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भारत-पाक बॉर्डर से सटे इलाकों में पाकिस्तानी सिम और आवाजाही पर 2 माह तक बैन

श्रीगंगा नगर. भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे श्रीगंगानगर जिले के इलाकों में राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तानी लोकल सिम कार्ड के उपयोग पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। श्रीगंगा नगर जिला मजिस्ट्रेट डॉ. मंजू ने बताया कि सीमा से लगे पाकिस्तानी क्षेत्र में स्थापित मोबाइल टॉवरों का नेटवर्क भारतीय सीमा के भीतर तीन से चार किलोमीटर तक आ सकता है, जिससे सुरक्षा संबंधी खतरे की आशंका बनी रहती है। इसी कारण यह निर्णय लिया गया है। शाम 7 से सुबह 6 बजे तक नो-गो जोन आदेशानुसार भारत-पाक बॉर्डर सटे 3 किमी के दायरे में शाम 7 से सुबह 6 बजे तक लोगों के आवागमन पर पूरी तरह बैन रहेगा। श्रीगंगानगर, श्रीकरणपुर, पदमपुर, रायसिंहनगर, अनूपगढ़ और घड़साना उपखंड से लगती सीमा पर यह नियम लागू होगा। वहीं, सिंचाई के लिए जाने वाले किसानों को बीएसएफ या सेना के अधिकारियों से परमिशन लेनी होगी। आदेश उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किया है कि जिले के किसी भी ऐसे क्षेत्र में, जहां पाकिस्तानी नेटवर्क के जरिए संपर्क संभव है। पाकिस्तानी लोकल सिम के उपयोग पर रोक कोई भी व्यक्ति पाकिस्तानी लोकल सिम का उपयोग नहीं करेगा और न ही किसी को इसकी अनुमति दी जाएगी। आदेश का उल्लंघन करने पर दोषी के खिलाफ विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश 15 जनवरी से आगामी दो माह की अवधि तक प्रभावशील रहेगा।

रॉयल राजस्थान: घूमने की 10 शानदार जगहें, जो आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर हों

