samacharsecretary.com

शाही मस्जिद की मीनार का हिस्सा गिरने से हड़कंप, प्रशासन ने शुरू कराया मरम्मत काम

उज्जैन  उज्जैन के छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद में गुरुवार को हादसा हो गया। यहां ऊंची मीनार का एक हिस्सा टूटकर मस्जिद की छत पर गिर गया। इससे छत समेत मस्जिद के कुछ हिस्से को नुकसान पहुंचा। प्रशासन छत की मरम्मत करवा रहा है। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत कंठाल से गोपाल मंदिर मार्ग को चौड़ा करने की योजना है। शाही मस्जिद की मीनार समेत करीब 6 फीट हिस्सा प्रस्तावित सड़क की जद में आ रहा था। इसे मुस्लिम समुदाय के लोग हाथ से तोड़ने का काम चार दिन से कर रहे थे। प्रशासन और मुस्लिम समुदाय के बीच बातचीत के बाद इसकी सहमति बनी थी। गुरुवार को निर्माण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान मीनार का एक हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। प्रशासन के मुताबिक, हादसे में किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई। 28 सितंबर को हुआ था विवाद शाही मस्जिद को लेकर 28 सितंबर को भी विवाद हुआ था। सोशल मीडिया पर मस्जिद को पूरी तरह तोड़े जाने से जुड़ी भ्रामक और AI से तैयार सामग्री वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए थे। पुलिस के मुताबिक, भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया था। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस और हलका बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया। मामले में कई FIR दर्ज की गई हैं। पुलिस सोशल मीडिया अकाउंट्स के साथ CCTV और ड्रोन फुटेज की भी जांच कर रही है। नौ आरोपी जेल भेजे गए 30 सितंबर को मामले में गिरफ्तार नौ आरोपियों को जिला कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी को 12 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। विवाद के बाद शाही मस्जिद और आसपास के इलाके में पुलिस बल तैनात है। बाजार के कुछ हिस्सों में दुकानें भी बंद रहीं। अब तक क्या कार्रवाई हुई     सड़क चौड़ीकरण की योजना: सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत कंठाल से गोपाल मंदिर मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है। शाही मस्जिद का एक हिस्सा प्रस्तावित सड़क की जद में आया।     मस्जिद कमेटी से सहमति: प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच प्रभावित हिस्सा हटाने पर सहमति बनी। हाईकोर्ट में भी मुस्लिम पक्ष की ओर से सहयोग की बात कही गई।     28 सितंबर को बवाल: कार्रवाई के दौरान सोशल मीडिया पर मस्जिद को पूरी तरह तोड़े जाने की भ्रामक/AI सामग्री वायरल होने के बाद बड़ी भीड़ मौके पर पहुंची। पुलिस पर पथराव हुआ। पुलिस ने आंसू गैस और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया।     पुलिस कार्रवाई: मामले में कई FIR दर्ज हुईं और आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू हुई। सोशल मीडिया अकाउंट्स और CCTV/ड्रोन फुटेज की भी जांच की गई।     9 आरोपी कोर्ट में पेश: 30 सितंबर को 9 आरोपियों को जिला कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी को 12 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।     स्थिति: विवाद के बाद शाही मस्जिद और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है तथा बाजार के कई हिस्सों में दुकानें बंद रहीं। मस्जिद विवाद में उपद्रव फैलाने वाले 100 इंस्टाग्राम ID ब्लॉक उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के दौरान हुए उपद्रव के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर भी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने उपद्रव से जुड़े भड़काऊ और वायरल कंटेंट वाले 100 से अधिक इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट/पेज ब्लॉक करवाए हैं।

