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खेती होगी और बेहतर: 5 रुपए में मिट्टी जांच योजना से किसानों को फायदा

झालावाड़. झालावाड़ जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। अब मात्र 5 रुपए खर्च कर खेत की मिट्टी की सेहत की जांच करवाई जा सकती है। सरकार की मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। कृषि विभाग के अनुसार जिले में किसानों को जागरुक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत किसान मिट्टी का नमूना लेकर नजदीकी कृषि प्रयोगशाला में जमा करवा सकते हैं। जांच के बाद उन्हें एक मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिया जाएगा, जिसमें मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों जैसे नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश और सूक्ष्म तत्वों की स्थिति का पूरा विवरण होगा। ऐसे लें नमूना खेत के चारों ओर कोने की मेड़ से एक मीटर जगह छोड़कर 9 इंच गहराई का गहरा गड्ढा खोदकर बीच की मिट्टी को निकाले एवं एक गड्ढा खेत के मध्य से वी आकार का खोदे और मिट्टी निकाले। इसके बाद खुरपी की सहायता से वी आकार के गड्ढे से मिट्टी को बारीक कूटकर पीस लें, महीन बना लें एवं बराबर चार भागों में बांटे। अपने सामने के हिस्सों को छोड़ दें एवं दो हिस्से लेकर पुन: चार भागों में बांटकर एक हिस्सा 500 ग्राम का लेकर बायोडिग्रेडबल थैली में भरें। उसके ऊपर एक लेबल लगाएं। जिस पर कृषक का नाम, मय पिता का नाम, खेत का नाप, खसरा, सिंचित, असिंचित का उल्लेख कौनसी फसल जांच से पूर्व ली तथा आगामी फसल जो लेनी है उसका उल्लेख करें एवं एक लेबल थैली के अंदर रखें। ये मिलेगा फायदा मृदा स्वास्थ्य कार्ड मिलने के बाद किसान यह जान पाएंगे कि उनकी जमीन में किस पोषक तत्व की कमी या अधिकता है। इसके आधार पर वे सही मात्रा में उर्वरकों का उपयोग कर सकेंगे। इससे फसल उत्पादन बढ़ेगा और लागत भी कम होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना जांच के अंधाधुंध खाद डालने से मिट्टी की उर्वरता घट रही है, जिसे यह योजना सुधारने में मददगार साबित होगी। खाद एवं उर्वरकों की संतुलित उपयोग सिफारिश अनुसार उर्वरक उपयोग करने से उर्वरक एवं लागत में कमी तथा उत्पादन में वृद्धि होगी। समस्या ग्रसित जमीनों की पहचान होने पर भूमि सुधार किया जाना आसान होगा। भौगोलिक रासायनिक एवं जैविक गुण धर्मों का सम्भावित प्रभाव जो कि मृदा की उर्वरकता एवं उत्पादकता से परिलक्षित होता है। भौतिक रसायनिक एवं जैविक स्थितियां अनुकुल हो, इसकी जांच भी मृदा जांच से मिलती है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की है कि वे हर दो से तीन साल में अपनी मिट्टी की जांच जरुर कराएं। इससे जमीन की सेहत बनी रहेगी और खेती लंबे समय तक टिकाऊ व लाभदायक बनी रहेगी। मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला में जमा कराएं किसान फसलों में संतुलित खाद एवं उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर मिट्टी की जांच करा सकते हैं। इसके लिए जिन किसानों ने विगत 3 वर्षों में मिट्टी की जांच नहीं कराई है वे अपने खेत से मिट्टी का नमूना लेकर 5 रुपए शुल्क के साथ अपने क्षेत्र के कृषि पर्यवेक्षक को अथवा तबेला हाउस स्थित मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला में जमा करा सकते हैं। – चौथमल शर्मा, कृषि अधिकारी झालावाड़

कोटा को टक्कर दे रहा बाड़मेर, मुफ्त कोचिंग और मोबाइल बैन से छात्रों को मिल रही बेहतर तैयारी