जयपुर राजस्थान को यूं ही राजाओं की धरती नहीं कहा जाता। किले, महल, झीलें, रेगिस्तान और वन्यजीवन—यहां का हर रंग यात्रियों को अलग अनुभव देता है। इतिहास की गूंज, परंपराओं की खुशबू और प्रकृति की भव्यता राजस्थान को भारत के सबसे खास पर्यटन राज्यों में शामिल करती है। अगर आप भारत में घूमने की योजना बना रहे हैं, तो राजस्थान की ये 10 जगहें आपकी लिस्ट में जरूर होनी चाहिए। आमेर किला, जयपुर जयपुर की पहाड़ियों पर स्थित आमेर किला राजपूत शौर्य और स्थापत्य कला का शानदार उदाहरण है। ऊंचे दरवाजे, नक्काशीदार दीवारें और शीश महल इसकी पहचान हैं। दिन के समय इसकी भव्यता और शाम को रोशनी में नहाया किला इतिहास को जीवंत कर देता है। सर्दियों का मौसम यहां घूमने के लिए सबसे बेहतर माना जाता है। उदयपुर सिटी पैलेस झीलों के शहर उदयपुर का सिटी पैलेस राजस्थानी और मुगल स्थापत्य का खूबसूरत संगम है। महल के आंगन, बालकनियां और संग्रहालय मेवाड़ राजघराने की शाही जिंदगी की झलक दिखाते हैं। पिछोला झील के किनारे बना यह महल सितंबर से मार्च के बीच सबसे ज्यादा आकर्षक लगता है। जैसलमेर किला थार रेगिस्तान के बीच खड़ा जैसलमेर किला आज भी आबाद है। सुनहरे पत्थरों से बना यह किला सूरज की रोशनी में अलग ही रंग बिखेरता है। इसकी गलियों में घूमते हुए सदियों पुरानी जीवनशैली को करीब से महसूस किया जा सकता है। सर्दियों में यहां का मौसम घूमने के लिए आदर्श रहता है। रणथंभौर नेशनल पार्क वन्यजीवन प्रेमियों के लिए रणथंभौर किसी सपने से कम नहीं। यहां खुले जंगल में बाघ को देखने का रोमांच अलग ही स्तर का होता है। इसके साथ ही पक्षी, हिरण और ऐतिहासिक खंडहर इस पार्क को खास बनाते हैं। अक्टूबर से जून तक का समय सफारी के लिए उपयुक्त माना जाता है। पुष्कर झील और ब्रह्मा मंदिर अरावली की गोद में बसा पुष्कर आध्यात्मिक शांति का केंद्र है। पवित्र झील के चारों ओर बने घाट और ब्रह्मा मंदिर इस शहर की पहचान हैं। यहां की गलियों में घूमते हुए संस्कृति और भक्ति का अनोखा संगम देखने को मिलता है। अक्टूबर से मार्च के बीच पुष्कर सबसे ज्यादा जीवंत रहता है। मेहरानगढ़ किला, जोधपुर नीले शहर जोधपुर के ऊपर स्थित मेहरानगढ़ किला राजस्थान के सबसे प्रभावशाली किलों में से एक है। इसकी ऊंचाई से पूरा शहर एक अलग ही रंग में नजर आता है। किले के भीतर मौजूद संग्रहालय और शाम का लाइट एंड साउंड शो पर्यटकों को खास अनुभव देता है। हवा महल, जयपुर जयपुर का हवा महल अपनी अनोखी बनावट के लिए दुनियाभर में मशहूर है। सैकड़ों झरोखों वाली यह इमारत राजघराने की महिलाओं के लिए बनाई गई थी। सुबह की रोशनी में इसका गुलाबी रंग बेहद आकर्षक दिखाई देता है। चित्तौड़गढ़ किला राजपूती वीरता और बलिदान की गाथाओं का प्रतीक चित्तौड़गढ़ किला भारत का सबसे बड़ा किला माना जाता है। विजय स्तंभ और मंदिरों से सजा यह किला इतिहास प्रेमियों को गहराई से प्रभावित करता है। सर्दियों में यहां घूमना सबसे आरामदायक रहता है। थार रेगिस्तान और कैमल सफारी रेत के टीलों के बीच ऊंट सफारी राजस्थान के सबसे यादगार अनुभवों में से एक है। सूर्यास्त के समय बदलते रंग और रात में तारों से भरा आसमान रेगिस्तान को जादुई बना देता है। अक्टूबर से मार्च तक का समय इसके लिए सबसे अच्छा माना जाता है। केवलादेव घना नेशनल पार्क, भरतपुर भरतपुर स्थित यह पक्षी अभयारण्य प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग जैसा है। सर्दियों में यहां प्रवासी पक्षियों का जमावड़ा देखने को मिलता है। शांत वातावरण और हरियाली इसे खास बनाती है। राजस्थान क्यों है खास राजस्थान सिर्फ किलों और महलों तक सीमित नहीं है। यहां के मेले, लोक संगीत, रंगीन बाजार और पारंपरिक खानपान हर यात्रा को यादगार बना देते हैं। चाहे इतिहास में रुचि हो या प्रकृति से लगाव, राजस्थान हर यात्री को कुछ न कुछ खास जरूर देता है।

कोटा में PM मोदी, पूर्व CM गहलोत, अमिताभ बच्चन समेत 50 मूर्तियों वाला अनूठा मंदिर

