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यातायात जागरुकता हेतू ली गई ऑटो चालकों की बैठक

आगामी त्यौहारों के दौरान माता के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं से सभ्यता पूर्वक व्यवहार करने की दी गई समझाइश। मैहर पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा संपूर्ण मध्यप्रदेश में सड़क सुरक्षा पखवाड़ा एवम ट्रैफिक नियमों का पालन न करने वालों पर चालानी कार्यवाही की मुहीम चलाई जा रही है, साथ ही सड़क सुरक्षा जागरुकता के प्रयास भी किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक मैहर श्री अवधेश प्रताप सिंह के निर्देश पर  यातायात जागरुकता हेतू आज दिनांक 20/09/25 को यातायात प्रभारी नृपेंद्र सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में ऑटो चालकों की मीटिंग लेकर उन्हें यातायात नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में बताया गया। यातायात नियमों का पालन करना न केवल ऑटो चालकों बल्कि यात्री की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। ऑटो चालकों को गति सीमा का पालन करने एवम सड़क पर सावधानी से वाहन चलाने की समझाइश दी गई। साथ ही शरद नवरात्रि एवम आगामी त्योहारों पर माता के दर्शन हेतु आये  श्रद्धालुओं से सभ्यता पूर्वक व्यवहार करने उनसे अनुचित किराया न वसूलने, प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थानों पर वाहन पार्क करने एवम मेला क्षेत्र में धीमी गति व यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर वाहन चलाने की दी गई समझाइश ।

एच.पी. सिंह निलंबित, सतना खनिज विभाग में दीपमाला तिवारी संभालें जिम्मेदारी

सतना मध्यप्रदेश शासन खनिज साधन विभाग, भोपाल ने सतना जिले के प्रभारी खनिज अधिकारी एच.पी. सिंह को निलंबित कर दिया है। निलंबन के पीछे मुख्य कारण शासकीय कार्यों में उदासीनता, अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी कार्रवाई न करना बताया गया है। आदेश 19 सितंबर, 2025 को जारी किया गया। इसके साथ ही रीवा जिले की खनिज अधिकारी दीपमाला तिवारी को सतना जिले का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह कार्रवाई खनिज प्रशासन में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब यह देखना होगा कि दीपमाला तिवारी के नेतृत्व में सतना जिले में खनिज क्षेत्र में सुधार और प्रभावी निगरानी किस प्रकार लागू होती है। यह है पूरा मामला जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि सतना जिले का औसत दैनिक ई-टीपी पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में गिरकर 1226 से 482 रह गया, जो गंभीर रूप से चिंताजनक है। इसके अलावा, क्षेत्र उपलब्धता के तीन प्रकरण और खदानों के लेप्स प्रपोजल के पांच प्रकरण लंबित पाए गए। शासन ने पाया कि कार्यालय में पर्याप्त नियंत्रण न रखने के कारण प्रभारी अधिकारी ने अपने कर्तव्यों में स्वेच्छाचारिता और गंभीर लापरवाही बरती।   निलंबन अवधि के दौरान एच.पी. सिंह का मुख्यालय रीवा स्थित संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म रहेगा, और उन्हें नियमानुसार निलंबन भत्ते की सुविधा प्राप्त होगी। रीवा की खनिज अधिकारी दीपमाला तिवारी अब सतना का प्रभारी जिला खनिज अधिकारी होंगी। उनके नेतृत्व में जिले में खनिज कार्यों की निरंतरता और अवैध उत्खनन पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने की उम्मीद जताई जा रही है। आदेश अवर सचिव शर्मिला ठाकुर द्वारा राज्यपाल के नाम से जारी किया गया। इसमें रीवा संभाग के आयुक्त, संचालनालय के अधिकारी, कलेक्टर सतना और क्षेत्रीय प्रमुखों को सूचनार्थ अवगत कराया गया है।

