDPO पश्चिमी 1 सुचित्रा कुमारी ने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस ने छापेमारी में तीन को गिरफ्तार किया है। जेवरात बरामद नहीं किए गए हैं। मास्टरमाइंड खालिद का आपराधिक इतिहास पता किया जा रहा है। पारू के ग्यासपुर के कृष्णा ने चलाई थी गोली गिरफ्तार तीनों अपराधियों से मध्यप्रदेश पुलिस ने पूछताछ कर उनका बयान दर्ज किया है। कृष्णा कुमार सिंह ने बताया कि वह ग्यासपुर (पारू) का रहने वाला और मजदूरी करता है। उसकी मुलाकात खालिद से हुई, जिसने उसे बताया कि मंडला में एक ज्वेलर्स दुकान में दो से ढाई किलो सोना रहता है, जिसे लूटना है। बड़ा काम है लाइफ सेट हो जाएगी। 17 नवंबर को खालिद अपनी कार से शशि और कृष्णा के साथ कटनी होते हुए जबलपुर और इंदौर की ओर गया और फिर मंडला पहुंचा। वहां पर स्थानीय शातिरों पंकज ठाकुर, लवकुश, शनि, अजहर आदि से संपर्क हुआ। कृष्णा ने स्वीकार किया कि वारदात के दौरान जब आयुष ने विरोध किया, तो गोली उसने चलाई थी। 20 नवंबर को हुई थी वारदात, विरोध पर व्यवसायी को मारी थी गोली। घटना 20 नवंबर की शाम करीब 7.15 से 7.30 बजे के बीच की है। स्टाफ के सिर पर पिस्टल रखकर कहा- बैग छोड़ दो कटरा मंडला स्थित हनुमान मंदिर के सामने आयुषी ज्वेलर्स में अक्षांश सोनी और उनके भाई आयुष सोनी व्यवसाय करते हैं। दुकान में बॉबी यादव कर्मचारी के रूप में काम करता है। रोज की तरह दुकान बंद करने के लिए सोना-चांदी के आभूषण दो बैग में रखकर बॉबी दुकान के सामने खड़ी कार में रखने जा रहा था। उसी समय मंडला की ओर से एक कार तेजी से आकर रुकी। कार से तीन हथियारबंद अपराधी उतरे, जबकि चालक कार में ही बैठा रहा। अपराधियों में से एक ने बॉबी के सिर पर पिस्टल सटाकर बैग वहां रखने के लिए कहा। डर से बॉबी ने बैग छोड़ दिया। इसके बाद एक अपराधी दुकान में घुसा और आयुष से दुकान में रखा पूरा सोना-चांदी निकालने के लिए कहा। वह सोने-चांदी के आभूषण काे लूटने लगा, जिसका आयुष ने विरोध किया। इसपर अपराधी ने पिस्टल से उसके बाएं पैर के घुटने के नीचे गोली मार दी। आयुष खून से लथपथ होकर गिर गया। इसके बाद अपराधी बैग उठाकर कार फरार हो गए। घायल आयुष को बॉबी और अक्षांश का जिला अस्पताल में इलाज हुआ।

बगलामुखी मंदिर जमीन विवाद में बड़ा फैसला: हाईकोर्ट ने फर्जी डिक्री को शून्य कर दिया, सरकार को मिली संपत्ति पर नियंत्रण

 नलखेड़ा आगर मालवा के नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर परिसर से जुड़ी करीब 200 करोड़ रुपए की भूमि पर अब राज्य सरकार का नियंत्रण फिर बहाल हो गया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने राज्य शासन के पक्ष में फैसला देते हुए सनत कुमार और अन्य याचिकाकर्ताओं की पहली अपील खारिज कर दी। इसके साथ ही वर्ष 1997 में बनाई गई संदिग्ध और फर्जी डिक्री को निचली अदालत द्वारा अवैध घोषित किए जाने का आदेश भी बरकरार रखा गया। दो दशक पुराने विवाद का अंत यह मामला बीस साल से ज्यादा समय से चढ़त-उतार में था। साल 1997 में विपक्षी पक्ष ने महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर मंदिर की जमीन पर अपना दावा स्थापित करने की कोशिश की थी। आगर के अपर जिला न्यायाधीश ने 14 मार्च 2007 को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उस डिक्री को पूरी तरह अवैध करार दिया था। हाईकोर्ट ने भी अपनी सुनवाई में साफ टिप्पणी की कि यह डिक्री धोखे, दस्तावेजों के दमन और एक संदेहास्पद वसीयत पर आधारित थी, जिसे कानूनी तौर पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि संबंधित वाद में मंदिर या मूर्ति को पक्षकार ही नहीं बनाया गया था, जबकि विवाद सीधा मंदिर की संपत्ति से