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गरबा को लेकर रतलाम के शहर काज़ी की अपील, धार्मिक दृष्टिकोण से बताई आपत्ति

रतलाम  नवरात्रि के दौरान गरबा आयोजनों को लेकर रतलाम शहर के काजी अहमद अली ने मुस्लिम समाजजनों के नाम एक पत्र जारी किया है. काजी ने अपील की है कि अपने बच्चों को गरबा आयोजनों में जाने से रोकें, क्योंकि यह धार्मिक दृष्टि से उचित नहीं है. काजी के पत्र में लिखा है, "जैसा कि आप सभी हज़रात को मालूम है कि हिंदू भाइयों का एक अहम और बड़ा नवरात्रि पर्व चल रहा है, जिसमें गरबे का आयोजन किया जाता है. कई बार ऐसा वाज़े तौर पर देखा गया है कि मुस्लिम लड़के-लड़कियां गरबा आयोजन में जाने से आयोजकों को कड़ी आपत्ति होती है और दो समाजों में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जो हिंदुस्तान की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे पर बुरा असर डालती है." 'गैर-हिन्दुओं का आना सख्त मना है', रतलाम में गरबा पंडालों के बाहर लगे बैनर रतलाम में नवरात्रि पर्व की शुरुआत के साथ ही रतलाम के कालिका माता परिसर में बने गरबा पंडालों पर बैनर चर्चा का विषय बन गया है. बैनर में साफ लिखा गया है- 'गैर-हिन्दुओं का गरबा प्रांगण में आना सख्त मना है'. गरबा पंडालों के आयोजकों का कहना है कि पंडाल में प्रवेश केवल पास और आईडी चेक करने के बाद ही मिलेगा. साथ ही, तिलक लगाने के बाद ही एंट्री दी जाएगी.  प्रदेश भर में नवरात्रि के गरबा पंडालों में गैर-हिन्दुओं की 'नो एंट्री' के पोस्टर बैनर लगाए गए हैं. आयोजकों का कहना है कि सामाजिक तत्वों से बचाव के लिए गरबा समितियों ने यह फैसला लिया है, बालिकाओं के लिए सुरक्षा के मद्देनजर देखा जा रहा है.  दूसरी ओर, गरबा पंडालों में आए लोगों ने भी इस पहल की सराहना की है. उनका कहना है कि दूसरे धर्म के लोगों की एंट्री बैन करना महिला और बच्चियों के हित में अच्छी पहल है.  काजी ने तमाम घर के बड़ों-बुजुर्गों से गुजारिश की है कि अपने बच्चों को गरबा आयोजनों में जाने से रोकें, क्योंकि यह दीनी लिहाज से भी कतई दुरुस्त नहीं है. उधर, रतलाम के गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. पंडालों पर लगे बैनर पर लिखा है, "गरबा प्रांगण में गैर हिंदू का आना सख्त मना है. मूर्ति पूजा को न मानने वाले मूर्तिपूजा से दूर रहे." मध्य प्रदेश के भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने गैर-हिंदुओं के नवरात्रि उत्सव और गरबा नृत्य कार्यक्रमों में भाग लेने का स्वागत किया है, बशर्ते वे फिर से सनातन धर्म अपनाएं और माथे पर तिलक लगाने व आरती करने जैसे नियमों का पालन करें.  भोपाल की हुजूर सीट से विधायक शर्मा ने कहा कि अगर कुछ लोगों को लगता है कि उनके माता-पिता ने हिंदू धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म को अपनाकर गलती की है और वे फिर से हिंदू बनना चाहते हैं, तो वे अब ऐसा कर सकते हैं, क्योंकि सभी का DNA हिंदू है.  पता हो कि देवी दुर्गा और उनके रूपों की पूजा को समर्पित नवरात्रि उत्सव 22 सितंबर से शुरू हुआ है. इस उत्सव के दौरान गुजरात का एक नृत्य गरबा खेला जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागी शामिल होते हैं.

