samacharsecretary.com

रेलवे बोर्ड का फैसला: टीटीई लॉबी में बायोमेट्रिक सिस्टम लागू, अब आधार से दर्ज होगी हाजिरी

भोपाल  रेलवे बोर्ड (Railway Board) ने टीटीइ लॉबी में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन सिस्टम लागू करने की मंजूरी दे दी है। रेलवे की ओर से अपने टिकट चेकिंग स्टाफ (TTE) की ड्यूटी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में ये महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अब टीटीइ ड्यूटी शुरू करने के लिए आधार बेस्ड बायोमेट्रिक पर साइन इन करेंगे और ड्यूटी एंड होने पर साइन आउट कर सकेंगे। दर्ज होगा उपस्थिति का रियल टाइम रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से न केवल कर्मचारियों की रियल टाइम अटेंडेंस दर्ज होगी, बल्कि ड्यूटी रिकॉर्ड में पारदर्शिता भी सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे ड्यूटी साइन-इन और साइन-आउट की प्रक्रिया तेज, सरल और सुरक्षित हो जाएगी। तीन फिंगरप्रिंट डिवाइस का सफल परीक्षण बता दें कि टीटीई लॉबी एप्लिकेशन (TTE Lobby Application) को सी-डैक (केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की वैज्ञानिक संस्था) के पोर्टल से जोड़ा गया है। इस प्रणाली का परीक्षण नई दिल्ली में किया गया, जहां मंतरा, एक्सेस और आइडीएमआइए के तीन प्रमुख ओईएम फिंगरप्रिंट डिवाइस का सफल प्रयोग किया गया। ये सभी डिवाइस यूआईडीएआई-एसटीक्यूसी प्रमाणित हैं। अगस्त के अंतिम सप्ताह से देशभर में होगी लागू रेलवे का लक्ष्य है कि अगस्त के अंतिम सप्ताह से इस बायोमेट्रिक फीचर को एमपी समेत देशभर की सभी टीटीई लॉबी सर्वरों पर लागू कर दिया जाएगा। इसके लिए सभी जोनल रेलवे को बायोमेट्रिक डिवाइस की खरीद, स्थापना और कॉन्फिगरेशन के निर्देश भी जारी किए गए हैं। पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधार की दिशा में कदम मामले में रेलवे बोर्ड जनरल मैनेजर पीएमएस सीएल सह के मुताबिक बायोमेट्रिक प्रणाली लागू होने से कर्मचारियों की उपस्थिति पर निगरानी संभव होगी। इससे ड्यूटी रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी को रोका जा सकेगा। यह कदम रेलवे की डिजिटल इंडिया और स्मार्ट रेलवे पहल को मजबूती देगा और प्रशासनिक कामकाज में भी सुधार लाने में मददगार साबित होगा।

मध्य प्रदेश: संजय टाइगर रिजर्व में बिजली करंट से बाघ की दर्दनाक मौत

सीधी, मध्य प्रदेश के संजय टाइगर रिजर्व में एक बाघ की बिजली करंट की चपेट में आने से मौत हो गई, जिससे वन विभाग में हड़कंप मच गया है। मृत बाघ की पहचान टी-43 के रूप में हुई है और यह घटना दुबरी रेंज के खरबर जंगल में हुई। वन अधिकारियों के मुताबिक, जंगल में हाई-वोल्टेज बिजली के तार बिछाए थे, जिसमें बाघ फंस गया और उसकी दर्दनाक मौत हो गई। संजय टाइगर रिजर्व के एसडीओ सुधीर मिश्रा ने बताया कि रात करीब 12 बजे उन्हें सूचना मिली कि जंगल में एक बाघ मृत पाया गया है। इसके बाद पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जांच के बाद वन अपराध प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई तेज कर दी गई है। तीन डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया और टाइगर के विसरा को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। उन्होंने दावा किया कि बाघ के सभी अंग सुरक्षित थे। पोस्टमार्टम के बाद एनटीसीए प्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में शव को जला दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि बाघ की मौत बिजली के तारों की चपेट में आने से हुई, जो शायद किसानों ने फसल बचाने के लिए लगाए थे। हालांकि, शिकारियों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “संजय टाइगर रिजर्व में लगातार वन्यजीवों की मौत बिजली के जाल में फंसने से हो रही है।” उन्होंने बताया कि जांच में जो साक्ष्य मिलेंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि अगर कहीं पर किसी भी प्रकार की लापरवाही है, तो तत्काल दुरुस्त किया जाए। हमारा कर्तव्य है कि हर जानवर की हिफाजत सुनिश्चित की जाए। किसी को भी कोई क्षति नहीं पहुंचे।  

