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कैलाश विजयवर्गीय का स्वास्थ्य ठीक, थकान पर अस्पताल में भर्ती, नियमित जांच पूरी

इंदौर  मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को गुरुवार को बांबे अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह गुरुवार सुबह नियमित जांच के लिए अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टरों ने उनकी प्राथमिक जांच के बाद उन्हें भर्ती होने की सलाह दी।देर शाम तक विजयवर्गीय की कई जांचें हुईं। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें थकान थी। जांच रिपोर्ट सामान्य है। उन्हें आराम की सलाह दी है। व्यस्त दिनचर्या के चलते हुए थकान बॉम्बे अस्पताल के उप निदेशक राहुल पाराशर ने बताया, ''मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को पिछले चार-पांच दिनों से व्यस्त दिनचर्या के कारण अत्यधिक थकान महसूस कर रहे थे, जिसके कारण उन्हें पर्याप्त आराम नहीं मिल पाया था. इसी के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. प्राथमिक जांच और परीक्षण किए गए हैं, अब उनकी हालत स्थिर है.'' उन्होंने कहा कि, ''विजयवर्गीय फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में एक वार्ड में आराम कर रहे हैं और उन्हें पूरी तरह आराम करने की सलाह दी गई है. उन्हें जल्द ही छुट्टी मिलने की उम्मीद है, हालांकि रात होते-होते विजयवर्गीय को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया.'' महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया थकान के कारण वे अस्पताल में भर्ती हुए थे. हालांकि अब उन्हें छुट्टी दे दी गई है वह घर पर आराम कर रहे हैं.'' उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, मंत्री बिल्कुल ठीक हैं आप लोग निश्चिंत रहें और बॉम्बे हॉस्पिटल की तरफ ना जाएं. डॉक्टरों ने दी आराम करने की सलाह कैलाश विजयवर्गीय के नजदीकी सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि, मंत्री कई दिनों से लगातार दौरे कर रहे हैं, जिसके चलते उन्हें थकान हुई है. इसी बीच उनकी तबीयत खराब हो गई थी. अस्पताल से उन्हें छुट्टी मिल गई है. डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी है, अब वह घर पर ही आराम कर रहे हैं.   कैलाश विजयवर्गीय का सियासी करियर कैलाश विजयवर्गीय इंदौर-1 विधानसभा से विधायक हैं और मध्य प्रदेश में कैबिनेट मंत्री हैं. उनके पास नगरीय विकास एवं आवास विभाग है. उन्होंने इंदौर से अपने सियासी करियर की शुरुआत की थी. उन्होंने वर्ष 1975 में विद्यार्थी परिषद के माध्यम से छात्र पॉलिटिक्स में प्रवेश किया. 1983 में वह पहली बार नगर पालिक निगम इंदौर के पार्षद बने. 2000 में उन्हें इंदौर पालिक नगर निगम का महापौर बनाया गया था. इसके बाद से उनका राजनीतिक करियर चमकता गया. 1990 में पहली बार विधायक बने. कैलाश विजयवर्गीय अपने बयानों को लेकर अकसर चर्चाओं में रहते हैं.  

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने राष्ट्रीय एकता दिवस की दिलायी शपथ

भोपाल  मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में प्रात: 10 बजे राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलायी। इसके पूर्व सरदार वल्लभ भाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। शपथ में सभी अधिकारियों-कर्मचारियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करने और अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान करने का भी सत्यनिष्ठा से संकल्प लिया। इस अवसर पर  अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा,  के.सी. गुप्ता,  संजय दुबे,  संजय कुमार शुक्ल,  शिवशेखर शुक्लासहित मंत्रालय, विंध्याचल,सतपुड़ा भवन और पुलिस विभाग के अधिकारी- कर्मचारी उपस्थितरहे।

