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बड़ी सेंध! बांग्लादेशी घुसपैठिया भारतीय सेना में भर्ती, खुफिया एजेंसियां अलर्ट

इंदौर  बांग्लादेशी नागरिक और रोहिंग्याओं की जांच कर रही मध्य प्रदेश की एसआइटी को चौंकाने वाली जानकारी मिली है। पड़ताल में न केवल कई बांग्लादेशी अवैध तरीके से इंदौर में रहते मिले, बल्कि यह भी पता चला कि ऐसी ही एक महिला का बेटा सेना में भर्ती हो गया है। आइबी सहित अन्य राष्ट्रीय एजेंसियों ने शुरू की जांच एसआइटी की रिपोर्ट के बाद आइबी सहित अन्य राष्ट्रीय एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। एसआइटी ने एक महिला को वापस बांग्लादेश भेज दिया है, जबकि दो अन्य महिलाओं को हिरासत में लिया है। बता दें कि पुलिस मुख्यालय से मिली गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर डीसीपी इंटेलिजेंस डॉ. हंसराज ने एसआइटी का गठन किया था। पिछले माह पुलिस का सात सदस्यीय दल बंगाल गया था, जहां पता चला कि इंदौर में कई बांग्लादेशी नागरिक फर्जी आधार और पैनकार्ड बनाकर रह रहे हैं। सौरभ ने इंदौर में घर बना लिया कॉकद्वीप (कोलकाता) का सौरभ दास भी उनमें एक है। वर्षों पूर्व घुसपैठ कर भारत आए उसके दादा आज भी बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में रेलवे पटरी के समीप रहते हैं। सौरभ ने इंदौर में घर बना लिया और बांग्लादेशी युवती से शादी कर ली। पुलिस ने युवती को शाजापुर से पकड़कर वापस भेज दिया, पर सौरभ गायब हो गया। इसी जांच में पता चला कि सौरभ की बहन प्रभा का एक बेटा सेना में भर्ती हो गया है। डीसीपी ने बंगाल के बड़े अफसरों से बात की बता दें कि बंगाल गई एसआइटी टीम का वहां रहवासियों ने न केवल विरोध किया, बल्कि स्थानीय पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और दिनभर थाने में बैठाकर रखा। डीसीपी ने बंगाल के बड़े अफसरों से बात की, तब कहीं एसआइटी के सदस्यों को छोड़ा गया।  

रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पहाड़ पर खड़ी गाड़ी से मिला भारी मात्रा में विस्फोटक

 रीवा  बीती शाम करीबन 6 बजे गुढ़ पुलिस को मुखबिर से एक सूचना मिली। मुखबिर ने बताया कि एक विस्फोटक वाहन जिसका नं. यूपी 70 एचटी 4843 है। इस वाहन में विस्फोटक पदार्थ भरा हुआ है। इसे अवैध तरीके से कहीं ले जाया जा रहा है। इतना सुनने के बाद ही पुलिस अलर्ट हो गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस गाड़ी को तलाशने हुए इटार पहाड़ पहुंची। जहां वाहन मिल गया। वाहन में ड्राइवर मौजूद था। उसके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया और गाड़ी थाना ले आए। चालक को भी गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 288, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 5(ए),6 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरी. शैल यादव, प्र.आर. राकेश वर्मा, आरक्षक मनोज निनामा, प्र.आर. अयोध्या प्रजापति, आर.रोवर हालदार, आर विपिन यादव, आर मनोज द्विवेदी, आर राजकुमार गुप्ता, आर अनिल दाहिया, सैनिक संतोष मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विस्फोटक हुआ बरामद जब्त वाहन क्रमांक यूपी 70 एचटी 4843 से पुलिस को विस्फोटक इण्डोसुपर पावर 90-32 एमएस की राड के 17 नग खाखी रंग के कार्टून जिनका वजन 25 केजी प्रति कार्टून है। कुल वजन 425 किलो है। एक कार्टून खुला हुआ जिसमें करीबन 10 किलो उपरोक्त विस्फोटक राड है। दो बंडल लाल रंग का ब्लास्टिंग में उपयोग करने वाले तार व एक खुले हुए कार्टून मे विस्फोटक ऐसेसीरिज, ड्राइवर द्वारा पेश संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं। ग्वालियर का रहने वाला है ड्राइवर पुलिस ने वाहन के ड्राइवर को भी गिरफ्तार किया है। ड्राइवर का नाम सौरभ प्रजापति पिता पूरन प्रजापति उम्र 25 वर्ष है। वह ग्राम टिकुला थाना मोहना जिला ग्वालियर हाल पता जय मां विंध्यवासिनी इन्टर प्राइजेज मैंगजीन ग्राम लतीफपुर थाना कोरांव जिला प्रयागराज उ.प्र. का रहने वाला है।

