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विजयादशमी पर उज्जैन में बाबा महाकाल का शमी वृक्ष पूजन, शाम 4 बजे होगी सवारी की शुरुआत

 उज्जैन  भगवान महाकाल को त्रिलोकीनाथ अर्थात तीनों लोकों का स्वामी माना जाता है। लेकिन लौकिक जगत में उनकी ख्याति उज्जैन के राजा के रूप में भी है। इसीलिए प्रतिवर्ष विजय दशमी पर वे एक राजा के रूप में शमी वृक्ष का पूजन करने दशहरा मैदान जाते हैं। साल में यह एक मात्र अवसर होता है जब अवंतिकानाथ नए शहर फ्रीगंज पधारते हैं। इस बार 2 अक्टूबर को राजसी वैभव के साथ भगवान महाकाल की सवारी निकलेगी। पं.महेश पुजारी ने बताया दशहरा विजय उत्सव है। इस दिन राजा महाराजा सर्वत्र विजय की कामना से शमी वृक्ष का पूजन कर नगर सीमा का उल्लंघन करते हैं। यह परंपरा आदि अनादिकाल से चली आ रही है। भगवान महाकाल उज्जैन के राजा हैं, इसलिए वे भी लोकमंगल की कामना से शमी वृक्ष का पूजन करने दशहरा मैदान जाते हैं। हर साल दशहरे के दिन शाम चार बजे ठाठ बाट के साथ भगवान महाकाल की सवारी निकाली जाती है। भगवान पुराने शहर से होते हुए फ्रीगंज ओवरब्रिज के रास्ते नए शहर फ्रीगंज में प्रवेश करते हैं तथा दशहरा मैदान पहुंचते हैं। इस बार 2 अक्टूबर को दशहरा मैदान पर विजय उत्सव मनाया जाएगा। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह तथा एसपी प्रदीप शर्मा भगवान महाकाल व शमी वृक्ष की पूजा अर्चना करेंगे। यह रहेगा सवारी मार्ग महाकालेश्वर मंदिर से शाम 4 बजे राजसी वैभव के साथ सवारी की शुरु होकर कोटमोहल्ला, गुदरी चौराहा, पटनी बाजार, गोपाल मंदिर, सराफा, सतीगेट, कंठाल, नईसड़क, दौलतगंज, मालीपुरा, देवासगेट, चामुंडा चौराहा, फ्रीगंज ओवर ब्रिज, टावर चौक, शहीदपार्क, पुराना कलेक्टर बंगले के सामने से दशहरा मैदान पहुंचेगी। यहां भगवान महाकाल व शमी वृक्ष का पूजन किया जाएगा। पूजन पश्चात सवारी निर्धारित मार्गों से होते हुए रात करीब 8 बजे महाकाल मंदिर पहुंचेगी।

25 साल का हुआ BSNL, अब करेगा 4G में धमाकेदार एंट्री – पूरी तरह स्वदेशी तकनीक के साथ