हाई कोर्ट ने नगर निगम को रोका, स्कूल और कॉलेजों से उपकर वसूलने से मना किया

 इंदौर  शैक्षणिक संस्थानों को राहत देते हुए हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने कहा है कि नगर निगम शैक्षणिक संस्थानों के भूमि-भवन जिनका उपयोग वे खुद कर रहे हैं, उस पर शिक्षा उपकर और शहरी विकास उपकर नहीं ले सकता। कोर्ट की एकलपीठ ने एक निजी स्कूल की ओर से दायर याचिका की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है। हाई कोर्ट ने वसूली के आदेश को निरस्त कर दिया है। निगम ने इस निजी स्कूल को वर्ष 2021 में लाखों रुपये की वसूली के लिए नोटिस जारी किया था। इसे चुनौती देते हुए स्कूल ने याचिका दायर की। स्कूल प्रबंधन का कहना था कि पूर्व में हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ शैक्षणिक संस्थानों को संपत्तिकर, शिक्षा उपकर और शहरी विकास शुल्क से छूट दे चुकी है। इस पर निगम की तरफ से तर्क रखा गया था कि हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के फैसले के खिलाफ अपील की गई है। हालांकि इस पर अब तक कोई फैसला नहीं हुआ है। हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था जो गुरुवार को जारी हुआ। कोर्ट ने नगर निगम से कहा है कि वह निजी स्कूल द्वारा जमा की गई राशि को उसके खातों में समायोजित करे। इसके साथ ही दो माह में जो राशि शिक्षा उपकर और शहरी विकास उपकर के रूप में जमा की गई है, उसे भी निजी स्कूल को लौटाया जाए। इस तरह मामले में स्कूल प्रबंधन को राहत मिली। पदोन्नति मामले में चार सप्ताह में लें निर्णय इंदौर नगर निगम अपर आयुक्त की पदोन्नति से जुड़े मामले में हाई कोर्ट ने नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे को चेतावनी जारी की है। कोर्ट ने कहा है कि वे पूर्व में दिए गए फैसले के अनुसार अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर के आवेदन पर चार सप्ताह में निर्णय लें। निगम के अपर आयुक्त राजनगांवकर ने पदोन्नति नहीं दिए जाने के खिलाफ एक याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने पांच मई 2025 को आदेश दिया था कि सरकार राजनगांवकर की पदोन्नति के आवेदन पर एक माह में निर्णय लें। सात मई को राजनगांवकर ने कोर्ट के आदेश की प्रति के साथ नगरीय प्रशासन विभाग को नया आवेदन किया। इस आवेदन पर जब सरकार ने पांच माह बाद भी फैसला नहीं लिया तो राजनगांवकर ने अवमानना याचिका दायर कर दी। गुरुवार को कोर्ट में इस पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने प्रमुख सचिव को चेतावनी के साथ पूर्व में दिए आदेश का पालन करने के लिए एक मौका दिया है। कोर्ट ने राजनगांवकर से कहा है कि वे सात दिन में नया आवेदन दें। कोर्ट ने पीएस से कहा है कि वे चार सप्ताह में इस आवेदन पर निर्णय लें।

अंजुमन इस्लामिया स्कूल का नया फरमान, रविवार स्कूल लगाने पर बवाल

जबलपुर  शहर में स्कूल की छुट्टी का एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां अंजुमन इस्लामिया नाम के स्कूल ने शुक्रवार की छुट्टी रखी है और रविवार के दिन स्कूल लगाने का फरमान जारी किया है. इस फरमान के खिलाफ अल्पसंख्यक मोर्चा के एक नेता ने आपत्ति जाहिर की है, उनका कहना है कि स्कूल के स्टाफ और कई अभिभावकों ने इस फैसले को गलत माना है लेकिन स्कूल प्रबंधन उनकी बात नहीं सुन रहा है.मामले में जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत की गई है. जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि वे जल्द ही इस मामले में जांच करके फैसला देंगे. पाकिस्तान और बांग्लादेश में होती है शुक्रवार की छुट्टी जबलपुर अल्पसंख्यक मोर्चा के नेता मुजम्मिल अली ने अंजुमन इस्लामिया स्कूल के एक अनोखे फरमान के खिलाफ कलेक्टर कार्यालय में शिकायत की है. मुजम्मिल अली ने कहा, '' स्कूल में एक अनोखा फरमान निकला है, जिसमें स्कूल में साप्ताहिक अवकाश रविवार की जगह शुक्रवार के दिन रखा जाएगा और रविवार के दिन स्कूल लगाया जाएगा. भारत में रविवार की ही छुट्टी होती है, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे मुस्लिम देश में शुक्रवार के दिन की छुट्टी रखी जाती है इसलिए भारत में इस तरह की छुट्टी सही नहीं है. मुजम्मिल ने प्रशासन से इस मामले में दखल देने की अपील की है. शुक्रवार की छुट्टी पर मैनेजमेंट की सफाई इस मामले में अंजुमन इस्लामिया स्कूल के प्रबंधक अनवर अली ने कहा, '' अंजुमन इस्लामिया संस्था पांच स्कूल और एक कॉलेज का संचालन करती है और केवल एक स्कूल नहीं बल्कि सभी स्कूलों में शुक्रवार के दिन की छुट्टी पहले से ही रहती है. मैंने केवल इंग्लिश मीडियम स्कूल की छुट्टी की है और रविवार के दिन इसलिए स्कूल लगाया जा रहा है ताकि बच्चों की पढ़ाई का नुकसान ना हो.'' डीईओ के पास पहुंची अंजुमन की शिकायत वहीं, जबलपुर के जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने कहा, '' हमारे पास यह शिकायत आई है क्योंकि अंजुमन इस्लामिया स्कूल एक निजी संस्था चलाती है ऐसी स्थिति में हमें उनके नियम देखने होंगे. हालांकि, भारत में रविवार को ही छुट्टी की परंपरा है. ऐसी स्थिति में अंजुमन इस्लामिया स्कूल ने मनमाने ढंग से कैसे नियम बदला है, इसे देखना होगा. यदि संस्थान नियम विरुद्ध तरीके से काम करेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.'' अब देखना ये होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और अंजुमन इस्लामिया स्कूल ने किस नियम के तहत ये बदलाव किया.

