samacharsecretary.com

उच्च शिक्षा विभाग ने कृषि पाठ्यक्रम के लिए सुचारू शिक्षण व्यवस्था के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश किए जारी

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार के निर्देशों के अनुपालन में, उच्च शिक्षा विभाग ने समस्त शासकीय स्वशासी एवं अन्य संबंधित महाविद्यालय में कृषि पाठ्यक्रम संचालन के लिए सुचारू शिक्षण व्यवस्था बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए है। आदेशानुसार ऐसे महाविद्यालय, जहां सत्र 2025-26 से बी.एससी. कृषि पाठ्यक्रम संचालन हो रहा है, वहां उक्त पाठ्यक्रम की शिक्षण व्यवस्था के लिए आई.सी.ए.आर./यू.जी.सी. के मापदण्डों के अनुसार शैक्षणिक अर्हताओं के आधार पर महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति की सक्षम अनुमति के साथ कम से कम तीन अतिथि विद्वानों को तत्काल आमंत्रित करने के लिए निर्देशित किया गया है। साथ ही संबंधित महाविद्यालयों में कृषि पाठ्यक्रम के प्रायोगिक कार्यों के लिए, निकटवर्ती किसानों एवं अन्य शासकीय संस्थानों के साथ 30 सितम्बर तक एमओयू (MoU) सुनिश्चित किए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इनमें शासकीय एम.एल.बी. कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय भोपाल, शासकीय सरोजिनी नायडू कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय भोपाल, उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान भोपाल, शासकीय कमला राजे कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय ग्वालियर, शासकीय एम.एल.बी. कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय ग्वालियर, शासकीय होल्कर विज्ञान महाविद्यालय इन्दौर, माता जीजाबाई शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय मोती तबेला इन्दौर, शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय जबलपुर, शासकीय मोहनलाल हरगोविन्द दास गृह विज्ञान महाविद्यालय जबलपुर, शासकीय ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय रीवा, शासकीय स्रातकोत्तर महाविद्यालय दतिया, शासकीय महाकौशल कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय जबलपुर, शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय छिन्दवाड़ा, शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सतना, शासकीय संजय गांधी स्मृति महाविद्यालय सीधी, शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय सागर, शासकीय के. आर.जी. कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय ग्वालियर, शासकीय मानकुंवर बाई स्रातकोत्तर महाविद्यालय जबलपुर, शासकीय माधव विज्ञान महाविद्यालय, उज्जैन (अन्य महाविद्यालय) एवं शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय दमोह (अन्य महाविद्यालय) शामिल हैं।  

युवाओं के परिश्रम और पुरुषार्थ से भारत पुनः विश्वमंच पर सिरमौर बनेगा : उच्च शिक्षा मंत्री परमार

मंत्री श्री परमार एलएनसीटी विश्वविद्यालय में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम “प्रेम-पाखी” में सम्मिलित हुए भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कहा है कि विश्व भर में भारत एकमात्र ऐसा देश है, जहां हम राष्ट्र को "मां" की संज्ञा से संबोधित करते हैं। हमारे पूर्वजों ने समाज में सांस्कृतिक मूल्यों की अवधारणा स्थापित की है। प्रकृति, जल एवं सूर्य सहित समस्त ऊर्जा स्रोतों के संरक्षण के लिए उनके प्रति कृतज्ञता भाव के साथ, परंपरा स्थापित की है। कृतज्ञता का भाव, भारत की सभ्यता एवं विरासत है। श्री परमार ने कहा कि स्वंतत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 के विकसित भारत की संकल्पना में हम सभी की सहभागिता आवश्यक है। युवाओं के परिश्रम और पुरुषार्थ से भारत पुनः विश्वगुरु बनेगा और विश्वमंच पर हर क्षेत्र में सिरमौर होगा। उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत ऊर्जा एवं खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी होगा और अन्य देशों की पूर्ति करने में सामर्थ्यवान भी होगा। श्री परमार ने कहा कि अपनी चिकित्सा पद्धति के माध्यम से हम स्वस्थ भारत की संकल्पना सिद्धि की ओर आगे बढ़ रहे हैं। मंत्री श्री परमार गुरुवार को भोपाल स्थित एलएनसीटी विश्वविद्यालय के सभागृह में, कोशिश वेलफेयर सोसाइटी एवं एलएनसीटी समूह के संयुक्त तत्वावधान में सांस्कृतिक कार्यक्रम “प्रेम-पाखी” में सम्मिलित हुए। श्री परमार ने युवाओं के लिए प्रासंगिक कार्यक्रम के लिए आयोजकों को बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं। कार्यक्रम में गोरखपुर से पधारी श्रृंगार रस की युवा कवियित्री सुश्री श्वेता सिंह एवं वीर रस के ओजस्वी युवा कवि श्री सूर्यकांत चतुर्वेदी द्वारा ऊर्जामयी काव्य पाठ किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य, युवाओं में तनाव मुक्ति, सकारात्मक सोच एवं सांस्कृतिक मूल्यों का प्रसार करना था।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 12 सितम्बर को गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट का करेंगे शुभारंभ