ई-केवायसी में खुली पोल: मृतकों के नाम पर हुआ करोड़ों का राशन घोटाला, 1570 फर्जी लाभार्थी हटाए गए

खंडवा  जो इस दुनिया में नहीं रहे परिजन उनके नाम से भी तीन साल में 8.64 करोड़ रुपए का 27 लाख किलो राशन खा गए। विभाग ने जब ई-केवायसी कराई तो हकीकत सामने आई। विभाग ने अब ऐसे नाम गरीबों की राशन सूची से बाहर कर दिए हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जिले में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कंट्रोल दुकानों से गरीब परिवारों सहित चयनित कैटेगरी के पात्र हितग्राही परिवार के सदस्यों को पांच किलो मुफ्त राशन का वितरण किया जाता है। योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों को ही मिले इसके लिए शासन ने कंट्रोल दुकान, पंचायत सहित अन्य माध्यमों से राशन लेने वाले प्रति परिवार के एक-एक सदस्य की ई-केवायसी कराई। ऐसे लोग भी सामने आए जिनकी आय सालाना 6 लाख रुपए से अधिक है, वे आयकरदाता हैं, शासकीय नौकरी में हैं, अधिकारी व कर्मचारी हैं। विभाग ने ऐसे लोगों को तत्काल नोटिस दिए और राशन की सूची से बाहर कर दिया। 15 हजार मृतक के परिजन ले रहे थे राशन विभाग के अनुसार ई-केवायसी के दौरान 15 हजार सदस्य ऐसे थे जो दो से तीन साल पहले मृत हो चुके हैं, परिजन उनके नाम से अब तक राशन ले रहे थे। जबकि 110 उपभोक्ता ऐसे थे जिनकी आयु 18 साल से कम थी, इनमें 25 नहीं मिले, इन्हें भी राशन की सूची से बाहर किया गया। 35 नाबालिग ऐसे थे, जिन्हें राशन नहीं मिल रहा था। विभाग ने उनके नाम परिवार के साथ जोड़े। 50 हजार सदस्य कम हुए ई-केवायसी में जिले की 487 राशन दुकानों से 50 हजार उपभोक्ता कम हुए हैं। खाद्य विभाग के अनुसार जिले में ई-केवायसी से पहले गरीबों का राशन लेने वाले सदस्यों की संख्या 10 लाख 33 हजार थी। जबकि अब इनकी संख्या घटकर 9.88 लाख हो गई है। ^जिले में 10 लाख 33 हजार उपभोक्ताओं की ई-केवायसी का काम पूरा हो गया है। इनमें 1570 परिवार ऐसे थे जो आयकरदाता होकर राशन की पात्रता नहीं रखते थे, उन्हें नोटिस देकर राशन की सूची से बाहर किया गया है। -अरुण तिवारी, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी 

आगर मालवा: 2 ड्रग तस्कर पकड़े गए, 14 लाख रुपये की मादक पदार्थ जब्त

आगर मालवा  मध्य प्रदेश के आगर मालवा में एक ड्रग तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया और  14 लाख रुपये मूल्य की ड्रग जब्त की है.  साथ ही मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार भी किया है. फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और तस्करी के नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास कर रही है.  एक एजेंसी के मुताबिक मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में पुलिस ने 14 लाख रुपये मूल्य की एमडी ड्रग जब्त की है और इस सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने मंगलवार को बताया कि बड़ौद नगर पालिका के सामने एक पुलिया के पास एक व्यक्ति अवैध ड्रग्स के साथ खड़ा था. दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है पुलिस व्यक्ति पर शक होने के बाद मौके पर पहुंचे सुरक्षाकर्मियों की एक टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया. सुनील शर्मा नाम के व्यक्ति से पूछताछ के बाद पुलिस ने संजय सूर्यवंशी नाम के एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर लिया. अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने उनके पास से 140 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन) बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत 14 लाख रुपये से अधिक है. दोनों आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. मामले में दोनों से पूछताछ की जा रही है, ताकि ताकी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके. 

