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कूनो में प्रकृति, रोमांच और संस्कृति का उत्सव: कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट के द्वितीय संस्करण का भव्य शुभारंभ

संस्कृति, प्रकृति और रोमांच का अनूठा संगम है "कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट": राज्य मंत्री श्री लोधी मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की पहल; इको-टूरिज्म और स्थानीय संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा ऑल सीजन लग्जरी टेंट सिटी में जंगल सफारी के साथ-साथ थल और वायु आधारित साहसिक गतिविधियां, योग व ध्यान सत्र, विलेज टूर और वेलनेस गतिविधियों का आनंद भोपाल मध्यप्रदेश की धरती, जिसे 70 वर्षों बाद चीतों की वापसी का गौरव प्राप्त हुआ है, अब प्रकृति, रोमांच और संस्कृति के एक अनूठे उत्सव का साक्षी बन रही है। श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क के सुरम्य वातावरण में 14 नवंबर 2025 को "कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट" के द्वितीय संस्करण का भव्य आगाज़ हुआ। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मार्गदर्शन में आयोजित "कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट" का उद्देश्य पर्यटन, वन्यजीव और संस्कृति का एक ऐसा अनूठा संगम प्रस्तुत करना है, जो पर्यटकों के लिए अविस्मरणीय हो। यह आयोजन वैश्विक मानचित्र पर चीतों के घर कूनो को एक प्रमुख 'सस्टेनेबल टूरिज्म' गंतव्य के रूप में स्थापित करेगा और स्थानीय कला, शिल्प व व्यंजनों को भी एक वैश्विक मंच प्रदान कर आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के संकल्प को मज़बूत करेगा। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित उत्सव का औपचारिक शुभारंभ सहरिया विकास अभिकरण के अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा) श्री सीताराम आदिवासी ने दीप प्रज्वलित कर किया।  'कूनो' बनेगा इको-टूरिज़्म का राष्ट्रीय गंतव्य अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा म.प्र. टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री शिव शेखर शुक्ला ने इस आयोजन को प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर, वन्यजीव संरक्षण और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि यह फेस्टिवल केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि वैश्विक पटल पर सराही जा रही चीता पुनर्वास परियोजना का उत्सव भी है। हमारा उद्देश्य पर्यटकों को प्रकृति से जोड़ना, स्थानीय समुदाय को आजीविका के अवसर देना और मध्य प्रदेश को इको-टूरिज़्म के राष्ट्रीय मानचित्र पर नई पहचान दिलाना है। प्रकृति की गोद में अविस्मरणीय अनुभव इवोक कैंपिंग के सहयोग से आयोजित यह फॉरेस्ट रिट्रीट आगंतुकों के लिए अनुभवों का एक खजाना लेकर आया है। कूनो के प्राकृतिक सौंदर्य के बीच 25 लग्ज़री ऑल सीजन ग्लैंपिंग टेंट स्थापित किए गए हैं, जो पर्यटकों को प्रकृति की गोद में रहने का अनूठा अवसर प्रदान करते हैं। इस रिट्रीट में जंगल सफारी के साथ-साथ थल और वायु आधारित साहसिक गतिविधियां, योग व ध्यान सत्र, विलेज टूर और वेलनेस गतिविधियों को भी सम्मिलित किया गया है। सांस्कृतिक संध्या ने मोहा मन उद्घाटन अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक बधाई नृत्य ने भगवान राम और कृष्ण के जन्म प्रसंगों को जीवंत किया, वहीं बुंदेलखंड के प्रसिद्ध नौरता नृत्य ने प्रदेश की समृद्ध लोक परंपराओं से परिचय कराया। इन प्रस्तुतियों के साथ ही, उत्सव में स्थानीय हस्तकला और जनजातीय कला का प्रदर्शन भी किया जा रहा है, जो पर्यटकों को प्रदेश की संस्कृति से गहराई से जोड़ेगा। इस अवसर पर पर्यटन बोर्ड, वन विभाग और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 

महापुरूषों के स्मरण से मन में देश प्रेम की भावना जागृत होती है : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

