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पंचकूला में हंगामा: BJP कार्यालय की ओर बढ़ते कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने रोका, बढ़ा राजनीतिक तनाव

पंचकूला हरियाणा के पंचकूला में कांग्रेस ने BJP प्रदेश मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। पुलिस ने भाजपा दफ्तर के सामने लगाए गए बैरिकेड के बाहर ही कांग्रेसियों को रोक दिया। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वाहन पर भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा को निरस्त करने हेतु प्रस्तुत विधायक के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता  सड़कों पर उतरे और भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय़ का घेराव करने के लिए कूच लिया। कांग्रेस के प्रदर्शन में करीब 300 वर्कर शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान करीब 10 MLA मौजूद रहे। जिनमें नूंह से मामन खान, नारनौंद से जस्सी पेटवाड़, महम से बलराम दांगी, बरौदा से इंदूराज नरवाल, करनाल से लोकसभा प्रत्याशी दिव्यांशु बुद्धिराजा, एनएसयूआई के सदस्य भी शामिल रहे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार गांधी परिवार को साजिशन बदनाम करने के लिए नेशनल हेराल्ड जैसे केस लगा रही है। ईडी जैसी संस्थाओं का दुरूपयोग BJP के द्वारा किया जा रहा है। आपको बता दें कि इस विधायक के प्रस्तुत करने के विरोध में आज हरियाणा के सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।

सरकारी नौकरी का मौका: हरियाणा में इस पद पर भर्ती शुरू, लिखित परीक्षा 100 अंकों की

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने चालक पदों की भर्ती प्रक्रिया और सेवा शर्तों में एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित के उद्देश्य से अपने सभी विभागों में ग्रुप-सी चालकों के लिए समान (कॉमन) सेवा नियम बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों को पत्र जारी कर 31 दिसंबर तक प्रारूप नियमों पर सुझाव और टिप्पणियां मांगी हैं। प्रस्तावित नियम 'हरियाणा ग्रुप-सी चालक (भर्ती एवं सेवा शर्तें) नियम, 2025' के नाम से जाने जाएंगे और ये आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से लागू होंगे। प्रारूप नियमों के अनुसार, चालक पद पर सीधी भर्ती के लिए अभ्यर्थियों की आयु सीमा 18 से 42 वर्ष निर्धारित की गई है। अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, पूर्व सैनिक और दिव्यांग श्रेणी के उम्मीदवारों को सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित नियमों के अनुसार ऊपरी आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी। चालक पद पर सीधी भर्ती अथवा स्थानांतरण/प्रतिनियुक्ति के माध्यम से नियुक्त सभी अभ्यर्थियों के पास 10 जमा दो या इसके समकक्ष योग्यता होनी चाहिए। उनके पास कम से कम तीन वर्ष पुराना वैध लाइट या हैवी परिवहन वाहन ड्राइविंग लाइसेंस हो तथा निर्धारित ड्राइविंग टेस्ट उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।   नियुक्ति के किसी भी माध्यम से चयनित सभी अभ्यर्थियों के लिए मैट्रिक स्तर पर हिंदी या संस्कृत विषय अथवा उच्च स्तर पर हिंदी विषय उत्तीर्ण होना चाहिए। प्रारूप नियमों के अनुसार, चालक पद के लिए चयन प्रक्रिया में 100 अंकों की लिखित परीक्षा होगी। इसके साथ-साथ संबंधित विभाग के सेवा नियमों के अनुसार लाइट/हैवी वाहन चलाने की दक्षता परीक्षा (स्किल टेस्ट) भी ली जाएगी।  