शिवराज ने किसानों की समस्याओं को लेकर लिया कड़ा कदम, फोन पर सुनाया बड़ा फरमान

सीहोर  सीहोर जिले में खराब हुई सोयाबीन फसल को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों को अब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से राहत की उम्मीद जगी है। किसानों की समस्याएं सुनते ही शिवराज ने मौके से ही कलेक्टर को फोन कर खराब फसलों का सर्वे कराने और बीमा योजना का लाभ तुरंत दिलाने के निर्देश दिए। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को सीहोर जिले में किसानों की समस्याएं सुनने पहुंचे। भोपाल-इंदौर हाईवे पर इछावर जोड़ पर रुके मंत्री से जब किसानों ने सोयाबीन की खराब फसल की बात कही, तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस दौरान कई किसान सोयाबीन की खराब फसल को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री के पास गुहार लगाने पहुंचे थे। किसानों की शिकायतें सुनने के बाद कृषि मंत्री ने सीहोर कलेक्टर बाला गुरु से मौके पर ही फोन पर बात कर निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खराब फसलों का सर्वे कराया जाए और किसानों को फसल बीमा योजना का पूरा लाभ तुरंत दिलाया जाए। शिवराज ने कहा कि इससे किसानों को आर्थिक राहत मिल सकेगी। पिछले तीन सप्ताह से सीहोर जिले के कई गांवों के किसान आंदोलन कर रहे थे। पीला मोज़ेक और अन्य बीमारियों ने फसल को नुकसान पहुंचाया किसान मांग कर रहे थे कि सोयाबीन की खराब फसल का उचित मुआवजा मिले और बीमा की राशि समय पर दी जाए। किसान नेता एवं समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा ने बताया कि बीते पांच साल से सोयाबीन की फसल लगातार प्रभावित हो रही है। इस बार पीला मोज़ेक और अन्य बीमारियों ने फसल को चौपट कर दिया है। हर साल काटी जाती है फसल बीमा राशि, लेकिन मिलता नहीं लाभ मेवाड़ा ने कहा कि किसानों से हर साल बीमा की राशि काटी जाती है, लेकिन बीमे के नाम पर उन्हें एक चवन्नी भी नहीं मिली। जब सरकार किसानों को राहत नहीं दे रही तो उनसे बीमा राशि काटना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीहोर, शाजापुर और भोपाल जिलों में किसान अलग-अलग तरीकों से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक सुनवाई नहीं हुई थी। इस मौके पर विधायक सुदेश राय, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर, भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा और जिला मंत्री पंकज गुप्ता समेत कई भाजपा नेता मौजूद रहे। उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों से जल्द समाधान की बात कही। राजस्व मंत्री भी हुए थे सख्त गौरतलब है कि शुक्रवार को इछावर में आयोजित सेवा पखवाड़ा और स्वस्थ नारी सशक्त परिवार कार्यक्रम में मंत्री करण सिंह वर्मा ने भी इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि सोयाबीन पर पीला मोज़ेक रोग फैल रहा है। वर्मा ने बताया कि उन्होंने खुद सीहोर और सिवनी में जाकर खेतों का निरीक्षण किया। कुछ जगह फसलें ठीक थीं, लेकिन कई जगह रोग ने फसल बर्बाद कर दी थी। इस विषय की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचा दी गई है और आने वाली कैबिनेट बैठक में इसे प्रमुखता से रखा जाएगा। किसानों को राहत की उम्मीद किसानों का कहना है कि शिवराज सिंह चौहान के सीधे हस्तक्षेप से अब उन्हें उम्मीद जगी है कि खराब फसल का सही आकलन होगा और बीमा योजना का लाभ जल्द मिलेगा। लंबे समय से आंदोलन कर रहे किसान अब राहत की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

