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खेती की जमीन पर अवैध कॉलोनियां, भोपाल कलेक्टर ने एसडीएम को दिए सख्त निर्देश

भोपाल  भोपाल जिले में कॉलोनाइजरों द्वारा किसानों के साथ मिलकर खेती जमीन पर अवैध कॉलोनियां काटकर प्लाट बेचे जा रहे हैं। जब इन सभी कॉलोनाइजरों को चिह्नित कर नोटिस देते हुए अनुमतियों के दस्तावेज मांगे गए तो यह कलेक्टर न्यायालय में पेश नहीं कर सके। ऐसे में अब इन सभी अवैध कॉलोनियों को काटने वाले बिल्डर, किसान व अन्य सहित करीब 113 लोगों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसको लेकर कलेक्टर न्यायालय द्वारा इनकी सूची बनाकर एसडीएम को थमा दी गई है और जल्द से जल्द इनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी यदि जमीनी स्तर पर एसडीएम, तहसीलदार द्वारा कार्रवाई नहीं की जाती है तो उनसे भी जवाब-तलब किया जाएगा। शहर के नगरीय क्षेत्र में प्रापर्टी के दामों में जमकर वृद्धि होने के बाद से अब लोग मकान, प्लाट, फार्म हाउस खरीदने के लिए शहरी क्षेत्र से लगी सीमा पर ग्रामीण क्षेत्रों में जमकर प्रापर्टी की खरीदारी कर रहे हैं। तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं यही कारण है कि बड़े -बड़े बिल्डर यहां स्थित जमीनों के मालिक यानि किसानों के साथ मिलकर बिना किसी अनुमति के अवैध कॉलोनिया काटकर प्लाट बेच रहे हैं। जिसमें किसी तरह की कोई अनुमति नहीं ली जाती है बस खरीदार को बदले में एक रजिस्ट्री थमा दी जाती है। जिसके बाद में बिजली, पानी, सड़क, सीवेज सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर लगाना पड़ते हैं। इन्हीं अवैध कॉलोनियों के खिलाफ हुजूर, कोलार तहसील, गोविंदपुरा वृत्त के एसडीएम और तहसीलदारों को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने निर्देश दिए थे। कलेक्टर न्यायालय में अवैध कॉलोनी काटने के मामले में एसडीएम द्वारा चिह्नित कॉलोनाइजर, बिल्डर व किसानों को नोटिस जारी कर अनुमति संबंधी दस्तावेज पेश करने का समय दिया गया था। कलेक्टर न्यायालय में वह डायवर्जन, भवन अनुज्ञा सहित अन्य कोई भी ऐसी अनुमति नहीं पेश कर पाए, जिससे यह साबित हो सके कि वह अवैध कॉलोनी नहीं काट रहे हैं। इसके बाद कलेक्टर ने सभी के खिलाफ एसडीएम को एफआईआर करवाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने सूची कुछ दिनों पहले हुजूर, कोलार एसडीएम को भेज दी थी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं करवा पा रहे हैं। नगरीय सीमा से लगे इन क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियां जिले में नगरीय सीमा से लगे जिन क्षेत्रों में जमकर खेती की जमीन पर अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं। इनमें सेवनिया ओंकारा, कोटरा, पिपलिया बेरखेड़ी, कुराना, थुआखेड़ा, कालापीन, सुरैया नगर, छावनी पठार, कुराना, कानासैया, खंडाबर, सिकंदराबाद, थुआखेड़ा, शोभापुर, कोलुआ खुर्द, अरेड़ी, नरेला वाज्याफ्त, इब्राहिमपुरा, जगदीशपुर, कलखेड़ा, हज्जामपुरा, अचारपुरा, बसई, परेवाखेड़ा, ईंटखेड़ी सड़क, अरवलिया, मुबारकपुर, बीनापुर, गोलखेड़ी, चौपड़ा कलां, हज्जाम सहित बसई शामिल हैं। एसडीएम को दिए एफआईआर के निर्देश     जिले में बिना अनुमति के अवैध कॉलोनी विकसित कर प्लाट बेचने वालों की सूची तैयार कर ली है। उनके खिलाफ एफआईआर करने के निर्देश हुजूर, कोलार तहसील के एसडीएम को दिए गए हैं। यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो जवाब तलब किया जाएगा। – कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर  

