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डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में नई उड़ान भरेगा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

“अभ्युदय मध्यप्रदेश” – एक नवंबर को 70वां स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को मिलेंगी सौगातें रवीन्द्र भवन में होगा राज्य स्तरीय समारोह भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के गौरवशाली 70वें स्थापना दिवस पर राज्य सरकार डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में भी नई उड़ान भरने जा रही है। नागरिकों और निवेशकों को सशक्त बनाने के लिए तीन नई डिजिटल पहल शुरू होंगी। इनमें “MP ई-सेवा पोर्टल” के माध्यम से नागरिकों को एक ही मंच पर सभी सरकारी सेवाएँ सरल और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध होंगी। “Invest MP 3.0” पोर्टल निवेशकों के लिए एक उन्नत सिंगल विंडो सिस्टम के रूप में कार्य करेगा, जिससे निवेश की प्रक्रिया और अधिक सहज व समयबद्ध बनेगी। वहीं “Wash on Wheels” मोबाइल ऐप युवाओं को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ते हुए शहरी स्वच्छता सेवाओं में नई तकनीकी ऊर्जा जोड़ेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश निवेश उपलब्धियों, औद्योगिक प्रगति और रोजगार सृजन के विजन पर अपने विचार साझा करेंगे। इस अवसर पर “द टू-ईयर जर्नी” शीर्षक से एक विशेष ऑडियो-विजुअल का प्रदर्शन किया जायेगा जिसमें विगत दो वर्षों की राज्य की निवेश प्रोत्साहन यात्रा और उपलब्धियों का जीवंत चित्रण होगा। अभ्युदय मध्यप्रदेश का यह राज्य स्तरीय समारोह 1 नवम्बर 2025 को भोपाल के रवींद्र भवन में सुबह 11:30 बजे से होगा। यह केवल उत्सव नहीं बल्कि प्रदेश की सशक्त विकास यात्रा उपलब्धियों और आने वाले वर्षों के संकल्पों का प्रतीक बनेगा। कार्यक्रम में प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी को भी नई दिशा देने के लिए विमानन क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत की जाएगी। इनमें उज्जैन हवाई अड्डे के विकास अनुबंध पर हस्ताक्षर, रीवा–नई दिल्ली और रीवा–इंदौर फ्लाइट के लिए अनुबंध तथा प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा के अनुबंध शामिल हैं। इन पहलों से राज्य के औद्योगिक, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को नई उड़ान मिलेगी। “अभ्युदय मध्यप्रदेश” राज्य सरकार की नीति, दृष्टि और प्रतिबद्धता का ऐसा संगम होगा, जिसमें प्रदेश के विकास के साथ भविष्य की दिशा का स्पष्ट खाका प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “विकसित भारत @2047” के विजन से प्रेरित होकर “समृद्ध मध्यप्रदेश 2047” के संकल्प को नई गति दे रही है। यह आयोजन उसी दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में देखा जा रहा है जो यह संदेश देगा कि मध्यप्रदेश दृढ़-संकल्प शक्ति के साथ लगातार बढ़ रहा है। समारोह में केंद्रीय मंत्रियों, नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और राज्य सरकार के उच्च पदाधिकारियों की उपस्थिति भी रहेगी। कार्यक्रम में विधि एवं न्याय मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल, नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू, उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. सुमन के. बेरी, मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप तथा अदानी ग्रुप के प्रबंध निदेशक श्री प्रणव अदानी सहित आंध्रप्रदेश से आने वाले गणमान्य अतिथि और उद्योग प्रतिनिधि शामिल होंगे। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन राज्य की विकास यात्रा एवं भविष्य की रूपरेखा पर अपने विचार साझा करेंगे। कार्यक्रम में “समृद्ध मध्यप्रदेश @2047” दृष्टि-पत्र का विमोचन किया जाएगा जो प्रदेश के दीर्घकालिक विकास का रोडमैप प्रस्तुत करेगा। यह दस्तावेज़ एक ऐसे मध्यप्रदेश की परिकल्पना करता है जो नागरिकों के जीवन की सुगमता और गुणवत्ता पर केंद्रित, निवेश और रोजगार सृजन के अवसरों से सम्पन्न तथा परंपरा और आधुनिकता के संतुलन से सशक्त सांस्कृतिक राज्य के रूप में आगे बढ़े। “अभ्युदय मध्यप्रदेश” स्थापना दिवस आत्मविश्वास, नवाचार और प्रगति की नई उड़ान का प्रतीक बनेगा। यह आयोजन उस भावना का उत्सव है जो कहती है, मध्यप्रदेश न केवल अपनी विरासत पर गर्व करता है, बल्कि भविष्य को और उज्ज्वल बनाने के लिए पूरी दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है।  

