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नए साल से पहले रेलवे अलर्ट: मध्यप्रदेश की 5 ट्रेनें रद्द, 18 की होगी रूट बदल, जानें पूरी लिस्ट

ग्वालियर पुराने साल की विदाई और नए साल के स्वागत को लेकर सैर-सपाटे की योजना बनाने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं। वीरंगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म तीन पर वाशेबल एप्रन हटाकर गिट्टी रहित पटरी बिछाने का काम होने के कारण डेढ़ माह तक कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। 25 नवंबर से आठ जनवरी के बीच ग्वालियर होकर चलने वाली पांच जोड़ों ट्रेनों को रेलवे ने रद्द (Cancelled Train in MP) किया है, जबकि कई ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से संचालित किया जाएगा। कुछ ट्रेनों के शुरूआत और समाप्ति स्टेशन में बदलाव इसमें कई ट्रेनें ग्वालियर स्टेशन से ही झांसी के बजाय शिवपुरी-गुना होते हुए बीना तक संचालित की जाएंगी, वहीं झांसी होकर कानपुर के बीच चलने वाली कई ट्रेनों को इटावा-भिंड होकर ग्वालियर लाया जाएगा। इसके साथ ही कुछ ट्रेनों के शुरूआत और समाप्ति स्टेशन में बदलाव भी किया गया है।   ये ट्रेनें रहेंगी रद्द – ट्रेन क्रमांक 11901-11902 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-आगरा कैंट एक्सप्रेस 25 नवंबर से लेकर नौ जनवरी तक रद्द रहेगी। – ट्रेन क्रमांक 11903-11904 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-इटावा एक्सप्रेस 25 नवंबर से नौ जनवरी तक रद्द रहेगी। – ट्रेन क्रमांक 05073-05074 बेंगलुरु सिटी-लालकुआं साप्ताहिक ट्रेन को 29 नवंबर से छह जनवरी तक रद्द किया गया है। – ट्रेन क्रमांक 07363-07364 योगनगरी ऋषिकेश-हुबली साप्ताहिक ट्रेन 27 नवंबबर से पांच जनवरी तक रद्द रहेगी। – ट्रेन क्रमांक 06597-06598 योगनगरी ऋषिकेश-यशवंतपुर को 27 नवंबर से एक जनवरी तक रद्द किया गया है। परिवर्तित मार्ग से चलेंगी ये ट्रेनें – ट्रेन क्रमांक 22456 कालका-साईनगर शिरडी एक्सप्रेस को 27 नवंबर से चार जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना होकर चलाया जाएगा। – ट्रेन क्रमांक 16318 श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा-कन्याकुमारी एक्सप्रेस 24 नवंबर से पांच जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 20494 चंडीगढ़-मदुरै एक्सप्रेस 28 नवंबर से पांच जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 16032 श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा-चेन्नई सेंट्रल 25 नवंबर से छह जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 16788 श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा-तिरुनेलवेली एक्सप्रेस 27 नवंबर से एक जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 14314 बरेली-लोकमान्य तिलक टर्मिनस 29 नवंबर से तीन जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – इसी प्रकार ट्रेन क्रमांक 14320 बरेली-इंदौर एक्सप्रेस 26 नवंबर से सात जनवरी तक तक अपने बदले हुए मार्ग ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 12162 आगरा कैंट-एलटीटी लश्कर एक्सप्रेस 29 नवंबर से तीन जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 22706 जम्मूतवी-तिरुपति 28 नवंबर से दो जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 12752 जम्मूतवी-नांदेड़ 30 नवंबर से चार जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 22408 हजरत निजामुद्दीन-अंबिकापुर एक्सप्रेस 25 नवंबर से छह जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 11078 जम्मूतवी-पुणे झेलम एक्सप्रेस 24 नवंबर से सात जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 09466 दरभंगा-अहमदाबाद एक्सप्रेस एक दिसंबर से पांच जनवरी तक बदले हुए मार्ग कानपुर से इटावा-ग्वालियर-गुना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 09465 अहमदाबाद-दरभंगा एक्सप्रेस 28 नवंबर से दो जनवरी तक कानपुर-इटावा-ग्वालियर-गुना के रास्ते चलेगी।

