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राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के चलते बारिश के साथ गिरेंगे ओले

जयपुर. राजस्थान में अगले 48 घंटों के दौरान मौसम बड़ा बदलाव दिखा सकता है। 17 और 18 फरवरी को राज्य में सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान कई जिलों में मेघगर्जन, बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। आज इन संभागों में बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने बताया है कि आज जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में दोपहर बाद मौसम करवट ले सकता है। आसमान में बादल छाने और मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने के आसार हैं। सुबह और दोपहर तक मौसम सामान्य रह सकता है, लेकिन बाद में अचानक बदलाव से लोगों को राहत भी मिल सकती है। कल का मौसम: ओलावृष्टि की चेतावनी विक्षोभ का सबसे ज्यादा प्रभाव 18 फरवरी को रहने की संभावना है। इस दिन बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, कोटा संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ इलाकों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही कहीं-कहीं ओले गिरने की भी संभावना है। ओलावृष्टि होने पर खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। तापमान में गिरावट के संकेत फिलहाल राज्य के अधिकांश स्थानों पर न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 6 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। लेकिन मावठ के असर से अगले 2 से 3 दिनों में तापमान 2 से 4 डिग्री तक गिर सकता है। इसके बाद फिर से तापमान बढ़ने की संभावना जताई गई है।

ऑनलाइन FIR से नंबर निकाल कर सैकड़ों को ठगा

भीलवाड़ा. राजस्थान की भीलवाड़ा पुलिस ने एक ऐसे शातिर साइबर अपराधी का पर्दाफाश किया है, जो खाकी का खौफ दिखाकर लोगों की जेब खाली कर रहा था। यह ठग कोई मामूली अपराधी नहीं, बल्कि तकनीक का इस्तेमाल कर सीधे 'भीलवाड़ा एसपी' बनकर फोन करता था। पुलिस की साइबर सेल और रायला थाना पुलिस ने एक फिल्मी ऑपरेशन के तहत आरोपी को मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश बॉर्डर के बीहड़ों से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सत्येंद्र सिंह उर्फ देशपत यादव (26) निवासी टीकमगढ़ (मप्र) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, यह इलाका साइबर अपराधियों का नया 'हॉटस्पॉट' बन चुका है। आरोपी बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देता था। आरोपी RajCop Citizen App और अन्य राज्यों के ऑनलाइन पोर्टल पर फर्जी नंबरों से लॉगिन करता था। वह पोर्टल से ताजा एफआईआर डाउनलोड करता और उसमें दर्ज मोबाइल नंबरों पर कॉल करता था। वह खुद को जिले का एसपी या एसएचओ बताकर फरियादी या आरोपी को डराता था। कभी केस में 'न्याय' दिलाने का झांसा देता तो कभी 'कार्रवाई रोकने' के नाम पर क्यूआर कोड भेजकर हजारों रुपए ऐंठ लेता था। जब पीड़ित ने पूछा नाम, तो मिला यह जवाब ठगी का यह खेल तब खुला, जब रायला निवासी जगदीश प्रसाद चौधरी को एक कॉल आया। कॉलर ने खुद को एसपी बताते हुए मांडल थाने के एक मामले में सहयोग का झांसा देकर पैसे मांगे। पीड़ित को जब शक हुआ और उसने नाम पूछा, तो आरोपी ने झिड़कते हुए कहा, अपने काम से काम रखिए। जब पीड़ित ने एसपी ऑफिस आने की बात कही, तो ठग ने समय की कमी का बहाना बनाकर कॉल काट दिया। दो दिन जंगल में डेरा, तब चढ़ा हत्थे एसपी धर्मेंद्र सिंह के निर्देशन में साइबर टीम ने जब डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा किया, तो लोकेशन मप्र-यूपी बॉर्डर के जंगलों में मिली। आरोपी पुलिस से बचने के लिए खेतों और बीहड़ों में छिपा हुआ था। राजस्थान पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर दो दिन तक जंगल में कैंपिंग की और घेराबंदी कर आरोपी सत्येंद्र को दबोच लिया। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी ने भीलवाड़ा के 40 और राजस्थान के सैकड़ों लोगों को अपना निशाना बनाने का प्रयास किया था। पुलिस की अपील पुलिस अधिकारी कभी भी फोन पर पैसों की मांग नहीं करते। डिजिटल सुविधाओं का उपयोग सावधानी से करें। किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने को दें।