मध्यप्रदेश में हैरान करने वाला खुलासा! संचालक बेच रहा था फर्जी डेथ सर्टिफिकेट ऑनलाइन

बुरहानपुर खकनार तहसील में चाौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। तहसील मुख्यालय में फोटोकापी और एमपी ऑनलाइन सेंटर चलाने वाला युवक अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर कर लोगों को मृत्यु प्रमाण पत्र बांट रहा था। नायब तहसीलदार कविता सोलंकी की शिकायत पर खकनार थाना पुलिस ने आरोपित संचालक विनोद पवार निवासी पांगरी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। हालांकि शुक्रवार शाम तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। दरअसल बिजौरी निवासी गोवर्धन पुत्र ताराचंद ने पंचायत सचिव दीपक आम्बेकर को अपने काका गोकुल पुत्र हीरा का मृत्यु प्रमाण पत्र दिया था। सचिव ने जांच करने के लिए जब प्रमाण पत्र का आरएस नंबर ऑनलाइन पोर्टल पर डाला तो पता चला कि उसी नंबर का एक प्रमाण पत्र एक अक्टूबर को तहसीलदार जितेंद्र अलावा के डिजिटल हस्ताक्षर से जारी हो चुका है। गोवर्धन द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र तीन अक्टूबर का था और उसमें नायब तहसीलदार के हस्ताक्षर व सील लगी हुई थी। फर्जीवाड़े का पता चलने पर सचिव ने नायब तहसीलदार को सूचना दी। जांच में मृत्यु प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया।   आरोपित ने ढाई हजार रुपये लिए गोवर्धन ने पुलिस को दिए बयान में बताया है कि 29 सितंबर को वह काका गोकुल का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने लोकसेवा केंद्र खकनार गया था। वहां उससे शपथ पत्र बनवा कर लाने के लिए कहा गया। इसके बाद वह रोहन फोटोकापी और आनलाइन सेंटर पहुंचा। जहां संचालक विनोद पवार ने ढाई हजार रुपये में प्रमाण पत्र बनवा कर देने की बात कही। गोवर्धन ने 600 रुपये अग्रिम दिए। तीन दिन बाद उसने 19 सौ रुपये लिए और गोवर्धन को प्रमाण पत्र दे दिया। उसे इस बात की जानकारी ही नहीं हुई कि जो प्रमाण पत्र दिया गया है, वह फर्जी है। इस फर्जीवाड़े में तहसील का भी कोई कर्मचारी शामिल है य नहीं और अब तक ऐसे कितने प्रमाण पत्र बना कर बांटे जा चुके हैं इसकी जांच की जा रही है।

महिलाओं के विकास की नई गाथा लिख रहा देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महिलाओं की उन्नति के बिना समग्र विकास की कल्पना अधूरी है। महिलाओं की कठिनाइयों को दूर करने के साथ उनके सामाजिक और आर्थिक स्तर में सुधार के प्रयास निरंतर जारी रहना बेहद जरूरी है। महिलाओं के स्वास्थ्य, उपचार, पोषण और कल्याण की दिशा में मध्यप्रदेश में विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की हर बेटी, हर महिला पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े, हर बहन सशक्त बने, यही हमारा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए ठोस कदम उठा रही है। इसी दिशा में हमने देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन प्रारंभ किया है। यह मिशन प्रदेश की बहनों को हर स्तर पर नई ताकत और नये अवसर प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य सुधार के लिए भी हमारी सरकार ने विभिन्न प्रयास किए हैं। इनके स्वास्थ्य की नियमित देखभाल, सुरक्षा सहित कायिक शुचिता और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार द्वारा ‘सैनिटेशन एवं हाइजीन योजना’ चलाई जा रही है। योजना के अंतर्गत छात्राओं को सेनेटरी पैड्स क्रय के लिए सहायता राशि सीधे इनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक प्रदेश की 20 लाख से अधिक बेटियों को 118 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि इनके खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों के हित में ऐसा कदम उठाने वाला हमारा मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है। हमारी बहनें है समाज की शक्ति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी बहनें समाज की शक्ति हैं। देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन उनके जीवन में नई ऊर्जा और अवसर लेकर आया है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि हर बहन को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सम्मान मिले। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में यह हमारा संकल्प है और महिलाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। राज्य की महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए ही यह मिशन प्रारंभ किया गया है। मिशन के अंतर्गत महिलाओं को कौशल विकास, उद्यमिता, शासकीय योजनाओं का लाभ, नेतृत्व प्रशिक्षण और सुरक्षा व अधिकार संरक्षण जैसी सेवाएं और सुविधाएं एकीकृत रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। हमारी सरकार महिलाओं को हर क्षेत्र में सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने शासकीय नौकरियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिला आरक्षण की सीमा बढ़ाकर 35 प्रतिशत कर दी है। प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों के मानदेय में 20 प्रतिशत की वृद्धि कर इन्हें समुचित सम्मान और प्रोत्साहन दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वस्त्र उद्योग में कार्यरत महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए भी सरकार ने कदम उठाए हैं। हमने रेडिमेड गारमेंट्स इंडस्ट्री में कार्यरत हर महिला श्रमिक को प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है। इससे महिलाएं और अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगी। इसके साथ ही प्रदेश के सभी औद्योगिक प्रक्षेत्रों में कामकाजी महिलाओं के लिए आश्रय गृह (वर्किंग वुमन हॉस्टल्स) की सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रदेश के 47 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। इनका कुशल नेतृत्व यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश की अनवरत विकास यात्रा में हमारी बहनें अभूतपूर्व योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आधी आबादी को उनका पूरा हक दिलाने के लिए हमारी सरकार कोई कमी नहीं रखेगी। महिलाएं ही प्रदेश के चहुंमुखी विकास का नया अध्याय लिखेंगी, यह निश्चित है। 