स्वदेशी वस्तुओं की खरीदी करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जीएसटी की दरों में कटौती के बारे में व्यापारियों को देंगे जानकारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार (22 सितंबर को) भोपाल के ऐतिहासिक 'चौक बाजार में' नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी के प्रचार अभियान में शामिल होंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 2:30 बजे भवानी मंदिर, सोमवारा चौक पर होगा, जहां मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जीएसटी प्रचार अभियान का स्वागत किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शारदीय नवरात्र की घट स्थापना अवसर पर यहां कर्फ़्यू वाली माता मंदिर में दर्शन-पूजन कर शुभाशीष प्राप्त करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव चौक बाजार में ही पुलिस चौकी से दीपाली साड़ी प्रतिष्ठान तक पैदल भ्रमण करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री बाजार में खरीददारी करने आये ग्राहकों और व्यापारियों से जीएसटी के बारे में चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव व्यापारियों को जीएसटी रेजोल्यूशन की प्रतियां वितरित करेंगे और व्यापारियों को समझाइश देकर जीएसटी को लेकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रचार अभियान के दौरान स्वदेशी हैंडलूम्स और खादी कपड़े से बने परिधानों की खरीददारी करेंगे। साथ ही विभिन्न भुगतान माध्यमों के बारे में जानकारी देकर आमजन को डिजिटल पेमेंट प्रणाली अपनाने का संदेश भी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अपरान्ह 3 बजे श्री मोतीलाल मन्नूलाल धर्मशाला पहुंचेंगे, जहां वे व्यापारिक, वाणिज्यिक एवं सामाजिक संगठनों के करीब 300 प्रतिनिधियों से रूबरू होकर संवाद करेंगे। संवाद के दौरान केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी की दरों में कटौती किए जाने से क्रेता-विक्रेता को होने वाले लाभों की जानकारी दी जायेगी।  

स्व का जागरण: मातृशक्ति ने दिया आत्मविश्वास और सफलता

ग्वालियर  ग्वालियर में मातृशक्ति में स्व का भाव जगाने के लिए संकल्प से सिद्धी का मूल ध्येय सिद्ध किया है महिलाओं के समूह स्वयं सिद्धा ने। यह संस्था महिलाओं में सांस्कृतिक संवर्द्धन और आंतरिक गुणों की पहचान कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा हैं। कोरोना काल में आपदा में अवसर तलाशने के लिए यह संस्था अस्तिव में आई। वर्तमान में संस्था से जुड़कर 350 महिलाएं समाज के नवसृजन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहीं हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह संस्था महिलाओं को स्वयं के उत्पाद निर्मित करने में मदद करने के साथ ही उन्हें बाजार भी उपलब्ध कराती है। इसके बदले में संस्था महिला सदस्यों से कोई कमीशन नही लेती है। इसलिए उत्पादन से लेकर मुनाफे तक सदस्यों का पूर्ण अधिकार होता है। आज समूह की सदस्य