बाड़मेर. राजस्थान के रेगिस्तानी जिले बाड़मेर से शिक्षा जगत की एक ऐसी खबर सामने आई है, जो उन हजारों युवाओं के सपनों को नई उड़ान दे सकती है जो आर्थिक अभाव के कारण बड़े शहरों के नामी कोचिंग संस्थानों की भारी-भरकम फीस नहीं भर पाते। समाजसेवी डॉ. भरत सारण और उनके साथियों ने एक ऐसी व्यवस्था शुरू की है, जहाँ छात्रों से कोचिंग की कोई 'एक रुपया' भी फीस नहीं ली जाएगी। अब बाड़मेर बनेगा हब अक्सर देखा जाता है कि बेहतर पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्र कोटा, सीकर या जयपुर का रुख करते हैं। लेकिन लाखों रुपये की फीस और रहने का भारी खर्च हर परिवार वहन नहीं कर सकता। डॉ. सारण की यह पहल विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए है जो संसाधनों की कमी या किसी अन्य कारण से बाहर नहीं जा सकते। यहाँ उन्हें न केवल फ्री कोचिंग मिलेगी, बल्कि सेल्फ स्टडी के लिए पूरा समय और उचित मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। मोबाइल और दोस्तों से दूरी ही मंत्र इस संस्थान की सबसे खास बात यहाँ का कड़ा अनुशासन है। संस्थान का स्पष्ट मानना है कि 'सिलेक्शन पढ़ने से होता है, सिर्फ कोचिंग करने से नहीं'। यहाँ के नियम किसी तपस्या से कम नहीं हैं: मोबाइल पर पूर्ण प्रतिबंध: यहाँ पढ़ने वाले छात्रों के लिए मोबाइल रखना पूरी तरह वर्जित है। सीमित संपर्क: छात्र केवल परिवार के दो रजिस्टर्ड नंबरों पर ही बात कर सकेंगे। नो फ्रेंडशिप पॉलिसी: बिना अनुमति बाहर जाने या दोस्तों से मिलने पर पूरी पाबंदी रहेगी। NCERT पर फोकस: छात्रों को यहाँ एनसीईआरटी का सिलेबस गहराई से समझाया जाएगा। "20 साल का अनुभव कहता है कि यदि छात्र अनुशासित रहकर सही दिशा में पढ़े, तो चयन पक्का है। यदि 'Fifty Villagers' के बच्चे सफल हो सकते हैं, तो आप भी हो सकते हैं।" – डॉ. भरत सारण कितना आएगा खर्च? (पॉकेट फ्रेंडली मॉडल) भले ही कोचिंग की फीस शून्य है, लेकिन छात्र को अपने रहने और खाने का वास्तविक न्यूनतम खर्च खुद उठाना होगा ताकि व्यवस्था बनी रहे: खाना: ₹3500 कमरा किराया: ₹850 लाइट-पानी: ₹500 अन्य खर्च: ₹1000 कुल अनुमानित खर्च: लगभग ₹6000 प्रति माह। सभी के लिए खुले हैं दरवाजे यह पहल किसी विशेष वर्ग के लिए नहीं है। कोई भी लड़का या लड़की, चाहे वह किसी भी जाति, धर्म या माध्यम (हिंदी/अंग्रेजी) का हो, यहाँ आकर पढ़ सकता है। संस्थान के अंदर ही लाइब्रेरी और वाचनालय की सुविधा मुफ्त उपलब्ध है। अधिक जानकारी या प्रवेश के लिए छात्र हेल्पलाइन नंबर 9413942612 पर WhatsApp कर सकते हैं। अगर आप या आपका कोई परिचित आर्थिक तंगी के कारण नहीं पढ़ पा रहा, तो यह खबर उनके साथ जरूर शेयर करें। आपका एक शेयर किसी का भविष्य बदल सकता है।

वन विभाग की बड़ी योजना: टाइगर कॉरिडोर निर्माण के साथ ओवरपॉपुलेशन पर शिफ्टिंग का प्लान