सरदार पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति ने भारत को एकसूत्र में बांधा : मंत्री परमार

एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प को साकार करने में सभी की सहभागिता आवश्यक : मंत्री  परमार सरदार पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति ने भारत को एकसूत्र में बांधा : मंत्री  परमार मंत्री  परमार ने राष्ट्रीय एकता दिवस पर रन फॉर यूनिटी को झंडी दिखाकर किया रवाना राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं सुरक्षा के संकल्प की शपथ दिलाई भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा है कि भारत में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज हर निर्णय ऐसे हो रहे हैं जैसे सरदार वल्लभ भाई पटेल ही फिर से भारत का नेतृत्व करने के लिए खड़े हों। प्रधानमंत्री  मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक विश्व का सबसे समृद्ध एवं विकसित देश बनने का संकल्प लिया है। भारत 'वसुधैव कुटुंबकम्' के अपने दृष्टिकोण के साथ विश्वमंच पर पुनः आगे बढ़ रहा है। मंत्री  परमार ने कहा कि भारत पुनः विश्वगुरु बनेगा और हर विधा-हर क्षेत्र में विश्वभर में सिरमौर देश बनेगा। स्वाभिमान के साथ देश को वैश्विक मंच पर सिरमौर बनाने की संकल्पना में सहभागिता करने की आवश्यकता है। मंत्री  परमार ने शुक्रवार को 'लौह पुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती 'राष्ट्रीय एकता दिवस' पर शाजापुर जिले के शुजालपुर स्थित माँ शारदा सांदीपनी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 'रन फॉर यूनिटी' (एकता दौड़) को झंडी दिखाकर रवाना किया और प्रेरक संबोधन दिया। मंत्री  परमार ने राष्ट्रीय एकता-अखंडता एवं सुरक्षा के संकल्प की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय परिसर में पौध-रोपण भी किया। उच्च शिक्षा मंत्री  परमार ने कार्यक्रम में सहभागी बनने को गौरवपूर्ण बताते हुए प्रदेशवासियों को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान का स्मरण करना और 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। मंत्री  परमार ने सभी को सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती की शुभकामनाएं देते हुए उनके पुरुषार्थ पर प्रकाश डाला। मंत्री  परमार ने बताया कि स्वतंत्रता के उपरांत सभी रियासतों के एकीकरण में सरदार वल्लभ भाई पटेल ने दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया और सभी रियासतों का भारत में विलीनीकरण कर देश को एक सूत्र में पिरोया। कार्यक्रम में  अशोक नायक,  विजय बैस, शुजालपुर महाविद्यालय जनभागीदारी समिति अध्यक्ष  आलोक खन्ना सहित नागरिक और अधिकारी उपस्थित थे।  