लाडली बहना योजना अपडेट: अब मिलेगा दोगुना फायदा, 3000 रुपए तक की सुविधा

भोपाल  मध्य प्रदेश की 1.26 करोड़ से ज़्यादा लाडली बहना योजना की लाभार्थियों को इस महीने से हर महीने 1,500 रुपये मिलेंगे, जो कि पहले के 1,250 रुपये से ज़्यादा हैं। हालांकि, यह बढ़ी हुई राशि दिवाली के बाद ही उनके खातों में आएगी। पहले जहां हर महीने की 15 तारीख के आसपास पैसे मिल जाते थे, वहीं अब लाभार्थियों को बढ़ी हुई रकम के लिए महीने के अंत तक इंतज़ार करना होगा। भाईदूज से मिलेंगे 1500 रुपए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि 1,250 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये की यह मासिक सहायता राशि भाई दूज से मिलनी शुरू हो जाएगी। लेकिन, अभी यह साफ नहीं है कि सरकार इस महीने की 15 तारीख से पहले 1,250 रुपये देगी और फिर 250 रुपये अलग से, या फिर एक साथ पूरे 1,500 रुपये का भुगतान करेगी। अधिकारियों का कहना है कि दिवाली के बाद लाभार्थियों को एक साथ 1,500 रुपये मिलेंगे। अगले महीने से हर महीने इसी तरह 1,500 रुपये दिए जाएंगे, जैसा कि अभी पैसे देने का तरीका है। 3000 रुपए तक बढ़ेगी राशि मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि भाई दूज के बाद से हर महीने 1,500 रुपये मिलेंगे और धीरे-धीरे इस योजना के तहत मिलने वाली राशि को 3,000 रुपये तक बढ़ाया जाएगा। इस योजना का मासिक खर्च, जो अभी 1.26 करोड़ लाभार्थियों को 1,250 रुपये देने के लिए 1,541 करोड़ रुपये से ज़्यादा है, अब 1,800 करोड़ रुपये से ऊपर चला जाएगा। शुरुआत में मिलते थे 1000 रुपए शुरुआत में, मध्य प्रदेश सरकार ने इस योजना के तहत हर महीने 1,000 रुपये दिए थे। 27 अगस्त 2023 को पिछली बीजेपी सरकार ने अक्टूबर 2023 से इसे बढ़ाकर 1,250 रुपये प्रति माह करने की घोषणा की थी। सरकार ने धीरे-धीरे राशि बढ़ाने का वादा किया था: 1,000 रुपये से 1,250 रुपये, फिर 1,500 रुपये, 1,750 रुपये, 2,000 रुपये, 2,250 रुपये, 2,500 रुपये, 2,750 रुपये और आखिर में 3,000 रुपये प्रति माह तक। मंत्री ने की पुष्टि महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने पुष्टि की है कि लाभार्थियों को अक्टूबर से हर महीने 1,500 रुपये मिलेंगे। दिवाली के बाद एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जहां लाभार्थियों के खातों में पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे। कार्यक्रम का शहर अभी तय नहीं हुआ है। क्या है लाडली बहना योजना लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की महिलाओं के लिए सबसे बड़ी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजना है। 2023 के विधानसभा चुनावों से पहले शुरू की गई इस योजना को एक ऐसा कदम माना गया जिसने बीजेपी को भारी बहुमत से सत्ता में वापस लाने में मदद की। कई दूसरे राज्यों ने भी अलग-अलग नामों और तरीकों से इस योजना की नकल की है। 12 सितंबर को सीएम यादव ने 1.26 करोड़ लाड़ली बहना लाभार्थियों के बैंक खातों में 1,541 करोड़ रुपये से ज़्यादा की 28वीं किस्त ट्रांसफर की थी। योजना शुरू होने के बाद से अब तक 41,000 करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं।

मध्य प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स निगम ने युवाओं को दिया सिंहस्थ के लिए तकनीकी समाधान प्रस्तुत करने का मौका

