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यात्रियों के लिए खुशखबरी! नवरात्रि पर रेलवे ट्रेन में परोसेगा शुद्ध फलाहारी खाना

ग्वालियर नवरात्र के दौरान उपवास रखकर ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों की सुविधा के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन (IRCTC) ने फलाहारी मैन्यू की शुरुआत की है। रेलवे ने यात्रियों के लिए सात्विक भोजन और फलाहारी भोजन की सुविधा शुरू कर दी है। ऐप से बुक कर सकेंगे खाना सात्विक आहार के मैन्यू में साबूदाने से लेकर सेंधा नमक जैसी चीजें शामिल की हैं। जीरा आलू, आलू की टिक्की, साबूदाना की खिचड़ी, साबूदाना बड़ा, मलाई बर्फी, लस्सी, सूखे मखाने, व्रत में खाई जाने वाली सब्जियां, मूंगफली नमकीन और सादा दही को शामिल किया गया है।   इसके लिए IRCTC की ई-कैटरिंग वेबसाइट या ऐप पर बुकिंग सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यहां ऑनलाइन पेमेंट या पे ऑन डिलीवरी दोनों ही विकल्प हैं। ऑर्डर करने पर संबंधित स्टेशन पर यात्री को अपनी बर्थ पर ही खाना मिल जाएगा। इन सात्विक थालियों की कीमत 100 से 200 रुपये के बीच है। वंदे भारत एक्सप्रेस में अब मिलेगी एक लीटर रेल नीर की बोतल भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन से ग्वालियर होते हुए हजरत निजामुद्दीन जाने वाली वंदे भारत, खजुराहो वंदे भारत सहित अब सभी वंदे भारत ट्रेनों में यात्रियों को फिर से एक लीटर रेल नीर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे पहले ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों को 500 मिली रेल नीर की बोतल दी जाती थी। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को निर्देश जारी किए हैं कि यात्रियों को एक लीटर रेल नीर की बोतल उपलब्ध कराई जाए। IRCTC के मुख्य क्षेत्रीय अधिकारी अजीत सिन्हा ने बताया कि रेलवे बोर्ड से सर्कुलर जारी किया गया है।