कोटा. देशभर में देवी-देवताओं के मंदिर बहुत हैं, लेकिन शिक्षा नगरी कोटा में नयापुरा स्थित कर्मयोगी भारत माता भवन में एक ही स्थान पर न सिर्फ देवी-देवताओं और आराध्यों के दर्शन होंगे, बल्कि संतों, महापुरुषों, नेताओं, अभिनेताओं और खेल व कला जगत से जुड़ी हस्तियों के भी दर्शन किए जा सकेंगे। सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने वाले कर्मयोगी सेवा संस्थान ने देश के महापुरुषों का विशेष ‘मंदिर’ तैयार किया है। इसमें देवी-देवताओं समेत करीब 50 मूर्तियों की स्थापना की गई है। इनमें भारत रत्न सम्मानित विभूतियां, विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियों के माध्यम से विश्वभर में देश का मान बढ़ाने वाले महापुरुष, देश की आजादी में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले क्रांतिकारी, शिक्षा नगरी के विकास में योगदान देने वाले जनप्रतिनिधि, क्रिकेट के भगवान, स्वर कोकिला, आजादी के नायक और सदी के महानायक तक शामिल हैं। चार मंजिला कर्मयोगी भवन में वर्ष 2023 में तीन प्रतिमाओं की स्थापना से इसकी शुरुआत की गई थी। संस्थान के संस्थापक राजाराम जैन ‘कर्मयोगी’ का मानना है कि संभवतः ऐसा कोई अन्य भवन नहीं है, जहां एक ही स्थान पर इतनी विविध हस्तियों की मूर्तियों की स्थापना की गई हो। भारत के ये नौ रत्न भवन के अलग-अलग भागों में देश की पहली महिला प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न इंदिरा गांधी, पं. जवाहरलाल नेहरू, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल, पूर्व राष्ट्रपति व वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, डॉ. भीमराव आंबेडकर, राजीव गांधी, स्वर कोकिला लता मंगेशकर, सचिन तेंदुलकर और मदर टैरेसा की मूर्तियां स्थापित की गई है। इनके अलावा श्रद्धा व आस्था के प्रतीक भगवान राम, महादेव, हनुमान, देवी दुर्गा, देवी सरस्वती, राधा-कृष्ण, भगवान परशुराम, भगवान देवनारायण, महाराजा अग्रसेन, बाबा रामदेव, तेजाजी महाराज, भगवान झूलेलाल, मीनेश भगवान, महर्षि वाल्मीकि, भगवान महावीर की मूर्तियों की स्थापना की गई है। देशभक्ति भावना के प्रतीक भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, स्वामी विवेकानंद, चंद्रशेखर आजाद, लाला लाजपत राय, सुभाषचंद्र बोस, महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और झांसी की रानी, शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह और खेतसिंह खंगार की मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं। गायिका लता मंगेशकर, सदी के महानायक अमिताभ बच्चन, साहित्यकार हरिवंश राय बच्चन, मुंशी प्रेमचंद, हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद और क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर की प्रतिमाएं भी मंदिर में स्थापित हैं। शहर व देश के ये गौरव देशभर में कोटा का नाम रोशन करने वाले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विकास की दृष्टि से कोटा को विशेष पहचान दिलाने वाले पूर्व मंत्री शांति धारीवाल, ‘जादूगर’ के नाम से प्रख्यात पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तथा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिमा भी स्थापित की गई है। कर्मयोगी का कहना है कि मोदी के कार्यकाल में कई ऐतिहासिक कार्य हुए हैं, इसी कारण उनकी प्रतिमा यहां स्थापित की गई है। भारत बनेगा कोहिनूर – महात्मा गांधी और सुभाषचंद्र बोस के मध्य 7 फीट ऊंची व 5 फीट चौड़ी भारत माता की आकृति दीवार में उकेरी गई है। प्रतिमा के दोनों ओर शेरमुख बनाए गए हैं। एक हाथ में कोहिनूर दर्शाया गया है, जो यह संदेश देता है कि अब तक ‘सोने की चिड़िया’ कहलाने वाला भारत, आगे चलकर ‘कोहिनूर’ बनेगा। करीब 56 फीट की ऊंचाई पर तीन मूर्तियां स्थापित की गई हैं, जबकि शेष प्रतिमाएं लगभग 50 फीट की ऊंचाई तक स्थापित की गई हैं। इनमें 12 प्रतिमाएं 3-3 फीट ऊंची हैं और शेष 15-15 इंच की हैं। सभी प्रतिमाएं सफेद संगमरमर से तैयार की गई हैं। बड़ी प्रतिमाओं का वजन लगभग 250 किलो और छोटी प्रतिमाओं का वजन 50-50 किलो है। कला, संस्कृति, सद्भाव और देशभक्ति का संदेश संस्थान के कर्मयोगी और अल्का दुलारी का मानना है कि यह मंदिर महापुरुषों द्वारा बताए गए आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित करेगा। साथ ही यह सद्भाव, कला, संस्कृति, अध्ययन और पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। कर्मयोगी बताते हैं कि उनके परिसर में 15 अगस्त और 26 जनवरी का विशेष महत्व है। मंदिर निर्माण के प्रेरक उनके पिता मेवालाल जैन का जन्म, मृत्यु और विवाह 26 जनवरी को हुआ, जबकि दादा श्रीबख्श जैन का जन्म और विवाह 15 अगस्त को हुआ था। इसी कारण 26 जनवरी को मंदिर का उद्घाटन किया जाएगा। उद्घाटन मां कांता जैन करेंगी।

वंदे मातरम् रैली: उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के साथ जवानों और नागरिकों ने जताया देशभक्ति का जोश