मुरैना में सोलर-स्टोरेज प्रोजेक्ट से ग्रीन एनर्जी को मिली नई रफ्तार: CM डॉ. यादव

देश की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना बनी मिसाल, मिला ऐतिहासिक न्यूनतम 2.70 रुपये प्रति यूनिट टैरिफ रेट पीक-ऑवर्स में 440 मेगावॉट की सप्लाई होगी सुनिश्चित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि “प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। मुरैना की यह परियोजना ‘सेवा पखवाड़ा’ के दौरान राष्ट्र को समर्पित है। उन्होंने कहा कि ”मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना से पूरे देश में ग्रीन ऊर्जा उत्पादन और स्टोरेज की नई राह खुलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना परियोजना में प्राप्त की गई सफलता के आधार पर लंबे समय की ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के लिए संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परियोजना में प्राप्त किया गया कम टैरिफ प्रदर्शित करता है कि नवकरणीय ऊर्जा भी डिस्कॉम के लिए अधिक किफायती हो सकता है। मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में गत् दिवस प्राप्त निविदा में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। मुरैना में विकसित हो रही प्रदेश की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना में 2.70 रुपये प्रति यूनिट, अब तक की सबसे कम टैरिफ दर प्राप्त हुई है। यह देश की पहली परियोजना है, जिसमें 3 रुपये प्रति यूनिट से कम पर फर्म और डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी उपलब्ध होगी। यह परियोजना 95 प्रतिशत वार्षिक उपलब्धता के साथ भारत की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना बन गई है। अब तक देशभर की परियोजनाओं में केवल 50% पीक ऑवर्स उपलब्धता और 85% वार्षिक उपलब्धता सुनिश्चित हो पाती थी। मुरैना परियोजना इस ट्रेंड को बदलते हुए पीएम ऑवर्स में 95% आपूर्ति के नए मानक स्थापित करेगी। परियोजना की संरचना और क्षमता मुरैना सोलर पार्क को रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित किया गया है, जिसने पहले भी प्रतिष्ठित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को विकसित किया है। मुरैना परियोजना से उत्पादित बिजली राज्य द्वारा खरीदी जाएगी। मुरैना सोलर पार्क में 2 यूनिट स्थापित की जा रही हैं, प्रत्येकइकाई से तीनों चरणों में 220 मेगावॉट क्षमता ऊर्जा का उत्पादन होगा।         पहला चरण: वास्तविक समय पर सौर ऊर्जा (220 मेगावॉट तक)         दूसरा चरण: शाम के पीक ऑवर्स में 2 घंटे (बैटरी में संचित सौर ऊर्जा से)         तीसरा चरण: सुबह के पीक ऑवर्स में 2 घंटे (रात्रि में ग्रिड से चार्ज बैटरी से) इस नवाचार से बैटरी का उपयोग दिन में दो बार संभव होगा, जिससे लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। कुल मिलाकर सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में 440 मेगावॉट सप्लाई सुनिश्चित होगी। मुरैना परियोजना दो परियोजनाओं का मिश्रण है, जिसमें पहलाएक सामान्य सिंगल-चार्ज कम्पोजिट सोलर प्रोजेक्ट,जिसमें बैटरी को सोलर एनर्जी से चार्ज जाता है।दूसरा स्टोरेज एज ए सर्विस प्रोजेक्ट है, जिसमें अतिरिक्त ग्रिड पॉवर से रात के समय बैटरी दोबारा चार्ज की जाएगी। इससे सुबह के पीक ऑवर्स की आपूर्ति की जाएगी। इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि बैटरी, दिन में दो बार उपयोग की जाएगी। यह परियोजना सुनिश्चित करती है कि राज्य ग्रिड में उपलब्ध रात के समय अतिरिक्त बिजली का उपयोग सुबह की पीक ऑवर्समें विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा। मुरैना परियोजना पीक ऑवर्सऔर दिन के समय में समान स्तर की आपूर्ति (प्रत्येक इकाई से 220 मेगावाट) के लिए एक बेंचमार्क स्थापित करती है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह द्वारा नियोजित भविष्य की परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त करता है जो दिन और रात के समय एक फ्लेटप्रोफाईलकी बिजली की आपूर्ति करते हुए एक ऐसीपरियोजना की आधारशिला रखेगी जो पूरे 24 घंटों के लिए समान स्तर की बिजली की आपूर्ति करे। यह नवकरणीय ऊर्जा को पारंपरिक ऊर्जा के समान निश्चितता प्रदान करेगा और इसे तकनीकी और व्यावसायिक रूप से समतुल्य बना देगी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा ई-रिवर्स नीलामी 19 सितंबर, 2025 को 25 वर्षों के लिए निर्धारित2.70 रूपये प्रति यूनिटके ऐतिहासिक टैरिफ के साथ संपन्न हुई, नीलामी प्रक्रिया लगभग 12 घंटे चली। यह पूरे भारत में एफडीआरईनिविदाओं के लिए एक मील का पत्थर है,परियोजना के ई-रिवर्स ऑक्शन में 16 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भाग लिया। यह क्षमता की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक सब्सक्रिप्शन था। ऑक्शन में अडानी रिन्यूएबल्स, एनटीपीसी रिन्यूएबल्स, रिन्यू सोलर, एसीएमई, एंजी एनर्जी, दिलीप बिल्डकॉन, एमबी पॉवर जैसी कंपनियाँ शामिल थीं।     यूनिट-1 के लिए Ceigall India Ltd ने 2.70 रूपये प्रति यूनिट।     यूनिट-2 के लिए Acme Solar Holding Ltd ने 2.764 रूपये प्रति यूनिट की दर पर यह निविदा हासिल की।इस ऑक्शनमें प्राप्त टैरिफ से स्पष्ट है कि डिस्पेजेबल नवकरणीय ऊर्जा (बैटरी भंडारण के साथ सौर ऊर्जा के संयोजन से सक्षम) कोयला आधारित बिजली की तुलना में अधिक किफायती हो गई है। निवेशकों के लिए भरोसेमंद मॉडल परियोजना का विकास रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जिसने रीवा और आगर जैसी परियोजनाओं को सफलतापूर्वक विकसित किया है। RUMSL द्वारा  परियोजना को निविदा से पहले निवेश के लिए तैयार किया गया। International Finance Corporation द्वारा Transaction Advisor के रूप में मध्यप्रदेश में तैयार की गई जोखिम मुक्त परियोजनाओं ने समय-समय पर साबित किया है कि बैंकेएबल अनुबंध, पूरी तरह से भूमि एकत्रीकरण, सक्रिय पारेषण योजना, वित्तपोषण और अनुबंध सहित साइट तैयार करना, पर्यावरण और सामाजिक जोखिमों को पर्याप्त रूप से कम करना, साथ ही एक पारदर्शी और विकासक अनुकूल निविदा प्रक्रिया के परिणामस्वरूप बेहतर मूल्य निर्धारण से उल्लेखनीय बचत होती है। पार्क डेवलपर के रूप में RUMSL भूमि और आंतरिक बिजली निकासी का बुनियादी ढांचा प्रदान करेगा, जबकि MP Transco परियोजना के लिए आवश्यक बाहरी विद्युत निकासी हेतु बुनियादी ढांचे का विकास कर रहा है। इस परियोजना में एक मजबूत 3-स्तरीय payment security mechanism है, जिसमें बेहतर bankability के लिए राज्य गारंटी शामिल है तथा procurer default और assured procurement of excess energy के लिए उचित termination compensation और reduced offtake तथा ग्रिड अनुपलब्धता के लिए compensation दिया गया है। परियोजना, चंबल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने चंबल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए मुरैना परियोजना को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र के औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। एनर्जी ट्रांजिशन में मील का पत्थर मुरैना भारत की एनर्जी ट्रांजिशनमें एक नया मोड़ है; उम्मीद … Read more

