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जबलपुर रियल एस्टेट में उछाल: अब घर-ज़मीन के दाम पहले से ज्यादा चुकाने होंगे

जबलपुर जबलपुर जिले में जमीन के दाम बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। 2025-26 की कलेक्टर गाइडलाइन बनाने के लिए महानिदेशक पंजीयन मुख्यालय भोपाल ने जबलपुर समेत सभी जिला पंजीयन कार्यालय को निर्देशित किया है। इसके बाद जबलपुर में जमीनों के दाम बढ़ाने की कवायद तेज हो गई है। जिलेभर में शहर व ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनों का सर्वे किया जाएगा और इस साल हुई रजिस्ट्रियों का आंकलन भी होगा। इसके बाद ही यह तय होगा कि किन क्षेत्रों की जमीन के दाम नई कलेक्टर गाइडलाइन में बढ़ाए जाएं और कहां नहीं। भोपाल से मिले निर्देश के बाद सर्वे की तैयारी भोपाल से मिले निर्देश के बाद जिला पंजीयन कार्यालय ने सर्वे की तैयारी शुरू कर दी है। जिले की उप जिला मूल्यांकन समितियों को जमीन का सर्वे और रजिस्ट्रियों का आंकलन करने कहा गया है। जबलपुर में तीन उप जिला मूल्यांकन समिति हैं, जिसमें एक जबलपुर, दूसरी सिहोरा और तीसरी पाटन हैं।   एसडीएम करेंगे अपने क्षेत्रों का सर्वे उप जिला मूल्यांकन समिति में अध्यक्ष एसडीएम और सदस्य उप पंजीयक हैं। अब जबलपुर एसडीएम, सिहोरा एसडीएम और पाटन एसडीएम, समिति के पदाधिकारियों के साथ अपने-अपने क्षेत्रों का सर्वे करेंगे। इस दौरान वे जमीनों के मौजूदा दाम, वहां इस साल हुई रजिस्ट्री और उनके दाम और भविष्य में जमीन की संभावना के साथ आसपास आने वाले प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी एकत्रित करेंगे। इसके बाद उन रजिस्ट्रियों का आंकलन करेंगी, जिसमें कलेक्टर गाइडलाइन और मौजूदा दाम में बड़ा अंतर है। इसके बाद यह अपनी रिपोर्ट तैयार कर जिला मूल्यांकन समिति के समक्ष रखेंगे। इस दौरान संबंधित अधिकारी की सहमति भी ली जाएगी। अंत में सर्वे और जमीनों की जानकारी को भोपाल भेजा जाएगा। वहां से सहमति मिलने के बाद ही दाम तय होंगे। 400 से ज्यादा जमीनों का होगा सर्वे इस बार जिले में करीब 400 से अधिक लोकेशन पर विस्तृत सर्वे कराया जाएगा। बीते एक वर्ष में शहर के आउटर इलाकों में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हुए हैं। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में कई नए निजी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट लांच होने से मार्केट में जमीनों की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं। सर्वे टीम इन सभी बिंदुओं को प्राथमिकता देते हुए संबंधित क्षेत्रों में बीते समय की रजिस्ट्रियों, औसत बाजार मूल्य और विकास गतिविधियों का विश्लेषण करेगी। इसके आधार पर प्रस्तावित नए रेट तैयार कर विभागीय बैठक में प्रस्तुत किए जाएंगे। जमीनों के दाम बढ़ने के अनुमान से अभी से ही रियल एस्टेट बाजार में हलचल तेज हो गई है। अवैध कॉलोनियां गिराएंगी जमीन के दाम इस बार जमीन के दाम बढ़ाने में कई अड़चनें है। सबसे बड़ी अड़चन अवैध कॉलोनियां है। प्रशासन द्वारा अवैध कालोनियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिले के शहरी क्षेत्र में करीब 50 और ग्रामीण क्षेत्र में 150 अवैध कॉलोनियां हैं। इनमें जिला प्रशासन ने करीब 98 अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्री और नामांतरण पर रोक लगा दी है। वहीं तीन कालोनियों पर एफआइआर भी दर्ज की है। इतना ही नहीं अभी 15 और कॉलोनियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना है। इस सभी वजहों से लोग इन क्षेत्रों में जमीन खरीदने से पीछे हट रहे हैं। ऐसे में यदि दाम बढ़ने हैं तो आम आदमी इन जमीनों को खरीदने में परहेज करेगा। दिसंबर तक देंगे रिपोर्ट महानिदेशक पंजीयन मुख्यालय भोपाल से पत्र मिल गया है, जिसके बाद नई कलेक्टर गाइडलाइन बनाने के लिए सर्वे किया जाना है। तीनों उप जिला मूल्यांकन समिति को पत्र लिखकर जमीनों का सर्वे करने कहा है। दिसंबर तक अपनी रिपोर्ट भी दे देंगे। – डॉ. पवन अहिरवाल वरिष्ठ पंजीयक, जबलपुर  