जयपुर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने आज विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र के अंबाबाड़ी में हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा फाउंडेशन तथा सांस्कृतिक एवं नैतिक प्रशिक्षण फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रभक्ति भाव जागरण ‘वंदे मातरम्’ रैली में शिरकत की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बालक-बालिकाओं सहित आमजन की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक उद्घोष नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति श्रद्धा, त्याग और समर्पण की भावना का प्रतीक है। यह मंत्र स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक देशवासियों में राष्ट्रप्रेम, एकता और आत्मगौरव की चेतना जागृत करता रहा है। ऐसी राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत रैलियां हमारी सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय चेतना और नागरिक कर्तव्यों के प्रति संकल्प को और अधिक सशक्त करती हैं।   उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् शब्द नहीं, बल्कि शौर्य, साहस, त्याग, बलिदान और समर्पण का भाव है, जिस पर प्रत्येक देशवासी को गर्व है। साथ ही उन्होंने नई पीढ़ी को इतिहास और महापुरुषों के बारे में जानकारी देने तथा उन्हें सही दिशा दिखाने की आवश्यकता पर बल दिया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की डबल इंजन सरकार निरंतर विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है।  कार्यक्रम में जयपुर सांसद श्रीमती मंजू शर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जयपुर महानगर प्रचारक श्री प्रशांत, एचएसएस फाउंडेशन के अध्यक्ष सुभाष बापना, सचिव सोमकांत शर्मा, उपाध्यक्ष शीला अग्रवाल, आरएसएस के क्षेत्रीय संघचालक डॉ. रमेश, संस्कार भारती के राजस्थान अध्यक्ष अरुण, भाजपा जिला अध्यक्ष अमित गोयल सहित एचएसएस फाउंडेशन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में बालक-बालिकाएं उपस्थित रहे।  

सिटी पैलेस संग्रहालय में स्पर्श दोशी की उत्कृष्ट कला प्रदर्शनी का आयोजन

उदयपुर महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन, उदयपुर के सहयोग से ऐतिहासिक सिटी पैलेस संग्रहालय, उदयपुर में प्रतिभाशाली कलाकार स्पर्श दोशी की मनमोहक कलाकृतियों की एक शानदार प्रदर्शनी ‘कनक’ का आयोजन किया। दो दिवसीय प्रदर्शनी में महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ उपस्थित हुए। इस अवसर पर डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने स्पर्श दोशी का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी कला की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मेवाड़ की परंपरा सदियों से कला और कलाकारों को संरक्षण एवं प्रोत्साहन देने की रही है। मेवाड़ की कला धरोहरें विश्व में अपना विशिष्ट और अद्वितीय स्थान रखती हैं तथा युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का दायित्व हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी है।   प्रदर्शनी में प्रस्तुत कलाकृतियों के माध्यम से स्पर्श दोशी ने दर्शकों को चकित कर दिया। दृष्टिबाधित कलाकार स्पर्श चुंबकीय गेंदों का उपयोग करते हुए रचनात्मकता और सूक्ष्म सटीकता के अद्भुत समन्वय से आकर्षक और जटिल कलाकृतियाँ सृजित करते हैं। उनकी कल्पनाशील दृष्टि और गणितीय गणनाओं की गहरी समझ इन छोटी-छोटी गोलिकाओं से ऐसे डिज़ाइन रचते हैं, जो तर्क, सममिति और सौंदर्य का अनूठा संगम प्रस्तुत करती हैं। उनका कार्य यह सिद्ध करता है कि कला केवल कल्पना का परिणाम नहीं, बल्कि बुद्धि, अनुशासन और असीम संभावनाओं की अभिव्यक्ति भी है। इस प्रेरणादायी कला यात्रा के पीछे स्पर्श के माता-पिता हार्दिक दोशी एवं भूमि दोशी का निरंतर समर्पण, मार्गदर्शन और सहयोग उल्लेखनीय है, जिनके प्रोत्साहन से स्पर्श अपनी प्रतिभा को नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं। सिटी पैलेस संग्रहालय के ऐतिहासिक वातावरण में आयोजित यह प्रदर्शनी कला, नवाचार और प्रेरणा का सजीव उदाहरण बनी, जिसे कला प्रेमियों एवं दर्शकों ने विशेष सराहना के साथ देखा।  

मसूरी: स्कूल परिसर में बनी मजार पर हमला, नारेबाजी का वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा तनाव

