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जांच में सनसनीखेज तथ्य: दिल्ली ब्लास्ट के पीछे हवाई हमले की प्लानिंग, कश्मीरी स्टूडेंट की भूमिका उजागर

फरीदाबाद  नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) वीरवार को दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी मॉड्यूल में शामिल कश्मीरी छात्र जसीर बिलाल वानी को निशानदेही के लेकर अल-फलाह यूनिवर्सिटी पहुंची। जहां उसको विस्फोटक रखने वाली जगहों पर लेकर जाया गया।  जांच एजेंसी के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जसीर वानी ने आटा-चक्की से यूरिया को पीसकर, उसमें से अमोनियम नाइट्रेट अलग करने में आतंकी मुजम्मिल की मदद की थी। जसीर वानी के साथ एजेंसी डॉ. शाहीन और डॉ. मुजम्मिल को भी लेकर आई थी, लेकिन केवल जसीर वानी को गाड़ी से उतारकर निशानदेही कराई गई। जसीर वानी डॉ. मुजम्मिल के साथ उसके फ्लैट पर भी रुका था। बम निरोधक दस्ता साथ लाया गया नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) अपने साथ बम निरोधक दस्ते को भी साथ लेकर आई थी। इस दौरान यूनिवर्सिटी परिसर के साथ लगते लगभग दो एकड़ के खेत में बने कमरे की जांच बम निरोधक दस्ता के द्वारा कराई गई, ये वो ही कमरा था, जिसमें 12 दिन तक विस्फोटक सामग्री को रखा गया था। बाद में उसको फतेहपुर तगा के कमरे में शिफ्ट कर दिया गया। यहां कमरे के अंदर व पास में मिट्टी खोदकर भी देखा गया। लगभग एक घंटे बाद बम निरोधक दस्ता की टीम यहां से चली गई। इसके बाद डॉ. मुजम्मिल और शाहीन को यूनिवर्सिटी के एडमिन ब्लॉक ले जाया गया। जहां पर करीब एक आध घंटे तक उनको रखा गया। पूछताछ में कई डॉक्टर फैकल्टी स्टाफ सहित छात्रों को भी शामिल किया गया था। दरअसल मुजम्मिल और शाहीन रिमांड के दौरान जो जानकारी दे रहे हैं, एनआईए उस जानकारी को पुख्ता कर रही है कि वह सच बोल रहे हैं या झूठ, इसलिए टीम आतंकियों को बार-बार यूनिवर्सिटी लाकर आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करती है। गांव धौज में रखी गई थी आटा चक्की इस दौरान NIA की टीम जसीर वानी को डॉ. मुजम्मिल के यूनिवर्सिटी वाले फ्लैट, गांव धौज में जहां पर आटा-चक्की रखी गई थी, गांव खोरी जमालपुर में पूर्व सरपंच का मकान जहां पर मुजम्मिल ने 3 कमरों को फ्लैट किराए पर लिया था, इन सभी जगहों पर लेकर गई और उसकी निशानदेही करवाई गई। पॉलिटिकल साइंस का छात्र  NIA के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जसीर वानी (20) पुलवामा का रहने वाला है। जसीर अनंतनाग के एक कॉलेज में पॉलिटिकल साइंस का सेकेंड ईयर का छात्र है। दिल्ली ब्लास्ट में खुद को उड़ाने वाले आतंकी उमर का सबसे ज्यादा करीबी था। डॉ शाहीन और मुजम्मिल से जसीर वानी की मुलाकात आतंकी उमर ने कराई थी। हवाई हमले की थी प्लानिंग जसीर वानी से एजेंसी की पूछताछ में ये भी खुलासा हुआ है कि पहले हवाई हमले की प्लानिंग की गई थी। जिसमें विस्फोटक को भरकर दूर से ही हमले को अंजाम दिया जा सके, लेकिन ऐसा नही हो पाया। जिसके बाद उमर ने अपने साथियों के साथ दिल्ली में कई जगहों पर एक साथ हमले की योजना बनाई थी। श्रीनगर में प्लान तैयार, कुछ प्रयोग भी किए इसके लिए कश्मीर के श्रीनगर पूरा प्लान तैयार किया गया था। जहां पर कुछ प्रयोग भी किए गए थे, लेकिन बजट ज्यादा होने के चलते ऐसा संभव नही हो पाया। जांच में पता चला है कि जसीर वानी पुलवामा स्थित एक गांव का रहने वाला है और उसके गांव से कुछ ही दूरी पर आतंकी मुजम्मिल का भी गांव है, इसलिए वह जब भी फरीदाबाद आता, तो वह मुजम्मिल के फ्लैट पर ही रुकता था।