कन्या महाविद्यालय में आयोजित भगवान बिरसा मुण्डा जयंती समारोह में शामिल हुए भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि महापुरूषों के स्मरण से मन में देशप्रेम की भावना जागृत होती है। महापुरूषों की जयंती मनाने का उद्देश्य है कि उनके जीवन चरित्र का आत्मावलोकन किया जाए। श्री शुक्ल कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रीवा में आयोजित भगवान बिरसा मुण्डा जयंती समारोह में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन हम सबका सिर गर्व से ऊंचा करने वाला दिन है क्योंकि आज वीर नायक भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती गौरव दिवस के रूप में मनाई जा रही है। भगवान बिरसा मुण्डा ने अपने जीवनकाल के मात्र 25 वर्षों में आजादी की लड़ाई में जो अहम भूमिका निभाई थी, जिसके फलस्वरूप हम सब आज खुले में सांस ले रहे हैं। श्री शुक्ल ने कहा कि जनजातीय समुदाय के लोगों ने देश को स्वतंत्र कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। भगवान बिरसा मुण्डा एवं स्वामी विवेकानंद जैसे महापुरूषों के आदर्श जीवन को आत्मसात करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलकर ही देश को विश्वगुरू बनाया जा सकता है। उन्होंने युवा वर्ग से आह्वान किया कि महापुरूषों के आदर्श जीवन के संस्कार अपने जीवन में उतारें और अपने साथ अपने परिवार व समाज के लिए परोपकार के कार्य करें। उप मुख्यमंत्री ने युवाओं से समाज में व्याप्त विकृतियों, नशे तथा मानवीय अवगुणों के विरूद्ध लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। उन्होंने विकसित रीवा के साथ क्लीन रीवा व ग्रीन रीवा बनाने में सहभागी बनने का आह्वान भी किया। स्वागत उद्बोधन प्राचार्य श्रीमती विभा श्रीवास्तव ने दिया। उप मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुण्डा के जीवन चरित्र पर आधारित निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय जनभागीदारी समिति के विधायक प्रतिनिधि विवेक दुबे, पूर्व उपाध्यक्ष गौसंवर्धन बोर्ड राजेश पाण्डेय, केके गर्ग, महाविद्यालय के कार्यालय प्रभारी पुनीत मिश्रा सहित प्राध्यापक तथा छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सरोज गोस्वामी ने किया।

उप मुख्यमंत्री ने सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र का किया निरीक्षण

प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बालिकाओं से किया संवाद भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कन्या महाविद्यालय रीवा परिसर में गोकुलदास एक्सपोर्ट द्वारा दिए जा रहे सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बालिकाओं से संवाद करते हुए कहा कि आप सब प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। लड़कियाँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। जरूरत इस बात की है कि उन्हें अवसर उपलब्ध कराया जाए। सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र में निर्धन वर्ग की लड़कियों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है जिससे प्रशिक्षण प्राप्त कर लड़कियाँ अतंर्राष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार प्राप्त कर सकें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल को बताया गया कि अभी तक केन्द्र से 30 प्रशिक्षण प्राप्त कर बालिकाओं को बैंगलोर में रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अब रीवा से बैंगलोर जाना आसान हो जाएगा। आगामी 22 दिसम्बर से रीवा से इंदौर के लिए वायु सेवा प्रारंभ हो जाएगी और इंदौर से लोगों को सीधे बैंगलोर की कनेक्टिंग फ्लाइट मिल सकेगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि इस केन्द्र के माध्यम से अधिक से अधिक लड़कियाँ प्रशिक्षण प्राप्त कर लेंगी तो गोकुलदास कंपनी की इकाई रीवा में स्थापित करने के प्रयास होंगे। प्रशिक्षण केन्द्र में प्रशिक्षणार्थियों को आवास व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में उप मुख्यमंत्री ने जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर कार्यकारी संचालक एमपीआईडीसी यूके तिवारी ने बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय कंपनी के कपड़े पूरे विश्व में निर्यात किए जाते हैं, जहाँ रीवा से प्रशिक्षण प्राप्त कर 30 लड़कियों को रोजगार के अवसर मिले हैं। निरीक्षण के समय जनभागीदारी समिति के विधायक प्रतिनिधि विवेक दुबे, गौसंवर्धन बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष राजेश पाण्डेय, केके गर्ग सहित प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षणार्थी बालिकाएं उपस्थित रहीं।