मसूरी मसूरी के बाला हिसार क्षेत्र में स्थित बाबा बुल्ले शाह की मजार को नुकसान पहुंचाए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक मजार को तोड़ते हुए और धार्मिक नारे लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद शहर में एक बार फिर माहौल गरमा गया है। कुछ दिन पहले भी मजार को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ था। उस दौरान कुछ संगठनों ने मजार के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया था, जिसके बाद प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए स्थिति को संभाल लिया था और मामले की जांच शुरू की गई थी। उस समय हालात शांत हो गए थे, लेकिन अब वायरल वीडियो ने एक बार फिर तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। हालांकि हिन्दुस्तान इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। पुलिस प्रशासन भी वीडियो की सत्यता और इसमें शामिल लोगों की पहचान की जांच कर रहा है। मजार को नुकसान पहुंचा बाबा बुल्ले शाह समिति के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने बताया कि मजार को नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि मजार की सभी लाइटें तोड़ दी गई हैं और यह घटना बेहद निंदनीय है। अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर शहर का माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों पर कार्रवाई की मांग उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और इसके लिए कोतवाली में तहरीर दी जा रही है। रजत अग्रवाल ने पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासनिक निष्क्रियता के चलते इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इसे पुलिस और प्रशासन के लिए चेतावनी बताया। समिति अध्यक्ष का यह भी कहना है कि वीडियो में जिस तरह से धार्मिक नारे लगाए जा रहे हैं, उससे यह स्पष्ट होता है कि किसी संगठित समूह के युवा इसमें शामिल हो सकते हैं। आरोपियों की धरपकड़ जारी वहीं, मसूरी के क्षेत्राधिकारी (सीओ) मनोज असवाल ने बताया कि मजार को नुकसान पहुंचाए जाने की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी भी आरोपी की पहचान नहीं हो पाई है और मामले की जांच की जा रही है। वीडियो की सत्यता की भी जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

धीरेंद्र शास्त्री बोले- ‘हिंदुओं को चादर चढ़ाते देख पीड़ा होती है’

कोटा. कोटा में आयोजित श्रीराम कथा के दूसरे दिन बागेश्वर धाम के महंथ पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने बयानों से हलचल मचा दी। उन्होंने कहा कि मैं जब हिन्दू भाइयों को सिर पर रुमाल बांधने वालों के पास जाता देखता हूं तो बुरा लगता है। चमत्कारों के नाम पर धर्मांतरण नहीं होना चाहिए। बालाजी ने हमें सिद्धि दी है ताकि धर्म विरोधियों की ठठरी और गठरी बांधी जाए। इस भव्य कार्यक्रम में राजस्थान और मध्य प्रदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। शनिवार को करीब तीन लाख लोग मौजूद रहे। चमत्कार के नाम पर धर्मांतरण कराना गलत धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि चमत्कार के नाम पर धर्मांतरण कराना गलत है। हम जब हिंदुओं को चादर चढ़ाते देखते हैं तो बहुत बुरा लगता है। हम जब हिंदुओं को रुमाल वालों के पास जाते हुए देखते हैं तो बहुत बुरा लगता है। तब हमें लगता है कि बाला जी ने हमें इसीलिए सिद्धि दी है ताकि धर्म विरोधियों की ठठरी और गठरी बांधी जाए। चमत्कारों के नाम पर धर्मांतरण नहीं होना चाहिए। अपने बजरंग बली किसी से कम नहीं हैं। दूसरे मजहब के संतों को चुनौती धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हम हिंदुओं से प्रार्थना करते हैं कि अपने बजरंगबली किसी से कम नहीं हैं। ऐसी कोई गली नहीं, जहां बजरंगबली की चली नहीं… मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि सनातनियों को छोड़कर किसी भी मजहब के संतों में इतनी हिम्मत नहीं है कि वे बागेश्वर धाम सरकार का सामना कर लें। पैंट गीला कर दिया जाएगा। यह बात मैं अभिमान में नहीं बोल रहा हूं। मैं यह बात केवल हनुमान जी के भरोसे पर कह रहा हूं। पर्ची कार्यक्रम भी रखा शनिवार को कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने पर्ची कार्यक्रम भी रखा। इस दौरान उन्होंने चुनिंदा भक्तों की पर्ची खोली और उनके बारे में बताया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा सुनने के लिए रोजाना लाखों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। कोटा संभाग के कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ के अलावा राजस्थान के दूसरे जिलों के साथ ही मध्य प्रदेश के कई जिलों से भी लोग कथा सुनने पहुंच रहे हैं। रविवार को कई साधु संतों के आने की संभावना है।