करप्शन केस में कार्रवाई: ऑर्डिनेंस फैक्ट्री जबलपुर से DGM गिरफ्तार, नागपुर कनेक्शन

जबलपुर  भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के आरोपों के चलते सीबीआई ने बुधवार को जबलपुर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में बड़ी कार्रवाई की. इस दौरान टीम ने डीजीएम दीपक लांबा से गहन पूछताछ की. लांबा के खिलाफ पहले ही सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर रखी है. आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एक निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी की और इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा. जानकारी के मुताबिक, लांबा के नागपुर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में पदस्थ रहते समय यह मामला सामने आया था.सीबीआई ने 25 अगस्त को दर्ज एफआईआर में नागपुर की कंपनी ऑटोमेशन इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रियल सर्विसेज के मालिक मोहित ठोलिया और तत्कालीन डीजीएम दीपक लांबा पर भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए हैं. जांच एजेंसी का कहना है कि दोनों की मिलीभगत से सरकारी ठेके में गंभीर अनियमितताएं की गईं, जिसके चलते लाखों रुपये का नुकसान हुआ. सीबीआई मिले कई आपत्तिजनक दस्तावेज सीबीआई की टीम ने इस प्रकरण की तह तक जाने के लिए जबलपुर और नागपुर समेत चार स्थानों पर छापेमारी की. इसमें आरोपितों के घर और दफ्तर शामिल थे. छापों के दौरान सीबीआई को कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं. जांच अधिकारियों के अनुसार, ये दस्तावेज आरोपों को और मजबूत करते हैं तथा यह साबित करते हैं कि नियमों को दरकिनार कर निजी स्वार्थ साधे गए. लांबा ने निजी कंपनी को दिलाया लाभ शिकायत में यह भी उल्लेख है कि दीपक लांबा ने नागपुर की ऑर्डनेंस फैक्ट्री अंबाझरी (OFAJ) में उप महाप्रबंधक रहते हुए नियमों के विरुद्ध एक प्रोप्राइटरशिप फर्म की स्थापना की. बाद में इस फर्म को टेंडर दिलाने के लिए अपनी आधिकारिक स्थिति का गलत इस्तेमाल किया. सीबीआई का मानना है कि इस पूरे खेल में सरकारी खजाने को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया और लाभ निजी कंपनी को दिलाया गया. फिलहाल सीबीआई ने डीजीएम दीपक लांबा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और उनसे भ्रष्टाचार की पूरी श्रृंखला को लेकर सवाल-जवाब हो रहे हैं. एजेंसी इस मामले में मिले दस्तावेजों का तकनीकी और वित्तीय विश्लेषण भी कर रही है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ेगा तथा अन्य अधिकारियों की भूमिका भी सामने आ सकती है.  