पीएम मोदी विरोधी नारों पर भड़के ऊर्जा मंत्री अनिल विज, कांग्रेस पर साधा तीखा निशाना

चंडीगढ़ हरियाणा ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस की दिल्ली रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश विरोधी नारे लगाने पर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस द्वारा अपने गिरते हुए स्तर का प्रदर्शन किया गया है। निराशा, हताश, फेल, थके हुए, हारे हुए लोग ही इस प्रकार की बातें करते हैं। वहीं,अनिल विज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुआएं देते हुए कहा कि "जुग-जुग जिए हमारे प्रधानमंत्री, जिन्होंने आज हिंदुस्तान की तस्वीर और सूरते हाल बदल दिया"। आज पत्रकारों से बातचीत के दौरान ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि आज देश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, पूरे विश्व में नरेंद्र मोदी की वजह से देश की साख बड़ी है। विश्व में देश के साथ मधुर संबंध बने हैं। इनके (कांग्रेस) के प्रधानमंत्री मीटिंग में जाकर सो जाया करते थे, कभी बोला ही नहीं करते थे।   कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के बयान कि यदि बैलेट पेपर से चुनाव हो तो भाजपा को एक भी वोट न मिले, के बारे में ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने पलटवार करते हुए कहा कि जब मत पत्र से चुनाव होते थे हमने देखा हुआ है कि तब ये कैसे वोट छापते थे। उस दौरान चुनाव में एक शब्दावली थी “वोट छापना”, मगर ईवीएम के आने के बाद इनका (कांग्रेस) वह काम बंद हो गया। ये बदमाशों को, माफिया को सेट करके उनसे वोट छपवाया करते थे, छापे जाते थे, तब चुनाव में यह शब्दावली थी। ईवीएम आने से वह खत्म हो गई और इनको ही पीड़ा हो रही है। ये उस दौरान वोट छापने से ही जीतते थे और उनके वोट छापने का धंधा बंद हो गया, इसलिए इस पीड़ा को लेकर कांग्रेस वाले बार-बार रो रहे हैं।   एसआईआर के बाद उत्तर प्रदेश में लगभग 4 करोड़ वोट कट गए हैं जिस पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जहां-जहां पर ठीक तरीके से एसआईआर होगा वहां जाली वोटो का तंत्र, जो कांग्रेस ने इतने सालों से बसा रखा था, वह खत्म होता जा रहा है। जाली वोट कांग्रेस ने बनाई थी, इतने वर्षों तक कांग्रेस ने जो राज किया, पता नहीं कौन कौन से भाग में कितनी वोट, इन्होंने बना रखी थी, आज वह वेरीफाई नहीं हो रही और इसलिए वह वोट कट रही है। वहीं, कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला के आरोप कि लोग अपनी जान बचाने के लिए मोटी रकम/ फिरौती कहां से दें, पर मंत्री अनिल विज ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह से सतर्क है और सरकार ने गलत आदमियों को पकड़ने के लिए बहुत बड़ी मुहिम चला रखी है। इस मुहिम के तहत लगभग साढ़े पांच हजार लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। 