महेश्वर नगर परिषद का आदेश रद्द, हाईकोर्ट ने जन्मतिथि मामले में दिया नया निर्देश

महेश्वर  प्रयागराज महाकुंभ के दौरान रुद्राक्ष की माला बेचते हुए वायरल वीडियो से चर्चा में आई युवती को जन्मतिथि विवाद में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। इंदौर बेंच ने महेश्वर नगर पालिका के सीएमओ की ओर से जन्मतिथि बदलने का आदेश रद्द करते हुए मामले पर युवती को सुनवाई का अवसर देकर नए सिरे से फैसला करने के निर्देश दिए हैं। क्या है पूरा मामला? महेश्वर की युवती मोनालिसा और उसके पति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर नगर पालिका की ओर से उसके मूल जन्म प्रमाण पत्र में की गई कार्रवाई को चुनौती दी थी। याचिका के मुताबिक युवती ने मार्च 2026 में केरलम के एक मंदिर में शादी की थी। इसके बाद उसके परिवार ने इस रिश्ते का विरोध किया और युवती के मूल जन्म प्रमाण पत्र को रद्द कर उसकी जन्मतिथि बदलने की प्रक्रिया शुरू की। युवती का दावा है कि उसके जन्म प्रमाण पत्र में जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 दर्ज थी। यही तारीख उसके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों में भी दर्ज होने की बात याचिका में कही गई। CMO ने क्यों बदली जन्मतिथि? मामले में युवती के पिता की ओर से जन्मतिथि में सुधार के लिए आवेदन दिया गया था। उनका कहना था कि महेश्वर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मातृत्व रजिस्टर में युवती की जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 दर्ज है। उनके मुताबिक इस रिकॉर्ड से युवती की शादी के समय नाबालिग होने की बात सामने आती है। यह भी दलील दी गई कि पहले जारी किया गया जन्म प्रमाण पत्र माता-पिता के कथित शपथ पत्र के आधार पर बना था और बाद में अस्पताल के रिकॉर्ड मिलने पर नियमों के तहत उसमें संशोधन किया गया। इसके बाद महेश्वर नगर पालिका के सीएमओ ने 31 मार्च 2026 को आदेश जारी कर पहले दर्ज जन्मतिथि को रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने क्या कहा? जस्टिस गजेंद्र सिंह ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि युवती को उसके पिता की ओर से जन्मतिथि में बदलाव के लिए दिए गए आवेदन की जानकारी नहीं दी गई और न ही उसे अपना पक्ष रखने का अवसर मिला। कोर्ट ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन माना और सीएमओ द्वारा जारी आदेश रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि युवती के पिता के आवेदन पर कानून के अनुसार दोबारा फैसला किया जाए और इससे पहले युवती को प्रभावी तरीके से अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाए। जन्म प्रमाणपत्र में बदलाव से पहले उसका पक्ष नहीं सुना गया जन्म प्रमाण-पत्र में किए गए इस बदलाव को चुनौती देते हुए युवती और उसके पति ने हाई कोर्ट में याचिका प्रस्तुत की थी। इसमें कहा कि वर्ष 2015 में जारी आधार कार्ड में युवती की जन्मतिथि एक जनवरी 2008 ही दर्ज है। पैन कार्ड भी इसी जन्मतिथि के हिसाब से जारी हुआ था। युवती का कहना था कि जन्म प्रमाणपत्र में बदलाव से पहले उसका पक्ष भी नहीं सुना गया। मप्र हाई कोर्ट की युगलपीठ ने याचिका स्वीकारते हुए कहा कि बगैर किसी को सुने उसके प्रमाण पत्र में बदलाव नहीं किया जा सकता। यह प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध है। कोर्ट ने महेश्वर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा 31 मार्च 2026 को जारी आदेश निरस्त करते हुए कहा कि युवती के पिता द्वारा जन्मतिथि में सुधार के लिए दिए गए आवेदन पर युवती को सुनवाई का अवसर देकर कानून के प्रविधानों के अनुसार नए सिरे से निर्णय लें। जन्मतिथि विवाद के बाद पति पर एफआईआर याचिका के अनुसार जन्मतिथि विवाद के बाद युवती के पति के खिलाफ महेश्वर थाने में एफआईआर भी दर्ज हुई। इसमें बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और SC/ST एक्ट की धाराएं लगाए जाने की बात कही गई है। याचिका में आरोप लगाया गया कि बदले हुए रिकॉर्ड के आधार पर पति के खिलाफ कार्रवाई की गई और दोनों की अंतरधार्मिक शादी को लव जिहाद से जोड़कर देखा गया, जिससे उनकी सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ है। वहीं राज्य सरकार और युवती के पिता की ओर से इन दलीलों का विरोध किया गया और जन्मतिथि को लेकर अस्पताल के रिकॉर्ड को आधार बताया गया।  महाकुंभ में वायरल हुआ था वीडियो गौरतलब है कि मोनालिसा 2025 के प्रयागराज महाकुंभ के दौरान सोशल मीडिया पर चर्चा में आई थी। मेले में रुद्राक्ष की मालाएं बेचते हुए उसका वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद वह रातोंरात सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हो गई थी। मामले में युवती और उसके पति की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा ने पैरवी की। हाईकोर्ट के ताजा आदेश से फिलहाल युवती को जन्मतिथि बदलने के नगर पालिका के आदेश पर राहत मिली है, जबकि जन्मतिथि का अंतिम निर्धारण अब युवती की सुनवाई के बाद होगा।