सवाई माधोपुर. रणथम्भौर को बाघों की नगरी और नर्सरी के नाम से भले ही जाना जाता हो, लेकिन वर्तमान में क्षमता से अधिक बाघों के कारण आपसी संघर्ष के मामले बढ़ते जा रहे हैं। करीब 50 बाघ की क्षमता वाले पार्क में वर्तमान में 75 से अधिक संख्या है। वाइल्ड लाइफ इंस्टिट्यूट ऑफ इण्डिया की ओर से पूर्व में जारी की गई एक रिपोर्ट के अनुसार रणथम्भौर को क्षेत्रफल और ग्रासलैण्ड के आधार पर पचास बाघ बाघिनों के लिए ही उपयुक्त माना गया था, हालांकि पिछले कुछ सालों में यहां ग्रासलैण्ड में वृद्धि हुई है। फिर भी विशेषज्ञों की मानें तो वर्तमान में यहां क्षमता से अधिक बाघ बाघिन विचरण कर रहे हैं। इलाके की तलाश में लगातार बाघ-बाघिन जंगल से बाहर भी आ रहे हैं। रणथम्भौर बाघ परियोजना के उपवन संरक्षक मानस सिंह का कहना है कि वर्तमान में रणथम्भौर में क्षमता से अधिक बाघ बाघिन है। टाइगर शिफ्टिंग और टाइगर कॉरिडोर को विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। अब तक शिफ्ट किए 24 बाघ बाघिन वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 2008 से अब तक रणथम्भौर से कुल 24 बाघ बाघिनों को अन्यत्र शिफ्ट किया जा चुका है। इनमें से 13 बाघ-बाघिनों की मौत भी हो चुकी है। रणथम्भौर से सरिस्का अब तक 11 बाघ-बाघिन भेजे जा चुके हैं। इनमें बाघ टी-1, टी-7, टी-12, टी-18, टी-44, टी-51, टी-52, टी-75 और टी-113 सहित अन्य टाइगर शामिल है. लेकिन सरकार की रणथंभौर से टाइगर शिफ्टिंग की योजना को उस वक्त बड़ा आघात लगा, जब सरिस्का भेजे गए 11 में से 5 बाघों की मौत हो गई। रणथम्भौर से मुकुंदरा हिल्स तक है टाइगर कॉरिडोर वनाधिकारियों ने बताया कि रणथम्भौर में इंद्रगढ़, लाखेरी होते हुए कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व और बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व तक बाघों की आवाजाही रहती है। पूर्व में इस मार्ग से कई बाघ बाघिन रणथम्भौर से बूंदी के रामगढ़ विषधारी और कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व पहुंच चुके हैं, लेकिन बीच में हाइवे और रेलवे ट्रैक होने के कारण हादसे हो चुके हैं। पूर्व में रणथम्भौर में मुकुंदरा गया ब्रोकन टेल बाघ की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई थी। इसी प्रकार रणथम्भौर के भिड़ नाके से करौली और धौलपुर तक टाइगर कॉरिडोर है। यहां से सुल्तान यानि टी-72 और तूफान यानि टी-80 रणथम्भौर से करौली पहुंच चुके हैं। लेकिन रास्ते में कई गांव होने के कारण खतरा बना रहता है। वहीं रणथम्भौर से चंबल को पार करके कई बार बाघ एमपी के कूनों तक भी पहुंचे है। ऐसे में इन क्षेत्रों को विकसित किया जाए तो बाघाें के विचरण के लिए स्वचछंद वातावरण मिलेगा। इससे उनका आबादी में मूवमेंट पूरी तरह रूक जाएगा। 15 माह में बाघ के हमले में तीन मौत वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनवरी 2025 से मार्च 2026 तक बाघ के हमले में 15 माह में तीन मौत हो चुकी है। इनमें 16 अप्रैल 2025 को त्रिनेत्र गणेश मंदिर के पास एक 7 वर्षीय बच्चे पर बाघ हमला कर जंगल में ले गया। 11 मई 2025 को रेंजर देवेंद्र चौधरी पर हमला, गर्दन पर वार कर मौत के घाट उतारा। 09 जून 2025 को रणथम्भौर दुर्ग में जैन मंदिर के चौकीदार राधेश्याम माली पर हमला कर मार दिया।

