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सिंहस्थ के लिए प्रगति पर हैं 16 हजार 910 करोड़ रूपए के 148 विकास व निर्माण कार्य ओंकोरश्वर में बनेगा हेलीपेड

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ : 2028 के भव्य और दिव्य आयोजन के लिए जारी बेहतर रोड नेटवर्क के लिए इंफ्रॉस्ट्रक्चर निर्माण, शिप्रा घाटों के निर्माण, पुण्य स्नान के लिए जल की पर्याप्त उपलब्धता, श्रद्धालुओं के ठहरने और आवागमन की सुगम व्यवस्था तय समय-सीमा में पूर्ण की जाए। बेहतर प्रबंधन के लिए स्टाफिंग और उनके प्रशिक्षण की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से आरंभ हो। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा के लिए अद्यतन तकनीक के उपयोग और आपदा प्रबंधन व चिकित्सा सुविधाओं के लिए माइक्रो प्लानिंग की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में हुई सिंहस्थ : 2028 की मंत्रि-मंडलीय समिति की छठवीं बैठक में यह दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-मंडलीय समिति ने 491.66 करोड़ रुपये की लागत के 17 नए विकास कार्यों को मंजूरी दी। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन एवं आसपास के 07 जिलों में जारी 16 हजार 910 करोड़ से अधिक लागत के 148 विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा की और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्रालय में संपन्न बैठक में उप-मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, उप-मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट, लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप, श्रम मंत्री श्री गौतम टेटवाल तथा पर्यटन राज्य मंत्री श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव श्री राजेश राजौरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उज्जैन के विकास कार्यों को मिली स्वीकृति     उज्जैन में शनि मंदिर से प्रशांति धाम चौराहा मार्ग तक पुल और एप्रोच रोड का 30 करोड़ की लागत से निर्माण।     तपोभूमि से पिपलियाराघो पंचक्रोशी मार्ग पर कान्ह नदी पर 12 करोड़ रूपए की लागत से समानन्तर नया पुल।     तपोभूमि से गंगेडी व्हाया राघोपिपल्या तक 5.5 किलोमीटर की 30 करोड़ रूपए लागत की दो लेन की नई सड़क।     देवास रोड से लालपुर होते हुए गरोठ मार्ग तक ढाई किलोमीटर लंबा पंचक्रोशी मार्ग। फोर लेन की यह सड़क 18 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी।     उज्जैन में देवास रोड पर लोक निर्माण विभाग 2.36 करोड़ रुपये की लागत से विश्राम गृह (रेस्ट हाउस)।     उज्जैन के देवास रोड स्थित पीडब्लयूडी सर्किट हाउस का विस्तार और नवीनीकरण।     लेकोड़ा से टनकारिया रेलवे स्टेशन रोड तक 13.28 करोड़ रुपये से 2.50 किलोमीटर लंबी सड़क‍।     महाकाल पुलिस थाने से चौबीस खंबा मार्ग तक 4 करोड़ रुपये लागत से 180 मीटर लंबी नई सड़क।     कुशाभाऊ ठाकरे मार्ग से छोटी रपट तक 36.75 करोड़ रुपये लागत से सड़क चौड़ीकरण कार्य। ओंकारेश्वर के निर्माण कार्य स्वीकृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में ओंकारेश्वर मंदिर परिसर के 160 करोड़ रूपए लागत के निर्माण कार्य, नगर परिषद ओंकारेश्वर में 12.63 करोड़ रूपए लागत की सीसी रोड निर्माण, ओंकारेश्वर रोड सनावद पर 9.23 करोड़ रूपए लागत के रेलवे आरओबी निर्माण, ओंकारेश्वर में 24.99 करोड़ रूपए लागत की मल्टी लेवल पार्किंग, फूड कोर्ट, टॉयलेट और एडमिन ब्लॉक निर्माण, ओंकारेश्वर में 1.46 करोड़ रूपए लागत के बैरिक तथा प्रशिक्षण हॉल आदि के निर्माण, 4.74 करोड़ रूपए लागत से अस्पताल और स्टाफ क्वार्टर, 38 करोड़ रूपए लागत की 3 फ्लोर कुबेर भंडारी पार्किंग और 12.68 करोड़ रूपए लागत से अस्पताल भवन उन्नयन कार्यों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ : 2028 के लिए जारी विभिन्न गतिविधियों की विभागवार समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर में सर्वसुविधायुक्त अस्पताल बनाने और हेलीपैड बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह निर्माण आपदा की स्थिति में विशेष रूप से सहायक होंगे। एयर एम्बुलेंस के संचालन में भी इससे मदद मिलेगी। ओंकारेश्वर-बड़वाह क्षेत्र के विकास के लिए पृथक प्राधिकरण गठित करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़वाह, ओंकारेश्वर, खेड़ी घाट क्षेत्र के आसपास होने वाले निर्माण कार्यों के लिए पृथक से प्राधिकरण गठित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इससे खंडवा खरगोन जिलों में होने वाले कार्यों का बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा और विकास गतिविधियां समय से पूर्ण करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर के लिए वैकल्पिक मार्ग विकसित करने के भी निर्देश दिए। क्षिप्रा घाटों के प्रबंधन में आश्रमों और गुरूकुलों को भी जोड़ा जाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देशित किया कि उज्जैन में शिप्रा नदी के साथ विकसित हो रहे घाटों का निर्माण चरणबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। घाटों तक आने-जाने के मार्गों और पार्किंग व्यवस्था का निर्माण भी साथ-साथ किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिप्रा नदी पर बन रहे घाटों के पास के आश्रमों तथा गुरुकुलों को घाटों के प्रबंधन से जोड़ा जाए। इससे आश्रम और गुरुकुलों को मदद मिलेगी। साथ ही सिंहस्थ के बाद भी घाटों का दीर्घकालिक उपयोग हो सकेगा। पुलिस-प्रशासन-नगर निगम बेहतर समन्वय के लिए अभी से अभ्यास करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ : 2028 के लिए सम्पर्ण व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन का समन्वय कंट्रोल रूम से होगा। इसका सम्पूर्ण नियंत्रण पुलिस द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा। पुलिस, जिला प्रशासन, नगर निगम तथा अन्य सभी एजेंसियां बेहतर समन्वय सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिये कि इसके लिए प्रशिक्षण और अभ्यास की प्रक्रिया अभी से आरंभ की जाए। अतिक्रमण हटाने में भेदभाव न हो मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मार्ग चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में कोई भेदभाव न हो, सबके लिए एक समान कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऐसे मामलों में तत्काल मुआवजा भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उज्जैन क्षेत्र में 15 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचक्रोशी मार्ग पर सघन पौधरोपण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बताया कि उज्जैन क्षेत्र में 15 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य है। जनसुविधा उपलब्ध कराने में निजी क्षेत्र का सहयोग लिया जाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि श्रद्धालुओं के आवागमन में सुगमता और सुविधा के लिए उज्जैन से लगे क्षेत्रों जैसे देवास, इंदौर, खंडवा, आगर-मालवा, शाजापुर, मंदसौर और खरगोन आदि में भी … Read more

