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चाल और कद-काठी ने जीता दिल: पुष्कर मेले में ‘नगीना’ बनी आकर्षण का केंद्र

पुष्कर अजमेर का विश्वप्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय पुष्कर पशु मेला इस बार एक खास मेहमान की वजह से चर्चा में है। यह मेहमान है 1 करोड़ रुपये मूल्य की मारवाड़ी नस्ल की घोड़ी ‘नगीना’, जो अपने सौंदर्य, चाल और अनोखी बनावट से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रही है।  पंजाब से आई ‘नगीना’, दिलबाग की बेटी और 5 शो की विजेता भटिंडा (पंजाब) के सरां स्टड फार्म के मालिक गोरा भाई हर साल पुष्कर मेले में अपने श्रेष्ठ घोड़े लेकर पहुंचते हैं। इस बार वे 10 घोड़े-घोड़ियों के साथ आए हैं और जल्द ही 15 और पशु लाने वाले हैं। गोरा भाई बताते हैं कि नगीना देशभर में मशहूर घोड़े ‘दिलबाग’ की बेटी है। वह अब तक 5 राष्ट्रीय शो में विजेता रह चुकी है। मात्र 31 महीने की उम्र में ही वह अपनी नस्ल की सर्वश्रेष्ठ घोड़ियों में गिनी जाती है और वर्तमान में ढाई महीने की गर्भवती भी है।   63 इंच की ऊंचाई और रेशमी चाल ने जीता दिल नगीना की हाइट 63 इंच है, जो आने वाले समय में 66 इंच तक पहुंचने की संभावना है। पशु विशेषज्ञों के अनुसार, मारवाड़ी नस्ल के घोड़ों में यह कद और चाल अत्यंत दुर्लभ मानी जाती है। गोरा भाई ने बताया कि नगीना की चाल बेहद रेशमी है, उसकी गर्दन की लचक और शरीर की बनावट उसे अन्य घोड़ियों से अलग बनाती है। लग्जरी खानपान और 8 लोगों की टीम करती है देखभाल नगीना की देखभाल किसी रानी से कम नहीं। उसके लिए 7 से 8 लोगों की टीम 24 घंटे तैनात रहती है। उसे उच्च गुणवत्ता वाला चारा, सूखे मेवे और विशेष सप्लीमेंट्स दिए जाते हैं। सरां स्टड फार्म में 5 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक की घोड़े-घोड़ियां हैं, जिनमें नगीना सबसे कीमती मानी जाती है।   नगीना बनी दर्शकों की पसंदीदा, खरीददारों की नजरें भी टिकीं पुष्कर मेले में नगीना को देखने के लिए देशभर से आए पशुपालक और पर्यटक जुट रहे हैं। गोरा भाई का कहना है कि यदि कोई उचित कीमत की पेशकश करता है तो वे नगीना को बेचने पर विचार कर सकते हैं। अभी तक नगीना मेले की सबसे आकर्षक और चर्चित घोड़ी बन चुकी है।

‘मुझे तो 10-10 थप्पड़ मारते थे’ — SDM छोटूलाल पर पत्नी पूनम के गंभीर आरोप से मचा हड़कंप