जुड़ा था। महाधिवक्ता ने मजबूती से रखा शासन का पक्ष मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता आनंद सोनी ने अंतिम बहस की। उन्होंने कोर्ट के समक्ष राजस्व अभिलेख, ओकाफ समिति के मूल रिकार्ड, मंदिर की ऐतिहासिक संरचना, पूर्व के न्यायालयीन निर्णय तथा फर्जी दस्तावेज़ों के पूरे क्रम को स्पष्टता से रखा। अदालत ने माना कि धोखाधड़ी के माध्यम से उक्त भूमि पर गलत तरीके से दावा स्थापित करने की कोशिश की गई थी। हाई कोर्ट द्वारा सरकार के पक्ष में अपील निरस्त करने से मंदिर की भूमि सुरक्षित हो गई। देर रात तक चली जेसीबी, हटाया अतिक्रमण फैसला आने के बाद शुक्रवार रात को पुलिस और प्रशासन की टीम ने विभिन्न विभागों के दल के साथ मंदिर की भूमि पर से अतिक्रमण हटाया मौके पर एसडीएम सर्वेश यादव नलखेड़ा एसडीओपी देव नारायण यादव सीएमओ मनोज नामदेव नलखेड़ा सुसनेर पुलिस बल अन्य विभागों की टीम के साथ पहुंचे। जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटाया गया। रात में की गई कार्रवाई से अतिक्रमणकर्ताओ में हड़कंप की स्थिति रही। मामले में मौके पर मौजूद अधिकारियों ने कोई भी जानकारी देने से इंकार किया।    डिक्री धोखे से और दस्तावेजों को छुपाकर प्राप्त की गई थी कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि वर्ष 1997 में प्राप्त डिक्री धोखे से और दस्तावेजों को छुपाकर प्राप्त की गई थी। यह विधिक रूप से टिकाऊ नहीं है। कोर्ट ने यह भी माना कि मंदिर को उस वाद में पक्षकार तक नहीं बनाया गया था, जबकि विवाद स्वयं मंदिर की संपत्ति से संबंधित था। कोर्ट ने यह भी देखा कि प्रस्तुत वसीयतनामा संदेहास्पद था और मूल राजस्व अभिलेख मंदिर/मठ की पारंपरिक गुरू-चेले प्रणाली की पुष्टि करते थे। अपील निरस्त करने से मंदिर की भूमि सुरक्षित हुई मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता आनंद सोनी ने अंतिम बहस की। उन्होंने कोर्ट के समक्ष राजस्व अभिलेख, ओकाफ समिति के मूल रिकार्ड, मंदिर की ऐतिहासिक संरचना, पूर्व के न्यायालयीन निर्णय तथा फर्जी दस्तावेज़ों के पूरे क्रम को स्पष्टता से रखा। अदालत ने माना कि धोखाधड़ी के माध्यम से उक्त भूमि पर गलत तरीके से दावा स्थापित करने की कोशिश की गई थी। हाई कोर्ट द्वारा सरकार के पक्ष में अपील निरस्त करने से मंदिर की भूमि सुरक्षित हो गई है। गौरतलब है कि उक्त वादित भूमि राजस्व अभिलेखों के अनुसार ऐतिहासिक रूप से मंदिर/धर्मशाला की रही है। उक्त संपत्ति विधिवत मूर्ति श्रीराम मंदिर व्यवस्थापक कलेक्टर के नाम दर्ज है। न्यायालय ने कहा कि किसी भी कपटपूर्ण दावे अथवा दस्तावेज़ से मंदिर की संपत्ति पर अधिकार स्थापित नहीं किया जा सकता है। दो दशकों से ज्यादा समय से चल रहा था विवाद यह विवाद दो दशकों से अधिक समय से चल रहा था। विपक्षी ने 1997 में महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर इस भूमि पर दावा स्थापित करने का प्रयास किया था। आगर के अपर जिला न्यायाधीश ने 14 मार्च 2007 को साक्ष्यों के आधार पर उस डिक्री को अवैध घोषित कर दिया था। उच्च न्यायालय ने भी अपनी टिप्पणी में कहा कि वह डिक्री धोखे, दस्तावेजों के दमन और एक संदेहास्पद वसीयतनामे के आधार पर हासिल की गई थी, जो कानूनी रूप से मान्य नहीं है। कोर्ट ने यह भी जिक्र किया कि मंदिर/मूर्ति को उस वाद में पक्षकार नहीं बनाया गया था, जबकि विवाद सीधे मंदिर की संपत्ति से संबंधित था। राज्य के अभिलेखों ने मजबूत किया केस राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता आनंद सोनी ने अंतिम सुनवाई में विस्तृत राजस्व रिकॉर्ड, औकाफ समिति के मूल दस्तावेज, मंदिर की गुरु-चेला परंपरा और पहले के फैसलों