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं, एमडी यादव ने दिए सख्त निर्देश

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं : एमडी यादव गुणवत्ता में लापरवाही पर 8 निर्माण एजेंसियाँ होगी ब्लैक लिस्टेड जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा 29 कार्यों में तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश बारिश से पहले सड़क एवं पुलों की मरम्मत, सीएम हेल्पलाइन और लोक कल्याण सरोवरों की समीक्षा लोक निर्माण विभाग के 35 निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण भोपाल प्रदेश में अधोसंरचना विकास कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग द्वारा नियमित रूप से किए जा रहे औचक निरीक्षण अभियान अन्तर्गत दिनांक 5 जून 2026 को मुख्य अभियंताओं के 7 विशेष निरीक्षण दलों ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन एवं पूर्ण हो चुके कार्यों का व्यापक निरीक्षण किया। रायसेन, सिवनी, दतिया, बड़वानी, शहडोल, रतलाम एवं पन्ना जिलों में निरीक्षण किया गया। इसमें कुल 35 निर्माण कार्यों का रेंडमली चयन कर उनकी गुणवत्ता, प्रगति, तकनीकी मानकों एवं रखरखाव की स्थिति का परीक्षण किया गया। निरीक्षण किए गए कार्यों में 21 कार्य लोक निर्माण विभाग (सड़क एवं पुल), 6 कार्य परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) के भवन निर्माण कार्य, 7 कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) तथा 1 कार्य मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (एमपीबीडीसी) से संबंधित था। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के एमडी भरत यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से निरीक्षण दलों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में प्रमुख अभियंता (सड़क/पुल) के.पी.एस. राणा, प्रमुख अभियंता (भवन) एस.आर. बघेल, प्रमुख अभियंता (एमपीबीडीसी) अजय श्रीवास्तव, तकनीकी सलाहकार आर.के. मेहरा सहित प्रदेशभर के मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री एवं निरीक्षण दलों के अधिकारी ऑनलाइन उपस्थित रहे। एमडी यादव ने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना निर्माण, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की तकनीकी लापरवाही, निम्न गुणवत्ता अथवा अनुबंधीय शर्तों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल कमियों को चिन्हित करना नहीं बल्कि निर्माण गुणवत्ता में सतत सुधार सुनिश्चित करना है। गंभीर अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई एमडी यादव ने कई कार्यों में गुणवत्ता संबंधी गंभीर कमियां पाए जाने पर संबंधित निर्माण एजेंसियों एवं अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। शहडोल जिले में लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माणाधीन भामौरी से पटना सड़क मार्ग के कार्य में गुणवत्ता संबंधी गंभीर कमियां पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा निर्माण एजेंसी मेसर्स आशीष गुप्ता को मुख्य अभियंता रीवा परिक्षेत्र द्वारा ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए गए। पन्ना जिले में करिया से महोद खुर्द मार्ग के निर्माण कार्य की गुणवत्ता असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित निर्माण एजेंसी मेसर्स आर.के. ट्रेडर्स एंड इलेक्ट्रॉनिक्स, पन्ना को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार करिया से महोदकला सड़क निर्माण कार्य में गंभीर कमियां पाए जाने पर संबंधित उपयंत्री को नोटिस जारी करने तथा निर्माण एजेंसी मेसर्स कुमार कंस्ट्रक्शन कंपनी, छतरपुर को ब्लैक लिस्ट में डालने के निर्देश दिए गए। पन्ना जिले में ही मोहेंद्र-गोलही-पलोही मार्ग, जो परफॉर्मेंस गारंटी अवधि के अंतर्गत है, उसकी स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर निर्माण एजेंसी मेसर्स आर.