इंदौर में दूध के दाम बढ़े, विक्रेता संघ ने ₹65 तय किया; किसान ₹70 पर अड़े

 इंदौर  आगामी त्योहारों से पहले शहर के परिवारों का मासिक बजट कुछ गड़बड़ा सकता है, क्योंकि एक अक्टूबर से दूध के दाम बढ़ने जा रहे हैं। इंदौर दूध विक्रेता संघ ने दूध उत्पादकों से खरीदी का भाव बढ़ाने के साथ उपभोक्ताओं के लिए भी नए भाव तय किए हैं। अब आमजन को घर पहुंच दूध 65 रुपये लीटर और दुकान-डेयरी से 68 रुपये लीटर मिलेगा। यानी रोज 2 लीटर दूध लेने वाले परिवार को महीने में करीब 120 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ सकते हैं। पांच लीटर प्रतिदिन खपत वाले परिवार का अतिरिक्त खर्च करीब 300 रुपये महीना हो सकता है। जानिए दूध के नए भाव वर्तमान में घर पर दूध पहुंचाने के दाम 63 रुपये प्रति लीटर हैं। इसमें 62 रुपये दूध और एक रुपये सेवा शुल्क शामिल है, लेकिन बढ़ोतरी के बाद दूध के दाम 65 रुपये प्रति लीटर हो जाएंगे। वहीं दुकान व डेयरी पर वर्तमान में 66 रुपये प्रति लीटर दूध मिलता है, जो गुरुवार से 68 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा। यानी दूध के दाम में दो रुपये प्रति लीटर की सीधी बढ़ोतरी होगी। ये भाव 5.5 से 6 फैट वाले दूध के आधार पर तय किए गए हैं। जिस परिवार की रोजमर्रा की जरूरत में दूध की खपत ज्यादा है, उसके महीने के बजट पर इसका असर सीधे दिखाई देगा। संघ के अध्यक्ष भरत मथुरावाला का कहना है कि दूध के खरीदी और बिक्री दोनों दाम में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। आगे बारिश की कमी बनी रही और कपास्या खली, चापड़ व भूसे जैसे पशु आहार के दाम बढ़े तो दूध के भाव पर दोबारा विचार किया जा सकता है। 9.24 रुपये प्रति फैट के हिसाब से खरीदी दूध उत्पादक किसानों से खरीदे जाने वाले दूध के दाम भी बढ़ाए गए हैं। अब उत्पादकों से दूध की खरीदी 9.23 रुपये प्रति फैट के हिसाब से होगी, जबकि अब तक 8.90 रुपये प्रति फैट खरीदी हो रही थी। इसके अनुसार दूध खरीदी के दाम करीब दो रुपये बढ़ेंगे। उत्पादक किसान लंबे समय से दूध के दाम बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में संघ ने दूध के दाम बढ़ाकर किसानों की मांगों को कुछ हद तक माना है। हालांकि किसान 12 रुपये प्रति फैट खरीदी की मांग कर रहे हैं।  इतना बढ़ेगा खर्च दूध के दाम में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद विभिन्न परिवारों के मासिक और वार्षिक खर्च में होने वाली वृद्धि इस प्रकार है… एक लीटर रोज: 60 रुपये महीना, 730 रुपये वार्षिक दो लीटर रोज: 120 रुपये महीना, 1460 रुपये वार्षिक पांच लीटर रोज: 300 रुपये महीना, 3650 रुपये वार्षिक दूध मूल्य वृद्धि से जुड़ी मुख्य बातें 33 पैसे प्रति फैट बढ़ाया गया किसानों से खरीदी का भाव। दो रुपये प्रति लीटर खरीदी और बिक्री दोनों के दाम बढ़े। 12 रुपये प्रति फैट से खरीदी की मांग कर रहे थे किसान। 12 लाख लीटर के करीब दूध प्रतिदिन डेयरी और बंदी में होता है विक्रय। किसानों की मांग-खरीद रेट 70 रुपए हो मध्यप्रदेश दूध किसान संघ के अध्यक्ष दिलीप सिंह पंवार ने कहा कि हाल में हुई 3 रुपए की बढ़ोतरी में भी 1 रुपए डिलीवरी चार्ज शामिल है। किसानों के लिए वास्तविक बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं है। उनकी मांग है कि दूध का खरीद मूल्य 70 रुपए प्रति लीटर किया जाए। फैट के आधार पर भुगतान की व्यवस्था होने पर किसान तैयार हैं, लेकिन इसके लिए 12 रुपए प्रति फैट के हिसाब से भुगतान की मांग है। पंवार ने कहा कि इंदौर में कुछ अन्य दूध व्यापारियों के यहां 65 से 68 रुपए तक खरीद और 70 से 72 रुपए तक बिक्री की बात सामने आती है। ऐसे में किसानों को भी 68 से 70 रुपए तक उचित खरीद मूल्य मिलना चाहिए। विक्रेता संघ बोला- उपभोक्ता पर ज्यादा बोझ नहीं डाल सकते इंदौर दूध विक्रेता संघ के अध्यक्ष भरत मथुरावाला ने बताया कि अभी घर पहुंच दूध के 63 रुपए में 62 रुपए दूध और 1 रुपए डिलीवरी चार्ज शामिल है। 1 अक्टूबर से यह 64 रुपए दूध + 1 रुपए डिलीवरी होकर कुल 65 रुपए होगा। दुकानों पर खुले दूध की कीमत 68 रुपए प्रति लीटर रहेगी। मथुरावाला ने कहा कि संघ पिछले 38 वर्षों से काम कर रहा है और पंजीकृत संस्था है। संघ की जिम्मेदारी किसानों को उत्पादन लागत के अनुरूप भुगतान दिलाने के साथ उपभोक्ताओं पर अनावश्यक बोझ नहीं डालना भी है। फैट के हिसाब से भुगतान 9.23 रुपए तक पहुंचा मथुरावाला के मुताबिक किसानों को फैट के आधार पर भुगतान किया जाता है। पहले 8.90 रुपए प्रति फैट दिया जा रहा था, जिसे बढ़ाकर 9.23 रुपए प्रति फैट किया गया है। उनका दावा है कि यह भुगतान सांची से अधिक है। उन्होंने कहा कि देवास, उज्जैन, धार और खंडवा सहित आसपास के क्षेत्रों में भी दूध के दाम में करीब 2 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ोतरी हुई है। सप्लाई रुकी तो क्या होगा? किसान संगठन ने मांग पूरी नहीं होने पर दूध की सप्लाई रोकने की संभावना जताई है। हालांकि अभी सप्लाई बंद करने का कोई फैसला नहीं हुआ है। इसलिए 1 अक्टूबर से तय नए रेट लागू होंगे या नहीं, यह स्थिति आगे की बातचीत पर निर्भर करेगी। किस बात पर टकराव? विवाद मुख्य रूप से दूध के खरीद मूल्य, फैट के हिसाब से भुगतान और किसानों की उत्पादन लागत को लेकर है। दूध विक्रेता संघ का कहना है कि उपभोक्ताओं पर भी कीमत का असर पड़ता है, जबकि किसान संगठन का तर्क है कि मौजूदा खरीद मूल्य उनकी लागत के अनुरूप नहीं है। दोनों पक्ष अपने-अपने स्तर पर किसानों और उपभोक्ताओं के हित की बात कर रहे हैं।  