भोपाल की छात्राओं की आंखों पर खतरा! AIIMS जांच में 22% में पाई गई बीमारी

भोपाल एम्स भोपाल द्वारा आयोजित एक स्वास्थ्य शिविर में भोपाल की स्कूली बालिकाओं में आंखों की बीमारी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कक्षा 8वीं से 12वीं तक की 22% बालिकाओं में आंखों की विभिन्न बीमारियां पाई गई हैं। दरअसल एम्स ने 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान' के अंतर्गत शासकीय आदर्श आवासीय कन्या संस्कृत विद्यालय, गार्गी, भोपाल में नेत्र स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया। इस शिविर में 12 से 18 वर्ष आयु वर्ग की 100 छात्राओं की जांच की गई, जिसमें 18% छात्राओं में आंखों की समस्याएं पाई गईं। आंखों की समस्याएं रिफ्रेक्टिव एरर: 17 छात्राओं में रिफ्रेक्टिव एरर पाया गया, जिसमें मायोपिया (निकट दृष्टि दोष), हाइपरमेट्रोपिया (दूर दृष्टि दोष) और एस्टिग्मेटिज्म (अनियमित दृष्टि) शामिल हैं। एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस: 2 छात्राओं में एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस पाया गया, जो आंखों की एलर्जी के कारण होता है। एब्लियोपिया: 2 छात्राओं में एब्लियोपिया पाया गया, जो एक आंख की दृष्टि कमजोर होने के कारण होता है। नाइट ब्लाइंडनेस: 1 छात्रा में नाइट ब्लाइंडनेस पाया गया, जो विटामिन ए की कमी के कारण होता है। आंखों की समस्याओं के मुख्य कारण 1- स्क्रीन टाइम: बढ़ता स्क्रीन टाइम और डिजिटल डिवाइसों का उपयोग आंखों की समस्याओं का एक मुख्य कारण है। 2- अपर्याप्त प्रकाश: अपर्याप्त प्रकाश में पढ़ाई या काम करने से आंखों पर दबाव पड़ता है। 3- पोषण की कमी: विटामिन ए और अन्य पोषक तत्वों की कमी से आंखों की समस्याएं हो सकती हैं। 4- आनुवंशिक कारक: कुछ आंखों की समस्याएं आनुवंशिक हो सकती हैं। 34 छात्राओं ने नेत्रदान की ली शपथ इस कैंप के दौरान केवल स्क्रीनिंग ही नहीं हुई, बल्कि जागरूकता भी फैलाई गई। 34 छात्राओं ने नेत्र दान फॉर्म भी भरा। नेत्र स्वास्थ्य पर जूनियर रेजिडेंट डॉ. सौरभि ने मौजूद स्टूडेंट्स को जानकारी दी। उनके साथ सीनियर नर्सिंग ऑफिसर महेश मीणा ने आंख दान पर व्याख्यान दिया। ऑप्टोमेट्रिस्ट टीम ने व्यक्तिगत और मासिक धर्म स्वच्छता पर भी छात्राओं को जागरूक किया। जिससे ना केवल नेत्र बल्कि संपूर्ण स्वास्थ के प्रति छात्राओं को जागरूक किया जा सके। आंखों के लिए सावधानी  – हर 20 मिनट पर स्क्रीन से ब्रेक लें। – 20-20-20 रूल: हर 20 मिनट बाद 20 फीट दूर किसी वस्तु को 20 सेकेंड देखें। – रोज कम से कम 1 घंटे आउटडोर खेलकूद जरूरी। – संतुलित आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, दूध और फल शामिल करें। – आंखों में जलन या धुंधलापन हो तो तुरंत जांच कराएं। 

मध्यप्रदेश को एक और सोने की सौगात: कटनी में जल्द शुरू होगा खनन, इमलिया गोल्ड ब्लॉक तैयार