मध्य प्रदेश में विधानसभा सीटों की संख्या में इजाफा, परिसीमन से पहली सीट का नाम सामने आया

भोपाल   मध्यप्रदेश के आगामी 2028 विधानसभा चुनाव से पहले होने वाले परिसीमन और महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि धार जिले से अलग होकर औ‌द्योगिक नगरी पीथमपुर (Pithampur) को स्वतंत्र विधानसभा सीट का दर्जा मिल सकता है। बढ़‌ती आबादी और मतदाताओं की संया को देखते हुए यह फैसला लगभग तय माना जा रहा है। वर्तमान में धार जिले में सात और इंदौर जिले में नौ विधानसभा सीटें हैं। दोनों जिलों की कुल आबादी और मतदाताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। धार में बनेंगी दो नई विधानसभा सीटें राजनीतिक गलियारों में 2028 के विधानसभा चुनाव (mp assembly elections 2028) से पहले होने वाले परिसीमन और महिला आरक्षण पर निगाह टिकी हुई है। इससे जहां नए राजनीतिक समीकरण बनेंगे, वहीं दावेदारों के साथ-साथ विधायकों की संख्या में भी इजाफा होगा। औसतन एक विधानसभा में ढाई से लेकर तीन लाख मतदाता ही रहेंगे और मौजूदा विसंगतियों को दूर किया जाएगा। अभी धार सहित देश-प्रदेश में विधानसभा-लोकसभा सीटों के क्षेत्रफल और आबादी यानी मतदाताओं में भारी विसंगति है। विशेषज्ञों का कहना है कि धार में दो नई सीटें बन सकती हैं। इससे जहां मौजूदा विधायकों का गणित बिगड़ेगा, वहीं नए चेहरों को भी मौका मिलेगा। मुस्लिम वोट नहीं होंगे निर्णायक सूत्रों का कहना है कि धार जिले का परिसीमन विशेषज्ञता के साथ किया जाएगा कि किसी भी सीट पर मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में नहीं रह सके। कांग्रेस-भाजपा के लिए चुनौती पीथमपुर को नई विधानसभा बनने पर दोनों दलों को नए सिरे से रणनीति बनानी होगी। कांग्रेस को संगठन खड़ा करने की चुनौती होगी, जबकि भाजपा को औ‌द्योगिक मजदूरों और ग्रामीण वोट बैंक के बीच संतुलन साधना पड़ेगा। अनुमान है कि नई सीट में ढाई से तीन लाख मतदाता होंगे, जिनमें मजदूर, कर्मचारी और ग्रामीण समाज की भूमिका निर्णायक रहेगी। 2026 के बाद होगा परिसीमन संविधान संशोधन के तहत 2026 तक लोकसभा और विधानसभा सीटें बढ़ाने पर रोक है। लेकिन जनगणना 2026 के बाद नए आंकड़ों के आधार पर परिसीमन होगा। तब मध्यप्रदेश की 230 विधानसभा सीटें बढ़कर 280 तक हो सकती हैं, वहीं लोकसभा की 29 सीटें बढ़कर 35 से 40 तक पहुंचने का अनुमान है। पीथमपुर विधानसभा में आएंगे ये क्षेत्र इस समय पीथमपुर धार विधानसभा का हिस्सा है, लेकिन औ‌द्योगिक इकाइयों, मजदूर बस्तियों और ग्रामीण अंचल की वजह से यहां मतदाताओं की संया लगातार बढ़ रही है। प्रस्तावित परिसीमन के बाद प्रीति नगर, अकोलिया, बरदरी, खेड़ा, सागौर कुटी और इंडोरामा सहित आसपास के क्षेत्र नई पीथमपुर विधानसभा में शामिल किए जा सकते हैं। धार का क्षेत्रफल और मतदाता घटेंगे, जबकि पीथमपुर की अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनेगी।