डिंडौरी में PM आवास सर्वे पर सवाल, पात्र लोगों को अपात्र करने का आरोप

डिंडौरी: गरीबों का आशियाना छीना! PM आवास सर्वे में बड़ा फर्जीवाड़ा सिंगारसत्ती पंचायत में सरपंच-सचिव पर पात्रों को अपात्र करने का आरोप, कलेक्टर से की शिकायत डिंडौरी प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीबों के हक पर डाका डालने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत सिंगारसत्ती के दर्जनों गरीब परिवारों ने कलेक्टर डिंडौरी को ज्ञापन सौंपकर सरपंच-सचिव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हितग्राहियों का कहना है कि जानबूझकर उनका नाम सर्वे सूची से गायब कर दिया गया। फोटो खींचा, अपलोड नहीं किया – हमें अपात्र बता दिया- हितग्राहियों का यही आरोप है। कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार ग्राम पंचायत सिंगारसत्ती के निवासी मनीष, रोहित कुमार, निरपत सिंह, शिवचरण, सावित्री, बाज बहादुर, संतोषी, कविता, संगीता यादव, इंद्रवती, रेखा यादव सहित समस्त हितग्राहियों ने कलेक्टर महोदया को लिखित शिकायत दी है। शिकायत में कहा गया है – > हम समस्त हितग्राही गरीबी रेखा में हैं, कच्चे मकान में जीवन यापन कर रहे हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना के पूर्ण पात्र हैं। लेकिन सरपंच/सचिव ने सर्वे के दौरान हमारा नाम जानबूझकर अपात्र करके भेज दिया है। सर्वे में फोटो भी खींचा गया लेकिन फोटो अपलोड ही नहीं किया गया, जिससे हमारा नाम सर्वे सूची से छूट गया है। गरीबों का छलका दर्द हितग्राहियों का कहना है कि वे वर्षों से कच्चे मकान में बारिश में टपकते पानी और खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। PM आवास ही उनका एकमात्र सहारा था, लेकिन पंचायत की लापरवाही ने उनके सपने तोड़ दिए। ग्रामीणों ने कलेक्टर से की दो मांग समस्त पात्र हितग्राहियों का नाम तत्काल सर्वे सूची में जोड़ा जाए।सरपंच/सचिव पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी गरीब परिवार के साथ अन्याय न हो।अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस पर क्या एक्शन लेता है। क्या गरीबों को उनका हक मिलेगा या फाइलों में ही उनका आशियाना दबा रह जाएगा। इनका कहना है  हमारे ग्राम में आवास की सर्वें किया गया लेकिन अपलोड नहीं किया गया जिससे सर्वे सूची में नाम नहीं आया  संगीता यादव  ग्रामीण सिंगारसत्ती  हमारे ग्राम में आवास के लिए सर्वे हुआ था जिसमें 50 परिवार का नाम हटा दिया गया और 30परिवार की डाटा ही अपलोड नहीं किया गया। लाल सिंह मरावी  ग्रामीण सिंगारसत्ती

