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विचारपुर की फुटबॉल टीम से मिले मंत्री सारंग, खिलाड़ियों को दी हौसला अफजाई

‘मिनी ब्राजील’ विचारपुर: मंत्री सारंग ने खिलाड़ियों के साथ साझा किया अनुभव और प्रेरणा जर्मनी के क्लब द्वारा विचारपुर टीम के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण की पेशकश भोपाल  खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को टीटी नगर स्टेडियम, भोपाल में ‘मिनी ब्राजील’ के नाम से प्रसिद्ध शहडोल जिले के विचारपुर ग्राम की फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों से भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह क्षण मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 30 जुलाई 2023 को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में विचारपुर का उल्लेख कर इसे ‘मिनी ब्राजील’ नाम दिया था। प्रधानमंत्री द्वारा की गई इस सराहना ने विचारपुर के खिलाड़ियों को नई पहचान दी और अब यही पहचान वैश्विक मंच पर अपना स्थान बना रही है। प्रधानमंत्री मोदी के पॉडकास्ट में उल्लेख के बाद जर्मनी के प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लब एफ.सी. Ingolstadt 04 ने विचारपुर के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण का अवसर देने की इच्छा जताई है। खिलाड़ियों को दी शुभकामनाएं मंत्री सारंग ने कहा कि विचारपुर के युवा खिलाड़ियों में अपार संभावनाएं छिपी हैं। वे अब केवल अपने गांव या प्रदेश के नहीं, बल्कि पूरे देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे अपने खेल को उस स्तर तक ले जाएं कि विदेशों में भी ‘मिनी विचारपुर’ टीम के नाम से भारत की पहचान बने। उन्होंने खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त की कि यह अवसर आने वाले समय में प्रदेश की खेल प्रतिभा के लिए प्रेरणा बनेगा। खिलाड़ियों में उत्साह मंत्री सारंग से संवाद के दौरान खिलाड़ियों ने कहा कि यदि उन्हें जर्मनी जाने का अवसर प्राप्त होता है तो वे अपने खेल कौशल (स्किल्स) को और बेहतर करेंगे तथा वहां सीखी गई तकनीक और अनुभव को वापस आकर अपने साथियों और आने वाली पीढ़ी के साथ साझा करेंगे। कुल 4 खिलाड़ियों को मिलेगा अवसर जर्मनी का फुटबॉल क्लब विचारपुर ग्राम से कुल 4 खिलाड़ियों और 1 प्रशिक्षक को 4 से 12 अक्टूबर 2025 तक आमंत्रित कर रहा है। इसमें 2 बालक और 2 बालिका खिलाड़ी शामिल होंगे। उन्हें विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और खेल का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जाएगा। इसके लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा चयन प्रक्रिया आयोजित की जाएगी, जिसमें तकनीकी मानदंड, खिलाड़ियों की उपलब्धियां और शारीरिक दक्षता को आधार बनाया जाएगा। यह अवसर विचारपुर के खिलाड़ियों के भविष्य को नई दिशा देगा और प्रदेश की खेल प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।।  

नर्मदा नदी बढ़ी उफान पर, ओंकारेश्वर बांध के 21 गेट पूरी क्षमता से खोले गए, प्रशासन हुआ अलर्ट