गुजरात में इनोवा के ऊपर ट्रक पलटने से 7 राजस्थानियों की मौत

जयपुर. गुजरात के बनासकांठा जिले में भीषण सड़क हादसे में राजस्थान के 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि इनोवा कार के परखच्चे उड़ गए और शव गाड़ी के अंदर ही फंस गए। दुर्घटना के बाद पालनपुर–आबू हाईवे पर करीब 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। यह हादसा अमीरगढ़ तालुका के इकबालगढ़ गांव के पास हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तेज रफ्तार आइसर ट्रक रॉन्ग साइड से आ रहा था। ट्रक अचानक डिवाइडर तोड़ते हुए सामने से आ रही इनोवा कार से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इनोवा पूरी तरह चकनाचूर हो गई और उसमें सवार यात्रियों को बाहर निकालने में पुलिस और स्थानीय लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। रॉन्ग साइड से आ रहे ट्रक ने मारी टक्कर पुलिस के अनुसार, दुर्घटना में शामिल आइसर ट्रक का रजिस्ट्रेशन नंबर GJ-19-AX-8823 है, जबकि इनोवा कार का नंबर RJ-22-TA-3107 बताया गया है। इनोवा में कुल 10 लोग सवार थे, जो राजस्थान से गुजरात की ओर जा रहे थे। हादसे में 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक तेज रफ्तार में था और अचानक डिवाइडर पार कर गया। इससे इनोवा चालक को संभलने का मौका ही नहीं मिला। टक्कर के बाद ट्रक भी पलट गया और सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। हाईवे पर लगा लंबा जाम हादसे के बाद पालनपुर–आबू हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब 5 किलोमीटर तक जाम की स्थिति बन गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित किया और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया, तब जाकर आवागमन धीरे-धीरे शुरू हो सका। पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा सूचना मिलते ही अमीरगढ़ पुलिस का काफिला पीआई बी.डी. गोहिल के नेतृत्व में घटनास्थल पर पहुंचा। इसके साथ ही बनासकांठा एसपी प्रशांत सुम्बे भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से इनोवा में फंसे शवों और घायलों को बाहर निकाला। घायलों को तुरंत 108 एम्बुलेंस सेवा के जरिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, तीनों घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। शवों को सरकारी अस्पताल में रखवाया हादसे में जान गंवाने वाले सभी 7 लोगों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। बताया जा रहा है कि सभी मृतक और घायल राजस्थान के निवासी हैं। ट्रक चालक पर मामला दर्ज अमीरगढ़ पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण ट्रक चालक की लापरवाही और रॉन्ग साइड ड्राइविंग को माना जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ट्रक की रफ्तार कितनी थी और चालक ने ट्रैफिक नियमों का पालन क्यों नहीं किया। एसपी का बयान बनासकांठा एसपी प्रशांत सुम्बे ने बताया अमीरगढ़ के इकबालगढ़ गांव के पास राजस्थान की ओर से आ रहा आइसर ट्रक डिवाइडर पार कर इनोवा कार से टकरा गया। कार में सवार 10 लोगों में से 7 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। सभी पीड़ित राजस्थान के निवासी हैं। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।”

जयपुर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात, 400 वाहनों के कटे चालान

जयपुर. गणतंत्र दिवस के मद्देनजर राजधानी जयपुर की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। शहर में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने शनिवार को विशेष अभियान चलाया। इस दौरान शहर के सभी थाना इलाकों में दो चरणों में आकस्मिक नाकाबंदी की गई, जिससे नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के निर्देश पर पहली आकस्मिक नाकाबंदी दोपहर 3:30 से शाम 5:30 बजे तक की गई, जबकि दूसरी रात 8:00 से 9:00 बजे के बीच हुई। शहर के प्रमुख चौराहों, संवेदनशील इलाकों और प्रवेश मार्गों पर भारी पुलिस जाप्ता तैनात रहा। संदिग्ध वाहनों की तलाशी ली गई और चालकों के दस्तावेज की गहन जांच की गई। कार्रवाई में सर्वाधिक जब्ती एसयूवी की हुई है। आंकड़ों में कार्रवाई का लेखा-जोखा 17 वाहन शराब पीकर वाहन चलाने पर जब्त किए गए 401 वाहनों के चालान यातायात नियमों की अनदेखी पर किए गए 196 वाहनों को बिना वैध दस्तावेज और नियमों के गंभीर उल्लंघन पर जब्त किया गया 6 अन्य संदिग्ध मामलों में भी कार्रवाई की गई 250 चालान और जब्ती की कार्रवाई यातायात पुलिस ने की सुरक्षा के कड़े इंतजाम पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा सर्वोपरि है। इस तरह की आकस्मिक नाकाबंदी आगे भी जारी रहेगी। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे सुरक्षा जांच में सहयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें। देर रात तक चली इस कार्रवाई से अराजक तत्वों में भय का माहौल देखा गया। आकस्मिक नाकाबंदी की गई – यातायात नियमों की पालना और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आकस्मिक नाकाबंदी की गई। नियमों की घोर अवहेलना करने पर वाहन जब्त किए गए। – राहुल प्रकाश, स्पेशल पुलिस कमिश्नर, जयपुर