बांसवाड़ा में पर्यटन को नई पहचान, जगमेरू हिल्स पर ‘राम वाटिका’ निर्माण की तैयारी

बांसवाड़ा. ‘राजस्थान का स्कॉटलैंड’ व ‘100 द्वीपों के शहर’ (सिटी ऑफ हंड्रेड आइलैंड्स) के नाम से प्रसिद्ध बांसवाड़ा जिले में पर्यटकों की लोकप्रिय जगमेरू हिल्स जल्द अब पर्यटन के नए नक्शे पर उभरेंगी। प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध इस पहाड़ी स्थल को विकसित करने वन विभाग यहां करीब दो करोड़ रुपए की लागत से ‘राम वाटिका’ बनाने की योजना तैयार कर रहा है। यहां पर्यटक बादलों से बातें करते हुए बांसवाड़ा की पहचान ‘बांस’ से बने मड़ हाउस और सेल्फी प्वॉइंट से प्राकृतिक खूबसूरती को अपने कैमरे में कैद कर सकेंगे। वन विभाग के अनुसार राज्य सरकार की ओर से राम वाटिका विकसित करने के एक नई प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो रहा है। इसमें खूबसूरत वाटिका पर चरणबद्ध रूप से दो करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत वन विभाग ने जगमेरू हिल्स को इसमें शामिल किया है। अक्सर यहां पर्यटक यहां कम ऊंचाई की छोटी-छोटी पहाड़ियां और इसकी चोटियां देखने आते हैं। बरसात में यह बेहद खूबसूरत हो जाती हैं। यहां पर्यटन सुविधाएं विकसित होने से बांसवाड़ा पर्यटन मानचित्र पर और उभार सकेगा। प्राकृतिक रोमांच, स्थानीय पहचान बढ़ेगी जगमेरू हिल्स पर बादलों के बीच खड़े होने का अहसास, नीचे से ऊपर उठते हुए धुंध के दृश्य और चारों ओर फैली हरियाली पर्यटकों को आकर्षित करती है। वन विभाग की ओर से प्रस्तावित रामवाटिका में बांसवाड़ा की पहचान बांस से बनी झोपड़ी, फर्नीचर सहित उसके सजावटी सामान होंगे। बांस का मड हाउस भी यहां बनाया जाएगा। बांस की कलाकारी और फर्नीचर के लिए प्रसिद्ध आदिवासी कारीगरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। ये भी होंगे आकर्षण बांस के मड़ हाउस के अलावा नक्षत्र गार्डन, गोत्र गार्डन, सेल्फी प्वॉइंट एवं चिल्ड्रन पार्क यहां बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे। इसके अलावा पर्यटकों के लिए यहां पेयजल, बैठने की व्यवस्था और स्वच्छ शौचालय जैसी जरूरी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। माही बांध क्षेत्र में ‘100 द्वीप’ होंगे नए आकर्षण इसके साथ ही राज्य सरकार ‘100 द्वीपों के शहर’ (सिटी ऑफ हंड्रेड आइलैंड्स) के नाम से प्रसिद्ध बांसवाड़ा के माही क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ाएगी। सरकार ने एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति माही बांध के भराव क्षेत्र और आसपास के टापुओं पर पर्यटन विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करेगी। प्रशासनिक सुधार विभाग ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। माही बैकवाटर में फैले खूबसूरत टापू, हरियाली और पहाड़ियां पहले से ही पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। अब यहां वाटर स्पोर्ट्स, नेचर टूरिज्म और व्यू प्वाइंट जैसे नए आकर्षण विकसित किए जाएंगे। माही बैक वाटर में फैले टापू, चारों ओर हरियाली और पहाड़ियों से घिरा इलाका है। इस क्षेत्र में पानी से जुडी गतिविधियां, नेचर-बेस्ड टूरिज्म, व्यू-पॉइंट और अन्य आकर्षण विकसित किए जा सकेंगे। माही नदी पर बने इस बांध के जलाशय में फैले छोटे-बड़े टापू प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत नजारा पेश करते हैं। पर्यटन का नया डेस्टिनेशन बनेगा रामवाटिका के लिए जगमेरू हिल का प्रस्ताव बनाया गया है। अमूमन जून से दिसंबर तक यहां पर्यटक प्राकृतिक खूबसूरती देखने आते हैं। पर्यटकों के लिए यहां गार्डन सहित अन्य सुविधाएं विकसित होने से यह पर्यटन का नया डेस्टिनेशन बनेगा। – अभिषेक शर्मा, डीएफओ, बांसवाड़ा

बड़ा अपडेट: CM विजिट से पहले ROB पर लोड टेस्टिंग, ट्रैफिक जाम से जल्द मिलेगी राहत

बांदीकुई. अलवर-बांदीकुई मार्ग पर धोली गुमटी स्थित ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण कार्य को गति देने के प्रयास तेज हो गए हैं। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने शनिवार शाम एक बार फिर लोड टेस्टिंग शुरू की, जिससे लंबे समय से लंबित इस परियोजना के जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रस्तावित दौरे को लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग अब ओवरब्रिज के कार्य को पूरा करने में जुटा हुआ है। बता दें कि बांदीकुई विधायक भागचंद टांकड़ा आरओबी को जल्द से जल्द चालू कराने के लिए लंबे समय से प्रयासरत हैं। विभाग ने टोटल स्टेशन मशीन से 25-25 टन के चार ट्रकों को ओवरब्रिज पर खड़ा कर लोड डाला है। ट्रकों को 24 घंटे तक खड़ा रखा जाएगा, इसके बाद हटाकर अगले 24 घंटे तक ब्रिज की स्थिति का आकलन किया जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आरओबी को चालू करने पर निर्णय लिया जाएगा। सुरक्षा पर फोकस, फिर क्यों हुई टेस्टिंग गौरतलब है कि जून 2025 में भी नमो टेक कंसल्टेंसी द्वारा ब्रिज की जांच की जा चुकी है। इसके बावजूद दोबारा टेस्टिंग को लेकर विभागीय अधिकारी खुलकर कुछ नहीं कह रहे, लेकिन सूत्रों के अनुसार सुरक्षा के लिहाज से कोई जोखिम नहीं लेने की नीति के तहत यह कदम उठाया गया है। यह आरओबी वर्ष 2015-16 में स्वीकृत हुआ था और 2019 तक पूरा होना था, लेकिन अब तक निर्माण अधूरा है। करीब 28 करोड़ रुपए की लागत से शुरू हुआ प्रोजेक्ट बढ़कर 34 करोड़ तक पहुंच गया है। लगभग 980 मीटर लंबाई के इस ब्रिज के अधूरे रहने से लोगों को वर्षों से परेशानी झेलनी पड़ रही है। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले तेज हुई हलचल मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे और संभावित उद्घाटन को देखते हुए विभागीय अधिकारी काम पूरा करने में जुटे हैं। सहायक अभियंता विनोद कुमार मीणा और नितेश सैनी ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और बताया कि अब विभिन्न प्वाइंट बनाकर टेस्टिंग की जा रही है। विधायक के प्रयास, जल्द उद्घाटन की उम्मीद विधायक भागचंद टांकड़ा लंबे समय से आरओबी चालू कराने के प्रयास में लगे हैं। उन्होंने उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी और विभागीय अधिकारियों के साथ कई बैठकों में इस मुद्दे को उठाया है। उनके अनुसार मुख्यमंत्री के आगमन पर विकास कार्यों के लोकार्पण की तैयारी है, जिसमें इस आरओबी को भी शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