खंडवा मध्य प्रदेश में लगातार हो रही तेज बारिश के चलते नर्मदा नदी पर बने इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध से भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। गुरुवार को इंदिरा सागर बांध के 12 गेट  खोले गए, वहीं ओंकारेश्वर बांध से 21 गेटों के जरिए कुल 35.5 मीटर ऊंचाई तक खोले गए एवं10,533 क्यूमेक्स पानी नर्मदा नदी में छोड़ा गया। दोनों ही बांधों का जलभराव क्षमता से ऊपर नर्मदा नदी का जलस्तर वर्तमान में खतरे के निशान से केवल डेढ़ मीटर नीचे है। दोनों ही बांधों का जलभराव क्षमता से ऊपर पहुंच चुका है, जिसके चलते गेट खोलकर पानी निकाला जा रहा है। यह इस वर्ष का मात्र दो दिन में पांचवां अवसर है जब बांध प्रबंधन को गेट खोलने पड़े हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नर्मदा नदी के ऊपरी हिस्सों से कितनी अधिक मात्रा में पानी आ रहा है। खतरे की स्थिति लगातार हो रही वर्षा और ऊपरी क्षेत्रों से आ रहे प्रवाह के कारण नर्मदा नदी उफान पर है। ओंकारेश्वर से आगे खंडवा और खरगोन जिले में बसे नर्मदा किनारे के गांवों और कस्बों के लिए स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण बन गई है।  यदि वर्षा का सिलसिला जारी रहा और गेटों की संख्या व ऊंचाई और बढ़ाई गई तो नदी का जलस्तर और ऊपर जा सकता है। वर्तमान में नर्मदा नदी का जल स्तर 162,500 तक पहुंच गया है। अगर नदी का जलस्तर 163.980 पर पहुंचा तो खतरे के निशान को पार कर जाएगा। प्रशासन की तैयारी गंभीर हालात को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन टीम लगातार निगरानी कर रही है। दोनों जिलों (खंडवा और खरगोन) के पुलिस अधीक्षकों ने सभी थानों को निर्देश दिए हैं कि नर्मदा किनारे जहां-जहां जनसमूह एकत्रित होता है, वहां सुरक्षा बल तैनात रहें। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, होमगार्ड और स्थानीय गोताखोरों को भी तैयार रखा गया है। ग्राम पंचायत, नगर पंचायत और नगर पालिकाओं को सख्त आदेश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की घटना या दुर्घटना न हो। जनता से अपील प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि लोग नर्मदा नदी के किनारे न जाएं। लगातार गेट खुलने से जलस्तर कभी भी अचानक बढ़ सकता है। सावधानी बरतना ही सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय है। नर्मदा के उफान और बांधों की लगातार जलनिकासी ने पूरे नर्मदा तट क्षेत्र को अलर्ट पर ला दिया है। आने वाले समय में नदी का जलस्तर किस ओर करवट लेगा, यह वर्षा पर निर्भर करेगा। 