आस्ट्रेलिया, जापान, दुबई, इटली,जर्मनी व अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों के बीच अपने उत्पाद पहुंचा रही हैं। इन महिलाओं द्वारा निर्मित महाराष्ट्रीयन, गुजराती, पंजाबी व्यंजनों के साथ-साथ हस्तशिल्प उत्पाद इन देशों में काफी पसंद किए जा रहे हैं। स्वयं सिद्धा संस्था की सूत्रधार महिमा तारे ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में समाज घोर निराशा और हताशा का वातावरण निर्मित था। उस समय नया काम करने की कल्पना करना भी असंभव प्रतीत हो रहा था, क्योंकि बाजार बंद था, नौकरियों पर घनघोर काले बादल छाए हुए थे। कई परिवारों में दो वक्त की रोटी की व्यवस्था करना चुनौती पूर्ण था। जीवन का सरकार पर आश्रित होकर चलना मुश्किल था। ऐसे माहौल में महिलाओं को घर की दहलीज लांघकर स्वयं को सिद्ध करने का संकल्प भी डरावना सा लग रहा था। साहस और हिम्मत के साथ पहला पग किसी तरह से आगे बढ़ाया। श्रीमती तारे कहती हैं कि संस्था का उद्देश्य केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना ही नही हैं, उनका व्यक्तित्व विकास और उनके सपनों को साकार करना मूलध्येय है। आंवले के उत्पादों से की शुरुआत संस्था की महिला सदस्यों को ग्वालियर के राजामाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में आंवले की प्रोसेसिंग कर इसके उत्पाद बनाने का अवसर मिला। सदस्यों को यहां आंवले की धुलाई, छंटाई, कटाई, और फिर विभिन्न तरीकों से गूदा, रस या पाउडर तैयार करने का प्रशिक्षण मिला। इससे उन्होंने आंवला कैंडी, अचार, च्यवनप्राश, जूस, या कास्मेटिक उत्पाद बनाना सीखा इसके साथ सभी सदस्यों को उत्पादों के मानकीकरण और पाश्चुरीकरण का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशासन से मिला आर्डर रद हो गया महिमा तारे बताती हैं कि दीपावली से पहले का समय था। पहला आर्डर जिला प्रशासन से स्वल्पहार का मिला। हम लोग उत्साहित थे। प्रत्येक महिला ने 10-10 किलो की मात्रा में व्यंजन तैयार किये। अचानक कोरोना गाइड लाइन के कारण प्रशासन ने आर्डर यह कहकर रद कर दिया कि केवल पैकेज्ड फूड लेने की अनुमति हैं। सभी महिलाएं निराश होकर सारा सामान मेरे घर पर रख गईं। बैजाताल पर स्टाल लगाकर इन व्यंजनों को बेचने का प्रयास किया, पूरे दिन बैठने के बाद कोई सामान नही बिका। निराशा के बीच आशा की किरण दीपावली के रूप में सामने आई और यह सामान हाथों-हाथों बिक गया। महिलाओं को मना करना पड़ा कि दीदी अब कोई आर्डर मत लेना। ऋतुओं के अनुसार तैयार करती है उत्पाद संस्था से जुड़ी महिलाओं के पास पूरे माह कार्य रहता है, क्योंकि महिला सदस्य ऋतुओं के अनुसार उत्पाद तैयार करती हैं, जिससे उनका माल हाथों-हाथों बिक जाता है। महिलाएं अचार, पापड़ नियमित तौर करती हैं। त्योहारों, होली, दीपावली, रक्षाबंधन, नवरात्र पर परंपरागत पकवान बाखरबड़ी, खमण-ढोकला, गुजिया, मठरी, नमकीन, पूरनपोली, गुड की रोटी बनाती हैं। व्यजनों का निर्माण सभी बहनें एक ही रसोई में एक दूसरे का हाथ बांटते हुए करती हैं।  