सरकार का बड़ा कदम: हरियाणा में 27 IAS-HCS अधिकारियों का ट्रांसफर

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 27 IAS और HCS अधिकारियों के तबादला किया है।जारी आदेशों के अनुसार यह तबादले तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। इस सूची में कुल 27 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आदेश के तहत योगेश कुमार, IAS को नगर निगम करनाल का आयुक्त एवं जिला नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है। सुभिता ढाका, IAS को पलवल में अतिरिक्त उपायुक्त-सह-जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं जयदीप कुमार, IAS को स्वच्छ भारत मिशन (अर्बन) का मिशन डायरेक्टर बनाया गया है। कई HCS अधिकारियों को भी नई पोस्टिंग मिली है। इनमें वत्सल वशिष्ठ, HCS को मुख्यमंत्री कार्यालय में OSD-I लगाया गया है, जबकि गौरव कुमार, HCS को हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग का सचिव नियुक्त किया गया है। इसके अलावा विभिन्न जिलों में SDM, अतिरिक्त उपायुक्त और विभागीय निदेशक स्तर पर भी तबादले किए गए हैं। 

जांच रिपोर्ट ने खोली पोल: हरियाणा के 44 जूनियर कोच अयोग्य, सेवा समाप्ति की आशंका

चंडीगढ़  हरियाणा खेल विभाग में कार्यरत 44 जूनियर कोचों की नौकरी पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। विभागीय जांच में ये सभी खिलाड़ी हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी (ग्रुप-A, B और C) सेवा नियम-2021 की शर्तों को पूरा नहीं करते पाए गए हैं। अब राज्य सरकार को इनके भविष्य को लेकर अंतिम निर्णय लेना है। जानकारी के अनुसार, इन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पदक प्राप्त करने के आधार पर जूनियर कोच (OSP) के पद पर नियुक्त किया गया था। हालांकि 2021 में लागू सेवा भर्ती नियमों के तहत यह अनिवार्य है कि संबंधित खिलाड़ी ने ओलंपिक में शामिल खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया हो। जांच में सामने आया कि 44 खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व नहीं किया है, जिससे वे नियमों के तहत अयोग्य हो गए। कोर्ट पहुंचा था मामला खेल विभाग ने पिछले साल इन खिलाड़ियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके बाद मामला न्यायालय पहुंचा, जहां प्रिया सांगवान केस के आधार पर खिलाड़ियों को अस्थायी राहत मिल गई थी। लेकिन खेल विभाग ने इस आदेश के खिलाफ जनहित याचिका (PIL) दायर की, जिस पर स्टे हटा लिया गया। अब विभाग को कानूनी रूप से निर्णय लेने का अधिकार मिल गया है।   नौकरी पर मंडराया खतरा सूत्रों के मुताबिक, मामले में कानूनी सलाह लेने के लिए फाइल एडवोकेट जनरल कार्यालय को भेजी गई है। यदि वहां से कोई राहत नहीं मिलती है तो इन 44 खिलाड़ियों को नौकरी से हटाया जा सकता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट का फैसला विभाग के पक्ष में आ चुका है, इसलिए अंतिम निर्णय से पहले विधिक राय लेना आवश्यक है। आवेदन रद्द होने खुला भेद इस मामले से जुड़ा एक और पहलू भी सामने आया है। खेल विभाग ने 2018 की नीति और 2021 के नियमों के तहत कुल 77 खिलाड़ियों को नियुक्त किया था। इनमें से करीब 50 अन्य खिलाड़ियों के आवेदन पहले ही खारिज कर दिए गए थे, जिसके बाद उन्होंने भी कोर्ट का रुख किया। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि 44 जूनियर कोचों को अनजाने में नियुक्ति दे दी गई थी। 

लेफ्टिनेंट बनकर रेवाड़ी पहुंचे बादल यादव का हुआ भव्य स्वागत, मां बोली- मुझे मेरे बेटे पर गर्व