राजस्थान में श्रमिक संकट गहराया, वोटर लिस्ट से नाम कटने के भय में घर लौटे बंगाली मजदूर

जयपुर. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा। वैसे तो चुनाव बंगाल में हो रहे हैं लेकिन राजस्थान में हलचल बढ़ गई है। वजह है राजस्थान के विभिन्न जिलों में मजदूरी करने वाले बंगाल के लोग वापस लौटने लगे हैं। प्रवासी मजदूरों के वापस लौटने से राज्य के उद्योगों में श्रमिकों का संकट खड़ा हो गया है। राज्य के औद्योगिक क्षेत्र में बंगाल के करीब ढ़ाई लाख मजदूर काम करते हैं। वहीं करीब एक लाख मजदूर असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। बंगाली मजदूरों के बीच एक भ्रामक संदेश प्रसारित हो रहा है कि यदि इस बार विधानसभा चुनाव में मतदान नहीं किया तो उनका मतदाता सूची में से नाम कट जाएगा। साथ ही सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिलेगा। यही कारण है कि मजदूर अपने राज्य वापस लौट रहे हैं। हालात यह है कि बंगाल जाने वाली ट्रेनों में टिकट मिलना मुश्किल हो रहा है। कई मजदूर सड़क मार्ग से पश्चिम बंगाल जा रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि एसआइआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) में कई ऐसे लेागों के नाम काटे गए हैं जो राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों में रह रहे हैं। ऐसे में अब यह भय सता रहा है कि यदि इस बार मतदान नहीं किया तो मतदाता सूची से नाम कट सकता है। जयपुर सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के अध्यक्ष कैलाश मित्तल का कहना है कि जेवरात निर्माण एवं इससे जुड़े काम में करीब एक लाख बंगाली मजदूर काम करते हैं। पिछले दो सप्ताह से मजदूरों के बंगाल लौटने का सिलिसला शुरू हो गया है। प्रवासी बंगाली सांस्कृतिक सोसायटी के सचिव रोबिन सरकार का कहना है कि बंगाली समाज के लेागों को उनके घर तक पहुंचाने को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार से भी मदद मांगेंगे।