राजसमंद में 29 करोड़ से बनेगा 100 बेड का उप जिला अस्पताल

राजसमंद. जिले के भीम उपखंड मुख्यालय में चिकित्सा सुविधाओं को नई ऊंचाई देने वाला उप जिला चिकित्सालय एवं मातृ-शिशु चिकित्सा इकाई भवन 29 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। दोनों परियोजनाओं के इस वर्ष जून तक पूर्ण होने की उम्मीद है। राज्य सरकार की ओर से नये वर्ष की शुरुआत में ही यह खबर भीम सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। भीम से लगभग 100 किलोमीटर की परिधि में स्थित भीलवाड़ा और ब्यावर जिले के टॉडगढ़, रायपुर, बदनोर, करेड़ा और आसींद क्षेत्रों की लाखों की आबादी को इन दोनों अत्याधुनिक चिकित्सा भवनों से बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। NHM और डीएमएफ फंड से मिली 2 बड़ी स्वास्थ्य परियोजनाएं भारत सरकार के नेशनल हेल्थ मिशन एवं डिस्ट्रिक मिनरल फंड ट्रस्ट के बजट से भीम को कुल दो अत्याधुनिक चिकित्सा भवन मिलने जा रहे हैं। इससे क्षेत्रीय स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत आधार मिलेगा और गंभीर रोगियों को बड़े शहरों की ओर रेफर करने की मजबूरी कम होगी। एनएचएम के ठेकेदार कंपनी के प्रोजेक्ट इंचार्ज सागर पंवार ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 29 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन 100 बेड का उप जिला चिकित्सालय भवन लगभग अंतिम दौर में है। आगामी वर्ष में यह भवन आमजन के लिए पूरी तरह उपलब्ध हो जाएगा। यह पूरा भवन चिकित्सा विभाग द्वारा एनएचएम प्रोजेक्ट के अंतर्गत निर्मित किया जा रहा है। मरीजों को ये मिलेंगी सुविधाएं 10 आधुनिक इनडोर वार्ड सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्स-रे एवं सोनोग्राफी लाल, पीला और हरा जोन आधारित आपातकालीन व्यवस्था एचडीयू कम आईसीयू एवं आइसोलेशन यूनिट इमरजेंसी ऑपरेशन थियेटर बहिरंग रोगी विभाग (ओपीडी) 50 बेड की मातृ-शिशु गहन चिकित्सा इकाई भी तैयार डिस्ट्रिक मिनरल फंड ट्रस्ट के माध्यम से पूर्ववर्ती गहलोत सरकार द्वारा स्वीकृत 50 बेड की मातृ एवं शिशु गहन चिकित्सा इकाई का निर्माण कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। यह भवन भी आगामी वर्ष में आमजन को समर्पित होने की उम्मीद है। इससे 50 किलोमीटर के दायरे में स्थित तीन जिलों की प्रसूता एवं धात्री महिलाओं के साथ-साथ नवजात शिशुओं को उन्नत चिकित्सा सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकेंगी। एमसीएच विंग में मिलेंगी ये सुविधाएं 5 अत्याधुनिक वार्ड शिशु रोग एवं स्त्री रोग के अलग-अलग ओपीडीअल्ट्रासाउंड सुविधा एचडीयू एवं प्रयोगशाला8 लेबर रूम ऑपरेशन थियेटरएसएनसीयू काउंसलिंग सेंटर एवं पोस्ट ऑपरेशन थियेटर