धार में इमामबाड़ा सील, सुरक्षा के कड़े इंतजाम; शहरभर में पुलिस बल की तैनाती

धार   धार शहर के हटवाड़ा इलाके में स्थित इमामबाड़े को लेकर प्रशासन ने अहम कदम उठाते हुए मुस्लिम समाज से खाली करा लिया गया है। बुधवार तड़के 4 बजे कार्रवाई करते हुए भवन पर लोहे का गेट ओर ताला लगाकर इसे सील किया गया। साथ ही, पीडब्ल्यूडी विभाग को सुपुर्द किया गया है। एसडीएम के आदेश पर की गई इस कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में प्रशासनिक सतर्कता है। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात किये गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटा जा सके। इमामबाड़े का कब्जा दिलवाने के बाद प्रशासन ने इसकी जिम्मेदारी अब पीडब्ल्यूडी विभाग को सौंप दी है। इस कार्रवाई को लेकर शहरभर में चर्चा का माहौल है और लोग पुलिस-प्रशासन की इस सक्रियता की बातें करते नजर आ रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर रहा है और हालात पर नजर बनाए हुए है। साथ ही, प्रशासन सोशल मीडिया पर भी अलर्ट है। अफवाहें या भ्रामक खबरें फैलने से रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। PWD विभाग की निगरानी में रहेगा इमामबाड़ा इस मामले में अधिकारी साफ कर चुके हैं कि, सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की गलत जानकारी साझा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब इमामबाड़ा पीडब्ल्यूडी विभाग की देखरेख में रहेगा और पुलिस-प्रशासन लगातार हालात पर पैनी नजर बनाए हुए है।

धर्म परिवर्तन विवाद: इंदौर में बहू पर पति को मुस्लिम बनाने का आरोप, परिजनों ने पुलिस में दी शिकायत

इंदौर  इंदौर जिला न्यायालय ने एक बहू के खिलाफ घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के तहत मंगलवार को मामला दर्ज किया है। आरोप है कि विवाह के बाद महिला ने हिंदू पति और ससुराल पक्ष पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया और मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना दी। शादी के कुछ दिनों बाद ही बढ़ने लगे विवाद मरीमाता क्षेत्र की एक युवती का विवाह अप्रैल 2022 में एरोड्रम इलाके के युवक से हुआ था। ससुराल पक्ष के अनुसार, महिला विवाह के बाद केवल 15–20 दिन ही घर पर रही। इस दौरान वह अपने मुस्लिम मित्रों के प्रभाव में आकर मुस्लिम धर्म की इबादत करने लगी। परिवार का आरोप है कि बहू दरगाह जाकर ताबीज, भभूत और फल लाकर जबरदस्ती पति को खिलाने लगी। जब धर्म परिवर्तन के लिए पति ने मना किया तो महिला ने हाथ की नस काटकर आत्महत्या करने की धमकी दी। पति और सास पर दबाव, 10 लाख की मांग ससुराल वालों ने बताया कि एक दिन बहू ने अपनी अलमारी से सभी जेवर निकाल लिए और कहा कि वह "अल्लाह के सजदे" में जा रही है। उसने पति से भी साथ चलने का दबाव बनाया। 17 मार्च 2024 को महिला अपने मायके वालों और दोस्तों के साथ घर आई और 10 लाख रुपए की मांग की। इसी दौरान उसने पति को धर्म बदलने का दबाव बनाकर धमकाया। ससुराल पक्ष ने पुलिस को बुलाया, लेकिन महिला और उसके साथी मौके से चले गए। पुलिस शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं परिवार ने वर्ष 2024 में ही पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी थी। एरोड्रम थाने में मामला दर्ज भी हुआ, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद भी बहू लगातार ससुराल पर दबाव बनाती रही। अदालत ने लिया संज्ञान, बहू को नोटिस थक हारकर परिवार ने एडवोकेट डॉ. रुपाली राठौर और कृष्ण कुमार कुन्हारे के माध्यम से जिला न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया। अदालत को दी गई जानकारी में पीड़ित पति और सास ने बहू की धमकियों और जबरदस्ती का पूरा ब्यौरा दिया। महिला एवं बाल विकास अधिकारी की गोपनीय जांच रिपोर्ट में भी बहू द्वारा मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की पुष्टि हुई। इसके आधार पर अदालत ने घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत केस दर्ज कर बहू को नोटिस जारी किया है। 

