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मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दल बीएलए की अनिवार्य रूप से करें नियुक्ति : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झा

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 के बारे में दी गई जानकारी भोपाल  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने मंगलवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ निर्वाचन सदन भोपाल में बैठक की। इस दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 की प्रक्रिया के बारे में अवगत कराया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने दूसरे चरण की एसआईआर की तारीखों की घोषणा कर दी है इसमें मध्यप्रदेश भी शामिल हैं। प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से उन्होंने आग्रह किया है कि वे अनिवार्य रूप से बीएलए की नियुक्त कर दें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू होते ही मतदाता सूची फ्रीज कर दी गई है। भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट वोटर्स.डॉट.ईसीआई.इन पर जाकर 2003 की मतदाता सूची को देखा जा सकता है। इसके अलावा मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान तीन बार बीएलओ घर घर जाकर सर्वे करेगा। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6, हटवाने के लिए फॉर्म 7 और सुधार या संशोधन के लिए मतदाता को फॉर्म 8 भरना होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने बताया कि एन्यूमरेशन फार्म भरने में यदि कोई व्यक्ति मिथ्या घोषणा करता है तो जुर्माने या कारावास के लिए दंडनीय होगा। बैठक के दौरान संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राम प्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजय श्रीवास्तव, श्रीमती सुरभि तिवारी और राजेश यादव सहित कांग्रेस पार्टी से श्री जेपी धनोपिया, भाजपा से श्री भगवानदास सबनानी एवं एसएस उप्पल, आम आदमी पार्टी से श्री सुमित चौहान उपस्थित रहे। 28 अक्टूबर से 7 फरवरी 2026 तक चलेगी प्रक्रिया मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया 28 अक्टूबर से शुरू होकर 8 फरवरी 2026 तक चलेगी। इस बीच 28 से 3 नवंबर तक बीएलओ को ट्रेनिंग दी जाएगी। बीएलओ द्वारा 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक घर घर जाकर सर्वे किया जाएगा। मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन 9 दिसंबर को किया जाएगा। दावा आपत्तियों के आवेदन 9 दिसंबर से 9 जनवरी 2026 तक लिए जाएंगे। दस्तावेजों का सत्यापन 9 दिसंबर से 31 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद 7 फरवरी 2026 को फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। एसआईआर के दौरान लगने वाले सांकेतिक दस्तावेज (सम्पूर्ण नहीं)     केंद्रीय / राज्य सरकार / सार्वजनिक उपक्रम द्वारा नियमित कर्मचारी / पेंशनर को जारी पहचान पत्र / पेंशन भुगतान आदेश     भारत में किसी सरकारी / स्थानीय निकाय / बैंक / डाकघर / एलआईसी / सार्वजनिक उपक्रम द्वारा 01.07.1987 से पूर्व जारी कोई पहचान पत्र / प्रमाण-पत्र / दस्तावेज़     सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण-पत्र     पासपोर्ट     किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड / विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिक/शैक्षणिक प्रमाण-पत्र     सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण-पत्र     -वन अधिकार प्रमाण-पत्र     सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी या अन्य जाति प्रमाण-पत्र।     राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहाँ उपलब्ध हो)     राज्य/स्थानीय निकाय द्वारा तैयार पारिवारिक रजिस्टर     सरकार द्वारा जारी भूमि / मकान आवंटन प्रमाण-पत्र     आधार के लिए, आयोग के पत्र संख्या 23/2025-ERS/Vol.II दिनांक 09.09.2025 (अनुलग्नक II) द्वारा जारी निर्देश लागू होंगे।  

दो वर्ष में अर्जित विशेष उपलब्धियां दिखेंगी विकास प्रदर्शनी में: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव

राजधानी भोपाल सहित जिलों में भी होंगे कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रिपरिषद की बैठक प्रारंभ होने के पहले मंत्रीगण को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्थापना दिवस पर राजधानी और जिलों में विशेष कार्यक्रम होंगे। प्रदेश में गत 2 वर्ष में अर्जित महत्वपूर्ण उपलब्धियों की जानकारी विकास प्रदर्शनी के माध्यम से दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि लाल परेड ग्राउंड और रवीन्द्र भवन परिसर इन कार्यक्रमों के केंद्र होंगे। एक नवंबर को रवीन्द्र भवन में जहां 2 वर्ष में निवेश संवर्धन सहित अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित की जाएंगी वहां ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त निवेश से अर्जित उपलब्धियों की जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी। इस अवसर पर डिजिटल सेवाओं, मध्यप्रदेश ई-सेवा और इन्वेस्ट एमपी 3.0 पोर्टल का लोकार्पण होगा। उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025 के तहत हुए कार्यों का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। वर्ष 2026 के लिए आगामी वर्ष की थीम की घोषणा भी की जाएगी। समृद्ध मध्यप्रदेश@ 2047 दृष्टि पत्र का विमोचन भी होगा। यह दृष्टिपत्र सुखद मध्यप्रदेश, संपन्न मध्यप्रदेश और सांस्कृतिक मध्यप्रदेश की परिकल्पना पर आधारित है। लाल परेड मैदान भोपाल में महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का मंथन एवं प्रसिद्ध पार्श्वगायक श्री जुवैन नोटियाल का गायन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यह दृष्टि पत्र मिशन "ज्ञान" अर्थात गरीब, युवा ,अन्नदाता और नारी सहित प्रदेश के सर्वांगीण विकास पर केन्द्रित है। अंगदान से मिल रहा लोगों को नया जीवन, देहदान करने वालों को गार्ड ऑफ ऑनर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश में अंगदान और देहदान की भावना विकसित हो रही है। हाल ही में भोपाल के एक ऑटो चालक श्री गणेश की दो किडनियां और दिल तीन लोगों को प्रत्यारोपित किया गया। साथ ही उनके कार्निया से भी दो लोगों को रोशनी मिलेगी। ऑटो ड्राइवर के परिवार का यह योगदान सराहनीय है। इस भावना को प्रोत्साहित करने के लिए अंगदान करने वाले व्यक्तियों के अंतिम संस्कार में गार्ड ऑफ ऑनर दिया जा रहा है। हाल ही में उज्जैन के श्री किशन सिंह भाटिया के परिवार और अन्य कई परिवारों द्वारा देहदान की पहल की गई है जो समाज के लिए प्रेरक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण से आग्रह किया कि अपने प्रभार के जिलों में देहदान की भावना के प्रचार प्रसार में सहयोग करें ताकि अपने किसी परिजन की मृत्यु के बाद दिवंगत व्यक्ति के अंग अन्य जरूरतमंद लोगों को प्रत्यारोपित करने की प्रेरणा मिलेगी। जीवनकाल में ही अंगदान या देहदान के संकल्प को सार्वजनिक कर ऐसे दान के माध्यम से व्यक्ति जीवन के बाद भी परिवार सहित समाज में याद रखा जाता है। भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर मनाएंगे जनजातीय गौरव दिवस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि आगामी 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस भव्य रूप से मनाया जाएगा। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती के समापन पर प्रदेश में एक से 15 नवंबर तक राजधानी से ग्राम पंचायत तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा। स्वतंत्रता के संघर्ष में भगवान बिरसा मुंडा के योगदान पर शिक्षण संस्थानों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा। 

विभागीय पारदर्शिता, दक्षता और सेवा वितरण को सुदृढ़ करेगी नवीन वेबसाइट : आयुष मंत्री परमार

आयुष विभाग की नवीन वेबसाइट का शुभारम्भ भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने मंगलवार को भोपाल निवास स्थित कार्यालय में आयुष विभाग की नवीन वेबसाइट का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि नई वेबसाइट विकसित होने से विभागीय सेवाओं को तेजगति मिलेगी। साथ ही विभागीय गतिविधियों एवं सेवाओं की जानकारी आमजन तक सुलभ एवं पारदर्शी रूप से उपलब्ध होगी। आयुष मंत्री श्री परमार ने कहा कि आयुर्वेद, भारतीय ज्ञान परम्परा से जुड़ा विषय है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद पुनः विश्वमंच पर स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से व्यापक रूप से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के संकल्प के अनुरूप विभाग आयुष चिकित्सा सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह वेबसाइट आयुष विभाग की पारदर्शिता, दक्षता और सेवा वितरण को और अधिक सुदृढ़ करेगी। उल्लेखनीय है कि एमपीएसईडीसी द्वारा विकसित यह वेबसाइट, भारत सरकार की वेबसाइट गाइडलाइन और मानकों के अनुरूप विकसित की गई है। इस अवसर पर आयुक्त आयुष श्रीमति उमा आर माहेश्वरी, विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी संचालनालय आयुष डॉ. कीर्ति राठौर एवं संयुक्त संचालक एमपीएसईडीसी श्री धर्मेन्द्र कोष्ठा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