उज्जैन   सिंहस्थ-2028 के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा-आधारित तकनीकों के माध्यम से भीड़ प्रबंधन, सार्वजनिक सुरक्षा, गतिशीलता, स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसी चुनौतियों का समाधान किया जाएगा। इसके लिए उज्जैन महाकुंभ हैकाथान का आयोजन किया गया था। भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान भोपाल में उज्जैन महाकुंभ हैकाथान-2025 के दो दिन के सत्र में प्रौद्योगिकी, नवाचार और संस्कृति का संगम देखने को मिला। मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रानिक्स विकास निगम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित इस आयोजन में देशभर के युवाओं को एक मंच पर सिंहस्थ-2028 के लिए स्मार्ट, सुरक्षित और समावेशी समाधान प्रस्तुत करने का अवसर मिला। यह सिंहस्थ-2028 के लिए समाधान विकसित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। देश के 26 राज्यों से पंजीकरण और 11 राज्यों की 36 चयनित टीमों की भागीदारी ने इस हैकाथान को भारत की नवाचार विविधता का प्रतीक बनाया। टीमों ने नवाचार और तकनीक के अलग-अलग प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत किए। चयनित टीमें अगले दो महीनों के परिशोधन अवधि में अपने समाधानों को और विकसित करेंगी, जिससे सिंहस्थ-2028 के लिए एक सशक्त, समावेशी और टिकाऊ तकनीकी आधार तैयार हो सके। कार्यक्रम में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, आयुक्त, नगरीय प्रशासन संकेत एस. भोंडवे सहित गणमान्य व्यक्तियों ने प्रतिभागियों के रचनात्मक, तकनीकी और सामाजिक रूप से प्रासंगिक समाधानों की सराहना की। किसी ने यूनिफाइड प्लेटफार्म तो किसी ने भीड़ नियंत्रण प्रणाली की विकसित सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजनों के लिए डिजाइन नवाचारों में जंगोह (इंदौर) ने 'सिंहथा यूनिफाइड' प्लेटफार्म प्रस्तुत किया। यह स्थानीय भाषाओं में एआइ-संचालित सहायता, रीयल-टाइम अपडेट्स प्रस्तुत करता है। सेल्फ सर्व बूथ ने एक 6डी वर्चुअल रियलिटी अनुभव प्रस्तुत किया, जो कुंभ के वातावरण को वैश्विक दर्शकों के लिए सजीव बनाता है। संचार वारियर ने एक रीयल-टाइम भीड़ निगरानी और चेतावनी प्रणाली विकसित की जो आपात स्थिति में मूक रिपोर्टिंग को भी सक्षम बनाती है। सेफ क्लाक ने भारतीय भाषाओं में डेटा भंडारण माडल पर ध्यान केंद्रित किया। मेडीवेंड ने रियल-टाइम वाइस इंटरफेस से युक्त एक चिकित्सा वेंडिंग प्लेटफार्म प्रदर्शित किया। उज्जैन महाकुंभ हैकाथान ने न केवल भविष्य की तकनीकी शासन प्रणाली की झलक दी, बल्कि मध्य प्रदेश के डिजिटल ट्रांसफार्मेशन विजन को भी मजबूती प्रदान की।

मध्य प्रदेश में मंत्री-कार्यशैली पर समीक्षा, मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी तेज

भोपाल मध्य प्रदेश में सत्ता और संगठन में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है. निगम, मंडल और प्राधिकरणों में नियुक्तियों को लेकर जोर-शोर से चर्चा चल रही है. इसके साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार की खबरें भी सुर्खियों में हैं. पिछले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश से लेकर दिल्ली तक बड़े नेताओं की मुलाकातों का सिलसिला लगातार जारी है. पिछले दो दिनों में ही 10 से अधिक बड़े नेताओं ने एक-दूसरे से मुलाकात की है, जिसने इन बदलावों की अटकलों को और हवा दी है. नेताओं की मुलाकातों का सिलसिला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की. वहीं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से चर्चा की. इसके अलावा, संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और हेमंत खंडेलवाल ने भी दिल्ली में कई बड़े नेताओं से मुलाकात की. इन मुलाकातों में संगठन और सरकार के बीच तालमेल, नियुक्तियों और मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल जैसे मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है.  मध्य प्रदेश के कमिश्नर और कलेक्टरों की भोपाल में दो दिन चली कांफ्रेंस के बाद अब मुख्यमंत्री डा मोहन यादव अपनी सरकार के मंत्री व विधायकों के कामकाज की समीक्षा करेंगे। वह मंत्रियों के साथ वन-टू-वन बैठक करके विभागवार उनके कामकाज की समीक्षा करेंगे। विभागवार मंत्रियों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा और इसके आधार पर मंत्रियों के कामकाज की ग्रेडिंग तय होगी। जल्द ही मंत्रियों के साथ बैठक का दौर शुरू करने की तैयारी है। यही वजह रही कमिश्नर कलेक्टरों की कांफ्रेंस में किसी भी मंत्री से शामिल नहीं किया गया। विधायकों को चार साल का रोडमैन बनाने के लिए कहा कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों की स्थिति का आकलन किया है। इस आधार पर अब वह मंत्रियों से जानेंगे कि उन्होंने 20 माह में अपने प्रभार के जिलों में क्या-क्या कार्य किए। इसी तरह मुख्यमंत्री डॉ. यादव पार्टी के विधायकों के कामकाज को भी देखेंगे। उल्लेखनीय है कि विधायकों को चार साल का रोडमैप बनाने के लिए कहा गया था। उन्होंने अपने विधायक निधि का जनकल्याण में कितना उपयोग किया, इसकी रिपोर्ट भी तैयार कराई गई है। यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। इधर, मुख्यमंत्री ने पहले ही मंत्रियों के परफारमेंस की एक रिपोर्ट तैयार कराई है, जो केंद्रीय नेतृत्व को भेजी गई थी। सिंहस्थ -2028 से कार्यों से जुड़े से 12 विभागों की मुख्यमंत्री अलग से बैठक लेंगे। मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत मुख्यमंत्री जिस तरह से मंत्रियों के कामकाज पर नजर बनाए हुए हैं उससे मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत मिल रहे हैं। पूर्व में मुख्यमंत्री द्वारा अपने मंत्रियों के कामकाज की रिपोर्ट तैयार कराने के बाद इसकी प्रबल संभावना देखी जा रही है। मंत्रिमंडल विस्तार होता है तो क्षेत्रीय संतुलन साधने के हिसाब कुछ पूर्व मंत्रियों को फिर मौका दिया जा सकता है। वर्तमान में मुख्यमंत्री सहित 31 मंत्री हैं। नियम के अनुसार 35 मंत्री हो सकते हैं। इन बिंदुओं पर होगी चर्चा     कितने मंत्रियों ने गांव में रात्रि विश्राम किया और गांव में चौपाल लगाई।     प्रभार के जिलों में प्रतिमाह दौरा कर रहे हैं या नहीं।     मंत्रियों की अपने प्रभार के जिलों में अधिकारियों के साथ कैसा तालमेल हैं।     पार्टी संगठन के कामकाज में सहभागिता कैसी है।     केंद्र से मिले अभियानों को सफल बनाने में कितने मंत्रियों का प्रदर्शन अच्छा रहा।     कितने मंत्रियों से आमजन व पार्टी कार्यकर्ता संतुष्ट है या नहीं।  

डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम: 9 जिलों के 10 शहरों में नक्शा प्रोजेक्ट का शुभारंभ

उज्जैन  प्रदेश में शहर की जमीनों का रिकॉर्ड अब डिजिटल किया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय भूमि संसाधन विभाग द्वारा 'नक्शा' (National Geospatial Knowledge based Land Survey of Urban Habitation) कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।  प्रोजेक्ट की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान ने रायसेन जिले से की थी। इसमें प्रदेश के 9 जिलों के 10 शहरों को पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किया है। इनमें उज्जैन जिले से उन्हेल शामिल हैं। वहीं शाहगंज, छनेरा, आलीराजपुर, देपालपुर, धारकोठी, मेघनगर, माखननगर (बाबई), विदिशा और सांची कस्बा है। उन्हेल कस्बे के लिए आयुक्त, भू-अभिलेख द्वारा जारी अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित की गई है। इसमें वर्णित क्षेत्र भू-सर्वेक्षण के अधीन अधिसूचित किए गए हैं। इस आधार पर कलेक्टर द्वारा प्रारूप (नियम 14) में सर्वेक्षण संक्रियाओं के प्रारंभ होने की घोषणा की गई है। इसके बाद कस्बा उन्हेल में नक्शा प्रोजेक्ट के तहत कार्य प्रचलित है। भू-सर्वेक्षण के दौरान नवीन अधिकार अभिलेख तैयार किया जाएगा। इसमें सभी खातेदारों के नाम, उनके अंश, दायित्व तथा सुखाचार अधिकार अभिलिखित किए जाएंगे। ग्रामों के लिए निस्तार पत्रक तथा वाजिब-उल-अर्ज भी तैयार किया जाएगा। 413 शहरों में नक्शे और संपत्तियों की झंझटें खत्म जमीनों, मकानों के नक्शे, संपत्तियों में आनेवाली झंझटें खत्म कर दी गई हैं। प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनी रिकॉर्ड, संपत्तियों का प्रबंधन और विकास योजनाओं को बेहतर बनाने के लिए भौगोलिक सूचना प्रणाली यानि GIS सर्वे और मानचित्रण का उपयोग किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि प्रदेश के 413 शहरों में यह काम पूरा कर लिया गया है। जीआइएस सर्वे के तहत ड्रोन सहित विभिन्न तकनीकों के इस्तेमाल से जमीनी सर्वेक्षण किया गया और डिजिटल मानचित्र बनाए गए हैं। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि नगरीय निकायों की कार्य दक्षता में भी वृद्धि होगी। GIS सर्वे से संपत्ति के मालिक, कर प्रणाली और भूमि उपयोग की जानकारी एक क्लिक से मिल सकेगी। इससे जहां पारदर्शिता में वृद्धि होगी वहीं जमीन से संबंधित लेनदेन भी सरल हो गया है। GIS डेटा के इस्तेमाल से शहरी नियोजन और विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।  

