samacharsecretary.com

विश्वरंग की सुर–संध्या में सोना महापात्रा का जलवा, दर्शकों ने जमकर सराहा

भोपाल विश्वरंग – टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव 2025 के समापन दिवस पर सांस्कृतिक सत्र में देश की चर्चित गायिका *सोना महापात्रा* की शानदार गायकी ने दर्शकों को भाव–विभोर कर दिया। रवीन्द्र भवन के मुक्ताकाश में आयोजित इस विशेष सिंगिंग परफॉर्मेंस में उन्होंने लोक, सूफी और कंटेंपररी बॉलीवुड म्यूजिक की रंगीन छटा बिखेरते हुए लगातार एक के बाद एक यादगार प्रस्तुतियाँ दीं। सोना महापात्रा ने अपने लोकप्रिय गीत *“बेदर्दी राजा”* से कार्यक्रम की शुरुआत की, जिसे सुनते ही युवा दर्शक उत्साह में झूम उठे। इसके बाद उन्होंने शक्ति, भक्ति और शास्त्रीय रंग से सराबोर *“आई गिरी नंदिनी”* की सशक्त प्रस्तुति दी, जिसने सभागार में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर दिया। सूफी परंपरा की अमर रचना *“छाप तिलक सब छीनी…”* में उनकी भावपूर्ण गायकी ने प्रेम और समर्पण की अनुभूति को गहराई से उकेरा। श्रोताओं ने इस प्रस्तुति को पूरे मन से सराहा। इसके बाद रोमांटिक और संवेदनशील स्वरों में उन्होंने *“जिया लागे ना…”* गाकर माहौल को भावुकता से भर दिया। भक्तिरस से ओत–प्रोत *“नारायण राम रमणा…”* की प्रस्तुति ने दर्शकों को भक्ति के संगीत–सागर में डुबो दिया। कार्यक्रम का उत्साहपूर्ण शिखर तब आया जब सोना महापात्रा ने सुपरहिट गीत *“अम्बर सरिया…”* प्रस्तुत किया। इस गीत पर सभागार में मौजूद श्रोता स्वतः ही तालियों और झूमते कदमों के साथ सुर में सुर मिलाते नजर आए।

संस्कारों की मिसाल: डॉ. अभिमन्यु-डॉ. इशिता ने रचाई शादी, उज्जैन में 21 कन्याओं का सामूहिक विवाह

उज्जैन उज्जैन के पावन शिप्रा तट पर रविवार को परोपकार और परंपरा का अद्वितीय संगम देखा गया, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने पुत्र डॉ. अभिमन्यु और डॉ. इशिता के साथ 21 कन्याओं का सामूहिक विवाह सम्पन्न कर समाज के सामने मानवीय मूल्यों की मिसाल प्रस्तुत की। विवाह परिसर दिनभर मंगलध्वनियों, उत्साह और आशीर्वादों से सराबोर रहा। सुबह आठ बजे इम्पीरियल चौराहा से बरात रवाना हुई। ढोल–ताशों और लोकनृत्य की रौनक के बीच शोभायात्रा में मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट सहित कई मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि और गणमान्य अतिथि शामिल रहे। विवाह स्थल पहुंचते ही आकर्षक मंच पर सभी नवयुगलों की वरमाला रस्म सम्पन्न कराई गई, जिसके बाद पूरा परिसर तालियों और शुभकामनाओं से गूंज उठा।   आशीर्वाद समारोह में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल तथा योग गुरु बाबा रामदेव की विशेष उपस्थिति रही। राज्यपाल और बाबा रामदेव ने इस आयोजन को सामाजिक उत्तरदायित्व, संस्कार और संवेदनशीलता का प्रेरक उदाहरण बताया। इसके बाद 22 विशेष रूप से निर्मित मंडपों में एक साथ पाणिग्रहण और सप्तपदी की रस्में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न हुईं। यादव परिवार ने प्रत्येक नवविवाहित दंपती को संपूर्ण गृहस्थी सामग्री और मोटरसाइकिल भेंट कर नया जीवन शुरू करने के लिए सहयोग का भाव व्यक्त किया। बिना उपहार के केवल आशीर्वाद स्वीकार करने का निवेदन आयोजन की सबसे विशेष भावनात्मक पहचान बना। सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था और सटीक प्रबंधन के बीच समारोह सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। शिप्रा तट पर हुआ यह अनोखा आयोजन सामाजिक सद्भाव, संवेदना और साझा उल्लास की अमिट याद छोड़ गया। सब दूल्हा-दुल्हन महाराज समान हैं सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- 16 संस्कारों से हमारा सनातन संस्कृति से जुड़ाव है। ये प्रधानमंत्री के मूल भाव सबका साथ, सबका विकास की अवधारणा पर हम काम कर रहे। यहां कोई बड़ा नहीं, कोई छोटा नहीं। सब दूल्हा- दुल्हन महाराज समान है। सब आज लखपति हो गए।   ऐसे कार्य से समरसता आएगी बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा- संपूर्ण भारत में आज नवाचार हुआ। सामाजिक समरसता का संदेश आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ी ही सहजता से दिया है। ये अभूतपूर्व कार्य है। ऐसे कार्य से समरसता आएगी, बेटी के पिता पर ना कर्ज होगा ना विवाह पर ज्यादा खर्च। बाबा रामदेव ने कहा- वेडिंग डेस्टिनेशन का कांसेप्ट सराहनीय है। देश का धन देश में ही खर्च होना चाहिए। मध्य प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र गिरी महाराज, हरीगिरी महाराज, नरोत्तम मिश्र भी समारोह में शामिल हुए।