सहित संदिग्ध दस्तावेजों की पूरी श्रृंखला कोर्ट में पेश की। कोर्ट ने माना कि ये रिकॉर्ड न केवल मजबूत हैं, बल्कि पूरे छल के प्रकरण को उजागर करते हैं। विवादित भूमि कई वर्षों से सरकारी अभिलेखों में मंदिर और धर्मशाला की संपत्ति के रूप में दर्ज थी, और वर्ष 2006-07 से यह जमीन श्रीराम मंदिर व्यवस्थापक कलेक्टर के नाम विधिवत दर्ज है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी कपटपूर्ण दस्तावेज मंदिर की संपत्ति पर अधिकार का आधार नहीं बन सकता। साल 1997 में विपक्षी पक्ष ने महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर मंदिर की जमीन पर अपना दावा स्थापित करने की कोशिश की थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन की कार्रवाई फैसला आने के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने शुक्रवार (28 नवंबर) देर रात मंदिर परिसर की जमीन पर दोबारा अधिकार लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी। मौके पर अधिकारियों की टीम पहुंची और भूमि पर शासन का कब्जा फिर से बहाल करने के लिए कार्रवाई आगे बढ़ाई। कई दुकानदार रात में ही अपना सामान हटाते दिखाई दिए, क्योंकि जमीन पर लंबे समय से निजी उपयोग को लेकर तनाव बना हुआ था। रिकॉर्ड में मंदिर/धर्मशाला की संपत्ति के रूप में दर्ज थी राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता आनंद सोनी ने अंतिम सुनवाई में हाजिर होकर विस्तृत राजस्व अभिलेख, औकाफ समिति के मूल रिकॉर्ड, मंदिर की पारंपरिक गुरु-चेला प्रणाली और पहले के फैसलों सहित … Read more

चित्रकूट में जमीन विवाद तूल पकड़ा: महंत पर किसान की जमीन हथियाने का आरोप, कोर्ट में मामला लंबित

चित्रकूट में फिर जमीनी खेल, महंत पर किसान की जमीन हथियाने का आरोप कोर्ट में मामला लंबित, फिर भी दबंगों के सहारे कराया जा रहा बाउंड्री का निर्माण सतना   धार्मिक नगरी चित्रकूट में जमीनों का खेल फिर शुरू हो गया। इस बार आरोप अचारी आश्रम के महंत पर लगा है। आरोप है कि किसान की जमीन कब्जाई जा रही है, जबकि मामला कोर्ट में लंबित है। पीडि़़त परिवार का कहना है कि महंत राजनैतिक लोगों का प्रभाव दिखाकर प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाए हुए हैं, जिससे शिकायत होने के बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद विवादित भूमि पर बाउंड्री खड़ी करवा रहे हैं। इससे पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। रात के अंधेरे में जेसीबी लगाकर खुदाई की गई वहीं सैकड़ों लोगों को बुलाकर निर्माण कार्य कराया जा रहा है।  जानकारी के अनुसार, नयागांव(हनुमान धारा) पटवारी हल्का की आराजी नंबर 904/3/2 और 904/3/1 में कुल 11 हेक्टेयर के करीब भूमि है। यह जमीन पिछले लगभग 80 वर्षों से दिनेश मिश्रा पिता स्व नवल किशोर मिश्रा और उनके परिवार के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। मिश्रा परिवार का कहना है कि इस भूमि के ठीक बगल में अचारी आश्रम की 56 बीघा जमीन स्थित है, लेकिन आश्रम प्रबंधन ने राजस्व रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर गलत नक्शा प्रस्तुत किया है और अब विवादित हिस्से पर कब्जा जमाने की कोशिश की जा रही है। दिनेश मिश्रा का आरोप है कि रात के अंधेरे में दबंगों को खड़ा कर बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जा रहा है, जबकि यह प्रकरण फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। शिकायतें कई बार राजस्व और पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाई गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।  तो करेंगे अनशन  पीडि़त परिवार में प्रशासन के प्रति गहरा रोष है। भूमिस्वामी दिनेश मिश्रा का कहना है कि यदि जिला प्रशासन ने इस अन्याय को रोकने के लिए शीघ्र हस्तक्षेप नहीं किया तो वे परिवार सहित इसी जगह पर परिवार सहित आमरण अनशन करेंगे। ज्ञात हो कि पिछले दिनों उन्होंने पुलिस अधीक्षक और थाना में आवेदन देकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की थी, पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की।