Rajasthan IPS Nitya: सादगी से जीता दिल, चौकी छोड़ जमीन पर खड़े होकर लिया सम्मान

जोधपुर. राजस्थान पुलिस की युवा और तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी पीडी नित्या इन दिनों अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं। जोधपुर ग्रामीण एसपी का पदभार ग्रहण करने के बाद शुक्रवार को वे पहली बार एक थाने के निरीक्षण पर पहुँचीं। लेकिन दौरे की चर्चा निरीक्षण से ज्यादा उनके उस 'अंदाज' की है, जिसने पुलिसिया तामझाम की दीवार को ढहा दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक महिला एसपी ने वीवीआईपी कल्चर को दरकिनार कर अपने जवानों के साथ जमीन पर खड़े होकर 'गार्ड ऑफ ऑनर' स्वीकार किया। प्रोटोकॉल का 'कारपेट' और वो लकड़ी की 'चौकी' आमतौर पर जब भी कोई बड़ा पुलिस अधिकारी थाने के दौरे पर आता है, तो उसके स्वागत के लिए रेड कारपेट बिछाया जाता है। सलामी (Guard of Honour) लेने के लिए एक विशेष लकड़ी की चौकी (Podium) रखी जाती है, जिस पर खड़े होकर अधिकारी जवानों की सलामी लेते हैं। क्या हुआ अलग: एसपी पीडी नित्या जैसे ही अपने सरकारी वाहन से उतरीं, उन्होंने बिछाए गए कारपेट पर चलने के बजाय कच्ची जमीन से होकर सलामी स्थल तक पहुंचना बेहतर समझा। पैर से सरकाई परंपरा: सलामी स्थल पर उनके लिए लकड़ी की चौकी रखी गई थी। लेकिन नित्या ने उसे अपने पैर से एक तरफ सरका दिया और नीचे जमीन पर ही जवानों के बिल्कुल बराबर खड़े होकर सलामी ली। जवानों के बराबर खड़ी होकर दिया बड़ा संदेश एसपी नित्या का यह कदम केवल एक क्रिया नहीं, बल्कि एक गहरा संदेश था। पैर से उस चौकी को सरकाना इस बात का प्रतीक था कि बेमतलब के तामझाम और ब्रिटिश काल से चली आ रही 'दूरी' वाली परंपराएं अब मायने नहीं रखतीं। समानता का भाव: जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जमीन पर खड़ा होना यह दर्शाता है कि पुलिसिंग में अब 'साहब कल्चर' के बजाय 'टीम वर्क' और 'समानता' को प्राथमिकता दी जा रही है। वहां मौजूद हर पुलिसकर्मी एसपी के इस सादगी भरे व्यवहार से दंग रह गया। शेरगढ़ थाने का पहला निरीक्षण: अपराध नियंत्रण पर फोकस एसपी ने शेरगढ़ थाने का गंभीरता से जायजा लिया। आईपीएस इंदिरा देवी और सीआई बुद्धाराम ने उनका स्वागत किया। दस्तावेज और रिकॉर्ड: एसपी ने अपराध रिकॉर्ड और दस्तावेजों के संधारण (Maintenance) की बारीकी से जांच की। प्राथमिकताएं: उन्होंने मादक पदार्थ (Drugs) की रोकथाम और महिला सशक्तिकरण को अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास तभी पैदा होगा जब पुलिस सक्रिय और संवेदनशील होगी। पुरानी जीप और महिला बैरक: समस्याओं का सुना दुखड़ा निरीक्षण के दौरान थाने की जमीनी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। पुलिसकर्मियों ने एसपी को बताया कि थाने में जवानों की कमी है। जर्जर संसाधन: थाने की पुरानी जीप और महिला पुलिसकर्मियों के लिए अलग बैरक की अनुपलब्धता जैसे गंभीर मुद्दे उठाए गए। आश्वासन: एसपी पीडी नित्या ने इन समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना और जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने जवानों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने की बात कही। सोशल मीडिया पर 'तारीफों' का सैलाब जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, लोग एसपी पीडी नित्या की तुलना बॉलीवुड फिल्म 'सिंघम' के किरदारों से करने लगे। नेटिजन्स का कहना है कि राजस्थान को ऐसे ही अधिकारियों की जरूरत है जो तामझाम के बजाय काम और अपने मातहतों के सम्मान पर ध्यान दें।

द ट्रेटर्स 2 की शूटिंग के बीच स्वर्णनगरी में दिखा करण जौहर का जलवा और सोशल मीडिया पर वायरल हुआ फिल्म धुरंधर 2 का खास रिव्यू