अवैध कॉलोनियों को लेकर महापौरों की चेतावनी: सख्त कानून नहीं बना तो बढ़ेगी परेशानी

भोपाल   देर रात तक पहली बार मंत्रालय में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, नगरीय प्रशासन विभाग के एसीएस संजय दुबे और आयुक्त संकेत भौंडवे की मौजूदगी में बैठक हुई।इंदौर की सड़कों पर हो रहे गड्ढों को लेकर बड़ी चर्चा है। इंदौर के अलावा प्रदेश के अन्य शहरों में भी यह मुद्दा गरमाया हुआ है। इसे लेकर भोपाल में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदेश के नगरीय निकाय मेयरों के साथ बैठक की। तय हुआ कि बारिश के बाद जो पेंचवर्क सड़कों पर किए जाते हैै। उनकी गुणवत्ता की भी जांच की जाना चाहिए। इसकी जांच एक राज्य स्तरीय दल करेगा। जिसका गठन भी हो चुका है। इस बैठक में इंदौर के मेयर पुष्य मित्र भार्गव भी शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि चुंगी का पैसा समय पर और पूरा मिले। इससे नगर निगम के संचालन में मदद मिलेगी और विकास कार्य तेजी से होंगे। बैठक में मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि नगरीय निकायों की कार्यप्रणाली को और पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। नगरीय निकायों को आधुनिक तकनीकों और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध करानी होंगी। बैठक में तय हुआ कि प्रदेश के सभी नगर निगमों द्वारा एनर्जी ऑडिट कराया जाएगा।प्रत्येक सप्ताह महापौर-परिषद (एमआईसी) की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित होगी। शहर की सड़कों की रिस्टोरेशन की गुणवत्ता की सघन जांच होगी, जिसके लिए राज्यस्तरीय दल निरीक्षण करेगा।बिल्डिंग परमिशन से संबंधित डेटा फॉर्मेट को सरल बनाकर सीधे निर्देश जारी होंगे। इसके अलावा  प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नवीन तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।डीजल बचत के लिए डिजिटलाइजेशन और कर्मचारियों के लिए फेस अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जाएगा।नगरीय निकायों का खर्च कम करने और आकलन की नई व्यवस्था तकनीक के माध्यम से विकसित की जाएगी। निकाय स्तर पर रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएगी। बैठक में राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी एसीएस संजय दुबे और विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे। अवैध कॉलोनियों पर सख्ती से कार्रवाई हो बैठक में जबलपुर महापौर जगत बहादुर सिंह ने कहा, अवैध कॉलोनियां जिस तरह से बढ़ रहीं हैं वो हम सबके लिए चिंता का विषय है। यदि समय रहते अवैध कालोनियों को रोकने के लिए सख्त कानून बनाकर कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में ये बहुत बड़ी मुसीबत बन जाएगी। जबलपुर मेयर यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा, अवैध कॉलोनियों पर जिस तरह की सख्त कार्रवाई होनी चाहिए वैसा एक्शन नहीं होता। ये सुनकर दूसरे महापौरों ने भी कहा इस मुद्दे पर वास्तव में कड़े फैसले लेने की जरूरत है। गरीब लोग सस्ते रेट के लालच में प्लॉट या मकान खरीद लेते हैं। कॉलोनी काटने वाला वहां कोई सुविधाएं विकसित नहीं करता। बाद में निगम और सरकार से मूलभूत सुविधाएं देने की मांग होने लगती है। और ये अवैध कॉलोनियां काटने की परंपरा बढ़ती चली जाती है। महापौर बोले- आयुक्त सुनते नहीं बैठक में सिंगरौली महापौर रानी अग्रवाल ने कहा कि जनता की समस्याएं हमारे पास आतीं हैं। कई बार ऐसा होता है कि निगम आयुक्त हमारी सुनते नहीं, ऐसे में काम कैसे हों। रानी की बात में दूसरे महापौरों ने भी हामी भरी। फिर मंत्री विजयवर्गीय ने कहा- ऐसी व्यवस्था बनाएंगे कि 10 दिन में महापौर और निगम आयुक्त नियमित रूप से बैठकर निगम से जुडे़ विषयों पर चर्चा करें और समस्याओं का त्वरित समाधान हो। छिंदवाड़ा मेयर बोले- राजस्व की भूमि निगम के अधिपत्य में हो बैठक में छिंदवाड़ा मेयर विक्रम अहके ने कहा, नगर निगम क्षेत्र में राजस्व की कई ऐसी जमीनें हैं। जो निगम जनोपयोगी कामों उपयोग कर सकता है। लेकिन वे जमीनें नजूल के नाम पर दर्ज होने की वजह से निगम को शासन की परमिशन लेनी पड़ती है। राजस्व की ऐसी जमीनों का अधिपत्य नगर निगम के पास होना चाहिए। रतलाम महापौर ने कहा- अमृत परियोजना के फेज 1 में कराए गए कामों में कई गड़बडियों की शिकायतें लगातार आ रहीं हैं। अमृत 1 में कराए गए कामों की बारीकी से जांच करानी चाहिए। कॉमर्शियल बिल्डिंग से आश्रय शुल्क लेना बंद हो जबलपुर मेयर ने कहा रेजिडेंशियल बिल्डिंग में तो बिल्डर ईडब्यूल्एस के मकान बनाकर देता है। उससे आश्रय शुल्क लेना ठीक भी है लेकिन, कॉमर्शियल बिल्डिंग में जो 7% आश्रय शुल्क लिया जाता है वहां ये ठीक नहीं हैं। इस शुल्क को खत्म किया जाना चाहिए। खत्म न हो सके तो कुछ कम होना चाहिए। कर्मचारियों की भर्ती के अधिकार मिलें एक महापौर ने कहा कि नगर निगम में कर्मचारियों की भर्तियों के अधिकार महापौर को मिलने चाहिए। बैठक में ये निर्णय लिए गए     चुंगी का पैसा समय पर और पूरी तरह से मिले।     प्रदेश के सभी नगर निगमों द्वारा एनर्जी ऑडिट कराया जाएगा।     प्रत्येक हर हफ्ते महापौर-परिषद (एमआईसी) की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित होगी।     शहर की सड़कों की रेस्टोरेशन की गुणवत्ता की बारीकी से जांच होगी, जिसके लिए राज्यस्तरीय दल निरीक्षण करेगा।     बिल्डिंग परमिशन से संबंधित डेटा फॉर्मेट को सरल बनाकर सीधे निर्देश जारी होंगे।     लीज से जुड़े लंबित प्रकरणों को सूचीबद्ध कर शीघ्र निराकरण किया जाएगा।     प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नवीन तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।     डीजल बचत के लिए डिजिटलाइजेशन और कर्मचारियों के लिए फेस अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जाएगा।     नगरीय निकायों का खर्च कम करने और आकलन की नई व्यवस्था तकनीक के माध्यम से विकसित की जाएगी।     निकाय स्तर पर रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