भीलवाड़ा भीलवाड़ा सीएनजी पंप विवाद में निलंबित आरएएस अधिकारी छोटूलाल शर्मा का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। एक ओर जहां शर्मा ने अपनी पत्नी दीपिका व्यास के साथ सामने आकर खुद को निर्दोष बताया था, वहीं अब उनकी पहली पत्नी पूनम जखोड़िया भी खुलकर सामने आई हैं और कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पूनम ने न केवल घरेलू हिंसा की बात कही है, बल्कि यह भी दावा किया है कि दोनों के बीच तलाक की प्रक्रिया अभी न्यायालय में लंबित है।   ‘मैं आज भी उनके नाम का सिंदूर भरती हूं’ पिलानी निवासी पूनम जखोड़िया ने कहा कि वह आज भी छोटूलाल शर्मा के नाम का सिंदूर भरती हैं और उन्हें अपना पति मानती हैं। उन्होंने बताया कि जब शर्मा संघर्ष के दौर में थे, तब उन्होंने गरीबी में पढ़-लिखकर परिवार को संभाला और हर मुश्किल में उनका साथ दिया। लेकिन जैसे ही छोटूलाल आरएएस अधिकारी बने, उनका व्यवहार पूरी तरह बदल गया। पूनम ने भावुक होकर कहा कि गरीबी के दिनों में मैंने बच्चों को पालने के लिए खुद मेहनत की, लेकिन आरएएस बनते ही उनका दिमाग फिर गया। अब वह मुझे और बच्चों को नजरअंदाज करते हैं।   ‘मुझे थप्पड़ मारते थे, बच्चे डर से कुर्सियों के पीछे छिप जाते थे’ पूनम जखोड़िया ने अपने बयान में दावा किया कि छोटूलाल शर्मा का स्वभाव हिंसक था। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि उन्होंने पंप वाले को एक थप्पड़ मारा, लेकिन मुझे तो 10-10 थप्पड़ मारते थे। बच्चे डर के मारे बिस्तर और कुर्सियों के पीछे छिप जाते थे।   पूनम ने आगे बताया कि उन्होंने 2022 में भी छोटूलाल शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि शर्मा उन्हें धमकाते थे और कहते थे कि मैं आरएएस हूं, कानून और पुलिस मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती। उनका दावा है कि कई बार पुलिसकर्मी खुद उनके घर के बाहर खड़े रहते थे और शर्मा को सलाम करते थे। इस वजह से वह लंबे समय तक शिकायत करने से डरती रहीं।

दुर्घटना का कहर: मृतकों की संख्या बढ़कर 27, हादसे में एक और घायल की जान गई

जैसलमेर जोधपुर-जैसलमेर हाइवे पर बस आग हादसे ने एक बार फिर राजस्थान को शोक में डूबो दिया है। शनिवार को इलाज के दौरान एक और घायल इकबाल ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद इस भीषण हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। हादसे में घायल एक व्यक्ति अब भी वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है, जबकि चार अन्य घायलों का सामान्य वार्ड में इलाज जारी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सभी घायलों की हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की टीमें चौबीसों घंटे ड्यूटी पर हैं ताकि किसी भी तरह की स्थिति से निपटा जा सके। इलाज के दौरान तोड़ा दम, परिवार में मचा कोहराम महात्मा गांधी अस्पताल, जोधपुर के अधीक्षक डॉ. फतेह सिंह भाटी ने बताया कि लाठी गांव निवासी ओमप्रकाश (40), जो वेंटिलेटर पर भर्ती थे, ने मंगलवार को इलाज के दौरान अंतिम सांस ली थी। इसके बाद शनिवार को एक और घायल इकबाल ने भी दम तोड़ दिया। दोनों ही मरीज गंभीर रूप से झुलसे हुए थे और पिछले कई दिनों से वेंटिलेटर पर थे। डॉ. भाटी ने कहा कि हमारी पूरी कोशिश थी कि सभी को बचाया जा सके, लेकिन झुलसने की गंभीरता बहुत ज्यादा थी। एयरफोर्स परीक्षा देकर लौट रहा युवक भी नहीं बच सका हादसे के पीड़ितों में एक नाम महिपाल सिंह का भी था, जिसने 18 अक्तूबर को अपनी अंतिम सांस ली। महिपाल एयरफोर्स की परीक्षा देकर जैसलमेर से अपने गांव लौट रहा था। हादसे के वक्त वह बस में सवार था और उसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह झुलसने के बाद खुद बस से नीचे उतरता दिखा था। बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।   कैसे हुआ यह दिल दहला देने वाला हादसा राजस्थान के जैसलमेर जिले में 14 अक्तूबर यानी मंगलवार दोपहर चलती एसी बस में अचानक भीषण आग लग गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। बस का फाटक लॉक हो गया था, जिससे कई लोग अंदर फंस गए। कुछ यात्रियों ने खिड़कियां तोड़कर किसी तरह अपनी जान बचाई। बस में कुल 57 यात्री सवार थे। शुरुआती जांच में पता चला कि शॉर्ट सर्किट से बस के इंजन में आग लगी, जो देखते ही देखते पूरे वाहन में फैल गई। अधिकांश यात्री जोधपुर और जैसलमेर के ग्रामीण इलाकों से थे और कामकाज या परीक्षा से लौट रहे थे। राज्यभर में शोक, सरकार ने की थी मदद की घोषणा इस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। मुख्यमंत्री और स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की थी। वहीं, सरकार ने हादसे की मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए थे ताकि आग लगने की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके।   मौतों का बढ़ता आंकड़ा और टूटते परिवार अब तक इस हादसे में 27 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से कई एक ही परिवार के सदस्य थे, जिनकी एक साथ चिताएं जलने से गांवों में मातम का माहौल है। घायलों के परिजन अब भी अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं और हर गुजरते दिन के साथ उम्मीदें कमजोर पड़ती जा रही हैं।

बॉन्ड नीलामि से राजस्थान को 5,000 करोड़ का कर्ज, RBI से हुआ समझौता

जयपुर राजस्थान सरकार ने विकास कार्यों और योजनाओं के वित्तीय प्रबंधन के लिए इस बार 5000 करोड़ रुपये का कर्ज रिजर्व बैंक (RBI) के माध्यम से स्टेट ग्रांटेड सिक्योरिटीज (SGS) बॉन्ड जारी करके जुटाया है। यह राशि सरकार ने सीधे कर्ज लेने के बजाय तीन अलग-अलग बॉन्ड के जरिए एकत्र की है। इन बॉन्ड्स की अदायगी 10 से 26 साल की अवधि में की जाएगी।  तीन बॉन्ड से जुटाए 5000 करोड़ रुपये आरबीआई की ओर से जारी की गई प्रेस रिलीज के अनुसार ; राजस्थान SGS 2043 बॉन्ड के रि-इश्यू से 1500 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं, जिस पर 7.57% ब्याज देना होगा (अवधि 18 वर्ष)। राजस्थान SGS 2035 बॉन्ड के जरिए 2000 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं, जिस पर 7.23% ब्याज (अवधि 10 वर्ष) निर्धारित है। राजस्थान SGS 2051 बॉन्ड से 1500 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं, जिसकी अवधि 26 वर्ष है और ब्याज दर 7.30% रखी गई है। राज्य सरकार हर साल विकास योजनाओं के लिए बॉन्ड के माध्यम से फंड जुटाती है, लेकिन इस बार अन्य राज्यों की तुलना में राजस्थान को अपने बॉन्ड पर थोड़ा अधिक ब्याज देना पड़ रहा है। अन्य राज्यों ने भी बॉन्ड से जुटाया फंड राजस्थान के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु ने भी आरबीआई के जरिए फंड जुटाया है।     महाराष्ट्र ने 5000 करोड़,     तमिलनाडु ने 3000 करोड़,     छत्तीसगढ़ ने 2000 करोड़,     और उत्तर प्रदेश ने 2000 करोड़ रुपये जुटाए हैं। तमिलनाडु को अपने बॉन्ड पर राजस्थान की तुलना में कम ब्याज दर पर फंड मिला है।  दिवाली के दिन हुआ बॉन्ड नीलामी परिणाम जारी 20 अक्टूबर (दिवाली के दिन) आरबीआई ने राजस्थान समेत सभी राज्यों के बॉन्ड की नीलामी आयोजित की थी। इसके बाद बॉन्ड नीलामी के परिणाम सार्वजनिक किए गए।  बढ़ता कर्ज, विकास योजनाओं के लिए कर्ज पर निर्भरता राजस्थान सरकार पर कुल कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है। बीते 10 वर्षों में राज्य का ऋण तेजी से बढ़ा है और अब यह 8 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है। बजट दस्तावेजों के अनुसार, 2025-26 तक यह आंकड़ा 8 लाख करोड़ पार कर सकता है। सरकार की आय का बड़ा हिस्सा कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में खर्च हो जाता है, जिसके कारण विकास कार्यों के लिए कर्ज लेना मजबूरी बन गया है। इस साल राजस्थान ने अपने बजट में करीब 70 हजार करोड़ रुपए का कर्ज प्रस्तावित किया है।

राजस्थान में बड़ा प्रशासनिक एक्शन: सीएम भजनलाल शर्मा ने 210 अफसर-कर्मचारियों पर की अनुशासनात्मक कार्यवाही

जयपुर  भजनलाल सरकार आमजन को संवेदनशील, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में राजकीय कार्य के निष्पादन में लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं भ्रष्टाचार के दोषी कार्मिकों के विरुद्ध निरंतर सख्त कार्रवाई की जा रही है। राजकीय सेवाओं में अनुशासन और ईमानदारी के लिए सर्वाेपरि स्थान सुनिश्चित करने के क्रम में राज्य सरकार द्वारा गत पौने दो वर्ष में कुल 210 कार्मिकों के विरुद्ध विभिन्न अनुशासनात्मक कार्यवाहियां की गई हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का मानना है कि अधिकारी-कर्मचारी सरकार के शासन तंत्र की मुख्य धुरी हैं, जिनकी जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में अहम भूमिका होती है। ऐसे में कार्मिक पूरे समर्पण भाव एवं सत्यनिष्ठा से काम करते हुए राज्यहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें, ताकि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके। 66 अधिकारियों को किया निलंबित, 98 कार्मिकों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति राज्य सरकार ने 20 माह के कार्यकाल में आपराधिक प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए अखिल भारतीय सेवा एवं राज्य सेवा के 66 अधिकारियों को निलंबित किया है। इसी प्रकार, आपराधिक प्रकरणों में दोष सिद्ध पाए जाने पर 6 अधिकारियों को पदच्युत एवं 9 अधिकारियों के विरूद्ध आजीवन शत प्रतिशत पेंशन रोकने संबंधी कार्रवाई की है। राजकीय सेवाओं में ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा सुनिश्चित करने के क्रम में राज्य सरकार ने 20 माह के कार्यकाल में ही 98 कार्मिकों के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति प्रदान की है। वहीं, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की धारा 17ए के तहत कुल 31 प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण किया है। 

सर्द हवाओं का असर: राजस्थान का तापमान 13°C से नीचे, कोटा-उदयपुर में बारिश की संभावना

जयपुर राजस्थान में अब सर्दी ने दस्तक दे दी है। सीकर के बाद अब दौसा में भी रात का तापमान गिरकर 13 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार करौली, जालोर, गंगानगर, बाड़मेर, भीलवाड़ा और अजमेर समेत कई जिलों में न्यूनतम तापमान में 1 से 1.5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। रातों में बढ़ी ठंड, दिन में गर्मी बरकरार पिछले 24 घंटे के दौरान पूरे राज्य का मौसम साफ रहा। दिन में धूप तेज रही, लेकिन रात में तापमान में गिरावट के चलते ठंड का असर बढ़ गया है। सीकर में न्यूनतम तापमान 13°C, दौसा में 13.7°C, नागौर में 14.4°C और जयपुर में 19.2°C रिकॉर्ड किया गया। वहीं, बाड़मेर में अधिकतम तापमान 37.6°C के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि जैसलमेर में 36.5°C और बीकानेर में 35.5°C दर्ज हुआ। 27 अक्टूबर को बारिश की संभावना मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि वर्तमान में अरब सागर में डिप्रेशन सिस्टम और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर सिस्टम बना हुआ है। साथ ही, एक नया पश्चिमी विक्षोभ 26-27 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिमी भारत में सक्रिय होने की संभावना है। इन तीनों सिस्टम के संयुक्त प्रभाव से उदयपुर और कोटा संभाग के जिलों में 26 से 28 अक्टूबर के बीच मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। सबसे अधिक असर 27 और 28 अक्टूबर को रहेगा, जब कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने और हल्की बारिश की स्थिति बनेगी। यह भी पढें-  जैसलमेर बस अग्निकांड: बस क्यों बन गई थी 26 लोगों की चिता? FSL रिपोर्ट में सामने आई आग लगने की वजह, जानें… किसानों और आमजन के लिए सलाह मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि संभावित बारिश को देखते हुए फसलों की कटाई और भंडारण के कार्यों में सावधानी बरतें। वहीं, तापमान में गिरावट को देखते हुए सुबह और रात के समय ठंड से बचाव के इंतजाम करने की सलाह दी गई है। बीते 24 घंटों में तापमान की स्थिति इस प्रकार रही:  अजमेर में अधिकतम 32.8°C और न्यूनतम 15.4°C, भीलवाड़ा में 31.6°C और 16°C, अलवर में 33.5°C और 15.4°C, जयपुर में 31.8°C और 19.2°C, तथा नागौर में 30.4°C और 15.5°C तापमान दर्ज हुआ। सीकर में रात का तापमान सबसे नीचे 13°C रहा, जिससे सर्दी का असर बढ़ा। उदयपुर में अधिकतम 35.2°C और न्यूनतम 18.2°C, फलोदी में 34.8°C और 20.2°C, बीकानेर में 35.5°C और 21°C, जबकि श्रीगंगानगर में 34.4°C और 17.7°C दर्ज किया गया। जैसलमेर में अधिकतम 36.5°C, बाड़मेर में 37.6°C, और चित्तौड़गढ़ में 34.6°C तापमान रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में रात के तापमान में और गिरावट की संभावना है, जबकि दिन में मौसम सामान्य रूप से शुष्क बना रहेगा।

फीस वसूली का उल्लंघन महंगा पड़ेगा, नियम तोड़ने पर कॉलेज की संबद्धता रद्द

जयपुर प्रदेश में स्थापित सभी निजी मेडिकल काॅलेजों को फीस संरचना के नियमों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करनी होगी। राज्य सरकार ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के शासन सचिव अम्बरीष कुमार ने बताया कि कुछ निजी मेडिकल काॅलेजों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वसूलने की शिकायतें मिलती थीं। इसके बाद राज्य सरकार ने छात्रों के हित में फीस वसूली के नियमों में पूर्ण पारदर्शिता रखने के उद्देश्य से यह आदेश जारी किया है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस्लामिक एकेडमी ऑफ एजुकेशन बनाम कर्नाटक राज्य मामले में दिए गए निर्णय की अनुपालना में यह आदेश जारी किया गया है, जिसमें निजी शैक्षणिक संस्थानों में शुल्क निर्धारण और प्रवेश प्रक्रिया को विनियमित करने पर जोर दिया गया है। आदेश  के अनुसार राज्य स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति द्वारा निर्धारित शुल्क संरचना का पालन सभी मेडिकल काॅलेजों के लिए अनिवार्य है। चिकित्सा शिक्षा सचिव ने बताया कि यह आदेश मुख्य रूप से निजी चिकित्सा महाविद्यालयों द्वारा अनाधिकृत रूप से अतिरिक्त शुल्क वसूली की शिकायतों के आधार पर जारी किया गया है। विशेष रूप से यूजी काउंसलिंग बोर्ड की वेबसाइट पर कुछ निजी कॉलेजों द्वारा 15 प्रतिशत सीटों को मैनेजमेंट सीट्स बताकर अतिरिक्त शुल्क प्रदर्शित किया जा रहा है, जो शुल्क नियामक समिति द्वारा अधिकृत नहीं है। यह सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय की अवहेलना है, जिसमें शिक्षा को लाभकारी व्यवसाय बनाने पर रोक लगाई गई है। शिकायतों एवं निरीक्षणों से सामने आई स्थिति कई मामलों में छात्रों से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूल करने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। राज्य सरकार को प्राप्त शिकायतों और निरीक्षणों से पता चला कि कुछ संस्थाएं व्यावसायीकरण की प्रवृत्ति अपनाकर छात्रों का शोषण कर रही हैं, जो संवैधानिक मूल्यों के विरूद्ध है। इस आदेश से ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सकेगी। आदेश के अनुसार निजी चिकित्सा महाविद्यालयों को अनुमोदित शुल्क संरचना का पालन करना होगा। सभी निजी चिकित्सा महाविद्यालयों एवं डेंटल महाविद्यालयों को समिति द्वारा निर्धारित शुल्क संरचना के अनुसार ही छात्रों से शुल्क वसूल करना होगा। ज्यादा शुल्क लिया तो ब्याज सहित लौटाना होगा, संबद्धता भी हो सकती है समाप्त चिकित्सा शिक्षा सचिव ने बताया कि अनुमोदित शुल्क से अधिक कोई अन्य शुल्क किसी भी संस्था द्वारा वसूला जाता है, तो प्रभावित छात्रों को 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ शुल्क वापस (रिफंड) किया जाएगा।नियमों का अनुपालन न करने पर संस्था की संबद्धता आरयूएचएस एवं एमएमयू से समाप्त की जा सकती है, अतिरिक्त शुल्क काॅलेज की संपत्तियों से वसूल किया जाएगा और प्रभावित छात्रों को अन्य चिकित्सा महाविद्यालयों में स्थानांतरित किया जाएगा। ऐसी संस्थाओं के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। इसकी जानकारी  एनएमसी एवं डीसीआई को भी दी जाएगी। संबद्धता समाप्त होने पर छात्रों के शुल्क और वित्तीय भार की वसूली संबंधित संस्था से की जाएगी। आदेश से फीस वसूली में आएगी पारदर्शिता, चिकित्सा शिक्षा होगी बेहतर राज्य सरकार के इस आदेश से छात्रों से अनुचित फीस वसूली पर प्रभावी रोकथाम लगेगी। साथ ही, चिकित्सा शिक्षा अधिक सुलभ और किफायती बनेगी। इससे मेरिट-आधारित प्रवेश प्रक्रिया मजबूत होगी और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को लाभ मिलेगा। शिक्षा प्रणाली के लिए पारदर्शिता बढ़ेगी, व्यावसायीकरण पर रोक लगेगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। चिकित्सा शिक्षा का स्तर बेहतर होगा और स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान करने वाले योग्य डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी। ईमानदार संस्थाओं को समान प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलेगा। चिकित्सा शिक्षा सचिव ने कहा है कि छात्र और अभिभावक प्रवेश से पहले शुल्क की आधिकारिक सूची की जांच कर लें और कोई अनियमितता पाएं तो तुरंत चिकित्सा शिक्षा विभाग या शुल्क निर्धारण समिति से शिकायत करें। 

चोरी की बाइक बनी सबूत, बीकानेर महिला जज पर लूटकांड का पर्दाफाश

बीकानेर बीकानेर में महिला जज पूजा जनागल के साथ हुई हाई प्रोफाइल लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस वारदात में शामिल मुख्य आरोपी कुशाल मेहरा पुत्र मघाराम, उम्र 29 वर्ष, निवासी इंद्रा कॉलोनी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका नाबालिग साथी हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने इस मामले में सौ से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। गुरुवार को कुछ संदिग्धों की धरपकड़ के बाद कुशाल मेहरा की पहचान पुख्ता हुई। एडिशनल एसपी सौरभ तिवाड़ी ने बताया कि पुलिस ने इंद्रा कॉलोनी, प्रताप बस्ती, बल्लभ गार्डन और रामपुरा बस्ती में संदिग्धों के फोटो एकत्र किए और महिला जज से पहचान कराई। इसके बाद कुशाल मेहरा को गिरफ्तार किया गया। कुशाल और उसके नाबालिग साथी ने पहले पीबीएम के बच्चा अस्पताल से एक मोटरसाइकिल चोरी की। चोरी की बाइक पर सवार होकर वे कलेक्टर आवास के सामने पहुंचे। वहां उन्होंने स्कूटी से गुजर रही महिला जज पूजा जनागल को धक्का मारकर गिरा दिया और लूट की वारदात को अंजाम दिया। लूट के दौरान बाइक के कुछ पार्ट टूट गए थे, जिन्हें पुलिस ने मौके से जब्त किया। इन हिस्सों के आधार पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से बाइक और आरोपियों की पहचान की। यह सबूत जांच का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। पुलिस के अनुसार, कुशाल मेहरा और उसका नाबालिग साथी दोनों नशे के आदी हैं। कुशाल पर पहले से ही चार मुकदमे दर्ज हैं, दो सदर थाना और दो बीछवाल थाना क्षेत्र में। उस पर हत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज है। दिलचस्प बात यह है कि महिला जज के पिता, जो पेशे से वकील हैं, उन्हीं पुराने मामलों में कुशाल के खिलाफ पैरवी कर रहे थे। इस हाई प्रोफाइल केस में एडिशनल एसपी सौरभ तिवाड़ी और आईपीएस विशाल जांगिड़ की अहम भूमिका रही। साथ ही सदर थाना प्रभारी दिगपाल सिंह, जेएनवीसी थानाधिकारी सुरेंद्र पचार और साइबर सेल के एएसआई दीपक की सतर्कता ने आरोपी तक पुलिस को पहुंचाया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तनोट माता मंदिर में टेका माथा, मांगा देशवासियों की खुशहाली का आशीर्वाद

जैसलमेर  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जैसलमेर के दौरे पर हैं। वह शुक्रवार को जैसलमेर स्थित तनोट माता मंदिर गए और माता के दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जैसलमेर के तनोट माता मंदिर में दर्शन कर आत्मिक शांति और आशीर्वाद का अनुभव हुआ। इस मंदिर की ऊर्जा अत्यंत अद्भुत और अलौकिक है। राजनाथ सिंह ने मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की और देश की सुरक्षा एवं समृद्धि के लिए माता से आशीर्वाद मांगा। तनोट माता मंदिर का भारतीय सेना से गहरा ऐतिहासिक संबंध रहा है। 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों के दौरान यह मंदिर सैनिकों के लिए आस्था और प्रेरणा का प्रतीक बना रहा। रक्षा मंत्री की यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रही बल्कि उन्होंने इसे देश की सीमाओं पर तैनात जवानों की अदम्य भावना और राष्ट्रभक्ति को समर्पित बताया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 23 अक्टूबर की शाम को राजस्थान के जैसलमेर पहुंचे थे। यहां उन्होंने सेना के बड़ाखाना के दौरान सैनिकों के साथ बातचीत की। इस मौके पर राजनाथ सिंह ने कहा कि अब भारत के खिलाफ कोई भी दुस्साहस करने से पहले पाकिस्तान को दो बार सोचना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हमारे सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन 'सिंदूर' के तहत पाकिस्तान को कड़ी संदेश दिया है। राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है, केवल रुका हुआ है। उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि किसी भी दुस्साहस की स्थिति में उसे और भी कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। हमारे पायलटों ने सिर्फ भारत की ताकत का एक नमूना दिखाया है; यदि अवसर मिला तो वे हमारी असली क्षमता प्रदर्शित करेंगे। राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर देते हुए कि देश के विरोधी कभी निष्क्रिय नहीं रहते हैं, सशस्त्र बलों से सदैव सतर्क एवं पूरी तरह तैयार रहने और उनकी गतिविधियों के विरुद्ध उचित व प्रभावी कदम उठाने का आह्वान किया। रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक भारत को एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के सरकार के दृष्टिकोण को साकार करने में सशस्त्र बलों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक केवल सीमाओं के रक्षक ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के अग्रदूत भी हैं। रक्षा मंत्री ने कहा, ''यह सदी भारत की है, भविष्य हमारा है। आत्मनिर्भरता की दिशा में जो प्रगति हमने की है, उससे पूर्ण विश्वास है कि हमारी सेना निस्संदेह विश्व की सर्वश्रेष्ठ सेनाओं में अपना स्थान रखती है।'' राजनाथ सिंह ने सीमावर्ती बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की वचनबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि रक्षा तैयारियों को सुदृढ़ करने के लिए सीमा क्षेत्रों में तीव्र गति से विकास गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

राजस्थान में प्रशासनिक हलचल तेज, एक्शन मोड में CM भजनलाल शर्मा

जयपुर राजस्थान की प्रशासनिक मशीनरी एक बार फिर से पूरी रफ्तार पकड़ने जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर राज्य सरकार ने आईएएस (IAS), आरएएस (RAS) और आरपीएस (RPS) अधिकारियों के तबादलों की तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। सीएमओ (मुख्यमंत्री कार्यालय) में कई चरणों की बैठकों और समीक्षा के बाद सूची को लगभग अंतिम रूप दे दिया गया है। सूत्रों के अनुसार आईएएस तबादला सूची किसी भी समय जारी हो सकती है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव स्तर से लेकर जिला कलेक्टरों तक कई पदों पर बदलाव की मंजूरी दे दी है। इस सूची में कई चौंकाने वाले नाम शामिल हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि कुछ वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को बुधवार देर शाम सीएमओ बुलाकर चर्चा की गई, जिसमें उन्हें संभावित तबादलों को लेकर संकेत दिए गए। राजस्थान में लंबे समय से कई जिलों में प्रशासनिक नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा थी। अब सीएम भजनलाल शर्मा के सख्त और तेज प्रशासनिक रुख के चलते इन अटकलों को बल मिला है। आरएएस (RAS) अधिकारियों की सूची भी तैयार है, जिसमें ज़िलास्तर और विभागीय पदों पर बड़ी संख्या में परिवर्तन की संभावना जताई जा रही है। वहीं, आरपीएस (RPS) अधिकारियों की सूची भी विचार-विमर्श के अंतिम चरण में है। जानकारी के अनुसार सरकार इस वीकेंड तक लगभग सभी तबादला सूचियां जारी कर सकती है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह तबादला अभियान राज्य की कार्यकुशलता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले 22 अक्टूबर (बुधवार) को सरकार ने 34 आईपीएस (IPS) अधिकारियों की तबादला सूची जारी की थी, जिसमें जयपुर पुलिस कमिश्नर सहित कई प्रमुख पदों पर फेरबदल हुआ था।