एस. इन्फ्रा, सतना के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। रायसेन जिले में एसएच-15 से बासा-धामनपानी-कुचवाड़ा-किटुआ मार्ग के निर्माण कार्य में गंभीर तकनीकी कमियां पाए जाने पर निर्माण एजेंसी मेसर्स जगदीप सिंह एंड कंपनी, उत्तर प्रदेश के विरुद्ध ब्लैक लिस्ट करने को कहा गया। अमरावद-चांदपुरा-भिश्ती से मोकलवाड़ा-पालका-मार्ग की 7 किलोमीटर लंबी सड़क, जो परफॉर्मेंस गारंटी अवधि में है, की स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर वर्तमान एवं तत्कालीन अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा निर्माण एजेंसी मेसर्स चौधरी बिल्डर्स एंड डेवलपर्स, भोपाल को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए गए। रायसेन जिले के गैरतगंज स्थित विश्राम गृह निर्माण कार्य के निरीक्षण में गुणवत्ता संबंधी कमियां पाए जाने पर निर्माण एजेंसी मेसर्स शशि कंस्ट्रक्शन कंपनी, मुरैना को ब्लैक लिस्ट में दर्ज करने के निर्देश दिए गए। सिवनी जिले में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा निर्माणाधीन गवर्नमेंट एक्सीलेंस हायर सेकेंडरी स्कूल, धनोरा के कार्य में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। समीक्षा बैठक में संबंधित वर्तमान एवं तत्कालीन अधिकारियों को नोटिस जारी करने, परियोजना से जुड़े कंसल्टेंट आईक्यूटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा निर्माण एजेंसी मेसर्स बी.आर. गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, इंदौर को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए गए। 29 कार्यों में सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश निरीक्षण के दौरान अधिकांश कार्यों में सामान्य अथवा आंशिक कमियां पाई गईं। एमडी यादव ने ऐसे कुल 29 कार्यों में संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एमडी यादव ने कहा कि आगामी निरीक्षणों में इन कार्यों की पुनः जांच की जाएगी तथा यदि कमियों का निराकरण नहीं पाया गया तो संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। पुराने निरीक्षण प्रतिवेदनों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश एमडी यादव ने निर्देश दिए कि पूर्व में किए गए औचक निरीक्षणों के प्रतिवेदनों में उल्लेखित सभी कमियों का निराकरण अगली समीक्षा बैठक से पूर्व अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक निरीक्षण प्रतिवेदन पर की गई कार्रवाई की अलग से समीक्षा की जाएगी और लंबित मामलों में जवाबदेही तय की जाएगी। सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करें मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्राप्त शिकायतों का केवल औपचारिक निराकरण न किया जाए, बल्कि शिकायतकर्ता को समाधान की जानकारी देकर उसकी संतुष्टि सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विभाग की रैंकिंग में निरंतर सुधार लाने के लिए शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। वर्षाकाल पूर्व सड़क एवं पुलों की सुरक्षा पर विशेष जोर एमडी यादव ने आगामी वर्षाकाल को देखते हुए प्रदेश के सभी जिलों में पुल-पुलियों के मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने तथा सड़कों पर गड्ढों एवं क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कहा गया कि वर्षा के दौरान नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके साथ ही सभी जलमग्नीय पुलों पर चेतावनी संकेतक बोर्ड, जलस्तर संबंधी जानकारी एवं आपातकालीन सहायता के लिये हेल्पलाइन नंबर 1099 का स्पष्ट प्रदर्शन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। लोक कल्याण सरोवरों के लक्ष्य 30 जून तक पूरे करने के निर्देश बैठक में … Read more

इंदौर PTC ग्राउंड पर 988 नए आरक्षकों की पासिंग आउट परेड, महिला जवानों ने जीता दिल