कटनी   मध्य प्रदेश की धरती बहूमूल्य खनिज तत्वों से भरी पड़ी है. पन्ना में हीरे की खदानें कई सालों से चल रही हैं. पन्ना से सटे छतरपुर जिले में बहुतायत मात्रा में हीरे के भंडार मिले हैं. अब मध्य प्रदेश में सोने के भंडार भी लगातार मिल रहे हैं. हाल ही में सिंगरौली में सोने का खनन करने के लिए सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. अब कटनी में सोने का भंडार मिला है. सिंगरौली के साथ ही कटनी में सोने के खनन का काम शुरू किया जा रहा है. मुंबई की कंपनी से कटनी प्रशासन का एमओयू कटनी जिले के स्‍लीमनाबाद क्षेत्र में इमलिया गोल्‍ड ब्‍लॉक की माइनिंग से जल्‍दी ही स्‍वर्ण खनन का कार्य शुरू हो जाएगा. इसके लिए  शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन कलेक्‍टर आशीष तिवारी और मुंबई की खनिज पट्टा धारक कंपनी प्रोस्‍पेक्‍ट रिसोर्स मिनरल्‍स कंपनी के डायरेक्‍टर अविनाश लांडगे के बीच गोल्‍ड ब्‍लॉक की माइनिंग लीज का एग्रीमेंट हुआ. निजी कंपनी को 50 साल के लिए खदान लीज पर कटनी कलेक्‍टर आशीष तिवारी ने बताया "ई-नीलामी प्रक्रिया के माध्‍यम से मुंबई की प्रोस्‍पेक्‍ट रिसोर्स मिनरल्‍स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को 50 वर्ष की अवधि के लिए स्‍लीमनाबाद क्षेत्र के ग्राम इमलिया में 6.510 हेक्टेयर क्षेत्र का पट्टा दिया गया है. सोने की खदान शुरू होने से जहां राज्य सरकार का खजाना भरेगा तो वहीं, कटनी जिले में रोजगार की भी संभावना बढ़ गई है." सोने की खदान शुरू होने से कटनी के युवाओं में खुशी की लहर है. कटनी में 14 लाख टन मिनरल्स मिलने की उम्मीद कटनी जिले के खनिज विभाग के उपसंचालक रत्‍नेश दीक्षित ने बताया "कटनी जिले में नये खनिज स्त्रोतों के रूप में स्‍वर्ण (सोना) की खदान में सोने के साथ-साथ बेसमेटल, चांदी, जिंक, लेड (सीसा) और कॉपर भी निकलेगा. जल्‍दी ही कंपनी इमलिया से सोना निकालने के लिये यहां अपना पूरा मशीनरी सिस्‍टम लगाएगी. भू-गर्भशास्त्रियों के प्राथमिक रिपोर्ट में इमलिया गोल्‍ड माइन में करीब 14 लाख टन मिनरल मिलना संभावित है." कटनी जिले में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर कटनी जिले के स्‍लीमनाबाद के इमलिया गोल्‍ड माइंस से उत्‍खनन कार्य शुरू होने के बाद यहां बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर बनंगे. सरकार को भी राजस्‍व से खासी आय प्राप्ति होगी. इससे जिले और समूचे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी. अभी तक केवल कर्नाटक से ही गोल्‍ड की माइनिंग हो रही थी. लेकिन अब मध्‍यप्रदेश के सिंगरौली व कटनी जिले में भी सोने का खनन शुरू होने जा रहा है. कटनी जिले में चूना, बॉक्साइट, लाइमस्‍टोन व क्रिटिकल मिनरल्‍स बहुतायत में उपलब्‍ध है. सिंगरौली जिले में भी सोने का खनन शुरू सिंगरौली जिले में भी चकरिया गोल्ड ब्लॉक के स्वर्ण खनन पर काम शुरू हो गया है. इससे उत्साहित होकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा ''मध्य प्रदेश के खनन क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है और प्रदेश मिनरल प्रदेश ऑफ इंडिया बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.'' सिंगरौली में सोने के भंडार के खनन के लिए नीलामी प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है. चकरिया गोल्ड ब्लॉक का ई-नीलामी के जरिए प्रक्रिया को पूरा किया जा चुका है. चकरिया गोल्ड ब्लॉक में 23.57 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है. यहां 1 लाख 33 हजार 785 टन सोने के भंडार का अनुमान लगाया गया है. 

मध्यप्रदेश के प्राइवेट स्कूलों का बड़ा फैसला: RTE के तहत पढ़ रहे 10 हजार बच्चों की पढ़ाई 1 अक्टूबर से बंद