सुगम परिवहन सेवा लॉन्च: इंदौर में छोटे बच्चों के लिए मुफ्त यात्रा का लाभ

भोपाल मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत सरकार से अनुबंधित निजी बसों का संचालन अप्रैल 2026 से प्रारंभ करने की तैयारी है। इसमें पांच वर्ष तक के बच्चों का किराया नहीं लगेगा। इससे ऊपर 12 वर्ष तक के बच्चों का आधा किराया देना होगा। वरिष्ठ नागरिकों को किराये में छूट देने की योजना अभी नहीं है। बसों में महिलाओं और बुजर्गों के लिए कुछ सीटें भी आरक्षित की जाएंगी, पर इस संबंध में निर्णय बसों का संचालन प्रारंभ होने के बाद लिया जाएगा। इंदौर से शुरू होगा बसों का संचालन इंदौर में आठ शहरी और 24 उपनगरीय मार्गों से बसों का संचालन प्रारंभ किया जाएगा। बसों के मार्ग में आने वाले बस स्टैंडों का निर्माण सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) से किया जाएगा। जैसे-जैसे मार्ग निर्धारित कर बसों का संचालन प्रारंभ होगा, उस रूट में आने वाले बस स्टैंडों का निर्माण भी होगा। निर्माण में यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं जैसे बैठने की व्यवस्था, पीने का पानी, शौचालय, बसों के आने-जाने के संबंध में जानकारी, उद्घोषणा व्यवस्था रहेगी। लोग पार्सल से सामान भी भेज सकेंगे बसों में कार्गों सुविधा भी रहेगी। यानी लोग पार्सल से सामान भी भेज सकेंगे। यात्री किराये से प्राप्त आय के अतिरिक्त यह भी आमदनी का बड़ा माध्यम होगा। साथ ही बसों में विज्ञापन के माध्यम से भी आय अर्जित करने की तैयारी है। यात्री परिवहन से अर्जित आय का 90 प्रतिशत हिस्सा 24 घंटे के भीतर बस संचालक को हस्तांतरित कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि निर्धारित समय सीमा के अनुसार अप्रैल 2027 तक प्रदेश के सभी जिलों में 10 हजार से अधिक बसें चलाने का लक्ष्य सरकार का है। संचालन चरणबद्ध तरीके से होगा। इंदौर के बाद उज्जैन में शहरी और उपनगरीय बस सेवा प्रारंभ की जाएगी।  

पुरानी बसों पर बड़ी कार्रवाई: इंदौर में 73 परमिट निरस्त, 62 की जांच प्रक्रिया में

