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माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय कार्यक्रम में बोले CM मोहन यादव – पत्रकारिता समाज का दर्पण बने

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में आयोजित सत्रारंभ समारोह ‘अभ्युदय-2025’ में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने हिन्दी रचनाकार, कवि, लेखक और पत्रकार पद्म भूषण से अलंकृत पं. माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर सीएम ने विश्वविद्यालय में चलाए गए पौधरोपण अभियान के अंतर्गत 1111वें पौधे के रूप में कृष्णवट का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में राज्य मंत्री कृष्णा गौर, प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास, कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। माखनलाल विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में आयोजित तीन दिवसीय सत्रारंभ समारोह ‘अभ्युदय-2025’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में ‘अभ्युदय’ का अर्थ मात्र आरंभ नहीं, बल्कि निरंतर जागरूकता, सत्य की खोज और समाज को नई दिशा देने वाले उत्तरदायित्व की यात्रा है। सीएम ने कहा कि नारद जी को पत्रकारिता का आद्य प्रवर्तक माना जाता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका होती है और उन्हें विश्वास है कि यहां पढ़ने वाले छात्र आगे बढ़कर देश दुनिया में नाम रोशन करेंगे। ‘पत्रकारिता के क्षेत्र में विश्वविद्यालय का विशिष्ट स्थान’ सीएम मोहन यादव ने कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय की पूरे देश में विशिष्ट पहचान है। उन्होंने हिंदी भाषा को पुनर्प्रतिष्ठित करने का महत्वपूर्ण अभियान चलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें गर्व है कि ऐसे महापुरुष और महान कवि का जन्म मध्यप्रदेश की धरती पर हुआ और ये विश्वविद्यालय उनकी परंपरा को आगे बढ़ाने का का काम कर रहा है। इस अवसर पर सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों में हमने कुलपति के स्थान पर ‘कुलगुरु’ शब्द के प्रयोग की परंपरा प्रारंभ की। यह हमारी शिक्षा परंपरा में गुरु को सर्वोच्च स्थान देने का प्रतीक है। कुमार विश्वास ने छात्रों को दिए अनमोल सुझाव कार्यक्रम में सम्मिलित प्रख्यात कवि कुमार विश्वास ने कहा कि पत्रकार की सबसे बड़ी विशेषता और आवश्यकता है ‘विश्वसनीयता’। उन्होंने कहा कि एक पत्रकार का दायित्व होता है कि वो अपनी निजी वैचारिकी से उठकर सही तथ्य सामने लाएं। कुमार विश्वास ने कहा कि किसी विचार को केंद्र में रखने के बाद तठस्थ होकर लिखना ही पत्रकारिता है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि यदि वे वास्त्व में एक सच्चे पत्रकार बनना चाहते हैं तो उन्हें अपने करियर की शुरुआत में कम से कम तीन साल प्रिंट में काम ज़रूर करना चाहिए। विभिन्न उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकार का मूल उद्देश्य सिर्फ धन कमाना नहीं होना चाहिए। धन अवश्य कमाएं लेकिन वो नैतिकता से कमाया हुआ होना चाहिए। कुमार विश्वास ने विश्वास जताया कि कि तठस्थता, ईमानदारी और कड़ी मेहनत के बल पर ये छात्र भविष्य के सम्मानजनक पत्रकार बनेंगे और देश दुनिया में अपना नाम उज्जवल करेंगे।