मध्यप्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण की समीक्षा, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने वर्चुअल बैठक में दिए निर्देश

मध्यप्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने वर्चुअल बैठक में दिए निर्देश भोपाल मध्यप्रदेश के संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  राम प्रताप सिंह जादौन ने शनिवार, 29 नवंबर को प्रदेश के सभी जिलों के उप जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मती सुरभि तिवारी,  राजेश यादव सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान  जादौन ने अशोकनगर, बैतूल और नीमच जिलों में 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण होने पर संबंधित टीमों को बधाई दी। इसके साथ ही प्रदेश के अन्य 44 जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण होने पर सभी अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन मतदाताओं का निवास परिवर्तन हुआ है या जिनके मतदाता परिचय-पत्र में संशोधन की आवश्यकता है, वे संबंधित बीएलओ से संपर्क कर एन्युमरेशन फॉर्म के साथ फॉर्म-8 भरकर जमा करें। मतदाता यह प्रक्रिया स्वयं भी ऑनलाइन Voters.eci.gov.in अथवा ceoelection.mp.gov.in पर पूरी कर सकते हैं। साथ ही नये मतदाता अपना फार्म 6 भरकर भी दे सकते हैं।  जादौन ने कहा कि पुनरीक्षण कार्य के दौरान यदि किसी बीएलओ की मृत्यु हुई है, तो उनके दावे, पारिश्रमिक तथा परिजन की अनुकंपा नियुक्ति की कार्रवाई शीघ्रता से पूरी की जाए। उन्होंने ग्वालियर, इंदौर और भोपाल जिलों के उप जिला निर्वाचन अधिकारियों को कार्य की गति और बढ़ाने के निर्देश दिए, जिससे निर्धारित समय सीमा में प्रदेश में शत-प्रतिशत पुनरीक्षण कार्य पूरा किया जा सके।  

रोइंग चैंपियनशिप में छाया भोपाल, बड़े तालाब में खिलाड़ियों ने दिखाया दम और कौशल

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बड़ा तालाब पर आठवीं इंटर स्टेट चैलेंजर्स व 45वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में देश भर के रोइंग खिलाड़ी अपना दम दिखाने जुटे हैं। दो दिन भोपाल के मौसम से तालमेल बैठाने के बाद देश के इन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने अपना कौशल दिखाया। सीनियर वर्ग में छह और जूनियर वर्ग में चार इवेंट है। ठंडी हवाओं के बीच खिलाड़ियों का बड़ा तालाब पर आना शुरू हो गया था। एक घंटे बाद मुकाबले प्रारंभ हुए। 23 राज्यों के लगभग 500 खिलाड़ी व ऑफिसिल्य भोपाल आए हुए हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चैंपियनशिप का शुभारंभ किया था। बाहर से आए खिलाड़ियों ने दो दिन तक भोपाल में मौसम के अनुकूल खुद को बनाया और प्रतियोगिता के लिए जमकर अभ्यास किया। इसलिए शुक्रवार को खिलाड़ी पूरे जोश के साथ हीटस में भाग ले रहे थे।   खिलाड़ियों की परीक्षा की घड़ी मप्र रोइंग अकादमी के मुख्य प्रशिक्षक दलबीर सिंह राठौर ने बताया कि अगले दो दिन खिलाड़ियों की परीक्षा की घड़ी है, जिसने जितने मेहनत की होगी उसे उतनी सफलता मिलेगी। अन्य खिलाड़ियों के साथ हमारे खिलाड़ियों ने भी दो दिनों तक सभी ने जमकर अभ्यास किया है। अब शनिवार और रविवार को सेमीफाइनल व फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। मप्र मेजबान है इसलिए हमारा दल सबसे बड़ा भी है और जीत का दावेदार भी। हमारे खिलाड़ी यहां के मौसम और चलने वाली तेज हवाओं से परिचित है, इसका लाभ उनके प्रदर्शन पर नजर आएगा।   बोट क्लब का मौसम बहुत सुहावना है शुक्रवार को राजधानी का मौसम बहुत ही सुहावना था। भारी संख्या में दर्शक वाटर स्पोटर्स की गतिविधियां देखने पहुंचे थे। बडे तालाब के जिस स्थान पर रोइंग चैंपियनशिप आयोजित हो रही है, उसे बोट क्लब कहा जाता है। यह राजधानी का सबसे सुंदर स्थान है, जहां सुबह और शाम भारी संख्या में लोग आते है। बोट क्लब के एक तरफ रंग बिरंगी व्यावासयिक नावें कुलांचे भर रही थी तो दूसरी तरफ सफेद बतखे पर्यटकों का मनमोह रही थी। वहीं देशभर के खिलाड़ी अपने खेल कौशल से उपस्थित दर्शकों की प्रशंसा बटोर रहे थे। तालाब पर उठने वाली पानी की लहरे समुद्र का अहसास करा रही थी। इस चैंपियनशिप में भाग लेने आए खिलाड़ी और प्रशिक्षकों ने भी बड़े तालाब की सराहना की।

विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के प्रयास रंग लाये,50 ग्राम पंचायतों में 25-25 लाख के सामुदायिक भवन निर्माण की मिली स्वीकृति

11 करोड़ 75 लाख हुए स्वीकृत, सरपंचों ने विधायक का किया आभार व्यक्त सीहोर मध्य प्रदेश के सीहोर अंतर्गत आष्टा जिला में विधायक के नेतृत्व में जब लक्ष्य तय हो,ओर लक्ष्य को पाने का दृढ़ निश्चय हो तो सफलता और सौगात मिलती ही है । यही कारण है की जब से आष्टा विधायक के रूप में क्षेत्र की देवतुल्य जनता ने अपना आशीर्वाद भाजपा के विधायक गोपालसिंह इंजीनियर को दिया है तभी से वे इस क्षेत्र को लगातार विकास की सौगातें दिन रात कड़ी मेहनत कर आष्टा विधानसभा क्षेत्र को दिला रहे है । क्षेत्र के दौरों के दौरान लगातार ग्रामीणों ने अपनी अपनी पंचायतों में सार्वजनिक कार्यो एवं कार्यक्रमो को करने के लिये पंचायतों में सामुदायिक भवनों की मांग की गई थी । ग्रामीण जनों,ग्राम पंचायतों के सरपंचों की मांग पर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को अपने आष्टा विधानसभा क्षेत्र की करीब 50 पंचायतों के लिये एक एक सामुदायिक भवन स्वीकृत करने की मांग के प्रस्ताव सौपे ओर लगातार किये गये प्रयासों के परिणाम स्वरूप 25-25 लाख की लागत से 50 पंचायतों में सामुदायिक भवन निर्माण के लिये 11 करोड़ 75 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने जानकारी देते हुए बताया की मप्र शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने आष्टा विधानसभा क्षेत्र की जनपद पंचायत आष्टा की ग्राम पंचायत पाड़ालिया राम,पारदीखेड़ी,बफापुर (ढाकनी ),बमुलिया रायमल,बरखेड़ा,बरछापुरा,बेदाखेडी,भंवरा,भूफोड़,भेरूपुर,मुगली, मोलूखेड़ी,रसूरपुरा,रामपुरा कलां,लसूडिया पार,लसूडिया सूखा,लोराँस कलॉ,शंभुखेड़ी,,सामरदा,सेंन्धोखेड़ी ,सेवदा,हसैनपुरा खेड़ी,अतरालिया,अरनिया गाजी,अरोलिया आष्टा,आमला मज्जू,कजलास,कल्याणपुर,कानराखेड़ी,किलेरामा,कुमडावदा,खजूरिया जावर,खडी हाट,गाजना,चाचरसी, चिन्नोठा,चुपडिया,जगमालपुर, जताखेड़ा,जीवापुर महोडिया,झिलेला,टाण्डा,टिगरिया, डाबरी,डूका,नवरंगपुर,नौगांव, पगारिया राम,पटारिया गोयल के लिये एक एक सामुदायिक भवन निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हो गई है ।

SIR में शानदार परफॉर्मेंस! जबलपुर के बीएलओ को मिली हेलीकॉप्टर से हवाई सैर की सौगात