 इंदौर  प्रदेश में 15 साल पुरानी खटारा बसों को हटाया जाना है। इसकी के तहत इंदौर संभाग में 135 यात्री बसों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए स्टेज कैरिज परमिट निरस्त किए जा रहे है। इसमें से 73 बसों के परमिट निरस्त कर दिए गए, वहीं 62 बसों के परमिट निरस्त करने की प्रक्रिया जारी है। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण द्वारा की गई जांच में पाया गया कि ये बसें निर्धारित शर्तों के विपरीत पुराने माडल के साथ विभिन्न मार्गों पर संचालित हो रही थी। 135 बसों के परमिट निरस्त करने के आदेश जारी इंदौर संभाग के क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण एवं संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाडे ने इंदौर संभाग के विभिन्न रूटों पर चलने वाली 135 बसों के परमिट निरस्त करने के आदेश जारी किए। यह सभी बसें 15 साल पुरानी थी और संभाग के अलग-अलग जिलों में संचालित हो रही थी। इन सभी बसों को स्थाई परमिट जारी किए गए थे, जो 2026-27 तक जारी रहने थे। परमिट निरस्त करने से पहले परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों को नोटिस जारी कर नए मॉडल की बसें प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी निर्धारित समय में 135 बस ऑपरेटरों ने नई बसों की सूची नहीं सौंपी। गौरतलब है कि परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिंह ने प्रदेशभर में स्टेज कैरिज परमिट पर 15 वर्ष से अधिक पुरानी बसे नहीं चलाने के निर्देश जारी किए थे। 156 बसों की मिली थी सूची परिवहन मुख्यालय ने इंदौर संभाग में 15 साल पुरानी 156 बसों की सूची सौंपी थी। इन बसों के पास पांच साल के स्थाई परमिट थे, लेकिन तय समय अवधि से पुरानी होने से इनको नोटिस जारी किए गए। वहीं नई बसों की सूची मांगी गई थी, लेकिन इसमें 21 संचालकों ने ही नई सूची विभाग को सौंपी, अन्य की सूची नहीं आने से सभी के परमिट निरस्त कर दिए गए। 21 साल बाद फिर चलेगी सरकारी बसें प्रदेश में 21 साल बाद सरकारी बसें फिर से सड़क पर उतरने जा रही हैं। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना के तहत नई कंपनी यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड बसों का संचालन करेगी। इसकी शुरुआत अप्रैल 2026 में इंदौर से होगी। रूट निर्धारित कर दिए गए हैं। सरकार और निजी ऑपरेटरों के बीच कॉन्ट्रेक्ट मऑडल पर बसें चलाई जाएंगी। नई योजना में सिर्फ अद्यतन मॉडल की बसों को प्राथमिकता मिलेगी ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम परिवहन सेवा उपलब्ध कराई जा सके।  

ई-अटेंडेंस अनिवार्य, वरना वेतन नहीं! ग्वालियर DEO ने किया कड़ा निर्देश, शिक्षकों में तनाव

 ग्वालियर  अब शिक्षकों की मनमानी नहीं चलेगी, ग्वालियर में जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी ने साफ कर दिया है कि नवंबर महीने का वेतन केवल ई-अटेंडेंस के आधार पर ही जारी होगा। एक भी दिन ई-अटेंडेंस मिस हुई तो उतने दिन का वेतन कट जाएगा। DEO ने सभी डीपीसी, बीईओ, संकुल प्राचार्यों और स्कूल प्रधानाचार्यों को सख्त आदेश जारी करते हुए कहा है कि नवंबर 2025 का वेतन पूरी तरह ई-अटेंडेंस के आधार पर ही दिया जाएगा। जितने दिन शिक्षक ने पोर्टल पर ई-अटेंडेंस लगाई होगी, उतने दिन का ही वेतन जारी होगा। जिन शिक्षकों ने पूरे महीने ई-अटेंडेंस नहीं लगाई, उनका वेतन आंशिक या पूरी तरह रोक दिया जाएगा। आदेश में स्पष्ट लिखा है कि  कोई भी छुट्टी (CL/EL/ML) हो या ड्यूटी, बिना ई-अटेंडेंस के मान्य नहीं होगी। संकुल प्राचार्य और बीईओ रोजाना मॉनिटरिंग करेंगे। लापरवाही बरतने वाले प्राचार्यों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। शिक्षकों में हड़कंप आदेश जारी होते ही जिले भर के शिक्षक कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कई शिक्षक जो अब तक मोबाइल ऐप या पोर्टल पर अटेंडेंस लगाना टालते थे, अब परेशान हैं। सोशल मीडिया पर शिक्षक ग्रुप में एक ही बात चर्चा में है, “अब तो रोज सुबह 10 बजे से पहले अटेंडेंस लगानी ही पड़ेगी वरना पगार कट जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी ने कहा कि शिक्षक स्कूल में उपस्थित हों, यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। ई-अटेंडेंस से पारदर्शिता आएगी और अनुपस्थित शिक्षकों पर लगाम लगेगी। कोई ढील नहीं बरती जाएगी।”यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है। अब देखना यह है कि दिसंबर की सैलरी आने तक कितने शिक्षकों की ई-अटेंडेंस 100% हो पाती है!