मस्जिद विवाद के बाद 100 Instagram ID पर कार्रवाई, संपर्कों की भी जांच शुरू

उज्जैन उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के दौरान हुए उपद्रव के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर भी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने उपद्रव से जुड़े भड़काऊ और वायरल कंटेंट वाले 100 से अधिक इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट/पेज ब्लॉक करवाए हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल, सोशल मीडिया गतिविधियों और सीडीआर की जांच कर यह पता लगा रही है कि उपद्रव से पहले और बाद में किन लोगों के बीच संपर्क हुआ था। सिंहस्थ-2028 के मद्देनजर सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का काम भी बुधवार को तेज किया गया। मंगलवार को मीनार पर मचान बांधने के बाद बुधवार को मीनार के गुम्बद वाले हिस्से को हटाया गया। इसके बाद मीनार समेत अन्य प्रभावित हिस्से को तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया। 8 FIR में 34 आरोपी, 24 गिरफ्तार 28 सितंबर को हुए उपद्रव के मामले में पुलिस अब तक 8 एफआईआर दर्ज कर चुकी है। इनमें 34 आरोपियों को आरोपी बनाया गया है, जबकि 24 की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की लगातार सर्चिंग कर रही है। जांच के दौरान और आरोपियों के नाम सामने आने की संभावना है। एसपी प्रदीप शर्मा के मुताबिक, पथराव, भड़काऊ संदेश प्रसारित करने और उपद्रव में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने अब तक 100 से अधिक वायरल कंटेंट को ब्लॉक करवाया है। दूसरे जिलों से भी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड मंगाया जा रहा है। यदि किसी आरोपी की अन्य मामलों में संलिप्तता सामने आती है तो संबंधित मामलों में उसकी जमानत निरस्त कराने की कार्रवाई भी की जाएगी। आरोपी किन संगठनों से जुड़े, मोबाइल की CDR भी खंगाल रही पुलिस पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड के साथ यह भी पता लगा रही है कि वे किन-किन संगठनों से जुड़े हैं। उनके मोबाइल की सीडीआर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उपद्रव के पहले और बाद में आरोपियों के बीच किस तरह का संपर्क था। 500 मीटर क्षेत्र में 8 ड्रोन, 100 से ज्यादा CCTV शाही मस्जिद के आसपास करीब 500 मीटर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। यहां 8 ड्रोन और 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। पुलिस लगातार फुटेज खंगाल रही है, ताकि उपद्रव में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके। 2500 जवान तैनात, 5 ASP और 21 DSP संभाल रहे सुरक्षा उज्जैन में करीब 2500 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। छत्री चौक, लखेरवाड़ी, सराफा, कालिदास स्कूल के पास, गोपाल मंदिर, ढाबा रोड, खड़े हनुमान, सत्ती गेट से लेकर कंठाल तक बैरिकेडिंग की गई है। सुरक्षा व्यवस्था में उज्जैन के अलावा रतलाम, नीमच, इंदौर, देवास, शाजापुर समेत अन्य जिलों से आए 5 एएसपी, 21 डीएसपी और 32 टीआई तैनात हैं। RAF और STF की तीन कंपनियां भी सुरक्षा में लगी हैं। करीब 850 महिला पुलिसकर्मी भी ड्यूटी पर हैं। 40 श्रमिक कर रहे प्रभावित हिस्सा हटाने का काम मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के लिए मुस्लिम समाज के करीब 40 श्रमिक दो शिफ्टों में काम कर रहे हैं। अभी तक करीब 35 प्रतिशत हिस्सा ही हटाया जा सका है। काम की गति को देखते हुए पूरा प्रभावित हिस्सा हटाने में कम से कम चार दिन और लग सकते हैं। पुलिसकर्मियों के लिए भोजन और ठहरने की व्यवस्था बाहर से आए पुलिस अधिकारियों और जवानों के लिए शहर की अलग-अलग धर्मशालाओं में ठहरने की व्यवस्था की गई है। पुलिस बल के लिए चाय, नाश्ता, लंच और डिनर के साथ भोजन के पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दो शिफ्टों में अधिकारी और जवान ड्यूटी कर रहे हैं।

नर्मदा गंज में शुरू हुआ नाली निर्माण, जलभराव की समस्या होगी दूर

वार्ड नंबर 9 में जनसमस्या पर हुई पहल, नाली निर्माण कार्य शुरू नर्मदा गंज में जलभराव और गंदे पानी की समस्या से मिलेगी राहत,  वाड़ी मोहल्ले में भी शुरू हुआ नाली निर्माण डिंडौरी नगर के वार्ड नंबर 9 नर्मदा गंज में लंबे समय से बनी जलभराव और नाली के दूषित पानी की समस्या को देखते हुए वार्ड पार्षद स्मिता अजय बर्मन की पहल पर नाली निर्माण कार्य शुरू कराया गया है। वार्डवासियों की समस्या को लेकर पार्षद द्वारा नगर परिषद को पत्रों के माध्यम से अवगत कराया गया था, जिसके बाद नाली निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया। वार्ड में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश एवं अन्य समय में जलभराव की स्थिति निर्मित हो रही थी। वहीं नालियों का दूषित पानी नर्मदा नदी में समाहित होने की समस्या भी सामने आ रही थी। इसे गंभीरता से लेते हुए नाली निर्माण कार्य शुरू कराया गया है। इसी तरह वार्ड के वाड़ी मोहल्ले में भी नाली के पानी के ओवरफ्लो होने की समस्या बनी हुई थी। यहां भी जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नाली निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है। वार्ड पार्षद की पहल से लोगों को राहत की उम्मीद नाली निर्माण कार्य शुरू होने से वार्डवासियों को जलभराव और गंदे पानी की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने भी नाली निर्माण कार्य शुरू होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्वक और निर्धारित समय में पूरा किया जाएगा।

डिंडौरी: युवाओं ने पकड़ी 3 पेटी अवैध शराब, आरोपी ने दी जान से मारने की धमकी, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल!