रेवाड़ी  रेवाड़ी के यादव नगर निवासी एवं पैतृक गांव कुंभावास से ताल्लुक रखने वाले बादल यादव के भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने के बाद पहली बार गृह नगर पहुंचने पर उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया।  बूढ़पुर रोड स्थित कंकर वाली बगीची स्थित शिव मंदिर से बादल यादव को थार गाड़ी में सवार कर डीजे की धुनों के बीच उनके घर यादव नगर तक जुलूस के रूप में ले जाया गया। इस दौरान यादव नगर वासियों के साथ-साथ कुंभावास गांव के लोगों में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और लोग नाचते-झूमते नजर आए। बादल यादव की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। उनकी माता संतोष यादव ने कहा कि आज उन्हें अपने बेटे पर गर्व है।  उन्होंने युवाओं से शिक्षा पर ध्यान देने और नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने का संदेश दिया। पिता अशोक यादव, जो स्वयं सेना से सेवानिवृत्त कैप्टन हैं, उन्होंने इसे परिवार के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि उनका परिवार तीन पीढ़ियों से सेना से जुड़ा रहा है। बादल यादव के दादा स्वर्गीय मातादीन सूबेदार के पद से वर्ष 1970 में सेवानिवृत्त हुए थे, जबकि ताऊ मदन लाल भी सेना में सेवाएं दे चुके हैं। बादल यादव के नाना धनसिंह भी ओनरी कैप्टन के पद से वर्ष 1993 में सेवानिवृत्त हुए थे।  बादल यादव ने प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी से कमांडेंट रजत पदक प्राप्त किया। वे अब भारतीय सेना की इंजीनियर रेजीमेंट में अपनी सेवाएं देंगे। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सैनिक स्कूल रेवाड़ी से प्राप्त की और पहले ही प्रयास में एनडीए की परीक्षा उत्तीर्ण कर परिवार, पैतृक गांव कुंभावास और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया। कुंभावास गांव में भी बादल यादव की इस उपलब्धि को लेकर गर्व और उत्साह का माहौल रहा। गांववासियों ने इसे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि बादल यादव की सफलता से कुंभावास का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर रोशन हुआ है। इस मौके पर नरेंद्र यादव, वेद प्रकाश, सुभाष यादव, हिमांशु यादव, मलखान सिंह, सुनील यादव, आयुष यादव, रोहतास नंबरदार, रायसिंह गोकलगढ़, हेमंत कुमार सहित सैकड़ों गणमान्य लोग और ग्रामीण उपस्थित रहे।

हरियाणा में पुलिस महकमे में हलचल: छुट्टी के बाद DGP शत्रुजीत कपूर की छुट्टी क्यों हुई?