गेहूं पर स्टॉक सीमा तय, 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगा आदेश

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर दर्ज करनी होगी स्टॉक की जानकारी भोपाल भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत विशिष्ट खाद्य पदार्थों पर लाइसेंसी अपेक्षाएं, स्टॉक सीमाएं और संचलन प्रतिबंध हटाना (संशोधन) आदेश, 2025 जारी किया गया है। इस आदेश के अनुसार देशभर में गेहूं पर नई स्टॉक सीमा 31 मार्च 2026 तक के लिए लागू की गई है। मध्यप्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि भारत सरकार ने सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में गेहूं के लिए अधिकतम स्टॉक सीमा निर्धारित की है। मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि व्यापारी / थोक विक्रेता के अधिकतम स्टॉक सीमा 2000 मीट्रिक टन, प्रत्येक रिटेल आउटलेट के लिए 8 मीट्रिक टन, बिग चेन रिटेलर में प्रत्येक आउटलेट के लिए 8 मीट्रिक टन, बशर्ते अधिकतम मात्रा कुल दुकानों की संख्या 8 गुणा होना चाहिए। यह अधिकतम स्टॉक होगा जो उनके सभी रिटेल आउटलेट और डिपो पर एक साथ रखा जा सकता है। इसी प्रकार प्रोसेसर के लिए मासिक स्थापित क्षमता के 60 प्रतिशत को 2025-26 के शेष महीनों से गुणा के बराबर रखना होगा। मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि आदेश के तहत संबंधित विधिक इकाइयों को अपने स्टॉक की जानकारी खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। यदि किसी के पास निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक है, तो उसे अधिसूचना जारी होने की तारीख से 15 दिनों के भीतर निर्धारित सीमा तक लाना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मध्यप्रदेश गेहूं (अधिकतम स्टॉक सीमा एवं स्टॉक घोषणा, नियंत्रण आदेश – संशोधन, 2025) का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। इस आदेश के माध्यम से विभागीय और जिला प्रशासन के अधिकारी जांच तलाशी और अभिग्रहण की कार्यवाही करने में सक्षम होंगे। मंत्री श्री राजपूत ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत सरकार द्वारा यदि भविष्य में स्टॉक सीमा की अवधि या मात्रा में कोई परिवर्तन किया जाता है, तो राज्य में वह संशोधन स्वतः प्रभावी हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना और अनावश्यक जमाखोरी व कृत्रिम मूल्य वृद्धि पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है।   

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- सरकार की सफलता कर्मचारियों के सहयोग के बिना संभव नहीं