गरबा में सुअरों पर बैन, MP को लव जिहाद हॉटस्पॉट कहने पर काजल हिंदुस्तानी चर्चा में

उज्जैन  एक कार्यक्रम में हिंदुवादी नेत्री काजल हिंदुस्तानी ने मध्यप्रदेश को ‘लव जिहाद का हॉटस्पॉट’ बताते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने इंदौर, भोपाल और छंगूर बाबा प्रकरण का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में संगठित रूप से लव जिहाद को अंजाम दिया जा रहा है। उनका दावा है कि इसके पीछे फंडिंग और आतंकवादी कनेक्शन भी हो सकते हैं। काजल हिंदुस्तानी का विवादित बयान  काजल हिंदुस्तानी ने कहा कि नवरात्रि के दौरान मुस्लिम जिहादी युवक झूठी पहचान बनाकर गरबा पंडालों में घुसने की कोशिश करते हैं और हिंदू बेटियों को प्रेमजाल में फंसाते हैं। उन्होंने आयोजकों से अपील की कि पंडालों में ‘सुअरों का प्रवेश निषेध’ जैसे बोर्ड लगाएं और सख्ती से आईडी चेकिंग की जाए। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि संदिग्ध युवकों की मोबाइल हिस्ट्री और चैट्स की जांच होनी चाहिए ताकि बहनों और बेटियों को जागरूक किया जा सके और लव जिहाद से बचाया जा सके। 

CM डॉ. यादव का मानवीय कदम: सड़क हादसे में घायल छात्रा को एयरलिफ्ट कर भेजा मुंबई इलाज के लिए

