samacharsecretary.com

हाईकोर्ट ने भोपाल गैस हादसे के मामलों में ट्रायल कोर्ट को दी सख्त हिदायतें

भोपाल भोपाल गैस त्रासदी के मामले में हाईकोर्ट ने भोपाल ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि त्रासदी से जुड़े लंबित मामलों का निस्तारण यथाशीघ्र करें। भोपाल गैस पीड़ित संघर्ष सहयोग समिति की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने टिप्पणी कर कहा, 'हम 40 साल तक मामले लंबित नहीं रख सकते'। पीठ ने भोपाल की संबंधित कोर्ट को निर्देश दिए कि वे कार्यवाही की मासिक प्रगति रिपोर्ट हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल को सौंपें, जिसे प्रशासनिक स्तर पर सीजे के सामने पेश किया जाएगा। समिति ने जुलाई 2025 में लगाई थी याचिका समिति ने जुलाई 2025 को याचिका लगाई थी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता राजेश चंद ने बताया, भोपाल सीजेएम कोर्ट (MP High Court) ने 7 जून 2010 को आरोपियों को सजा सुनाई थी। आरोपियों ने सेशन कोर्ट में अपील की, वह 15 साल से लंबित है। मामला 5 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया गया है। वहीं शासन की ओर से दलील दी गई कि सीबीआइ जांच एजेंसी है, अब भी एक आपराधिक अपील व विविध आपराधिक मामला लंबित है।

सरकारी अस्पताल में बड़ा हादसा: बाथरूम में हुआ प्रसव, नवजात की गिरते ही मौत, निरीक्षण को पहुंचे अधिकारी

छिंदवाड़ा  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौरई में घोर लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गुरुवार रात प्रसव पीड़ा से तड़पती एक युवती को नर्स ने बार-बार टाल दिया। परिजन मदद के लिए गुहार लगाते रहे, लेकिन नर्स 'अभी समय है' कहकर खुद सोने चली गई। इस बीच दर्द से कराहती युवती को पेशाब का अहसास हुआ तो उसकी सास उसे बाथरूम ले गई। वहां उसने बच्चे को जन्म दिया, लेकिन नवजात सीधे फर्श पर गिरा और दम तोड़ दिया। जिस घर में खुशियां आने वाली थीं, वहां मातम पसर गया। 'अभी टाइम है' कहकर सो गई नर्स जानकारी के मुताबिक, ग्राम मंदरिया की रहने वाली सोना कहार को रात दो बजे 108 एम्बुलेंस से अस्पताल लाया गया। डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं थे। जांच कर रही नर्स ने कहा कि डिलीवरी अगले दिन शाम तक होगी और बेबी की धड़कन व बीपी सामान्य बताया। पीड़ा बढ़ने पर जच्चा की सास ने तीन बार नर्स को नींद से उठाकर बुलाने की कोशिश की, लेकिन हर बार जवाब मिला- 'अभी बच्चा होने में वक्त है।' इसके बाद नर्स फिर से सो गई। नवजात की फर्श पर गिरते ही मौत दर्द असहनीय होने पर सास बहू को बाथरूम ले गई। इसी दौरान बच्चा जन्मा और सीधा फर्श पर गिरा। नवजात ने कुछ सेकंड रोने के बाद दम तोड़ दिया। घटना से परिजन हताश रह गए। सुबह डॉक्टरों ने रिपोर्ट में लिखा कि बच्चा गर्भ में ही मर चुका था। लेकिन गायनिक विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भ में मृत्यु की स्थिति में इस तरह प्रसव पीड़ा असहनीय नहीं होती, और आमतौर पर ऑपरेशन कर भ्रूण बाहर निकाला जाता है। अस्पताल का यह दावा और दस्तावेज परिजनों से जबरन साइन करवाने की बात अब गंभीर सवाल खड़े कर रही है। दिन में कमिश्नर-कलेक्टर का निरीक्षण, रात में हादसा सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसी दिन दोपहर में संभागीय कमिश्नर धनंजय सिंह और कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। मातृत्व योजना और सुविधाओं पर चर्चा कर सुधार के निर्देश भी दिए गए थे। लेकिन कुछ ही घंटों बाद बाथरूम में नवजात की मौत ने स्वास्थ्य केंद्र की पोल खोल दी। परिजनों ने दिए जांच के लिए ज्ञापन घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए एसडीएम चौरई प्रभात मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने कहा— 'परिजनों ने शिकायत दी है, जांच के आदेश दिए गए हैं। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।'