करण जौहर जैसलमेर में ‘द ट्रेटर्स 2’ की शूटिंग के दौरान ‘धुरंधर 2’ की प्राइवेट स्क्रीनिंग देखने पहुंचे। इसके लिए उन्होंने पूरा सिनेमा हॉल बुक कर लिया। जौहर का फिल्म रिव्यू भी सोशल मीडिया पर चर्चा बटोर रहा है। स्वर्णनगरी जैसलमेर में इन दिनों फिल्मी रंग कुछ ज्यादा ही चढ़ा हुआ है। इसकी बड़ी वजह बने बॉलीवुड के दिग्गज फिल्ममेकर करण जौहर, जो अपने रियलिटी शो की शूटिंग के सिलसिले में शहर पहुंचे हुए हैं। इसी दौरान उनका अचानक शहर के चर्चित सिनेमाघर रमेश टॉकीज पहुंचना सिनेप्रेमियों के लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं रहा।  शनिवार शाम को करण जौहर अपनी पूरी टीम के साथ यहां फिल्म ‘धुरंधर 2’ देखने पहुंचे। खास बात यह रही कि उन्होंने इस फिल्म के लिए पूरे सिनेमा हॉल को निजी तौर पर बुक करवा लिया था, जिससे वे बिना किसी व्यवधान के अपनी टीम के साथ फिल्म का आनंद ले सकें। इस दौरान सुरक्षा और गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा गया और आम दर्शकों के लिए सिनेमाघर में एंट्री पूरी तरह बंद रखी गई।  हालांकि जैसे ही शहर में उनके आने की खबर फैली, सैकड़ों प्रशंसक टॉकीज के बाहर जमा हो गए। हर कोई अपने पसंदीदा फिल्ममेकर की एक झलक पाने के लिए उत्साहित नजर आया। कई फैंस घंटों इंतजार करते रहे और कुछ को उनके साथ फोटो खिंचवाने का मौका भी मिला।   प्राइवेट स्क्रीनिंग में टीम के साथ बिताए खास पल जानकारी के अनुसार, शाम के शो के दौरान करण जौहर और उनकी यूनिट ने साथ बैठकर फिल्म देखी। इंटरवल के दौरान उन्होंने स्नैक्स का आनंद लिया और हल्के-फुल्के अंदाज में बातचीत करते नजर आए। पूरे आयोजन को बेहद निजी रखा गया था, जिसमें केवल चुनिंदा लोग ही शामिल थे। सिनेमा हॉल प्रबंधन ने भी इस खास मौके के लिए बेहतर व्यवस्था की थी, जिसकी खुद करण जौहर ने सराहना की। फिल्म खत्म होने के बाद उन्होंने टॉकीज स्टाफ और संचालक परिवार के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।   सोशल मीडिया पर रिव्यू ने बटोरी सुर्खियां फिल्म देखने के बाद करण जौहर ने सोशल मीडिया पर ‘धुरंधर 2’ को लेकर विस्तृत रिव्यू साझा किया, जो अब खूब चर्चा में है। उन्होंने फिल्म को सिर्फ देशभक्ति या एक्शन तक सीमित नहीं बताया, बल्कि इसकी कहानी, किरदारों की गहराई और भावनात्मक पक्ष की जमकर तारीफ की। उन्होंने फिल्म के निर्देशक आदित्य धर के काम को बेहतरीन बताते हुए कहा कि उनका निर्देशन, तकनीकी पकड़ और सिनेमाई दृष्टि फिल्म को एक अलग स्तर पर ले जाती है।  वहीं, अभिनेता रणवीर सिंह की परफॉर्मेंस को उन्होंने उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ बताया। करण जौहर के मुताबिक, रणवीर ने अपने हर एक्सप्रेशन, हर सीन और अपनी स्क्रीन प्रेजेंस से यह साबित कर दिया कि वे इंडस्ट्री के सबसे दमदार कलाकारों में से एक हैं।   करण जौहर ने यह भी कहा कि फिल्म देखते हुए उन्हें 70 के दशक के सिंगल स्क्रीन सिनेमा का दौर याद आ गया, जब दर्शक पूरी तरह संतुष्ट होकर थिएटर से बाहर निकलते थे। इस फिल्म ने उन्हें उसी दौर की याद दिला दी और इंडस्ट्री का हिस्सा होने पर गर्व महसूस कराया।   ‘द ट्रेटर्स 2’ की शूटिंग भी बनी चर्चा का केंद्र करण जौहर का जैसलमेर दौरा सिर्फ फिल्म देखने तक सीमित नहीं है। वे यहां अपने चर्चित रियलिटी शो ‘द ट्रेटर्स’ सीजन 2 की शूटिंग के लिए पहुंचे हुए हैं। इस शो की शूटिंग शहर के प्रसिद्ध लग्जरी होटल सूर्यागढ़ पैलेस में चल रही है, जहां पहले सीजन की शूटिंग भी भव्य स्तर पर हुई थी। जैसलमेर की ऐतिहासिक विरासत, सुनहरी रेत और शानदार लोकेशन्स इस शो के लिए परफेक्ट बैकड्रॉप साबित हो रहे हैं। यही कारण है कि एक बार फिर इस शहर को बड़े प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है।  

Terror Module Exposed: ISIS और अल कायदा कनेक्शन सामने, पाकिस्तान में मिल रही ट्रेनिंग