भोपाल   मध्यप्रदेशके प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के तहत दर्ज बच्चों की पढ़ाई पर संकट गहरा गया है। प्राइवेट स्कूलों ने आरटीई के तहत दर्ज बच्चों को न पढ़ाने राज्य शिक्षा केन्द्र को अल्टीमेटम दिया है। फीस विवाद इसका कारण बना है। निजी स्कूल संचालकों ने कहा कि 30 सितंबर तक विभाग फीस चुकाए। तीन साल की फीस बकाया है। भोपाल शहर में करीब 12 सौं निजी स्कूलों में करीब 10 हजार बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश हुआ है। एसोसिएशन ने कहा कि फीस न मिली तो बच्चों को पढ़ाने में असमर्थ होंगे। ये है पूरा मामला निजी स्कूल एसोसिएशन के अजीत सिंह के मुताबिक प्राइवेट स्कूलों में सरकार ने आरटीई के तहत बच्चों का दाखिला(RTE School Admission) कराया गया है। प्रदेश में हर साल एक से ज्यादा एडमिशन कराए जा रहे है। इन बच्चों की फीस सरकार देती है। लेकिन करीब तीन साल हो गए। प्रदेश के अधिकांश स्कलों में आरटीई के दाखिलों की फीस की प्रतिपूर्ति नहीं की गई है। स्कूल संचालकों ने कहा त्योहारी सीजन, शिक्षकों का वेतन फीस के भरोसे स्कूल एसोसिएशन के मुताबिक प्राइवेट स्कूल में शिक्षको का वेतन फीस के भरोसे है। प्रतिपूर्ति न होने से त्योहारी सीजन में परेशानी होगी। स्कूलों को आर्थिक परेशानी आ रही है। एसोसिएशन के मुताबिक स्कूल इससे पहले भी फीस की मांग कर चुके है। राज्य शिक्षा केन्द्र को ज्ञापन दिए लेकिन सुनवाई नहीं हुई। एक नजर में     शहर में 1200 निजी स्कूल     आइटीई में 10000 बच्चों का हुआ प्रवेश।     तीन साल से फीस की नहीं हुई प्रतिपूर्ति।     (एसोसिएशन के मुताबिक) 3 साल की फीस बकाया तीन साल की फीस बकाया है। स्कूलों की आर्थिक स्थिति खराब है। तीस सितंबर तक फीस की प्रतिपूर्ति नहीं हुई तो आरटीई के तहत दर्ज(RTE School Admission) बच्चों को प्राइवेट स्कूल पढ़ाने में असमर्थ रहेंगे। राज्य शिक्षा केन्द्र को इसका पत्र दे चुके हैं। – अजीत सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन

साइबर क्राइम पर लगाम लगाने मैदान में उतरेंगे 500 कमांडो, IIT इंदौर में होगी खास ट्रेनिंग

 इंदौर  दुनिया में हर साल 1.5 ट्रिलियन डॉलर की साइबर ठगी हो रही है। भारत 10 वें नंबर पर है। 5 साल में अपराध 238 प्रतिशत बढ़े हैं। सेंटर फॉर साइबर क्राइम ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर, बेंगलूरु के बनाए साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन मैन्युअल के अनुसार, 2029 तक ठगी 15.63 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगी। ऐसे में केंद्र सरकार साइबर कमांडो तैयार कर रही है। राज्य सरकार ने भी टीम तैयार करनी शुरू कर दी है। 2028 तक ऐसे 500 कमांडो तैनात किए जाएंगे। इसके लिए आइआइटी इंदौर में 1-2 माह में कोर्स शुरू किया जा रहा है। सिंहस्थ के दौरान साइबर क्राइम रोकने ये कमांडो तैनात होंगे। मध्यप्रदेश को मिले पांच हाल ही में साइबर सेल के वरिष्ठ अफसरों व एसपी की सेंटर फॉर साइबर क्राइम ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर बेंगलूरु में ट्रेनिंग हुई। सरकार तकनीकी पढ़ाई करने वाले एसआइ व वरिष्ठ अफसरों को ट्रेनिंग दिला रही है। ऐसे 5 हजार कमांडो तैयार करने की योजना है। आइआइटी कानपुर, धनबाद, मद्रास, रुड़की में कोर्स शुरू हो गया है। देश में 50 कमांडो तैयार हुए हैं। पांच मध्यप्रदेश को मिले हैं। 2 करोड़ में एक बैच -प्रस्ताव के अनुसार आइआइटी इंदौर में कमांडो की ट्रेनिंग होगी। -एक बैच में 50 कमांडो तैयार किए जाएंगे। -इस पर करीब दो करोड़ रुपए खर्च का अनुमान है। अन्य आइटी यूनिवर्सिटी में भी ट्रेनिंग होगी। साइबर अपराध: दुनिया में भारत 10 वें नंबर पर     रूस     यूक्रेन     चीन     यूनाइटेड स्टेट्स     नाइजीरिया     रोमानिया     नॉर्थ कोरिया     यूनाइटेड किंगडम     ब्राजील     भारत (स्रोत: साइबर क्राइम इंडेक्स) साइबर अपराधों से लड़ने के लिए आइआइटी इंदौर में साइबर कमांडो तैयार किए जाएंगे। सरकार को प्रस्ताव भेजा है। अनुमति मिलते ही ट्रेनिंग शुरू करेंगे। सिंहस्थ के पहले सभी जिलों में साइबर कमांडो तैनात किए जाएंगे। – ए. साईं मनोहर, एडीजी, साइबर सेल