प्रदेश के सच्चे कर्मयोगी हैं कर्मचारी कर्मचारियों के कल्याण के लिए राज्य सरकार सदैव तत्पर वेतन विसंगति, ग्रेड पे और पदनाम परिवर्तन के लिए नया आयोग बनाया जाएगा यूपीएससी की तर्ज पर एक परीक्षा कराई जाएगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दीपावली मिलन समारोह में कर्मचारियों को संबोधन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरकार की सफलता कर्मचारियों के सहयोग के बिना संभव नहीं है। प्रदेश के विकास में अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। शासकीय कर्मचारियों के चेहरे की खुशी ही हमारे विकास का आधार है। कर्मचारी प्रदेश के सच्चे कर्मयोगी हैं जो प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना को जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाते हैं। राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों के लिए हर कदम पर साथ खड़ी है। कर्मचारियों के कल्याण के कार्यों के लिए राज्य सरकार सदैव तत्पर है। राज्य शासन ने 1 जनवरी 2005 को या उसके बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए एकीकृत पेंशन योजना लागू करने के लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया है, इससे पेंशन की विसंगतियों को दूर करने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार सभी वर्गों का समान रूप से ध्यान रख रही है। विभिन्न कर्मचारी संवर्गों की वेतन विसंगति, ग्रेड पे, पदनाम परिवर्तन के लिए सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों को सम्मलित कर नया आयोग बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जन सामान्य के कार्यो का त्वरित रूप से निराकरण और अपने कर्त्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता, शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों का दायित्व है। शासन-प्रशासन परस्पर सहयोग से प्रदेश को तेज गति से सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य कर्मचारी संघ द्वारा मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में आयोजित दीपावली मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीपावली मिलन समारोह के अयोजन पर प्रसन्न्ता व्यक्त की। नई भर्ती आरंभ कर 2 लाख नए पद सृजित किए जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए राज्य सरकार ने 9 साल से लंबित हाउस रेंट अलाउंस का निराकरण कराया है। सरकार की मंशा है कि सभी पात्र अधिकारी-कर्मचारियों के प्रमोशन हों लेकिन प्रकरण अभी कोर्ट में लंबित है। हमें विश्वास है कि प्रदेश के लगभग 4 लाख अधिकारी-कर्मचारियों को जल्द ही पदोन्नति का लाभ मिलेगा। साथ ही नई भर्ती आरंभ कर 2 लाख नए पद भी सृजित किए जाएंगे। यूपीएससी की तर्ज पर एक परीक्षा कराई जाएगी, जिससे अलग-अलग पदों को भरने के लिए कई परीक्षाएं न कराना पड़े। पुलिस भर्ती में तेजी लाने के लिए पुलिस भर्ती बोर्ड बनाया जा रहा है। पुलिस विभाग में 20 हजार पद भरे जाएंगे। भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों के 476 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं के 19,504 नए पदों पर पहली बार डिजिटल पद्धति से भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही हैं। कर्मचारियों के हित में  जल्द ही  निर्णय लेगी राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के समान राज्य कर्मचारियों को भी 55 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ दिया है और एरियर का भुगतान भी 5 समान किस्तों में जून से अक्टूबर 2025 तक कर्मचारियों को किया जा चुका है। जल्द ही राज्य सरकार के दो साल पूरे होने जा रहे हैं कर्मचारियों के हित में हर संभव निर्णय लिए जाएंगे। अब तक कर्मचारियों को स्मार्ट सिटी परियोजना के 366 आवास आवंटित किए जा चुके हैं। नए 300 से अधिक आवास भी बनकर तैयार हैं जल्द ही इन्हें सिंगल क्लिक के माध्यम से अधिकारियों-कर्मचारियों को आवंटित किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को भी जीवन ज्योति बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ देने की स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छठ पर्व की बधाई और मंगलकामनाएं भी दीं।     कार्यक्रम में विधायक श्री भगवानदास सबनानी, भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री संजय सिंह, मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत श्रीवास्तव,प्रदेश महामंत्री श्री जितेंद्र सिंह सहित विभिन्न कर्मचारियों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