जल समृद्धि रणनीति पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मंत्री पाटिल के बीच अहम बैठक

जल समृद्धि रणनीति पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मंत्री पाटिल के बीच अहम बैठक मुख्यमंत्री और जल शक्ति मंत्री की मुलाकात: जल समृद्धि को लेकर बनी रणनीति गुजरात के मुख्यमंत्री  पटेल भी हुए बैठक में शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान राज्य हित के विषयों पर उच्च स्तरीय बैठक में मंत्रणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सी.आर. पाटिल एवं गुजरात के मुख्यमंत्री  भूपेन्द्र पटेल के साथ बैठक में सहभागिता कर विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। जलशक्ति मंत्री ने मध्यप्रदेश के कार्यों को सराहा केंद्रीय मंत्री  पाटिल ने मध्यप्रदेश द्वारा केंद्रीय योजनाओं का लाभ लेने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जल संरक्षण और संवर्धन की दिशा में मध्यप्रदेश ने अच्छा काम किया है। प्रदेश में सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था और हर घर जल पहुंचाने का भी प्रशंसनीय कार्य हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा जल समृद्धि बढ़ाने के मध्यप्रदेश के प्रयासों को पूरा सहयोग देने की बात की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की नई रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की और केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। बैठक में जनहित के महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा की गई। इस अवसर पर संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

स्वस्थ नारी अभियान में निजी और सामाजिक संगठनों की भागीदारी पर जोर : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