बालिकाओं के विकास पर फोकस: सुएंड्रीका ने कस्तूरबा गांधी छात्रावास का निरीक्षण किया

भोपाल संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष की कंट्री हेड सुएंड्रीका ने बुधवार को भोपाल के तुलसी नगर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास का दौरा किया। उनके साथ अपर परियोजना प्रबंधक श्रीमती मनीषा सेथिया और जनसंख्या कोष के स्टेट हेड सुनील जैकब भी थे। प्रतिनिधियों ने छात्रावास में पढ़ने वाली बालिकाओं से चर्चा की। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष एवं स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त पहल से बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिये एक मॉड्यूल तैयार किया गया है, जिसका नाम “सशक्त” है। छात्रावास में आकर्षक प्रदशर्नी के माध्यम से हिंसा से बचाव, उनके अधिकारों, पॉक्सो एक्ट और शारीरिक स्वच्छता के संबंध में बालिकाओं को जानकारी दी गई है। जनसंख्या कोष बालिका छात्रावास में बालिकाओं के उन्मुखीकरण के लिये विषय-विशेषज्ञों की उपस्थिति में लगातार वर्कशॉप भी कर रहा है। कमिश्नर से मुलाकात कंट्री हेड सुएंड्रीका और स्टेट हेड सुनील जैकब ने आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता से मुलाकात कर यूथ एवं एडोलसेंट प्रोग्राम के बारे में जानकारी प्राप्त की। बैठक में संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष से अपेक्षा की गई कि कार्यक्रम का विस्तार प्रदेश के अन्य सरकारी स्कूलों में भी किया जाये। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बालिकाओं में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की भावना मजबूत होगी। वे अपने अच्छे करियर की तरफ भी बढ़ सकेंगी।  

एचडीएफसी बैंक के परिवर्तन अभियान से मध्य प्रदेश में 63 लाख से अधिक लोगों के जीवन में बदलाव

