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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधायक श्री खेमराज पाटीदार के निधन पर दु:ख जताया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व विधायक श्री खेमराज पाटीदार के निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री पाटीदार का देवलोकगमन पार्टी परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा की शांति एवं स्व. पाटीदार के शोकाकुल परिजन को यह दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थना की है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व राज्यपाल श्रद्धेय लालजी टंडन को श्रद्धांजलि अर्पित की

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के पूर्व राज्यपाल श्रद्धेय लालजी टंडन 'बाबूजी' की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रद्धेय टंडन जी का संपूर्ण जीवन सेवा, संगठन और अनुशासन को समर्पित रहा, जो देशभक्ति और गरीब कल्याण के संकल्प का अनुकरणीय अध्याय है। श्री लालजी टंडन के समाज सेवा कार्यों से हम सभी को सदैव राष्ट्र के प्रति कर्तव्य बोध की प्रेरणा मिलती रहेगी।  

मानसून देगा रफ्तार पकड़, 23 जुलाई से नए सिस्टम के चलते शुरू होगा तेज़ बारिश का सिलसिला

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून के कमजोर पड़ते ही बारिश का दौर थम गया है हालांकि अगले 48 घंटे बाद फिर नए वेदर सिस्टम के सक्रिय होने से तेज बारिश का दौर देखने को मिलेगा। फिलहाल 21 और 22 जुलाई को कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।जुलाई अंत में पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में तेज बारिश होने का अनुमान है। आज सोमवार को जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, नर्मदापुरम, हरदा और बैतूल जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।बता दे कि रविवार को मलाजखंड में सात, खजुराहो में दो, उज्जैन में एक मिलीमीटर बारिश हुई।दिन का सबसे अधिक 35 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया। नदियों में उफान के बाद क्या है प्रशासन की तैयारी? भारी बारिश के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने संवेदनशील गांवों को अलर्ट पर रखा है। राहत दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। भोपाल में कैसा है मौसम का हाल? भोपाल, इंदौर, उज्जैन जैसे शहरों में दिन में हल्की धूप और उमस बनी रही, लेकिन शाम होते-होते कई जगहों पर बादल छा गए और बौछारें शुरू हो गईं। वहीं, खजुराहो में सबसे ज्यादा 35 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। 23 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग की मानें तो 23 जुलाई से एक बार फिर मूसलधार बारिश की शुरुआत होगी। नागरिकों को चाहिए कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखें और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतें। मध्य प्रदेश मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान वर्तमान में मानसून द्रोणिका गहरे कम दबाव के क्षेत्र से होकर चुरू, आयानगर (दिल्ली), शाहजहांपुर, लखनऊ, पटना, बांकुरा, दीघा से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। एक गहरा कम दबाव का क्षेत्र पश्चिमी राजस्थान और उससे लगे पाकिस्तान पर बना हुआ है जिसके पश्चिम दिशा में कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने के आसार हैं। एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू के आसपास द्रोणिका के रूप में सक्रिय है। 24 जुलाई को उत्तरी बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने से फिर मानसून एक्टिव होगा और झमाझम बारिश का दौर देखने को मिलेगा। अबतक कहां कितनी हुई है वर्षा प्रदेश में अब तक औसत 20.5 इंच बारिश हो चुकी है। इस सीजन में एक जून से लेकर 20 जुलाई की सुबह साढ़े आठ बजे तक प्रदेश में कुल 521.9 मिमी. बारिश हो चुकी है, जो सामान्य वर्षा (323.2 मिमी.) की तुलना में 61 प्रतिशत अधिक है। 3 जिले निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है।इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। इन जिलों के रास्ते वापसी करेगा मानसून मौसम विज्ञानियों के अनुसार, 23 जुलाई से पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में एक नया मानसूनी द्रोणिका और अवदाब सक्रिय हो सकता है, जिसके कारण भारी बारिश (heavy rainfall) की वापसी संभव है। यह सिस्टम धीरे-धीरे पूरे पूर्वी भागों को प्रभावित कर सकता है। शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली और मऊगंज जैसे जिलों में भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य के अन्य हिस्सों में भी अच्छी बारिश की संभावनाएं बनेंगी। कहां हुई बारिश, कितने मिमी दर्ज पश्चिमी मध्य प्रदेश के मंदसौर ज़िले के धुंधरका में पिछले 24 घंटों में सबसे ज़्यादा 19 मिमी बारिश दर्ज की गई। परसवाड़ा (बालाघाट) में 16 मिमी, मलाजखंड (बालाघाट) में 14.4 मिमी, कायमपुर (मंदसौर) में 13 मिमी, सीतामऊ (मंदसौर) में 12.4 मिमी और सौसर (छिंदवाड़ा) में 10 मिमी बारिश दर्ज की गई।