CM डॉ. यादव का मानवीय कदम: सड़क हादसे में घायल छात्रा को एयरलिफ्ट कर भेजा मुंबई इलाज के लिए संवेदनशील नेतृत्व की मिसाल: घायल संस्कृति वर्मा को CM यादव ने दिलाया एयर एंबुलेंस से मुंबई में इलाज भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संवेदनशीलता और मानवीय सरोकार का परिचय देते हुए इंदौर की सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 17 वर्षीय संस्कृति वर्मा के उपचार की पूरी जिम्मेदारी ली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर शनिवार को उच्च स्तरीय उपचार के लिये संस्कृति वर्मा को एयरलिफ्ट कर मुंबई के बॉम्बे हॉस्पिटल भेजा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका विशेष उपचार किया जाएगा। राज्य सरकार उठाएगी उपचार का पूरा खर्च मुख्यमंत्री डॉ.यादव के निर्देश मिलते ही कलेक्टर  शिवम वर्मा के निर्देशन में संस्कृति वर्मा को एयर एम्बुलेंस के माध्यम से मुम्बई भेजने की समुचित व्यवस्था की गयी। भण्डारी हॉस्पिटल से इस बालिका को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से एयरपोर्ट पहुंचाया गया और एयर एम्बुलेंस से मुम्बई के लिये रवाना किया गया। विगत दिनों इंदौर में हुये ट्रक हादसे में संस्कृति वर्मा गंभीर रूप से घायल हुई थीं। उनका उपचार इंदौर के भंडारी अस्पताल में किया जा रहा था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्पताल पहुंचकर संस्कृति वर्मा के स्वास्थ्य की जानकारी ली थी और चिकित्सकों को हर संभव बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उपचार का पूरा खर्च राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा। ईलाज में कोई कोर-कसर नहीं रखी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मानवीय संवेदना को सर्वोपरि रखते हुए संस्कृति वर्मा के उच्च स्तरीय उपचार के लिये एयरलिफ्ट कर मुंबई भेजने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कृति वर्मा के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।  

15 हजार तक बढ़ा स्ट्रीट वेंडरों का लोन, समय पर किश्त चुकाने पर मिलेगा अतिरिक्त लाभ

छिंदवाड़ा दस माह से बंद चल रही प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM SVANidhi Scheme) को सरकार ने फिर से शुरू कर दिया है। स्ट्रीट वेंडरों को लोन 10 हजार रुपए की जगह 15 हजार रुपए मिलेगा। छिंदवाड़ा नगर निगम के योजना कार्यालय में इसके आवेदन भी शुरू हो गए। अब तक 50 स्ट्रीट वेंडरों ने आवेदन किए।  बढ़ाई गई लोन राशि प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि यानी पीएम स्वनिधि योजना (PM SVANidhi Scheme) को अब 2030 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। साथ ही इस स्कीम से मिलने वाले लोन राशि भी बढ़ाई गई है। पहले योजना में स्ट्रीट वेंडरों को 10 हजार, 20 हजार और 50 हजार रुपए तक ऋण दिया जाता था। अब यह राशि 15 हजार, 25 हजार और 50 हजार रुपए तक उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा लोन की किश्त भरने पर हितग्राहियों को बैंकों की ओर से क्रेडिट कार्ड भी जारी किया जाएगा। जिससे 30 हजार रुपए तक पेमेंट किया जा सकेगा। समय पर किश्त चुकाने वाले को मिलेगा रिवॉर्ड योजना के दोबारा शुरू होने पर रेहड़ी संचालकों के लिए ऋण लेने का रास्ता खुल गया है। योजना के तहत सबसे पहले 15 हजार रुपए का ऋण मिलेगा। यदि लाभार्थी इसे समय पर चुका देता है तो अगली बार 25 हजार रुपए का ऋण मिलेगा। इसी तरह 25 हजार रुपए का ऋण समय पर चुकाने पर 50 हजार रुपए का ऋण दिया जाएगा। ऋण लेने के लिए आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज और नगर पालिका क्षेत्र के किसी बैंक में खाता होना जरूरी है। आवेदन ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है। इसके बाद दस्तावेज नगर निगम में जमा कराने होंगे।  जांच के बाद आवेदन होगा स्वीकार स्ट्रीट वेंडरों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से शुरु हुई प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना पिछले साल नवम्बर से बंद पड़ी हुई थी। ऐसे में स्ट्रीट वेंडर लोन के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे थे, लेकिन अब योजना फिर से शुरु कर दी गई है। नगर निगम में दस्तावेज जमा होने के बाद जांच की जाती है और फिर आवेदन स्वीकार होने के बाद लोन मिलता है। कोरोना काल में हुआ था शुभारंभ इस योजना का शुभारंभ कोरोना संक्रमण काल के समय वर्ष 2021-22 में तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने छोटे व्यापारियों को पुन व्यवसाय स्थापित करने के लिए किया था। तब से इस योजना में लोन राशि की किश्त जमा करने पर संबंधित हितग्राही को आगे ज्यादा लोन राशि दी जा रही थी।  क्रेडिट कार्ड भी दिया जाएगा- परियोजना अधिकारी पीएम स्वनिधि योजना का पोर्टल लंबे समय बाद शुरू किया गया है। इसमें लोन राशि बढ़ा दी गई है। साथ ही बैंकों की ओर से हितग्राहियों को क्रेडिट कार्ड भी मिलेगा। – उमेश पयासी, परियोजना अधिकारी, पीएम स्वनिधि नगर निगम