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर दिए वचन को एक महीने से भी कम समय में पूरा कर दिखाया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जीएसटी दरों में कटौती का निर्णय सभी सैक्टर के लिए गुलदस्ते के समान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर दिए वचन को एक महीने से भी कम समय में पूरा कर दिखाया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीएसटी दरों में कटौती से लाभान्वित होंगे देश के 90 प्रतिशत नागरिक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीएसटी दरों में कटौती को बताया ऐतिहासिक निर्णय प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक उथल-पुथल के बीच भी देश के गरीब-वंचितों सहित उद्यमियों का भी रखा ध्यान नागरिकों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण का माना आभार भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गुड्स एवं सर्विस टैक्स काउंसिल द्वारा जीएसटी दरों में कटौती को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वागत योग्य कदम बताया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार ने जीएसटी दरों में बदलाव कर मुक्त हृदय से देश के हर वर्ग को फायदा पहुंचाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने उद्बोधन में लाल किले की प्राचीर से कहा था कि, अगले कुछ समय में प्रदेशवासियों को बहुत अच्छी सुविधाएं मिलने वाली हैं। हमने देखा कि एक महीने से भी कम समय में उन्होंने अपने इन वचनों को साकार कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीएसटी के क्रांतिकारी बदलाव से देश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी यानी 125 करोड़ से अधिक देशवासी लाभान्वित होंगे। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और लघु एवं कुटीर उद्योग को भी व्यवसाय में इसका लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है और तेजी से तीसरे स्थान की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीएसटी स्लैब में बदलाव के बाद गुरुवार को उज्जैन में जारी संदेश में ये विचार व्यक्त किए। उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार भी माना। स्कूली बच्चों की शिक्षण सामग्री पर जीएसटी 12% से शून्य करना महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी दरों में कटौती का निर्णय देशवासियों के लिए एक प्रकार से गुलदस्ते के समान है, जिसमें सभी सैक्टर को कवर किया गया है। इंडस्ट्रीज के साथ देश के सभी वर्गों को इसका लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दुनिया भर में भारत की एक अद्भुत छवि निर्मित हो रही है। वैश्विक उथल-पुथल के बीच भी सरकार ने अपने नागरिकों, उद्यमियों, गरीब एवं वंचित वर्ग का ध्यान रखा है। नागरिकों के हैल्थ इंश्योरेंस को टैक्स फ्री कर स्वास्थ्य के क्षेत्र में अतिरिक्त राहत दी गई है। जीएसटी के सभी बदलाव इसी माह नवरात्रि से अर्थात 22 सितंबर से लागू हो जाएंगे, जिसका लाभ गरीबों, मध्यवर्ग और किसानों को भी मिलेगा। आम आदमी की जरूरत की वस्तुएं जैसे- रोटी, पराठा, पनीर, छैना सस्ते होंगे। यह सामग्री बड़े पैमाने पर निर्यात भी होती है, अत: इस बदलाब से किसानों को भी लाभ होगा। स्कूली बच्चों के लिए शिक्षण सामग्री नक्शे, चार्ट, ग्लोब, पेंसिल, शार्पनर, कॉपी, नोटबुक पर जीएसटी 12% से शून्य करना स्कूली बच्चों और युवाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। हैल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को 18% के स्लैब से हटाकर शून्य करना क्रांतिकारी निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे लिए कृषि क्षेत्र पहली प्राथमिकता है। भारतीय कृषि व्यवसाय को वैश्विक प्रभावों से सुरक्षित रखने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रैक्टर के टायर, पार्ट्स, बायोपेस्टिसाइड, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, स्प्रिंकलर, बागवानी की मशीनों पर जीएसटी दर 18% से घटाकर 5% तक लाने का निर्णय लिय है। यह कृषक कल्याण के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। दूसरी ओर नागरिकों को स्वास्थ्य क्षेत्र में लाभ मिले, इसके लिए हैल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को मौजूदा 18% के स्लैब से हटाकर टैक्स खत्म करना निर्णय क्रांतिकारी है। साथ ही कैंसर जैसी घातक बीमारियों के मरीजों के लिए कई जीवन रक्षक दवाइयां कर मुक्त कर दी गई हैं। इस फैसले का सीधा लाभ जरूरतमंदों को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में 1200 सीसी इंजन क्षमता के वाहनों पर जीएसटी स्लैब 28% से घटाकर 18% किया गया है। यह मध्यम वर्गीय के लिए कार खरीदने का सपना पूरा करेगा। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जैसे- प्रोजेक्टर, डिश, वाशिंग मशीन सस्ती होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन निर्णयों का प्रदेशवासियों को जल्द से जल्द लाभ दिलवाने के लिए राज्य सरकार सभी संबंधित क्षेत्रों में त्वरित गति से कार्य करेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन प्रेस क्लब में भगवान गणेश की आरती में हुए शामिल

 उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को उज्जैन प्रेस क्लब में भगवान गणेश जी की पूजा आरती में शामिल हुए। मुख्यमंत्री का प्रेस क्लब अध्यक्ष विशाल सिंह हाड़ा सहित पत्रकारों ने स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रेस क्लब के पत्रकारों से चर्चा कर उन्हें गणेश उत्सव की शुभकामनाएँ दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रेस क्लब की प्रथम मंजिल पर स्थित व्यायाम केंद्र में पहुंचकर नवीन व्यायाम की मशीनों का अवलोकन किया और कुछ देर वहाँ व्यायाम भी किया। इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, संजय अग्रवाल, जगदीश पांचाल आदि उपस्थित थे।  