बीएसएनएल @ 25: देश का अपना नेटवर्क स्वदेशी 4G युग में प्रवेश कर रहा  25 साल का हुआ BSNL, अब करेगा 4G में धमाकेदार एंट्री – पूरी तरह स्वदेशी तकनीक के साथ BSNL का नया अध्याय: 25वें साल में देशी 4G नेटवर्क के साथ भविष्य की ओर कदम भोपाल माननीय प्रधानमंत्री कल दिनांक 27/09/2025 को झारसुगड़ा, (ओडिशा) में बीएसएनएल की स्वदेशी 4G सेवा को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। माननीय प्रधानमंत्री जी कल लगभग 37000 करोड़ कि लागत से निर्मित 4G के 97500 मोबाइल टावर का उद्घाटन करेंगे। अपने रजत जयंती वर्ष में, भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) टीसीएम/तेजस/के साथ संयुक्त कार्य योजना के अंतर्गत स्वदेशी सी-डॉट कोर पर आधारित, अखिल भारतीय स्तर पर 4G सेवा शुरू कर रहा है. जो कि भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसमें बीएनएनएल द्वारा स्थापित 92600 से अधिक स्वदेशी 4G मोबाइल टावर शामिल है। 97500 मोबाइल टावर में से 18900 टावर डिजिटल भारत निधि के वित्तीय सहयोग से संस्थापित किये गए हैं इनमें बीएसएनएल के 14180 टावर भी शामिल हैं, जो दूरस्थ सीमावर्ती और नक्सल प्रभावित गावों सहित लगभग 26700 संचार विहीन गाँवों को मोबाइल कवरेज में जोड़ेगी और 20 नाख से अधिक नागरिकों को संचार सेवा प्रदान करेगी | यह सभी टावर सौर उर्जा से संचालित है जो इन्हें भारत में हरित दूरसंचार साईट और टिकाऊ बुनियादी ढांचे को निर्मित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा | माननीय प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के अनुरूप बीएसएनएल द्वारा स्वदेशी 4G तकनीक की शुरुआत सी-डॉट कोर तेजस नेटवर्क, (रेडियो एक्सेस नेटवर्क), सिस्टम इंट्रीग्रेटर टीसीएस के द्वारा स्वदेश में ही विकसित की गयी है, जो पूरी तरह से आत्मनिर्भर तकनीक द्वारा संचालित है और सॉफ्टवेयर द्वारा 5G में अपग्रेड करने के क्षमता रखता है। 25 साल का सफरः गठन से लेकर 4G आत्मनिर्भरता तक 2000: 1 अक्टूबर 2000 को बीएसएनएल का निगमीकरण किया गया जिसके बाद दुरसंचार विभाग (DoT) द्वारा बीएसएनएल को पूरे देश में समस्त दूरसंचार सेवाएं प्रदान करने का दायित्व प्रदान किया गया। 2000 का दशकः सबसे बड़ा लैंडलाइन नेटवर्क विस्तारः राष्ट्रीय कनेक्टिविटी कार्यक्रमों के लिए संचार के आधार के रूप में कार्य किया। 2010 का दशकः अत्यधिक प्रतिस्पर्धा, तेज़ी से बदलती तकनीक (3G/4G) और विभिन्न तरह के टैरिफ की चुनौतियों का सामना करते हुए बीएसएनएल ने देश के ग्रामीण/नागरिकों तक संचार सेवाएँ प्रदान करने के दायित्वों को जारी रखा।  वीवीएनएल के विलय ने स्वदेशी 4G/5G के लिए आधार तैयार किया मध्यप्रदेश में विस्तार  माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा कल स्वदेशी 4G मोबाइल नेटवर्क के लिए 97,500 से अधिक नए मोबाइल टावर का उद्घाटन किया जा रहा है उसमें मध्यप्रदेश की 4679 टावर शामिल हैं जो की प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संस्थापित किए गए हैं। इसमें डिजिटल भारत निधि के वित्तीय सहयोग से 1223 नए टावर लगाए गए हैं, जिससे प्रदेश के लगभग 1656 ऐसे गाँव में मोबाइल सुविधा उपलब्ध कराइ गयी है जहाँ अब तक किसी भी ऑपरेटर का कवरेज नहीं था। इसके अतिरिक्त 247 टावर के संस्थापन का कार्य प्रगति पर है तथा सम्भावना है कि यह कार्य मार्च 2026 तक पूर्ण हो जायेगा | साथ ही भारत सरकार के वृहद अमेंडेड भारतनेट प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्रदेश दूरस्थ ग्रामों तक 65509 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बीएसएनएल द्वारा बिछाई जा रही है जिससे प्रदेश की 22858 ग्राम पंचायतों में हाई स्पीड इन्टरनेट की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी | वर्तमान में मध्यप्रदेश में बीएसएनएल के लगभग 29.3 लाख मोबाइल उपभोक्ता, 1.26 लाख एफटीटीएच उपभोक्ताओं के साथ साथ विभिन्न संस्थानों एवं कार्यालयों में 13571 लीज्ड लाइन कार्यरत हैं। बीएसएनएल के ऐसे उपभोक्ता जिन्होनें अपनी पुरानी 2G/3G सिम को अभी तक 4G सिम में नहीं बदलवाया है, वह किसी भी बीएसएनएल उपभोक्ता सेवा केंद्र अथवा अधिकृत फ्रेंचाइजी/रिटेलर से मुफ्त में 4G सिम प्राप्त कर सकते हैं।