लक्ज़री कैंपिंग से हवाई एडवेंचर का मिलेगा रोमांचक अनुभव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार 12 सितम्बर को मंदसौर में गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के चौथे संस्करण का शुभारंभ करेंगे। यह रिट्रीट लल्लूजी एंड संस द्वारा मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के सहयोग से विकसित किया गया है, जो लक्ज़री कैंपिंग, एडवेंचर टूरिज्म और सांस्कृतिक गतिविधियों का अनूठा संगम है। गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के दौरान पर्यटक टेंट सिटी में हॉट-एयर बलूनिंग, पैरामोटरिंग, जेट स्कीइंग, कायाकिंग और मोटर बोटिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। हिंगलाजगढ़ किले की हेरिटेज ट्रेल, गांधीसागर अभयारण्य में वन्यजीव सफारी और ग्रामीण जीवन के अनुभव भी पर्यटकों के आकर्षण का हिस्सा रहेंगे। इस रिट्रीट में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता पर विशेष ध्यान दिया गया है। लगभग 2,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित बटरफ्लाई गार्डन में 4,000 से अधिक पोषक एवं पराग प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। यहां पहले से ही 40 से अधिक तितली प्रजातियां दर्ज की जा चुकी हैं। यह केंद्र शिक्षा एवं इंटरप्रिटेशन स्थल के रूप में पर्यटकों को तितलियों के जीवन चक्र की जानकारी प्रदान करेगा। इसके अलावा इस सीज़न में रॉक आर्ट इंटरप्रिटेशन ज़ोन, जो चतुर्भुज नाला की प्राचीन शैलचित्र कला से प्रेरित है, तथा बायोडायवर्सिटी वॉक जैसी गतिविधियां भी शामिल की गई हैं। पर्यटक इस रिट्रीट में गाइडेड बटरफ्लाई गार्डन टूर, नेचर वॉक, बर्ड वॉचिंग, वाटर स्पोर्ट्स (स्पीड बोट, बनाना राइड, जेट स्की, कयाकिंग) और हवाई एडवेंचर (हॉट एयर बैलूनिंग व पैरामोटरिंग) जैसी शानदार गतिविधियों का अनुभव लेकर प्रकृति के और करीब आ सकेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद हुए वन कर्मचारियों को दी श्रद्धांजलि

प्राण न्यौछावर करने वाले तीन वनकर्मियों के परिवारों को मिलेगी एक एक लाख रुपए की अतिरिक्त सहायता वन एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए कर्मचारियों के त्याग और समर्पण पर सभी को गर्व भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वन एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा करते हुए प्राण न्यौछावर करने वाले शहीद वन कर्मचारियों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2025 में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सुरक्षा श्रमिक स्व. नागेंद्र सिंह एवं वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व, सागर के वनपाल स्व. फूलसिंह रजक और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के स्थायी कर्मचारी स्व. हरिराम धुर्वे कर्त्तव्य का निर्वहन करते हुए शहीद हुए। इन वनकर्मियों का त्याग और समर्पण सदैव प्रेरक रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य शासन द्वारा शहीद वनकर्मियों के परिवारों को सहायता राशि के अतिरिक्त टाइगर फाउंडेशन सोसाइटी द्वारा  1-1 लाख रुपए की  अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार शहीद वनकर्मियों के परिजन के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- पीएम मित्रा पार्क से क्षेत्र का होगा समग्र विकास