जबलपुर : SIR के दौरान BLOs की सराहना, जताई गई प्रशंसा और शानदार पुरस्कारों का मज़ा

 रीवा/जबलपुर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में मिसाल पेश करने वाले बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) इन दिनों जिला प्रशासन की अनूठी पुरस्कार योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं. टारगेट को तय समय सीमा से पहले पूरा करने वाले 'सुपर बीएलओ' को टाइगर सफारी, मूवी टिकट और यहां तक कि हेलीकॉप्टर जॉय राइड जैसे शानदार इनाम मिल रहे हैं. मध्य प्रदेश के जबलपुर की स्नेहलता पटेल अपने अधीन सभी बूथों का शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा करने वाली जिले की पहली बीएलओ सुपरवाइजर बनीं. उन्होंने  समय से पहले पनागर विधानसभा क्षेत्र के 7 हजार 706 वोटर्स फॉर्म अपलोड कर सभी को चौंका दिया.  जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देशानुसार, स्नेहलता पटेल को पुरस्कार स्वरूप पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा के माध्यम से विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कान्हा और बांधवगढ़ की हवाई यात्रा (जॉय राइड) कराई गई. ऐसे ही अन्य बीएलओ को नकद पुरस्कार के साथ उनके तनाव को कम करने के लिए मूवी टिकट भी प्रशासन दे रहा है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देशानुसार बीएलओ एवं सुपरवाइजरों को प्रोत्साहित करने के लिए अनूठी पुरस्कार योजना शुरू की गई है। स्नेहलता पटेल को पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा से जाय राइड इसी पहल का हिस्सा है। उन्होंने इस सम्मान के लिए कलेक्टर का आभार व्यक्त किया और सभी बीएलओ को निष्ठा एवं लगन से कार्य करने का संदेश दिया। स्नेहलता पटेल को पनागर विधानसभा के बूथ क्रमांक 52 से 61 तक कुल 10 बूथों के सत्यापन और डिजिटाइजेशन का दायित्व सौंपा गया था। उनके अधीन 7,706 मतदाताओं के गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन मंगलवार को पूरा कर लिया गया था। 73.34 फीसदी गणना पत्रक हुए डिजिटाइज जिले में मतदाताओं से प्राप्त गणना प्रपत्रों में से 73.34 प्रतिशत गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा कर लिया गया है। जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 19 लाख 25 हजार 472 है। इनमें से अभी तक 14 लाख 12 हजार 151 मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। पाटन विधानसभा में 86 प्रतिशत डिजिटाइजेशन शुक्रवार की रात आठ बजे की रिपोर्ट के अनुसार 86.50 प्रतिशत गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के साथ पाटन विधानसभा जिले की आठो विधानसभा क्षेत्रों में पहले स्थान पर है। मतदाताओं से प्राप्त गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन में विधानसभा क्षेत्र सिहोरा 85.04 फीसदी के साथ दूसरे तथा विधानसभा क्षेत्र बरगी 84.20 फीसदी गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के साथ जिले में तीसरे स्थान पर है। 78.10 फीसदी के साथ पनागर चौथे, 67.41 फीसदी के साथ उत्तर पांचवें एवं 61.81 फीसदी के साथ कैंट छठे स्थान पर है। वहीं पश्चिम में 59.94 और पूर्व में 59.94 फीसदी गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन हुआ है।

हेलीकॉप्टर उड़ानें परेशान, इंदौर-उज्जैन-ओंकारेश्वर रूट पर यात्रियों की संख्या कम, ऑनलाइन बुकिंग भी नहीं मिल रही