देश के सम्मान के लिए आदिवासी समाज सबसे आगे रहा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

उप मुख्यमंत्री ने कोल सामुदायिक भवन का किया लोकार्पण भोपाल  भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती गौरव दिवस के रूप में रीवा में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर रीवा जिले में कोल भवन परिसर में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि देश के सम्मान के लिए आदिवासी समाज हमेशा आगे रहा है। गुलामी की जंजीर में जकड़े हुए देश के स्वतंत्रता आंदोलन में भगवान बिरसा मुण्डा का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्हें 'धरती आबा' कहा गया। वह हमारे प्रेरणास्रोत हैं। देश उनकी 150वीं जयंती धूमधाम से मनाकर अपनी कृतज्ञता व्यक्त कर रहा है। श्री शुक्ल ने कहा कि हमारे महापुरूष प्रेरणास्रोत हैं। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान से ही हम स्वतंत्रता प्राप्त कर खुले में सांस ले पा रहे हैं। आदिवासी समाज ने शौर्य और पराक्रम का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए आजादी की लड़ाई में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। जल, जमीन और जंगल के बिना भारत की कल्पना असंभव है। देश में यदि जंगल बचा है तो वह सिर्फ आदिवासी समाज के कारण ही बचा है। आदिवासी समाज के हमारे भाई गंगा नदी के समान पवित्र और निश्छल हैं। उनमें वीरता के साथ धैर्यशीलता भी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समुदाय के लोगों को जमीन का पट्टा देने तथा पक्के मकान बनाने का जो संकल्प लिया है, उसे मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में पूरा किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा में कोल समाज के लिए समर्पित सामुदायिक भवन का भी लोकार्पण हुआ। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल ने कहा कि गुरूओं व बड़ों के आशीर्वाद से ही व्यक्ति आगे बढ़ता है। कोल सामुदायिक भवन की जो सौगात उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल द्वारा मिली है, उसे समाज के लोग हमेशा याद रखेंगे। विधायक मनगवां इंजीनियर नरेन्द्र प्रजापति ने कहा कि आदिवासी संस्कृति ही भारतीय संस्कृति की मूल पहचान है। आदिवासी समाज जल, जंगल व जमीन के लिए ही जीता है। विधायक व्यौहारी श्री शरद कोल ने कहा कि आज हम ऐसे महापुरूष को याद कर रहे हैं जिन्होंने बिना संसाधन के अपनी अस्मिता की पहचान को बनाए रखने का कार्य किया तथा भारत की स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि कोल समाज अपनी संस्कृति व इतिहास को बचाए हुए है। शासन के सहयोग से समाज के लोगों के विकास के कार्य प्राथमिकता से कराए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने 93.49 लाख रुपए से निर्मित कोल सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने जनजातीय देवी-देवताओं का पूजन कर जनजातीय धर्मगुरूओं का सम्मान किया। कार्यक्रम में आदिवासी लोकनृत्य एवं अन्य आदिवासी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियाँ हुईं। जिला स्तरीय आयोजन में गौरव रथयात्रा का समापन हुआ और ग्राम उत्कर्ष योजना से निर्मित आवासों के गृह प्रवेश के स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। आयोजन में हितग्राहीमूलक योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया गया। इस अवसर पर कमिश्नर बीएस जामोद, नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय, जिला भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र गुप्ता, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर सहित जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे। आभार प्रदर्शन जिला संयोजक कमलेश्वर सिंह द्वारा किया गया।  

सरकार का बड़ा फैसला: सोयाबीन का भावांतर मॉडल रेट अब 4225 रुपये

भोपाल भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए शनिवार 15 नवंबर को 4225 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए और 14 नवंबर को 4184 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी हुआ।  

मप्र कांग्रेस एससी विभाग की रणनीतिक बैठक, एआईसीसी प्रभारी भगवती प्रसाद चौधरी ने दिए निर्देश