भोपाल, मध्य प्रदेश, 20 अगस्त, 2025: भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक, एचडीएफसी बैंक ने अपनी सीएसआर शाखा परिवर्तन बैंक के माध्यम से अब तक मध्य प्रदेश में 63.72 लाख से ज़्यादा लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। बैंक 2015 से राज्य में सक्रिय है और मध्य प्रदेश के 55 में से 38 ज़िलों को कवर करता है। बैंक ने परिवर्तन के अंतर्गत निम्नलिखित छह प्रमुख क्षेत्रों को अपनाया है: * ग्रामीण विकास                                                                  * शिक्षा को बढ़ावा देना * कौशल प्रशिक्षण एवं आजीविका संवर्धन * स्वास्थ्य सेवा एवं स्वच्छता * वित्तीय साक्षरता एवं समावेशन * प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन मध्य प्रदेश में, ग्रामीण विकास, शिक्षा को बढ़ावा देना तथा कौशल प्रशिक्षण एवं आजीविका संवर्धन ने सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है। 69,000 से अधिक किसान, 26,000 छात्र और 17,000 प्रशिक्षित व्यक्ति लाभान्वित हुए हैं।  मध्य प्रदेश में कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) की छाप  एचडीएफसी बैंक के परिवर्तन कार्यक्रम ने मध्य प्रदेश में एक मज़बूत और निरंतर उपस्थिति दर्ज की है, जो राज्य के 55 में से 38 ज़िलों में चल रही और बंद हो चुकी परियोजनाओं के माध्यम से फैला है। बैंक ने राज्य के सभी आकांक्षी ज़िलों में परियोजनाओं को सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया है, जिनमें बड़वानी, छतरपुर, दमोह, गुना, खंडवा, राजगढ़ और विदिशा में परियोजनाएँ पूरी हो चुकी हैं और बड़वानी, गुना, खंडवा और सिंगरौली में प्रयास जारी हैं। कुल मिलाकर 33 ज़िलों में परियोजनाएँ सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं जबकि 17 ज़िलों में वर्तमान में सक्रिय हस्तक्षेप चल रहे हैं। टीकमगढ़ और उज्जैन में आगामी परियोजनाओं की योजना बनाई गई है। बैंक का प्रमुख समग्र ग्रामीण विकास कार्यक्रम, जो सभी 6 प्रमुख क्षेत्रों में एकीकृत हस्तक्षेप पर केंद्रित है, ने अलीराजपुर, अशोकनगर, भोपाल, छिंदवाड़ा, देवास, इंदौर, खरगोन और सीहोर के 165 गाँवों को प्रभावित किया है।  इसके अतिरिक्त केंद्रित विकास कार्यक्रम, जहाँ बैंक किसी लक्षित भौगोलिक क्षेत्र में किसी एक या दो प्रमुख फोकस क्षेत्रों के अंतर्गत विशिष्ट हस्तक्षेप करता है, आगर मालवा, बालाघाट, भोपाल, छतरपुर, गुना, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, खंडवा, खरगोन, मंडला, मंदसौर, पन्ना, सतना, सिंगरौली और उमरिया जिलों में कार्यान्वित किए गए हैं। एचडीएफसी बैंक की सीएसआर प्रमुख सुश्री नुसरत पठान ने कहा, "एचडीएफसी बैंक में हमारा मानना है कि सीएसआर एक ही तरह का दृष्टिकोण नहीं है। परिवर्तन के माध्यम से हम आवश्यकता-आधारित हस्तक्षेपों को डिज़ाइन और कार्यान्वित करते हैं जो प्रत्येक क्षेत्र की विशिष्ट चुनौतियों का समाधान करते हैं। मध्य प्रदेश में हमारा कार्य इस दर्शन को दर्शाता है, जिसमें किसानों को टिकाऊ कृषि के साथ समर्थन देने से लेकर शिक्षा, कौशल और बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना शामिल है। हम समावेशी विकास को बढ़ावा देने और जमीनी स्तर पर स्थायी प्रभाव डालने में एक छोटी सी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” एचडीएफसी बैंक के मध्य प्रदेश शाखा बैंकिंग प्रमुख श्री प्रतीक शर्मा ने कहा, "हम मध्य प्रदेश में बैंकिंग सेवाओं की व्यापक रेंज उपलब्ध कराने के लिए समर्पित हैं ताकि सभी के लिए इनकी पहुंच सुनिश्चित हो सके। एक सामाजिक रूप से जिम्मेदार कॉर्पोरेट नागरिक के रूप में, एचडीएफसी बैंक व्यक्तियों और परिवारों में सार्थक बदलाव लाने पर समान रूप से केंद्रित है।  एचडीएफसी बैंक मार्च 2025 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए भारत में सबसे अधिक सीएसआर खर्च करने वालों में से एक था। बैंक ने 31 मार्च 2025 तक देश भर में सीएसआर पहलों पर 1,068 करोड़ रूपये खर्च किए थे। बैंक ने परिवर्तन कार्यक्रम के तहत देश भर में 10.56 करोड़ रुपये से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। मध्यप्रदेश में 25 मार्चतककीमुख्यविशेषताएँ: ग्रामीणविकास– •सिंचाईकेअंतर्गतएकड़भूमि: 37,221 •रसायन-मुक्तखेतीकेअंतर्गतएकड़भूमि: 17,189 •समर्थितकिसान: 69,238 शिक्षाकोबढ़ावा – •ईसीएसएसकेअंतर्गतप्रदानकीगईछात्रवृत्तियाँ: 786 •स्थापितस्मार्टस्कूल: 104 •प्रभावितछात्र: लगभग 26,000 कौशलप्रशिक्षणऔरआजीविकासंवर्धन – •समर्थितसामुदायिकउद्यम: 1,679 •प्रशिक्षितव्यक्ति: 17,000 स्वास्थ्यएवंस्वच्छता – •निर्मित स्कूल स्वच्छता इकाइयाँ: 955 •पेयजल से समर्थित गाँव: 66 वित्तीयसाक्षरताएवंसमावेशन – •वित्तीय धोखाधड़ी जागरूकता: 10.6 लाख प्राकृतिकसंसाधनप्रबंधन – •स्थापित सौर लाइटें: 8,422 •जल संरक्षण संरचनाएं: 2,015 मध्य प्रदेश में प्रमुख हस्तक्षेप – जल संरक्षण – अनियमित वर्षा, ढलान वाली और बंजर भूमि और वर्षा आधारित खेती पर अत्यधिक निर्भरता के कारण राज्य के बड़े हिस्से बार-बार पानी की कमी का सामना करते हैं। कुछ इलाके उच्च लौह और आर्सेनिक स्तर के कारण खराब पेयजल गुणवत्ता से भी जूझते हैं। ये चुनौतियाँ कृषि, स्वास्थ्य और आजीविका को सीधे प्रभावित करती हैं। मध्य प्रदेश में, परिवर्तन हस्तक्षेप जल सुरक्षा से शुरू होते हैं। 2000 से अधिक जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया गया है जिससे 37000 एकड़ भूमि सिंचाई के अंतर्गत आ गई है। अशोकनगर, सीहोर और खरगोन जैसे जिलों में परियोजनाएँ भूमि उपचार को सूक्ष्म सिंचाई, सौर जल कृषि उत्पादकता में सुधार के लिए पंप और चिनाई वाले स्टॉप डैम का उपयोग किया जा रहा है। खरगोन जैसे जल-गुणवत्ता प्रभावित क्षेत्रों में फ़िल्टरेशन इकाइयों वाली सौर ऊर्जा चालित जल मीनारें सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करा रही हैं, जबकि सिंगरौली और उमरिया में वाटरशेड पहल भूजल की भरपाई कर रही हैं, कटाव को कम कर रही हैं और खेती और दैनिक जीवन दोनों के लिए पहुँच सुनिश्चित कर रही हैं। अशोकनगर में सतत कृषि के माध्यम से किसानों का सशक्तिकरण – विश्वसनीय जल आपूर्ति के साथ किसानों को खेती में बेहतर तकनीकों को अपनाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। एचडीएफसी बैंक परिवर्तन अशोकनगर के चंदेरी ब्लॉक में अभ्युदय संस्थान के साथ साझेदारी में ग्रामीण आजीविका में बदलाव ला रहा है। जो किसान पहले अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष करते थे, अब सतत खेती, नकदी फसलों की खेती, आधुनिक तकनीकों और जैविक प्रथाओं के माध्यम से अपनी आय में 30-40 प्रतिशत की वृद्धि देख रहे हैं। इस पहल ने 4,000 एकड़ में सिंचाई की सुविधा प्रदान की है, 15 गाँवों को स्वच्छ ऊर्जा प्रदान की है और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए 5,000 पेड़ लगाए हैं। 1,800 से अधिक किसान और उनके परिवार 75 महिला-नेतृत्व वाले सामुदायिक उद्यमों, 65 समुदाय-आधारित संस्थानों और पांच स्मार्ट स्कूलों के गठन से लाभान्वित हो रहे हैं। सीहोर में बहु-स्तरीय खेती के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि – सीहोर के 20 गाँवों … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से क्रिकेटर वेंकटेश अय्यर ने की सौजन्य भेंट

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में क्रिकेटर वेंकटेश अय्यर ने सपत्नीक सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का क्रिकेटर अय्यर ने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। उन्होंने बताया कि वह इंदौर शहर के निवासी हैं। भेंट के दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अय्यर को उनके अब तक के क्रिकेट प्रदर्शन की बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।  

लव जिहाद पर सख्त होंगे CM मोहन यादव, कहा- अपराधियों को किया जाएगा खत्म

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने लव जिहाद को लेकर बड़ा बयान दिया है. कहा कि महिलाओं पर कुदृष्टि डालने वाले, ड्रग माफिया और लव जिहादियों को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा. लव जिहाद हो या ड्रग माफिया, इनके माध्यम से जो भी आपराधिक गतिविधियां की जा रही हैं, उन पर सख्त कार्रवाई करते हुए शिकंजा कसा जा रहा है. राज्य सरकार किसी अपराधी को छोड़ने वाली नहीं है. सबको एक-एक कर ठिकाने लगाएंगे. सभी प्रकार के अपराधों पर अंकुश लगाते हुए बहन-बेटियों को हर संभव सुरक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है.  CM यादव नर्मदापुरम रोड स्थित आमिर मैजेस्टिक पार्क में आयोजित रक्षाबंधन महोत्सव को संबोधित कर रहे थे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बहनों से राखियां भी बंधवाईं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार नारी सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है. रक्षाबंधन से पहले बहनों को लाड़ली बहना योजना की मासिक किश्त सहित 250 रुपए का शगुन अलग से भेजा गया है. बहनों के हाथ में यश होता है, लक्ष्मी पूजन भी उन्हीं के माध्यम से होता है. अब दीपावली के बाद भाई-दूज से प्रदेश भर की लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की सौगात मिलेगी. बहनों का स्नेह मेरे जीवन का सबसे बड़ा आधार है. CM के कार्यक्रम में लगे लव जिहाद के खिलाफ बैनर. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को बहनों की ओर से बड़ी राखी भेंट की गई, इसके बाद अनेक लाड़ली बहनों ने उन्हें राखियां बांधीं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी बहनों का अभिनंदन किया. उन्होंने कहा कि बहनों के साथ बैठने से माता और पिता दोनों का प्रेम एक साथ मिल जाता है, जीवन धन्य हो जाता है. परिवार में बहन-भाई का रिश्ता युगों-युगों से अटूट है. महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण और द्रोपदी का रिश्ता भाई-बहन के प्रेम का उत्कृष्ट उदाहरण है.  सीएम यादव ने कहा कि राजधानी भोपाल के हुजूर विधानसभा क्षेत्र में 200 करोड़ की लागत से सीवर लाइन सहित अन्य विकास कार्य किए जाएंगे.   CM मोहन यादव के भाषण की खास बातें:-  – राज्य सरकार बहनों को शीघ्र ही, दीपावली भाईदूज से लाड़ली बहन योजना में 1500 रुपए मासिक की राशि देना प्रारंभ करेगी. – शासकीय सेवाओं में मध्यप्रदेश सरकार बहनों को 35% आरक्षण दे रही है. पीएम मोदी जी ने प्रजातांत्रिक व्यवस्था में लोकसभा विधानसभा सहित अन्य संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का निर्णय लिया है. अब हमारी बहनें विधायक, सांसद ही नहीं अन्य पदों पर भी निर्वाचित होंगी. – देवी अहिल्याबाई होल्कर, वीरांगना रानी दुर्गावती, रानी लक्ष्मीबाई, रानी कमलापति हमारे समाज में साहस शौर्य और सुशासन की प्रतीक हैं. – उद्योगों में काम करने वाली बहनों को विशेष रूप से गारमेंट जैसे रोजगार परक उद्योग में कार्यरत बहनों को 5 हजार रुपए प्रतिमाह की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है. – हाल ही में रक्षाबंधन पर बहनों को 250 रूपए शगुन की राशि भी प्रदान की गई.

गंदगी देख भड़के प्रद्युमन सिंह तोमर, बोले- आज माला पहनाई, कल विदा करूंगा

शिवपुरी  मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर लगातार चर्चा में बने रहते हैं. एक बार फिर मंत्री चर्चा में आ गए हैं. शिवपुरी में ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर जिला अस्पताल में टॉयलेट में गंदगी और बदबू देख नाराज हो गए. मंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए खुद ही अपने हाथों से टॉयलेट साफ किया. इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को भी चेतावनी दी है.  फावड़ा उठाकर की सफाई अस्पताल में टॉयलेट साफ करने के बाद जब प्रद्युमन सिंह तोमर लुहारपुरा की पुलिया से गुरज रहे थे. तब वहां लगे कचरे को ढेर को देखकर उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवाई. फिर फावड़ा उठाकर सफाई करने में जुट गए. वहीं स्थानीय लोगों ने शहर में साफ-सफाई को लेकर मंत्री से शिकायत की.  अधिकारी को दी चेतावनी लोगों की समस्या सुनने के बाद प्रद्युमन सिंह तोमर ने मौके पर नगर पालिका के स्वास्थ्य अधिकारी योगेश शर्मा को माला पहनाई. माला पहनाकर उन्होंने कहा कि आज तुम्हें माला पहनाई है, कल सम्मान के साथ विदा कर दूंगा. मेरी बोत को गंभीरता से लेना. फिर उन्होंने सफाई मशीन बुलवाने के निर्देश दिए और मौके से निकल गए.  व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए कुछ दिन पहले जिला अस्पताल के गेट पर आदिवासी महिला की डिलीवरी और इलाज में लापरवाही की शिकायतें सामने आई थीं. इसके बाद प्रबंधन ने मीडिया के आने पर रोक लगा दी थी. शिकायतों के बाद मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे थे. मंत्री ने सिविल सर्जन डॉ. बीएल यादव को व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए.  .