राज्यपाल ने आयोजित किया एकता दिवस समारोह और शपथ ग्रहण

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने दिलाई एकता दिवस की शपथ राज्यपाल ने आयोजित किया एकता दिवस समारोह और शपथ ग्रहण  सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर राज्यपाल  पटेल ने किया पुण्य स्मरण भोपाल   राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने राजभवन के अधिकारी-कर्मचारियों को एकता दिवस पर शपथ दिलाई। लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर पुण्य स्मरण किया और सादर श्रद्धांजलि अर्पित की। एकता दिवस शपथ समारोह का आयोजन राजभवन के बैंक्वेट हॉल में शुक्रवार को किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव सहित राजभवन में पदस्थ सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल के नेतृत्व में राजभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने शपथ ली कि "मैं राष्ट्र की एकता, अखण्डता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिये स्वयं को समर्पित करूंगा और अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का भी भरसक प्रयत्न करूंगा। मैं यह शपथ अपने देश की एकता की भावना से ले रहा हूँ जिसे सरदार वल्लभ भाई पटेल की दूरदर्शिता एवं कार्यों द्वारा संभव बनाया जा सका। मैं अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये अपना योगदान करने का भी सत्यनिष्ठा से संकल्प करता हूँ।"  

मध्यप्रदेश में पुलिस अफसरों का बड़ा फेरबदल, जिले में 24 पदों पर बदलाव

ग्वालियर  मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में शुक्रवार को बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने ग्वालियर शहर और देहात के 24 निरीक्षकों, कार्यवाहक निरीक्षकों, उपनिरीक्षकों और कार्यवाहक उपनिरीक्षकों के तबादले किए हैं। लंबे समय से पुलिस लाइन में पदस्थ अधिकारियों को अब थानों की कमान सौंपी गई है। निरीक्षकों की नई जिम्मेदारी: आलोक सिंह परिहार — पड़ाव से बहोडापुर आसिफ मिर्जा बेग — ग्वालियर से बिजौली हितेन्द्र सिंह राठौर — भितरवार से साइबर क्राइम सुधीर सिंह कुशवाह — पुलिस लाइन से भितरवार शैलेन्द्र भार्गव — पुलिस लाइन से पड़ाव यशवंत गोयल — डबरा से महाराजपुरा कार्यवाहक निरीक्षकों को थानों की कमान: प्रशांत शर्मा — पुलिस लाइन से ग्वालियर जितेन्द्र सिंह तोमर — बहोडापुर से हजीरा पूरन शर्मा — यातायात थाना कंपू से घाटीगांव शिवराम सिंह कंसाना — साइबर क्राइम से तिघरा धर्मेन्द्र सिंह यादव — महाराजपुरा से डबरा उपनिरीक्षकों के तबादले: देवेन्द्र कुमार लोधी — करहिया से हस्तिनापुर अभिनव शर्मा — पुलिस लाइन से आरीन महेन्द्र प्रजापति — पुलिस लाइन से बेलगढ़ा नरेन्द्र सिसौदिया — मुरार से उटीला उपेन्द्र सिंह धाकड़ — सिरोल से गिजौरी संजू सिंह यादव — विश्वविद्यालय से करहिया अन्य तबादले: शिखा दंडौतिया — विश्वविद्यालय से चौकी प्रभारी बड़ागांव सतीश यादव — गिर्जीरा से मुरार शिवम सिंह राजावत — उटीला से क्राइम ब्रांच अजय सिंह सिकरवार — बेलगढ़ा से ग्वालियर दिनेश सिंह — बड़ागांव से विश्वविद्यालय थाना अतुल सिंह चौहान — आरोन से बहोडापुर राजकुमार सिंह राजावत — हस्तिनापुर से हजीरा इस फेरबदल के बाद ग्वालियर पुलिस के थानों में नई ऊर्जा के साथ व्यवस्था संभालने की उम्मीद जताई जा रही है।