मिशन वात्सल्य’—हर बच्चे के सुरक्षित और उज्जवल भविष्य की दिशा में ठोस कदम

मंत्री सुश्री भूरिया ने की ‘मिशन वात्सल्य’ की समीक्षा बाल संरक्षण, दत्तक ग्रहण और आफ्टर केयर योजनाओं पर दिए महत्वपूर्ण निर्देश भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने मंगलवार को ‘मिशन वात्सल्य’ योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि मिशन वात्सल्य केवल एक योजना नहीं, बल्कि हर बच्चे के उज्जवल भविष्य की हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राज्य का कोई भी बच्चा असुरक्षित या असहाय न रहे, और हर बच्चे को शिक्षा, संरक्षण और सम्मान का अधिकार मिले। दत्तक ग्रहण प्रक्रिया को और सरल, पारदर्शी व समयबद्ध बनाएं मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि बच्चों के दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया को और आसान, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि होम विजिट की प्रक्रिया एक माह के भीतर पूरी कर ली जाए ताकि बच्चे शीघ्र सुरक्षित परिवारों से जुड़ सकें। मंत्री ने बताया कि दत्तक ग्रहण की संपूर्ण प्रक्रिया अब ‘CARA पोर्टल’ के माध्यम से की जा रही है और दत्तक ग्रहण विनियम, 2022 के प्रावधानों के तहत ही सभी कार्यवाहियां संपादित की जा रही हैं इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है। ऑफ्टर केयर, स्पॉन्सरशिप और बालिकाओं के भविष्य निर्माण पर विशेष निर्देश मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि ऑफ्टर केयर योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान किए जाएं। उन्होंने कहा कि गंभीर अपराधों में लिप्त किशोरों के लिए ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’ की व्यवस्था हेतु भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि कंपोजिट भवन निर्माण का प्रस्ताव भी भेजा गया है, जिससे बाल देखरेख, ऑफ्टर केयर और दत्तक ग्रहण जैसी सेवाओं को एक ही परिसर में एकीकृत किया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि यह मॉडल भवन तैयार होता है तो मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा जो इस प्रकार का आदर्श भवन (Ideal Building) बनाएगा। उन्होंने सुझाव दिया कि अनाथ बच्चों के लिए विशेष इंटरैक्शन प्रोग्राम और जॉब फेयर आयोजित किए जाएं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि महाराष्ट्र सरकार की तरह मध्यप्रदेश में भी अनाथ बच्चों को सरकारी सेवाओं में 1% आरक्षण देने का प्रस्ताव विचाराधीन है। आयुक्त महिला बाल विकास श्रीमती निधि निवेदिता ने कहा कि दत्तक ग्रहण की टाइमलाइन एक माह में निर्धारित की जाए तथा होम विजिट और लीगल प्रोसेस को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए।उन्होंने बताया कि स्पॉन्सरशिप योजना के तहत विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता माताओं के बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए फील्ड अधिकारियों को लक्ष्य आधारित मैपिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रीमती निधि ने कहा कि ऑफ्टर केयर योजना के बच्चों को अभी से कैरियर गाइडेंस और ट्रेनिंग दी जाए तथा बालिकाओं को शिक्षा और पुलिस भर्ती में 33% आरक्षण का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने सभी सीडीपीओ, डीपीओ, सुपरवाइजर और एडी को नियमित मैदानी निरीक्षण (Field Visit) करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। 08 बाल देखरेख संस्थाओं को बंद करने के प्रस्ताव बैठक में बताया गया कि वर्तमान में इंदौर जिले के 2 बालिका गृह तथा खंडवा, बुरहानपुर, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम जिलों के 1-1 बालक गृह, साथ ही नर्मदापुरम जिले के 2 खुले आश्रय गृह इस प्रकार कुल 08 बाल देखरेख संस्थाओं को बंद करने के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन संस्थाओं में फिलहाल कोई बालक या बालिका निवासरत नहीं है। संबंधित जिलों से संस्थाओं को बंद करने की कार्यवाही के लिए प्रस्ताव मंत्रालय को भेजे गए हैं। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बंद की जा रही संस्थाओं के अंतर्गत कोई भी बच्चा असुरक्षित स्थिति में न रहे तथा प्रत्येक बच्चे के पुनर्वास की प्रक्रिया नियमानुसार पूर्ण हो। बैठक में बाल संरक्षण, दत्तक ग्रहण, ऑफ्टर केयर, स्पॉन्सरशिप और संस्थागत देखरेख से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।  

‘AI से बनाए जा रहे मेरे फेक वीडियो’ — बागेश्वर धाम सरकार का सनसनीखेज आरोप!