अब देपालपुर की सूरत बदलेगा इंदौर, नगर निगम ने 100 दिन में सफाई का लिया संकल्प

इंदौर  देश में स्वच्छता में सिरमौर इंदौर शहर अब दूसरे शहरों को भी स्वच्छता का पाठ पठाकर उनकी मदद करेगा। इसी सिलसिले में शनिवार को इंदौर नगर निगम और देपालपुर नगर परिषद के बीच एमओयू हुआ है। स्वच्छता से 100 दिन में ही दोपालपुर नगर की सूरत बदल जाएगी। अभी स्वच्छता सर्वे में देपालपुर 1710 नंबर पर रहा था। इसकी रैंकिंग को बेहतर बनाना है। देशभर को स्वच्छता का पाठ पढ़ाने वाला इंदौर अब अधिकृत रूप से महागुरू की भूमिका में आ गया है। शासन ने इंदौर को देपालपुर को स्वच्छ बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। इंदौर ने देपालपुर को अधिकृत रूप से स्वच्छता में नंबर वन लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसको लेकर नगर निगम इंदौर और नगर परिषद देपालपुर के अधिकारियों के बीच एमओयू हुआ है। इस दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव और देपालपुर नगर परिषद के जनप्रतिनिधि और विधायक उपस्थित रहे।  

CM मोहन यादव का बड़ा फैसला: RTE छात्रों की फीस भुगतान के लिए 489 करोड़ रुपये जारी

भोपाल  शासकीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा दे रही मध्य प्रदेश सरकार शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों की भी फ़ीस जमा करती है, हर साल की तरह इस साल भी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ये फ़ीस प्राइवेट स्कूलों के खातों में ट्रांसफर करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत अशासकीय विद्यालयों में निःशुल्क अध्ययन करने वाले बच्चों की 489 करोड़ रुपये फीस प्रतिपूर्ति की राशि सिंगल क्लिक से सीधे स्‍कूलों के खातों में ट्रांसफर करेंगे। ये  कार्यक्रम हरदा जिले के खिरकिया नगर में 29 सितम्बर, 2025 को होगा। 8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस दी जायेगी राज्य शिक्षा केन्द्र की अपर मिशन संचालक हरसिमरन प्रीत कौर ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वर्ष 2023-24 के अशासकीय विद्यालयों के प्रेषित प्रस्ताव पर नियमानुसार पोर्टल से जनरेटेड इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के माध्यम से फीस प्रतिपूर्ति की कार्यवाही की गयी है। प्रदेश के 20 हजार 652 अशासकीय विद्यालयों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत नि:शुल्क अध्ययनरत करीब 8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति की जायेगी। 19 लाख बच्चे अब तक हो चुके लाभान्वित उल्‍लेखनीय है कि प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के अंतर्गत गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को उनके ग्राम, वार्ड अथवा पड़ोस में स्थित स्कूल की प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्‍यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर निःशुल्क प्रवेश दिये जाने का प्रावधान है। पूर्व के वर्षों में प्रवेशित छात्रों की संख्या को देखा जाये तो सत्र 2011-12 से लागू इस प्रावधान के तहत अशासकीय स्कूलों में नि:शुल्‍क अध्‍ययन से लगभग 19 लाख बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं।

1 अक्टूबर से आधार से जुड़ी सेवाओं पर ज्यादा फीस देनी होगी, जरूरी अपडेट जरूर पढ़ें