जयपुर में ड्रग्स माफिया के दो मंजिला अवैध मकान पर चला बुलडोजर

जयपुर. जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने ड्रग्स माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम बगराना में अवैध रूप से बने दो मंजिला मकान को ध्वस्त कर दिया। यह निर्माण जेडीए स्वामित्व की नाले की भूमि पर किया गया था। सोमवार सुबह जेडीए की प्रवर्तन शाखा की टीम भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से अवैध ढांचे को गिरा दिया। प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। मीरा सांसी, विजेंद्र उर्फ विजय सांसी, लक्की उर्फ राहुल सांसी, महेंद्र सांसी और विक्की सांसू के विरुद्ध मादक पदार्थों की तस्करी सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज हैं। इन सभी के खिलाफ कानोता थाना में कुल 23 मामले दर्ज हैं। जेडीए अधिकारियों का कहना है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में अवैध निर्माण और माफिया गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 28 को राजस्थान दौरा होगा खास

अजमेर. राजस्थान की डबल इंजन सरकार अब 'विकास की सुपरफास्ट' गति पकड़ने को तैयार है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि आगामी 28 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अजमेर की पवित्र धरा पर पधार रहे हैं। प्रधानमंत्री यहाँ से 23 हजार 500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। यह दौरा न केवल ढांचागत विकास के लिए अहम है, बल्कि राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए भी 'रोजगार उत्सव' बनकर आ रहा है। 1. ₹23,500 करोड़ का 'बजट गिफ्ट' प्रधानमंत्री अपने इस दौरे में प्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी सौगातें देंगे। इस भारी-भरकम राशि का निवेश मुख्य रूप से सड़क, रेलवे, पेयजल (ERCP के नए आयाम), सौर ऊर्जा और चिकित्सा सुविधाओं पर केंद्रित होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन परियोजनाओं से राजस्थान के आर्थिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आएगा। 2. 21 हजार युवाओं को सरकारी नियुक्ति इस दौरे का सबसे मानवीय और खास पहलू है युवाओं का सम्मान। प्रदेश के 21 हजार नव-नियुक्त युवाओं को प्रधानमंत्री अपने हाथों से नियुक्ति पत्र (Appointment Letters) सौंपेंगे। यह आयोजन प्रदेश भर के युवाओं में नई ऊर्जा और सरकारी नौकरियों के प्रति विश्वास पैदा करेगा। 3. 'विकसित राजस्थान' के संकल्प को शक्ति मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री की उपस्थिति 'विकसित राजस्थान' के संकल्प को नई शक्ति प्रदान करेगी। राजस्थान सरकार का लक्ष्य है कि जब भारत आजादी के 100 वर्ष मनाए, तब राजस्थान देश के अग्रणी विकसित राज्यों में शामिल हो। 4. अजमेर ही क्यों? मरुधरा का केंद्र और आस्था का संगम अजमेर न केवल भौगोलिक रूप से राजस्थान का केंद्र है, बल्कि यह सांप्रदायिक सौहार्द और आस्था का भी बड़ा केंद्र है। यहाँ की कायड़ विश्राम स्थली पहले भी प्रधानमंत्री की बड़ी जनसभाओं की गवाह रही है। राजनीतिक दृष्टि से भी अजमेर संभाग से पूरे प्रदेश को संदेश देना आसान होता है। 5. बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव 23,500 करोड़ के प्रोजेक्ट्स में राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास और जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। 6. 'सौर ऊर्जा' हब बनेगा राजस्थान प्रस्तावित योजनाओं में अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में बड़े शिलान्यास होने की संभावना है, जो राजस्थान को देश का 'ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर' बनाने में मदद करेंगे। 7. मिशन मोड पर प्रशासन प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए अजमेर जिला प्रशासन और पुलिस महकमा अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं और मुख्यमंत्री स्वयं तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। 8. चिकित्सा और शिक्षा पर विशेष फोकस सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी कई नए मेडिकल कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों के डिजिटल लोकार्पण भी कर सकते हैं, जिससे ग्रामीण अंचलों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचेंगी। 9. पर्यटन और औद्योगिक विकास को रफ्तार अजमेर और आसपास के क्षेत्रों (पुष्कर, किशनगढ़) के लिए कनेक्टिविटी बढ़ने से पर्यटन को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों के लिए नई बिजली लाइनों का शिलान्यास व्यापार को सुगम बनाएगा। प्रधानमंत्री मोदी का राजस्थान की संस्कृति और यहाँ के लोगों से विशेष लगाव रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री की यह यात्रा प्रदेशवासियों के लिए नई प्रेरणा और प्रगति का द्वार खोलेगी।