छतरपुर  बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा है कि उन्हें बदनाम करने के लिए विदेशी ताकतें लगी हैं । फेक AI वीडियो बनाकर बदनामी करने का काम हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर षड्यंत्र AI से रचे जा रहे हैं।   हमें बदनाम करने के लिए विदेशी ताकतें साजिशें रच रही-धीरेंद्र बागेश्वर धाम पर आयोजित दिव्य दरबार के मध्य बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर महाराज ने भक्तों से कहा कि हमें बदनाम करने के लिए विदेशी ताकतें साजिशें रच रही हैं।  अंतरराष्ट्रीय स्तर पर AI का सहारा लेकर  हमारे कई तरह की गलत फेक वीडियो बनाकर बदनाम करने में लगी हुई हैं। इसके लिए IT की  कई सदस्यीय स्पॉन्सर्ड टीमें लगाई गई,  जिनका कार्य हमारे AI वीडियो जनरेट कर गलत तरीके से बनाकर उन्हें वायरल करना है , जिससे हमारी बदनामी हो सके।   हम आप सभी भक्तों से यही कहना चाहते हैं कि आप सभी लोग हमारे चक्कर में न पड़कर हमारे बालाजी के चक्कर में पड़ें। उनके चरणों में आप सभी लोग जाए। हम खुले मंचों से हली उल्लाह वालों की ठठरी बांधते हैं, तो वे क्या चुप बैठे होंगे? उनका जितना बस होगा, उतना ही वह हमारे बुरा करते होगे, बड़ी-बड़ी विदेशी ताकतें हमे गिराने के लिए प्रतिदिन लगी हुई है। IT की 22 सदस्यीय टीम हमें बदनाम करने में लगी है बागेश्वर धाम सरकार ने आगे कहा कि हमारे ही किसी बहुत बड़े पद पर बैठे पदाधिकारी ने बताया है कि हमारे लिए पूरी IT की 22 सदस्यीय टीम पीछे लगी हुई है।  AI जनरेटिव फेक वीडियो बनाकर सिर्फ़ वायरल के लिए । जिसमें पैसे लगाए जाते हैं वायरल करने के लिए लिए लेकिन हम जैसे कमरे में रहते हैं, वैसे ही हम बाहर रहते हैं। जो भगवान करेंगे, वो होगा, उन्हीं के भरोसे हैं। कई तांत्रिकों की दुकान बंद हो गई, क्या वे चुप बैठे होंगे उनके पास जितनी शक्तियां होगी,सब छोड़ते होंगे। हमारी रक्षा बालाजी सन्यासी बाबा करते हैं। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि पूरी पृथ्वी तुम्हारे विरोध में लग जाए, अगर हनुमान जी तुम्हारे साथ हों तो कोई भी कुछ नहीं कर सकता। इसलिए आप सभी हमारे चक्कर में नहीं, हनुमान जी के चक्कर में पड़ो।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया पुलिस वेलफेयर सोसाइटी के पेट्रोल पंप का लोकार्पण

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को उज्जैन पुलिस लाइन में नवनिर्मित उज्जैन पुलिस वेलफेयर सोसाइटी के पेट्रोल पंप का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पेट्रोल पंप का शुभारंभ करते हुए सांकेतिक रूप से कुछ गाड़ियों में पेट्रोल भी भरा और पुलिस परिवार के साथ ही पुलिसकर्मियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंप से होने वाली आमदनी पुलिस के जरूरतमंद परिवारों का संबल बनेगी। वाटिका का लोकार्पण और पौधारोपण किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में "एक बगिया मां के नाम" अभियान अंतर्गत पुलिस लाइन स्थित नवनिर्मित वाटिका में आम के पौधे का रोपण कर वाटिका का  लोकार्पण किया। इस अवसर पर विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा,  श्री संजय अग्रवाल, श्री रवि सोलंकी एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहें।

प्रकृति के प्रति आस्था ही हमें जीवन का सच्चा अर्थ सिखाती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भारतीय संस्कृति ने सदैव प्रकृति के साथ सामन्जस्य से जीने की परम्परा अपनाई पर्यावरण संरक्षण जीवन शैली का हिस्सा बनना चाहिए भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रकृति के प्रति आस्था ही हमें जीवन का सच्चा अर्थ सिखाती है। भारतीय संस्कृति ने सदैव प्रकृति के साथ सामन्जस्य से जीने की परम्परा अपनाई है। दुनिया के कई देश प्रकृति का दोहन कर रहे हैं पर भारत ने सदियों से प्रकृति का पोषण किया है। उपभोग प्रधान जीवन शैली वर्तमान के जलवायु संकट को बढ़ाती है जबकि उपयोग से पहले संरक्षण की समझ और भोग से पहले योग का संतुलन ही भारतीय संस्कृति का सार है। भोपाल प्रकृति और प्रगति का अनूठा संगम है। प्राकृतिक सुंदरता और जैव-विविधता सहेजे इस सुंदर शहर में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण को लेकर कार्यशाला का आयोजन शहर की विशेषता के अनुरूप है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यावरण और जीवन शैली-जलवायु परिवर्तन और सतत विकास वैचारिक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य नीति आयोग, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद और ऐप्‍को के संयुक्त तत्वावधान में मानव संग्रहालय में आयोजित संगोष्ठी का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। नर्मदा समग्र, सिकोईडिकोन, पैरवी और राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, कार्यक्रम के सह आयोजक हैं। जलवायु परिवर्तन के समाधान में राज्यों की भूमिका पर विचार विमर्श और व्यक्ति-समाज एवं सरकारों की सहभागिता से सतत विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य है। उल्लेखनीय है कि जल, जंगल, जमीन, जैव विविधता और मानव जीवन के पहलुओं को प्रभावित कर रहे जलवायु संकट पर ब्राजील में नवंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन होगा। वैचारिक संगोष्ठी में प्राप्त सुझाव और विचार, ब्राजील के सम्मेलन में साझा किए जाएंगे। मध्यप्रदेश, इस चर्चा को आरंभ करने वाला भारत का पहला राज्य है। लिविंग द राइट वे की थीम पर आधारित संगोष्ठी में पर्यावरण और जीवन शैली, जलवायु और सतत विकास के बीच संबंधों का सुदृढ़ीकरण और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में राज्यों की भूमिका जैसे विषयों पर विचार विमर्श हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण जीवन शैली का हिस्सा बनना चाहिए। राज्य सरकार प्रदेश में ग्रीन कव्हरेज बढ़ाने, वेटलैंड संरक्षण, जलस्रोतों के पुनर्जीवन और हरित उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण गतिविधियां संचालित हो रही हैं। प्रदेश के 32 लाख किसानों को सोलर पम्प उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज की यह संगोष्ठी मानवता के अस्तित्व, धरती के संतुलन और आने वाली पीढ़ियों से जुड़ा है। हमें स्थानीय सोच को वैश्विक समाधान से जोड़ने और विकास तथा पर्यावरण के बीच संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधि, शासकीय अधिकारी और संचार माध्यमों से जुड़े प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। 

भारिया, बैगा एवं सहरिया समुदाय के घरों के विद्युतीकरण के लिए 78 करोड़ 94 लाख रुपये का अनुमोदन