मध्यप्रदेश बना ई-पंजीयन व्यवस्था लागू करने वाला देश का पहला राज्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को संपदा 2 के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने के लिए मंत्रीगण ने दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भारत सरकार द्वारा संपदा 2 के लिए राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार 2025 से सम्मानित करने पर उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई दी अभिवादन किया। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा सहित सभी मंत्रीगण ने बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक में पहले अपने संबोधन में कहा कि संपदा-2 से पेपरलेस-फेसलेस रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश, देश में अग्रणी बना है। मध्यप्रदेश, ई-पंजीयन व्यवस्था लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। यह प्रणाली नागरिकों को बिना कार्यालय आए, सुरक्षित और सरल पंजीयन की सुविधा देती है। मध्यप्रदेश ने डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत अस्पतालों में साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा जिलों के सभी अस्पतालों में साफ-सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। 2 रूपए 70 पैसे प्रति यूनिट की दर से प्राप्त होगी बिजली मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेवा पखवाड़ा में नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश को महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। मुरैना में पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना के माध्यम से 2 रूपए 70 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली प्राप्त होगी। ई-रिवर्स ऑक्शन प्रक्रिया से प्राप्त यह प्रति यूनिट दर, देश में न्यूनतम है। मध्यप्रदेश पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर के चार अवार्ड मिलने पर दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर के चार अवार्ड मिलने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश टूरिज्म के नवाचार किडजानिया एक्सपीरियंस सेंटर को मेडैक्स गोल्ड अवार्ड प्राप्त हुआ है। यह अवार्ड बेस्ट एक्सपीरियंशियल मार्केटिंग कैंपेन और बेस्ट ट्रैवल एंड टूरिज्म मार्केटिंग कैंपेन श्रेणी में मिला है। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड को दो प्रतिष्ठित अवार्ड क्रमशः बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड अवार्ड और गोल्डन बैनयन अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा का पीएम मित्रा पार्क की सौगात के लिए माना आभार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई पीएम मित्रा पार्क की सौगात के लिए उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह पार्क लगभग 2158 एकड़ में विकसित होगा और यहां विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस पार्क के लिए देश की अग्रणी टेक्सटाइल कंपनियों ने 23 हजार 146 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव दिए हैं। पार्क से लगभग 3 लाख रोजगार सृजित होंगे और कपास आधारित उद्योगों के विस्तार से किसानों को लाभ होगा। नवरात्रि के पहले दिन से आरंभ हुआ जीएसटी बचत उत्सव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा सशक्त नारी सशक्त परिवार और पोषण अभियान का आरंभ भैसोला धार से किया गया, यह प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भैसोला धार से आदि सेवा पर्व प्रारंभ करने, एक बगिया मां के नाम अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में जागरूकता के लिए सुमन सखी चैटबॉक्स की लॉन्चिंग, एक करोड़वें सिकल सेल स्क्रीनिंग एवं कॉउंसलिंग कार्ड के वितरण, 15 लाख हितग्राही महिलाओं के खातों में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की 400 करोड़ रुपए राशि से अधिक के अंतरण के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवरात्रि के प्रथम दिवस से जीएसटी सुधार लागू करने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे देश के सभी वर्गों को लाभ होगा, यह देश का जीएसटी बचत उत्सव है।  