किसानों को आर्थिक रूप से बनाया जा रहा है सशक्त: कृषि मंत्री कंषाना

कृषि उपज मंडी करोंद में प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यक्रम का हुआ लाइव प्रसारण भोपाल किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के उददेश्य से "प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना", दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिये "नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग" का शुभारम्भ किया जाना भारत सरकार की नई पहल है। मंत्री श्री कंषाना ने यह बात कृषि उपज मंडी करोंद के प्रांगण में आयोजित प्रधानमंत्री के लाइव कार्यक्रम के दौरान कही। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा किसान भाई-बहनों को 42 हजार करोड़ से अधिक की कृषि परियोजनाओं का उपहार दिया गया। कृषि मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना भारत सरकार की एक नई पहल है जो किसानों को आर्थिक एवं तकनीकी रूप से सशक्त कर कृषि उत्पादकता एवं ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देगी। इस योजना के तहत 100 आकांक्षी जिलों को सम्मिलित कर किसानों को वित्तीय सहायता, तकनीकी प्रशिक्षण और बाजार तक पहुंच प्रदान की जायेगी। इसी के साथ भारत संकल्पित है कि दलहन उत्पादन में भारत आत्मनिर्भरता प्राप्त करे। हमें दलहनों के लिये किसी पर निर्भर न होना पड़े। अभी वर्तमान में दाल उत्पादन 24.2 मिलियन टन है जिसे बढ़ाकर आगामी पांच सालों में पैंतीस मिलियन टन करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार भी प्रधानमंत्री का संकल्प पूरा करने के लिये वचनबद्ध है। कृषि मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि मध्यप्रदेश के समस्त जिलों में इस मिशन को लागू कर आत्मनिर्भरता के उददेश्य की पूर्ति के लिए अरहर, उड़द एवं मसूर जैसी फसलों को प्राथमिकता के आधार पर बढ़ावा दिया जायेगा। सरकार इन उत्पादित फसलों को शत- प्रतिशत समर्थन मूल्य पर खरीदेगी। प्रधानमंत्री के सपने को पूरा करने के लिये मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जैविक खेती के क्षेत्र में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन प्रारंभ किया गया है। मिशन का उददेश्य सभी के लिये सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ प्राकृतिक खेती को बढावा देना है। इस मिशन के अंतर्गत मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश को 1513 क्लस्टर में 75000 हैक्टेयर भूमि को सम्मिलित करते हुये 189125 किसानों को लाभांवित किया जा रहा है। इस मिशन के अंतर्गत प्रत्येक किसान को चार हजार रूपये प्रति एकड़ अनुदान प्रदान किया जायेगा। इसी के साथ मध्यप्रदेश सरकार द्वारा भारत सरकार की प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2025 में सोयाबीन खरीदी हेतु भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं होगी। डबल इंजन की सरकार किसानों के चहुंमुखी विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय, कृषि सभापति श्री अशोक मीणा सम्राट, अध्यक्ष अनाज मंडी समिति श्री हरीश ज्ञानचंदानी, जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और किसान भाई- बहन उपस्थित थे।  

प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को दोगुना करने के लक्ष्य को पूरा करने चलाया गया दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान

प्रमुख सचिव ने की अभियान के दौरान किए गए कार्यों की समीक्षा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को दोगुना से अधिक करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रदेश में निरंतर गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन के कार्य किए जा रहे हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान चलाया गया। अभियान के अंतर्गत गांव गांव में घर-घर जाकर पशुपालकों को पशुओं में नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान, पशुओं के टीकाकरण, उनकी स्वास्थ्य रक्षा, संतुलित पशु आहार, पशु पोषण आदि के बारे में तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी दी गई। पशुपालकों को उपलब्ध संसाधनों में कम खर्च पर अधिक दूध उत्पादन करने और ज्यादा लाभ कमाने के बारे में जागरूक किया गया। प्रमुख सचिव, पशुपालन एवं डेयरी श्री उमाकांत उमराव द्वारा पशुपालन संचालनालय में दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के प्रथम चरण के पूर्ण होने पर अभियान के अंतर्गत की गई कार्यवाही एवं मैदानी स्तर पर किए गए विभिन्न कार्यों की समीक्षा की गई। प्रमुख सचिव ने प्रथम चरण में प्राप्त विभिन्न प्रकार के सुझावों पर क्रियान्वयन और द्वितीय चरण की तैयारी के संबंध में आवश्यक निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए. बैठक में बताया गया कि अभियान के प्रथम चरण के अंतर्गत विभाग के अधिकारी–कर्मचारियों द्वारा 10 या अधिक गौवंश–भैंस वंश पालने वाले पशुपालकों से संवाद करने के लक्ष्य अनुसार समस्त जिलों में लगभग 370000 पशुपालकों से उनके घर पहुंचकर भेंट की और उन्हें पशुपालन के संबंध में जानकारी दी, साथ ही उनकी समस्याओं का निराकरण भी किया। अभियान के दौरान मुख्य फोकस पशुओं के दुग्ध उत्पादन को बढ़ाकर पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने पर रहा. अभियान के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में मंत्रीगण, सांसद, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि, संभागीय आयुक्त, जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों और समाज के गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भी विभिन्न स्थानों पर पशुपालकों से भेंट की गई और उन्हें दूध उत्पादन और पशुपालन से ज्यादा लाभ उठाने के बारे में आवश्यक जानकारी प्रदान की गई एवं पशुपालकों के अनुभव भी साझा किए गए। किसानों और पशुपालकों ने भी उत्साहपूर्वक इस अभियान में सहभागिता की. बैठक में डॉ. उमेश चंद्र शर्मा प्रेसिडेंट वेटरनरी कौंसिल ऑफ़ इंडिया न्यू दिल्ली, संचालक पशुपालन डॉ. पी.एस. पटेल, डॉ. अनुपम अग्रवाल, राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम भोपाल के प्रबंध संचालक डॉ. सत्यनिधि शुक्ला, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. प्रवीण शिंदे एवं जिलों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- भिलाला समाज ने जगाई सामाजिक चेतना

जनजातियों का समग्र कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धार में भिलाला समाज समागम में की सहभागिता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जनजातीय वर्ग का समग्र कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारी कोशिश है कि जनजातीय वर्ग का कोई भी व्यक्ति शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि भिलाला समाज एक साहसी और संस्कारित समाज है, जिसने मां नर्मदा के आशीर्वाद से नशामुक्ति और मृत्युभोज जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नशा नाश की जड़ है, जो कई पीढ़ियों को बर्बाद कर देता है। समाज की कुरीतियों को खत्म करने का प्रयास एक सामाजिक क्रांति का संकेत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को धार के किला मैदान में जय ओमकार आदिवासी भिलाला समाज संगठन द्वारा आयोजित 12वें प्रांतीय वार्षिक सामाजिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम शुभारंभ किया। सम्मेलन के तहत भिलाला समाज द्वारा युवक-युवती वैवाहिक परिचय सम्मेलन, रोजगार पंजीयन शिविर, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, नशामुक्ति जागरूकता शिविर, कैरियर मार्गदर्शन शिविर सहित सामाजिक कुरीतियों के निवारण के लिए जागरुकता शिविर भी आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीथमपुर थाना (बगदून) के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण भी किया। जनजातीय नायकों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने धार जिले की भिलाला समाज की जुझारू महिला नेत्री को केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान देकर समाज का गौरव बढ़ाया है। राज्य सरकार ने अलीराजपुर का नाम परिवर्तन कर आलीराजपुर कर दिया है। क्रांतिसूर्य टंट्या मामा के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना और महाराजा शंकर शाह व कुंवर रघुनाथ शाह की जयंती को भव्य रूप से मनाकर हमारी सरकार ने जनजातीय नायकों और परम्पराओं को सम्मान दिया है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज का राष्ट्ररक्षा और स्वतंत्रता संग्राम में अतुलनीय योगदान रहा है। भगोरिया के उल्लास को हमने राज्यस्तरीय पर्व का दर्जा देकर जनजातीय लोक परंपराओं को सम्मानित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक समाज को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्योग के क्षेत्र में तेज़ी से विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि हम सब भारत माता के लाल हैं, ऐसे में भेदभाव का कोई स्थान नहीं है। राज्य सरकार ने समाज के वंचित वर्ग को आरक्षण का लाभ दिया है। हमारी सरकार ने सबको विकास की मुख्यधारा में जोड़ने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भिलाला समुदाय की सामाजिक एकता और आत्मनिर्भरता आज समाज के दूसरे वर्गों को विकास की दिशा में नई प्रेरणा दे रही है। समाज की विभिन्न मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भिलाला समाज को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए हम कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे। मांगों की पूर्ति के लिए जितना अधिक हो सकेगा वो बेहतर से बेहतर तरीके से करेंगे। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें युवाओं, किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि आज ही प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के माध्यम से देशभर के किसानों को बड़ी सौगात मिली है। धार लोकसभा सांसद श्री गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन अधिनियम के बाद जनजातीय वर्ग के भाइयों-बहनों की जमीन सुरक्षित हुई है, जिससे समाज को बड़ी राहत मिली है। भिलाला समाज ने इस निर्णय का समर्थन करते हुए सरकार के प्रति आभार जताया है। उन्होंने बताया कि खरगोन और बड़वानी जिले में भिलाला समाज के सामुदायिक भवनों का निर्माण राज्य सरकार की आर्थिक सहायता से किया जा रहा है। कार्यक्रम में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, श्री देवेंद्र पटेल, पूर्व सांसद श्री छतर सिंह दरबार, समाज के सभी विधायक एवं अन्य निर्वाचित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे। कार्यक्रम के आरंभ में जय ओमकार आदिवासी भिलाला समाज संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष श्री बीएस जामोद ने सम्मेलन की रूपरेखा और भावी गतिविधियों पर प्रकाश डाला।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजीपुर में प्रबुद्धजन संवाद संगम कार्यक्रम में की शिरकत

उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने का दोहराया संकल्प, कहा- हर हाथ को काम, हर सर को छत, हर खेत में पानी हमारा संकल्प हर चेहरे पर खुशहाली और हर बेटी व व्यापारी को सुरक्षा सुनिश्चित करने का सरकार का है लक्ष्य : योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश को भारत की अर्थव्यवस्था में अग्रणी फोर्स बनाने का उद्देश्य : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने भारत की सनातन परंपरा और धार्मिक सहिष्णुता को बताया वैश्विक दृष्टिकोण छात्रों और शिक्षकों को अनुशासन और गुरु के प्रति श्रद्धा बनाए रखने का किया आग्रह सीएम योगी ने विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के लिए सुझाव भेजने का दिया आमंत्रण गाजीपुर में भुड़कुड़ा सिद्ध पीठ में रामाश्रय दास जी महाराज की प्रतिमा का सीएम योगी ने किया अनावरण गाजीपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को भुड़कुड़ा सिद्ध पीठ में आयोजित ‘प्रबुद्धजन संवाद संगम’ कार्यक्रम में कहा कि भारत की सनातन धर्म की परंपरा ने कभी भी उपासना विधि में कट्टरता नहीं दिखाई, और दुनिया आज तक धर्म और पंथ के अंतर को नहीं समझ पाई है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बाबा साहेब के संविधान में धर्मनिरपेक्ष शब्द चोरी-छिपे डाला गया। मुख्यमंत्री ने अपने संकल्प को स्पष्ट करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को एक विकसित राज्य बनाया जाएगा, जहां हर हाथ को काम, हर सर को छत, हर खेत में पानी, हर चेहरे पर खुशहाली और हर बेटी व व्यापारी को सुरक्षा मिले। इस विकास के माध्यम से उत्तर प्रदेश भारत की अर्थव्यवस्था का अग्रणी फोर्स बनकर नेतृत्व करेगा। पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं रामाश्रय दास जी महाराज जनपद में आयोजित ‘प्रबुद्धजन संवाद संगम’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भुड़कुड़ा सिद्ध पीठ में पूज्य संत रामाश्रय दास जी महाराज की भव्य और दिव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने पीठाधीश्वर पूज्य संत श्री शत्रुघ्न दास जी महाराज, महाविद्यालय परिवार और क्षेत्रवासियों के साथ संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भुड़कुड़ा सिद्ध पीठ भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, विशेषकर सतनामी संप्रदाय, से जुड़ा हुआ है। उन्होंने संत रामाश्रय दास जी महाराज की शिक्षाओं और उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि महाविद्यालय परिसर में उनकी मूर्ति स्थापित करना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत होगा। जाति पाति पूछे ना कोई, हरि को भजे सो हरि का होई उन्होंने भारत की सनातन परंपरा, धार्मिक सहिष्णुता और आध्यात्मिक ज्ञान को वैश्विक संदर्भ में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि हमने कभी नहीं कहा कि जो मंदिर जाएगा वही हिंदू है और जो नहीं जाएगा वह नहीं। हमारी परंपरा सबको गले लगाती है। उन्होंने संत रामानंद के विचारों को भी उद्धृत किया- ''जाति पाति पूछे ना कोई, हरि को भजे सो हरि का होई।" मुख्यमंत्री ने गाजीपुर की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए महर्षि विश्वामित्र और भगवान राम के संबंध को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इसी परंपरा और ज्ञान के आधार पर गाजीपुर में महर्षि विश्वामित्र राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई। ज्ञान के साथ पारंपरिक आध्यात्मिक ज्ञान को जोड़ना आवश्यक योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और छात्रों से आग्रह किया कि वे अनुशासन, गुरु और संतों के प्रति श्रद्धा बनाए रखते हुए शिक्षा और विकास की दिशा में कार्य करें। उन्होंने कहा कि आधुनिक ज्ञान के साथ पारंपरिक आध्यात्मिक ज्ञान को जोड़ना आवश्यक है, ताकि समाज और राष्ट्र का कल्याण हो। मुख्यमंत्री ने विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के लक्ष्य को भी दोहराया और सभी संस्थाओं से सुझाव देने का आह्वान किया, ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, स्किल डेवलपमेंट, पर्यटन और निवेश जैसे क्षेत्रों में प्रदेश का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने महाविद्यालय और पीठ के सभी विद्यार्थियों, आचार्यों, भक्तों और अनुयायियों को दीपावली की मंगलमय शुभकामनाएं दीं और पूज्य संत रामाश्रय दास जी महाराज की प्रतिमा स्थापना का महत्व समझाया। इस अवसर पर पूज्य संत श्री शत्रुघ्न दास जी महाराज, प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, राज्यसभा सांसद संगीता बिंद बलवंत, सपना सिंह, विशाल सिंह चंचल, विधायक जखनिया बेदी राम, बीजेपी के पदाधिकारीगण सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