मुख्यमंत्री ने चंदेरी इको रिट्रीट के शुभारंभ पर दिया बधाई संदेश

स्वदेशी के महत्व को बढ़ाने वाला कार्यक्रम है चंदेरी इको रिट्रीट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने चंदेरी इको रिट्रीट के शुभारंभ पर दिया बधाई संदेश चंदेरी में प्रारंभ हुआ इको रिट्रीट, शिल्प, कला एवं रोमांच का बना संगम केंद्रीय मंत्री  सिंधिया ने की अध्यक्षता प्रमुख फैशन ब्रांड्स के साथ चंदेरी की पारंपरिक बुनाई और अनूठी विरासत को समर्पित फैशन एवं संगीत समारोह तीन माह से अधिक संचालित होगी लग्जरी सुविधाओं से लैस टेंट सिटी मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा सनसेट डेजर्ट कैम्प के सहयोग से हो रहा आयोजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने स्वदेशी उत्पादों और कारीगरों को भरपूर प्रोत्साहन दिया है। इस नाते मध्यप्रदेश सरकार इस दिशा में भरसक प्रयास करते हुए शिल्पकारों को आगे बढ़ाने का कार्य करेगी। चंदेरी जैसे स्थानों की ख्याति ऐतिहासिक, प्राकृतिक सौन्दर्य, पर्यटन के साथ ही वस्त्र बुनाई के कारण भी है। यहां के बुनकर चंदेरी साड़ियों के निर्माण में लगे हैं, जिसे गुणवत्ता के आधार पर जीआई टैग प्राप्त हुआ है, यह एक अहम उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को उज्जैन से चंदेरी में हो रही ईको रिट्रीट आयोजन के लिए भेजे विशेष संदेश में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंदेरी का इतिहास गौरवशाली है। प्रकृति ने भी इस स्थान को अनेक खूबियां दी हैं, जिससे यह स्थान पर्यटकों को आकर्षित करता है। तीन माह के लिए पर्यटक टेंट सिटी का लाभ ले सकेंगे। इको रिट्रीट की सौगात स्थानीय बुनकरों के लिए भी लाभकारी है। यह स्थान सिने जगत के लिए भी महत्वपूर्ण डेस्टिनेशन बन रहा है। यहां अनेक फिल्मों और वेबसीरीज का फिल्मांकन हो रहा है। फैशन की दुनिया के लोग इको रिट्रीट के माध्यम से यहां पहुंचे हैं। वे लाईव वीविंग देखकर अभिभूत होंगे। मेहनतकश बुनकर अनोखी बुनाई करते हैं। उद्योग और रोजगार वर्ष 2025 में राज्य सरकार ने चंदेरी के शिल्पियों को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इको रिट्रीट के माध्यम से यहां की जग प्रसिद्ध साड़ियों की ब्रांडिंग हो रही है। बॉयर सेलर मीट, हैण्डलूम प्रदर्शन, व्यंजन मेले और लाइट एंड साउंड-शो के माध्यम से चंदेरी का महत्व देश और दुनिया के सामने स्थापित होगा। स्व-सहायता समूहों की आर्थिक प्रगति में भी ये सभी कार्यक्रम उपयोगी सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एडवेंचर स्पोर्ट्स के माध्यम से स्थानीय युवक और पर्यटक न सिर्फ आनंद प्राप्त करेंगे, बल्कि खेलों और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन की दृष्टि से भी यह महत्वपूर्ण गतिविधि सिद्ध होगी। टेंट सिटी लुभाएंगी पर्यटकों को चंदेरी इको रिट्रीट–2025 के तृतीय संस्करण का आयोजन मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने चंदेरी जिला प्रशासन एवं सनसेट डेजर्ट कैम्प के सहयोग से किया। चंदेरी इको रिट्रीट की अध्यक्षता केंद्रीय संचार एवं उत्तर–पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री  ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने की। चंदेरी इको रिट्रीट, कटी घाटी के पास स्थापित टेंट सिटी तीन महीने से अधिक समय तक देश–विदेश के पर्यटकों के लिए खुली रहेगी। चंदेरी की ऐतिहासिक धरोहर हमारे अतीत की समृद्धि का प्रमाण : केन्द्रीय मंत्री  सिंधिया केंद्रीय संचार एवं उत्तर–पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री  सिंधिया ने कहा कि चंदेरी केवल एक भूगोल नहीं है, यह भारत की सांस्कृतिक आत्मा का वह अध्याय है जिसमें, गौरवशाली इतिहास, अद्भुत स्थापत्य और शताब्दियों पुरानी बुनाई परंपरा एक साथ सांस लेती है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की 'लोकल फॉर वोकल' और 'लोकल टू ग्लोबल' की संकल्पना को चंदेरी ने साकार किया है। चंदेरी के किले, बावड़ियां, महल और ऐतिहासिक धरोहरें न केवल हमारे अतीत की समृद्धि का प्रमाण हैं, बल्कि बुंदेलखंड की सांस्कृतिक वीरता और सौंदर्यबोध का जीवित साक्ष्य भी हैं। चंदेरी की साड़ी और यहां की हथकरघा परंपरा भारत की सबसे प्रतिष्ठित और विशिष्ट कलाओं में से एक है- इसकी पारदर्शी बुनावट, महीन ज़री-कढ़ाई और पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक तकनीकें आज भी दुनिया को आकर्षित करती हैं। यहां के बुनकरों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी कला को न केवल जीवित रखा बल्कि उसे वैश्विक पहचान दिलाई है। चंदेरी केवल स्मृतियों का स्थान नहीं, बल्कि भारतीय शिल्प, परंपरा और सौंदर्यशास्त्र का जीवंत प्रतीक है। चंदेरी आने वाले समय में अपने इतिहास, अपने हैंडलूम और अपनी सांस्कृतिक विरासत के माध्यम से विश्व मानचित्र पर और सशक्त पहचान बनाएगा। फैशन-शो में दिखी चंदेरी की सांस्कृतिक झलक चंदेरी की पारंपरिक बुनाई और अनूठी विरासत को समर्पित फैशन एवं संगीत समारोह – “Threads of Time: The Chanderi Saga” टेंट सिटी में शुभारंभ के बाद आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में चंदेरी वस्त्र की ऐतिहासिक और कलात्मक यात्रा को आधुनिक दृष्टि से प्रस्तुत किया गया। फैशन-शो में FabIndia, Taneria, Itokri, Noize Jeans और Zee’s by Tajwar जैसे प्रमुख फैशन ब्रांड्स ने अपनी विशेष प्रस्तुतियाँ दीं। रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे पर्यटक चंदेरी इको रिट्रीट में पर्यटक रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। साथ ही बघेलखंड और बुंदेलखंड के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी पर्यटक चख सकेंगे। परिवार एवं बच्चों के लिए किड्स ज़ोन तथा इनडोर–आउटडोर गेम्स की भी व्यवस्था रहेगी। इस अवसर पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला, चंदेरी विधायक  जगन्नाथ सिंह रघुवंशी, मुंगावली विधायक  ब्रजेन्द्र सिंह यादव के अलावा  आलोक तिवारी, अशोकनगर कलेक्टर  आदित्य सिंह, मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर (इवेंट एंड मार्केटिंग)  युवराज पडोले, फैब इंडिया के एमडी  विलियम विसेल, टाटा तनेरिया के सीईओ  अम्बुज नारायण उपस्थित रहे।  

मल्हारगढ़ थाने की राष्ट्रीय उपलब्धि पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाने को उच्च रैंकिंग के लिए दी बधाई गर्व की बात , मल्हारगढ़ देश के सर्वश्रेष्ठ थानों में हुआ शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाने को उच्च रैंकिंग प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बधाई दी है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित पुलिस महानिदेशकों और पुलिस महानिरीक्षकों की कॉन्फ्रेंस में देश के श्रेष्ठ पुलिस थानों के रैंकिंग की घोषणा की गई। इस रैंकिंग में पुलिस थाना मल्हारगढ़, जिला मंदसौर को देश भर के पुलिस थानों में 9 वीं रैंक प्राप्त हुई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने थानों की रैंकिंग के लिये विभिन्न 70 पैमाने तय किए थे। इनमें अपराध का ग्राफ, आपराधिक प्रकरण को सुलझाने की अवधि, स्वच्छता और पुलिसकर्मियों का व्यवहार सहित अन्य पैमाने शामिल थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला पुलिस अधीक्षक मंदसौर सहित संबंधित थाना स्टॉफ और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों कर्मचारियों से इस उपलब्धि का स्तर बनाए रखने की अपेक्षा करते हुए अन्य थानों के स्टॉफ को भी मंदसौर से प्रेरणा लेकर श्रेष्ठ कार्य का आह्वान किया है। उन्होंने गर्व का अनुभव करवाने वाली इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए मध्यप्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को भी बधाई दी है।  

महाकाल का अनोखा अलंकरण: फूलों की 10–15 किलो वजनी ‘अजगर माला’ चढ़ाई

उज्जैन महाकाल मंदिर में इन दिनों भगवान महाकाल को फूलों की बड़ी व भारी माला पहनाई जा रही है। प्रतिदिन होने वाली पांच आरती के अलावा दिनभर भक्तों की ओर से लाई जाने वाली मालाएं भगवान को अर्पित की जा रही है। हालांकि ज्योतिर्लिंग क्षरण मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी ने भगवान को भारी फूल माला तथा अधिक मात्रा में पुष्प अर्पित नहीं करने का सुझाव दिया है। समय-समय पर मंदिर समिति भी एक्सपर्ट कमेटी के सुझावों पर अमल करने का दावा करती रही है, मगर हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का क्षरण रोकने के लिए सारिका गुरु ने वर्ष 2017 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। कोर्ट ने आर्कियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया (एएसआइ) और जियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया (जीएसआइ) के विशेषज्ञों की समिति गठित की थी। एक्सपर्ट कमेटी के सदस्य वर्ष 2019 से लगातार ज्योतिर्लिंग क्षरण की जांच कर रहे हैं। विशेषज्ञों ने क्षरण रोकने के लिए अनेक सुझाव दिए हैं।   इनमें भगवान महाकाल के अभिषेक के लिए सादे पानी की जगह आरओ जल का उपयोग करना, भस्म आरती में ज्योतिर्लिंग पर कपड़ा ढंक कर भस्म अर्पित करना, पंचामृत की मात्रा केवल सवा लीटर करना, भगवान के शृंगार में उपयोग होने वाले आभूषणों का वजन कम करना, भगवान महाकाल को भारी फूल माला तथा अधिक मात्रा में पुष्प अर्पित नहीं करना जैसे सुझाव शामिल है। मंदिर समिति एक्सपर्ट कमेटी के सुझाव पर अमल कर रही है। अभिषेक में आरओ जल का उपयोग हो रहा है, आभूषण का वजन कम कर दिया गया है, भस्म आरती में भस्म अर्पण से पहले ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढंका जाता है। लेकिन मानीटरिंग के अभाव में भगवान को फूलों की भारी माला पहनाने का क्रम जरूर जारी नजर आ रहा है। 10 से 15 किलो वजनी है अजगर माला महाकाल मंदिर प्रशासनिक भवन के पास स्थित हार, फूल व प्रसाद की दुकानों पर फूलों की भारी माला का विक्रय किया जा रहा है, इसे अजगर माला कहा जाता है। इसमें एक हजार कमल के फूलों से बनी सहस्त्र कमल तथा विभिन्न किस्म के फूलों से तैयार की गई भारी माला शामिल है। बताया जाता है फूलों की भारी भरकम माला का वजन करीब 10 से 15 किलो रहता है। दिन भर में भगवान को इस प्रकार की 40 से 50 मालाएं पहनाई जा रही है। 500 से 2100 रुपये कीमत महाकाल मंदिर के आसपास दुकानों से विक्रय की जाने वाली अजगर माला 500 से 2100 रुपये में विक्रय की जा रही है। भक्तों द्वारा लाई जा रही भारी माला को दिनभर भगवान को अर्पित किया जाता है। पांच आरती में भी भगवान को भरी भरकम मालाएं ही अर्पित की जा रही हैं।