पहले 2 महीने की छुट्टी पर भेजा, फिर DGP के पद से हटाया, शत्रुजीत कपूर के साथ हरियाणा सरकार ने क्यों किया ऐसा?   चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने रविवार देर शाम बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) शत्रुजीत कपूर को उनके पद से हटा दिया। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब वह पहले ही वदो महीने की छुट्टी पर भेजे जा चुके थे। सरकार ने साफ किया है कि 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी ओपी सिंह अगले आदेश तक कार्यवाहक डीजीपी बने रहेंगे, जबकि 1990 बैच के अधिकारी शत्रुजीत कपूर को हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। अब सवाल उठ रहे हैं कि सरकार ने शत्रुजीत कपूर के साथ ऐसा बर्ताव क्यों किया है। दरअसल वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की कथित आत्महत्या से जुड़े विवाद के बाद ये फैसला लिया गया है। शत्रुजीत कपूर अगस्त 2023 में डीजीपी बनाए गए थे। इस नियुक्ति के दौरान उन्होंने 1989 बैच के दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों मोहम्मद अकील और आरसी मिश्रा को सुपरसीड किया था। उस समय भी यह फैसला चर्चा में रहा था। हालांकि, उनका कार्यकाल उस वक्त विवादों में घिर गया, जब हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की 7 अक्टूबर को कथित आत्महत्या का मामला सामने आया। इस घटना के बाद मृतक अधिकारी के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। इसी दबाव के बीच सरकार ने रोहतक के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारनिया को उनके पद से हटा दिया और शत्रुजीत कपूर को 14 अक्टूबर को दो महीने की छुट्टी पर भेज दिया गया। कपूर के छुट्टी पर जाते ही ओपी सिंह ने कार्यवाहक डीजीपी का कार्यभार संभाल लिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक पुष्पेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। जांच अभी भी जारी है और इसी बीच सरकार का यह फैसला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। बता दें कि कपूर, जो 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। वहीं ओपी सिंह की सेवानिवृत्ति 31 दिसंबर को है। फिलहाल वो हरियाणा पुलिस मुखिया बने रहेंगे। दोनों अधिकारियों से संबंधित आदेश हरियाणा की अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) सुमिता मिश्रा ने उसी दिन जारी किए, जिस दिन कपूर की दो महीने की छुट्टी समाप्त हुई। ओपी सिंह अपने नए दायित्व के साथ-साथ हरियाणा राज्य नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के महानिदेशक और मधुबन स्थित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के निदेशक की जिम्मेदारी भी संभालते रहेंगे। इस बीच, ओपी सिंह के कार्यवाहक डीजीपी रहते हुए पुलिस विभाग ने कई बड़े अभियान चलाए। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, उनके नेतृत्व में ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ और ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन’ जैसे समन्वित अभियानों के जरिए हजारों अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, संगठित गिरोहों पर शिकंजा कसा गया और कई संभावित आपराधिक वारदातों को समय रहते रोका गया। इसके साथ ही ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई, जिससे कई संवेदनशील इलाकों में नशे की सप्लाई पर असर पड़ा। हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला- DGP पद से हटाया गया   हरियाणा सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी वाई पूरण कुमार की कथित आत्महत्या को लेकर हुए विवाद के बीच छुट्टी पर भेजे जाने के दो महीने बाद आईपीएस अधिकारी शत्रुजीत कपूर को रविवार को पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद से कार्यमुक्त कर दिया। कपूर की गैरमौजूदगी में राज्य पुलिस प्रमुख का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे ओ पी सिंह को अगले आदेश तक कार्यवाहक डीजीपी (पुलिस बल के प्रमुख) के रूप में नियुक्त किया गया है। कब होगी डीजीपी की नियुक्ति हरियाणा सरकार नये डीजीपी की नियुक्ति के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एक सूची संघ लोक सेवा आयोग को भेज सकती है, क्योंकि 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी सिंह 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी कपूर हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन, पंचकूला के चेयरमैन का पद संभालते रहेंगे।  इंजीनियरिंग स्नातक कपूर को अगस्त 2023 में राज्य पुलिस प्रमुख नियुक्त किया गया था। क्या था मामला पूरन कुमार हरियाणा पुलिस के तेजतर्रार आईपीएस अफसरों में गिने जाते थे। कुछ महीने पहले वे चंडीगढ़ स्थित अपने घर में मृत पाए गए थे, शरीर पर गोली लगने के निशान थे। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का बताया गया था, जिसके बाद उनके लिए इंसाफ की मांग उठी। आपको बता दें कि पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में आठ वरिष्ठ अधिकारियों पर जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था. काफी दबाव के बाद शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेज दिया गया था।

राशन उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: हरियाणा में बनेंगे 4,000 नए डिपो, वितरण होगा आसान

चंडीगढ़  प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। सरकार प्रदेशभर में करीब 4 हजार नए राशन डिपो खोलने की योजना पर काम कर रही है। खाद्य आपूर्ति विभाग के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्रारंभिक मंजूरी मिल चुकी है। योजना के अनुसार हर जिले और गांव में 500 राशन कार्ड पर एक नया राशन डिपो स्थापित किया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को अपने नजदीकी क्षेत्र में ही राशन उपलब्ध हो सकेगा। इस प्रस्ताव के तहत महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। कुल नए डिपो में से लगभग 33 प्रतिशत, यानी करीब 1320 डिपो महिलाओं के लिए आरक्षित रखने की योजना है। इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। हालांकि, योजना को लागू करने से पहले कुछ औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जानी बाकी हैं। इनमें पात्रता के नियम, आवेदन की शर्तें, जांच प्रक्रिया और तकनीकी तैयारियां शामिल हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इन प्रक्रियाओं के दौरान आवश्यकतानुसार कुछ बदलाव भी संभव हैं। सरकार का लक्ष्य है कि जनवरी माह के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएं। खाद्य आपूर्ति विभाग के सुपरिंटेंडेंट अश्वनी कुमार ने बताया कि नए डिपो खोलने के प्रारंभिक प्रस्ताव को मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिल चुकी है। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इस प्रस्ताव को कैबिनेट बैठक में अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाएगा। कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद जनवरी के अंत तक नए राशन डिपो के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। आवेदन अंत्योदय सरल पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।   वर्तमान स्थिति की बात करें तो हरियाणा में इस समय 9247 राशन डिपो संचालित हैं। इन डिपो के माध्यम से 40 लाख 69 हजार से अधिक परिवारों को राशन की आपूर्ति की जा रही है, जिनमें कुल 1 करोड़ 59 लाख से ज्यादा सदस्य पंजीकृत हैं। राज्य में पीला (BPL), गुलाबी (AAY) और खाकी श्रेणी के राशन कार्ड जारी किए जाते हैं। पीले कार्डधारकों को प्रति सदस्य 5 किलो गेहूं, 2 लीटर तेल और 1 किलो चीनी मिलती है, जबकि गुलाबी कार्डधारकों को प्रति कार्ड 35 किलो गेहूं, 2 लीटर सरसों का तेल और 1 किलो चीनी दी जाती है। नए डिपो खुलने से राशन वितरण व्यवस्था और अधिक सुगम व पारदर्शी होने की उम्मीद है।