जबलपुर-रायपुर कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा, 150 किमी फोरलेन सड़क का निर्माण जल्द

जबलपुर जबलपुर से रायपुर की सड़क की दशा जल्द बदलेगी। इस सड़क के कुछ हिस्से पर वाहन चालक चलने से घबराते हैं। इस सड़क को अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण फोरलेन बनाने जा रहा है। सड़क की न सिर्फ चौड़ाई बढ़ेगी बल्कि नए तरह से निर्माण किया जाएगा। जबलपुर से चिल्पी तक करीब 150 किलोमीटर के हिस्से का निर्माण एनएचएआइ करेगा। इस मार्ग के निर्माण में 4500 करोड़ का व्यय होगा। फिलहाल सडक निर्माण के लिए कंसल्टेंसी नियुक्त करने का प्रयास हो रहा है ताकि इसकी डिटेल प्रोजेक्ट बनाकर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा जा सके। सब कुछ ठीक रहा तो यह सड़क जो अभी एमपी रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) के पास है, इसे वापस एनएचएआइ सड़क का हस्तातंरण करेगा। वन्य जीवों के लिए सुरक्षित मार्ग जबलपुर से चिल्पी के बीच मंडला क्षेत्र में आने वाला कान्हा नेशनल पार्क का कोर एरिया आता है। जहां वन्यजीवों की घनी आबादी विचरण करती है। ऐसे में एनएचएआई मार्ग में जगह-जगह अंडरपास और ओवर ब्रिज का निर्माण करेंगा ताकि वाहन निकलने से वन्य जीवों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो। कई जगह साउंड प्रूफ उपकरण भी लगाए जाएंगे जिससे बंदरों और अन्य जीवों को वाहनों की आवाजाही खलल न पैदा करें। बता दें करीब 25 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर की लागत आ रही है। फोरलेन बनने से बढ़ेगी रफ्तार फिलहाल राष्ट्रीय राजमार्ग 30 जबलपुर से रायपुर के बीच दो लेन है। इस वजह से वाहनों की आवाजाही में थोड़ी परेशानी होती है। मौसम खराब होने पर वाहनों की लंबी कतार सड़क पर लग जाती है। आवागमन भी बाधित होता है। यहां कुछ जगह लैंड स्लाइडिंग की भी समस्या बनी हुई है इसके लिए लगातार एमपीआरडीसी को शिकायत होती है लेकिन वहां से कोई भी राहत नहीं मिल पा रही है। एमपीआरडीसी द्वारा इस सड़क का निर्माण गुणवत्ताहीन तरीके से कराया जा रहा था। वर्षों से यह सड़क बेहद खराब स्थिति में है जिससे आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब इस सड़क को सरकार फोरलेन में तब्दील होगी तो बड़े स्तर पर राहत मिलने की संभावना है। इस सड़क के लिए गडकरी ने मांगी थी माफी जबलपुर मंडला की यह वही सड़क है जिसके लिए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को सड़क की खराब गुणवत्ता के लिए सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी थी। गडकरी 2022 में मध्य प्रदेश दौरे पर आए थे। तब उन्होंने मध्य प्रदेश को छत्तीसगढ़ से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे की इस बदहाल सड़क को देखा। उन्होंने शर्मिंदगी महसूस की। सड़क की स्थिति को देखते हुए मंच से ही माफी मांगी थी। इस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव भी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने ये बयान सात नवंबर 2022 को मध्य प्रदेश के मंडला में दिया था। गडकरी ने जबलपुर से मंडला के बीच नेशनल हाईवे के टेंडर रद्द कर सड़क के इस हिस्से को फिर से बनवाने के निर्देश दिए थे। बाद में इस मार्ग को सुधारने के लिए 53 करोड़ रुपये की लागत से सुधार का काम हुआ था। 2015 में शुरू हुआ था निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 251 करोड़ की लागत से जबलपुर से मंडला के बीच इस राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन को निर्माण एजेंसी बनाया था। तीन फेस में बनने वाली इस सड़क का काम साल 2015 में शुरू हुआ था, जिसे दिसंबर 2016 तक पूरा हो जाना था। लेकिन, अब तक हाईवे का निर्माण अधूरा है और जहां हाईवे बना वो घटिया निर्माण से टूट-फूट का शिकार है।  

रेलवे लाया स्पेशल टूर पैकेज: 9 दिन में सात ज्योतिर्लिंग, बजट में पूरी यात्रा!

