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देश का सबसे बड़ा PM मित्र पार्क धार में, निवेशकों के लिए CM मोहन यादव का खुला न्योता

भोपाल 'मध्यप्रदेश कपास उत्पादन में अग्रणीय राज्य है। गुजरात और मध्य प्रदेश के बीच टैक्सटाइल सेक्टर का पीएम मित्र पार्क बनाया जा रहा है। इसके संचालन के लिए प्रदेश में कच्चे माल से लेकर सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह विक्रमादित्य का परिक्षेत्र रहा है, जहां बेहतर कानून व्यवस्था है। मध्यप्रदेश निवेशकों की अपेक्षाओं पर हमेशा खरा उतरे इसके लिए हर संभव व्यवस्थाएं विकसित कर रहे हैं। मध्यप्रदेश नहीं, अब यह मॉडल प्रदेश हो गया है।' यह बात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 3 सितंबर को नई दिल्ली में कही। सीएम डॉ. यादव 'इंवेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन पीएम मित्र पार्क' के इंटरेक्टिव सेशन को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए सारी सुविधाएं मौजूद हैं। यहां निवेश करने उद्योगपतियों को लाभ होगा। उनके लिए प्रदेश में सारी सुविधाएं मौजूद हैं। बता दें, देश के 7 पीएम मित्र पार्क से एक लाख करोड़ का निवेश और 10 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर स्तर पर किसान, बाजार और परंपराओं को गति प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में टैक्सटाइल सेक्टर को नई दिशा मिल रही है। भारत प्राचीन काल से कपड़ा उद्योग, मसाला व्यापार और स्वर्ण आभूषण के मामले में दुनिया में अग्रणी था। लेकिन, तकनीक के अभाव ने हमारी क्षमता को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। भारत सरकार कठिन समय में सभी के साथ खड़ी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आयात शुल्क में छूट मिलना उद्योगों को पुनर्स्थापित करने के लिए एक मदद है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्र पार्क युवाओं के लिए रोजगार और प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए अहम सिद्ध होगा। वर्तमान में समय थोड़ा कठिन है, लेकिन यही समय है सही समय है निवेश का। उद्योगपतियों के सुझावों पर गंभीरता से विचार केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि कपड़ा मंत्रालय उद्योगपतियों की ओर से आ रहे सुझावों पर संवेदनशीलता से विचार कर रहा है। जीएसटी काउंसिल की बैठक और मंत्रिमंडल की बैठक के बाद उद्योगपतियों को खुशखबरी मिल सकती है। दुनिया में टैक्सटाइल सेक्टर का 800 बिलियन डॉलर का मार्केट है। मंत्रालय ने 40 देशों में निर्यात के लिए कार्ययोजना तैयार की है। पिछले दिनों इंदौर में टैक्सटाइल सेक्टर के उद्यमियों से मिला था। आज भी उद्योगपतियों का वही उत्साह नजर आ रहा है। भारत किसी के लिए दरवाजा बंद नहीं करता है, लेकिन अपने स्वाभिमान से खिलवाड़ भी बर्दाश्त नहीं करते हैं। उद्योगपति धार के पीएम मित्र पार्क में निवेश के लिए जाएं। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रो इंडस्ट्रलियस्ट हैं। एमपी पहला ग्रीन फील्ड राज्य केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय सचिव नीलम शमी राव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला ग्रीन फील़्ड राज्य है। राज्य ने पीएम मित्र पार्क में औद्योगिक जमीन आवंटन के लिए आवेदन आमंत्रित करना शुरू कर दिया है। प्रदेश में लॉजिस्टिक की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। धार का बाघ प्रिंट मशहूर है। इस प्रिंट को पूरी तरह से नदी के पानी का उपयोग कर प्राकृतिक तरीके से बनाया जाता है। राज्य सरकार यहां एक क्राफ्ट विलेज बनाने के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश की चंदेरी और महेश्वरी साड़ियां भी प्रसिद्ध हैं।  

पुरातन काल से, भारतीय शिक्षा पद्धति एवं न्याय पद्धति विश्व में सर्वश्रेष्ठ : मंत्री परमार