दिव्यांगजन मानव अधिकार संरक्षण में सांकेतिक भाषा सहायक : मंत्री कुशवाहा

दिव्यांगजन में है दिव्य-शक्ति विद्यमान भोपाल  सामाजिक न्याय दिव्यांगजन कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा है कि "सांकेतिक भाषा मानव अधिकारो के संरक्षण में सहायक होती है।" उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन में दिव्य शक्तियां विद्यमान हैं, केवल उन्हें अवसर की आवश्यकता है। मंत्री श्री कुशवाहा सामाजिक न्याय विभाग के सभागार में राज्य स्तरीय सांकेतिक भाषा दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री कुशवाहा ने कहा कि दिव्यांगजन अधिकार संरक्षण के लिए राज्य से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास जारी हैं, इसी कड़ी में यूनाइटेड नेशन द्वारा 2017 में 23 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इसी दिन प्रति वर्ष सांकेतिक भाषा दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सामाजिक न्याय विभाग सांकेतिक भाषा को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से साइन लेंग्वेज पर कार्य किया जा रहा है। जो संस्थाएं इस क्षेत्र में काम कर रही हैं, उन्हें केंद्र और राज्य सरकार द्वारा आर्थिक अनुदान के साथ अन्य सहयोग प्रदान किया जा रहा हैं। मध्यप्रदेश में डेफ केन फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे प्रयास प्रशंसानीय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के समृद्ध भारत के सपने को साकार बनाने में दिव्यांगजन की भागीदारी भी आवश्यक है। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा 'विकलांगता' के स्थान पर 'दिव्यांगता' शब्द दिया गया है। इसका आशय है कि दिव्यांगजन में देवीय-कृपा से दिव्य शक्तियाँ हैं। यह वर्ग खेलकूद से लेकर हर क्षेत्र में नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि डेफ फाउंडेशन द्वारा मूकबधिर वर्ग को दो और चार पहिया वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस बनाने तथा मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम की पुस्तकों की ब्रेनलिपि में बनाने की माँग पर शासन स्तर पर शीघ्र विचार किया जायेगा। विधायक श्री भगवानदास सबनानी ने कहा कि दिव्यांगजन में प्रतिभा की कमी नहीं है, वह हम सब की तरह सामान्य जीवन जी सकते है। मूकबधिर होने की स्थिति में अपनी भावनाऐं शब्दों से नहीं सांकेतिक भाषा में व्यक्त करते है। चिकित्सा के क्षेत्र में नये अविष्कार और खोज से अब इनका इलाज संभव हो पा रहा है। यह सुखद समाचार है। परशुराम बोर्ड के अध्यक्ष पं. विष्णु राजौरिया ने कहा कि सांकेतिक भाषा, मूकबधिर जन के लिये संजीवनी है। उन्होंने कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाली संस्थाओं के बच्चों और प्रशिक्षकों की प्रशंसा की। कार्यक्रम में डेफ केन फाउंडेशन की श्रीमती प्रीति सोनी द्वारा तैयार किया गीत, अशासकीय संस्था माधुरी आयाम, अशासकीय संस्था उमंग गौरव दीप और आशा निकेतन के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। साथ ही बच्चों को स्मृति चिंह देकर प्रोत्साहित भी किया गया।  

विकसित भारत का संकल्प पूरा करने में अभियंताओं की महत्वपूर्ण भूमिका : जल संसाधन मंत्री सिलावट