इंदौर   पीटीसी ग्राउंड पर मंगलवार को 988 नए आरक्षकों की दीक्षांत परेड हुई. परेड में शामिल होने के लिए डीजीपी कैलाश मकवाना पहुंचे. परेड में पहली बार 700 से अधिक महिला पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया. महिला आरक्षकों की फुर्ती और दमखम देखकर डीजीपी कैलाश मकवाना फूले नहीं समाए. डीजीपी ने इस मौके पर युवाओं को बड़ी खुशखबरी दी।  बहुत जल्द 8 हजार आरक्षकों की भर्ती होगी डीजीपी कैलाश मकवाना ने नए आरक्षकों को बताया "पुलिस सेवा में रहकर किस प्रकार जनता की सेवा करना है." पुलिस सेवा में आने वाली चुनौतियों से निपटने के तरीके डीजीपी ने बताए. डीजीपी कैलाश मकवाना ने कहा "मध्य प्रदेश पुलिस में 8 हजार से अधिक वैकेंसी निकलने वाली है. पिछले दिनों साढ़े 7 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की नियुक्ति हुई है. आने वाले दिनों में सिंहस्थ की सुरक्षा को लेकर पुलिस बल लगेगा. उसी को देखते हुए आने वाले दिनों में पुलिस बल की कमी को पूरा करने के लिए वैकेंसी निकाली जाएंगी।  पुलिस की वर्दी पहनकर फूले नहीं समाए युवा डीजीपी ने नवआरक्षकों को लेकर कहा "अब ये लोग अपनी-अपनी बटालियन के साथ अलग-अलग जिलों में पदस्थ होंगे. जिन आरक्षकों ने इस परेड में हिस्सा लिया, उन्होंने सालभर अलग-अलग विधाओं में परीक्षाओं को उत्तीर्ण किया. उसके बाद आज वे इस मुकाम पर पहुंचे हैं. कार्यक्रम में महिला आरक्षकों ने अलग-अलग मनमोहक प्रस्तुतियां दी।  महिला आरक्षकों के जोश को देखकर कार्यक्रम में मौजूद पुलिस अफसरों के चेहरे खिल गए. वहीं नवआरक्षकों ने कहा कि वे पुलिस की वर्दी पहनकर गर्व महसूस कर रहे हैं. वह देश सेवा व जनसेवा के लिए तैयार हैं. उन्हें बेहतरीन तरीके से ट्रेनिंग दी गई है. उनका सपना साकार हो गया है. डीजीपी ने उन्हें काफी मोटिवेट किया है. उनके दिए निर्देशों का वह पूरी तरह से पालन करेंगे। 

विकास, तकनीकी नवाचार और किसान कल्याण के लिए 13 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति

कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन विकास, तकनीकी नवाचार और किसान कल्याण के लिए 13 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की पुनरीक्षित लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 13,565.84 करोड़ रूपये की स्वीकृति आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति कृषक कल्याण के लिए मंडी शुल्क एक रुपये से 1.50 रुपये किए जाने का निर्णय अब जिलों में कोल्ड स्टोरेज, वेयर हाउस, प्रसंस्करण इकाईयों एवं लॉजिस्टिक सुविधाओं को मिलेगा प्रोत्साहन एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रूपये की शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के बुनियादी ढांचे, तकनीकी विकास और किसान कल्याण से जुड़े कार्यों के लिए लगभग 13 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति के साथ कई बड़े एवं महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई है। बैठक में भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित कुल लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण को मिलाकर 13,565.84 करोड़ रूपये की पुनरीक्षित राशि की स्वीकृति दी गई। अब भोपाल शहर के यातायात नेटवर्क को बड़ा विस्तार मिलेगा। इसके साथ ही राज्य में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को सुदृढ़ करने के लिए आगामी 5 वर्षों 2026-2031 के लिए आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य योजना के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये स्वीकृत किए गए है। कृषि और व्यापार जगत को गति देने के लिए मंत्रि-परिषद ने कपास पर मंडी फीस की दर को 1% से घटाकर 0.5% करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जिससे स्थानीय जिनिंग मिलों को मजबूती मिलेगी और रोजगार बढ़ेगा। किसान हित में सामान्य मंडी शुल्क को एक रूपये से बढ़ाकर एक रूपये 50 पैसे किया गया है। शुल्क के रूप में प्राप्त होने वाली 500 करोड़ रूपये की अनुमानित अतिरिक्त आय का उपयोग सीधे किसान सड़क निधि और कृषि अनुसंधान के विकास में किया जाएगा। आगामी रबी और खरीफ विपणन सत्रों में फसलों के सुचारू उपार्जन को सुनिश्चित करने के लिए MPSCSC और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति देने की भी बड़ी मंजूरी दी गई है। यह फैसले प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक उन्नति की दिशा में सशक्त कदम साबित होंगे। भोपाल मेट्रो की पुनरीक्षित लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 13,565.84 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की मूल लागत 6,941.40 करोड़ में 3,092.22 करोड़ रूपये की अतिरिक्त लागत जोड़कर संशोधित कुल लागत 10,033.62 करोड़ रूपये के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की है। मंत्रि-परिषद ने इसके अतिरिक्त उद्योग के स्वीकृत मानदंडों के अनुसार परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 3,532 करोड़ 22 लाख रूपये की भी स्वीकृति प्रदान की है। इसमें भारत शासन और राज्य शासन द्वारा 995 करोड़ 9 लाख रूपये की अतिरिक्त इक्विटी और केन्द्रीय करों के लिए 84 करोड़ 54 लाख रूपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण, वित्तपोषण एजेंसी बैंकों से ऋण निधि के विरुद्ध 1,620 करोड़ 64 लाख रूपये का अतिरिक्त PTA/आंतरिक ऋण, मध्यप्रदेश शासन से भूमि की लागत और पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के लिए 138 करोड़ 38 लाख रूपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण तथा मध्यप्रदेश शासन से राज्य करों के लिए 446 करोड़ 35 लाख रूपये एवं IDC की लागत के लिए 246 करोड़ 41 लाख रूपये का अतिरिक्त अनुदान शामिल है। आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत राज्य आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि तक निरंतर संचालन के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार राज्य आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान योजना के लिए 180 करोड़ 20 लाख रूपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के अंतर्गत शासन के विभिन्न विभागों, निगमों, प्राधिकरणों एवं परियोजनाओं को तकनीकी परामर्श सेवाएँ प्रदान करने के लिए राज्य स्तरीय आई.टी. संवर्ग का गठन किया गया है। योजना से प्राप्त अनुदान का उपयोग विशेषज्ञों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, क्षमता-विकास एवं विभागीय आवश्यकताओं के अनुरूप परामर्श सेवाओं के लिए किया जाता है। यह योजना वर्तमान में शासन की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रक्रिया की आधारभूत आवश्यकता है तथा भविष्य में कृत्रिम बुद्धिमता (एआई), बिग डाटा एनालिटिक्स, ब्लॉक चेन तकनीक एवं सायबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में राज्य की तैयारियों को सुदृढ़ करने के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। मंत्रि-परिषद द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना के लिए 55 करोड़ 43 लाख रूपये स्वीकृत किए गए है। योजना से VBTC प्रशिक्षण केंद्र द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आईटी, ई-गवर्नेस, सायबर सुरक्षा तथा डेटा प्रबंधन विषयों पर नियमित प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी तकनीकी दक्षता और प्रशासनिक कार्य कुशलता में वृद्धि की जायेगी। एमपीएसईडीसी जैसी नोडल एजेंसियों को सहायक अनुदान उपलब्ध कराकर विभिन्न आईटी एवं ई-गवर्नेस परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य, संभाग और जिला स्तर पर आयोजित कार्य शालाओं एवं सेमिनारों के माध्यम से विभागीय क्षमता संवर्धन तथा आईटी जागरुकता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही 'ई-गवर्नेस उत्कृष्टता पुरस्कार" के माध्यम से विभागों एवं अधिकारियों के नवाचारों को प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश को ई-गवर्नेस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी। कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन मंत्रि-परिषद ने कपास जिनिंग मिलों की आवश्यकता को देखते हुए कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन दिया है। प्रदेश में लगभग 158 कपास जिनिंग मिलें है, जिनकी प्रसंस्करण क्षमता लगभग 13 लाख मीट्रिक टन है। प्रदेश में कपास पर मंडी फीस की दर में कमी किए जाने से जिनिंग मिलों के द्वारा अन्य पड़ोसी राज्यों में पलायन की अपेक्षा प्रदेश में ही व्यवसाय करने को प्राथमिकता दी जाएगी जिससे रोजगार में तथा जी.एस.टी संग्रहण में वृद्धि होगी। जिनिंग मिलों की इनपुट लागत में कमी आएगी और उनकी आर्थिक व्यवहारिता में वृद्धि होगी। वे प्रतिस्पर्धात्मक बाजार में अपनी स्थिति सुदृढ़ बनाए रखने में सक्षम होगी। एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाईज कारपोरेशन और मार्कफेड को 8,600 … Read more

केसरी हनुमान मंदिर पर प्रशासन की कार्रवाई, तिलक मार्केट में आस्था बनाम सुरक्षा का मुद्दा गरमाया