‘धान घोटाले ने खोली सरकार की पोल’, पारदर्शिता पर बड़ा सवाल : कुमारी सैलजा

सिरसा  अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा में फर्जी गेट पास काटकर मंडियों में धान आए बिना ही बेच डाला। बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश से धान लाकर यहां के किसानों के नाम से बेचा गया। इस धान घोटाले ने प्रदेश की भाजपा सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़े प्रश्नचिह्न लगा दिए है जबकि सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन और प्रशासन का दावा करती आ रही है। सरकार को चाहिए कि वह इस पूरे प्रकरण में सच सामने लाए, दोषियों पर कठोर कार्रवाई करे और किसानों को उनका उचित हक तथा राहत तुरंत प्रदान करे। कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर आवाज उठाती रहेगी।  मीडिया को जारी बयान में कहा है कि हरियाणा में अनाज खरीदी प्रणाली और सरकारी वित्तीय प्रबंधन को लेकर उठ रहे गंभीर आरोपों ने पूरे प्रदेश के किसान समुदाय को गहरी चिंता में डाल दिया है। धान और अन्य फसलों की सरकारी खरीद में व्यापक अनियमितताओं, कागज़ी खरीद के असामान्य रूप से बढ़े आंकड़ों तथा बिचौलियों और अधिकारियों की संभावित मिलीभगत की खबरों ने सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़े प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। सरकारी खरीद व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को सुरक्षा और सम्मान देना है, न कि उनके हक़ की अनदेखी करके उन्हें आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव में धकेलना। बाढ़ से हुए फसल नुकसान के बावजूद कागज़ी खरीद में भारी वृद्धि के आरोप प्रदेश के वित्तीय संसाधनों के दुरुपयोग की ओर भी इशारा करते हैं, जो चिंताजनक है। ऐसे परिस्थितियों में यह आवश्यक हो जाता है कि सरकार किसी भी प्रकार की लीपापोती से दूर रहते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करें, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अनियमितताओं के लिए वास्तविक रूप से जिम्मेदार कौन लोग हैं।  जांच केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन सभी निर्णयकर्ताओं और उच्च स्तर के जिम्मेदार व्यक्तियों को भी शामिल करना चाहिए जिनकी भूमिका ने इस स्थिति को जन्म दिया। किसानों से किए गए एमएसपी वादों की सत्यता और सरकारी खरीद के वास्तविक आंकड़ों को पारदर्शी रूप से सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें यह भरोसा हो सके कि सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए ईमानदारी से कार्य कर रही है। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि किसानों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक स्थिरता के लिए अनिवार्य है। हरियाणा के किसान आज न्याय की अपेक्षा कर रहे हैं। सांसद ने कहा कि किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या शोषण को छिपाने का प्रयास स्वीकार्य नहीं होगा। सरकार को चाहिए कि वह इस पूरे प्रकरण में सच सामने लाए, दोषियों पर कठोर कार्रवाई करे और किसानों को उनका उचित हक तथा राहत तुरंत प्रदान करे।  कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर आवाज उठाती रहेगी। सांसद ने कहा कि धान घोटाले ने साबित कर दिया है कि सरकार भ्रष्टाचार पर कोई अंकुश नहीं लगा पाई है बल्कि अधिकारियों के संरक्षण में फल फूल रहा है। हरियाणा में फर्जी गेट पास काटकर मंडियों में धान आए बिना ही धान बेच डाला। बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से धान लाकर यहां के किसानों के नाम से बेचा गया। धान घोटाला यमुनानगर में सर्वाधिक लगभग 80 करोड़ रुपये और करनाल में 20 करोड़ तक पहुंच चुका है। सरकार को चाहिए कि वह इस पूरे प्रकरण में सच सामने लाए, दोषियों पर कठोर कार्रवाई करे और किसानों को उनका उचित हक तथा राहत तुरंत प्रदान करे। कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर आवाज उठाती रहेगी।