भोपाल  भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने डेमोग्राफी व बायोमेट्रिक अपडेट के लिए नई दरें लागू करने की तैयारी कर ली है। 1 अक्टूबर से ये नई दरें आपकी जेब को थोड़ा और खाली करा सकती हैं। 1 अक्टूबर से चुकानी होगी ज्यादा फीस अब तक आधार कार्ड (Aadhaar Card Update)बनवाने या अपडेट करवाने के लिए आप घर बैठे ही एप्लाई कर रहे थे। जिसके लिए आपको 100 या 50 रुपए ही चुकानें होते थे। लेकिन, नये नियम के मुताबिक अब 1 अक्टूबर से डेमोग्राफी व बायोमेट्रिक अपडेट कराना महंगा पड़ेगा। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने डेमोग्राफी और बायोमेट्रिक अपडेट की नई दरें तय कर दी हैं। 30 सितंबर 2028 तक प्रभावी रहेंगी नई दरें ये नई फीसमध्यप्रदेश समेत पूरे भारत के लिए प्रभावी की गई हैं। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की ओर से डेमोग्राफी व बायोमेट्रिक अपडेट के लिए निर्धारित की गई ये नई दरें 30 सितंबर 2028 तक प्रभावी रहेंगी। जबकि नया आधार कार्ड बनवाना, 5-7 साल व 15-17 साल की उम्र में मेंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट फ्री रहेगा। 7 से 15 साल और 17+ को यह सेवा 125 रुपए में मिलेगी। पहले 100 रुपए लगते थे। नाम, पता, जन्मतिथि, लिंग, मोबाइल नंबर, ईमेल के लिए 50 रुपए नहीं, 75 रुपए चुकाने होंगे।

महिला वर्ल्ड कप के लिए होलकर स्टेडियम तैयार, टिकट की कीमत 500 रुपये तक, रविवार से टीमें आएंगी

इंदौर  इंदौर के होलकर स्टेडियम में महिला वर्ल्ड कप के छह मैच होंगे। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई है। कुछ ब्लाॅकों में नई कुर्सियां लगाई गई। डे-नाइड मैच होने के कारण स्टेडियम की लाइट भी बदली गई है। सभी टाॅवरों में एलईडी लाइड लगाई गई है। रविवार से इंदौर में मैच के लिए टीमों का आना शुरू हो जाएगा। वर्ष 1997 के बाद दूसरी बार इंदौर में महिला वर्ल्ड कप के मैच होने जा रहे है। इंदौर में पांच मैच होंगे। पहला मैच 1 अक्टूबर को आस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। दूसरा मैच छह अक्टूबर को न्यूजीलैंड व साउथ अफ्रीका के बीच होगा। 19 अक्टूबर को भारतीय टीम इंग्लैड के साथ मैच खेलगी। इस मैच के लिए टिकट ज्यादा बुक हो रहे है। इसके अलावा 22 अक्टूबर को आस्ट्रेलिया व इंग्लैड के बीच मैच होगा। 25 अक्टूबर को आस्ट्रेलिया व साउथ अफ्रीका के बीच मैच खेले जाएंगे। वर्ल्ड कप की शुरुआत गुवाहाटी में होगी और फायनल मैच 20 नवंबर को होगा। स्टेडियम में मैच का लुत्फ उठाने खेलप्रेमी आ सके। इसके लिए मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने टिकट की दरें भी रियायती रखी है। इस मैच के लिए 100, 200 व पांच सौ रुपये के टिकट होंगे। टिकट आईसीसी की वेबसाइट से बुक होंगे। ई टिकट दिखाकर भी स्टेडियम मेें एंट्री हो जाएगी। मैच की तैैयारियों को लेकर स्टेडियम के आसपास सफाई प्रशासन ने शुरू करा दी है। स्टेडियम के आसपास के हिस्सों में वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। एमपीसीए की सुरक्षा व्यवस्था के अलावा पुलिस विभाग ने भी स्टेडियम के बाहर व भीतर बल तैनात करने की तैयारी की है।

पन्ना में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई, स्टोन क्रशर मालिक श्रीकांत दीक्षित पर ₹1.24 अरब का जुर्माना