MP की जज साहिबा पर बड़ा केस: जंगल में पैसे लेकर सुरक्षित रहने की धमकी

रीवा मध्य प्रदेश में अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जज साहिबा से ही 'प्रॉटेक्शन मनी' मांग ली गई है। जिंदा रहने के लिए उन्हें 500 करोड़ रुपये देने को कहा गया है। रीवा जिले के त्योंथर न्यायालय में पदस्थ एक न्यायाधीश को धमकी भरा खत मिला है। डाक से मिले इस खत को भेजने वाले ने खुद को हनुमान नाम के एक डकैत का साथी बताया है। मामले की शिकायत सोहागी थाने में दर्ज कराई गई है जिसके बाद अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। मामला रीवा जिले के सोहागी थाना क्षेत्र अंतर्गत त्योंथर न्यायालय का है। यहां पदस्थ प्रथम व्यवहार न्यायाधीश मोहिनी भदौरिया को पोस्ट ऑफिस के माध्यम से एक धमकी भरा पत्र मिला है। यह पत्र प्रयागराज जिले के बारा थाना अंतर्गत लोहगारा निवासी संदीप सिंह ने लिखा है। पत्र में न्यायाधीश को जान से मारने की धमकी दी है और उसके एवज में 500 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी है। पत्र लिखने वाले ने खुद को दस्यु सरगना हनुमान के गिरोह का साथी बताया है। उसने पांच अरब की फिरौती लेकर 1 सितंबर को शाम 7:45 बजे यूपी-एमपी के बॉर्डर पर स्थित बड़गड़ जंगल में बुलाया गया था। यह भी लिखा गया था कि रकम लेकर उन्हें खुद आना है। मामले की शिकायत सोहागी थाने में दर्ज करवाई गई है, जहां पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 308 (4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है। न्यायाधीश को इस तरह से पत्र लिखने वाले आरोपी की तलाश में पुलिस टीम यूपी पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि आरोपी यूपी का रहने वाला है। उसने ऐसा पत्र न्यायाधीश को किन कारणों से लिखा, उसका खुलासा आरोपी के पकड़े जाने के बाद ही हो पाएगा। एसपी विवेक सिंह ने कहा कि एक पत्र रजिस्ट्री के जरिए मिला है। इसमें धमकी देकर फिरौती की मांग की गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया था। कुछ संदिग्धों की पहचान की गई है, जो यूपी के हैं। जल्द ही इन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। लेटर में 500 करोड़ की मांग की गई है, कारण कुछ खास नहीं बताए गए हैं।

GST केस में फंसे विधायक संजय पाठक, ब्याज और पेनल्टी समेत भरना होगा टैक्स

भोपाल  पूर्व मंत्री और विधायक संजय पाठक के सितारे इन दिनों गर्दिश में चल रहे हैं। उनसे जुड़ी कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि अवैध खनन के मामले में विधायक संजय पाठक से जुड़ी कंपनियों से 443 करोड़ की वसूली हो सकती है। यह मामला जबलपुर के सिहोरा तहसील के अलग-अलग गांवों में लौह अयस्क खदानों से जुड़ा है। जहां पर अवैध उत्खनन के मामले में पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक संजय पाठक से जुड़ी कंपनियों से 443 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली की जानी है। अवैध खनन में 443 करोड़ रुपए की पेनल्टी के केस में हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा को फोन पर सीधे अप्रोच करने वाले विजयराघवगढ़ के भाजपा विधायक संजय पाठक की मुश्किलें अब बढ़ गई हैं। जस्टिस मिश्रा की ऑर्डर शीट सामने आने व केस से खुद को अलग कर लेने के बाद खनिज विभाग ने विधायक पाठक और पारिवारिक फर्मों पर शिकंजा कसा है। तय मात्रा से अधिक आयरन और खनन पर लगाई 443 करोड़ रुपए की पेनल्टी की राशि वसूलने की कार्यवाही शुरू की। खनिज विभाग ने विधायक से जुड़ी फर्मों को इस संबंध में मांग पत्र जारी कर दिए हैं। उक्त राशि के साथ जीएसटी और ब्याज की राशि भी भरनी होगी। जांच दल रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई आसपास स्थित विधायक पाठक से जुड़ी आयरन ओर की खदानों में अवैध खनन की शिकायत की गई थी। इसकी जांच के लिए राज्यशासन ने दल का गठन किया था। दल ने मौके पर खनन और दस्तावेजों में स्वीकृत अनुमति के आधार पर जांच कर रिपोर्ट सरकार को दी थी। शासन के पत्र के आधार पर खनिज विभाग ने पेनल्टी की वसूली की कार्रवाई शुरू की है। मां और पुत्र के नाम से संचालन जिन खदानों पर पेनल्टी की वसूली कार्रवाई शुरू की गई है। उनमें से कुछ फर्में सीधे विधायक संजय पाठक, मां निर्मला पाठक और पुत्र यश पाठक के नाम पर हैं। इसी तरह एक अन्य फर्म में उनकी 50% भागीदारी है। किस फर्म से कितनी वसूली फर्म का पूरा नाम – वसूली योग्य राशि 1-आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन – 234.51 2-निर्मला मिनरल्स – 126.79 3-पेसेफिक एक्सपोर्ट – 81.79 4-आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन – 20.02 अब तक क्या-क्या – 26 अगस्त को जिला खनिज कार्यालय को पत्र मिला। – 443 करोड़ रुपए की मांग भेजी। – विभाग ने आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन पर दो बार, निर्मला मिनरल्स, पैसिफिक एक्सपोर्ट पर पेनल्टी ठोंकी। – 1 सितंबर को शिकायतकर्ता आशुतोष मनु दीक्षित की याचिका पर सुनवाई – जज ने विधायक के अप्रोच करने की बात ऑर्डर में लिख दी। 443 करोड़ की पैनल्टी वसूलने की कार्यवाही शुरू राज्य शासन से मिले निर्देशों के अनुसार सिहोरा की खदानों में तय मात्रा से ज्यादा खनन के प्रकरण में लगाई गई 443 करोड़ रुपए की पेनल्टी राशि वसूलने की कार्यवाही शुरू की गई है। फर्मों के संचालकों को इसके लिए मांग पत्र जारी किए गए हैं। – -एके राय, खनिज अधिकारी, जबलपुर।