जबलपुर मतदाता सूचना विशेषा गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्य के दबाव में सामने आ रहे कर्मचारियों को अटैक के मामलों के बीच शहर से अच्छी खबर है। जिला प्रशासन द्वारा बीएलओ के तनाव को कम करने के लिए अच्छा काम करने वालों को सम्मानित किया जा रहा है। सभी बूथों के 100 फीसदी गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा करने पर प्रशासन ने बीएलओ सुपरवाइजर स्नेहलता पटेल को सम्मानित कर जबलपुर से कान्हा और बांधवगढ़ की हवाई यात्रा भी कराई। ऐसे ही अन्य बीएलओ को नकद पुरस्कार के साथ उनके तनाव को कम करने के लिए मूवी टिकट भी प्रशासन दे रहा है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देशानुसार बीएलओ एवं सुपरवाइजरों को प्रोत्साहित करने के लिए अनूठी पुरस्कार योजना शुरू की गई है। स्नेहलता पटेल को पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा से जाय राइड इसी पहल का हिस्सा है।   उन्होंने इस सम्मान के लिए कलेक्टर का आभार व्यक्त किया और सभी बीएलओ को निष्ठा एवं लगन से कार्य करने का संदेश दिया। स्नेहलता पटेल को पनागर विधानसभा के बूथ क्रमांक 52 से 61 तक कुल 10 बूथों के सत्यापन और डिजिटाइजेशन का दायित्व सौंपा गया था। उनके अधीन 7,706 मतदाताओं के गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन मंगलवार को पूरा कर लिया गया था। 73.34 फीसदी गणना पत्रक हुए डिजिटाइज जिले में मतदाताओं से प्राप्त गणना प्रपत्रों में से 73.34 प्रतिशत गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा कर लिया गया है। जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 19 लाख 25 हजार 472 है। इनमें से अभी तक 14 लाख 12 हजार 151 मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। पाटन विधानसभा में 86 प्रतिशत डिजिटाइजेशन शुक्रवार की रात आठ बजे की रिपोर्ट के अनुसार 86.50 प्रतिशत गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के साथ पाटन विधानसभा जिले की आठो विधानसभा क्षेत्रों में पहले स्थान पर है। मतदाताओं से प्राप्त गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन में विधानसभा क्षेत्र सिहोरा 85.04 फीसदी के साथ दूसरे तथा विधानसभा क्षेत्र बरगी 84.20 फीसदी गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के साथ जिले में तीसरे स्थान पर है। 78.10 फीसदी के साथ पनागर चौथे, 67.41 फीसदी के साथ उत्तर पांचवें एवं 61.81 फीसदी के साथ कैंट छठे स्थान पर है। वहीं पश्चिम में 59.94 और पूर्व में 59.94 फीसदी गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन हुआ है।

MP हाईकोर्ट की सख्ती: आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई 15 दिन के लिए स्थगित

जबलपुर हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने कटनी में भाजपा नेता नीलू रजक की गोली मारकर हत्या के आरोपित अकरम खान का मकान गिराने पर 15 दिन की रोक लगा दी है। कोर्ट ने 15 दिन के भीतर अगर चाहे युगलपीठ में अपील के लिए भी स्वतंत्र किया है। मामले की सुनवाई में कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता के पास मकान के वैध दस्तावेज नहीं है। हत्या के आरोपित अकरम खान के भाई इमरान खान ने मकान तोड़ने को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता मोहम्मद इमरान खान की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उसके भाई अकरम खान और नेल्सन जोसेफ को नीलू रजक की 28 अक्टूबर को गोली मारकर हत्या के आरोप में कटनी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कैमोर नगर परिषद ने मकान को गिराने के लिए नोटिस जारी किया है जिसे की कोर्ट में चुनौती दी गई। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह और पैनल अधिवक्ता आकाश मालपाणी ने पक्ष रखते हुए बताया कि यह याचिकाकर्ता के पास मालिकाना हक और निर्माण की अनुमति से संबंधित दस्तावेज नहीं है। मकान मोहम्मद इमरान खान की मां के नाम पर जरूर है, लेकिन उनके पास सिर्फ एग्रीमेंट के दस्तावेज है। ऐसे में, उनके विरुद्ध की जा रही कार्रवाई सही है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता के पास कोई दस्तावेज न होने पर उसे राहत नहीं दी जा सकती। हालांकि बुलडोजर एक्शन से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों के मद्देनजर याचिकाकर्ता के विरुद्ध कार्यवाही पर 15 दिन के लिए रोक लगा दी गई है। कोर्ट ने यह भी कहा कि 15 दिन में यदि कोई कानूनी बाधा न हो तो प्रशासन नोटिस के मुताबिक कार्यवाही करने के लिए स्वतंत्र होगा। याचिकाकर्ता की और से कोर्ट में पैरवी कर रहे उत्कर्ष अग्रवाल ने एकलपीठ के आदेश को युगलपीठ में चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है।