132 K.V. और उससे बड़ी लाईन बिछाने के लिए प्रतिपूर्ति राशि में वृद्धि करने की स्वीकृति भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम 2000 के नियम 17 एवं नियम 37 में संशोधन की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (PM-JANMAN) अंतर्गत प्रदेश में PVTG समूहों यथा भारिया, बैगा एवं सहरिया समुदाय के घरों के विद्युतीकरण के लिए विद्युत वितरण कंपनियों की अतिरिक्त कार्ययोजना द्वितीय चरण का अनुमोदन प्रदान किया गया है। स्वीकृति अनुसार प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (PM-JANMAN) के अंतर्गत अतिरिक्त 18 हजार 338 अविद्‌युतीकृत PVTG घरों के विद्युतीकरण के लिए विद्‌युत अधोसंरचना विस्तार के लिए लगभग 78 करोड़ 94 लाख रुपये की ‌द्वितीय चरण की कार्ययोजना की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस के लिए 60 प्रतिशत राशि 47 करोड़ 36 लाख रूपये केन्द्र शासन से अनुदान प्राप्त होगा व शेष 40 प्रतिशत राशि 31 करोड़ 58 लाख रुपये राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंशपूंजी के रूप में उपलब्ध कराई जायेगी। पीएम जनमन अन्तर्गत प्रदेश के 24 जिलों में निवासरत भारिया, बैगा एवं सहरिया समुदाय के अविद्युतीकृत घरों के विद्युतीकरण के लिये बसाहट वार पूर्व स्वीकृत सीमा एक लाख रूपये प्रति हाउसहोल्ड को बढ़ाकर 2 लाख रुपये प्रति हाउसहोल्ड किये जाने की स्वीकृति दी गई। विद्युत कंपनियों द्वारा 2 लाख रूपये प्रति हाउसहोल्ड तक आकलित लागत से विद्युतीकरण किया जायेगा। लागत अधिक होने की स्थिति में ऊर्जा विकास निगम द्वारा एक किलोवाट क्षमता का आफ ग्रिड सोलर पैनल और बैटरी लगाकर विद्युतीकरण किया जायेगा। 211 घरों का विद्युतीकरण आफ ग्रिड प्रणाली से किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (PM-JANMAN) के अंतर्गत प्रदेश में 3 PVTG जनजाति, यथा भारिया, बैगा एवं सहरिया समूहों के अविद्‌युतीकृत घरों का विद्युतीकरण किया जा रहा है। 11 मार्च, 2024 को संपन्न मंत्रि-परिषद बैठक में योजनांतर्गत प्रथम चरण में 10 हजार 952 घरों के विद्युतीकरण के लिए लगभग 65 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिसमें से 8 हजार 752 घरों को विद्युत कनेक्शन प्रदाय किये जा चुके हैं। 132 K.V. और उससे बड़ी लाईन बिछाने के कारण क्षतिपूर्ति राशि और क्षतिपूर्ति क्षेत्रफल में वृद्धि की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा अति उच्च दाब पारेषण 132 K.V. और उससे बड़ी लाईन बिछाने के लिए किसानों को दी जाने वाली मुआवजा/क्षतिपूर्ति राशि में वृद्धि करने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार टॉवर लगाने पर दी जाने वाली क्षतिपूर्ति राशि को 85 प्रतिशत से बढ़ाकर 200 प्रतिशत किया गया है साथ ही लाइन ट्रान्समिशन लाइन के ROW (Right of way) में आने वाली भूमि की क्षतिपूर्ति राशि को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया गया है। क्षतिपूर्ण क्षेत्रफल में टॉवर के चार पाए के अलावा सब तरफ 1-1 मीटर की अतिरिक्त वृद्धि की गयी है। भूमि का स्वामित्व किसान का ही रहेगा। टॉवर के बीच में और लाइन के नीचे की फसल किसान ले सकेगा। केवल तार के नीचे की जमीन 132 K.V. लाईन में 7 मीटर क्षतिपूर्ण क्षेत्रफल को बढाकर कारिडोर अनुसार 28 मीटर किया गया है। उसी तरह 220 K.V. लाईन 14 मीटर में वृद्धि कर कॉरीडोर अनुसार 35 मीटर किया गया है। इसके अतिरिक्त 400 K.V. लाईन के नीचे की जमीन का क्षतिपूर्ति क्षेत्रफल 52 मीटर निर्धारित किया गया है। बक्स्वाहा जिला छतरपुर में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड स्तर के लिए कुल 7 पदों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा बक्स्वाहा जिला छतरपुर में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड स्तर का एक नवीन पद व उनके अमले अंतर्गत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 06 पद, इस प्रकार कुल 07 नवीन पदों का सृजन के लिए 52 लाख 46 हजार रूपये प्रति वर्ष की स्वीकृति प्रदान की गयी है। भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम 2000 के नियम 17 एवं नियम 37 में संशोधन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम 2000 के नियम 17 एवं नियम 37 में संशोधन की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार भोपाल से बाहर स्थानांतरण होने की स्थिति में अधिकतम 06 माह तक की अवधि के लिए शासकीय सेवक सामान्य दर पर आवास धारित कर सकेगा। सेवानिवृत्त होने की स्थिति में शासकीय सेवक 06 माह तक आवास धारण कर सकेगा। सेवानिवृत्त शासकीय सेवक प्रथम 03 माह की अवधि के लिए आवंटित आवास सामान्य दर पर धारण कर सकेगा। उक्त अवधि के अवसान उपरांत पुनः आगामी 03 माह की अवधि के लिए किराया सामान्य दर से 10 गुना दर पर आवास धारण कर सकेगा। इसके उपरांत दाण्डिक दर से किराया वसूल किया जाएगा एवं बेदखली की कार्यवाही की जायेगी। पहले केवल 3 माह तक ही शासकीय आवास धारण करने की अनुमति थी। इसी तरह त्यागपत्र देने, सेवा से पृथक होने अथवा अन्य किन्ही कारणों से आवास रखने के लिए अनधिकृत होने पर 03 माह तक की अवधि के लिए शासकीय सेवक द्वारा सामान्य दर पर आवास धारित किया जा सकेगा। 03 माह की अवधि के अवसान पर नियमानुसार दाण्डिक किराया वसूल किया जाएगा एवं बेदखली की कार्यवाही की जायेगी। अनधिकृत आधिपत्य के लिये नियम 37 के तहत वेतनमान के आधार पर आवास की पात्रता और लायसेंस शुल्क की दरों का निर्धारण भी संशोधित किया गया है। दाण्डिक मासिक किराया 10 गुना से बढ़कर 30 गुना किया गया है। प्रति माह 10 प्रतिशत की उत्तरोत्तर वृद्धि की जायेगी।