विधानसभा शीतकालीन सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के आदेश

चंडीगढ़ हरियाणा विधान सभा के 18 दिसंबर से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र के मद्देनजर विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने मंगलवार को सुरक्षा संबंधी बैठक बुलाई। इस बैठक में उन्होंने सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद करने के लिए हरियाणा, पंजाब और यूटी चंडीगढ़ के शीर्ष अधिकारियों से ब्योरे पर चर्चा की। कल्याण ने इन अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि गत सत्रों से अनुभव में आ रहा है कि विधान सभा सत्र की कार्यवाही देखने के लिए स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। इसके मद्देनजर छोटे-छोटे समूहों में व्यवस्थित करके अधिक से अधिक विद्यार्थियों को कार्यवाही दिखाने की व्यवस्था करें। उन्होंने अतिरिक्त मोबाइल शौचालयों का प्रबंध करने के भी निर्देश दिए।  बैठक में तय हुआ कि विधान सभा के बजट सत्र के दौरान किसी भी अवांछित घटना को रोकने के लिए सुरक्षा प्रबंध पुख्ता किए जाएंगे। इसके लिए उन्होंने हरियाणा, पंजाब और यूटी चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारियों की समन्वय कमेटी बनाने के भी निर्देश दिए। इसके साथ ही चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से सत्रावधि के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी। किसी भी मामले में कार्रवाई के लिए चंडीगढ़ पुलिस भी मौके पर मौजूद रहेगी। विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि विधान सभा परिसर और उसके आसपास वन्य जीवों से बचाव के लिए भी प्रबंध करने चाहिए। विधान सभा परिसर के बाहर किसी भी प्रकार के रोष प्रदर्शन की अनुमति नहीं रहेगी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसके लिए पहले से पूरी तैयारी रखें। बैठक में तय हुआ है कि सत्र के दौरान किसी भी आम या खास को हथियार के साथ प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इसके लिए विधान सभा सचिवालय की ओर से विधायकों को एक पत्र भी लिखा जा रहा है। बैठक में गृह विभाग में अतिरिक्त सचिव आईएएस रेनु सेगन, हरियाणा पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह, एडीजीपी सीआईडी सौरभ सिंह, आईजी सुरक्षा आईपीएस पंकज नैन, सीआईएसएफ उपायुक्त नितिन कुमार, हरियाणा पुलिस में एसपी ला एंड ऑर्डर सिद्धार्थ ढांडा, चंडीगढ़ यूटी में एसडीएम नवीन समेत अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।

मुफ्त बिजली की दिशा में बड़ा कदम, हरियाणा में सूर्य घर योजना को अभियान का रूप देने की तैयारी : अनिल विज

चण्डीगढ हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य में ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफत बिजली योजना’ को अभियान के रूप में विस्तारित किया जाएगा ताकि इस योजना को लागू करने में हरियाणा देशभर में अव्वल रहें और ज्यादा से ज्यादा घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा सकें। इस संबंध में विज ने कहा कि उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा पीएम सूर्य घर मुफत बिजली योजना को तेजी से विस्तारित करने के लिए निगरानी समितियों को गठन किया जाएगा। विज आज यहां चण्डीगढ में ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पीएम सूर्य घर मुफत बिजली योजना के क्रियान्वयन के संबंध में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को तेजी से विस्तारित करने के लिए निगरानी समितियों को गठन किया जाएगा ताकि इस योजना के तहत रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापना की सभी प्रकार की जानकारी उपलब्ध हो सकें। इसके अलावा, विज ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक घर में स्थापित होने वाले सोलर सिस्टम की जानकारी उन्हें ऑनलाईन उपलब्ध हो, इसके लिए ऑनलाईन प्रणाली विकसित की जाए ताकि यह पता चल सकें कि अब तक कितने डिवीजन, सर्कल इत्यादि में कितने रूफटॉप सोलर सिस्टम लग चुके हैं। वहीं, दूसरी ओर बैठक में ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि हरियाणा में ज्यादा से ज्यादा सोलर सिस्टम लगाने के लिए किसी समर्पित एजेंसी को रखा जा सकता है और इस संबंध में संभावनाएं तलाशी जाएं ताकि ज्यादा से ज्यादा रूफटॉप सोलर सिस्टम यानि ग्रीन एनर्जी को स्थापित करने हेतू पात्र व्यक्तियों के घरों को कवर किया जा सकें। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की एजेंसी पात्र व्यक्तियों के घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगा सकती है और इस योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोडा जा सकता है। विज ने कहा कि इसके तहत रिवाल्विंग फण्ड (परिक्रामी निधि) रखा जा सकता है, जिस पर अधिकारियों ने ऊर्जा मंत्री को अवगत कराया कि इस बारे में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम तथा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम को 100-100 करोड रूपए की राशि आंबटित की जाएगी और इस संबंध में सरकार से मंजूरी भी मिल चुकी है। इस फण्ड के आने से पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को तेजी से विस्तारित किया जाएगा। बैठक में ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव श्यामल मिश्रा ने ऊर्जा मंत्री को अवगत कराते हुए आश्वासन दिया कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को तेजी से विस्तारित किया जाएगा और इस बारे में पूरी निगरानी भी रखी जाएगी। मिश्रा ने बताया कि इस योजना को विस्तारित करने के लिए लक्ष्य आधारित योजना बनाकर आगे बढाया जाएगा। इस पर, विज ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को विस्तारित करने के लिए डिजीटल विज्ञापन इत्यादि का भी सहारा लिया जाए ताकि लोगों को ज्यादा से ज्यादा पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के बारे में पता चल सकें। बैठक के दौरान प्रधान सचिव श्यामल मिश्रा ने मंत्री को अवगत कराया कि वर्तमान में बिजली निगमों द्वारा लगभग 3000 रूफटॉप सोलर सिस्टम प्रति माह लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत लगभग एक करोड घरों में सोलर सिस्टम लगाए जाने हैं, जिसके तहत लगभग 75021 करोड रूपए का प्रावधान किया गया हैं तथा यह योजना 13 फरवरी, 2024 को चालू की गई थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 और वर्ष 2026-27 में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 1 लाख घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा गया है जबकि इसी प्रकार, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा भी 1 लाख 22 हजार रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 1 लाख 80 हजार सालाना आय वाले पात्र व्यक्तियों को 2 किलोवाट तक का रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए 60 हजार रूपए केन्द्र सरकार द्वारा तथा राज्य सरकार की ओर से 50 हजार रूपए की सब्सिडी दी जाती है अर्थात एक लाख 10 हजार रूपए की सब्सिडी दी जाती हैं। इस मौके पर ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव श्यामल मिश्रा, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक मनीराम शर्मा, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की निदेशक संगीता तेतरवाल सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