खाद का अवैध परिवहन करने पर थाना नौगांव में 2 लोगों पर एफआईआर

डीएपी खाद की 36 बंद एवं 2 खुली बोरियां जप्त, कीमत लगभग 50 हजार रुपए पिकअप वाहन जब्त, कीमत लगभग 5 लाख रुपए   छतरपुर  छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन में जिले में खाद का अवैध भंडारण एवं परिवहन करने वालों पर कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में डीडीए डॉ. रवीश कुमार सिंह द्वारा अवैध खाद विक्रेताओं एवं खाद का अवैध परिवहन करने वालों पर मामला दर्ज कराया जा रहा है। शनिवार को जिले के थाना नौगांव में रामेश्वर साहू पिता भगवान दास साहू सटई रोड़ छतरपुर एवं अनिल साहू पिता परशु साहू ग्राम पठादा थाना ईशानगर के विरूद्व आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 एवं 7 के तहत मामला पंजीबद्व कराया गया है। और भारतीय जन उर्वरक परियोजना कंपनी की भारत डीएपी की 36 बोरियां बंद और 2 बोरियां खुली कीमत लगभग 50 हजार की जप्त की गई और खाद के अवैध परिवहन में लगी पिकअप एमपी 16 जेडजे 7114 को जप्त किया गया है। जिसकी कीमत लगभग 5 लाख रुपए आंकी गई है। आरोपीगण रामेश्वर साहू और अनिल साहू का जुर्म जमानती होने से दोनो को धारा 35 (3) बीएनएसएस का नोटिस तामील करा कर मौके से रूकसत किया गया ।  जानकारी के अनुसार नौगांव पुलिस को कस्बा भ्रमण के दौरान रात को मुखबिर द्वारा सूचना मिली थी कि कुछ लोग छतरपुर झांसी हाइवे पर छतरपुर तरफ से एक सफेद रंग की महिन्द्रा पिकअप गांडी क्रमांक एमपी 16 जेडजे 7114 से अबैध खाद लेकर बेचने के लिए जा रहें है। इस सूचना पर झांसी छतरपुर हाइवे पर पुलिस रवाना हुआ और पहुंच कर देखा तो हाइवे में मंजिल होटल के पास उक्त गाड़ी आती हुई दिखाई दी। जिसे चैक करने के उददेश्य से रोका गया महिन्द्रा गाड़ी में उक्त दोनो लोग बैठे थे जिनसे पुछताछ की गई और गाड़ी चैक की गई तो 36 बोरी डीएपी की बंद व 2 बोरी खुली पाई गई। डाईवर रामेश्वर साहू और दूसरे व्यक्ति अनिल साहू से खाद के कागजात मांगे गए, लेकिन उनके पास कोई कागजात नही थे। जिस पर आरोपीगणों के विरूद्व मामला दर्ज कर पिकअप सहित खाद जप्त की गई और मामले की विवेचना की जा रही है।