नाबालिग पीड़िता को आरोपी के घर भेजा, फिर हुई दरिंदगी – पन्ना DPO समेत 10 के खिलाफ केस

छतरपुर/पन्ना   पन्ना जिले की बाल कल्याण समिति, महिला एवं बाल विकास अधिकारी और वन स्टॉप सेंटर के स्टाफ ने नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की जिंदगी से खिलवाड़ किया. दरअसल, पन्ना जिले की नाबालिग को एक युवक भगाकर ले गया. बाद में नाबालिग को छतरपुर जिले से बरामद किया गया. दुष्कर्म के आरोपी को जेल भेज दिया गया. पीड़िता को वन स्टॉप सेंटर पर रखा गया. जब आरोपी जेल से छूटकर आया तो पीड़िता को जिम्मेदारों ने उसी के घर भेज दिया. इसके बाद आरोपी ने नाबालिग को लगातार हवस का शिकार बनाया. जांच के बाद छतरपुर पुलिस का एक्शन इस मामले का खुलासा होने पर पन्ना जिला प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया. इसके बाद हुई जांच के आधार पर छतरपुर पुलिस ने बाल कल्याण समिति पन्ना के अध्यक्ष, समिति के पांचों सदस्य, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, वन स्टॉप सेंटर के तीनों कर्मचारी और एक अन्य महिला के खिलाफ अपराध दर्ज किया है. एक आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है. अन्य की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है. पुलिस ने जांच में पाया कि नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में बाल कल्याण समिति ने घोर लापरवाही की. 15 साल की लड़की को साथ ले गया युवक छतरपुर के जुझारनगर थाने में पन्ना के डीपीओ सहित 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. मामले के अनुसार पन्ना जिले के एक गांव में रहने वाली 15 साल की नाबालिग 16 जनवरी 2025 को स्कूल जाने के लिए घर से निकली, फिर लौटी नहीं. परिजनों ने थाना में गुमशुदुगी दर्ज कराई. पुलिस ने मामला दर्ज कर नाबालिग को 17 फरवरी 2025 को छतरपुर जिले के एक गांव से दस्तयाब किया. नाबालिग को भगा ले जाने वाले आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया. पीड़िता को आरोपी के ही घर भेजा नाबालिग को बाल कल्याण समिति पन्ना के समक्ष प्रस्तुत किया गया. बाल कल्याण समिति ने अस्थाई आश्रय के लिए वन स्टॉप सेंटर पन्ना भेज दिया. बताया गया कि बच्ची के परिवार वाले उससे नाराज थे. इस कारण उन्होंने अपने साथ ले जाने से मना कर दिया. इसलिए उसे महिला बाल विकास की समिति और वन स्टॉप सेंटर को सौंप दिया. इसी बीच बाल कल्याण समिति ने 29 मार्च 2025 को पीड़िता को आरोपी के घर भेज दिया. जनसुनवाई में मामला पहुंचने से हड़कंप कुछ दिनों बाद नाबालिग के परिजनों ने बेटी को सुपुर्द करने कलेक्ट्रेट पन्ना जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई. कलेक्टर ने शिकायत को संज्ञान में लेकर बाल कल्याण समिति को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने निर्देश दिए. गलत और मनमाने निर्णय का खुलासा न हो, इसलिए नाबालिग को 29 अप्रैल 2025 को दोबारा वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया. वन स्टॉप सेंटर की काउंसलिंग में खुलासा हुआ कि उसके साथ कई बार दुष्कर्म हुआ. एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की गिरफ्तारी के लिए दबिश इस मामले में छतरपुर पुलिस ने बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष भानुप्रताप जड़िया पिता मनीराम जड़िया निवासी किशोरगंज पन्ना, सदस्य अंजली भदौरिया पति योगेंद्र भदौरिया निवासी सिविल लाइन पन्ना, आशीष बॉस पिता एनएन बॉस निवासी सिविल लाइन पन्ना, सुदीप श्रीवास्तव पिता सरमन लाल श्रीवास्तव निवासी किशोरगंज पन्ना और प्रमोद कुमार सिंह पिता मोहन सिंह निवासी ललार जिला पन्ना के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 17 के तहत कायमी की है. छतरपुर पुलिस ने आशीष बॉस को गिरफ्तार किया है. बाकी आरोपियों के घर पुलिस ने दबिश दी जा रही है. इनके खिलाफ भी पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस इसके अलावा वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक कविता पाण्डेय, काउंसलर प्रियंका सिंह, केस वर्कर शिवानी शर्मा के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 21 के तहत अपराध कायम किया गया है. जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी अवधेश सिंह के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 21, एससीएसटी एक्ट की धारा 4, बीएनएस की धारा 199, 239 सहित एक अन्य महिला अंजली कुशवाहा के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम की धारा 82 के तहत अपराध दर्ज किया गया है. इस मामले में लवकश नगर SDOP नवीन दुबे ने बताया "मामले को गंभीरता से लेते हुए पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. पहली गिरफ्तारी महिला बाल कल्याण समिति के सदस्य आशीष बॉस की हुई है. उसे जेल भेज दिया गया है. बाकी सदस्य अभी फरार हैं. जल्द ही सभी को गिरफ्तार किया जाएगा."  