छिंदवाड़ा   शहर के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध केसरी नंदन हनुमान मंदिर को जिला प्रशासन से मिले एक नोटिस से बवाल मच गया है. यहां दीवारों पर मान्यता के नारियल हटाने के नोटिस से मंदिर प्रबंधन और भक्तों में खासी नराजागी देखी जा रही है. वहीं एसडीएम सुधीर कुमार जैन ने नारियल की मालाओं में आग लगने का खतरा बताते हुए इन्हें हटाने का 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया है।  हजारों की संख्या में लटके हुए हैं नारियल छिंदवाड़ा में बाल रूप में विराजमान भगवान हनुमान का केसरी नंदन हनुमान मंदिर कई मायनों में प्रसिद्ध है. यहां वर्षों से मन्नत की परंपरा चली आ रही है, जिसमें भक्तगण मन्नतों के नारियल मंदिर में चढ़ाते हैं, जिन्हें बाद में गुच्छों में लटका दिया जाता है. लगातार मंदिर में नारियल चढ़ाने और उतारने का सिलसिला चलता रहता है, जिससे यहां हजारों की तादाद में नारियस एकत्रित हो गए हैं. मंदिर में ये बड़ी संख्या में लटके हुए दिखते हैं, और एसडीएम सुधीर कुमार ने 4 जून को इसी पर आपत्ति जताते हुए नोटिस भेजा है, जिसपर सोमवार को मंदिर प्रबंधन की प्रतिक्रिया सामने आई है।  एसडीएम के नोटिस में क्या लिखा कार्यालय अनुविभागीय दंडाधिकारी छिंदवाड़ा द्वारा मंदिर के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और ट्रस्ट को नोटिस जारी किया गया है, जिसमें कहा गया, '' मंदिर परिसर की दीवारों पर टंगे नारियलों को हटाकर सुरक्षित स्थान पर रख दें क्योंकि मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और पूजन में अगरबत्ती, धूप बत्ती और आरती का उपयोग किया जाता है. मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश और निगम के लिए अलग-अलग मार्ग नहीं हैं, पास ही घनी आबादी क्षेत्र है. ऐसे में मंदिर की दीवारों पर बड़ी संख्या में नारियल टांगे होने से आगजनी की संभावना बनी रहती है, जिससे जन हानी भी हो सकती है. इन मालाओं को हटाकर अन्य सुरक्षित स्थान पर आस्था पूर्वक रखा जावे और 7 दिनों के अंदर कार्रवाई पूरी कार्यालय को सूचित किया जाए।  पुजारी ने कहा- लोगों की आस्था से जुड़ा है मामला एसडीएम ने नोटिस मिलने के बाद केसरी नंदन हनुमान मंदिर के उपाध्यक्ष अनिल मालवी ने ईटीवी भारत से कहा, '' एसडीएम कार्यालय द्वारा एक नोटिस प्राप्त हुआ है, जिसमें यहां दीवारों पर कई सालों से सैकड़ों हजारों की संख्या में टंगे हुए नारियलों को हटाने का आदेश दिया गया है. लेकिन हम यहां से नारियल हटाकर रखेंगे कहां? ये भक्तों की आस्था का सवाल है. हमारे पास इन्हें रखने की कोई जगह नहीं है. हम इन्हें नहीं हटा पाएंगे। 

किसानों से लेकर मेट्रो तक, मोहन सरकार ने लिए कई अहम फैसले; 15 जून तक पूरे होंगे तबादले

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों, अधोसंरचना विकास, प्रशासनिक सुधार और कृषि क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने कृषि, परिवहन, उर्वरक वितरण और ग्रामीण विकास को लेकर कई अहम फैसले लिए हैं। कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई प्रस्ताव भी पारित किया। प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष पूरे होने पर बधाई प्रस्ताव कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई प्रस्ताव पारित किया गया। मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने कहा कि बीते 12 वर्ष भारत के विकास, सुशासन और जनकल्याण की दृष्टि से ऐतिहासिक रहे हैं। उन्होंने बताया कि 5 जून से 21 जून तक प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से सरकार जनता तक पहुंचकर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दे रही है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का फैसला राज्य सरकार ने प्रत्येक जिले में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को रसायन-मुक्त खेती के लाभों की जानकारी दी जाएगी और उन्हें प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। 15 जून तक पूरी होगी तबादला प्रक्रिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकार की नई तबादला नीति के तहत विभागीय स्थानांतरण की प्रक्रिया 15 जून तक हर हाल में पूरी कर ली जाए। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से व्यवस्थित करना है। भोपाल मेट्रो परियोजना को मिली अतिरिक्त वित्तीय सहायता कैबिनेट ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। सरकार का मानना है कि अतिरिक्त राशि मिलने से परियोजना के कार्यों में तेजी आएगी और राजधानी भोपाल में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। कपास उत्पादक किसानों को राहत किसानों को राहत देने के उद्देश्य से सरकार ने कपास पर लगने वाले मंडी शुल्क में कमी करने का फैसला लिया है। अब कपास पर प्रति गठान लगने वाला मंडी शुल्क एक रुपये से घटाकर 50 पैसे कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इस निर्णय से कपास उत्पादक किसानों और कृषि व्यापारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा तथा कृषि विपणन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उर्वरक वितरण पर रहेगी विशेष निगरानी खरीफ सीजन की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रत्येक जिले में उर्वरक वितरण की निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति का निर्णय लिया है। इसके साथ ही संबंधित क्षेत्रों के विधायक और मंत्री भी समन्वय की भूमिका निभाएंगे ताकि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जा सके और किसी प्रकार की कमी या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। मंडी टैक्स बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किया गया कैबिनेट ने मंडी टैक्स को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। सरकार के अनुसार इस निर्णय से प्रतिवर्ष लगभग 835 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। इस राशि का उपयोग कृषि मंडियों के अधोसंरचना विकास, ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार तथा गोसंवर्धन से जुड़े कार्यों पर किया जाएगा। अगले कृषि सीजन की तैयारियां अभी से शुरू राज्य सरकार ने आगामी कृषि सीजन को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारियां शुरू करने का निर्णय लिया है। उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और कृषि से जुड़ी अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को खेती के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और कृषि कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकें।

तंजानिया के किलिमंजारो पर MP की बेटी का कमाल, महिला पुलिस अधिकारी ने की ऐतिहासिक चढ़ाई

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस की इंस्पेक्टर दीपिका गौतम ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो फतह कर नया इतिहास रच दिया है। वह मध्यप्रदेश पुलिस की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं, जिन्होंने इस विश्व प्रसिद्ध पर्वत पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की है। दीपिका भोपाल स्थित एससीआरबी (SCRB) पीएचक्यू में पदस्थ है। उन्होंने 29 मई को करीब 5,895 मीटर ऊंची माउंट किलिमंजारो की चोटी पर पहुंचकर यह उपलब्धि हासिल की। खास बात यह रही कि इस अंतरराष्ट्रीय अभियान में वह भारत की एकमात्र प्रतिभागी थीं। ‘सपनों को नहीं छोड़ा पीछे’ दीपिका कहती हैं कि नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच अक्सर लोग अपने सपनों को पीछे छोड़ देते हैं, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उनका मानना है कि “सपनों के बिना जिंदगी अधूरी होती है,” और यही सोच उन्हें किलिमंजारो तक ले गई। पांच दिन का कठिन अभियान किलिमंजारो पर चढ़ाई पांच दिन का कठिन सफर था, जिसमें तीन बेस कैंप पार करने के बाद अंतिम चढ़ाई रात में शुरू हुई। इस दौरान तापमान माइनस 10 से 15 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम भी बेहद अनिश्चित था, जो हर पल बदल रहा था। पहले कर चुकी हैं कई ट्रेक हालांकि यह उनका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय पर्वत अभियान था, लेकिन इससे पहले वह अमरनाथ और केदारनाथ जैसे धार्मिक ट्रेक कई बार कर चुकी हैं। खुद को मल्टीटास्किंग बताते हुए दीपिका लगातार नई चुनौतियों को अपनाने में विश्वास रखती हैं। अगला मिशन जल्द इस उपलब्धि के बाद अब उनका अगला लक्ष्य भी तय है, हालांकि उन्होंने इसे फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया है। संकेत दिए हैं कि अगले साल वह विदेश में एक और पर्वत अभियान पर जा सकती हैं।

ओंकारेश्वर के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, हेलीपैड और अस्पताल निर्माण को मंजूरी

भोपाल  प्रदेश में सिंहस्थ 2028 के लिए बनाई गई मंत्रिमंडलीय समिति ने ओंकारेश्वर में बड़वाह, ओंकारेश्वर और खेड़ी घाट क्षेत्र को मिलाकर नया विकास प्राधिकरण गठित करने को मंजूरी दे दी है। इससे खंडवा और खरगोन जिले के विकास कार्यों में तेजी आएगी। इसके साथ ही समिति ने ओंकारेश्वर में हेलीपैड और अस्पताल बनाने को भी स्वीकृति दी है। यह निर्माण कार्य किसी भी तरह की आपदा के दौरान सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह निर्णय आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सिंहस्थ 2028 के लिए गठित मंत्रिमंडलीय समिति की छठवीं बैठक में लिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में सिंहस्थ के लिए 17 नए कार्यों को स्वीकृति दी गई। इनमें उज्जैन सहित ओंकारेश्वर के कार्य भी शामिल हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर में बड़ा अस्पताल बनाने और हेलीपैड बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह निर्माण आपदा के स्थिति में विशेष रूप से सहायक होंगे। विकास प्राधिकरण को मंजूरी मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बड़वाह, ओंकारेश्वर, खेड़ी घाट क्षेत्र के आसपास होने वाले निर्माण कार्यों के लिए अलग से प्राधिकरण गठित किया जाए। इससे खंडवा- खरगोन जिलों में होने वाले कार्यों का बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा और विकास गतिविधियां समय से पूर्ण करने में मदद मिलेगी। वैकल्पिक मार्ग विकसित करने के भी निर्देश मुख्यमंत्री डॉ यादव ने ओंकारेश्वर के लिए वैकल्पिक मार्ग विकसित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में शिप्रा नदी के साथ विकसित हो रहे घाटों का निर्माण चरणबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। घाटों तक आने-जाने के मार्गों और पार्किंग व्यवस्था का निर्माण भी साथ-साथ किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा कि शिप्रा नदी पर बन रहे घाटों के पास मौजूद आश्रमों तथा गुरुकुलों को घाटों के प्रबंधन से जोड़ा जाए। इससे आश्रम और गुरुकुलों को मदद मिलेगी और सिंहस्थ के बाद भी घाटों का लंबे समय तक उपयोग हो सकेगा।

मां वाग्देवी की पूजा के बाद रामेश्वर शर्मा का बड़ा बयान, भोजशाला को लेकर फिर छिड़ी चर्चा

धार धार की ऐतिहासिक भोजशाला में मंगलवार को हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना की। उन्होंने भोजशाला को राजा भोज द्वारा निर्मित मां सरस्वती का पावन मंदिर बताया। विधायक ने मुस्लिम समाज से अपील की है कि वे ऐतिहासिक सत्य को स्वीकार करता है। विधायक शर्मा ने कहा कि भोजशाला को लेकर सदियों से चला आ रहा संघर्ष अब सत्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है। न्यायपालिका ने भी इससे जुड़े तथ्यों और ऐतिहासिक सत्य को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने सभी पक्षों से सच्चाई को स्वीकार करने का आग्रह करते हुए कहा कि यह केवल एक मंदिर का विषय नहीं है, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत और आस्था का प्रश्न है। हिंदू समाज के 700 वर्षों के संघर्ष की सराहना धार के हिंदू समाज की जमकर सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों ने लगभग 700 वर्षों तक इस संघर्ष की ज्योति को जलाए रखा है। मां सरस्वती का यह मंदिर ज्ञान, संस्कृति और भारतीय परंपरा का प्रतीक है। राजा भोज द्वारा निर्मित यह धरोहर पूरे देश की आस्था का केंद्र है, इसलिए इसका गौरव हर हाल में पुनर्स्थापित होना चाहिए। देशभर में गूंजेगी धार से उठी आवाज अपने संबोधन में रामेश्वर शर्मा ने विश्वास जताया कि भोजशाला का मुद्दा केवल धार तक सीमित नहीं रहेगा। यहां से उठने वाली यह आवाज देशभर में गूंजेगी और सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण को लेकर जनजागरण का माध्यम बनेगी। भोजशाला परिसर में उनके आगमन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूजा-अर्चना के बाद विधायक ने पूरे मंदिर परिसर का अवलोकन भी किया।

केसला ब्लॉक में महसूस हुए भूकंप के झटके, लोगों ने कहा- अचानक हिलने लगी जमीन

नर्मदापुरम  नर्मदापुरम जिले के केसला ब्लॉक के ग्राम चिचवानी और छीतापुरा क्षेत्र में सोमवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। अचानक आए कंपन से ग्रामीणों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है। रात करीब 9:38 बजे महसूस हुआ कंपन मौसम केंद्र भोपाल और नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, 8 जून 2026 की रात करीब 9:39 बजे भूकंप दर्ज किया गया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.8 मैग्नीट्यूड मापी गई। जबकि इसकी गहराई जमीन से लगभग 10 किलोमीटर नीचे बताई गई। छीतापुरा गांव तक महसूस हुए झटके चिचवानी गांव से करीब 2 किलोमीटर दूर छीतापुरा में भी लोगों ने झटके महसूस किए। स्थानीय जनपद पंचायत सदस्य संतोष सल्लाम ने बताया कि वह रात में छत पर सो रहे थे, तभी अचानक कुछ सेकंड के लिए कंपन महसूस हुआ। शुरुआत में ऐसा लगा कि घर हिल रहा है, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई। हल्की श्रेणी का माना जाता है 3.8 मैग्नीट्यूड का भूकंप विशेषज्ञों के अनुसार 3.8 मैग्नीट्यूड का भूकंप हल्की श्रेणी में आता है। ऐसे भूकंप में आमतौर पर बड़े नुकसान की संभावना कम रहती है, लेकिन इसके झटके लोगों को स्पष्ट रूप से महसूस हो सकते हैं। छत सो रहा था, अचानक से कंपन हुआ ग्राम चिचवानी से 2 किमी दूर स्थित छीतापुरा में भी झटके महसूस हुए। जनपद पंचायत सदस्य संतोष सल्लाम ने बताया रात करीब 9.30 बजे के आसपास जब में छत पर सो रहा था, तब कुछ पलभर के लिए कंपन हुआ। ऐसा लगा मानो घर हिल गया है लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ। 3.8 तीव्रता का भूकंप हल्की श्रेणी में आता है जानकारों के अनुसार 3.8 तीव्रता का भूकंप हल्की श्रेणी में आता है। इसमें आमतौर पर बड़ा नुकसान नहीं होता, लेकिन झटके साफ महसूस होते हैं। एसडीएम निलेश शर्मा ने बताया मुझे इसकी जानकारी मिली है। अधिकृत पता करके थोड़ी देर में बताऊंगा। हल्की श्रेणी का भूकंप, नुकसान की खबर नहीं विशेषज्ञों के अनुसार 3.8 तीव्रता का भूकंप हल्की श्रेणी में माना जाता है। ऐसे भूकंपों में आमतौर पर बड़े नुकसान की संभावना कम होती है, लेकिन झटके स्पष्ट रूप से महसूस किए जा सकते हैं। प्रशासन ने भी फिलहाल किसी तरह की क्षति की पुष्टि नहीं की है। प्रशासन ने मांगी रिपोर्ट एसडीएम निलेश शर्मा ने बताया कि भूकंप की जानकारी प्राप्त हुई है और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। अब तक किसी गांव से नुकसान या घायल होने की सूचना नहीं मिली है।