राजस्थान के भिवाड़ी में भीषण अग्निकांड: केमिकल फैक्टरी हादसे पर पीएम मोदी समेत कई नेताओं की प्रतिक्रिया

अलवर राजस्थान के भिवाड़ी स्थित खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्टरी में तेज धमाके के बाद भीषण आग लगने से आठ लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया। बताया गया कि फैक्टरी में काम कर रहे आठ लोग जिंदा जल गए। इस भयावह घटना को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम भजनलाल, पूर्व सीएम अशोक गहलोत और राज्यपाल समेत कई जनप्रतिनिधियों ने शोक संवेदना जताई है। प्रधानमंत्री ने जताया दुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना को अत्यंत दुखद बताया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति उनकी संवेदनाएं हैं और वे घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं।   मुख्यमंत्री और राज्यपाल की संवेदना राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरी में आग लगने से हुई जनहानि का समाचार अत्यंत दुःखद है। उन्होंने जिला प्रशासन को राहत और बचाव कार्य के निर्देश दिए हैं तथा दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।   वहीं, राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरी में आग लगने से हुए हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है।  उन्होंने ईश्वर से मृतकों की पुण्यात्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है। उन्होंने हादसे में घायलों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की है।   पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष की प्रतिक्रिया पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भिवाड़ी (खैरथल-तिजारा) की एक केमिकल फैक्टरी में लगी भीषण आग में आठ व्यक्तियों की मृत्यु को बेहद पीड़ादायक और दुखद बताया। ईश्वर से प्रार्थना है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में कम से कम जनहानि हो। प्रभु दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें एवं घायलों को शीघ्र स्वस्थ करें।   नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि भिवाड़ी की केमिकल फैक्ट्री में 7 लोगों के जिंदा जलने की खबर अत्यंत हृदयविदारक है। ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में एवं शोकाकुल परिजनों को यह असहनीय दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।   ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में एवं शोकाकुल परिजनों को यह असहनीय दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूँ। राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी में केमिकल फैक्टरी में आग लगने से 8-10 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की तथा हाल के अन्य हादसों का उल्लेख करते हुए इसे गंभीर मामला बताया।

काला हिरण मामले में सलमान खान को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने अनादर बेंच को जारी किए आदेश

जोधपुर बहुचर्चित कांकाणी काला हिरण शिकार प्रकरण में सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई. राजस्थान हाई कोर्ट के जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू ने सुनवाई से किया इनकार. कोर्ट ने पुट अप अनादर बेंच के दिए निर्देश. अब मामले में किसी अन्य बेंच में होगी सुनवाई. अभिनेता सलमान खान की भूमिका से जुड़ी अपील पर अदालत को विचार करने के लिए याचिका दायर की गई थी. जोधपुर की निचली अदालत ने 5 अप्रैल 2018 को सलमान खान को पांच साल के जेल की सजा सुनाई थी. इस फैसले के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में अपील दायर कर रखी है, जिस पर अब सुनवाई होनी है. इससे पहले उनके अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत ने सभी संबंधित अपीलों पर एक साथ सुनवाई की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था. इसी प्रकरण में सह-अभियुक्त सैफ अली खान, तब्बू, नीलम, सोनाली बेंद्रे और स्थानीय निवासी दुष्यंत सिंह को ट्रायल कोर्ट ने बरी कर दिया था. राज्य सरकार ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है. सरकार की ओर से दायर ‘लीव टू अपील’ याचिका पर भी सुनवाई निर्धारित की गई थी. अब अदालत राज्य की अपील को अस्वीकार कर लिया है. इसके अतिरिक्त, 15 अक्टूबर 1998 को लूणी थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले की अपील भी 21 मार्च 2022 को हाईकोर्ट में स्थानांतरित की जा चुकी है. क्या है काला हिरण शिकार का पूरा मामला? साल 1998 में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग जोधपुर के आसपास ग्रामीण इलाकों में चल रही थी. इसी दौरान आरोप लगा कि सलमान खान समेत अन्य कलाकारों ने काले हिरणों का शिकार किया. इस घटना के बाद सलमान खान के खिलाफ हिरण शिकार के तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए, जबकि एक मामला अवैध हथियार रखने से संबंधित था. निचली अदालत ने दो मामलों में उन्हें पांच-पांच वर्ष की सजा सुनाई, जबकि एक अन्य मामले में एक वर्ष का कारावास दिया गया. अब हाईकोर्ट में एक साथ होने वाली सुनवाई से इस लंबे समय से चल रहे मामले में अहम मोड़ आने की उम्मीद की जा रही है.