सड़क दुर्घटनाओ और भ्रस्टाचार के विरोध में 23 जुलाई को कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगी कांग्रेस

सड़क दुर्घटनाओ और भ्रस्टाचार के विरोध में 23 जुलाई को कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगी कांग्रेस  राज्यपाल के नाम कलेक्टर को सौपेगे ज्ञापन    सिंगरौली  सड़क दुर्घटनाओ, शासकीय दफ़्तरों में व्याप्त भ्रस्टाचार, खाद -बीज की कमी और बार-बार बिजली कटौती को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण और शहर के संयुक्त तत्वाधान में 23 जुलाई को कलेक्ट्रेट  का घेराव किया जायेगाl  जिसमें विभिन्न समस्याओ के निराकरण हेतु राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौपेगेl  जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष  जीतू पटवारी के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश भर में खाद की उपलब्धता में कमी, बिगड़ती कानून व्यवस्था, नशे का बढ़ता कारोबार, जर्जर सड़क, महंगी एवं बार बार गुल होती बिजली, गंदा पानी, दिन-प्रतिदिन लगातार बढ़ता टैक्स, सिंगरौली जिले की स्थानीय जन समस्याओं जैसे- प्रतिदिन हो रही सड़क दुर्घटनाओं के कारण असमय हो रही मौत से बचाव के लिए वैकल्पिक सुविधाओं की मांग, कोल ट्रांसपोर्ट के लिए बाईपास की मांग, प्रशासनिक स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर जिला स्तर पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। इसके संबंध में जिला कांग्रेस कमेटी सिंगरौली शहर  अध्यक्ष अरविन्द सिंह चंदेल एवं ग्रामीण  अध्यक्ष ज्ञानेंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में 23 जुलाई को  दोपहर 3 बजे राजीव चौक माजन मोड़ से चलकर पदयात्रा के माध्यम से विरोध प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय सिंगरौली पहुंचकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। कलेक्ट्रेट कार्यालय में ज्ञापन देने के लिए सिंगरौली जिले से कांग्रेस पार्टी के सभी वरिष्ठ नेतागण, जिले में निवासरत प्रदेश कांग्रेस के समस्त पदाधिकारी गण, नगरीय निकाय के नेता प्रतिपक्ष, उपनेता प्रतिपक्ष एवं समस्त पार्षदगण, जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष गण, पदाधिकारी एवं पूर्व पदाधिकारीगण, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवादल, एनएसयूआई के वर्तमान एवं पूर्व अध्यक्ष, समस्त पदाधिकारी सभी सहयोगी संगठनों एवं प्रकोष्ठों के वर्तमान एवं पूर्व अध्यक्ष पदाधिकारी ब्लॉक मंडलम सेक्टर के अध्यक्ष गण एवं पदाधिकारी गण, सभी बीएलए एवं बूथों के अध्यक्षों से आवश्यक रूप से शामिल होने की अपील की गई हैl

लीला साहू की जिद हुई कामयाब, आखिरकार शुरू हुआ सड़क का काम

सीधी  सीधी जिले की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लीला साहू की मुखर आवाज रंग लाई. गर्भवती महिला की मांग पर अब सड़क निर्माण कार्य शुरू हो गया है. इसकी जानकारी खुद लीला ने ही एक वीडियो के जरिए दी.  रामपुर नैकिन विकासखंड इलाके के खड्डी खुर्द के बगैया टोला से गजरी को जोड़ने वाली सड़क की बेहद खराब स्थिति में थी. इसी को लेकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लीला साहू पिछले एक साल से संघर्ष कर रही थीं.  उन्होंने जिले के कलेक्टर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री  मोहन यादव, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और सांसद राजेश मिश्रा से सड़क निर्माण की मांग की थी. सड़क निर्माण के लिए ग्रामीणों संग आवाज उठाती गर्भवती लीला. लीला ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर सड़क की दुर्दशा दिखाई, जिससे भाजपा सरकार की काफी किरकिरी हुई.  लीला साहू का कहना था कि खराब सड़क होने से गांव की छह गर्भवती महिलाओं को अस्पताल जाने के लिए एंबुलेंस उनके घर तक नहीं पहुंच पाएगी. इस मामले में प्रदेश के लोक निर्माण  (PWD) मंत्री राकेश सिंह और सांसद डॉ. राजेश मिश्रा के बेतुके बयानों से भी विवाद हुआ. अब जिला प्रशासन ने बारिश के समय लीला साहू और गांव की समस्या को संज्ञान में लेते हुए सड़क निर्माण का प्रारंभिक कार्य शुरू कर दिया है. लीला साहू ने खुद सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर जेसीबी मशीन और रोलर के साथ सड़क निर्माण कार्य दिखाया और खुशी जाहिर की.  सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लीला ने कहा कि खराब सड़क के कारण एक बार उनके घर तक एंबुलेंस नहीं आ पाई थी, अब इसीलिए सड़क पर अस्थायी काम शुरू हो गया है ताकि एंबुलेंस पहुंच सके.  

महाकाल के दरबार में श्रावण की श्रद्धा, महाकाल मंदिर में आस्था का जनसागर

उज्जैन  श्रावण के दूसरे सोमवार पर भगवान महाकाल की विशेष भस्मारती हुई, इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने चलित भस्मारती के दर्शन किए। सुबह से ही बड़ी संख्या में भोलेनाथ के भक्त मंदिर में उनके दर्शन पाने को उमड़ रहे हैं। शहर के हरसिद्धि मंदिर, गढ़ कालिका मंदिर, काल भैरव मंदिर और मंगलनाथ मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आज श्रावण के दूसरे सोमवार पर बाबा महाकाल की सवारी के दर्शन के लिए भी भक्त उज्जैन पहुंच रहे हैं। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास का उल्लास छाया है। श्रावण मास के दूसरे रविवार को मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। देशभर से आए ढाई लाख से अधिक भक्तों ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। भस्म आरती में भी 6616 दर्शनार्थियों ने चलायमान दर्शन व्यवस्था का लाभ लिया। कम समय में सुविधा से भगवान महाकाल के दर्शन कर भक्त खुश नजर आए। श्रावण के दूसरे सोमवार पर सुबह से ही मध्यप्रदेश के शिवालयों में भक्त पहुंच रहे हैं। उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में स्वस्तिवाचन कर पट खोले गए। कर्पूर आरती के बाद नंदी का स्नान, ध्यान, पूजन किया गया। भगवान महाकाल का जल अभिषेक करने के बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। रजत चंद्र, त्रिशूल, मुकुट, आभूषण, भांग, चंदन और ड्रायफ्रूट से श्रृंगार कर भस्म अर्पित की गई। शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाला और रुद्राक्ष के साथ-साथ सुगंधित फूलों की माला भगवान महाकाल ने धारण की। फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया। शाम चार बजे जगतपिता महाकाल अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलेंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव भी महाकाल की सवारी में शामिल होंगे। सुबह साढ़े 10 बजे तक यहां 85 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। खंडवा के ओंकारेश्वर में सुबह 5 बजे मंगला आरती हुई। ओंकार महाराज का फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया। नैवेद्य में 56 भोग अर्पित किए गए। ग्वालियर में अचलेश्वर महादेव मंदिर को फूलों से सजाया गया है। सुबह 4 बजे से ही भक्त यहां भोले को अभिषेक करने पहुंच रहे हैं। सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में विशेष अनुष्ठान किए जा रहे हैं। रात से ही कांवड़ यात्रियों की भी कतारें लगी हैं। भोपाल के बड़वाले महादेव, गुफा मंदिर, रायसेन के भोजपुर में भोजेश्वर महादेव में भी श्रद्धालु शिवशंकर के दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। छतरपुर के जटाशंकर धाम को फूलों से सजाया गया है। सुबह 4:30 बजे से रात 11 बजे तक दर्शन महाकाल मंदिर समिति द्वारा भगवान महाकाल के दर्शन करने आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या का निर्धारण हेडकाउंटिंग मशीन द्वारा किया जाता है। मंदिर से प्राप्त जानकारी के अनुसार 20 जुलाई रविवार को तड़के 3 बजे भस्म आरती में 6 हजार 616 भक्तों ने चलायमान व्यवस्था से भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शनकिए। तड़के 4.30 बजे आरती संपन्न होने बाद आम दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ, जो रात 11 बजे मंदिर के पट बंद होने तक निरंतर चलता रहा। मंदिर प्रशासन की जानकारी के अनुसार तड़के 4.30 से शाम 6 बजे तक 2 लाख 21 हजार 737 भक्तों ने भगवान महाकाल के दर्शन कर लिए थे। इसके बाद रात 11 बजे पट बंद होने तक भक्तों की संख्या ढाई लाख को पार कर गई थी। 21 जुलाई को श्रावण का दूसरा सोमवार व भगवान महाकाल की सवारी होने से दर्शनार्थियों की संख्या औरअधिक रहने का अनुमान है।