ग्वालियर त्योहार के सीजन के साथ ही सर्दी के मौसम में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC Tour Package) द्वारा अगले तीन माह विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इसमें सितंबर से लेकर दिसंबर माह तक विभिन्न स्थानों से ट्रेनें संचालित की जाएंगी, जिनमें आगरा, ग्वालियर व झांसी से भी टिकट बुकिंग का विकल्प रहेगा। फिलहाल आइआरसीटीसी ने आगरा, ग्वालियर, झांसी स्टेशन से बैठने की सुविधा वाली दो ट्रेनों की घोषणा कर दी है, लेकिन अधिकारियों के अनुसार अभी और भी ट्रेनें तीर्थ स्थलों के लिए संचालित की जाएंगी जिसमें लोग बुकिंग करा सकते हैं। अगली धार्मिक ट्रेन का संचालन पांच नवंबर को आइआरसीटीसी द्वारा अगली धार्मिक ट्रेन का संचालन पांच नवंबर को किया जाएगा। ये गंगासागर-पुरी यात्रा स्पेशल ट्रेन होगी, जो दिल्ली सफदरजंग से शुरू होकर संचालित की जाएगी। इस ट्रेन में दिल्ली के अलावा मथुरा, आगरा, ग्वालियर, झांसी, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या स्टेशन से चढ़ने के विकल्प रहेंगे। इस ट्रेन पैकेज में गया में महाबोधि मंदिर एवं विष्णुपद मंदिर, पुरी में जगन्नाथ मंदिर और कोणार्क सूर्य मंदिर, कोलकाता में गंगासागर और कालीघाट काली मंदिर, जसीडीह में बैद्यनाथ धाम, वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर और अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन शामिल रहेंगे। ये नौ रात और 10 दिन की यात्रा रहेगी, जिसमें स्लीपर श्रेणी की 640, थर्ड एसी की 70 और सेकंड एसी की 50 बर्थ मौजूद रहेंगी।   ये टूर भी नौ रात और 10 दिन का इसी प्रकार आगामी 18 नवंबर को सात ज्योतिर्लिंग की यात्रा शुरू होगी। ये ट्रेन योग नगरी ऋषिकेश से चलेगी और इसमें ऋषिकेश, हरिद्वार, मुरादाबाद, बरेली, हरदोई, लखनऊ, कानपुर, उरई, झांसी और ललितपुर स्टेशन से चढ़ने की व्यवस्था रहेगी। ग्वालियर के श्रद्धालु झांसी स्टेशन से ट्रेन में सवार हो सकेंगे। ये ट्रेन ओंकारेश्वर, महाकाल, सोमनाथ, नागेश्वर के साथ ही द्वारिका व भेंट द्वारिका, त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर, गिरनेश्वर के दर्शन कराएगी। 13 सितंबर को भी रवाना हुई थी ट्रेन, दिसंबर में और संभावनाएं- इसी माह गंगासागर-पुरी यात्रा के लिए भी 13 तारीख को ट्रेन रवाना हुई थी, जिसमें आगरा, ग्वालियर, झांसी, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या से बैठने की सुविधा थी। ये टूर भी नौ रात और 10 दिन का था। सर्दी के मौसम में बढ़ता है धार्मिक पर्यटन आइआरसीटीसी के अधिकारियों का कहना है कि सर्दी के मौसम में धार्मिक पर्यटन बढ़ता है। इसके अलावा लोग भी घूमने-फिरने में रुचि लेते हैं, क्योंकि इस मौसम में घूमने में लोगों को ज्यादा समस्या नहीं होती है। इसको देखते हुए दिसंबर माह में भी दो ट्रेनों के संचालन की संभावना है। आइआरसीटीसी की ओर से सितंबर माह में एक ट्रेन संचालित की गई थी। अक्टूबर माह में त्योहार होने के कारण फिलहाल ट्रेन नहीं है। नवंबर माह में दो ट्रेनें रवाना होंगी। दिसंबर में भी धार्मिक स्थलों के लिए ट्रेन संचालित होने की संभावना है। – अजीत सिन्हा, मुख्य क्षेत्रीय अधिकारी, आइआरसीटीसी

कुत्ता-बिल्ली के झगड़े ने पति-पत्नी के रिश्ते में पैदा की दरार, जानें पूरा मामला

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक हैरान कर देने वाला तलाक का मामला सामने आया है। यहां एक दंपति तलाक लेने की वजह सिर्फ यह बताई है कि दोनों को एक-दूसरे के पालतू जानवर पसंद नहीं हैं। आपको बता दें कि दंपति की शादी सिर्फ 8 महीने पहले 2024 में हुई थी। पति यूपी का रहने वाला है और पत्नी भोपाल की। दोनों की मुलाकात पालतू जानवरों के हित में आयोजित आंदोलन के दौरान हुई थी। शादी के समय दोनों ने यह तय किया था कि वे एक-दूसरे के पालतू की देखभाल में मदद करेंगे। पालतू जानवरों के कारण तलाक की अर्जी शादी के बाद विवाद तब शुरू हुआ जब पत्नी अपनी बिल्ली को साथ लाईं, जबकि पति के पास पहले से ही दो कुत्ते, मछली और खरगोश थे। महिला ने आरोप लगाते हुए कहा है कि पति के कुत्ते उसकी बिल्ली को डराते हैं और बार-बार भौंकते हैं, तो वहीं इन आरोपों पर पति का कहना है कि महिला की बिल्ली लगातार म्याऊं करती है और उसकी मछलियों को नुकसान पहुंचाती है। इन्हीं विवादों के कारण दोनों ने अलग रहने का निर्णय लिया और तलाक के लिए फैमिली कोर्ट का रुख किया। दोनों को समझाने का प्रयास जारी बता दें कि कोर्ट में काउंसलर शैल अवस्थी दोनों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे मतभेद भुलाकर रिश्ते को बचाएं. पहली काउंसलिंग में पति ने जिद की कि बिल्ली की वजह से वह अपने जानवरों के साथ अलग रहना चाहता है। पत्नी ने कहा कि वह अपनी बिल्ली को उदास नहीं देख सकती। अगली काउंसलिंग दशहरा के बाद होगी, जिसमें फिर से दोनों को समझाने की कोशिश होगी।  