चैकिंग के दौरान ट्रक ने ड्यूटी पर तैनात RTO इंस्पेक्टर के ड्राइवर को कुचला

जयपुर. जयपुर के कानोता थाना क्षेत्र के हिंगोनिया टोल प्लाजा के पास रिंग रोड पर रविवार दोपहर ड्यूटी के दौरान हादसे में RTO इंस्पेक्टर के वाहन चालक की मौत हो गई। परिवहन निरीक्षक असगर अली खां के अनुसार हिंगोनिया टोल प्लाजा पर वाहनों की चैकिंग और चालान की कार्रवाई चल रही थी। इसी दौरान आगरा रोड की ओर से आए एक अज्ञात ट्रक ने परिवहन जाप्ते में संविदा पर लगे कार चालक को टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत सवाई मानसिंह अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। पुलिस के मुताबिक हादसे के शिकार व्यक्ति की पहचान राजाराम रावत (48) निवासी पनियाला, कोटपूतली के रूप में हुई है। घटना के बाद पुलिस आगरा रोड से आए ट्रक चालक की जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। राजस्व टारगेट का दबाव परिवहन विभाग में राजस्व टारगेट पूरा करने के लिए सभी आरटीओ को निर्देश दिए गए हैं। इसके कारण अधिक से अधिक वाहनों पर कार्रवाई कर सड़क पर आरटीओ उड़नदस्तों की ओर से चालान किए जा रहे हैं। समय पर टारगेट पूरा करने का दबाव भी लगातार बना हुआ है।