खरमास 14 जनवरी तक: दिसंबर के बाद अब फरवरी में ही बंधेंगे शादी के बंधन

भोपाल  देव उठनी एकादशी के बाद से शुरू हुए वैवाहिक सीजन में अब इस साल सिर्फ आधा दर्जन मुहूर्त ही शेष बचे हैं। नवंबर और 5 दिसंबर तक शादियों के गिने चुने मुहूर्त में मांगलिक कार्य हो सकेंगे, लेकिन इसके बाद शुक्र गृह अस्त और खरमास की वजह से शादियां अब सीधे फरवरी माह में ही हो सकेंगी। शादियों के कुछ मुहूर्त ही शेष होने से बाजार में खरीदी के लिए लोगों की भीड़ नजर आ रही है। देवउठनी एकादशी के बाद वैवाहिक सीजन विलंब से शुरू होने से इस बार विवाह के कम मुहूर्त ही थे। विवाह में 5 दिसंबर से रोक, सीधे फरवरी में होगी शादियां ज्योतिषाचार्य पं. रामगोविंद शास्त्री के अनुसार नवंबर माह में 29,30 और दिसंबर में 1,4,5 दिसंबर ही विवाह के लिए शुभ मुहूर्त हैं। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की देव उठनी एकादशी के दिन श्रीहरि विष्णु के चार माह की निद्रा से जागने के बाद मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है। इस बार 16 नवंबर को सूर्य के तुला राशि से निकलकर गोचर के बाद करने के बाद शुद्ध वैवाहिक मुहूर्त शुरू हुए, लेकिन खरमास और शुक्र गृह के अस्त होने से जनवरी में शादियां नहीं होंगी।इस दौरान भी विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण आदि मांगलिक कार्य पर विराम लगता है। इसके बाद विवाह के मुहूर्त 4 फरवरी के बाद से शुरू होंगे।   जनवरी में नहीं होंगी शादियां, साल 2026 में 59 शुभ मुहूर्त वर्ष 2025 में शादियों के लिए विवाह के कुल 75 मुहूर्त थे। इनमें से 50 मुहूर्त से अधिक मुहूर्त जनवरी से जून के बीच थे। इसके बाद जुलाई से अक्टूबर से चातुर्मास के चलते कोई विवाह मुहूर्त नहीं थे। बात अगर 2026 की करें तो इसमें 59 विवाह का मुहूर्त हैं। इस अनुसार यह वर्ष भी वैवाहिक आयोजन के लिए अनुकूल माना जा रहा है।जनवरी को छोड़ दिया जाए तो फरवरी में 12 दिन शुभ मुहूर्त पर विवाह होंगे। इसके बाद मार्च में नौ, अप्रैल-मई में आठ-आठ, जून में सात और जुलाई में चार दिन विवाह मुहू्र्त रहेंगे। इसके बाद नवंबर में चार और दिसंबर में सात दिन विवाह होंगे। 14 जनवरी तक रहेगा खरमास 16 दिसंबर को सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं, जिससे खरमास की शुरुआत हो जाएगी। वहीं खरमास का समापन 14 जनवरी 2026 को होने जा रहा है। ऐसे माना जाता है कि इस दौरान किए गए शुभ कार्यों में देवगुरु बृहस्पति और सूर्य देव की कृपा प्राप्त नहीं होती, जिससे उस कार्य से शुभ परिणाम नहीं मिलते। ऐसे में इस दौरान विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश आदि जैसे कार्य करने की मनाही होती है। विवाह के लिए ग्रहों की शुभता आवश्यक माना गया है। शुक्र अस्त होने के कारण भी शादियां नहीं होती हैं।

उदाहरण CM यादव के बेटे अभिमन्यु यादव की शादी में दिखेगी सादगी, गृहनगर में जुटेंगे VVIP मेहमान