पन्ना  अवैध खनन पर कलेक्टर न्यायालय ने एक अरब 24 करोड़ 55 लाख 85 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। गुनौर तहसील के बिलघाड़ी में डायमंड स्टोन क्रशर के संचालक श्रीकांत दीक्षित ने पत्थर निकालने के लिए स्वीकृत क्षेत्र के बाहर खोदाई की, जिससे करोड़ों की रायल्टी की चोरी हुई। कलेक्टर सुरेश कुमार ने उप संचालक खनिज को जुर्माने की राशि वसूल कर शासकीय कोष में जमा कराने और बैंक चालान की मूल प्रति न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर न्यायालय ने उप संचालक खनिज और एसडीएम गुनौर से जांच प्रतिवेदन मांगा था। 20 अगस्त को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब के लिए एक सितंबर की तिथि तय की गई। दीक्षित के अधिवक्ता नवीन शर्मा ने जवाब के लिए मोहलत मांगी। 15 सितंबर और 18 सितंबर की सुनवाई में जवाब के लिए पुनः समय मांगा गया। इस दौरान लीज की बकाया राशि जमा करने का कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। न्यायालय ने पाया कि क्रशर संचालक ने मात्र 99 हजार 300 घनमीटर की रायल्टी जमा कराई, जबकि खनन दो लाख 72 हजार 298 घन मीटर किया गया। जुर्माने की कुल राशि 62 करोड़ 27 लाख 92 हजार 800 रुपये आंकी और दोगुनी राशि जमा कराने का आदेश दिया। हाई कोर्ट से भी खारिज हो चुकी है याचिका क्रशर संचालक ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कलेक्टर न्यायालय के अभिलेख को तलब करने और कोई नई जांच प्रारंभ नहीं किए जाने का अनुरोध किया था। हाई कोर्ट ने 17 सितंबर को यह याचिका खारिज कर दी थी।

पहली बार हीरा नगर स्टेशन तक पहुंची इंदौर मेट्रो, दशहरे तक रेडिसन चौराहे तक ट्रायल रन जारी

 इंदौर  इंदौर मेट्रो ने शुक्रवार को अपने ट्रायल रन के दौरान पहली बार हीरा नगर स्टेशन तक का सफर तय किया। गांधी नगर स्टेशन से रवाना हुई मेट्रो 11.65 किमी की दूरी तय कर दोपहर चार बजे हीरा नगर स्टेशन पहुंची। इस मौके पर मेट्रो के एमडी एस. कृष्ण चैतन्य भी मौजूद रहे, जो रेडिसन चौराहे से ट्रॉली में बैठकर हीरा नगर पहुंचे और फिर मेट्रो से सुपर कॉरिडोर स्टेशन तक यात्रा की। गौरतलब है कि 19 सितंबर को मेट्रो पहली बार गांधी नगर से एमआर-10 स्टेशन तक पहुंची थी। वहीं शुक्रवार को यह हीरा नगर स्टेशन तक चली। योजना के अनुसार दशहरे तक मेट्रो बापट चौराहा, मेघदूत उद्यान और विजय नगर चौराहा होते हुए रेडिसन चौराहे तक पहुंचेगी। मेट्रो संचालन शुरू करने से पहले भारतीय रेल के रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) की टीम इंदौर आकर इस हिस्से का निरीक्षण करेगी। अप्रूवल मिलने के बाद कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) की टीम दिसंबर में सुपर कॉरिडोर 3 से रेडिसन तक ट्रैक का परीक्षण करेगी। सीएमआरएस की मंजूरी के बाद ही गांधी नगर से रेडिसन चौराहे तक नियमित यात्री संचालन शुरू होगा। शुक्रवार का ट्रायल रन शेड्यूल     2:15 बजे : सुपर कॉरिडोर 3 स्टेशन से रवाना हुई मेट्रो     2:45 बजे : हीरा नगर स्टेशन पहुंची     3:30 बजे : हीरा नगर से निकली     4:00 बजे : सुपर कॉरिडोर 3 स्टेशन पर वापस पहुंची अब तक का ट्रायल रन सफर     19 सितंबर : गांधी नगर से एमआर-10 तक (8.24 किमी)     26 नवंबर : गांधी नगर से हीरा नगर तक (11.65 किमी)     2 अक्टूबर तक : रेडिसन चौराहे तक (15.76 किमी) फिलहाल यात्रियों के लिए चल रही मेट्रो (4.28 किमी) गांधी नगर (देवी अहिल्या बाई होलकर स्टेशन) से सुपर कॉरिडोर 3 (झलकारी बाई स्टेशन) तक। निर्माण कार्य की स्थिति सुपर कॉरिडोर 2 से रेडिसन चौराहे तक 11 मेट्रो स्टेशन निर्माणाधीन हैं। अगले डेढ़ माह में इनके कांक्रीट ढांचे और प्लेटफार्म का काम पूरा होगा। लिफ्ट, एस्केलेटर और प्रवेश-निकास मार्ग का काम भी तेजी से चल रहा है। अनुमान है कि दिसंबर के पहले सप्ताह तक स्टेशन पूरी तरह तैयार हो जाएंगे।  