महंगाई भत्ता बढ़ोतरी: MP वित्त विभाग ने तय की लिमिट, 2028-29 तक 94% होगा डीए

भोपाल  मध्यप्रदेश में अधिकारी-कर्मचारियों का अगले 3 साल में 30 प्रतिशत तक महंगाई भत्ता (DA) बढ़ेगा। अभी कर्मचारियों को 55 प्रतिशत डीए मिल रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में 31 मार्च तक इसे 9 प्रतिशत बढ़ाकर 64 प्रतिशत करने का टारगेट है। इसमें से 4 प्रतिशत तो दिवाली तक ही बढ़ेगा। जबकि शेष 5 प्रतिशत मार्च के आखिर से पहले दिया जाएगा।सरकार हर साल डीए बढ़ाकर चुनावी साल 2028-29 तक महंगाई भत्ता 94 प्रतिशत कर देगी। दरअसल, सरकार ने रोलिंग बजट की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें ये प्रावधान किए गए हैं। वहीं, विभागवार बजट की लिमिट भी तय कर दी है। अब अलग-अलग कार्यों के लिए विभाग प्रमुख इसी बजट में बदलाव कर सकेंगे। लेकिन, विभागों को तय लिमिट से अधिक बजट का प्रावधान नहीं होगा। अभी आधा वित्तीय वर्ष न बीता हो पर सरकार ने 2026-27 के बजट की तैयारी शुरू कर दी है। अभी कर्मचारियों को 55 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है, जो अगले साल बढ़कर 74 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। यानी एक साल में 19 प्रतिशत तक की महंगाई भत्ता की वृद्धि होगी। इसके हिसाब से सभी विभागों को स्थापना व्यय की गणना करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में पहली बार सरकार एक साथ तीन वर्ष की वित्तीय आवश्यकताओं का आकलन करके बजट तैयार करा रही है। हर वर्ष स्थापना बजट बढ़ता जा रहा है। भारत सरकार बढ़ा सकती महंगाई भत्ता आगामी वर्षों में ढाई लाख से अधिक रिक्त पदों की पूर्ति किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसे देखते हुए वित्त विभाग ने सभी विभागों से कहा है कि वे स्थापना का आकलन भी उसी हिसाब से करते हुए बजट प्रस्ताव तैयार करें। वर्ष 2026-27 के लिए कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में संभावित वृद्धि को देखते हुए 74 प्रतिशत की दर से स्थापना व्यय की गणना करने के लिए कहा गया है। दरअसल, वर्ष 2025-26 की शेष अवधि के लिए भारत सरकार तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ा सकती है। इसके अनुरूप प्रदेश में भी वृद्धि होगी, जिससे यह 58 प्रतिशत हो जाएगा। प्रदेश सरकार ने तय किया है कि भारत सरकार जब से महंगाई भत्ता बढ़ाएगी तब से ही प्रदेश के कर्मचारियों को उसका लाभ दिया जाएगा। यद्यपि, पेंशनरों के मामले में ऐसा नहीं है। अभी भी उन्हें 53 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत मिल रही है क्योंकि छत्तीसगढ़ सरकार में 55 प्रतिशत करने को लेकर सहमति अब तक नहीं दी है। राज्य पुनर्गठन अधिनियम के अनुसार महंगाई राहत में वृद्धि के लिए दोनों के मध्य सहमति होना आवश्यक है। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी का कहना है कि पेंशनरों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। अभी भी कर्मचारियों की तुलना में हमें दो प्रतिशत महंगाई राहत कम दी जा रही है। पुराना एरियर भी अभी तक नहीं दिया गया है। मार्च तक 9 प्रतिशत महंगाई भत्ता देगी सरकार रोलिंग बजट की सरकार की कवायद के बीच यह बात भी सामने आई है कि 2026-27 के बजट के लिए प्रस्तावित महंगाई भत्ते के पहले सरकार को इसे 64 प्रतिशत तक पहुंचाएगी। अभी प्रदेश के कर्मचारियों को राज्य सरकार सातवें वेतनमान पर 55 फीसदी महंगाई भत्ता दे रही है। माना जा रहा है कि इस साल दिवाली के समय और फिर अगले साल फरवरी-मार्च में सरकार 2 किस्तों में 4 प्रतिशत और 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता देकर इसे 31 मार्च के पहले 64 प्रतिशत तक पहुंचा देगी। 5वें और 6वें वेतनमान वालों को भी मिलेगा फायदा वित्त विभाग ने कहा है कि जिन विभागों में छठवें या पांचवें वेतनमान पाने वाले कर्मचारी हैं, उन्हें भी हर साल 10 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ाकर दिया जाएगा। छठवें वेतनमान में वर्तमान में 252% तक महंगाई भत्ता दिया जाता है। इसके आधार पर वर्ष 2026-27 में 265 प्रतिशत, वर्ष 2027-28 में 280 और वर्ष 2028-29 में 295 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा। इसके हिसाब से विभागों को रोलिंग बजट में प्रावधान करना होगा। प्रदेश सरकार के उपक्रम, निगम, मंडल में काम करने वाले कर्मचारियों को भी इसी तर्ज पर महंगाई भत्ता दिया जाना है। 85 हजार करोड़ रुपये से अधिक होंगे खर्च प्रदेश में स्थापना व्यय पर सरकार प्रतिवर्ष बजट का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा व्यय करती है। 2023-24 में वेतन-भत्ते और पेंशन मिलकर व्यय 72 हजार करोड़ रुपये के आसपास था, जो 2024-25 में 75 हजार करोड रुपये से अधिक हो गया 2025-26 में 79 हजार करोड़ रुपये व्यय अनुमानित है। इसे देखते हुए 26-27 में यह राशि 85 हजार करोड रुपये तक पहुंच सकती है। आठवें वेतनमान को लेकर भी तैयारी उधर, भारत सरकार ने आठवें वेतनमान आयोग का गठन कर दिया है। इसे देखते हुए प्रदेश के साढ़े सात लाख नियमित सरकारी कर्मचारियों और साढ़े चार लाख पेंशनरों को नया वेतनमान देने की तैयारी राज्य सरकार ने भी शुरू कर दी है। सातवां वेतनमान मूल वेतन में 2.75 का गुणा करके निर्धारित हुआ था। तब लगभग सात से 18 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन में वृद्धि हुई थी।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की युगांडा प्रधानमंत्री से मुलाकात, मठ निर्माण पर हुई चर्चा