विकास की नई तस्वीर: जिले में 1.35 करोड़ की लागत से 5 प्रमुख चौक-चौराहों का कायाकल्प

बहादुरगढ़  झज्जर जिले के बहादुरगढ़ शहर की खूबसूरती में जल्द ही चार चांद लगने जा रहे हैं। नगर परिषद बहादुरगढ़ ने पहली बार शहर के प्रमुख चौक-चौराहों का विशेष थीम पर सौंदर्याकरण कराने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए करीब 1 करोड़ 35 लाख करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। जल्द ही सौन्दर्यकरण का यह काम शुरू होगा। पहले चरण में शहर के पांच प्रमुख चौक-चौराहों को मॉडल चौक के रूप में विकसित किया जाएगा। इन्हें न केवल आकर्षक लुक दिया जाएगा, बल्कि इन्हें हरियाणा की संस्कृति, खेल, देशभक्ति और सामाजिक संदेशों से जोड़ते हुए एक नई पहचान दी जाएगी। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अरुण नांदल ने बताया कि इन चौकों पर अलग-अलग थीम के तहत सजावट और निर्माण कार्य किया जाएगा। किसी चौक को 'तिरंगा थीम' पर तैयार किया जाएगा, जहां राष्ट्रीय ध्वज के रंगों का आभास देने वाली लाइटिंग और संरचना होगी। वहीं किसी चौक को 'हरियाणा स्पोर्ट्स थीम' के तहत सजाया जाएगा, जिसमें राज्य के खेलों के गौरव, खिलाड़ियों और खेल प्रतीकों को दर्शाया जाएगा। एक चौक को 'पुलिस थीम' पर विकसित किया जाएगा, जिसमें पुलिस की छतरी और अनुशासन व सुरक्षा का संदेश होगा, जबकि एक अन्य चौक पर 'शेर का प्रतीक' स्थापित किया जाएगा, जो शक्ति और साहस का प्रतीक होगा। इन चौक चौराहों के सौंदर्यीकरण से शहर की सुंदरता बढ़ेगी। नगर परिषद अपने कोष से इनका सौन्दर्यकरण करवा रही है। हम आपको बता दें कि नगर परिषद की ओर से पहले चरण में पांच चौकों का सौंदर्याकरण किया जाएगा, उनमें नाहरा-नाहरी रोड पर ड्रेन रोड का जंक्शन, रेलवे रोड पर ड्रेन चौक जंक्शन, सेक्टर-9 का एंट्री चौक, सेक्टर-2 में झज्जर रोड का टी-प्वाइंट चौक और झज्जर रोड पर बादली चुंगी चौक शामिल हैं। इन सभी के डिजाइन फाइनल हो गए हैं। इन डिजाइनों को विशेष रूप से आर्किटेक्ट से बनवाया गया है। 