मॉनसून का कहर जारी! MP में कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल  मध्यप्रदेश में मॉनसून ने एक बार फिर अपनी पूरी ताकत दिखा दी है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से प्रदेश में जमकर बारिश हो रही है। मौसम विभाग (IMD) ने आज, 4 सितंबर 2025 को प्रदेश के लगभग आधे हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जानिए आज कहां कैसा मौसम रहेगा। इन जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने नौ जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसमें सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ और देवास शामिल हैं। इन इलाकों में तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) और वज्रपात की भी आशंका है। यहां भारी बारिश का येलो अलर्ट इसके अलावा प्रदेश के 17 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है। इसमें भोपाल, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, आगर, गुना, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और पांढुर्णा शामिल हैं। उज्जैन में क्षिप्रा का जलस्तर बढ़ने से घाट किनारे के मंदिर डूब गए हैं। उनके गुंबद तक पानी आ गया है। प्रशासन ने लोगों को घाटों से दूर रहने की चेतावनी दी है। रतलाम और आसपास के इलाकों में गुरुवार सुबह तेज बारिश हुई। इससे जनता कॉलोनी, पीएंडटी कॉलोनी, जवाहर नगर समेत कई रिहायशी इलाकों में पानी भर गया। कई मकानों में गृहस्थी का सामान डूब गया। नर्मदापुरम जिले के इटारसी में तवा डैम के तीन गेट 5-5 फीट की ऊंचाई तक खुले हैं। इनसे करीब 25000 क्यूसेक पानी नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है। डैम के गेट पिछले 15 दिन से खुले हैं। भोपाल में गुरुवार सुबह कहीं धीमी, कहीं तेज बारिश हुई। 26 जिलों में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने गुरुवार को 26 जिलों में अति भारी या भारी बारिश की चेतावनी दी है। अगले 24 घंटे के दौरान झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास और सीहोर में अति भारी बारिश होने का अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है। बाकी मध्यप्रदेश का हाल प्रदेश के अन्य हिस्सों, जैसे ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, सतना और शहडोल में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं गरज-चमक और वज्रपात की संभावना है। तापमान की बात करें तो भोपाल में 30.0 डिग्री, इंदौर में 29.3 डिग्री, ग्वालियर में 31.4 डिग्री, और जबलपुर में 30.3 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। पचमढ़ी जैसे पहाड़ी इलाकों में तापमान 25.0 डिग्री तक नीचे जा सकता है। अगले चार दिन जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 4 से 7 सितंबर तक मध्यप्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। खासकर मालवा-निमाड़, विंध्य और पूर्वी मध्यप्रदेश में मॉनसून की सक्रियता चरम पर होगी। 5 सितंबर को ग्वालियर-चंबल संभाग में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आ सकती है, लेकिन उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। औसत से 21 फीसदी ज्यादा बरसा मॉनसून मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश में इस साल मॉनसून ने औसत से 21% अधिक बारिश दी है और यह सिलसिला अभी थमने का नाम नहीं ले रहा। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय मॉनसून ट्रफ के कारण प्रदेश में 6-7 सितंबर तक झमाझम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पूर्वी मध्यप्रदेश में 21% और पश्चिमी मध्यप्रदेश में 22% अतिरिक्त बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत 37 इंच के मुकाबले अब तक 38.2 इंच तक पहुंच चुकी है। मालवा-निमाड़ और विंध्य क्षेत्रों में बारिश का जोर सबसे ज्यादा रहेगा।