बाल अश्लील सामग्री देखने और शेयर करने पर मध्यप्रदेश में 8 FIR

भोपाल  सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नाबालिगों से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो शेयर करने के मामले में भोपाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. केंद्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर राजधानी के आठ अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज की गई है.  दरअसल, केंद्रीय जांच एजेंसियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (META सहित) से मिले डेटा के आधार पर राज्य साइबर पुलिस को जानकारी भेजी थी कि कुछ मोबाइल यूज़र्स नाबालिगों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री (चाइल्ड पोर्नोग्राफी) सोशल मीडिया देख रहे हैं और फॉरवर्ड भी कर रहे हैं.  मेटा ने जांच एजेंसियों को उन वीडियो के लिंक, आईपी एड्रेस और मोबाइल नंबरों की जानकारी दी थी, जिनसे यह कंटेंट अपलोड या शेयर किया गया था. पुलिस के मुताबिक, शुरुआती सत्यापन में कई ठिकानों से संदिग्ध गतिविधियां पाई गईं.  इसके बाद भोपाल के मंगलवारा, मिसरोद, कोतवाली, पिपलानी, अशोका गार्डन, बिलखिरिया, अयोध्या नगर और टीटी नगर थानों में एफआईआर दर्ज की गई. पुलिस एक-एक नंबरों पर कॉल कर जानकारी जुटा रही है जिसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा.   भोपाल पुलिस के मुताबिक सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ाई जा रही हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके.

बड़वानी हादसा: श्रद्धालुओं से भरी बस पलटी, बोकराटा-खेतिया रोड पर एक की मौत

बड़वानी  जिला के पहाड़ी अंचल के बोकराटा खेतिया मार्ग पर शुक्रवार सुबह नर्मदा परिक्रमा वासियों से भरी स्लीपर बस पलट गई। डबल डेकर बस क्रमांक एमपी 46 जेड पी 7986 में बड़ी संख्या में महिला पुरुष तीर्थ यात्री सवार थे। घटना में 30 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है। सूचना मिलते ही पुलिस अमला मौके पर पहुंचा है। जानकारी के अनुसार सुबह तीर्थ यात्राओं की बस बोकराटा से खेतिया की और रवाना हुई थी। इस दौरान करीब 9. 30 बजे ग्राम बायगौर क्षेत्र में यह हादसा हो गया।हादसे में मौत होने की जानकारी को लेकर पुलिस और प्रशासन द्वारा अभी अधिकृत कोई जानकारी नहीं दी गई है। घटना में घायल हो गंभीर घायलों को खेती अस्पताल भेजा गया है। बस में सवार तीर्थ यात्री विभिन्न स्थानों के निवासी हैं। नर्मदा तीर्थ यात्री ओंकारेश्वर से बड़वानी आए थे और यहां से बोकराटा-खेतिया होकर महाराष्ट्र का प्रकाश की ओर रवाना हुए थे। तभी यह हादसा हो गया। इसकी सूचना मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। वही बड़वानी से ही बड़ी संख्या में लोग चार पहिया वाहन लेकर मौके पर रवाना हुए है। बस एक और पलटने के बाद बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीणों की मदद से पुलिस की मौजूदगी में घायलों को तत्काल बस से निकल गया और एंबुलेंस के माध्यम से खेतिया अस्पताल भेजा गया। मौके मौजूद लोगों द्वारा रास्ते बांधकर बस को सीधा करने की भी कोशिश की जा रही है। वही पानसेमल से क्रेन मौके पर पहुंच रही हैं। गुरुवार शाम राजघाट से रवाना हुए थे यात्री उक्त बस में सवार परिक्रमा यात्री गुरुवार शाम हीं शहर के समीप पांच किलोमीटर दूर रोहिणी तीर्थ नर्मदा तट के बेकवाटर किनारे आरती पूजन कर पाटी की ओर रवाना हुए थे। बोकराटा क्षेत्र में रात्रि विश्राम के के बाद आगे रवाना हुए थे। इस दौरान यह हादसा हो गया। बस में कितने लोग सवार थे कहां-कहां के निवासी थे फिलहाल इसको लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ पाई है। पहाड़ी क्षेत्र होने व नेटवर्क नहीं मिलने से परेशानी दरअसल बोकराटा खेतिया के बीच मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलने की समस्या है। ऐसे में पुलिस प्रशासन को भी संपर्क करने में दिक्कत आ रही है। वही बोकराटा से पहाड़ी क्षेत्र को काटकर बनाया गया रोड घुमावदार वह घाट क्षेत्र का है।