बड़ा प्रशासनिक फैसला: हरियाणा में बनेगा 23वां जिला, सीएम नायब सैनी की घोषणा

हांसी  हरियाणा में अब 23वें जिले होंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को हांसी को जिला बनाने की घोषणा की। सीएम ने हांसी में आयोजित रैली में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि सात दिन में हांसी को जिला बनाने की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। हांसी को जिला ( Hansi New District in Haryana ) बनाने को लेकर पिछले काफी समय से मांग की जा रही है। हांसी शहर सदियों पुराना है और हांसी की धरोहर के किस्से भी काफी फेमस हैं। लेकिन आजाद भारत के बाद से हांसी आज तक जिले के रूप में अस्तित्व में नहीं आया है। कभी हंसी के किले से राजा की सियासत पूरे इलाके में चलती थी। हांसी का बड़सी गेट आज भी अपने शहर के अस्तित्व की पहचान रखे हुए हैं। समय-समय पर पिछले कई सालों से स्थानीय लोग जिला बनाने की मांग उठा रहे थे। पंजाब से अलग हरियाणा में थे 7 जिले पंजाब से अलग होकर जब हरियाणा का गठन किया गया तो सूबे में सात जिले बनाए गए। जिनमें गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, रोहतक, करनाल, अंबाला, जींद और हिसार का नाम शामिल रहा। वहीं हरियाणा के गठन के करीब छह साल बाद तत्कालीन सीएम चौधरी बंसीलाल ने 22 दिसम्बर 1972 को भिवानी के साथ सोनीपत को जिला बनाया। वहीं कुरुक्षेत्र को 23 जनवरी 1973 और सिरसा को 26 अगस्त 1975 जिला भी चौधरी बंसीलाल की सरकार में ही गठन किया गया। ऐसे बने सभी जिले इसके बाद हरियाणा के 12वां जिला फरीदाबाद को तत्कालीन सीएम चौधरी भजनलाल के कार्यकाल में 15 जुलाई 1979 को बनाया गया। इसके बाद चौधरी देवीलाल के कार्यकाल में चार जिले बनाए गए। जिनमें रेवाड़ी, पानीपत, यमुनानगर और कैथल का गठन 1 नवम्बर 1989 को किया गया। इसके बाद तत्कालीन सीएम चौधरी भजनलाल ने चंडीगढ़ से सटे पंचूकला को 15 अगस्त 1995 को जिला बनाने की घोषणा की। वहीं 15 जुलाई 1997 को तत्कालीन सीएम चौधरी बंसीलाल ने झज्जर के साथ फतेहाबाद को नया जिला बनाया। करीब 8 साल बाद तत्कालीन सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने नूँह(मेवात) को 04 अप्रैल 2005 में जिला बनाने की घोषणा की, वहीं 13 अगस्त 2008 को पलवल जिला भी हुड्डा सरकार में बनाया गया। चौधरी बंसीलाल ने अपने कार्यकाल में 6 जिले बनाए वहीं हरियाणा का 22वां जिला चरखी दादरी को तत्कालीन सीएम मनोहर लाल ने 4 दिसम्बर 2016 को गठन किया। एक हिसाब से देखा जाए तो सबसे ज्यादा नए जिलों का गठन चौधरी बंसीलाल ने अपने कार्यकाल में 6 जिले बनाए। वहीं चौधरी देवीलाल ने अपने कार्यकाल में 4 जिले बनाए, चौधरी भजनलाल ने अपने कार्यकाल में 2 जिलों का गठन किया। वहीं दो जिलों का गठन चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में हुआ, तो एक जिला चरखी दादरी मनोहर लाल ने बनाया। अब 23वें जिले की घोषणा मौजूदा सीएम नायब सिंह सैनी ने की है।

न्याय की दिशा में बड़ा कदम: 1984 सिख दंगा पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी का मौका, जानें अंतिम तारीख