कारीगरों की मेहनत से सारंगपुर बन रहा है स्वदेशी शक्ति केंद्र : मंत्री टेटवाल

हथकरघा और शिल्पकला से प्रदेश को मिलेगी वैश्विक पहचान भोपाल  कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री( स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए लोकल फ़ॉर वोकल के संदेश ने न केवल देश में स्वदेशी वस्तुओं की खपत को बढ़ाया है, बल्कि उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का मार्ग भी प्रशस्त किया है। इसी दिशा में राजगढ़ जिले के सारंगपुर जैसे कस्बे अपने हुनर और कारीगरी के माध्यम से लगातार प्रगति कर रहे हैं और प्रदेश को समर्थ बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। मंत्री श्री टेटवाल ने सारंगपुर विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया और वार्डों में कुटीर उद्योग से जुड़े कारीगरों, बुनकरों और व्यापारियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सारंगपुर की शिल्पकला और हस्तनिर्मित वस्तुएं आने वाले समय में इस क्षेत्र को वैश्विक पहचान दिलाने में बड़ी भूमिका निभाएंगी। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि सारंगपुर हथकरघा और बुनकरों के कार्यों में निरंतर आगे बढ़ रहा है। यहां तैयार की जा रही सिल्क की साड़ियां पहले से ही कई स्थानों पर प्रसिद्ध हैं। इसी प्रकार ताड़ से बनाई जा रही चटाइयां और अन्य उपयोगी वस्तुएं की भी लोगों के बीच बड़ी मांग हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सारंगपुर के कारीगरों की मेहनत से यहां की पारंपरिक कला और उत्पाद न केवल देश के बाजारों में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी विशेष पहचान बनाएंगे। वोकल फॉर लोकल को जनआंदोलन बनाने की अपील मंत्री श्री टेटवाल ने कारीगरों और व्यापारियों से अपील की कि वे स्वदेशी उत्पादों के निर्माण और उपयोग को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि यदि हम सभी लोकल उत्पादों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करेंगे तो इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि प्रदेश और देश की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का जो अभियान चलाया जा रहा है, वह तभी सफल होगा जब प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझकर इसमें भागीदार बनेगा। सारंगपुर के कारीगरों का हुनर और समर्पण इस दिशा में एक प्रेरक उदाहरण है, जो यह दर्शाता है कि कैसे एक छोटा सा कस्बा भी लोकल से ग्लोबल पहचान बना सकता है।  

प्रदेश में बुनियादी साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा में 17 लाख से अधिक परीक्षार्थी हुए शामिल

साक्षरता के लिये चल रहा है उल्लास नवभारत कार्यक्रम भोपाल  प्रदेश में 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के असाक्षर व्यक्तियों के लिए बुनियादी साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा शनिवार को आयोजित की गई। इस परीक्षा में लगभग 17 लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया। परीक्षा नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत कराई गई, जिसका उद्देश्य वयस्कों को पढ़ना-लिखना और अंकगणित का बुनियादी ज्ञान उपलब्ध कराना है। परीक्षा के लिए जिलों और ब्लॉक स्तर पर विशेष केंद्र बनाए गए थे। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में प्रौढ़ शिक्षा के लिए वर्ष-2022 से उल्लास- नवभारत साक्षरता कार्यक्रम चल रहा है। यह कार्यक्रम वर्ष-2022 से वर्ष-2027 तक के लिये तैयार किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित राज्य साक्षरता मिशन के अनुसार इस मूल्यांकन परीक्षा से यह आकलन किया जाएगा कि कितने शिक्षार्थी बुनियादी साक्षरता प्राप्त कर चुके हैं। परीक्षा में मुख्य रूप से पढ़ने, लिखने और संख्यात्मक ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे गए। इस पहल से लाखों लोग साक्षर बनकर न केवल अपने व्यक्तिगत जीवन में आत्मनिर्भर होंगे, बल्कि समाज और राज्य के विकास में भी सक्रिय योगदान देंगे। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जहां वयस्क साक्षरता कार्यक्रम को व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है। पठन पाठन सामग्री प्रदेश के परिदृश्य को ध्यान में रखकर राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा "अक्षर पोथी" नाम से प्रवेशिका बनाई गई है। यह प्रवेशिका सीखने की परिष्कृत गति एवं विषय वस्तु पर आधारित है। इस प्रवेशिका में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता के साथ महत्वपूर्ण जीवन कौशल जैसे, वित्तीय, कानूनी, डिजिटल साक्षरता, आपदा प्रबंधन, वाणिज्यिक कौशल, मतदाता पंजीकरण, आधार जैसे विभिन्न फार्म को भरने के तरीके पर जागरूकता एवं कौशल शामिल है। अक्षर पोथी प्रवेशिका को एजूकेशन पोर्टल पर अपलोड करने के साथ साक्षरता कार्यक्रम के सभी व्हाट्सअप ग्रुप और यू-ट्यूब चेनल के माध्यम से भेजा गया है।  