जोधपुर. आंध्र प्रदेश पुलिस ने देश के अलग-अलग राज्यों से 12 ऐसे लोगों को पकड़ा है, जिन पर अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (एक्यूआइएस) और इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक और सीरिया (आइएसआइएस) जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के नेटवर्क में शामिल होने का आरोप है। दिल्ली और आंध्र प्रदेश पुलिस ने संयुक्त रूप से इस नेटवर्क का खुलासा किया है। इसमें जोधपुर का जीशान भी शामिल है। खुफिया एजेंसियां अलर्ट आतंकी कनेक्शन सामने आने के बाद जोधपुर की खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। जीशान के संपर्क में रहे नागौरी गेट निवासी हसन नामक युवक की भी तलाश की जा रही है। जीशान के पकड़े जाने के बाद से ही हसन फरार है और उसका मोबाइल भी बंद बताया जा रहा है। सदर बाजार थानाप्रभारी माणकराम विश्नोई ने जानकारी दी कि आरोपी के संपर्क में आए लोगों पर लगातार नजर रखी जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों की जांच की जा रही है। आंध्र प्रदेश पुलिस के एसीपी रामचन्द्रर राव के अनुसार, आंध्र प्रदेश और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आंध्र प्रदेश के मोहम्मद रहमतुल्लाह शरीफ, मिर्जा सोहेल बेग और मोहम्मद दानिश, बिहार के शादमान दिलखुश और अजमानुल्लाह खान, दिल्ली के रोहिणी निवासी लकी अहमद, पश्चिम बंगाल के मीर आसिफ अली, राजस्थान के जीशान, कर्नाटक के अब्दुल सलाम, महाराष्ट्र के शाहरुख खान और शियाज उर रहमान तथा तेलंगाना की सैदा बेगम को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और उनके नेटवर्क की विस्तृत जांच जारी है। गेमिंग एप के जरिए ग्रुप में हुए शामिल प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एक गेमिंग ऐप के जरिए एक्यूआइएस और आइएसआइएस के विदेशी संचालकों से संपर्क स्थापित किया और धीरे-धीरे उनके नेटवर्क से जुड़ गए। यह भी आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय ध्वज को आइएसआइएस के झंडे से बदलकर पोस्ट किया। इसके साथ ही उन्होंने आइएसआइएस की सराहना की और भारत को इस्लामिक स्टेट में बदलने जैसी बातें भी साझा कीं। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि वे एक महीने के भीतर ट्रेनिंग में भाग लेने के लिए पाकिस्तान जाने की तैयारी कर रहे थे। जिहादी विचार किया सोशल मीडिया पर वायरल इस मामले में विजयवाड़ा के तीन युवकों को भी गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि इन युवकों ने युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करने और जिहाद के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से ‘अल मलिक इस्लामिक यूथ’ नामक एक सोशल मीडिया ग्रुप बनाया था। आंध्र प्रदेश पुलिस के अनुसार, वे कथित तौर पर गजवा-ए-हिंद की अवधारणा पर काम कर रहे थे और अलग-अलग राज्यों में अपना नेटवर्क फैलाने में लगे हुए थे। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस नेटवर्क के माध्यम से कम पढ़े-लिखे लोगों को भी निशाना बनाया गया और उनका ब्रेनवॉश किया गया। आरोपियों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग कर जिहाद से जुड़ी गतिविधियों और विचारों को फैलाने का प्रयास किया। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है।

बाड़मेर के लाल और प्रयागराज की बेटी की शाही शादी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई दिग्गज होंगे शामिल

केके बिश्नोई यूपी कैडर के 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नजदीकी माने जाते हैं. वहीं अंशिका वर्मा 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. केके बिश्ननोई की शादी की रस्में शुरू उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात दो चर्चित आईपीएस अधिकारियों की प्रेम कहानी अब शादी में बदलने जा रही है. काफी दिन से चर्चा के बाद अब दोनों शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं. संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई और बरेली साउथ की पुलिस अधीक्षक अंशिका वर्मा कल 29 मार्च को जोधपुर में पारंपरिक रीति-रिवाज से सात फेरे लेंगे. केके बिश्नोई यूपी कैडर के 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नजदीकी माने जाते हैं. वहीं अंशिका वर्मा 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. दोनों की मुलाकात गोरखपुर पोस्टिंग के दौरान हुई थी. शादी की तैयारियां बिश्नोई के पैतृक गांव बाड़मेर के धोरीमना में जोरों पर हैं. यहां 27 मार्च से विवाह रस्में शुरू हो चुकी हैं. घी पिलाने, हल्दी और संगीत कार्यक्रम बड़े उत्साह के साथ आयोजित हो रहे हैं. 30 मार्च को जोधपुर में रिसेप्शन शनिवार धोरीमना में बारात सभा होगी और 29 मार्च को बारात धोरीमन्ना से जोधपुर के लिए रवाना होगी जहां विवाह संस्कार संपन्न होगा. 30 मार्च को जोधपुर के लहरिया रिसोर्ट में भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया जाएगा. इस शाही शादी में राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के कई दिग्गज नेता तथा वरिष्ठ अधिकारी शामिल होने वाले हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई वीवीआईपी मेहमानों को आमंत्रित गया है. प्रयागराज की रहने वाली हैं अंशिका केके बिश्नोई बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव के मूल निवासी हैं जबकि अंशिका वर्मा प्रयागराज की रहने वाली हैं. दोनों अधिकारियों की 25 मार्च को संभल में सगाई की रस्म हुई थी. स्थानीय स्तर पर इस जोड़ी की शादी को लेकर काफी उत्साह है और शुभचिंतक उन्हें नई जिंदगी की शुभकामनाएं दे रहे हैं.