केंद्र का सख्त रुख: राजस्थान और हरियाणा को तुरंत सौंपना होगा टाइम-बाउंड रोडमैप

चंडीगढ़  यमुना जल समझौते पर केन्द्र सरकार ने अब राजस्थान और हरियाणा सरकार से काम की विस्तृत कार्ययोजना मांगी है। इसके पीछे मंशा है कि अलाइनमेंट के बाद के काम भी तय समय पर पूरे हों। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर.पाटिल के साथ हुई हाईलेवल बैठक के बाद मंत्रालय इस परियोजना को लेकर सक्रिय हो गया है। मंत्रालय चाहता है कि दोनों राज्य तय अलाइनमेंट के अनुरूप कब, क्या और कैसे काम आगे बढ़ाएंगे, इसका स्पष्ट रोडमैप तत्काल भेजें। इसी आधार पर परियोजना की टाइमलाइन तैयार की जाएगी, ताकि काम मौजूदा केंद्र सरकार के कार्यकाल में ही शिलान्यास और निर्माण तक पहुंच सके।  संभव है कि केन्द्र स्तर पर एक कमेटी सक्रिय हो, जो समीक्षा करे। परियोजना में 300 किलोमीटर लंबाई में पाइपलाइन बिछाने के लिए अलाइनमेंट सर्वे हुआ है। इसमें 290 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में और 10 किलोमीटर हिस्सा राजस्थान में है।  यह करना है… 1- अंतिम रूप दिए गए अलाइनमेंट के अनुसार निर्माण कार्य के चरण तय होंगे। 2- भूमि अधिग्रहण, डीपीआर अपडेट, फंडिंग पैटर्न और इंटरस्टेट कॉर्डिनेशन से जुड़े बिंदुओं पर स्थिति। 3- कार्य के हर चरण की समय सीमा (टाइम-बाउंड प्लान), जिससे मंत्रालय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग हो सके।

कोहरा बना किसानों का दोस्त! हरियाणा में इन फसलों के लिए बेहद लाभकारी रहेगा मौसम

नूंह  नूंह जिले में मौसम ने अचानक तीखे तेवर दिखा दिए हैं। तड़के सुबह से ही घने कोहरे ने पूरे नूंह जिले को अपने आगोश में ले लिया, वहीं हाड़ कंपा देने वाली ठंड ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। रविवार को गलियों, चौक-चौराहों और बाजारों में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते नजर आए। कोहरे की मोटी चादर के कारण सड़कों पर दृश्यता बेहद कम रही, जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। हाईवे से लेकर ग्रामीणों में सड़कों तक वाहन रेंगते दिखाई दिए। चालकों ने हेडलाइट जलाकर सावधानीपूर्वक वाहन चलाए, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। सुबह-सुबह काम पर निकलने वाले मजदूरों, बुजुर्गों और बच्चों पर ठंड का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। ठंड के इस मौसम में चाय की दुकानों पर खासा जमावड़ा नजर आया, जहां लोग गरमागरम चाय की चुस्कियां लेते हुए ठंड से राहत लेते दिखे। हालांकि यह मौसम किसानों के लिए खुशखबरी लेकर आया है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक घना कोहरा और ठंड रबी फसलों के लिए बेहद फायदेमंद मानी जा रही है। इससे गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलों में नमी बनी रहेगी, जिससे पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है। वहीं मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी ठंड और कोहरे के बने रहने की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, सुबह और देर रात अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।