दतिया, गुना, नौगांव-टीकमगढ़ में रात जैसी ठंड, मध्यप्रदेश में मौसम का तेवर

भोपाल  प्रदेश में एक बार फिर से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। तीन सक्रिय सिस्टमों के असर से मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को कई जिलों में दिनभर रिमझिम बारिश होती रही, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। कई शहरों में दिन का पारा 23 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, बुरहानपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और बड़वानी जिलों में हल्की बारिश की चेतावनी दी है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, उत्तरी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन, एक डिप्रेशन और एक अन्य सिस्टम सक्रिय है, जिससे प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। दतिया में डेढ़ इंच बारिश, भोपाल में दिनभर फुहारें मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को दतिया में सबसे ज्यादा डेढ़ इंच तक बारिश हुई। जबलपुर में सवा इंच, मलाजखंड में पौन इंच, गुना में आधा इंच से ज्यादा और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। राजधानी भोपाल में पूरे दिन रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। ग्वालियर, पचमढ़ी, शिवपुरी, रायसेन, नर्मदापुरम, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सागर, सिवनी और उमरिया समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। बारिश से खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब गईं, जिससे नुकसान का अंदेशा बढ़ गया है। किसानों ने मुआवजे की मांग शुरू कर दी है। कहां-कहां बरसेंगे बादल? मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी एमपी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन, एक डिप्रेशन और एक अन्य वेदर सिस्टम सक्रिय है। तीन सिस्टम के असर से प्रदेश में व्यापक बारिश का माहौल बना है। आज जिन जिलों में हल्की बारिश की ज्यादा संभावना है—     आलीराजपुर     झाबुआ     बड़वानी     बुरहानपुर     धार     खरगोन     सतना     सीधी     सिंगरौली     रीवा     मऊगंज अन्य जिलों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। बीते 24 घंटे क्या रहा मौसम? गुरुवार को भी कई इलाकों में बारिश दर्ज हुई। इनमें—     दतिया — सबसे अधिक ~1.5 इंच     जबलपुर — ~1.25 इंच     मलाजखंड — ~0.75 इंच     गुना — ~0.50 इंच से ज्यादा     मंडला — ~0.50 इंच बारिश के बाद तापमान में स्पष्ट गिरावट देखने को मिली है। तापमान में गिरावट: कई शहरों में पारा 23°C से नीचे शहर     न्यूनतम तापमान दतिया     22.4°C नौगांव (छतरपुर)     22.5°C गुना     22.7°C टीकमगढ़     22.8°C मलाजखंड     23.3°C धार     23.4°C पचमढ़ी     23.8°C खजुराहो     24.8°C दतिया और आसपास के क्षेत्र सबसे अधिक ठंडे रहे।  