रेवाड़ी हरियाणा सरकार ने वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों में अपने परिजनों को खोने वाले सिख समुदाय के परिवारों के प्रति संवेदनशील रुख अपनाते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की है। सरकार ने ऐसे पीड़ित परिवारों के आश्रितों को सरकारी नौकरी देने का निर्णय लिया है, जिससे वर्षों से न्याय और पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को सम्मानजनक आजीविका का अवसर मिल सके। इस संबंध में उपायुक्त कार्यालय, रेवाड़ी द्वारा जिले के सभी ऐसे नागरिकों से अपील की गई है जो वर्ष 1984 के सिख दंगों से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित रहे हों और जिनके परिवार के किसी सदस्य की उन दंगों में मृत्यु हुई हो।  ऐसे सभी पात्र एवं प्रभावित परिवारों से आग्रह किया गया है कि वे 18 दिसंबर तक अपनी संपूर्ण जानकारी उपायुक्त कार्यालय, रेवाड़ी की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर अवश्य भेजें, ताकि समय रहते संकलित सूचना सरकार को प्रेषित की जा सके और सरकारी नौकरी प्रदान करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।  उपायुक्त कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि इस जानकारी का उद्देश्य केवल प्रभावित परिवारों की पहचान करना तथा सरकार तक सही एवं प्रमाणिक विवरण पहुंचाना है। इसके तहत संबंधित व्यक्ति या उनके परिजन को अपना नाम, पता, संपर्क विवरण, दंगों से संबंधित संक्षिप्त विवरण तथा मृत्यु से जुड़े उपलब्ध दस्तावेज (यदि हों) साझा करने होंगे, ताकि सत्यापन की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी ढंग से पूरी हो सके।  हरियाणा सरकार का यह निर्णय 1984 के दंगों में जान गंवाने वाले निर्दोष नागरिकों की स्मृति को सम्मान देने के साथ-साथ उनके परिजनों के पुनर्वास की दिशा में एक सकारात्मक और मानवीय कदम माना जा रहा है। जिला प्रशासन ने अपील की है कि रेवाड़ी जिले में निवासरत कोई भी पात्र परिवार निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी जानकारी अवश्य साझा करे, ताकि कोई भी योग्य परिवार इस लाभ से वंचित न रह जाए। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त सूचनाओं पर कार्रवाई संभव नहीं होगी, इसलिए समय रहते जानकारी भेजना आवश्यक है।

राशन वितरण में गड़बड़ी उजागर: सीएम फ्लाइंग की कार्रवाई, डिपो से मिली 50 किलो अतिरिक्त चीनी

फरीदाबाद एनआईटी विधानसभा क्षेत्र की पर्वतीय कॉलोनी स्थित चाचा चौक के पास सरकारी राशन डिपो पर देर शाम सीएम फ्लाइंग और फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। डिपो पर स्टॉक में गड़बड़ी और लाभार्थियों को कम राशन दिए जाने की शिकायत मिलने के बाद टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची। निरीक्षण के दौरान विभागीय रिकॉर्ड से मिलान किया गया, जिसमें गेहूं और सरसों का तेल निर्धारित स्टॉक के अनुसार पाया गया, लेकिन चीनी का स्टॉक 50 किलो अधिक मिला। जब टीम ने डिपो संचालक मोहर सिंह से अतिरिक्त चीनी के संबंध में पूछताछ की तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट ने तुरंत डिपो संचालक को नोटिस जारी कर दिया और डिपो के संचालन पर रोक लगा दी। फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट के इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि इस डिपो को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें मिल चुकी थीं कि लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जाता है। इन्हीं शिकायतों के आधार पर सीएम फ्लाइंग की टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई। जांच में अनियमितता पाए जाने पर डिपो को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है और पूरे स्टॉक का विवरण मांगा गया है। इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि अब इस डिपो को आसपास के किसी अन्य सरकारी राशन डिपो के साथ अटैच कर दिया जाएगा, ताकि इस डिपो से जुड़े लाभार्थियों को राशन मिलने में कोई परेशानी न हो। संबंधित उपभोक्ता अब निर्धारित वैकल्पिक डिपो से जाकर अपना राशन प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मामले की पूरी रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर डिपो संचालक के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने सभी राशन डिपो संचालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भी संचालक राशन वितरण में गड़बड़ी करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इंस्पेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा राशन वितरण के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है। सर्दियों में शाम 7 बजे तक और गर्मियों में रात 8 बजे तक ही राशन वितरण किया जाना है। इसके बावजूद कई डिपो संचालक देर रात 9–10 बजे तक राशन बांटते पाए जाते हैं, जो नियमों का उल्लंघन है। यदि कोई डिपो संचालक तय समय सीमा के बाद राशन वितरित करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।    