उज्जैन  सत्ता के गलियारों में जहां शादियाँ अक्सर वैभव, शक्ति और प्रतिष्ठा के प्रदर्शन का माध्यम बन जाती हैं, वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक अलग मिसाल पेश कर रहे हैं। 30 नवंबर को उनके छोटे बेटे अभिमन्यु यादव का विवाह इशिता यादव पटेल से उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट पर एक साधारण और बेहद सादगीपूर्ण समारोह में संपन्न होगा। इसी कार्यक्रम में 21 अन्य जोड़े भी विवाह बंधन में बंधेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, “यहां न कोई भव्य सजावट होगी, न चमक-दमक भरे हॉल, न दिखावा। यह समारोह केवल उन मूल्यों पर केंद्रित है जो वास्तव में मायने रखते हैं।'' उन्होंने कहा कि सभी मेहमानों से उपहार नहीं लाने का अनुरोध भी किया गया है। वैसा ऐसा पहली बार नहीं है। मुख्यमंत्री के बड़े बेटे वैभव यादव की शादी भी पिछले वर्ष राजस्थान में अत्यंत सरल तरीके से संपन्न की गई थी। अधिकारियों का कहना है कि इस निर्णय के पीछे CM यादव का स्पष्ट संदेश है— “प्यार, सम्मान और सामाजिक सद्भाव किसी भी दिखावटी ऐश्वर्य से कहीं बड़े मूल्य हैं।”  30 नवंबर 2025 को अपने छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव की शादी में उन्होंने किसी भव्य महल या शाही आयोजन की बजाय उज्जैन में सामूहिक विवाह सम्मेलन का चयन किया है. सीएम मोहन यादव के बेटे के साथ ही इस समारोह में कुल 21 नवयुगल साथ में गृहस्थ जीवन की शुरुआत करेंगे.  एमपी के मुख्यमंत्री का यह कदम न सिर्फ व्यक्तिगत सादगी का उदाहरण है, बल्कि समाज में समानता और सामाजिक समरसता का संदेश भी देता है. बेटे की शादी का कार्ड इस बात का एक उदाहरण है. इस विवाह का निमंत्रण पत्र भी बेहद सामान्य, सीधा और प्रेरणा देने वाला है, जिसमें सादगी के साथ सामाजिक समरसता का संदेश साफ दिखाई देता है.  सीएम डॉ. मोहन यादव अपने बेटे की शादी सामूहिक विवाह सम्मेलन में करने जा रहे हैं। इस पहल से वे खर्चीले विवाह समारोह में मितव्ययिता का संदेश दे रहे हैं। आयोजन में न्योता देने के लिए उन्होंने जो कार्ड छपाया है, उसकी कीमत बमुश्किल 10 से 12 रुपए है। कार्ड पर अपने बेटे और होने वाली बहू के साथ सभी 21 जोड़ों के नाम भी हैं। सीएम न सिर्फ अपने बेटे, बल्कि 21 जोड़ों के बाबुल बनकर आशीर्वाद देंगे। कार्ड में लिखा है, उपहार न लाएं। सादगी से होगी मोहन यादव के बेटे अभिमन्यु की शादी रविवार को उज्जैन में शिप्रा तट पर होने वाला यह सादगी पूर्ण आयोजन देश भर में सुर्खियां बना हुआ है। यहीं सीएम 20 जोड़ों के साथ अपने छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु की शादी डॉ. ईशिता पटेल से करने जा रहे हैं। सम्मेलन के लिए पूरी कैबिनेट को न्योता दिया गया है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल, सांसदों, विधायकों, पूर्व मंत्रियों, पार्टी पदाधिकारियों, रिश्तेदारों, समाज के लोगों और ईष्ट-मित्रों को निमंत्रण दिया है। ये VVIP Guest हो सकते हैं शामिल सादगी से होने वाली सीएम के बेटे की शादी में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, थावरचंद गेहलोत, आनंदीबेन पटेल के अलावा कई दिग्गज VVIP शामिल होंगे। मुख्‍यमंत्री के बेटे की शादी के कार्ड पर क्या लिखा है?  सम्माननीय, सादर वंदन. आप सादर सविनय आमंत्रित है, मेरे आत्मज डॉ. अभिमन्यु यादव (M.B.B.S., M.S.) संग डॉ. ईशिता यादव पटेल (M.B.B.S.) के मंगल परिणय के पावन प्रसंग पर शुभदिन है 30 नवम्बर 2025, अगहन शुक्ल दशमी, रविवार. बेटे के शुभ विवाह को हमारे परिजनों की शुभेच्छानुसार सामूहिक विवाहोत्सव में परिणीत किया है, सामाजिक सरोकार के पावन उद्देश्य से रचे पगे सामूहिक विवाह समारोह के उल्लास में सामाजिक समरसता और सद्भाव से परिपूर्ण इस सामूहिक परिणय मंगल समारोह में 21 नवयुगल परिणय बंधन में गुंथित होंगे. इन्हीं 21 जोड़ो के साथ गठबंधन में सप्तपदी सप्तवचनों के साथ मेरे सुपुत्र भी गृहस्थ आश्रम में प्रवेश करेंगे. इस पवित्र आयोजन में आपका आगमन हमारा और नवयुगलों का परम सौभाग्य होगा . सभी नवदम्पत्ति आपके आशीर्वाद से अभिसिंचित होकर सौभाग्यशाली होंगे . आपके पधारने से कार्यक्रम की गरिमा में भी अभिवृद्धि होगी. आपके शुभाशीष के आकांक्षी …उपहार के लिये क्षमा…, आपका आशीर्वाद ही नवयुगल हेतु अमूल्य उपहार है. विनयवट   डॉ. मोहन यादव मुख्‍यमंत्री ने बेटे की शादी में पहले भी दी मिसाल इससे पहले फरवरी 2024 में भी सीएम मोहन यादव ने अपने बड़े बेटे वैभव यादव की शादी राजस्थान के पुष्कर में बेहद सादगीपूर्ण समारोह में की थी. तब उन्हें मुख्यमंत्री बने केवल तीन महीने हुए थे. उनके करीबी बताते हैं कि यादव कई बार कह चुके हैं कि "शादी हो या कोई कार्यक्रम, वैभव (वैभव) नहीं, सादगी होनी चाहिए." सामाजिक समानता और सादगी का संदेश  मुख्यमंत्री का यह कदम ऐसे समय में आया है जब सामाजिक जीवन में शादी समारोह अक्सर दिखावे की प्रतिस्पर्धा में बदल जाते हैं. लोग शादी समारोह में पैसा पानी की तरह बहा देते हैं. ऐसे में एक मुख्यमंत्री के बेटे का विवाह सामूहिक सम्मेलन में होना सामाजिक समानता और सादगी का मजबूत संदेश माना जा रहा है.  विवाह का खर्च उठाएगा समाज सामूहिक विवाह समारोह का खर्च यादव परिवार उठा रहा है। 42 परिवारों से कोई राशि नहीं ली। आयोजन समिति के मुताबिक नव दंपती को सोने-चांदी के जेवर, बाइक आदि उपहार में दी जाएंगी। सीएम निवास पर आयोजनों की बेला शुक्रवार कोउज्जैन की गीता कॉलोनी स्थित पुश्तैनी घर से माता पूजन के साथ कार्यक्रम की बेला शुरू हुई। इसमें सीएम पत्नी सीमा यादव सहित रिश्तेदार, पड़ोसी, ईष्ट-मित्र समेत अन्य सदस्य शामिल हुए। कौन हैं सीएम मोहन यादव की छोटी बहू? मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री मोहन यादव की होने वाली छोटी बहू डॉ. ईशिता यादव पटेल खरगोन जिले के सेल्दा गांव की रहने वाली हैं. साधारण किसान परिवार में जन्मी इशिता बचपन से डॉक्टर बनने का सपना देखती थीं. उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें मेडिकल क्षेत्र में एक पहचान दिलाई है. वह एमबीबीएस के बाद वर्तमान में पीजी कर रही हैं.  दूल्हा डॉ. अभिमन्यु यादव भी डॉक्टर है. दोनों की सगाई जून 2024 में सीएम हाउस में हुई थी. 

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के काफिले में हादसा, अशोकनगर में अधिकारी घायल, वाहन क्षतिग्रस्त

अशोकनगर मध्य प्रदेश के अशोकनगर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के काफिले की कारें अचानक अनियंत्रित होकर टकरा गईं। इस घटना में अशोकनगर एसडीओपी विवेक शर्मा और अशोकनगर तहसीलदार भारतेंदु यादव घायल हुए हैं। जबकि, काफिले की गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुईं हैं। ये सड़क दुर्घटना शुक्रवार रात शहर में गुना नाके के पास घटी है। केंदीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया चंदेरी महोत्सव का शुभारंभ करने के बाद शहर से होकर जा रहे थे। जिनके साथ वाहनों का बड़ा काफिला था। इसी दौरान अचानक किसी कार के ब्रेक लगे तो एसडीओपी और उसके पीछे तहसीलदार की गाड़ी टकरा गई। इससे हड़कंप मच गया। इस घटना में एसडीओपी और तहसीलदार घायल हुए हैं, उन्हें मामूली चोटें आई हैं। हादसे में काफिले के वाहन छतिग्रस्त कोतवाली प्रभारी रवि प्रतापसिंह चौहान का कहना है कि, अचानक रास्ते पर स्वागत के लिए काफिला रुका तो किसी फॉर्च्यूनर कार से एसडीओपी और उसके पीछे तहसीलदार का वाहन टकरा गया। इससे दोनों को चोट आई हैं। हालांकि, कोतवाली प्रभारी का कहना है कि, हल्की चोट आई हैं। लेकिन फॉर्च्यूनर वाहन किसका था, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। कोई मुंगावली विधायक की बता रहा है तो कोई किसी अन्य अन्य की।

तीन जूलर्स पर GST का सख्त रेड, अफसरों ने ग्राहक बनकर पकड़ा कच्चा बिल

सतना  एमपी में सतना जिले के सर्राफा बाजार में शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब स्टेट जीएसटी की एंटी इवेज़न ब्यूरो की टीम ने फिल्मी अंदाज में शहर के तीन नामचीन ज्वेलरी शोरूम्स पर एक साथ 'दबिश' दी। अधिकारियों ने पहले ग्राहक बनकर रेकी की और जैसे ही दुकानदारों ने टैक्स चोरी का खेल शुरू किया, पूरी टीम ने दबिश दे दी। यह कार्रवाई हनुमान चौक और फूलचंद चौक स्थित कान्हा ज्वेलर्स, न्यू कान्हा ज्वेलर्स और आनंद आदित्य ज्वेलर्स पर की गई। खुफिया तरीके से की कार्रवाई दरअसल टीम के कार्रवाई का तरीका बेहद खुफिया था। शाम करीब 5 बजे, सादे कपड़ों में कुछ अधिकारी आम ग्राहक बनकर इन शोरूम्स में दाखिल हुए। उन्होंने जेवर पसंद किए और बिलिंग की बात की। जैसे ही शोरूम संचालकों ने जीएसटी बचाने का लालच देते हुए 'कच्चे बिल' पर सामान देने या पक्का बिल न लेने की पेशकश की, अधिकारियों ने बाहर खड़ी अपनी टीम को इशारा कर दिया। देखते ही देखते 24 से ज्यादा अधिकारियों की फौज दुकानों के अंदर दाखिल हो गई और शटर गिराकर जांच शुरू कर दी गई। मेकिंग चार्ज और रिटर्न में बड़ा गोलमाल विभागीय सूत्रों के मुताबिक, जीएसटी टीम ने होमवर्क करने के बाद यह रेड डाली है। जांच में सामने आया था कि इन प्रतिष्ठानों में ग्राहकों की भारी भीड़ और करोड़ों के टर्नओवर के बावजूद, सरकारी खाते में जमा किया जा रहा टैक्स रिटर्न ऊंट के मुंह में जीरे के समान था।आरोप है कि ये ज्वेलर्स न केवल सोने-चांदी की बिक्री पर लगने वाले 3% जीएसटी की चोरी कर रहे थे, बल्कि आभूषणों की गढ़ाई (मेकिंग चार्ज) पर लगने वाले टैक्स को भी डकार रहे थे। घर और कारखानों तक पहुंची जांच की आंच जॉइंट कमिश्नर राकेश शाल्वी और डिप्टी कमिश्नर उमेश त्रिपाठी के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई का दायरा सिर्फ दुकानों तक सीमित नहीं रहा। तीन अलग-अलग टीमों ने एक साथ ज्वेलर्स के कारखानों और उनके निजी आवासों पर भी दबिश दी। देर रात तक चली इस कार्रवाई में अधिकारियों ने स्टॉक रजिस्टर, कच्चे पर्चे, लैपटॉप और बिल बुक्स को अपने कब्जे में ले लिया है। इस बड़ी कार्रवाई से शहर के अन्य टैक्स चोरों में भी खलबली मची हुई है।