NHRC मेंबर को लालच देने की कोशिश, शारिक मछली का गुर्गा बोला- भारी नुकसान हो गया, छोड़ दो उसे

भोपाल  राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि नई दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर भोपाल के शारिक मछली गैंग से जुड़ा एक शख्स पहुंचा और उन्हें प्रलोभन देने की कोशिश की. लेकिन कानूनगो ने सख्त नाराजगी जताते हुए आरोपी को फटकार लगाई और तुरंत बाहर निकलवा दिया. इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई है.  प्रियंक कानूनगो ने 'X' पर पोस्ट में लिखा, "मेरे दिल्ली सरकारी आवास पर जैनेंद्र पाठक नामक व्यक्ति, जो स्वयं को मध्य प्रदेश का निवासी बता रहा था, मुझसे मिलने आया. उसने कहा कि वह भोपाल के शारिक मछली के साथ प्रॉपर्टी का व्यवसाय करता है और उसकी ओर से आया है. उसने बताया कि शारिक को भारी नुकसान हुआ है और उसे छोड़ दिया जाए. मैंने उसे डांटकर भगा दिया. वह अपने साथ लाई मिठाई छोड़ना चाहता था, जो उसने दरवाजे पर रखकर भागते समय छोड़ दी. हमने पुलिस को शिकायत की, और पुलिस ने मिठाई जप्त कर ली. शारिक के खिलाफ हिंदू लड़कियों को नशीले पदार्थ देने, बलात्कार, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और इस्लाम में धर्मांतरण कराने के साथ-साथ वंचित केवट-मांझी समुदाय के वंशानुगत तालाबों पर मत्स्याखेट के लिए कब्जा करने के मामलों में मेरे निर्देश पर जांच चल रही है. जांच पूरी सख्ती और निष्पक्षता से की जाएगी." प्रॉपर्टी सौदे के नाम पर लालच कानूनगो के मुताबिक, शख्स ने प्रॉपर्टी डील के नाम पर लालच देने की कोशिश भी की. वो अपने साथ मिठाई का डिब्बा भी लाया था और भेंट स्वरूप देना चाहता था. लेकिन उन्होंने सख्ती से इनकार करते हुए आरोपी को बाहर निकलवा दिया. बताया जाता है कि वह मिठाई का डिब्बा दरवाजे पर ही छोड़कर वहां से भाग गया. अब पुलिस ने मिठाई का डिब्बा जब्त कर जांच शुरू कर दी है.

CM मोहन का तोहफा इंदौरवासियों को, 50 इलेक्ट्रिक AC बसें और ऐप-बेस्ड सुविधा शुरू

इंदौर   स्वच्छता में अव्वल इंदौर शहर में अब सफाई करवाने और कचरा उठवाने की ऑनलाइन सुविधा भी मिलेगी। घर पर फूड डिलीवर करने वाली नामी कंपनियों की तर्ज पर नगर निगम भी ऐप बेस्ड सुविधा शुरू करने जा रहा है। सीएम डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav) गुरुवार को क्विक साफ नामक ऐप लॉन्च करेंगे। इससे ऑनलाइन ऑर्डर कर घर की सफाई कराई जा सकेगी। निगम इस सुविधा के बदले शुल्क लेगा। ऐप लॉन्चिंग के साथ सीएम 50 इलेक्ट्रिक एसी बसों को हरी झंडी दिखाएंगी। वहीं स्वच्छता में नंबर वन आने पर सफाई मित्रों के साथ भोज में शामिल होंगे। इंदौर में दौड़ेंगी ई-बस एआइसीटीएसएल के अनुसार, 60 करोड़ की लागत वाली 50 इलेक्ट्रिक एसी बसों को सीएम हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। ये बसें सिंगल चार्ज में 180 किमी चलेंगी। नेट कास्ट मॉडल पर संचालित होने वाली बसों को सरकार द्वारा 40 प्रतिशत वीजीएफ दिया जाएगा और ऑपरेशन कॉस्ट शून्य रहेगी। ऑन डिमांड सफाई देने वाला पहला शहर मकान शिफ्टिंग, छोटी-बड़ी पार्टी या अन्य समारोह के बाद कचरा हटवाना या आयोजन स्थल की सफाई करवाना बड़ी चुनौती होता है। कई बार आयोजनकर्ता इस कचरे को खुले स्थान पर फेंक देते हैं। ऐसे कचरे को हटाने में अब निगम मदद करेगा। शहरवासी ऐप से रिक्वेस्ट कर सकेंगे। निर्धारित शुल्क पर निगम ये सुविधा देगा। बता दें. इंदौर ऑनलाइन सफाई सुविधा देने वाला देश का पहला शहर बनेगा।

जूनियर ने बदला था बयान, अब IET में रैगिंग के दोषी 4 सीनियर्स पर सख्त कार्रवाई

इंदौर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) के हॉस्टल में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग मामले में एंटी रैगिंग कमेटी ने बुधवार को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी। मामले में चार सीनियर स्टूडेंट्स दोषी पाए गए।  विवि ने बताया था आपसी विवाद मामले में पीड़ित जूनियर छात्र ने पहले विवि प्रबंधन को शिकायत की थी। यह बात भी सामने आई की सीनियर ने उसका मुंह कमोड में घुसा दिया था और फ्लश चालू कर दिया था। मामले में विवि ने इसे आपसी विवाद बताया था जबकि छात्र पलट गया था। फिर उसने सीनियर स्टूडेंट आदर्श मकवाना के खिलाफ भंवरकुआ थाने में बदसलूकी और मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें साफ बताया था कि वह मेडिकल नहीं कराना चाहता। इसके अगले दिन बाद पीड़ित स्टूडेंट ने यूजीसी को शिकायत की थी। इसमें चार-पांच सीनियर्स द्वारा मारपीट किए जाने की शिकायत की थी। बताया था कि इन लोगों ने मेरी रैगिंग ली और अमानवीय व्यवहार किया। इस पर यूजीसी ने इसे रैगिंग माना और एंटी रैगिंग कमेटी को सौंपकर जल्द रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद कमेटी ने मंगलवार को पीड़ित स्टूडेंट, सीनियर्स और संबंधित लोगों के बयान लिए। एंटी रैगिंग कमेटी ने पेश की रिपोर्ट बुधवार को एंटी रैगिंग कमेटी अपनी रिपोर्ट पेश की। इसमें सीनियर स्टूडेंट आदर्श मकवाना सहित अन्य को दोषी पाया गया। मामले में आदर्श को छह माह के लिए इंस्टिट्यूट और होस्टल से निष्कासित किया गया है। साथ ही उस पर 25 हजार रु. का फाइन किया है। इसके साथ ही तीन अन्य सीनियर्स को तीन-तीन माह के लिए इंस्टिट्यूट और होस्टल से निष्कासित किया है। इन पर 15-15 हजार रु. का फाइन किया है। ‌‌विवि ने पुलिस को सौंपी रिपोर्ट, जल्द ही होगी FIR इस मामले में एंटी रैगिंग कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद विवि ने सीनियर स्टूडेंट्स पर सख्त कार्रवाई तो की ही है साथ ही मामले की रिपोर्ट भी भंवरकुआ थाने को सौंपी है। सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार रैगिंग मामलों में संबंधित आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की जाती है। इस मामले में भी अब एफआईआर की तैयारी है।  

स्वास्थ्य मंत्री, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और कलेक्टर को दिए निर्देश

नवजात शिशुओं की मृत्यु की उच्च स्तरीय जांच के साथ की जाएगी कार्रवाई स्वास्थ्य मंत्री, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और कलेक्टर को दिए निर्देश पीएम-मित्र पार्क मालवा निमाड़ क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों एवं व्यवसायियों के लिए होगी बड़ी उपलब्धि  इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को इंदौर प्रवास के दौरान प्रदेशवासियों को डोलग्यारस की शुभकामनाएं और धार जिले के बदनावर में स्थापित होने वाले पीएम मित्रा पार्क की बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस पार्क से एक लाख रोजगार प्रत्यक्ष रूप से तथा दो लाख रोजगार अप्रत्यक्ष रूप से निर्मित होंगे। इस दृष्टिकोण से यह अत्यंत महत्वपूर्ण उद्योग होगा। इससे मालवा निमाड़ क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों सहित इससे जुड़े व्यवसायियों के लिए भी बड़ी उपलब्धि होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पीएम मित्रा पार्क दो हजार एकड़ क्षेत्र का बड़ा प्रोजेक्ट है। यह जनजातीय अंचल के धार, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खण्डवा आदि समूचे कपास उत्पादक क्षेत्र की दृष्टि से बड़ा वस्त्र उद्योग का केंपस बन रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्वयं की योजना है, जिसको मध्यप्रदेश सरकार ने बाकी राज्यों की तुलना में सबसे तेज गति से भूमिपूजन लायक बनाया है। उन्होंने बताया कि आज नई दिल्ली में देश और दुनिया के वस्त्र उद्यमियों के साथ इस योजना को शेयर भी किया गया है। इससे बड़े पैमाने पर उद्यमी यहां आएंगे और मध्यप्रदेश से जुड़ेंगे। स्थानीय नागरिकों को रोजगार देंगे। युवा, गरीब, मजदूर किसान इन सभी की जिंदगी की बेहतरी के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जो अभियान चलाया जा रहा है, यह उसी सिलसिले की एक बड़ी कड़ी है। उन्होंने कहा कि हमारा समय अब वापस लौट रहा है, हमारे चारों ओर कारखानों की बयार आ रही है। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टेट प्रेस क्लब की एआई पर केन्द्रित स्मारिका का विमोचन भी किया। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर एमवाय अस्पताल में नवजात शिशुओं की हुई मृत्यु को दुखद बताया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। इस तरह की घटनाएं न हो इसके लिए समस्या का स्थाई समाधान किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गंभीर घटना एवं लापरवाही के संबंध में स्वास्थ्य मंत्री, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, कलेक्टर को निर्देश दिए है कि इस प्रकरण में उच्च स्तरीय जाँच करायी जाये और दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैरवा समाज के फूल डोल चल समारोह में दी सहभागिता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बैरवा समाज के फूल ङोल चल समारोह में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैरवा समाज के फूल डोल चल समारोह में दी सहभागिता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैरवा समाज के प्रत्येक अखाड़े को 11-11 हजार की राशि और सभी झाकियों को 25-25 हजार की राशि देने की घोषणा की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन में ङोल ग्यारस पर आयोजित बैरवा समाज के फूल ङोल चल समारोह में शामिल हुए। समारोह में जगह जगह लगाए गए स्वागत मंचों पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पमाला और साफा पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर बैरवा समाज के प्रत्येक अखाड़े को 11-11 हजार की राशि और सभी झाकियों को 25-25 हजार की राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चल समारोह में वृंदावन जैसा आनंद बाबा श्रीमहाकाल की नगरी उज्जैन में हो रहा है। उन्होंने कहा की इस जुलूस का आनंद प्रतिवर्ष बढ़ता जाये यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को ङोल ग्यारस की शुभकामनायें दी | इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूहेडा, महापौर मुकेश टटवाल,नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव,संजय अग्रवाल और बैरवा समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रीगणेश उत्सव में हुए शामिल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार रात खजूर मस्जिद चौराहे पर नगर गणेश, पटनी बाजार स्थित स्वर्ण से श्रृंगारित श्रीगणेश और श्रीवरुण देव अखंड ज्योति मंदिर स्थित गणेश और गीता कॉलोनी के गणेश उत्सव में शामिल हुए और पूजन कर आरती की। वरुण देव अखंड ज्योति मंदिर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान का पूजन कर लाड़ली बहनों से चर्चा कर उन्हें डोल ग्यारस की मंगलकामनाएं दी। इस अवसर पर लाड़ली बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ फोटो भी खिंचवाई।  

बाढ़ त्रासदी: मौतों का आंकड़ा 394, हजारों घर उजड़े

भोपाल इस साल प्रदेश के 21 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हो चुकी है। अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण 394 जनहानि हुई, वहीं पांच हजार मकान क्षतिग्रस्त हुए। 1814 पशुहानि भी हुई। शिवपुरी, बुरहानपुर, दमोह, अशोकनगर, धार, छतरपुर, रायसेन, उमरिया, बड़वानी, मंडला और कटनी जिलों में 12 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पर फसलें प्रभावित हुई हैं। 17,500 किसानों को अब तक 20 करोड़ रुपये से अधिक की राहत राशि स्वीकृत की गई है। सीएम ने दिए राहत कार्य बढ़ाने के निर्देश यह जानकारी अतिवृष्टि और बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव द्वारा बुधवार को की गई समीक्षा में सामने आई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन-जिन क्षेत्रों में भी अतिवृष्टि और बाढ़ से फसलों को क्षति हुई है, वहां राहत की कार्रवाई आरंभ की जाए। जनहानि और पशु हानि की स्थिति में 24 घंटे में राहत उपलब्ध कराई जाए। आगामी दिनों में भी भारी वर्षा की संभावना है। ऐसे में जिलों में प्रशासन सक्रिय रहे। पुल-पुलिया में बैरिकेटिंग और बाढ़ की स्थिति में पुल पार न करने की चेतावनी की व्यवस्था की जाए। अस्थायी कैम्प, राशन एवं भोजन वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सामग्री संभावित स्थानों पर सुनिश्चित होनी चाहिए। इन जिलों में हुई औसत से अधिक बारिश प्रदेश में एक जून से दो सितंबर तक 38.24 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो औसत से 21 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश के 21 जिलों में भिण्ड, छतरपुर, श्योपुर, ग्वालियर, नीमच, मुरैना, शिवपुरी, अशोकनगर, अलीराजपुर, सिंगरौली, राजगढ़, मंडला, सीधी, टीकमगढ़, गुना, नरसिंहपुर, दतिया, रतलाम, उमरिया, रायसेन और सिवनी में सामान्य से अधिक तो गुना, मंडला, श्योपुर, रायसेन और अशोकनगर में सर्वाधिक वर्षा दर्ज हुई।

स्वच्छता में इंदौर की अंतरराष्ट्रीय पहचान, विदेशी प्रतिनिधियों को दी गई ट्रेनिंग

 इंदौर  देश में लगातार आठ वर्षों से स्वच्छता में शीर्ष स्थान पर रहने वाले इंदौर की प्रसिद्धि अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फैल चुकी है। कई देशों के प्रतिनिधिमंडल इंदौर की स्वच्छता के रहस्यों को जानने के लिए यहां आ चुके हैं। कचरा प्रबंधन के तौर-तरीके जानने पहुंचा संयुक्त प्रतिनिधि मंडल यह जानना उनके लिए दिलचस्प है कि आठ वर्ष पूर्व जिस शहर की सड़कों पर कचरे के ढेर लगे रहते थे, वहां अब स्वच्छता का ऐसा माहौल कैसे बना। इंदौर की सफलता का यह मॉडल लैटिन अमेरिकी देशों ब्राजील, कोलंबिया, इक्वाडोर और ग्वाटेमाला के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने दो दिवसीय दौरे के दौरान देखा। दल के सदस्य ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचे दल के सदस्य ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचे, जहां उन्होंने कचरे से सीएनजी बनाने वाले संयंत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि पहले यहां कचरे के पहाड़ थे, लेकिन अब हरियाली है।प्रतिनिधिमंडल ने इंदौर के कचरा प्रबंधन के तरीकों को समझने के लिए नगर निगम के अधिकारियों से सवाल किए। उन्होंने डोर टू डोर कचरा कलेक्शन सिस्टम, अनुपयोगी वस्तुओं के पुन: उपयोग और सीवेज प्लांट से निकलने वाले उपचारित जल के उपयोग के तरीकों को भी जाना। इंदौर का स्वच्छता माडल न्यूनतम खर्च में अधिकतम स्वच्छता को दर्शाता है। यह मॉडल न केवल देश में, बल्कि विदेशों में भी आदर्श माना जा रहा है। अब तक 40 से अधिक देशों के 850 से ज्यादा प्रतिनिधिमंडल इंदौर आकर यहां से स्वच्छता का पाठ सीख चुके हैं।