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का 17 सितंबर को धार जिले के ग्राम भैंसोला में प्रस्तावित आगमन अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि पीएम मित्रा पार्क के ज़रिए नया दौर आने वाला है, जिससे क्षेत्र के विकास में सकारात्मक बदलाव आएगा। यह अवसर प्रदेश के किसानों, महिलाओं और आम नागरिकों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा। प्रधानमंत्री का दौरा पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन के अलावा स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान की शुरुआत भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 17 सितंबर को प्रस्तावित प्रधानमंत्री श्री मोदी के दौरे को लेकर धार जिले के ग्राम भैंसोला में गुरूवार को कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित और समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम राज्य के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क का निर्माण प्रधानमंत्री जन-कल्याण के उद्देश्य को साकार करने में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि देशभर में सात पीएम मित्रा पार्क बनेंगे, जिनमें से सबसे पहले मध्यप्रदेश पार्क का भूमि-पूजन प्रधानमंत्री श्री मोदी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह क्षेत्र कपास की खेती के लिए प्रसिद्ध है और अब कृषि आधारित उद्योगों के विस्तार से किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। पार्क के प्रारंभ हो जाने पर इससे लगभग 6 लाख किसानों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार भी प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल की सजावट, मंच व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था सहित सभी व्यवस्थाओं का व्यक्तिगत रूप से अवलोकन करें। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा। पुलिस विभाग, सुरक्षाबल एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रधानमंत्री के आगमन से पहले हर प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कार्यक्रम स्थल, प्रधानमंत्री के आवागमन मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यातायात प्रबंधन का प्रभावी ढंग से संचालन करने के निर्देश दिए जिससे जनता को सुचारू आवागमन की सुविधा मिल सके। उन्होंने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की, जिससे आयोजन सुरक्षित, भव्य और सफलतापूर्वक संपन्न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के दौरे से प्रदेश में किसान आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि पीएम मित्रा पार्क की सौगात से भैंसोला क्षेत्र में सामाजिक, आर्थिक और कृषि क्षेत्र में समग्र विकास की नई दिशा मिलेगी। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र सिंह और धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कार्यक्रम की तैयारियों और व्यवस्थाओं की जानकारी दी। सोयाबीन फसल के नुकसान सर्वे के निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि जिन जिलों में सोयाबीन की फसल में मोजेक बीमारी के कारण नुकसान हुआ है। वहां तत्काल सर्वेक्षण प्रारंभ किया जाए। उन्होंने कलेक्टरों से मुआवजे की प्रक्रिया को प्रभावी रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, श्री चेतन्य कुमार काश्यप, सुश्री निर्मला भूरिया, केंद्रीय राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, श्री हेमंत खंडेलवाल, सांसद श्री सुधीर गुप्ता, विधायक सर्वश्री हितानंद शर्मा, राजेन्द्र गुप्ता, मथुरालाल डामोर, जितेन्द्र पंडया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सरदार सिंह मेढ़ा, धार विधायक श्रीमती नीना वर्मा, श्री नीलश भारती, श्री राजवर्धन दत्तीगांव समेत जनप्रतिनिधिगण, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।  