मूल्यांकन की पारदर्शिता के लिए "डिजिटल मूल्यांकन" की बना रहे हैं कार्ययोजना मंत्री श्री परमार ने सुनी विद्यार्थियों के मन की बात, नियमानुरूप क्रियान्वयन का दिया आश्वासन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा "विद्यार्थी संवाद" कार्यक्रम का हुआ आयोजन भोपाल  विद्यार्थियों की परीक्षाओं के मूल्यांकन की पारदर्शिता के लिए, डिजिटल मूल्यांकन की कार्ययोजना बना रहे हैं। इससे विद्यार्थियों के मूल्यांकन की प्रक्रिया पारदर्शी और सटीक हो सकेगी। साथ ही विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं की सार्वजनिक उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने भोपाल स्थित होटल पलाश रेसीडेंसी के सभाकक्ष में, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित "विद्यार्थी संवाद" कार्यक्रम में सहभागिता कर कही। उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक विश्वविद्यालय, आवंटित भारतीय भाषाओं जैसे कन्नड़, गुजराती, तमिल, तेलगु, बांग्ला, असमिया आदि को सिखाने की कार्ययोजना पर क्रियान्वयन कर रहे हैं। इससे हिंदी भाषी मध्यप्रदेश से, देश भर में सभी भारतीय भाषाओं के प्रति सम्मान के भाव का संदेश जाएगा। श्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति वर्ष 2020 के अनुसरण में, शिक्षा क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन हो रहे हैं। श्री परमार ने कहा कि भारत का ज्ञान, सार्वभौमिक था। हमारी संस्कृति में ज्ञान का दस्तावेजीकरण नहीं था। हमारे पूर्वजों ने शोध एवं अध्ययन कर, ज्ञान को परंपरा के रूप में समाजव्यापी बनाया था। अतीत के विभिन्न कालखंडों में, योजनाबद्ध रूप से हमारे ज्ञान को दूषित करने का कुत्सित प्रयास किया गया। श्री परमार ने कहा कि भारतीय समाज में विद्यमान परंपरागत ज्ञान को पुनः शोध एवं अनुसंधान के साथ, वैज्ञानिक दृष्टिकोण के सापेक्ष युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में दस्तावेजीकरण से समृद्ध करने की आवश्यकता हैं। मंत्री श्री परमार ने कहा कि हर क्षेत्र हर विषय में, भारत विश्वमंच पर अग्रणी और सर्वश्रेष्ठ था। हमारे पूर्वजों के पास समृद्ध ज्ञान एवं तकनीक थी। उन्होंने भारतीय ज्ञान परम्परा से जुड़े विविध उदाहरण प्रस्तुत कर, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समृद्ध भारतीय ज्ञान पर विस्तृत प्रकाश डाला। मंत्री श्री परमार ने कहा कि हमारे पूर्वजों के ज्ञान पर गर्व का भाव जागृत कर, वर्ष 2047 के विकसित भारत की संकल्पना सिद्धि में सहभागिता करने की आवश्यकता है। मंत्री श्री परमार ने कहा कि पुरातन काल से, भारतीय शिक्षा पद्धति एवं न्याय पद्धति विश्व में सर्वश्रेष्ठ रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने भारत के दर्शन के आधार पर, भारत केंद्रित शिक्षा की ओर अग्रसर होने का महत्वपूर्ण अवसर दिया है। मंत्री श्री परमार ने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। इसके लिए आवश्यक संसाधनों, शिक्षकों एवं अन्य समस्त आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए लगातार कार्य हो रहे हैं। मंत्री श्री परमार ने विद्यार्थियों के मन की बात सुनी और उनके सुझावों पर नियमानुरूप क्रियान्वयन के लिए उन्हें आश्वस्त भी किया। कार्यक्रम में भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग के शासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने सहभागिता कर, अपनी जिज्ञासा, अपेक्षाएं एवं महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसरण में पाठ्यक्रम की उपलब्धता, संकाय वृद्धि, स्नातकोत्तर में उन्नयन, कैम्पस प्लेसमेंट, संसाधनों की उपलब्धता, छात्राओं के लिए आवागमन की सुविधा, संस्थान परिसर की सुरक्षा सहित विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव साझा किए। इस दौरान छात्रा सुश्री रोशनी मालवीय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में आयोजित कार्यशाला में सीखी ब्राम्ही लिपि में, स्वलिखित रचना भेंट की। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन ने कार्यक्रम के उद्देश्य से विद्यार्थियों को अवगत कराया एवं उनके सुझावों को सुना। श्री राजन ने कहा कि विद्यार्थियों के समस्त सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार मंथन कर, आवश्यक क्रियान्वयन करेंगे। श्री राजन ने कहा कि उच्च शिक्षा के परिवेश को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए, विद्यार्थियों से संवाद का यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा। कार्यक्रम में आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा सहित छात्र प्रतिनिधि के रूप में छात्र अक्षत राजौरिया एवं छात्रा दिशा शिवहरे मंचासीन थे। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारीगण एवं प्राध्यापकगण भी उपस्थित थे।  

खाद्य मंत्री राजपूत ने 1.50 करोड़ की लागत से निर्मित रेस्ट हाउस का किया लोकार्पण

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बुधवार को सुरखी विधानसभा क्षेत्र में राहतगढ़ के पास चौकी में 1 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित अत्याधुनिक सर्किट हाउस का लोकार्पण किया। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने  कहा कि राहतगढ़ को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करना मेरा सपना है। हमारा लक्ष्य है कि इस क्षेत्र के लोग बड़े शहरों जैसी सभी आधुनिक सुविधाओं का लाभ उठा सकें। यह सर्किट हाउस न केवल अधिकारियों और पर्यटकों के लिए सुविधाजनक ठहराव प्रदान करेगा, बल्कि यह राहतगढ़ को एक नई पहचान भी देगा। उन्होंने कहा कि यह सर्किट हाउस सागर संभाग का सबसे व्यवस्थित और सुसज्जित सर्किट हाउस है। सर्किट हाउस में सभी कमरों में एयर कंडीशन, आधुनिक ड्राइंग रूम, डाइनिंग हॉल और अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि यह सर्किट हाउस न केवल राहतगढ़ की शान बढ़ाएगा, बल्कि यहां आने वाले अतिथियों को घर जैसा आराम देगा। उन्होंने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की मैं स्वयं नियमित समीक्षा करता हूं, जिससे क्षेत्रवासियों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिलें। मेरा संकल्प है कि राहतगढ़ क्षेत्र विकास के हर पैमाने पर अग्रणी बने। निर्धारित समय पर पूरा हुआ निर्माण कार्य मंत्री श्री राजपूत ने सर्किट हाउस के निर्माण कार्य को निर्धारित समय पर पूरा करने के लिए संबंधित विभागों, अधिकारियों  और कांट्रेक्टर की प्रशंसा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्किट हाउस का रखरखाव नियमित रूप से किया जाए और इसकी सुंदरता व सुविधाओं में कोई कमी न आए। यहां 24 घंटे दो कर्मचारी मौजूद रहें, जिससे अतिथियों को तुरंत सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा सकें। साथ ही उन्होंने सर्किट हाउस परिसर में लगे पेड़-पौधों की देखभाल पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, जिससे परिसर में हरियाली और स्वच्छता बनी रहे। मंत्री श्री  राजपूत ने  राहतगढ़ के विकास के लिए अपनी भविष्य की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि  सरकार जनकल्याण और क्षेत्रीय विकास के लिए कटिबद्ध है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और भारी संख्या में क्षेत्रवासियों की उपस्थिति रही।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी खंडेलवाल को बधाई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ राजनेता, विधायक और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना की है कि श्री खंडेलवाल के मार्गदर्शन में प्रदेश में सामाजिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य होंगे और जनसेवा के नए कीर्तिमान बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से श्री खंडेलवाल के उत्तम स्वास्थ्य और यशस्वी जीवन की कामना की है।  

राष्ट्रीय कृमिमुक्ति दिवस एवं एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम पर राज्य स्तरीय एडवाइजरी बैठक

भोपाल मिशन डायरेक्टर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सलोनी सिडाना की अध्यक्षता में एनएचएम सभागार भोपाल में राष्ट्रीय कृमिमुक्ति दिवस एवं एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम की राज्य स्तरीय एडवाइजरी बैठक आयोजित हुई। बैठक में 23 सितम्बर को होने वाले राष्ट्रीय कृमिमुक्ति दिवस की कार्ययोजना, आई.एफ.ए. अनुपूरण, एनीमिया स्क्रीनिंग, प्राइवेट स्कूलों में क्रियान्वयन की चुनौतियाँ तथा विभागीय समन्वय पर चर्चा की गई। साथ ही डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर प्रसार एवं एनीमिया स्क्रीनिंग गतिविधि भी आयोजित की गई। एल्बेन्डाजोल वितरण से बच्चों और महिलाओं में कृमिनाशन व एनीमिया नियंत्रण की जानकारी साझा की गई। बैठक में राष्ट्रीय कृमिमुक्ति दिवस एवं एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के लिये तैयार पोस्टर एवं आई.ई.सी. सामग्री का विमोचन भी किया गया। साथ ही निर्णय लिया गया कि छूटे हुए बच्चों को 26 सितम्बर को मॉप-अप डे पर कृमिनाशक दवा उपलब्ध कराई जाएगी। बैठक में महिला एवं बाल विकास, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, सी.बी.एस.ई. स्कूल, मदरसा शिक्षा, पंचायती राज, एन.एस.एस., नेहरू युवा केन्द्र के साथ यूनिसेफ, एविडेन्स एक्शन और न्यूट्रिशन इंटरनेशनल के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।  

पीएम मित्रा पार्क बनेगा टेक्सटाइल सेक्टर का गेमचेंजर, मध्य प्रदेश को मिलेगी वैश्विक पहचान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम सब बदलते दौर के साथी हैं। उम्मीदों और अवसरों का विराट क्षितिज हमारे सामने है। अपने सुनहरे भविष्य के निर्माण के लिए निवेश का एक स्वर्णिम अवसर आप सबके सामने है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से आग्रह किया कि वे बेहिचक मध्यप्रदेश में पूंजी लगाएं। निवेश आपका, बिजनेस आपका, प्रॉफिट भी आपका और सरकार की सभी सुविधाएं भी आपके लिए ही हैं। उन्होंने निवेशकों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि आप सभी अपने कारोबार में आगे बढ़ें, आपके व्यापार-व्यवसाय की सफलता की गारंटी हमारी सरकार है। मध्यप्रदेश पूंजी निवेश के लिए देश का मॉडल स्टेट बन रहा है। शीघ्र ही धार के पीएम-मित्रा पार्क का भूमि-पूजन होगा। यह पार्क भारत को विश्व की टेक्सटाइल केपिटल बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है। हम मिलकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वदेशी अभियान अंतर्गत मेक इन इंडिया और विकसित भारत के संकल्प को साकार करेंगे।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को नई दिल्ली के होटल आईटीसी मौर्या में मध्यप्रदेश के धार स्थित पीएम-मित्रा पार्क में इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज के इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित कर रहे थे। इंटरैक्टिव सेशन में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह भी मौजूद रहे। सेशन में देश के टेक्सटाइल सेक्टर के बिजनेस टायकून्स, कॉमर्शियल हाउसेस और इन्वेस्टर्स शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धार जिले के बदनावर के समीप स्थापित होने वाले पीएम-मित्रा पार्क में निवेश की अपार संभावनाओं पर कपड़ा उद्योग से जुड़े विभिन्न उद्योगपतियों से विचार-विमर्श भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम-मित्रा पार्क युवाओं के लिए रोजगार और प्रदेशों के आर्थिक विकास के लिए अहम सिद्ध होगा। धार पीएम-मित्रा पार्क में 15 कंपनियों ने दिखाई रूचि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आज दिल्ली में हुए इंटरैक्टिव सेशन में शामिल उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश की रूचि दिखाई है। इससे 15 बड़ी कंपनियों से 12,508 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए है। इनमें लगभग 18 हजार से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। निवेश करने वाली कंपनियों में ट्राइडेंट ने 4500 करोड़ रूपये, ए.बी. कॉटस्पिन इंडस्ट्री ने 1300 करोड़ रूपये, अरविंद मिल्स ने 1024 करोड़ रूपये, सनातन टेक्सटाइल्स ने 1000 करोड़ रूपये, बीएसएल सदस्यों ने 1000 करोड़ रूपये, बेस्ट कॉर्पोरेशन तिरूपुर ने 832 करोड़ रूपये, शर्माजी यार्न प्रा. लि. ने 800 करोड़ रूपये, आरएसवीएम (एलएनजे भीलवाड़ा) ने 700 करोड़ रूपये, आर. आर. जैन इंडस्ट्रीज ने 550 करोड़ रूपये, फेबयान टेक्सटाइल प्रा. लि. ने 308 करोड़ रूपये, वंश टेक्नोफैब प्रा. लि. ने 237 करोड़ रूपये, मोहिनी एक्टिव लाइफ प्रा. लि. ने 141 करोड़ रूपये, अनीका टेक्सफैब ने 100 करोड़ रूपये, वेदांत कॉटन प्रा. लि और एनटीपी सॉल्यूशन्स प्रा. लि. ने 8-8 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव दिए। प्रधानमंत्री की पहल पर मध्यप्रदेश को मिली बड़ी सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विशेष पहल पर देश का पहला पीएम-मित्रा पार्क धार जिले में स्थापित किया जा रहा है, जिसका भूमि-पूजन शीघ्र ही होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 5एफ विजन 'फार्म टू फाइबर, फाइबर टू फैक्ट्री, फैक्ट्री टू फैशन और फैशन टू फॉरेन' को मध्यप्रदेश सरकार ने एक मिशन के रूप में अपनाया है। हमारा उद्देश्य है कि स्वदेशी कपड़े की गुणवत्ता को वर्ल्ड क्लास का बनाकर इन्हें वैश्विक बाजारों तक पहुंचाया जाए। इसके लिए सम्पूर्ण वैल्यू चेन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हर स्तर पर किसान, बाजार और परंपराओं को गति प्रदान करने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में टेक्सटाइल सेक्टर को नया विजन और नई दिशा मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत प्राचीनकाल से कपड़ा उद्योग, मसाला व्यापार और स्वर्ण आभूषण के मामले में दुनिया में अग्रणी रहा। तकनीक के अभाव में किसी समय व्यापार के माध्यम से हमारी क्षमता को प्रभावित करने का कुत्सित प्रयास किया गया। केंद्र सरकार कठिन समय में सभी उद्योगपतियों के साथ है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आयात शुल्क में छूट मिलना उद्योगों को पुनर्स्थापित करने के लिए एक प्रकार की मदद है, सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कपास उत्पादन में देश में 7वें स्थान पर है। पहले स्थान पर चल रहे गुजरात और मध्यप्रदेश के बीच टेक्सटाइल सेक्टर का पीएम-मित्रा पार्क बनाया जा रहा है, जिसके संचालन के लिए मध्यप्रदेश में कच्चे माल की उपलब्धता से लेकर अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सम्राट विक्रमादित्य के न्याय से पोषित धरती है। यहां हमेशा ही बेहतर कानून व्यवस्था की स्थापना रही है। निवेश के लिए आदर्श राज्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के केंद्र में स्थित है और निवेशकों के लिए अनेक अनुकूलताएं उपलब्ध कराता है। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर मध्यप्रदेश से होकर गुजरता है। मध्यप्रदेश में 8 एयरपोर्ट हैं। विस्तृत रेल नेटवर्क हमारे राज्य को देश के सभी बड़े शहरों से जोड़ता है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि आप मध्यप्रदेश में जहां भी उद्योग स्थापित करना चाहें, वहां भूमि, बिजली, पानी, एप्रोच रोड, नियर-टू-डोर कनेक्टिविटी, सस्ती श्रम दरें, कुशल श्रम शक्ति सहित अन्य सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, देश का संभवतः ऐसा पहला राज्य है, जहां कभी औद्योगिक हड़ताल (इन्डस्ट्रियल अनरेस्ट) भी नहीं होतीं। उन्होंने निवेशकों से कहा कि आपके बिजनेस के विकास में सरकार हर घड़ी आपके साथ खड़ी है। आपको यहां समुचित रूप से बिजनेस करने की पूरी छूट, मिलेगी साथ ही गारंटी सहित निवेश प्रोत्साहन के लिए इन्सेंटिव (अनुदान) भी हमारी सरकार देगी। ‘मॉडल स्टेट’ के रूप में उभरता मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवेश को लेकर पूरे देश में आज सिर्फ एक ही नाम गूंज रहा है, वह है मध्यप्रदेश। उन्होंने कहा कि निवेश के मामले में हमारा प्रदेश देश का मॉडल स्टेट बनकर उभरा है। प्राकृतिक सौंदर्य, विभिन्न प्रकार की वनस्पति और जलीय एवं वन्य जीवों की मौजूदगी से समृद्ध मध्यप्रदेश की पावन धरती पर सभी निवेशकों का हृदय से स्वागत है। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनकी हर अपेक्षा पर खरी उतरेगी और उनके सपनों को साकार करने में सहयोगी बनेगी। इसके लिए हम सभी प्रबंध कर रहे हैं।

बालाघाट हादसा: बस अनियंत्रित होकर पलटी, चार की हालत गंभीर

बालाघाट बुधवार शाम भरवेली थाना क्षेत्र अंतर्गत गांगलुपारा उदघाटी के पास एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में 20 से अधिक यात्रियों को चोटें आई हैं, जबकि चार लोग गंभीर हैं। घटना की सूचना मिलते ही घायलों को राहत देने जिला अस्पताल से आठ एंबुलेंस को घटना स्थल भेजा गया। खबर लिखे जाने तक घायलों को बारी-बारी से जिला अस्पताल लाया गया। प्रारंभिक तौर पर जानकारी सामने आई है कि ब्रेक फेल होने के कारण ये हादसा हुआ है। गांगुलपारा के पास अनियंत्रित होकर बस बीच सड़क पर पलट गई, जिसमें कुछ यात्री दब गए। हालांकि, कुछ यात्रियों ने बताया कि उकवा के बाद से बस में तकनीकी गड़बड़ी महसूस हो रही थी। बार-बार बस के गेयर फंस रहे थे, लेकिन चालक-परिचालक ने ध्यान नहीं दिया। बस के नीचे दबे यात्रियों को स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया।   इसमें चार लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। बताया गया कि सालेटेकरी से बालाघाट के बीच चलने वाली निजी एसआरटी बस क्रमांक- एमपी 50 पी 0599 रोज की तरह सालेटेकरी से यात्रियों को लेकर बालाघाट की ओर आ रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस में 30 से 35 यात्री सवार थे। बालाघाट वार्ड क्रमांक-22 में रहने वाले बस के चालक किशोरी बोहरे (52) को भी मामूली चोट आई है। उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचे किशोरी ने बताया कि गांगुलपारा के पास अचानक बस का ब्रेक फेल हो गया। उसने बस की रफ्तार पर नियंत्रण पाने की कोशिश की, लेकिन ढलान में रफ्तार अधिक हो गई और बस बेकाबू होकर पलट गई। बस के कंडक्टर अरबाज के पैर में गंभीर चोट है। किशोरी ने बताया कि वह पिछले 20 वर्षाें से बस चला रहे हैं, लेकिन उनके साथ पहले कभी हादसा नहीं हुआ। इस हादसे में अरविंद पिता छोटू रावत (32), रवि पिता सूरजलाल डोंगरे (40) सालेटेका, अरविंद (35) निवासी वारासिवनी, अहमद खान, अरबाज (26) निवासी बहेला को गंभीर चोट आई है, जिनका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। घटना की सूचना पर नायब तहसीदार मंजुला महोबिया, कोतवाली पुलिस के अधिकारी और बल जिला अस्पताल में मौजूद रहा।

CM मोहन यादव की सख्त चेतावनी: कलेक्टरों को लगाई फटकार, कहा- जिम्मेदारी निभाओ

भोपाल मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल में खाद वितरण व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कलेक्टरों को फटकार लगाई। कहा कि इस बार पिछले साल से अधिक खाद उपलब्ध हुआ है। फिर भी समस्या खड़ी हो रही है। वितरण व्यवस्था का प्रबंधन करने का दायित्व कलेक्टरों का है। यदि ऐसा नहीं हो पा रहा है तो इसका मतलब यह हुआ कि जिला चलाना नहीं आता है। यदि जिला नहीं चला पा रहा है तो बता दें, हम दूसरी व्यवस्था करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दमोह और जबलपुर में किए गए नवाचार को देखें, जब वे कर सकते हैं तो फिर बाकी जिले क्यों नहीं। सरकार हर स्थिति में किसानों के साथ है और उन्हें कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।   कई जिलों में परेशान हो रहे किसान रीवा, पन्ना, अशोक नगर सहित कई जिलों में किसान खाद के लिए परेशान हो रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। ऐसे ही प्रदर्शन के दौरान रीवा में पुलिस ने बल प्रयोग भी किया था। इन स्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बुधवार को समीक्षा की, जिसमें सभी कलेक्टर वर्चुअली जुड़े। इस दौरान उन्होंने अव्यवस्था की सूचनाओं पर नाराजगी जताई। कलेक्टरों को निर्देश-खाद की उपलब्धता की समीक्षा करें उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि जानकारी जनप्रतिनिधियों से भी साझा करें, ताकि किसानों को वास्तविक स्थिति पता रहे। खाद वितरण केंद्रों का आकस्मिक सत्यापन और निगरानी करें। अतिरिक्त विक्रय केंद्र की आवश्यकता है, तो तत्काल आरंभ करें। 53 एफआईआर और 88 लाईसेंस निरस्त बैठक में बताया गया कि उर्वरक की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, अवैध परिवहन और नकली उर्वरक आदि से संबंधित प्रकरणों पर कार्रवाई करते हुए 53 एफआईआर दर्ज की गईं। 88 लाइसेंस निरस्त और 102 निलंबित किए गए। 406 विक्रय प्रतिबंधित किए गए। 43 हजार टन अधिक यूरिया दिया बैठक में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि खाद की कमी नहीं है। मक्का का क्षेत्र बढ़ने के बावजूद दो सितंबर तक 15 लाख 46 हजार टन यूरिया विक्रय किया जा चुका है। यह पिछले साल 15.3 लाख टन था। इस प्रकार देखें तो 43 हजार टन अधिक यूरिया किसानों को उपलब्ध कराया जा चुका है। यही स्थिति डीएपी, एनपीके, एसएसपी और एमओपी को लेकर है। पिछले साल अब तक 29.14 लाख टन खाद बेचा गया था, जो इस बार 30.20 लाख टन हो चुका है। 1.82 लाख टन यूरिया, 1.74 लाख टन डीएपी, 2.19 लाख टन एनपीके और 3.84 लाख टन एसएसपी भंडारित है। दमोह और जबलपुर की व्यवस्था बनी माडल-बैठक में दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर ने बताया कि खाद वितरण व्यवस्था में हमने किसान संगठनों को सहभागी बनाया है। टोकन तहसील कार्यालय से बांटे जा रहे हैं और वितरण विक्रय केंद्रों से किया जा रहा है। जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने बताया कि किसानों को टोकन फोन काल पर दिए जा रहे हैं। खाद वितरण केंद्रों पर डिस्पले बोर्ड लगाए हैं और नंबर प्रदर्शित होने पर खाद दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने जिले की परिस्थितियों को देखते हुए इस माडल पर विचार करने के निर्देश दिए।

सिमी से जुड़ाव की आशंका: खंडवा में दो युवक दबोचे गए, हथियार मिले

खंडवा शहर में दो स्थानों से अवांछनीय गतिविधियों और प्रतिबंधित संगठन सिमी की गतिविधियों में लिप्त होने की शंका में पुलिस ने बीती रात दो युवकों को पकड़ा था। यह कार्रवाई महाराष्ट्र एंटी टेररिस्ट स्क्वाड ; एटीएसद्ध से मिले इनपुट पर की गई है। पकड़े गए जलील पुत्र मोहम्मद खिलजी और एक अन्य युवक को हिरासत में लेकर कोतवाली पुलिस द्वारा जांच व पूछताछ की गई। इस दौरान जलील के पास से एक देशी पिस्टल और मैग्जिन जब्त होने पर उसके विरूद्ध आम्स एक्ट में प्रकरण दर्ज किया गया है। जलिल खिलजी के पिता अकील खिलजी प्रतिबंधित संगठन सिमी का सक्रिय पदाधिकारी था। वर्ष 2011,2012 और 2015 में आरोपित के विरूद्ध शासकीय कार्य में बाधा,विस्फाेटक एक्ट और मारपीट के प्रकरण दर्ज है। देश में सिमी का स्लीपर सेल फिर सक्रिय होने से देश भर की जांच ऐजेंसियां इस नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। खंडवा सिमी का पहले गढ़ रहने से आईबी,एनआईए और विभिन्न प्रदेशों की एटीएस की पैनी नजर खंडवा की गतिविधियों पर है। इसी सिलसिले में महाराष्ट्र एटीएस की टीम भी खंडवा में सक्रिय है। मंगलवार तड़के शहर के पंधाना रोड क्षेत्र की गुलमोहर कालोनी और कहारवाड़ी के चार युवकों को पुलिस की टीम ने पकड़ा था। पूछताछ के बाद दो युवकों को छोड़ दिया जबकि दो को अपने साथ ले गई थी। चर्चा है कि यह कार्रवाई महाराष्ट्र एटीएस ने काेतवाली पुलिस के सात से आठ जवानों के साथ मिल कर की गई। घटना के बाद स्थानीय पुलिस कोई जानकारी देने और एटीएस द्वारा कार्रवाई की सूचना नहीं होने की बात कहने से युवक के स्वजनों में हडकंप मच गया। जलील के पास से एक पिस्टल और मैग्जिन बरामद होने पर कोतवाली पुलिस द्वारा आम्स एक्ट में प्रकरण दर्ज उसे बुधवार दोपहर बाद न्यायालय में पेश किया गया। जहां से जेल भेज दिया गया है। कोतवाली थाना प्रभारी अशोक चौहान ने बताया कि आरोपित का अपराधिक रिकार्ड है। युएपीए एक्ट में पहले भी गिरफ्तार हो चुका है। आरोपित के भाई और पिता के विरूद्ध भी महाराष्ट्र में गंभीर अपराध होने से वहां की एटीएस द्वारा भी पूछताछ की गई है। युवकों की धरपकड़ के बाद पुलिस की ओर से कोई जानकारी नहीं मिलने पर हिरासत में लिए गए एक अन्य युवक जुनेद चौहान के पिता खलील पुत्र मोहम्मद इस्माइल चौहान निवासी कहारवाड़ी ने नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 58 अंतर्गत मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी खंडवा के न्यायालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित सूचना देकर उसके पुत्र को बिना किसी कारण व सूचना दिए बाजार से बोलेरा वाहन में बैठाकर गुप्त स्थान पर पुलिस ले जाने की शिकायत की थी। खलील ने कहा कि मुझे आशंका है कि मेरे पुत्र मोहम्मद जुनेद के साथ कोई भी गंभीर घटना या दुर्घटनाए कारित कर सकते है या उसे झूठे केस में भी फंसा सकते हैं। इसके बाद पुलिस ने जुनेद को छो़ड दिया।

युवा नौकरी पाने वाले नहीं, रोजगार प्रदान करने वाले बनें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में आरंभ होंगे रोजगारपरक पाठ्यक्रम और विद्यार्थियों को मिलेगी बस सुविधा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव युवा नौकरी पाने वाले नहीं, रोजगार प्रदान करने वाले बनें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में आईटी रिसोर्स सेंटर, एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट और कन्या छात्रावास का किया भूमिपूजन पीएम-उषा परियोजना अंतर्गत होगा निर्माण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में शिक्षा के बदलते दौर में सभी विश्वविद्यालयों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए तैयार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत के बेहतर भविष्य की संभावनाओं के लिए दुनिया में मिसाल कायम कर रहे हैं। वे दिन गए जब भारत किसी बड़े देश के पीछे चलकर पहचान बनाता था। हमें गर्व है कि आज भारत किसी पर निर्भर नहीं है। भारत के बदलते समय का विश्वविद्यालय के छात्र पूरा उपयोग करें। हमारे युवा बेहतर तकनीक का उपयोग करते हुए देश को आगे ले जाने का सपना देखें और उसे पूरा करने के लिए परिश्रम करें। राज्य सरकार विश्वविद्यालयों के छात्रों के साथ है। हमारे युवा नौकरी पाने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें। सरकार हर संभव सहायता और प्रशिक्षण उपलब्ध करा रही है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कृषि संकाय की पढ़ाई शुरू की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में सभी नए रोजगारपरक पाठ्यक्रम आरंभ करने और विद्यार्थियों को आवागमन के लिए नि:शुल्क बस सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय परिसर में 55 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले आईटी रिसोर्स सेंटर, स्टूडियो, कन्वेंशन हॉल और इंक्यूबेशन सेंटर तथा एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट व कन्या छात्रावास का भूमिपूजन कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएम उषा परियोजना के भूमिपूजन और दीक्षारंभ कार्यक्रम में गणपति बप्पा मोरया के जयघोष एवं सरस्वती माता को नमन करते हुए अपना संबोधन आरंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के सभी क्षेत्रों को विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। भोपाल में मेट्रो की शुरुआत होने वाली है। इसके साथ भोपाल के पास मेट्रो और अत्याधुनिक रेल कोच निर्माण के लिए बीईएमएल की इकाई का भूमि-पूजन हो चुका है। भारतीय रेल के हाईस्पीड कोच भी इस कारखाने में बनाए जाएंगे। भोपाल को पर्यटन के क्षेत्र में भी एक बड़ी सौगात मिलने वाली है। अब बड़ी झील में कश्मीर की तर्ज पर शिकारे चलाए जाएंगे। भोपाल से इंदौर, जबलपुर और रीवा के लिए नए ग्रीन फील्ड हाइवे तैयार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पीएम मित्रा का निर्माण हो रहा है। हमारे किसानों द्वारा उत्पादित कपास की मांग दुनिया में है। प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें। प्रदेश में रेडीमेड गारमेंट के नए उद्योग शुरू हों, इसके लिए दिल्ली में निवेशकों और उद्योग घरानों को आज चर्चा के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। भविष्य में मध्यप्रदेश के युवा फैशन डिजाइनिंग और रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री में अग्रणी बनें, इसके लिए राज्य सरकार निश्चित कार्ययोजना बना रही है। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में बदलाव का बीड़ा उठाया है। पूर्व में उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने जिस विजन से कार्य किया, उसके सुखद परिणाम अब सामने आने लगे हैं। राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित हैं। प्रदेश में गरीब और पिछड़े छात्रों के लिए सर्व सुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय और पीएम एक्सीलेंस कॉलेज बनाए जा रहे हैं। भविष्य में शिक्षा क्षेत्र को नई ऊंचाइयां प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने दो बड़े निर्णय किए हैं। इसके अंतर्गत अब डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देना और प्रदेश के चिन्हित विश्वविद्यालयों में देश की विभिन्न भाषाओं को क्रेडिट के माध्यम से पाठ्यक्रम में शामिल कर पढ़ाया जाना शामिल है। प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में होने जा रही यह अभिनव पहल पूरे देश को संदेश देने का कार्य करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दोनों नवाचारों के लिए हमें निरंतर प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया। हृदय प्रदेश, मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में नवाचार करते हुए देश के अन्य राज्यों के लिए आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने भोपाल में संचालित विकास गतिविधियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। कुलगुरु प्रो. एसके जैन ने बताया कि बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय को 100 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। इस अवसर पर वर्ष 2025-26 के नए विद्यार्थियों का दीक्षांत समारोह भी हो रहा है। कार्यक्रम में नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, कुलगुरु प्रो. एस.के जैन सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं। उल्लेखनीय है कि पीएम-उषा (प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान) का उद्देश्य उच्च शिक्षा की उत्कृष्टता में सुधार लाना है। इस योजना में राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों को चरणबद्ध तरीके से वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इसमें प्रदेश के 38 विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों के लिए 565 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है। बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के लिए 100 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत 55 करोड़ रूपए की लागत के कार्य होंगे।