भोपाल  अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त मध्य प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रभारी भगवती प्रसाद चौधरी के मुख्य आतिथ्य में आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय, भोपाल में अनुसूचित जाति विभाग की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में पार्टी संगठन में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग की भूमिका, महत्व तथा उनकी सक्रिय भागीदारी पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। प्रथम आगमन पर श्री चौधरी का कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के पदाधिकारी ने किया स्वागत मुख्य अतिथि भगवती प्रसाद चौधरी ने संगठन की मजबूती और अनुसूचित जाति वर्ग पर हो रहे अन्याय एवं उपेक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि— “पार्टी आज चुनौतियों और संघर्ष के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में हम सभी को एकजुट होकर संगठन को मजबूत करना होगा और अपने हक–अधिकार की लड़ाई पूरी शक्ति से लड़नी होगी।” मध्य प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने पार्टी की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए सभी पदाधिकारियों से संगठन को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि— “आने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अभी से संगठित और सक्रिय होने की आवश्यकता है। अनुसूचित जाति वर्ग प्रदेश में संगठन और सत्ता को मजबूती देने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद हमें जनता के अधिकारों की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभानी है।” श्री चौधरी के प्रथम आगमन पर अजा विभाग के कांग्रेस पदाधिकारियो ने उनका प्रदेश कांग्रेस कमेटी में स्वागत किया। बैठक में वरिष्ठ कांग्रेस नेता समस्त विभाग एवं प्रकोष्ठों के प्रभारी डॉक्टर महेंद्र सिंह चौहान, पूर्व महापौर दीपचंद यादव, हेमंत नरवरिया, विक्रम चौधरी, रवि वर्मा, हिरदेश किरार सहित सभी पदाधिकारियों ने अपने सुझाव प्रभारी के समक्ष रखे और संगठन की मजबूती हेतु एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया। अंत में प्रभारी भगवती प्रसाद चौधरी ने उपस्थित पदाधिकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि— “कांग्रेस पार्टी सदैव अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकार, सम्मान और भागीदारी के लिए प्रतिबद्ध है, और संगठन में प्रत्येक कार्यकर्ता को उसका हक और सम्मान अवश्य मिलेगा।” इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी,  विभाग के पदाधिकारी मुकेश बंसल, सुनील बोरासी, रमेश बकोरिया दीपू बलुआ, अनिल… नीरज चांडाले, आदि उपस्थित थे।

राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा- गौरव और आत्मसम्मान के प्रतीक हैं भगवान बिरसा मुंडा

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि अमर सेनानी, महानायक भगवान बिरसा मुंडा गौरव और आत्मसम्मान के प्रतीक हैं। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा ने अपने अदम्य साहस, संघर्ष और श्रेष्ठ कर्मों से जन-जन के हृदय में अमिट छाप छोड़ी है। उनके जीवन से युवाओं को निरंतर प्रेरणा मिलती है। वह असाधारण व्यक्तित्व थे, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। राज्यमंत्री श्रीमती गौर भोपाल के एकलव्य आवासीय परिसर में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने मात्र 25 वर्ष की उम्र में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देकर युवाओं को अद्वितीय संदेश दिया। उन्होंने आदिवासी समाज को जल, जंगल और जमीन के अधिकार दिलाने के लिए अंग्रेजी हुकूमत के अत्याचारों के विरुद्ध सशक्त संघर्ष किया। बचपन से ही अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की चेतना उनमें जागृत हो चुकी थी। केवल 15 वर्ष की आयु में उन्होंने जनजातीय समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा हेतु आंदोलन प्रारंभ किया। 25 वर्ष की अल्पायु तक उन्होंने क्रांति की अलख पूरे देश में जगाई और 'धरती और जल पर हमारा अधिकार हो' ये संदेश गांव-गांव तक पहुंचाया। जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में सांसद श्री वी.डी. शर्मा, विधायक श्री भगवान दास सबनानी, कलेक्टर श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह समेत कई अधिकारी, कर्मचारी और छात्र उपस्थित रहे।