उमा भारती ने दी चेतावनी, 2029 के लोकसभा चुनाव में हिस्सेदारी पक्की

जबलपुर   मध्यप्रदेश की पूर्व सीएम और भाजपा की फायर ब्रांड नेता उमा भारती ने 2029 का लोकसभा चुनाव जरूर लड़ने का ऐलान किया है। जबलपुर में गोपाष्टमी पर्व के मौके पर गोसंवर्धन संकल्प सभा में पहुंची थीं और इसी दौरान उन्होंने मंच से ये ऐलान किया। उमा भारती ने कहा कि वो साल 2029 में लोकसभा का चुनाव जरूर लड़ेंगी। क्योंकि सांसद और मंत्री बनने से आम जनता का भला करने का मौका मिलता है। साथ ही यह भी कहा कि उन्होंने चुनाव लड़ने से उनने कभी इंकार नहीं किया था, बस उसे टाला था। 'लाड़ली बहनों को पैसों के साथ मिले एक-एक गाय' गोसंवर्धन संकल्प सभा को संबोधित करते हुए उमा भारती ने गाय का जिक्र करते हुए कहा कि गाय सेक्युलेरिज्म के चक्कर में फंस गई है। कई नेता डर के मारे गाय पर बोलने से बचते हैं। क्योंकि उन्हें यह लगता है कि धर्म विशेष का वोटर नाराज हो जाएगा। उमा भारती ने आगे कहा कि लाड़ली बहनों को जो राशि मिल रही है वो तो मिलनी ही चाहिए लेकिन इसके साथ ही लाड़ली बहनों को एक-एक दुधारू गाय भी देनी चाहिए। इससे उनकी आमदनी 3 हजार से बढ़कर 10 हजार तक हो जाएगी। वहीं उन्होंने कहा राम के नाम पर पूरा भारत एक हुआ। लेकिन भगवान के कार्य पूरे नहीं हुए हैं। ललितपुर से चुनाव लड़ने की जता चुकी हैं इच्छा बता दें कि उमा भारती बीते दिनों यूपी के ललितपुर के दौरे पर थीं और तब उन्होंने वहां पर भी 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी। तब उन्होंने कहा था कि यदि पार्टी अनुमति देती है तो वे 'अगला लोकसभा चुनाव झांसी लोकसभा सीट' से लड़ेंगी। उमा ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर भी अपनी इच्छा जाहिर कर दी थी । सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा था कि 'अगर पार्टी कहेगी तो मैं चुनाव जरूर लड़ूंगी, लेकिन मैं सिर्फ झांसी से ही चुनाव लड़ूंगी।' तब उन्होंने ये भी कहा था कि उनका बुंदेलखंड क्षेत्र से गहरा जुड़ाव है, और वे चाहेंगी कि आने वाले लोकसभा चुनाव में बुंदेलखंड की जनता एक बार फिर उन्हें लोकसभा तक पहुंचाए।

जबलपुर में 12 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, 16 करोड़ की संपत्ति जब्त, धान खरीदी में 43 करोड़ का घोटाला