  छतरपुर  छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने युगांडा की प्रधानमंत्री रोबिना नब्बान्जा से मुलाकात की है। इस दौरान उन्होंने मानवता, वैश्विक प्रेम, शांति और सामंजस्य पर आध्यात्मिक चर्चा की। अपने प्रकल्पों से अवगत कराया है। यहां विशेष भेंट के दौरान खास प्रतिनिधि मंडल मौजूद रहा। तस्वीर में आप देख सकते हैं कि युगांडा की प्रधानमंत्री रोबिना नब्बान्जा और धीरेंद्र शास्त्री वार्ता करते हुए दिखाई देख रहे हैं। उद्योगपति डॉ. सुधीर रूपरेला, भारतीय समुदाय के अध्यक्ष परेश मेहता, पूर्व सांसद संजय तन्ना, दीपक दोरलता और राजस्थानी एसोसिएशन के सदस्य भी उपस्थित हैं। पीएम रोबिना ने इन प्रयासों और कार्यों की तारीफ की प्रधानमंत्री को जब बागेश्वर धाम द्वारा भारत में किए जा रहे सामाजिक कार्यों, गरीब बेटियों के लिए सामूहिक विवाह, प्रतिदिन हजारों लोगों के लिए अन्नपूर्णा सेवा और जरूरतमंद मरीजों के लिए बन रहे कैंसर अस्पताल की जानकारी मिली, तो उन्होंने इन प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने कहा कि उन्हें इन कार्यों की प्रेरणा भारतीय शास्त्रों और संस्कृति से मिलती है, जिसमें “नर को नारायण” मानकर सेवा का संदेश दिया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को बागेश्वर धाम आने का न्यौता भी दिया। विश्व शांति के लिए भारतीय जीवन शैली सर्वोत्तम- बागेश्वर महाराज बागेश्वर महाराज ने कहा कि विश्व शांति के लिए भारतीय जीवनशैली और सनातन धर्म का मार्ग ही सर्वोत्तम है। एक सनातनी संपूर्ण विश्व को अपना परिवार मानकर उसके कल्याण की कामना करता है। हमें ऐसी महान संस्कृति को समझने और जीवन में अपनाने की आवश्यकता है। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में जो लोग मानवता की सेवा कर रहे हैं, बागेश्वर धाम उन सभी के प्रति सम्मान व्यक्त करता है। मुलाक़ात के अंत में युगांडा की प्रधानमंत्री ने बाला जी सरकार का आशीर्वाद प्राप्त किया। बागेश्वर महाराज से युगांडा की उन्नति एवं उत्थान के लिए कामना की। वहीं, अब युगांडा से मिले खास प्रस्ताव को लेकर बाबा बागेश्वर के भक्तों में खुशी का माहौल है।  

डिप्टी कलेक्टर की पोस्टिंग का विरोध तेज, महिला-बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया के आवास पर जुटे अधिकारी