नई तकनीक से एम्स में ब्रेस्ट कैंसर का इलाज, महिलाओं को बच रहा स्तन; जागरूकता अब भी बड़ी चुनौती

भोपाल  राजधानी भोपाल के एम्स हॉस्पिटल में ब्रेस्ट कैंसर का नई तकनीकी से इलाज किया जा रहा है। इस तकनीकी में ब्रेस्ट कैंसर होने पर महिलाओं का स्तन हटाने की जरूरत नहीं पड़ रही है, बल्कि जिस हिस्से में बीमारी डिटेक्ट होती है उसी का इलाज किया जाता है। एम्स के चिकित्सकों का कहना है कि बीमारी की आधुनिक इलाज में बारे में जागरूकता की कमी है। अक्सर महिलाएं स्तन में गांठ महसूस होने पर भय और गलतफहमी के कारण समय पर चिकित्सकीय मदद लेने से हिचकिचाती हैं। इन तकनीकों का किया जा रहा है उपयोग  एम्स के डॉक्टरों ने बताया कि एक समय था जब स्तन कैंसर का मतलब पूरे स्तन को हटाना होता था। लेकिन अब समय बदल गया है। आज इसका इलाज बहु-आयामी पद्धति से किया जाता है। जिसमें कीमोथेरेपी, हार्मोनल थेरेपी, सर्जरी, इम्यूनोथेरेपी और रेडियोथेरेपी का संयोजन होता है। कई मामलों में केवल ट्यूमर को हटाकर और उन्नत ऑन्कोप्लास्टिक सर्जरी से पुनर्निर्माण करके स्तन को सुरक्षित रखा जा सकता है। एम्स के कैंसर सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि यह अत्याधुनिक तकनीक एम्स भोपाल में की जा रही है और इसके उक्तृष्ट परिणाम मिल रहे हैं। ये हैं उन्नत तकनीकें  – ऑन्कोप्लास्टिक सर्जरी: इस तकनीक के माध्यम से स्तन कैंसर के ट्यूमर को हटाकर स्तन को पुनर्निर्माण किया जा सकता है, जिससे स्तन को सुरक्षित रखा जा सकता है। – इंडोसाइनिन ग्रीन (ICG) डाई तकनीक: इस तकनीक के माध्यम से लसीका ग्रंथियों को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है और लिम्फेडेमा के खतरे को कम किया जा सकता है। – रेडियोथेरेपी: इस तकनीक के माध्यम से कैंसर कोशिकाओं को खत्म किया जा सकता है और ऑपरेशन की जरूरत को कम किया जा सकता है। – लीनियर एक्सेलेरेटर: यह एक आधुनिक मशीन है जो कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने के लिए उच्च ऊर्जा वाली एक्स-रे का उपयोग करती है ¹। सर्जरी के बाद होने वाली लिम्फेडेमा बड़ी परेशानी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि स्तन कैंसर की सर्जरी के बाद होने वाली चुनौतियों में से एक लिम्फेडेमा है हाथ में एक दर्दनाक सूजन जो महीनों या साल बाद भी दिखाई दे सकती है। इस जोखिम को कम करने के लिए एम्स भोपाल में अब इंडोसाइनिन ग्रीन (ICG) डाई तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इस डाई को ट्यूमर में इंजेक्ट किया जाता है और इन्फ्रारेड कैमरे से देखने पर यह उन लसीका ग्रंथियों (लिम्फ नोड्स) को स्पष्ट करता है, जो स्तन से बगल तक फैलते हैं। इन ग्रंथियों को निकालकर तुरंत फ्रोजन सेक्शन तकनीक से जांचा जाता है। यदि इनमें कैंसर कोशिकाएं नहीं पाई जातीं, तो हाथ की सामान्य लसीका नलिकाओं को सुरक्षित रखा जाता है जिससे लिम्फेडेमा का खतरा बहुत कम हो जाता है और जीवन की गुणवत्ता बेहतर होती है।  एम्स भोपाल की पहल – एम्स भोपाल ने स्तन कैंसर के इलाज के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है, जिसमें अनुभवी डॉक्टर और विशेषज्ञ शामिल हैं। – अस्पताल में स्तन कैंसर के इलाज के लिए उन्नत तकनीकों और उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।  