डिंडौरी: युवाओं ने पकड़ी 3 पेटी अवैध शराब, आरोपी ने दी जान से मारने की धमकी, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल! समनापुर में सरेराह हो रहा था शराब का परिवहन, युवाओं ने दिखाई हिम्मत तो तस्कर ने दी धमकी शराब तो पकड़ी गई पर वाहन गायब! पुलिसकर्मी अनिल उसराठे ने दी गलत जानकारी, थाना प्रभारी ने ही कहा – गलत बोल रहा है डिंडौरी समनापुर विकासखंड मुख्यालय में सोमवार को युवाओं ने बड़ी हिम्मत दिखाते हुए सरेराह अवैध शराब परिवहन का भंडाफोड़ किया। लेकिन इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे आशीष सोनवानी और राजेश कुमार यादव बाजार में थे। इसी दौरान ओमप्रकाश गुप्ता नामक व्यक्ति तीन पेटी शराब लेकर बिछिया गांव की तरफ जाता नजर आया। शक होने पर दोनों युवकों ने उसे रोका और तलाशी ली तो तीन कार्टून में अंग्रेजी और देसी शराब भरी हुई मिली। इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।आरोप है कि पकड़े जाने पर तस्कर ओमप्रकाश ने दोनों युवकों को जान से मारने की धमकी भी दी, लेकिन युवक अपनी कार्रवाई पर अड़े रहे। कितनी शराब पकड़ी गई? युवकों द्वारा पुलिस को सौंपी गई शराब में,50 पाव प्लेन शराब – कीमत करीब 3,500 रुपये,48 पाव MD रम – कीमत करीब 9,120 रुपये,कुल कीमत – करीब 12,620 रुपये युवकों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब परिवहन की लगातार शिकायतों के बावजूद पुलिस प्रभावी कार्रवाई नहीं करती, इसलिए उन्हें खुद ही शराब पकड़कर पुलिस के हवाले करना पड़ रहा है। अब उन्हें ठेकेदार से जुड़े लोगों से धमकियां मिल रही हैं। पुलिस की भूमिका संदिग्ध! वाहन क्यों नहीं जब्त? इस मामले में सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई पर है। वाहन गायब:- जब शराब पकड़ी गई तो उसे ले जा रहा वाहन जब्त क्यों नहीं हुआ? पुलिसकर्मी ने दी गलत जानकारी-: जब इस संबंध में लिखापढ़ी कर रहे पुलिसकर्मी अनिल उसराठे से पूछा गया कि पकड़ी गई शराब कहां है, तो उन्होंने कहा कि शराब डिंडौरी भिजवा दी गई है। थाना प्रभारी ने ही झूठ पकड़ा-: जब थाना प्रभारी हरिशंकर तिवारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मेरे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है और शराब को डिंडौरी क्यों भेजेंगे? इस तरह थाना प्रभारी ने ही अपने ही स्टाफ की बात को गलत ठहरा दिया। अब सवाल उठता है कि पुलिसकर्मी अनिल उसराठे ने गलत जानकारी क्यों दी? इसके पीछे उनकी मंशा क्या थी? क्या शराब तस्करों को बचाने की कोशिश की जा रही है? ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