इंदौर  इंदौर से उज्जैन और ओंकारेश्वर के बीच पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा के तहत शुरू की गई हेलीकॉप्टर सेवा को पर्याप्त यात्री नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं पोर्टल पर नवंबर और दिसंबर की बुकिंग तारीख नहीं दिख रही है। धार्मिक पर्यटन को नई उड़ान देने के लिए शुरू की गई विशेष हेलीकॉप्टर सुविधा को पीएमश्री वायु सेवा की तरह ही यात्रियों का टोटा है। ऐसे में रोजाना उड़ानों का संचालन नहीं हो पा रहा है। इंदौर-उज्जैन के बीच शुरू की गई हेलीकॉप्टर सेवा के शुभारंभ के बाद यात्री नहीं मिल पा रहे हैं। 29 नवंबर की तारीख की बुकिंग तो हो रही है, लेकिन अन्य तारीख की बुकिंग नहीं दिख रही है। इंदौर से उज्जैन के बीच 50 प्रतिशत छूट के बाद 5000 हजार रुपये किराया देना पड़ रहा है, लेकिन इसमें भी यात्री नहीं मिल रहे हैं। इसलिए बुकिंग आने पर ही उड़ान संचालित की जा रही है। ट्रांसपोर्टेशन भारत एविएशन हेलीकॉप्टर के अंशु कुमार का कहना है कि बुकिंग आने पर ही उड़ान संचालित की जा रही है। गौरतलब है कि एक सप्ताह पहले इंदौर के बिचौली मर्दाना मैदान से हेलीकॉप्टर सेवा का शुभारंभ किया गया था। इसमें इंदौर से उज्जैन और ओंकारेश्वर दोनों शहरों की यात्रा एक दिन में पूरी की जा सकती है। उज्जैन से ओंकारेश्वर के लिए 6500 रुपये किराया देना होगा। वहीं इंदौर से उज्जैन होते हुए ओंकारेश्वर के लिए किराया 11500 रुपये है।  

नक्सलियों में हड़कंप: 15 लाख के इनामी धनुष ने पत्नी सहित चुनी शांति की राह, MP में सरेंडर बढ़े

बालाघाट   मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कई जिले, जो कभी लाल आतंक के खौफ से दहल जाते थे, जहां माओवादियों बंदूक की दम पर अपना एकाधिकार स्थापित करना चाहते थे, अब वहां परिस्थितियां बदलती नजर आ रही हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा जारी की गई डेडलाइन के बाद नक्सली पूरी तरह बैकफुट पर आ गए है. इसके अलावा हॉक फोर्स द्वारा चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन ऑपरेशन का भी असर दिखने लगा है. बालाघाट और आसपास नक्सलियों का सरेंडर हाल ही में मध्य प्रदेश के बालाघाट में नक्सली सुनीता ने आत्मसर्पण किया था. अब बालाघाट में सक्रिय रहे धनुष और उसकी पत्नी ने छत्तीसगढ़ में सरेंडर किया है. इस प्रकार नक्सली अब सरेंडर की राह पर चल पड़े हैं. माओवादियों के सेंट्रल कमेटी के मेंबर रामदेर के साथ 15 नक्सली बालाघाट आए थे, जिनकी आधी टीम अब खाली हो चुकी है. इसके बाद इसी टीम में सक्रिय रहे नक्सली कपल ने भी अब समर्पण की राह चुनी है. दोनों ने