स्वस्थ नारी अभियान में निजी और सामाजिक संगठनों की भागीदारी पर जोर : उप मुख्यमंत्री शुक्ल सशक्त परिवार के लिए जरूरी है निजी व सामाजिक सहभागिता : उप मुख्यमंत्री उप मुख्यमंत्री शुक्ल का आह्वान – ‘स्वस्थ नारी’ अभियान में सभी की हो सक्रिय भूमिका स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की वृहद समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान सहित लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ की प्रगति की समीक्षा की और मिशन मोड में संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह अभियान महिला स्वास्थ्य सशक्तिकरण और सुदृढ़ पारिवारिक संरचना के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसमें निजी संस्थानों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए जिससे इसकी पहुँच और प्रभावशीलता बढ़े। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  तरुण राठी, संचालक  नीरज कुमार सिंह तथा एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने एएनएम और नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की और अधिकारियों को इन प्रक्रियाओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की मज़बूती के लिए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराना अनिवार्य है। तकनीकी पदों एवं फ़ार्मासिस्ट-टेक्नीशियन भर्ती प्रक्रिया को भी तेजी से आगे बढ़ाया जाए। चिकित्सा शिक्षा अधोसंरचना से जुड़े कार्यों की समीक्षा की और समयबद्ध रूप से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्योपुर और सिंगरौली मेडिकल कॉलेज के विस्तार के पुनरीक्षित प्रस्ताव शीघ्र तैयार किए जाएँ। उन्होंने सुपरस्पेशलिटी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने बांड डॉक्टर्स को एनओसी ऑनलाइन जारी करने की व्यवस्था पर चर्चा की और निर्देश दिए कि यह प्रणाली शीघ्र पूर्ण की जाए जिससे डॉक्टर्स को पारदर्शी और त्वरित सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि 30 सितम्बर को पोर्टल की समीक्षा की जायेगी। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उन्नयित चिकित्सा संस्थानों में पदों की स्वीकृति के लिए आवश्यक औपचारिकताओं की पूर्ति शीघ्र की जाए। ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ में 10 लाख से अधिक स्क्रीनिंग एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि 17 से 22 सितम्बर 2025 के बीच ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ में 10 लाख से अधिक स्क्रीनिंग की जा चुकी हैं। प्रदेश स्तर पर इस अवधि में 66,201 महिलाओं एवं किशोरियों की एचबी जाँच, 33,753 एएनसी जाँच, 1,29,918 सिकल-सेल स्क्रीनिंग, 1,15,636 एमसीपी कार्ड वितरण और 1,29,687 एनसीडी स्क्रीनिंग की गई है। महिला एवं किशोरी हीमोग्लोबिन (Hb) जाँच में बालाघाट (4138), खरगोन (3106) और मंदसौर (2932) शीर्ष पर रहे। गर्भवती महिलाओं की एएनसी जाँच में सीधी (3437), जबलपुर (2835) और मंदसौर (2645) ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। सिकल-सेल स्क्रीनिंग में इंदौर (5283), धार (4807) और सागर (4533) अग्रणी रहे। एमसीपी कार्ड वितरण की श्रेणी में बालाघाट (12706), बैतूल (9777) और सिवनी (8871) शीर्ष रहे, वहीं एनसीडी स्क्रीनिंग में भोपाल (12448), इंदौर (11372) और ग्वालियर (9787) ने सर्वश्रेष्ठ प्रगति दर्ज की है।  

मनरेगा भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने को राज्य स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित

मनरेगा भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने को राज्य स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित मनरेगा मजदूरी के समय पर भुगतान के लिये अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण भोपाल महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत त्वरित भुगतान प्रणाली पर जिला एवं जनपदों पंचायतों में कार्यरत समस्त लेखाधिकारी एवं सहायक लेखाधिकारियों का एक दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम विकास भवन के सभागार में मंगलवार को हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मनरेगा आयुक्त  अवि प्रसाद ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को SNA-SPARSH के साथ ही मनरेगा के सारे तकनीकी पहलुओं को सीखने के सुझाव देते हुए भुगतान में पारदर्शिता अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली रियल-टाइम ट्रैकिंग की सुविधा प्रदान करती है। जिससे फंड के उपयोग पर नजर रखी जा सके। प्रशिक्षण में विषय विशेषज्ञों/मास्टर ट्रेनर्स द्वारा "SNA SPARSH" के विभिन्न तकनीकी पहलुओं एवं बारीकियों पर प्रशिक्षणार्थियों को गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि SNA SPARSH एक डिजिटल प्रणाली है जो केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न राज्यों में संचालित की जा रही है, जिसमें मनरेगा समेत कई केंद्रीय योजनाओं के तहत फंड ट्रांसफर किया जाता है। यह प्रणाली फंड के दुरुपयोग को रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिज़ाइन की गई है। SNA स्पर्श के माध्यम से फंड सीधे लाभार्थी के खाते में ट्रांसफर किया जाता है, जिससे फंड के दुरुपयोग की संभावना कम होती है। SNA SPARSH प्रणाली फंड को आवश्यकतानुसार रिलीज करने में मदद करता है, जिससे फंड के अनावश्यक रूप से खातों में पड़े रहने की समस्या का समाधान होता है।  

मंत्री शुक्ला का ऐलान: नॉलेज पार्टनरशिप के नए अवसरों की होगी खोज

सिंगापुर के काउंसलेट्स ने नवकरणीय ऊर्जा मंत्री से की भेंट भोपाल नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने कहा कि सिंगापुर से नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नॉलेज पार्टनरशिप की संभावनाओं को गंभीरतापूर्वक तलाशा जायेगा। उन्होंने यह बात सिंगापुर के काउंसलेट्स से मंत्रालय में हुई मुलाकात में कही। ऊर्जा विकास निगम के एमडी  अमनबीर सिंह बैंस ने मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन की वर्तमान स्थिति से मंत्रालय में सिंगापुर के प्रतिनिधि मण्डल को अवगत कराया। प्रतिनिधि मण्डल में काउंसल जनरल  मिंग फुंग चेंग, पॉलिटिकल काउंसल  जेरोम वोंग ली वाई और रिसर्च एण्ड इन्फार्मेशन एनॉलिस्ट सु रिद्धि कोठावले शामिल थीं। नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  शुक्ला ने सिंगापुर के प्रतिनिधि मण्डल के साथ हुई बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किये जा रहे हैं। बैठक में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश और सिंगापुर के परस्पर संभावित सहयोग पर चर्चा हुई। मध्यप्रदेश में संभावित निवेश पर भी विचार-विमर्श हुआ। बैठक में तकनीकी सहयोग को साझा करने और आपसी संबंधों को बेहतर और सुदृढ़ करने का विश्वास व्यक्त किया गया।  

मुख्यमंत्री की एक और घोषणा पर अमल, 6.69 लाख धान उत्पादक किसान होंगे लाभान्वित

बालाघाट के कटंगी में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के धान उपार्जित करने वाले किसानों को बालाघाट जिले के तहसील मुख्यालय कटंगी से बड़ी सौगात देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा समर्थन मूल्य पर धान उपार्जित करने वाले किसानों के लिये प्रति हेक्टेयर 4 हजार रूपये बोनस देने की घोषणा की गई थी। इस घोषणा को अमल में लाने के लिये बालाघाट जिले के तहसील मुख्यालय कटंगी में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले किसानों को बोनस वितरण के लिए राज्य स्तरीय कार्यक्रम आज होगा। कृषि उपज मंडी प्रांगण में होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले 6 लाख 69 हजार धान उत्पादक किसानों को 337 करोड़ 12 लाख रुपये की बोनस राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से उनके खातों में अंतरित करेंगे। 4315 युवाओं को प्रदान किए जाएंगे नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में 4315 युवाओं को नियुक्ति-पत्र प्रदान करेंगे और बालाघाट जिले में 244 करोड़ रुपये की लागत के 75 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करेंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान-बंधु सहित युवा शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय करने वाले किसानों को 04 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अधिकतम 10 हजार रूपये बोनस देने की घोषणा की थी। बोनस राशि से बालाघाट जिले के एक लाख से अधिक किसान लाभांवित होंगें।  

चौंकाने वाली खबर: MP Police भर्ती में अब हिंदी-अंग्रेजी परीक्षा नहीं होगी!