जबलपुर  मध्य प्रदेश के जबलपुर में करोड़ों के घोटाले में सरकारी खजाने का जो नुकसान हुआ है उसको पूरा करने के लिए अब अधिकारी-कर्मचारियों की संपत्ति को नीलाम किया जाएगा. जबलपुर कलेक्टर ने 12 कर्मचारियों की संपत्ति कुर्की के आदेश जारी किए हैं. आरोप है कि, इन लोगों की मिली भगत से जबलपुर में एक धान खरीदी में घोटाला हुआ था. जिसमें सरकार को लगभग 43 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था. फिलहाल अधिकारी-कर्मचारियों से 16 करोड़ रुपए की वसूली की जा रही है. 43 करोड़ के धान घोटाले का पर्दाफाश जबलपुर में पिछले साल लगभग 43 करोड़ रुपए का धान घोटाला किया गया था. आरोप है कि, इसमें कई मिल मालिकों ने जबलपुर के सरकारी गोदाम से धान मिलिंग के लिए ली थी, लेकिन उतना चावल वापस नहीं किया. कई स्थानों पर तो अच्छी धान को गोदाम से उठाया गया था, लेकिन उसे मिलिंग के लिए ना भेज कर सीधे बाजार में बेच दिया गया. उसके बदले बाजार से खराब किस्म का चावल खरीद कर नागरिक आपूर्ति में जमा करवा दिया गया. सरकार से ट्रांसपोर्टेशन और मिलिंग का पैसा ले लिया गया. इस दौरान जिन गाड़ियों से ट्रांसपोर्टेशन दिखाया गया था, उस गाड़ियों का नंबर स्कूटर और कहीं कार का पाया गया था. 16 मिल मालिक और 12 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ केस जब इस मामले में जांच शुरू की गई तो 43 राइस मिलर्स के अकाउंट में गड़बड़ी पाई गई. जिसमें करीब 43 करोड़ रुपए का धान घोटाला हुआ. सरकार को चूना लगाने के साथ ही कई किसानों के साथ भी धोखाधड़ी की गई और उन्हें पैसा नहीं दिया गया. तत्कालीन कलेक्टर दीपक सक्सेना ने जब इस मामले की बारीकी से जांच करवाई तो 16 मिल मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. वहीं 12 अधिकारी कर्मचारियों को भी दोषी पाया गया. इन लोगों के खिलाफ भी गबन का मुकदमा दर्ज किया गया. क्योंकि इन अधिकारी कर्मचारियों की भी इस पूरे फर्जीवाड़े में मिलीभगत थी. सहकारी समिति के 4 कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज इस मामले में सरकार को लगभग 43 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ. जिसमें से 16 करोड़ रुपए की वसूली अधिकारी कर्मचारी से किया जाना है. जबलपुर के वर्तमान कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कर्मचारियों के खिलाफ नोटिस जारी किए हैं और उनकी चल अचल संपत्ति को कुर्क किया जा रहा है. इसी को बेचकर सरकार अपना नुकसान पूरा करेगी और किसानों को भुगतान करेगी. इस मामले में चार सहकारी समिति के कर्मचारियों को और अधिकारियों के खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं. अधिकारी और सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगी धान खरीदी जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कहा कि "पूर्व के अनुभव अच्छे नहीं हैं. इसलिए इस बार खरीदी में ज्यादातर स्वयं सहायता समूह को आगे लाया जा रहा है, उनकी ट्रेनिंग की जा रही है. खरीदी का पूरा काम सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगा. पहले स्तर पर सर्वेयर, नोडल ऑफिसर और सीसीटीवी कैमरे के बावजूद भी दूसरे अधिकारियों की भी ड्यूटी लगा रहे हैं. जो इस पूरी धान खरीदी को अपने निगरानी में करवाएंगे. धान खरीदी की रिपोर्ट प्रतिदिन तैयार की जाएगी." सरकारी घाटे या नुकसान को इसी तरीके से अधिकारी कर्मचारियों के व्यक्तिगत चल अचल संपत्ति के माध्यम से बेचकर वसूला जाएगा. तो दूसरे अधिकारी कर्मचारियों में भी इस बात की दहशत होगी कि यदि वे गड़बड़ करते हैं तो कल इसी तरह की कार्यवाही उनके खिलाफ भी हो सकती है.

डॉ. मोहन यादव बोले: मध्यप्रदेश में निवेश, नवाचार और रोज़गार के संकल्प का अभ्युदय

सीएम ब्लॉग भोपाल मध्यप्रदेश आज अपनी स्थापना के 70वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। एक नवंबर 1956 को अस्तित्व में आये मध्यप्रदेश में विकास की नई यात्रा विगत दो दशकों से आरंभ हुई, जो प्रदेश को देश में अग्रणी राज्य बनाने की संभावनाओं तक पहुंच गई है। यह सुखद संयोग है कि आज देवउठनी ग्यारस के पावन अवसर पर राज्योत्सव का आयोजन किया जा रहा है। हमारे तीज, त्यौहार और परंपराएं हमारी संस्कृति का आधार हैं। उत्सव के आनंद से ही भविष्य निर्माण के भाव निर्मित होते हैं। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रदेश में सभी त्यौहारों को व्यापक स्वरूप में मनाया जा रहा है। अपने त्यौहारों का सांस्कृतिक संदर्भ ही हमें पुरातन से नूतन की प्रेरणा देता है। हमारे लिए गर्व की बात है कि भारत का ह्दय मध्यप्रदेश वन, जल, अन्न, खनिज, शिल्प, कला, संस्कृति, उत्सव और परंपराओं से समृद्ध है। हमें मां नर्मदा, चंबल, पार्वती, शिप्रा नदियों का सान्निध्य और बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त है। यह भगवान परशुराम की जन्मस्थली, भगवान कृष्ण की शिक्षास्थली और आदि शंकराचार्य जी की तपोस्थली है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने चित्रकूट में लंबा समय व्यतीत किया है। इतिहास प्रसिद्ध राजा नल, भर्तृहरि, विक्रमादित्य की जन्म स्थली भी मध्यप्रदेश रही है। सम्राट विक्रमादित्य ने ही शकों के आतंक से भारत को मुक्त किया था। संसार की पहली वैज्ञानिक कालगणना "विक्रम संवत्" का आरंभ भी मध्यप्रदेश के उज्जैन से हुआ था। मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि हम अपने ऐतिहासिक गौरव की दिव्यता और प्राकृतिक भव्यता के साथ विरासत से विकास की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारत को विश्व में सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए विकसित भारत निर्माण का संकल्प दिया है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हमारा देश विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री जी के इस संकल्प को साकार करने और विकसित भारत निर्माण के लिए मध्यप्रदेश में निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में उद्योग वर्ष मनाने के साथ राज्योत्सव की थीम 'उद्योग और रोज़गार' रखी गई है। इसमें प्रदेश के सतत विकास, सांस्कृतिक समृद्धि और जनभागीदारी का भाव है। यशस्वी प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से हमें निवेश और औद्योगिक विकास की यात्रा को परिणाम में बदलने का अवसर प्राप्त हो रहा है। विविधता से समृद्ध मध्यप्रदेश के हर क्षेत्र की अपनी विशेषता, क्षमता और दक्षता है, जिसमें अनंत संभावनाएं हैं। इसी को केन्द्र में रखकर हमने प्रदेश में रीजनल इन्वेस्टर्स समिट का नवाचार किया। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रदेश के हर क्षेत्र का कौशल और उद्योग इसमें शामिल हुआ है। व्यापार को सरल बनाने और निवेशकों से सीधे संवाद के लिए हमने मार्च 2024 से उज्जैन से निवेश यात्रा शुरू की और फिर जबलपुर, ग्वालियर, सागर, रीवा, शहडोल, नर्मदापुरम, मुंबई, कोयंबटूर, बेंगलुरु, पुणे, दिल्ली, यूके, जर्मनी, जापान, दुबई तक इसे विस्तार दिया। विभिन्न सम्मेलनों, राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय रोड-शो के माध्यम से मध्यप्रदेश के निवेश में कई गुना वृद्धि हुई है। निवेशकों को एक सक्षम, सरल और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया गया है। प्रदेश में इनोवेशन हब, स्टार्टअप पॉलिसी, फंडिंग सपोर्ट और इन्क्यूबेशन नेटवर्क स्थापित कर देश की स्टार्टअप क्रांति को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। मुझे यह बताते हुए खुशी है कि मध्यप्रदेश ने पिछले एक वर्ष में औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त की हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों ने प्रदेश में निवेश के प्रति गहरी रुचि दिखाई है। खनिज कॉन्क्लेव में प्रदेश को 56 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले, जो खनिज नीति और प्रशासनिक सरलता का परिणाम हैं। आईटी पार्क, इलेक्ट्रॉनिक निर्माण इकाइयां और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भी निवेश को प्रोत्साहन मिला है। मुझे यह बताते हुए हर्ष है कि प्रदेश एक ऐसे परिवर्तनकाल से गुजर रहा है जहां निवेश, नवाचार और रोज़गार आधार स्तंभ हैं। लगभग दो वर्षों में प्रदेश ने उद्योग, कृषि, दुग्ध उत्पादन, पर्यावरण, ऊर्जा और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। भारत के समग्र विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने हमें गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी (GYAN) के सम्मान का मंत्र दिया है। विकास के इन आधार स्तंभ के अनुरूप प्रदेश विकास और कल्याण के लिए युवा शक्ति, गरीब कल्याण, किसान कल्याण और नारी सशक्तिकरण मिशन के तहत कार्य किया जा रहा है। गरीब कल्याण मिशन में स्वरोज़गार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, आवास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य की सुविधा आदि की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश कौशल विकास मिशन और स्टार्टअप नीति 2025 ने युवाओं को जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर में परिवर्तित किया है। कौशल विकास मिशन के माध्यम से युवाओं को उद्योग-आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रोज़गार मेले, अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम और डिजिटल स्किल सर्टिफिकेशन जैसे प्रयास युवाओं को रोज़गार से जोड़ रहे हैं। रोज़गार सृजन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। शासकीय और निजी क्षेत्रों में युवाओं के लिए स्थायी, कुशल और सम्मानजनक अवसर उपलब्ध किये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने शासकीय भर्ती का कैलेण्डर जारी किया और उसके अनुरूप भर्ती प्रक्रिया भी आरंभ हो गई है। कृषि क्षेत्र को नवाचार के साथ सशक्त बनाने की दिशा में एक नई क्रांति का सूत्रपात हुआ है। प्रदेश सरकार ने ड्रोन आधारित फसल निरीक्षण, स्मार्ट सिंचाई प्रणाली और कृषि उत्पाद मूल्य संवर्धन पर विशेष फोकस किया है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और मुख्यमंत्री खेत-तालाब योजना सहित अन्य प्रयासों से किसानों के लिए सिंचाई क्षेत्र बढ़ाने का लगातार प्रयत्न किया जा रहा है। केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना से प्रदेश के किसानों को सिंचाई और पानी की सुविधा व्यापक स्तर पर उपलब्ध होगी। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 52 लाख हेक्टेयर से अधिक हो चुका है। इसे दोगुना करने का लक्ष्य है। आगामी 3 वर्षों में सिंचाई क्षेत्र का रकबा 100 लाख हेक्टेयर करने की योजना है। कृषि उपज का प्रत्यक्ष भुगतान, ऑनलाइन मंडी व्यवस्था और जैविक खेती के प्रोत्साहन ने अन्नदाताओं की आय में वृद्धि की है। मध्यप्रदेश गेहूं, सोयाबीन, चना और मसालों के उत्पादन में अग्रणी प्रदेश हैं। महिला सशक्तिकरण को आर्थिक स्वावलंबन से जोड़ने की दिशा में नारी शक्ति मिशन परिवर्तनकारी सिद्ध हो रहा है। लाड़ली बहना योजना के माध्यम से लाखों … Read more