बुरहानपुर मध्य प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग में बुरहानपुर जिला की डिप्टी कलेक्टर लता शरणागत की अतिरिक्त निदेशक (Additional Director) के रूप में नियुक्ति पर सरकारी अधिकारियों के एक वर्ग ने विरोध जताया है. महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के एक ग्रुप ने भोपाल में विभाग की मंत्री निर्मला भूरिया से मुलाकात की और शरणागत की अतिरिक्त निदेशक के रूप में नियुक्ति का विरोध किया.  उन्होंने शीर्ष पद पर उनकी 'जूनियर' हैसियत का हवाला दिया और शरणागत की नियुक्ति रद्द करने का अनुरोध किया. मंत्री भूरिया ने बाद में बताया कि अधिकारियों की मांग जायज है और वह इस संबंध में जरूरी कदम उठाएंगी. उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग में अतिरिक्त निदेशकों की नियुक्ति विभाग के ही वरिष्ठ अधिकारियों में से की जाती है. मंत्री ने बताया कि शरणागत के मामले में उनकी नियुक्ति सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा की गई थी. इससे पहले, अधिकारियों के एक समूह ने भूरिया को एक ज्ञापन सौंपा और उनसे शरणागत की नियुक्ति के संबंध में जरूरी कार्रवाई करने का अनुरोध किया. महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त निदेशक (इंदौर संभाग) डॉ. संध्या व्यास ने कहा कि शरणागत को अतिरिक्त निदेशक के पद पर नियुक्त करना नियमों के विरुद्ध है और इससे विभाग में भारी रोष है. व्यास ने कहा, "अधिकारी इस नियुक्ति से नाराज हैं क्योंकि शरणागत की नियुक्ति से विभाग के अधिकारियों की वरिष्ठता का हनन हुआ है." महिला मंत्री भूरिया को सौंपे ज्ञापन में, अधिकारियों ने बताया कि शरणागत 2008 बैच की अधिकारी हैं, जबकि विभाग में कई वरिष्ठ संयुक्त निदेशक 2009 से इसी पद पर कार्यरत हैं.  ज्ञापन में कहा गया है कि यह प्रमुख विभाग महिलाओं और बच्चों के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाता है, जिनके लिए विशेषज्ञता की जरूरत होती है और एक डिप्टी कलेक्टर इन विषयों का विशेषज्ञ नहीं होता.

भोपाल से गया के लिए पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन, रेलवे ने जारी किया पूरा टाइमटेबल

 भोपाल  गया में पितृपक्ष के अवसर पर बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही को देखते हुए रेल प्रशासन ने रानी कमलापति-गया-रानी कमलापति के बीच विशेष स्पेशल ट्रेनों का संचालन करने का निर्णय लिया है। इससे श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान सुगमता और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध होगा। गाड़ियों का संचालन     गाड़ी संख्या 01661 रानी कमलापति-गया पितृपक्ष स्पेशल     यह ट्रेन 07, 12 और 17 सितंबर को रानी कमलापति स्टेशन से दोपहर 1:20 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 09:30 बजे गया पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 01662 गया-रानी कमलापति पितृपक्ष स्पेशल     यह ट्रेन 10, 15 और 20 सितम्बर को गया स्टेशन से दोपहर 2:15 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 10:45 बजे रानी कमलापति पहुंचेगी। इन स्टेशनों से होकर गुजरेगी ट्रेन दोनों दिशाओं में यह ट्रेन भोपाल, विदिशा, गंजबासौदा, बीना, सागर, दमोह, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, भभुआ रोड, सासाराम, डेहरी-आन-सोन और अनुग्रह नारायण रोड स्टेशनों पर ठहरेगी।

साढ़े सात लाख सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, MP में मिलेगी केंद्र जैसी छुट्टियां

भोपाल  मध्य प्रदेश के साढ़े सात लाख शासकीय कर्मचारियों को अब केंद्र सरकार के अनुरूप अवकाश दिया जाएगा। इसके लिए मप्र सरकार ने 48 साल पुराने मप्र सिविल सेवा (अवकाश) नियम-1977 में बदलाव किया है। यह निर्णय मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। कैबिनेट ने वित्त विभाग के मध्य प्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम-2025 के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इससे प्रदेश के करीब साढ़े सात लाख शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों को केंद्र सरकार के अनुरूप अवकाश की सुविधा मिलेगी। इसके तहत चिकित्सकों को पीजी योग्यता प्राप्त करने के लिए 36 माह का अध्ययन अवकाश मिलेगा। इससे सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं आएगा। अधिसूचना जारी होने के दिन से यह नियम लागू होंगे। अब शासकीय सेवक सरोगेट या कमीशनिंग मदर को प्रसूति अवकाश की पात्रता होगी। वहीं एकल (अकेले) पुरुष शासकीय सेवक को भी संतान पालन अवकाश मिलेगा। दत्तक संतान ग्रहण के लिए 15 दिन का पितृत्व अवकाश 15 मिलेगा। निलंबन काल में नहीं होगी अवकाश की पात्रता शासकीय सेवक के दिव्यांग अथवा गंभीर अस्वस्थ्य होने पर उनके परिवार के सदस्य आवेदन दे सकेंगे। निलंबन काल में अवकाश की पात्रता नहीं होगी। अवकाश दिवस पर काम करने वाले शैक्षणिक संवर्ग को एक वर्ष में 10 दिवस के अर्जित अवकाश की पात्रता होगी। सेवा के प्रारंभिक वर्ष में आवश्यकता होने पर अर्द्धवेतन अवकाश की सुविधा होगी। सेवानिवृत्ति के पूर्व अवकाश के प्रविधान और सेवानिवृत्ति की तिथि के बाद अवकाश के प्रविधान को भी विलोपित किया गया।

43 वोटर कार्ड जले हुए हालत में मिले, टीकमगढ़ में मंत्री आवास के पास मचा हड़कंप

टीकमगढ़  सिविल लाइन रोड पर स्थित केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद डॉ. वीरेंद्र कुमार के सरकारी आवास के पास मंगलवार रात 43 वोटर आईडी कार्ड मिले हैं, कछ कार्ड जली हालत में हैं। मामला सामने आने के बाद प्रशासन की टीम पहुंची और कार्ड को जब्त किया गया, प्रशासन ने इस मामले में वोटर आईडी कार्ड्स के दुरुपयोग होने की आशंका जताई है टीकमगढ़ कलेक्टर ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। आईडी कार्ड्स स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी के गोल क्वार्टर के सरकारी घर के सामने मिले है। कर्मचारी के घर के पास केंद्रीय मंत्री का आवास है। आशंका है कि इन कार्ड्स का इस्तेमाल स्वास्थ्य विभाग की किसी योजना का लाभ उठाने में किया गया हो। बताया जा रहा है कि मामले की जानकारी सांसद प्रतिनिधि विवेक चतुर्वेदी ने ही प्रशासन को दी है। तहसीलदार सत्येंद्र सिंह गुर्जर, पटवारी और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने पूरे मामले की गंभीरता देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। फिलहाल सभी कार्ड्स प्रशासन की कस्टडी में हैं और यह पड़ताल की जा रही है कि आखिर इतने सारे वोटर आईडी कार्ड केंद्रीय मंत्री के बंगले के पास कैसे पहुंचे।

अर्चना तिवारी ट्रेन से गायब, यूपी में लखीमपुर खीरी के पास नेपाल बॉर्डर से मिली पुलिस को

भोपाल/ ग्वालियर  मध्य प्रदेश में ट्रेन से गायब अर्चना तिवारी 12 दिनों बाद मिल गई है. भोपाल की रानी कमलापति थाना जीआरपी ने यूपी के लखीमपुर खीरी से नेपाल बॉर्डर के पास से अर्चना को बरामद किया है. अब टीम यहां से अर्चना को लेकर भोपाल जाएगी और पूछताछ करेगी. पूछताछ में ही पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी मिलेगी. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि लगभग दो हफ़्ते पहले ट्रेन में यात्रा के दौरान लापता हुई महिला वकील और सिविल जज बनने की इच्छुक अर्चना तिवारी मंगलवार को नेपाल सीमा पर स्थित उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी शहर में मिलीं. रक्षाबंधन के त्योहार के लिए 7-8 अगस्त की रात को इंदौर से कटनी जा रही तिवारी अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाईं थी और लापता हो गई थी. पूछताछ में सामने आएगा घटनाक्रम का विवरण एसपी (रेलवे) राहुल कुमार लोढ़ा ने कहा कि राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के जवानों ने 12 दिनों की कड़ी तलाशी के बाद आखिरकार भारत-नेपाल सीमा पर स्थित लखीमपुर-खीरी शहर में अर्चना तिवारी का पता लगा लिया. उन्होंने कहा कि पुलिस अर्चना को वापस भोपाल ला रही है और बयान दर्ज करने के बाद पूरे घटनाक्रम का विवरण सामने आएगा. पुलिस के अनुसार 29 वर्षीय अर्चना की आखिरी लोकेशन इटारसी स्टेशन पर मिली थी. उसके बाद मोबाइल फोन बंद पाया गया और संपर्क नहीं हो पाया. तिवारी मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में प्रैक्टिसिंग वकील थीं. वह सिविल जज परीक्षा की तैयारी भी कर रही थीं. नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन से गायब हुई थी अर्चना वह 7 अगस्त को नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन से कटनी के लिए रवाना हुईं, लेकिन अपने गंतव्य तक नहीं पहुंचीं. बाद में तिवारी के परिवार वालों ने भोपाल के रानी कमलापति जीआरपी थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने रानी कमलापति स्टेशन से लेकर इटारसी और कटनी तक के इलाकों में सुराग तलाशे और स्टेशनों व आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरे खंगाले. लोढ़ा ने बताया कि तिवारी की आखिरी लोकेशन इटारसी स्टेशन थी. मैंने कभी अर्चना तिवारी को सामने से नहीं देखा  ट्रेन से 12 दिन पहले मध्य प्रदेश की अर्चना तिवारी के गायब होने के मामले में नया मोड़ सामने आया है. इंदौर से कटनी के लिए निकली अर्चना तिवारी वैसे तो अब यूपी के लखीमपुर खीरी के पास से बरामद कर ली गई है लेकिन इस मामने में कई गुत्थी अब भी अनसुलझी हैं. इस केस में उसके कॉल डिटेल रिकॉर्ड ने पुलिस को ग्वालियर तक भी पहुंचा दिया. वहीं से कहानी में एक नया किरदार सामने आया. वह अर्चना से डेढ़ साल से संपर्क में था और उसने ही उसके लिए टिकट भी बुक कराए थे. पुलिस ने लिया हिरासत में जांच के दौरान युवती की कॉल डिटेल में पुलिस की नजर ग्वालियर में तैनात एक सिपाही तक पहुंची. आरोप है कि इसी सिपाही ने इंदौर से ग्वालियर का टिकट बुक कराया था. पूछताछ के दौरान उसने बताया कि उसने अर्चना को कभी सामने से नहीं देखा, केवल फोन पर ही बात हुई थी. उसका कहना है कि अर्चना की गुमशुदगी से उसका कोई लेना-देना नहीं है. सिपाही ने यह भी कबूल किया कि उसने बस का टिकट जरूर बुक कराया था, लेकिन ट्रेन की यात्रा से उसका कोई वास्ता नहीं था. जीआरपी ने इस आधार पर उससे लगातार पूछताछ की. पुलिस की पड़ताल और सवाल-जवाब झांसी रोड थाने में रखे गए इस आरक्षक से घंटों सवाल-जवाब किए गए. उसने बयान दिया कि उसकी युवती से केवल कोर्ट से जुड़े एक काम के सिलसिले में बात हुई थी, और वह भी महज़ एक मिनट की. उसने दोहराया कि वह उससे कभी व्यक्तिगत तौर पर नहीं मिला. एडिशनल एसपी ने मीडिया को जानकारी दी कि पूछताछ में स्पष्ट हुआ है कि सिपाही पिछले डेढ़ साल से युवती को जानता था और फोन पर कई बार बातचीत भी हुई. उसने इंदौर से कटनी तक का बस टिकट बुक कराया था, जबकि युवती ट्रेन से यात्रा कर रही थी. यही बात जांच का अहम हिस्सा बनी. रक्षाबंधन पर घर लौट रही थी इस गुमशुदगी की कहानी की शुरुआत रक्षाबंधन के मौके से होती है. युवती इंदौर के एक हॉस्टल में रहकर सिविल जज की तैयारी कर रही थी. त्यौहार पर वह कटनी लौट रही थी. उसके पास इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस की AC कोच B3 में बर्थ नंबर 3 का रिजर्वेशन था. 7 अगस्त को वह हॉस्टल से निकली और सीसीटीवी फुटेज में भी देखी गई, जिसमें वह ऑरेंज रंग की ड्रेस पहने, बैग और झोले में सामान लेकर स्टेशन जाती हुई दिख रही है. रात करीब दस बजे उसकी चाची से आखिरी बार फोन पर बातचीत हुई, जब उसने बताया कि वह भोपाल के पास है. ट्रेन से गायब, मिला सिर्फ बैग 8 अगस्त की सुबह जब कटनी साउथ स्टेशन पर परिजन उसे लेने पहुंचे तो युवती वहां नहीं उतरी. उसका मोबाइल भी बंद मिला. घबराए परिजन उमरिया स्टेशन तक गए, जहां उसके मामा ने ट्रेन के कोच में तलाश की. सीट पर उसका बैग जरूर मिला, जिसमें राखी, रुमाल और बच्चों के लिए गिफ्ट रखे थे. युवती के अचानक गायब हो जाने से परिवार सकते में आ गया. जीआरपी को तुरंत सूचना दी गई. कटनी रेल पुलिस ने गुम इंसान का मामला दर्ज कर जांच शुरू की. चूंकि आखिरी लोकेशन भोपाल की तरफ मिली थी, इसलिए डायरी भोपाल रेल पुलिस को भेज दी गई. सीसीटीवी और लोकेशन से नहीं मिला सुराग भोपाल, रानी कमलापति और नर्मदापुरम स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, लेकिन युवती का स्पष्ट सुराग नहीं मिला. मोबाइल की लोकेशन नर्मदापुरम ब्रिज के पास तक मिली. इस आधार पर एनडीआरएफ ने नर्मदा नदी में सर्चिंग ऑपरेशन भी चलाया, लेकिन वहां से भी कुछ हाथ नहीं लगा. इस मामले ने छात्र राजनीति से लेकर स्थानीय समाज तक हलचल मचा दी. कांग्रेस से जुड़े एक युवा नेता ने युवती को अपनी बहन बताते हुए उसकी तलाश में मदद करने वाले को 51 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की. उनका कहना था कि हर राखी पर वह उन्हें राखी बांधती थी. आखिरकार मिला सुराग लंबे समय तक रहस्यमय तरीके से लापता रहने के बाद युवती को आखिरकार लखीमपुर खीरी से बरामद कर लिया गया. पुलिस … Read more