छत्तीसगढ़ में खैरागढ़ के बकरकट्टा थाने में सरेंडर किया है. नक्सली धनुष पर 14 लाख इनाम घोषित था सरेंडर करने वाले धनुष और उसकी पत्नी रोनी उर्फ तुले दोनों 25 वर्ष के हैं. धनुष पर सरकार ने 14 लाख का इनाम रखा था. ये नक्सली कपल जीआरबी डिवीजन के टांडा मलाजखण्ड दलम के सदस्य थे, जो कई नक्सली गतिविधियों में शामिल थे. विगत 20 मई को बिलालकसा के जंगल में हुई मुठभेड़ मे धनुष भी शामिल था. नक्सली कपल ने सरेंडर करते हुए कहा है "अब वे सम्मानजनक और शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहते हैं. दोनों नक्सली सीसी मेंबर रामदेर के साथ बालाघाट आए थे. जो जनवरी 2025 से एमएमसी जोन में सक्रिय थे." फर्राटेदार अंग्रेजी बोलता है नक्सली धनुष सरेंडर करने वाला नक्सली धनुष संगठन में टेक्नीकल काम संभालता था. उसे हिंदी और अंग्रेजी भाषा की अच्छी जानकारी है और वह कंम्प्यूटर सहित अन्य दूसरी चीजों की भी गहरी जानकारी रखता है. नक्सली धनुष न केवल फर्राटेदार अंग्रेजी बोलता है बल्कि जबरदस्त स्पीड के साथ वह टायपिंग भी करता है. धनुष के सरेंडर के बाद बालाघाट में एंटी नक्सल ऑपरेशन के एडिशनल एसपी आदर्शकान्त शुक्ला ने बताया "धनुष नक्सल साहित्य, प्रेस नोट, और मैगजीन प्रभात के लिए कंटेट राईटिंग का काम करता था."  सरकार ने तय की है मार्च 2026 तक डेडलाइन धनुष की पत्नी रोनी उर्फ तुले सीसी मेंबर रामदेर के साथ काम कर चुकी है. वहीं, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में नक्सलियों के बड़े नेताओं द्वारा बड़ी संख्या में नक्सलियों के साथ सरेंडर किया जा रहा है. मार्च 2026 नक्सलवाद के पूरी तरह से खात्मे की तारीख पहले ही गृह मंत्री अमित शाह द्वारा घोषित कर दी गई है. लगता है इस तारीख से पहले ही नक्सलवाद देश से पूरी तरह समाप्त हो जाएगा. एमएमसी जोन (मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़) में तीनों राज्यों का संयुक्त ऑपरेशन जारी है. ऐसे में नक्सलियों पर काफी दबाव बढ़ गया है. नक्सलियों ने सरेंडर की डेडलाइन बढ़ाने की लगाई गुहार नक्सलियों ने पहले एक प्रेस नोट जारी कर समय मांगते हुए जवानों द्वारा चलाये जा रहे ऑपरेशन को रोकने की मांग की थी, उसके बाद फिर नक्सलियों की तरफ से समय दिये जाने की अपील की गई है. लेकिन सरकार की तरफ से फिलहाल नक्सलियों द्वारा मांगी गई मोहलत पर कोई विचार नहीं किया गया है और न ही किसी तरह का जवाब दिया गया है. मध्य प्रदेश के बालाघाट में सरकार ने एक होनहार हॉक फोर्स निरीक्षक को खोया है. ऐसे में प्रदेश सरकार किसी तरह से नक्सलियों से बातचीत के मूड में फिलहाल नजर नहीं आ रही है. 