रेलवे का तोहफा: नवरात्रि में मैहर जाने वाले भक्तों के लिए 15 ट्रेनों का ठहराव बढ़ाया गया

मैहर  शारदीय नवरात्रि पर्व के दौरान हर साल लाखों श्रद्धालु मैहर स्थित माता शारदा धाम में दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में जैसे जैसे यह पर्व करीब आ रहा है, यहां दर्शन के लिए आने के इच्छुक भक्तों की उत्सुकता भी बढ़ती जा रही है। हालांकि यहां आने के लिए सीमित संख्या में ट्रेनों की उपलब्धता को देखते हुए लोगों को यहां पहुंचने को लेकर चिंता भी सता रही थी, लेकिन अब इस समस्या का हल भारतीय रेलवे ने कर दिया है। लाखों भक्तों की भीड़ और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने उन्हें एक बड़ी सौगात दे दी है। दरअसल पश्चिम मध्य रेलवे ने नवरात्रि के दौरान 22 सितंबर से 6 अक्टूबर 2025 के बीच मैहर रेलवे स्टेशन पर 15 जोड़ी लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों का पांच मिनट का विशेष ठहराव देने की घोषणा की है। कौन सी ट्रेनों का रहेगा स्टॉपेज रेल प्रशासन द्वारा जारी सूची के मुताबिक, लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर, छपरा-लोकमान्य तिलक टर्मिनस, चेन्नई-छपरा, वलसाड-मुजफ्फरपुर, दुर्ग-नौतनवा, पुणे-बनारस, सूरत-छपरा सहित अन्य प्रमुख ट्रेनों का मैहर में अस्थाई हॉल्ट रहेगा। इस फैसले से मुंबई, गुजरात, बिहार, उत्तर प्रदेश और दक्षिण भारत से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सीधे मैहर पहुंचने की सुविधा मिलेगी। श्रद्धालुओं के लिए रेलवे की विशेष तैयारी पश्चिम मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि नवरात्रि के दौरान मैहर स्थित मां शारदा मंदिर में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी को देखते हुए यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए रेलवे ने विशेष इंतजाम किए हैं। इस दौरान स्टेशन परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल और रेलवे स्टाफ की तैनाती रहेगी। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भीड़ प्रबंधन योजना लागू होगी। साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त हेल्प डेस्क, पूछताछ काउंटर और मेडिकल टीम भी उपलब्ध कराई जाएगी। रेलवे ने श्रद्धालुओं से की खास अपील त्योहारी सीजन में ट्रेनों में भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले ही अपने गंतव्य की ट्रेन के आगमन और प्रस्थान के समय की जानकारी जरूर ले लें। इसके लिए NTES ऐप और हेल्पलाइन नंबर 139 का उपयोग किया जा सकता है। मैहर आने वाले भक्तों के लिए बड़ी राहत अब तक श्रद्धालुओं को मैहर पहुंचने के लिए कटनी या सतना में ट्रेन बदलनी पड़ती थी। लेकिन इस विशेष ठहराव से लाखों श्रद्धालुओं को मैहर पहुंचने की सीधी सुविधा मिलेगी, ऐसे में दर्शन व यात्रा और भी सुगम हो जाएंग। नवरात्रि के दौरान मैहर में होने वाला यह विशेष इंतजाम रेलवे और प्रशासन की तरफ से श्रद्धालुओं को दिया गया एक बड़ा तोहफा है।

डिजिटल प्रेम का खौफनाक अंजाम: ग्वालियर में महिला से न्यूड वीडियो के बहाने लाखों की ठगी

ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर डिजिटल इश्क के चक्कर में पड़ी 34 साल की एक शादीशुदा महिला के साथ जो हुआ, वो सभी के लिए एक चेतावनी है। इश्क और इमोशंस के नाम पर एक अनजान युवक ने एक महिला को इस कदर अपने प्रेमजाल में फंसाया कि उसने अपनी लाखों रुपये के साथ अपनी इज्जत भी दांव पर लगा दी। महिला के पति डॉक्टर हैं। डिजिटल प्लैटफार्म पर हुई दोस्ती मे महिला इस कदर अंधी हो गई कि उसने अपना न्यूड वीडियो तक बनाकर उस अनजान युवक को भेज दिया। उसके बाद ठग ने उसे गिफ्ट भेजने के बहाने उससे 3.76 लाख रुपये भी ठग लिए। इसके बाद जब उस न्यूड वीडियो के नाम पर ब्लैकमेलिंग शुरू की तब महिला थाने पहुंची। पीड़ित महिला द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, एक महीने पहले उसके पास 923007507684 से वॉटसऐप कॉल आया था। कॉल करने वाले ने अपना नाम विपिन और खुद को एक एनआरआई बताया था। उसने महिला से कहा था कि वह उससे दोस्ती करना चाहता है। उस दिन के बाद से अपने डॉक्टर पति से छुपकर महिला और युवक के बीच नियमित और लम्बी-लम्बी बातचीत शुरू हो गईं, जो कुछ दिनो में प्रेम से भरी चर्चाओं में बदल गई। कथित विपिन ने महिला को लंदन आने के लिए कहा, लेकिन पीड़िता ने इससे इनकार कर दिया। फोन पर परवान चढ़े इस डिजिटल इश्क में आरोपी विपिन ने पीड़िता से उसके फोटो मांगने शुरू कर दिए। पीड़िता ने भी आरोपी युवक पर विश्वास कर उसे अपने कई फोटो भेज दिए। इतना ही नहीं, महिला ने आरोपी युवक की डिमांड पर अपना न्यूड वीडियो बनाकर उसके वॉटसऐप नंबर पर भेज दिया। गिफ्ट भेजने के नाम पर ली आधार कार्ड की कॉपी वीडियो भेजने के बाद आरोपी युवक ने पीड़ित महिला से गिफ्ट भेजने के नाम पर उसके आधारकार्ड की कॉपी भी वॉट्सऐप पर ले ली। इसके बाद आरोपी युवक ने महिला को बताया कि उसने एक पार्सल भेजा है, उसे तुम ले लेना। पार्सल पर एड्रेस और फोन नंबर भी लिखा होना बताया। अगले दिन महिला के नंबर पर 9459316606 से कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि आपका पार्सल आया है और वह एयरपोर्ट से बोल रहा है। इस पार्सल को लेने के लिए 15 हजार रुपये जीएसटी के चुकाने होंगे। लिहाजा महिला ने 15 हजार का पेमेंट कर दिया। इसके बाद युवक ने डॉलर चेंज करने के नाम पर 46 हजार, गाड़ी आगे बढ़वाने के नाम पर 1 लाख 20 हजार, परमिट कार्ड बनवाने के नाम पर 1 लाख 15 हजार व सामान की रसीद बनवाने के नाम पर 80 हजार पेमेंट अलग-अलग अकाउंट नंबरों व मोबाइल नंबरों पर करने को कहा। पीड़िता ने उसकी बातों में आकर आरोपी विपिन को फोनपे के जरिये 3 लाख 76 हजार का पेमेंट कर दिया। 17 सितंबर को फिर से आरोपी युवक विपिन ने महिला को फोन किया और 2 लाख 85 हजार रुपये देने की मांग की। महिला ने जब और रुपये देने से इनकार किया तो युवक अपने असली रूप में आ गया, उसने कहा कि पार्सल वाले युवक से बात कर लो। जब महिला ने उससे बात की तो उसने सीधी धमकी दी कि पैसे देने पड़ेंगे, अगर नहीं दिए तो तुम्हारा न्यूड वीडियो वायरल कर देंगे। यकीन दिलाने के लिए अनजान युवक ने वह वीडियो भी महिला को भेजा जो उसने विपिन को भेजा था। वह महिला जब पूरी तरह आर्थिक और मानसिक तौर पर टूट गई तब वह साहस जुटाकर पुलिस के पास पहुंची। पीड़ित महिला की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।आशंका जताई जा रही है कि यह अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गैंग हो सकता है। इस मामले में सीएसपी रॉबिन जैन का कहना है कि क्राइम ब्रांच टीम मामले की जांच कर रही है। जैन ने कहा कि सोशल मीडिया या फोन पर अनजान लोगों से दोस्ती करना खतरनाक हो सकता है। किसी भी प्रकार के निजी वीडियो या फोटो साझा करने से पहले पूरी तरह पड़ताल कर लेना जरूरी है। अगर किसी से ब्लैकमेलिंग का सामना हो तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें।