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नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी का शुभारंभ: अमित शाह ने कहा, न्याय तक पहुंचेगा पारदर्शी मार्ग

जयपुर केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह सोमवार को अपने तीसरे राजस्थान दौरे पर जयपुर पहुंचे। यहां उन्होंने जयपुर एक्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर, सीतापुरा में तीन नए आपराधिक कानूनों- भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम पर आधारित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। यह प्रदर्शनी एक जुलाई 2024 से लागू इन नए कानूनों के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित की गई है। इस अवसर पर शाह ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम विकास और न्याय दोनों का समन्वय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की न्याय व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन हो रहा है। इन तीनों कानूनों के माध्यम से आम नागरिकों की न्याय तंत्र तक तेजी से, सुलभ और पारदर्शी रूप में पहुंच सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली को अब औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त कर आधुनिक भारत की जरूरतों के अनुरूप बनाया गया है। शाह ने बताया कि देशभर में इन नए कानूनों के सफल क्रियान्वयन को लेकर केंद्र सरकार लगातार निगरानी और सुधार कर रही है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से जनसामान्य को कानूनों की बारीकियों और उनके व्यवहारिक उपयोग से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज का यह दिन केवल न्याय व्यवस्था के नवाचार का नहीं बल्कि राजस्थान के विकास के नए अध्याय की शुरुआत का भी प्रतीक है। उन्होंने बताया कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के दौरान 35 लाख करोड़ रुपए के एमओयू साइन हुए थे, जिनमें से 3 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट जमीन पर उतर चुके हैं और 4 लाख करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट का भूमिपूजन आज इसी मंच से किया गया। इसके अलावा उन्होंने लगभग 9,600 करोड़ रुपए के 1100 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस अवसर पर पीएम सूर्य घर योजना के तहत 150 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल की भी शुरुआत की गई। शाह ने कहा कि यह योजना गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम में उपस्थित डीजीपी राजीव शर्मा ने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों का लागू होना देश के लिए ऐतिहासिक कार्य है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद इतने बड़े पैमाने पर आपराधिक न्याय प्रणाली में बदलाव पहली बार हुआ है। उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश ने धारा 370 हटाने और नक्सली समस्या के समाधान जैसे ऐतिहासिक निर्णय देखे हैं। वहीं राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा कि यह प्रदर्शनी आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। इससे नागरिकों को नए कानूनों की उपयोगिता और प्रावधानों की जानकारी सरल भाषा में प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि कानून केवल दंड का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने का सशक्त आधार भी है। कार्यक्रम में केंद्रीय और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, न्याय पालिका के सदस्य, पुलिस विभाग, विधि विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में छात्र एवं नागरिक उपस्थित रहे।

अमित शाह बोले जयपुर में: 2027 से सुप्रीम कोर्ट तक न्याय तीन साल में संभव

जयपुर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जयपुर के JECC (जयपुर एग्जिबिशन एंड कंवेंशन सेंटर) में तीन नए आपराधिक कानूनों पर आधारित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानूनों – भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के पूरी तरह लागू होने में अभी दो वर्ष और लगेंगे, लेकिन 2027 से देशभर में दर्ज होने वाली एफआईआर पर तीन साल के भीतर सुप्रीम कोर्ट तक न्याय मिलने की व्यवस्था इन कानूनों से सुनिश्चित की जाएगी। शाह ने कहा कि यह केवल कानूनी बदलाव नहीं, बल्कि देश की न्याय व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन है। उन्होंने इसे ईज ऑफ लिविंग के साथ-साथ ईज ऑफ जस्टिस की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने यह भी कहा कि पहले पुलिस द्वारा पकड़े गए 100 में से केवल 42 अपराधियों को सजा मिलती थी, जो अब बढ़कर 60 प्रतिशत हो गई है, और कानूनों के पूर्ण क्रियान्वयन के बाद यह आंकड़ा 90 प्रतिशत तक पहुंचाया जाएगा। गृह मंत्री ने डीजीपी की तारीफ की उन्होंने कहा, "हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली अब दंड से नहीं, न्याय से प्रेरित होकर काम करेगी। देश की जनता को समय पर और सुलभ न्याय मिल सके, इसके लिए गृह मंत्रालय राज्यों को मार्गदर्शन और सहयोग दे रहा है।"शाह ने राजस्थान पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इन कानूनों को लागू कराने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने प्रदर्शनी के विस्तार की मांग करते हुए कहा कि इसे दीपावली के बाद तक जारी रखा जाए, ताकि पुलिसकर्मी, वकील और विधि छात्र इसमें आकर नए कानूनों की जानकारी ले सकें। 9600 करोड़ के कामों का शिलान्यास इस अवसर पर गृहमंत्री ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के अंतर्गत मिले निवेश प्रस्तावों में से 4 लाख करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स की नींव रखी और करीब 9600 करोड़ रुपए के 1100 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम विकास और न्याय का समन्वय है। कार्यक्रम में पीएम सूर्य घर योजना के तहत 150 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के रजिस्ट्रेशन की भी शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस मौके पर कहा कि नए कानून स्वतंत्र भारत की न्याय प्रणाली में क्रांतिकारी परिवर्तन का प्रतीक हैं और आज भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी शर्तों पर बोलता है। राजस्थान के डीजीपी राजीव शर्मा ने इसे आज़ादी के बाद देश का एक ऐतिहासिक कदम बताया और गृहमंत्री अमित शाह को देश का सबसे लंबे समय तक कार्यरत गृह मंत्री बताते हुए उनके नेतृत्व में धारा 370 और नक्सल समस्या के समाधान को रेखांकित किया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश  बोले- प्रदर्शनी से उपयोगी जानकारी मिलेगी प्रदर्शनी से आमजन को होगा फायदा राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा- इस प्रदर्शनी से आमजन को नए कानूनों की उपयोगिता के संबंध में जानकारी प्राप्त होगी। कानून केवल दंड का माध्यम नहीं बल्कि समाज को सही दिशा देने का मजबूत आधार भी है।

अमित शाह का स्वागत करने एयरपोर्ट पहुंचे सीएम, JECC में करेंगे प्रदर्शनी का उद्घाटन

जयपुर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज जयपुर पहुंचे। शाह के जयपुर आगमन पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर एयरपोर्ट पर उनका हार्दिक स्वागत किया। शाह नए आपराधिक कानूनों के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जेईसीसी में आयोजित 6 दिवसीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करने जयपुर पहुंचे हैं। गौरतलब है कि देश की आपराधिक न्याय प्रणाली में सुधार लाने वाली तीन नवीन आपराधिक संहिताओं के क्रियान्वयन को एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 13 से 18 अक्तूबर, 2025 तक जयपुर एग्जिबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC), सीतापुरा में एक प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है, जिसके शुभारंभ अवसर पर शाह जयपुर पहुंचे हैं। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  दिया कुमारी, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, राज्यसभा सांसद मदन राठौड़, पूर्व विधायक सतीश पूनिया, मुख्य सचिव सुधांश पंत, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

दस साल बाद पकड़े गए पूर्व सरपंच और पूर्व सचिव, 78 लाख रुपये गबन का मामला

भीलवाड़ा पुलिस थाना शाहपुरा ने 78 लाख रुपये की सरकारी राशि के गबन के मामले में एक दशक से फरार चल रहे तत्कालीन ग्राम सेवक एवं सरपंच को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देश पर थाना प्रभारी सुरेशचंद के निर्देशन में गठित विशेष टीम द्वारा की गई। आरोपी दस वर्ष से फरार थे तथा एक आरोपी पर 5 हजार का इनाम भी घोषित किया गया है। पूर्व सरपंच गणपत खटीक का पारिवारिक सदस्य वर्तमान में ढीकोला में सरपंच हैं तथा वो भाजपा से जुड़े हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शाहपुरा पंचायत समिति की फुलियाखुर्द पंचायत के तत्कालीन ग्राम सेवक एवं पदेन सचिव श्यामलाल जाट पुत्र छीतरमल जाट निवासी जाटों का मोहल्ला माण्डल तथा तत्कालीन सरपंच गणपतलाल खटीक पुत्र मागीलाल खटीक निवासी कल्याणपुरा ढिकोला शामिल हैं। श्यामलाल जाट पर पुलिस ने 5 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। दोनों आरोपियों को पुलिस ने क्रमशः कोटड़ी और ढिकोला क्षेत्र से गिरफ्तार किया। एएसपी राजेश आर्य ने बताया कि यह प्रकरण वर्ष 2016 का है, जब तत्कालीन शाहपुरा के पंचायत प्रसार अधिकारी की रिपोर्ट पर ग्राम पंचायत फुलिया खुर्द के रिकॉर्ड की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई थी। जांच के दौरान यह पाया गया कि वर्ष 2010 से 2015 तक का रिकॉर्ड अधूरा था तथा इस अवधि में ग्राम पंचायत के विभिन्न खातों में कुल ₹83,98,700 जमा हुए थे, जिनमें से ₹78,60,973 की राशि निकाली गई, परंतु उसका कोई लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं था। नये पंचायत चुनाव के बाद हुई शिकायत पर की जांच में तत्कालीन सरपंच गणपतलाल खटीक और ग्राम सेवक श्यामलाल जाट पर सरकारी धन के गबन का आरोप सिद्ध हुआ। प्रकरण संख्या 53/2016 धारा 409 भादंसं के अंतर्गत शाहपुरा थाने में मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई। दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार स्थान बदलते रहे। श्यामलाल जाट वर्तमान में ग्राम पंचायत बन का खेड़ा, पंचायत समिति कोटड़ी में पदस्थ था और पिछले कई वर्षों से फरार चल रहा था। शाहपुरा थाना पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी कोटड़ी सर्किल में दिखाई दिया है। इस पर गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया।पूछताछ में उसके साथी तत्कालीन सरपंच गणपतलाल खटीक का नाम सामने आया, जिसे भी पुलिस ने ढिकोला क्षेत्र से गिरफ्तार किया। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने शाहपुरा थाना पुलिस टीम की तत्परता और सतर्कता की सराहना की है। उन्होंने कहा कि फरार अपराधियों की धरपकड़ और गंभीर अपराधों के आरोपियों को न्याय के कटघरे में लाना पुलिस की प्राथमिकता है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है तथा शेष गबन राशि की वसूली और अन्य संबंधित व्यक्तियों की संलिप्तता की जांच की जा रही है।

राजस्थान में ठंड का जोर, जानें कब तक जारी रहेगा असर और मिलेगी राहत

सीकर राजस्थान में पिछले चार-पांच दिनों से उत्तरी हवाओं के सक्रिय रहने के कारण सुबह और रात के समय लोगों को गुलाबी सर्दी का एहसास हो रहा है। आज सुबह भी कई जगहों पर इस गुलाबी सर्दी का असर देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार, कल से राजस्थान में इन उत्तरी हवाओं का प्रभाव कम हो जाएगा। इससे मौसम में ठंडक भी घटेगी और लोगों को गुलाबी सर्दी से थोड़ी राहत मिलेगी। इसके साथ ही, राजस्थान में एक सप्ताह तक मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है। इस दौरान न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी भी दर्ज की जाएगी। पिछले 24 घंटे में राजस्थान का सबसे ठंडा क्षेत्र उदयपुर का डबोक एयरपोर्ट रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त, पिलानी में 16.6 डिग्री, सीकर में 16.7 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। सबसे अधिक तापमान की बात करें तो जैसलमेर में 35.3, जोधपुर में 33.8, चित्तौड़गढ़ में 33, और फलोदी में 34.4 डिग्री अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजस्थान में गुलाबी सर्दी के प्रभाव की बात करें तो शेखावाटी और मेवाड़ क्षेत्रों में इसका असर अधिक है। वहीं, हाड़ौती और मरुस्थलीय इलाके, जैसे जैसलमेर और जोधपुर, में गुलाबी सर्दी का असर अपेक्षाकृत कम देखा गया है।

बेटों ने पिता के अपमान का बदला लेने उठाया हिंसक कदम, कांग्रेस नेता पर हमला

भीलवाड़ा शहर में शनिवार शाम मेन मार्केट में एक भयंकर घटना ने हड़कंप मचा दिया, जब कुछ बदमाशों ने कांग्रेस नेता और पूर्व सरपंच हरफूल जाट पर तलवार, सरिए और गोली से हमला कर दिया। घटना के कुछ ही घंटों में पुलिस ने भाजपा नेता और पूर्व सरपंच बालूलाल आचार्य, उनके दोनों बेटे गोपाल व अक्षय आचार्य और एक साथी मनीष को गिरफ्तार कर लिया। हमले में हरफूल गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस जांच में यह सामने आया कि हमले की जड़ एक पुरानी रंजिश थी। लगभग तीन महीने पहले हरफूल जाट ने हलेड़ गांव में सार्वजनिक रूप से बालूलाल आचार्य को थप्पड़ मारा था, जिसका वीडियो वायरल हो गया था। अपमान का बदला लेने के लिए बालूलाल के बेटों ने यह हमला प्लान किया। शनिवार शाम करीब 7 बजे हरफूल जाट मेन मार्केट में पहुंचे ही थे कि गोपाल, अक्षय और मनीष हथियारों से लैस होकर वहां पहुंचे। उन्होंने तलवार और सरिए से उन पर हमला कर दिया और फायरिंग भी की। स्थानीय लोगों के बीच-बचाव करने पर हमलावर भाग गए। घटना की सूचना मिलते ही सीओ सिटी मनीष बड़गुर्जर और कोतवाल गजेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे, जहां पुलिस ने तलवार और लाठी बरामद की। इसके बाद एसपी धर्मेंद्र सिंह ने विशेष जांच टीम का गठन किया। टीम ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपियों का पीछा किया और देर रात चारों को गिरफ्तार किया। हमलावर पुलिस से बचने की कोशिश में गिर गए और पैर फ्रैक्चर कर लिया, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। पूछताछ में गोपाल और अक्षय ने कबूल किया कि उनके पिता के साथ हुए थप्पड़ ने उन्हें मानसिक रूप से झकझोर दिया था और उन्होंने बदला लेने का मन बना लिया था। उल्लेखनीय है कि 2 जुलाई को तेज बारिश के बाद बालूलाल आचार्य हलेड़ गांव निरीक्षण के लिए गए थे, तब कांग्रेस नेता हरफूल जाट ने उन्हें थप्पड़ मारा और भीड़ ने भी उन पर हमला किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। अब तीन महीने बाद इस पुरानी रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया, जिसका परिणाम ये वारदात रही। पुलिस ने चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है। घायल हरफूल जाट की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। एसपी धर्मेंद्र सिंह ने कहा- किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं है। हमलावरों को सख्त सजा दिलाई जाएगी। भीलवाड़ा में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

टोल कंपनी पर हिंसक तांडव, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर सात घायल

दौसा दौसा जिले के भांडारेज टोल प्लाजा पर शुक्रवार को घटित हुई हिंसक घटना ने प्रशासन और स्थानीय लोगों को हिला दिया। एक्सप्रेसवे टोल कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों पर स्थानीय बदमाशों ने सुनियोजित तरीके से अचानक हमला कर दिया। बदमाशों ने टोलकर्मियों-अधिकारियों पर लाठी-डंडे और सरियों से हमला किया। मारपीट में टोल कंपनी के सात अधिकारी और कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें पुलिस ने जिला अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के भांडारेज टोल पर बदमाशों ने शुक्रवार को जमकर उत्पात मचाया, जिससे टोल कम और अखाड़ा ज्यादा बनता नजर आया। घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची तब तक बदमाश फरार हो गए। पुलिस ने अलग-अलग टीमें बनाकर हमलावरों की तलाश में जुट गई है। सदर थाना पुलिस के अनुसार यह हमला टोल कंपनी में बदलाव के बाद पुरानी कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों को टोल पर काम पे लगाने का विवाद का परिणाम माना जा रहा है। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने घायल कर्मचारियों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा। घायल कर्मचारियों में कंपनी के प्रबंधक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई गई है। पुलिस ने बदमाशों की तलाश शुरू की घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मौका मुआयना कर बदमाशों की तलाश में टीमें रवाना कर स्थिति पर नियंत्रण पाया। पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज की और अलग-अलग टीमों का गठन कर हमलावरों की खोज शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि हमलावरों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों के बयान लिए गए हैं। इस मामले ने एक्सप्रेसवे और टोल संचालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि टोल प्लाजा पर सुरक्षा के कोई माकूम इंतजाम नहीं हैं। पुलिस टोल पर सुरक्षा के लिए गशत कर निगरानी रखे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लग सके। भय के साये में टोलकर्मी और अधिकारी अचानक हुए हमले के बाद टोल पर अफरातफरी मच गईं टोल कर्मियों व अधिकारियों ने इधर उधर दुबककर जान बचाई। घटना के बाद टोल पर भय का माहौल बना हुआ है। टोलकर्मी और अधिकारी इतने भयभीत हैं कि अनहोनी की आशंका के चलते कोई भी कुछ कहने को बोलने को तैयार नहीं है। टोल प्लाजा पर सुरक्षा बढ़ाई गई स्थानीय लोग भी इस घटना से चिंतित हैं। उनका कहना है कि यह घटना टोल प्लाजा पर आम जनता और कर्मचारियों की सुरक्षा को खतरे में डालती है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही हमलावरों को पकड़ लिया जाएगा। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। घायल कर्मचारियों का इलाज चल रहा है और घटनास्थल पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने कहा कि एक्सप्रेसवे पर आने वाले यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।

आमेर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, आदेश की पूरी जानकारी

जयपुर राजस्थान पुलिस विभाग को बड़ी राहत देते हुए, सुप्रीम कोर्ट की पीठ जिसमें जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह शामिल थे, ने आज जयपुर के आमेर स्थित पुलिस विभाग की विशाल भूमि पर वर्तमान स्थिति बनाए रखने (status quo) का आदेश दिया है, जहाँ वर्तमान में पुलिस प्रशिक्षण एवं अन्य विभागीय सुविधाएं संचालित हो रही हैं। राज्य की ओर से उपस्थित अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी और अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने यह दलील दी कि यह भूमि वर्ष 1992 से पुलिस विभाग के निरंतर उपयोग और कब्जे में है तथा यह कानून-व्यवस्था एवं प्रशिक्षण के लिए आवश्यक सरकारी ढांचे का अभिन्न अंग है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह सरकारी भूमि है, जिस पर प्रतिवादियों और उनके पूर्वजों द्वारा झूठे दावे प्रस्तुत किए गए हैं, जो आरटीआई से प्राप्त कुछ फोटो कॉपी दस्तावेजों के आधार पर किए गए हैं, जिनकी न तो कोई कानूनी वैधता है और न ही स्वामित्व का कोई ठोस आधार। माननीय न्यायालय ने इन दलीलों पर गौर करते हुए, निचली अदालत के उस आदेश के अनुपालन में चल रही सभी निष्पादन कार्यवाहियों (execution proceedings) पर रोक लगा दी, जिसके तहत भूमि को निजी डिक्री धारकों को सौंपे जाने का निर्देश दिया गया था, जिसे उच्च न्यायालय ने भी बरकरार रखा था। इस अंतरिम संरक्षण के साथ, पुलिस विभाग अब आमेर परिसर पर अपना कब्जा बनाए रखेगा और वहीं से अपना कार्य संचालन जारी रखेगा, जब तक कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा आगे कोई आदेश पारित नहीं किया जाता।

नशे के कारोबार पर करारा प्रहार: करोड़ों की अवैध अफीम डोडा चूरा जब्त

बांसवाड़ा बांसवाड़ा सदर थाना पुलिस ने उदयपुर मार्ग पर डांगपाड़ा गांव के समीप नाकाबंदी के दौरान एक पिकअप से 7 क्विंटल 88 किलो से अधिक ग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा पकड़ा। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत एक करोड़ 18 लाख से अधिक बताई जा रही है। पुलिस ने अवैध रूप से डोडा चूरा परिवहन करने पर जोधपुर निवासी चालक को गिरफ्तार किया है। साथ ही डोडाचूरा और पिकअप को जब्त कर लिया है। पुलिस के अनुसार महानिरीक्षक उदयपुर रेंन्ज गौरव श्रीवास्तव एवं जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी के निर्देशन पर सदर थाना अधिकारी बुधाराम विश्नोई के नेतृत्व में की जा रही नाकाबंदी के दौरान यह सफलता मिली। थानाधिकारी विश्नोई के नेतृत्व में थाना सदर की टीम उदयपुर मार्ग पर डांगपाडा में नाकाबंदी कर रही थी। नाकाबंदी के दौरान प्रतापगढ की तरफ से तेज गति से एक पिकअप वाहन आया। पुलिस ने चालक को रूकने का ईशारा किया, लेकिन चालक नाकाबंदी तोड़कर पिकअप सहित भागने लगा। भागने पर पुलिस टीम ने पीछा कर करीब 300-400 मीटर की दूरी पर ओवरटेक कर पिकअप रुकवाई। इस पर चालक भागने की कोशिश करने लगा तो पुलिसकर्मियों ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। पूछने पर उसने अपना नाम फैसल खान पिता अब्दुल गफार निवासी उचियारडा थाना सदर बिलाडा जिला जोधपुर बताया। नाकाबंदी तोड़कर भागने का कारण पूछा तो वह कोई संतोष जनक जबाव नहीं दे पाया। पिकअप में भरे माल के बारे पूछने पर घबरा गया। उसने पिकअप में अफीम का डोडा चूरा भरा होना बताया। पुलिस ने मौके पर ही कार्रवाई कर आरोपी फैसल के कब्जे से 37 कट्टों में भरा 7 क्विटल 88 किलो 556 ग्राम अवैध अफीम डोडाचूरा जब्त किया। इसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1 करोड़ 18 लाख 35 हजार रुपए बताई गई।    

असमय ठंड ने दी आहट: क्यों गिर रहा है पारा अक्तूबर में ही?

जयपुर राजस्थान में इस बार पिछले साल के मुकाबले सर्दी जल्दी पड़नी शुरू हो गई है। प्रदेश में अक्टूबर के शुरुआती सप्ताह में बारिश और उसके बाद उत्तरी हवाओं के प्रभाव से तापमान में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। सीकर, झुंझुनूं, दौसा और अजमेर जैसे इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 7 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया है, जिससे सुबह-शाम ठंड का अहसास बढ़ गया है। सीकर में न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि झुंझुनूं में 17.1, दौसा में 16.4, अजमेर में 16, और भीलवाड़ा में 17.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जयपुर में 19.4, अलवर में 18.4, कोटा में 20.1, चित्तौड़गढ़ में 18.3, प्रतापगढ़ में 18.1 और करौली में 18.9 डिग्री तापमान रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक राज्यभर में मौसम शुष्क बना रहेगा। रात के तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन दिन में अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री तक की मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। दिन के समय धूप खिली रहने से हल्की गर्माहट महसूस की जा रही है। अधिकतम तापमान में भी गिरावट बीते 24 घंटों में कई जिलों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। सीकर में दिन का तापमान 29.5 डिग्री, झुंझुनूं में 29.2, अजमेर में 30.2, जयपुर में 31, अलवर में 30, और भीलवाड़ा में 31.5 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं बाड़मेर में सबसे अधिक 35.4 डिग्री और जैसलमेर में 35.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। अन्य प्रमुख शहरों में तापमान इस प्रकार रहा:     कोटा: 30.9     चित्तौड़गढ़: 32.3     जोधपुर: 32.7     बीकानेर: 32.4     श्रीगंगानगर: 32.5     नागौर: 31.5     जालौर: 33.5     पाली: 29.6     करौली और दौसा: 30.4     प्रतापगढ़: 30.1     सिरोही: 31.4     फतेहपुर: 30.7     लूणकरणसर: 31.8 आगे कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अक्टूबर के मध्य तक प्रदेश में वर्षा की कोई संभावना नहीं है। राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा, और केवल हल्की सर्दी का अहसास बना रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव के साथ धीरे-धीरे ठंड बढ़ने लगेगी।