मासूम का सपना हुआ पूरा: 8 साल की बच्ची को मिली पुलिस की नौकरी, जानें कितना मिलेगा वेतन

उज्जैन क्या चौथी कक्षा में पढ़ने वाली आठ साल की बच्ची पुलिस विभाग में भर्ती हो सकती है, तो इसके जवाब में हर कोई कहेगा कि नहीं ऐसा बिल्कुल भी संभव नहीं है। लेकिन मध्य प्रदेश के उज्जैन में ऐसा हो चुका है। यहां पर पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने हाल ही में इस 8 साल की बच्ची को पुलिस में बाल आरक्षक पद पर नियुक्ति का पत्र सौंपा है। नियुक्ति पत्र के साथ बालिका की सैलरी ओर कार्य का दायित्व भी सौंपा गया। हालांकि वर्दी पहनने के लिए उसे 10 साल ओर इंतजार करना पड़ेगा। यह मामला सोमवार को उस वक्त सामने आया, जब बच्ची अपनी मां के साथ हाथों में कॉपी-पेंसिल की जगह अनुकम्पा नियुक्ति के लिए नौकरी का आवेदन लेकर उज्जैन शहर के पुलिस कंट्रोल रूम स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची। इस बच्ची का नाम इच्छा रघुवंशी है, जो कि अपने पिता की जगह अनुकम्पा नियुक्ति पाने के लिए आवेदन लेकर पहुंची थी। दरअसल उसके पिता देवेंद्र सिंह रघुवंशी महाकाल थाने में प्रधान आरक्षक थे, और इस साल 17 मई को ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक आने से उनकी मौत हो गई थी। पति के अचानक जाने से मां-बेटी पर टूटा दुखों का पहाड़ तीन सदस्यों के परिवार में इच्छा के पिता कमाने वाले अकेले सदस्य थे। ऐसे में उनके यूं अचानक गुजर जाने से मां-बेटी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया और उनका पालन-पोषण करने वाला कोई नहीं बचा। ऐसे में देवेंद्र सिंह के गुजरने के तीन महीने बाद 2 सितंबर को मृतक प्रधान आरक्षक की पत्नी अपनी 8 वर्षीय बेटी इच्छा के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और यहां आरक्षक पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन देने के 25 मिनिट के अंदर मिला नियुक्ति पत्र शासकीय कार्य कैसे होते हैं यह तो हम भलीभांति जानते हैं। ऐसे मामलों में आमतौर पर फाइलें इधर से उधर घूमती रहती हैं, साइन और आदेश के बीच समय निकलता जाता है, पर इस मामले ऐसा बिल्कुल भी नहीं हुआ। मां-बेटी जब अनुकम्पा नियुक्ति से जुड़ा आवेदन पत्र लेकर पहुंचीं तो उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने अति संवेदनशीलता का परिचय देते हुए आवेदन प्राप्त होते ही तत्काल इस बारे में आदेश जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी और मात्र 25 मिनट के भीतर ही उन्होंने बच्ची को बाल आरक्षक पद पर नियुक्ति का आदेश जारी कर नियुक्ति पत्र परिजन को सौंप दिया। नौकरी में बच्ची को करना पड़ेगा यह काम, मिलेगा इतना वेतन इच्छा अभी 8 साल की है और चौथी कक्षा में पढ़ती है, हालांकि इसके बावजूद उसका नाम पुलिस कर्मचारी की लिस्ट में दर्ज हो चुका है। पुलिस नियमों के अनुसार जब वो 10वीं कक्षा पास कर लेगी तो स्थायी आरक्षक बन सकेगी। इच्छा को मिलने वाले वेतन की जानकारी देते हुए अधिकारी ने बताया कि बाल आरक्षक को नव आरक्षक से आधा वेतन मिलता है। इसी नियम के तहत इच्छा को हर महीने 15 हजार 113 रुपए वेतन मिलेगा। साथ ही उसे महीने में एक बार थाने आकर साइन करना होगा और इस दौरान उसकी पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी जानकारी भी ली जाएगी। 10 साल बाद जब इच्छा 18 साल की उम्र पूरी कर लेगी और 10वीं की परीक्षा पास कर लेगी, तो उसके बाद वह स्थायी आरक्षक बन पाएगी। इस दौरान पिता की पेंशन उनकी मां को मिलती रहेगी।