महाकाल मंदिर मार्ग होगा चौड़ा, 39 परिवारों के मकान-दुकानों पर लगाए लाल निशान

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर से महाकाल चौराहा तक के 200 मीटर लंबे 15 मीटर चौड़े मार्ग को 24 मीटर चौड़ा करने का रास्ता अब कानूनी और प्रशासनिक रूप से पूरी तरह साफ हो गया। 28 सितम्बर को मप्र हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ से स्थगन आदेश (स्टे) खारिज होते ही नगर निगम और जिला प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया। इसके बाद गुरुवार सुबह बाधक निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मंगलवार को नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित 39 परिवारों के मकानों, दुकानों और होटलों के अधिग्रहण वाले हिस्से पर लाल निशान अंकित किए थे। इसके बाद बुधवार को सभी प्रभावितों को 24 घंटे में जगह खाली करने का अंतिम अल्टीमेटम दे दिया गया था। असर ये हुआ कि शाम तक ज्यादातर दुकानें खाली कर दी गई और कईयों ने अपना कीमती सामान बाहर कर सुरक्षित कर लिया। गुरुवार सुबह से प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ चौड़ीकरण के लिए तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी। उज्जैन मास्टर प्लान-2035 के तहत कायाकल्प स्मार्ट सिटी कंपनी और नगर निगम द्वारा उज्जैन मास्टर प्लान-2035 के तहत महाकाल क्षेत्र में यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए यह चौड़ीकरण किया जा रहा है। वर्तमान में यह 200 मीटर लंबा मार्ग केवल 15 मीटर चौड़ा है, जिसे बढ़ाकर 24 मीटर किया जाना है। मालूम हो कि जनवरी 2021 में राज्य सरकार ने महाकाल मंदिर परिसर का क्षेत्रफल 8 गुना तक बढ़ाने और आसपास के संपर्क मार्गों को चौड़ा करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके तहत अन्य मार्गों पर अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी थी, लेकिन महाकाल मंदिर से महाकाल चौराहा मार्ग पर प्रभावित परिवारों के विरोध और कोर्ट से मिले अंतरिम स्थगन के कारण कार्रवाई रुकी हुई थी। अब हाईकोर्ट से रोक हटते ही निगम ने अधिग्रहण की उल्टी गिनती शुरू कर दी है। प्रभावितों का दर्द : 'रोजी-रोटी छिन जाएगी, सड़क 18 मीटर ही चौड़ी करें' दूसरी ओर, वर्षों से इस मार्ग पर निवास कर रहे भू-स्वामियों, व्यापारियों और किरायेदारों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रभावित लोगों का कहना है कि वे शहर और मंदिर के विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन 24 मीटर चौड़ीकरण से उनकी दुकानें और आशियाने पूरी तरह नष्ट हो जाएंगे। व्यापारियों की मांग है कि यदि मार्ग को 24 मीटर के बजाय 18 मीटर चौड़ा किया जाए, तो भवनों का नुकसान कम होगा और उनका रोजगार भी बच जाएगा। प्रभावितों का कहना है कि वे इस मानवीय पहलू को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाने और उच्च स्तर पर कानूनी अपील दायर करने के प्रयास में लगे हैं। हालांकि, लाल निशान और अल्टीमेटम के बाद क्षेत्र में तनाव और बेदखली का डर साफ देखा जा सकता है। बुलडोजर और पोकलेन की मदद से हटाएंगेनगर निगम अधिकारियों के अनुसार, प्रभावितों को 2 जून 2023 को ही नोटिस जारी कर अधिग्रहित होने वाले हिस्से की जानकारी दे दी गई थी। नोटिस में स्पष्ट था कि निर्धारित अवधि में कब्जा न सौंपने पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। स्टे हटने के बाद अब गुरुवार को भारी पुलिस बल और पोकलेन/बुलडोजर की मदद से अतिक्रमण व चिह्नित निर्माण हटाने की बड़ी कार्रवाई हो रही है।  

पितृ पक्ष में सेवा का संकल्प, संजीवनी हॉस्पिटल में निःशुल्क चिकित्सा शिविर

पितृ पक्ष में सेवा का संकल्प, संजीवनी हॉस्पिटल में निःशुल्क चिकित्सा शिविर मुरैना  पितृ पक्ष के अवसर पर पूर्वजों की स्मृति में सेवा और स्वास्थ्य का संकल्प लेकर संजीवनी हॉस्पिटल, बड़ोखर चौराहा, अंबाह रोड द्वारा 1 से 10 अक्टूबर तक विशेष निःशुल्क चिकित्सा परामर्श शिविर आयोजित किया जा रहा है। शिविर में प्रतिदिन शाम 5 से 7 बजे तक विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों को परामर्श दिया जाएगा। शिविर में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. खुशबू मिश्रा, बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अंशुल तोमर तथा हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ डॉ. तनुज डंडोतिया मरीजों का निःशुल्क परामर्श करेंगे। महिलाओं को मासिक धर्म, गर्भावस्था, बांझपन, गर्भाशय एवं अंडाशय से संबंधित समस्याओं के संबंध में सलाह दी जाएगी। वहीं बच्चों में बुखार, सर्दी-खांसी, सांस संबंधी परेशानी, कमजोरी, पोषण एवं विकास संबंधी समस्याओं का परामर्श मिलेगा। हड्डी एवं जोड़ संबंधी समस्याओं में घुटने, कमर और गर्दन के दर्द, गठिया, चोट, फ्रैक्चर तथा हड्डियों की कमजोरी सहित अन्य समस्याओं पर चिकित्सकीय सलाह दी जाएगी। शिविर में ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, रक्त एवं पेशाब की जांच भी निःशुल्क की जाएगी। हॉस्पिटल प्रबंधन के अनुसार शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक विशेषज्ञ चिकित्सा परामर्श और स्वास्थ्य जांच की सुविधा पहुंचाना है। प्रबंधन ने आमजन से शिविर का लाभ उठाने की अपील की है। स्थान: संजीवनी हॉस्पिटल, बड़ोखर चौराहा, अंबाह रोड, मुरैना। समय: प्रतिदिन शाम 5 से 7 बजे तक। संपर्क: 9755625501

JEC में टेक्नोलॉजी का महामंच, Google-Microsoft-IBM के इंजीनियर्स करेंगे छात्रों का मार्गदर्शन

जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों को अब देश-दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों और संस्थानों में काम कर रहे अपने सीनियर्स से सीधे सीखने का मौका मिलेगा. कॉलेज की कॉसमॉस सोसायटी द्वारा 'टेक ब्लिट्ज़ 2.0' का आयोजन किया जा रहा है. दो सप्ताह तक चलने वाले इस ऑनलाइन आयोजन में कॉलेज के कई पूर्व छात्रा शामिल होंगे. जिसमें गूगल, इंटेल, माइक्रोसॉफ्ट और आईबीएम जैसे बड़ी कंपनी में काम करने वाले पूर्व छात्र हैं. यहां सभी लोग छात्र और छात्रों को मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी सहित आधुनिक तकनीकों और उनके वास्तविक दुनिया में इस्तेमाल की जानकारी देंगे. इसके अलावा आयोजन में आईआईटी, एनआईटी, एमएनआईटी और डीएवीवी जैसे संस्थानों की छात्र सोसायटियों को भी जोड़ा गया है।  कॉसमॉस सोसायटी कराती है एकेडमिक एक्टिविटीज जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज एक सरकारी संस्थान है और यह मध्य प्रदेश का सबसे पुराना इंजीनियरिंग कॉलेज है. इसी इंजीनियरिंग कॉलेज में कॉसमॉस नाम की छात्रों की एक सोसायटी है. छात्र इस समिति के माध्यम से पूरे साल इंजीनियरों के बीच साइंटिफिक टेंपरामेंट डेवलप करने के लिए एकेडमिक एक्टिविटीज करते हैं।  हजारों छात्रों को मिलेगा फायदा कॉसमॉस समिति के सदस्य ध्रुव शुक्ला इस बार 'टेक ब्लिट्ज़ 2.0' नाम से एक आयोजन कर रहे हैं. यह आयोजन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किया जा रहा है. ध्रुव शुक्ल ने बताया, "यह आयोजन हम पहले भी कर चुके हैं, लेकिन इस बार इसे और बेहतर तरीके से किया जा रहा है. इसमें हमने आईआईटी, एनआईटी, एमएनआईटी और डीएवीवी जैसे संस्थानों को भी जोड़ा है. इसके साथ ही वहां की कई सोसाइटियों से भी हमारी बात हुई है. वे सभी छात्र इस आयोजन में शामिल हो रहे हैं. इस आयोजन का फायदा 10 से ज्यादा इंजीनियरिंग कॉलेज के हजारों छात्रों को मिलेगा।  छात्रों को मिलेगा फील्ड का ज्ञान जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में कंप्यूटर साइंस के विभागाध्यक्ष डॉ. जेएस ठाकुर ने बताया, " छात्रों को इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान सिलेबस से जुड़ी हुई हर जानकारी दी जाती है. छात्रों के प्रैक्टिकल भी करवाए जाते हैं, लेकिन सिलेबस में कई चीजें ऐसी नहीं हैं, जिनका इस्तेमाल आज के समय में फील्ड पर हो रहा है।  इंडस्ट्रियलिस्ट तक सीधी पहुंच उन्होंने आगे कहा, "इंजीनियरिंग के मामले में रोज नई जानकारी और नॉलेज आ रही है, जिसकी जानकारी सिलेबस में शामिल करना कठिन है, क्योंकि यह रोज बदलता है. इसका अनुभव उन लोगों को ज्यादा है जो फील्ड में काम कर रहे हैं. इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई के दौरान छोटे-छोटे प्रोजेक्ट पर काम होता है, लेकिन रियल वर्ल्ड में रियल प्रॉब्लम पर काम चल रहा होता है, जो बड़े पैमाने पर होता है. इसकी जानकारी वही लोग दे सकते हैं, जो उन समस्याओं का सामना कर रहे हैं।  इंजीनियरिंग की लेटेस्ट इनफॉर्मेशन डॉ. जेएस ठाकुर ने बताया, " छात्रों को नया ज्ञान होना बहुत जरूरी है. इसलिए हमने कॉसमॉस सोसायटी के जरिए अपने ही कॉलेज के पूर्व छात्रों से संपर्क करने का सिलसिला शुरू किया. जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व छात्र देश-दुनिया के कई बड़ी संस्थानों में काम कर रहे हैं. पूर्व छात्र इस बात के लिए तैयार हो गए कि वे इंजीनियरिंग की लेटेस्ट इनफॉर्मेशन अपने जूनियर छात्रों तक पहुंचाएंगे।  सीनियर इंजीनियर छात्रों को मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस देंगे ज्ञान कॉसमॉस सोसायटी के सदस्य आकाश शर्मा ने बताया, "हमने इंजीनियरिंग कॉलेज के कई पूर्व छात्रों से बात की है और एक शेड्यूल तैयार किया है. इसके तहत दो सप्ताह तक कई सीनियर इंजीनियर विभिन्न विषयों पर ज्ञान देंगे. इसमें मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे आधुनिक विषय शामिल किए गए हैं।  इंजीनियरिंग की छात्रा धनश्री का कहना है, '' कॉलेज में हमें चीजों की जानकारी हो जाती है, लेकिन इस ज्ञान का इस्तेमाल कैसे करना है, यह फील्ड में बैठा हुआ आदमी ही बता सकता है. सामान्य ज्ञान की जानकारी और उस पर मास्टरी हासिल करने का तरीका हमारे सीनियर ही हमें सीख सकते हैं, जो इस आयोजन के माध्यम से संभव हो पाएगा।