गर्ग इलेक्ट्रॉनिक शोरूम में हुई चोरी का खुलासा, थाना अयोध्यानगर पुलिस ने 02 शातिर नकबजन किए गिरफ्तार

शोरूम में चोरी किए इलेक्ट्रॉनिक सामान एवं नगदी सहित लगभग 12 लाख रुपए का मसरूका जब्त   भोपाल     नगरीय क्षेत्र भोपाल में चोरी, नकबजनी तथा संपत्ति संबंधी अपराधो की रोकथाम एवं अपराधियों को पकडकर शतप्रतिशत बरामदगी हेतु पुलिस आयुक्त भोपाल श्री हरिनारायणचारी मिश्र भापुसे और अति. पुलिस आयुक्त श्री अवधेश गोस्वामी भापुसे द्वारा निर्देशित किया गया है।         उक्त दिशा निर्देशो के तारतम्य मे पुलिस उपायुक्त जोन-02 श्री विवेक सिंह (भापुसे) के लगातार निर्देशन में अति.पुलिस उपायुक्त श्री गौतम सोलंकी  के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त एम.पी.नगर संभाग श्री मनीष भारद्वाज (भापुसे)  के मार्गदर्शन मे थाना प्रभारी निरीक्षक महेश लिल्हारे के नेतृत्व मे गठित टीम ने 02 शातिर नकबजन से कुल 12 लाख रुपये का मसरुका बरामद करने मे सफलता प्राप्त की है।  घटना का विवरण- दिनाँक 24-25.11.2025 को रात्री में अयोध्या बायपास स्थित गर्ग्स (फर्नीचर) एवं इलेक्ट्रोनिक्स शोरूम में अज्ञात चोर द्वारा शोरूम का ताला तोड़कर गल्ले में रखे नगद 60-70 हजार रूपये एवं ए.टी.एम कार्ड के साथ शोरूम मे रखे सैमसंग,  वेस्टल एवं अन्य ब्राण्ड की एल.ई.डी. टी.व्ही. एवं महंगे मोबाईल फोन व एय़र बर्ड तथा वाटर हीटर, गीज़र, मिक्सर ग्राइंडर, वाटर प्यूरीफायर, फ्रेस व महंगे इलेक्ट्रोनिक्स सामान चोरी कर शोरूम मे रखे सामान गिराकर क्षतिग्रस्त भी किए ।  जिस पर से थाना अयोध्या नगर में अपराध क्र. 507/25 धारा 331(4), 305(ए) बी.एन.एस. का पंजीबध्द कर अनुसंधान मे लिया गया जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया। जिसके पालन में टीम गठित कर घटनास्थल के आसपास के फूटेज व मुखबीर तंत्र विकसित कर लगातार आरोपियों की तलाश पतारसी की गई । लगातार प्रयास करने पर बैंक ए.टी.एम में लगे सी.सी.टी.व्ही फुटेज के माध्याम से जानकारी एकत्रित की जिसके आधार पर  संदेही दीपक यादव को अभिरक्षा मे लेकर पूछताछ करने पर दीपक यादव ने अपने साथी तरूण उर्फ महेन्द्र मीना  के साथ मिलकर दिनांक 24.11.2025 की रात्री में गर्ग (फर्नीचर) एवं इलेक्ट्रोनिक्स शोरूम मे चोरी एवं तोड़फोड़ करना स्वीकार किया किया। बाद दीपक यादव की निसादेही पर पर अन्य आरोपी तरूण उर्फ महेन्द्र मीना को पकडा, दोनो आरोपियो ने अपना जुर्म स्वीकार किया जिनके कब्जे से गर्ग (फर्नीचर) एवं इलेक्ट्रोनिक्स शोरूम से चोरी किया गया इलेक्ट्रोनिक्स सामान एवं नगद सहित लगभग कुल 12 लाख रुपये का मसरुका जब्त किया गया। आरोपी – 01. दीपक यादव पिता महेन्द्र यादव उम्र 19 वर्ष पता म.न. 127 बी सेक्टर अयोध्यान गर भोपाल। स्थाई पता-  ग्राम इमलिया थाना/तहसील खनीया धाना जिला शिवपुरी मध्य प्रदेश। शिक्षा- 10 वी व्यवसाय- सिक्युरीटी गार्ड। अपराधिक रिकार्ड 01. अप.क्र. 181/24 धारा 331(3),306 बी.एन.एस  थाना चूनाभट्टी भोपाल 02. अप.क्र. 507/25 धारा 331(4),305(ए) बी.एन.एस  थाना अयोध्या नगर भोपाल 02.तरूण उर्फ दीपक मीना पिता राजेश मीना उम्र 19 वर्ष पता ग्राम देहरी तहसील/थाना अहमदपुर जिला सीहोर। हाल पता तुलसी लोधी का किराये का मकान दामखेड़ा थाना छोला मंदिर भोपाल शिक्षा- 05 वी कक्षा व्यवसाय- ड्रायवरी का काम। आपराधिक रिकार्ड- 01.- अप.क्र. 507/25 धारा 331(4),305(ए) बी.एन.एस  थाना अयोध्या नगर भोपाल सराहनीय भूमिका –  थाना प्रभारी श्री महेश लिल्हारे, उनि. सुदील देशमुख,  प्रआऱ 1177 अमित व्यास, प्रआर.3178 बृजेश सिंह, प्र.आर.2233 रूपेश सिंह जादौन, प्र.आऱ.2638 सुदीप राजपूत, प्र.आर.316 भागवत, आर.3040 अजय,  आर.3514 राजेश अन्नोटिया, आर.1055 प्रदीप दामले, आर.3457 भूपेन्द्र उईके,म.आर.3837 पल्लवी शर्मा (सायवर सेल) की सराहनीय भूमिका रही ।

मौलाना मदनी का बयान विवादित: जमीयत उलेमा-ए-हिंद की गवर्निंग बॉडी मीटिंग में सुप्रीम कोर्ट पर उठाए सवाल