एंबुलेंस में चल रही थी मदिरा तस्करी, पुलिस को देखकर ड्राइवर फरार

खरगोन  अजब-गजब मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग का गजब कारनामा सामने आया है। एंबुलेंस से स्वास्थ्य सुविधाओं की जगह की अवैध शराब की तस्करी जा रही थी। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही पुलिस हरकत में आई है। एंबुलेंस से परिवहन करते शराब की 52 पेटी हेलापड़ावा चौकी पुलिस ने जब्त की है। कार्रवाई के दौरान ड्राइवर एंबुलेंस छोड़कर मौके से फरार हो गया। दरअसल सोशल मीडिया पर एंबुलेंस से शराब तस्करी का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो वायरल होने के बाद थाना चैनपुर पुलिस ने 52 पेटी शराब व एंबुलेंस को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस चौकी के सामने लगे बेरिकेड्स को तोडकर ड्राइवर भागने में सफल हो गया। आज हेलापड़ावा में स्वास्थ्य शिविर आपरेशन प्रहार के तहत पुलिस ने यह कार्रवाई की है। इस मामले में फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मीडिया से दूरी बना ली और जानकारी देने में आनाकानी करते रहे। आज हेलापड़ावा में स्वास्थ्य विभाग का स्वास्थ्य शिविर लगा रहा है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि तस्करी में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की मिलीभगत हो सकती है। यदि ऐसा नहीं है तो स्वास्थ्य विभाग अंधेरे में पड़ा है।

खराब सड़क निर्माण पर सख्त हाईकोर्ट: NHAI को नोटिस, सड़क सुधारने के निर्देश

  इंदौर  मध्यप्रदेश के हाईकोर्ट की इदौर खंडपीठ ने NHAI (National Highways Authority of India भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के बनाए गए 8.5 किलोमीटर के हाईवे (सड़क) को लेकर लगी याचिका मामले में 15 दिसंबर तक जवाब मांगा है। गड्ढों के कारण हो रहे हादसे याचिकाकर्ता के एडवोकेट के मुताबिक 106 करोड रुपए की लागत से बनी सड़क 6 महीने में उखड़कर गड्ढे में तब्दील हो गई है। मामले में इंदौर हाईकोर्ट ने NHAI से 15 दिसंबर तक जवाब मांगा है। याचिका में बताया गया है कि सड़क पर हुए गड्ढों के कारण हादसे हो रहे हैं। इंदौर सेंधवा हाईवे का मामला इंदौर हाईकोर्ट ने NHAI को सड़क ठीक करने के निर्देश दिए हैं। साल 2009 से 2024 के बीच 3000 से ज्याद एक्सीडेंट में 450 से ज्यादा मौतें हो चुकी है। घाट को कम करने के लिए 8.5 किलोमीटर का रोड का निर्माण किया था। जनहित याचिका लगने के बाद ही इंदौर सेंधवा हाईवे का यह रोड बनाया गया था।

बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर सिंघार का BJP पर वार—आदिवासी वोट बैंक की राजनीति कर रही पार्टी

भोपाल  नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शनिवार को महान क्रांतिकारी भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “भगवान बिरसा मुंडा जी ने देश की आजादी और आदिवासी धर्म-संस्कृति की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। उनकी 150वीं जयंती पर हम सभी को उनके बलिदान को याद करना चाहिए।” सिंघार ने भाजपा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, “भाजपा देश में आदिवासी वोट बैंक की राजनीति कर रही है। बिरसा मुंडा जी की जयंती पर पखवाड़ा मना तो रही है, लेकिन 150वीं जयंती के अवसर पर आदिवासियों के लिए प्रधानमंत्री द्वारा कोई भी घोषणा नहीं की गई।”   आदिवासी युवाओं से अपील करते हुए उन्होंने कहा, “मैं सभी से आह्वान करता हूं कि बिरसा मुंडा जी की जयंती पर हम शपथ लें कि उनके विचारों को जीवित रखेंगे और अपने धर्म व संस्कृति का संरक्षण करेंगे।”  बता दें, 15 नवंबर को देशभर में बिरसा मुंडा की जयंती ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाई जा रही है।