राजस्थान की पटाखा फैक्ट्री में आग से 7 मजदूरों मौत

जयपुर. राजस्थान के औद्योगिक हब भिवाड़ी में सोमवार का सूरज काल बनकर उतरा। खुशखेड़ा करौली इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में सुबह अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि वहां काम कर रहे मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार, अब तक 7 शव निकाले जा चुके हैं, जो पूरी तरह जल चुके हैं। कैसे हुआ हादसा? प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा सोमवार सुबह उस वक्त हुआ जब फैक्ट्री में शिफ्ट बदली जा रही थी और करीब 25 मजदूर काम पर तैनात थे। अचानक फैक्ट्री के भीतर एक के बाद एक कई धमाके हुए। आग पलक झपकते ही पूरी बिल्डिंग में फैल गई। काले धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। दमकल इंचार्ज राजू खान ने बताया की औद्योगिक क्षेत्र के प्लॉट नंबर G-1, 118 में स्थित फैक्ट्री पिछले कई महीनों से बंद पड़ी थी। फैक्ट्री परिसर में बड़ी मात्रा में गत्तों का स्टॉक रखा हुआ था। सोमवार सुबह 10 बजे अचानक फैक्ट्री के अंदर से धुआं उठता दिखाई दिया और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग से 7 लोग जिंदा जल गए। भिवाड़ी पुलिस के आला अधिकारी मौके पर मौजूद है। 3 से 4 बार जोरदार धमाके बंद फैक्ट्री में ऐसा क्या बन रहा था कि जो तेज धमाका हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के दौरान 3 से 4 बार जोरदार धमाके हुए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। धमाकों की आवाज काफी दूर तक सुनी गई। आधा दर्जन गाड़ियां मौके पर प्राथमिक अंदेशा जताया जा रहा है कि फैक्ट्री के अंदर रखे गैस सिलेंडर फटने से ये तेज धमाके हुए होंगे। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की करीब आधा दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का कार्य शुरू किया गया। आग पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि फैक्ट्री में रखा गत्ता तेजी से आग पकड़ रहा था। आसपास की फैक्ट्रियों को खाली कराया एहतियात के तौर पर आसपास की फैक्ट्रियों को भी खाली करा लिया गया और बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई, ताकि कोई बड़ा हादसा न हो। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। दमकल कर्मियों ने घंटों की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया, हालांकि पूरी तरह शीतलन कार्य देर तक जारी रहा। नुकसान का किया जा रहा आकलन गनीमत रही कि फैक्ट्री लंबे समय से बंद थी। अगर फैक्ट्री चालू रहती तो और जनहानि हो सकती थी। फिलहाल आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया। पुलिस ने जांच शुरू की पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या किसी अन्य कारण से। प्रशासन ने औद्योगिक क्षेत्र की अन्य इकाइयों को भी सुरक्षा मानकों की जांच करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके। 7 लोगों की मौत की पुष्टि पुलिस अधीक्षक प्रशांत किरण ने हादसे में सात लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि मरने वालों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। अतिरिक्त जिलाधिकारी सुमिता मिश्रा ने बताया कि पुलिस टीम ने नियमित गश्त के दौरान कारखाने में आग लगी देखी जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि कारखाने में नौ लोग फंसे हुए थे। अब तक सात शव निकाले जा चुके हैं। 7 की मौत, 2 अभी भी लापता प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक़ मलबे से 7 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। शवों की स्थिति इतनी खराब है कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो रहा है। रेस्क्यू टीम के मुताबिक, 2 मजदूर अभी भी लापता हैं, जिनके फैक्ट्री के पिछले हिस्से में फंसेने की आशंका जताई जा रही है। फायर ब्रिगेड की दर्जनों गाड़ियां मौके पर आग बुझाने के लिए भिवाड़ी, खैरथल, तिजारा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से करीब 15-20 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाई गई हैं। चूंकि फैक्ट्री केमिकल की है, इसलिए पानी के साथ-साथ फोम (Foam) का इस्तेमाल किया जा रहा है।

थैलीसीमिया पीड़ितों के लिए बड़ा ऐलान, मुफ्त ट्रांसप्लांट और पेंशन योजना जारी

 जयपुर  राजस्थान में थैलीसीमिया पीड़ितों को निःशुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट के साथ 1250 रुपए मासिक पेंशन मिल रही है। विधायक रूपिन्द्र सिंह कुन्नर द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न के उत्तर में सरकार ने चिकित्सा सहायता से लेकर आर्थिक सुरक्षा तक के प्रावधानों को लेकर जवाब पेश किया है। निःशुल्क चिकित्सा और डे-केयर की सुविधा सरकार ने अवगत कराया कि प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में थैलीसीमिया मरीजों के लिए विशेष 'डे-केयर सेंटर' संचालित हैं । इन केंद्रों पर मरीजों को बिना किसी रिप्लेसमेंट के ब्लड ट्रांसफ्यूजन, आयरन केलेशन थेरेपी और सभी प्रकार की जाँचे पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं । इसके अतिरिक्त, गंभीर मरीजों के लिए वार्ड में भर्ती होने और बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी महंगी चिकित्सा सुविधा भी सरकार द्वारा मुफ्त दी जा रही है । आर्थिक संबल : 1250 रुपए की मासिक पेंशन सामाजिक सुरक्षा के तहत, राज्य सरकार थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को 'मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन सम्मान पेंशन योजना' का लाभ दे रही है । इस श्रेणी के बच्चों को वर्तमान में 1250 रुपये प्रति माह की न्यूनतम पेंशन दर से सहायता दी जा रही है । सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि थैलीसीमिया को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत 21 दिव्यांगता श्रेणियों में शामिल किया गया है, जिसके आधार पर इन बच्चों के यूडीआईडी (UDID) कार्ड और दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं । आधार और बायोमेट्रिक नियमों पर स्पष्टीकरण सदन में आधार कार्ड की अनिवार्यता और बायोमेट्रिक सत्यापन को लेकर उठ रहे सवालों पर विभाग ने स्थिति स्पष्ट की। 5 वर्ष से कम आयु: जन्म से 5 वर्ष तक के बच्चों का उपचार माता-पिता के आधार कार्ड के आधार पर ही सुनिश्चित किया जाता है । छोटे बच्चों का आधार नामांकन 'हेड ऑफ फैमिली' (HoF) के सत्यापन से किया जाता है । बायोमेट्रिक की बाध्यता नहीं : सरकार ने विशेष आदेश जारी कर यह सुविधा दी है कि जिन बच्चों के बायोमेट्रिक (हाथों के निशान) अपडेट नहीं हो पा रहे हैं, उनकी पेंशन नहीं रोकी जाएगी । ओटीपी आधारित सत्यापन : ऐसे मामलों में जहाँ फिंगरप्रिंट या फेस रिकॉग्निशन संभव नहीं है, वहाँ संबंधित पेंशन स्वीकृतिकर्ता अधिकारी पंजीकृत मोबाइल पर ओटीपी (OTP) के माध्यम से आवेदन स्वीकार कर स्वतः स्वीकृति जारी कर सकते हैं । यह वैकल्पिक प्रक्रिया उन विशेष मामलों के लिए 'अपवाद स्वरूप' लागू की गई है, ताकि तकनीकी कारणों से कोई भी पात्र बच्चा सहायता से वंचित न रहे ।

खाद्य सुरक्षा योजना में जुड़ेंगे नाम और शादी के बाद नहीं अटकेगा राशन

भरतपुर. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) के तहत चयनित परिवारों के राशन कार्ड में जो सदस्य अब तक जुड़ने से शेष रह गए थे, उनके नाम अब जोड़े जा सकेंगे। इसके लिए विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू कर दी गई है। सरकार की ओर से यह प्रक्रिया पुन: शुरू किए जाने से हजारों परिवारों को राहत मिलेगी, जिनके यहां बच्चों का जन्म हुआ है या विवाह के बाद परिवार में नए सदस्य जुड़े हैं। जिला रसद अधिकारी पवन अग्रवाल ने बताया कि जारी निर्देशों के अनुसार परिवार का कोई भी सदस्य विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। शेष सदस्यों के नाम जनआधार एपीआई के माध्यम से राशन कार्ड में जोड़े जाएंगे। यदि जुड़ने वाले सदस्य के नाम पर एलपीजी गैस कनेक्शन है तो उसकी एलपीजी आईडी का विवरण भी आवेदन में दर्ज किया जा सकेगा। आवेदन जिला रसद अधिकारी, विकास अधिकारी अथवा अधिशासी अधिकारी के स्तर से अनुमोदित होने के बाद संबंधित सदस्य का नाम खाद्य सुरक्षा योजना में जोड़ा जाएगा। ई-केवाईसी कराना अनिवार्य इसके बाद 90 दिनों के भीतर सभी नए जुड़े सदस्यों की ई-केवाईसी कराना अनिवार्य होगा, ताकि उन्हें योजना का लाभ निर्बाध रूप से मिल सके। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है, इसलिए पात्र लाभार्थियों को अनावश्यक रूप से ई-मित्र केंद्रों पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य आमजन को सुविधा देना और पारदर्शिता बढ़ाना है। साथ ही जिला रसद अधिकारियों को अपने अधीनस्थ प्रवर्तन स्टाफ को इस प्रक्रिया का प्रशिक्षण देने और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि काफी समय से यह सुविधा बंद थी, जिसे सरकार ने अब पुन: चालू कर दिया है। इससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के पात्र लाभार्थियों को समय पर पूरा अनाज और अन्य सामग्री प्राप्त करने में सुविधा होगी। यह बोले डीएसओ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत चयनित परिवारों के राशन कार्ड में शेष रह गए सदस्यों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिन परिवारों में बच्चों का जन्म हुआ है या विवाह के बाद नए सदस्य जुड़े हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं। पात्रता की जांच के बाद संबंधित सदस्यों को राशन कार्ड में जोड़ा जाएगा।