भारत रत्न सर श्री विश्वेश्वरैया की प्रतिमा का किया अनावरण भोपाल  जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने में अभियंताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत रत्न सर श्री मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरैया विलक्षण प्रतिभा के धनी, दूरदृष्टा और अत्यंत कुशल अभियंता थे, जिन्होंने संघर्षों के बीच कार्य करते हुए उत्कृष्ट अभियांत्रिकी के मानदण्डों को स्थापित किया। उनसे प्रेरणा लेकर सभी अभियंता पूरी निष्ठा, भाव और समर्पण के साथ देश के विकास में अपना पूरा योगदान दें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में जल अभियांत्रिकी के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हो रहा है। जल संरक्षण में देश में प्रदेश अव्वल है। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट मंगलवार को प्रमुख अभियंता जल संसाधन कार्यालय परिसर में सर श्री मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरैया की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर प्रतिवर्ष उत्कृष्ट कार्य करने वाले 5 अभियंताओं को सम्मानित करने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभियंता एवं विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि सर श्री विश्वेश्वरैया की कर्मठता, विद्वता, कौशल और समर्पण ने आधुनिक भारत के निर्माण की मजबूत नींव रखी। उनके द्वारा अभियांत्रिकी क्षेत्र में किये गये कार्य भविष्य में भी अभियंताओं के लिये प्रेरणा-स्रोत रहेंगे। जल प्रबंधन के क्षेत्र में उनका कार्य अद्वितीय है। आज उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया है, जो हमें निरंतर उनके कार्यों की याद दिलाती रहेगी। वे भारत के गौरव थे, आज उन्हें पूरा विश्व याद करता है। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में जल संसाधन, जल प्रबंधन और जल संरक्षण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हो रहा है। प्रदेश में 3 बड़ी परियोजनाओं केन-बेतवा, पार्वती-कालीसिंध-चंबल और तापी मेगा रीचॉर्ज पर कार्य हो रहा है। ये परियोजनाएँ पूरे प्रदेश की तस्वीर बदल देंगी। प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़कर लगभग 52 लाख हेक्टेयर हो गया है। अगले वर्ष तक इसे 65 लाख हेक्टेयर और वर्ष 2027 तक 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है। राजगढ़ जिले की मोहनपुरा-कुण्डालिया परियोजना जल संरक्षण की विलक्षण परियोजना है। गत दिनों प्रदेश में चलाया गया 'जल गंगा संवर्धन अभियान' अत्यंत सफल रहा। 'एक पेड़ माँ के नाम' पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण अभियान है। हर खेत तक पानी पहुँचाना हमारा संकल्प है। भारत की आत्मा गाँव में बसती है और सिंचाई का रकबा बढ़ने से गाँव समृद्ध होंगे और देश भी समृद्ध होगा। अभियंताओं को किया सम्मानित जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने विभाग के पूर्व और वर्तमान अभियंताओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रमुख अभियंता श्री विनोद कुमार देवड़ा, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता श्री राजीव शुकलेकर, श्री आर.के. तिवारी, श्री एम.एस. डाबर, श्री भरत गोस्वामी ने भी संबोधन दिया।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं का निरंतर विकास किया जा रहा है