अभिजीत रंजन के बाद अब एक और अधिकारी की मुश्किलें बढ़ीं, जल्द हो सकता है बड़ा फैसला

भोपाल  आइपीएस अभिजीत रंजन के बाद नागेंद्र सिंह की विभागीय जांच की तैयारी है। पुलिस मुख्यालय ने 6 पन्ने की तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर गृह विभाग भेजी है। बता दें, बालाघाट एसपी रहे नागेंद्र सिंह पर पुलिस अधिकारी पत्नी ने आरोप लगाए थे, जिस पर पीएचक्यू की टीम ने जांच की। इसमें आरोप सिद्ध होने के बाद पीएचक्यू द्वारा विभागीय जांच की अनुशंसा की है। अब गृह विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी। तत्काल हटाने के बाद दिए थे जांच के निर्देश वहीं कटनी में एसपी रहे अभिजीत रंजन पर वहां पदस्थ रहीं सीएसपी ख्याति मिश्रा के तहसीलदार पति शैलेंद्र बिहारी शर्मा ने परिवार के लोगों से मारपीट करने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले की डीजीपी, यूपीएससी तक शिकायत हुई। सीएम ने उन्हें तत्काल हटाने के बाद जांच के निर्देश दिए थे। यह था मामला बालाघाट एसपी रहे नागेंद्र सिंह की डीजीपी से गुप्त शिकायत उनकी पत्नी ने की थी। यह जांच कई महीनों तक चली। लेकिन बाद में पीएचक्यू की जांच में आरोप सही पाए गए जिसके बाद पुलिस मुख्यालय द्वारा 6 पन्नों की तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर विभागीय जांच के लिए गृह विभाग को फाइल भेजी गई।

1 अक्टूबर से वीजा शुल्क में भारी वृद्धि, डबल फीस चुकानी होगी, हर दिन 900 से ज्यादा आवेदन आते रहे

भोपाल  अमरीका जाने का सपना महंगा होने जा रहा है। ट्रंप प्रशासन की वीजा इंटीग्रिटी शुल्क लगाने का ऐलान और इसके लागू होने से पहले प्रदेश के लोगों में अमरीका जाने की होड़ मच गई है। वीजा फीस में वृद्धि 1 अक्टूबर से लागू होगी, इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोग इससे पहले ही आवेदन कर रहे हैं। इससे वीजा आवेदन की रफ्तार दोगुनी हो गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने साइन किया नया बिल ट्रंप प्रशासन ने 4 जुलाई को वन बिग ब्यूटीफुल बिल अधिनियम (One Big Beautiful Bill Act) के तहत गैर अप्रवासी वीजा पर 250 डॉलर (21,539 रुपए) के वीजा इंटीग्रिटी शुल्क पर हस्ताक्षर किए थे। यह शुल्क 1 अक्टूबर से लागू होगा। इसके बाद भारतीय नागरिकों के लिए अमरीका का वीजा करीब 435 डॉलर (36,700 रुपए) का होगा। हर दिन आते थे 300, अब आ रहे 900 आवेदन टूर एंड ट्रैवल ऑपरेटर डॉ. छवि सिंघल बताती हैं, वीजा इंटीग्रिटी शुल्क में वृद्धि (VISA Fee Hike) के डर से लोग 1 अक्टूबर के पहले वीजा आवेदन दे रहे हैं। रोज संख्या बढ़ रही है। पहले प्रदेशभर से दिनभर में 300 वीजा के आवेदन आते थे, अब इनकी संख्या 900 पार हो चुकी है। अपॉइंटमेंट की वेटिंग 370 से 420 दिन तक अमरीका जाने के इच्छुक लोगों को आवेदन के बाद बायोमेट्रिक और इंटरव्यू अपॉइंटमेंट की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। उन्हें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता के दूतावास में प्रक्रिया पूरी करनी होती है। कोविड से पहले बायोमेट्रिक और इंटरव्यू पांच दिन में बैक-टू-बैक हो जाते थे। अब 370 से 420 दिन की वेटिंग है।

MP के पचमढ़ी में जश्न का माहौल: सुप्रीम कोर्ट ने हटाई 25 साल पुरानी रोक, अब मिलेगी मकान निर्माण की छूट

पचमढ़ी  हिल स्टेशन पचमढ़ी के छावनी परिषद क्षेत्र में रहने वाले लोग चार मंजिला तक भवन निर्माण (four storey building construction) कर सकेंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को सुनवाई के दौरान पचमढ़ी कैंटोनमेंट एरिया में निर्माण पर लगी रोक को हटा दिया है। यहां ग्राउंड प्लस थ्री (G+3) के हिसाब से निर्माण करने के पक्ष में निर्णय सुनाया है। 25 साल बाद रोक हटने से पचमढ़ी में जश्न का महौल है। लोग सड़क पर निकलकर खुशियां मना रहे हैं।  सुप्रीम कोर्ट ने जी प्लस थ्री लागू करने का दिया आदेश सुप्रीम कोर्ट में पचमढ़ी छावनी परिषद की तरफ से पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने बताया कि पचमढ़ी के कैंटोनमेंट एरिया में प्लॉट के साइज छोटे हैं। यहां 300 स्क्वायर फीट में भवन निर्माण संभव नहीं है। इसलिए जी प्लस थ्री (G+3) को लागू किया जाना चाहिए। सुनवाई के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि कैंटोनमेंट एरिया में भवन निर्माण के नियमों के तहत ग्राउंड प्लस थ्री लागू किया जाए। शहर में जश्न का माहौल क्षेत्र में आर्मी की भूमि की सुरक्षा आर्मी करेगी। छावनी परिषद में भारत सरकार के ओर से नामित सदस्य संजय लेडवानी ने बताया कि आज पचमढ़ी की जनता की जीत हुई है। इससे जनता को राहत मिलेगी। कार्ट के आदेश के बाद पचमढ़ी में दोपहर से जश्न का माहौल बन गया। लोगों ने एक दूसरे को शुभाकानाएं देकर मिठाइयां बांटी। सुप्रीम कोर्ट ने बनाई थी कमेटी वरिष्ठ अधिवक्ता तन्खा ने बताया 2000 में पचमढ़ी के छावनी एरिया में निर्माण पर रोक लगाई थी। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2018 में कमेटी बनाई थी। कमेटी ने छावनी एरिया में जी प्लस थ्री लागू करने की सिफारिश की थी। जर्जर हो गए कई मकान पचमढ़ी में अधिकतर मकान जर्जर हैं। लोग मकानों की मरम्मत कराना चाहते हैं लेकिन रोक लगी होने के कारण उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। पचमढ़ी की जनता को मिलेगी राहत- विवेक तन्खा पचमढ़ी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने ग्राउंड प्लस थ्री को लागू कर दिया है। हमने कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा था। इस निर्णय से पचमढ़ी की जनता को राहत मिलेगी। मैंने इसे लेकर ट्वीट भी किया है।– विवेक तन्खा, छावनी परिषद के अधिवक्ता

इस बार इंदौर में शूर्पणखा दहन! मुस्कान-सोनम समेत 11 महिलाओं के पुतले जलेंगे प्रतीकात्मक विरोध में

 इंदौर इस बार दशहरे पर इंदौर में अनोखा दहन कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। एक संस्था ने ऐलान किया है कि वह परंपरागत रावण दहन की बजाय 'शूर्पणखा दहन' का आयोजन करेगा। कार्यक्रम के लिए बाकायदा पोस्टर भी जारी किए जा चुके हैं। पोस्टर में 11 मुखी शूर्पणखा का दहन कार्यक्रम तय किया गया है। इनमें मेरठ की नीले ड्रम वाली मुस्कान और सोनम रघुवंशी समेत 11 महिलाओं की तस्वीरें हैं। आयोजकों का कहना है कि इसका उद्देश्य दर्शकों को यह संदेश देना है कि बुराई चाहे किसी भी रूप में हो, उसका अंत निश्चित है। ये आयोजन संस्था पौरूष द्वारा महालक्ष्मी ग्राउंड पर किया जाएगा। संस्था के अध्यक्ष अशोक दशोरा ने बताया कि इस बार हमने रावण दहन की थीम को बदलकर दशहरा पर शूर्पणखा दहन रखी है। सवाल रावण का नहीं है, बुराई का है। पिछले दिनों में देशभर में कई महिलाओं ने अपने पति की हत्या की। यह भी एक सामाजिक बुराई है। इसलिए हमने ऐसा कार्यक्रम करने का सोचा है। 11 तस्वीरों वाली शूर्पणखा उन्होंने आगे कहा कि हमने देशभर की 11 ऐसी पत्नियों को चुना है, जिन्होंने पति की बेरहमी से हत्या कर दी। इसलिए दशहरा पर्व पर शूर्पणखा का दहन किया जाएगा और दस शीशों में दस ऐसी हत्यारिन पत्नियों के मुख लगाए जाएंगे। सोशल मीडिया पर भी इस आयोजन के पोस्टर 'मॉडर्न कलयुगी शूर्पणखाएं'के नाम से वायरल हो रहे हैं। राजा रघुवंशी के घरवालों को भी न्योता दशोरा ने बताया कि मुख्य चेहरा सोनम रघुवंशी का होगा। इस दहन कार्यक्रम में सोनम ने जिस पति राजा की बेरहमी से हत्या की थी, उसके परिजन समेत रघुवंशी समाज के लोग भी शामिल होंगे। आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं और प्रचार-प्रसार के लिए दर्जनों बैनर्स जारी किए जा रहे हैं। ये बैनर्स ऑटो रिक्शा, मैजिक और अन्य वाहनों पर लगाए जाएंगे और पूरे शहर में ऑडियो अनाउंसमेंट के साथ घुमाए जाएंगे। इनकी तस्वीरें लगाई संस्था ने 11 मुखी पुतला तैयार किया है। इनमें सोनम रघुवंशी (इंदौर), मुस्कान (मेरठ, नीले ड्रम में पति को मारकर डालने वाली), हर्षा (राजस्थान), निकिता सिंघानिया (जौनपुर), सुष्मिता (दिल्ली), रविता (मेरठ), शशि (फिरोजाबाद), सूचना सेठ (बेंगलुरु), हंसा (देवास), चमन उर्फ गुडिय़ा (मुंबई) और प्रियंका (औरैया) शामिल हैं। जुलूस भी निकालेंगे दशोरा ने बताया कि दहन के पूर्व बॉम्बे अस्पताल चौराहा से शूर्पणखा और उसकी सेना का जुलूस ढोल-नगाड़ों के साथ निकाला जाएगा जो महालक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड पहुंचेगा जहां दहन होगा। दहन का वक्त शाम 6.30 बजे होगा।

मर्डर केस में झटका: सोनम रघुवंशी की बेल याचिका खारिज, 3 आरोपी पहले ही जमानत पर बाहर

इंदौर इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में बड़ा अपडेट सामने आया है। इस केस के मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी, राज कुशवाह, आनंद, आकाश और विशाल ने मेघालय के सोहरा उप प्रभाग प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने जमानत की अर्जी दायर की थी। लेकिन पुलिस की कड़ी आपत्ति के बाद कोर्ट ने इनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। शिलांग पुलिस ने इस मामले में 790 पन्नों का चालान पेश किया है, जिसमें सोनम की हर साज़िश का विस्तार से जिक्र है। हालांकि, इसी केस में पहले तीन आरोपियों बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र तोमर, बलवीर अहिरवार और सिलोम जेम्स को जमानत मिल चुकी है। बाकी आरोपी इन्हीं की जमानत को आधार बनाकर जेल से बाहर आने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनकी दलील कोर्ट ने मानने से इंकार कर दिया। राजा रघुवंशी की हत्या की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस इसे प्रेम प्रसंग से जुड़ा मामला बता रही है, लेकिन राजा का परिवार इस थ्योरी को मानने को तैयार नहीं है। मृतक के भाई विपिन रघुवंशी का आरोप है कि पुलिस ने जांच में कई गड़बड़ियां कीं और कुछ षड्यंत्रकारियों को बचाने की कोशिश की। उनका कहना है कि सोनम के खातों तक को फ्रीज़ नहीं किया गया। क्या हुआ था? 29 वर्षीय राजा रघुवंशी और 24 वर्षीय सोनम की शादी 11 मई को इंदौर में धूमधाम से हुई थी। पुलिस के अनुसार, सोनम इस शादी से खुश नहीं थी क्योंकि वह परिवार के फर्नीचर कारोबार में काम करने वाले अकाउंटेंट राज कुशवाह को चाहती थी। शादी के कुछ ही दिन बाद सोनम ने हत्या की साजिश रची और हनीमून के बहाने 20 मई को राजा को मेघालय ले गई। 23 मई को दोनों लापता हो गए और लंबे इंतज़ार के बाद 2 जून को राजा का शव बरामद हुआ। जांच में कई राज खुले और तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सोनम ने यूपी में सरेंडर किया। बताया गया कि हत्या के बाद वह इंदौर में जाकर छिपी हुई थी। अब इस सनसनीखेज हत्याकांड में सोनम समेत आठ आरोपियों सोनम, राज कुशवाह, आनंद, आकाश, विशाल, बलवीर अहिरवार, सिलोम जेम्स और लोकेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ एसआईटी ने चालान पेश कर दिया है।

MLA गोलू शुक्ला की बस से हादसा, इंदौर में बाइक सवार परिवार की मौत

 इंदौर  ट्रक हादसे का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ है कि विधायक गोलू शुक्ला की बस ने पति-पत्नी और बच्चे की जान ले ली। चालक तीनों को रौंदने के बाद बस छोड़कर फरार हो गया। हादसे में घायल एक मासूम की हालत गंभीर है। उसका अरबिंदो अस्पताल में उपचार चल रहा है। बाणगंगा टीआइ सियाराम सिंह गुर्जर के अनुसार, घटना बुधवार देर रात धरमपुरी के समीप ग्राम रिंगनोदिया की है। टक्कर मारने वाली बस विधायक गोलू शुक्ला की बस एमपी 09एफए 6390 ने बाइक एमपी 09वीएफ 3495 को टक्कर मार दी। टक्कर से बाइक सवार दंपती बच्चों सहित दूर जाकर गिरे। हादसे में महेंद्र सोलंकी, जयश्री सोलंकी और 15 वर्षीय जिगर सोलंकी की मौके पर ही मौत हो गई। 10 साल का तेजस सोलंकी गंभीर रूप से घायल हुआ है। सांवेर टीआइ गिरजाशंकर महोबिया के अनुसार, टक्कर मारने वाली बस विधायक गोलू शुक्ला की है। बस के पीछे भी गोलू लिखा है। भाई-भाभी से मिलकर घर लौट रहा था टक्कर के बाद चालक और हेल्पर बस को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। महेंद्र सोलंकी निवासी तीन इमली मूसाखेड़ी की चाय की दुकान है। वह साईं विहार कॉलोनी में रहने वाले भाई बाबूसिंह सोलंकी और भाभी शांति सोलंकी से मिलने आया था। बाबू बुधवार को भोपाल गए थे। लौटने में देरी हो गई और महेंद्र को निकलने में रात हो गई। परीक्षा होने से सभी तो रात में ही रवाना बाबू सिंह ने तेज बारिश का कहते हुए महेंद्र को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन सुबह जिगर की परीक्षा होने से सभी तो रात में ही रवाना होना पड़ा। करीब एक घंटे बाद भी घर पहुंचने की खबर नहीं आई तो बाबूसिंह की बेटी ने काल लगाया। थोड़ी देर बाद दूसरे नंबर से कॉल आया कि चारों को अरबिंदो अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।  

मध्य प्रदेश में बारिश का दौर तेज, आज 30 जिलों में झमाझम के आसार, इंदौर में पहले ही खुला मौसम का पिटारा

भोपाल   राजस्थान, गुजरात एवं पंजाब से भले ही मानसून की विदाई शुरू हो गई है, लेकिन मध्य प्रदेश में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला बना हुआ है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक प्रदेश से सितंबर माह में मानसून के वापस होने की संभावना कम ही है। वर्तमान में तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इसके प्रभाव से बुधवार देर शाम इंदौर में झमाझम बारिश हुई। गुरुवार-शुक्रवार को भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, जबलपुर, रीवा संभाग के जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। मध्य प्रदेश के 30 जिलों भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज और मैहर में आज बारिश के आसार हैं। बुधवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक सिवनी में 43, रीवा में 41, टीकमगढ़ में 32, सतना में 21, छिंदवाड़ा में 16, पचमढ़ी में तीन, सीधी में दो, नौगांव एवं खजुराहो में एक मिलीमीटर बारिश हुई। बता दें कि सामान्य तौर पर 21 सितंबर के आसपास मानसून की विदाई शुरू हो जाती है। एमपी से लेकर बंगाल की खाड़ी तक बनी है द्रोणिका मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे लगे बिहार पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। दक्षिण-पश्चिमी विदर्भ पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक प्रभावी चक्रवात सक्रिय है। इसके अतिरिक्त मध्य प्रदेश के मध्य से लेकर बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो पूर्वी विदर्भ, तेलंगाना से दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश से होकर जा रही है। सितंबर में नहीं होगी मानसून की विदाई मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से लगातार नमी आने का सिलसिला बना हुआ है। इस वजह से बारिश हो रही है। बंगाल की खाड़ी में 25 सितंबर को एक कम दबाव का क्षेत्र बनने के संकेत मिले हैं। इस वजह से सितंबर माह में मानसून के वापस जाने की संभावना कम ही दिख रही है।

‘नायसा’ के पीछे कौन? संजय पाठक ने कर्मचारी के नाम पर बनाई कंपनी, खरीदी करोड़ों की सहारा ज़मीन

जबलपुर  कटनी जिले से विधायक संजय पाठक ने जमीनों की खरीद फरोख्त के लिए न सिर्फ आदिवासियों की मदद ली, बल्कि अपने कर्मचारियों के नाम पर भी कंपनियां बनाईं। आदिवासियों के नाम पर करीब 1100 एकड़ जमीन खरीदने के आरोप से घिरे संजय पाठक सायना ग्रुप के मालिक हैं, इसलिए उन्होंने मिलते-जुलते नाम वाली नायसा देव बिल्ड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बना ली। इस कंपनी का कर्ताधर्ता अपने ही कर्मचारी सचिन तिवारी को बनाया। इस कंपनी से सहारा सिटी की जमीन खरीदी, वो भी औने-पौने दाम पर। सूत्रों की माने सचिन तिवारी के पास विधायक संजय पाठक के लिए जमीन खरीदने-बेचने से लेकर जनसंपर्क आदि कार्यों की जिम्मेदारी है। जबलपुर के तेवर स्थित सहारा सिटी की जमीन का सौदा करने और उसका भुगतान करने की पूरी जिम्मेदारी सचिन और उसके सहयोगियों ने संभाली। दोनों ही संजय पाठक से जुड़ी फर्म सूत्र बताते हैं कि कटनी और जबलपुर की दो फर्मों को सहारा सिटी की करीब 110 एकड़ जमीन खरीदी का काम दिया गया। ये दोनों ही संजय पाठक से जुड़ी फर्म हैं। इस जमीन को कमर्शियल के बजाय कृषि भूमि बताकर पंजीयन शुल्क की चोरी की गई। इतना ही नहीं, सूत्रों का कहना है कि यह जमीन 50 करोड़ में बेची गई, जबकि बाजार मूल्य 200 करोड़ था। इधर ग्रुप से जुड़े लोगों का कहना है कि यह मूल्य कलेक्ट्रेट गाइडलाइन के मुताबिक तय किया गया था। वहीं 2014 में सुप्रीम कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों में इस जमीन की कीमत 125 करोड़ रुपये तक दिखाई गई थी। माइनिंग कान्क्लेव में निवेश के बाद जांच ठंडी दरअसल, मेसर्स नायसा देव बिल्ड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने सहारा कंपनी से जमीने खरीदीं। 2022 में हुए इस सौदे के दौरान नायसा देव बिल्ड के तत्कालीन डायरेक्टर्स और प्राधिकृत अधिकारी को ईओडब्ल्यू ने नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया भी था। जानकार बताते हैं कि रजिस्ट्री के दस्तावेजों की जांच में तीन पदाधिकारियों के नाम थे। जांच अधिकारियों ने यह पता लगाया कि नायसा कंपनी ने सहारा से खरीदी गई जमीन के एवज में कितनी रकम और किस माध्यम से सहारा को दी। इसके लिए ईओडब्ल्यू ने इनके बैंक खातें भी खंगाले, जिनसे जमीन के पैसों का भुगतान किया गया। हालांकि कंपनी में माइनिंग कान्क्लेव में सायना ग्रुप के बड़े निवेश के बाद मामला ठंडा करने में कई जुट गए, जिससे ईओडब्ल्यू की जांच ठंडी पड़ गई। खनिज से कलेक्टर के बीच घूम रही फाइल खनिज विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा बनाई गई जांच टीम ने जब सिहोरा, घुघरी कला समेत कई जगहों की जांच की तो वे भी हैरान हो गए। विभागीय सूत्र बताते हैं कि जांच के दौरान यह देखा गया कि जिस जमीन के उत्खनन का लाइसेंस लिया गया है, उससे लगी हजारों एकड़ जमीन में भी अवैध उत्खनन कर दिया गया। इस जमीन को जब गूगल और सैटेलाइट के माध्यम से खंगाला गया तो पता चला कि यह काम आज का नहीं बल्कि पिछले 10 सालों से जारी है। विभाग ने संजय पाठक की तीनों कंपनी निर्मला मिनरल, आनंद माइनिंग कार्पोरेशन और मेसर्स पेसिफिक एक्सपोर्ट के नाम पर जारी आठ खदानों को खंगाला तो करीब 443 करोड़ का अवैध उत्खनन पाया गया। इसे वसूलने का काम जबलपुर कलेक्टर को दिया है। भोपाल से फाइल आए हुए करीब 10 दिन से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन अब तक कुल जुर्माने की राशि का आकलन नहीं हो सका है।