छतरपुर के चार परिवार नेपाल से सकुशल लौटने निकले, पीएम मोदी से मदद की थी अपील

छतरपुर नेपाल में भड़की हिंसा में छतरपुर के जो चार परिवार फंस गए थे, वह दूसरे दिन गुरुवार को छतरपुर के लिए निकल पड़े हैं। नेपाल में भड़कती हिंसा और आगजनी को देख सभी लोगों ने चार गाड़ियां की और उनसे निकल पड़े हैं। नेपाल से निकलते समय छतरपुर के चार परिवारों में शामिल निर्देश अग्रवाल ने वीडियो भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि नेपाल में हालात खराब हैं और हम सभी हिम्मत जुटाकर अपनी गाड़ियों से भारत के लिए निकल पड़े हैं। पीएम मोदी से लगाई थी मदद की गुहार वह भारत नेपाल की सीमा से करीब आठ किमी दूर थे, तब उन्होंने वीडियो जारी किया और नेपाल से लौटने की जानकारी दी। इन परिवारों ने नेपाल में फंसे होने के दौरान पीएम मोदी से मदद की गुहार की गुहार लगाई थी और वीडियो जारी कर मदद मांगी थी। इसे लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी जल्द फंसे लोगों को भारत लाने की बात कही थी।   चार परिवार में कुल 14 लोग शामिल आपको बता दें कि नेपाल में भड़की हिंसा में छतरपुर कोतवाली इलाके के गल्ला मंडी ने रहने वाले व्यापारी राजीव कुमार, पप्पू मातेले पुत्र स्व.सुक्कू मातेले, निर्देश अग्रवाल, गुड्डू अग्रवाल पुत्र जयनारायण अग्रवाल एक कुशवाहा परिवार भी इसी ग्रुप के साथ शामिल हैं, जो नेपाला के काठमांडू में फंस गए थे। इन चार परिवारों में करीब 14 लोग शामिल हैं जिनमें बच्चे भी हैं।

इंदौर मेट्रो को बड़ी तकनीकी मदद, MP ट्रांसको ने पूरी की 13 किमी की कम्पोज़िट लाइन

इंदौर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी है किमध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए महत्वपूर्ण एक्स्ट्रा हाईटेंशन लाइन का निर्माण कर उसे ऊर्जीकृत कर दिया है। अब मेट्रो के एम.आर.-10 सब स्टेशन को 132 के.व्ही. डबल सर्किट सप्लाई एम.पी. ट्रांसको के 220 के.व्ही. जैतपुरा सब स्टेशन से प्राप्त होगी। एमपी ट्रांसको इंदौर के अतिरिक्त मुख्य अभियंता आर.के. अग्रवाल ने बताया कि जैतपुरा से एम.आर.-10 सब स्टेशन तक ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण घने आबादी वाले क्षेत्र से होकर गुजरने के कारण चुनौतीपूर्ण रहा। इस कारण एम.पी. ट्रांसको मुख्यालय जबलपुर के विशेषज्ञों द्वारा विशेष डिजाइन तैयार कर 12.77 किमी लंबी कम्पोज़िट लाइन का निर्माण कराया गया।  इस लाइन में परंपरागत टावर के स्थान पर कम जगह मे लगने वाले नैरोबेस टावर,मोनोपोल टावर और 132 के.व्ही. अंडरग्राउंड केबल तीनों तकनीकों का समावेश किया गया। कुल 38 नैरोबेस टावर, 14 मोनोपोल तथा 0.777 किमी लंबी भूमिगत केबल का उपयोग कर लाइन तैयार की गई। इसके साथ ही जैतपुरा 220 के.व्ही. सब स्टेशन में 160 एम.व्ही.ए. क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर भी स्थापित किया गया है, इससे मेट्रो को सतत और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।  

दिल्ली में आयोजित हिंदी ग्रंथ अकादमी बैठक में मध्यप्रदेश की सक्रिय भागीदारी

दिल्ली में हिंदी ग्रन्थ अकादमियों की बैठक में मध्यप्रदेश ने की सहभागिता दिल्ली में आयोजित हिंदी ग्रंथ अकादमी बैठक में मध्यप्रदेश की सक्रिय भागीदारी हिंदी साहित्य के मंच पर मध्यप्रदेश की उपस्थिति, दिल्ली में हुई अकादमियों की बैठक भोपाल  वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग के अध्यक्ष प्रो. धनंजय सिंह की अध्यक्षता में देश के विभिन्न राज्यों में स्थापित हिंदी ग्रंथ अकादमी के संचालकों की बैठक तकनीकी शब्दावली आयोग मुख्यालय दिल्ली में संपन्न हुई। बैठक में मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी के प्रतिनिधि राम विश्वास कुशवाह सहायक संचालक एवं महेंद्र सिंह सिसोदिया सम्मिलित हुए। सहायक संचालक कुशवाहा ने बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग दिल्ली द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत नवीन पुस्तकों के प्रकाशन के लिए अकादमियों को न्यूनतम 15 लाख से लेकर 40 लाख रुपए तक का अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। बैठक में मप्र हिंदी ग्रन्थ अकादमी के प्रतिनिधियों ने तकनीकी शब्दावली आयोग को मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 एवं भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित 40 विषयों की 275 से अधिक शीर्षक की प्रकाशित पुस्तकों की सूची तथा प्रत्येक विषयों की एक-एक पुस्तकों की प्रति सौंपी। इस अवसर पर मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी से प्रकाशित द्विमासिक मासिक "रचना" पत्रिका के वर्तमान अंक तथा मध्य प्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी के स्थापना के अवसर पर तैयार किया गया 55 वर्ष की यात्रा पर आधारित प्रकाशित "विकास गाथा" ब्रोशर भी आयोग के अध्यक्ष तथा अन्य राज्यों के अकादमियों के संचालकों को भेंट किया गया। बैठक में प्रोफेसर रूपेश चतुर्वेदी ,जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली, प्रोफेसर मोहम्मद शरीफ, जामिया इस्लामिया विश्वविद्यालय दिल्ली, डॉ. अनूप कोकसल, वित्त अधिकारी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली सहित मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, पंजाब, गुजरात, उड़ीसा, केरल, हरियाणा आदि विभिन्न राज्यों की हिंदी ग्रंथ अकादमी तथा केंद्रीय हिंदी निदेशालय दिल्ली के संचालक/ प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

बिल पास करने की एवज में मांगी रिश्वत, इंजीनियर नरेंद्र गुप्ता रंगेहाथ पकड़े गए

मंडला  मध्य प्रदेश में लोकायुक्त की टीम ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। हर दिन दो से तीन भ्रष्ट कर्मचारी और अधिकारी पकड़े जा रहे हैं। जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने मंडला जिले में कार्रवाई की है। रिटायरमेंट की उम्र में एक इंजीनियर साहब 20000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए हैं। पकड़े जाने के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। ये है मामला दरअसल, रौशन कुमार तिवारी नाम के शिकायतकर्ता ने जबलपुर लोकायुक्त से शिकायत की थी। शिकायत में उसने कहा था कि हमारी फर्म बोरिंग बिल्डर्स ने वर्ष 2024 में आदिवासी जनजातीय विभाग मंडला में रिपेयर और मेंटेनेंस का काम किया था। विभाग में बिल का बकाया था। बिल भुगतान के लिए सहायक इंजीनियर नरेंद्र कुमार गुप्ता 56000 रुपए की रिश्वत मांग रहे थे। रिश्वत नहीं देने पर बिल पास नहीं हो रहा था। लोकायुक्त में की शिकायत सहायक इंजीनियर नरेंद्र कुमार गुप्ता की शिकायत फरियादी ने लोकायुक्त से की। लोकायुक्त ने शिकायत की जांच की। जांच के दौरान मामला सही पाया गया। इसके बाद कार्रवाई के लिए ट्रैप दल का गठन किया गया है। 11 सितंबर को रिश्वत की पहली किस्त 20000 रुपए लेते हुए उन्हें रंगे हाथ पकड़ा गया है। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7,13(1)B, 13(2) के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है। इस कार्रवाई से जनजातीय कार्यालय में हड़कंप मच गया है। रिटायरमेंट की उम्र में पकड़े गए वहीं, मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मियों की रिटायरमेंट की उम्र 62 साल है। सहायक इंजीनियर गुप्ता 61 साल के हैं। कुछ दिनों में वह रिटायर हो जाते। इससे पहले ही रिश्वत के मामले में पकड़े गए हैं। पकड़े जाने के बाद उनके चेहरे पर शिकन दिख रहा था। पूजा कर आए थे ऑफिस गौरतलब है कि पकड़े जाने के बाद सहायक इंजीनियर गुप्ता की तस्वीर सामने आई है। उस तस्वीर में दिख रहा है कि माथे पर चंदन है। साथ ही उंगलियों में अंगूठियां हैं। इससे साफ पता चलता है कि वह दफ्तर पूजा पाठ के बाद आए थे। लेकिन रिश्वत की बोहनी के समय ही लोकायुक्त के ट्रैप में फंस गए। इसके बाद टेबल पर अपनी हथेली सीधी कर दिखा रहे थे।

धीरेंद्र शास्त्री की अगली पदयात्रा की तैयारी शुरू, मीडिया संवाद में साझा किया विज़न

छतरपुर  कथावचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर से पदयात्रा निकालने की तैयारी में हैं. बाबा बागेश्वर की यह दूसरी पदयात्रा होगी. इससे पहले भी वो पिछले साल नवंबर में बागेश्वर धाम से ओरछा तक 160 किलोमीटर की पदयात्रा निकाल चुके हैं. इस पदयात्रा को 'सनातन हिंदू एकता पदयात्रा' नाम दिया गया है. इस पदयात्रा पर सुझाव और सहयोग के लिए उन्होंने अपने धाम में 'मीडिया संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया. जहां उन्होंने मीडिया से आग्रह किया की इस पदयात्रा में जरूर शामिल हो और इसे देश के कोने-कोने तक पहुंचाएं. दिल्ली से वृंदावन की पदयात्रा करेंगे धीरेंद्र शास्त्री बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग को लेकर चर्चा में रहते हैं. वो सनातन धर्म से जुड़े कुछ न कुछ काम हमेशा करते रहते हैं. अब वो दोबारा पदयात्रा पर निकलने की तैयारी में हैं. धीरेंद्र शास्त्री आगामी 7 नवंबर से 18 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन तक की पदयात्रा की तैयारी में हैं. उनका कहना है कि "यह यात्रा राजपीठ से धर्मपीठ तक की है. पहले भारत को जोड़ेंगे फिर भारत को अखंड बनाएंगे. इस पदयात्रा का मूल उद्देश्य जाति-पाति की दीवार तोड़कर सबको हिंदू राष्ट्र के लिए एक करना है." सात राज्यों के पत्रकार, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हुए शामिल धीरेंद्र शास्त्री ने इस पदयात्रा को लेकर  अपने धाम में मीडिया मंथन कार्यक्रम का आयोजन किया. कार्यक्रम में करीब 7 राज्यों यूपी, एमपी, महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार, दिल्ली और गुजरात के पत्रकार, यूट्यूबर और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर शामिल हुए. पत्रकारों को यात्रा के संबंध में आवश्यक सुझाव भी लिए गए. बाबा बागेश्वर ने इस दौरान एक क्यूआर कोड लॉन्च किया और यात्रा का लोगों भी जारी किया. उन्होंने मीडिया से अपील करते हुए कहा, "इस सनातन हिंदू एकता पदयात्रा को जन-जन तक पहुंचाएं, क्योंकि भारत को जोड़ने में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है." क्यूआर स्कैन करके यात्रा के लिए कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन क्यूआर कोड के माध्यम से सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में जाने के लिए पंजीयन हो सकेगा. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, "यह यात्रा पूर्ण रूप से आध्यात्मिक यात्रा है. धर्म को बचाने के लिए गांव-गांव के लोगों को यात्रा में शामिल करने के उद्देश्य से क्यूआर जारी हुआ है, ताकि लोग कहीं से भी इसे स्कैन कर अपना पंजीयन कर सके." उन्होंने कहा, "लाखों लोग ऐसे हैं जिनसे मुलाकात नहीं हो पाती, लेकिन यह यात्रा ऐसे ही लोगों के लिए है. जिससे वे मिलेंगे उससे भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए प्रेरित करेंगे."