भोपाल मप्र कर्मचारी चयन मंडल (ESB) गृह विभाग के लिए सूबेदार शीघ्रलेखक (स्टेनोग्राफर) और सहायक उप निरीक्षक (अनुसचिवीय) के 500 पदों पर भर्ती परीक्षा आयोजित कर रहा है। इस तरह की भर्ती आठ साल बाद होने जा रही है। इस परीक्षा के लिए ईएसबी ने नियमावली जारी कर दी है। उसके मुताबिक इन पदों पर चयन के लिए सामान्य ज्ञान, तर्कशक्ति और गणितीय दक्षता तो जांची जाएगी, लेकिन हिंदी या अंग्रेजी भाषा की दक्षता जांच के लिए कोई परीक्षा नहीं होगी।   नियमावली के मुताबिक, यह भर्ती परीक्षा दो चरणों में होगी। पहले चरण में 100 अंकों की लिखित परीक्षा होगी, जिसमें सामान्य ज्ञान, बौद्धिक क्षमता व गणित-विज्ञान से प्रश्न पूछे जाएंगे। इस परीक्षा में निगेटिव मार्किंग का प्रविधान नहीं है। सूबेदार और एएसआई की परीक्षा में 40 अंक सामान्य और तार्किक ज्ञान के रहेंगे, 30 अंक बौद्धिक क्षमता और मानसिक अभिरुचि के होंगे, जबकि 30 अंक विज्ञान एवं सरल अंक गणित के होंगे। वहीं, परीक्षा के दूसरे चरण में दस्तावेज सत्यापन व प्रायोगिक परीक्षा (टंकण/आशुलिपि) ली जाएगी। पहली बार शीघ्रलेखक पद के लिए पहली परीक्षा व शार्टहैंड टाइपिंग प्रायोगिक परीक्षा के अंक को मिलाकर अंतिम सूची बनेगी। दोनों परीक्षा के लिए 100-100 अंक तय किए हैं। पिछली बार जो परीक्षा हुई थी, उसमें टंकण/आशुलिपि दक्षता परीक्षा केवल क्वालिफाइंग थी। उसमें न्यूनतम अंक पाने वाले को दक्ष मानकर लिखित परीक्षा के अंकों के आधार पर मेरीट बन गया था। बताया गया है कि पहले चरण की लिखित परीक्षा के कटआफ के सात गुना अभ्यर्थियों को प्रायोगिक परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। परीक्षा में कट ऑफ के बराबर पर्सेंटाइल प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को दूसरे चरण के लिए बुलाया जाएगा, भले ही कुल संख्या विज्ञापित रिक्तियों की सात गुना से अधिक हो। 3 अक्टूबर से ऑनलाइन आवेदन कर्मचारी चयन मंडल ने परीक्षा की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके लिए आवेदन तीन अक्टूबर से शुरू होंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर है। वहीं, पहले चरण की लिखित परीक्षा 10 दिसंबर से शुरू होगी। इस भर्ती के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास है। आवेदक के पास कंप्यूटर दक्षता प्रमाणपत्र (सीपीसीटी) होना अनिवार्य है। 500 पदों पर होगी भर्ती इस परीक्षा के जरिए गृह विभाग के कुल 500 पदों पर भर्ती होनी है। सूबेदार शीघ्रलेखक की सामान्य शाखा में 90 पद, वहीं विशेष शाखा में 10 पदों पर भर्ती होगी। वहीं सहायक उप निरीक्षक (अनुसचिवीय) की सामान्य शाखा में 110 पद, मैदानी इकाई में 220 पद, विशेष शाखा में 55 पद व अपराध अनुसंधान विभाग में 15 पद पर भर्ती होनी है। साकेत मालवीय (डायरेक्टर, ईएसबी) के मुताबिक, पुलिस विभाग में रिक्त पदों के लिए परीक्षा आयोजित की जा रही है। प्रश्नपत्रों का पैटर्न विभाग ने तैयार कर दिया है। मंडल की जिम्मेदारी परीक्षा आयोजित कराने की है। इस बार प्रायोगिक परीक्षा के लिए भी अंक होंगे।