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने 2025 में होने वाली परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया था, लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा

 भोपाल  मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने 2025 में होने वाली परीक्षाओं का कैलेंडर जारी कर दिया था, लेकिन इस कैलेंडर का पालन नहीं किया जा रहा है। कृषि स्नातक में प्रवेश के लिए आयोजित किए जाने वाले प्री-एग्रीकल्चर टेस्ट (पीएटी)-2025 मई में प्रस्तावित था, लेकिन अब 26 जुलाई को आयोजित किया जाएगा है। इस साल 15 भर्ती और पांच प्रवेश परीक्षाएं आयोजित किए जाने का कैलेंडर जारी किया गया था। इनमें से अब तक छह भर्ती परीक्षाएं ही आयोजित की जा सकी हैं, जो करीब एक या दो माह की देरी से हुईं। वहीं जुलाई से दिसंबर तक आठ प्रवेश परीक्षाओं के लिए अभी तक आवेदन ही नहीं लिए गए हैं। अब अगले साल 2026 में जनवरी से मई तक सात परीक्षाएं होंगी। अभ्यर्थियों का कहना है कि कई भर्ती परीक्षाएं समय से आयोजित नहीं की जा रही हैं, जिससे उम्र की समय-सीमा भी निकल रही है। सिलेबस अपलोड हो जाएं तो तैयारी में आसानी हो जाएगी इस साल के कैलेंडर के हिसाब से आठ परीक्षाएं होने वाली हैं। इसके अलावा मंडल नियमावली और सिलेबस भी आवेदन के साथ जारी करता है, जिससे अभ्यर्थियों को तैयारी का समय नहीं मिल पाता है। अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर पहले से सिलेबस अपलोड कर दिए जाएं तो परीक्षा की तैयारी करने में आसानी हो जाएगी। बता दें कि इस साल विभिन्न विभागों में करीब 25,472 पदों पर भर्ती प्रक्रिया की जा रही है। प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा का सिलेबस बदल दिया सरकारी स्कूलों के कुल 13089 पदों पर भर्ती के लिए प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। एक अगस्त तक आवेदन होंगे। 31 अगस्त से परीक्षाएं होने वाली हैं। परीक्षा में करीब डेढ़ माह का समय शेष है, लेकिन सिलेबस बदलने से परेशानी बढ़ गई है। इसमें बाल मनोविज्ञान, पर्यावरण और संस्कृत को हटाया गया है। साथ ही अंग्रेजी को वैकल्पिक के बदले अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा विज्ञान व सामाजिक विज्ञान के विषय को जोड़ा गया है। ऐसे में अभ्यर्थियों का कहना है कि नए सिलेबस के साथ परीक्षा की तैयारी करना संभव नहीं है। इसके लिए कम से कम दो से तीन माह का समय चाहिए। विभाग की ओर से पद तय करने में देरी होती है     कैलेंडर का पालन किया जाता है। कई बार विभाग की ओर से पद तय करने में देरी होती है। हालांकि पूरा प्रयास किया जाता है कि समय से परीक्षाएं हों और परिणाम भी समय से जारी किया जाए। – साकेत मालवीय, संचालक, ईएसबी  

श्रावण की आस्था के बीच महाकाल की दूसरी सवारी, मनमहेश हाथी पर सवार, चंद्रमौलेश्वर की रजत पालकी ने मोहा मन

उज्जैन  12 ज्योतिर्लिंगों में से एक दक्षिणमुखी भगवान महाकालेश्वर श्रावण महीने के दूसरे सोमवार 21 जुलाई को हाथी पर मनमहेश स्वरूप में व रजत पालकी में चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में नगर भ्रमण पर मंदिर से शाम 04 बजे निकलेंगे. खास बात ये है बाबा की सवारी में 7 राज्यों के लोकनृत्य कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगे. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बाबा महाकाल का मंदिर के सभामंडप में पूजन अर्चन करेंगे. बता दें कि कुल 6 सवारी श्रावण और भाद्रपद में निकलना है. सभी की अलग-अलग थीम है. रोजाना एक लाख भक्त आ रहे हैं दर्शन करने महाकाल की नगरी में भक्तिमय माहौल है. एक ओर कांवड़िए बोल बम के जयकारे लगाते हुए नगरी में प्रवेश कर रहे हैं तो रोजाना 1 लाख से अधिक भक्त बाबा के दर्शन कर रहे हैं. मंदिर के लड्डू प्रसादी की बिक्री में भी बढ़ोतरी हुई है. पहले सोमवार को ढाई लाख से अधिक भक्तों ने बाबा के दर्शन किए थे. इसके अलावा सवारी मार्ग में लाखों की संख्या अलग थी. सावन के दूसरे सोमवार को लोगों की आस्था देखते हुए ये रिकॉर्ड टूट सकता है. सवारी का वैभव बढ़ाते है ये खास दृश्य महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार "बाबा महाकाल की सवारी में सबसे आगे विशाल भगवा ध्वज और शंखनाद होगा. भगवान मनमहेश हाथी पर तो भगवान चंदमौलेश्वर रजत पालकी में सवार होंगे. कहार बाबा की पालकी उठाएंगे. मंदिर के मुख्य द्वार पर होमगार्ड पुलिस के जवान गार्ड ऑफ ऑनर देंगे. घुड़सवार, कड़ा बिन(तोप), पुलिस बैंड व प्राचीन परंपरा अनुसार बाबा के आगे उद्घोष करता सेवक. 9 भजन मंडली, झांझ डमरू दल, 7 राज्यों के लोकनृत्य कलाकार व अन्य सवारी का वैभव बढ़ाएंगे. पूरे मार्ग में फूलों की वर्षा होगी. रंगोली बनाते कलाकार होंगे." ये है नगर भ्रमण का परंपरागत मार्ग बाबा महाकाल की सवारी मंदिर से महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाडी से होती हुई रामघाट पहुंचेगी. जहां मां शिप्रा नदी के जल से भगवान का अभिषेक होगा. आरती पूजन के बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ की धर्मशाला, कार्तिक चौक खाती का मंदिर, सत्यीनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार से होती हुई महाकालेश्वर मंदिर लौटेगी. भक्तों को रथ पर लगी LED में होंगे लाइव दर्शन महाकालेश्वर भगवान की सवारी में बड़ी संख्या में आने वाले भक्तों में कई भक्त बाबा को नजदीक से भीड़ के कारण देख नहीं पाते, ऐसे श्रद्धलुओं के लिए मंदिर समिति ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर लाइव व सवारी के दौरान चलित रथ में एलईडी के माध्यम से भगवान के दर्शन की व्यवस्था रहेगी. मंदिर प्रबंध समिति ने किया भक्तों से आग्रह मंदिर समिति, जिला व पुलिस प्रशासन ने सवारी के दौरान श्रद्धालुओं से अपील की है कि उल्टी दिशा में न चलें, सवारी निकलने तक अपने स्थान पर खड़े रहें. दर्शनार्थी कृपया गलियों में वाहन खड़े न रखें. श्रद्धालु सवारी के दौरान सिक्के, नारियल, केले, फल आदि न फेंके. सवारी के बीच में प्रसाद और चित्र वितरण न करें. इसके अलावा पालकी के आसपास अनावश्यक संख्या में लोग न रहें. सवारी मार्ग में सड़क की ओर व्यापारीगण भट्टी चालू न रखें और न ही तेल का कड़ाव रखें. बिजली के खंभे से दूर रहें व प्राशासनिक व्यवस्था में सहयोग करें. जानिए कब कौन सी थीम पर बाबा की सवारी पहले सोमवार में 500 बटुकों का शिप्रा नदी किनारे वैदिक उद्घोष हुआ. दूसरे सोमवार को 7 राज्यों के लोक नृत्य कलाकारों की प्रस्तुतियां. उड़ीसा का जोड़ी शंख, छत्तीसगढ़ का पंथी लोक नृत्य, महाराष्ट्र के नासिक का सोंगी मुखोटा, गुजरात के राठवा आदिवासी जनजातीय होली नृत्य, मध्यप्रदेश के छतरपुर का बरेदी लोक नृत्य, हरियाणा का हरियाणवी घूमर, मध्यप्रदेश के धार का भील जनजातीय नृत्य, राजस्थान का गैर घुमरा जनजातीय नृत्य. पुलिस व आर्मी बैंड देंगे आकर्षक प्रस्तुति तीसरे सोमवार को पुलिस बैंड, आर्मी बैंड, होमगार्ड बैंड और निजी स्कूलों के बैंड के द्वारा आकर्षक प्रस्तुति दी जाएंगी. चौथे सोमवार को पर्यटन की थीम पर मांडू के महल, सांची के स्तूप, खजुराहो के शिव मंदिर, देवी अहिल्या किला महेश्वर, भीमबेटका, ग्वालियर का किला, उदयगिरि की गुफाएं, विदिशा बाग की गुफाएं, धार की झांकियां निकाली जाएंगी. पांचवें सोमवार को सवारी में धार्मिक थीम रहेगी, जिसमें कृष्ण पाथेय और प्रदेश के धार्मिक पर्यटन स्थलों व मंदिरों की झांकी निकाली जाएंगी. छठे सोमवार को 70 से अधिक भजन मंडलियों द्वारा प्रस्तुति दी जाएंगी. इस प्रकार होता है श्रावण महोत्सव का आयोजन प्रत्येक वर्ष अनुसार श्रावण महोत्सव हर शनिवार शाम मंदिर के समीप ही 07 बजे से त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय के सभा कक्ष में आयोजित किया जा रहा है. ये आयोजन 13 जुलाई से शुरू हुए जो 16 अगस्त तक 23 दिन तक (श्रावण महोत्सव शनिवार के दिन, सवारी सोमवार के दिन, नाग पंचमी 29 जुलाई और 15 अगस्त का दिन छोड़कर) महाकालेश्वर सांस्कृतिक संध्या नाम से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. इनकी प्रस्तुति महाकाल महालोक परिसर में सप्त ऋषियों की मूर्ति के पास शाम को 6 बजे से 8 बजे तक दी जा रही है, इसमें देशभर से 47 कलाकार समूह प्रस्तुति दे रहे हैं. कब-कब निकलेगी बाबा महाकाल की सवारी पहली सवारी 14 जुलाई, दूसरी सवारी 21 जुलाई, तीसरी सवारी 28 जुलाई, चौथी सवारी 4 अगस्त, पांचवीं सवारी 11 अगस्त और राजसी सवारी 18 अगस्त को निकाली जाएगी.    हर सवारी में कैसा रहेगा बाबा महाकाल का स्वरूप पहली सवारी में भगवान मनमहेश, दूसरी में चंद्रमौलेश्वर और हाथी पर मनमहेश, तीसरी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव, चौथी सवारी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव और नंदी रथ पर उमा महेश, पांचवीं सवारी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव नंदी रथ पर उमा महेश और रथ पर होलकर स्टेट और राजसी सवारी में पालकी में चंद्रमोलेश्वर हाथी पर मन महेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव नंदी रथ पर उमा महेश, रथ पर होलकर स्टेट और रथ पर सप्तधान मुखारविंद के रूप में भगवान विराजित होंगे.

निशातपुरा थाना प्रभारी ने की आत्महत्या की कोशिश, पारिवारिक तनाव के कारण उठाया कदम

भोपाल राजधानी भोपाल में निशातपुरा थाना प्रभारी ने जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की. उन्हें गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती किया गया. फिलहाल उनका ICU में इलाज जारी है. सूचना मिलते ही विभाग के आला अधिकारी अस्पताल पहुंचे. थाना प्रभारी ने की आत्महत्या की कोशिश निशातपुरा थाना प्रभारी रुपेश दुबे ने आत्महत्या की कोशिश की. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक, पारिवारिक तनाव की वजह से थाना प्रभारी रुपेश दुबे ने जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की. यह घटना रविवार की देर रात की है.  रूपेश दुबे वर्तमान में निशातपुरा थाने के प्रभारी हैं और थाने के पास ही एक किराये के कमरे में रहते हैं, जबकि उनकी पत्नी और बच्चे कोलार स्थित उनके निजी मकान में रहते हैं। शनिवार रात पत्नी से फोन पर विवाद के बाद दुबे ने घर न आने की बात कही, जिसके बाद उन्होंने जहर खा लिया। पत्नी को जब इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने तुरंत थाने के स्टाफ को सूचना दी और थाने की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी देर रात अस्पताल पहुंचे और टीआई दुबे की हालत पर नजर बनाए हुए हैं। शहर के कई थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर जानकारी ली। दुबे के कई बैचमेट्स भोपाल के विभिन्न थानों में पदस्थ हैं, जिनमें टीआई मनीषराज सिंह भदौरिया और सुधीर अरजरिया भी शामिल हैं। पारिवारिक विवाद बना आत्मघाती कदम की वजह पुलिस सूत्रों के मुताबिक, टीआई दुबे और उनकी पत्नी के बीच पिछले कुछ महीनों से मतभेद चल रहे थे। पारिवारिक कलह के चलते ही वे थाने के पास अलग किराए के कमरे में रह रहे थे। पहले भी दोनों के बीच विवाद की खबरें सामने आ चुकी हैं, हालांकि तब अधिकारियों की मध्यस्थता से मामला शांत हो गया था। शनिवार रात भी विवाद के दौरान दुबे ने जहर खाकर आत्महत्या करने की धमकी दी और जहरीला पदार्थ सेवन कर लिया। इसके बाद उनकी पत्नी कोलार से बच्चों के साथ निशातपुरा पहुंचीं और तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। फिलहाल पुलिस अधिकारी उनकी सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और वरिष्ठ चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मामले की गंभीरता को देखते हुए पारिवारिक कारणों की भी गहराई से जांच कर रहे हैं।  गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती बता दें कि रात में ही पत्नी ने रुपेश दुबे को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया. वहीं हालात गंभीर होने के बाद उन्हें  निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां उनका इलाज जारी है.  पुलिस महकमे में मचा हड़कंप इधर, घटना की सूचना मिलते ही विभाग के आला अधिकारी अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से उचित चिकित्सा सुविधा देने के लिए कहा.

पत्रकारिता को समाज सेवा से जोड़ा प्रभाष जी ने: उप मुख्यमंत्री शुक्ल का सम्मानपूर्ण वक्तव्य

प्रभाष जी की पत्रकारिता जनहित के लिए समर्पित रही: उप मुख्यमंत्री शुक्ल पत्रकारिता को समाज सेवा से जोड़ा प्रभाष जी ने: उप मुख्यमंत्री शुक्ल का सम्मानपूर्ण वक्तव्य नई दिल्ली में "प्रभाष प्रसंग” कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि स्वर्गीय प्रभाष जोशी ने पत्रकारिता को केवल पेशा नहीं, बल्कि लोकमंगल का माध्यम बनाया। उन्होंने जनचेतना को जागृत करने, लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने और सामाजिक सरोकारों को मुखर स्वर देने में अपनी लेखनी के माध्यम से अद्वितीय योगदान दिया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल नई दिल्ली स्थित सत्याग्रह मंडप, राजघाट परिसर में प्रख्यात पत्रकार स्व. प्रभाष जोशी की स्मृति में “प्रभाष प्रसंग” कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने प्रख्यात पत्रकार स्व. प्रभाष जोशी को उनकी विचारशील पत्रकारिता, सामाजिक प्रतिबद्धता एवं सांस्कृतिक चेतना के लिए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आज के समय में जब सूचना के माध्यमों की प्रामाणिकता और जिम्मेदारी पर प्रश्नचिह्न उठते हैं, ऐसे में प्रभाष जी जैसे उत्कृष्ट मानक स्थापित करने वाले पत्रकारों की स्मृति और मूल्य और अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। उनकी विरासत नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, पद्मभूषण रामबहादुर राय, पद्मजवाहरलाल कौल सहित अनेक गणमान्यजन एवं पत्रकारिता, साहित्य एवं संस्कृति से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने प्रभाष जोशी जी के जीवन, विचार और कार्यशैली पर प्रकाश डाला और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।