हांसी को बड़ी सौगात: CM सैनी करेंगे 288 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण, जिला बनने की अटकलें तेज

हांसी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हांसी को देंगे 288 करोड़ रुपए लागत की पांच बड़ी विकास परियोजना की सौगात दे सकते हैं। आज विकास रैली में मुख्यमंत्री 288 करोड रुपए लागत की पांच विकास परियोजना का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे। इनमें 10 करोड़ 84 लाख रुपए लागत का मल्टीपरपज हॉल, 200 करोड़ रुपए लागत से बनने वाली पुलिस लाइन , 61 करोड़ 44 लाख रुपए लागत की बरवाला ब्रांच से हांसी शहर के लिए पानी प्रबंधन परियोजना का शिलान्यास तथा डंडेरी गांव में नवनिर्मित 33 के. वी. बिजली सब स्टेशन व लोहारी राघो गांव में 8 करोड़ 44 लाख रुपए लागत से बने इतनी ही क्षमता के बिजली सब स्टेशन का उद्घाटन करेंगे।  

रेलूराम परिवार हत्याकांड में नया मोड़: दोनों अपराधियों की रिहाई के बाद भतीजे ने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार

हिसार घरेलू राम हत्याकांड मामले में ही मनाने के दोनों अपराधियों को दो महीने की अंतरिम ज़मानत दी गई है। रेलूराम पूनिया के भतीजे जितेंद्र ने कहा कि सोनिया व संजीव ने 2001 वे जो हत्या नहीं की थी उन्हें फाँसी की सजा सुनाई गई थी। देरी होने की वजह से इनकी फाँसी की सज़ा टाल दी गई थी अब इन्हें दो महीने की रिहाई दी गई है। जेल से बाहर आने के बाद एक बार फिर किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं जिसका हमें डर है। हमारे परिवार के ऊपर ये हमला कर सकते हैं। जितेंद्र ने कहा कि अब हम सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे हम प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हैं कि हमें सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने बताया कि कल हमारे घर के पास लोगों से भरी हुई दो गाड़ियां आयी थी जिसमें हथियार रखे हुए थे। हिसार के पुलिस अधीक्षक से मिलकर हम सुरक्षा की माँग करेंगे। एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने बताया कि प्रभुवाला ग्राम हत्याकांड मामला 23 अगस्त 2001 का है जिसमें तत्कालीन विधायक रेलु राम की बेटी व दामाद ने रेलु राम उनकी पत्नी सहित आठ लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस केस की सुनवाई हिसार की ट्रायल कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गई थी जहाँ उन्होंने उन्हें फाँसी की सजा सुनाई गई थी। संजीव पर सोनिया ने अपनी फाँसी के लिए दया याचिका दाख़िल की थी जिसे तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल का प्रणब मुखर्जी ने ख़ारिज कर दिया था। दया याचिका में देरी होने को कारण मानते हुए सुप्रीम कोर्टने फाँसी को उम्रक़ैद में बदल दिया था।  लाल बहादुर कोवान ने बताया कि दोनों अपराधियों ने जेल में रहते हुए भी अनेक अपराध किए हैं इसकी वजह से इनके ऊपर एफ़आइआर भी दर्ज की गई थी। 2024 में दोनों ही अपराधियों ने हाईकोर्ट में प्रीमैच्योर रिहाई के लिए पिटीशन दायर की थी। ।उसमें अब दोनों को दो महीने की अंतरिम ज़मानत दी गई है। अब परिवार की तरफ़ से सुप्रीम कोर्ट में SLP डालने की तैयारी की जा रही है। एडवोकेट लाल बहादुर को वाल ने कहा कि परिवार की तरफ़ से बताया गया है कि कुछ संदिग्ध लोग हथियारों के साथ दो गाड़ियों में बैठकर घर तक पहुँचे थे।यह एक बड़ा गंभीर मामला है और उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी दोनों अपराधियों को दो महीने की अंतरिम ज़मानत मिली हैं।दो महीने बाद पाँच लोगों की कमेटी फ़ैसला लेगी कि इन्हें पूर्ण रिहाई दी जाए या नहीं। उन्होंने कहा कि रेल व हत्याकांड मामले को लेकर लोगों में 2001 में भी रोष था और आज भी रोष है।