नगर निगम के 17 द्वितीय श्रेणी पदों की भर्ती पर परिषद ने जताई आपत्ति

भोपाल  मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (PEB) ने समूह-2 और उप समूह-3 के करीब 300 पदों के लिए भर्ती निकाली है। आवेदन भरने की आखिरी तारीख 12 नवंबर 2025 है। यही परीक्षा अब सवालों के घेरे में आ गई है। दूसरी ओर, इन पदों की जानकारी बिना एमआईसी यानी, मेयर इन कौंसिल के भेजी गई थी। इसलिए जानकारी देने वाले सेवानिवृत्त अपर आयुक्त एमके सिंह के विरुद्ध भी कार्रवाई हो सकती है। इस मामले का खुलासा 30 अक्टूबर को हुई नगर निगम परिषद की बैठक में हुआ। बीजेपी पार्षद देवेंद्र भार्गव ने कहा कि पीईबी को सहायक यंत्री की भर्ती के अधिकार ही नहीं है। वहीं, निगम के संकल्प के बिना कोई भर्ती नहीं की जा सकती। यह मध्यप्रदेश शासन के गजट में है। कोरोना काल में जब परिषद में संभागायुक्त प्रशासक थे, तब लिस्ट तैयार की गई थी। जिसे वर्ष 2023 में तत्कालीन अपर आयुक्त एमपी सिंह ने पीईबी को भेज दी, जबकि साल 2022 से परिषद में है। यदि जरूरी भी था कि लिस्ट एमआईसी या कमिश्नर के संज्ञान में लाने के बाद भेजी जानी थी। पुराने पत्र के आधार पर एमआईसी को जानकारी दी गई। इसलिए भर्ती को विलोपित करने को कहा गया है। निगम अध्यक्ष बोले- परीक्षा हुई तो इंजीनियर इधर-उधर भटकेंगे मुद्दा सामने आने के बाद निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी ने भी कमिश्नर संस्कृति जैन को पीईबी को जल्द ही पत्र लिखने को कहा। ताकि, परीक्षा से सहायक यंत्री के पदों को हटा दिया जाए। उन्होंने बताया, पार्षद भार्गव ने यह विषय उठाया था। इस पर पक्ष-विपक्ष सभी ने सहमति जताई थी। गलत और नियम विरुद्ध तरीके से सेकंड क्लॉस भर्ती के लिए पीईबी को पत्र लिखा गया, जबकि उस समय परिषद निर्वाचित होकर अपने स्वरुप में आ गई थी। नियम कहता है कि एमआईसी को नियुक्ति के अधिकार है। एमआईसी की मंजूरी के बिना कोई प्रस्ताव पीईबी को गया, यह नीतिगत सही नहीं था। दूसरी ओर, पीईबी को द्वितीय श्रेणी की भर्ती की पात्रता ही नहीं है। शासन ने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्ती के लिए पीईबी को बनाया गया है। द्वितीय श्रेणी की एग्जॉम MPPSC करा सकता है। बावजूद यदि पीईबी यह परीक्षा करा देती है तो जिनकी नियुक्ति होगी, वे भी इधर-उधर भटकते रहेंगे। इसलिए निगम कमिश्नर से कहा है कि जल्द ही पीईबी को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करें। इन कैटेगिरी के लिए भर्ती भोपाल नगर निगम में सहायक यंत्री सिविल के कुल 15 पद है, जबकि एक मैकेनिकल और एक सहायक यंत्री विद्युत के लिए पद है। इस तरह कुल पद 17 है। इनमें श्रेणी के हिसाब से भर्ती की जा रही है। जिसमें अनारक्षित, ईडब्ल्यूएस, एससी, एसटी और ओबीसी शामिल हैं। इनमें भी महिला, भूतपूर्व सैनिक, दिव्यांग के लिए पद आरक्षित किए गए हैं। मैकेनिकल और सहायक यंत्री के 2 पदों पर सीधी भर्ती होगी। सभी पद कार्यपालिक है। अपर आयुक्त ने 36 पदों की भेजी थी जानकारी तत्कालीन अपर आयुक्त सिंह ने 11 जुलाई-23 को कुल 36 पदों पर भर्ती के लिए जानकारी पीईओ को भेजी थी। इसमें सहायक आयुक्त के 11 पद, सहायक यंत्री (सिविल) के 15 पद, सहायक यंत्री (विद्युत) का 1 पद, सहायक यंत्री (मैकेनिकल) का 1 पद और सहायक ई-गवर्नेंस अधिकारी के 8 पद शामिल हैं। पत्र में बताया गया था कि ये सभी पद द्वितीय श्रेणी के है। इस संबंध में सिंह ने बताया कि सेवानिवृत्त हुए दो साल हो गए हैं। मेरे संज्ञान में मामला नहीं है। प्रक्रिया के हिसाब से ही पत्र भेजा गया होगा।