गंदे वीडियो दिखाने वाले शिक्षक भिंड में गिरफ्तार, छात्राओं ने दी शिकायत

 भिंड  भिंड जिले में देहात थाना अंतर्गत विक्रमपुरा सरकारी स्कूल में शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शिक्षक पर कक्षा में छात्राओं को मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाने और आपत्तिजनक हरकतें करने का आरोप लगा है। घटना का खुलासा तब हुआ जब तीन छात्राओं ने हिम्मत जुटाकर इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने छात्राओं की शिकायत पर आरोपित शिक्षक रामेंद्र सिंह कुशवाह को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ पाक्सो एक्ट, धमकी देने और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। छात्राओं ने पुलिस को बताया कि शिक्षक कक्षा में पढ़ाते समय मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाता था और अनुचित व्यवहार करता था। जब छात्राओं ने घर जाकर शिकायत करने की बात कही तो आरोपी ने उन्हें डराया और धमकाया। डर के कारण छात्राएं कई दिनों तक स्कूल नहीं गईं। स्वजन की पूछताछ में खुला मामला बताया जाता है, कि जब छात्राओं ने स्कूल जाना बंद किया तो स्वजनों ने उनसे कारण पूछा। पूछताछ में छात्राओं ने पूरी घटना बताई। उन्होंने कहा कि मोबाइल पर सर गंदे वीडियो दिखाते हैं। इसके बाद स्वजन स्कूल पहुंचे और प्राचार्य से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर वे छात्राओं को लेकर देहात थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने कक्षा 8वीं की एक छात्रा को मुख्य फरियादी बनाया और अन्य छात्राओं के बयान भी दर्ज किए। डीईओ ने आरोपित शिक्षक को निलंबित किया पुलिस की कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग ने देर रात आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी आरडी मित्तल ने बताया कि उच्च श्रेणी शिक्षक (उच्च पद प्रभार) मूल पद सहायक शिक्षक शासकीय माध्यमिक विद्यालय विक्रमपुरा बीटीआइ परिसर भिंड में पदस्थ रामेंद्र सिंह कुशवाह को शिक्षक की सामाजिक गरिमा को धूमिल करने पर मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में शिक्षक को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। पाक्सो एक्ट में केस दर्ज     छात्रा की शिकायत पर आरोपी शिक्षक रामेंद्र सिंह कुशवाह के खिलाफ पाक्सो एक्ट, धमकी देने और एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।- मुकेश शाक्य, टीआई थाना देहात तुरंत निलंबन का आदेश जारी किया     शिक्षक द्वारा की गई हरकत शिक्षक समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है। पुलिस कार्रवाई के बाद विभाग ने तुरंत निलंबन आदेश जारी किया है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। – आरडी मित्तल, डीईओ भिंड  