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दतिया शक्तिपीठ में की माँ पीताम्बरा की पूजा अर्चना

प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल रविवार को दतिया प्रवास पर थे। उन्होंने प्रसिद्ध शक्तिपीठ पहुंचकर माँ पीताम्बरा के दर्शन किए। विधि विधान से पूजा अर्चना की। उन्होंने वनखण्डेश्वर बाबा का जलाभिषेक भी किया। राज्यपाल श्री पटेल ने माँ पीताम्बरा से प्रदेश और देश की सुख समृद्धि एवं कल्याण की प्रार्थना की। इस अवसर पर पूर्व मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्र, जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।  

परिवहन विभाग अवैध संचालित वाहनों के विरूद्ध 22 सितंबर से चलायेगा विशेष अभियान

दो सप्ताह तक चलेगा विशेष अभियान भोपाल प्रदेश में सड़क सुरक्षा को अधिक सुदृढ़ बनाने और मोटरयान अधिनियम का पालन सुनिश्चित करने के लिये परिवहन विभाग 22 सितंबर से 2 सप्ताह तक वाहनों की चेकिंग के लिये एक विशेष अभियान चलाएगा। अभियान में प्रदेश में एक साथ समस्त जिलों में वाहन चेकिंग की कार्रवाई की जायेगी। इसमें मुख्य रूप से अग्निश्मन सिस्टम न लगे होने, वाहन में फस्टटेड किट उपलब्ध न होने, रेट्रो रिफलेक्टिव नहीं लगे होने पर संबंधित वाहनों के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी। इसी साथ ही यात्री बसों द्वारा ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट लेकर स्टेज कैरिज के रूप में संचालन करने की प्राप्त हो रही शिकायतों के संबंध में जांच की जायेगी। दोषी यात्री बसों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। अभियान के दौरान मध्यप्रदेश मोटरयान कर जमा न करने वाले वाहनों के विरूद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई होगी। सड़क सुरक्षा की दृष्टि से मोटरयान अधिनियम एवं नियमों के अन्य प्रावधानों जैसे ओव्हर लोडिंग, ओव्हर स्पीडिंग, निर्धारित पात्रता से अधिक यात्री ढ़ोने आदि अपराधों के संबंध में भी अभियान में सख्त कार्रवाई की जायेगी। परिवहन आयुक्त ने विशेष अभियान के दौरान स्कूल बसों की चेकिंग पर भी विशेष ध्यान दिये जाने तथा नियम विरूद्ध संचालन करने वाले वाहन चालकों के लायसेंस निलंबन की नियमानुसार कार्रवाई करने के लिये कहा है। अभियान के दौरान वाहन पोर्टल पर वाहन स्वामियों के मोबाइल नम्बर अपडेट करने तथा पोर्टल पर वाहनों के डुप्लीकेट डेटा हटाये जाने की भी कार्यवाही किये जाने के आदेश दिये गये हैं। अभियान के लिये जिलों में पदस्थ आरटीओ को परिवहन निरीक्षक/परिवहन उप निरीक्षक तथा अन्य प्रवर्तन अमला उपलब्ध कराया जा रहा है। यह अमला प्रतिदिन की गई कार्रवाई की जानकारी निर्धारित प्रारूप में परिवहन आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध करायेंगे। प्रस्तावित अभियान के संबंध में परिवहन आयुक्त द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के समस्त आरटीओ और अमले के साथ बैठक लेकर समस्त अधिकारियों को उक्त अभियान में की जाने वाली कार्यवाही के बारे में निर्देश दिये गये है। आयुक्त द्वारा परिवहन विभाग के अमले को निर्देशित किया गया है कि अभियान के दौरान यात्रीगण को असुविधा न हो इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाये।