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स्वदेशी ही था राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के अंग्रेजों से संघर्ष का मूल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी अपनाने के लिए प्रदेशवासियों को किया प्रेरित "गर्व से कहो हम स्वदेशी अपनाएंगे" प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रदेश में अपना जन्म दिवस मनाकर जनजातीय अंचल धार को किया धन्य माताओं-बहनों-बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सरकारी खजाने में कोई कमी नहीं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के 168वें बलिदान दिवस कार्यक्रम को किया संबोधित महाकौशल महावीरों की धरती है, जिसे राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह जैसे बलिदानियों ने अपने रक्त से सींचा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वाधीनता संग्राम के अमर बलिदानी राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ने अंग्रेजों के खिलाफ जो लड़ाई लड़ी, उसका मूल 'स्वदेशी' ही था। देश में हमारा अपना शासन और कानून होना चाहिए, इस भाव ने ही जनजातीय वीरों को विदेशी ताकतों से संघर्ष के लिए प्रेरित किया। वे अंग्रेजों के आगे कभी झुके नहीं और पिता-पुत्र (राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह) की जोड़ी ने एक लक्ष्य के लिए लड़ते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया और वे अमर हो गए। राज्य सरकार ने उनके बलिदान स्थल को स्मारक के रूप में विकसित किया है। अपनी संस्कृति के लिए प्रतिबद्ध राजा शंकर शाह अपने संस्कारों पर सदैव अडिग रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के 168वें बलिदान दिवस पर गुरूवार को जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोनों अमर बलिदानियों को नमन कर पुष्पांजलि अर्पित की। अंग्रेजों के सामने नहीं झुके, हो गए शहीद मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह दोनों पिता पुत्रों ने रानी दुर्गावती की परम्‍परा को कायम रखते हुए अंग्रेजों के खिलाफ कविता के माध्‍यम से आवाज उठाई। उन्‍होंने अंग्रेजों के सामने सीना ठोककर जंगल, जमीन और अपने राष्‍ट्र को बचाने के लिए गीतों की रचना की। अंग्रेज उनके विद्रोह को बर्दाश्‍त नहीं कर पाये और कायरता का परिचय देते हुए उन्‍हें तोप के मुंह पर खड़ा कर उड़ा दिया गया। अंग्रेजों ने दोनो पिता-पुत्रों को बंदी बनाकर बगैर कोई मुकदमा चलाये उन्‍हें तोप से उड़ाने का काम किया था। अंग्रेजों ने उनके सामने धर्म बदलने, अंग्रेजी सत्‍ता को स्‍वीकार करने और माफी मांगने की शर्त रखी और इसे मान लेने पर उनकी रिहाई के लिए तैयार थे। लेकिन दोनों पिता-पुत्रों ने अंग्रेजों के इस प्रस्‍ताव को बहादुरी के साथ ठुकरा दिया और कहा कि तोप से उड़ाने के बाद भी यदि वे बच गये तो फिर से अंग्रेजी सत्‍ता के खिलाफ गीत लिखेंगे और अपने राष्‍ट्र की रक्षा के लिए विद्रोह करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर व्‍यक्ति के जीवन में जन्‍म और मृत्‍यु एक बार आती है, लेकिन देश की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले शहीद हमेशा के लिए अमर हो जाते हैं। राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ऐसे ही शहीद हैं जो हमेशा के लिए अमर हो गये हैं। उनका बलिदान हमें देश सेवा और देश की रक्षा करने की प्रेरणा देता है। मध्‍यप्रदेश सरकार की ओर से उनके बलिदान दिवस पर मैं उन्‍हें नमन करता हूं और प्रणाम करता हूं। मां नर्मदा की पवित्र नगरी में गोंडवाना साम्राज्‍य के अमर शहीदों को स्‍मरण कर मैं स्‍वयं भी गौरवान्‍वित महसूस कर रहा हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश में स्वदेशी अपनाने का अभियान चल रहा है, विकसित भारत का मार्ग स्वदेशी से होकर गुजरता है। प्रदेश में बहनों ने स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की अनोखी मिसाल प्रस्तुत की है। हमारे गांव आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के श्रेष्ठ उदाहरण रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'गर्व से कहो हम स्वदेशी अपनाएंगे' के उद्घोष के साथ उपस्थित जनसमुदाय को दैनिक उपयोग की स्वदेशी सामग्री अपनाने के लिए प्रेरित किया। जबलपुर की धरा जनजातीय वीरों के रक्त से हुई है सिंचित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राचीनकाल से महकौशल, महावीरों की धरती रही है, जो राजा शंकर शाह, रघुनाथ शाह और राना दुर्गावती जैसी महान विभूतियों के बलिदान को समेटे हुए है। जबलपुर की धरा जनजातीय वीरों के रक्त से सिंचित हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए शाह वंश का अदम्य साहस, अमर शौर्य और अद्वितीय बलिदान सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मां भारती के चरणों में बलिदान देने वाले महावीर होते हैं। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। यही त्याग आने वाली पीढ़ियों के हृदय में राष्ट्रभक्ति की पवित्र ज्योति प्रज्ज्वलित करता रहेगा। 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान' में माताएं-बहनें कराएं जांच मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कल प्रदेश के जनजातीय अंचल (धार) में अपना जन्म दिवस मनाकर प्रदेश को धन्य किया है। केंद्र और राज्य सरकार जनजातीय भाई-बहनों के कल्याण के लिए संकल्पित हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रदेश के कपास उत्पादक किसानों को 'पीएम मित्र पार्क' की सौगात दी है। माता-बहनों-बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सरकारी खजाने में कोई कमी नहीं है। हमारे लिए मां, बहन, बेटियों का सम्मान और उनका स्वास्थ्य सर्वोपरि है। समय पर बीमारी की जांच हो जाए तो जान बच सकती है। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि माताएं-बहनें "स्वस्थ नारी-सशक्‍त परिवार" अभियान अंतर्गत आयोजित शिविर में स्वास्थ्य जांच कराने के लिए आगे आएं। प्रधानमंत्री श्री मोदी की प्रतिबद्धता के अनुरूप राज्य सरकार पूर्ण समर्पण, सक्रियता और संवेदनशीलता के साथ इस दिशा में गतिविधियां संचालित करने के लिए तत्पर है। प्रदेश में स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान के साथ स्वच्छता का संकल्प भी लिया गया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आह्वान: स्वदेशी अपनाएं, MP को समृद्ध और भारत को आत्मनिर्भर बनाएं

स्वेदशी अपना कर मध्यप्रदेश को समृद्ध और देश को आत्मनिर्भर बनाकर बने देशभक्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री  मोदी के स्वदेशी अपनाने के आहवान का प्रदेशवासी करें अनुसरण लोगों के रोजगार और जीवनयापन का माध्यम हैं स्वदेशी सामग्री भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'स्वदेशी अपनाओ-मध्यप्रदेश समृद्ध बनाओ, स्वदेशी अपनाओ-देश को आत्मनिर्भर बनाओ' के संदेश के माध्यम से प्रदेशवासियों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि हमें गांव-गावं, शहर-शहर स्वदेशी का अभियान चलाना है। प्रदेशवासी स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों पर गर्व करें और गर्व से कहें कि हम स्वदेशी हैं। प्रदेश के छोटे दुकानदार, व्यापारी स्वदेशी वस्तुओं के क्रय-विक्रय को प्रोत्साहन दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास से गुरूवार को जारी अपने संदेश के माध्यम से प्रदेशवासियों से यह विचार साझा किये। मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे स्तर पर वस्तुओं के निर्माता अपने ढंग से अपनी क्षमता, योग्यता और कौशल के आधार पर स्वदेशी वस्तुओं के उत्पादन में अपनी मेहनत लगाते हैं। इससे हमारी हजारों सालों से चली आ रही आत्मनिर्भरता की परम्परा भी जीवित रहती है। स्वदेशी वस्तुओं की सुंगध और प्रभाव ही अलग है, यह सामग्री कई लोगों को रोजगार का अवसर देकर गरीब परिवारों के जीवनयापन का माध्यम बनती है और देश की आर्थिक समृद्धि का मार्ग भी स्वदेशी से ही प्रशस्त होता है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के स्वदेशी अपनाने के आहवान का सभी प्रदेशवासी अनुसरण करें। त्यौहारों के समय होने वाली खरीददारी में भी स्वदेशी वस्तुओं को अपनाया जाए। भारत को विश्व में सबसे शक्तिशाली देश के रूप में स्थापित करने की सामर्थ्य स्वदेशी में ही है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में महात्मा गांधी ने स्वदेशी के माध्यम से ही पूरे देश को एक सूत्र में पिरोया था। आज भी भारत को विश्व में सबसे शक्तिशाली देश के रूप में स्थापित करने की सामर्थ्य स्वदेशी में ही है। इसी आधार पर प्रधानमंत्री  मोदी देशवासियों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं स्वदेशी के अभियान समर्पित हैं। 'स्वदेशी अपनाओ देशभक्त कहलाओ' के भाव के साथ पूरा प्रदेश इस अभियान के साथ है।  

भोपाल को मेट्रो की सौगात: अक्टूबर से शुरू होगी सेवा, हाईटेक डिपो बनकर तैयार

भोपाल  अक्टूबर में भोपाल मेट्रो(Bhopal Metro) का कमर्शियल रन शुरू होने के साथ ही सुभाष नगर डिपो का उपयोग बढ़ जाएगा। अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ डिजाइन किए इस डिपो की छत पर सोलर पैनल लगाने की योजना है ताकि ऊर्जा की जरूरतों को पूरा कर सके। इसे एक पर्यावरण-अनुकूल डिपो बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। यह डिपो मेट्रो के ऑरेंज लाइन (करोद से एम्स) के लिए बनाया है। 140 करोड़ रुपए हुए खर्च सुभाष नगर डिपो का निर्माण जुलाई 2023 में पूरा हो गया था। यह मेट्रो परियोजना के पहले चरण में सबसे पहले पूरे होने वाले काम में से एक था। यह डिपो सुभाष नगर में स्थित है. जो कि ऑरेंज लाइन के एक छोर के पास है। यह ट्रेनों की आवाजाही को आसान बनाता है। इसमें कई रैम्प और ट्रैक बनाए गए हैं जो मेट्रो ट्रेनों को मुख्य लाइन से डिपो तक लाते और ले जाते हैं। भोपाल को मिलेंगे 27 रैक सुभाष नगर मेट्रो डिपों में मेट्रो ट्रेनों की दैनिक जांच, मरम्मत और धुलाई का काम किया जाएगा। यहां ट्रेनों की स्वचालित धुलाई के लिए वॉशिंग प्लांट भी बनाया गया है। ट्रेनों की नियमित तकनीकी जांच के लिए इंस्पेक्शन शेड और मरम्मत के लिए रिपेयर वर्कशॉप भी बनाया गया है। डिपो को ऐसे डिजाइन किया गया है कि भविष्य में बढ़ने वाली ट्रेनों की संख्या को भी संभाल सके। भोपाल मेट्रो क्यों है खास? सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम सितंबर के मध्य में निरीक्षण करेगी। साफ-सुथरे प्लेटफॉर्म, आधुनिक टिकटिंग सिस्टम और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था भोपाल मेट्रो को खास बनाएंगे। यह मेट्रो न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगी। प्रायोरिटी कॉरिडोर पर तेजी से काम भोपाल मेट्रो के पहले चरण में प्रायोरिटी कॉरिडोर पर काम तेजी से पूरा किया जा रहा है। इस कॉरिडोर में स्टेशनों के कॉनकोर्स लेवल पर कंट्रोल रूम, सिस्टम रूम और यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाओं का निर्माण चल रहा है। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म लेवल पर भी काम जोरों पर है।  सुभाष नगर में मेट्रो डिपो के साथ-साथ एडमिन बिल्डिंग में कंट्रोल रूम और अन्य महत्वपूर्ण सिस्टम रूम तैयार किए जा रहे हैं। अधिकारियों का लक्ष्य है कि 30 सितंबर तक प्रायोरिटी कॉरिडोर का सारा काम पूरा हो जाए। सीएमआरएस की टीम करेगी निरीक्षण मेट्रो संचालन से पहले सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की टीम 15 सितंबर के बाद भोपाल पहुंचेगी। यह टीम मेट्रो के डिपो, ट्रेन और मेन लाइन का निरीक्षण करेगी। इंदौर मेट्रो की तर्ज पर भोपाल में भी दो चरणों में निरीक्षण होगा। पहले चरण में डिपो और ट्रेन की जांच होगी, जबकि दूसरे चरण में मेन लाइन का निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए मेट्रो प्रबंधन ने सभी जरूरी दस्तावेज सीएमआरएस के पोर्टल पर अपलोड कर दिए हैं। निरीक्षण की तारीख जल्द ही तय की जाएगी। डिपो और मेन लाइन का काम पूरा मेट्रो के डिपो और मेन लाइन का अधिकांश काम पूरा हो चुका है। डिपो में ट्रेनों के रखरखाव और संचालन से जुड़े सभी जरूरी सिस्टम तैयार हैं। मेन लाइन पर भी निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। अधिकारियों का कहना है कि अक्टूबर में मेट्रो को प्रायोरिटी कॉरिडोर पर दौड़ाने का लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी टीमें दिन-रात काम कर रही हैं। भोपालवासियों के लिए क्या होगा खास? भोपाल मेट्रो के शुरू होने से शहरवासियों को यातायात का एक आधुनिक, तेज और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। सुभाष नगर से एम्स तक का सफर आसान और समय की बचत करने वाला होगा। मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं जैसे कि साफ-सुथरे प्लेटफॉर्म, टिकटिंग सिस्टम और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध होगी। यह मेट्रो न केवल भोपाल की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाएगी, बल्कि पर्यावरण के लिए भी अनुकूल होगी। भोपाल मेट्रो का भविष्य पहले चरण की सफलता के बाद भोपाल मेट्रो के अगले चरणों पर भी काम शुरू होगा, जिससे शहर के अन्य हिस्सों को भी मेट्रो से जोड़ा जाएगा। यह प्रोजेक्ट भोपाल को एक स्मार्ट और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अक्टूबर में मेट्रो के शुरू होने का इंतजार भोपालवासियों को बेसब्री से है। जैसे-जैसे तारीख नजदीक आ रही है, शहर में उत्साह बढ़ता जा रहा है। भोपाल मेट्रो के फायदे 1. तेज और समय की बचत     ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी।     सुभाष नगर से एम्स तक का सफर मिनटों में तय होगा।  2. सुविधाजनक यात्रा     साफ-सुथरे प्लेटफॉर्म, एस्केलेटर, लिफ्ट और आधुनिक टिकटिंग सिस्टम।     यात्रियों के लिए आरामदायक कोच और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था।  3. ट्रैफिक दबाव में कमी     सड़कों पर निजी गाड़ियों का बोझ घटेगा।     शहर के मुख्य मार्गों पर जाम की समस्या कम होगी।  4. पर्यावरण के लिए फायदेमंद     प्रदूषण और धुएं का स्तर घटेगा।     इलेक्ट्रिक आधारित मेट्रो, ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देगी।  5. आर्थिक और सामाजिक विकास     मेट्रो स्टेशन के आसपास बिज़नेस और रोजगार के नए अवसर।     शहर का बुनियादी ढांचा और इमेज स्मार्ट सिटी जैसी होगी।  6. सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन     महिलाओं, छात्रों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित यात्रा का विकल्प।     जीपीएस और सीसीटीवी आधारित निगरानी।  कुल मिलाकर, भोपाल मेट्रो न सिर्फ़ यात्रियों के लिए आरामदायक सफर देगी, बल्कि शहर को स्मार्ट और प्रदूषण मुक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

सेवा पखवाड़ा अभियान में स्वयं सेवी संस्थाएँ बढ़ चढ़कर हो शामिल: स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह

महिलाओं के संर्वागीण विकास में मध्यप्रदेश पीछे नहीं : स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह सेवा पखवाड़ा अभियान में स्वयं सेवी संस्थाएँ बढ़ चढ़कर हो शामिल: स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह मध्यप्रदेश महिलाओं के विकास में अग्रणी: स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह का बयान भोपाल स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रदेश में शुरू हुए सेवा पखवाड़ा अभियान में स्वयं सेवी संगठन कल्याण के कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें। इस प्रयास से हम समाज के अधिकतम लोगों की सेवा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सेवा पखवाड़े में नारी सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया जाएगा। स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह बुधवार को विदिशा में 'स्वस्थ नारी सशक्त परिवार' अभियान के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के कल्याण के साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक योजनाएं चलाई हैं। जरूरत इस बात की है कि इन योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र महिला तक पहुँचे। इसके लिये हम सबको मिलकर समन्वय के साथ प्रयास करना पड़ेगा। शिशुओं के स्वास्थ्य की चर्चा करते हुए मंत्री  सिंह ने कहाकि बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिये महिलाओं को जागरूक किया जाना जरूरी है। उन्होंने पखवाड़े के दौरान महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये नवाचार किये जाने पर भी जोर दिया। कार्यक्रम को विधायक  मुकेश टंडन ने भी संबोधित किया। कलेक्टर  अंशुल गुप्ता ने जानकारी दी कि जिले में महिलाओं, बालिकाओं और शिशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल के लिये कैम्प आयोजित किये जायेंगे। जिला प्रशासन का प्रयास होगा की अधिक से अधिक नागरिक कैम्प में शामिल हो। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मती गीता कैलाश रधुवंशी, विदिशा नगर पालिका अध्यक्ष मती प्रीति राकेश शर्मा एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे। रक्तदाताओं से की चर्चा स्कूल शिक्षा मंत्री ने रक्तदान करने वाले व्यक्तियों से चर्चा कर उनका उत्साहवर्धन किया। रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र वितरित किये गये। कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य से जुड़ी जाँच के लिये बनाये गये स्टॉलों पर पहुँचकर व्यवस्था की जानकारी ली। कार्यक्रम स्थल में टीबी रोग, सिकल सेल,एनीमिया, शुगर, बीपी सहित विभिन्न प्रकार की जाँच की व्यवस्था की गई थी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी अपनाने के लिए प्रदेशवासियों को किया प्रेरित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्वदेशी ही था राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के अंग्रेजों से संघर्ष का मूल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी अपनाने के लिए प्रदेशवासियों को किया प्रेरित गर्व से कहो हम स्वदेशी अपनाएंगे प्रधानमंत्री  मोदी ने प्रदेश में अपना जन्म दिवस मनाकर जनजातीय अंचल धार को किया धन्य माताओं-बहनों-बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सरकारी खजाने में कोई कमी नहीं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के 168वें बलिदान दिवस कार्यक्रम को किया संबोधित महाकौशल महावीरों की धरती है, जिसे राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह जैसे बलिदानियों ने अपने रक्त से सींचा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वाधीनता संग्राम के अमर बलिदानी राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ने अंग्रेजों के खिलाफ जो लड़ाई लड़ी, उसका मूल 'स्वदेशी' ही था। देश में हमारा अपना शासन और कानून होना चाहिए, इस भाव ने ही जनजातीय वीरों को विदेशी ताकतों से संघर्ष के लिए प्रेरित किया। वे अंग्रेजों के आगे कभी झुके नहीं और पिता-पुत्र (राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह) की जोड़ी ने एक लक्ष्य के लिए लड़ते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया और वे अमर हो गए। राज्य सरकार ने उनके बलिदान स्थल को स्मारक के रूप में विकसित किया है। अपनी संस्कृति के लिए प्रतिबद्ध राजा शंकर शाह अपने संस्कारों पर सदैव अडिग रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के 168वें बलिदान दिवस पर गुरूवार को जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोनों अमर बलिदानियों को नमन कर पुष्पांजलि अर्पित की। अंग्रेजों के सामने नहीं झुके, हो गए शहीद मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह दोनों पिता पुत्रों ने रानी दुर्गावती की परम्‍परा को कायम रखते हुए अंग्रेजों के खिलाफ कविता के माध्‍यम से आवाज उठाई। उन्‍होंने अंग्रेजों के सामने सीना ठोककर जंगल, जमीन और अपने राष्‍ट्र को बचाने के लिए गीतों की रचना की। अंग्रेज उनके विद्रोह को बर्दाश्‍त नहीं कर पाये और कायरता का परिचय देते हुए उन्‍हें तोप के मुंह पर खड़ा कर उड़ा दिया गया। अंग्रेजों ने दोनो पिता-पुत्रों को बंदी बनाकर बगैर कोई मुकदमा चलाये उन्‍हें तोप से उड़ाने का काम किया था। अंग्रेजों ने उनके सामने धर्म बदलने, अंग्रेजी सत्‍ता को स्‍वीकार करने और माफी मांगने की शर्त रखी और इसे मान लेने पर उनकी रिहाई के लिए तैयार थे। लेकिन दोनों पिता-पुत्रों ने अंग्रेजों के इस प्रस्‍ताव को बहादुरी के साथ ठुकरा दिया और कहा कि तोप से उड़ाने के बाद भी यदि वे बच गये तो फिर से अंग्रेजी सत्‍ता के खिलाफ गीत लिखेंगे और अपने राष्‍ट्र की रक्षा के लिए विद्रोह करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर व्‍यक्ति के जीवन में जन्‍म और मृत्‍यु एक बार आती है, लेकिन देश की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले शहीद हमेशा के लिए अमर हो जाते हैं। राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ऐसे ही शहीद हैं जो हमेशा के लिए अमर हो गये हैं। उनका बलिदान हमें देश सेवा और देश की रक्षा करने की प्रेरणा देता है। मध्‍यप्रदेश सरकार की ओर से उनके बलिदान दिवस पर मैं उन्‍हें नमन करता हूं और प्रणाम करता हूं। मां नर्मदा की पवित्र नगरी में गोंडवाना साम्राज्‍य के अमर शहीदों को स्‍मरण कर मैं स्‍वयं भी गौरवान्‍वित महसूस कर रहा हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश में स्वदेशी अपनाने का अभियान चल रहा है, विकसित भारत का मार्ग स्वदेशी से होकर गुजरता है। प्रदेश में बहनों ने स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की अनोखी मिसाल प्रस्तुत की है। हमारे गांव आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के श्रेष्ठ उदाहरण रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'गर्व से कहो हम स्वदेशी अपनाएंगे' के उद्घोष के साथ उपस्थित जनसमुदाय को दैनिक उपयोग की स्वदेशी सामग्री अपनाने के लिए प्रेरित किया। जबलपुर की धरा जनजातीय वीरों के रक्त से हुई है सिंचित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राचीनकाल से महकौशल, महावीरों की धरती रही है, जो राजा शंकर शाह, रघुनाथ शाह और राना दुर्गावती जैसी महान विभूतियों के बलिदान को समेटे हुए है। जबलपुर की धरा जनजातीय वीरों के रक्त से सिंचित हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए शाह वंश का अदम्य साहस, अमर शौर्य और अद्वितीय बलिदान सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मां भारती के चरणों में बलिदान देने वाले महावीर होते हैं। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। यही त्याग आने वाली पीढ़ियों के हृदय में राष्ट्रभक्ति की पवित्र ज्योति प्रज्ज्वलित करता रहेगा। 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान' में माताएं-बहनें कराएं जांच मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने कल प्रदेश के जनजातीय अंचल (धार) में अपना जन्म दिवस मनाकर प्रदेश को धन्य किया है। केंद्र और राज्य सरकार जनजातीय भाई-बहनों के कल्याण के लिए संकल्पित हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने प्रदेश के कपास उत्पादक किसानों को 'पीएम मित्र पार्क' की सौगात दी है। माता-बहनों-बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सरकारी खजाने में कोई कमी नहीं है। हमारे लिए मां, बहन, बेटियों का सम्मान और उनका स्वास्थ्य सर्वोपरि है। समय पर बीमारी की जांच हो जाए तो जान बच सकती है। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि माताएं-बहनें "स्वस्थ नारी-सशक्‍त परिवार" अभियान अंतर्गत आयोजित शिविर में स्वास्थ्य जांच कराने के लिए आगे आएं। प्रधानमंत्री  मोदी की प्रतिबद्धता के अनुरूप राज्य सरकार पूर्ण समर्पण, सक्रियता और संवेदनशीलता के साथ इस दिशा में गतिविधियां संचालित करने के लिए तत्पर है। प्रदेश में स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान के साथ स्वच्छता का संकल्प भी लिया गया है। लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने कार्यक्रम में पधारे सभी का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर सांसद  आशीष दुबे, राज्यसभा सदस्य मती सुमित्रा वाल्मीकि, विधायक डॉ. अभिलाष पांडे, विधायक  अशोक रोहाणी, महापौर  जगत बहादुर सिंह 'अन्नू भैया' जनप्रतिनिधि सहित नागरिक उपस्थित थे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने स्‍वदेशी अभियान प्रदर्शनी का किया अवलोकन मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा पखवाड़ा के दौरान नेताजी सुभाषचंद्र बोस कल्‍चरल एंड इन्‍फॉर्मेशन सेंटर में लगी स्‍वदेशी उत्‍पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने स्‍व सहायता समूहों के विभिन्‍न स्‍टॉलों … Read more

रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति की बैठक शीघ्र आयोजित करने की मांग

रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति की बैठक शीघ्र आयोजित करने की मांग रेलवे सलाहकार समिति सदस्य निलेश श्रीवास्तव ने लिखा बैठक को लेकर पत्र भोपाल  रेलवे उपभोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य निलेश श्रीवास्तव ने रेल विभाग को पत्र लिखकर समिति की बैठक शीघ्र आयोजित करने की मांग की है। निलेश कुमार ने वरिष्ठ मंडल प्रबंधक सौरव कटारिया एवं रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति मंडल भोपाल के सचिव को भेजे पत्र में उल्लेखित किया है कि मार्च माह में समिति की केवल एक बैठक 21 मार्च 2025 भोपाल में आयोजित की गई थी, जबकि नियम अनुसार वर्ष में कम से कम तीन बैठके होना आवश्यक है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि रेल विभाग की इस उदासीनता से उपभोक्ताओं से जुड़े मुद्दे उठाए जाने में कठिनाई होती है। साथ उन्होंने मांग की है कि समिति की अगली बैठक कब और कहां आयोजित की जा रही है, इसकी जानकारी जल्दी दी जाए, ताकि रेलवे से जुड़ी जन समस्याओं का निराकरण जल्द से जल्द हो सके। रेल जनता के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है, जिसका उपयोग आमजन लगातार अपने जीवन में करते हैं। रेल यात्रा करते समय यात्रियों को हो रही असुविधाओं को ध्यान में रखकर पूर्ण सुविधाओं में परिवर्तित करने का कार्य रेल विभाग द्वारा लगातार किया जा रहा है। समिति की बैठक यदि निरंतर समय पर होती रहे तो आमजन की रेल समस्याओं का निपटान समय से होता रहेगा। रेलवे सलाहकार समिति सदस्य निलेश श्रीवास्तव ने मांग की है की रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति बैठक का निर्णय जल्द से जल्द कर समिति के सभी सदस्यों को सूचित किया जाए।

सुरमयी सांस्कृतिक संध्या में झलकेगी निमाड़ी लोकधुनों की छटा, मध्यप्रदेश भवन में होगा आयोजन

भोपाल  मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली में शुक्रवार 19 सितंबर को सुरमयी सांस्कृतिक संध्या की चौथी प्रस्तुति में निमाड़ी लोकगायन का आयोजन किया जाएगा। संस्कृति एवं पर्यटन विभाग एवं मध्यप्रदेश भवन दिल्ली द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश की समृद्ध लोक परंपरा और मधुर लोक संगीत की झलक प्रस्तुत की जाएगी। कार्यक्रम में मती पूर्णिमा चतुर्वेदी एवं समूह द्वारा निमाड़ी लोकगायन की प्रस्तुति दी जाएगी। यह चौथी प्रस्तुति मध्यप्रदेश के लोकसुरों की अनूठी श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय पटल पर प्रदर्शित करना है। कार्यक्रम का समय शाम 6:30 बजे से 7:45 बजे तक निर्धारित है। लोक संगीत प्रेमी इस सांस्कृतिक संध्या में सम्मिलित होकर लोकधुनों का आनंद ले सकते हैं।  

राज्यपाल पटेल ने राजा शंकरशाह- कुंवर रघुनाथशाह का किया पुण्य स्मरण

राज्यपाल  पटेल ने राजा शंकरशाह- कुंवर रघुनाथशाह का किया पुण्य स्मरण बलिदान दिवस कार्यक्रम राजभवन में मना भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने जनजातीय महानायक राजा शंकरशाह- कुंवर रघुनाथशाह के बलिदान दिवस पर उनका पुण्य स्मरण किया। उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। बलिदान दिवस कार्यक्रम का आयोजन राजभवन के बेंक्वेट हॉल में गुरुवार को किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, राज्यपाल के अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव सहित राजभवन के अन्य अधिकारी-कर्मचारियों ने भी क्रांतिवीरों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।                       

कूनो की रानी धीरा पहुंची गांधी सागर, जहां पहले से हैं दो नर चीते — जंगल में रोमांच बढ़ा

मंदसौर  प्रोजेक्ट चीता के तहत मध्य प्रदेश में चीतों की संख्या बढ़ाने की कवायद लगातार चल रही है. कूनो नेशनल पार्क के बाद मंदसौर के गांधी सागर अभ्यारण्य को चीतों के नए आशियाने के रूप में स्थापित किया जा रहा है. इसी के तहत बुधवार को यहां पर कूनो की मादा चीता 'धीरा' का छोड़ा गया. धीरा के आने से यहां चीतों की संख्या 3 हो गई. करीब 5 महीने पहले यहां पर 2 नर चीतों को छोड़ा गया था. यह कदम कूनो के बाहर चीतों के प्राकृतिक संबंध और प्रजनन को बढ़ावा देने के लिए उठाया जा रहा है. गांधी सागर अभ्यारण्य में धीरा को शिफ्ट किया गया चीता प्रोजेक्ट के तहत कूनो नेशनल पार्क के बाद गांधी सागर अभ्यारण्य चीतों का दूसरा आश्रय स्थल है. इसको चीतों के लिए अनुकूल स्थान माना गया है. बीते अप्रैल माह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यहां पर 2 नर चीतों 'प्रभाष' और 'पावक' को छोड़ा था. इस अभ्यारण्य में चीतों में प्रजनन बढ़ाने के उद्देश्य से साढ़े 7 वर्षीय मादा चीता धीरा को छोड़ा गया. बुधवार की सुबह कुनो राष्ट्रीय उद्यान से शुरू हुए इस ऑपरेशन में वन विभाग की टीम, वेटरनरी विशेषज्ञ और फील्ड स्टाफ हर चरण पर बारीकी से नजर रख रहे. धीरा को विशेष रूप से तैयार एयर-कंडीशंड वाहन से 7 घंटे में 300 किलोमीटर की यात्रा कर गांधी सागर लाया गया. इस चीता को उसी बाड़ा भाग-2 में छोड़ा गया है, जहां दोनों नर चीता को छोड़ा गया था. 3 महीने तक धीरा पर रखी जाएगी नजर गांधी सागर अभ्यारण क्षेत्र के अधीक्षक के अमित राठौर ने बताया कि "मादा चिता धीरा को रावली कुड़ी इलाके में सुरक्षित छोड़ दिया गया है. अगले 3 महीने तक यहां लगे सीसीटीवी कैमरे के जरिए इसकी निगरानी की जाएगी." इस अवसर पर मध्य प्रदेश शासन के कई अधिकारी मौजूद रहे. गांधी सागर अभ्यारण्य में चीतों की यह बढ़ती संख्या परियोजना के सफल क्रियान्वयन और प्रदेश में वन्य जीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है. दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों में से एक है धीरा भारत सरकार की अति महत्वाकांक्षी परियोजना 'चीता प्रोजेक्ट' के तहत 2022 में नामीबिया से 8 चीते (5 नर 3 मादा) लाए गए थे. इसके बाद फरवरी 2023 में साउथ अफ्रीका के वॉटरबर्ग बायोस्फीयर रिजर्व से 12 चीते और लाए गए. धीरा भी उन्हीं 12 अफ्रीकी चीते में से एक है. सभी चीतों को कूनो नेशनल पार्क में बसाया गया था. इनमें से अभी तक 9 की मौत हो चुकी है. जबकि अभी तक यहां पर 26 शावकों ने जन्म लिया, जिनमें से भी 10 की मौत हो गई. अभी प्रदेश में 27 चीते मौजूद हैं. इसमें 24 चीते कूनो और 3 चीते गांधी सागर अभ्यारण्य में मौजूद हैं. इस चीते प्रोजेक्ट के 3 साल भी पूरे हो गए हैं. 17 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर कूनो में पहली बार चीतों को छोड़ा था.  

हाईकोर्ट ने भोपाल गैस हादसे के मामलों में ट्रायल कोर्ट को दी सख्त हिदायतें

भोपाल भोपाल गैस त्रासदी के मामले में हाईकोर्ट ने भोपाल ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि त्रासदी से जुड़े लंबित मामलों का निस्तारण यथाशीघ्र करें। भोपाल गैस पीड़ित संघर्ष सहयोग समिति की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने टिप्पणी कर कहा, 'हम 40 साल तक मामले लंबित नहीं रख सकते'। पीठ ने भोपाल की संबंधित कोर्ट को निर्देश दिए कि वे कार्यवाही की मासिक प्रगति रिपोर्ट हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल को सौंपें, जिसे प्रशासनिक स्तर पर सीजे के सामने पेश किया जाएगा। समिति ने जुलाई 2025 में लगाई थी याचिका समिति ने जुलाई 2025 को याचिका लगाई थी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता राजेश चंद ने बताया, भोपाल सीजेएम कोर्ट (MP High Court) ने 7 जून 2010 को आरोपियों को सजा सुनाई थी। आरोपियों ने सेशन कोर्ट में अपील की, वह 15 साल से लंबित है। मामला 5 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया गया है। वहीं शासन की ओर से दलील दी गई कि सीबीआइ जांच एजेंसी है, अब भी एक आपराधिक अपील व विविध आपराधिक मामला लंबित है।