BJP में 9 महीने की खींचतान खत्म, जिलाध्यक्ष ने नई कार्यकारिणी बनाई

गुना नौ महीने से बहुप्रतीक्षित गुना भाजपा की जिला कार्यकारिणी में महामंत्री पद पाने की दौड़ में लगी जोड़-तोड़ की राजनीति को उस समय विराम लग गया जब गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिकरवार ने अपने नौ महीने के कार्यकाल के बाद अपनी जिला कार्यकारिणी घोषित कर दी। इस 22 सदस्यीय कार्यकारिणी में 9 केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थकों को महत्वपूर्ण पद मिले है। विधायक के एक समर्थक को मिली जगह, बागी बाहर विधायक पन्नालाल शाक्य के एक मात्र समर्थक संतोष धाकड़ को महामंत्री पद से नवाजा गया है। वहीं सिंधिया समर्थक के रूप में पूर्व पार्षद रविन्द्र रघुवंशी और चन्द्रप्रकाश अहिरवार को महामंत्री बनाया गया है। इस कार्यकारिणी में आपस में लड़ने वाले भाजपा के उपाध्यक्ष आरएन यादव और हीरेन्द्र सिंह चौहान बंटी बना को बाहर का रास्ता दिखाया है। इस समाज ने किया कार्यकारिणी का विरोध इस कार्यकारिणी के बनते ही विरोध के स्वर शुरू हो गए हैं। गुर्जर समाज के सीताराम गुर्जर ने कहा कि इस कार्यकारिणी में गुर्जर समाज को स्थान नहीं देकर हमारे समाज के साथ धोखा किया है। जबकि यह समाज जिले में बहुतायत संख्या में है। भाजपा की जिला कार्यकारिणी को घोषित न किए जाने को लेकर पत्रिका ने 25 अक्टूबर के अंक में खबर प्रकाशित की थी।  जिला कार्यकारिणी में इन नेताओं मिले ये पद     जिला उपाध्यक्षः गिर्राज भार्गव,प्रबल प्रताप सिंह, महेन्द्र किरार, शिवपाल परमार, सुशील दहीफले, जगदीश मीना रिटायर्ड आरटीओ, गायत्री भील. गोमती ओझा     जिला महामंत्रीः संतोष धाकड़, रविन्द्र रघुवंशी, चन्द्रप्रकाश अहिरवार     जिला मंत्रीः कुसुमलता कुशवाह, रुद्र देव सिंह, श्रीकृष्ण भोला सोनी, अनिल जैन रुपश्री, सुनीता बंजारा, वीर बहादुर यादव, उमा लोधी, आशा शर्मा     कोषाध्यक्ष- मोहित नामदेव     सह कोषाध्यक्ष- राजेश साहू     कार्यालय मंत्री- सुरेन्द्र जीत सिंह     सह कार्यालय मंत्री बृज नारायण शर्मा     सह कार्यालय मंत्री- शंभू सेन     मीडिया प्रभारी अंकुर श्रीवास्तव     सह मीडिया प्रभारी-ओमप्रकाश राठौर

इंदौर पुलिस ने पकड़ा फर्जी घी का बड़ा कारोबार, 600 लीटर नकली घी बरामद

 इंदौर  प्रदेश भर में मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में इंदौर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की टीम ने भारी मात्रा में मिलावटी घी जब्त किया है, जिसे नामी ब्रांड के पैकेट में पैक किया जा रहा था। पल्हर नगर में घर पर छापा खाद्य विभाग की टीम ने पल्हर नगर स्थित 60 फीट रोड पर एक मकान पर छापा मारा। यह मकान गिरिराज गुप्ता का है, जो मल्हारगंज क्षेत्र में प्रभुश्री ट्रेडर्स के नाम से दुकान संचालित करता है। निरीक्षण के दौरान इस मकान से मिलावट का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। नामी ब्रांड के रैपर में 'नकली घी' अधिकारियों को मौके से बड़ी मात्रा में वनस्पति तेल, एसेंस और तैयार घी मिला। चिंता की बात यह है कि मौके से सांची, अमूल, नोवा और मालवा जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड के रैपर और आउटर कवर भी बड़ी संख्या में पाए गए। आरोपी इन रैपर का इस्तेमाल वनस्पति तेल और एसेंस से बनाए गए मिलावटी घी को पैक करने के लिए करता था। 600 लीटर घी-तेल जब्त, 6 सैंपल भेजे खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके से घी, तेल और एसेंस समेत कुल 6 नमूने जांच के लिए हैं। खाद्य अधिकारी मनीष स्वामी ने बताया कि कार्रवाई में कुल 27 डिब्बे वनस्पति, 13 डिब्बे तेल, 3 डिब्बे घी, 5 बोतल एसेंस और लगभग 350 रैपर जब्त किए गए हैं। * उक्त संस्थान से लगभग 600 लीटर घी और तेल जब्त किया गया है। * निर्माता का परिसर बंद करा दिया गया है। * सभी नमूनों को विस्तृत जांच के लिए राज्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जा रहा है। * संबंधित कंपनियों (अमूल, सांची आदि) को भी सूचित किया जा रहा है, ताकि वे भी अपने स्तर पर वैधानिक कार्रवाई कर सकें। मिलावटखोरी बर्दाश्त नहीं: कलेक्टर कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मिलावटखोरी के विरुद्ध इस तरह की सख्त कार्रवाई भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी।