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नक्सलियों को करारा झटका: गुप्त हथियार फैक्ट्री ध्वस्त, जखीरा किया गया जब्त

सुकमा सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया है. सुकमा जिले के मेट्टागुड़ा कैम्प क्षेत्र में नक्सलियों की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया है. फैक्ट्री से भारी मात्रा में हथियार, बारूद और निर्माण उपकरण बरामद किया गया है. दरअसल, मेट्टागुड़ा कैम्प से जिला बल और 203 कोबरा वाहिनी की संयुक्त पार्टी सर्च ऑपरेशन के लिए निकली थी. इस दौरान ग्राम कोईमेंटा के आसपास जंगल-पहाड़ियों में जवानों ने गहन सर्चिंग शुरू की. जंगल में नक्सलियों की हथियार और विस्फोटक बनाने की फैक्ट्री का पता चला. जवानों ने मौके पर नक्सलियों की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया. नक्सलियों की फैक्ट्री से क्या-क्या मिला ?     वर्टिकल मिलिंग मशीन – 01     बेंच वाइस – 03     बीजीएल लांचर (बड़ा) – 02     बीजीएल शेल (खाली) – 12     बीजीएल हेड्स – 94     हैंड ग्राइंडर मशीन – 01     लकड़ी के राइफल बट – 06     भरमार का ट्रिगर मैकेनिज्म – 01     भरमार ट्रिगर मैकेनिज्म (पिस्टल ग्रिप सहित) – 01     सोलर बैटरी – 04     बोरवेल ड्रिलिंग बिट (10 फीट) – 01     गैस कटर हेड्स – 02     डायरेक्शनल आईईडी पाइप्स – 03     मेटल मोल्डिंग पॉट्स – 06     स्टील वाटर पॉट्स – 02     एल्युमिनियम पॉट – 01     आयरन कटर व्हील्स – 06     टैपिंग रॉड – 01     आयरन स्टैंड – 01     स्टील पाइप पीस (BGL हेतु) – 80     आयरन स्क्रैप्स – बड़ी मात्रा  

पर्यटन के माध्यम से वसुधैव कुटुंबकम की भावना को आगे बढ़ा रहा है म.प्र.

विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर   भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के पर्यटन ने अब अंतरराष्ट्रीय मानकों की बराबरी कर ली है। मध्यप्रदेश का पर्यटन "वसुधैव कुटुंबकम" की भावना को साकार कर रहा है। प्रदेश में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मध्यप्रदेश पर्यटकों की पहली पसंद बन गया है। पिछले साल तक 13.41 करोड़ पर्यटकों ने मध्यप्रदेश आने का आनंद उठाया। अकेले उज्जैन में 7 करोड़ से ज्यादा की संख्या में आध्यात्मिक पर्यटक पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का पर्यटन सतत विकास के सभी मानदंडों को पूरा कर रहा है। प्राकृतिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, ग्रामीण पर्यटन, वन्य जीव पर्यटन के अलावा नए क्षेत्र जैसे खेल पर्यटन, चिकित्सा पर्यटन, जल क्रीड़ा पर्यटन, कृषि पर्यटन, इतिहास बोध कराने वाला पर्यटन भी लोगों की पसंद बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि से मध्यप्रदेश जैसे राज्यों का पर्यटन लगातार बढ़ रहा है। भारत की पूरे विश्व में साख बढ़ी है। वैश्विक पर्यटन बढ़ने से मध्यप्रदेश जैसे राज्यों को लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने पर्यटन की गतिविधि को केवल आर्थिक गतिविधि से अलग हटकर सामाजिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और पर्यावरणीय पुनर्जागरण का माध्यम बनाया है। "वोकल फॉर लोकल", देखो अपना देश और ट्रिपल टी-टेक्सटाइल टूरिज्म और टेक्नोलॉजी जैसे नई सोच पर्यटन को विकास, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक नवजागरण से जोड़ रहे हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या पिछले पांच सालों में मध्यप्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2019 में 8.9 करोड़ पर्यटक यहां आए थे। वर्ष 2020 और 2021 में कोविड महामारी के चलते पर्यटन की संख्या वैश्विक स्तर पर यात्रा प्रतिबंधों और स्वास्थ्य संकट (कोविड) के कारण कम हुई लेकिन मध्यप्रदेश लोगों की पहली पसंद बना। वर्ष 2022 में परिस्थितियों के सामान्य होने के साथ ही पर्यटकों की संख्या में सुधार हुआ। इसके बाद 2023 में आशा अनुरूप बढ़कर पर्यटकों की संख्या 11.21 करोड़ और वर्ष 2024 में 13 करोड़ 41 हजार तक पहुंच गई। वैश्विक धरोहरों का प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब वैश्विक धरोहरों का प्रदेश बन गया है। भारत के 69 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों में से 18 मध्यप्रदेश में है। इनमें खजुराहो के मंदिर समूह, सांची के बौद्ध स्मारक, भीमबेटका जैसे स्थल विश्व भर में भारतीय सभ्यता की गौरव गाथा को अभिव्यक्त कर रहे हैं। वर्तमान में मध्यप्रदेश के तीन स्थल स्थाई सूची में और 15 स्थल अस्थाई सूची में शामिल है। ग्वालियर किला, मांडू, ओरछा, चंदेरी, भेड़ाघाट, लमेटा घाट, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व अशोक शिलालेख स्थल तथा 64 योगिनी मंदिरों की संख्या जैसी धरोहर इस सूची में शामिल है। स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश की प्राकृतिक और ऐतिहासिक विरासत अत्यंत समृद्ध है । मध्यप्रदेश का पर्यटन आज बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने में सक्षम बन गया है। हाल ही में रीवा और ग्वालियर में आयोजित रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में उत्साहपूर्वक निवेशकों ने भाग लिया और रीवा में 3000 करोड़ से ज्यादा और ग्वालियर में 3500 करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले। पर्यटन अधोसरंचना में सुधार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन की अधोसंरचना में सुधार करते हुए पीएम पर्यटन वायु सेवा का शुभारंभ किया है। इंदौर ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल, रीवा, सिंगरौली उज्जैन एवं खजुराहो में शुरू हो चुका है। अब सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत निजी ऑपरेटर के सहयोग से राज्य के भीतर हैलीकॉप्टर सेवा संचालन भी जल्दी शुरू होगी। प्रदेश के हवाई अड्डों, हैलीपेड एवं हवाई पट्टियों के बीच निजी ऑपरेटर द्वारा चयनित स्थानों पर हैलीकॉप्टर सेवा प्रदाय की जायेगी। इस सेवा का उद्देश्य प्रमुख शहरों, धार्मिक स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानो और पर्यटक स्थलों के मध्य निजी ऑपरेटर के सहयोग से किफायती एवं स्थायी हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराना है। इस सेवा से यात्रियों, पर्यटकों, व्यवसाइयों, निवेशकों एवं प्रदेश के रहवासियों का प्रदेश में आवागमन सुगम हो सकेगा। इससे प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक शहरों एवं पर्यटक स्थलों के बीच व्यवसाय एवं पर्यटन गतिविधियों में अभिवृद्धि होगी और रोजगार के नये अवसरों का सृजन भी होगा। श्रेष्ठता का सम्मान वर्ष 2025 मध्यप्रदेश पर्यटन के लिए उपलब्धियों का स्वर्णिम अध्याय रहा है। जनवरी में नई दिल्ली में आयोजित हॉस्पिटैलिटी इंडिया अवॉर्ड्स में प्रदेश को “Best State for Promoting Fairs and Festivals” और “Best State for Publicity” का सम्मान मिला। फरवरी में SATTE 2025 में हमें “Best State Tourism Award” प्राप्त हुआ। अप्रैल में VETA ने मध्यप्रदेश को “Leading Heritage Tourism Destination” घोषित किया। सितंबर में इंडिया ट्रैवल अवॉर्ड्स (DDP Publication) द्वारा प्रदेश को “Best State Tourism Board” का सम्मान दिया गया, वहीं द वीक पत्रिका ने हमें “Golden Banyan Award – Heritage Tourism (Best State)” से नवाजा है। अगस्त में गोवा में आयोजित MADX Summit & Awards 2025 में एमपी टूरिज्म–किडज़ानिया एक्सपीरियंस सेंटर को दो महत्वपूर्ण सम्मान—“Best Experiential Marketing Campaign” और “Best Travel & Tourism Marketing Campaign”—प्राप्त हुए। ये सभी पुरस्कार इस बात का प्रमाण हैं कि मध्यप्रदेश पर्यटन आज राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी नए मानक स्थापित कर रहा है।  

डॉ अनु सपन बनीं जन परिषद की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

भोपाल  अखिल भारतीय स्तर की सामाजिक  संस्था जन परिषद के अध्यक्ष एवं पूर्व डीजीपी श्री एन के त्रिपाठी ने , जन परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष पद्मश्री श्रीमती सुनील डबास एवं  महासचिव सुश्री कमला रावत की अनुशंसा पर  राष्ट्रीय स्तर की सुप्रसिद्ध कवियत्री डॉ अनु सपन को जन परिषद की वूमेन विंग  का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत  किया है । संस्था के संयोजक  एवं वरिष्ठ पत्रकार रामजी श्रीवास्तव के अनुसार  जन परिषद राष्ट्रीय स्तर की सामाजिक एवं गैरराजनीतिक संस्था है l  जो कि गत 36 वर्षों से सामाजिक एवम् रचनात्मक कार्यों में सक्रिय होने के साथ साथ, कई ऐतिहासिक एवम् अभूतपूर्व संदर्भ ग्रन्थों का प्रकाशन कर चुकी है।संस्था  पर्यावरण पर केंद्रित बारह  अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस आयोजित कर चुकी है । संस्था के इस समय पूरे देश में  275 से अधिक एवम् विदेशो में 7 चैप्टर्स बन चुके हैं। संस्था की अगली कॉन्फ्रेंस एवं  सम्मान समारोह  जनवरी फरवरी में क्रमशः थाईलैंड , सिंगापुर और मलेशिया में आयोजित किए जाएंगे । संस्था  प्रतिवर्ष उन व्यक्तियों को भी  अलंकृत करती है जो कि रचनात्मक एवम् सामाजिक सुधार के कार्यों को मूर्तरूप दे रहे हैं।संस्था लगभग दस से अधिक बहुप्रचारित संदर्भ ग्रंथों का प्रकाशन कर चुकी है ।संस्था का मुख्य आधार मानवीय , सामाजिक एवम् राष्ट्रीय दृष्टिकोण है l

भोपाल क्रिएटिव क्लब का माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय का सौजन्य भ्रमण

भोपाल  भोपाल क्रिएटिव क्लब के सदस्यों ने आज कुलगुरु  विजय मनोहर तिवारी के आमंत्रण पर बिशनखेड़ी स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के नवीन परिसर का अवलोकन किया। इस अवसर पर क्लब के सदस्यों ने सर्वप्रथम राष्ट्रकवि दादा माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। तत्पश्चात गणेश शंकर विद्यार्थी सभागार में आयोजित “हिन्दी पत्रकारिता : सौ वर्ष, सौ सुर्खियाँ” शीर्षक प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें देश की पत्रकारिता यात्रा के स्वर्णिम पड़ाव सजीव हो उठे। भ्रमण के पश्चात चाणक्य भवन स्थित कुलगुरु कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भोपाल क्रिएटिव क्लब के मुख्य संयोजक डॉ. नवीन आनंद जोशी सहित उपस्थित सदस्यों ने कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी का सारस्वत अभिनंदन किया। संगोष्ठी में सर्वश्री जगदीश कौशल, सुरेश अवतरमानी, राजा दुबे, प्रकाश साकल्ले, प्रतीष पाठक, प्रदीप भाटिया, चन्द्रकिशोर सिसोदिया, मनोज खरे, अतुल खरे, राजेंद्र शर्मा, आरिफ़ मिर्ज़ा एवं विनोद नागर की सक्रिय सहभागिता रही। संगोष्ठी का परिवेश संस्मरणों की गरिमा से भरा रहा। क्लब के वरिष्ठ सदस्यों ने अपने पत्रकारिता जीवन के रोचक और प्रेरणादायी प्रसंग साझा किए। कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने भी वर्ष 2008 में प्रकाशित अपनी चर्चित कृति “एक साध्वी की सत्ता कथा” से जुड़ा एक रोचक अनुभव सुनाया। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक को पढ़कर जब प्रख्यात कवि कुमार विश्वास ने उन्हें फोन किया था, तो वे उन्हें पहचान न सके और साधारण पाठक समझकर यहाँ तक पूछ बैठे – “आप क्या करते हैं?” बाद में अपनी भूल का आभास होने पर उन्होंने हंसी-मजाक के साथ स्थिति को सँभाला। कुलगुरु  तिवारी ने विश्वविद्यालय में चल रहे शैक्षणिक नवाचारों और प्रशासनिक सुधारों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सत्र में अनुशासन और नियमितता सुनिश्चित करने हेतु सख्त कदम उठाए गए हैं। विश्वविद्यालय ने उन पाँच सौ से अधिक छात्र-छात्राओं को प्रथम आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा में सम्मिलित होने से वंचित कर दिया है जिनकी उपस्थिति पचास प्रतिशत से कम रही। गत सेमेस्टर में भी “आदतन अनुपस्थित” 121 विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा से बाहर रखा गया था। उपस्थिति सुधार हेतु इस बार विश्वविद्यालय ने शहर के प्रमुख स्थानों से विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क बस सेवाएँ प्रारंभ की हैं।  तिवारी ने यह भी बताया कि मीडिया शिक्षा को समय की बदलती चुनौतियों के अनुरूप ढालने हेतु निरंतर नई पहलें की जा रही हैं। इसी क्रम में अगले सप्ताह विश्वविद्यालय में डीप फेक, फेक न्यूज़ और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विषय पर केंद्रित एक विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी। यह भ्रमण-संगोष्ठी न केवल विश्वविद्यालय की नवीन पहलों से परिचित कराने का अवसर बनी, बल्कि पत्रकारिता और जनसंचार के विविध अनुभवों के आदान-प्रदान का भी अविस्मरणीय क्षण सिद्ध हुई।

मतदाता सूचियों की त्रुटिरहित तैयारी हो प्राथमिकता : पंचायत व नगरीय निकायों पर विशेष ज़ोर

मतदाता सूचियों की त्रुटिरहित तैयारी हो प्राथमिकता : पंचायत व नगरीय निकायों पर विशेष ज़ोर पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों से पहले मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करें राज्य निर्वाचन आयुक्त  वास्तव ने की मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण तैयारियों की समीक्षा भोपाल पंचायत एवं नगरीय निकायों की मतदाता सूची की शुद्धता पर विशेष ध्यान दें। किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची में छूटना नहीं चाहिए। राज्य निर्वाचन आयुक्त  मनोज वास्तव ने यह निर्देश मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण-2025 की तैयारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा के दौरान दिये। फोटोयुक्त मतदाता सूची का प्रकाशन 13 नवम्बर 2025 को किया जाना है। इसके समय में वृद्धि नहीं की जायेगी।  वास्तव ने कहा कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य पूरा कराएं। प्रारूप मतदाता सूची पर प्राप्त होने वाले दावा-आपत्तियों का निराकरण गंभीरता से करें। उन्होंने कहा कि आगामी दिसम्बर माह में पंचायत एवं नगरीय निकायों के उप निर्वाचन प्रस्तावित हैं।  वास्तव ने नगर पालिका एवं नगर परिषद के अध्यक्षों के प्रत्यक्ष प्रणाली से निर्वाचन और अध्यक्ष को पद से वापस बुलाये जाने के निर्वाचन के संबंध में जारी अध्यादेशों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों की शंकाओं का भी समाधान किया। इस दौरान सचिव राज्य निर्वाचन आयोग  दीपक सिंह, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचन आयोग के उप सचिव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

अपेक्स बैंक एवं सहकारी विचार मंच के संयुक्त तत्वावधान में संगोष्ठी आयोजित

अपेक्स बैंक एवं सहकारी विचार मंच के संयुक्त तत्वावधान में  संगोष्ठी आयोजित सहकारिता क्षेत्र में माईक्रो फायनेंस के प्रयास अत्यन्त  सराहनीय – व्ही.जी.धर्माधिकारी शासन के मार्गदर्शन में सकारात्मक प्रयास हेतु तत्पर अपेक्स बैंक  – मनोज गुप्ता भोपाल  अन्तर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष,  2025 के दौरान अपेक्स बैंक एवं सहकारी विचार मंच के संयुक्त तत्वावधान में समन्वय भवन  के सभागार में बैंकिंग क्षेत्र में नये परिवेश में राष्ट्रीयकृत एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के सामने सहकारी बैंकों के लिए उपस्थित चुनौतियों एवं उनके निराकरण की दिशा में उचित प्रबंधन के माध्यम से किस प्रकार अधिक से अधिक लोगों को माईक्रो फाईनेंस करते हुए सहकारी आन्दोलन से जोड़कर अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को सूक्ष्म वित्त सुविधा का लाभ प्रदान किया जा सके, इस विषय पर सम्बोधित करते हुये मैनिट की सहायक प्राध्यापक डाॅ.जागृति गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश में विविध संस्कृति एवं बोलचाल क्षेत्रीय आधार पर विद्यमान हैं, अतः उपयुक्त होगा कि सेेल्फ हेल्प ग्रुप (एस.एच.जी) एवं अन्य समूहों के माध्यम से गरीब तबके तक सूक्ष्म वित सहायता की सुविधा आंगनबाड़ियों, एनजीओ एवं अन्य लोकल समूह के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करके प्रदान करायी जा सकती है। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म वित्त (माईक्रो फायनेंस) ने सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान को प्रत्यक्ष रूप से जन्म दिया है तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था के परिवर्तन को तीव्र व स्थायी रूप से गति भी प्रदान की है ।  सहकारी विचार मंच के अध्यक्ष  मध्यप्रदेश के पूर्व सचिव, सहकारिता श्री व्ही.जी. धर्माधिकारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में सहकारिता के क्षेत्र में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है और आज के परिदृश्य में उत्तम ढंग से उपलब्ध तकनीक के माध्यम से सूक्ष्म वित्त (माईक्रो फायनेंस) के क्षेत्र में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का जो काम किया जा रहा है, वह अत्यन्त सराहनीय है ।  अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक श्री मनोज गुप्ता ने बताया कि मैंने अपेक्स बैंक में विगत लगभग डेढ़ वर्ष के दौरान बेहतर मानव संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए हैं, जिन्हें म.प्र.शासन के सहयोग से पूर्ण करने में मुझे सफलता भी प्राप्त हुई है और अपेक्स बैंक व जिला बैंकों के लिये नवागत अधिकारियों व कर्मचारियों को बैंकिंग व अन्य समस्त प्रकार के प्रशिक्षण के माध्यम से पारंगत करने हेतु भी हम प्रयासरत हैं । उन्होंने आश्वस्त किया कि वर्तमान में उपस्थित चुनौतियों का सुनियोजित ढंग से सामना करने के दिशा में अपेक्स बैंक निरन्तर सकारात्मक प्रयास कर रहा है और हमें पूर्ण विश्वास है कि हम शासन के नीति-निर्देशों का पालन करते हुये इसे धरातल पर उतारने में अवश्य सफल होंगे। संगोष्ठी का संचालन अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कालेज के प्राचार्य श्री पी.एस.तिवारी द्वारा एवं आभार प्रदर्शन अपेक्स बैंक के सेवानिवृत्त महाप्रबंधक (ऋण/परिचालन/जनसम्पर्क) श्री एस.के.गुप्ता ने किया ।  संगोष्ठी में उप सचिव, सहकारिता श्री मनोज सिन्हा, पूर्व मुख्य महाप्रबंधक, अपेक्स बैंक श्री के.आर.साहू, पूर्व सलाहकार, अपेक्स बैंक श्री एल.डी.पंडित, अति.मु.कार्य.अधिकारी, जिला बैंक, उज्जैन श्री नीलेश जिंदल, शरण माईक्रो फाईनेंस कंपनी के प्रतिनिधि ने भी अपने विचार व्यक्त किये ।  संगोष्ठी में सहकारिता विभाग एवं शीर्ष सहकारी संस्थाओं के सेवानिवृत्त व सेवारत अधिकारीगण उपस्थित हुए।                  

3 राज्यों की कार्यशाला भोपाल में होना गौरव का विषय : डॉ. पटेल

भोपाल  केन्द्र सरकार अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा उम्मीद पोर्टल के संबंध में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन भोपाल में मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के सहयोग से किया गया। कार्यशाला में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान वक्फ बोर्ड के अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान वक्‍फ बोर्ड में सुधार के लिये आईआईटी दिल्‍ली की पांच स्‍तंभ आधारित रिपोर्ट में की गई अनुशंसाओं पर समीक्षा की गई। मध्यप्रदेश वक़्फ़ संपत्ति के संस्थागत प्रशासन और संपत्ति डेटा से संबंधित स्तंभ में टॉप परफ़ॉर्मर बना। अन्य स्तंभों में भी बेहतर प्रदर्शन के लिए वक़्फ़ बोर्ड की कार्य योजना की प्रशंसा की गई। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने कहा कि प्रदेश के लिए यह गौरव की बात है कि तीन राज्यों के वक्फ बोर्ड की संयुक्त कार्यशाला भोपाल में आयोजित हो रही है। उन्होंने बताया कि वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने WAMSI-MP पोर्टल के माध्यम से उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है और इस कार्य के लिए विभाग के आयुक्त  सौरभ कुमार सुमन विशेष बधाई के पात्र हैं। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड का प्रस्तुतीकरण सहायक संचालक सु इतिशा जैन ने प्रस्तुत किया। छत्तीसगढ़ की ओर से  तारीक अशरफी तथा राजस्थान की ओर से  आसिफ इकबाल एवं  मोहसिन ने प्रस्तुतिकरण दिया। कार्यशाला में केन्द्र सरकार के नवीन सेंट्रल 'उम्मीद' पोर्टल पर प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान केन्द्र सरकार के अधिकारियों ने वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण में नवाचार के लिए WAMSI-MP पोर्टल को प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड मिलने पर आयुक्त  सौरभ कुमार सुमन को बधाई दी और विभाग के प्रयासों की सराहना की। कार्यशाला में केन्द्र सरकार अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के उपसचिव  समीर सिन्हा एवं अवर सचिव  विशाल विश्वकर्मा, मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के आयुक्त  सौरभ कुमार सुमन, मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. फरजाना गजाल, राजस्थान वक्फ बोर्ड से  आसिफ इकबाल तथा छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड से प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी  पवन कुमार सहित तीनों राज्यों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक संचालक डॉ. ममता भट्टाचार्य ने किया।  

29 सितंबर को छात्रों के खातों में पहुंचेगी फीस सहायता : सिंगल क्लिक से मुख्यमंत्री करेंगे ट्रांसफर

29 सितंबर को छात्रों के खातों में पहुंचेगी फीस सहायता : सिंगल क्लिक से मुख्यमंत्री करेंगे ट्रांसफर फीस प्रतिपूर्ति में नई तकनीक की पहल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे डिजिटल ट्रांसफर 20 हजार से अधिक अशासकीय विद्यालयों को अंतरित की जायेगी 489 करोड़ रुपये की राशि 8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस की होगी प्रतिपूर्ति भोपाल  मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव शिक्षा का अधिकार अधिनियम अन्तर्गत अशासकीय विद्यालयों में निःशुल्क अध्ययनरत बच्चों की 489 करोड़ रुपये फीस प्रतिपूर्ति की राशि सिंगल क्लिक से सीधे स्‍कूलों के खातों में अंतरित करेंगे। फीस अंतरण का कार्यक्रम हरदा जिले के खिरकिया नगर में 29 सितम्बर, 2025 को होगा। राज्य शिक्षा केन्द्र की अपर मिशन संचालक मती हरसिमरन प्रीत कौर ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वर्ष 2023-24 के अशासकीय विद्यालयों के प्रेषित प्रस्ताव पर नियमानुसार पोर्टल से जनरेटेड इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के माध्यम से फीस प्रतिपूर्ति की कार्यवाही की गयी है। प्रदेश के 20 हजार 652 अशासकीय विद्यालयों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत नि:शुल्क अध्ययनरत करीब 8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति की जायेगी। उल्‍लेखनीय है कि प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के अंतर्गत गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को उनके ग्राम, वार्ड अथवा पड़ोस में स्थित स्कूल की प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्‍यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर निःशुल्क प्रवेश दिये जाने का प्रावधान है। वर्तमान में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के तहत प्रदेश में लगभग 8.50 लाख बच्चे अशासकीय स्कूलों में निःशुल्क अध्ययनरत होकर शिक्षा प्राप्त कर रहे है। पूर्व के वर्षों में प्रवेशित छात्रों की संख्या को देखा जाये तो सत्र 2011-12 से लागू इस प्रावधान के तहत अशासकीय स्कूलों में नि:शुल्‍क अध्‍ययन से लगभग 19 लाख बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं। इन बच्चों की निजी विद्यालयों में नि:शुल्‍क शिक्षण व्‍यवस्‍था के तहत राज्‍य सरकार द्वारा अब तक लगभग 3 हजार करोड़ रूपये की फीस प्रतिपूर्ति की गयी है।  

उद्योगपतियों को मिलेगा हरसंभव सहयोग : म.प्र. सरकार प्रतिबद्ध

उद्योगपतियों को राज्य सरकार का पूरा सहयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री से अनेक उद्योगपतियों ने की भेंट भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के विकास से बड़ी संख्या में रोजगार सृजित हो रहे हैं। निवेश के इस यज्ञ में उद्योगपतियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से शुक्रवार को समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास में विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के पदाधिकारियों ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग स्थापना के लिए नीतियां निर्धारित की गई हैं, जिसके फलस्वरूप राज्य में अनुकूल वातावरण निर्मित हुआ है। उद्योगपतियों को नीतियों की परिधि में और आवश्यकता होने पर नीतियों से बाहर जाकर भी उद्योग लगाने के लिए राज्य सरकार पूरा सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट करने वालों में लोहिया ग्रीन एनर्जी ग्रुप के  प्रदीप मित्तल एवं  सुरेन्द्र सुमन, ट्रायडेंट ग्रुप के चेयरमैन राजिन्दर गुप्ता, जैक्सन ग्रुप के प्रोप्राइटर,  संदीप गुप्ता और  गगनदीप चानना, पैसिफिक आयरन मैन्युफैक्चरिंग लिमिटेड के चेयरमैन  जे. पी. अग्रवाल एवं  सुमीत अग्रवाल, आर. एस. डब्ल्यू. एम. लिमिटेड (एल. एन. जे. भीलवाड़ा समूह) के  राजीव गुप्ता और  अंकुर खेतान, एल्टिस इंडस्ट्रीज प्रा. लिमिटेड के  विशाल खासगीवाला, एन-विज़न एनवायरनमेंटल सर्विसेज एवं शेष एनवायरो इन्फ्रा प्रा. लिमिटेड के  कुनाल शाह और डॉ. उमंग शाह तथा पार्थ कंस्ट्रक्शन के  नितिन अग्रवाल शामिल थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया भावांतर योजना का किसानों पर सकारात्मक असर

किसानों को लाभान्वित करेगी भावांतर योजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोयाबीन विक्रय का पूरा लाभ लेंगे अन्नदाता 10 अक्टूबर से ई-उपार्जन पोर्टल पर प्रारंभ होंगे पंजीयन एमएसपी से अंतर की राशि का भुगतान करेगी राज्य सरकार मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा कलेक्टर्स को दिए गए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सोयाबीन उत्पादक किसानों के हित में प्रारंभ की जा रही भावांतर योजना को लागू करने के लिए जिला स्तर पर प्रशासनिक अमले को दायित्व दिए जाएं। इस योजना की विशेषताओं को प्रत्येक स्तर पर प्रचारित किया जाए, जिससे अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिले। सांसद, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि योजना के प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म का भी उपयोग करें। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने अन्नदाताओं की चिंता कर सोयाबीन को निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूलय 5328 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित की है। मध्यप्रदेश सरकार किसानों को उनके उत्पादन का मूल्य दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध है। जिस तरह धान और गेहूं पर किसानों को उनके परिश्रम की कीमत दिलवाने का कार्य किया गया है, उसी तरह सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी लाभ दिलवाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए लागू की जा रही भावांतर योजना के संबंध में शुक्रवार को समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा कलेक्टर्स को निर्देशित कर रहे थे। वीडियो कांफ्रेंस में वरिष्ठ विधायक और प्रदेश अध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल भी उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फ्रेंस में विभिन्न मंत्री, सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, उच्च शिक्षा मंत्री  इन्दर सिंह परमार, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, संबंधित वरिष्ठ अधिकारी, समस्त कलेक्टर्स-कमिश्नर्स, राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलवाने के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी नहीं होना चाहिए। हितग्राही को सीधा लाभ मिलना चाहिए। सभी के प्रयासों से भावांतर योजना पूर्णता सफल होगी। 10 अक्टूबर से शुरू होंगे पंजीयन भावांतर योजना के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रदेश में ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन का कार्य 10 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 25 अक्टूबर 2025 तक चलेगा। भावांतर की अवधि 01 नवम्बर से 2025 से 31 जनवरी 2026 तक रहेगी। पंजीकृत कृषक और उनके रकबे के सत्यापन की प्रक्रिया राजस्व विभाग के माध्यम से होगी। किसानों के भावांतर की राशि पंजीयन के समय दर्ज बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित की जाएगी। भावांतर योजना, एक नजर में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के अंतर्गत अधिसूचित तिलहनी फसल के लिए भावांतर योजना वर्ष 2018-19 से लागू की गई है। भारत सरकार ने घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तथा राज्य के मंडी के मॉडल भाव/विक्रय मूल्य अंतर की राशि कृषकों को दिलवाने का प्रावधान किया है। किसान पूर्व की तरह अपनी उपज मंडियों में बेचेंगे। एमएसपी और मंडी का मॉडल भाव/विक्रय मूल्य के बीच के अंतर की राशि का किसान को डीबीटी से भुगतान किया जायेगा। किसान द्वारा ई-पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य होगा। उदाहरण के लिए किसान का उत्पादन मॉडल भाव 4600 रूपए पर हुआ है तो समर्थन मूल्य 5328 में से शेष अर्थात् भावांतर राशि 628 रूपए प्रति क्विंटल राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए जाएंगे। किसान को समर्थन मूल्य बराबर ही राशि प्राप्त होगी। यदि किसान की उपज का विक्रय मूल्य एमएसपी से कम है परंतु राज्य के औसत मॉडल प्राइज के समतुल्य है, ऐसी स्थिति में भी किसान को एमएसपी और बिक्री मूल्य के भावांतर की राशि प्रदान की जाएगी। तीसरी स्थिति में कृषि उपज का विक्रय मूल्य राज्य के औसम मॉडल प्राइस से कम होने की दिशा में किसान को एमएसपी और घोषित औसत मॉडल प्राइस के भावांतर की राशि प्रदान की जाएगी। प्रत्येक स्थिति में किसान का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा। ये जनप्रतिनिधि जुड़े वीसी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव को वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े अनेक जनप्रतिनिधियों ने इस योजना को प्रारंभ करने की पहल के लिए बधाई दी। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री  गौतम टेटवाल, सांसद खण्डवा  ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक जावरा  राजेन्द्र पांडे, विधायक खातेगांव  आशीष शर्मा, विधायक बागली  मुरली भंवरा, विधायक करैरा  रमेश खटीक, विधायक सुवासरा  हरदीप सिंह डंग, विधायक शाजापुर  अरूण भीमावद, विधायक आगर  मधु गेहलोत, विधायक नागदा खाचरौद  तेज बहादुर सिंह चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को धन्यवाद देते हुए कहा कि किसानों को सोयाबीन उत्पादन का पूरा लाभ मिलेगा। निश्चित ही यह सही समय पर उठाया गया सही कदम है। सेवा पखवाड़े और अंत्योदय उत्सव को सफल बनाएं जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं  हेमंत खण्डेलवाल ने प्रदेश में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितम्बर से प्रारंभ होकर गांधी/शास्त्री जयंती 02 अक्टूबर तक हो रहे सेवा पखवाड़े, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती 25 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक स्वदेशी जागरण सप्ताह और 22 सितम्बर से आगामी दीपावली तक निरंतर चलने वाले जीएसटी उत्सव की गतिविधियों को सफल बनाने का आग्रह, जनप्रतिनिधियों से किया। मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश              सभी आवश्यक व्यवस्था की जाएं। कलेक्टर और संबंधित अधिकारी किसानों का हित निश्चित करें। अधिकारियों को क्षेत्रवार दायित्व दिए जाएं।              भावांतर योजना के क्रियान्वयन को प्राथमिकता दें।              जिला स्तर पर नियमित समीक्षा भी हो। किसानों को सही दाम मिले, इसकी मॉनिटरिंग हो।              भावांतर योजना किसानों के हित में है, इसका प्रचार-प्रसार किया जाये।              सभी जनप्रतिनिधि सोशल मीडिया से प्रचार में भी सहयोग करें।              पात्र किसान समय पर पंजीयन करवा लें जिससे पात्र किसान लाभ से वंचित न रहें।