PM और RSS पर आपत्तिजनक कार्टून: इंदौर कार्टूनिस्ट सोशल मीडिया पर लिखेंगे माफीनामा

 इंदौर इंदौर के कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस से माफी मांगेंगे। विवादित कार्टून बनाने के चलते इंदौर के युवक ने हाईकोर्ट फिर सुप्रीम कोर्ट से मालवीय की शिकायत की थी। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में सुनवाई हुई। मालवीय ने कोर्ट में कहा कि वह आरएसएस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अशोभनीय व्यंग्य चित्र बनाने के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर माफीनामा प्रकाशित करेंगे। मालवीय की ओर से पैरवी कर रहीं एडवोकेट वृंदा ग्रोवर ने सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच के समक्ष मालवीय का पक्ष रखा। इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की युगल पीठ कर रही है। पीठ ने मालवीय को गिरफ्तारी से दी गई अंतरिम सुरक्षा अगली सुनवाई तक बढ़ा दी। वकील ने कहा- सोशल मीडिया से हटा देंगे कार्टून एडवोकेट वृंदा ग्रोवर ने कोर्ट के समक्ष कहा, "पहले के आदेश के अनुसार माफ़ीनामा पहले ही प्रस्तुत कर दिया है। यह कार्टून सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाएगा। मालवीय अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी माफ़ीनामा प्रकाशित करेंगे।"बता दें कि एक माह पहले 15 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने मालवीय की जमानत पर सुनवाई करते हुए उनके द्वारा प्रकाशित कुछ कार्टूनों पर नाराजगी व्यक्त की थी। अब केस की सुनवाई अगले हफ्ते होगी। कोर्ट ने कहा- 10 दिन में माफीनामा प्रकाशित करें मध्यप्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) केएम नटराज ने कहा कि जांच जारी रहने के कारण पोस्ट को हटाया नहीं जाना चाहिए। नटराज ने कहा कि माफ़ीनामा सोशल मीडिया पर इस वचन के साथ प्रकाशित किया जाए कि वह दोबारा ऐसा नहीं करेंगे। जांच में सहयोग कर सकते हैं। पीठ ने सहमति जताते हुए कहा कि मालवीय 10 दिनों के भीतर माफ़ीनामा प्रकाशित करें। विवादित कार्टून का ये है मामला एफआईआर के अनुसार, मालवीय के कार्टून में आरएसएस की वर्दी पहने एक व्यक्ति को शॉर्ट्स उतारे हुए और प्रधानमंत्री मोदी को इंजेक्शन लगाते हुए दिखाया गया था। इस कार्टून से भावनाएं आहत होने पर इंदौर के विनय जोशी ने पुलिस से शिकायत कर दी थी। पोस्ट में कथित तौर पर भगवान शिव से जुड़ी टिप्पणियां भी थीं, जिन्हें उच्च न्यायालय ने "अपमानजनक" पाया।

मध्यप्रदेश में बारिश का कहर, 23 जिलों में अलर्ट; भोपाल में झमाझम, नर्मदापुरम में तवा डैम के गेट खुले

भोपाल  मध्यप्रदेश के जबलपुर, रतलाम समेत 23 जिलों में बुधवार को भारी बारिश का अलर्ट है। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर में हल्की बारिश होने के आसार हैं। भोपाल में सुबह से रुक-रुककर पानी गिर रहा है। नर्मदापुरम में तवा डैम के 13 में से 5 गेट 5-5 फीट तक खोले गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून टर्फ, डिप्रेशन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की एक्टिविटी होने से मध्यप्रदेश में अगले चार दिन ऐसा ही मौसम रहेगा। कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होगी। आज नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। तवा डैम ओवरफ्लो, 5 गेट से छोड़ा जा रहा पानी मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण तवा डैम का जलस्तर 1164.10 फीट तक पहुंच गया है। डैम के बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने आज बुधवार 20 को सुबह 6:30 बजे से 13 में से 5 गेट को 5-5 फीट तक खोल दिया है। तवा परियोजना संभाग इटारसी के कार्यपालन यंत्री के अनुसार, इन गेटों से लगभग 43,010 क्यूसेक पानी तवा नदी में छोड़ा जा रहा है। यह इस सीजन में दूसरी बार है जब डैम के गेट खोलने पड़े हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए अलर्ट जारी किया है। तवा बांध के जल संग्रहण क्षेत्र में निरंतर वर्षा जारी है। प्रशासन ने तवा और नर्मदा नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्हें नदी के किनारे न जाने की चेतावनी भी दी गई है।तवा डैम के एसडीओ एन के सूर्यवंशी ने स्थिति की पुष्टि करते हुए बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। नर्मदापुरम जिले में बारिश का स्ट्रांग सिस्टम सक्रिय हो गया है। मंगलवार शाम को अच्छी बारिश हुई और बुधवार सुबह से भी लगातार बारिश जारी है। पचमढ़ी और सारणी क्षेत्र में बारिश के कारण तवा डैम का जलस्तर बढ़ रहा है। बुधवार सुबह 6 बजे जलस्तर 1164.10 फीट पहुंचा  मौसम विभाग का अलर्ट मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार को जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस साल 18 जून को मानसून ने जिले में दस्तक दी थी। जिले का कुल कोटे का 55 प्रतिशत यानी 29 इंच बारिश जुलाई में ही हो चुकी थी। अगस्त माह में अब तक कम बारिश हुई थी। अब तक जिले में औसतन 39 इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग ने बाकी अगस्त में अच्छी बारिश का अनुमान जताया है, जिससे औसतन बारिश का आंकड़ा बढ़ सकता है। 20 दिन बाद खोले तवा डैम के 5 गेट तवा बांध के जल संग्रहण क्षेत्र में निरंतर बारिश और जल आवक को देखते हुए बुधवार सुबह 6:30 बजे डैम के 5 गेट 5 फीट तक खोले गए। 31 जुलाई को गेट बंद कर दिए गए थे। 20 दिन बाद गेट दोबारा खोले गए हैं। प्रशासन ने लोगों को दी सलाह प्रशासन ने तवा डैम और नर्मदा नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने और नदी किनारे न जाने की सलाह दी है। जिले में 38.40 इंच औसत बारिश जिले में 18 जून को मानसून ने दस्तक थी। जून से 19 अगस्त तक जिले में 38.40 इंच औसत बारिश हो चुकी है। जुलाई माह में ही औसतन 29 इंच से ज्यादा बारिश हुई। अगस्त में उम्मीद के मुताबिक अबतक कम बारिश हुई है। मंगलवार को करीब 1 घंटे तक तेज बारिश हुई। शहर में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। जिससे शहर के जय स्तंभ चौक, गांधी प्रतिमा तिराहे के सामने सड़क पर पानी भरा गया।