MP हाईकोर्ट सख्त: परीक्षा में सहायक अध्यापकों को 25% आरक्षण का आधार बताएं सरकार

इंदौर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर पूछा है कि सहायक प्राध्यापकों की भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा में किस आधार पर सहायक अध्यापकों को 25 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। कोर्ट ने शासन को यह नोटिस भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई करते हुए जारी किया है। सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों के लिए राज्य शासन ने 31 दिसंबर 2024 को भर्ती निकाली थी। इस संबंध में मप्र लोकसेवा आयोग ने परीक्षा आयोजित की थी। इसमें सहायक अध्यापकों को 25 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया गया। इस संबंध में शासन ने 24 दिसंबर 2024 को आदेश जारी किया था। इस आदेश को याचिकाकर्ता सोनू जाटव ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में कहा है कि आरक्षण पिछड़े एवं कमजोर वर्ग के लिए बनाई गई एक संवैधानिक नीति है। सहायक अध्यापक न तो समाज के पिछड़े वर्ग से आते हैं, न ही वे कमजोर वर्ग में शामिल हैं, इसलिए उन्हें आरक्षण का लाभ दिया जाना संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध है। याचिका पर सुनवाई हुई। 17 जून को नए प्रमोशन के नियम को दी थी मंजूरी मोहन यादव कैबिनेट ने 17 जून को नए प्रमोशन नियमों को मंजूरी दी थी। इसके बाद सरकार ने 19 जून 2025 को नए नियम बनाकर उन्हें लागू कर दिया। लेकिन सरकार ने न तो सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका वापस ली और न ही पुराने नियम से प्रमोट हुए कर्मचारियों को पदावनत किया। इसका मतलब है कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दायर की थी, उसे वापस नहीं लिया। साथ ही, पुराने नियमों के तहत जिन कर्मचारियों का प्रमोशन हुआ था, उन्हें उनके पद से नहीं हटाया गया। इसी वजह से जब इन नियमों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, तो कोर्ट ने सरकार से नए और पुराने नियमों के बीच का अंतर स्पष्ट करने को कहा। कोर्ट ने यह भी पूछा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस क्यों नहीं ली। जब ये नियम बन रहे थे, तब भी यह मुद्दा उठा था। लेकिन किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। अब इस मामले में सरकार जो जवाब देगी, उससे ही यह तय होगा कि प्रमोशन का रास्ता खुलेगा या प्रमोशन पर रोक लगी रहेगी।