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की गवर्निंग बॉडी काउंसिल की मीटिंग में मौलाना महमूद मदनी ने सुप्रीम कोर्ट पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मदनी ने कहा कि अदालतें सरकार के दबाव में काम कर रही हैं। मदनी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट उसी समय ‘सुप्रीम’ कहलाने का हकदार है जब वह संविधान की पाबंदी करे। मदनी ने कहा कि जब जब जुल्म होगा तब तब जिहाद होगा। जिहाद शब्द हिंसा का हमनाम बना दिया जिहाद पर मौलाना महमूद असद मदनी ने कहा- इस्लाम के दुश्मनों में जिहाद शब्द हिंसा का हमनाम बना दिया है। लव जिहाद, लैंड जिहाद, थूक जिहाद जैसे शब्द इस्तेमाल करके मुसलमानों की तौहीन की जा रही है। ये साफ होना चाहिए इस्लाम में जिहाद एक पवित्र कर्तव्य है। कुरान में जिहाद के कई अर्थ है। समाज और इंसानियत के बुलंदी के लिए हुआ है, जहां जंग के मायने में इस्तेमाल हुआ है तो जुल्म के खात्मे के लिए हुआ है। जब जब जुल्म तब तब जिहाद होगा। जिहाद’ को लेकर मौलाना मदनी ने कहा, 'आज सरकार और मीडिया एक पवित्र शब्द को पूरी तरह गलत तरीके से दुनिया के सामने पेश कर रहे हैं.' उन्होंने कहा कि जिहाद को लव जिहाद, थूक जिहाद, जमीन जिहाद जैसे शब्दों के साथ जोड़कर बदनाम किया जा रहा है, जबकि जिहाद हमेशा पवित्र रहा है और दूसरों की भलाई और बेहतरी के लिए बताया गया है. उन्होंने कहा, 'जहां जुल्म होगा, वहां जिहाद होगा.' उन्होंने इस बात को दोहराया भी- 'जहां जुल्म होगा, वहां जिहाद होगा.' उन्होंने कहा कि एक धर्मनिरपेक्ष देश भारत में, जहां लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था है, वहां जिहाद की कोई बहस नहीं है. यहां मुसलमान संविधान के प्रति वफादारी दिखाते हैं. नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है. अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो इसके लिए सरकार ही जिम्मेदार होगी. ‘जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा’ वहीं जिहाद पर बोलते हुए मौलाना मदनी ने कहा कि इस्लाम के विरोधियों ने जिहाद को हिंसा का पर्याय बनाकर पेश किया है. उन्होंने कहा, ‘लव जिहाद, लैंड जिहाद, थूक जिहाद जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर मुसलमानों का अपमान किया जा रहा है. जबकि इस्लाम में जिहाद एक पवित्र कर्तव्य है. कुरान में इसके अलग-अलग अर्थ हैं… इंसानियत और समाज की बेहतरी के लिए.’ उन्होंने जोर देकर कहा, ‘जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा… मैं इसे दोहराता हूं, जुल्म के खिलाफ खड़े होना हर आसमानी मजहब की नैतिक जिम्मेदारी है.’ इस बयान के बाद सभा में ‘नारा-ए-तकबीर, अल्लाहु अकबर’ के नारे भी लगे. मदनी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिहाद कोई व्यक्तिगत बदले की कार्रवाई नहीं है, बल्कि इसका फैसला केवल शरीयत के तहत चलने वाली सरकार ही कर सकती है. उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां इस्लामी शासन की अवधारणा नहीं है, इसलिए जिहाद बहस का विषय बनाना ही गैर-जरूरी है. वंदे मातरम विवाद पर क्या बोले मदनी? इसके अलावा वंदे मातरम को लेकर विवाद पर मदनी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, ‘मुर्दा कौमें सरेंडर करती हैं. अगर कहा जाएगा ‘वंदे मातरम’ बोलो, तो वे बोलना शुरू कर देंगी. जिंदा कौम हालात का मुकाबला करती है.’ हालांकि मौलाना मदनी के इस बयान पर अन्य मुस्लिम संगठनों ने दूरी बना ली है. जमात-ए-इस्लामी हिंद के अध्यक्ष मौलाना सादातुल्लाह हुसैनी ने कहा कि वंदे मातरम जैसे मुद्दे को लेकर विवाद पैदा करना तर्कहीन है. उन्होंने कहा, ‘हर व्यक्ति को अपने विश्वास के अनुसार जीने और अपने तरीके से देशप्रेम व्यक्त करने का अधिकार है. किसी एक नारे या गीत को पूरे देश पर थोपना तार्किक नहीं है. जो लोग वंदे मातरम के जरिए अपने प्रेम का इजहार करना चाहें, करें. बाकी लोग अपने तरीके से देश से मुहब्बत जताएं… यह उनका हक है.’ 'मुर्दा कौमें डरकर बोलने लगती हैं वंदे मातरम' वंदेमातरम के मुद्दे पर मौलाना मदनी ने कहा, 'मुर्दा कौमें सरेंडर कर दिया करती हैं. वो कहेंगे वंदे मातरम बोलो तो पढ़ना शुरू कर देंगे. ये पहचान है मुर्दा कौम होने की. अगर जिंदा कौम है तो हालात का मुकाबला करना पड़ेगा. सुप्रीम कहलाने का हक नहीं मौलाना महमूद मदनी ने सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा- बाबरी मस्जिद और तलाक के जुड़े मामले में प्रभाव आम है अदालतें सरकार के दबाव में काम कर रही है। इबादतगाह कानून को नजरअंदाज करके ज्ञानवापी और मथुरा का मामला कोर्ट में सुना गया। सुप्रीम कोर्ट उस वक्त ही सुप्रीम कहलाने का हकदार है जब तक संविधान की पाबंदी करे और अगर ऐसा ना करे तो सुप्रीम कहलाने का हक नहीं है।