होमगार्ड की नौकरी पर मप्र हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कॉलऑफ खत्म कर दिया गया

जबलपुर  मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने मध्य प्रदेश के होमगार्ड का कॉलऑफ समाप्त कर दिया है। करीब 10 हजार होमगार्ड ने 490 याचिकाएं दायर की थीं। जिन पर लंबी सुनवाई के बाद सुरक्षित किया गया आदेश सुनाते हुए न्यायालय ने उक्त आदेश दिया, जिससे अब अब प्रदेश के होमगार्ड को पूरे 12 माह रोजगार मिलेगा, साथ ही अन्य लाभ भी दिए जाएंगे। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विकास महावर ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि कॉलऑफ प्रक्रिया और उससे संबंधित प्रविधान असंवैधानिक घोषित किए जाने योग्य है। दरअसल, आपातकाल में पुलिस की सहायता हेतु एक स्वामसेवी संगठन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए होमगार्ड बनाया गया था। शुरुआत में होमगार्ड को केवल आपातकालीन में ड्यूटी पर आह्वान में लिया जाता था। परंतु वर्ष 1962 के पश्चात संगठन से आपातकालीन के अलावा नियमित सेवाएं ली जाने लगीं और संगठन पुनर्गठन कर सैद्धांतिक रूप से नियमित कर दिया गया। 1962 से होमगार्ड नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें हर वर्ष दो से तीन माह के लिए कॉलऑफ कर दिया जाता था, जबकि संगठन के अन्य अधिकारियों और सैनिकों को नियमित कर पूरे वर्ष कार्य दिया जाता था। उक्त भेदभाव पूर्ण रवैये व होमगार्ड की बदतर सेवा शर्त के विरुद्ध मानव अधिकार आयोग में कई शिकायतें वर्ष 2008 में की गई। मानव अधिकार आयोग ने विस्तृत जांच पश्चात राज्य शासन को होमगार्ड अधिनियम के स्थान पर नोट विधान लाने व कॉलऑफ प्रक्रिया जोकि पूर्ण रूप से अनुचित है उसको खत्म करने की अनुशंसा की। मानवाधिकार आयोग की अनुशंसा पर कोई कार्रवाई शासन द्वारा नहीं की गई, जिस वजह से वर्ष 2011 होमगार्ड संगठन द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में प्रस्तुत की गई, जिसे वर्ष 2011 में स्वीकार कर शासन को नए विधान बनाने हेतु आदेशित कर स्पष्ट रूप से कॉलऑफ समाप्त करने हेतु आदेश दिए गए। जिसके विरुद्ध शासन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई परंतु वह आदेश यथावत रहा। इसी दौरान न्यायालय के निर्देशानुसार कमेटी का गठन किया गया व आलोच्य नियम व आदेश पारित किए गए व वर्ष में दो माह का कॉलऑफ का प्रविधान रखा गया, जबकि कॉलऑफ प्रक्रिया उच्च न्यायालय ने समाप्त कर दी थी। जिसके खिलाफ यह याचिकाएं दायर की गई थीं। जिसमें अंतरिम आदेश पारित पूर्व में पारित किये गये थे। याचिका के लंबित रहते शासन ने नियम में बदलाव कर तीन वर्ष में दो माह का कॉलऑफ का प्रविधान किया जिसे भी न्यायालय में अमेंडमेंट कर चैलेंज किया गया। मामले में हुई विस्तृत सुनवाई में याचिकाकर्ताओं की ओर से काल आफ प्रक्रिया को संविधान के अनुकछेद 14, 21,23 के विपरीत बताते हुए न्यायालय को बताया की होमगार्ड संगठन पूर्व में एक स्यामसेवी संगठन था। परंतु अब ये एक नियमित संगठन बन चुका है व होमगार्ड समस्त कार्य कर रहे हैं, जो संगठन के ही अन्य नियमित सैनिक व पुलिस कर्मी द्वारा किया जाता है, ऐसी दशा में उनसे भेदभाव नहीं किया जाना चाहिये एवं पूरे वर्ष कार्य पर रखा जाना चाहिए, जिससे वे अपने परिवार का पालन पोषण कर सकें। राज्य शासन द्वारा याचिकाओं पर आपत्ति ली गई व कहा गया कि होमगार्ड संगठन एक स्वयंसेवी संगठन है एवं इन्हें पूरे वर्ष कार्य पर नहीं रखा जा सकता। विस्तृत सुनवाई पश्चात हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कॉलऑफ प्रक्रिया समाप्त करने के आदेश देते हुए सभी होमगार्ड जवानों को पूरे वर्ष कार्य पे रखे जाने और समस्त लाभ प्रदान करने के आदेश दिए।  