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं का निरंतर विकास किया जा रहा है। प्रदेश में 2 मेट्रोपॉलेटिन क्षेत्र भोपाल और इंदौर की स्वीकृति के बाद 2 नए मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र जबलपुर और ग्वालियर को शीघ्र मंजूरी दी जाएगी। मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र अधोसंरचना को सशक्त बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  होटल जहांनुमा पैलेस के सभाकक्ष में फ्री प्रेस के 42 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर अयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 16 नगर निगमों के महापौर का सम्मान किया। सम्मानित महापौर में भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय और इंदौर के महापौर श्री पुष्प मित्र भार्गव भी उपस्थित थे। इस अवसर पर भोपाल के उत्कृष्ट कार्य करने वाले पार्षद भी पुरस्कृत किए गए। स्वच्छता, मेट्रो रेल और स्मार्ट सिटी के विकास में प्रदेश की उपलब्धियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता का संदेश दिया है। मध्यप्रदेश ने स्वच्छता के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल की हैं। अनेक नगरीय निकाय स्वच्छता क्षेत्र में प्रतिवर्ष श्रेष्ठ कार्य के लिए पुरस्कृत हो रहे हैं। प्रदेश में भोपाल और इंदौर के साथ अन्य नगरों के नागरिक भी शीघ्र ही मेट्रो रेल सुविधा का लाभ प्राप्त करेंगे। शहरी विकास को प्राथमिकता देते हुए कायाकल्प अभियान में 1550 करोड़ रुपए के निवेश से सड़कों का स्वरूप बदल रहा है। स्मार्ट सिटी मिशन-2 के माध्यम से जबलपुर और उज्जैन के नगरीय निकायों के लिए 370 करोड़ रुपए देने की पहल की गई। स्मार्ट सिटी की संकल्पना को जमीन पर उतारते हुए महाकाल परिसर उज्जैन के विकास सहित अनेक कार्य हुए हैं। प्रदेश में आठ एयरपोर्ट संचालित हैं और अन्य विमानतल भी शीघ्र प्रारंभ होंगे। खजुराहो नगर परिषद का विशेष उल्लेख नगरीय निकायों को समर्थ और सुविधा संपन्न बनाने की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में एक ऐसी अनोखी नगर परिषद है जिसका उल्लेख आवश्यक है। छतरपुर जिले की खजुराहो नगर परिषद की विशिष्ट स्थिति है जहां खजुराहो विश्व धरोहर स्थल है, वहीं खजुराहो में एयरपोर्ट भी है और रेलवे स्टेशन भी है। जनसंख्या कम होने के बाद भी खजुराहो विश्व स्तरीय पर्यटक स्थल के रूप में जाना जाता है। भविष्य की रूपरेखा बनाएं नगरीय निकाय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फ्री प्रेस अखबार द्वारा नगरीय निकायों के महापौर सम्मानित किए गए हैं। यह प्रशंसनीय पहल है। नगरीय विकास और आवास विभाग नगरीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की राज्य स्तरीय बैठक और कार्यशाला आयोजित कर नगरों के समग्र विकास के लिए भविष्य की रूपरेखा निर्धारित करे। नगरीय विकास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकास के संकल्प की पूर्ति के लिए विभाग सक्रिय है। प्रदेश में नगरीय निकायों ने स्वच्छता सहित अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य किया है। प्रारंभ में फ्री प्रेस संस्थान की ओर से अध्यक्ष श्री अभिषेक करनानी और भोपाल संस्करण के एसोसिएट एडीटर श्री नितेंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल, विधायक श्री भगवान दास सबनानी के अलावा श्री हितानंद शर्मा, श्री आशीष अग्रवाल, डॉ. हितेश वाजपेयी सहित मीडिया प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।  

मंत्री सुश्री भूरिया ने किया ‘मेनोपाज स्वास्थ्य गाइड’ का विमोचन

भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने मंगलवार को मंत्रालय में प्रसिद्ध पोषण विशेषज्ञ डॉ. अनुमिता पाठक द्वारा लिखित पुस्तक ‘मेनोपाज स्वास्थ्य गाइड’ का विमोचन किया। पुस्तक में “महिलाओं के लिए स्वास्थ्य गाइड: रजोनिवृत्ति और उससे सम्बंधित सभी जानकारी शामिल है। यह पुस्तक विशेष रूप से रजोनिवृत्ति (मेनोपाज) के दौर से गुजर रही महिलाओं के लिए एक समर्पित मार्गदर्शिका है। इसमें शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक परिवर्तनों को समझने और संभालने की दिशा में उपयोगी जानकारी दी गई है, जिनसे महिलाएं इस चरण में गुजरती हैं। पुस्तक में व्यावहारिक सुझाव, पोषण संबंधी सलाह और परिवार की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि “रजोनिवृत्ति जैसे विषय पर खुलकर और वैज्ञानिक तरीके से जानकारी देने वाली यह पुस्तक महिला स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। यह गाइड बुक निश्चित रूप से महिलाओं के लिए लाभदायक सिद्ध होगी।” लेखिका डॉ. अनुमिता पाठक ने बताया कि पुस्तक का उद्देश्य महिलाओं और उनके परिवारों को रजोनिवृत्ति के प्रति सजग बनाना और इस संवेदनशील समय को सहजता से पार करने में मदद करना है। यह पुस्तक शीघ्र ही बाजार और ऑनलाइन माध्यमों पर उपलब्ध होगी, और महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक अहम योगदान मानी जा रही है।