12 साल बाद इंदौर का BRTS अब इतिहास, एजेंसी को तोड़ने की मिली मंजूरी

इंदौर इंदौर के विवादित बीआरटीएस कॉरिडोर की आखिरकार उलटी गिनती शुरू हो गई है। मेयर इन काउंसिल ने इसे तोड़ने के लिए औपचारिक मंजूरी जारी कर दी है और संभवतः बुधवार से एजेंसी इसे तोड़ने का काम शुरू करेगी। इसके टूटने से निगम को ढाई करोड़ की राशि मिलेगी। डिवाइडर बनाने में 12 करोड़ करीब खर्च होंगे। बीआरटीएस 300 करोड़ में बना था     इंदौर बीआरटीएस साल 2013 में शुरू हुआ था। तब प्रारंभिक लागत 90 करोड़ मानी गई लेकिन बनते-बनते यह 300 करोड़ हो गई। इंदौर में यह 11.47 किमी लंबा है। इसमें हर दिन 60 हजार से अधिक यात्री सफर करते थे। इसमें हर 500 मीटर की दूरी पर एक बस स्टैंड बनाया गया। निरंजनपुर से राजीव गांधी प्रतिमा चौराहे तक यह कॉरिडोर अभी मौजूद है, जिसे अब तोड़ा जाएगा। इसमें दोनों ओर की रैलिंग के साथ ही बस स्टॉप को हटाया जाएगा और बीच में डिवाइडर बनाएंगे, जिससे रोड चौड़ा होगा। कई जंक्शन पर फ्लाईओवर बनाने की भी योजना है। खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे तोड़ने की घोषणा की थी। बाद में हाईकोर्ट ने भी इस पर मुहर लगाई। महापौर की बैठक में लगी मुहर शुक्रवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा महापौर सभाकक्ष में मेयर इन कौंसिल की बैठक में इसका फैसला लिया गया। बीआरटीएस कॉरिडोर इंदौर की आरसीसी बीम, एमएस रेलिंग एवं बस शेल्टर्स को तोड़ने के संबंध में प्राप्त ऑफर रेट की स्वीकृति प्रदान की गई, जिसके तहत उपरोक्त कार्य को हटाने के साथ ही निविदा शर्त अनुसार निर्माण कार्य भी प्रारंभ करने के संबंध में निर्देशित किया गया। बैठक में यह भी लिए गए फैसले महापौर भार्गव ने बताया कि इंदौर देश में स्वच्छता का पाठ सिखाता है, इंदौर स्वच्छता का मॉडल है, जिसके परिणामस्वरूप इंदौर शासन के निर्देशनुसार स्वच्छता गुरु बनकर इंदौर के समीप देपालपुर नगर परिषद को स्वच्छता का पाठ पढ़ाएगा और स्वच्छता अभियान में सहयोग करेगा। इसके लिए जल्द नगर निगम एवं देपालपुर परिषद के मध्य एमओयू भी साइन होगा, ताकि इंदौर देपालपुर को भी स्वच्छ व सुंदर बनाने में सहयोग कर सके। भविष्य में शहर की फायर सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए, 70 मीटर ऊंचाई के अग्निशमन कार्यार्थ हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म क्रय रखरखाव के साथ क्रय करने की भी स्वीकृति प्रदान की गई, यह विशेष फायर टेंडर फिनलैंड से असेंबल होकर पहुंचेगे। बैठक में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत राशि 10.78 करोड़ की लागत से बिलावली तालाब तथा राशि 3.24 करोड़ की लागत से छोटा सिरपुर तालाब के विकास एवं जीर्णोद्धार संबंधित कार्यों की निविदा दर एवं अनुबंध करने की स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में निगमायुक्त दिलीपकुमार यादव, महापौर परिषद सदस्य राजेन्द्र राठौर, अश्विनी शुक्ल, निरंजनसिंह चौहान, नंदकिशोर पहाडिया, अभिषेक शर्मा बबलु, राजेश उदावत, मनीष शर्मा मामा, अपर आयुक्त, विभाग प्रमुख व अन्य उपस्थित थे। कोर्ट के आदेश के सात माह बाद अब तोड़ा जाएगा     2.5 करोड़ रुपये से अधिक राशि मिलेगी निगम को     12 वर्ष का सफर अब थमेगा     3 एजेंसियां मिलकर बनाएंगी डिवाइडर     90 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान था बीआरटीएस निर्माण पर, जो बढ़कर 300 करोड़ रुपये तक पहुंच गया     बीआरटीएस मार्ग में जहां फ्लाईओवर प्रस्तावित हैं, वहां फिलहाल डिवाइडर बनाने के बजाय रेलिंग लगाई जाएगी     12 करोड़ रुपये खर्च आएगा बीआरटीएस मार्ग पर डिवाइडर बनाने में निगम को एक और नवाचार की तैयारी बीआरटीएस तोड़ने के बाद मार्ग में बनाए जाने वाले डिवाइडर में पौधारोपण होगा। इन पौधों तक पानी पहुंचाने के लिए विशेष पाइप लाइन डिवाइडर में बिछाई जाएगी। एक बटन दबाते ही 11 किमी लंबे मार्ग में बनाए डिवाइडरों में रोपे गए पौधों तक पानी पहुंच जाएगा। निरंजनपुर से शुरू होकर राजीव गांधी प्रतिमा तक जाता है बीआरटीएस     11.47 किमी लंबा है बीआरटीएस     21 बस स्टैंड हैं बीआरटीएस पर     14 क्रास चौराहे आते हैं मार्ग पर     500 मीटर की दूरी पर एक बस स्टैंड बनाया है     40 नए बस स्टैंड बनाए जाएंगे इस मार्ग पर डिवाइडर बनाने का काम भी चलेगा     बीआरटीएस तोड़ने वाली एजेंसी बुधवार से काम शुरू कर देगी। शुक्रवार को हुई एमआइसी की बैठक में दो करोड़ 55 लाख 56 हजार 860 रुपये के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। बीआरटीएस तोड़ने के साथ ही मार्ग पर डिवाइडर बनाने का काम भी चलेगा ताकि यातायात बाधित न हो। -पुष्यमित्र भार्गव, महापौर, इंदौर